Hot News

ताजा ख़बर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

TVS ने लॉन्च किए Apache और Ronin के नए अपडेटेड मॉडल, Google Maps और शानदार फीचर्स से लैस, जानें कीमत

TVS Motor ने अपनी प्रीमियम मोटरसाइकिल रेंज को अपडेट करते हुए Apache RTR 160, RTR 160 4V और RTR 200 4V के नए टॉप वेरिएंट पेश किए हैं. इन बाइक्स में Traction Control, Google Maps Mirroring और Type-C चार्जिंग पोर्ट जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं. इसके अलावा RTR 310 और RR 310 को नया Black Diamond Edition मिला है. कंपनी के मुताबिक, नई बाइक्स की डिलीवरी फेस्टिव सीजन से शुरू होगी. Apache RTR 160 का नया टॉप वेरिएंट Apache RTR 160 के नए टॉप वेरिएंट की कीमत ₹1.28 लाख रखी गई है. इसमें कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं. Traction Control Hazard Lights LED Indicators 4 कलर ऑप्शन यह वेरिएंट Apache RTR 160 लाइनअप में सबसे ऊपर होगा. ये भी पढ़ें: Himalayan 440 vs Speed 400: 2-2.5 लाख रुपये के बजट में कौन सी बाइक बेहतर? फेस्टिव सीजन में जानें क्या खरीदें Apache RTR 160 4V में Google Maps और Type-C Apache RTR 160 4V के नए टॉप वेरिएंट की कीमत ₹1.41 लाख है. इसमें रोजमर्रा के इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए कई टेक्नोलॉजी फीचर्स मिलते हैं. Google Maps Mirroring Panic Brake Alert Type-C Charging Port 4 कलर ऑप्शन Apache RTR 200 4V में सबसे ज्यादा फीचर्स Apache RTR 200 4V के नए टॉप वेरिएंट की कीमत ₹1.50 लाख है. TVS के अनुसार, यह हिंदुस्तान की सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी से लैस 200cc मोटरसाइकिलों में से एक है. इसमें ये नए फीचर्स देखने को मिलेंगे: Google Maps Mirroring Panic Brake Alert Type-C Charging Port Adjustable Front USD Fork 4 कलर ऑप्शन Apache RTR 160, 160 4V और 200 4V के नए वेरिएंट की डिलीवरी इस फेस्टिव सीजन से शुरू होगी. RTR 310 और RR 310 का Black Diamond Edition TVS ने RTR 310 और RR 310 को नए Black Diamond Edition में भी पेश किया है. इनकी कीमत इस तरह है: RTR 310 Black Diamond: ₹2.49 लाख RR 310 Black Diamond: ₹2.88 लाख दोनों मोटरसाइकिलों में Keyless-Go Technology दी गई है. TVS Ronin रेंज भी हुई अपडेट TVS ने Ronin के अलग-अलग वेरिएंट में भी नए फीचर्स जोड़े हैं. Ronin Base+ इस वेरिएंट की कीमत ₹1.42 लाख है. इसमें ये नए फीचर्स मिलते हैं: 2 नए कलर Dual-Channel ABS Ronin Mid Variant इसकी कीमत ₹1.51 लाख है. इसमें ये नए फीचर्स मिलते हैं: Type-C Charging Port Connected Instrumentation Dual-Channel ABS Gold-Finished USD Fork Ronin Top Variant टॉप वेरिएंट की कीमत ₹1.63 लाख है. इसमें ये नए फीचर्स मिलते हैं: Premium Seat Traction Control Type-C Charging Port Adjustable Levers ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा रेंज देने वाले टॉप-5 इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, सिंगल चार्ज में 418 KM तक चलेंगे The post TVS ने लॉन्च किए Apache और Ronin के नए अपडेटेड मॉडल, Google Maps और शानदार फीचर्स से लैस, जानें कीमत appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

SBI Recruitment 2026: CISO पद पर निकली भर्ती, 2.50 करोड़ तक CTC, जानें भर्ती से जुड़ी डिटेल्स

SBI Recruitment 2026: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने चीफ इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) के पद के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. योग्य उम्मीदवार SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. खास बात यह है कि चुने गए उम्मीदवार को सालाना 2.50 करोड़ रुपए तक का CTC मिल सकता है. आइए इस बारे में और डिटेल्स में जानते हैं. SBI Recruitment 2026 CISO Last Date: कब तक कर सकते हैं अप्लाई? SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर दी गई जानकारी के अनुसार उम्मीदवार इस स्पेशलिस्ट ऑफिसर पद के लिए 24 सितंबर, 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. हालांकि बता दें कि इस भर्ती के लिए एप्लिकेशन प्रोसेस 4 सितंबर 2026 को शुरू हुई थी. SBI CISO Recruitment 2026 Official Notification Check Here ये भी पढ़ें: UP में शिक्षक बनने का सपना होगा सच! 12,405 पदों पर भर्ती, जानें परीक्षा तारीख और Registration का नया नियम SBI Recruitment 2026 CISO Eligibility: क्या होनी चाहिए एलिजिबिलिटी? इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग, साइबर सिक्योरिटी या इसके समकक्ष विषय में B.E. या BTech, जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत अंक हो, वाले उम्मीदवार अप्लाई कर सकते हैं. एलिजिबिलिटी के बारे में और अधिक जानकारी आप SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर जारी नोटिफिकेशन में देख सकते हैं. ये भी पढ़ें: 10वीं पास के लिए इंडियन पोस्ट ऑफिस में भर्ती, 23757 पोस्ट के लिए आज ही कर लें आवेदन SBI Recruitment 2026 CISO Age Limit and Selection Process: जानिए एज लिमिट और सिलेक्शन प्रोसेस? नोटिफिकेशन में दी गई जानकारी के अनुसार 31 अगस्त, 2026 तक उम्मीदवार की अधिकतम एज 57 वर्ष होनी चाहिए. उम्मीदवारों का चयन शॉर्टलिस्टिंग और इंटरव्यू के जरिए किया जाएगा. शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को इंटरव्यू के दौरान 10 मिनट की प्रेजेंटेशन देनी होगी. प्रेजेंटेशन जॉब प्रोफाइल, संभाले गए प्रोजेक्ट्स या महत्वपूर्ण उपलब्धियों से संबंधित होनी चाहिए. Know How to Apply Here SBI Recruitment 2026 CISO Exam Fee: क्या होगी एग्जाम फीस? Gen, EWS और OBC कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए फिस 750 रुपए है. SC, ST और PwBD कैटेगरी के उम्मीदवारों को कोई फीस नहीं देना होगा. पेमेंट डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग या अन्य उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल करके ऑनलाइन किया जा सकता है. पेमेंट सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद, एक ई-रसीद और सबमिशन की तारीख वाला आवेदन फाॅर्म जनरेट होगा. उम्मीदवारों को भविष्य में इस्तेमाल के लिए इन डॉक्यूमेंट्स को डाउनलोड करके, प्रिंट करके सुरक्षित रखना चाहिए. Note: इस भर्ती से जुड़ी जरूरी जानकारी आप SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर जारी नोटिफिकेशन में चेक कर सकते हैं. ये भी पढ़ें: BPSC TRE 4.0 Recruitment 2026 नोटिफिकेशन जारी, 32388 पदों पर वैकेंसी, जानें कब से और कैसे भरना है फॉर्म The post SBI Recruitment 2026: CISO पद पर निकली भर्ती, 2.50 करोड़ तक CTC, जानें भर्ती से जुड़ी डिटेल्स appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Salman Khan Jacket Price: भाईजान ने Bigg Boss 20 में पहनी ₹1.75 लाख की जैकेट, शाहरुख खान के बेटे संग है असली कनेक्शन

Salman Khan Bigg Boss 20 Jacket Price: सलमान खान की एंट्री हो और माहौल में भाईजान वाला स्वैग न घुले, ऐसा कैसे हो सकता है. ‘वीकेंड का वार’ में सलमान जब स्टेज पर आते हैं, तो सबकी नजर उन पर टिक जाती है. उन्हें ब्लू जैकेट, ब्लैक टी-शर्ट, लाइट ब्लू डेनिम और सिर पर व्हाइट काउबॉय हैट पहने स्पॉट किया गया. हालांकि, इस पूरे लुक में सलमान की जैकेट ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा. अब जब भाईजान की जैकेट इतनी चर्चा में है, तो जाहिर है हर किसी के मन में एक ही सवाल है, आखिर इसकी कीमत कितनी है? वीकेंड का वार में सलमान खान ने पहनी लाखों की जैकेट पहली नजर में यह जैकेट जितनी सिंपल और क्लासी दिखाई देती है, इसकी कीमत उतनी ही ज्यादा है. रेडिट के अनुसार The post Salman Khan Jacket Price: भाईजान ने Bigg Boss 20 में पहनी ₹1.75 लाख की जैकेट, शाहरुख खान के बेटे संग है असली कनेक्शन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Asian Games 2026: अगर मोहसिन नकवी ने पहनाया मेडल तो क्या करेगी टीम इंडिया? IOA ने दिया जवाब

Asian Games 2026: एशिया कप में ट्रॉफी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एशियन गेम्स तक पहुंचता नजर आ रहा है. हिंदुस्तानीय पुरुष और स्त्री क्रिकेट टीम अगर एशियन गेम्स में मेडल जीतती हैं और पाकिस्तान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष व एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन मोहसिन नकवी को मेडल देने की जिम्मेदारी मिलती है, तो हिंदुस्तानीय टीम के सामने मुश्किल हो सकती है. इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) से जुड़े एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा है कि हिंदुस्तान ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) से पहले से यह अनुरोध नहीं कर सकता कि नकवी को मेडल सेरेमनी से दूर रखा जाए. दरअसल, एशियन गेम्स की मेडल सेरेमनी का फैसला OCA के अधिकार क्षेत्र में आता है. क्या वही फिर दोहराएगी एशिया कप की कहानी? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि हाल ही में स्त्री एशिया कप के फाइनल में हिंदुस्तान ने श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था. इसके बाद हिंदुस्तानीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था. इससे पहले 2025 पुरुष एशिया कप में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली थी. स्त्री एशिया कप की जीत के बाद हिंदुस्तानीय टीम आधिकारिक ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में शामिल नहीं हुई. BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बाद में कहा था कि बोर्ड ने नकवी से ट्रॉफी लेने को लेकर अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी थी और वैकल्पिक व्यवस्था का प्रस्ताव भी दिया गया था. अब एशियन गेम्स में मामला थोड़ा अलग है. यहां क्रिकेट टूर्नामेंट की ट्रॉफी या ACC की प्रेजेंटेशन नहीं, बल्कि एशियन गेम्स की आधिकारिक मेडल सेरेमनी होगी. ये भी पढ़ें: Asian Games से पहले टीम इंडिया के साथ हुआ स्पोर्ट्सा, खिलाड़ियों की जर्सी के साइज में झमेला अगर नकवी को जिम्मेदारी मिली तो क्या होगा? रिपोर्ट के मुताबिक, अगर OCA की ओर से नकवी को मेडल सेरेमनी में मेडल देने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, तो हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों से समारोह में हिस्सा लेने और मेडल स्वीकार करने की अपेक्षा की जाएगी. हालांकि, नकवी को यह जिम्मेदारी मिलेगी या नहीं, इसका फैसला अभी नहीं हुआ है. एशियन गेम्स की आधिकारिक व्यवस्था में मेडल आम तौर पर OCA के अध्यक्ष या उनकी ओर से अधिकृत व्यक्ति द्वारा दिए जाते हैं. आइची-नागोया एशियाई स्पोर्ट्स के मास्टर प्लान में भी कहा गया है कि मेडल OCA अध्यक्ष या OCA से स्वीकृत व्यक्ति द्वारा प्रदान किए जाएंगे. अब सवाल यह उठता है कि अगर नकवी को मेडल देने की जिम्मेदारी सौंपी जाती तो हिंदुस्तान क्या करेगा? ये भी पढ़ें: फ्री में कब, कहां और कैसे देखें एशियन गेम्स 2026 में हिंदुस्तान का मुकाबला? जानें पूरी डिटेल IOA ने साफ किया- पहले से किसी नाम को हटाने की मांग नहीं IOA के सूत्र के मुताबिक, एशियन गेम्स में किसी खास व्यक्ति को मेडल देने से रोकने के लिए OCA के सामने पहले से अनुरोध करना उचित नहीं होगा. यह फैसला प्रतियोगिता की परिस्थितियों को देखते हुए OCA की ओर से लिया जा सकता है. यही वजह है कि एशिया कप और एशियन गेम्स के मामलों को एक जैसा नहीं माना जा रहा है. एशिया कप ACC का टूर्नामेंट था, जबकि एशियन गेम्स पूरे एशिया की बहु-स्पोर्ट्स प्रतियोगिता है और इसकी मेडल सेरेमनी OCA के नियमों के तहत होती है. BCCI भी अभी से विवाद में नहीं पड़ना चाहता BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने भी इस मामले पर कहा है कि बोर्ड का फिलहाल पूरा ध्यान मुकाबलों पर है. उन्होंने संकेत दिया कि टीम पहले मेडल के लिए मुकाबला करेगी और उस समय जो परिस्थितियां होंगी, उनके अनुसार फैसला लिया जाएगा. मेडल सेरेमनी के भी हैं खास नियम एशियन गेम्स की विक्ट्री सेरेमनी में खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर भी नियम हैं. सेरेमनी के दौरान नेतृत्वक, धार्मिक, नस्लीय या व्यावसायिक प्रचार की अनुमति नहीं होती. स्पोर्ट्स, मेडल, झंडे या सेरेमनी के प्रति अनादर की स्थिति में कार्रवाई का प्रावधान है. इसलिए अगर भविष्य में नकवी को आधिकारिक रूप से मेडल प्रदान करने की जिम्मेदारी मिलती है, तो हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों के लिए मामला सिर्फ एक व्यक्ति से मेडल लेने का नहीं, बल्कि एशियन गेम्स की आधिकारिक सेरेमनी में हिस्सा लेने का भी होगा. ये भी पढ़ें: Quimcy Dsouza semifinal: हिंदुस्तान की क्विम्सी जोआकिम डिसूजा का कमाल, Asian Games टेकबॉल के सेमीफाइनल में बनाई जगह The post Asian Games 2026: अगर मोहसिन नकवी ने पहनाया मेडल तो क्या करेगी टीम इंडिया? IOA ने दिया जवाब appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ChatGPT से चीटिंग और फिर सुसाइड ! IIT बंबई में क्यों हो रहा प्रोटेस्ट?

शुक्रवार को IIT बंबई में आयोजित एक परीक्षा के दौरान साहिल वाकोडे को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था. उसी दिन शाम को उसने सुसाइड कर लिया. इस घटना के बाद कैंपस में स्टूडेंट प्रोटेस्ट में शुरू हो गया और यह आरोप लगाए गए कि इस मामले को संभालने में संस्थान ने गलत तरीका अपनाया जिसकी वजह से साहिल वाकोडे ने आत्महत्या कर ली. प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट वेलफेयर को लेकर बड़ी चिंताएं जताईं गईं. ChatGPT पर क्वेश्चन पेपर अपलोड किया था IIT बंबई ने अपने आधिकारिक बयान में यह कहा है कि स्टूडेंट ने एग्जाम के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए ChatGPTपर क्वेश्चन पेपर अपलोड किया था. एग्जाम के दौरान उसे पकड़ा गया, हालांकि उसके खिलाफ कोई डिसिप्लिनरी एक्शन नहीं लिया गया. हां, साहिल से इस मामले पर इंस्ट्रक्टर और हेड ऑफ डिपार्टमेंट ने बात की. इन अधिकारियों ने उसकी काउंसलिंग की और उसे भरोसा दिलाया कि इस घटना से उसके एकेडमिक करियर पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा. बातचीत के बाद स्टूडेंट अपने हॉस्टल के कमरे में लौट आया. बाद में शाम को उसकी लाश कमरे से बरामद हुई. मौत के बाद छात्रों ने शुरू किया प्रदर्शन साहिल की मौत के बाद कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. स्टूडेंट्स ने सवाल उठाया कि इस घटना बहुत ही गलत तरीके से हैंडल किया गया और साहिल पर दबाव बनाया गया, जिसकी वजह से उसने सुसाइड किया. साहिल को सस्पेंशन की धमकी दी गई थी. हालांकि IIT बंबई ने इस बात से इनकार किया है. माता-पिता का आरोप-टॉर्चर की वजह से ही हमने इकलौता बच्चा खो दिया शनिवार सुबह साहिल के माता-पिता भी प्रदर्शन में शामिल हो गए. उसके माता-पिता ने अपने बेटे की मौत के लिए इंस्टीट्यूट एडमिनिस्ट्रेशन को दोषी ठहराया है. उनका कहना है कि उनका बेटा अपनी जान लेने का फैसला नहीं कर सकता था. उसके पिता ने कहा-यह जातिगत भेदभाव का मामला है. स्टूडेंट्स ने संस्थान के डायरेक्टर प्रोफेसर शिरीष केदारे और एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के इस्तीफे की मांग की है, जहां स्टूडेंट पढ़ रहा था. ये भी पढ़ें: प्रशासन ने EPFO की वेतन सीमा को 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया, जानिए ; आपके वेतन और पेंशन पर क्या होगा असर The post ChatGPT से चीटिंग और फिर सुसाइड ! IIT बंबई में क्यों हो रहा प्रोटेस्ट? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

WATCH: अमेरिका के मंच पर चीनी रोबोट्स ने किया ऐसा डांस, देखकर लोग दंग रह गए

अमेरिका के लोकप्रिय शो America’s Got Talent पर एक ऐसी परफॉर्मेंस देखने को मिली जिसने दर्शकों और जजों दोनों को हैरान कर दिया. चीनी कंपनी Unitree के ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने पारंपरिक मार्शल आर्ट्स स्टाइल में सिंक्रनाइज्ड डांस प्रस्तुत किया. रोबोट्स की सटीक मूवमेंट्स और फुर्ती देखकर लोग पूछने लगे कि क्या ये वाकई मशीनें हैं या इंसान. वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. रोबोट्स ने दिखाया कमाल का तालमेल स्टेज पर चीनी मंदिर जैसा बैकड्रॉप था. रोबोट्स पारंपरिक पोशाक में दिखाई दिए और एक साथ एक जैसे मूव्स करने लगे. किक, स्पिन और एक्रोबेटिक स्टंट इतनी परफेक्ट तरीके से हुए कि ऑडियंस तालियां बजाती रह गई. कुछ ह्यूमन डांसर्स भी उनके साथ नजर आए, लेकिन रोबोट्स की स्थिरता और स्पीड ने सबका ध्यान खींच लिया. सोशल मीडिया पोस्ट यहां देखें क्यों हो रही है इतनी चर्चा Unitree पहले से ही अपने एडवांस्ड ह्यूमनॉइड और क्वाड्रूपेड रोबोट्स के लिए जानी जाती है. इस परफॉर्मेंस ने दिखाया कि रोबोट अब सिर्फ फैक्ट्री या लैब तक सीमित नहीं रहे. वे मनोरंजन के क्षेत्र में भी दखल दे सकते हैं. कई लोग इसे भविष्य की झलक बता रहे हैं, जहां मशीनें कला और कल्चर को भी नई ऊंचाई दे सकती हैं. टेक्नोलॉजी का नया चेहरा इस शो ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स कितनी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. सिर्फ प्रोग्रामिंग से इतने जटिल और सिंक्रनाइज्ड मूव्स कराना आसान नहीं होता. यह परफॉर्मेंस रोबोट कंपनियों के बीच होड़ को भी और तेज कर सकती है. दर्शकों की प्रतिक्रिया जजेस की हैरानी साफ झलक रही थी. सोशल मीडिया पर लोग इसे रोबोटिक्स की बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं. कुछ यूजर्स मजाक में कह रहे हैं कि अब डांस रियलिटी शोज में इंसानों की जगह मशीनें ले लेंगी. कुल मिलाकर यह क्लिप टेक्नोलॉजी और मनोरंजन के मेल का अच्छा उदाहरण बन गई है. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल सवाल 1: Unitree रोबोट्स किस कंपनी के हैं? जवाब: ये चीनी कंपनी Unitree Robotics द्वारा बनाए गए ह्यूमनॉइड रोबोट्स हैं. सवाल 2: रोबोट्स ने किस तरह का डांस किया? जवाब: पारंपरिक चीनी मार्शल आर्ट्स स्टाइल में सिंक्रनाइज्ड डांस और एक्रोबेटिक मूव्स किए. सवाल 3: यह परफॉर्मेंस कहां हुई? जवाब: America’s Got Talent नाम के लोकप्रिय अमेरिकी टैलेंट शो में. ये भी पढ़ें: क्या अब रोबोट बनेंगे नाई? AI ट्रेनिंग के वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचल ये भी पढ़ें: Jio यूजर्स को पूरे 1 साल मुफ्त मिलेगा Canva Pro, जानें कैसे उठाएं ₹4,000 की बचत का फायदा The post WATCH: अमेरिका के मंच पर चीनी रोबोट्स ने किया ऐसा डांस, देखकर लोग दंग रह गए appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

न UPI, न नया नंबर फिर भी मजदूर के बैंक खाते से 22 बार में उड़े ₹2.35 लाख, जानें बोकारो का यह हैरान करने वाला मामला

बोकारो. बेटी की शादी के लिए बैंक खाते में जमा किये गये 2 लाख 35 हजार 100 रुपये साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर निकाल लिये. चास के सांगजौरी निवासी राम प्रसाद गोराई की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. शिकायतकर्ता बीएसएल में ठेका मजदूर है और उसका बैंक खाता बैंक ऑफ इंडिया में है. राम प्रसाद ने बेटी की शादी के खर्च के लिए खाते में 2.35 लाख रुपये जमा किये थे. 17 सितंबर को वह बैंक से रुपये निकालने पहुंचे, तो उन्हें खाते में महज 472 रुपये शेष होने की जानकारी मिली. बैंक खाते के लेन-देन की जांच करने पर पता चला कि 14 से 16 सितंबर के बीच करीब 22 बार में रकम निकाली गयी है. यूपीआइ का इस्तेमाल नहीं करते हैं राम प्रसाद शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह यूपीआइ का इस्तेमाल नहीं करता है. इसके बावजूद उसके बैंक खाते से लगातार कई लेन-देन के माध्यम से राशि निकाली गयी. उन्होंने पुलिस को बताया कि खाते से जुड़े मोबाइल नंबर को वर्ष 2015-16 में ही बंद कर दिया गया था. इसके बाद उन्होंने बैंक खाते में नया मोबाइल नंबर अपडेट नहीं कराया. पुराने मोबाइल नंबर से संपर्क करने पर धमकी का आरोप राम प्रसाद के अनुसार, खाते में दर्ज पुराने मोबाइल नंबर पर संपर्क कर उसके धारक से नाम और पता जानने का प्रयास किया गया. शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने अपना परिचय बताने से इनकार कर दिया और धमकी भी दी. जांच में जुटी साइबर थाना पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने के बाद साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है. पुलिस खाते से हुई निकासी के तरीके, संबंधित लेन-देन और मोबाइल नंबर समेत अन्य तकनीकी जानकारी जुटा रही है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खाते से रकम किस माध्यम से और किन लोगों ने निकाली. ये भी पढ़ें: बोकारो में सियार के हमले के बाद अचानक क्यों बढ़ी विभाग की चिंता, 2 मौतों के बाद लिया गया यह फैसला The post न UPI, न नया नंबर फिर भी मजदूर के बैंक खाते से 22 बार में उड़े ₹2.35 लाख, जानें बोकारो का यह हैरान करने वाला मामला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जब चीन के चंगुल में फंसे थे भारतीय एजेंट…अजीत डोभाल ने सुनाया किस्सा, बोले- लगा था करियर खत्म!

जब 20 की उम्र में थे, तैनाती सिक्किम में थी. खुफिया जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे. तब एक खुफिया मिशन पर गई टीम कई दिनों तक वापस नहीं लौटी. बाद में पता चला कि वह टीम चीन की हिरासत में है. यह पुराना किस्सा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में सुनाया. डोभाल को क्यों लगा करियर खत्म हो जाएगा? NSA डोभाल ने अपने युवा दिनों के किस्से साझा करते हुए बताया कि ये कहानी उस समय की है जब सिक्किम आज की तरह हिंदुस्तान का पूर्ण राज्य नहीं था. 1975 में संविधान के 36वें संशोधन के जरिए सिक्किम हिंदुस्तान का 22वां राज्य बना. डोभाल उस समय हिंदुस्तानीय पुलिस सेवा के युवा अधिकारी थे और खुफिया काम में नए थे. उनकी जिम्मेदारी सीमा क्षेत्रों पर नजर रखना और चीनी सेना यानी PLA की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाना था. डोभाल ने बताया कि एक बार एक खुफिया टीम को सीमा क्षेत्र में मिशन पर भेजा गया. टीम को कुछ दिनों में वापस आना था, लेकिन आठ दिन गुजर गए.. फिर दस और करीब 15 दिन भी बीत गए. इस दौरान उन्हें चिंता होने लगी कि आखिर टीम के साथ हुआ क्या है. क्योंकि इस दौरान किसी तरह के कोई प्रकृतिक घटना या दुर्घटना की सूचना नहीं थी. …फिर मुझे मुख्यालय से फोन आया इसके बाद मुख्यालय से फोन आया. एक वरिष्ठ अधिकारी ने डोभाल से पूछा कि क्या उन्होंने कुछ लोगों को सीमा पार भेजा था. डोभाल ने बताया हां, जिसके बाद अधिकारी ने उन्हें जानकारी दी कि वे लोग चीनी हिरासत में हैं. इस सुचना के मिलने के बाद, डोभाल ने बताया कि उनकी हालत बेहद खराब हो गई थी. डोभाल ने घटना को याद करते हुए बताया कि उन्हें इस घटना के बाद पुरा यकिन था उनका करियर खत्म हो जाएगा. वह उस समय 20 की उम्र में थे और उन्हें लग रहा था कि अब उन्हें कोई दूसरा करियर शुरू करना पड़ेगा. हालांकि ऐसा नहीं हुआ क्योंकि… NSA डोभाल ने बताया कि उन्हें जिम्मेदार नहीं माना गया और जांच में यह सामने आया कि मुख्यालय से उपलब्ध कराए गए स्केच और नक्शों में कुछ गलतियां और कमियां थीं. टीम के लौटने के बाद इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और फिर चीनी पक्ष ने उन लोगों से पूछताछ की और बाद में उन्हें वापस कर दिया. सिक्किम का हिंदुस्तान में विलय कब हुआ? सिक्किम के हिंदुस्तान में शामिल होने की प्रक्रिया 1970 के दशक में तेज हुई और मई 1975 में संवैधानिक बदलाव के बाद वह हिंदुस्तान का 22वां राज्य बना. ये भी पढ़ें: Video : US के पूर्व NSA ने कहा-धोखेबाज है पाकिस्तान…पैसे के लिए कुछ भी कर सकता है! The post जब चीन के चंगुल में फंसे थे हिंदुस्तानीय एजेंट…अजीत डोभाल ने सुनाया किस्सा, बोले- लगा था करियर खत्म! appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Video : US के पूर्व NSA ने कहा-धोखेबाज है पाकिस्तान…पैसे के लिए कुछ भी कर सकता है!

सऊदी अरब की सिक्योरिटी और क्रिटिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते हमलों के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल एच.आर. मैकमास्टर ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं के लिए स्थिर और सुरक्षित माहौल जरूरी है. अपने बयान में उन्होंने 7 अगस्त 2026 को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुआ मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट को लेकर भी सवाल उठाया. क्या है मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने 7 अगस्त 2026 को मक्का में जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे. समझौते के मुताबिक तीनों में से किसी एक देश पर सशस्त्र हमला होने पर उसे तीनों के खिलाफ हमला माना जाएगा. इसका उद्देश्य सामूहिक प्रतिरोध क्षमता और रक्षा सहयोग को मजबूत करना है. तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने बाद में कहा था कि इस व्यवस्था को तकनीकी तौर पर नाटो के आर्टिकल 5 के समान समझा जा सकता है, लेकिन किसी हमले की स्थिति में मदद का स्वरूप परिस्थितियों और संबंधित देश की मांग पर निर्भर करेगा. ये भी पढ़ें: पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के रक्षा सहयोग समझौते का हिंदुस्तान पर क्या होगा असर? पाकिस्तान और तुर्की पर मैकमास्टर ने क्या उठाए सवाल मक्का डिफेंस एग्रीमेंट में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर मैकमास्टर का कहना है कि अब असली बात यह होगी कि जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान इस समझौते की शर्तों को कितनी गंभीरता से लागू करता है. उन्होंने पाकिस्तान की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि वह कई बार एक ही समय में अलग-अलग दिशाओं में काम करता दिखाई देता है. मैकमास्टर ने यह भी दावा किया कि मक्का समझौता काफी हद तक प्रतीकात्मक हो सकता है और इसके पीछे सऊदी अरब से पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक मदद को बनाए रखने का मकसद भी हो सकता है. मैकमास्टर ने तुर्किये की भूमिका पर भी अपनी चिंता जाहिर की है. उन्होंने साफ किया कि उनकी आलोचना तुर्किये के लोगों को लेकर नहीं, बल्कि राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन की प्रशासन और उनकी पार्टी एकेपी की नीतियों को लेकर है. देखिए वीडियो पाकिस्तान और तुर्की की भूमिका क्यों अहम? मक्का समझौते में सिर्फ सामूहिक सुरक्षा की बात नहीं है. इसमें रक्षा सहयोग के अलग-अलग क्षेत्रों को बढ़ाने का प्रावधान भी है. तुर्किये ने साफ किया है कि यह समझौता किसी खास देश के खिलाफ नहीं है. पाकिस्तान ने भी इसे विशुद्ध रूप से रक्षात्मक समझौता बताया है. हालांकि अभी यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संकट की स्थिति में तीनों देश किस तरह का सैन्य, तकनीकी या लॉजिस्टिक सहयोग देते हैं. सऊदी के लिए सिक्योरिटी अब सबसे बड़ा सवाल 18 सितंबर को ANI से बातचीत में मैकमास्टर ने कहा कि मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट को लेकर पाकिस्तान के इरादों और समझौते को लागू करने की उसकी क्षमता पर उन्हें संदेह है. उन्होंने सऊदी अरब पर हुए ताजा हमलों का उदाहरण देते हुए कहा कि सिर्फ सऊदी अरब का इन्फ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि मक्का भी हमले की चपेट में आया है. इसका असर आने वाले समय में देखने को मिलेगा. उनके मुताबिक क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की आर्थिक योजनाएं, खासकर विजन 2030, तभी आगे बढ़ सकती हैं जब पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनी रहे. मैकमास्टर ने यह भी कहा कि रियाद के सामने यह सवाल है कि मुश्किल समय में उसके साथ कौन खड़ा रहेगा. उन्होंने अमेरिका की सिक्योरिटी गारंटी को लेकर सऊदी नेतृत्व की संभावित चिंताओं का भी जिक्र किया. उनके अनुसार, क्षेत्रीय स्थिरता का असर सऊदी के फाइनेंशियल हब, डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग क्षमता और एआई से जुड़े भविष्य के निवेश पर पड़ सकता है. ये भी पढ़ें: Video: हिंदुस्तान की बढ़ती ताकत देख सहमा पाकिस्तान, सेना के प्रवक्ता ने कहा-उनसे हमारा कोई मुकाबला नहीं The post Video : US के पूर्व NSA ने कहा-धोखेबाज है पाकिस्तान…पैसे के लिए कुछ भी कर सकता है! appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Jharkhand High Court: कोर्ट जाने पर कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल सकते, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि किसी भी कर्मचारी को मात्र इस कारण से सेवा से पृथक करना कि उसने अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, पूर्णतः मनमाना, दुर्भावनापूर्ण एवं विधि-विरुद्ध है. हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की पीठ ने रिट याचिका धरो उरांव एवं अन्य की ओर से दायर याचिका में यह महत्वपूर्ण निर्णय पारित करते हुए स्पष्ट किया कि “किसी नागरिक को अपने संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा हेतु न्यायालय की शरण में जाने के कारण किसी भी प्रकार के प्रतिकूल परिणाम भुगतने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता. न्यायालय जाने का अधिकार स्वयं में एक संवैधानिक अधिकार है तथा इस अधिकार के प्रयोग के प्रतिशोध में की गई कोई भी कार्यवाही विधि के शासन की जड़ पर प्रहार करती है.” क्या था मामला? याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत में पक्ष रखा. याचिकाकर्तागण को वर्ष 2004-2005 से स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, राज्य प्रशासन की अभियंत्रण कोषांग में लिपिक, टाइपिस्ट, चालक, पंप ऑपरेटर आदि पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्त किया गया था. वर्ष 2016 में विभाग के विलय के पश्चात इन कर्मचारियों को जनवरी 2017 तक नियमित रूप से कार्य करने दिया गया, किंतु तत्पश्चात बिना किसी औपचारिक आदेश अथवा कारण बताओ नोटिस के उन्हें सेवा से पृथक कर दिया गया. पूर्व में समन्वय पीठ द्वारा चार फरवरी 2017 को याचिकाकर्ताओं की सेवा नियमित करने का आदेश पारित किया गया था, जिसे राज्य द्वारा अपील याचिका दायर कर चुनौती दी गयी, परंतु वह भी 25,000 रुपये के हर्जाने के साथ खारिज कर दी गई. इसके बावजूद विभाग द्वारा दिनांक 14 अगस्त 2024 के आदेश से याचिकाकर्ताओं के सेवा नियमितीकरण के दावे को अस्वीकृत कर दिया गया. कोर्ट का महत्वपूर्ण अभिनिर्धारण जस्टिस दीपक रोशन की पीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता 10 वर्षों से अधिक समय तक बिना किसी अवकाश अथवा शिकायत के स्वीकृत पदों पर कार्यरत रहे तथा उनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित थी. पीठ ने राज्य के इस तर्क को अस्वीकार कर दिया कि याचिकाकर्ता स्वीकृत पदों पर नियुक्त नहीं थे. सुप्रीम कोर्ट के जग्गो बनाम हिंदुस्तान संघ जैसे नजीरी निर्णयों का उल्लेख करते हुए पीठ ने कहा कि जहां कार्य की प्रकृति सतत एवं संस्थान के लिए अपरिहार्य हो, वहां मात्र “संविदा” अथवा “अस्थायी” के नामकरण मात्र से नियुक्ति को अनियमित घोषित नहीं किया जा सकता. कोर्ट का निष्कर्ष एवं आदेश जस्टिस रोशन ने यह भी टिप्पणी की कि “राज्य एवं उसकी अभिकरणों द्वारा वादियों को उनके संवैधानिक उपचारों के प्रयोग मात्र के लिए दंडित करने की प्रथा तत्काल समाप्त होनी चाहिए.” पीठ ने दिनांक 14 अगस्त 2024 के प्रशासन के तर्कयुक्त आदेशों को रद्द कर दिया. राज्य प्रशासन को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को समस्त परिणामी लाभों के साथ छह सप्ताह के भीतर सेवा में पुनर्स्थापित कर नियमितीकरण का औपचारिक आदेश जारी किया जाये. ये भी पढ़ें: झारखंड कांग्रेस में खींचतान: केशव महतो ने अभिलाष साहू को बनाया उपाध्यक्ष, प्रभारी के. राजू ने कहा- पहले जांच, फिर पदभार The post Jharkhand High Court: कोर्ट जाने पर कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल सकते, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top