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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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Jaya Kishori Quotes: हर व्यक्ति के मन के भीतर चल रही होती है एक महाभारत

Jaya Kishori Quotes: प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी जी अपने एक उद्बोधन में कहती है कि  “असल में हम सब अर्जुन हैं, बाहर का युद्ध तो व्यक्ति जीत सकता है लेकिन आज यहां बैठे हर व्यक्ति के मन में एक महाहिंदुस्तान चल रही होती है… कोई अपनी भावनाओं से लड़ रहा है तो कोई अपने आप से, कहीं कोई अपनों से लड़ रहा है.  हर व्यक्ति के मन के भीतर एक महाहिंदुस्तान चल रही होती है… कभी सच झूठ से लड़ता है, कभी मोह वैराग्य से और कभी अहंकार नम्रता से…” – जया किशोरी Jaya Kishori Motivational Thoughts: क्या है इस कथन का मर्म Jaya kishori motivational thoughts: क्या है इस कथन का मर्म यह कथन जीवन की गहराई को दर्शाता है.  हर व्यक्ति अपने भीतर एक अंतर्द्वंद्व (आंतरिक संघर्ष) से गुजर रहा होता है.  यह संघर्ष बाहरी लड़ाई से कहीं अधिक कठिन और चुनौतीपूर्ण होता है.  व्यक्ति का मन अच्छाई और बुराई, सच और झूठ, मोह और वैराग्य तथा अहंकार और नम्रता के बीच निरंतर संघर्ष करता रहता है. यही संघर्ष मन की महाहिंदुस्तान है, जहां सही और गलत के बीच निर्णय लेना जीवन का सबसे बड़ा धर्म बन जाता है. हम सभी अर्जुन क्यों हैं? Bhagavad gita quotes महाहिंदुस्तान के युद्ध में जब अर्जुन ने अपने ही अपनों के खिलाफ हथियार उठाने से इनकार कर दिया, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें गीता का उपदेश देकर धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया.  अर्जुन का यह संघर्ष सिर्फ बाहरी युद्ध का नहीं था, बल्कि वह अपने भीतर के भावनात्मक और नैतिक संघर्ष से भी लड़ रहे थे.ठीक उसी प्रकार, हम सभी अर्जुन हैं.  हम भी अपने भीतर चल रही भावनाओं, इच्छाओं और संस्कारों के बीच फंसे रहते हैं.  कभी मोह हमें सही निर्णय लेने से रोकता है तो कभी अहंकार हमारी नम्रता को दबा देता है. Also Read: Sadhguru Quotes: जीवन को सार्थक और सफल बनाने के लिए फॉलो करें सद्गुरु के टिप Mahabharat of Emotions Inside Mind: मन के भीतर की महाहिंदुस्तान Mahabharat of emotions inside mind: मन के भीतर की महाहिंदुस्तान व्यक्ति को कई बार जीवन में ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं, जहां सच और झूठ के बीच चयन करना होता है.  सच का मार्ग कठिन होता है, लेकिन अंततः वही विजय दिलाता है. सांसारिक सुखों और मोह-माया में फंसा व्यक्ति वैराग्य की ओर बढ़ने से डरता है.  यह मोह ही व्यक्ति को सही मार्ग से भटकाता है और उसे आत्मज्ञान से दूर करता है. अहंकार व्यक्ति को पतन की ओर ले जाता है जबकि नम्रता उसे ऊंचाई तक पहुंचाती है.  अहंकारी व्यक्ति खुद को दूसरों से बड़ा समझकर विनम्रता को भूल जाता है, जिससे जीवन में संतुलन बिगड़ जाता है. Also Read: Chanakya Niti: चाणक्य के अनुसार 36 नहीं बस होने चाहिए ये 4 गुण, जीवन में मिलेगी सफलता Fight Between Truth and Lies: क्यों होता है यह संघर्ष? Fight between truth and lies: क्यों होता है यह संघर्ष? मनुष्य का स्वभाव द्वंद्व से भरा हुआ है.  हर व्यक्ति के भीतर अच्छाई और बुराई का संग्राम चलता रहता है.  मोह, क्रोध, ईर्ष्या, और अहंकार से ग्रस्त मनुष्य सही और गलत के बीच फंस जाता है.  यह संघर्ष तब तक चलता रहता है जब तक व्यक्ति अपने भीतर के कृष्ण तत्व को नहीं जागृत करता. How to Win Inner Battle: मन की महाहिंदुस्तान पर विजय कैसे पाएं? सत्य और धर्म का मार्ग चुनें: झूठ और पाखंड से दूर रहकर सच्चाई की राह पर चलें. मोह-माया से दूरी बनाएं: सांसारिक सुखों को त्याग कर आत्मज्ञान और आत्ममंथन की ओर अग्रसर हों. अहंकार को त्यागें और नम्र बनें: अहंकार को त्यागकर विनम्रता और सहानुभूति अपनाएं. भगवद्गीता का अध्ययन करें: गीता के उपदेश व्यक्ति को धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं. ध्यान और आत्ममंथन करें: मन को शांत करने के लिए ध्यान और आत्ममंथन करें ताकि सही मार्ग का चयन हो सके. Also Read: Jaya Kishori Quotes: किसी को कुछ कहने से पहले 100 बार सोचें – जया किशोरी Also Read:Also Read: Sadhguru Quotes: जीवन को सार्थक और सफल बनाने के लिए फॉलो करें सद्गुरु के टिप The post Jaya Kishori Quotes: हर व्यक्ति के मन के भीतर चल रही होती है एक महाहिंदुस्तान appeared first on Naya Vichar.

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कौन है चंद्रा आर्य? PM मोदी की वजह से नहीं लड़ पाएंगे चुनाव! जानें क्यों?  

Canada Ban Chandra Arya Election Contesting: कनाडा की लिबरल पार्टी ने हिंदुस्तानीय मूल के सांसद चंद्रा आर्य पर चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब उन पर हिंदुस्तान प्रशासन से करीबी संबंध रखने के आरोप लग रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रा आर्य ने पिछले साल हिंदुस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी, लेकिन इसकी जानकारी कनाडा प्रशासन को नहीं दी थी. उस समय हिंदुस्तान और कनाडा के रिश्ते काफी तनावपूर्ण थे. सीएसआईएस की चेतावनी पर एक्शन (Canada Ban Chandra Arya) कनाडा की खुफिया एजेंसी कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) ने हिंदुस्तान के साथ आर्य के कथित करीबी संबंधों को लेकर प्रशासन को सतर्क किया था. हालांकि, लिबरल पार्टी और कनाडा प्रशासन ने आर्य पर प्रतिबंध लगाने का आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है. चंद्रा आर्य ने आरोपों को किया खारिज (Chandra Arya) आर्य ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि ग्लोब एंड मेल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पार्टी ने उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी है. आर्य ने सफाई देते हुए कहा, “एक सांसद के तौर पर मेरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई राजनयिकों और राष्ट्रप्रमुखों से मुलाकात होती रहती है. इसके लिए मैंने कभी प्रशासन से अनुमति नहीं ली.” उन्होंने यह भी कहा कि लिबरल पार्टी की नाराजगी की असली वजह कनाडा में हिंदू समुदाय के मुद्दों पर उनका मुखर रुख और खालिस्तानी चरमपंथ के खिलाफ उनका सख्त रवैया है. इसे भी पढ़ें: सावधान! मौसम बना ‘हैवान’ 48 घंटे 8 राज्य, बारिश-आंधी-तूफान खालिस्तानी तत्वों से मिल रही धमकियां (Chandra Arya Election) चंद्रा आर्य लंबे समय से कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों का विरोध करते रहे हैं. इसके कारण उन्हें खालिस्तानी समूहों की लगातार धमकियां मिल रही हैं. पिछले साल अक्टूबर में खालिस्तानी चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से आर्य के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी. पन्नू ने यहां तक कहा था कि “चंद्रा आर्य और उनके समर्थकों के लिए कनाडा में कोई जगह नहीं है.” कौन हैं चंद्रा आर्य? (Who is Chandra Arya) चंद्रा आर्य का जन्म कर्नाटक के तुमकुर जिले में हुआ था. उन्होंने धारवाड़ के कौसाली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई की. 2006 में वह कनाडा चले गए. नेतृत्व में कदम रखने से पहले वह इंडो-कनाडा ओटावा बिजनेस चैंबर के अध्यक्ष थे. कन्नड़ भाषण से मिली थी लोकप्रियता (Chandra Arya) मई 2022 में चंद्रा आर्य ने कनाडा की संसद में अपनी मातृभाषा कन्नड़ में भाषण देकर सुर्खियां बटोरी थीं. उस वीडियो को हिंदुस्तान में भी काफी सराहना मिली थी. वर्तमान में वह ओंटारियो के नेपियन निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें: 11 दिन स्कूल-ऑफिस-बैंक बंद, जानें छुट्टी के कारण The post कौन है चंद्रा आर्य? PM मोदी की वजह से नहीं लड़ पाएंगे चुनाव! जानें क्यों?   appeared first on Naya Vichar.

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Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: रोहित और इस शख्स का शो से कटेगा पत्ता, विस्फोट में चली जाएगी शिवानी की जान, बड़ा ट्विस्ट

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: ये रिश्ता क्या कहलाता है में इन दिनों दिखाया जा रहा है कि अभीरा मां नहीं बन पाती और इस वजह से वह काफी दुखी है. डॉक्टर उसे सरोगेसी के बारे में बताते हैं और रूही उसकी मदद के लिए अपनी हामी भरती है. अभीरा और अरमान बेहद खुश हैं कि उनकी जिंदगी में नयी खुशियां आने वाली है. इस बीच मेकर्स सीरियल में नया ट्विस्ट लाने वाले हैं, जिसे जानकर दर्शक चौंक जाएंगे. रोमित राज के किरदार रोहित की मौत होने वाली है. इसके साथ ही अरमान की मां शिवानी भी शो को अलविदा कहने वाली हैं. ये रिश्ता क्या कहलाता है से इन दो किरदारों का कटेगा पत्ता सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है में दो मुख्य किरदार की मौत होने वाली है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सीरियल से शिवानी और रोहित का सफर खत्म होने वाला है. गॉसिप टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, रोहित शो को अलविदा कहने वाले हैं. अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि रोहित की मौत हो जाएगी और उसके बाद शो में ट्विस्ट आएगा. रोहित की मौत के बाद रूही, अरमान और अभीरा के बीच लव ट्रायंगल देखने को मिलेगा. शो के शुरूआत से ही रूही, अरमान से प्यार करती थी. हालांकि इसपर ना ही रोमित राज ने और ना ही मेकर्स ने कुछ कंफर्म किया है. देखते हैं ऐसा होता है या नहीं. इस तरह शो से खत्म होगा रोहित और शिवानी का सफर ये रिश्ता क्या कहलाता है के अपकमिंग एपिसोड में गणगौर उत्सव दिखाया जाएगा. इस उत्सव में एक विस्फोट होगा, जिसमें पोद्दार परिवार आग की लपटों में घिर जाएंगे. चारों तरफ धुआं ही धुआं होगा. अरमान, रोहित, रूही और शिवानी आग में फंस जाएंगे. अरमान किसे बचाए, ये समझ नहीं पाएगा. रूही उसे आवाज देती है और वह उसे बचाने के लिए जाता है. रोहित और शिवानी को अस्पताल ले जाया जाता है. जिसमें शिवानी और रोहित की मौत हो जाएगी. इस तरह उन दोनों का किरदार शो को अलविदा कहेगा. फिलहाल मेकर्स ने कुछ कंफर्म नहीं किया है. यह भी पढ़ें- Empuraan Review: मोहनलाल की फिल्म एम्पुरान के क्लाइमेक्स की हो रही रही चर्चा, देखने से पहले जान लें क्या कह रही पब्लिक The post Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: रोहित और इस शख्स का शो से कटेगा पत्ता, विस्फोट में चली जाएगी शिवानी की जान, बड़ा ट्विस्ट appeared first on Naya Vichar.

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आरा स्टेशन मर्डर: पहचान लेता तो आरुषी के भाई को भी गोली मारता, मास्क लगाकर इंतजार कर रहा था सिरफिरा

मिथिलेश कुमार, आरा: आरा रेलवे स्टेशन पर एक सिरफिरे ने बीमा एजेंड अनिल कुमार और उनकी बेटी आरुषी की हत्या करके खुद को भी गोली से उड़ा लिया. गोलियों की तड़तड़ाहट से आरा जंक्शन दहल गया. 10 साल के मासूम ने आंखों के सामने यह खूनी स्पोर्ट्स देखा. जिस सिरफिरे अमन ने आरुषी और उसके पिता की हत्या की वो आरुषी के भाई आरुष उर्फ अमन को भी शायद मार डालता. लेकिन आरुषी के मासूम भाई को वह पहचान नहीं सका जिसके वजह से आरुष की जान बच गयी. अब उसकी मां अपने बेटे को लेकर डरी हुई है. एकतरफा प्रेम-प्रसंग में हत्या की चर्चा एमबीएम की छात्रा आरुषी और उसके पिता की हत्या की वजह लोग प्रेम-प्रसंग को मान रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि नवोदय में आरुषी और हत्यारा अमन एकसाथ पढ़े. अमन आरुषी से एकतरफा प्रेम करता था. आरुषी दिल्ली जाकर पढ़ायी करने लगी तो यह अमन को सहन नहीं हुआ. दोनों के बीच इसे लेकर बहस होने की भी चर्चा है. अपने प्यार के छीने जाने के डर से उसने आरुषी और उसके पिता को गोली मारकर खुदकुशी कर ली. ALSO READ: एकसाथ उठी बाप-बेटी की अर्थी, आरा स्टेशन पर खूनी स्पोर्ट्स देखकर डरे मासूम ने दी पिता-बहन को मुखाग्नि मास्क लगाकर स्टेशन पहुंचा था हत्यारा अमन हत्यारा अमन आरुषी की हर गतिविधि पर नजर रखता था. ऐसी चर्चा है. जब मंगलवार को आरुषी दिल्ली की ट्रेन पकड़ने आयी तो उसके पिता और 10 साल का भाई भी उसे ट्रेन में बैठाने आरा स्टेशन आया. इस दौरान अमन उसका पीछा करता हुआ स्टेशन पहुंच गया. वह पहले से ही स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर मास्क लगाकर खड़ा था. पहले छात्रा के पिता फिर आरुषी को मारी गोली आरुषी जब स्टेशन आयी तो अमन उसका पीछा करके पैदल पुल तक आया. प्लेटफॉर्म पर उतरने से ठीक पहले उसने पहले आरुषी के पिता को पीछे से आकर गोली उनके सिर में मारी और फिर आरुषी के चेहरे पर दायीं ओर गोली मार दी. अंत में उसने खुद को भी गोली मारकर उड़ा लिया. ALSO READ: Video: आरा स्टेशन पर पिता और बहन की लाश के बीच चीखता मासूम, डबल मर्डर का दिल दहला देने वाला वीडियो वायरल बाल-बाल बच गया मासूम आरुष सिरफिरे अमन और आरुषी के पिता अनिल के सिर के आरपार गोली हो गयी थी. जबकि आरुषी के चेहरे में ही गोली फंसी रही. छानबीन में जुटी पुलिस के अनुसार, अमन देशी पिस्टल में चार गोली लोड करके पहुंचा था. तीन गोली का इस्तेमाल करके उसने आरुषी, उसके पिता और खुद को मार लिया. जबकि चौथी गोली उसके पिस्टल के मैगजीन में ही लगी थी. आरुषी का भाई आरुष बाल-बाल बच गया. अगर उसे अमन पहचान गया होता तो शायद उसे भी मौत के घाट उतार देता. The post आरा स्टेशन मर्डर: पहचान लेता तो आरुषी के भाई को भी गोली मारता, मास्क लगाकर इंतजार कर रहा था सिरफिरा appeared first on Naya Vichar.

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27 March Quordle: यहां हैं आज के क्वॉर्डल के हिंट्स और आंसर्स

Quordle एक दिलचस्प और दिमागी कसरत कराने वाला वर्ड गेम है, जिसमें खिलाड़ियों को केवल 9 प्रयासों में चार अलग-अलग 5-अक्षर वाले शब्दों का अनुमान लगाना होता है. यह गेम Merriam-Webster के स्वामित्व में है और दुनिया के सबसे कठिन डेली वर्ड गेम्स में से एक माना जाता है. Wordle की तुलना में Quordle अधिक जटिल है, क्योंकि इसमें एक साथ चार शब्दों को हल करना पड़ता है, जिससे चुनौती बढ़ जाती है. Quordle कैसे स्पोर्ट्सें? Quordle का स्पोर्ट्सना सरल है, लेकिन इसमें जीत हासिल करना आसान नहीं. हर बार जब आप कोई शब्द टाइप करते हैं, तो वह चार ग्रिड्स में दर्ज हो जाता है. सही उत्तर तक पहुंचने में मदद करने के लिए रंग कोडिंग का उपयोग किया जाता है:हरा (Green): अक्षर सही स्थान पर हैपीला (Yellow): अक्षर मौजूद है, लेकिन गलत स्थान परग्रे (Gray): अक्षर शब्द में नहीं है Quordle क्यों स्पोर्ट्सें? शब्दावली को मजबूत करता है – यह गेम आपको नए शब्द सीखने और अपनी शब्दावली सुधारने में मदद करता हैतार्किक सोच को विकसित करता है – Quordle स्पोर्ट्सते समय विश्लेषण और तर्क शक्ति का उपयोग करना पड़ता हैमनोरंजन और मानसिक व्यायाम का बेहतरीन तरीका – दिमाग को सक्रिय रखने के लिए यह शानदार गेम हैअनलिमिटेड प्रैक्टिस मोड – अभ्यास करने के लिए कोई सीमा नहीं, जिससे आप अपनी स्किल्स को बेहतर बना सकते हैं. अगर आप अपनी वर्ड गेसिंग स्किल्स को निखारना चाहते हैं और एक रोचक चुनौती पसंद करते हैं, तो क्वॉर्डल को आज ही आजमाएं और अपनी बुद्धिमत्ता को परखें! Quordle Answer Hints Today आज के क्वॉर्डल शब्दों के लिए हमारे संकेत इस प्रकार हैं: संकेत 1: शब्द 1 की शुरुआत C से, 2 की A से, 3 की L से और 4 की A से होती है. संकेत 2: शब्द का अंत – 1: E, 2: A, 3: T, 4: E. संकेत 3: शब्द 1 – एक बदसूरत बूढ़ी औरत संकेत 4: शब्द 2 – सांस लेने में अस्थायी रुकावट, खास तौर पर नींद के दौरान संकेत 5: शब्द 3 – प्राकृतिक एजेंट जो दृष्टि को उत्तेजित करता है और चीजों को दृश्यमान बनाता है संकेत 6: शब्द 4 – सोना बंद करो; नींद से जाग जाओ. Daily Quordle Classic 1158 Answer 27 मार्च को डेली क्वॉर्डल क्लासिक 1158 उत्तर क्या है?यदि उपरोक्त संकेत आपकी मदद नहीं करते हैं, तो 27 मार्च, 2024 को जारी क्वॉर्डल 1158 का उत्तर नीचे देखा जा सकता है: CRONE,APNEA,LIGHT,AWOKE, टेक्नोलॉजी की अन्य समाचारें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें यह भी पढ़ें: Top Online Games in World: 10 ऐसे गेम्स जिनके दुनियाभर में करोड़ों हैं दीवाने The post 27 March Quordle: यहां हैं आज के क्वॉर्डल के हिंट्स और आंसर्स appeared first on Naya Vichar.

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एकसाथ उठी बाप-बेटी की अर्थी, आरा स्टेशन पर खूनी खेल देखकर डरे मासूम ने दी पिता-बहन को मुखाग्नि

मिथिलेश कुमार, आरा: आरा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार की शाम को बीमा एजेंट अनिल कुमार और उनकी बेटी आरुषी की हत्या एक सिरफिरे ने गोली मारकर कर दी थी. दोनों की हत्या करने के बाद सिरफिरे ने खुद को भी गोली से उड़ा लिया था. बीमा एजेंट अनिल कुमार सिन्हा और उनकी बेटी आयुषी का अंतिम संस्कार कर दिया गया.एकसाथ जब बाप और बेटी की अर्थी उठी तो सबकी आंखें नम हो गयी. 10 साल के मासूम आरुष उर्फ हनी ने अपने पिता और बहन को मुखाग्नि दी. हनी की आखों के सामने ही दोनों की हत्या हुई थी. एकसाथ उठी बाप-बेटी की अर्थी आरा शहर के गांगी मुक्ति धाम घाट पर अनिल कुमार और उनकी बेटी आरुषी का अंतिम संस्कार किया गया. उसके लिए घर से एक साथ पिता-पुत्री की अर्थी उठी. दोनों का शव गांगी घाट ले जाया गया. वहां मासूम आरुष के द्वारा दोनों को मुखाग्नि दी गई. मोहल्ले से लेकर गांगी घाट तक माहौल गमगीन बना रहा. सोमवार की देर रात पोस्टमार्टम के बाद दोनों का शव गोढ़ना रोड स्थित उनके आवास पर ले जाया गया. जहां हिन्दू रिती रिवाज के साथ अंतिम संस्कार विधि विधान से किया गया. ALSO READ: Video: आरा स्टेशन पर पिता और बहन की लाश के बीच चीखता मासूम, डबल मर्डर का दिल दहला देने वाला वीडियो वायरल पिता और बहन का अंतिम संस्कार मासूम ने किया सभी रिवाज को मृत अनिल के पुत्र आरुष ने किया. घर से निकलने के साथ मुक्ति धाम तक सभी रिवाजों को आरुष ने निभाया. उसके बाद उसने पहले अपने पिता और फिर बहन का अंतिम संस्कार किया. उस समय आरुष काफी डरा और सहमा हुआ था. ALSO READ: आरा स्टेशन पर सिरफिरे आशिक के खूनी स्पोर्ट्स की वजह जानिए, स्कूल में साथ पढ़ा पर दिल्ली गयी आरुषी तो… मां को सता रही बेटे की चिंता इधर, पति और बेटी की हत्या के बाद पूनम श्रीवास्तव का बुरा हाल था. उन्हें अपने इकलौते छोटे बेटे आरुष की सुरक्षा की चिंता सता रही है. वारदात के बाद पूरा परिवार डरा-सहमा है. पूनम श्रीवास्तव कह रही थीं कि उनके बेटे को कोई कहीं लेकर नहीं जाएगा. वह उनके आंखों के सामने रहेगा. इधर, पिता और छोटी बहन की हत्या की समाचार सुनकर हैदराबाद से लौटी साक्षी घर में रखे दोनों शवों को देखते ही बेसुध हो गई. The post एकसाथ उठी बाप-बेटी की अर्थी, आरा स्टेशन पर खूनी स्पोर्ट्स देखकर डरे मासूम ने दी पिता-बहन को मुखाग्नि appeared first on Naya Vichar.

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Chhaava Lifetime Collection: 130 करोड़ के बजट में बनी ‘छावा’ फ्लॉप हुई या हिट? जानिए कितना रहा कलेक्शन

Chhaava Lifetime Collection: ​विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ 14 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाली फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दिया था. फिल्म के रिलीज को 41 दिन हो गए हैं और मूवी दर्शकों को काफी पसंद आई. ‘छावा’ अभी तक सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मूवी बन गई है और उसने बॉलीवुड के ‘स्त्री 2’के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है. फिल्म में विक्की के अलावा रश्मिका मंदाना, अक्षय खन्ना ने दमदार एक्टिंग की हैं. फिल्म को अब बॉक्स ऑफिस पर सलमान खान की सिकंदर से कड़ी टक्कर मिलेगी. चलिए आपको फिल्म के कलेक्शन के बारे में बताते हैं. ‘छावा’ का कलेक्शन फिल्म ‘छावा’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी थी, लेकिन अब इसकी पकड़ धीरे होती जा रही है. ​फिल्म ने पहले ही दिन 31 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था और धीरे-धीरे इसकी कमाई बढ़ती गई. फिल्म का बजट 130 करोड़ रुपये का था और इसने एक ही हफ्ते के अंदर बजट से कई ज्यादा कमाई कर ली. थर्ड वीक में फिल्म ने 458.75 करोड़ रुपये का बिजनेस कर लिया है और फिल्म ने ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ के रिकॉर्ड को भी तोड़ डाला. छावा एक्टर के करियर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है. ‘छावा’ के पहले हफ्ते का कलेक्शन- 219.25 करोड़ ‘छावा’ के दूसरे हफ्ते का कलेक्शन- 180.25 करोड़ ‘छावा’ के तीसरे हफ्ते का कलेक्शन- 84.05 करोड़ ‘छावा’ के चौथे हफ्ते का कलेक्शन- 55.95 करोड़ ‘छावा’ के 29वें दिन का कलेक्शन- 7.25 करोड़ ‘छावा’ के 30वें दिन का कलेक्शन- 7.9 करोड़ ‘छावा’ के 31वें दिन का कलेक्शन- 8 करोड़ ‘छावा’ के 32वें दिन का कलेक्शन- 2.65 करोड़ ‘छावा’ के 33वें दिन का कलेक्शन- 2.65 करोड़ ‘छावा’ के 34वें दिन का कलेक्शन- 2.70 करोड़ ‘छावा’ के 35वें दिन का कलेक्शन- 2.25 करोड़ ‘छावा’ के 36वें दिन का कलेक्शन- 2.1 करोड़ ‘छावा’ के 37वें दिन का कलेक्शन- 3.65 करोड़ ‘छावा’ के 38वें दिन का कलेक्शन- 4.65 करोड़ ‘छावा’ के 39वें दिन का कलेक्शन- 1.6 करोड़ ‘छावा’ के 40वें दिन का कलेक्शन- 1.5 करोड़ ‘छावा’ के 41वें दिन का कलेक्शन- 1.40 करोड़ छावा की कुल कमाई- 587.75 करोड़ रुपये यह भी पढ़ें- Empuraan Review: मोहनलाल की फिल्म एम्पुरान के क्लाइमेक्स की हो रही रही चर्चा, देखने से पहले जान लें क्या कह रही पब्लिक The post Chhaava Lifetime Collection: 130 करोड़ के बजट में बनी ‘छावा’ फ्लॉप हुई या हिट? जानिए कितना रहा कलेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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31 मार्च या 1 अप्रैल? कब होगा ईद के चांद का दीदार

Eid 2025, Kab Hai Eid Al Fitr: ईद-उल-फितर इस्लाम के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है. यह त्योहार रमजान के पवित्र महीने के अंत में मनाया जाता है और इसे मीठी ईद के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन विशेष रूप से सेवइयों की खीर बनाई जाती है. रमजान का महीना समाप्त होने के बाद चांद के दर्शन से ही ईद की तिथि का निर्धारण होता है. आइए जानते हैं कि इस वर्ष ईद कब मनाई जाएगी? 31 मार्च या 1 अप्रैल 2025 को. जानें चांद के दीदार का समय इस वर्ष 2 मार्च को रमजान का पवित्र महीना आरंभ हुआ था, और अब यह अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है. ईद-उल-फितर की सही तिथि चांद के दर्शन पर निर्भर करती है. यदि शव्वाल का चांद 30 मार्च की रात को दिखाई देता है, तो ईद का त्योहार 31 मार्च, सोमवार को मनाया जाएगा. दूसरी ओर, यदि चांद 31 मार्च की रात को नजर आता है, तो ईद 1 अप्रैल को मनाई जाएगी. यह भी पढ़ें: रोजा इफ्तार में खजूर खाने की खास वजह, जानिए इसका धार्मिक महत्व रमजान के महीने का महत्व रमजान के महीने में रोजा रखते समय मुसलमान सांसारिक भोगों और अनावश्यक खर्चों से दूर रहते हैं और दान करते हैं. इस पवित्र माह के समापन पर ईद-उल-फितर का उत्सव मनाया जाता है, जिसे मीठी ईद के नाम से भी जाना जाता है. यह त्योहार रमजान के 30 दिनों के पूर्ण होने के बाद आता है, और इस अवसर पर लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं प्रदान करते हैं. माह-ए-रमजान अल्लाह का खास महीना है. इस महीने में रमजान के रोजा फर्ज है. एक फर्ज नमाज का सवाब इस महीने में 70 गुना बढ़ जाता है. तरावीह की नमाज का भी महत्वपूर्ण स्थान है. यह माना जाता है कि रमजान में हर अच्छे कार्य का फल अल्लाह स्वयं देते हैं. हर स्वस्थ व्यक्ति पर रोजा रखना आवश्यक है. The post 31 मार्च या 1 अप्रैल? कब होगा ईद के चांद का दीदार appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Budget Session: वक्फ बिल पर होगा सदन संग्राम! बजट सत्र का आखिरी दिन, बेतिया राज की जमीन पर भी सवाल-जवाब

Bihar Budget Session: बिहार विधानमंडल का बजट सत्र समाप्ति की ओर है. आज यानी गुरुवार को सत्र का आखिरी दिन है. आज सदन की कार्यवाही के दौरान सामान्य प्रशासन, GST समेत कुल 5 नियमावली और रिपोर्ट पास कराई जाएंगी. सदन में आज भी जबरदस्त हंगामे के आसार हैं. वक्फ संशोधन बिल पर विपक्ष एक बार फिर आज हंगामा कर सकता है. बुधवार को सदन में वक्फ संसोधन बिल को लेकर हंगामा हुआ था. साथ ही राजद सुप्रीमो लालू यादव को भी हिंदुस्तान रत्न देने की मांग की गई थी. बता दें, इस बार बजट सत्र 28 मार्च को समाप्त न होकर 27 मार्च को ही समाप्त किया जा रहा है. सदन को दोनों पक्षों की सहमति के बाद यह फैसला लिया गया है. बेतिया राज की जमीन पर होगा ध्यानाकर्षण आज सदन की कार्यवाही के दौरान 5 नियमावली पास कराई जाएगी. साथ ही विधान परिषद में गैर प्रशासनी सदस्यों के विधेयक और संकल्प संबंधी समिति का 212वीं रिपोर्ट पेश की जाएगी. राज्य सूचना आयोग के वित्तीय वर्ष 2018-19 का तीसरा और वित्तीय वर्ष 2019-20 की चौथी वार्षिक रिपोर्ट पेश होगी. बिहार राजस्व कर्मचारी संवर्ग नियमावली 2011 और बिहार अमीन संवर्ग नियमावली 2013 को पारित कराया जाएगा. बेतिया राज की एक लाख एकड़ भूमि, जिसपर किसानों का कब्जा है, इसका दाखिल-खारिज और माल गुजारी वसूली बंद करने का ध्यानाकर्षण पर प्रशासन के मंत्री जवाब देंगे. बुधवार को विपक्षी विधायकों ने किया जोरदार हंगामा बुधवार को सदन की कार्यवाही के दौरान वक्फ बिल को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया था. कार्यवाही शुरू होते ही राजद और माले के विधायक वेल में पहुंच गए. कुछ विधायकों ने कुर्सी उठा ली. टेबल पलटने की कोशिश करने लगे. स्पीकर ने कई बार विधायकों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने. वहीं, सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी सीएम नीतीश अपनी जगह पर बैठे रहे. उन्होंने माले विधायक महबूब आलम से मांगों को लेकर पत्र मांगा. सीएम नीतीश पत्र पढ़ने में मशगूल दिखे. समाचार अपडेट की जा रही है… The post Bihar Budget Session: वक्फ बिल पर होगा सदन संग्राम! बजट सत्र का आखिरी दिन, बेतिया राज की जमीन पर भी सवाल-जवाब appeared first on Naya Vichar.

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चैत्र नवरात्रि 2025 में घटस्थापना का शुभ समय बेहद खास, जानें सही मुहूर्त और विधि

Chaitra Navratri 2025 Ghatasthapana Muhurat: चैत्र नवरात्रि हिन्दू धर्म में अत्यधिक महत्वपूर्ण पर्व है. इस अवसर पर माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. विशेष रूप से, कई राज्यों में चैत्र नवरात्रि को नए वर्ष की शुरुआत के रूप में मनाया जाता है. वर्ष 2025 में यह उत्सव 30 मार्च से आरंभ होकर 7 अप्रैल तक चलेगा. नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाती है, जो मां दुर्गा का आह्वान करने की एक प्रमुख प्रक्रिया मानी जाती है. इस वर्ष घटस्थापना के लिए केवल 50 मिनट का विशेष शुभ मुहूर्त निर्धारित किया गया है. आइए, घटस्थापना का सही समय और विधि के बारे में जानते हैं. चैत्र नवरात्रि का आरंभ कब होगा? पंचांग के अनुसार, इस वर्ष चैत्र शुक्लपक्ष की शुरुआत 29 मार्च 2025, शनिवार को संध्या 04:33 बजे होगी. चैत्र शुक्लपक्ष का समापन 30 मार्च 2025, रविवार को दोपहर 02:14 बजे होगा. राम नवमी कब है 2025 में? जानें पूजा का शुभ समय और पर्व का महत्व  कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त चैत्र नवरात्रि के लिए कलश स्थापना के दो विशेष मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं. प्रतिपदा के एक तिहाई समय में कलश स्थापना करना अत्यंत शुभ माना जाता है, जो 30 मार्च 2025 को सुबह 06:14 से 10:21 बजे तक है. दूसरा मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, 30 मार्च 2025 को दोपहर 12:02 से 12:50 बजे तक है, जब कलश स्थापित किया जा सकता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घटस्थापना का सर्वोत्तम समय प्रातःकाल होता है, जिसे चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दौरान किया जाता है. यदि इस समय चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग उपस्थित हो, तो घटस्थापना को टालने की सलाह दी जाती है. घटस्थापना का महत्व क्या है? कलश स्थापना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह देवताओं की कृपा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण साधन भी है. कलश के मुख पर – भगवान विष्णु गले में – भगवान शिव नीचे के भाग में – भगवान ब्रह्मा मध्य में – मातृशक्ति (दुर्गा देवी की कृपा) इसलिए, घटस्थापना का सही समय और विधि अपनाकर देवी की कृपा प्राप्त की जा सकती है. घटस्थापना की सही विधि साफ-सफाई करें: जिस स्थान पर घटस्थापना करनी है, वहां गंगाजल का छिड़काव करें और उसे पवित्र करें. मिट्टी का पात्र लें: इसमें जौ बोएं, जो समृद्धि का प्रतीक माने जाते हैं. कलश की स्थापना करें: मिट्टी के घड़े में जल भरें, उसमें गंगाजल, सुपारी, अक्षत (चावल), दूर्वा, और पंचपल्लव डालें. नारियल रखें: कलश के ऊपर लाल या पीले वस्त्र में लिपटा हुआ नारियल रखें. मां दुर्गा का आह्वान करें: मंत्रों का जाप करें और कलश पर रोली और अक्षत अर्पित करें. नवरात्रि के दौरान दीप जलाएं: घटस्थापना के साथ अखंड ज्योति प्रज्वलित करें, ताकि घर में सुख और शांति बनी रहे. घटस्थापना के लाभ घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. देवी दुर्गा की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होते हैं. मनोकामनाएं पूरी होने का विश्वास है. घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है. नवरात्रि 2025: 9 दिनों की पूजा का महत्व 30 मार्च से 7 अप्रैल 2025 तक, मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाएगी: पहला दिन: मां शैलपुत्री की पूजा दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी की उपासना तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा की आराधना चौथा दिन: मां कूष्मांडा की पूजा पांचवां दिन: मां स्कंदमाता की उपासना छठा दिन: मां कात्यायनी का पूजन सातवां दिन: मां कालरात्रि की उपासना आठवां दिन: मां महागौरी की पूजा नवां दिन: मां सिद्धिदात्री की आराधना जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्राज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ8080426594/9545290847 The post चैत्र नवरात्रि 2025 में घटस्थापना का शुभ समय बेहद खास, जानें सही मुहूर्त और विधि appeared first on Naya Vichar.

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