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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदना हुआ सस्ता, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फी माफ, बस करना होगा यह काम

इस नीति का मकसद गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और दिल्ली में स्वच्छ परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है. हाइब्रिड वाहनों के लिए कोई प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा. नीति के तहत, 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले सभी इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फी में 100 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी. दिल्ली प्रशासन की नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर सब्सिडी दी जाएगी. जो इस प्रकार होगी. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (स्कूटर/बाइक) खरीदने पर छूट पहले साल: 30,000 रुपये की छूटदूसरे साल: 20,000 रुपये की छूटतीसरे साल: 10,000 रुपये की छूट इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ऑटो/तिपहिया) खरीदने पर छूट पहले साल: 50,000 रुपये की छूटदूसरे साल: 40,000 रुपये की छूटतीसरे साल: 30,000 रुपये की छूट इलेक्ट्रिक कमर्शियल ट्रक (N1 कैटेगरी) खरीदने पर छूट जो लोग माल ढोने वाले छोटे इलेक्ट्रिक ट्रक (N1 श्रेणी) खरीदेंगे, उन्हें प्रशासन की तरफ से सीधे 1 लाख रुपये तक का फायदा मिलेगा. दिल्ली में नई EV Policy को आज कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। राजधानी में व्हीकल पॉल्यूशन पर प्रभावी नियंत्रण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है। नई EV Policy 1 जुलाई 2026 से लागू होगी और 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। नीति की प्रमुख विशेषताएं: 🔹… pic.twitter.com/K27lQPM0va — Rekha Gupta (@gupta_rekha) June 29, 2026 एक अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण नीति के तहत एक जनवरी, 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटोरिक्शा पंजीकृत किए जाएंगे, जबकि नए पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया वाहनों का पंजीकरण चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया जाएगा और एक अप्रैल, 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया जाएगा. दिल्ली में पुरानी गाड़ियों के लिए स्क्रैप पॉलिसी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली की सड़कों से पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने के लिए प्रशासन एक शानदार योजना लेकर आई है. अगर आप अपनी पुरानी गाड़ी को कबाड़ (स्क्रैप) में देते हैं, तो प्रशासन आपको नई गाड़ी खरीदने के लिए नगद छूट (स्क्रैपिंग इंसेंटिव) देगी. पुरानी बाइक या स्कूटर (दोपहिया): 10,000 की छूटपुराना ऑटो (तिपहिया): 25,000 की छूटग्रामीण सेवा वाहन: 15,000 की छूटपुराना छोटा ट्रक (N-1 कैटेगरी): 50,000 की छूटपुरानी कार (चार पहिया): सीधे 1,000,000 (1 लाख) की बंपर छूट ईवी वाहन नीति में खर्च होंगे 15000 करोड़ रुपये दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने के लिए प्रशासन ने एक प्लान तैयार किया है. इस योजना के तहत, अगले 4 सालों में करीब 15,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस पैसे का इस्तेमाल प्रशासनी निवेश, टैक्स में छूट देने और जगह-जगह ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन (बुनियादी ढांचा) जैसी सुविधाएं तैयार करने में किया जाएगा. मार्च 2030 तक 30 फीसदी स्कूल बसें होंगी इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक वाहन नीति में प्रस्तावित है कि मार्च 2030 तक दिल्ली के स्कूल की 30 फीसदी बसें इलेक्ट्रिक होनी चाहिए. यह नीति शून्य-उत्सर्जन परिवहन के माध्यम से दिल्ली को प्रदूषण मुक्त राजधानी में बदलना चाहती है और 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी. कुल पीएम 2.5 प्रदूषण में 50 प्रतिशत योगदान वाहनों का दिल्ली के पीएम 2.5 का सबसे बड़ा स्रोत गाड़ियों से होना वाला उत्सर्जन है. कुल पीएम 2.5 प्रदूषण में लगभग 50 प्रतिशत योगदान वाहनों से निकलने वाले धुएं और उनसे जुड़े उत्सर्जन का है. ेपिछले साल 31 दिसंबर में जारी सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, गत वर्ष सर्दियों में सबसे ज्यादा प्रदूषण अवधि के दौरान, वाहनों ने शहर के स्थानीय पीएम 2.5 स्तरों में लगभग 46 प्रतिशत से 53 प्रतिशत का योगदान दिया था. The post दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदना हुआ सस्ता, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फी माफ, बस करना होगा यह काम appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली में नितिन गडकरी से मिले सीएम सम्राट चौधरी, बिहार के रोड प्रोजेक्ट्स पर लगी मुहर

Samrat Choudhary Nitin Gadkari Meeting: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को दिल्ली पहुंचे और उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से उनके प्रशासनी आवास पर मुलाकात की. इस मीटिंग में बिहार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र और विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे. बैठक में बिहार के अंदर रोड कनेक्टिविटी और नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट्स की बारीकी से समीक्षा की गई. सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि इस मुलाकात का मकसद बिहार की सड़क परियोजनाओं को एक नई और तेज गति देना है. गोरखपुर-सिलीगुड़ी और बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे पर बनी सहमति करीब आधे घंटे तक चली इस बैठक के बाद पथ निर्माण मंत्री शैलेंद्र ने मीडिया को बताया कि बिहार के लगभग सभी हाईवे प्रोजेक्ट्स पर केंद्र प्रशासन के साथ सहमति बन गई है. बैठक में मुख्य रूप से गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे, रक्सौल-हल्दिया और बक्सर-भागलपुर जैसे बड़े हाईवे को लेकर चर्चा हुई और उनके काम को आगे बढ़ाने पर मुहर लगी. इसके अलावा, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के जो प्रोजेक्ट जमीन अधिग्रहण या अतिक्रमण की वजह से फंसे हुए थे, उनका भी समाधान निकाल लिया गया है. नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री @nitin_gadkari जी के साथ बिहार की कनेक्टिविटी को नई गति प्रदान करने तथा विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों एवं चल रही तथा प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक की। इस अवसर पर बिहार के माननीय… pic.twitter.com/uP9YwQw8BO — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 29, 2026 फोरलेन को सिक्सलेन में बदलने की तैयारी पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि बिहार प्रशासन ने केंद्र के सामने राज्य के फोरलेन हाईवे को सिक्सलेन में बदलने का प्रस्ताव रखा है. इसके साथ ही जहां भी जमीन मिलने में दिक्कत आ रही है या वन विभाग के क्लीयरेंस की वजह से काम रुका हुआ है, उन रुकावटों को तेजी से दूर किया जा रहा है. सीएम सम्राट चौधरी सोमवार दोपहर पटना से दिल्ली आए थे, हवाई अड्डे से सीधे बिहार भवन और फिर गडकरी के आवास पहुंचे. वे आज रात ही वापस पटना लौट जाएंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चाओं के बीच हुई मुलाकात यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब दिल्ली के सियासी गलियारों में नरेंद्र मोदी कैबिनेट के विस्तार और फेरबदल की समाचारें तेज हैं. माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जल्द ही बड़ा बदलाव हो सकता है, जिसके तहत कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और कुछ के विभाग बदले जा सकते हैं. इस चर्चा में नितिन गडकरी का नाम भी शामिल है, जो साल 2014 से लगातार इस मंत्रालय को संभाल रहे हैं. इसे भी पढ़ें: बिहार के इन दो जिलों के बीच का सफर होगा आसान, 82 करोड़ होंगे खर्च, बनेगा नया बाईपास अब 2500 स्कूटी सवार स्त्री सिपाही रखेंगी मनचलों पर नजर, प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन The post दिल्ली में नितिन गडकरी से मिले सीएम सम्राट चौधरी, बिहार के रोड प्रोजेक्ट्स पर लगी मुहर appeared first on Naya Vichar.

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तीस्ता के बहाने चिकन-नेक के पास चीन की दस्तक, भारत की चिंता के बीच ड्रैगन का आया बयान

Teesta River Project: बीजिंग में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा- चीन बांग्लादेश की ‘तीस्ता नदी व्यापक उपचार और पुनर्वास परियोजना’ को अपना समर्थन देने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने इसे आम जनता के आजीविका से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बताया, जिसे ढाका (बांग्लादेश प्रशासन) बहुत अधिक महत्व देता है. सहयोग के लिए चीन तैयार चीनी प्रवक्ता ने कहा, चीन, बांग्लादेश के साथ अपनी विकास रणनीतियों में अधिक तालमेल बिठाने के लिए तैयार है. हम वित्तीय स्थिति, व्यापार, जल संरक्षण और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी आदान-प्रदान और सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. हिंदुस्तान की आपत्ति पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए प्रवक्ता ने कहा, मैं इस बात पर विशेष जोर देना चाहूंगा कि चीन-बांग्लादेश सहयोग किसी तीसरे पक्ष को लक्षित नहीं करता है और इसे तीसरे पक्ष के प्रभाव से सर्वथा मुक्त होना चाहिए. हिंदुस्तान ने तीस्ता नदी परियोजना में चीन की भागीदारी का किया है विरोध हिंदुस्तान ने तीस्ता नदी से संबंधित परियोजनाओं में चीन की किसी भी भागीदारी का विरोध किया है क्योंकि यह बांग्लादेश के साथ सीमा के एक संवेदनशील क्षेत्र के निकट स्थित है. तीस्ता नदी पूर्वी हिमालय से निकलकर सिक्किम और पश्चिम बंगाल से होते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है, जहां यह लाखों लोगों के लिए सिंचाई और आजीविका का एक प्रमुख स्रोत है. हिंदुस्तान की क्या है चिंता? तीस्ता नदी हिंदुस्तान के चिकन-नेक (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) के बेहद करीब है, जो सामरिक दृष्टिकोण से हिंदुस्तान के लिए बेहद संवेदनशील इलाका है. ऐसे में इस परियोजना में चीन का वित्तीय और तकनीकी हस्तक्षेप हिंदुस्तान की आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय कूटनीति के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है. यही वजह है कि हिंदुस्तान इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है. ये भी पढ़ें: ट्रंप का दावा- दोहा में बैठक के लिए ईरान ने किया अनुरोध, तेहरान का इनकार खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होगा हिंदुस्तान: बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्य मंत्री करेंगे देश का प्रतिनिधित्व The post तीस्ता के बहाने चिकन-नेक के पास चीन की दस्तक, हिंदुस्तान की चिंता के बीच ड्रैगन का आया बयान appeared first on Naya Vichar.

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यूसीसी पर विधानसभा में शुभेंदु की घोषणा- 2 जुलाई को कैबिनेट में आयेगा बिल, जस्टिस रंजना प्रकाश होंगी ड्राफ्ट कमेटी की अध्यक्ष

UCC Bill: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को घोषणा की कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक का मसौदा 2 जुलाई को राज्य मंत्रिमंडल के सामने पेश किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने बंगाल विधानसभा में इसकी घोषणा की. जस्टिस रंजना प्रकाश होंगी ड्राफ्ट कमेटी की अध्यक्ष मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई उस समिति की अध्यक्षता करेंगी, जो यूसीसी विधेयक तैयार करेगी. उन्होंने कहा कि विधेयक बाद में विधानसभा में पेश किया जायेगा. UCC Bill: समान नागरिक कानून बनाना है उद्देश्य प्रस्तावित कानून का उद्देश्य धर्म को परे रखकर विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने से संबंधित एक समान नागरिक संहिता बनाना है. The post यूसीसी पर विधानसभा में शुभेंदु की घोषणा- 2 जुलाई को कैबिनेट में आयेगा बिल, जस्टिस रंजना प्रकाश होंगी ड्राफ्ट कमेटी की अध्यक्ष appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप का दावा- दोहा में बैठक के लिए ईरान ने किया अनुरोध, तेहरान का इनकार

Iran US Conflict: अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर ट्वीट किया है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है. यह कल दोहा में होगी. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोनों देशों के बीच बीते कुछ दिनों से तनाव बढ़ा है. US President Donald Trump says, “Iran has requested a meeting. It will take place tomorrow in Doha.” pic.twitter.com/KU9TCROsZW — ANI (@ANI) June 29, 2026 होर्मुज स्ट्रेट विवाद पर हो सकती है चर्चा अगर कतर के दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच बैठक होती है तो इसका मुख्य एजेंडा होर्मुज से जुड़े तनाव को कम करना हो सकता है. यह रणनीतिक समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए काफी अहम रास्ता है. बीते एक सप्ताह से सैन्य कार्रवाई के कारण दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा है. अमेरिकी अधिकारी ने कहा- सैन्य गतिविधियां रोकने पर फिलहाल सहमति न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक अमेरिकी अधिकारी के बयान के मुताबिक बताया है कि दोनों पक्षों ने फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है. वहीं एक अन्य अधिकारी के अनुसार तकनीकी स्तर पर बातचीत जारी रहने तक जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रह सकती है. ईरान ने किया ट्रंप के दावे का खंडन इधर, ईरान ने दोहा में किसी भी बैठक की समाचारों को सिरे से खारिज कर दिया है. ईरान के प्रशासनी प्रसारक आईआरआईबी (IRIB) के अनुसार, उप विदेश मंत्री (कानूनी एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों) काजेम गरीबाबादी ने साफ तौर पर कहा कि इस सप्ताह किसी भी कार्य समूह की बैठक निर्धारित नहीं है. गरीबाबादी ने कहा कि कतर के साथ संपर्क और परामर्श पहले की तरह जारी है, जिसमें दूसरे पक्ष की प्रतिबद्धताओं के पालन पर भी चर्चा हो रही है. हालांकि, उन्होंने दोहा में तकनीकी कार्य समूह की बैठक होने संबंधी मीडिया रिपोर्टों की पुष्टि करने से इनकार कर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि वार्ता का पहला दौर तभी आयोजित किया जाएगा, जब जरूरी परिस्थितियां अनुकूल होंगी और तिथि व स्थान पर दोनों पक्षों की सहमति बन जाएगी. ये भी पढ़ें: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की धमकी दी, अमेरिका को बताया धोखेबाज कतर निभा रहा है मध्यस्थ की भूमिका ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को कम करने के प्रयासों में कतर अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने के लिए कतर लगातार संपर्क में है और मध्यस्थ देशों के माध्यम से परामर्श जारी है. अलग-अलग बयानों से बनी असमंजस की स्थिति अमेरिका और ईरान की तरफ से बैठक को लेकर अलग-अलग बयानों ने असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है. एक ओर जहां डोनाल्ड ट्रंप ने दोहा में बैठक की घोषणा कर दी है, वहीं ईरान ने ऐसी किसी तकनीकी वार्ता से इनकार किया है. दोनों देशों के विरोधाभासी बयानों से यह साफ है कि वार्ता को लेकर अभी भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है. Also Read: न थमी रफ्तार, न बुझा चूल्हा: होर्मुज के चक्रव्यूह को हिंदुस्तान ने ’41 दरवाजों’ से ऐसे तोड़ा The post ट्रंप का दावा- दोहा में बैठक के लिए ईरान ने किया अनुरोध, तेहरान का इनकार appeared first on Naya Vichar.

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उत्तर प्रदेश में विमान की क्रैश-लैंडिंग, महिला पायलट सुरक्षित

Uttar Pradesh Plane Crash: DGCA के अनुसार, अलीगढ़ में सोलो फ्लाइंग कर रहा चेतक एविएशन का सेसना 152 एयरक्राफ्ट (VT-AFB) यूपी के कासगंज में एक खेत में क्रैश-लैंड हो गया. रेगुलेटरी बॉडी इस घटना की जांच कर रही है. जमीन पर गिरने से पहले हाई-टेंशन तार से टकराया विमान अलीगढ़ हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाला यह विमान कासगंज जिला मुख्यालय क्षेत्र में पुलिस लाइंस के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. पुलिस ने पीटीआई को बताया कि जमीन पर गिरने से पहले विमान एक हाई-टेंशन तार से टकरा गया था. पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने बताया कि विमान क्षेत्र के ऊपर उड़ान भर रहा था कि तभी अचानक उसकी ऊंचाई कम होने लगी और वह पास के एक खेत में जा गिरा. उन्होंने बताया, नीचे आते समय विमान हाई-टेंशन तार से टकरा गया, जिससे तार टूट गए और विमान को भी काफी नुकसान पहुंचा. #WATCH | Chetak Aviation Cessna 152 aircraft VT-AFB engaged in solo flying at Aligarh crash landed in a field in UP’s Kasganj today, says DGCA. The regulatory body is investigating the incident pic.twitter.com/M8a3hHtdtV — ANI (@ANI) June 29, 2026 महाराष्ट्र की रहने वाली है पायलट पुलिस के मुताबिक, घायल प्रशिक्षु पायलट की पहचान महाराष्ट्र निवासी कायनात के रूप में हुई है और उसे तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है. चिकित्सकों के अनुसार, उसकी हालत स्थिर है. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी और बचाव दल घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी बचाव दलों के साथ मौके पर पहुंचे और एहतियात के तौर पर दुर्घटनास्थल की घेराबंदी कर दी गई. बिजली विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारी भी क्षतिग्रस्त बिजली लाइन की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मौके पर पहुंचे. हाई-टेंशन तार टूटने के बाद आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती गई. जांच में सहायता के लिए अलीगढ़ से भी एक टीम कासगंज पहुंची है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले अचानक तेजी से नीचे आया था. जांच के आदेश दिए गए अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है लेकिन तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है. प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा. The post उत्तर प्रदेश में विमान की क्रैश-लैंडिंग, स्त्री पायलट सुरक्षित appeared first on Naya Vichar.

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न थमी रफ्तार, न बुझा चूल्हा: होर्मुज के चक्रव्यूह को भारत ने ’41 दरवाजों’ से ऐसे तोड़ा

Strait of Hormuz: BPCL के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर जी कृष्णकुमार ने बताया- कैसे हिंदुस्तान ने पिछले 10 सालों में शांति के दिनों में जो तैयारी की थी, उसने संकट के समय देश को बचा लिया. रिफाइनरी को नेतृत्व नहीं, सिर्फ कच्चे तेल से मतलब जी कृष्णकुमार ने न्यूज एजेंसी एएनआई में लिखे अपने लेख में कहा- किसी भी रिफाइनरी को वैश्विक नेतृत्व (Geopolitics) से कोई फर्क नहीं पड़ता। उसे सिर्फ इस बात की चिंता होती है कि उसकी टंकियों में कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) आता रहे और सप्लाई समय पर हो. होर्मुज संकट के दौरान हिंदुस्तान के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी, क्योंकि हिंदुस्तान अपनी जरूरत का 40% से ज्यादा कच्चा तेल, 80% से ज्यादा एलपीजी (LPG) और 55% से ज्यादा एलएनजी (LNG) इसी रास्ते से मंगाता था. इसके बावजूद, संकट के 100 दिनों के दौरान देश का एक भी पेट्रोल पंप खाली नहीं रहा, न ही रसोई गैस और सीएनजी की किल्लत हुई. Forty-one doors, one resilient system: how India kept pumps and kitchens running without Hormuz or through Hormuz disruption Read @ANI Story | https://t.co/x2dk3yuDP1#India #Hormuz #EnergyCrisis pic.twitter.com/EmnXtu9PpQ — ANI Digital (@ani_digital) June 29, 2026 पड़ोसी देश हुए पस्त, हिंदुस्तान रहा मस्त जहां एक तरफ इस संकट के कारण चीन को अपने कच्चे तेल के आयात में 45% की कटौती करनी पड़ी, वहीं जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों को अपने आपातकालीन भंडार (स्ट्रेटेजिक रिजर्व) पर निर्भर होना पड़ा. इसके विपरीत, हिंदुस्तान की रिफाइनरियों ने 100% क्षमता के साथ काम करना जारी रखा. यह सफलता रातोंरात नहीं मिली. हिंदुस्तान ने पिछले दो दशकों में अपने तेल सप्लायर देशों की संख्या 27 (साल 2006-07) से बढ़ाकर 41 कर दी है. जब होर्मुज का रास्ता बंद हुआ, तो हिंदुस्तान ने रूस, अफ्रीका और अमेरिकी देशों से तेल मंगाकर कमी को तुरंत पूरा कर लिया. उज्ज्वला लाभार्थियों को 642 रुपये में ही मिला सिलेंडर एलपीजी के मोर्चे पर संकट सबसे बड़ा था क्योंकि 80% रसोई गैस होर्मुज के रास्ते ही आती है. प्रशासन ने तुरंत घरेलू रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया, जिससे उत्पादन 35 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 54 हजार मीट्रिक टन रोजाना हो गया. साथ ही देश में एलपीजी टर्मिनल की संख्या 11 से बढ़कर 22 हो चुकी थी, जिससे नए रास्तों से गैस मंगाना आसान हुआ. सबसे बड़ी बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1,600 रुपये से पार होने के बावजूद, प्रशासन ने उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 642 रुपये में ही सिलेंडर देना जारी रखा. किसने उठाया नुकसान का बोझ? जी कृष्णकुमार ने साफ किया कि इस संकट की एक बड़ी कीमत भी चुकानी पड़ी1 आम जनता को महंगे तेल और गैस से बचाने के लिए प्रशासनी तेल कंपनियों (OMCs) ने सिर्फ पहली तिमाही में 61,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाया. इसके अलावा रसोई गैस की कीमतों को काबू में रखने के लिए 30,000 करोड़ रुपये अलग से खर्च किए गए. प्रशासन ने अपनी तरफ से एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में कटौती कर इस पूरे वित्तीय झटके को खुद झेला, ताकि देश के बजट पर असर न पड़े. भविष्य के लिए क्या है सीख? पूर्व बीपीसीएल अध्यक्ष के मुताबिक, इस संकट से सीख लेते हुए हिंदुस्तान को अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करना होगा. उन्होंने सुझाव दिए कि हिंदुस्तान को बीकानेर और बीना में अपने रणनीतिक तेल भंडार (SPR) को और बढ़ाना चाहिए. एक अलग ‘एनर्जी सिक्योरिटी फंड’ (ऊर्जा सुरक्षा कोष) बनाना चाहिए. ओमान-गुजरात गहरे समुद्र के पाइपलाइन प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाना चाहिए. किसी भी एक क्षेत्र से तेल के आयात को कुल जरूरत के 40% से कम पर सीमित रखना चाहिए. ये भी पढ़ें: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की धमकी दी, अमेरिका को बताया धोखेबाज The post न थमी रफ्तार, न बुझा चूल्हा: होर्मुज के चक्रव्यूह को हिंदुस्तान ने ’41 दरवाजों’ से ऐसे तोड़ा appeared first on Naya Vichar.

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Fact Check: क्या उर्फी जावेद ने बदल लिया अपना धर्म और बन गईं ‘रीता भारद्वाज’? वायरल दावे पर एक्ट्रेस ने बताई सच्चाई

Uorfi Javed Religion Change Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें डीडी न्यूज की एक पूर्व पत्रकार ने दावा किया कि उर्फी जावेद ने अपना नाम बदलकर ‘रीता भारद्वाज’ रख लिया है और उन्होंने धर्म परिवर्तन भी कर लिया है. इतना ही नहीं, वीडियो में उर्फी के कपड़ों को लेकर भी कई बातें कही गईं और दावा किया गया कि वह सिर्फ “आधे नंगे कपड़े” पहनने की वजह से मशहूर हैं. अब इन दावों पर खुद उर्फी जावेद ने चुप्पी तोड़ते हुए करारा जवाब दिया है. Uorfi Javed Reaction: उर्फी जावेद ने क्या कहा? उर्फी जावेद ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा कि उन्होंने न अपना नाम बदला है और न ही धर्म बदला है. साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि वह किसी भी धर्म को नहीं मानती हैं. उर्फी ने आगे कहा कि अगर किसी को उनकी आलोचना करनी है तो बेझिझक करे, लेकिन फेक न्यूज फैलाने से बचे. उन्होंने पत्रकार को सलाह देते हुए लिखा कि किसी के बारे में कुछ भी कहने से पहले थोड़ा होमवर्क कर लेना चाहिए. यहां देखें उर्फी जावेद की स्टोरी- Uorfi Javed Allegation: उर्फी ने लगाया परेशान करने वाले मैसेज भेजने का आरोप उर्फी जावेद का दावा है कि पोस्ट शेयर करने के बाद उस स्त्री ने उन्हें कई आपत्तिजनक और परेशान करने वाले मैसेज भेजे. उनके मुताबिक, बाद में स्त्री ने अपना वीडियो डिलीट कर दिया और उन्हें ब्लॉक भी कर दिया. उर्फी ने यह भी बताया कि वे उन मैसेज के स्क्रीनशॉट शेयर नहीं कर सकतीं, क्योंकि उनमें अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था. यहां देखें उर्फी जावेद की स्टोरी- Uorfi Javed Career: इन शोज से मिली पहचान उर्फी जावेद अपने अलग फैशन स्टाइल और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं. हालांकि, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी इंडस्ट्री से की थी. वह ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’, ‘कसौटी जिंदगी की 2’, ‘बेपनाह’, ‘चंद्र नंदिनी’ और कई दूसरे टीवी शोज में नजर आ चुकी हैं. साल 2025 में उन्होंने रियलिटी शो ‘द ट्रेटर्स इंडिया’ का खिताब भी अपने नाम किया. यह भी पढ़ें: उर्फी जावेद को किसने पीटा? आंख के नीचे काले निशान देख फैंस हुए परेशान, वायरल हो रही ये तसवीर यह भी पढ़ें: Urfi Javed Skincare Tips: उर्फी जावेद जैसा आप भी पाना चाहती हैं ग्लो, तो आजमाएं ये स्किन केयर टिप्स The post Fact Check: क्या उर्फी जावेद ने बदल लिया अपना धर्म और बन गईं ‘रीता भारद्वाज’? वायरल दावे पर एक्ट्रेस ने बताई सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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क्या बिहार शिक्षा विभाग में हुआ अरबों का घोटाला? सुधाकर सिंह ने किया दावा, जानें पूरा मामला

Bihar Education Scam: आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार प्रशासन और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर पर कई आरोप लगाए हैं. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि बिहार के शिक्षा विभाग में पिछले कई सालों से बहुत बड़े लेवल पर घोटाले हो रहे हैं. उन्होंने आनंद किशोर को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वे सबसे बड़े माफिया हैं और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने के साथ-साथ घोटालों का पूरा नेटवर्क खड़ा करने में उनकी बड़ी भूमिका रही है. सांसद ने पिछले 10 सालों में हुई परीक्षाओं की धांधली और टॉपर घोटाले को भी इसी का हिस्सा बताया. रिशु श्री मामले को लेकर घेरा, टेंडर देने का लगाया आरोप सांसद सुधाकर सिंह ने विवादों में चल रहे रिशु श्री मामले का जिक्र करते हुए प्रशासन को घेरा. उन्होंने दावा किया कि रिशु श्री को सबसे पहले प्रशासनी टेंडर दिलाने का काम आनंद किशोर ने ही किया था. इसी टेंडर के बाद से शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर पैसों की हेराफेरी शुरू हुई. सांसद ने इन आरोपों से जुड़ा कोई भी दस्तावेज अभी पब्लिक के सामने नहीं रखा है. पटना: आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार के आईएएस अधिकारी आनंद किशोर और रिशु श्री टेंडर घोटाला मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. IAS आनंद किशोर और रिशु श्री टेंडर मामले पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने शिक्षा विभाग में घोटाले, टॉपर घोटाले और पिछले 10 साल की परीक्षाओं में… pic.twitter.com/rMB5cMIvOb — Naya Vichar (@prabhatkhabar) June 29, 2026 पूर्व मुख्य सचिव दीपक कुमार पर भी साधा निशाना, नौ आईएएस रडार पर सुधाकर सिंह ने सिर्फ आनंद किशोर ही नहीं, बल्कि बिहार के पूर्व मुख्य सचिव दीपक कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि आनंद किशोर को दीपक कुमार का पूरा सपोर्ट हासिल है. उन्होंने मांग की है कि आनंद किशोर समेत राज्य के नौ आईएएस अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें घोटाले का पैसा विदेशों में लगाया आरजेडी सांसद ने दावा किया कि इस घोटाले के जरिए अरबों-खरबों रुपये की चोरी की गई है और उस पैसे को विदेशों में इन्वेस्ट किया गया है. उन्होंने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि अगर प्रशासन उनके खिलाफ कोर्ट जाना चाहती है तो जाए, क्योंकि उनके पास अपने आरोपों को सच साबित करने के लिए पूरे सबूत हैं. सुधाकर सिंह ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच चारा घोटाले की तरह ही सीधे कोर्ट की देखरेख में होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके और दोषियों को सजा मिले. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार प्रशासन भ्रष्ट लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचा रही है. इसे भी पढ़ें: बिहार के इन दो जिलों के बीच का सफर होगा आसान, 82 करोड़ होंगे खर्च, बनेगा नया बाईपास The post क्या बिहार शिक्षा विभाग में हुआ अरबों का घोटाला? सुधाकर सिंह ने किया दावा, जानें पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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जुलाई में कब हैं योगिनी और देवशयनी एकादशी? जानें व्रत की तिथि, पारण समय और पूजा विधि

Ekadashi July 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी तिथि जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित होती है. इस पावन अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखकर श्रीहरि की विशेष उपासना करते हैं. वर्ष 2026 का जुलाई महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने जा रहा है. इस माह में दो प्रमुख एकादशियां योगिनी एकादशी और देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा, जिसके बाद से चातुर्मास का आरंभ होगा. योगिनी एकादशी 2026 आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को श्रद्धापूर्वक करने से व्यक्ति को समस्त पापों से मुक्ति मिलती है तथा जीवन में सुख-समृद्धि, आरोग्य और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है.  व्रत एवं पूजा तिथि: 10 जुलाई 2026, शुक्रवार एकादशी तिथि प्रारंभ: 10 जुलाई 2026, सुबह 08:16 बजे एकादशी तिथि समाप्त: 11 जुलाई 2026, सुबह 05:22 बजे पारण का समय: 11 जुलाई 2026, दोपहर 01:50 बजे से शाम 04:36 बजे तक देवशयनी एकादशी 2026 आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी या हरिशयनी एकादशी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं. इसी दिन से चातुर्मास का शुभारंभ होता है. व्रत एवं पूजा तिथि: 25 जुलाई 2026, शनिवार एकादशी तिथि प्रारंभ: 24 जुलाई 2026, शाम 6:12 बजे एकादशी तिथि समाप्त: 25 जुलाई 2026, रात 8:10 बजे पारण (व्रत खोलने) का समय: 26 जुलाई 2026, सुबह 5:39 बजे से 8:22 बजे तक एकादशी व्रत की सरल पूजा विधि एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छपीले रंग के वस्त्र धारण करें. इसके बाद हाथ में जल लेकर भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें. घर के मंदिर या पूजा स्थल पर एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाएं. उस पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. भगवान विष्णु को पीले पुष्प, अक्षत, चंदन और मौसमी फल अर्पित करें. पूजा में तुलसी दल अवश्य शामिल करें, क्योंकि भगवान विष्णु की पूजा तुलसी के बिना अधूरी मानी जाती है. इसके बाद सात्विक भोग अर्पित करें. घी का दीपक और धूप जलाकर एकादशी व्रत कथा का पाठ करें या श्रवण करें. इसके बाद विष्णु चालीसा, विष्णु सहस्रनाम अथवा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करें. अंत आरती के साथ पूजा संपन्न करें. यह भी पढ़ें: July 2026 Festival List: जुलाई 2026 में व्रत-त्योहारों की भरमार, जानें इस महीने कौन-सा पर्व कब पड़ रहा है  The post जुलाई में कब हैं योगिनी और देवशयनी एकादशी? जानें व्रत की तिथि, पारण समय और पूजा विधि appeared first on Naya Vichar.

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