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Author name: Vinod Jha

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30 हजार की ड्रेस में कोर्ट पहुंचीं सिया, सोशल मीडिया पर बवाल- आखिर हिरासत में महंगे कपड़े किसने दिए

Pune murder case : पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल को जब पेशी के लिए कोर्ट लाया गया,तो इस बार चर्चा किसी कानूनी कार्रवाई की नहीं, बल्कि उनकी महंगी ड्रेस की हो रही है. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर के मुताबिक, बताया जा रहा है कि पेशी के दौरान सिया करीब 30 हजार रुपये की ड्रेस पहनकर अदालत पहुंचीं. सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान इस बात ने खींचा कि उनके चेहरे पर तनाव या घबराहट की बजाय सामान्य और आत्मविश्वास भरे भाव दिखाई दिए .उसकी इस तस्वीर केसामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. यूजर्स ने उठाए तीखे सवाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि पुलिस कस्टडी में रहने के दौरान सिया गोयल को इतने महंगे कपड़े आखिर किसने उपलब्ध कराए. कुछ लोगों ने हिरासत की व्यवस्था और नियमों पर सवाल खड़े किए, जबकि कुछ ने इसे विशेष सुविधाएं मिलने का मामला बताया. हालांकि, इस संबंध में पुलिस या जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. पहले भी कई वजहों से चर्चा में रही हैं सिया सिया गोयल का नाम पहले से ही विवादों और जांच के कारण चर्चा में रहा है. उनके खिलाफ चल रही जांच और गिरफ्तारी को लेकर पहले भी कई समाचारें सामने आ चुकी हैं. अब पेशी के दौरान उनके महंगे पहनावे ने मामले को नया मोड़ दे दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों ने पुराने विवादों को फिर से चर्चा में ला दिया है और लोग पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. तस्वीरों ने बढ़ाई सस्पेंस, जवाब का इंतजार फिलहाल सवाल यह है कि क्या सिया गोयल को परिवार की ओर से कपड़े उपलब्ध कराए गए थे या कानूनी प्रक्रिया के तहत इसकी अनुमति दी गई थी. जब तक पुलिस या संबंधित अधिकारी इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं देते, तब तक सोशल मीडिया पर अटकलों और सवालों का दौर जारी रहने की संभावना है. मामले की जांच के साथ-साथ अब लोगों की नजर इस नए विवाद पर भी टिकी हुई है. यह भी पढ़ें-केतन हत्याकांड में नया मोड़ : पॉलीग्राफ टेस्ट से पीछे हटे सिया-चेतन, अब बीड के युवक से पूछताछ The post 30 हजार की ड्रेस में कोर्ट पहुंचीं सिया, सोशल मीडिया पर बवाल- आखिर हिरासत में महंगे कपड़े किसने दिए appeared first on Naya Vichar.

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संजय राउत ने कहा- राम मंदिर किसी की जागीर नहीं, मंदिर ट्रस्ट पर उठाए गंभीर सवाल

Ram Mandir Donation Scam : राम मंदिर दान चोरी से जुड़े मामले में शिवसेना नेता संजय काउत ने मंदिर ट्रस्ट पर कई सवाल उठाए हैं. उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय ने इस्तीफा तो दे दिया लेकिन घोटाले में और भी कई नाम शामिल हैं. मंदिरों में घोटाले का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि हर मंदिरों में बीजेपी का ही कब्जा है. बीजेपी की सत्ता वाले हर राज्य के मंदिरों में घोटाले हो रहे हैं. “इकलौते बीजेपी वाले नहीं हैं रामभक्त” चंपत राय से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में काम करने वाला हर व्यक्ति चंपत राय है. उन्होंने अपने तीखे बयान में कोषाध्यक्ष से लेकर ट्रस्ट के अध्यक्ष तक हर व्यक्ति को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि राम मंदिर बीजेपी की जागीर नहीं है. इकलौते राम भक्त बीजेपी और संघ वाले ही नहीं हैं. अन्य नेताओं का जिक्र उन्होंने आरोप लगाते हुए अपने बयान में अखिलेश यादव, ममता बनर्जी सहित कई नेताओं का भी जिक्र किया. एक-एक कर नाम लेते हुए उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या अखिलेश यादव रामभक्त नहीं हैं? मायावती रामभक्त नहीं हैं? ममता बनर्जी रामभक्त नहीं हैं? अब तक कितनी चोरी का खुलासा रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 2 करोड़ से अधिक की दान चोरी को रिकवर किया जा चुका है. साइबर सेल की मदद से जब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन का डिलीट किया गया 1 साल पुराना डेटा और बैकअप रिकवर किया गया, तो उसमें ₹2 करोड़ से अधिक की चोरी से जुड़ी चैट्स और पुख्ता सबूत सामने आए हैं. इंडियन एक्सप्रेस की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 7 से 7.5 करोड़ रुपये तक की हेराफेरी किए जाने का आरोप है. पूर्व विधायक पवन पांडे की शिकायत और शुरुआती जांच के अनुसार, मंदिर के चढ़ावे और चंदे से छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया था. वहीं एसआईटी ने जब 27 अप्रैल से 5 जून तक की सीसीटीवी फुटेज की जांच की, तो सामने आया कि महज 45 दिनों के भीतर काउंटिंग रूम से 70 बार नोटों की गड्डियां और खुले पैसे गायब किए गए. The post संजय राउत ने कहा- राम मंदिर किसी की जागीर नहीं, मंदिर ट्रस्ट पर उठाए गंभीर सवाल appeared first on Naya Vichar.

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक और खुलासा, फर्जी रसीद छपवाकर श्रद्धालुओं से वसूली करते थे आरोपी

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में नया खुलासा हुआ है. आरोपियों की निशानदेही पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम से छपवाई गई फर्जी चंदा रसीद बुक बरामद हुई है. पूछताछ में आरोपियों ने श्रद्धालुओं को फर्जी रसीद देकर दान राशि वसूलने की बात कबूल की है. अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए राज सामने आ रहे हैं. अब इस मामले में आरोपियों की एक और बड़ी करतूत का खुलासा हुआ है. जांच एजेंसियों को आरोपियों के पास से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम पर तैयार की गई पुरानी फर्जी चंदा रसीद बुक मिली है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी केवल दान राशि में हेराफेरी नहीं करते थे, बल्कि फर्जी रसीदों के जरिए श्रद्धालुओं से रकम भी वसूलते थे. असली जैसी दिखती थी फर्जी रसीद, श्रद्धालु हो जाते थे शिकार सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की असली रसीद की तरह दिखने वाली फर्जी पर्चियां छपवाई थीं. इन रसीदों पर ट्रस्ट का लोगो और अन्य जरूरी जानकारियां भी दर्ज थीं, जिससे आम श्रद्धालुओं को धोखे का पता नहीं चलता था. आरोपी दान देने वाले लोगों को यही फर्जी रसीद थमाकर उनसे पैसे लेते थे. जांच में बरामद हुई रसीद बुक को पुलिस ने महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर कब्जे में लिया है. टिन्नू यादव समेत आरोपियों से पूछताछ में खुलासा मामले में गिरफ्तार टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा, करुणेश और अनुकल्प मिश्रा समेत अन्य आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. जांच में सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से दान व्यवस्था में सेंध लगाने की कोशिश कर रहा था. आरोपियों की निशानदेही पर बरामद दस्तावेजों और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके. ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के बाद बंद हुआ स्पोर्ट्स जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मंदिर में ऑनलाइन दान व्यवस्था लागू होने और कागजी रसीदों का इस्तेमाल कम होने के बाद आरोपियों ने फर्जी रसीदों का उपयोग बंद कर दिया था. नई व्यवस्था के बाद श्रद्धालु सीधे मंदिर ट्रस्ट के बैंक खाते में दान करने लगे या मंदिर परिसर में बने आधिकारिक काउंटर से रसीद प्राप्त करने लगे. जांच एजेंसियां जुटा रहीं पूरे नेटवर्क की जानकारी राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी रसीदों का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था और इससे कितनी रकम जुटाई गई. जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्कों, आर्थिक लेन-देन और बरामद दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है. यह भी पढ़ें: सीएम योगी ने किया मेगा शुभारंभ, अब 12 लाख शिक्षकों को मिलेगा 5 लाख तक कैशलेस इलाज का लाभ The post अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक और खुलासा, फर्जी रसीद छपवाकर श्रद्धालुओं से वसूली करते थे आरोपी appeared first on Naya Vichar.

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117Km रेंज, Boost Mode और स्पोर्टी डिजाइन के साथ आया Yamaha का सबसे महंगा इलेक्ट्रिक स्कूटर

अगर आप ऐसा इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं, जो सिर्फ लंबी रेंज ही नहीं बल्कि स्पोर्टी लुक और दमदार परफॉर्मेंस भी दे, तो Yamaha का नया Aerox-E आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है. कंपनी ने अपनी नयी इलेक्ट्रिक स्कूटर Yamaha Aerox-E को हिंदुस्तान में 2.82 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर लॉन्च कर दिया है. यह फिलहाल हिंदुस्तान में Yamaha का सबसे महंगा स्कूटर है. आइए जानते हैं इसमें क्या-क्या खास मिलता है. डिजाइन Aerox 155 जैसा डिजाइन की बात करें, तो Aerox-E काफी हद तक पेट्रोल वाले Aerox 155 जैसा ही दिखता है. इसमें ट्विन LED हेडलाइट, LED टेललाइट और स्पोर्टी बॉडी डिजाइन दिया गया है, जिससे इसकी पहचान बरकरार रहती है. बैटरी, मोटर और रेंज Yamaha Aerox-E में 1.5kWh के दो डिटैचेबल बैटरी पैक दिए गए हैं. इसमें लगा इलेक्ट्रिक मोटर 9.5kW (करीब 12.9hp) की मैक्सिमम पावर और 48Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. कंपनी के अनुसार, इसमें हाई-एनर्जी बैटरी सेल्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे स्कूटर को बेहतर परफॉर्मेंस और स्मूद राइडिंग का एक्सपीरियंस मिलता है. रेंज की बात करें, तो कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर एक बार चार्ज करने पर 117km (IDC) तक की रेंज देता है, जो रोजमर्रा के शहर के सफर के लिए काफी मानी जाती है. इसका वजन 139 किलोग्राम है. हालांकि, ज्यादा वजन के बावजूद Yamaha ने इसे शहर में आरामदायक और आसान राइडिंग को ध्यान में रखकर तैयार किया है. Aerox-E में दिए गए हैं कई राइडिंग मोड्स Yamaha Aerox-E में अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से Eco, Standard और Power जैसे तीन राइडिंग मोड्स दिए गए हैं. राइडर ट्रैफिक और बैटरी की जरूरत के अनुसार इनमें से किसी भी मोड का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा स्कूटर में Boost Mode भी मिलता है, जो कुछ समय के लिए ज्यादा पावर देता है. इससे ओवरटेक करना और शहर के ट्रैफिक में तेजी से निकलना आसान हो जाता है. इसके अलावा, बेहतर सुरक्षा के लिए स्कूटर में फ्रंट डिस्क ब्रेक के साथ ABS और रियर डिस्क ब्रेक दिया गया है. यह सेटअप इसे स्पोर्टी राइडिंग के साथ बेहतर ब्रेकिंग भी देता है. Yamaha ने Aerox-E को इस तरह तैयार किया है, कि पेट्रोल वाले Aerox 155 चलाने वाले राइडर्स को भी इसकी राइडिंग काफी एक जैसे लगे, जबकि इलेक्ट्रिक स्कूटर होने की वजह से इसका रनिंग कॉस्ट भी कम रहेगा. मिलेंगे ये फीचर्स फीचर्स की बात करें तो Aerox-E में TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया गया है, जो स्मार्टफोन ऐप कनेक्टिविटी को सपोर्ट करता है. यह रेगुलर Aerox 155 में मिलने वाले LCD डिस्प्ले के मुकाबले ज्यादा एडवांस्ड और प्रीमियम एक्सपीरियंस देता है. इसलिए अगर आप मॉडर्न टेक्नोलॉजी और स्मार्ट फीचर्स वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर चाहते हैं, तो Aerox-E एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है. किन शहरों में मिलेगी? फिलहाल Yamaha Aerox-E की बिक्री दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई, पुणे और चेन्नई में शुरू की गई है. अगर आप प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं, जिसमें स्पोर्टी डिजाइन, दमदार परफॉर्मेंस और अच्छी रेंज मिले, तो Yamaha Aerox-E आपके लिए एक नया ऑप्शन बन सकता है. ये भी पढ़ें: 1.25 लाख की ई-बाइक की डिलीवरी शुरू, मिलेगी 180KM की रेंज और 110kmph की रफ्तार The post 117Km रेंज, Boost Mode और स्पोर्टी डिजाइन के साथ आया Yamaha का सबसे महंगा इलेक्ट्रिक स्कूटर appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के रमकंडा स्कूल में उतरवा दिया गया बच्चों का कलावा और लॉकेट, जांच करने पहुंची शिक्षा विभाग की टीम

रमकंडा से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय रमकंडा में छात्र-छात्राओं के हाथ में बंधे धार्मिक कलावा (रक्षा सूत्र) और गले में पहने लॉकेट उतरवाने के आरोप ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों, ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली. मामला जिला प्रशासन तक पहुंचने के बाद उपायुक्त के निर्देश पर शिक्षा विभाग की जांच टीम विद्यालय पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी. फिलहाल प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए कहा है कि रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. अरबी पढ़ाने वाले शिक्षक पर लगा आरोप ग्रामीणों और अभिभावकों के अनुसार, बुधवार को विद्यालय में पढ़ाई के दौरान अरबी विषय के एक शिक्षक ने कुछ छात्र-छात्राओं के हाथ में बंधे कलावा और गले में पहने धार्मिक लॉकेट उतरवा दिए. आरोप है कि जब कुछ विद्यार्थियों ने इसका विरोध किया तो उन्हें डांट-फटकार भी लगाई गई. इस घटना के बाद बच्चों ने घर पहुंचकर पूरी जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद मामला तेजी से फैल गया. हालांकि, इस मामले में संबंधित शिक्षक का पक्ष अभी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. विद्यालय पहुंचकर अभिभावकों ने किया हंगामा घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए. उन्होंने स्कूल परिसर में विरोध जताते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की. ग्रामीणों का कहना था कि किसी भी छात्र की धार्मिक आस्था से जुड़ी वस्तुओं को हटाने के लिए दबाव बनाना उचित नहीं है. उनका कहना था कि विद्यालय शिक्षा का केंद्र है और वहां सभी धर्मों एवं समुदायों का समान सम्मान होना चाहिए. कुछ समय तक विद्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा, हालांकि स्थानीय लोगों और विद्यालय प्रबंधन के प्रयास से स्थिति को शांत कराया गया. उपायुक्त के निर्देश पर जांच टीम पहुंची मामले की गंभीरता को देखते हुए गढ़वा के उपायुक्त के निर्देश पर शिक्षा विभाग की एक जांच टीम उत्क्रमित उच्च विद्यालय रमकंडा पहुंची. टीम ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक, संबंधित शिक्षक, छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों से अलग-अलग बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई. अधिकारियों ने यह भी जानने का प्रयास किया कि घटना किन परिस्थितियों में हुई, क्या वास्तव में बच्चों से कलावा और लॉकेट उतरवाए गए तथा यदि ऐसा हुआ तो इसके पीछे क्या कारण था. जांच टीम ने विद्यालय से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और अन्य तथ्य भी एकत्र किए. निष्पक्ष जांच के बाद होगी कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच की जा रही है. किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और बिना जांच पूरी हुए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा. विद्यालय में शांति बनाए रखने की अपील घटना के बाद विद्यालय में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था. इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है. स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भी अभिभावकों से शांति बनाए रखने तथा जांच प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया है. विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि विद्यालय का वातावरण सौहार्दपूर्ण बना रहे. इसे भी पढ़ें: भूमि विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की पीट-पीटकर मार डाला, गांव में मचा हड़कंप जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर फिलहाल इस पूरे मामले में सभी की नजर शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है. अभिभावक आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद ही उचित निर्णय लिया जाएगा. यह मामला केवल एक विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि स्कूलों में धार्मिक स्वतंत्रता, विद्यार्थियों के अधिकार और अनुशासन के बीच संतुलन जैसे संवेदनशील प्रश्न भी सामने लाता है. अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है. इसे भी पढ़ें: ‘मंत्री महोदया, सिमडेगा के गांवों को टापू बनने से बचाएं’, दीपिका पांडेय सिंह से मिले विधायक भूषण बाड़ा The post झारखंड के रमकंडा स्कूल में उतरवा दिया गया बच्चों का कलावा और लॉकेट, जांच करने पहुंची शिक्षा विभाग की टीम appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप का ऐलान-ईरान के साथ सीजफायर डील खत्म, वे घटिया लोग हैं; उनसे बातचीत करना समय की बर्बादी थी

Trump on Ceasefire : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह घोषणा कर दी है कि ईरान के साथ सीजफायर डील खत्म हो गई है. ट्रंप ने तुर्की के अंकारा में NATO समिट 2026 में यह बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत करना समय की बर्बादी थी. अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद ट्रंप ने दिया यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान मंगलवार देर रात अमेरिका के ईरान पर नए हमले करने के बाद आया है. इस हमले के बाद से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ गया है. अमेरिकी हमले के जवाब में, ईरान ने बहरीन, कुवैत और दूसरे खाड़ी देशों में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर नए हमले किए. ट्रंप ने सीजफायर खत्म होने की बात NATO चीफ मार्क रूट के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही. उनसे एक पत्रकार ने पूछा था कि क्या सीजफायर खत्म हो गया है, जिसके जवाब में ट्रंप ने लाइव ब्रॉडकास्ट में कहा कि मेरे लिए, मुझे लगता है कि यह खत्म हो गया है. मैं ईरानियों से डील नहीं करना चाहता. वे घटिया लोग हैं, वे बीमार लोग हैं. उन्हें बीमार लोग लीड कर रहे हैं और वे खतरनाक, हिंसक लोग हैं. अमेरिका ने ईरान पर जोरदार हमला क्यों किया? ट्रंप ने कहा कि हमने कल रात ईरान पर खतरनाक और जोरदार हमला किया है. हमने उन्हें समय दिया कि जाओ और अपना अंतिम संस्कार करो,लेकिन इसके बजाय, उन्होंने कल जहाजों पर रॉकेट दागना शुरू कर दिया. इसी वजह से हमने कल रात उन्हें बहुत जोरदार तरीके से मारा है.ट्रंप ने खामेनेई के अंतिम संस्कार को इस मुद्दे से जोड़ा, उनका छह दिवसीय अंतिम संस्कार का कार्यक्रम अभी जारी है. 9 जुलाई को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. अमेरिका के अनुसार ईरान पर उनका हमला बदले की कार्रवाई थी, क्योंकि ईरान ने कथित तौर पर स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों – मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले M/T अल रेकयात, सऊदी अरब के झंडे वाले M/T वेडियन, और लाइबेरिया के झंडे वाले M/T साइप्रस प्रॉस्पेरिटी – को निशाना बनाया था. ये भी पढ़ें : होर्मुज स्ट्रेट में हमले के बाद अमेरिका का एक्शन, ईरान को दी गई तेल प्रतिबंधों में छूट वापस ली डोनाल्ड ट्रंप के तंज के बीच ईरान का हमला, होर्मुज में दो जहाजों पर दागीं मिसाइलें The post ट्रंप का ऐलान-ईरान के साथ सीजफायर डील खत्म, वे घटिया लोग हैं; उनसे बातचीत करना समय की बर्बादी थी appeared first on Naya Vichar.

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बारिश में बच्चों के लेदर स्कूल शूज बार-बार हो जाते हैं खराब? ऐसे करें बचाव

School Shoe Care In Monsoon: बरसात का मौसम शुरू होते ही बच्चों के स्कूल शूज की देखभाल करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. रोज स्कूल आने-जाने के दौरान जूते पानी, कीचड़ और नमी के संपर्क में आते हैं. इसकी वजह से उनकी चमक कम होने लगती है और अगर सही तरीके से देखभाल न की जाए, तो लेदर भी जल्दी खराब हो सकता है. हालांकि, घर में मौजूद कुछ आसान चीजों की मदद से आप बच्चों के लेदर स्कूल शूज को लंबे समय तक साफ, चमकदार और सुरक्षित रख सकते हैं. मोम की मदद से बनाएं सुरक्षा की परत लेदर के जूतों को पानी से बचाने के लिए साधारण सफेद मोमबत्ती या बीसवैक्स का इस्तेमाल किया जा सकता है. सबसे पहले जूतों को सूखे और साफ कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें. इसके बाद मोम को पूरे जूते पर हल्के हाथ से रगड़ें. अब हेयर ड्रायर की हल्की गर्म हवा दें, ताकि मोम पिघलकर लेदर पर अच्छी तरह फैल जाए. इससे जूतों पर एक हल्की सुरक्षा परत बन जाती है, जो नमी और पानी का असर कम करने में मदद करती है.प वैसलीन से बनी रहेगी चमक अगर घर में वैसलीन है, तो उसका इस्तेमाल भी लेदर शूज की देखभाल के लिए किया जा सकता है. जूते साफ करने के बाद थोड़ी-सी वैसलीन मुलायम कपड़े या उंगलियों की मदद से पूरे जूते पर लगाएं. फिर हल्के हाथों से फैला दें. कुछ घंटों या रातभर छोड़ने के बाद सूखे कपड़े से पोंछ लें. इससे जूते साफ दिखते हैं और उनकी चमक भी बनी रहती है. गीले जूतों में भरें अखबार स्कूल से आने के बाद अगर जूते अंदर से गीले हो गए हों, तो उन्हें सीधे धूप या हीटर के सामने न रखें. इससे लेदर पर असर पड़ सकता है. इसकी जगह पुराने अखबार की गेंद बनाकर जूते के अंदर भर दें. अखबार अतिरिक्त नमी को सोख लेता है और जूतों का आकार भी सही बना रहता है. जरूरत हो तो कुछ घंटों बाद अखबार बदल दें. मॉनसून में ऐसे करें पॉलिश बरसात के मौसम में वैक्स वाली शू पॉलिश का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है. जूते पूरी तरह सूख जाने के बाद ही पॉलिश करें. इससे लेदर की चमक लंबे समय तक बनी रहती है और जूते साफ-सुथरे नजर आते हैं. सिरके से हटाएं कीचड़ के निशान अगर जूतों पर कीचड़ या नमी के हल्के दाग दिखाई दें, तो बराबर मात्रा में सफेद सिरका और पानी मिलाकर घोल तैयार करें. अब मुलायम कपड़े को इसमें हल्का-सा भिगोकर जूतों को साफ करें. इसके बाद सूखे कपड़े से पोंछ दें. इससे जूते पहले से ज्यादा साफ नजर आएंगे. बदबू से बचने के लिए अपनाएं यह आसान तरीका बच्चों को स्कूल से लौटने के बाद जूते कुछ देर खुली और हवादार जगह पर रखने की आदत डालें. सप्ताह में एक बार जूतों के अंदर थोड़ा-सा बेकिंग सोडा छिड़क दें और कुछ घंटों बाद निकाल दें. इससे नमी की वजह से आने वाली बदबू कम करने में मदद मिलती है. इन आसान आदतों से लंबे समय तक नए जैसे रहेंगे जूते मॉनसून में थोड़ी-सी सावधानी बच्चों के लेदर स्कूल शूज को लंबे समय तक अच्छी स्थिति में रखने में मदद कर सकती है. नियमित सफाई, सही तरीके से सुखाना और समय-समय पर देखभाल करने से जूतों की चमक बनी रहती है. इससे वे पूरे बारिश के मौसम में साफ, सुंदर और इस्तेमाल के लिए तैयार नजर आते हैं. यह भी पढ़ें: घर में झाड़ू और पोछा कहां रखें? जानिए ऐसे 8 आइडिया जो बचाएंगे जगह और बढ़ाएंगे खूबसूरती The post बारिश में बच्चों के लेदर स्कूल शूज बार-बार हो जाते हैं खराब? ऐसे करें बचाव appeared first on Naya Vichar.

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Ram Mandir Net Worth : राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच SIT का बड़ा खुलासा, कितना मिला दान और कहां खर्च हुए पैसे?

Ram Mandir Net Worth : अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर चल रही जांच के बीच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट में ट्रस्ट की वित्तीय स्थिति से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. आज तक के एक रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2026 तक श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नकद दान, सोना और चांदी के रूप में बड़ी मात्रा में योगदान मिला है. साथ ही यह भी बताया गया है कि मंदिर निर्माण और अन्य परियोजनाओं पर अब तक कितना खर्च किया गया. यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब सोशल मीडिया पर चढ़ावे और दान की गई कीमती धातुओं को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे थे. शुरुआती जांच में इन दावों की भी समीक्षा की गई है. 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट को कितना दान मिला? SIT की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक. कुल नकद चढ़ावा : 582 करोड़ रुपये सोना : 32.259 किलोग्राम चांदी : 1518.925 किलोग्राम (करीब 15 क्विंटल) इसके अलावा वर्ष 2020 से 31 मार्च 2026 तक निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस डोनेशन के माध्यम से ट्रस्ट को कुल 3,264 करोड़ रुपये का योगदान प्राप्त हुआ. मंदिर निर्माण पर अब तक कितना खर्च हुआ? रिपोर्ट के अनुसार. मद राशि कुल प्राप्त दान (2020 से 31 मार्च 2026) ₹3,264 करोड़ मंदिर निर्माण एवं पूंजीगत कार्य ₹2,370 करोड़ संचालन एवं अन्य राजस्व खर्च ₹391 करोड़ 31 मार्च 2026 तक उपलब्ध कुल निधि ₹1,876.30 करोड़ इससे पता चलता है कि दान की बड़ी राशि मंदिर निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर और संबंधित परियोजनाओं पर खर्च की गई है. ट्रस्ट के पास बची राशि कहां रखी गई है? 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के पास उपलब्ध 1,876.30 करोड़ रुपये विभिन्न वित्तीय संस्थानों और निवेश माध्यमों में सुरक्षित रखे गए हैं. इनमें शामिल हैं. हिंदुस्तानीय स्टेट बैंक (SBI) की फिक्स्ड डिपॉजिट. बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB). पंजाब नेशनल बैंक (PNB). म्यूचुअल फंड. बैंक खातों में जमा राशि. इसका उद्देश्य ट्रस्ट की निधि को सुरक्षित रखना और भविष्य की परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध रखना है. सोना और चांदी का क्या हुआ? रिपोर्ट के अनुसार ट्रस्ट के रिकॉर्ड में. 32.259 किलोग्राम सोना दर्ज है. 849.272 किलोग्राम शुद्ध चांदी दर्ज है. 669.653 किलोग्राम चांदी की अन्य वस्तुएं भी रिकॉर्ड में शामिल हैं. कुल मिलाकर ट्रस्ट के पास 1518.925 किलोग्राम चांदी का रिकॉर्ड मौजूद है. चांदी की सिल्ली गायब होने के आरोपों का क्या हुआ? हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर दान में मिली चांदी की सिल्ली गायब होने के आरोप लगाए गए थे. SIT की शुरुआती जांच में. इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन से जुड़ी सामग्री की जांच की गई. विश्व सिंधी सेवा समाज द्वारा दिए गए दान का भी सत्यापन किया गया. उपलब्ध रिकॉर्ड और प्रशासनी दस्तावेजों का मिलान किया गया. रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती जांच में चांदी गायब होने के आरोप सही नहीं पाए गए. संबंधित वस्तुएं प्रशासनी टकसाल और ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज मिलीं. चांदी को सिल्वर बार में क्यों बदला गया? दान में मिली चांदी अलग-अलग रूपों में थी, जैसे. बर्तन. सजावटी वस्तुएं. अन्य चांदी के सामान. रिपोर्ट के अनुसार इन्हें Security Printing and Minting Corporation of India (SPMCIL) भेजा गया, जहां शुद्धिकरण के बाद इन्हें सिल्वर बार में परिवर्तित किया गया ताकि सुरक्षित भंडारण और रिकॉर्ड प्रबंधन आसान हो सके. ट्रस्ट ने नई जमीन भी खरीदी रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि. 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच. कुल 2.57 एकड़ जमीन खरीदी गई. इस पर लगभग 20.16 करोड़ रुपये खर्च किए गए. इन जमीनों का उपयोग भविष्य की विकास परियोजनाओं और मंदिर परिसर से जुड़े कार्यों के लिए किया जा सकता है. ये भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के 3 आरोपियों को जेल से बाहर ले गई पुलिस, इधर चंपत राय से मिलने पहुंचे गोविंद देव गिरि The post Ram Mandir Net Worth : राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच SIT का बड़ा खुलासा, कितना मिला दान और कहां खर्च हुए पैसे? appeared first on Naya Vichar.

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80 साल की बुजुर्ग महिला रोते हुए आई तो गैलरी में दौड़कर पहुंचे IAS…जानिए कौन हैं ये अफसर

Rajasthan IAS Pradeep Gawande: इन दिनों IAS डॉ. प्रदीप गवांडे अपनी संवेदनशीलता को लेकर चर्चा में हैं. चर्चा का कारण है कि राजस्थान स्थित जालौर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में जब एक बुजुर्ग स्त्री अपनी समस्या लेकर पहुंची तो उन्होंने फौरन मदद की. इस दौरान प्रोटोकॉल को साइड रखकर वे अपने चैंबर से बाहर निकलकर गैलरी में इस बुजुर्ग स्त्री की समस्या सुनने आए. वे IAS टीना डाबी के पति हैं. क्या है पूरा मामला? 80 साल की एक बुजुर्ग स्त्री कोकु देवी जो चलने में असमर्थ थी, वो कलेक्ट्रेट दफ्तर पहुंचीं. उन्हें पेंशन मिलती थी. लेकिन बढ़ती उम्र के साथ हाथों की लकीरें मिट जाने के कारण बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के दौरान उनके फिंगरप्रिंट क्लियर नहीं आए. फिंगरप्रिंट मिटने के कारण उनकी पेंशन बंद हो गई थी. उनकी विधवा बेटी ने बताया कि वे कई बार प्रशासनी दफ्तर के चक्कर भी लगा चुकी थीं. आखिरकार वे कलेक्ट्रेट पहुंचीं. जैसे ही प्रदीप गवांडे को इसकी सूचना मिली, वे खुद गैलरी में आए. IAS प्रदीप ने दिया अधिकारियों को निर्देश IAS ने इस स्त्री की समस्या सुनकर तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोकु देवी की बंद पेंशन को जल्दी शुरू किया जाए. इसके लिए जरूरी प्रोसेस जल्द-से-जल्द पूरी कर ली जाए. साथ ही उन्हें आवास योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए. कौन हैं IAS डॉ. प्रदीप गवांडे? IAS डॉ. प्रदीप गवांडे महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले हैं. वे एक साधारण परिवार से आते हैं. सिविल सेवा में आने से पहले प्रदीप गवांडे डॉक्टर थे. उन्होंने औरंगाबाद के सरकरी मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई की है. मेडिकल प्रोफेशन के साथ ही उन्होंने सिविल सेवा की भी तैयारी की और 2013 में UPSC CSE में AIR 478वीं रैंक के साथ सफलता हासिल कर ली. 2022 में हुई थी टीना डाबी से शादी टीना डाबी ने 2016 में UPSC CSE में AIR रैंक 1 हासिल किया था. उन्होंने अपने पहले प्रयास में सफलता हासिल की थी. IAS टीना डाबी वर्तमान में राजस्थान के टोंक ज‍िले की कलेक्टर हैं. इससे पहले उन्होंने बाड़मेर, जैसलमेर समेत कई जिलों में अपनी सेवा दी है. वे दिल्ली यूनवर्सिटी (Delhi University) की प्रोडक्ट हैं. टीना डाबी और प्रदीप गवांडे की शादी 2022 में जयपुर में हुई थी. यह भी पढ़ें- आपको हमें इंजीनियर नहीं बनाना….मम्मी ने 11वीं में स्ट्रीम बदलवाया, UPSC टॉपर का खुलासा The post 80 साल की बुजुर्ग स्त्री रोते हुए आई तो गैलरी में दौड़कर पहुंचे IAS…जानिए कौन हैं ये अफसर appeared first on Naya Vichar.

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बांकीपुर बचाने खुद उतरेंगे नितिन नवीन, पटना आकर बनाएंगे बीजेपी की जीत का प्लान

Bankipur Bypoll: पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर मुकाबला लगातार दिलचस्प होता जा रहा है. बीजेपी ने इस सीट से अभिषेक कुमार ‘बंटी’ को उम्मीदवार बनाया है. अब पार्टी की जीत की रणनीति तैयार करने के लिए खुद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पटना पहुंचेंगे. बांकीपुर में बीजेपी की प्रतिष्ठा दांव पर बांकीपुर सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ रही है. खुद नितिन नवीन यहां से कई बार विधायक रह चुके हैं. राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिसके बाद अब यहां उपचुनाव होने जा रहा है. ऐसे में बीजेपी इस सीट को किसी भी कीमत पर बचाना चाहती है. पार्टी अध्यक्ष का पटना दौरा इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. 9 जुलाई को पटना पहुंचेंगे नितिन नवीन बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन 9 जुलाई को दो दिवसीय बिहार दौरे पर पटना आएंगे. 10 जुलाई को वे वापस लौटेंगे. बांकीपुर उपचुनाव की घोषणा के बाद यह उनका पहला बिहार दौरा होगा. पटना पहुंचने के बाद वे सबसे पहले महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे. इसके बाद बांकीपुर से बीजेपी प्रत्याशी अभिषेक बंटी के समर्थन में होने वाली सभा में शामिल हो सकते हैं. अभिषेक बंटी के नामांकन में भी हो सकते हैं शामिल सूत्रों के मुताबिक नितिन नवीन अभिषेक बंटी के नामांकन कार्यक्रम में भी मौजूद रह सकते हैं. इसके बाद वे बिहार बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ बैठक करेंगे. इस बैठक में बांकीपुर उपचुनाव की रणनीति और राज्य की मौजूदा नेतृत्वक स्थिति पर चर्चा होगी. एनडीए नेताओं के साथ भी करेंगे मंथन 10 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रशासनी आवास पर एनडीए जिलाध्यक्षों की बैठक होनी है. नितिन नवीन इस बैठक में भी शामिल हो सकते हैं. इस दौरान चुनावी तैयारियों और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा होगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें प्रशांत किशोर और आरजेडी से मुकाबला बांकीपुर सीट पर इस बार मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. बीजेपी ने अभिषेक बंटी को मैदान में उतारा है. वहीं प्रशांत किशोर जनसुराज के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा गुप्ता को प्रत्याशी बनाया है. ऐसे में बीजेपी के लिए यह सीट बचाना आसान नहीं माना जा रहा है. यही वजह है कि नितिन नवीन खुद मैदान में उतरकर जीत की रणनीति तैयार करेंगे. नितिन नवीन ने अभिषेक बंटी को दी शुभकामनाएं उम्मीदवार घोषित होने के बाद नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर अभिषेक कुमार ‘बंटी’ को बधाई दी. उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता ने उन्हें सेवा का मौका दिया था और अब अभिषेक बंटी को भी जनता का आशीर्वाद मिलेगा. 30 जुलाई को होने वाले इस उपचुनाव में अब सबकी नजर बांकीपुर सीट के सियासी मुकाबले पर टिकी है. Also Read: ‘बांकीपुर का लाल’ बताकर नितिन नवीन ने बढ़ाया अभिषेक कुमार का हौसला, CM सम्राट ने X पर लिखी ये बात The post बांकीपुर बचाने खुद उतरेंगे नितिन नवीन, पटना आकर बनाएंगे बीजेपी की जीत का प्लान appeared first on Naya Vichar.

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