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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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CJP का PM मोदी पर हमला: ट्रेनें बंद कर दीं, कर दिया दिल्ली बंद का ऐलान; इमरजेंसी में भी नहीं रुकी थी रेलवे

दिल्ली के जंतर-मंतर में 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले प्रशासन ने 57 मेट्रो बंद करने और कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है. अभिजीत कहते हैं कि विश्वगुरू हमारे 56 इंच के महामानव जी ने रेलवे बंद कर दिए क्योंकि कल हम प्रोटेस्ट करने जा रहे हैं. प्रवक्ता सौरभ दास चुटकी लेते हुए कहते हैं कि मोदी जी ने जो माहौल बनाया है- टू गुड. वहीं आशुतोष रांका पीएम मोदी से पूछते हुए कहते हैं कि मोदी जी तबियत तो ठीक है न आपकी? दिक्कतें नहीं हो रही न ज्यादा? View on Instagram अभिजीत और टीम यहीं नहीं रुकते. वे कहते हैं कि इंदिरा गांधी के शासनकाल में जब इमरजेंसी लगा दी गई थी. उस वक्त भी ट्रेनों का परिचालन बंद नहीं किया गया था. उन्होंने कहा कि यह नैरेटिव फैलाया जा रहा है कि लोग 10 अक्टूबर के प्रोटेस्ट में ज्यादा संख्या में नहीं आने वाले. वहीं प्रशासन द्वारा मेट्रो बड़ी संख्या में कैंसल हो जाना एक तरह से दिल्ली बंद का ऐलान जैसा समझा जा रहा है. दिल्ली पुलिस से नहीं मिली इजाजत इसके अलावे दिल्ली पुलिस की ओर से भी प्रदर्शन को लेकर इजाजत नहीं दी गई है. इन सब पाबंदियों के बावजूद सीजेपी का कहना है कि वे आएंगे और देश भर से भारी संख्या में लोग 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने वाले हैं. ये भी पढ़ें: 10 अक्टूबर को दिल्ली में क्या खुला और क्या बंद? मेट्रो, ट्रेन से लेकर स्कूल तक; घर से निकलने से पहले पढ़ लें पूरी लिस्ट The post CJP का PM मोदी पर हमला: ट्रेनें बंद कर दीं, कर दिया दिल्ली बंद का ऐलान; इमरजेंसी में भी नहीं रुकी थी रेलवे appeared first on Naya Vichar.

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जिस Orkut को Google ने 2014 में किया था बंद, क्या अब उसकी हो रही वापसी? फाउंडर ने शुरू किया कैंपेन

2000 के दशक में अगर सोशल मीडिया की बात होती थी, तो Orkut का नाम सबसे पहले आता था. खासकर हिंदुस्तान में इसकी पॉपुलैरिटी जबरदस्त थी. उस दौर में दोस्तों से जुड़ने, नए लोगों से मिलने और अपनी प्रोफाइल सजाने के लिए Orkut लोगों की पहली पसंद बन गया था. हालांकि, Google ने 2014 में इसे बंद कर दिया और इसके बाद Orkut धीरे-धीरे सिर्फ पुरानी याद बनकर रह गया. लेकिन अब 10 साल से ज्यादा समय बाद Orkut की वापसी की उम्मीद जगी है. Orkut के फाउंडर ऑर्कुट बुयुक्कोक्टेन (Orkut Buyukkokten) ने एक नए सोशल नेटवर्क के लिए कैंपेन शुरू किया है. उनका फोकस ऐसे प्लेटफॉर्म पर है, जहां लोग सिर्फ फॉलोअर्स और लाइक्स के पीछे न भागें, बल्कि असली लोगों से जुड़ें, सच्चे रिश्ते बनाएं और एक-दूसरे के साथ जुड़ाव महसूस करें. अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या Orkut एक बार फिर सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी जगह बना पाता है. साल 2004 में शुरुआत हुई थी Orkut की Orkut आखिर शुरू कैसे हुआ और कुछ सालों बाद ऐसा क्या हुआ कि Google को इसे बंद करना पड़ा? यह जानने के लिए कहानी को थोड़ा पीछे ले जाना होगा. साल 2004 में सोशल मीडिया की दुनिया में Friendster नाम का प्लेटफॉर्म तेजी से पॉपुलर हो रहा था. Google ने इसे खरीदने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो कंपनी ने अपना ही सोशल नेटवर्क लॉन्च करने का फैसला किया. इसी से जन्म हुआ Orkut का. शुरुआत में Orkut ने लोगों का खूब ध्यान खींचा. लोग यहां नए दोस्त बनाने के साथ-साथ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों से जुड़ने लगे. देखते ही देखते इसके यूजर्स की संख्या लाखों में पहुंच गई. खास बात यह थी कि एक समय Orkut के यूजर्स Facebook से करीब तीन गुना ज्यादा थे. क्यों बंद हुआ था Orkut? Orkut जब अपने पीक पे था तभी सोशल मीडिया की दुनिया में Facebook की एंट्री हुई और कहानी धीरे-धीरे बदलने लगी. Facebook ने बेहद तेजी से लोगों के बीच अपनी जगह बनाई और करीब छह महीने के अंदर ही Orkut को पीछे छोड़ दिया. इसके बाद Facebook की पॉपुलैरिटी लगातार बढ़ती गई. साल  2012 तक वह सोशल नेटवर्किंग की दुनिया का सबसे बड़ा नाम बन चुका था. इसके बावजूद Orkut ने तुरंत हार नहीं मानी. करीब एक दशक तक यह प्लेटफॉर्म लोगों के बीच बना रहा. लेकिन बदलती सोशल मीडिया की दुनिया और Facebook जैसे प्लेटफॉर्म की बढ़ती पॉपुलैरिटी के बीच आखिरकार Google ने 2014 में Orkut को हमेशा के लिए बंद करने का फैसला कर लिया. Orkut को दोबारा क्यों शुरू करना चाहते हैं ऑर्कुट बुयुक्कोक्टेन? Büyükkökten का मानना है कि पिछले दो दशकों में इंटरनेट और सोशल मीडिया का यूज करने का तरीका काफी बदल गया है. उन्होंने याद दिलाया कि करीब 20 साल पहले उन्होंने शुरुआती सोशल नेटवर्क्स को बनाने में काम किया था. उस दौर के मुकाबले आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूजर्स का ध्यान ज्यादा से ज्यादा समय तक बनाए रखने पर फोकस्ड हो गए हैं. अब जब AI इंटरनेट और लोगों के आपस में जुड़ने के तरीके को तेजी से बदल रहा है, Büyükkökten फिर से सोशल मीडिया के उस दौर की ओर लौटना चाहते हैं, जहां हर ऑनलाइन कनेक्शन के पीछे एक असली इंसान मौजूद होता था. उनका मानना है कि सोशल नेटवर्किंग का मकसद सिर्फ लोगों का ध्यान खींचना नहीं, बल्कि लोगों के बीच भरोसा, अपनापन और एक मजबूत कम्युनिटी तैयार करना होना चाहिए. ये भी पढ़ें: Google ने पेश किया सबसे दमदार AI मॉडल Gemini 4 Argon, पर आम यूजर्स को अभी करना होगा इंतजार, जानें खासियतें और कीमत The post जिस Orkut को Google ने 2014 में किया था बंद, क्या अब उसकी हो रही वापसी? फाउंडर ने शुरू किया कैंपेन appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

सामूहिक दुष्कर्म मामले में फरार दूसरा आरोपित गिरफ्तार

गुप्त सूचना पर पुलिस ने घर से दबोचा, घटना के दिन ही एक आरोपित की हुई थी गिरफ्तारी नया विचार न्यूज़ सरायरंजन (समस्तीपुर)। मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के एक गांव में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान मुसरीघरारी थाना क्षेत्र की लाटबसेपुरा पंचायत के वार्ड संख्या 11 निवासी हरिश्चंद्र साहनी के पुत्र विजय साहनी के रूप में की गई है। पुलिस ने उसे शुक्रवार की शाम गुप्त सूचना के आधार पर उसके घर से गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के एक गांव में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के दिन ही एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, दूसरा आरोपित विजय साहनी फरार चल रहा था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। इसी क्रम में शुक्रवार की शाम पुलिस को आरोपित के घर पर मौजूद होने की गुप्त सूचना मिली। सूचना के आधार पर मुसरीघरारी थानाध्यक्ष कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपित को थाने ले आई। इसके बाद मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले आरोपित को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही फरार चल रहे दूसरे आरोपित की तलाश की जा रही थी। शुक्रवार को हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी है।

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भारतीय मूल की नावी पिल्लई को मिला 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार

हिंदुस्तानीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी न्यायविद (ज्यूरिस्ट) नवनथेम ‘नावी’ पिल्लई को वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला है. उन्हें यह पुरस्कार शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों के लिए दिया गया है. पिल्लई ने युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों और नरसंहार के दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने में अहम योगदान दिया है. अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूत करने में अहम योगदान नोबेल समिति के अनुसार, इस वर्ष की पुरस्कार विजेता ने अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे और प्रभाव को व्यापक बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है. उन्होंने अपने कामों से यह साबित किया है कि कानूनी उपायों और अंतरराष्ट्रीय न्यायिक संस्थाओं के ज़रिए युद्ध, हिंसा और मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं. दक्षिण अफ्रीका से अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों तक का सफर नावी पिल्लई दक्षिण अफ्रीका के हाई कोर्ट में जज के तौर पर काम कर चुकी हैं. इसके अलावा उन्होंने रवांडा के लिए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कोर्ट में भी अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं. वह संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त भी रह चुकी हैं. उनके लंबे न्यायिक करियर में अंतरराष्ट्रीय न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा प्रमुख प्राथमिकताएं रही हैं. संयुक्त राष्ट्र की जांच समिति की भी कर चुकी हैं अध्यक्षता पिल्लई ने हाल तक कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र पर संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की अध्यक्षता की थी. इसके अलावा वह अंतरराष्ट्रीय कोर्ट (आईसीजे) में म्यांमार के खिलाफ नरसंहार के आरोपों से जुड़े मामले में जज के तौर पर काम कर रही हैं. उनके अनुभव ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गंभीर अपराधों की जवाबदेही तय करने के प्रयासों को मजबूती दी है. न्याय और जवाबदेही की दिशा में उल्लेखनीय भूमिका नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने कहा कि ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय मुकदमों में पिल्लई ने दिखाया है कि कानूनी उपाय युद्ध और हिंसा की घटनाओं को रोकने में मददगार हो सकते हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून की संस्थाओं को मजबूत करने में भी योगदान दिया है. समिति के मुताबिक, उनकी स्वतंत्रता, विशेषज्ञता और दृढ़ता ने उन्हें हमारे समय के सबसे सम्मानित अंतरराष्ट्रीय न्यायविदों में शामिल किया है. शांति और मानवाधिकारों के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून की अहमियत नोबेल समिति के इस फैसले ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापित करने में कानून, न्याय और जवाबदेही की भूमिका को रेखांकित किया है. पिल्लई का काम इस विचार को मजबूती देता है कि युद्ध अपराधों और मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना स्थायी शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. ये भी पढ़ें: रूसी सेना में 259 हिंदुस्तानीयों की भर्ती, 69 की जान को खतरा; 2 लाख सैलरी का लालच देकर भेजा था युद्ध में The post हिंदुस्तानीय मूल की नावी पिल्लई को मिला 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Protest: मेट्रो-ट्रेन पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जनता की परेशानियों का हवाला देकर कहा- ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़ा न चलाएं’

Delhi Protest : 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार बंद करने और सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है. अदालत ने कहा कि मेट्रो के गेट पूरी तरह बंद होने से छात्रों, कर्मचारियों और बुजुर्गों समेत हजारों यात्रियों को परेशानी हो सकती है. इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र प्रशासन से चर्चा कर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया. मेट्रो गेट बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद करने का असर बड़ी संख्या में आम लोगों पर पड़ेगा. गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा और दूसरे इलाकों से दिल्ली आने वाले यात्रियों को इससे परेशानी हो सकती है. अदालत ने कहा कि प्रतिबंधों पर विचार करते समय आम लोगों की जरूरतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है. प्रदर्शन के लिए दूसरी जगह तलाशने का सुझाव मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने सुझाव दिया कि प्रदर्शनकारियों को अपनी लोकतांत्रिक मांग रखने का अधिकार देते हुए उनके लिए किसी बड़े वैकल्पिक खुले स्थान की पहचान की जा सकती है. उन्होंने कहा कि ऐसी जगह पर जरूरी सुविधाएं और आपात स्थिति में पहुंचने की व्यवस्था होनी चाहिए. CJI ने प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर बच्चों और चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ने वाले लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है. CJI सूर्यकांत ने कहा कि आपको कुछ चीजों को रोकना ही होगा. उन्हें रोकने के लिए सिर्फ उतनी ही कार्रवाई करें जितनी जरूरी हो. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल करें. इस बात का हमेशा ध्यान रखा जाना चाहिए. प्रशासन से चर्चा करेंगे तुषार मेहता सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार बंद करने के मुद्दे पर प्रशासन से चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा कि हालात के हिसाब से प्रतिबंधों को नियंत्रित किया जा सकता है और समय-समय पर उनकी समीक्षा भी की जा सकती है. मेहता ने आश्वासन दिया कि रेलवे सेवाओं और मेट्रो स्टेशनों को लेकर उचित और स्थिति के अनुरूप कदम उठाए जाएंगे. प्रदर्शन की अनुमति को चुनौती देने का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के फैसले को जब तक अदालत में चुनौती नहीं दी जाती, तब तक प्रतिबंधों को किस हद तक कम किया जा सकता है, इस पर विचार करना मुश्किल होगा. अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन आयोजित करने की मांग करने वाला समूह उस समय उसके सामने मौजूद नहीं था. इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दोपहर 2 बजे फिर से मामले का उल्लेख करने की अनुमति मांगी. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के आयोजकों को अदालत के सामने पेश किया जाएगा. ट्रेन, मेट्रो और इंटरनेट सेवाओं पर भी उठे सवाल सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द किए जाने, मेट्रो सेवाएं बंद करने की प्रस्तावित योजना और राजधानी में इंटरनेट सेवाएं निलंबित किए जाने की आशंकाओं का मुद्दा उठाया. अदालत में इन प्रतिबंधों के आम लोगों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई गई. मामले में प्रशासन से चर्चा और प्रदर्शन के आयोजकों की ओर से पक्ष रखे जाने के बाद प्रतिबंधों के दायरे पर आगे विचार किए जाने की संभावना है. ये भी पढ़ें: PM Kisan: Farmer ID नहीं बनी तो अटक सकती है ₹2,000 की किस्त? जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी से बढ़ी किसानों की परेशानी The post Delhi Protest: मेट्रो-ट्रेन पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जनता की परेशानियों का हवाला देकर कहा- ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़ा न चलाएं’ appeared first on Naya Vichar.

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योगी कैबिनेट का फैसला: यूपी के सबसे बड़े एयरपोर्ट का बदला गया नाम, अब PM नरेंद्र मोदी के नाम से जाना जाएगा नोएडा जेवर एयरपोर्ट

UP Cabinet Meeting: उत्तर प्रदेश में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा जेवर रखने का प्रस्ताव पास किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी दी. मंत्री परिषद ने जेवर एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी सौगात बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया. यूपी का सबसे बड़ा एयरपोर्ट, भविष्य में बनेगा एविएशन हब उत्तर प्रदेश मंत्री परिषद ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर राज्य का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है और भविष्य में यह देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने जा रहा है. इसी महत्व को देखते हुए मंत्री परिषद ने एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का प्रस्ताव पारित किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना मंत्री परिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, प्रेरणादायी मार्गदर्शन और उत्तर प्रदेश के प्रति अटूट एवं निरंतर समर्पण के लिए उनकी मुक्त कंठ से सराहना की. कैबिनेट ने जेवर एयरपोर्ट को राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया. विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित हिंदुस्तान 2047 का संकल्प मंत्री परिषद ने विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित हिंदुस्तान 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए पूर्ण निष्ठा, ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य करने का दृढ़ संकल्प दोहराया. जेवर एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा जेवर रखने का प्रस्ताव इसी कैबिनेट बैठक में पारित किया गया. Must Read– UP में टोल प्लाजा के पास घर है? तो हो सकती है 1,200 की बचत, जल्द आने वाला है सालाना पास, जानें क्या होगा खास The post योगी कैबिनेट का फैसला: यूपी के सबसे बड़े एयरपोर्ट का बदला गया नाम, अब PM नरेंद्र मोदी के नाम से जाना जाएगा नोएडा जेवर एयरपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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BBMKU Convocation 2026: राज्यपाल का स्वागत, छात्राओं को गोल्ड मेडल और जयराम महतो को पीएचडी की डिग्री; तस्वीरों में देखें समारोह

BBMKU के तीसरे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शिरकत की. 99 छात्राओं को गोल्ड मेडल और विधायक जयराम महतो को पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया. The post BBMKU Convocation 2026: राज्यपाल का स्वागत, छात्राओं को गोल्ड मेडल और जयराम महतो को पीएचडी की डिग्री; तस्वीरों में देखें समारोह appeared first on Naya Vichar.

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“कोई ईशान का दीवाना, कोई संजू का फैन”, रांची में मैच से पहले JSCA स्टेडियम के बाहर फैंस का जोश हाई

Ranchi Cricket Match: झारखंड की राजधानी रांची में हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले T20 मुकाबले को लेकर क्रिकेट का जुनून सिर चढ़कर बोल रहा है. जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम के बाहर सुबह से ही क्रिकेट प्रशंसकों की भीड़ जुटने लगी है. मैच शाम सात बजे से शुरू होना है, लेकिन दर्शकों का उत्साह ऐसा है कि एंट्री शुरू होने से करीब दो घंटे पहले ही फैंस अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए स्टेडियम पहुंचने लगे हैं. स्टेडियम के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम मैच को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं. स्टेडियम के गेट समेत प्रवेश द्वारों के आसपास बैरिकेडिंग की गई है. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिसकर्मियों, पेट्रोलिंग टीम और कमांडो की तैनाती की गई है. वहीं, ट्रैफिक पुलिस भी जाम से निपटने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मुस्तैद है. स्टेडियम में प्रवेश करने वाले दर्शकों की सघन जांच की जाएगी. प्रशासन की कोशिश है कि मैच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे और दर्शकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. स्टेडियम के गेट की बाहर की तस्वीर यह भी पढ़ें: IND vs WI T20: रांची में ईशान के दमदार शॉट्स से लेकर वैभव के लंबे छक्कों तक, देखें प्रैक्टिस की धमाकेदार तस्वीरें जीत के लिए हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज में होगी भिड़ंत मैच को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है. हिंदुस्तानीय प्रशंसक जहां टीम इंडिया की जीत की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वहीं मुकाबले में वेस्टइंडीज की टीम भी कड़ी चुनौती पेश करने के इरादे से उतरेगी. फिलहाल स्टेडियम के बाहर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है, पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और क्रिकेट फैंस अपनी पसंदीदा टीम को चीयर करने के लिए तैयार हैं. अब सभी को शाम सात बजे का इंतजार है, जब रांची में क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर पहुंचेगा. ये भी पढ़ें- JPSC रद्द मामले में आज फिर 11 बजे से सुनवाई, जानें JSSC CGL केस में हाईकोर्ट में क्या-क्या हुआ’ The post “कोई ईशान का दीवाना, कोई संजू का फैन”, रांची में मैच से पहले JSCA स्टेडियम के बाहर फैंस का जोश हाई appeared first on Naya Vichar.

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लालू के बाद RJD का सोनिया गांधी से बातचीत खत्म, पप्पू यादव बोले- तेजस्वी कांग्रेसियों को सम्मान नहीं देते

Pappu Yadav: बिहार के पूर्णिया जिले के सांसद पप्पू यादव के बयान को लेकर सियासी गलियारे में चर्चा तेज हो गई है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर आरोप लगाए हैं. तेजस्वी यादव पर पप्पू यादव ने कांग्रेसियों का अपमान करने के साथ-साथ उन्हें बीजेपी का बी टीम भी बताया. उन्होंने तेजस्वी यादव का बीजेपी से सांठगांठ होने की भी बात कही. आरजेडी और सोनिया गांधी की बात बंद पप्पू यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, जब तक लालू प्रसाद थे तब तक उनका और आरजेडी का कांग्रेस और सोनिया गांधी से बातचीत होती थी. लेकिन अब स्थिति इसके उलट हो गई है. आज की तारीख में दोनों के बीच बातचीत नामुमकिन है. इतना ही नहीं, उन्होंने स्पष्ट कहा कि तेजस्वी यादव कांग्रेसियों का सम्मान नहीं करते हैं. नया विचार से खास बातचीत के दौरान भी उन्होंने यह क्लियर किया. कांग्रेस को पप्पू यादव ने बताया बड़ा भाई सांसद पप्पू यादव से कांग्रेस और आरजेडी के बीच बातचीत को लेकर सवाल किया गया था. इस पर उन्होंने कहा, बातचीत तो होती ही नहीं है. लालू प्रसाद थे तब उम्मीद थी. सोनिया गांधी से बातचीत हो जाती थी. दोनों एक-दूसरे का सम्मान भी करते हैं. साथ ही आगे पप्पू यादव ने यह भी कहा कि कांग्रेस बड़े भाई की भूमिका में है. तेजस्वी यादव से सांसद ने पूछा आप कांग्रेस के बगैर हैं कौन? तेजस्वी पर बीजेपी से सांठगांठ का आरोप पप्पू यादव इतने पर ही नहीं रुके. आगे उन्होंने यह भी कहा, तेजस्वी यादव बीजेपी से ना लड़कर कांग्रेस से लड़ रहे हैं. तेजस्वी की सांठगांठ बीजेपी से है. उन्होंने इशारे-इशारे में तेजस्वी यादव को बीजेपी का बी टीम बताया. पप्पू यादव ने कहा, वह बीजेपी को जिताने और कांग्रेस को हराने के लिए यह सारा गेम स्पोर्ट्स रहे हैं. पप्पू यादव के बयान के बाद चर्चा तेज पप्पू यादव के इस बयान के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. खासकर महागठबंधन में टूट की चर्चा फिर तेज हो गई है. एमएलसी चुनाव की बात करें तो, कई सीटों पर आरजेडी और कांग्रेस आमने-सामने होंगे. इस तरह से एक ही गठबंधन के नेता एक-दूसरे को टक्कर देंगे. लेकिन उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर तेजस्वी यादव का कहना था कि स्थानीय निकाय चुनावों का स्वरूप अलग होता है और इसमें पहले भी घटक दलों ने अपने-अपने स्तर पर उम्मीदवार उतारे हैं. Also Read: रोहिणी आचार्य ने लालू प्रसाद का हेयर स्टाइल बनाते वीडियो किया शेयर, कहा-रिश्तों की मर्यादा को मैंने हमेशा दिल से संभाला The post लालू के बाद RJD का सोनिया गांधी से बातचीत खत्म, पप्पू यादव बोले- तेजस्वी कांग्रेसियों को सम्मान नहीं देते appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन शुक्रवार रात 9 बजे से होंगे बंद? CJP प्रोटेस्ट से पहले सरकार अलर्ट

Delhi Protest: 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा तैयारियां तेज हो गई हैं. दिल्ली पुलिस ने DMRC को 57 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट बंद करने और कुछ स्टेशनों पर ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी घटाने का प्रस्ताव भेजा है. दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर, ट्रांसपोर्ट रेंज की ओर से गुरुवार को DMRC को पत्र भेजा गया. इसमें कहा गया कि प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए एहतियात के तौर पर चिन्हित स्टेशनों पर जरूरी कदम उठाए जाएं. इन बड़े मेट्रो स्टेशनों के नाम शामिल पुलिस की सूची में राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, पटेल चौक, जनपथ, नई दिल्ली, मंडी हाउस, ITO, सुप्रीम कोर्ट और इंद्रप्रस्थ जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं. इसके अलावा कश्मीरी गेट, करोल बाग, INA, हौज खास, लाजपत नगर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, सीलमपुर, वेलकम, शाहदरा, रिठाला, रोहिणी ईस्ट और रोहिणी वेस्ट समेत कुल 57 स्टेशनों का जिक्र किया गया है. ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी भी घटाने का सुझाव पत्र में सिर्फ गेट बंद करने की बात ही नहीं है. पुलिस ने चिन्हित स्टेशनों पर मेट्रो ट्रेनों की आवाजाही की फ्रीक्वेंसी कम करने का भी प्रस्ताव दिया है. इसके पीछे संवेदनशील इलाकों की ओर भीड़ के बढ़ने की आशंका बताई गई है. DMRC से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जरूरी निर्देश जारी करने की भी अपील की है. DMRC ने इस पर क्या फैसला लिया है, यह अभी साफ नहीं हो पाया है. 10 अक्टूबर को CJP का जंतर-मंतर प्रदर्शन CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में प्रदर्शन का ऐलान किया है. इसे देखते हुए नई दिल्ली जिले और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. Also Read:10 अक्टूबर के CJP मार्च पर दिल्ली पुलिस की सख्त चेतावनी, जंतर-मंतर पर जुटान हुआ तो होगा एक्शन The post दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन शुक्रवार रात 9 बजे से होंगे बंद? CJP प्रोटेस्ट से पहले प्रशासन अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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