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Author name: Vinod Jha

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CJP Protest: कल फिर जंतर-मंतर कूच करेगी कॉकरोच जनता पार्टी, नये कप्तान शिंदे का ऐलान

CJP Protest: अजिंक्य शिंदे ने अपने वीडियो में केंद्र प्रशासन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन प्रदर्शनकारियों की एकजुटता से डर गई है. उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए ट्रेनों और बसों की आवाजाही बाधित की गई और दिल्ली पहुंचने वाले लोगों को हिरासत में लिया गया. हालांकि, ये आरोप कॉजपा के प्रभारी ने लगाए हैं. अभिजीत दीपके ने पहले ही रिकॉर्ड कर लिया था वीडियो CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि गिरफ्तारी की आशंका के कारण उन्होंने शुक्रवार रात ही एक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था. उन्होंने कहा कि यदि समर्थक यह वीडियो देख रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उन्हें, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया गया है. दीपके ने समर्थकों से अपील की कि ऐसी स्थिति में वे अजिंक्य शिंदे के नेतृत्व में प्रदर्शन में शामिल हों. संगठन के अनुसार, दिल्ली पहुंचने के कुछ ही देर बाद तीनों नेताओं को विमान के भीतर से हिरासत में लिया गया. वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे. ये भी पढ़ें: अभिजीत दीपके की हिरासत पर छलका मां का दर्द- ‘बेटे को कुछ हुआ तो प्रशासन होगी जिम्मेदार’, पिता ने भी उठाए सवाल ‘जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, लड़ाई जारी रहेगी’ अजिंक्य शिंदे ने वीडियो में कहा कि कॉजपा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विरोध कर रही है. उन्होंने मांग की कि जिन लोगों का वोट देने का अधिकार छिना है, उन्हें उनका अधिकार वापस मिले और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें. शिंदे ने केंद्र प्रशासन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए. उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली पहुंचें और जंतर-मंतर की ओर कूच करें. ये भी पढ़ें: कौन हैं अजिंक्य शिंदे? जो दीपके के बाद संभाल रहे हैं CJP प्रोटेस्ट की कमान उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुलिस उन्हें जंतर-मंतर पहुंचने से रोकती है, तो वे जहां रोके जाएं, वहीं प्रदर्शन करें. शिंदे ने चेतावनी दी कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. तीन नेताओं की हिरासत के बाद भी प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान CJP के नेताओं की हिरासत के बीच संगठन ने प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है. अजिंक्य शिंदे ने समर्थकों से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. अब रविवार को जंतर-मंतर की ओर कूच करने के संगठन के ऐलान के बीच दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर आगे की स्थिति पर नजर रहेगी. ये भी पढ़ें: CJP Protest: प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सोनम वांगचुक नाराज, कहा- रिहाई नहीं हुई तो करेंगे अनशन; दिया 24 घंटे का वक्त The post CJP Protest: कल फिर जंतर-मंतर कूच करेगी कॉकरोच जनता पार्टी, नये कप्तान शिंदे का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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CJP प्रदर्शन में एक्टर इमरान खान हिरासत में, बोले-‘लोगों की आवाज क्यों दबाई जा रही है?’

मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को करीब 400 लोगों के साथ पुलिस ने हिरासत में ले लिया. अगस्त क्रांति मैदान में हुए इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे इमरान ने कहा कि वह किसी संगठन का हिस्सा नहीं हैं और न ही उनकी कोई मांग है. वह एक नागरिक के तौर पर वहां पहुंचे हैं. हिरासत में लिए जाने से पहले अभिनेता ने लोगों की आवाज दबाने और उनकी आने-जाने की आजादी पर रोक लगाने को लेकर भी सवाल उठाए. प्रोटेस्ट में पहुंचे इमरान खान आपको बता दें कि मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई की. इस दौरान बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान समेत करीब 400 लोगों को हिरासत में लिया गया. बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के लिए पहले से अनुमति नहीं ली गई थी. इसी वजह से पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. #WATCH | Mumbai: Before he was detained by Police, Actor Imran Khan says, “I don’t have demands. I am here as a citizen, as someone who lives in this city. I am here to see why freedom of movement is being restricted—why people’s voices are being suppressed. That is why I am here. I am not in a position to make demands of anyone. Nor am I part of any organization. I am just here as a representative…” — ANI (@ANI) October 10, 2026 “> पुलिस हिरासत में लिए जाने से पहले इमरान खान ने क्या कहा? मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई से पहले अभिनेता इमरान खान ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वह यहां किसी मांग को लेकर नहीं, बल्कि शहर के एक नागरिक के तौर पर पहुंचे हैं. ‘मैं यहां एक नागरिक के तौर पर आया हूं’ इमरान खान ने कहा, “मेरी कोई मांग नहीं है. मैं यहां एक नागरिक के तौर पर आया हूं, क्योंकि मैं इसी शहर में रहता हूं. मैं यह देखने आया हूं कि लोगों के आने-जाने की आजादी पर रोक क्यों लगाई जा रही है और उनकी आवाज को क्यों दबाया जा रहा है.” ‘मैं किसी संगठन का हिस्सा नहीं हूं’ अभिनेता ने आगे कहा, “मैं यहां इसी वजह से आया हूं. मैं किसी से कोई मांग नहीं कर रहा हूं और न ही मैं किसी संगठन का हिस्सा हूं. मैं यहां सिर्फ एक प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद हूं…” ये भी पढ़ें: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ से Bye-Bye!, जानें क्या है इनका अगला प्लान? The post CJP प्रदर्शन में एक्टर इमरान खान हिरासत में, बोले-‘लोगों की आवाज क्यों दबाई जा रही है?’ appeared first on Naya Vichar.

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दीपके को डिटेन करने महिला पुलिस अधिकारी ही क्यों पहुंची? इसके पीछे दिल्ली पुलिस की क्या थी रणनीति

10 अक्टूबर को अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मुंबई से दिल्ली रवाना हुए. लेकिन जैसे ही एयर इंडिया की फ्लाइट इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुई, दिल्ली पुलिस की करीब आधा दर्जन स्त्री पुलिसकर्मी विमान में दाखिल हुईं और फ्लाइट में सवार CJP नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया. इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि नेताओं को हिरासत में लेने के लिए पुरुष पुलिसकर्मियों के बजाय स्त्री पुलिसकर्मियों को आगे किया गया. क्या स्त्री पुलिसकर्मी पुरुष को हिरासत में ले सकती है? हिंदुस्तानीय कानून के तहत स्त्री पुलिसकर्मी पुरुष को गिरफ्तार या हिरासत में ले सकती है. हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 43 में ऐसा कोई सामान्य प्रतिबंध नहीं है, जो स्त्री पुलिसकर्मी को पुरुष की गिरफ्तारी से रोकता हो. पुरुष आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुरुष पुलिसकर्मी की मौजूदगी भी अनिवार्य नहीं है. हालांकि, गिरफ्तारी के लिए वैधानिक आधार होना और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है. BNSS की धारा 35 बिना वारंट गिरफ्तारी की परिस्थितियां निर्धारित करती है. इसलिए केवल पुलिसकर्मी का स्त्री होना गिरफ्तारी को गैरकानूनी नहीं बनाता. स्त्री पुलिसकर्मियों को आगे करने के पीछे क्या थी रणनीति? दिल्ली पुलिस ने स्त्री अधिकारियों को ही हिरासत की कार्रवाई के लिए क्यों चुना, इसकी आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है. हालांकि, माना जा रहा है कि विमान के भीतर संभावित टकराव और हंगामे को रोकना पुलिस की प्राथमिकता रही होगी. विमान के अंदर संकरी गलियां और सीमित जगह होने के कारण मामूली धक्का-मुक्की भी बड़े विवाद का रूप ले सकती थी. ऐसे में स्त्री पुलिसकर्मियों की तैनाती से स्थिति को नियंत्रित रखने की कोशिश की गई हो सकती है. View on Instagram 20 जुलाई की हिंसा के बाद पुलिस नहीं लेना चाहती थी कोई जोखिम? CJP के 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद अभी भी चर्चा में है. संगठन ने आरोप लगाया था कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने युवा स्त्री प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की. CJP ने दावा किया था कि कम उम्र की लड़कियों को चोटें आईं और उनके कपड़े तक फाड़े गए. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध नहीं है. ऐसे में पुलिस को आशंका रही होगी कि यदि विमान के भीतर पुरुष पुलिसकर्मियों और CJP नेताओं के बीच धक्का-मुक्की होती, तो इसे लेकर एक नया विवाद खड़ा हो सकता था. स्त्री पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से कार्रवाई के दौरान टकराव की आशंका और उसके बाद बनने वाले नेतृत्वक नैरेटिव को सीमित रखने की कोशिश की गई हो सकती है. फ्लाइट के अंदर क्या हुआ? दीपके ने शुरू कर दी रिकॉर्डिंग विमान में पुलिसकर्मियों के पहुंचते ही अभिजीत दीपके ने अपनी सीट से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया. सौरव दास बीच की सीट पर बैठे थे, जबकि आशुतोष रांका उनके बगल में थे. पुलिसकर्मियों को देखकर CJP नेताओं ने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘हिंदुस्तान माता की जय’ के नारे लगाने शुरू कर दिए. विमान के अंदर सामने आए दृश्यों में करीब एक दर्जन स्त्री पुलिसकर्मी नेताओं को घेरे दिखाई दीं. इस दौरान दीपके ने हिरासत में लेने के तरीके पर सवाल उठाया और कहा कि पुलिस उन्हें विमान से उतरने के बाद भी हिरासत में ले सकती थी. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान, CJP ने बताया ‘तानाशाही कार्रवाई’ CJP ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन का आह्वान किया था. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन अभिजीत दीपके ने आंदोलन आगे बढ़ाने का फैसला किया. इसके बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. संगठन ने अपने नेताओं की हिरासत को ‘तानाशाही कार्रवाई’ बताते हुए पुलिस की आलोचना की. इस कार्रवाई ने एक बार फिर प्रदर्शन की अनुमति, विरोध के अधिकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के तरीकों को लेकर बहस छेड़ दी है. ध्रुव राठी और रत्ना सिंह भी हिरासत में, 400 से ज्यादा लोग पकड़े गए प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए यूट्यूबर ध्रुव राठी और CJP की कानूनी इकाई की प्रमुख रत्ना सिंह को भी उनके घरों से हिरासत में लिए जाने की समाचार है. रत्ना सिंह ने दावा किया कि जब वह अपनी कार में बैठीं, तो कई पुलिस वाहन उनके आसपास आ गए. रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी के अलग-अलग हिस्सों से अब तक 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और मध्य दिल्ली से लेकर पड़ोसी राज्यों की सीमाओं तक निगरानी बढ़ा दी गई है. दिल्ली में 23 हजार से अधिक CAPF जवान तैनात मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 23 हजार से अधिक जवान तैनात किए गए हैं. यह तैनाती CJP के जुलाई में हुए आंदोलन और 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान देखी गई व्यवस्था से भी बड़ी बताई जा रही है. ये भी पढ़ें: अभिजीत दीपके कहां हैं? हिरासत के बाद समर्थकों में असमंजस, जानें CJP और दिल्ली पुलिस ने क्या कहा The post दीपके को डिटेन करने स्त्री पुलिस अधिकारी ही क्यों पहुंची? इसके पीछे दिल्ली पुलिस की क्या थी रणनीति appeared first on Naya Vichar.

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CJP प्रोटेस्ट 10 ट्रेंडिंग रिल्स: पुलिस ने दौड़ाया-घसीटा, प्रदर्शनकारियों ने फेंके पत्थर, वायरल वीडियो में देखिए जंतर-मंतर 2.0

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.कहीं पुलिस प्रदर्शनकारियों को घसीटकर ले जाती दिख रही है, तो कहीं उन्हें टांगकर ले जाया जा रहा है. कुछ वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव भी नजर आ रहा है. प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ और पुलिस ने कैसे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया? वायरल वीडियो में देखिए पूरी कार्रवाई… कनॉट प्लेस में प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने दौड़ाया तो सामने से पुलिसकर्मी पर फेंके गए पत्थर. View on Instagram दिल्ली पुलिस ने गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब के परिसर में पहुंच और वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों को पकड़कर हिरासत में लिया View on Instagram दिल्ली पहुंचते ही अभिजीत दिपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया View on Instagram प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने के लगाए आरोप View on Instagram डिटेन होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा, “देश का युवा जाग चुका है” View on Instagram क्रांतिकारी युवा संगठन ने किया दिल्ली में लाल किला के पास प्रदर्शन View on Instagram मैं मुसलमान हूं, मोदी का फैन हूं… किसी से नहीं डरता!” View on Instagram नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने किया डिटेन View on Instagram मैं दिल्ली पर राज करने आया हूं…जंतर-मंतर पहुंचे इस शख्स को सुनिए View on Instagram दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को हिरासत में ले लिया. View on Instagram दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस की कार्रवाई देखने को मिली. प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ते हुए पुलिस के विजुअल्स सामने आए. View on Instagram जंतर-मंतर पर एक तरफ RAF की तैनाती और मार्च, दूसरी तरफ प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने के लिए दौड़ते प्रदर्शनकारी.  View on Instagram दिल्ली एयरपोर्ट का एग्जिट गेट सील कर दिया गया Loading Instagram post… The post CJP प्रोटेस्ट 10 ट्रेंडिंग रिल्स: पुलिस ने दौड़ाया-घसीटा, प्रदर्शनकारियों ने फेंके पत्थर, वायरल वीडियो में देखिए जंतर-मंतर 2.0 appeared first on Naya Vichar.

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अभिजीत दीपके कहां हैं? हिरासत के बाद समर्थकों में असमंजस, CJP और दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

Delhi Police Custody: फिलहाल, अभिजीत दीपके की हिरासत के बाद समर्थकों के बीच असमंजस बना हुआ है। CJP का कहना है कि हिरासत में लिए जाने के बाद उनकी मौजूदा लोकेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. पार्टी इस कार्रवाई पर सवाल उठा रही है और समर्थकों को उनके बारे में स्पष्ट जानकारी मिलने का इंतजार है. दिल्ली पुलिस ने दादी के निधन की सूचना देने और घर जाने के लिए संभावित मदद की पेशकश करने की बात कही है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि दीपके को अपने गृह नगर जाने की अनुमति मिलती है या नहीं और पुलिस उनकी हिरासत को लेकर आगे क्या कदम उठाती है. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके अभिजीत दीपके शनिवार को मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे. उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होना था. हालांकि, दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान उतरने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. पार्टी के अन्य नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका को भी हिरासत में लिया गया. पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं ली गई थी. इसी वजह से कार्रवाई की गई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिजीत दीपके को गुरुग्राम स्थित एक डिटेंशन सेंटर ले जाया गया है. ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर प्रोटेस्ट पर बोले संबित पात्रा- नाकाम हो गई राजधानी को बंधक बनाने की कोशिश, राहुल गांधी को बताया नालायक दादी के निधन के बाद अंतिम संस्कार में शामिल होने पर सवाल अभिजीत दीपके की दादी सावित्रीबाई शंकरराव दीपके का महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के पैतृक गांव संतुक पिंपरी में निधन हो गया. वह 85 वर्ष की थीं और पिछले करीब एक महीने से बीमार थीं. परिवार के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह 10 बजे निर्धारित है. ऐसे में परिवार और समर्थकों के बीच यह सवाल है कि क्या अभिजीत दीपके समय पर घर पहुंचकर अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो पाएंगे. दिल्ली पुलिस ने क्या कहा दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी संवेदनशीलता के साथ दी गई है. उन्हें अंतिम संस्कार के समय के बारे में भी बताया गया. पुलिस ने मानवीय आधार पर उनके गृह नगर जाने के लिए जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने की पेशकश की है. पुलिस का कहना है कि अब दीपके को तय करना है कि वह अपना प्रस्तावित प्रदर्शन जारी रखना चाहते हैं या अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए घर लौटना चाहते हैं. हालांकि, उनके महाराष्ट्र रवाना होने और अंतिम संस्कार में शामिल होने को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है. ये भी पढ़ें: दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के बीच बवाल, कनॉट प्लेस में पुलिस पर पथराव; 2 जवान घायल The post अभिजीत दीपके कहां हैं? हिरासत के बाद समर्थकों में असमंजस, CJP और दिल्ली पुलिस ने क्या कहा? appeared first on Naya Vichar.

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CJP Protest: प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सोनम वांगचुक नाराज, कहा- रिहाई नहीं हुई तो करेंगे अनशन; दिया 24 घंटे का वक्त

Sonam Wangchuk on CJP Protest: वांगचुक ने चेतावनी दी है कि अगर अगले 24 घंटों में गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो वह खुद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने पर विचार करेंगे. वांगचुक ने एक्स पर एक मिनट 13 सेकेंड का वीडियो शेयर किया. ‘देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात’ सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने एक दिन पहले ही प्रदर्शन के दौरान शांति और एकजुटता बनाए रखने की अपील की थी. उन्हें उम्मीद थी कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मिलेगी. हालांकि, दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने चिंता जताई. वांगचुक ने कहा कि मौजूदा हालात ऐसे लग रहे हैं, मानो देश में अघोषित आपातकाल लागू हो गया हो. उन्होंने गिरफ्तारियों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रशासन से मामले का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की अपील की. ये भी पढ़ें: डिटेंशन के बाद का प्लान पहले से था तैयार? CJP ने जारी किया दीपके का वीडियो, बताया अब कौन करेगा प्रदर्शन का नेतृत्व 24 घंटे में रिहाई नहीं हुई तो करेंगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन सोनम वांगचुक ने प्रशासन से गिरफ्तार किए गए लोगों को जल्द रिहा करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर अगले 24 घंटों में गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो वह खुद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने पर विचार करेंगे. उन्होंने इसके लिए धरना, अनशन या लेह अथवा दिल्ली में पदयात्रा जैसे विकल्पों का जिक्र किया. हालांकि, वांगचुक ने उम्मीद जताई कि प्रशासन समय रहते बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझा लेगी और उन्हें विरोध का रास्ता नहीं अपनाना पड़ेगा. प्रशासन से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील वांगचुक ने अपने संदेश में प्रशासन से अपील की कि गिरफ्तारियों के मुद्दे पर जल्द पहल की जाए और विवाद का समाधान निकाला जाए. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन गिरफ्तार लोगों की रिहाई और संबंधित मुद्दों पर बातचीत के जरिए रास्ता निकालेगी. उनका यह संदेश दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई गिरफ्तारियों के बीच आया है. वांगचुक ने स्पष्ट किया कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के पक्ष में हैं और प्रशासन से भी इसी दिशा में पहल की उम्मीद करते हैं. ये भी पढ़ें: CJP Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज करने पहुंचे नया विचार के पत्रकार प्रशांत डिटेन The post CJP Protest: प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सोनम वांगचुक नाराज, कहा- रिहाई नहीं हुई तो करेंगे अनशन; दिया 24 घंटे का वक्त appeared first on Naya Vichar.

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‘बेटे को कुछ हुआ तो सरकार होगी जिम्मेदार’, अभिजीत दीपके की हिरासत पर छलका मां का दर्द, पिता ने भी उठाए सवाल

Abhijeet Dipke Detention : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की दिल्ली में हुई हिरासत के बाद उनके परिवार का गुस्सा और दर्द सामने आया है. प्लेन के भीतर से दीपके को हिरासत में लिए जाने की घटना पर उनकी मां ने प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है, वहीं पिता ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं. ‘मां का दिल नहीं माना’: दीपके ने किया था टीवी-फोन से दूर रहने का आग्रह अभिजीत दीपके को संभवतः इस बात का अंदेशा पहले से था कि दिल्ली पहुंचते ही उन पर कार्रवाई हो सकती है. यही वजह थी कि उन्होंने अपनी मां अनीता दीपके से पहले ही कह रखा था कि वे आज टीवी और मोबाइल फोन से दूर रहें. हालांकि, बेटे की चिंता में मां खुद को रोक नहीं सकीं. मीडिया से बातचीत में अनीता दीपके ने बताया, “एक मां का दिल ऐसा नहीं कर सका. मैंने फ्लाइट में बैठे हुए उसकी एक रील देखी और फिर समाचार आई कि उसे विमान के अंदर ही हिरासत में ले लिया गया. इस तरह विमान में घुसकर किसी को पकड़ना सरासर गलत है.” ‘मेरे शिशु ने क्या अपराध किया?’ एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अनीता दीपके ने आगे कहा कि उन्हें हिरासत की आशंका तो थी, लेकिन जिस तरह पुलिस एयर इंडिया के विमान में दाखिल हुई और दीपके समेत अन्य नेताओं को पकड़ा, वह बेहद चौंकाने वाला था. भावुक होते हुए उन्होंने सवाल किया, “मेरे शिशु ने ऐसा क्या अपराध किया था? अगर हिरासत के दौरान उसे कुछ भी हुआ, तो इसके लिए सीधे तौर पर प्रशासन जिम्मेदार होगी.” ‘बलात्कारियों-आतंकियों को नहीं पकड़ते’ अभिजीत के पिता भगवानराव दीपके को बेटे की हिरासत की समाचार इंस्टाग्राम के जरिए मिली. पुलिसिया कार्रवाई पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा: “देश में शायद पहली बार किसी छात्र नेता को इस तरह विमान के अंदर से गिरफ्तार किया गया है. बलात्कारियों, आतंकवादियों और देश का पैसा लेकर भागने वालों को तो पकड़ा नहीं जाता, लेकिन एक आम आवाज उठाने वाले को तुरंत उठा लेते हैं. मेरा अपने बेटे और उसके साथियों को पूरा समर्थन है—लड़ते रहो.” जंतर-मंतर कूच से पहले ही बड़ा क्रैकडाउन गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार, 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया था. दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी. ये भी पढ़ें: CJP Protest Latest Live Updates Hindi : ‘हिंदुस्तान में अघोषित आपातकाल’, दिल्ली क्रैकडाउन पर बोले सोनम वांगचुक; रिहाई न होने पर अनशन-पदयात्रा की चेतावनी शनिवार को मुंबई से दिल्ली फ्लाइट लैंड करते ही पुलिस ने दीपके और उनके साथियों को हिरासत में ले लिया. इससे पहले सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह और यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिए जाने की समाचारें सामने आई थीं. राजधानी में धारा 163 लागू कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. The post ‘बेटे को कुछ हुआ तो प्रशासन होगी जिम्मेदार’, अभिजीत दीपके की हिरासत पर छलका मां का दर्द, पिता ने भी उठाए सवाल appeared first on Naya Vichar.

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जंतर-मंतर प्रोटेस्ट पर बोले संबित पात्रा- नाकाम हो गई राजधानी को बंधक बनाने की कोशिश, राहुल गांधी को बताया “नालायक”

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और लेफ्ट छात्र संगठनों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की कार्रवाई के चलते प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच सके. पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके समेत सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, इस प्रदर्शन पर बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. संबित पात्रा बोले- आगजनी और मारपीट की कोशिश थी संबित पात्रा ने कहा कि जंतर-मंतर पर जो हो रहा है, टीवी पर जो दिखाया जा रहा है और सोशल मीडिया के कुछ हैंडल पर जो तस्वीर दिखाई जा रही है, वह हिंदुस्तान की असली कहानी नहीं है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान शांत है और सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के एक हिस्से में कुछ लोग कई दिनों से अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. आज ऐसे लोगों का कार्यक्रम पूरी तरह फेल हो गया है. पात्रा के मुताबिक, इस प्रदर्शन के जरिए हिंदुस्तान और राजधानी दिल्ली को बंधक बनाने की कोशिश की जा रही थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान आगजनी और मारपीट करने की कोशिश की गई. ये भी पढ़ें: CJP Protest Latest Live Updates Hindi : पुलिस जहां रोके वहीं बना लें अपना जंतर-मंतर, CJP का प्रदर्शकारियों से लगातार बढ़ते रहने का आह्वान भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत हुई संबित पात्रा ने कहा कि प्रदर्शन करने वाले चाहते थे कि दिल्ली की सड़कों पर लड़ाई हो, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने इसे ‘भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत’ बताया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में हालात नियंत्रण में हैं और प्रदर्शन करने वालों की कोशिश सफल नहीं हुई. राहुल गांधी को बताया “नालायक” नेता संबित पात्रा ने कहा कि कल कुछ नेता राष्ट्रपति भवन गए थे. वहां से बाहर आने के बाद राहुल गांधी ने जो बयान दिया, वह एक ‘नालायक नेता’ के बयान जैसा था. पात्रा ने आरोप लगाया कि पहले कभी राष्ट्रपति को इस तरह सड़क की लड़ाई में घसीटने की कोशिश नहीं हुई. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ‘नालायक नेता’ ने राष्ट्रपति महोदया को सड़क की लड़ाई में घसीटने की कोशिश की. इस दौरान राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस समय हिंदुस्तान में हालात बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है, इसके पीछे की मंशा को समझना जरूरी है कि कैसे अराजकतत्वों के अंदर भी अराजकता का श्रेय लेने की होड़ मची है. संबित पात्रा ने कहा कि प्रदर्शन करने वाले लोगों के बीच खासकर, आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच इस बात को लेकर खींचतान चल रही है कि इसका श्रेय किसे मिले. ये भी पढ़ें: CJP Protest : ध्रुव राठी बोले- मैं यहां सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं आया; SIR को लेकर EC से पूछे 3 सवाल The post जंतर-मंतर प्रोटेस्ट पर बोले संबित पात्रा- नाकाम हो गई राजधानी को बंधक बनाने की कोशिश, राहुल गांधी को बताया “नालायक” appeared first on Naya Vichar.

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क्या अभिजीत दीपके चाहते थे 10 अक्टूबर का आंदोलन असफल हो? ये 3 कारण दे रहे संकेत

अभिजीत दीपके, आशुतोष रंका और सौरव दास जो नीट पेपर लीक आंदोलन के दौरान जेन जी के हीरो बन गए थे, उन्हें डिटेन कर लिया गया है. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए मेट्रो, ट्रेन और सड़क यातायात पर भी रोक लगाई गई ताकि प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक ना पहुंच सकें. यहां सवाल यह उठता है कि अगर अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी को आंदोलन सफल बनाना था और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना था, तो उन्होंने दिल्ली पुलिस को यह मौका ही क्यों दिया कि वह उनके खिलाफ घेराबंदी कर दे? यह स्थिति दीपके की मंशा पर सवाल खड़े करती है. आइए समझते हैं, वो कौन से संकेत हैं, जो यह बता रहे हैं कि दीपके नहीं चाहते थे कि यह आंदोलन सफल हो. प्रदर्शन की इजाजत मांगने में देरी करना सीजेपी ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के लिए आवेदन 7 अक्टूबर को किया, जबकि वे इस बात से अच्छी तरह वाकिफ थे कि प्रशासन यह नहीं चाहती है कि प्रदर्शन हो. ऐसे में उन्हें नियमों का खास ख्याल रखते हुए समय पर इजाजत के लिए आवेदन करना चाहिए था, पर उन्होंने ऐसा नहीं किया. परिणाम यह हुआ कि दिल्ली पुलिस ने आवेदन देर से करने की बात कहकर प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी. दिल्ली जाने की सूचना को किया वायरल आमतौर पर प्रशासन विरोधी प्रदर्शनों के दौरान नेताओं को इस बात की शंका रहती है कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है. इस वजह से वे अपने मूवमेंट को गुप्त रखते हैं. वे यह स्पष्ट नहीं करते हैं कि वे कैसे और कब प्रदर्शन स्थल तक पहुंच सकते हैं. अभिजीत दीपके और सीजेपी के नेताओं ने खुलकर बताया कि वे कैसे और कब दिल्ली पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम गिरफ्तार होने आ रहे हैं. नहीं बनाया प्लान बी किसी भी बड़े आंदोलन में जब नेताओं को पहले से गिरफ्तारी की आशंका होती है तो वे प्रदर्शनकारियों को एकजुट रखने और आंदोलन जारी रखने के लिए वैकल्पिक रणनीति तैयार रखते हैं. जिसे कहा जाता है कि अगर कोई योजना सफल ना हो तो प्लान बी रेडी रखना चाहिए. सीजेपी के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंका ने गिरफ्तारी की आशंका पहले ही जताई थी. इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन को सफल बनाने के लिए कोई प्लान बी रेडी नहीं रखा. 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया, उसके बाद अभिजीत दीपके ने वीडियो जारी कर यह कहा कि आंदोलन की कमान अब अजिंक्य शिंदे संभालेंगे. अजिंक्य शिंदे एक नया नाम हैं, जिन्हें प्रदर्शनकारी जानते भी नहीं है, ऐसे में विश्वास की कमी होती है और आंदोलन कमजोर होता है. ये भी पढ़ें : CJP प्रोटेस्ट पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, प्रदर्शन रोकने के लिए उठाए ये 5 कदम; जानें कैसे की प्लानिंग? The post क्या अभिजीत दीपके चाहते थे 10 अक्टूबर का आंदोलन असफल हो? ये 3 कारण दे रहे संकेत appeared first on Naya Vichar.

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तस्वीरों में आंदोलन: इंदिरा के खिलाफ ‘सिंहासन खाली करो…’ से ‘रंग दे बंसती…’ तक, मम्मी-पापा से कितना अलग है Gen Z का आंदोलन

10 अक्टूबर को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले 250 से ज्यादा ट्रेनें रद्द कर दी गईं. CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि इंदिरा गांधी के शासनकाल में इमरजेंसी के दौरान भी ट्रेनों को रद्द नहीं किया गया था. रांका के इस बयान ने लोगों के मन में इंदिरा इमरजेंसी और अब के नेतृत्वक आंदोलनों की यादें ताजा हो गयीं हैं. ऐसे में रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘जनतंत्र का जन्म’ की पंक्तियां-‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’ याद आती हैं. ये वही पंक्तियां हैं, जिसने रामलीला मैदान में प्रदर्शनकारियों में इंदिरा गांधी की प्रशासन के खिलाफ जोश भर दिया था. वर्ष 2026 के आंदोलनों में भी प्रदर्शनकारियों ने गीतों के जरिए अपनी बात रखी. इस बार उनके होंठों पर था—‘मेरा रंग दे बसंती चोला, मेरा रंग दे बसंती चोला.’ Gen Z ने 1970 के दशक के आंदोलनों को अपनी आंखों से नहीं देखा. इमरजेंसी के दौर की कहानियां उन्हें अपने मम्मी-पापा और किताबों के जरिए ही पता चलीं. लेकिन, उन कहानियों को याद करते ही आज भी आम-आवाम के जेहन में जयप्रकाश नारायण, रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़ और हाथों में तख्तियां लिये प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें उभर आती हैं. उम्मीद है कि नेतृत्वक आंदोलनों के किस्से सुनकर आपके जेहन में भी कुछ कहानियां और किताबों में छपी तस्वीरें ताजा हो जाती होंगी. तो आइए, आज दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के बहाने तस्वीरों के जरिए बीते 50 साल के दौरान बड़े नेतृत्वक आंदोलनों की कहानी जानते हैं… 1975 में प्रदर्शन करने आये लोगों को आसानी से पुलिस रोक रही है. 2026 में आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को जरूरत से ज्यादा मशक्कत करनी पड़ रही है. यह समय के साथ आंदोलन के बदलते स्वरूप को दिखाता है. 1975 में आंदोलन के दौरान रामलीला मैदान में लाखों की भीड़ संयम से लाइन में बैठी नजर आ रही है. जबकि 2026 Gen Z प्रोटेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारी टीशर्ट खोलकर हवा में लहराते नजर आए. 1975 में इमरजेंसी के खिलाफ सड़क पर उतरते ही कुछ इस तरह एमके स्टालीन को हिरासत में लिया गया था. जबकि 10 अक्टूबर 2026 को प्रोटेस्ट करने दिल्ली आ रहे दीपके और उनके साथियों को दिल्ली पुलिस ने फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया. The post तस्वीरों में आंदोलन: इंदिरा के खिलाफ ‘सिंहासन खाली करो…’ से ‘रंग दे बंसती…’ तक, मम्मी-पापा से कितना अलग है Gen Z का आंदोलन appeared first on Naya Vichar.

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