विदेश में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले हिंदुस्तानीय छात्रों के लिए फ्रांस एक नया आकर्षण बन रहा है. वजह सिर्फ पेरिस की चमक-दमक या एफिल टावर नहीं, बल्कि वहां की यूनिवर्सिटी, स्कॉलरशिप, रिसर्च और करियर की संभावनाएं भी हैं. फ्रांस अब हिंदुस्तानीय छात्रों को अपने यहां पढ़ने के लिए खास तौर पर प्रोत्साहित कर रहा है.
हिंदुस्तान और फ्रांस दोनों देशों का लक्ष्य है कि 2030 तक 30,000 हिंदुस्तानीय छात्र फ्रांस में पढ़ाई करें. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार फ्रांस में लगभग 12,000 हिंदुस्तानीय विद्यार्थी रह रहे हैं. सवाल है कि फ्रांस हिंदुस्तानीय छात्रों को इतनी अहमियत क्यों दे रहा है? इतनी ज्यादा हिंसा होने के बावजूद हिंदुस्तानीय छात्रों को बुलाने का टारगेट कैसे पूरा होगा?
हिंदुस्तान और फ्रांस के संयुक्त बयान के मुताबिक, साल 2026 में इनोवेशन से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए हिंदुस्तानीय और फ्रांसीसी यूनिवर्सिटी, रिसर्च संस्थानों और कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा, ताकि छात्रों को सीखने और आगे बढ़ने के नए मौके मिल सकें.
फ्रांस ने क्यों रखा 30 हजार छात्रों का लक्ष्य?
हिंदुस्तान और फ्रांस के बीच शिक्षा का रिश्ता मजबूत करने की कोशिश नई नहीं है. जुलाई 2023 में दोनों देशों ने 2025 तक 20,000 और 2030 तक 30,000 हिंदुस्तानीय छात्रों को फ्रांस में पढ़ाने का लक्ष्य तय किया था. अब फरवरी 2026 के हिंदुस्तान-फ्रांस संयुक्त बयान में भी 2030 तक 30,000 छात्रों को बुलाने की योजना दोहराई गई है.
| फ्रांस में हिंदुस्तानीय छात्र (2024-25) | 9,100 |
| एक साल में बढ़ोतरी | 17% |
| फ्रांस में हिंदुस्तान की रैंक | 11वां स्थान |
| 2030 तक लक्ष्य | 30,000 हिंदुस्तानीय छात्र |
| फ्रांस में कुल विदेशी छात्र (2024-25) | 4,43,500 |
हिंदुस्तानीय छात्रों की संख्या में कितना बदलाव?
फ्रांस में हिंदुस्तानीय छात्रों की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है. Campus France की ओर से जारी 2024-25 के आंकड़ों के मुताबिक, फ्रांस में 9,100 हिंदुस्तानीय छात्र पढ़ रहे थे. एक साल में इनकी संख्या में 17 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसी के साथ हिंदुस्तान फ्रांस में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों के मूल देशों में 11वें स्थान पर पहुंच गया.
फ्रांस में 4.4 लाख इंटरनेशनल स्टूडेंट्स
स्कॉलरशिप से पढ़ाई का खर्च
विदेश में पढ़ाई के दौरान फीस और रहने का खर्च छात्रों के सामने बड़ी चुनौती होता है. फ्रांस हिंदुस्तानीय छात्रों को आकर्षित करने के लिए स्कॉलरशिप के विकल्प भी उपलब्ध कराता है. फ्रांस का दूतावास, फ्रांसीसी कंपनियां और टॉप यूनिवर्सिटीज की तरफ से हर साल 500 से अधिक मेधावी हिंदुस्तानीय छात्रों को स्कॉलरशिप और फेलोशिप ऑफर होते हैं.
रिसर्च और टेक्नोलॉजी पर भी जोर
हिंदुस्तान और फ्रांस के बीच विज्ञान, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है. फरवरी 2026 के संयुक्त बयान में दोनों देशों ने विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के बीच सहयोग तथा संयुक्त डिग्री कार्यक्रमों को भी अहम बताया.
फ्रेंच भाषा नहीं आती, तो क्या होगा?
कई हिंदुस्तानीय छात्र फ्रांस में पढ़ाई के बारे में सोचते ही भाषा को लेकर परेशान हो जाते हैं. हालांकि, फ्रांस में कुछ कोर्स अंग्रेजी में भी उपलब्ध हैं. कोर्स की पढ़ाई अंग्रेजी में होने पर भी रोजमर्रा की जिंदगी, इंटर्नशिप या नौकरी के दौरान फ्रेंच भाषा मददगार हो सकती है.
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