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October 3, 2026

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IND vs BRA: 5 बार की विश्व चैंपियन ब्राजील का दिखा कोलकाता में क्रेज, फ्रेंडली मैच में भारत को 4-0 से हराया

india vs brazil football match: कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली फुटबॉल मुकाबले में ब्राजील ने हिंदुस्तान को 4-0 से हरा दिया. हिंदुस्तान ने मैच के शुरुआती करीब 25-30 मिनट तक पांच बार की विश्व चैंपियन टीम को अच्छी चुनौती दी, लेकिन इसके बाद ब्राजील ने लगातार दबाव बनाया और मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली. ब्राजील की ओर से एस्टेवाओ, पेड्रो और सैमुअल लिनो (2 गोल) ने गोल किए. सैमुअल लिनो के चौथे गोल के बाद रेफरी ने फुलटाइम की सीटी बजाई और ब्राजील ने 4-0 की जीत दर्ज की. ये भी पढ़ें: IND vs WI 3rd ODI: केएल राहुल ने इस मामले में की धोनी की बराबरी, जानिए कौन हैं युवराज सिंह के रिकॉर्ड के पास शुरुआती 27 मिनट तक हिंदुस्तान ने रोके रखा ब्राजील को मुकाबले की शुरुआत में हिंदुस्तानीय टीम ने अनुशासित डिफेंस के साथ स्पोर्ट्सते हुए ब्राजील को आसानी से गोल करने का मौका नहीं दिया. हिंदुस्तान ने कुछ अच्छे काउंटर अटैक भी किए और करीब 27 मिनट तक स्कोर 0-0 रहा. इस दौरान ब्राजील ने लगातार हिंदुस्तानीय डिफेंस पर दबाव बनाए रखा. विनीसियस जूनियर ने अभिषेक को छकाकर अंदर की ओर कट किया और तेज शॉट लगाया, लेकिन हिंदुस्तानीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने शानदार डाइव लगाकर गेंद को रोक दिया. एस्टेवाओ ने खोला ब्राजील का खाता लगातार दबाव के बाद ब्राजील को आखिरकार सफलता मिली. युवा स्टार एस्टेवाओ ने शानदार स्ट्राइक लगाकर गेंद को गोल में पहुंचाया और ब्राजील को 1-0 की बढ़त दिला दी. गोल के बाद ब्राजील का दबाव और बढ़ गया. हिंदुस्तानीय टीम के लिए डिफेंस में लगातार बढ़ते हमलों को रोकना मुश्किल होने लगा. पेड्रो ने ब्राजील की बढ़त की दोगुनी पहला गोल मिलने के बाद ब्राजील ने हिंदुस्तान को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया. पेड्रो ने ब्राजील के लिए दूसरा गोल किया और टीम को 2-0 की बढ़त दिला दी. हिंदुस्तान ने कुछ मौकों पर आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन ब्राजील की डिफेंस लाइन और मिडफील्ड ने हिंदुस्तानीय हमलों को ज्यादा खतरनाक नहीं बनने दिया. ब्राजील 2-0 की बढ़त के साथ हाफटाइम में गया. ये भी पढ़ें: Photos: 3 अक्टूबर को इन स्पोर्ट्सों में हिंदुस्तान ने जीता गोल्ड, देखें पूरी लिस्ट दूसरे हाफ में ब्राजील ने बढ़ाई रफ्तार दूसरे हाफ की शुरुआत में ब्राजील ने अपनी बेंच स्ट्रेंथ का भी इस्तेमाल किया. टीम ने कई खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा, जिनमें ब्रूनो गुइमारेस, गैब्रियल मैगल्हेस, वेंडरसन और सैमुअल लिनो शामिल थे. एंड्रिक ने भी दूसरे हाफ में अपनी गति और रनिंग से हिंदुस्तानीय डिफेंस पर दबाव बनाया. एक मौके पर वह हिंदुस्तानीय डिफेंस लाइन के पीछे पहुंचे और बॉक्स के अंदर ब्रूनो गुइमारेस के लिए कटबैक दिया. गुइमारेस के शॉट को हिंदुस्तानीय डिफेंस ने समय रहते ब्लॉक कर दिया. सैमुअल लिनो ने दागे दो गोल ब्राजील के लगातार हमलों के बीच हिंदुस्तान की एक गलती का फायदा उठाकर सैमुअल लिनो ने टीम की बढ़त 3-0 कर दी. हिंदुस्तान के विजय ने अपने ही हाफ में गेंद गंवाई. ब्राजील ने तुरंत गेंद सैमुअल लिनो तक पहुंचाई. लिनो ने बॉक्स के बाएं हिस्से से शानदार कर्लिंग शॉट लगाया. गोलकीपर प्रभसुखन सिंह गिल ने बचाव की कोशिश की, लेकिन गेंद निचले कोने में चली गई. इसके बाद सैमुअल लिनो ने अपना दूसरा गोल दागकर ब्राजील की बढ़त 4-0 कर दी. इसी के साथ मैच का स्कोर तय हो गया. हिंदुस्तान को नहीं मिला गोल करने का मौका 0-3 से पीछे होने के बावजूद हिंदुस्तान ने कोशिश जारी रखी. रयान विलियम्स ने बाएं चैनल में दौड़ रहे मनवीर सिंह के लिए शानदार थ्रू बॉल स्पोर्ट्सी. मनवीर ने कई ब्राजीली डिफेंडरों को अपनी ओर खींचा और फिर गेंद खाली जगह में मौजूद विलियम्स को पहुंचाई. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: 21 गोल्ड के साथ चौथे स्थान पर पहुंचा हिंदुस्तान, देखें शनिवार को पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की पूरी लिस्ट विलियम्स के पास हिंदुस्तान का खाता खोलने का मौका था, लेकिन हिंदुस्तानीय टीम इस मौके को गोल में नहीं बदल सकी. एस्टेवाओ ने लगातार परेशान किया ब्राजील के युवा स्टार एस्टेवाओ पूरे मुकाबले में हिंदुस्तानीय डिफेंस के लिए परेशानी बने रहे. एक मौके पर उन्होंने बॉक्स के किनारे गेंद हासिल की और ड्रिब्लिंग के जरिए अनवर अली को पीछे छोड़ा. अनवर अली शुरुआती प्रयास में फिसल गए, लेकिन उन्होंने तुरंत रिकवरी करते हुए एस्टेवाओ के क्रॉस को ब्लॉक कर दिया. इस तरह हिंदुस्तान ने उस हमले को रोकने में सफलता हासिल की. ब्राजील का दबाव भारी पड़ा हिंदुस्तान के लिए मुकाबले की शुरुआत सकारात्मक रही. टीम ने पहले करीब आधे घंटे तक ब्राजील के हमलों को काफी हद तक रोके रखा और काउंटर अटैक से जवाब देने की कोशिश की. हालांकि, पहला गोल मिलने के बाद ब्राजील ने मैच की गति अपने पक्ष में कर ली. लगातार दबाव, तेज पासिंग और व्यक्तिगत कौशल के दम पर ब्राजील ने हिंदुस्तान की डिफेंस लाइन को लगातार पीछे धकेला और अंत में 4-0 से मुकाबला अपने नाम किया. The post IND vs BRA: 5 बार की विश्व चैंपियन ब्राजील का दिखा कोलकाता में क्रेज, फ्रेंडली मैच में हिंदुस्तान को 4-0 से हराया appeared first on Naya Vichar.

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अमृतसर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मद संधू की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस

पंजाब के अमृतसर में मेकअप आर्टिस्ट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मद संधू की शनिवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई. घटना लोहारका रोड पर हुई, जहां मद संधू को दो गोलियां लगीं. गंभीर हालत में उन्हें तुरंत फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. डीसीपी प्रभजोत सिंह वीरक ने बताया कि पुलिस को मामले में कुछ अहम सुराग मिले हैं. उन्होंने कहा कि आरोपियों तक पहुंचने और मामले को जल्द से जल्द सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं. परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और शुरुआती जांच शुरू कर दी है. पुलिस गोलीबारी के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान का पता लगाने में जुटी है. पॉडकास्ट में खुलकर रखते थे अपनी बात मधुसूदन संधू पॉडकास्ट के जरिए भी लोगों के बीच काफी चर्चित थे. वह मेकअप, फिल्म इंडस्ट्री और जेंडर से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते थे. सोशल मीडिया पर उनकी सार्वजनिक मौजूदगी को लेकर उन्हें कई बार होमोफोबिक टिप्पणियों और ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा था. पुलिस फिलहाल हत्या के कारण और हमलावरों की पहचान का पता लगाने में जुटी है. The post अमृतसर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मद संधू की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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जंगल-जमीन और अस्तित्व की लड़ाई अब इंटरनेशनल स्क्रीन पर, मुंडारी फिल्म ‘ए रिवर कलर्ड रेड’ का MIFF में चयन

बुंडू. झारखंड की माटी से निकली मुंडारी फिल्म ‘ए रिवर कलर्ड रेड’ (मियद आरा: गाड़ा) ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के लिए चयनित होकर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. बुंडू निवासी युवा फिल्मकार सौरभ कुमार मुंडा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में झारखंड के कलाकारों ने अभिनय किया है. अस्तित्व और पहचान को बचाने के संघर्ष की कहानी मुंडारी भाषा में बनी यह फिल्म आदिवासी जीवन, जंगल, जमीन, खनन और बाहरी हस्तक्षेप के बीच अपने अस्तित्व और पहचान को बचाने के संघर्ष की कहानी प्रस्तुत करती है. फिल्म के माध्यम से आदिवासी समाज के जीवन, संवेदनाओं और संघर्ष को अलग सिनेमाई दृष्टिकोण से सामने लाने का प्रयास किया गया है. बुंडू के रहने वाले हैं फिल्म निर्देशक फिल्म के निर्देशक सौरभ कुमार मुंडा बुंडू के रहने वाले हैं. उन्होंने नेतरहाट विद्यालय से स्कूली शिक्षा प्राप्त की. इसके बाद बीआईटी मेसरा से स्नातक और रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की. उन्होंने पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) से फिल्म डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले राइटिंग की शिक्षा हासिल की है. झारखंड के कलाकारों ने निभायी भूमिकाएं फिल्म की तकनीकी टीम में छायांकन की जिम्मेदारी वेसाबो योबिन, संपादन सत्यम महतो, प्रोडक्शन डिजाइन अर्पित नाग और साउंड डिजाइन मयूरेश राजगुरे ने संभाला है. फिल्म में सुमन पूर्ति और अनुराग लुगून समेत झारखंड के कलाकारों ने प्रमुख भूमिकाएं निभायी हैं. ये भी पढ़ें: Asian Games में सलीमा टेटे की कप्तानी में गोल्ड, CM हेमंत सोरेन ने कहा- झारखंड के लिए गौरव का क्षण झारखंड की आदिवासी संस्कृति के लिहाज से महत्वपूर्ण फिल्म का अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के लिए चयन मुंडारी भाषा और झारखंड की आदिवासी संस्कृति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे स्थानीय भाषा और कहानी कहने की परंपरा को अंतरराष्ट्रीय फिल्म मंच पर जगह मिलने का अवसर मिलेगा. मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल हिंदुस्तान प्रशासन के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आयोजित होने वाला प्रमुख फिल्म महोत्सव है. ये भी पढ़ें: Jal Jeevan Mission: हर घर नल-जल में झारखंड पिछड़ा, 6 महीने में सिर्फ 37,943 कनेक्शन; सिमडेगा में जीरो, गिरिडीह टॉप पर The post जंगल-जमीन और अस्तित्व की लड़ाई अब इंटरनेशनल स्क्रीन पर, मुंडारी फिल्म ‘ए रिवर कलर्ड रेड’ का MIFF में चयन appeared first on Naya Vichar.

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CJP के प्रदर्शन में नाबालिगों की एंट्री पर मानवाधिकार आयोग का एक्शन, मुंबई पुलिस को नोटिस

CJP Protest : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए विरोध प्रदर्शन में नाबालिगों की कथित भागीदारी को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्ती दिखाई है. शिकायत के बाद आयोग ने मुंबई पुलिस प्रमुख, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस भेजा है. अधिकारियों के मुताबिक, NHRC के पास शिकायत पहुंची थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि शिवाजी पार्क में हुए सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन में नाबालिगों को जुटाया गया और उन्हें प्रदर्शन में शामिल किया गया. इसी शिकायत पर आयोग ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है. शिवाजी पार्क प्रदर्शन को लेकर FIR भी दर्ज CJP के इसी प्रदर्शन को लेकर मुंबई पुलिस ने आयोजकों और 400-500 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की है. शिवाजी पार्क थाने के एक अधिकारी ने बताया कि गैरकानूनी जमावड़ा, लोक सेवक द्वारा जारी आदेश की जानबूझकर अवज्ञा और अन्य अपराधों के तहत हिंदुस्तानीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के प्रावधानों में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के मुताबिक, यह मामला शिवाजी पार्क इलाके के एक निवासी की शिकायत पर दर्ज किया गया. अधिकारी ने बताया कि फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और विस्तृत जांच जारी है. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुआ था प्रदर्शन अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाली CJP ने 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन किया था. पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी. ये भी पढ़ें: अभिजीत दीपके समेत 500 लोगों पर मुंबई में FIR, प्रशासन को अल्टीमेटम देकर CJP नेता ने क्या कहा? The post CJP के प्रदर्शन में नाबालिगों की एंट्री पर मानवाधिकार आयोग का एक्शन, मुंबई पुलिस को नोटिस appeared first on Naya Vichar.

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कोल इंडिया का फेस्टिव गिफ्ट: 1.96 लाख कर्मचारियों को मिलेगा ₹1,10,250 तक का बोनस

धनबाद. कोल इंडिया के करीब 1.96 लाख गैर-कार्यकारी कर्मियों के वर्ष 2026 के सालाना बोनस यानी प्रदर्शन आधारित पुरस्कार (PLR) की राशि तय हो गयी है. कोल इंडिया मुख्यालय कोलकाता में शुक्रवार को हुई एपेक्स जेसीसी की बैठक में 2026 के लिए 1,10,250 रुपये PLR पर सहमति बनी. बैठक में यूनियन ने 1.20 लाख रुपये की मांग रखी थी, जबकि प्रबंधन की ओर से 1.08 लाख रुपये का आंकड़ा रखा गया था. दोनों पक्षों के बीच चर्चा और कैलकुलेशन के बाद 1,10,250 रुपये की राशि पर अंतिम सहमति बनी. प्रतीकात्मक फोटो सीआईएल एपेक्स जेसीसी के यूनियन प्रतिनिधियों के साथ यह बैठक सुबह 11.30 बजे चेयरमैन बी साईराम की अध्यक्षता में शुरू हुई. बैठक में प्रबंधन की ओर से लेबर कोड, खासकर ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSH) Code-2020 पर पावर प्रेजेंटेशन भी दिया गया. ये भी पढ़ें: धनबाद में 7 जिलों के SP के साथ IG की हाईलेवल बैठक, संगठित अपराध पर लगाम लगाने सहित लंबित कांडों के शीघ्र निष्पादन पर जोर OSH Code-2020 पर प्रबंधन ने दिया प्रेजेंटेशन बैठक की शुरुआत में प्रबंधन की ओर से व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियों से संबंधित OSH Code-2020 पर पावर प्रेजेंटेशन दिया गया. इस दौरान कोड के प्रावधानों और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. इसके बाद बैठक में लंच ब्रेक हुआ. करीब तीन बजे बैठक दोबारा शुरू हुई. बैठक के दूसरे चरण में श्रमिक संगठनों और प्रबंधन के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ गैर-कार्यकारी कर्मियों के वर्ष 2026 के PLR की राशि को लेकर आंकड़ों का कैलकुलेशन किया गया. इसके बाद 1,10,250 रुपये की राशि पर सहमति बनी. 1.96 लाख कर्मियों को मिलेगा 1,10,250 रुपये PLR एक अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार कोल इंडिया में 1,96,753 गैर-कार्यकारी कामगार कार्यरत हैं. इनके लिए वर्ष 2026 के PLR की राशि निर्धारित की गयी है. पिछले वर्ष गैर-कार्यकारी कर्मियों को 1.03 लाख रुपये PLR मिला था. इस बार यूनियन की ओर से 1.20 लाख रुपये PLR की मांग रखी गयी थी, जबकि प्रबंधन 1.08 लाख रुपये के आंकड़े पर था. चर्चा के बाद दोनों पक्ष 1,10,250 रुपये PLR पर सहमत हुए. पिछले छह वर्षों में 41,750 रुपये बढ़ा PLR कोल इंडिया के गैर-कार्यकारी कर्मियों के PLR में पिछले छह वर्षों में लगातार बढ़ोतरी हुई है. वर्ष PLR 2020 68,500 रुपये 2021 72,500 रुपये 2022 76,500 रुपये 2023 85,000 रुपये 2024 93,750 रुपये 2025 1,03,000 रुपये 2026 1,10,250 रुपये 2020 में 68,500 रुपये रहे PLR की राशि 2026 में बढ़कर 1,10,250 रुपये हो गयी. यानी इस अवधि में PLR में कुल 41,750 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. पिछले वर्ष के 1,03,000 रुपये की तुलना में इस बार PLR में 7,250 रुपये की वृद्धि हुई है. चार केंद्रीय यूनियनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद बैठक में बीएमएस, एचएमएस, एटक और सीटू के प्रतिनिधि शामिल रहे. पिछले वर्ष PLR निर्धारण की प्रक्रिया में पांच केंद्रीय श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे, जिनमें इंटक भी था. इस बार इंटक को बैठक का निमंत्रण नहीं मिला था. ये भी पढ़ें: WATCH VIDEO: जयराम महतो को मिली PhD की उपाधि, जितिया के दिन मां की मौजूदगी ने उपलब्धि को बनाया खास बैठक में बीएमएस की ओर से केएल रेड्डी, एचएमएस से हरभजन सिंह सिद्धू, सीटू से डी.डी. रामानंदन और एटक से लखनलाल महतो मौजूद रहे. प्रबंधन की ओर से निदेशक मार्केटिंग सह प्रभारी निदेशक मानव संसाधन मुकेश चौधरी और निदेशक वित्त मुकेश अग्रवाल बैठक में शामिल रहे. इंटक की हाईकोर्ट याचिका नहीं हुई थी लिस्ट PLR वार्ता में अपने प्रतिनिधि को शामिल कराने की मांग को लेकर इंटक ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. शनिवार को भी इंटक की यह याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकी थी. इंटक की ओर से अपने प्रतिनिधि को PLR से संबंधित बैठक में शामिल कराने की मांग की जा रही थी. हालांकि, अब PLR की राशि तय हो गयी है. सेवानिवृत्त कर्मियों को भी मिलेगा लाभ PLR के फैसले का लाभ निर्धारित नियमों के अनुसार सेवानिवृत्त कर्मियों को भी मिलेगा. एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त हुए करीब 8,351 कोलकर्मियों को भी इसका लाभ मिलने की बात कही गयी है. इसके अलावा सिंगरैनी कोलियरी कंपनी लिमिटेड (SCCL) के करीब 32 हजार कर्मियों के लिए भी PLR का प्रावधान है. ये भी पढ़ें: WATCH VIDEO वासेपुर गोलीकांड: 22 साल बाद आया फैसला, फहीम खान के घर पर AK-47 से हुई फायरिंग की पूरी कहानी कोल इंडिया के गैर-कार्यकारी कर्मियों के लिए वर्ष 2026 का PLR अब 1,10,250 रुपये तय हो गया है. यूनियन की 1.20 लाख रुपये की मांग और प्रबंधन के 1.08 लाख रुपये के आंकड़े के बीच चर्चा के बाद अंतिम राशि पर सहमति बनी. The post कोल इंडिया का फेस्टिव गिफ्ट: 1.96 लाख कर्मचारियों को मिलेगा ₹1,10,250 तक का बोनस appeared first on Naya Vichar.

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क्या बंद हो जाएगा P&M मॉल? TATA Steel के नोटिस पर प्रबंधन का बयान- बताएं पैसे की डिमांड का आधार

जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित पीएंडएम मॉल की जमीन को लेकर टाटा स्टील और मॉल प्रबंधन के बीच विवाद एक बार फिर सामने आया है. टाटा स्टील ने P&M मॉल को बकाया लीज रेंट और 25 प्रतिशत रोड सेस के रूप में 2,23,86,000 रुपये जमा करने का अंतिम नोटिस दिया है. कंपनी ने नोटिस प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर पूरी राशि जमा करने को कहा है. निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर सब-लीज की मंजूरी रद्द करने और जमीन का कब्जा वापस लेने की कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है. 2008-09 से 2014-15 तक का है बकाया टाटा स्टील के चीफ लैंड मैनेजमेंट आनंद कुमार की ओर से एक अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2008-09 से 2014-15 तक के लीज रेंट और लागू 25 प्रतिशत रोड सेस के मद में यह राशि बकाया है. कंपनी ने इससे पहले भी भुगतान को लेकर पत्राचार किया था. टाटा स्टील ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल अन्य लागू सेस, जो लीज रेंट का 120 प्रतिशत है, उसके संबंध में कोई मांग नहीं उठायी गयी है, क्योंकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. प्रशासन की मंजूरी और लीज एग्रीमेंट का दिया हवाला टाटा स्टील ने अपने नोटिस में झारखंड प्रशासन के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के 8 जून 2007 के पत्र का हवाला दिया है. कंपनी के मुताबिक प्रस्तावित सब-लीज को मंजूरी वार्षिक किराया और सेस के भुगतान की शर्त पर दी गयी थी. पत्र में यह भी उल्लेख है कि बकाया राशि की वसूली पब्लिक डिमांड रिकवरी एक्ट के प्रावधानों के तहत की जा सकती है. कंपनी ने 7 मार्च 2008 को टाटा स्टील और पीएंडएम इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए लीज एग्रीमेंट की शर्तों का भी उल्लेख किया है. इसके क्लॉज 3.1 के अनुसार निर्धारित दर पर लीज रेंट और सेस का भुगतान हर साल जनवरी और जुलाई में करना था. निर्धारित तिथि के बाद किस्त का भुगतान होने पर ब्याज का भी प्रावधान किया गया है. छह माह तक बकाया रहने पर जमीन वापस लेने का प्रावधान नोटिस में लीज एग्रीमेंट के क्लॉज 6.1.3 का हवाला देते हुए कहा गया है कि यदि किराया, सेस और संबंधित लागत या उसका कोई हिस्सा छह माह तक बकाया रहता है और मामला एग्रीमेंट के तहत वैध मध्यस्थता प्रक्रिया में नहीं है, तो कंपनी जमीन पर दोबारा कब्जा लेकर सब-लीज समाप्त कर सकती है. टाटा स्टील ने पीएंडएम मॉल प्रबंधन की ओर से भुगतान को लेकर पूर्व में भेजे गये पत्रों का भी उल्लेख किया है. कंपनी के अनुसार 22 जुलाई 2025 के हाईकोर्ट के आदेश और लीज एग्रीमेंट में निर्धारित दायित्वों के आधार पर भुगतान संबंधी उसके पूर्व अभ्यावेदनों को खारिज किया जा चुका है. इसके बाद अब कंपनी ने 15 दिनों के भीतर बकाया राशि जमा करने का अंतिम निर्देश दिया है. भुगतान नहीं हुआ तो रद्द हो सकती है सब-लीज टाटा स्टील ने अपने अंतिम नोटिस में साफ किया है कि 15 दिनों के भीतर बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर कंपनी सब-लीज की मंजूरी रद्द करने की दिशा में आवश्यक कदम उठायेगी. इसके साथ ही संबंधित जमीन को पूरी तरह वापस लेने की कार्रवाई भी की जा सकती है. नोटिस में यह कार्रवाई पीएंडएम प्रबंधन के जोखिम और खर्च पर किये जाने की बात कही गयी है. क्या है मॉल प्रबंधन का पक्ष पीएंडएम मॉल के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर नितेश कुमार ने बताया – हमलोगों ने अब तक का सारा पेमेंट टाटा स्टील को कर दिया है. बीच में हाई कोर्ट के आदेश पर मॉल का काम बंद हो गया था. तब हमने उनसे डिटेल मांगा था. हमने ये जानने की कोशिश की थी कि आखिर जब काम बंद है तब किस प्रावधान के तहत पैसे देने होंगे. प्रशासन का आदेश क्या है. हम लोग टाटा स्टील से जल्द पूछेंगे कि आप किस हिसाब से पैसे मांग रहे हैं. हम टाटा स्टील प्रबंधन से जल्द वार्ता करने की भी कोशिश करेंगे. पूर्व में 2 अगस्त 2026 को हमने टाटा स्टील प्रबंधन को एक पत्र भी जारी किया था और इस सिलसिले में जानकारी हासिल करने की कोशिश की थी. ये भी पढ़ें: मुंबई में बोले मोहन भागवत: ‘धर्म और राष्ट्र अलग नहीं, हमारा राष्ट्र धर्म के लिए’ The post क्या बंद हो जाएगा P&M मॉल? TATA Steel के नोटिस पर प्रबंधन का बयान- बताएं पैसे की डिमांड का आधार appeared first on Naya Vichar.

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अभिजीत दीपके समेत 500 लोगों पर मुंबई में FIR, सरकार को अल्टीमेटम देकर CJP नेता ने क्या कहा?

मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर मुंबई पुलिस ने FIR दर्ज की है. FIR में CJP नेताओं के साथ करीब 400-500 अज्ञात समर्थकों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर बिना अनुमति जमावड़ा किया गया, नारेबाजी हुई, ट्रैफिक प्रभावित हुआ और बिना अनुमति लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया गया. लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई जारी रहेगी : अभिजीत दीपके FIR दर्ज होने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि केस दर्ज होने के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा. दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई जारी रहेगी. अभिजीत दीपके समेत इन नेताओं के नाम FIR में CJP नेताओं अजिंक्य शिंदे, प्रणय अहीर, आशुतोष रांका, अभिजीत दीपके, सौरव दास, आफरीन नवाज, सौम्या कोरडे, अंकित भारद्वाज, विजय मलांगी और योगेश इंगले के नाम शामिल हैं. इनके अलावा 400-500 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. वकील सिद्धि देवलेकर ने अभिजीत दीपके और उनके सहयोग के खिलाफ दर्ज कराया FIR पेशे से वकील सिद्धि देवलेकर ने भी शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में CJP नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह के खिलाफ शिकायत दी थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन किया गया और बड़ी संख्या में लोग जुटे. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुआ था प्रदर्शन CJP ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था. पार्टी ने मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सवाल उठाए थे. मुंबई पुलिस ने पहले ही प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. पुलिस ने शिवाजी पार्क में जमावड़े की अनुमति देने के अधिकार, शोर और ट्रैफिक से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया था. इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में पहुंचे. पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने प्रदर्शन शुरू होने के समय भीड़ का अनुमान करीब 9,000 से 10,000 लगाया था. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई और ट्रैफिक को संभालने के लिए बैरिकेडिंग की. प्रदर्शन में अभिनेत्री शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह, फिल्ममेकर विशाल भारद्वाज, संगीतकार-गायक विशाल ददलानी और अन्य लोग भी शामिल हुए थे. 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान मुंबई प्रदर्शन के बाद अभिजीत दीपके ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर से CJP समर्थक दिल्ली पहुंचेंगे. दीपके ने इसे शांतिपूर्ण आंदोलन बताया है और कहा है कि वह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव का समर्थन करने वाले लोगों से इसमें शामिल होने की अपील करेंगे. CJP की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है. पार्टी ने 2025 की मतदाता सूची को फ्रीज करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को खत्म करने की मांग भी उठाई है. ये CJP की मांगें और आरोप हैं; इनके बारे में स्वतंत्र रूप से पुष्टि अलग विषय है. ये भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर सिब्बल, योगेंद्र यादव का जंतर मंतर मार्च, पुलिस ने हिरासत में लिया The post अभिजीत दीपके समेत 500 लोगों पर मुंबई में FIR, प्रशासन को अल्टीमेटम देकर CJP नेता ने क्या कहा? appeared first on Naya Vichar.

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भारत ने मलेशिया को 5-1 से रौंदकर जीता गोल्ड, लगातार दूसरी बार बना एशियन चैंपियन

India Men’s Hockey Gold Medal: हिंदुस्तानीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है. फाइनल में हिंदुस्तान ने मलेशिया को 5-1 से हरा दिया. इस जीत के साथ हिंदुस्तान ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार पुरुष हॉकी का गोल्ड मेडल जीता. इस जीत के साथ हिंदुस्तानीय टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है. एशियन गेम्स के इतिहास में यह पहली बार है जब हिंदुस्तान की स्त्री और पुरुष दोनों हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण में गोल्ड मेडल जीता है. हरमनप्रीत सिंह ने दिलाई पहली बढ़त फाइनल में हिंदुस्तान को 12वें मिनट पर पेनल्टी कॉर्नर मिला. कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इस मौके को भुनाते हुए शानदार गोल किया और हिंदुस्तान को मैच में पहली बढ़त दिला दी. मलेशिया ने इसके बाद जल्द ही बराबरी कर ली. एक लंबा शॉट हिंदुस्तानीय गोलकीपर सूरज करकेरा को छकाता हुआ गोल में चला गया. ये भी पढ़ें: जूनियर एशिया कप हॉकी की गोल्ड मेडलिस्ट पार्वती टोपनो के घर पहुंची डालसा की टीम, मिलेंगी ये सुविधाएं जुगराज सिंह ने फिर दिलाई बढ़त हिंदुस्तान को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला. इस बार जुगराज सिंह और अमित रोहिदास इसके लिए आगे आए. जुगराज ने शानदार तरीके से गेंद को गोल में पहुंचाकर हिंदुस्तान को फिर से बढ़त दिला दी. हाफ टाइम तक हिंदुस्तान 2-1 से आगे था. दूसरे हाफ में हिंदुस्तान का दबदबा तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली. इसके बाद हिंदुस्तानीय टीम ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली और लगातार गोल करते हुए स्कोर 5-1 कर दिया. आखिर में हिंदुस्तान ने इसी स्कोर के साथ मैच जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. हिंदुस्तान ने रचा इतिहास इस गोल्ड के साथ हिंदुस्तान ने एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का लगातार दूसरा गोल्ड जीता. इससे पहले हिंदुस्तानीय पुरुष टीम ने एशियन गेम्स 2023 में भी स्वर्ण पदक जीता था. पुरुष टीम ने पांचवीं बार (1966, 1998, 2014, 2022 और अब 2026) यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया है. वहीं, स्त्री हॉकी टीम के गोल्ड जीतने के बाद पुरुष टीम ने भी सोना अपने नाम कर लिया. इस तरह एशियन गेम्स के एक ही संस्करण में हिंदुस्तान की स्त्री और पुरुष दोनों हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीतकर नया इतिहास रच दिया. ये भी पढ़ें: एशिया कप के बाद एशियन गेम्स का भी बादशाह बना हिंदुस्तान, पाकिस्तान को हराकर जीता गोल्ड The post हिंदुस्तान ने मलेशिया को 5-1 से रौंदकर जीता गोल्ड, लगातार दूसरी बार बना एशियन चैंपियन appeared first on Naya Vichar.

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मुंबई में बोले मोहन भागवत: ‘धर्म और राष्ट्र अलग नहीं, हमारा राष्ट्र धर्म के लिए’

Mohan Bhagwat on Rashtra and Dharma : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि हिंदुस्तान में धर्म और राष्ट्र एक-दूसरे से अलग नहीं हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्र का उद्देश्य धर्म है और धर्म राष्ट्र को बनाए रखने में मदद करता है. भागवत ने यह भी कहा कि आज दुनिया विकास और पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक जीवन तथा धार्मिक आस्था और संघर्ष जैसे कई मुद्दों पर उलझी हुई है. ऐसे में दुनिया हिंदुस्तान की ओर समाधान की उम्मीद से देख रही है. दुनिया के सामने कई तरह की चुनौतियां मुंबई में ऑल इंडिया विहार सेवा समूह के 14वें सम्मेलन को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि दुनिया में संतुलन की कमी है और कई मामलों में अतिवाद (कट्टरता) बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि हर खुशी के साथ कुछ अधूरापन है और हर आकांक्षा के साथ किसी न किसी चीज का नुकसान जुड़ा है. उनके मुताबिक, अलग-अलग निष्ठाओं और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना भी दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती है. हिंदुस्तान ने कभी दूसरे देशों पर कब्जा करने की कोशिश नहीं की RSS प्रमुख ने कहा कि हिंदुस्तान ने ऐतिहासिक रूप से अपने ज्ञान और विचारों को दुनिया के साथ साझा किया है, लेकिन दूसरे देशों पर विजय हासिल करने या लोगों का धर्म परिवर्तन कराने के उद्देश्य से ऐसा नहीं किया. उन्होंने कहा कि दुनिया को इन विरोधाभासों से बाहर निकलने का रास्ता हिंदुस्तान से मिल सकता है. हिंदुस्तान की ज्ञान परंपरा का किया जिक्र भागवत ने हिंदुस्तान की प्राचीन और विविध ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए वेद, उपनिषद, रामायण, महाहिंदुस्तान, भगवद्गीता, जैन आगम, त्रिपिटक, गुरु ग्रंथ साहिब और संतों की शिक्षाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश के पास ज्ञान का बड़ा खजाना है, जिसकी आज दुनिया को जरूरत है. उन्होंने भक्ति की शक्ति के जरिए परमात्मा के करीब पहुंचने की बात भी कही. ज्ञान और परंपराओं को बचाना मानवता की सेवा भागवत ने कहा कि इस ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने वाले लोगों के जीवन और उनकी परंपराओं को सुरक्षित रखना केवल धार्मिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा भी है. उन्होंने सम्मेलन में मौजूद लोगों से कहा कि वे केवल किसी एक व्यक्ति या जीवन की रक्षा नहीं कर रहे, बल्कि पूरी मानव जाति के सुरक्षित भविष्य को बचाने में योगदान दे रहे हैं. ये भी पढ़ें: Noida Suicide Case : 43वें फ्लोर की बालकनी में खड़ा युवक, लोग बचाने की कोशिश करते रहे… लेकिन वह कूद गया The post मुंबई में बोले मोहन भागवत: ‘धर्म और राष्ट्र अलग नहीं, हमारा राष्ट्र धर्म के लिए’ appeared first on Naya Vichar.

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SIR पर CEO के रवि कुमार का Exclusive Interview: बोले, ‘100 वैलिड वोटरों की सूची दें राजनीतिक दल, जिनका कटा है नाम’

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट Jharkhand SIR: हिंदुस्तान के निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाताओं के कराए जा रहे SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण पर पूरे देश में नेतृत्वक बवाल मचा हुआ है. राजनेता सार्वजनिक मंचों से निर्वाचन आयोग पर वैलिड मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटने का आरोप लगा रहे हैं. SIR पर नेतृत्वक दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के रवि कुमार ने नया विचार डिजिटल से खुलकर बातचीत की. बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि चुनाव आयोग किसी भी नेतृत्वक दल के दबाव में काम नहीं करता, बल्कि वह संविधान, नियम और कानून के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाता है. सवाल: नेतृत्वक दल लगातार SIR में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं. क्या इन आरोपों में कोई तथ्य है? के. रवि कुमार: SIR की प्रक्रिया अपने डिजाइन के अनुसार ट्रांसपेरेंट और पार्टिसिपेटिव है. हर स्तर पर नेतृत्वक दलों की भागीदारी रहती है. BLA-1 और BLA-2 के माध्यम से बैठकें होती हैं और सभी डाटा शेयर किया जाता है. जनता और मीडिया के साथ भी डाटा साझा किया जाता है. केवल आरोप लगाने से बात साबित नहीं होती. नेतृत्वक दलों से मेरा आग्रह है कि वे किसी गांव में 100 लोगों के नाम कटने जैसे आरोप लगाते हैं, तो उन 100 लोगों की सूची दें. हम प्रत्येक मामले का सत्यापन करेंगे. सवाल: क्या ऐसी कोई शिकायत आपके सामने आई है कि किसी गांव में 100 जीवित लोगों के नाम काट दिए गए? के. रवि कुमार: अभी तक ऐसी कोई विशिष्ट शिकायत सामने नहीं आई है. एक मामला सामने आया था, जिसमें एक व्यक्ति के नाम को लेकर शिकायत की गई थी कि वह जीवित है, लेकिन उसका नाम हटा दिया गया. जांच में पता चला कि उसका नाम दो जगह दर्ज था. एक जगह से नाम हटाया गया और दूसरी जगह ड्राफ्ट रोल में उसका नाम मौजूद था. अगर किसी कर्मचारी से गलती हुई है, तो उसे सुधारा जा सकता है. इसलिए बिना सबूत के बड़े आरोप लगाना उचित नहीं है. सवाल: आप नेतृत्वक दलों से किस तरह की शिकायत चाहते हैं? के. रवि कुमार: किसी भी नेतृत्वक दल का प्रतिनिधि आए और विशिष्ट आरोप लगाए. अगर कहा जाता है कि 100 जीवित लोगों के नाम काट दिए गए हैं, तो उन 100 लोगों की सूची दी जाए. हम सामने बैठकर उसका सत्यापन करेंगे. झारखंड में करीब 60 हजार लोग चुनाव प्रक्रिया में काम कर रहे हैं. सभी अपने स्तर पर ईमानदारी से काम कर रहे हैं. सवाल: क्या पात्र हिंदुस्तानीय नागरिकों का नाम वोटर लिस्ट से कट सकता है? के. रवि कुमार: पात्र हिंदुस्तानीय नागरिक का नाम नहीं कटेगा. SIR का उद्देश्य स्पष्ट है कि सभी पात्र हिंदुस्तानीय नागरिकों का नाम सूची में रहे और विदेशी नागरिकों के नाम हटाए जाएं. अगर कहीं गलती होती है, तो उसे बताइए. हम उसे सुधारने के लिए तैयार हैं. सवाल: फॉर्म-6 को लेकर विवाद क्यों है? क्या SIR में इसमें बदलाव किया गया है? के. रवि कुमार: फॉर्म-6 आज का नहीं है. इसका इस्तेमाल पहले से होता रहा है और आगे भी होता रहेगा. किसी पात्र हिंदुस्तानीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 का इस्तेमाल किया जाता है. झारखंड में अभी करीब सात लाख फॉर्म-6 के आवेदन आए हैं. सवाल: क्या SIR के दौरान फॉर्म-6 में कोई बड़ा बदलाव किया गया? के. रवि कुमार: फॉर्म-6 में कोई अमूलचूल बदलाव नहीं किया गया है. SIR के दौरान एक डिक्लेरेशन जोड़ा गया था. पहले भी फॉर्म-6 में आवेदक हिंदुस्तानीय नागरिक होने और संबंधित स्थान पर रहने की घोषणा करता था. इस डिक्लेरेशन के समर्थन में दस्तावेज मांगे गए थे. सवाल: समाचार थी कि जिन राज्यों में SIR पूरा हो गया, वहां फॉर्म-6 वापस ले लिया गया. क्या यह सही है? के. रवि कुमार: फॉर्म-6 वापस नहीं लिया जा सकता. रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के तहत यह प्रक्रिया पहले भी लागू थी और आगे भी लागू रहेगी. SIR के दौरान जो डिक्लेरेशन फॉर्म जोड़ा गया था, उसे हटाया गया है. फॉर्म-6 को नहीं हटाया गया. सवाल: झारखंड में SIR के बाद कितने मतदाता ASD श्रेणी में हैं? के. रवि कुमार: करीब 43.5 लाख मतदाता ASD श्रेणी में हैं. ASD का मतलब Absent, Shifted, Death और Duplicate जैसी श्रेणियों से है. इसमें कुछ अन्य मामले भी शामिल हैं. यह 2003 की सूची से सीधे जुड़ी श्रेणी नहीं है, बल्कि 2026 की वर्तमान मतदाता सूची के आधार पर बनी है. सवाल: 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होनी थी. क्या यह तारीख बरकरार रहेगी? के. रवि कुमार: झारखंड में सुनवाई की प्रक्रिया अभी जारी है. करीब 12 लाख फॉर्म अभी डिजिटाइज किए जाने बाकी हैं. नोटिस और वेरिफिकेशन का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हुआ है. इसलिए हमने समय बढ़ाने का अनुरोध किया है. अंतिम तारीख को लेकर फैसला आयोग स्तर पर होगा. मौजूदा वर्कलोड को देखते हुए 19 अक्टूबर की तारीख पर अंतिम सूची जारी होना संभव नहीं है. सवाल: विदेशी नागरिकों को लेकर क्या स्थिति सामने आई है? के. रवि कुमार: झारखंड में सत्यापन के दौरान चार विदेशी नागरिकों के मतदाता सूची में शामिल होने की कोशिश के मामले सामने आए हैं. इनमें बांग्लादेश, नेपाल, अफगानिस्तान और ईरान के नागरिकों के मामले बताए गए. संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार मतदाता सूची में केवल हिंदुस्तानीय नागरिक ही शामिल हो सकते हैं. विदेशी नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करना चुनाव मशीनरी का काम नहीं है और ऐसे मामलों को रोकना उसकी जिम्मेदारी है. सवाल: क्या लोगों की शिकायतों पर भी सत्यापन किया जा रहा है? के. रवि कुमार: हां. जनता की ओर से शिकायत मिलने पर संबंधित चुनाव मशीनरी सत्यापन करती है. ERO और AERO स्तर पर जांच होती है. हिंदुस्तानीय नागरिकता और उम्र सहित जरूरी पात्रता देखी जाती है. इसके लिए निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर जांच की जाती है. सवाल: SIR को लेकर नेतृत्वक दबाव के बीच चुनाव अधिकारी कैसे काम कर रहे हैं? के. रवि कुमार: चुनाव प्रक्रिया संविधान, जनप्रतिनिधित्व कानून, रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स और चुनाव आयोग के निर्देशों के आधार पर चलती है. सभी चुनाव अधिकारी इन्हीं नियमों के अनुसार काम करते हैं. नेतृत्वक दलों के साथ नियमित बैठकें भी

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