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Author name: Vinod Jha

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परिसीमन पर अमित शाह का भरोसा: दक्षिण का प्रतिनिधित्व कम नहीं, बल्कि बढ़ेगा, 5 प्वाइंट्स में समझाया

Amit Shah On Delimitation: लोकसभा में स्त्री आरक्षण और परिसीमन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा- वह विधेयकों पर चर्चा का जवाब शुक्रवार को विस्तार से देंगे, लेकिन कुछ भ्रांतियों को अभी दूर करना चाहते हैं. उन्होंने इसे पांच प्वाइंट्स में समझाया. कर्नाटक में अभी 28 लोकसभा सीट हैं, जो कुल 543 सीट का 5.15 प्रतिशत है. बिल पास होने के बाद, कर्नाटक के सांसदों की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी. जो कुल 816 सीटों का 5.14 प्रतिशत होगी. कर्नाटक को बिल्कुल भी कोई नुकसान नहीं होगा. शाह ने कहा कि आंध्र प्रदेश में अभी 25 लोकसभा सीट हैं और उसका प्रतिनिधित्व 4.6 प्रतिशत है जो परिसीमन के बाद 38 (4.65 प्रतिशत) हो जाएंगी. तेलंगाना में मौजूदा सीट की संख्या 17 (3.13 प्रतिशत) है, जो बाद में 26 (3.18 प्रतिशत) हो जाएंगी. शाह ने कहा, तमिलनाडु के 39 सदस्य (7.18 प्रतिशत) हैं जो परिसीमन के बाद 59 (7.23 प्रतिशत) हो जाएंगे. शाह ने कहा कि लोकसभा में अभी केरल के 20 सदस्य हैं. उनका प्रतिनिधित्व 3.38 प्रतिशत है जो बढ़कर 3.67 प्रतिशत (30 सीट) हो जाएगा. #WATCH | Speaking in Lok Sabha on women’s reservation and delimitation, Union Home Minister Amit Shah says, “The biggest narrative being created is that these three bills, the Constitution Amendment Bill, two laws on delimitation, and changes to the constituency election law,… pic.twitter.com/kv9bcJEL5E — ANI (@ANI) April 16, 2026 परिसीमन के बाद दक्षिण का प्रतिनिधित्व बढ़कर 195 सीट हो जाएगा अमित शाह ने कहा कि कुल मिलाकर अभी दक्षिणी राज्यों से 129 लोकसभा सदस्य आते हैं और उनका प्रतिनिधित्व 23.76 प्रतिशत है, जो 50 प्रतिशत वृद्धि के बाद 195 सीट और 23.97 प्रतिशत, यानी 24 प्रतिशत हो जाएगा. शाह ने कहा, इसलिए प्रतिनिधित्व कम नहीं हो रहा, बढ़ रहा है. शाह ने प्रियंका गांधी को दिया करारा जवाब परिसीमन आयोग में पक्षपात की कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा की आशंकाओं पर शाह ने कहा, मैं प्रियंका जी से कहना चाहता हूं कि हमने परिसीमन आयोग अधिनियम में कोई बदलाव नहीं किया है. पूरी तरह आपके कानून को रिपीट किया है. उन्होंने कहा, कांग्रेस की प्रशासन में इस अधिनियम का इस्तेमाल कर अगर हेरफेर की होगी तो मैं इतना कह सकता हूं कि हम नहीं करेंगे. और कुछ नहीं कह सकता. 2029 से पहले परिसीमन लागू नहीं होगा : शाह तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में फायदे के लिए इन विधेयकों को इस समय लाए जाने के आरोपों पर शाह ने कहा, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट संसद की स्वीकृति और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू होगी. 2029 से पहले इसके लागू होने का सवाल नहीं है. तब तक सारे चुनाव पुरानी व्यवस्था से होंगे. उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर उन्हें भी डरने की जरूरत नहीं है, हालांकि वह जीतेंगे नहीं, यह अलग बात है. ये भी पढ़ें: शुभ काम में काला टीका…परिसीमन का विरोध करने पर पीएम मोदी का DMK पर तंज परिसीमन पर पीएम मोदी ने दी गारंटी, कहा- किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा क्या है परिसीमन, जिसे लेकर देश में हंगामा है बरपा? The post परिसीमन पर अमित शाह का भरोसा: दक्षिण का प्रतिनिधित्व कम नहीं, बल्कि बढ़ेगा, 5 प्वाइंट्स में समझाया appeared first on Naya Vichar.

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MI vs PBKS: पंजाब ने जीता टॉस, मुंबई इंडियंस की पहले बैटिंग; ये है प्लेइंग XI

MI vs PBKS: गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और पंजाब किंग्स की टीम आमने-सामने है. पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. मुंबई इंडियंस अपने होम ग्राउंड पर पहले बल्लेबाजी कर रही है. पंजाब ने अब तक हार का स्वाद नहीं चखा है, जबकि एमआई को चार में से केवल एक मैच में जीत मिली है. पंजाब टेबल में तीसरे नंबर पर है, जबकि एमआई नौवे नंबर पर है. एमआई अपने होम ग्राउंड का फायदा उठाकर इस मुकाबले को जीतने का लक्ष्य रखेगी. दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन पंजाब किंग्स : प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, श्रेयस अय्यर (कप्तान), कूपर कोनोली, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, मार्को जानसन, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार विशाक, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल.मुंबई इंडियंस : क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रयान रिकेलटन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या (कप्तान), शेरफेन रदरफोर्ड, नमन धीर, मयंक रावत, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह. The post MI vs PBKS: पंजाब ने जीता टॉस, मुंबई इंडियंस की पहले बैटिंग; ये है प्लेइंग XI appeared first on Naya Vichar.

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भवानीपुर में वोटर लिस्ट से 40 फीसदी मुस्लिम गायब, गुजराती वोट बैंक भी नाराज, ‘गढ़’ बचा पायेंगी ममता बनर्जी?

खास बातें मुस्लिम वोट बैंक पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’? Mamata Banerjee Bhabanipur Seat 2026: TMC को सीधा नुकसान महुआ मोईत्रा के बयान से ‘गुजराती’ वोट बैंक नाराज क्या था महुआ मोईत्रा का विवादित बयान डैमेज कंट्रोल के लिए ममता बनर्जी ने खुद मांगी माफी रिकॉर्ड जीत बनाम कड़ी चुनौती Mamata Banerjee Bhabanipur Seat 2026: दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 159) सीट को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सबसे सुरक्षित किला माना जाता है. 2021 के उपचुनाव में उन्होंने यहां 58,832 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की थी. विधानसभा चुनाव 2026 की दहलीज पर खड़ी ममता बनर्जी के लिए इस बार राह आसान नहीं दिख रही. इसके दो बड़े कारण हैं- मुस्लिम वोट बैंक में बड़ी कटौती और गुजराती समुदाय की नाराजगी. इन दोनों कारणों से मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है. मुस्लिम वोट बैंक पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’? भवानीपुर में लगभग 20 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं. ये 2011 से ही टीएमसी का एकमुश्त वोट बैंक रहे हैं. स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे गये हैं, जिससे टीएमसी की चिंता बढ़ गयी है. कोलकाता की सबर इंस्टीट्यूट के मुताबिक, भवानीपुर सीट से रिकॉर्ड 40.1 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिये गये हैं. इसके अलावा 22.7 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स को ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट) श्रेणी में डाल दिया गया है. Mamata Banerjee Bhabanipur Seat 2026: TMC को सीधा नुकसान हालांकि, गैर-मुस्लिमों के नाम भी वोटर लिस्ट से हटाये गये हैं, लेकिन वे विभिन्न पार्टियों (भाजपा, लेफ्ट, टीएमसी) में बंटे हुए हैं. मुस्लिम वोट चूंकि सिर्फ टीएमसी के थे, इसलिए इस कटौती का सीधा और बड़ा झटका ममता बनर्जी को ही लगेगा. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें महुआ मोईत्रा के बयान से ‘गुजराती’ वोट बैंक नाराज भवानीपुर में लगभग 40 प्रतिशत गैर-बंगाली मतदाता हैं. इनमें गुजराती, मारवाड़ी, सिख और बिहारी शामिल हैं. परंपरागत रूप से भाजपा समर्थक होने के बावजूद यहां के गुजराती और मारवाड़ी समुदाय ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे हैं. हाल ही में महुआ मोईत्रा के एक बयान ने इस बार स्पोर्ट्स बिगाड़ दिया है. इसे भी पढ़ें : किसानों के लिए ‘फांसी का फंदा’ बन गया बंगाल का ‘सोना’, 15 साल में 136 मौत पर भाजपा ने ममता बनर्जी प्रशासन को घेरा क्या था महुआ मोईत्रा का विवादित बयान महुआ मोइत्रा ने आजादी की लड़ाई का जिक्र करते हुए गुजरातियों के योगदान पर सवाल उठाये और सावरकर पर तंज कसा. भाजपा ने इस बयान को ‘गुजराती अस्मिता’ का अपमान बताते हुए इसे घर-घर पहुंचा दिया है. विशेषकर वार्ड नंबर 70 और 72 में, जहां गुजराती आबादी अधिक है, वहां नाराजगी सा देखी जा रही है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: सीएम फेस पर शमिक भट्टाचार्य ने कर दिया बड़ा ऐलान, जानें किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगी भाजपा डैमेज कंट्रोल के लिए ममता बनर्जी ने खुद मांगी माफी डैमेज कंट्रोल के लिए ममता बनर्जी ने गुजराती समाज से खुद माफी मांगी. उन्होंने महुआ मोईत्रा को फटकार भी लगायी, लेकिन चुनावी जानकारों का कहना है कि यह ‘घाव’ इतनी जल्दी भरने वाला नहीं है. इसे भी पढ़ें : मोदी प्रशासन पर बरसीं ममता बनर्जी- स्त्री आरक्षण और परिसीमन को जोड़ना हिंदुस्तान बांटने की साजिश रिकॉर्ड जीत बनाम कड़ी चुनौती ममता बनर्जी ने वर्ष 2011 के विधानसभा चुनाव में 54,213 और पिछले उपचुनाव में करीब 59 हजार वोटों से जीत हासिल की थी. इस बार एक तरफ उनका सबसे मजबूत वोट बैंक (मुस्लिम) तकनीकी वजहों से कम हो गया है, तो दूसरी तरफ उनकी पुरानी सहयोगी ‘गैर-बंगाली’ जनता अपमान के नाम पर बिदक गयी है. भाजपा अब 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले इस ‘नाराजगी’ को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी की स्त्री ब्रिगेड में टोटो चालक की पत्नी से राष्ट्रपति से सम्मानित किसान तक बंगाल चुनाव 2026: भितरघात और SIR का घातक कॉकटेल, 120 सीटों पर बिगड़ सकता है दिग्गजों का स्पोर्ट्स! विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल की इन 294 सीटों पर होगी वोटिंग, एक-एक सीट का नाम यहां देखें बंगाल चुनाव 2026 में ‘बाबरी’ मस्जिद ने बदला सियासी गणित, ढह जायेगा TMC का ‘अल्पसंख्यक’ किला? The post भवानीपुर में वोटर लिस्ट से 40 फीसदी मुस्लिम गायब, गुजराती वोट बैंक भी नाराज, ‘गढ़’ बचा पायेंगी ममता बनर्जी? appeared first on Naya Vichar.

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शुभ काम में काला टीका…परिसीमन का विरोध करने पर पीएम मोदी का DMK पर तंज

PM Modi In Delimitation: लोकसभा में स्त्री आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मैं कुछ हल्की-फुल्की बात कहना चाहूंगा. हर किसी के अपने नेतृत्वक कारण होते हैं, और हार का डर थोड़ा चौंकाने वाला होता है. लेकिन हमारे देश में, जब भी कोई शुभ कार्य होता है, तो उसे बुरी नजर से बचाने के लिए काला टीका लगाने का रिवाज है. पीएम मोदी ने आखिर में कहा- मैं आपका (DMK) धन्यवाद करता हूं, काला टीका लगाने के लिए. काला कपड़ा पहनकर संसद पहुंचे थे डीएमके सांसद परिसीमन के गठन से जुड़े विधेयक का विरोध करते हुए डीएमके के सांसदों ने काला कपड़ा पहनकर संसद भवन पहुंचे थे. #WATCH | Speaking in Lok Sabha on women’s reservation and delimitation, Prime Minister Narendra Modi says, “I would like to say something lighter. Everyone has their own political reasons, and the fear of defeat is a bit shocking. But in our country, whenever any auspicious event… pic.twitter.com/n97SCTbiYr — ANI (@ANI) April 16, 2026 परिसीमन पर पीएम मोदी ने दी गारंटी पीएम मोदी ने परिसीमन में राज्यों के साथ भेदभाव की आशंकाओं को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा- संविधान ने हमें यहां बैठकर देश को टुकड़ों में सोचने का अधिकार ही नहीं दिया है. न टुकड़ों में सोच सकते हैं, न टुकड़ों में निर्णय ले सकते हैं. केवल नेतृत्वक लाभ लेने के लिए बवंडर खड़ा किया जा रहा है. मैं बड़ी जिम्मेदारी से आज सदन में कहना चाहता हूं कि दक्षिण हो, उत्तर हो, पूरब हो पश्विम हो, छोटे राज्य हों, बड़े राज्य हों निर्णय प्रकिया किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी. पीएम मोदी ने कहा, अतीत में जो प्रशासनें रहीं, जिनके कालखंड में परिसीमन हुआ और जो अनुपात उस समय से चला आ रहा है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा और वृद्धि भी उसी अनुपात में होगी. जब तमिलनाडु की एक सांसद ने गारंटी देने की बात कही तो प्रधानमंत्री ने कहा- अगर गारंटी शब्द चाहिए तो मैं गारंटी देता हूं, वादा शब्द चाहें ते इसका इस्तेमाल करता हूं. तमिल में कोई अच्छा शब्द हो तो उसका इस्तेमाल करता हूं. नीयत साफ है तो शब्दों का स्पोर्ट्स करने की कोई जरूरत नहीं है. परिसीमन के विरोध में स्टालिन और उनकी पार्टी ने दिखाया काला झंडा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने परिसीमन विधेयक की एक प्रति जलाकर उसे काला कानून करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक तमिल लोगों को उनकी अपनी ही भूमि में शरणार्थी बनाने का प्रयास है. स्टालिन ने विरोध में काला झंडा दिखाया. जिसके बाद उनकी पार्टी के मंत्रियों और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने घरों में, पार्टी कार्यालयों में और सार्वजनिक स्थानों पर भी काले झंडे लगाए. परिसीमन का कड़ा विरोध करते हुए बुधवार को स्टालिन ने राज्य भर में काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन का आह्वान किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रशासन के इस कदम से तमिलनाडु के हितों को नुकसान पहुंचेगा. ये भी पढ़ें: परिसीमन पर पीएम मोदी ने दी गारंटी, कहा- किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा The post शुभ काम में काला टीका…परिसीमन का विरोध करने पर पीएम मोदी का DMK पर तंज appeared first on Naya Vichar.

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क्या है परिसीमन, जिसे लेकर देश में हंगामा है बरपा?

Delimitation Bill 2026 : परिसीमन क्या है? इस सवाल का जवाब आज पूरा देश जानना चाहता है. इसकी वजह यह है कि आज संसद में इस मुद्दे को लेकर प्रशासन और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हो रही है. विपक्ष का आरोप है कि स्त्री आरक्षण के नाम पर प्रशासन देश में परिसीमन अपने हिसाब से कराकर उसका नेतृत्वक लाभ लेना चाहती है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में यह कह रहे हैं कि वे नारी शक्ति को उनका हक देना चाहते हैं, जो इतने साल से रुका पड़ा है. उनका इसमें कोई नेतृत्वक स्वार्थ नहीं है. आइए समझते हैं क्या है परिसीमन, जिसे लेकर देश में हंगामा है बरपा? परिसीमन क्या है? किसी भी लोकतांत्रिक देश में उसके नागरिक का वोट बहुत महत्वपूर्ण होता है. हिंदुस्तान जैसे देश में जहां का संविधान नागरिकों के बीच किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करता है, वहां प्रत्येक व्यक्ति का वोट एक समान और किसी को कम या ज्यादा ना समझा जाए, इसके लिए परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जाती है. परिसीमन की प्रक्रिया के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों की संख्या और उनकी सीमाओं का निर्धारण होता है. इसी प्रक्रिया के तहत अलग-अलग चुनाव क्षेत्र बनाए जाते हैं. चुनाव क्षेत्रों का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर होता है. इसका उद्देश्य यह तय करना है कि हर विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र में जनसंख्या एक समान हो. जनसंख्या समान होने से क्षेत्र विशेष के लोगों का प्रतिनिधित्व समान होता है. परिसीमन की जरूरत क्यों पड़ती है? जनसंख्या का बढ़ना एक बहुत ही स्वाभाविक प्रक्रिया है. ऐसे में अगर किसी संसदीय या विधानसभा क्षेत्र की जनसंख्या में अधिक वृद्धि हो जाए, लेकिन वहां की सीट एक ही रहे, तो वहां के लोगों का प्रतिनिधित्व सदन में कम हो जाएगा.इसी स्थिति को बदलने और सबको एक जैसा महत्व देने के लिए देश में परिसीमन किया जाता है, जिसके द्वारा समय-समय पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की संख्या और और उनकी सीमाओं का पुनर्निधारण किया जाता है. कहने का अर्थ यह है कि अगर किसी संसदीय क्षेत्र में जनसंख्या ज्यादा बढ़ जाए, तो उस सीट को दो टुकड़ों में बांटकर दो सीट बनाया जा सकता है. कैसे होता है परिसीमन? परिसीमन को संवैधानिक स्वीकृति प्राप्त है यानी यह एक कानूनी प्रक्रिया है. परिसीमन की पहली शर्त है जनगणना. परिसीमन तभी हो सकता है जब देश में नई जनगणना हो. नई जनगणना से यह पता चल जाता है कि किस क्षेत्र की आबादी कितनी है. जनगणना के बाद प्रशासन परिसीमन आयोग का गठन करती है, जो जनगणना के आंकड़ों के हिसाब से अनुपात तय करती है और सीटों की संख्या और उनकी सीमाएं तय की जाती हैं. आयोग जब सीटों की संख्या और सीमाएं तय कर लेता है, तो जनता और नेतृत्वक दलों से सुझाव मांगता है. सुझाव के आधार पर आयोग उनमें जरूरी होने पर संशोधन भी करता है. आयोग के फैसले को आमतौर पर न्यायालय में चुनौती नहीं दी जाती है. परिसीमन को लेकर क्या कहता है संविधान? हिंदुस्तानीय संविधान के अनुच्छेद 81, 82 और 170 के तहत परिसीमन एक कानूनी प्रक्रिया है. अनुच्छेद 81 लोकसभा सीटों से जुड़ा है, जबकि अनुच्छेद 170 राज्य विधानसभाओं की सीटों की संख्या और उनकी सीमाओं के निर्धारण से जुड़ा है. जबकि अनुच्छेद 82 में यह व्यवस्था है कि हर जनगणना के बाद संसद परिसीमन के लिए कानून बना सकती है. ये भी पढ़ें : कैसे दिया जाए स्त्रीओं को आरक्षण, 16 से 18 तक संसद में चर्चा; समझिए क्यों उबल रहे दक्षिण के राज्य? अमित शाह ने लोकसभा में अखिलेश यादव को दिया जवाब- देश में शुरू हो चुकी है जाति आधारित जनगणना की प्रक्रिया The post क्या है परिसीमन, जिसे लेकर देश में हंगामा है बरपा? appeared first on Naya Vichar.

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शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब पर एक और FIR, डॉक्टर और उनकी पत्नी ने लगाया जमीन कब्जाने का आरोप

Bihar News: बिहार के सीवान जिले से एक बार फिर चर्चित मामला सामने आया है. रघुनाथपुर से राजद विधायक ओसामा शहाब पर अवैध तरीके से जमीन कब्जाने की कोशिश का आरोप लगा है. इस मामले में डॉक्टर दंपत्ति ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. डॉक्टर विनय सिंह और उनकी पत्नी डॉक्टर सुधा सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है. दंपत्ति मूल रूप से गोपालगंज के रहने वाले हैं और फिलहाल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रहते हैं. धमकी देकर जमीन छोड़ने का दबाव डॉक्टर दंपत्ति के मुताबिक, उन्होंने सीवान के जूनापुर गांव में बायपास रोड किनारे जमीन खरीदी थी. हाल ही में कुछ लोगों ने उन्हें वहां निर्माण कार्य नहीं करने की चेतावनी दी. आरोप है कि उनसे कहा गया कि वे यह जमीन विधायक ओसामा शहाब के पक्ष में छोड़ दें और वापस गोरखपुर चले जाएं, नहीं तो जान से मारने की धमकी दी गई. सीवान: रघुनाथपुर से विधायक ओसामा शहाब पर एक और FIR दर्ज. ओसामा पर एक डॉक्टर की जमीन पर कब्जे का आरोप. महादेवा थाना में दर्ज प्राथमिकी. डॉ. सुधा सिंह ने निर्माण कार्य में बाधा डालने, कर्मियों से मारपीट और CCTV कैमरे तोड़ने का लगाया आरोप. पुलिस मामले की जांच में जुटी.#Siwan… pic.twitter.com/aIqHnshCOx — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 16, 2026 कई आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज पुलिस ने इस मामले में विधायक ओसामा शहाब समेत फरहान और साबिर नाम के दो लोगों को नामजद आरोपी बनाया है. इसके अलावा 30 से 35 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. बताया जा रहा है कि जमीन पर काम कर रहे लोगों के साथ मारपीट भी की गई. 10 दिनों में दूसरी बार दर्ज हुआ केस यह पहला मामला नहीं है. बीते 10 दिनों में ओसामा शहाब के खिलाफ यह दूसरी एफआईआर दर्ज हुई है. इससे पहले 5 अप्रैल को एक विवाद में उन पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था. पुराना विवाद भी रहा सुर्खियों में पिछले मामले में एक ऑटो चालक और स्कॉर्पियो सवार के बीच विवाद हुआ था, जो हिंसक हो गया था. इस दौरान ईंट-पत्थर और गोलीबारी की भी बात सामने आई थी. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ केस दर्ज कराया था, वहीं पुलिस पर भी हमला हुआ था. बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे हैं ओसामा ओसामा शहाब, सीवान के चर्चित बाहुबली और पूर्व सांसद रहे मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे हैं. शहाबुद्दीन का नाम लंबे समय तक अपराध और नेतृत्व दोनों में चर्चित रहा. उनके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज थे और एक डबल मर्डर केस में उन्हें उम्रकैद की सजा भी मिली थी. Also Read: शपथ के बाद फुल एक्शन में CM सम्राट, अफसरों की लगाई क्लास, प्रधान सचिवों को दिया ये टास्क The post शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब पर एक और FIR, डॉक्टर और उनकी पत्नी ने लगाया जमीन कब्जाने का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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CBSE 10वीं में केंद्रीय विद्यालय का दबदबा कायम, 99.57 फीसदी छात्र पास

CBSE 10th Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है. हर बार की तरह इस बार भी केंद्रीय विद्यालयों (Kendriya Vidyalaya-KVs) ने अपनी सफलता का परचम लहराया है. जहां देशभर का औसत पास प्रतिशत 93.70% रहा, वहीं केंद्रीय विद्यालयों ने 99.57% का स्कोर हासिल कर सबको चौंका दिया है.  CBSE 10th Result 2026: केवीएस आठ साल से लगातार टॉप पर केंद्रीय विद्यालयों के पिछले आठ सालों का रिकॉर्ड देखें तो केवी लगातार 96% से 100% के बीच ही रहा है. इस साल का 99.57% का डेटा महामारी के बाद के समय (Non-Pandemic Years) में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है. इससे पहले 2019 में 99.47% और 2025 में 99.45% का रिकॉर्ड बना था, जिसे इस बार केवी ने पार कर लिया है.  हर स्कूल कैटेगरी में KV सबसे आगे जब हम अलग-अलग स्कूलों की तुलना करते हैं, तो केंद्रीय विद्यालय हर रेस में अव्वल नजर आते हैं. नीचे दिए डेटा को देख सकते हैं-  केवी (KV): 99.57% जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV): 99.42% प्राइवेट स्कूल: 93.77% प्रशासनी स्कूल: 91.43% KVS ने शेयर की डिटेल्स Proud Moment for #KVS! With an outstanding 99.57% pass percentage, KVS shines as the highest among all institutions in the #CBSE Class X Result 2025–26. Heartiest #congratulations to students, teachers & parents for this remarkable achievement.#ProudKVians #Class10Results pic.twitter.com/WLMtO5xVJ7 — Kendriya Vidyalaya Sangathan (@KVS_HQ) April 15, 2026 CBSE 10th Result 2026: दक्षिण हिंदुस्तान के रीजन का रहा दबदबा हिंदुस्तान के अलग-अलग में फैले केवी के 25 रीजन में से कुछ ने 100% रिजल्ट दिया है. एर्नाकुलम और हैदराबाद, इन दोनों रीजन ने 100% पास प्रतिशत हासिल किया है. एर्नाकुलम रीजन का परफॉर्मेंस पिछले कुछ समय से बहुत अच्छा देखा जा रहा है. यहां रिजल्ट कभी 99.66% से नीचे गिरा ही नहीं है. पटना, मुंबई और जबलपुर जैसे इलाकों ने पिछले 2-3 सालों में अच्छा प्रदर्शन किया है.  पटना का रिजल्ट 2023 में 93.69% था, वह अब बढ़कर 99.28% तक पहुंच गया है.  आखिर क्या है इस सफलता का राज? यहां साल की शुरुआत से ही नियमित टेस्ट और डिसिप्लिन के साथ पढ़ाई कराई जाती है.  केवी के शिक्षकों को समय-समय  पर बेहतर टीचर ट्रेनिंग दी जाती है.  केवी के छात्र अगर एक शहर से दूसरे शहर ट्रांसफर भी होते हैं, तो उनकी पढ़ाई पर असर नहीं पड़ता है क्योंकि पूरे देश में एक ही पैटर्न को फॉलो किया जाता है.  10वीं क्लास टॉप परफॉर्मिंग रीजन  इन क्षेत्रों ने पिछले तीन साल में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है और इस साल 100% के करीब रहे हैं.  क्षेत्र (Region) 2023 (%) 2024 (%) 2025 (%) एर्नाकुलम 99.98 99.98 100.00 हैदराबाद 99.48 99.77 100.00 केवीएस (मुख्यालय) 97.67 100.00 100.00 जम्मू 99.23 99.43 99.91 देहरादून 99.12 99.94 99.88 चेन्नई 99.33 99.60 99.87 CBSE 10th Result 2026: रिजल्ट कैसे चेक करें? अगर आपने अभी तक अपना रिजल्ट नहीं देखा है, तो आप इन ऑफिशियल वेबसाइट्स पर जा सकते हैं: cbseresults.nic.in results.cbse.nic.in digilocker.gov.in यह भी पढ़ें: वेबसाइट, SMS या डिजिलॉकर? जानें CBSE 12वीं बोर्ड का रिजल्ट कहां से चेक करें The post CBSE 10वीं में केंद्रीय विद्यालय का दबदबा कायम, 99.57 फीसदी छात्र पास appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव के पहले चरण के लिए EVM-VVPAT तैयार, 44378 पोलिंग स्टेशनों पर 23 अप्रैल को वोट

खास बातें उम्मीदवारों की मौजूदगी में मॉक पोल 2 चरणों में हुआ EVM का रैंडमाइजेशन EVM VVPAT Commissioning West Bengal: नेतृत्वक दलों को दी गयी पूरी जानकारी EVM VVPAT Commissioning West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण की वोटिंग के लिए निर्वाचन आयोग (ECI) ने कमर कस ली है. आयोग ने 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) मशीनों के कमीशनिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस चरण में बंगाल के कुल 44,378 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जायेंगे. निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने मशीनों के आवंटन के लिए ट्रिपल लेयर सिक्यूरिटी (त्रिस्तरीय सुरक्षा) और रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया अपनायी है. उम्मीदवारों की मौजूदगी में मॉक पोल कमीशनिंग की प्रक्रिया गुरुवार (16 अप्रैल) से विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में शुरू हो गयी है. पूरी प्रक्रिया चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों और सामान्य पर्यवेक्षकों (General Observers) की मौजूदगी में की जा रही है. कमीशनिंग के बाद, रैंडम तरीके से चुनी गयी 5 प्रतिशत मशीनों पर 1000 वोटों का मॉक पोल किया गया. उम्मीदवारों को खुद भी मॉक पोल करके मशीनों की सत्यता जांचने की अनुमति दी गयी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 2 चरणों में हुआ EVM का रैंडमाइजेशन मशीनों को पोलिंग स्टेशनों तक भेजने से पहले ‘ईवीएम मैनेजमेंट सिस्टम’ (EMS) के जरिये 2 चरणों में रैंडमाइजेशन किया गया है. पहले चरण में जिला स्तर के गोदामों से विधानसभा क्षेत्रों (AC) तक मशीनों का रैंडम आवंटन. इसकी सूची सभी राष्ट्रीय और राज्य मान्यता प्राप्त नेतृत्वक दलों के साथ साझा की गयी है. दूसरे चरण में विधानसभा स्तर से सीधे मतदान केंद्रों (Polling Stations) तक मशीनों का आवंटन किया गया. इसके बाद सभी मशीनों को नेतृत्वक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ‘असेंबली स्ट्रांग रूम’ में सुरक्षित रख दिया गया. इसे भी पढ़ें : बंगाल समेत अन्य राज्यों में वोट के लिए बांटी जा रही शराब, ड्रग्स और कैश, अब तक 651.55 करोड़ जब्त EVM VVPAT Commissioning West Bengal: नेतृत्वक दलों को दी गयी पूरी जानकारी आयोग ने स्पष्ट किया है कि पहले और दूसरे रैंडमाइजेशन की विस्तृत सूची सभी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों और दलों को उपलब्ध करा दी गयी है. बंगाल के साथ-साथ तमिलनाडु विधानसभा चुनाव और गुजरात एवं महाराष्ट्र के उपचुनावों के लिए भी यही प्रक्रिया अपनायी जा रही है, जहां 23 अप्रैल को ही वोटिंग होनी है. इसे भी पढ़ें किसानों के लिए ‘फांसी का फंदा’ बन गया बंगाल का ‘सोना’, 15 साल में 136 मौत पर भाजपा ने ममता बनर्जी प्रशासन को घेरा बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी की स्त्री ब्रिगेड में टोटो चालक की पत्नी से राष्ट्रपति से सम्मानित किसान तक बंगाल चुनाव 2026: भितरघात और SIR का घातक कॉकटेल, 120 सीटों पर बिगड़ सकता है दिग्गजों का स्पोर्ट्स! विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल की इन 294 सीटों पर होगी वोटिंग, एक-एक सीट का नाम यहां देखें The post बंगाल चुनाव के पहले चरण के लिए EVM-VVPAT तैयार, 44378 पोलिंग स्टेशनों पर 23 अप्रैल को वोट appeared first on Naya Vichar.

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होर्मुज नाकाबंदी पर भड़का ईरान, कहा- हमारी मिसाइलों के निशाने पर अमेरिकी युद्धपोत

Iran US Ceasefire: ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने कहा है कि अगर अमेरिकी नौसैनिक से ईरान को सीधा खतरा होता है, तो तेहरान पूरी तरह से तैयार है. ईरानी प्रशासनी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार एक इंटरव्यू में रेजाई ने कहा कि दबाव बढ़ाना जरूरी है. उन्होंने दावा किया कि ईरान के मिसाइल लॉन्चर अमेरिकी युद्धपोतों पर निशाना साधे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर हमला कर उन्हें डुबो दिया जाएगा. ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी पर रेजाई ने कहा कि अमेरिका का यह प्रयास भी पूरी तरह विफल होगा. ईरान ऐसी कार्रवाइयों का जवाब अच्छी तरह से दे सकता है. प्रेस टीवी के हवाले से उन्होंने कहा- जिस तरह अमेरिका को होर्मुज को खोलने के प्रयास में ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा, उसी तरह नौसैनिक नाकाबंदी में भी उसकी विफलता तय है. जवाब देने के लिए ईरान के पास पूरी क्षमता- रेजाई रेजाई ने कहा कि ईरान के सशस्त्र बल अमेरिका की नाकाबंदी को सफल नहीं होने देंगे. उन्होंने दावा किया कि तेहरान के पास जवाब देने के लिए बेहद ताकतवर क्षमता मौजूद है. ईरान की ओर से यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने कहा कि ईरान के बंदरगाहों की पूरी नाकाबंदी कर दी गई है. अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट सहित अन्य प्रमुख रास्तों पर कब्जा जमा लिया है. रेजाई ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर पहले से ही ईरान के खिलाफ सैन्य योजना बनाई थी. उन्होंने कहा कि इस योजना में इस्फहान में पैराट्रूपर्स भेजकर यूरेनियम सामग्री कब्जे में लेने की कोशिश भी शामिल थी. हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है. यूएन प्रस्ताव के बिना युद्धविराम नहीं- ईरान ने साफ किया अपना रुख मोहसेन रेजाई ने कहा कि जब तक सभी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक युद्धविराम बढ़ाना ईरान के लिए फायदेमंद नहीं है. उनके मुताबिक, सभी समझौते पूरे हों और संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव आए, तभी सीजफायर मायने रखेगा. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने मानवीय कारणों से अस्थायी युद्धविराम माना है और अमेरिका से बातचीत में पूरी सावधानी जरूरी है. इसे भी पढ़ें- US-ईरान की दुश्मनी खत्म कराएगा पाकिस्तान? न्यूक्लियर डील पर मुनीर की तेहरान के बाद अब वाशिंगटन में बड़ी तैयारी ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुई थी वार्ता इससे पहले 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता का पहला दौर युद्ध के स्थायी समाधान के मकसद से हुआ था, लेकिन परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट जैसे जटिल मुद्दों पर मतभेद बना रहा और कोई समझौता नहीं हो सका. इसके बाद अमेरिका ने ईरान के समुद्री मार्गों की नाकेबंदी लागू की. होर्मुज ईरान और ओमान के बीच स्थित करीब 55 किलोमीटर चौड़ा बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिसके जरिए करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल का व्यापार होता है. Also Read: ट्रंप की ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट: इजरायल-लेबनान के बीच 34 साल बाद कल होगी ऐतिहासिक बातचीत अमेरिका ने घेरे ईरानी बंदरगाह; अराघची की चेतावनी- ‘खतरनाक होंगे अंजाम’, खाड़ी में बढ़ा तनाव The post होर्मुज नाकाबंदी पर भड़का ईरान, कहा- हमारी मिसाइलों के निशाने पर अमेरिकी युद्धपोत appeared first on Naya Vichar.

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CSK को झटका, खलील अहमद चोट के कारण आईपीएल 2026 से बाहर

Khaleel Ahmed Ruled Out: खलील अहमद ने सीएसके की तरफ से अभी तक सभी पांच मैच में हिस्सा लिया है. उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ 14 अप्रैल को स्पोर्ट्से गए मैच के दौरान अपने दाहिने कूल्हे में दर्द की शिकायत की थी. उन्होंने अब तक सीएसके की तरफ से अच्छा प्रदर्शन किया था और उसके गेंदबाजी आक्रमण के मुख्य सदस्य थे. खलील अहमद को ठीक होने में लगा जाएंगे 10 से 12 सप्ताह खलील अहमद को चोट से उबरने में कम से कम 10-12 सप्ताह का समय लगेगा. इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने हिंदुस्तान के लिए 11 वनडे और 18 टी20 मैच स्पोर्ट्से हैं. हिंदुस्तान की तरफ से उन्होंने अपना आखिरी मैच जुलाई 2024 में स्पोर्ट्सा था. आईपीएल 2026 में खलील का प्रदर्शन आईपीएल 2026 में खलील अहमद ने पांच मैच स्पोर्ट्से हैं. जिसमें उन्होंने 101 गेंद फेंके और 146 रन देकर दो विकेट चटकाए. आईपीएल में उनके प्रदर्शन की बात करें, तो उन्होंने 76 मैचों में कुल 91 विकेट लिए हैं. ये भी पढ़ें: दर्द से छटपटा उठे ऋषभ पंत, जोश हेजलवुड की गेंद बाईं कोहनी पर लगी, कराहते हुए छोड़ा मैदान धोनी टीम से बाहर, लेकिन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर दिख रहा माही का असर The post CSK को झटका, खलील अहमद चोट के कारण आईपीएल 2026 से बाहर appeared first on Naya Vichar.

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