Food Label Checking: सुबह नाश्ते में रोटी बनानी हो या शाम को बेसन का चीला, आटा, बेसन और मसाले हर घर में रोज इस्तेमाल होते हैं. ऐसे में बाजार से इन्हें खरीदते समय हम अक्सर ब्रांड और कीमत देखकर ही पैकेट उठा लेते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पैकेट पर लिखी इनफार्मेशन भी आपके लिए उतनी ही जरूरी है? एक दिन मैंने किराने की दुकान पर अपने एक जानकार को बेसन खरीदते देखा. उसने दो पैकेट उठाए, उनकी कीमत देखी और फिर एक पैकेट वापस रख दिया. वजह पूछने पर उसने कहा कि दोनों के दाम अलग हैं, इसलिए वह पैकेट पर लिखी इनफार्मेशन भी देखना चाहता है.
उसकी बात सुनकर लगा कि हममें से कितने लोग खरीदारी के समय ऐसा करते हैं? पैकेट पर लिखी तारीख, वजन, बैच नंबर और FSSAI लाइसेंस नंबर देखने में कुछ सेकंड ही लगते हैं. इनसे प्रोडक्ट की पहचान और उससे जुड़ी जरूरी बातें समझने में मदद मिलती है. हालांकि, केवल लेबल देखकर यह 100 प्रतिशत नहीं कहा जा सकता कि किसी चीज में मिलावट नहीं है. तो फिर खरीदारी करते समय किन 7 बातों का ध्यान रखना चाहिए? आइए, समझते हैं बिल्कुल ही आसान भाषा में.
सबसे पहले पैकेट की हालत देखें
आटा, बेसन या मसाले खरीदते समय सबसे पहले पैकेट को अच्छी तरह देख लें. अगर पैकेट फटा है, उसमें छेद है, सील खुली है या वह मॉइस्चर से खराब दिख रहा है, तो उसे भूलकर भी न खरीदें. आखिर पैकेट का काम खाने की चीज को बाहरी गंदगी और मॉइस्चर से बचाना भी होता है. अगर पैकेट ठीक नहीं है, तो उसके अंदर रखी चीज की क्वालिटी पर असर पड़ सकता है. खासकर पिसे मसालों के पैकेट को ध्यान से देखें. अगर अंदर गांठें बनी दिख रही हैं या मसाले से अजीब गंध आ रही है, तो सावधानी बरतें. हालांकि, केवल गांठ या रंग देखकर यह पक्का नहीं कहा जा सकता कि मसाले में मिलावट है. मॉइस्चर या गलत तरीके से रखने के कारण भी उसका टेक्सचर बदल सकता है.
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी FSSAI की पिसे मसालों से जुड़ी गाइडेंस में भी खराब पैकेट न खरीदने और मसालों की गंध, रंग और टेक्सचर पर ध्यान देने की सलाह दी गई है. इसलिए खरीदारी करते समय पैकेट की सील और उसकी कंडीशन जरूर चेक कर लें.
पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर देखें
पैक्ड खाने की चीज खरीदते समय आपने पैकेट पर FSSAI का लोगो या लाइसेंस नंबर जरूर देखा होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे देखने का क्या फायदा है? FSSAI देश में खाने-पीने की चीजों की सुरक्षा से जुड़े नियमों पर काम करता है. पैक्ड आटा, बेसन और मसाले खरीदते समय पैकेट पर दी गई FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी देखनी चाहिए. अगर नंबर नहीं दिया गया है या लिखी जानकारी अधूरी लग रही है, तो सावधानी बरतें. जरूरत पड़ने पर FSSAI की ऑफिशियल वेबसाइट पर लाइसेंस की जानकारी भी चेक कर सकते हैं.
हालांकि, यहां एक बात समझना जरूरी है. पैकेट पर FSSAI नंबर होने का मतलब यह नहीं है कि उस प्रोडक्ट की हर बैच की जांच हो चुकी है या उसमें मिलावट हो ही नहीं सकती. यह प्रोडक्ट से जुड़ी जरूरी जानकारी में से एक है. इसलिए केवल इस नंबर को देखकर उसकी पूरी क्वालिटी का फैसला करना सही नहीं होगा.
मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें
कई बार हम बाजार से सामान खरीदते समय कीमत तो देखते हैं, लेकिन पैकेट पर लिखी तारीख पर ध्यान नहीं देते. आटा, बेसन और मसाले खरीदते समय यह गलती नहीं करनी चाहिए. पैकेट पर बनाने या पैक करने की तारीख, बेस्ट बिफोर और जहां लागू हो, यूज-बाय डेट जैसी जानकारी दी जा सकती है. इन्हें ध्यान से पढ़ें और देखें कि प्रोडक्ट कितने समय तक इस्तेमाल करने के लिए ठीक बताया गया है.
बेस्ट बिफोर का मतलब है कि सही तरीके से रखने पर प्रोडक्ट एक तय समय तक अपनी बताई गई क्वालिटी को बरकरार रख सकता है. इसके बाद उसकी क्वालिटी थोड़ी कम हो सकती है. इसलिए पैकेट पर लिखे निर्देशों को नजरअंदाज न करें. एक और बात का ध्यान रखें कि अगर तारीख मिटाई हुई लग रही है या किसी स्टिकर से जरूरी जानकारी छिपाई गई है, तो ऐसा पैकेट खरीदने से बचें. दुकान पर एक ही सामान के कई पैकेट रखे हों, तो उनमें से तारीख देखकर ही पैकेट चुनें.
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