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Author name: Vinod Jha

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सोना-चांदी इंपोर्ट पर बैंकों और नॉमिनेटेड एजेंसियों की GST छूट हो सकती है खत्म, 7 अक्टूबर को फैसला संभव

GST Council Meeting: फिलहाल सोना, चांदी और प्लैटिनम के आयात पर 3 प्रतिशत IGST लगाया जाता है. हालांकि, बैंकों और प्रशासन द्वारा नामित एजेंसियों के जरिए इन बहुमूल्य धातुओं के आयात पर यह कर नहीं देना पड़ता है. प्रशासन समय-समय पर इन एजेंसियों की सूची जारी करती है. 2017 में दी गई थी कर छूट सूत्रों के मुताबिक, बैंकों और नामित एजेंसियों को यह IGST छूट वर्ष 2017 में कारोबार को आसान बनाने के उद्देश्य से दी गई थी. उस समय बहुमूल्य धातुओं के आयात पर कड़े नियंत्रण लागू थे. छूट वापस लेने के बाद बैंकों और नामित एजेंसियों तथा सर्राफा कारोबारियों के बीच कर व्यवस्था में समानता आ सकती है. इससे दोनों के लिए आयात पर समान कर व्यवस्था लागू होगी. सोने के आयात पर प्रशासन की नजर सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य धातुओं का आयात प्रशासन के लिए चिंता का विषय रहा है. इन धातुओं के आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है. हिंदुस्तान चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है. देश में सोने की मांग मुख्य रूप से आभूषण उद्योग से आती है. सोने-चांदी पर बढ़ाया गया था आयात शुल्क गैर-जरूरी आयात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने मई में सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था. वहीं, प्लैटिनम पर आयात शुल्क 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत किया गया था. ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध के बाद आयात बिल बढ़ने और रुपये पर दबाव के बीच सोने की मांग को लेकर भी प्रशासन चिंता जताती रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से सोने की खरीद से बचने की अपील की है. The post सोना-चांदी इंपोर्ट पर बैंकों और नॉमिनेटेड एजेंसियों की GST छूट हो सकती है खत्म, 7 अक्टूबर को फैसला संभव appeared first on Naya Vichar.

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गंडक तटबंध टूटने के मामले में हो गया एक्शन, 7 इंजीनियर निलंबित, इन पर होगी विभागीय कार्रवाई

पटना से कृष्ण कुमार की रिपोर्ट गंडक नदी में अभूतपूर्व जलस्राव के बाद तटबंधों की सुरक्षा और आकस्मिक स्थिति से निपटने में लापरवाही बरतने के मामले में जल संसाधन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. विभाग ने कुल आठ अभियंताओं के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है. इनमें सात अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया गया है. वहीं, मुख्य अभियंता मुजफ्फरपुर के विरुद्ध भी विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया गया है. नए रिकॉर्ड पर पहुंचा था पानी विभाग के अनुसार नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण गंडक नदी में अभूतपूर्व जलस्राव हुआ. नेपाल के देवघाट में गंडक का जलस्तर ऐतिहासिक उच्चतम स्तर को पार कर गया और नया रिकॉर्ड बना. बिहार में भी बगहा, डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज में नदी का जलस्तर पुराने उच्चतम स्तर को पार करते हुए नए रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. इस दौरान कई स्थानों पर गंडक के तटबंध क्षतिग्रस्त हुए. खतरे के निशान से नीचे आने की संभावना हालांकि अब नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है. सारण के रेवाघाट में जलस्तर अपने उच्चतम स्तर से 177 सेमी घट चुका है और खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे आकर सामान्य हो गया है. वैशाली के लालगंज में भी जलस्तर नए उच्चतम स्तर से 130 सेमी घटा है, लेकिन अभी यह खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर है. विभाग के मुताबिक लालगंज में भी जलस्तर तेजी से घट रहा है और अगले 24 घंटे पटनामें खतरे के निशान से नीचे आने की संभावना है. तटबंधों पर अब दबाव नहीं विभाग के अनुसार फिलहाल तटबंधों पर जलस्तर का दबाव नहीं है और सीपेज तथा पाइपिंग की समस्या भी नहीं है. क्षतिग्रस्त तटबंधों के ब्रीच स्थलों पर पर्याप्त फ्लड फाइटिंग मटेरियल का स्टॉक किया गया है. कट-एंड को सुरक्षित करने और टैगिंग का काम जारी है. आकस्मिक कार्य तेजी से करने का निर्देश विभाग ने बताया कि क्षतिग्रस्त तटबंधों का वरीय पदाधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने तत्काल स्थल निरीक्षण कर आकलन किया था. इसके बाद आकस्मिक कार्य योजना के तहत तेजी से काम करने का निर्देश दिया गया. लेकिन कुछ स्थानीय अभियंताओं द्वारा इसके क्रियान्वयन में शिथिलता और लापरवाही बरती गयी. ब्रीच स्थल से हटने और संसाधन नहीं जुटाने का आरोप जांच में सामने आया कि तटबंध क्षतिग्रस्त होने की आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया में देरी हुई. ब्रीच स्थल पर मौजूद रहकर मटेरियल और मैनपावर की मदद से कट-एंड को सुरक्षित करने के बजाय कुछ अभियंता स्थल से हट गये. स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों को तत्काल जुटाने में भी अक्षमता पायी गयी. मुख्यालय गोदाम पटना और अन्य जिलों से फ्लड फाइटिंग मटेरियल भेजने तथा अतिरिक्त अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति के बावजूद आकस्मिक कार्य योजना को जमीन पर लागू करने में शिथिलता बरती गयी. भारी जनाक्रोश की स्थिति जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से समन्वय का भी अभाव विभागीय आकलन में स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ आवश्यक समन्वय का अभाव भी सामने आया. इसको लेकर कुछ अभियंताओं के खिलाफ स्थानीय स्तर पर भारी जनाक्रोश की स्थिति बनी. विभाग ने माना है कि आपदाजन्य आकस्मिक परिस्थिति में इस तरह की लापरवाही अक्षम्य है. बिहार की ताजा समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें इन सात अभियंताओं को किया गया निलंबित संतोष कुमार प्रभाकर, कार्यपालक अभियंता, छपरा मो. साजिद इकबाल, कार्यपालक अभियंता, गोपालगंज सुनील कुमार, सहायक अभियंता, छपरा विनोद कुमार, सहायक अभियंता, छपरा मो. जावेद अंसारी, सहायक अभियंता, गोपालगंज चंद्रशेखर कुमार, कनीय अभियंता, छपरा विकास कुमार, कनीय अभियंता, गोपालगंज इन लोगों पर होगी विभागीय कार्रवाई इसके अलावा कुमार मनोज गुप्ता, मुख्य अभियंता, मुजफ्फरपुर के विरुद्ध चंपारण तटबंध के क्षतिग्रस्त होने और उसके बाद की जाने वाली आकस्मिक प्रतिक्रिया में शिथिलता एवं लापरवाही बरतने के आरोप में विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि आपदाजन्य आकस्मिक परिस्थिति में कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता और लापरवाही अक्षम्य होगी तथा इसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. Also Read : बिहार के सीमांचल में डेमोग्राफी चेंज जारी, किशनगंज-अररिया समेत इन जिलों में निगरानी तेज, खुफिया एजेंसियां अलर्ट… The post गंडक तटबंध टूटने के मामले में हो गया एक्शन, 7 इंजीनियर निलंबित, इन पर होगी विभागीय कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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नेहा बोरा हिरासत के बाद रिहा, अभिजीत दीपके बोले- ‘दिल्ली पुलिस से बेटियों को बचाओ’

Delhi Protests: AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को नरेला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया है. हालांकि, AISA की ओर से दावा किया गया है कि रिहाई के बाद भी उनका फोन और बैग उनके पास नहीं है. संगठन ने उनकी सुरक्षा और मदद के लिए वकीलों की एक टीम पुलिस स्टेशन भेजने की बात कही है. अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर साधा निशाना CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नेहा बोरा और स्वतंत्र पत्रकार रोजी को हिरासत में लिए जाने को लेकर दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा. उन्होंने एक्स पर लिखा, “दिल्ली पुलिस से बेटियों को बचाओ.” एक अन्य पोस्ट में दीपके ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने “कायरता” दिखाई और आवाज उठाने के लिए नेहा और रोजी को हिरासत में लिया. उन्होंने दावा किया कि एक दिन पहले ACP विवेक भगत ने रोजी के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की थी. दीपके ने आरोप लगाया कि संबंधित पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई करने के बजाय रोजी को ही हिरासत में लिया गया. बिना नंबर वाली गाड़ी में ले जाने का AISA का दावा AISA के सदस्यों ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर के पास हुए विरोध मार्च के दौरान नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस एक निजी वाहन में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गई. संगठन का आरोप है कि वाहन पर आधिकारिक नंबर प्लेट नहीं थी. AISA सदस्यों ने यह भी दावा किया कि नेहा बोरा को ले जाते समय वाहन में कोई स्त्री पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं थी. संगठन ने इसे प्रक्रिया का उल्लंघन बताया है. इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ये भी पढ़ें: VIDEO: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, स्त्री का आरोप- दिल्ली पुलिस ने घसीटा; कपड़े फाड़े जंतर-मंतर की ओर मार्च के दौरान झड़प मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर AISA कार्यकर्ताओं ने रविवार को लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी अशोक रोड स्थित आंध्र भवन सर्कल से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे. इस दौरान बड़ी संख्या में बैरिकेडिंग और भारी पुलिस बल तैनात था. प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई. सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित वीडियो में नेहा बोरा को बैरिकेड पर चढ़ने की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है, जबकि पुलिसकर्मी उन्हें रोकते नजर आ रहे हैं. 150 से अधिक लोगों को हिरासत लिया गया ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में इससे पहले भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था. शनिवार को प्रदर्शन के दौरान 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया था. इससे पहले शुक्रवार को मध्य दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ताओं और नेतृत्वक नेताओं समेत 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था. शुक्रवार को हिरासत में लिए गए लोगों में नेहा बोरा के अलावा आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल थे. पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार के प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी और मध्य दिल्ली में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था. ये भी पढ़ें: Delhi Protest : स्त्रीओं को घसीटा, युवकों से धक्का-मुक्की, पत्रकारों को भी नहीं छोड़ा; दिल्ली पुलिस की हैवानियत का वीडियो The post नेहा बोरा हिरासत के बाद रिहा, अभिजीत दीपके बोले- ‘दिल्ली पुलिस से बेटियों को बचाओ’ appeared first on Naya Vichar.

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India Russia Ties: जयशंकर बोले- जब दुनिया पाकिस्तान के साथ थी, रूस ने भारत का दिया साथ

रूस के साथ हिंदुस्तान की दोस्ती को लेकर अमेरिका और यूरोप के कई देश सवाल उठाते रहे हैं. खासकर यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद हिंदुस्तान के रूस के साथ रिश्तों और वहां से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने कई बार अपनी नाराजगी जाहिर की है. इसको लेकर अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि हिंदुस्तान रूस के साथ अपने रिश्ते किसी दूसरे देश के कहने पर नहीं बदलेगा. जयशंकर ने कहा कि रूस ने मुश्किल समय में हिंदुस्तान का साथ दिया है, इसलिए हिंदुस्तान उस पुराने साथ को नहीं भूल सकता. रूस के साथ हिंदुस्तान की दोस्ती पर जयशंकर ने क्या कहा? रविवार को म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में जयशंकर ने हिंदुस्तान और रूस के रिश्तों को लेकर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने कहा कि People don’t forget good history or bad history (लोग पुराने अच्छे-बुरे अनुभवों को नहीं भुलते). जयशंकर ने यह भी कहा कि 1950 के दशक से ही रूस और हिंदुस्तान के बीच अच्छे संबंध रहे हैं. उस समय दुनिया के कई देश पाकिस्तान की सैन्य प्रशासन के साथ थे, लेकिन सोवियत संघ ने कई मौकों पर हिंदुस्तान का साथ दिया. विदेश मंत्री जयशंकर ने हिंदुस्तान और रूस की दोस्ती को समझने के लिए 1971 के हिंदुस्तान-पाकिस्तान युद्ध को बड़ा उदाहरण बताया. जयशंकर ने कहा कि उस समय हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था. अमेरिका पाकिस्तान के साथ खड़ा था और उसने अपनी नौसेना का एक बड़ा हिस्सा बंगाल की खाड़ी की तरफ भेजा था. लेकिन दूसरी तरफ सोवियत संघ ने हिंदुस्तान का समर्थन किया. यही वजह है कि हिंदुस्तान में रूस को लेकर एक पुराना भरोसा बना हुआ है. जयशंकर ने कहा कि हिंदुस्तान अपने इसी पुराने अनुभव को ध्यान में रखकर रूस के साथ रिश्ते रखता है. हिंदुस्तान रूस से दूरी क्यों नहीं बना रहा? यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका और यूरोप ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं. पश्चिमी देश खासकर अमेरिका चाहता है कि रूस पर दबाव बढ़े और दूसरे देश भी रूस के साथ अपने कारोबार और संबंध कम करें. लेकिन हिंदुस्तान ने ऐसा नहीं किया, हिंदुस्तान का कहना है कि वह अपने फैसले खुद लेगा और सबसे पहले अपने देश के हित को देखेगा. जयशंकर ने कहा कि हिंदुस्तान का रूस के साथ अनुभव अब तक अच्छा रहा है। उन्होंने इसे “positive and consistently positive” बताया. जयशंकर ने कहा कि हिंदुस्तान को रूस के साथ लंबे समय से सहयोग मिला है और इसलिए वह सिर्फ दूसरे देशों के दबाव में आकर यह रिश्ता खत्म नहीं करना चाहता. ये भी पढ़ें: Delhi Protest : स्त्रीओं को घसीटा, युवकों से धक्का-मुक्की, पत्रकारों को भी नहीं छोड़ा; दिल्ली पुलिस की हैवानियत का वीडियो रूस से तेल खरीदने पर हिंदुस्तान का क्या कहना है? हिंदुस्तान और पश्चिमी देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद रूस से तेल खरीदने को लेकर है. यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस पर कई प्रतिबंध लगाए गए. इसके बावजूद हिंदुस्तान ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा. हिंदुस्तान का कहना है कि उसका काम अपने लोगों के लिए तेल की जरूरत पूरी करना है. अगर किसी देश से तेल बेहतर कीमत पर मिलता है, तो हिंदुस्तान वहां से तेल खरीद सकता है. विदेश मंत्रालय ने हिंदुस्तान और रूस के रिश्तों की आलोचना को अनुचित और तर्कहीन बताया है. हिंदुस्तान का कहना है कि अमेरिका ने भी शुरुआत में वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों को संभालने के लिए हिंदुस्तान को रूस से तेल खरीदने की बात कही थी. लेकिन अब दूसरी बात कर रहा. हिंदुस्तान का यह भी कहना है कि वह अपनी जरूरतों के लिए सिर्फ एक देश पर निर्भर नहीं रहना चाहता. म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में जयशंकर ने कहा कि हिंदुस्तान अलग-अलग देशों से तेल और दूसरी जरूरी चीजें खरीदना चाहता है. ताकी अगर किसी एक देश से सप्लाई में दिक्कत आती है, तो हिंदुस्तान के पास दूसरे विकल्प भी मौजूद रहें. क्या हिंदुस्तान यूक्रेन युद्ध का समर्थन करता है? नहीं, हिंदुस्तान ने लगातार कहा है कि युद्ध खत्म होना चाहिए और समस्या का समाधान बातचीत से होना चाहिए. हिंदुस्तान न तो रूस को खुलकर समर्थन दे रहा है और न ही यूक्रेन के साथ अपने संबंध खराब करना चाहता है. हिंदुस्तान का कहना है कि दोनों देशों को बातचीत के जरिए रास्ता निकालना चाहिए. जयशंकर ने बताया कि हिंदुस्तान ने रूस और यूक्रेन दोनों से बातचीत की है. इन बातचीत में काला सागर में जहाजों पर हमले, अनाज की सप्लाई, ऊर्जा और जरूरी बुनियादी ढांचे पर हमले जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं. ये भी पढ़ें: सिंधु जल संधि की बहाली के लिए छटपटा रहा पाकिस्तान, अब हिंदुस्तान को दे रहा नियम-कानून की दुहाई! The post India Russia Ties: जयशंकर बोले- जब दुनिया पाकिस्तान के साथ थी, रूस ने हिंदुस्तान का दिया साथ appeared first on Naya Vichar.

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चिट्ठी आई है: कभी होता था पोस्टमैन का इंतजार, आज नोटिफिकेशन पर टिकी रहती है आंखें, जानिए कैसे तकनीक ने बदल दिया हमारे अपनों से बातचीत का तरीका

आज किसी अपने से बात करनी हो तो फोन उठाइए, नंबर मिलाइए और कुछ सेकंड में बात हो जाती है. मन हो तो वीडियो कॉल कर लीजिए, या मन हो तो ऑडियो कॉल. हजारों किलोमीटर दूर बैठा इंसान भी स्क्रीन पर सामने नजर आता है. लेकिन कुछ दशक पीछे जाएं तो यही काम एक अलग दुनिया का हिस्सा था. मान लीजिए बिहार के किसी गांव का एक युवक 1990 के दशक में रोजी-रोटी के लिए दिल्ली, मुंबई या पंजाब चला गया. घर में मां-बाप के पास न मोबाइल था, ना WhatsApp, नाही वीडियो कॉल. बेटे की समाचार का सबसे भरोसेमंद रास्ता था- चिट्ठी. चिट्ठी लिखी जाती थी, डाक के भरोसे भेजी जाती थी और फिर शुरू होता था इंतजार. पोस्टमैन के आने की आवाज कई घरों में सिर्फ डाक नहीं, बल्कि दूर गए अपने की समाचार लेकर आती थी. फिर देश-दुनिया की संचार प्रणाली धीरे-धीरे बदलने लगी. PCO आए. घरों और दफ्तरों से निकलकर फोन मोहल्लों और बाजारों तक पहुंचा. 1995 में हिंदुस्तान में मोबाइल फोन की आधिकारिक शुरुआत हुई. अगले कुछ वर्षों में SMS, इंटरनेट, 2G, 3G और 4G ने दस्तक दी. ये भी पढ़ें: The post चिट्ठी आई है: कभी होता था पोस्टमैन का इंतजार, आज नोटिफिकेशन पर टिकी रहती है आंखें, जानिए कैसे तकनीक ने बदल दिया हमारे अपनों से बातचीत का तरीका appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, महिला का आरोप- दिल्ली पुलिस ने घसीटा; कपड़े फाड़े

Delhi Protests: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शन के दौरान एक स्त्री ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. स्त्री का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उसे जमीन पर घसीटा और उसके कपड़े फाड़ दिए. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में स्त्री जमीन पर बैठी नजर आ रही है. वह दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई के दौरान कथित बदसलूकी और मारपीट का आरोप लगा रही है. स्त्री का कहना है कि वे लोग शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. View on Instagram स्त्री ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनके साथ बर्बरता की और उन्हें घसीटकर वहां से हटाया. उसने कहा कि दिल्ली पुलिस सत्ता में बैठे लोगों की सुरक्षा करती है, लेकिन आम लोगों की समस्याओं की उसे कोई चिंता नहीं है. स्त्री को घसीटकर ले जाती दिखी पुलिस इंस्टाग्राम पर वायरल एक अन्य वीडियो में पुलिसकर्मी एक स्त्री प्रदर्शनकारी को जमीन से उठाकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में स्त्री पुलिसकर्मी उसके पैर और हाथ पकड़कर उसे वहां से ले जाती नजर आ रही हैं. ये भी पढ़ें: Delhi Protest : स्त्रीओं को घसीटा, युवकों से धक्का-मुक्की, पत्रकारों को भी नहीं छोड़ा; वीडियो में देखिए दिल्ली पुलिस ने कैसे किया डिटेन The post VIDEO: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, स्त्री का आरोप- दिल्ली पुलिस ने घसीटा; कपड़े फाड़े appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Protest : महिलाओं को घसीटा, युवकों से धक्का-मुक्की, पत्रकारों को भी नहीं छोड़ा; वीडियो में देखिए दिल्ली पुलिस ने कैसे किया डिटेन

दिल्ली में रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुआ. इस दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों को ले जा रही बसों को बीच सड़क पर घेर लिया. इतना ही नहीं, कुछ प्रदर्शनकारी उन बसों पर भी चढ़ गए, जिनमें प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया जा रहा था. इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया. हिरासत में लेने के दौरान स्त्रीओं को घसीटा गया, युवकों के साथ धक्का-मुक्की हुई और पत्रकार भी पुलिस कार्रवाई से नहीं बच सके. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आया है. देखिए मौके पर क्या हुआ और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कैसे डिटेन किया. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया View on Instagram प्रदर्शनकारियों को डिटेन करने पहुंची बस की चाबी ही खो गई, इसके बाद ड्राइवर चाबी खोजता नजर आया View on Instagram प्रदर्शनकारियों को डिटेन करने आई बसों पर चढ़ गए प्रदर्शनकारी View on Instagram प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी बेहोश हो गया, जिसे साथी प्रदर्शनकारियों ने संभाला View on Instagram बैरिकेड्स हटाने को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प The post Delhi Protest : स्त्रीओं को घसीटा, युवकों से धक्का-मुक्की, पत्रकारों को भी नहीं छोड़ा; वीडियो में देखिए दिल्ली पुलिस ने कैसे किया डिटेन appeared first on Naya Vichar.

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ज्ञानेश कुमार के खिलाफ AAP का मार्च: हिरासत में सौरभ भारद्वाज, बोले- पुलिस ने फुटबॉल की तरह उठाकर फेंका

AAP Protest Against Gyanesh Kumar : आम आदमी पार्टी (AAP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रविवार को विरोध मार्च निकाला. पार्टी कार्यकर्ता इंडिया गेट की ओर मार्च कर रहे थे. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज समेत कई पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए जाने के बाद सौरभ भारद्वाज ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी उन्हें फुटबॉल की तरह उठा-पटक रहे थे. सौरभ भारद्वाज ने कहा, “वे मुझे फुटबॉल की तरह उठा-पटक रहे हैं. यहां इतनी बड़ी पुलिस फोर्स है, फिर भी वे अपने ही ACP के खिलाफ FIR दर्ज नहीं कर रहे हैं और न ही ACP को गिरफ्तार कर रहे हैं.” ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इंडिया गेट की ओर बढ़ रहे थे. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें. पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया और कई AAP कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. इस दौरान सौरभ भारद्वाज को भी पुलिस ने हिरासत में लिया. तीन स्त्री पत्रकारों ने पुलिस पर यौन उत्पीड़न का लगाया आरोप इससे पहले तीन अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान तीन स्त्री पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. पीटीआई-भाषा के मुताबिक, पीड़ित स्त्री पत्रकारों में से एक ने आरोप लगाया कि एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) ने उसका यौन उत्पीड़न किया. एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी. इस दौरान कथित घटनाओं को लेकर नयी दिल्ली जिला पुलिस को शिकायतें मिली हैं. अधिकारी के अनुसार, तीनों स्त्री पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोप लगाए हैं. निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए नयी दिल्ली जिला पुलिस ने इन शिकायतों को अपराध शाखा को सौंप दिया है. फिलहाल इन आरोपों की जांच की जा रही है. ये भी पढ़ें: आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा- ACP विवेक भगत मोलेस्टर है, वह एक घमंडी और घटिया अफसर है; गिरफ्तारी हो The post ज्ञानेश कुमार के खिलाफ AAP का मार्च: हिरासत में सौरभ भारद्वाज, बोले- पुलिस ने फुटबॉल की तरह उठाकर फेंका appeared first on Naya Vichar.

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हिरासत में लिये जाने पर नेहा वोरा ने कहा- ‘यह डिटेंशन नहीं किडनैपिंग है’

AISA की अध्यक्ष नेहा वोरा ने रविवार को अपने एक्स एकाउंट पर किए गए पोस्ट में लिखा कि दिल्ली पुलिस उन्हें एक व्हीकल में ले जा रही है. नेहा वोरा का यह आरोप है कि दिल्ली पुलिस उन्हें डिटेन नहीं कर रही बल्कि उनका अपहरण करके कहीं ले जा रही है. इनका प्रदर्शन दिल्ली के अशोक रोड पर चल रहा था. नेहा को इस प्रदर्शन के दौरान दूसरी बार डिटेन किया गया है. नेहा वोरा को 3 अक्टूबर को भी डिटेन किया गया था. नेहा वोरा का पोस्ट यहां देखें- नेहा को डिटेन करने का क्या है आधार? नेहा वोरा के डिटेंशन वाले पोस्ट पर कई रिएक्शन भी आ रहे हैं. जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि जिस गाड़ी में नेहा को लेकर पुलिस जा रही है, उसमें कोई स्त्री पुलिस नहीं हैं. यह एक स्त्री को डिटेन करने का गलत तरीका है. वहीं कुछ लोग यह भी लिख रहे हैं कि एक बार फिर नेहा को डिटेन किया गया है, क्या यह गैरकानूनी नहीं है.एक्स पर कुछ लोग यह भी लिख रहे हैं कि अगर उसे ले जाया जा रहा है तो कानूनी आधार और वजह साफ होना चाहिए. प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए रैफ के जवान तैनात चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसीपी विवेक भगत की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन जब और तेज हुआ तो रैफ के जवानों को तैनात कर दिया गया है. उससे पहले सीआरपीएफ के जवान प्रदर्शन को नियंत्रित कर रहे थे. ये भी पढ़ें: Explained: NEET से ज्ञानेश कुमार तक, अभिजीत दीपके का आंदोलन कितना बदला; मोदी प्रशासन पर कितना दबाव? The post हिरासत में लिये जाने पर नेहा वोरा ने कहा- ‘यह डिटेंशन नहीं किडनैपिंग है’ appeared first on Naya Vichar.

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सिंगल चार्ज में बिहार से मुंबई, 1,770 KM रेंज वाली हाइब्रिड SUV, 1 घंटे में 43,900 गाड़ियां बुक

हम सभी जानते हैं कि चीन अपने नए-नए चमत्कारों के लिए मशहूर है. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है. चीन की मशहूर कार कंपनी Geely ने अपनी नई प्रीमियम हाइब्रिड SUV Geely Galaxy Battleship 700 से बाजार में गदर मचा दिया है. इस गाड़ी की सबसे बड़ी खासियत इसकी 1,770 किलोमीटर की कंबाइंड रेंज है. चीन में लोगों के बीच SUV का ऐसा क्रेज दिखा कि बुकिंग खुलने के शुरुआती एक घंटे में ही इसे 43,900 ऑर्डर मिल गए. चीन में इसे आधिकारिक तौर पर 10 अक्टूबर 2026 को लॉन्च किया जा रहा है. 1,770 किलोमीटर की टेंशन-फ्री ड्राइव इस SUV में 47.14 kWh की LFP बैटरी और पेट्रोल इंजन का जबरदस्त कॉम्बिनेशन दिया गया है. कंबाइंड रेंज: फुल टैंक पेट्रोल और फुल चार्ज बैटरी के साथ यह गाड़ी 1,770 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है (CLTC टेस्टिंग के अनुसार). इलेक्ट्रिक रेंज: अगर आप रोजमर्रा के काम के लिए इसे शहर में चलाते हैं, तो सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर भी यह 305 किलोमीटर तक चल सकती है. यानी, रोज-रोज पेट्रोल भराने का कोई झंझट नहीं! रफ्तार और पावर में स्पोर्ट्स कार को भी टक्कर आकार में बड़ी होने के बावजूद इसकी स्पीड किसी स्पोर्ट्स कार से कम नहीं है. इसमें Geely का Thor EM-T हाइब्रिड सिस्टम इस्तेमाल किया गया है, जिसमें टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ तीन इलेक्ट्रिक मोटर वाला AWD (ऑल-व्हील ड्राइव) सिस्टम लगा है. पावर और टॉर्क: यह इंजन 1,113 HP की बंपर पावर और 1,330 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है. पिकअप: 0 से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ने में इसे महज 3.95 सेकंड लगते हैं. खराब रास्तों का साथी और ‘क्रैब वॉक’ फीचर Geely ने इसे सिर्फ शहर की चमचमाती सड़कों के लिए नहीं, बल्कि पक्के तौर पर एक ऑफ-रोड SUV भी बनाया है. सस्पेंशन और क्लीयरेंस: इसका 233 mm का ग्राउंड क्लीयरेंस, 30-डिग्री अप्रोच और 31-डिग्री डिपार्चर एंगल ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर ड्राइविंग को आसान बनाता है. एक्टिव हाइड्रोलिक सस्पेंशन गाड़ी को हर रास्ते पर स्थिर रखता है. क्रैब वॉक (Crab Walk): यह इसका सबसे मजेदार फीचर है. इसकी मदद से SUV अपने पहियों की दिशा बदलकर कुछ हद तक केकड़े की तरह तिरछी दिशा में चल सकती है. Waltz Turn: इस फीचर से गाड़ी बेहद कम जगह (लगभग 3.36 मीटर टर्निंग रेडियस) में आसानी से घूम जाती है. गाड़ी के अंदर फ्रिज भी मौजूद लंबी यात्राओं को आरामदायक बनाने के लिए इसका केबिन एकदम प्रीमियम बनाया गया है. डेशबोर्ड और केबिन में कुल 5 हाईटेक स्क्रीन्स दी गई हैं. सफर में कोल्ड ड्रिंक्स और पानी को ठंडा रखने के लिए 18.5 लीटर का ड्यूल फ्रिज भी मौजूद है. 2,900 mm के व्हीलबेस के चलते अंदर यात्रियों को भरपूर स्पेस मिलेगा. एक नजर में: Battleship 700 की पूरी कुंडली फीचर जानकारी मॉडल Geely Galaxy Battleship 700 पावरट्रेन Thor EM-T हाइब्रिड (टर्बो पेट्रोल + 3 मोटर AWD) अधिकतम पावर / टॉर्क 1,113 HP / 1,330 Nm 0-100 km/h स्पीड 3.95 सेकंड बैटरी और EV रेंज 47.14 kWh LFP / 305 KM कंबाइंड रेंज 1,770 KM डायमेंशन (LxWxH) 5,085 mm x 1,999 mm x 1,895 mm व्हीलबेस / क्लीयरेंस 2,900 mm / 233 mm लॉन्च डेट 10 अक्टूबर 2026 (चीन) हिंदुस्तान में कब आएगी? फिलहाल कंपनी ने Battleship 700 को हिंदुस्तान में लॉन्च करने को लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है. हिंदुस्तान में आने पर इसकी कीमत, फीचर्स और बैटरी रेंज में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं. हिंदुस्तानीय ग्राहकों को इस धांसू SUV के लिए अभी इंतजार करना होगा. The post सिंगल चार्ज में बिहार से मुंबई, 1,770 KM रेंज वाली हाइब्रिड SUV, 1 घंटे में 43,900 गाड़ियां बुक appeared first on Naya Vichar.

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