Wriddhiman Saha: हिंदुस्तानीय क्रिकेट में ऋद्धिमान साहा का नाम बेहतरीन विकेटकीपरों में लिया जाता है. विकेट के पीछे उनकी फुर्ती और शानदार तकनीक ने उन्हें खास पहचान दिलाई. हालांकि, साहा का सफर हमेशा से विकेटकीपर बनने के इरादे से शुरू नहीं हुआ था. बचपन में वह तेज गेंदबाज बनना चाहते थे. इतना ही नहीं, उन्होंने फॉर्मूला-1 ड्राइवर बनने का सपना भी देखा था. लेकिन किस्मत उन्हें क्रिकेट के मैदान पर ले आई, जहां उन्होंने अपनी मेहनत से अलग मुकाम हासिल किया. आज साहा अपना 42वां जन्मदिन मना रहें है.
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में 24 अक्टूबर 1984 को जन्मे साहा ने घरेलू क्रिकेट से अपनी पहचान बनाई. उन्होंने शुरुआती दिनों में टेनिस बॉल से तेज गेंदबाजी की. बाद में जब लेदर बॉल से क्रिकेट स्पोर्ट्सना शुरू किया, तो विकेटकीपिंग की ओर उनका रुझान बढ़ा. यही बदलाव आगे चलकर उनके करियर की सबसे बड़ी पहचान बना.
तेज गेंदबाज से विकेटकीपर बनने तक का सफर
ऋद्धिमान साहा ने हिंदुस्तान के लिए 40 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से. उन्होंने 56 पारियों में 3 शतक और 6 अर्धशतक की मदद से 1,353 रन बनाए. विकेट के पीछे भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 92 कैच लेने के साथ 12 स्टंपिंग कीं.
वनडे क्रिकेट में साहा को ज्यादा मौके नहीं मिले. उन्होंने हिंदुस्तान के लिए 9 वनडे मैच स्पोर्ट्से, जिनकी 5 पारियों में 41 रन बनाए. इस फॉर्मेट में उनके नाम 17 कैच और एक स्टंपिंग दर्ज है.
विराट कोहली भी कर चुके हैं साहा की तारीफ
साहा का अंतरराष्ट्रीय करियर मुख्य रूप से विराट कोहली की कप्तानी के दौर में आगे बढ़ा. कोहली ने कई मौकों पर उनकी विकेटकीपिंग की तारीफ की थी. साहा की फुर्ती, गेंद को पकड़ने की क्षमता और स्टंप के पीछे उनकी तकनीक ने उन्हें खास पहचान दिलाई.
भले ही साहा को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बहुत ज्यादा मैच स्पोर्ट्सने का मौका नहीं मिला, लेकिन विकेटकीपर के रूप में उनके कौशल की खूब सराहना हुई. उन्होंने कई अहम मौकों पर बल्ले से भी उपयोगी पारियां स्पोर्ट्सीं और टेस्ट क्रिकेट में टीम की जीत में योगदान दिया.
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घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में भी छोड़ी छाप
बंगाल के लिए साहा का घरेलू करियर शानदार रहा. 2007 से 2025 के बीच उन्होंने 142 प्रथम श्रेणी मैचों में 7,169 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 14 शतक और 44 अर्धशतक निकले. विकेटकीपर के तौर पर उन्होंने 346 कैच और 38 स्टंपिंग भी कीं. लिस्ट ए क्रिकेट में साहा ने 116 मैचों में 3,072 रन बनाए. इसमें 3 शतक और 20 अर्धशतक शामिल रहे.
आईपीएल में भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से पहचान बनाई. 2008 से 2024 के बीच वह कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स, पंजाब किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस जैसी टीमों का हिस्सा रहे. उन्होंने 170 मैचों में 2,934 रन बनाए, जिसमें एक शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं. आईपीएल में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 115 रन है.
संन्यास के बाद कोचिंग में बना रहे हैं करियर
ऋद्धिमान साहा ने फरवरी 2025 में क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की. हालांकि, क्रिकेट से उनका जुड़ाव खत्म नहीं हुआ. अब वह कोचिंग के क्षेत्र में अपनी नई पारी शुरू कर चुके हैं. साहा बंगाल की अंडर-23 पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
तेज गेंदबाज बनने की चाह से शुरू हुआ साहा का सफर उन्हें हिंदुस्तानीय क्रिकेट के बेहतरीन विकेटकीपरों में ले आया. फॉर्मूला-1 ड्राइवर बनने का उनका सपना जरूर पूरा नहीं हुआ, लेकिन क्रिकेट में उन्होंने अपनी मेहनत और हुनर से ऐसी पहचान बनाई, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा.
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