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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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राष्ट्रपति ट्रंप ने किया ऐलान, 10 दिनों के साजफायर पर इजरायल-लेबनान राजी

Israel Lebanon Ceasefire: इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्धविराम हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसकी जानकारी दी है. सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर अपने एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेजामिन नेतन्याहू ने 10 दिनों के युद्धविराम पर सहमति जताई है. ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों ने 34 साल में पहली बार वाशिंगटन में विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मौजूदगी में मुलाकात की. बेंजामिन नेतन्याहू और जोसेफ औन को व्हाइट हाउस आमंत्रित कर सकते हैं ट्रंप ट्रंप ने कहा कि उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मिलकर दोनों देशों के साथ काम करें, ताकि स्थायी शांति स्थापित हो सके. उन्होंने यह भी कहा कि वह इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन को व्हाइट हाउस बुलाने की योजना बना रहे हैं. उनके मुताबिक 1983 के बाद यह दोनों देशों के बीच पहली अहम बातचीत होगी और दोनों पक्ष शांति चाहते हैं, जो जल्द संभव हो सकती है. ट्रंप ने खुद को दिया 9 युद्ध रुकवाने का क्रेडिट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दुनिया भर में अब तक 9 युद्ध रुकवाने में भूमिका निभाई है और अब वह इज़राइल और लेबनान के बीच जारी संघर्ष को खत्म कर अपना 10वां युद्ध भी रोकना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी बातचीत के बाद इजराइल औऱ लेबनान 10 दिन के युद्धविराम पर सहमत हुए हैं. इजराइली हमलों में लेबनान में 2 हजार से ज्यादा मौत इजराइल के हमलों से लेबनान में भारी तबाही हुई है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार गुरुवार (16 अप्रैल) तक इन हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,196 हो गई है, जबकि 7,185 लोग घायल हुए हैं. मंत्रालय ने बताया कि 2 मार्च से इज़राइल और हिजबुल्लाह के बीच जारी इस संघर्ष में मरने वालों में 260 स्त्रीएं और 172 शिशु शामिल हैं. इजराइल की यह सैन्य कार्रवाई तब शुरू हुई जब हिज्बुल्लाह ने ईरान के समर्थन में उत्तरी इजराइल की ओर रॉकेट से हमला किया था. इजराइल के हमलों से लेबनान में भारी तबाही, फोटो- पीटीआई हिजबुल्लाह कर रहा था संघर्षविराम का विरोध हिजबुल्ला इजराइल और लेबनान के बीच बातचीत और सीजफायर का लगातार विरोध कर रहा था. बातचीत से पहले हिजबुल्लाह के महासचिव नइम कासिम ने एक भड़काऊ भाषण देते हुए लेबनान से वार्ता रद्द करने का आह्वान किया था. साथ ही हिजबुल्लाह ने यह भी कहा था अगर इजराइल के साथ लेबनान की कोई संधि होती भी है तो हिजबुल्लाह उसे नहीं मानेगा. Also Read: ट्रंप के बाद मैक्रों ने किया पीएम मोदी को फोन, मिडिल ईस्ट संकट पर हुई बात The post राष्ट्रपति ट्रंप ने किया ऐलान, 10 दिनों के साजफायर पर इजरायल-लेबनान राजी appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप के बाद मैक्रों ने किया पीएम मोदी को फोन, मिडिल ईस्ट संकट पर हुई बात

Macron Calls PM Modi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी से फोन पर बात की है. दोनों नेताओं के मिडिल ईस्ट संकट (Middle East Crisis) पर चर्चा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से फोन पर बात हुई. हम होर्मुज में सुरक्षा और समुद्री परिवहन की स्वतंत्रता को तत्काल बहाल करने की जरूरत पर सहमत हुए. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि मिडिल ईस्ट में आगे शांति और स्थिरता हो इसके लिए दोनों देश मिलकर सहयोग जारी रखेंगे. Received a phone call from my dear friend President Emmanuel Macron. We discussed the situation in West Asia and agreed on the need to urgently restore safety and freedom of navigation in the Strait of Hormuz. We will continue our close cooperation to advance peace and stability… — Narendra Modi (@narendramodi) April 16, 2026 ट्रंप ने भी किया था पीएम मोदी को फोन फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के फोन से दो दिन पहले (14 अप्रैल) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी फोन कर पीएम मोदी से बात की थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (14 अप्रैल) को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से 40 मिनट की बातचीत में कई मुद्दों पर चर्चा की थी. बातचीत में दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा समेत होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया. इस साल तीन बार हो चुकी है पीएम मोदी और ट्रंप की बात साल 2026 में ट्रंप और पीएम मोदी के बीच तीन बार फोन पर बातचीत हो चुकी है. इससे पहले 2 फरवरी और 24 मार्च को भी दोनों नेताओं ने व्यापार समझौते और मिडिल ईस्ट टेंशन पर चर्चा की थी. The post ट्रंप के बाद मैक्रों ने किया पीएम मोदी को फोन, मिडिल ईस्ट संकट पर हुई बात appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव का पहला चरण : दागी और धनी उम्मीदवारों का दबदबा, BJP के 70 प्रतिशत प्रत्याशी दागी, TMC के सबसे अमीर

खास बातें दागी प्रत्याशियों में भाजपा नं-1, गंभीर अपराधों की भरमार टीएमसी उम्मीदवारों के पास सबसे ज्यादा दौलत आधी आबादी की भागीदारी अब भी कम 23 और 29 अप्रैल को बंगाल में होगी वोटिंग ADR Report West Bengal Election 2026: बंगाल चुनाव 2026 के पहले चरण के रण में उतरे उम्मीदवारों की कुंडली सामने आ गयी है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और पश्चिम बंगाल इलेक्शन वॉच की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पहले चरण के 23 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि अदालतों की सख्ती के बावजूद नेतृत्वक दल साफ-सुथरी छवि के बजाय जिताऊ उम्मीदवारों पर ही दांव लगा रहे हैं. करोड़पति उम्मीदवारों के मामले में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सबसे आगे है. दागी प्रत्याशियों में भाजपा नं-1, गंभीर अपराधों की भरमार एडीआर ने 1,475 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया है, जिसमें अपराध और नेतृत्व का गहरा गठजोड़ दिखा. पार्टीवार स्थिति : भाजपा के सबसे ज्यादा 70 प्रतिशत (152 में से 106) उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इसके बाद टीएमसी के 43 प्रतिशत, माकपा के 43 प्रतिशत और कांग्रेस के 26 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ केस होने की बात कबूल की है. गंभीर आरोप : कुल 294 उम्मीदवारों पर हत्या, हत्या के प्रयास और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं. इनमें 19 पर हत्या और 98 पर स्त्रीओं के खिलाफ अपराध के मामले हैं. रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र : पहले चरण की 152 सीटों में से 66 सीटों को ‘रेड अलर्ट’ निर्वाचन क्षेत्र घोषित किया गया है. ये वे क्षेत्र हैं, जहां 3 या उससे अधिक उम्मीदवारों पर आपराधिक केस दर्ज हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें टीएमसी उम्मीदवारों के पास सबसे ज्यादा दौलत सिर्फ बाहुबल ही नहीं, धनबल के मामले में भी यह चुनाव काफी ‘भारी’ है. औसत संपत्ति : पहले चरण के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 1.34 करोड़ रुपए है. सबसे अमीर दल : तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति सबसे अधिक 5.70 करोड़ रुपए आंकी गयी है. कुल करोड़पति : बंगाल चुनाव के मैदान में उतरे 309 उम्मीदवार (21 प्रतिशत) करोड़पति हैं. इसे भी पढ़ें : 15 साल से मुख्यमंत्री फिर भी अपनी कार तक नहीं! 5 साल में और गरीब हुईं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी आधी आबादी की भागीदारी अब भी कम रिपोर्ट में स्त्री प्रतिनिधित्व को लेकर निराशाजनक तस्वीर सामने आयी है. पहले चरण में कुल 1,478 उम्मीदवारों में से सिर्फ 167 स्त्रीएं (11 प्रतिशत) ही चुनाव लड़ रही हैं. नेतृत्वक जानकारों का कहना है कि स्त्री वोटर्स को लुभाने के तमाम वादों के बीच टिकट बंटवारे में उन्हें अब भी उचित स्थान नहीं मिल पाया है. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी 40 लाख रुपए लेकर उतरीं थीं नंदीग्राम में, सबसे हाई-प्रोफाईल चुनाव में खर्च किये 21.88 लाख 23 और 29 अप्रैल को बंगाल में होगी वोटिंग पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है. पहले चरण के इन आंकड़ों ने मतदाताओं के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि वे विकास और साफ छवि को चुनेंगे या फिर धनबल और बाहुबल को. चुनाव के नतीजे 4 मई को आयेंगे. इसे भी पढ़ें 85.87 लाख के मालिक शुभेंदु अधिकारी के पास नहीं है कार, जानें नंदीग्राम के योद्धा की प्रॉपर्टी और बैंक बैलेंस फिल्में, नेतृत्व और लग्जरी गाड़ियां, जानें बैरकपुर के TMC विधायक के पास कितनी दौलत? नंदीग्राम से नयी दिल्ली तक 15 बैंक अकाउंट, जानें कितनी संपत्ति है शुभेंदु अधिकारी की? भवानीपुर में ममता बनर्जी vs शुभेंदु अधिकारी, जानें BJP का ’बूथ-दर-बूथ’ सोशल इंजीनियरिंग प्लान The post बंगाल चुनाव का पहला चरण : दागी और धनी उम्मीदवारों का दबदबा, BJP के 70 प्रतिशत प्रत्याशी दागी, TMC के सबसे अमीर appeared first on Naya Vichar.

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खिंची चली आएंगी मां लक्ष्मी, शुक्रवार को घर ले आएं ये 3 खास चीजें

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र का महत्व हमारे जीवन में काफी गहरा माना गया है. कहा जाता है अगर किसी भी कार्य को करने से पहले या फिर करने के दौरान इसमें बताये गए नियमों का सही से पालन किया जाए तो इसके काफी सुखद और जीवन में समृद्धि लाने बदलाव देखने को मिलते हैं. वहीं, अगर आप इसमें बताई गयी बातों को नजरअंदाज करते हैं, तो आपके जीवन में परेशानियां भी बढ़ने लगती है. हमारे इसी वास्तु शास्त्र में शुक्रवार के दिन को लेकर भी कुछ नियम बताये गए हैं. मान्यता है कि जब आप इन नियमों का पालन करते हैं तो आपके घर पर सुख-शांति आती है और धन समृद्धि भी बनी रहती है. आज इस आर्टिकल में हम आपको 3 ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आपको शुक्रवार के दिन अपने घर लेकर आना चाहिए. इन चीजों को जब आप घर पर लाकर रखेंगे तो आपके घर की एनर्जी काफी पॉजिटिव हो जाएगी और साथ ही आप पैसों के मामले में भी स्टेबल रहने लगेंगे. चांदी की चीजें लाना होता है शुभ हमारे वास्तु शास्त्र में चांदी को शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. यह एक मुख्य कारण है कि आपको शुक्रवार के दिन अपने घर पर चांदी की कोई छोटी सी चीज, जैसे कि सिक्का या फिर आभूषण को लाकर रखना चाहिए. जब आप ऐसा करते हैं तो आपके घर पर मां लक्ष्मी का वास होता है और साथ ही पैसों से जुड़ी दिक्कतें भी खत्म होने लग जाएगी. यह भी पढ़ें: क्या आपको भी रात भर रहती है टेंशन और बेचैनी? आराम पाने के लिए सोने से पहले जरूर कर लें ये 5 काम सफेद कपड़े या सफेद मिठाई शुक्रवार का जुड़ाव सफेद रंग से भी माना गया है. इस रंग को हमेशा से ही शांति और पवित्रता का प्रतीक होता है. इस वजह से आपको शुक्रवार के दिन सफेद रंग के कपड़े या फिर सफेद रंग की मिठाई जैसे कि खीर, रसगुल्ला या फिर बर्फी को अपने घर पर लाकर रखना चाहिए. आप इन मिठाईयों को अपने घर पर सभी के बीच बांट भी सकते हैं. जब आप हर शुक्रवार को यह उपाय करते हैं, तो घर का माहौल काफी पॉजिटिव बनता है और रिश्तों में भी मिठास बढ़ने लगती है. यह छोटा सा उपाय आपके जीवन में खुशहाली के साथ संतोष की भावना को भी बढ़ा देता है. कमल का फूल या सुगंधित चीजें वास्तु शास्त्र के अनुसार कमल का फूल मां लक्ष्मी को काफी ज्यादा प्रिय होता है. ऐसे में जब आप शुक्रवार के दिन कमल के फूल को घर लाते हैं या फिर इसका इस्तेमाल पूजा करने में करते हैं, तो इसके परिणाम काफी ज्यादा शुभ होते हैं. अगर कमल का फूल आपके पास नहीं है, तो आप किसी भी खुशबूदार फूल या फिर अगरबत्ती का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह छोटा सा उपाय आपके घर के माहौल को शुद्ध बनाता है और निगेटिव एनर्जी को दूर करता है. जब घर में एक अच्छी सी खुशबू फैल जाती है, तो आपका मन शांत होता है और पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो भी बढ़ जाता है. यह भी पढ़ें: झाड़ू-पोछा करते समय की ये 5 गलतियां बना सकती हैं आपको कंगाल, दरिद्रता से बचने के लिए जान लें सही तरीका The post खिंची चली आएंगी मां लक्ष्मी, शुक्रवार को घर ले आएं ये 3 खास चीजें appeared first on Naya Vichar.

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परिसीमन पर अमित शाह का भरोसा: दक्षिण का प्रतिनिधित्व कम नहीं, बल्कि बढ़ेगा, 5 प्वाइंट्स में समझाया

Amit Shah On Delimitation: लोकसभा में स्त्री आरक्षण और परिसीमन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा- वह विधेयकों पर चर्चा का जवाब शुक्रवार को विस्तार से देंगे, लेकिन कुछ भ्रांतियों को अभी दूर करना चाहते हैं. उन्होंने इसे पांच प्वाइंट्स में समझाया. कर्नाटक में अभी 28 लोकसभा सीट हैं, जो कुल 543 सीट का 5.15 प्रतिशत है. बिल पास होने के बाद, कर्नाटक के सांसदों की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी. जो कुल 816 सीटों का 5.14 प्रतिशत होगी. कर्नाटक को बिल्कुल भी कोई नुकसान नहीं होगा. शाह ने कहा कि आंध्र प्रदेश में अभी 25 लोकसभा सीट हैं और उसका प्रतिनिधित्व 4.6 प्रतिशत है जो परिसीमन के बाद 38 (4.65 प्रतिशत) हो जाएंगी. तेलंगाना में मौजूदा सीट की संख्या 17 (3.13 प्रतिशत) है, जो बाद में 26 (3.18 प्रतिशत) हो जाएंगी. शाह ने कहा, तमिलनाडु के 39 सदस्य (7.18 प्रतिशत) हैं जो परिसीमन के बाद 59 (7.23 प्रतिशत) हो जाएंगे. शाह ने कहा कि लोकसभा में अभी केरल के 20 सदस्य हैं. उनका प्रतिनिधित्व 3.38 प्रतिशत है जो बढ़कर 3.67 प्रतिशत (30 सीट) हो जाएगा. #WATCH | Speaking in Lok Sabha on women’s reservation and delimitation, Union Home Minister Amit Shah says, “The biggest narrative being created is that these three bills, the Constitution Amendment Bill, two laws on delimitation, and changes to the constituency election law,… pic.twitter.com/kv9bcJEL5E — ANI (@ANI) April 16, 2026 परिसीमन के बाद दक्षिण का प्रतिनिधित्व बढ़कर 195 सीट हो जाएगा अमित शाह ने कहा कि कुल मिलाकर अभी दक्षिणी राज्यों से 129 लोकसभा सदस्य आते हैं और उनका प्रतिनिधित्व 23.76 प्रतिशत है, जो 50 प्रतिशत वृद्धि के बाद 195 सीट और 23.97 प्रतिशत, यानी 24 प्रतिशत हो जाएगा. शाह ने कहा, इसलिए प्रतिनिधित्व कम नहीं हो रहा, बढ़ रहा है. शाह ने प्रियंका गांधी को दिया करारा जवाब परिसीमन आयोग में पक्षपात की कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा की आशंकाओं पर शाह ने कहा, मैं प्रियंका जी से कहना चाहता हूं कि हमने परिसीमन आयोग अधिनियम में कोई बदलाव नहीं किया है. पूरी तरह आपके कानून को रिपीट किया है. उन्होंने कहा, कांग्रेस की प्रशासन में इस अधिनियम का इस्तेमाल कर अगर हेरफेर की होगी तो मैं इतना कह सकता हूं कि हम नहीं करेंगे. और कुछ नहीं कह सकता. 2029 से पहले परिसीमन लागू नहीं होगा : शाह तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में फायदे के लिए इन विधेयकों को इस समय लाए जाने के आरोपों पर शाह ने कहा, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट संसद की स्वीकृति और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू होगी. 2029 से पहले इसके लागू होने का सवाल नहीं है. तब तक सारे चुनाव पुरानी व्यवस्था से होंगे. उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर उन्हें भी डरने की जरूरत नहीं है, हालांकि वह जीतेंगे नहीं, यह अलग बात है. ये भी पढ़ें: शुभ काम में काला टीका…परिसीमन का विरोध करने पर पीएम मोदी का DMK पर तंज परिसीमन पर पीएम मोदी ने दी गारंटी, कहा- किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा क्या है परिसीमन, जिसे लेकर देश में हंगामा है बरपा? The post परिसीमन पर अमित शाह का भरोसा: दक्षिण का प्रतिनिधित्व कम नहीं, बल्कि बढ़ेगा, 5 प्वाइंट्स में समझाया appeared first on Naya Vichar.

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MI vs PBKS: पंजाब ने जीता टॉस, मुंबई इंडियंस की पहले बैटिंग; ये है प्लेइंग XI

MI vs PBKS: गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और पंजाब किंग्स की टीम आमने-सामने है. पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. मुंबई इंडियंस अपने होम ग्राउंड पर पहले बल्लेबाजी कर रही है. पंजाब ने अब तक हार का स्वाद नहीं चखा है, जबकि एमआई को चार में से केवल एक मैच में जीत मिली है. पंजाब टेबल में तीसरे नंबर पर है, जबकि एमआई नौवे नंबर पर है. एमआई अपने होम ग्राउंड का फायदा उठाकर इस मुकाबले को जीतने का लक्ष्य रखेगी. दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन पंजाब किंग्स : प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, श्रेयस अय्यर (कप्तान), कूपर कोनोली, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, मार्को जानसन, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार विशाक, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल.मुंबई इंडियंस : क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रयान रिकेलटन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या (कप्तान), शेरफेन रदरफोर्ड, नमन धीर, मयंक रावत, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह. The post MI vs PBKS: पंजाब ने जीता टॉस, मुंबई इंडियंस की पहले बैटिंग; ये है प्लेइंग XI appeared first on Naya Vichar.

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भवानीपुर में वोटर लिस्ट से 40 फीसदी मुस्लिम गायब, गुजराती वोट बैंक भी नाराज, ‘गढ़’ बचा पायेंगी ममता बनर्जी?

खास बातें मुस्लिम वोट बैंक पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’? Mamata Banerjee Bhabanipur Seat 2026: TMC को सीधा नुकसान महुआ मोईत्रा के बयान से ‘गुजराती’ वोट बैंक नाराज क्या था महुआ मोईत्रा का विवादित बयान डैमेज कंट्रोल के लिए ममता बनर्जी ने खुद मांगी माफी रिकॉर्ड जीत बनाम कड़ी चुनौती Mamata Banerjee Bhabanipur Seat 2026: दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 159) सीट को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सबसे सुरक्षित किला माना जाता है. 2021 के उपचुनाव में उन्होंने यहां 58,832 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की थी. विधानसभा चुनाव 2026 की दहलीज पर खड़ी ममता बनर्जी के लिए इस बार राह आसान नहीं दिख रही. इसके दो बड़े कारण हैं- मुस्लिम वोट बैंक में बड़ी कटौती और गुजराती समुदाय की नाराजगी. इन दोनों कारणों से मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है. मुस्लिम वोट बैंक पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’? भवानीपुर में लगभग 20 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं. ये 2011 से ही टीएमसी का एकमुश्त वोट बैंक रहे हैं. स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे गये हैं, जिससे टीएमसी की चिंता बढ़ गयी है. कोलकाता की सबर इंस्टीट्यूट के मुताबिक, भवानीपुर सीट से रिकॉर्ड 40.1 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिये गये हैं. इसके अलावा 22.7 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स को ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट) श्रेणी में डाल दिया गया है. Mamata Banerjee Bhabanipur Seat 2026: TMC को सीधा नुकसान हालांकि, गैर-मुस्लिमों के नाम भी वोटर लिस्ट से हटाये गये हैं, लेकिन वे विभिन्न पार्टियों (भाजपा, लेफ्ट, टीएमसी) में बंटे हुए हैं. मुस्लिम वोट चूंकि सिर्फ टीएमसी के थे, इसलिए इस कटौती का सीधा और बड़ा झटका ममता बनर्जी को ही लगेगा. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें महुआ मोईत्रा के बयान से ‘गुजराती’ वोट बैंक नाराज भवानीपुर में लगभग 40 प्रतिशत गैर-बंगाली मतदाता हैं. इनमें गुजराती, मारवाड़ी, सिख और बिहारी शामिल हैं. परंपरागत रूप से भाजपा समर्थक होने के बावजूद यहां के गुजराती और मारवाड़ी समुदाय ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे हैं. हाल ही में महुआ मोईत्रा के एक बयान ने इस बार स्पोर्ट्स बिगाड़ दिया है. इसे भी पढ़ें : किसानों के लिए ‘फांसी का फंदा’ बन गया बंगाल का ‘सोना’, 15 साल में 136 मौत पर भाजपा ने ममता बनर्जी प्रशासन को घेरा क्या था महुआ मोईत्रा का विवादित बयान महुआ मोइत्रा ने आजादी की लड़ाई का जिक्र करते हुए गुजरातियों के योगदान पर सवाल उठाये और सावरकर पर तंज कसा. भाजपा ने इस बयान को ‘गुजराती अस्मिता’ का अपमान बताते हुए इसे घर-घर पहुंचा दिया है. विशेषकर वार्ड नंबर 70 और 72 में, जहां गुजराती आबादी अधिक है, वहां नाराजगी सा देखी जा रही है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: सीएम फेस पर शमिक भट्टाचार्य ने कर दिया बड़ा ऐलान, जानें किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगी भाजपा डैमेज कंट्रोल के लिए ममता बनर्जी ने खुद मांगी माफी डैमेज कंट्रोल के लिए ममता बनर्जी ने गुजराती समाज से खुद माफी मांगी. उन्होंने महुआ मोईत्रा को फटकार भी लगायी, लेकिन चुनावी जानकारों का कहना है कि यह ‘घाव’ इतनी जल्दी भरने वाला नहीं है. इसे भी पढ़ें : मोदी प्रशासन पर बरसीं ममता बनर्जी- स्त्री आरक्षण और परिसीमन को जोड़ना हिंदुस्तान बांटने की साजिश रिकॉर्ड जीत बनाम कड़ी चुनौती ममता बनर्जी ने वर्ष 2011 के विधानसभा चुनाव में 54,213 और पिछले उपचुनाव में करीब 59 हजार वोटों से जीत हासिल की थी. इस बार एक तरफ उनका सबसे मजबूत वोट बैंक (मुस्लिम) तकनीकी वजहों से कम हो गया है, तो दूसरी तरफ उनकी पुरानी सहयोगी ‘गैर-बंगाली’ जनता अपमान के नाम पर बिदक गयी है. भाजपा अब 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले इस ‘नाराजगी’ को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी की स्त्री ब्रिगेड में टोटो चालक की पत्नी से राष्ट्रपति से सम्मानित किसान तक बंगाल चुनाव 2026: भितरघात और SIR का घातक कॉकटेल, 120 सीटों पर बिगड़ सकता है दिग्गजों का स्पोर्ट्स! विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल की इन 294 सीटों पर होगी वोटिंग, एक-एक सीट का नाम यहां देखें बंगाल चुनाव 2026 में ‘बाबरी’ मस्जिद ने बदला सियासी गणित, ढह जायेगा TMC का ‘अल्पसंख्यक’ किला? The post भवानीपुर में वोटर लिस्ट से 40 फीसदी मुस्लिम गायब, गुजराती वोट बैंक भी नाराज, ‘गढ़’ बचा पायेंगी ममता बनर्जी? appeared first on Naya Vichar.

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शुभ काम में काला टीका…परिसीमन का विरोध करने पर पीएम मोदी का DMK पर तंज

PM Modi In Delimitation: लोकसभा में स्त्री आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मैं कुछ हल्की-फुल्की बात कहना चाहूंगा. हर किसी के अपने नेतृत्वक कारण होते हैं, और हार का डर थोड़ा चौंकाने वाला होता है. लेकिन हमारे देश में, जब भी कोई शुभ कार्य होता है, तो उसे बुरी नजर से बचाने के लिए काला टीका लगाने का रिवाज है. पीएम मोदी ने आखिर में कहा- मैं आपका (DMK) धन्यवाद करता हूं, काला टीका लगाने के लिए. काला कपड़ा पहनकर संसद पहुंचे थे डीएमके सांसद परिसीमन के गठन से जुड़े विधेयक का विरोध करते हुए डीएमके के सांसदों ने काला कपड़ा पहनकर संसद भवन पहुंचे थे. #WATCH | Speaking in Lok Sabha on women’s reservation and delimitation, Prime Minister Narendra Modi says, “I would like to say something lighter. Everyone has their own political reasons, and the fear of defeat is a bit shocking. But in our country, whenever any auspicious event… pic.twitter.com/n97SCTbiYr — ANI (@ANI) April 16, 2026 परिसीमन पर पीएम मोदी ने दी गारंटी पीएम मोदी ने परिसीमन में राज्यों के साथ भेदभाव की आशंकाओं को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा- संविधान ने हमें यहां बैठकर देश को टुकड़ों में सोचने का अधिकार ही नहीं दिया है. न टुकड़ों में सोच सकते हैं, न टुकड़ों में निर्णय ले सकते हैं. केवल नेतृत्वक लाभ लेने के लिए बवंडर खड़ा किया जा रहा है. मैं बड़ी जिम्मेदारी से आज सदन में कहना चाहता हूं कि दक्षिण हो, उत्तर हो, पूरब हो पश्विम हो, छोटे राज्य हों, बड़े राज्य हों निर्णय प्रकिया किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी. पीएम मोदी ने कहा, अतीत में जो प्रशासनें रहीं, जिनके कालखंड में परिसीमन हुआ और जो अनुपात उस समय से चला आ रहा है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा और वृद्धि भी उसी अनुपात में होगी. जब तमिलनाडु की एक सांसद ने गारंटी देने की बात कही तो प्रधानमंत्री ने कहा- अगर गारंटी शब्द चाहिए तो मैं गारंटी देता हूं, वादा शब्द चाहें ते इसका इस्तेमाल करता हूं. तमिल में कोई अच्छा शब्द हो तो उसका इस्तेमाल करता हूं. नीयत साफ है तो शब्दों का स्पोर्ट्स करने की कोई जरूरत नहीं है. परिसीमन के विरोध में स्टालिन और उनकी पार्टी ने दिखाया काला झंडा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने परिसीमन विधेयक की एक प्रति जलाकर उसे काला कानून करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक तमिल लोगों को उनकी अपनी ही भूमि में शरणार्थी बनाने का प्रयास है. स्टालिन ने विरोध में काला झंडा दिखाया. जिसके बाद उनकी पार्टी के मंत्रियों और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने घरों में, पार्टी कार्यालयों में और सार्वजनिक स्थानों पर भी काले झंडे लगाए. परिसीमन का कड़ा विरोध करते हुए बुधवार को स्टालिन ने राज्य भर में काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन का आह्वान किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रशासन के इस कदम से तमिलनाडु के हितों को नुकसान पहुंचेगा. ये भी पढ़ें: परिसीमन पर पीएम मोदी ने दी गारंटी, कहा- किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा The post शुभ काम में काला टीका…परिसीमन का विरोध करने पर पीएम मोदी का DMK पर तंज appeared first on Naya Vichar.

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क्या है परिसीमन, जिसे लेकर देश में हंगामा है बरपा?

Delimitation Bill 2026 : परिसीमन क्या है? इस सवाल का जवाब आज पूरा देश जानना चाहता है. इसकी वजह यह है कि आज संसद में इस मुद्दे को लेकर प्रशासन और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हो रही है. विपक्ष का आरोप है कि स्त्री आरक्षण के नाम पर प्रशासन देश में परिसीमन अपने हिसाब से कराकर उसका नेतृत्वक लाभ लेना चाहती है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में यह कह रहे हैं कि वे नारी शक्ति को उनका हक देना चाहते हैं, जो इतने साल से रुका पड़ा है. उनका इसमें कोई नेतृत्वक स्वार्थ नहीं है. आइए समझते हैं क्या है परिसीमन, जिसे लेकर देश में हंगामा है बरपा? परिसीमन क्या है? किसी भी लोकतांत्रिक देश में उसके नागरिक का वोट बहुत महत्वपूर्ण होता है. हिंदुस्तान जैसे देश में जहां का संविधान नागरिकों के बीच किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करता है, वहां प्रत्येक व्यक्ति का वोट एक समान और किसी को कम या ज्यादा ना समझा जाए, इसके लिए परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जाती है. परिसीमन की प्रक्रिया के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों की संख्या और उनकी सीमाओं का निर्धारण होता है. इसी प्रक्रिया के तहत अलग-अलग चुनाव क्षेत्र बनाए जाते हैं. चुनाव क्षेत्रों का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर होता है. इसका उद्देश्य यह तय करना है कि हर विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र में जनसंख्या एक समान हो. जनसंख्या समान होने से क्षेत्र विशेष के लोगों का प्रतिनिधित्व समान होता है. परिसीमन की जरूरत क्यों पड़ती है? जनसंख्या का बढ़ना एक बहुत ही स्वाभाविक प्रक्रिया है. ऐसे में अगर किसी संसदीय या विधानसभा क्षेत्र की जनसंख्या में अधिक वृद्धि हो जाए, लेकिन वहां की सीट एक ही रहे, तो वहां के लोगों का प्रतिनिधित्व सदन में कम हो जाएगा.इसी स्थिति को बदलने और सबको एक जैसा महत्व देने के लिए देश में परिसीमन किया जाता है, जिसके द्वारा समय-समय पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की संख्या और और उनकी सीमाओं का पुनर्निधारण किया जाता है. कहने का अर्थ यह है कि अगर किसी संसदीय क्षेत्र में जनसंख्या ज्यादा बढ़ जाए, तो उस सीट को दो टुकड़ों में बांटकर दो सीट बनाया जा सकता है. कैसे होता है परिसीमन? परिसीमन को संवैधानिक स्वीकृति प्राप्त है यानी यह एक कानूनी प्रक्रिया है. परिसीमन की पहली शर्त है जनगणना. परिसीमन तभी हो सकता है जब देश में नई जनगणना हो. नई जनगणना से यह पता चल जाता है कि किस क्षेत्र की आबादी कितनी है. जनगणना के बाद प्रशासन परिसीमन आयोग का गठन करती है, जो जनगणना के आंकड़ों के हिसाब से अनुपात तय करती है और सीटों की संख्या और उनकी सीमाएं तय की जाती हैं. आयोग जब सीटों की संख्या और सीमाएं तय कर लेता है, तो जनता और नेतृत्वक दलों से सुझाव मांगता है. सुझाव के आधार पर आयोग उनमें जरूरी होने पर संशोधन भी करता है. आयोग के फैसले को आमतौर पर न्यायालय में चुनौती नहीं दी जाती है. परिसीमन को लेकर क्या कहता है संविधान? हिंदुस्तानीय संविधान के अनुच्छेद 81, 82 और 170 के तहत परिसीमन एक कानूनी प्रक्रिया है. अनुच्छेद 81 लोकसभा सीटों से जुड़ा है, जबकि अनुच्छेद 170 राज्य विधानसभाओं की सीटों की संख्या और उनकी सीमाओं के निर्धारण से जुड़ा है. जबकि अनुच्छेद 82 में यह व्यवस्था है कि हर जनगणना के बाद संसद परिसीमन के लिए कानून बना सकती है. ये भी पढ़ें : कैसे दिया जाए स्त्रीओं को आरक्षण, 16 से 18 तक संसद में चर्चा; समझिए क्यों उबल रहे दक्षिण के राज्य? अमित शाह ने लोकसभा में अखिलेश यादव को दिया जवाब- देश में शुरू हो चुकी है जाति आधारित जनगणना की प्रक्रिया The post क्या है परिसीमन, जिसे लेकर देश में हंगामा है बरपा? appeared first on Naya Vichar.

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शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब पर एक और FIR, डॉक्टर और उनकी पत्नी ने लगाया जमीन कब्जाने का आरोप

Bihar News: बिहार के सीवान जिले से एक बार फिर चर्चित मामला सामने आया है. रघुनाथपुर से राजद विधायक ओसामा शहाब पर अवैध तरीके से जमीन कब्जाने की कोशिश का आरोप लगा है. इस मामले में डॉक्टर दंपत्ति ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. डॉक्टर विनय सिंह और उनकी पत्नी डॉक्टर सुधा सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है. दंपत्ति मूल रूप से गोपालगंज के रहने वाले हैं और फिलहाल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रहते हैं. धमकी देकर जमीन छोड़ने का दबाव डॉक्टर दंपत्ति के मुताबिक, उन्होंने सीवान के जूनापुर गांव में बायपास रोड किनारे जमीन खरीदी थी. हाल ही में कुछ लोगों ने उन्हें वहां निर्माण कार्य नहीं करने की चेतावनी दी. आरोप है कि उनसे कहा गया कि वे यह जमीन विधायक ओसामा शहाब के पक्ष में छोड़ दें और वापस गोरखपुर चले जाएं, नहीं तो जान से मारने की धमकी दी गई. सीवान: रघुनाथपुर से विधायक ओसामा शहाब पर एक और FIR दर्ज. ओसामा पर एक डॉक्टर की जमीन पर कब्जे का आरोप. महादेवा थाना में दर्ज प्राथमिकी. डॉ. सुधा सिंह ने निर्माण कार्य में बाधा डालने, कर्मियों से मारपीट और CCTV कैमरे तोड़ने का लगाया आरोप. पुलिस मामले की जांच में जुटी.#Siwan… pic.twitter.com/aIqHnshCOx — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 16, 2026 कई आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज पुलिस ने इस मामले में विधायक ओसामा शहाब समेत फरहान और साबिर नाम के दो लोगों को नामजद आरोपी बनाया है. इसके अलावा 30 से 35 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. बताया जा रहा है कि जमीन पर काम कर रहे लोगों के साथ मारपीट भी की गई. 10 दिनों में दूसरी बार दर्ज हुआ केस यह पहला मामला नहीं है. बीते 10 दिनों में ओसामा शहाब के खिलाफ यह दूसरी एफआईआर दर्ज हुई है. इससे पहले 5 अप्रैल को एक विवाद में उन पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था. पुराना विवाद भी रहा सुर्खियों में पिछले मामले में एक ऑटो चालक और स्कॉर्पियो सवार के बीच विवाद हुआ था, जो हिंसक हो गया था. इस दौरान ईंट-पत्थर और गोलीबारी की भी बात सामने आई थी. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ केस दर्ज कराया था, वहीं पुलिस पर भी हमला हुआ था. बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे हैं ओसामा ओसामा शहाब, सीवान के चर्चित बाहुबली और पूर्व सांसद रहे मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे हैं. शहाबुद्दीन का नाम लंबे समय तक अपराध और नेतृत्व दोनों में चर्चित रहा. उनके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज थे और एक डबल मर्डर केस में उन्हें उम्रकैद की सजा भी मिली थी. Also Read: शपथ के बाद फुल एक्शन में CM सम्राट, अफसरों की लगाई क्लास, प्रधान सचिवों को दिया ये टास्क The post शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब पर एक और FIR, डॉक्टर और उनकी पत्नी ने लगाया जमीन कब्जाने का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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