लगातार तीन साल दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल हुए जीईसी के डॉ. दीपक कुमार मंडल
वर्ष 2024 से 2026 तक सूची में बनाई जगह, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में शोध योगदान को मिली पहचान
नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर। सरायरंजन प्रखंड के नरघोघी गांव स्थित प्रशासनी इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी), समस्तीपुर के प्रभारी प्राचार्य एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. दीपक कुमार मंडल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थान का मान बढ़ाया है। उन्हें वर्ष 2024 से 2026 तक लगातार तीन वर्षों के लिए दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है। उनकी इस उपलब्धि को शोध कार्यों, वैज्ञानिक योगदान और शैक्षणिक उत्कृष्टता की महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।
डॉ. मंडल का नाम इंजीनियरिंग क्षेत्र में शोध करने वाले वैज्ञानिकों की इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया है। उनके प्रमुख शोध क्षेत्र यांत्रिक अभियांत्रिकी हैं। उपलब्ध वैज्ञानिक प्रोफाइल के अनुसार, उनकी वैश्विक रैंक 1,68,598 और संबंधित उपक्षेत्र में रैंक 1,608 है। वहीं, उनका एच-इंडेक्स 14 तथा एचएम-इंडेक्स 6 दर्ज है। ये सूचकांक शोध प्रकाशनों और उनके उद्धरणों के आधार पर वैज्ञानिकों के शोध प्रभाव का आकलन करने में उपयोग किए जाते हैं।
- शोध और वैज्ञानिक योगदान को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची एल्सेवियर के आंकड़ों और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के वैज्ञानिक प्रभाव संबंधी विश्लेषण पर आधारित है। इसमें वैज्ञानिकों के शोध प्रकाशनों, उद्धरणों और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर उनके अकादमिक योगदान का मूल्यांकन किया जाता है।
डॉ. मंडल को लगातार तीन वर्षों तक इस सूची में स्थान मिलने से प्रशासनी इंजीनियरिंग कॉलेज, समस्तीपुर की शैक्षणिक उपलब्धियों को भी पहचान मिली है। यह उपलब्धि संस्थान में शोध, नवाचार और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विद्यार्थियों को मिलेगी प्रेरणा
डॉ. मंडल की इस सफलता से संस्थान के विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं को उच्चस्तरीय शोध कार्यों के लिए प्रेरणा मिलेगी। साथ ही, इंजीनियरिंग के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करने और संस्थान की अकादमिक पहचान मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।