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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

समस्तीपुर

गुढमा में समाजसेवी का हुआ निधन, गांव व परिवार में शोक की लहर 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन । सरायरंजन नगर पंचायत के सरायरंजन पश्चिमी पंचायत के गुढमा गांव में समाजसेवी उमेश ईश्वर की 75 की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया। इनके निधन से गांव एवं परिजनों में मातमी सन्नाटा पसर गया है।ये बहुत दिनों से बिमार चल रहे थे। इनके निधन की सूचना पाते हीं शोक संवेदना जताने वालों का तांता लग गया। इनके घर पर पहुंच कर पार्थिव शरीर पर पूष्पांजली अर्पित कर श्रद्धांजलि दिया गया। समाजसेवी उमेश ईश्वर के शव यात्रा निकाली गई।शव यात्रा को गुढमा गांव से सरायरंजन बाजार तक लोगों के द्वारा ले जाया गया।इसके बाद वाहन पर लादकर सिमरिया गंगा घाट पर दाह-संस्कार के लिए ले गये। शोक संवेदना जताने वालों में भाजपा नेता रंजीत निर्गुणी,घुनेश ईश्वर, वीरेंद्र ईश्वर, विपिन ईश्वर, नवीन ईश्वर, महेश ईश्वर, बाबी ईश्वर, पंकज ईश्वर, रमेश ईश्वर, खगेश ईश्वर, मनीष ईश्वर,जगजीवन ईश्वर, अमित ईश्वर, जगन्नाथ ईश्वर, बैजनाथ ईश्वर, डा. प्रभाकर ईश्वर, डा. अमरनाथ ईश्वर, संजीव ईश्वर आदि सामिल थे।

समस्तीपुर

मुसरीघरारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ट्रक से 1575 लीटर विदेशी शराब बरामद

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन –  मुसरीघरारी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रूपौली बनघारा टोला में छापेमारी कर एक ट्रक से 1575 लीटर विदेशी शराब बरामद की है.बरामद शराब के साथ ट्रक को भी पुलिस ने जब्त कर लिया हैइस संबंध में मुसरीघरारी थाना में कांड संख्या 122/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2022 की धारा 30(ए) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.पुलिस के अनुसार मामले में नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.पुलिस का कहना है कि शराब तस्करी में शामिल सभी आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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भारत-नेपाल सीमा पर भड़की हिंसा! एक की मौत के बाद लगा कर्फ्यू, जनकपुर और वीरगंज में हाई अलर्ट

हिंदुस्तान-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में हुई हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए नेपाल प्रशासन ने धनुषा जिले के जनकपुर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है. वहीं, पर्सा जिले के वीरगंज में भी निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. सुनसरी हिंसा के बाद सख्ती नेपाल के सुनसरी जिले के कप्तानगंज इलाके में दो धार्मिक समुदायों के त्योहार के दौरान विवाद हिंसक झड़प में बदल गया था. हालात काबू करने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सुरक्षाकर्मियों समेत 12 से अधिक लोग घायल हुए. इसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया. सीमा क्षेत्र में बढ़ाई गई निगरानी हिंसा के बाद हिंदुस्तान-नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की घटना या सीमा पार गतिविधि को रोका जा सके. स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और अफवाहों से बचने की अपील कर रहा है. नेपाल के जनकपुर के सहायक मुख्य जिला अधिकारी चेतराज बराल ने बताया कि सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है और लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है. पहले भी सीमा पर बढ़ चुका है तनाव यह पहली बार नहीं है जब हिंदुस्तान-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में तनाव देखने को मिला हो। इससे पहले भी सीमा विवाद, स्थानीय झड़पों और नेतृत्वक विरोध-प्रदर्शनों के कारण कई बार दोनों देशों की सीमा पर सुरक्षा बढ़ानी पड़ी थी. साल 2020 में सीमा विवाद के दौरान भी कई संवेदनशील इलाकों में तनाव की स्थिति बनी थी, हालांकि दोनों देशों ने बातचीत के जरिए हालात सामान्य करने की कोशिश की थी. संसद से लेकर सुरक्षा परिषद तक हलचल नेपाल की संसद में कई सांसदों ने बढ़ते तनाव पर प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की. वहीं प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाकर सुनसरी समेत सीमा से जुड़े जिलों की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की. हिंदुस्तान के बिहार से सटा सुनसरी जिला व्यापार और आवागमन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए हालात पर दोनों देशों की एजेंसियां भी नजर बनाए हुए हैं. शांति बहाली की कोशिशें जारी नेपाल प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों को उम्मीद है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने और शांति वार्ता के प्रयासों से जल्द ही हालात सामान्य हो जाएंगे. फिलहाल लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है. यह भी पढ़ें – जापान में भूकंप से 18 की मौत, मलबे में अब भी जिंदा लोगों की तलाश जारी The post हिंदुस्तान-नेपाल सीमा पर भड़की हिंसा! एक की मौत के बाद लगा कर्फ्यू, जनकपुर और वीरगंज में हाई अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट के खिलाफ केस बंद, दिल्ली सरकार ने जारी किया आदेश

दिल्ली प्रशासन ने गुरुवार को यह ऐलान किया कि नीट परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर किए गए प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई और कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जिन लोगों का आपराधिक बैकग्राउंड है, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा. दिल्ली प्रशासन की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज में यह बताया गया है कि दिल्ली पुलिस ने कुल 13 केस नीट पेपर लीक के खिलाफ किए गए प्रदर्शन के खिलाफ दायर किए थे, जिनपर कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया गया है. दिल्ली के अंदर कोई भी पुलिस अथॉरिटी नहीं करेगी कार्रवाई प्रशासन ने यह जानकारी दी है कि विरोध प्रदर्शंनों में शामिल लोगों के खिलाफ दिल्ली के अंदर कोई भी पुलिस अथॉरिटी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी. हालांकि, यह सुरक्षा उन लोगों को नहीं मिलेगी जिनका क्रिमिनल रिकॉर्ड है. इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले से पुख्ता भी किया गया है. ये केस उन लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए थे, जिन्हें पुलिस ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई हिंसा में शामिल पाया था. ‘चलो संसद मार्च’ के दौरान पुलिसवालों पर हुआ था हमला हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार दिल्ली पुलिस ने CCTV फुटेज के जरिए 2,873 लोगों की पहचान की, जिन्होंने ‘चलो संसद मार्च’ के दौरान पुलिसवालों पर हमला किया और गाड़ियों में तोड़-फोड़ की. दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के हवाले से बताया गया था कि उनमें से लगभग एक हजार लोगों का क्रिमिनल रिकॉर्ड था.केंद्र ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया था कि पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शनों में भाग लेने वाले छात्रों और वॉलंटियर्स के खिलाफ कोई कानूनी या पुलिस कार्रवाई नहीं की जाएगी, उसी आश्वासन के तहत यह कार्रवाई की गई है. सीजेपी के नेतृत्व में हुआ था आंदोलन CJP के नेतृत्व वाला आंदोलन पिछले महीने तब शुरू हुआ जब बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोपों पर नीट की परीक्षा रद्द कर दी गई थी. प्रदर्शनकारियों ने एग्जामिनेशन सिस्टम में बड़े सुधार और उस समय के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन ने तब और जोर पकड़ा जब एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी इसमें शामिल होकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए. ये भी पढ़ें : अभिजीत दीपके का दावा, BJP ज्वाइन करने की मिल रही धमकी; पीएम मोदी और शाह पर बोला हमला The post NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट के खिलाफ केस बंद, दिल्ली प्रशासन ने जारी किया आदेश appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी का फर्जी इस्तीफा पत्र वायरल, PIB ने किया अलर्ट

Fact Check: वायरल हो रहे इस पत्र में राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए लिखा गया है कि ‘व्यक्तिगत एवं नेतृत्वक उत्तरदायित्व स्वीकार करते हुए’ प्रधानमंत्री पद से त्यागपत्र दिया जा रहा है. इस पत्र पर फर्जी दस्तखत के साथ ’24 मई 2025′ की तारीख भी अंकित की गई है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग इसे तरह-तरह के दावों के साथ शेयर कर रहे हैं. PIB ने किया फर्जीवाड़े का खुलासा PIB Fact Check ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए स्पष्ट किया है कि पत्र पूरी तरह फर्जी है. पीआईबी ने बताया, “प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है.” PIB ने बताया, इस पत्र पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं और इसका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है. आधिकारिक सूत्रों पर ही करें विश्वास प्रशासनी एजेंसी PIB ने नागरिकों को सलाह दी है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी संवेदनशील या चौकाने वाले दावे पर तुरंत भरोसा न करें. किसी भी समाचार या दावे पर यकीन करने से पहले हमेशा प्रशासनी एवं आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि करें. वायरल पोस्ट को लेकर रहें सावधान पीआईबी ने कहा, पर्सनल या फाइनेंशियल जानकारी शेयर करने या कोई भी फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट करने से पहले खास सावधानी बरतें. ये भी पढ़ें: संसद भवन में पीएम मोदी ने की हाई लेवल बैठक, राजनाथ-जयशंकर और डोभाल समेत कई दिग्गज रहे मौजूद The post पीएम मोदी का फर्जी इस्तीफा पत्र वायरल, PIB ने किया अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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19 साल बाद बंगाल लौटीं तसलीमा नसरीन, कहा- कोलकाता आना घर लौटने जैसा

अपनी विवादित पुस्तक ‘द्विखंडितो’ की वजह से विरोध-प्रदर्शनों के बाद कोलकाता छोड़ने पर मजबूर हुईं बांग्लादेशी लेखिका तसलीम नसरीन ने बृहस्पतिवार को कहा कि लंबे समय बाद अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति के लिए शहर (कोलकाता) लौटना ‘अपने देश’ में लौटने जैसा है. उन्होंने उम्मीद जतायी कि यह दौरा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और असहमति की आवाजों की सुरक्षा के महत्व की पुनः पुष्टि करेगा. नसरीन एक अगस्त को यहां एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मशहूर लेखक शीर्षेंदु मुखोपाध्याय के भी शामिल होने की संभावना है. निर्वासन ने मुझे मजबूत बनाया है, लेकिन इसने मुझे ऐसे जख्म भी दिये हैं, जिन्हें यह मजबूती मिटा नहीं सकती. इसने मुझे सिखाया कि घर सिर्फ कोई इमारत या पता नहीं होता. -तसलीमा नसरीन 2007 के बाद पहली बार कोलकाता लौटीं तसलीमा वर्ष 2007 के बाद कोलकाता में नसरीन की यह पहली सार्वजनिक उपस्थिति होगी. उस समय उनकी आत्मकथा के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शनों के कारण उन्हें वह शहर छोड़ना पड़ा था, जिसे उन्होंने बांग्लादेश छोड़ने के एक दशक बाद अपना घर बनाया था. ये भी पढ़ें: 20 साल बाद कोलकाता लौट रहीं तसलीमा नसरीन, 1 अगस्त को कट्टरपंथ-विरोधी कार्यक्रम में होंगी शामिल ‘द्विखंडितो’ पर विवाद के बाद बंगाल छोड़ना पड़ा था नसरीन को पश्चिम बंगाल प्रशासन ने वर्ष 2003 में तसलीमा नसरीन की किताब ‘द्विखंडितो’ (दो हिस्सों में बंटी) पर कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के कारण प्रतिबंध लगा दिया था. नसरीन ने कोलकाता में कहा कि उनके लिए कोलकाता केवल रहने की जगह नहीं थी. एक ऐसा शहर था, जिसने उन्हें अपनापन महसूस कराया और इतने वर्षों तक दूर रहने के बावजूद उनका पश्चिम बंगाल से जुड़ाव कम नहीं हुआ. मैं खुशी के साथ-साथ दर्द भी महसूस कर रही हूं. कोलकाता सिर्फ वह शहर नहीं था, जहां मैं रहती थी. वहां मेरा घर, दोस्त और पाठक होने के साथ अपनापन था. मेरे जीवन के लगभग 19 साल मुझसे छीन लिये गये और घर वापसी उन खोये हुए सालों को वापस नहीं ला सकती. मैं किसी अजनबी या मेहमान की तरह नहीं लौट रही हूं. मैं एक ऐसी इंसान के तौर पर लौट रही हूं, जिसने हमेशा खुद को बंगाल का ही हिस्सा माना है. मेरे दिल में बंगाल कभी भी किसी सीमा या कंटीले तार की बाड़ से बंटा नहीं रहा. बंगाल के पूर्वी हिस्से का दरवाजा मेरे लिए बंद है, इसलिए अभी के लिए बंगाल का यही हिस्सा मेरा घर है. -तसलीमा नसरीन, लेखिका ‘मैंने अपनी मर्जी से कोलकाता नहीं छोड़ा’ नसरीन ने कहा कि उन्होंने कभी अपनी मर्जी से कोलकाता नहीं छोड़ा. उन्हें हमेशा उम्मीद थी कि वह एक दिन वापस आयेंगीं. उन्होंने कहा- उस समय की पश्चिम बंगाल प्रशासन ने मुझे राज्य छोड़ने पर मजबूर किया था. अपनी वापसी को सिर्फ घर लौटने से कहीं अधिक बताते हुए, उन्होंने कहा कि यह एक लेखक के आजादी से बोलने के अधिकार के लिए एक बड़े संघर्ष का प्रतीक है. ये भी पढ़ें: तस्लीमा नसरीन ने ट्विटर पर डाली अपने ब्वॉयफ्रेंड की तसवीर तसलीमा को अवास्तविक लगता है कोलकाता लौटना नसरीन ने कहा कि लगभग 19 साल बाद लौटना और कोलकाता के बीचों-बीच सार्वजिनक रूप से बोलना लगभग अवास्तविक लगता है. मेरे लिए, यह एक ऐसी आवाज की वापसी का प्रतीक है, जिसे कट्टरपंथियों ने कभी चुप कराने की कोशिश की थी. उस मंच पर मेरी मौजूदगी इस बात की पुष्टि करेगी कि धमकियां और फतवे किसी लेखक को कुछ समय के लिए देश से बाहर (निर्वासित) कर सकते हैं, लेकिन वे उसके विचारों को मिटा नहीं सकते. युवा पाठकों और लेखकों से मेरा संदेश यही होगा- हर चीज पर सवाल उठाओ. धर्म, परंपरा, सत्ता, नेतृत्व और यहां तक कि उन विचारों पर भी सवाल उठाओ, जिन्हें तुम सबसे अधिक पसंद करते हो. किसी और के पूर्वाग्रहों को अपनाकर उन्हें अपनी पक्की राय मत समझो. -तसलीमा नसरीन बंगाल वापसी से उत्साहित हैं ‘द्विखंडितो’ की लेखिका लेखिका ने कहा कि वापसी के आमंत्रण को वह एक उत्साहजनक संकेत मानती हैं. उन्होंने अपनी यात्रा को संभव बनाने के लिए आयोजकों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा- मैं निश्चित रूप से अपनी वापसी को एक उत्साहजनक संकेत मानती हूं. मैं उन आयोजकों की आभारी हूं, जिन्होंने इसे संभव बनाया और सुरक्षा देने के लिए प्रशासन की भी शुक्रगुजार हूं. मैं मुख्यमंत्री अधिकारी की उस इच्छा की बहुत सराहना करती हूं, जिसके तहत उन्होंने एक अलग राय रखने वाले लेखक की आजादी का सम्मान और सुरक्षा करने का फैसला किया, भले ही वह लेखक की हर बात से सहमत न हों. नसरीन ने बताया- क्या हो अभिव्यक्ति की आजादी का पैमाना नसरीन ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का असली पैमाना उन विचारों की रक्षा करने की क्षमता है, जो शायद लोकप्रिय न हों या असहज करने वाले हों. एक लेखक की स्वतंत्रता और सुरक्षा किसी प्रशासन की उदारता, किसी नेतृत्वक दल की विचारधारा या किसी धार्मिक समूह की अनुमति पर निर्भर नहीं होनी चाहिए. उनकी रक्षा मौलिक अधिकारों के रूप में की जानी चाहिए. हिंदुस्तान की उदारता से प्रभावित हैं नसरीन नसरीन ने कहा- भले ही मैं हिंदुस्तान की नागरिक नहीं हूं, लेकिन मैं उस देश की उदारता से बहुत प्रभावित हूं, जिसने मुझ जैसी सतायी गयी लेखक को शरण दी है. मुझे दिये गये समर्थन और सुरक्षा के लिए मैं पश्चिम बंगाल की मौजूदा प्रशासन की तहे दिल से शुक्रगुजार हूं. नसरीन ने कहा कि प्रौद्योगिकी ने लेखकों के लिए मौके तो बढ़ाये हैं, लेकिन साथ ही डराने-धमकाने के नये तरीके भी दिये हैं. टेक्नोलॉजी और बांग्लादेश पर तसलीमा के विचार प्रौद्योगिकी ने लेखकों को अपनी बात कहने के कई और तरीके दिये हैं, लेकिन इसने संगठित समूहों को भी उन्हें धमकाने, परेशान करने और चुप कराने के भी कई और तरीके दिये हैं. बांग्लादेश में धर्मनिरपेक्ष सोच, धार्मिक आलोचना और ईमानदार बौद्धिक बहस की गुंजाइश खतरनाक रूप से कम हो गयी है. बांग्लादेश में स्वतंत्र विचारकों की हत्या की गयी है, उन्हें जेल में डाला गया है, छिपने पर मजबूर किया गया है या देश छोड़ने पर मजबूर किया गया है. बांग्लादेश जैसे देश में भय अब अभिव्यक्ति पर पाबंदी लगाने का एक जरिया बन गया है. दक्षिण एशिया

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प्रशांत किशोर से बहस करने वाली SP ममता कल्याणी कौन हैं? वायरल वीडियो के बाद चर्चा में आईं महिला अधिकारी

SP Mamta Kalyani: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान जारी है. इसी बीच पटना की सेंट्रल सिटी एसपी ममता कल्याणी और जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर ममता कल्याणी कौन हैं. मतदान के बीच हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा उपचुनाव के दौरान जन सुराज ने आरोप लगाया कि उसके कई पोलिंग एजेंटों और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है. इसी शिकायत को लेकर प्रशांत किशोर अपने समर्थकों के साथ पुलिस अधिकारियों से बातचीत करने पहुंचे. इसी दौरान उनकी सेंट्रल सिटी एसपी ममता कल्याणी से तीखी बहस हो गई. क्या था पूरा मामला? जन सुराज का आरोप है कि मतदान से पहले ही उसके कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया. पार्टी का दावा है कि कुछ कार्यकर्ताओं का पता भी नहीं चल रहा था. वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई. वायरल वीडियो में क्या दिखा? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एसपी ममता कल्याणी प्रशांत किशोर और उनके समर्थकों से आचार संहिता का पालन करने की बात कहती नजर आती हैं. वह बार-बार कहती हैं कि चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में एक जगह इकट्ठा होने की अनुमति नहीं है. उन्होंने समर्थकों से वहां से हटने को भी कहा. दूसरी ओर, प्रशांत किशोर अपने कार्यकर्ताओं के बारे में जानकारी मांगते रहे. उनका कहना था कि पुलिस बिना कारण उनके लोगों को उठा रही है. View on Instagram कौन हैं SP ममता कल्याणी? ममता कल्याणी बिहार पुलिस सेवा (BPSC) की 45वीं बैच की अधिकारी हैं. वह बिहार के लखीसराय जिले के पुरानी बाजार स्थित नया टोला की रहने वाली हैं. उनके पिता स्वर्गीय सीताराम मेहता सेवानिवृत्त प्राचार्य थे. ममता कल्याणी अपनी सख्त कार्यशैली, अनुशासन और प्रशासनिक क्षमता के लिए जानी जाती हैं. हाल ही में हुए पुलिस प्रशासन के फेरबदल के बाद उन्हें पटना सेंट्रल सिटी एसपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें पहला बड़ा चुनावी इम्तिहान पटना के सबसे संवेदनशील पुलिस जोन की जिम्मेदारी संभाल रहीं ममता कल्याणी के लिए यह पहला बड़ा चुनावी इम्तिहान माना जा रहा है. इससे पहले वह डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. वीडियो बना चर्चा का विषय प्रशांत किशोर और एसपी ममता कल्याणी के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है. एक तरफ जन सुराज पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई चुनाव आयोग के निर्देशों और कानून के तहत की गई है. इसी वजह से यह वीडियो अब बांकीपुर उपचुनाव की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल हो गया. Also Read: ‘रात से हमारे लोगों को उठाया जा रहा है’, बांकीपुर में बूथों का जायजा लेने पहुंचे प्रशांत किशोर बोले- भाजपा नहीं, पुलिस चुनाव लड़ रही है The post प्रशांत किशोर से बहस करने वाली SP ममता कल्याणी कौन हैं? वायरल वीडियो के बाद चर्चा में आईं स्त्री अधिकारी appeared first on Naya Vichar.

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JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने रखीं 10 प्रमुख मांगें, पूरी नहीं हुई तो सीएम हेमंत को देना होगा इस्तीफा

रांची से अभिषेक आनंद की रिपोर्ट Jharkhand Students Protest: झारखंड में जेपीएससी (जेपीएससी) और जेएसएससी (जेएसएससी) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों और छात्रों ने प्रशासन के सामने 10 सूत्री मांगपत्र रखा है. मांगपत्र में 14वीं जेपीएससी, वर्ष 2023 और 2025 के बैकलॉग विज्ञापनों को रद्द करने, सीबीआई और ईडी से जांच कराने, आयोग में व्यापक सुधार लागू करने और समयबद्ध नियुक्ति प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की गई है. अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना होगा. 14वीं जेपीएससी और बैकलॉग विज्ञापन रद्द करने की मांग रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मांग की है कि 14वीं जेपीएससी तथा वर्ष 2023 और 2025 के बैकलॉग विज्ञापनों को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए. इसके साथ ही टीडीपीएल एजेंसी द्वारा पूर्व में आयोजित सभी परीक्षाओं को भी निरस्त करने की मांग उठाई गई है. उनका आरोप है कि इन परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. साथ ही 11वीं से 13वीं जेपीएससी मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन को भी नियमावली 2002 के विपरीत बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की गई है. सीबीआई, ईडी जांच और 90 दिनों में सुनवाई की मांग प्रदर्शनकारियों के मांगपत्र में कहा गया है कि सभी विवादित परीक्षाओं और संबंधित मामलों की जांच सीबीआई और ईडी से कराई जाए. छात्रों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है. टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की कथित संलिप्तता की भी जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग रखी गई है. जेपीएससी और जेएसएससी में बड़े सुधार की मांग प्रदर्शनकारी छात्रों ने आयोगों में व्यापक सुधार की मांग करते हुए कहा है कि जेपीएससी और जेएसएससी के शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया जाए. उनकी जगह निष्पक्ष और बेदाग छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति हो. साथ ही परीक्षा के प्रत्येक चरण के लिए अलग-अलग एजेंसियों का चयन जीईएम पोर्टल के माध्यम से किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे. परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर मांगपत्र में कहा गया है कि मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की मैन्युअल जांच कर उसकी डिजिटल कॉपी अभ्यर्थियों के ओटीआर आईडी पर अपलोड की जाए. परिणाम जारी करते समय श्रेणीवार कटऑफ अंक सार्वजनिक किए जाएं तथा सात दिनों के भीतर प्रत्येक अभ्यर्थी का स्कोर कार्ड उपलब्ध कराया जाए. इसके अलावा ओएमआर शीट में “नॉट अटेम्प्ड” का विकल्प जोड़ने और सभी प्रश्नों पर बबल भरना अनिवार्य करने की भी मांग की गई है. कैलेंडर, आयु सीमा और विज्ञापन को लेकर भी मांग अभ्यर्थियों ने आयोग द्वारा रद्द की गई परीक्षाओं के साथ आगामी भर्तियों का वार्षिक कैलेंडर जारी करने तथा तय समय सीमा में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है. कैलेंडर का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई गई है. इसके अलावा 14वीं जेपीएससी की अधियाचना वापस लेकर 14वीं और 15वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का नया विज्ञापन जारी करने तथा अधिकतम आयु सीमा 1 अगस्त 2018 के आधार पर निर्धारित करने की मांग की गई है. दौड़ की समय सीमा बढ़ाने और आयु में छूट की मांग अभ्यर्थियों ने 1600 मीटर दौड़ की समय सीमा पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 6 मिनट से बढ़ाकर 7 मिनट करने की मांग की है. साथ ही सभी जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनारक्षित वर्ग की अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष करने तथा अन्य वर्गों को नियमानुसार अतिरिक्त आयु छूट देने की मांग भी रखी गई है. इसे भी पढ़ें: JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी पर कांग्रेस से हस्तक्षेप की मांग, बंधु तिर्की ने सौंपे पांच अहम सुझाव मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी मांगपत्र के अंत में अभ्यर्थियों ने कहा है कि उनकी सभी मांगें न्यायसंगत और विद्यार्थियों के हित में हैं. यदि प्रशासन इन मांगों पर गंभीरता से निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में मुख्यमंत्री को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए. इसे भी पढ़ें: छात्रवृत्ति योजनाओं में केंद्रीय सहायता बढ़ाने की मांग, सीएम हेमंत ने पीएम मोदी को लिखा पत्र The post JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने प्रशासन के सामने रखीं 10 प्रमुख मांगें, पूरी नहीं हुई तो सीएम हेमंत को देना होगा इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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देश के दूसरे सबसे गरीब मुख्यमंत्री हैं शुभेंदु अधिकारी, एडीआर की रिपोर्ट में खुलासा

Suvendu Adhikari Net Worth: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी देश के मुख्यमंत्रियों में ऐसे दूसरे मुख्यमंत्री हैं, जिनके पास सबसे कम संपत्ति है. बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 85.87 लाख रुपए घोषित की थी. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच द्वारा जारी चुनावी हलफनामों के विश्लेषण में यह जानकारी सामने आयी है. सबसे कम संपत्ति उमर अब्दुल्ला के पास देश के 31 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों द्वारा दिये गये स्वघोषित चुनावी हलफनामों के आधार पर किये गये इस विश्लेषण में पाया गया कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पास सबसे कम संपत्ति है. उनकी घोषित संपत्ति 55.24 लाख रुपए है. 85.87 लाख की संपत्ति के मालिक हैं शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी 85.87 लाख रुपए की घोषित संपत्ति के साथ सबसे कम संपत्ति वाले या गरीब मुख्यमंत्रियों में दूसरे स्थान पर हैं. उनके बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा हैं, जिनकी घोषित संपत्ति 1.03 करोड़ रुपए से अधिक है. रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी की घोषित संपत्ति में 24.57 लाख रुपए की चल संपत्ति और 61.30 लाख रुपए की अचल संपत्ति शामिल है. ये भी पढ़ें: 85.87 लाख के मालिक शुभेंदु अधिकारी के पास नहीं है कार, जानें नंदीग्राम के योद्धा की प्रॉपर्टी और बैंक बैलेंस कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार सबसे अमीर दूसरी ओर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार इस सूची में सबसे शीर्ष स्थान पर हैं, जिनकी घोषित संपत्ति 1,413 करोड़ रुपए से अधिक है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 31 मुख्यमंत्रियों में से 4 (13 प्रतिशत) ने एक अरब रुपए से अधिक की संपत्ति घोषित की है. एडीआर के विश्लेषण में यह भी पाया गया कि 31 मुख्यमंत्रियों द्वारा घोषित संपत्ति का औसत 118.07 करोड़ रुपए है. ये भी पढ़ें: नंदीग्राम से नयी दिल्ली तक 15 बैंक अकाउंट, जानें कितनी संपत्ति है शुभेंदु अधिकारी की? 31 में 14 मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक मामले मुख्यमंत्रियों की आपराधिक पृष्ठभूमि के संबंध में रिपोर्ट में कहा गया है कि 31 मुख्यमंत्रियों में से 14 (45 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किये हैं, जबकि 11 (35 प्रतिशत) पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं. एडीआर एक गैर-प्रशासनी संगठन है, जो चुनावी और नेतृत्वक सुधारों के क्षेत्र में काम करता है. The post देश के दूसरे सबसे गरीब मुख्यमंत्री हैं शुभेंदु अधिकारी, एडीआर की रिपोर्ट में खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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Yezdi Adventure में अब मिलेगा ट्यूबलेस स्पोक व्हील्स का ऑप्शन, Scrambler और Roadster भी नए रंगों में

त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले Classic Legends ने अपनी Yezdi रेंज को बड़ा अपडेट दिया है. कंपनी ने Yezdi Adventure, Scrambler और Roadster तीनों बाइक्स को नए रंगों के साथ लॉन्च किया है. सबसे बड़ा बदलाव Yezdi Adventure में देखने को मिला है. इसे अब क्रॉस-स्पोक व्हील्स और ट्यूबलेस टायर दिए गए हैं. अगर आप नई Yezdi बाइक खरीदने की सोच रहे हैं, तो आइए बिना देर किए जानते हैं इन अपडेट्स में क्या-क्या नया मिला है. Green Mamba में आई Yezdi Roadster Yezdi Roadster अब नए मैट ग्रीन रंग में भी उपलब्ध है. इसे कंपनी ने Green Mamba नाम दिया है. यह नया रंग बाइक के फ्रंट और रियर फेंडर, फ्यूल टैंक और साइड पैनल समेत लगभग पूरी बाइक पर देखने को मिलता है. इसके अलावा, फ्यूल टैंक पर गोल्डन कलर में Yezdi की ब्रांडिंग दी गई है, जबकि साइड पैनल पर Roadster की गोल्डन बैजिंग दी गई है. परफॉर्मेंस की बात करें तो बाइक में 334cc का लिक्विड-कूल्ड Alpha2 इंजन दिया गया है, जिसे 6-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है. इसके अलावा, इसमें स्लिप और असिस्ट क्लच भी मिलता है. View on Instagram Grey Panther में आई Yezdi Scrambler Yezdi Scrambler अब नए मैट सिल्वर रंग में भी आती है. इसे कंपनी ने Grey Panther नाम दिया है. इस शेड के साथ ब्राउन सीट और टैंक पैड बाइक की प्रीमियम फील को और बढ़ा देते हैं. वहीं, साइड में दिया गया ऑल-ब्लैक रेस प्लेट, उस पर सिल्वर नंबर ग्राफिक्स और मिनिमल Yezdi ब्रांडिंग इसकी स्पोर्टी पर्सनैलिटी में चार चांद लगा देते हैं. ये भी पढ़ें: 70 हजार रुपये से कम में आने वाली Honda Shine 100 में क्या-क्या मिलता है? जान लें इसके हर फीचर बाइक में 334cc का लिक्विड-कूल्ड KATAR इंजन मिलता है, जो 30PS की पावर और 30Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इतना ही नहीं, कंपनी का दावा है कि यह बाइक 30 kmpl तक का माइलेज भी दे सकती है. Yezdi Adventure को मिला नया Yellow Falcon कलर और ट्यूबलेस स्पोक व्हील्स Yezdi Adventure कंपनी की सबसे प्रीमियम और फ्लैगशिप बाइक है. अब इसे नया Yellow Falcon कलर ऑप्शन भी मिल गया है. यह नया डुअल-टोन शेड मैट ग्रे और येलो रंग के साथ आता है. दिलचस्प बात यह है कि यह नया रंग काफी हद तक स्क्रैम्बलर में मिलने वाले पुराने OG Yellow शेड जैसा दिखता है. नई कलर स्कीम के अलावा कंपनी ने Yezdi Adventure में एक बड़ा और काम का अपडेट भी दिया है. अब इस बाइक में ट्यूबलेस स्पोक व्हील्स का ऑप्शन भी मिलेगा. पहले यह सिर्फ स्पोक व्हील्स और ट्यूब वाले टायरों के साथ आती थी. अब ग्राहक करीब 20,000 रुपये एक्स्ट्रा देकर ट्यूबलेस स्पोक व्हील्स वाला वेरिएंट चुन सकते हैं. इंजन की बात करें तो इसमें पहले वाला 334cc Alpha 2 सिंगल-सिलेंडर, लिक्विड-कूल्ड इंजन ही दिया गया है. यह इंजन 29.6 bhp की पावर और 29.8 Nm का टॉर्क जनरेट करता है और इसके साथ 6-स्पीड गियरबॉक्स मिलता है. कीमत बाइक मॉडल नया कलर एक्स-शोरूम कीमत (दिल्ली) Yezdi Roadster Green Mamba ₹2,05,969 Yezdi Scrambler Grey Panther ₹2,05,969 Yezdi Adventure Yellow Falcon ₹2,12,969 Yezdi Adventure (Tubeless Spoke Wheels) Yellow Falcon ₹2,33,969 ये भी पढ़ें: 80 हजार रुपये से कम में आने वाली TVS Star City plus में क्या-क्या मिलता है? जानें इसके फीचर्स The post Yezdi Adventure में अब मिलेगा ट्यूबलेस स्पोक व्हील्स का ऑप्शन, Scrambler और Roadster भी नए रंगों में appeared first on Naya Vichar.

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