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October 24, 2026

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Explained: 2030 तक भारत से खत्म हो जाएगी बेरोजगारी, कितना हकीकत-कितना फसाना है यह दावा?

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में हिंदुस्तान की कुल बेरोजगारी दर 5% थी. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा क्रमशः 4.2% और 6.9% था. इससे अलग, इंडिया डिडैक्टिक्स एसोसिएशन (IDA) ने एक बयान में कहा कि हिंदुस्तान के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में 2030 तक 35 करोड़ से अधिक नए रोजगार पैदा हो सकते हैं और ऐसा होने पर 2030 तक देश से बेरोजगारी खत्म हो जाएगी! हालांकि, अहम सवाल यह है कि 35 करोड़ नौकरियां पैदा करने का यह अनुमान कितना व्यावहारिक है? अगर ऐसा होता है तो यह कैसे होगा? और क्या इससे सच में देश से बेरोजगारी खत्म हो जाएगी? इसे आसान भाषा में 3 सवालों के जवाब से समझते हैं. पहला सवाल: 35 करोड़ नौकरियां आएगा कहां से? 23 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिया डिडैक्टिक्स एसोसिएशन (IDA) ने अपने बयान में अनुमान जताया कि हिंदुस्तान के मैन्युफैक्चरिंग यानी विनिर्माण और सर्विस सेक्टर में 2030 तक 35 करोड़ से ज्यादा रोजगार पैदा हो सकते हैं. दिसंबर 2025 में नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) ने बताया था कि देश में रोजगार बढ़ाने के लिए लोगों को काम से जुड़ी बेहतर ट्रेनिंग देने, छोटे कारोबारों को आगे बढ़ाने और मैन्युफैक्चरिंग व सर्विस सेक्टर के ऐसे उद्योगों को बढ़ावा देने की जरूरत है, जहां ज्यादा लोगों को नौकरी मिल सके. NCAER के मुताबिक, अगर कामगारों को औपचारिक तरीके से कौशल प्रशिक्षण देने का दायरा 9 प्रतिशत अंक बढ़ाया जाए, तो 2030 तक करीब 93 लाख अतिरिक्त नौकरियां पैदा हो सकती हैं. आसान भाषा में कहें तो, हर 100 कामगारों में कौशल प्रशिक्षण पाने वालों की हिस्सेदारी में 9 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी होने पर इतनी नौकरियां पैदा होने की संभावना है. जून 2025 में द इकोनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट में NCAER की स्टडी के हवाले से मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में 2030 तक 35 करोड़ लोगों को रोजगार मिलने का दावा किया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक इसमें सर्विस सेक्टर की हिस्सेदारी करीब 28 करोड़ बताई गई थी और बाकी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में. 2030 तक हिंदुस्तान से खत्म हो जाएगी बेरोजगारी का मतलब क्या है 35 करोड़ रोजगार अवसर पैदा होने का दावा सही साबित भी हो जाए, तब भी यह देखना जरूरी होगा कि उनमें कितनी वास्तव में नई नौकरियां हैं, कितने लोग काम की तलाश में हैं और पैदा होने वाले रोजगार उनकी योग्यता, स्थान और जरूरतों के अनुरूप हैं या नहीं. यानी रोजगार के अवसर बढ़ना और बेरोजगारी पूरी तरह खत्म होना दो अलग बातें हैं. कुल मिलाकर, हिंदुस्तान में मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में रोजगार बढ़ने की संभावनाएं जरूर हैं. लेकिन 2030 तक 35 करोड़ नए रोजगार पैदा होने का अनुमान अपने आप में बेरोजगारी खत्म होने का प्रमाण नहीं है. इसके लिए यह देखना होगा कि वास्तव में कितनी नई नौकरियां पैदा होती हैं, कितने नए लोग श्रम बाजार में आते हैं और इन नौकरियों में कितने लोगों को उनकी योग्यता के अनुरूप नियमित तथा पर्याप्त आय वाला काम मिलता है. फिलहाल, 2030 तक बेरोजगारी खत्म होने का दावा एक संभावना ही है. The post Explained: 2030 तक हिंदुस्तान से खत्म हो जाएगी बेरोजगारी, कितना हकीकत-कितना फसाना है यह दावा? appeared first on Naya Vichar.

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चारा घोटाले का आरोपी 25 साल बाद गिरफ्तार, लखनऊ स्टेशन पर CBI ने दबोचा

रांची. चारा घोटाला मामले में 25 वर्षों से फरार आरोपी सत्येंद्र कुमार को सीबीआइ ने गिरफ्तार कर लिया है. गुरुवार की देर रात उत्तर प्रदेश के लखनऊ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सवार सत्येंद्र को पकड़ा गया. आरोपी के खिलाफ अदालत से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी था. सीबीआइ अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर रांची ला रही है, जहां संबंधित विशेष अदालत में पेश किया जायेगा. गुप्त सूचना पर लखनऊ स्टेशन पर बिछाया जाल सीबीआइ को सूचना मिली थी कि सत्येंद्र कुमार मध्यप्रदेश के गुना से ट्रेन में सवार होकर लखनऊ जा रहा है. इसके बाद जांच एजेंसी की टीम लखनऊ रेलवे स्टेशन पर तैनात हो गयी. ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही अधिकारियों ने बोगी में आरोपी की पहचान की और उसे हिरासत में ले लिया. आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया. 10 करोड़ रुपये से अधिक की दवा आपूर्ति का आरोप सत्येंद्र कुमार पर चारा घोटाले के दौरान प्रशासनी खजाने से कथित तौर पर फर्जी तरीके से राशि निकालने का आरोप है. बताया गया है कि उसने अपने सहयोगी दिनेश राय के साथ मिलकर पशुपालन विभाग को बड़े पैमाने पर दवाइयों की आपूर्ति की थी. सत्येंद्र का परिवार रांची में कचहरी के पास रहता था. सत्येंद्र और दिनेश राय ने रांची के बीआइटी मेसरा से बी-फार्मा की पढ़ाई की थी. इसके बाद दोनों ने दवा निर्माण कंपनी बनायी. जांच के अनुसार, इस फर्म के माध्यम से 10 करोड़ रुपये से अधिक की दवाओं की आपूर्ति दिखाकर घोटाले की रकम हड़पने का आरोप है. ये भी पढ़ें: ग्राहक बनकर दुकान पहुंचा युवक, 50 हजार रुपये लेकर फरार, CCTV में कैद हुई करतूत 2001 में चार्जशीट दाखिल होने के बाद से था फरार इस मामले में दिनेश राय पहले ही गिरफ्तार हो चुका है और अदालत उसे सजा भी सुना चुकी है. वहीं, सत्येंद्र कुमार वर्ष 2001 में सीबीआइ की ओर से आरोप पत्र दाखिल किये जाने के बाद से फरार था. गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पटना स्थित अपना आवास भी छोड़ दिया था. फरारी के दौरान उसके नेपाल में दवा कंपनी शुरू करने की सूचना भी जांच एजेंसी को मिली थी. उसके लगातार नेपाल में रहने की जानकारी थी. अदालत से स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद से सीबीआइ उसकी तलाश कर रही थी. क्या है चारा घोटाला? चारा घोटाला एकीकृत बिहार के समय पशुपालन विभाग में हुआ था. वर्ष 1996 में सीबीआइ ने इसकी औपचारिक जांच शुरू की थी. इस घोटाले से जुड़े विभिन्न मामलों में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद समेत कई राजनेताओं, अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं को सजा सुनायी जा चुकी है. सीबीआइ को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी मध्यप्रदेश के गुना से ट्रेन में सवार होकर लखनऊ आ रहा है. इसके बाद टीम ने लखनऊ रेलवे स्टेशन पर निगरानी बढ़ा दी. ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही अधिकारियों ने उसकी पहचान कर उसे पकड़ लिया. गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पटना स्थित अपना घर छोड़ दिया था. फरारी के दौरान नेपाल में दवा कंपनी शुरू करने और वहीं रहने की सूचना भी जांच एजेंसी को मिली थी. वर्ष 2001 में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद से उसकी तलाश जारी थी. अब गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाया जा रहा है. ये भी पढ़ें: Jharkhand Weather Update: रांची समेत झारखंड में जानें मौसम का हाल The post चारा घोटाले का आरोपी 25 साल बाद गिरफ्तार, लखनऊ स्टेशन पर CBI ने दबोचा appeared first on Naya Vichar.

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UP Election 2027: पश्चिम UP से पूर्वांचल तक ओवैसी की सियासी दस्तक, मुस्लिम बहुल इलाकों पर AIMIM की नजर

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने अपनी नेतृत्वक सक्रियता बढ़ा दी है. मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी AIMIM की रणनीति से समाजवादी पार्टी (सपा) के सामने नई चुनावी चुनौती खड़ी हो सकती है. हालांकि, इसका असर कितना होगा, यह उम्मीदवारों, गठबंधन और क्षेत्रवार चुनावी समीकरणों पर निर्भर करेगा. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव फिलहाल AIMIM के साथ गठबंधन की संभावना खारिज कर चुके हैं. ऐसे में सवाल है कि पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल तक ओवैसी की सक्रियता आगामी विधानसभा चुनाव में किसके समीकरण बिगाड़ेगी और किसे फायदा पहुंचाएगी. मुस्लिम बहुल इलाकों पर AIMIM की नजर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी नेतृत्वक जमीन मजबूत करने के लिए लगातार जनसभाएं कर रही है. AIMIM का जोर मुस्लिम आबादी वाले इलाकों के साथ दलितों और वंचित वर्गों के बीच भी समर्थन बढ़ाने पर है. पार्टी मुस्लिम समुदाय की नेतृत्वक भागीदारी और सत्ता में हिस्सेदारी का मुद्दा उठा रही है. ओवैसी का आरोप रहा है कि दूसरी पार्टियां मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन तो लेती हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त नेतृत्वक प्रतिनिधित्व नहीं देतीं. सपा से गठबंधन की राह फिलहाल मुश्किल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ओवैसी विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की संभावना तलाश रहे थे. उन्होंने भाजपा को सत्ता में लौटने से रोकने के लिए विपक्षी दलों को साथ आने का प्रस्ताव भी दिया था. हालांकि, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2 अक्टूबर को साफ किया कि उनकी पार्टी मौजूदा गठबंधन के साथ आगे बढ़ेगी और AIMIM के साथ गठबंधन नहीं करेगी. ऐसे में फिलहाल दोनों दलों के बीच चुनावी समझौते की कोई पुष्टि नहीं है. 2022 में 95 सीटों पर लड़ी थी AIMIM पिछले विधानसभा चुनाव में AIMIM ने उत्तर प्रदेश की 95 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. हालांकि, पार्टी एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई. उसे प्रदेश में करीब 0.49 प्रतिशत वोट मिले थे. इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राज्यव्यापी स्तर पर पार्टी की चुनावी ताकत सीमित रही. लेकिन अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में उसके उम्मीदवारों को मिले वोटों के आधार पर आगामी चुनाव में उसके संभावित प्रभाव का आकलन किया जा सकता है. किसे फायदा, किसे नुकसान? AIMIM की सक्रियता का चुनावी असर हर सीट पर एक जैसा नहीं होगा. जिन सीटों पर सपा और AIMIM दोनों मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी, वहां मुकाबले की स्थिति बदल सकती है. हालांकि, केवल AIMIM के चुनाव लड़ने से सपा को नुकसान या भाजपा को फायदा होना तय नहीं है. इसका आकलन संबंधित सीट पर उम्मीदवारों की स्थिति, स्थानीय मुद्दों, जातीय समीकरणों और जीत के अंतर को देखकर ही किया जा सकता है. संगठन मजबूत करना ओवैसी के सामने चुनौती AIMIM के सामने सबसे बड़ी चुनौती जनसभाओं में जुटने वाली भीड़ को स्थायी नेतृत्वक समर्थन में बदलने की है. इसके लिए पार्टी को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करना होगा और ऐसे उम्मीदवार उतारने होंगे, जो अपने क्षेत्र में प्रभाव रखते हों. साथ ही, दलितों और अन्य वंचित समुदायों तक पहुंच बनाने की उसकी रणनीति कितनी सफल होती है, यह भी अहम होगा. दूसरी ओर, सपा के लिए अपने समर्थक मतदाताओं को एकजुट रखना और विपक्षी गठबंधन को मजबूत करना महत्वपूर्ण रहेगा. 2027 में चुनावी नतीजे तय करेंगे असली असर उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सपा और AIMIM की नेतृत्वक रणनीतियों पर नजर रहेगी. ओवैसी की सक्रियता से कुछ सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है, लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि उनकी पार्टी सपा के वोट बैंक में कितनी सेंध लगाएगी. आखिरकार, उम्मीदवारों की घोषणा, गठबंधन की स्थिति और क्षेत्रवार चुनावी नतीजे ही बताएंगे कि AIMIM की सियासी दस्तक उत्तर प्रदेश की नेतृत्व में कितना बदलाव ला पाती है. यह भी पढ़ें: यूपी MLC चुनाव 2026: 11 सीटों पर 55.24% मतदान, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर सबसे ज्यादा वोटिंग The post UP Election 2027: पश्चिम UP से पूर्वांचल तक ओवैसी की सियासी दस्तक, मुस्लिम बहुल इलाकों पर AIMIM की नजर appeared first on Naya Vichar.

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Analysis: ज्योति सिंह के बयान से फिर क्यों चर्चा में पवन-अक्षरा की जोड़ी

Bhojpuri Entertainment News भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में ज्योति सिंह अपने जीवनसाथी को लेकर ऐसी बात कहती नजर आ रही हैं, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है. उनके बयान के बाद भोजपुरी इंडस्ट्री में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. खासकर पवन सिंह और अभिनेत्री अक्षरा सिंह के बीच पुराने रिश्ते और दोनों के दोबारा साथ काम करने की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है. ‘10 जगह मुंह मारने वाला पति नहीं चाहिए’ वायरल वीडियो में ज्योति सिंह कहती सुनाई देती हैं कि उन्हें ऐसा पति नहीं चाहिए, जो 10 जगह मुंह मारता हो. इस पर उनकी दोस्त मजाकिया अंदाज में कहती हैं, ‘थूककर चाटने वाला ना हो.’ दोस्त की यह बात सुनते ही ज्योति सिंह जोर-जोर से हंसने लगती हैं. इसके बाद वह कहती हैं कि उन्हें ऐसा जीवनसाथी चाहिए, जो उनके स्वाभिमान को बरकरार रखे. इस वीडियो को पवन सिंह से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि पूरे वीडियो में ज्योति सिंह और उनकी दोस्त ने किसी का नाम नहीं लिया है. ज्योति सिंह का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब पवन सिंह का अभिनेत्री अक्षरा सिंह से माफी मांगने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है. इसके बाद से ही दोनों के दोबारा साथ आने और किसी फिल्म या म्यूजिक प्रोजेक्ट में काम करने की संभावनाओं को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें.. पवन सिंह और अक्षरा सिंह के फिर साथ आने की अटकलें पवन सिंह और अक्षरा सिंह की जोड़ी भोजपुरी सिनेमा की चर्चित जोड़ियों में रही है. दोनों के बीच पहले रहे संबंधों और बाद में आई दूरियों को लेकर भी काफी चर्चा हुई थी. अब पवन सिंह के माफी मांगने वाले वीडियो के बाद एक बार फिर दोनों के साथ आने की संभावनाओं पर बातें हो रही हैं. भोजपुरी फिल्म समीक्षक भी इस पूरे घटनाक्रम को अपने-अपने नजरिये से देख रहे हैं. ज्योति सिंह के बयान को कुछ लोग पवन सिंह के मुंगेर में अक्षरा सिंह से माफी मांगने और दोनों के साथ काम करने की संभावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं. हालांकि, ज्योति सिंह ने अपने वायरल बयान में पवन सिंह या अक्षरा सिंह का नाम नहीं लिया है. अक्षरा सिंह की चुप्पी पर भी चर्चा पवन सिंह के माफी मांगने वाले वीडियो और ज्योति सिंह के बयान के बीच अक्षरा सिंह की प्रतिक्रिया को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है. अक्षरा सिंह की ओर से इस पूरे मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आने की स्थिति में उनकी चुप्पी को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं. वहीं, अक्षरा सिंह के पारिवारिक मित्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि वह अब पवन सिंह के साथ किसी तरह का रिश्ता नहीं रखना चाहती हैं. उनका यह भी कहना है कि पवन सिंह की ओर से माफी मांगने की पहल अक्षरा के रुख को नरम करने की कोशिश हो सकती है. इन मित्रों का दावा है कि अक्षरा सिंह अब फिल्मी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं और उन्हें पवन सिंह के साथ काम करने की जरूरत नहीं है. फिलहाल, पवन सिंह की माफी, ज्योति सिंह के वायरल बयान और अक्षरा सिंह की प्रतिक्रिया को लेकर भोजपुरी फिल्म जगत में कई तरह की चर्चा चल रही है. Also Read पवन सिंह ने अक्षरा सिंह से क्यों मांगी माफी? अब पत्नी ज्योति के पोस्ट की हो रही चर्चा The post Analysis: ज्योति सिंह के बयान से फिर क्यों चर्चा में पवन-अक्षरा की जोड़ी appeared first on Naya Vichar.

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17 किसिंग सीन से मचाया बवाल, समझौते का ऑफर ठुकराया, Cannes में नागिन बनकर पहुंचीं… मल्लिका शेरावत के चर्चित किस्से

17 किसिंग सीन की चर्चा, समझौते के ऑफर और कान्स में महंगे गहनों के साथ एंट्री… मल्लिका शेरावत की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. एक वक्त था, जब उनकी फिल्म ‘मर्डर’ के बोल्ड सीन ने पूरे बॉलीवुड में हलचल मचा दी थी. कोई उनके अंदाज की चर्चा कर रहा था, तो कोई उनकी बोल्ड इमेज पर सवाल उठा रहा था. लेकिन मल्लिका सिर्फ फिल्मों में बोल्ड सीन करने वाली एक्ट्रेस बनकर नहीं रहना चाहती थीं. उन्होंने जैकी चैन के साथ फिल्म में काम किया, कान्स फिल्म फेस्टिवल तक पहुंचीं और अपनी जिंदगी से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर बात की. आखिर मल्लिका के करियर में ऐसे कौन-कौन से मोड़ आए, जिन्होंने उन्हें बार-बार सुर्खियों में ला दिया? उनके जन्मदिन पर जानिए उनकी जिंदगी के कुछ चर्चित किस्से. ‘मर्डर’ के बोल्ड सीन ने रातोंरात बदल दी मल्लिका की पहचान साल 2004 में आई फिल्म ‘मर्डर’ को शायद ही कोई भूला होगा. अनुराग बसु के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में मल्लिका शेरावत के साथ इमरान हाशमी और अश्मित पटेल नजर आए थे. फिल्म की कहानी के साथ-साथ इसके बोल्ड और रोमांटिक सीन भी खूब चर्चा में रहे. उस दौर में पर्दे पर इस तरह के सीन करना किसी एक्ट्रेस के लिए आसान नहीं था, लेकिन मल्लिका ने अपनी बेबाक अदाओं से सबका ध्यान खींच लिया. फिल्म सफल रही और मल्लिका का नाम घर-घर तक पहुंच गया. हालांकि, इस पहचान के साथ एक दूसरी कहानी भी शुरू हुई. लोग उनकी एक्टिंग से ज्यादा उनके बोल्ड सीन पर बात करने लगे. उनकी हर नई फिल्म के साथ उनकी ग्लैमरस इमेज की चर्चा होती, लेकिन उनके काम के दूसरे पहलू कई बार पीछे छूट जाते थे. यही मल्लिका के करियर की सबसे दिलचस्प बात रही. जिस इमेज ने उन्हें रातोंरात पहचान दिलाई, उसी इमेज से आगे निकलकर अपनी अलग पहचान बनाना भी उनके लिए एक चुनौती बन गया. ‘ख्वाहिश’ से शुरू हुई बोल्ड सीन की चर्चा, 17 किसिंग सीन का दावा भी आया सामने ‘हिमांशु मलिक नजर आए थे. दोनों के बीच फिल्माए गए बोल्ड सीन ने फिल्म की कहानी से ज्यादा सुर्खियां बटोरीं. खास तौर पर फिल्म में 17 किसिंग सीन होने का दावा खूब चर्चा में रहा. मल्लिका के लिए यह फिल्म जहां पहचान लेकर आई, वहीं उनकी बोल्ड इमेज को लेकर सवाल भी उठने लगे. फिल्म के बोल्ड सीन को लेकर कुछ स्त्री मंडलों ने नाराजगी जताई थी. 22 अक्टूबर 2003 को टाइम्स ऑफ इंडिया में रिपोर्ट में भी इस विरोध का जिक्र किया गया था. उस दौर में पर्दे पर इस तरह के दृश्य दिखाने को लेकर बहस छिड़ गई थी और मल्लिका को अपने काम के साथ-साथ अपनी बोल्ड छवि को लेकर भी चर्चा का सामना करना पड़ा. साल 2005 में कान्स फिल्म फेस्टिवल में मल्लिका शेरावत का सांपों वाला लुक चर्चा में आया था. जैकी चैन के साथ फिल्म में काम कर मल्लिका ने बढ़ाया दायरा मल्लिका शेरावत के करियर का एक खास हिस्सा साल 2005 में आई फिल्म ‘द मिथ’ भी है. इस फिल्म में उन्होंने जैकी चैन के साथ काम किया था. यह उनके शुरुआती अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में से एक था. उस समय मल्लिका की पहचान हिंदी फिल्मों में बोल्ड किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस के रूप में बन चुकी थी. ऐसे में जैकी चैन जैसे मशहूर एक्टर के साथ काम करना उनके करियर का एक अलग अनुभव था. इससे उन्हें हिंदुस्तानीय फिल्मों से बाहर के दर्शकों तक पहुंचने का मौका मिला. मल्लिका का यह सफर दिखाता है कि उनका करियर सिर्फ ‘ख्वाहिश’ और ‘मर्डर’ जैसी फिल्मों तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने अलग-अलग तरह के प्रोजेक्ट्स में काम किया और अपनी पहचान को आगे बढ़ाने की कोशिश की. 15 कैरेट की डायमंड रिंग दिखाकर कही थी ‘सेल्फ-मेड वुमन’ वाली बात मल्लिका की बेबाकी का एक और किस्सा साल 2024 में सामने आया. कॉमेडियन ऐश्वर्या मोहनराज के शो ‘नॉट! एन ऑकवर्ड इंटरव्यू विद ऐश्वर्या’ में बातचीत के दौरान मल्लिका ने अपनी 15 कैरेट की डायमंड रिंग दिखाई और उसे ‘सेल्फ-मेड वुमन’ की रिंग बताया. बातचीत के दौरान उन्होंने ऐश्वर्या की वेडिंग रिंग को छोटा भी कहा था. उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. इस बातचीत में मल्लिका का चुटीला अंदाज देखने को मिला और एक बार फिर उनकी बेबाक छवि सुर्खियों में आ गई. मल्लिका अक्सर अपनी पसंद और जिंदगी को लेकर खुलकर बात करती हैं. इस किस्से में भी उन्होंने अपनी अंगूठी को अपनी पहचान से जोड़ा. उनकी यह बात लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गई. मल्लिका शेरावत की कहानी सिर्फ बोल्ड सीन तक सीमित नहीं मल्लिका शेरावत के करियर को अक्सर बोल्ड फिल्मों और विवादों से जोड़कर देखा जाता है. लेकिन उनकी कहानी में इससे आगे भी कई पहलू हैं. ‘ख्वाहिश’ और ‘मर्डर’ से मिली पहचान, जैकी चैन के साथ काम करने का मौका, कान्स फिल्म फेस्टिवल में मौजूदगी और अपनी पसंद पर खुलकर बोलने का अंदाज, इन सबने उनके सफर को अलग बनाया. उनके करियर का दौर ऐसा था, जब किसी एक्ट्रेस के बोल्ड किरदारों को लेकर खूब सवाल उठते थे. मल्लिका ने इसी माहौल में अपनी पहचान बनाई. उन्हें लोकप्रियता मिली, आलोचना का सामना करना पड़ा और उनकी छवि को लेकर लगातार चर्चा भी हुई. आज उनके चर्चित किस्सों को याद करते हुए यह समझना जरूरी है कि किसी कलाकार की कहानी को सिर्फ एक छवि तक सीमित नहीं किया जा सकता. मल्लिका के सफर में ग्लैमर, फिल्में, बेबाक बयान और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स सभी शामिल हैं. उनके जन्मदिन पर इन किस्सों को याद करना दिलचस्प है, बशर्ते हर दावे को सही संदर्भ और विश्वसनीय जानकारी के साथ पेश किया जाए. ये भी पढ़ें: Mallika Sherawat & Abhishek Malhan Spotted: मुंबई में साथ दिखे मल्लिका सहरावत और अभिषेक मल्हान ये भी पढ़ें: तेज प्रताप ने मल्लिका शेरावत को राबड़ी-रोहिणी से मिलवाया, वीडियो कॉल पर किससे करवाई बात? The post 17 किसिंग सीन से मचाया बवाल, समझौते का ऑफर ठुकराया, Cannes में नागिन बनकर पहुंचीं… मल्लिका शेरावत के चर्चित किस्से appeared first on Naya Vichar.

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24 अक्टूबर की टॉप 20 खबरें: अरुणाचल बॉर्डर पर चीन के साथ अब भी जारी है टकराव, भारत बना यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा हथियार सप्लायर

1. हिंदुस्तान बना यूरोप का दूसरा बड़ा हथियार सप्लायर, चीन के दुश्मन को दी ब्रह्मोस; हथियार खरीदने वाले देश ने कैसे किया ये बदलाव 2020 तक हिंदुस्तान दुनिया में हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. यूरोप हथियारों के लिए हिंदुस्तान पर निर्भर हो रहा है और हिंदुस्तान दक्षिण कोरिया के बाद यूरोप का दूसरा बड़ा गोला-बारूद सप्लायर बन गया है. आखिर हिंदुस्तान ने यह मुकाम कैसे हासिल किया? पूरी समाचार यहां पढ़ें. 2. ITBP चीफ का खुलासा- अरुणाचल बॉर्डर पर चीन के साथ अब भी जारी है टकराव, कई बार आमने-सामने आए जवान हिंदुस्तान-चीन सीमा पर जारी तनाव को लेकर ITBP प्रमुख शत्रुजीत कपूर ने अहम जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में हाल के दिनों में कई जगह दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने आए. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. दो चुनाव आयुक्तों ने सीनियर अधिकारी के खिलाफ कैबिनेट सेक्रेटरी से की थी शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं; RTI से खुलासा कैबिनेट सचिवालय ने निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ दो चुनाव आयुक्तों की शिकायतों पर कार्रवाई करने से इनकार कर दिया. सचिवालय ने कहा कि ये पत्र चुनाव आयुक्तों ने अपनी व्यक्तिगत हैसियत से भेजे थे और इन्हें पूरे निर्वाचन आयोग की ओर से भेजा गया आधिकारिक पत्र नहीं माना जा सकता. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. जॉर्डन के गिरजाघर में अंधाधुंध गोलीबारी में 7 की मौत जॉर्डन के कराक शहर में एक चर्च में हुई भीषण गोलीबारी में 7 लोगों की जान चली गई.पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. दाऊद के ठिकाने पर UN से इतनी बड़ी गलती कैसे? एक्सपर्ट बोले- यह चूक नहीं, सोची-समझी साजिश दाऊद इब्राहिम के गिरोह को ‘हिंदुस्तान स्थित’ बताने पर हिंदुस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं. विदेश मामलों के विशेषज्ञ धनंजय त्रिपाठी का कहना है कि ऐसी गलतियां आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को कमजोर करती हैं. उन्होंने ओसामा बिन लादेन का उदाहरण देकर रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. Investigation: बिहार की बेटियों ने बाल विवाह को कहा ‘ना’, 213 ने ससुराल के बदले चुनी पढ़ाई की राह बिहार में 213 बेटियों ने बाल विवाह ठुकराकर शिक्षा को चुना. दो केस स्टडीज दिखाती हैं कि कैसे पढ़ाई की जिद ने इनकी किस्मत बदली. बिहार में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता का बढ़ता असर. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. UP Job Scam: कानपुर में CM योगी के नाम पर नियुक्ति पत्र का झांसा, 43 लोगों से 80 लाख की ठगी, ऐसे बुना जाल कि चौंक जाएंगे आप UP में नौकरी के नाम पर 43 लोगों से 80 लाख की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोपी ने CM योगी के नियुक्ति पत्र का झांसा देकर लोगों को ठगा, जानें पूरा मामला. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. सीवान: आलमपुर में पटाखा बनाने के दौरान भीषण विस्फोट, चार की मौत, कई के मलबे में दबे होने की आशंका सीवान के आलमपुर में पटाखा बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गयी. राहत-बचाव दल, पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे, जबकि प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है.पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. जियो के IPO ने तोड़ा वारी एनर्जीज का रिकॉर्ड, 1.38 करोड़ से अधिक अधिक आवेदन मिले जियो के IPO ने 1 करोड़ से अधिक आवेदन पाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है. इस IPO से निवेशकों को 20 प्रतिशत की कमाई की उम्मीद है. जानें किन कंपनियों के आईपीओ का Jio ने रिकॉर्ड तोड़ा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. SIR प्रोटेस्ट : नेहा बोरा की याचिका खारिज, जानिए हाई कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को क्या दिया निर्देश दिल्ली हाई कोर्ट ने AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की 10 हजार रुपये के बॉन्ड से जुड़े नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी. हालांकि, कोर्ट ने SEM को कार्रवाई से जुड़े सभी दस्तावेज देने और बॉन्ड की जरूरत पर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया हैं. जानें कोर्ट ने क्या कहा? पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. BIPARD में गेस्ट फैकल्टी बन अधिकारियों ने 3 साल में कमाये 8 करोड़, पैनल में नाम नहीं फिर भी हुआ पेमेंट BIPARD पटना में गेस्ट फैकल्टी को गलत तरीके से लाखों के भुगतान का खुलासा हुआ है. IAS अधिकारियों की इस एस्ट्रा कमाई की जानकारी RTI के जरिए मिली है. नया विचार के पॉलिटिकल एडिटर मिथिलेश कुमार की स्पेशल रिपोर्ट में पढ़ें पूरी बात. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. झारखंड के इनामी नक्सली दंपती मंगल महतो और मालती मुर्मू ने बंगाल में किया सरेंडर झारखंड के इनामी नक्सली दंपती मंगल महतो और मालती मुर्मू ने कोलकाता में AK-47, इंसास राइफल के साथ आत्मसमर्पण किया. कोलकाता के पुलिस कमिश्नर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पत्रकारों को दी जानकारी. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. 2028 ओलंपिक से 2029 WTC फाइनल तक, जानें क्रिकेट का पूरा शेड्यूल इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने 2027 से 2031 के बीच होने वाले 5 टूर्नामेंटों का अपडेटेड शेड्यूल जारी किया है. इसमें लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के क्वालीफायर, 2029 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल समेत कई अहम प्रतियोगिताएं शामिल हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 15. ‘श्रेयस अय्यर ऐसे बयान देकर वैभव का रास्ता बंद नहीं कर सकते’, बचपन के कोच मनीष ओझा की तीखी प्रतिक्रिया वैभव सूर्यवंशी को मौका न मिलने पर कोच मनीष ओझा ने उठाए सवाल. क्या कप्तान श्रेयस अय्यर युवा खिलाड़ी का रास्ता बंद कर रहे हैं? जानें पूरी बात. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 16. शाहरुख का नाम ‘हकला’, ऋतिक का ‘छंगुली’! बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड की कैसी चलती थी अपनी दुनिया? टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद एक बार फिर बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है. एक वक्त था, जब बॉलीवुड में सबकुछ दुबई में बैठा शख्स फोन कॉल पर तय करता था. आज इस स्टोरी में बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के कनेक्शन की उसी कहानी को जानेंगे. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 17. दिल्ली में 31 अक्टूबर तक रहेंगी CAPF की 273 कंपनियां, CJP के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा अलर्ट दिल्ली में संभावित विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने CAPF की 273 कंपनियों की तैनाती 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी है. जंतर-मंतर से संसद

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तेज गेंदबाज बनना चाहते थे ऋद्धिमान साहा, मगर बन गए दुनिया के बेहतरीन विकेटकीपर

Wriddhiman Saha: हिंदुस्तानीय क्रिकेट में ऋद्धिमान साहा का नाम बेहतरीन विकेटकीपरों में लिया जाता है. विकेट के पीछे उनकी फुर्ती और शानदार तकनीक ने उन्हें खास पहचान दिलाई. हालांकि, साहा का सफर हमेशा से विकेटकीपर बनने के इरादे से शुरू नहीं हुआ था. बचपन में वह तेज गेंदबाज बनना चाहते थे. इतना ही नहीं, उन्होंने फॉर्मूला-1 ड्राइवर बनने का सपना भी देखा था. लेकिन किस्मत उन्हें क्रिकेट के मैदान पर ले आई, जहां उन्होंने अपनी मेहनत से अलग मुकाम हासिल किया. आज साहा अपना 42वां जन्मदिन मना रहें है. पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में 24 अक्टूबर 1984 को जन्मे साहा ने घरेलू क्रिकेट से अपनी पहचान बनाई. उन्होंने शुरुआती दिनों में टेनिस बॉल से तेज गेंदबाजी की. बाद में जब लेदर बॉल से क्रिकेट स्पोर्ट्सना शुरू किया, तो विकेटकीपिंग की ओर उनका रुझान बढ़ा. यही बदलाव आगे चलकर उनके करियर की सबसे बड़ी पहचान बना. तेज गेंदबाज से विकेटकीपर बनने तक का सफर Wriddhiman Saha. ऋद्धिमान साहा ने हिंदुस्तान के लिए 40 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से. उन्होंने 56 पारियों में 3 शतक और 6 अर्धशतक की मदद से 1,353 रन बनाए. विकेट के पीछे भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 92 कैच लेने के साथ 12 स्टंपिंग कीं. वनडे क्रिकेट में साहा को ज्यादा मौके नहीं मिले. उन्होंने हिंदुस्तान के लिए 9 वनडे मैच स्पोर्ट्से, जिनकी 5 पारियों में 41 रन बनाए. इस फॉर्मेट में उनके नाम 17 कैच और एक स्टंपिंग दर्ज है. विराट कोहली भी कर चुके हैं साहा की तारीफ साहा का अंतरराष्ट्रीय करियर मुख्य रूप से विराट कोहली की कप्तानी के दौर में आगे बढ़ा. कोहली ने कई मौकों पर उनकी विकेटकीपिंग की तारीफ की थी. साहा की फुर्ती, गेंद को पकड़ने की क्षमता और स्टंप के पीछे उनकी तकनीक ने उन्हें खास पहचान दिलाई. भले ही साहा को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बहुत ज्यादा मैच स्पोर्ट्सने का मौका नहीं मिला, लेकिन विकेटकीपर के रूप में उनके कौशल की खूब सराहना हुई. उन्होंने कई अहम मौकों पर बल्ले से भी उपयोगी पारियां स्पोर्ट्सीं और टेस्ट क्रिकेट में टीम की जीत में योगदान दिया. ये भी पढ़ें: Richest Cricket Board: आखिर कौन है दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड? देखें टॉप-10 की पूरी लिस्ट घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में भी छोड़ी छाप बंगाल के लिए साहा का घरेलू करियर शानदार रहा. 2007 से 2025 के बीच उन्होंने 142 प्रथम श्रेणी मैचों में 7,169 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 14 शतक और 44 अर्धशतक निकले. विकेटकीपर के तौर पर उन्होंने 346 कैच और 38 स्टंपिंग भी कीं. लिस्ट ए क्रिकेट में साहा ने 116 मैचों में 3,072 रन बनाए. इसमें 3 शतक और 20 अर्धशतक शामिल रहे. आईपीएल में भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से पहचान बनाई. 2008 से 2024 के बीच वह कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स, पंजाब किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस जैसी टीमों का हिस्सा रहे. उन्होंने 170 मैचों में 2,934 रन बनाए, जिसमें एक शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं. आईपीएल में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 115 रन है. संन्यास के बाद कोचिंग में बना रहे हैं करियर ऋद्धिमान साहा ने फरवरी 2025 में क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की. हालांकि, क्रिकेट से उनका जुड़ाव खत्म नहीं हुआ. अब वह कोचिंग के क्षेत्र में अपनी नई पारी शुरू कर चुके हैं. साहा बंगाल की अंडर-23 पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. तेज गेंदबाज बनने की चाह से शुरू हुआ साहा का सफर उन्हें हिंदुस्तानीय क्रिकेट के बेहतरीन विकेटकीपरों में ले आया. फॉर्मूला-1 ड्राइवर बनने का उनका सपना जरूर पूरा नहीं हुआ, लेकिन क्रिकेट में उन्होंने अपनी मेहनत और हुनर से ऐसी पहचान बनाई, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा. ये भी पढ़ें: Richest Cricket League: आखिर कौन है दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग? कितने नंबर पर है IPL, देखें टॉप-10 की लिस्ट The post तेज गेंदबाज बनना चाहते थे ऋद्धिमान साहा, मगर बन गए दुनिया के बेहतरीन विकेटकीपर appeared first on Naya Vichar.

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पैक्ड आटा, बेसन और मसाले खरीदने से पहले लेबल पर चेक कर लें ये 7 चीजें, ज्यादातर लोग कर देते हैं नजरअंदाज

Food Label Checking: सुबह नाश्ते में रोटी बनानी हो या शाम को बेसन का चीला, आटा, बेसन और मसाले हर घर में रोज इस्तेमाल होते हैं. ऐसे में बाजार से इन्हें खरीदते समय हम अक्सर ब्रांड और कीमत देखकर ही पैकेट उठा लेते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पैकेट पर लिखी इनफार्मेशन भी आपके लिए उतनी ही जरूरी है? एक दिन मैंने किराने की दुकान पर अपने एक जानकार को बेसन खरीदते देखा. उसने दो पैकेट उठाए, उनकी कीमत देखी और फिर एक पैकेट वापस रख दिया. वजह पूछने पर उसने कहा कि दोनों के दाम अलग हैं, इसलिए वह पैकेट पर लिखी इनफार्मेशन भी देखना चाहता है. उसकी बात सुनकर लगा कि हममें से कितने लोग खरीदारी के समय ऐसा करते हैं? पैकेट पर लिखी तारीख, वजन, बैच नंबर और FSSAI लाइसेंस नंबर देखने में कुछ सेकंड ही लगते हैं. इनसे प्रोडक्ट की पहचान और उससे जुड़ी जरूरी बातें समझने में मदद मिलती है. हालांकि, केवल लेबल देखकर यह 100 प्रतिशत नहीं कहा जा सकता कि किसी चीज में मिलावट नहीं है. तो फिर खरीदारी करते समय किन 7 बातों का ध्यान रखना चाहिए? आइए, समझते हैं बिल्कुल ही आसान भाषा में. सबसे पहले पैकेट की हालत देखें आटा, बेसन या मसाले खरीदते समय सबसे पहले पैकेट को अच्छी तरह देख लें. अगर पैकेट फटा है, उसमें छेद है, सील खुली है या वह मॉइस्चर से खराब दिख रहा है, तो उसे भूलकर भी न खरीदें. आखिर पैकेट का काम खाने की चीज को बाहरी गंदगी और मॉइस्चर से बचाना भी होता है. अगर पैकेट ठीक नहीं है, तो उसके अंदर रखी चीज की क्वालिटी पर असर पड़ सकता है. खासकर पिसे मसालों के पैकेट को ध्यान से देखें. अगर अंदर गांठें बनी दिख रही हैं या मसाले से अजीब गंध आ रही है, तो सावधानी बरतें. हालांकि, केवल गांठ या रंग देखकर यह पक्का नहीं कहा जा सकता कि मसाले में मिलावट है. मॉइस्चर या गलत तरीके से रखने के कारण भी उसका टेक्सचर बदल सकता है. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी FSSAI की पिसे मसालों से जुड़ी गाइडेंस में भी खराब पैकेट न खरीदने और मसालों की गंध, रंग और टेक्सचर पर ध्यान देने की सलाह दी गई है. इसलिए खरीदारी करते समय पैकेट की सील और उसकी कंडीशन जरूर चेक कर लें. पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर देखें पैक्ड खाने की चीज खरीदते समय आपने पैकेट पर FSSAI का लोगो या लाइसेंस नंबर जरूर देखा होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे देखने का क्या फायदा है? FSSAI देश में खाने-पीने की चीजों की सुरक्षा से जुड़े नियमों पर काम करता है. पैक्ड आटा, बेसन और मसाले खरीदते समय पैकेट पर दी गई FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी देखनी चाहिए. अगर नंबर नहीं दिया गया है या लिखी जानकारी अधूरी लग रही है, तो सावधानी बरतें. जरूरत पड़ने पर FSSAI की ऑफिशियल वेबसाइट पर लाइसेंस की जानकारी भी चेक कर सकते हैं. हालांकि, यहां एक बात समझना जरूरी है. पैकेट पर FSSAI नंबर होने का मतलब यह नहीं है कि उस प्रोडक्ट की हर बैच की जांच हो चुकी है या उसमें मिलावट हो ही नहीं सकती. यह प्रोडक्ट से जुड़ी जरूरी जानकारी में से एक है. इसलिए केवल इस नंबर को देखकर उसकी पूरी क्वालिटी का फैसला करना सही नहीं होगा. मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें कई बार हम बाजार से सामान खरीदते समय कीमत तो देखते हैं, लेकिन पैकेट पर लिखी तारीख पर ध्यान नहीं देते. आटा, बेसन और मसाले खरीदते समय यह गलती नहीं करनी चाहिए. पैकेट पर बनाने या पैक करने की तारीख, बेस्ट बिफोर और जहां लागू हो, यूज-बाय डेट जैसी जानकारी दी जा सकती है. इन्हें ध्यान से पढ़ें और देखें कि प्रोडक्ट कितने समय तक इस्तेमाल करने के लिए ठीक बताया गया है. बेस्ट बिफोर का मतलब है कि सही तरीके से रखने पर प्रोडक्ट एक तय समय तक अपनी बताई गई क्वालिटी को बरकरार रख सकता है. इसके बाद उसकी क्वालिटी थोड़ी कम हो सकती है. इसलिए पैकेट पर लिखे निर्देशों को नजरअंदाज न करें. एक और बात का ध्यान रखें कि अगर तारीख मिटाई हुई लग रही है या किसी स्टिकर से जरूरी जानकारी छिपाई गई है, तो ऐसा पैकेट खरीदने से बचें. दुकान पर एक ही सामान के कई पैकेट रखे हों, तो उनमें से तारीख देखकर ही पैकेट चुनें. Smart Food Label Shopping Guide ये भी पढ़ें: The post पैक्ड आटा, बेसन और मसाले खरीदने से पहले लेबल पर चेक कर लें ये 7 चीजें, ज्यादातर लोग कर देते हैं नजरअंदाज appeared first on Naya Vichar.

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AI के दौर में ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा, फोन से बैंक अकाउंट तक ऐसे रखें सुरक्षित

आज के समय में बैंकिंग से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और सोशल मीडिया तक, लगभग हर काम इंटरनेट के जरिए हो रहा है. लेकिन आपकी एक छोटी-सी गलती बैंक अकाउंट खाली होने या निजी जानकारी चोरी होने की वजह बन सकती है. मौजूदा समय में साइबर अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से सॉफ्टवेयर में मौजूद कमजोरियों का पता लगाने और उनका फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में सिर्फ मजबूत पासवर्ड रखना काफी नहीं है. फोन, लैपटॉप और इंटरनेट से जुड़े दूसरे डिवाइस को सुरक्षित रखना भी जरूरी है. हाल ही में डिजिटल सिक्योरिटी कंपनी eMudhra के कुछ डिजिटल सर्टिफिकेट में सुरक्षा से जुड़ी कमजोरी सामने आई है. जिसके बाद Google, Apple और Microsoft जैसी कंपनियों का प्रभावित सर्टिफिकेट पर से भरोसा कम हो गया. हालांकि, eMudhra का कहना है कि उसके सिस्टम में सेंध लगने या डेटा चोरी होने का पता नहीं चला है. कंपनी की हिंदुस्तान में डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं भी प्रभावित नहीं हुई हैं. इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. वहीं, साइबर सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यूजर्स को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए. अच्छी बात यह है कि अपनी रोजमर्रा की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करके साइबर फ्रॉड का खतरा कम किया जा सकता है. AI की मदद से कैसे बढ़ रहा है साइबर हमलों का खतरा? Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, PHP नाम की प्रोग्रामिंग भाषा में सुरक्षा से जुड़ी कमजोरियां सामने आई हैं. यहां ध्यान देने वाली बात ये हैं कि इसका इस्तेमाल दुनिया के अधिंकांश वेबसाइट को बनाने में किया गया है. इन खामियों के बारे में पता चलने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) ने चेतावनी दी कि हमलावर इन खामियों का फायदा उठाकर वेब सर्वर पर कब्जा करने, डेटा चुराने या ऑनलाइन सेवाओं को बाधित करने की कोशिश कर सकते हैं. 4. बैंक या कंपनी के नाम पर आए हर मैसेज पर भरोसा न करें कई बार साइबर अपराधी बैंक, प्रशासनी विभाग या किसी बड़ी कंपनी के नाम पर फर्जी मैसेज भेजते हैं. इनमें दावा किया जाता है कि आपका अकाउंट बंद होने वाला है या उसे सुरक्षित करने के लिए तुरंत दिए गए लिंक पर क्लिक करना होगा. ऐसे में जल्दबाजी में ऐसे लिंक पर क्लिक करना आपको परेशानी में डाल सकता है. Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ निक एडम्स ने भी अनजान लिंक से सावधान रहने की सलाह दी है. अगर बैंक या किसी कंपनी के नाम पर ऐसा मैसेज आए, तो उसमें दिए गए लिंक पर क्लिक न करें. इसके बजाय कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट खुद खोलें या उसके आधिकारिक ऐप से जानकारी चेक करें. OTP, पासवर्ड या बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें. 5. ऑनलाइन पेमेंट के बाद बैंक अकाउंट चेक करते रहें ऑनलाइन शॉपिंग करते समय खासकर अनजान वेबसाइटों पर भुगतान करने से बचें. किसी वेबसाइट पर आकर्षक ऑफर देखकर तुरंत पेमेंट करने के बजाय पहले उसकी विश्वसनीयता जांच लें. अमेरिकन बैंकर्स एसोसिएशन के पॉल बेंडा के मुताबिक, बैंक साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन ग्राहकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है. अपने बैंक के ट्रांजैक्शन अलर्ट चालू रखें और समय-समय पर अकाउंट चेक करते रहें. अगर कोई ऐसा ट्रांजैक्शन दिखता है, जो आपने नहीं किया है, तो तुरंत बैंक के आधिकारिक माध्यम से संपर्क करें. क्या यूजर्स की सावधानी से रुक जाएंगे सभी साइबर हमले? ऑनलाइन सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ यूजर्स की नहीं है. वेबसाइट और ऐप बनाने वाली कंपनियों को भी अपने सॉफ्टवेयर की कमजोरियों को समय पर ठीक करना होगा. यूनिवर्सिटी ऑफ सरे के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. डैनियल गार्डहम के मुताबिक, सॉफ्टवेयर की कमजोरियों का पता लगाना तेजी से आसान हो रहा है, लेकिन अलग-अलग सिस्टम में उनका समाधान लागू करना अब भी चुनौती है. ऐसे में कंपनियों को समय पर सुरक्षा अपडेट जारी करने होंगे और यूजर्स को उन्हें जल्द इंस्टॉल करना होगा. वहीं, यूजर्स को मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और सुरक्षित ऑनलाइन पेमेंट जैसी आदतें अपनानी चाहिए. ध्यान रखें: AI की मदद से साइबर हमलों का तरीका बदल सकता है, लेकिन थोड़ी सतर्कता और सही डिजिटल आदतें आपके जोखिम को कम करने में मदद कर सकती हैं. किसी भी संदिग्ध मैसेज, अनजान लिंक या बैंक ट्रांजैक्शन को नजरअंदाज न करें. ऑनलाइन सुरक्षा के लिए कंपनियों की जिम्मेदारी और यूजर्स की सावधानी, दोनों जरूरी हैं. ये भी पढ़ें: eMudhra की सुरक्षा में कहां हुई चूक, क्या प्रशासन के पास भी सुरक्षित नहीं है आपका डेटा? The post AI के दौर में ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा, फोन से बैंक अकाउंट तक ऐसे रखें सुरक्षित appeared first on Naya Vichar.

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पेट्रोल और बैटरी दोनों का कॉम्बिनेशन, इलेक्ट्रिक मोटर और पेट्रोल जनरेटर एक साथ, चीन की कंपनी Chery उतारेगी हाई-टेक टू-व्हीलर

चीन की जानी-मानी कार निर्माता कंपनी Chery अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में भी कदम रखने जा रही है. अब तक अपनी शानदार कारों और SUV के लिए पहचानी जाने वाली यह कंपनी अब हाई-टेक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन लाने की तैयारी में है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को चीन में मोटरसाइकिल बनाने की प्रशासनी मंजूरी भी मिल गई है और हाल ही में एक इवेंट में कंपनी ने अपने दो नए मॉडल भी दुनिया को दिखाए हैं. सस्ते इलेक्ट्रिक मोपेड से होगी शुरुआत भले ही Chery की नजर महंगे और प्रीमियम बाजार पर है, लेकिन कंपनी अपनी शुरुआत एक किफायती इलेक्ट्रिक मोपेड से कर रही है. माना जा रहा है कि इसका लुक काफी हद तक Yamaha Vino स्कूटर जैसा होगा. चीन में ऐसे सस्ते मोपेड काफी लोकप्रिय हैं, जिनकी कीमत करीब 28,000 रुपये (2,000 चीनी युआन) से शुरू होती है. लागत कम रखने के लिए इनमें छोटी बैटरी (2 kWh से कम) दी जाती है, जो एक बार चार्ज करने पर करीब 50 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है. ये भी पढ़ें: Toyota की ये धाकड़ SUV जल्द नए अवतार में आएगी नजर, दमदार इंजन और हाईटेक फीचर्स मिलने की उम्मीद, 1 दिसंबर को होगी पेश Grow C3: पेट्रोल और बैटरी के कॉम्बिनेशन वाली स्मार्ट बाइक कंपनी ने Cinnox ब्रांड के तहत क्रूजर लुक वाली Grow C3 मोटरसाइकिल पेश की है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें इलेक्ट्रिक मोटर के साथ एक छोटा पेट्रोल जनरेटर भी लगा है. जब आप सफर पर होंगे, तो यह जनरेटर बैटरी को चार्ज करता रहेगा, जिससे बाइक की रेंज बढ़ेगी और बीच रास्ते में बैटरी खत्म होने का डर नहीं रहेगा. इस बाइक में V2L (व्हीकल-टू-लोड) फीचर भी दिया गया है, जिसका मतलब है कि आप अपनी बाइक की बैटरी से टीवी या लाइट जैसे बाहरी उपकरणों को भी चला सकते हैं. इसके अलावा, इसमें डिजिटल कंसोल, कॉलिंग/म्यूजिक कंट्रोल और बिना तार के सॉफ्टवेयर अपडेट (OTA) जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी. 200KM की रेंज वाला दमदार एडवेंचर स्कूटर Chery ने एक दमदार इलेक्ट्रिक एडवेंचर (ADV) स्कूटर से भी पर्दा उठाया है. कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर एक बार फुल चार्ज होने पर 150 से 200 किलोमीटर तक आराम से चल सकता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे कारों में इस्तेमाल होने वाले बड़े चार्जर से भी चार्ज किया जा सकेगा. हालांकि, इसकी बैटरी कितनी बड़ी होगी या इसकी टॉप स्पीड क्या होगी, इसका खुलासा लॉन्च के वक्त ही होगा. हिंदुस्तान में लॉन्चिंग को लेकर क्या है समाचार? फिलहाल Chery का पूरा फोकस अपने घरेलू यानी चीन के बाजार पर है. हिंदुस्तान या अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसके लॉन्च, कीमत और बिक्री की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. अगर Chery अपने इन शानदार दोपहिया वाहनों को ग्लोबल मार्केट में उतारती है, तो रेंज-एक्सटेंडर तकनीक और 200 किलोमीटर की लंबी रेंज वाली ये गाड़ियां ग्राहकों को काफी पसंद आ सकती हैं. ये भी पढ़ें: 3 साल में करीब ₹2 लाख की बचत, ₹7.05 लाख शुरुआती कीमत और 27km तक माइलेज, इन 5 बजट कारों में मिलता है 360° कैमरा The post पेट्रोल और बैटरी दोनों का कॉम्बिनेशन, इलेक्ट्रिक मोटर और पेट्रोल जनरेटर एक साथ, चीन की कंपनी Chery उतारेगी हाई-टेक टू-व्हीलर appeared first on Naya Vichar.

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