महिंद्रा Scorpio-N हिंदुस्तानीय बाजार की सबसे लोकप्रिय एसयूवी में गिनी जाती है. दमदार रोड प्रेजेंस, ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस और शानदार ऑफ-रोड क्षमता इसकी सबसे बड़ी पहचान है. लेकिन हाल ही में मुंबई महानगरपालिका (BMC) में इसे लेकर एक अलग ही बहस शुरू हो गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ वरिष्ठ नेताओं ने शिकायत की कि Scorpio-N की पिछली सीट पर सफर के दौरान ज्यादा झटके महसूस होते हैं, जिससे कमर दर्द की परेशानी हो रही है. इसके बाद Toyota Innova Crysta को विकल्प के तौर पर लेने का प्रस्ताव चर्चा में आ गया. सवाल यह है कि जब दोनों गाड़ियां मजबूत लैडर-फ्रेम प्लैटफॉर्म पर बनी हैं, तब आखिर आराम के मामले में इतना बड़ा फर्क क्यों महसूस होता है? इसके पीछे वाहन इंजीनियरिंग और डिजाइन से जुड़े कई अहम कारण हैं.
ऊंचा डिजाइन बनाता है Scorpio-N को ज्यादा हिलने वाला वाहन
Scorpio-N एक पारंपरिक एसयूवी है, जिसे खराब रास्तों, ऊबड़-खाबड़ इलाकों और ऑफ-रोड ड्राइविंग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसी वजह से इसका ग्राउंड क्लीयरेंस ज्यादा है और पूरी बॉडी जमीन से काफी ऊंची रहती है.
जब कोई ऊंची एसयूवी गड्ढों, स्पीड ब्रेकर या तेज मोड़ से गुजरती है, तो उसका सेंटर ऑफ ग्रैविटी भी ऊपर होने के कारण गाड़ी में साइड-टू-साइड मूवमेंट ज्यादा महसूस होता है. पीछे बैठने वाले यात्रियों को सिर और शरीर में ज्यादा झटके महसूस हो सकते हैं. यही वजह है कि लंबे सफर में कुछ लोगों को यह अनुभव कम आरामदायक लग सकता है.
इसके मुकाबले Toyota Innova Crysta एक एमपीवी है, जिसकी बॉडी जमीन के ज्यादा करीब रहती है. इसका सेंटर ऑफ ग्रैविटी नीचे होने से गाड़ी कम डोलती है और पीछे बैठे यात्रियों को ज्यादा स्थिर अनुभव मिलता है.
सस्पेंशन ट्यूनिंग भी दोनों गाड़ियों के अनुभव को बदल देती है
किसी भी वाहन की राइड क्वालिटी केवल उसके प्लैटफॉर्म पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सस्पेंशन ट्यूनिंग भी उतनी ही अहम भूमिका निभाती है.
Mahindra ने Scorpio-N के सस्पेंशन को इस तरह तैयार किया है कि यह खराब रास्तों और ऑफ-रोड परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करे. मजबूत सेटअप होने की वजह से छोटे गड्ढों और सड़क की हल्की अनियमितताओं का असर केबिन के अंदर थोड़ा ज्यादा महसूस हो सकता है.
दूसरी ओर Toyota Innova Crysta का पूरा फोकस आरामदायक सफर पर रखा गया है. इसका सस्पेंशन शहर की सड़कों, स्पीड ब्रेकर और गड्ढों के झटकों को काफी हद तक सोख लेता है. यही कारण है कि टैक्सी ऑपरेटर, कॉर्पोरेट फ्लीट और लंबी दूरी तक पीछे बैठकर सफर करने वाले लोग अक्सर Innova Crysta को प्राथमिकता देते हैं.
पीछे की सीट का डिजाइन भी आराम में निभाता है बड़ी भूमिका
सिर्फ सस्पेंशन ही नहीं, सीट का डिजाइन भी सफर को आरामदायक या थकाऊ बना सकता है.
Scorpio-N की दूसरी पंक्ति में सामान्य बेंच सीट मिलती है. ऊंची एसयूवी होने की वजह से बैठने की पोजिशन अलग होती है और लंबे समय तक यात्रा करने पर कुछ लोगों को कमर या पीठ पर दबाव महसूस हो सकता है.
वहीं Innova Crysta अपने आरामदायक कैप्टन सीट विकल्प के लिए जानी जाती है. इनमें अलग-अलग आर्मरेस्ट, बेहतर अंडर-थाई सपोर्ट और पीछे झुकने की सुविधा मिलती है. इससे शरीर को बेहतर सहारा मिलता है और लंबे सफर में थकान कम महसूस होती है. इसके अलावा गाड़ी की ऊंचाई कम होने से अंदर बैठना और बाहर निकलना भी आसान होता है, जो बुजुर्ग यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधा देता है.
क्या Scorpio-N खराब एसयूवी है? जवाब बिल्कुल नहीं
BMC में उठे इस विवाद का मतलब यह नहीं है कि Scorpio-N किसी तरह से खराब वाहन है. दोनों गाड़ियों का उद्देश्य अलग-अलग है. अगर आपकी प्राथमिकता ऑफ-रोड ड्राइविंग, मजबूत रोड प्रेजेंस, ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस और एडवेंचर है, तो Scorpio-N बेहतरीन विकल्प मानी जाती है.
लेकिन अगर आपकी रोजाना की यात्रा शहर में होती है, अक्सर पीछे बैठकर सफर करते हैं और सबसे ज्यादा महत्व आरामदायक राइड को देते हैं, तो Innova Crysta जैसी एमपीवी ज्यादा उपयुक्त साबित हो सकती है. इसलिए वाहन चुनते समय केवल कीमत या फीचर्स नहीं, बल्कि अपनी जरूरत और उपयोग का तरीका भी जरूर ध्यान में रखना चाहिए.
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