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रांची के धुर्वा से दो जुड़वा भाई करण-अर्जुन चार दिन से लापता, जांच में जुटी पुलिस

रांची से प्रणव की रिपोर्ट Missing Child: झारखंड की राजधानी रांची में बच्चों के लापता होने की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं. ताजा मामला धुर्वा थाना क्षेत्र का है, जहां शालीमार बाजार इलाके से दो जुड़वां भाई पिछले चार दिनों से लापता हैं. परिवार ने बच्चों की काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका. इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई है. 1 जून की दोपहर से गायब हैं करण और अर्जुन जानकारी के अनुसार, लापता बच्चों के नाम करण शर्मा और अर्जुन शर्मा हैं. दोनों की उम्र 12 वर्ष है और वे जुड़वां भाई हैं. उनके पिता का नाम विकास शर्मा बताया गया है. परिजनों के अनुसार, दोनों शिशु 1 जून 2026 की दोपहर करीब दो बजे घर से निकले थे, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल रहा है. बच्चों के अचानक गायब होने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. चार दिन बीत जाने के बाद भी दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजन परेशान हैं. मां ने धुर्वा थाने में दर्ज कराई सनहा लापता बच्चों की मां डोली देवी ने धुर्वा थाने में सनहा दर्ज कराते हुए पुलिस से बच्चों की तलाश करने की गुहार लगाई है. उन्होंने शिकायत में बताया कि पहले भी दोनों शिशु कभी-कभी घर से बाहर चले जाते थे, लेकिन एक-दो दिन के भीतर वापस लौट आते थे. इस बार स्थिति अलग है, क्योंकि दोनों शिशु चार दिनों से घर नहीं लौटे हैं और परिवार का उनसे कोई संपर्क भी नहीं हो पा रहा है. परिजनों ने हर जगह की तलाश डोली देवी ने पुलिस को बताया कि बच्चों की खोज के लिए रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की गई. परिवार ने अपने स्तर पर हर संभव प्रयास किया, लेकिन दोनों बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी. परिजनों का कहना है कि बच्चों के सुरक्षित घर लौटने तक उनकी चिंता कम नहीं होगी. परिवार लगातार उनके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा है. इसे भी पढ़ें: गुमला से लापता बच्ची के मामले में हाइकोर्ट सख्त, सात साल से नहीं मिला है कोई सुराग पुलिस ने शुरू की खोजबीन मामले की जानकारी मिलने के बाद धुर्वा थाना पुलिस ने सनहा दर्ज कर बच्चों की तलाश शुरू कर दी है. पुलिस आसपास के क्षेत्रों में जांच कर रही है और संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को दोनों बच्चों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत धुर्वा थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें, ताकि बच्चों को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जा सके. इसे भी पढ़ें: किशोर लापता, नानी ने थाना में लगायी गुहार The post रांची के धुर्वा से दो जुड़वा भाई करण-अर्जुन चार दिन से लापता, जांच में जुटी पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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Garhwa: 7.5 लाख की फिरौती के लिए पाइप फिटर का अपहरण, पुलिस ने 5 घंटे में ही कराया मुक्त

श्री बंशीधर नगर से गौरव पांडेय की रिपोर्टGarhwa (श्री बंशीधर नगर): गढ़वा पुलिस फिरौती के एक मामले का खुलासा 5 घंटे के अंदर ही कर लिया. पुलिस ने मझिआंव क्षेत्र से अपहृत एलएंडटी कंपनी के पाइप फिटर मुरारी तिवारी (32 वर्ष) को अपहरण के महज 5 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है. पुलिस के बढ़ते चौतरफा दबाव के कारण अपराधी अपहृत व्यक्ति को छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है. घटना बुधवार (3 जून) की दोपहर करीब 2:30 बजे की है. मुरारी तिवारी (पिता: राम नरेश तिवारी) सगमा के पास सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के समीप काम कर रहे थे. इसी दौरान एक सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी में सवार होकर चालक समेत 6 अज्ञात अपराधी वहां पहुंचे और बंदूक की नोंक पर उनका अपहरण कर लिया. साढ़े सात लाख की फिरौती और स्कैनर से वसूले पैसे अपहरण करने के बाद अपराधियों ने मुरारी तिवारी की रिहाई के एवज में उनके परिजनों से 7.5 लाख रुपये की भारी-भरकम फिरौती मांगी. इतना ही नहीं, अपराधियों ने डरा-धमकाकर परिजनों से ऑनलाइन स्कैनर के माध्यम से तुरंत 30,000 भी ट्रांसफर करवा लिए. गढ़वा पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर को जैसे ही इस अपहरण की सूचना मिली, उन्होंने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर, सत्येन्द्र नारायण सिंह के नेतृत्व में तुरंत एक विशेष टीम का गठन कर कार्रवाई के निर्देश दिया, तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने मझिआंव थाना क्षेत्र के ग्राम-चन्दना में सघन छापेमारी की. 30000 रुपये ऑनलाइन मंगवाए पुलिस ने दो संदिग्धों शेख अंसार और नदीम खान को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की. दोनों ने परिजनों से स्कैनर के जरिए 30,000 लेने की बात कबूल की और घटना में शामिल अपने अन्य सहयोगियों के नामों का भी खुलासा किया. जैसे ही स्पेशल टीम ने चिन्हित ठिकानों पर आरोपियों की धरपकड़ शुरू की, अपराधियों में हड़कंप मच गया. पुलिस के भारी दबाव और लगातार पीछा किए जाने से घबराकर बाकी अपराधी अपहृत मुरारी तिवारी को छोड़कर मौके से फरार हो गए. कई धराओं के तहत मामला दर्ज इस तरह पुलिस ने घटना के मात्र 5 घंटे के भीतर अपह्रत को सही-सलामत बरामद कर लिया. बताया गया कि इस संबंध में धुरकी थाना में कांड संख्या-66/26 के तहत हिंदुस्तानीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं (126(2)/ 115(2)/ 140(1)/ 140(2)/ 352/ 3(5) में मामला दर्ज कर आगे का अनुसंधान शुरू कर दिया गया है. गिरफ्तार अभियुक्तों में शेख अंसार (पिता: शेख तसव्वर) और नदीम खान (उम्र 21 वर्ष, पिता: शमीम खान) शामिल हैं, जो चन्दना, मझिआंव के निवासी हैं. इनके पास से 2 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं. छापेमारी दल में ये थे शामिल इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में एसडीपीओ सत्येन्द्र नारायण सिंह, पुलिस निरीक्षक जितेन्द्र कुमार आजाद (नगर उंटारी अंचल), पुलिस निरीक्षक बृज कुमार (मझिआंव अंचल), भवनाथपुर थाना प्रभारी रजनी रंजन, मझिआंव थाना प्रभारी अमित कुमार, हरिहरपुर ओपी प्रभारी नसीम अंसारी, धुरकी थाना के पदाधिकारी सुभाषकान्त अकेला और शेखर कुमार सिंह समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. ये भी पढ़ें… गढ़वा सदर अस्पताल का ब्लड बैंक बदहाल: गर्मी में बिना एसी-पंखे के रक्तदान करने को मजबूर लोग गढ़वा: दानरो नदी को पॉल्यूशन फ्री रखने के लिए प्रशासन सख्त, उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण The post Garhwa: 7.5 लाख की फिरौती के लिए पाइप फिटर का अपहरण, पुलिस ने 5 घंटे में ही कराया मुक्त appeared first on Naya Vichar.

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मालवीय नगर हादसा : होटल के मालिक को 4 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया, मृतकों को मिलेगा 10-10 लाख मुआवजा

Malviya Nagar Fire : दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार को लगी आग के बाद होटल के मालिक लवकेश बजाज को बृहस्पतिवार को साकेत कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने आरोपी लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. आग की घटना में कुल 21 लोगों की मौत हुई है. Malviya Nagar Fire tragedy | Saket court sends the accused and owner of the Malviya Nagar hotel, Flourish Stays, Lovkesh Bajaj, to four days police custody — ANI (@ANI) June 4, 2026 दिल्ली प्रशासन ने 10-10 लाख मुआवजे की घोषणा की दिल्ली प्रशासन मरने वालों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. इससे पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मैक्स अस्पताल पहुंची थीं और घायलों से मुलाकात की थी. मैक्स अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार मैक्स हॉस्पिटल, साकेत कॉम्प्लेक्स में अभी कुल 15 मरीज भर्ती हैं. इनमें से 13 विदेशी मरीज हैं. इन मरीजों में से 6 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. वेंटिलेटर पर रखे गए सभी मरीजों में सुधार के संकेत दिख रहे हैं और उनकी हालत स्थिर है. अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार कोई भी मरीज बहुत गंभीर स्थिति में नहीं है. हालांकि, अलग-अलग मरीजों में चोटों का प्रकार और गंभीरता अलग-अलग होती है, खासकर उस मरीज के मामले में जिसकी कल स्पाइन सर्जरी हुई थी. अस्पताल की ओर से यह बताया गया है कि सभी मरीजों की रेगुलर मॉनिटरिंग की जा रही है. विदेशी नागरिकों की लिस्ट विदेश मंत्रालय को सौंपी गई मालवीय नगर हादसे में मारे गए 21 नागरिकों में से 11 विदेशी नागरिक हैं, जिनकी सूची विदेश मंत्रालय को सौंप दी गई है.दिल्ली पुलिस ने विदेश मंत्रालय को मारे गए नागरिकों की सूची सौंपने के बाद कहा कि आगे की कार्रवाई मंत्रालय करेगा. नागरिकों की पहचान और डीएनए प्रोफाइलिंग से जुड़ी दूसरी फॉर्मैलिटीज के लिए संबंधित दूतावास दिल्ली पुलिस के संपर्क में हैं. होटल में रहने वाले एक विदेशी नागरिक ने बताया कि मैं वेस्ट अफ्रीका के गिनी से हूं. मैं पिछले दो महीनों से फ्लॉरिश स्टेज में रह रहा था. मैं और मेरे पिता यहां पैंक्रियाटिक कैंसर का इलाज कराने आए हैं. उन्हें शनिवार को मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. जब होटल में आग लगी तो हम यहां नहीं थे. इस होटल में मेरे बहुत से दोस्तों की मौत हो गई. मेरा एक नाइजीरियाई दोस्त अपनी मां का इलाज कराने यहां आया था. दोनों की मौत हो गई. दो लोग कांगो से थे. ये भी पढ़ें : नीट पेपर लीक : राहुल गांधी ने मोदी प्रशासन पर फिर बोला हमला- आपने 12 सालों में शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया The post मालवीय नगर हादसा : होटल के मालिक को 4 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया, मृतकों को मिलेगा 10-10 लाख मुआवजा appeared first on Naya Vichar.

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अच्छी रैंक पर भी क्यों नहीं मिलता मनपसंद कॉलेज? समझें JoSAA Seat Allotment का पूरा खेल

JoSAA Seat Allotment Process: JEE Advanced का रिजल्ट जारी हो चुका है. साथ ही JoSAA काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है. एडमिशन के समय सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन अगर किसी चीज को लेकर होता है, तो वह है सीट अलॉटमेंट प्रोसेस. अच्छी रैंक होने के बाद भी पसंद का कॉलेज क्यों नहीं मिल पाता है या कम रैंक वाले को कभी-कभी बेहतर सीट कैसे मिल जाती है. अगर आपके मन में भी ऐसे सवाल हैं, तो समझते हैं सीट अलॉटमेंट (JoSAA Seat Allotment Process) का पूरा प्रोसेस.  Seat Allotment क्या है? सीट अलॉटमेंट का मतलब है कि काउंसलिंग के दौरान आपको आपकी रैंक, कैटेगरी, पसंद (Choice Filling) और सीट उपलब्धता के हिसाब से कॉलेज और ब्रांच दी जाती है. यानी सिर्फ अच्छी रैंक होने से काम नहीं चलता, आपने कौन-कौन से कॉलेज और ब्रांच चुने हैं, इसका भी बड़ा रोल होता है.  JoSAA Seat Allotment Process: सीट अलॉटमेंट किन चीजों पर निर्भर करता है? 1. आपकी रैंक सबसे जरूरी  सबसे पहला और बड़ा फैक्टर आपकी रैंक होती है. जिसकी रैंक बेहतर होती है, उसे पहले सीट चुनने का मौका मिलता है. अगर किसी कॉलेज में 50 सीटें हैं और आपकी रैंक ऊपर है तो सीट मिलने का चांस ज्यादा रहेगा. लेकिन अगर रैंक पीछे है, तो हो सकता है सीट पहले ही भर जाए. इसलिए कटऑफ और पिछली साल की रैंक देखना जरूरी होता है.  2. Choice Filling का स्पोर्ट्स बहुत सारे स्टूडेंट्स चॉइस फिलिंग में गलती कर देते हैं. वे सिर्फ बड़े कॉलेज भर देते हैं और बैकअप ऑप्शन नहीं रखते. अगर आपने सिर्फ टॉप IIT या NIT भरे हैं और आपकी रैंक थोड़ी कम है, तो सीट मिलने में दिक्कत हो सकती है.  3. कैटेगरी रिजर्वेशन का असर सीट अलॉटमेंट में कैटेगरी भी अहम रोल निभाती है. जनरल, OBC, EWS, SC, ST और PwD जैसी कैटेगरी के हिसाब से सीटें अलग-अलग रिजर्व रहती हैं. कई बार समान रैंक होने पर अलग कैटेगरी के छात्रों को अलग कॉलेज या ब्रांच मिल सकती है. इसलिए अपनी कैटेगरी के हिसाब से कटऑफ देखना जरूरी है.  4. Seat Availability का पूरा मामला अगर किसी कॉलेज या ब्रांच की सीटें जल्दी भर गईं, तो बाद में आने वाले स्टूडेंट्स को वह ऑप्शन नहीं मिलेगा. उदाहरण के लिए Computer Science जैसी ब्रांच की डिमांड ज्यादा रहती है, इसलिए इसकी सीटें जल्दी भर जाती हैं. वहीं कुछ कम डिमांड वाली ब्रांच में बाद तक सीटें बच सकती हैं.  JoSAA Seat Allotment Process: राउंड-वाइज काउंसलिंग में कैसे बदलती है किस्मत? JoSAA काउंसलिंग कई राउंड्स में आयोजित की जाती है. पहले राउंड में सीट मिलने के बाद कई छात्र फीस नहीं भरते, या आईआईटी छोड़कर एनआईटी चले जाते हैं. इस वजह से अगले राउंड में सीटें खाली हो जाती हैं और नीचे की रैंक वाले छात्रों को अपग्रेडेशन का मौका मिलता है. इसलिए धैर्य रखें और आखिरी राउंड तक काउंसलिंग में बने रहें. JoSAA Seat Allotment Process: Freeze, Float और Slide को समझना जरूरी विकल्प इसका आसान मतलब आपको कब चुनना चाहिए Freeze (फ्रीज) मिली हुई सीट से पूरी तरह संतुष्ट हैं और उसे लॉक करना चाहते हैं. जब आपको आपका मनपसंद कॉलेज और पसंदीदा ब्रांच दोनों मिल चुके हों. Float (फ्लोट) मिली हुई सीट सुरक्षित रहेगी, लेकिन आप अगले राउंड में किसी भी बेहतर कॉलेज या ब्रांच के लिए अपग्रेड चाहते हैं. जब आप कॉलेज और ब्रांच दोनों को अपग्रेड करने के लिए तैयार हों. Slide (स्लाइड) आपको कॉलेज वही रखना है, लेकिन अगले राउंड में अगर उसी कॉलेज में कोई बेहतर ब्रांच मिलती है, तो आप उसे लेना चाहते हैं. जब आपको कॉलेज तो पसंद है, लेकिन आप सिर्फ उसकी बेहतर ब्रांच (जैसे मैकेनिकल से सीएसई) चाहते हैं. यह भी पढ़ें: IIT या NIT? JoSAA काउंसलिंग में सिर्फ ब्रांड नहीं, इन 5 बातों का रखें ध्यान The post अच्छी रैंक पर भी क्यों नहीं मिलता मनपसंद कॉलेज? समझें JoSAA Seat Allotment का पूरा स्पोर्ट्स appeared first on Naya Vichar.

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पलामू: आजादी के दशकों बाद भी विकास को तरस रहा ठेमी गांव, एक भी व्यक्ति ने नहीं की मैट्रिक तक की पढ़ाई

रमेश रंजन की रिपोर्ट Palamu News: पलामू जिला के सतबरवा प्रखंड मुख्यालय से महज दो किलोमीटर दूर रबदा ग्राम पंचायत का ठेमी गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है. इस महादलित (भुइयां परिवार) बस्ती में पसरी घोर गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा ने जनजीवन नारकीय बना दिया है. शासन-प्रशासन की बेरुखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. गांव में रोजगार का कोई साधन नहीं होने के कारण युवा वर्ग अपनी पत्नी और बच्चों के साथ ईंट भट्टों के अलावा दिल्ली, बेंगलुरु और पंजाब जैसे अन्य राज्यों में मजदूरी करने को मजबूर हैं. वहीं, गांव के बुजुर्ग स्त्री और पुरुष पलामू किला के जंगलों से सूखी जलावन की लकड़ी चुनकर और उसे बेचकर दशकों से अपना भरण-पोषण कर रहे हैं. दशकों तक यहां की स्त्रीएं पशुओं के लिए घास बेचती थीं और पुरुष जमींदारों के पास बंधुआ मजदूर थे. आज बंधुआ मजदूरी तो खत्म हो गई, लेकिन माली हालत वैसी ही बनी हुई है.   आठवीं के बाद पढ़ाई पर लग रहा विराम  इस डिजिटल युग में भी गांव का एक भी दलित व्यक्ति आज तक मैट्रिक (10वीं) पास नहीं कर सका है. ग्रामीण बमुश्किल आठवीं तक ही पढ़ पाए हैं. गरीबी के कारण ग्रामीण रोजगार की तलाश में सपरिवार पलायन कर जाते हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा छूट जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि जब पेट भरना ही चुनौती हो, तो पढ़ाई पर कौन ध्यान दे? जर्जर आंगनबाड़ी भवन के बीच गांव में नशाखोरी भी तेजी से बढ़ी है, जिससे कई लोग असमय काल के गाल में समा चुके हैं. रोजगार होता तो नहीं करना पड़ता पलायन: ग्रामीण स्त्रीएं गांव की चांदनी देवी, सीमा देवी, फूलमती देवी और बासो देवी ने बताया कि गांव में सड़क, नाली और रोजगार का घोर अभाव है. अगर गांव में काम मिलता, तो बाल-बच्चों के साथ दूसरे राज्यों (दिल्ली, बेंगलुरु, पंजाब) में ईंट-भट्टों पर मजदूरी के लिए नहीं भटकना पड़ता. स्थिति यह है कि गांव की स्त्रीओं और बुजुर्गों को पलामू किला के जंगलों से सूखी लकड़ियां बेचकर जीवन यापन करना पड़ रहा है.  लकड़ी बेचना जीविका का साधन नल-जल योजना फेल गांव में पानी की समस्या है. ग्रामीणों ने बताया कि घरों में नल तो लगा दिए गए, लेकिन छह साल बीतने के बाद भी एक बूंद पानी नहीं आया. ग्रामीण 70-80 साल पुराने कुएं का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे मौसमी बीमारियां फैलती हैं. आंगनबाड़ी के पास स्थित खराब सोलर जलमीनार को ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर ठीक कराया है. ग्रामीणों ने यहां तत्काल नए चापानल लगाने की मांग की है. आज तक कोई सांसद, विधायक या बड़ा अधिकारी इस बस्ती में नहीं आया संजू भुइयां, सुनील भुइयां और दुलार भुइयां ने बताया कि गांव के अधिकतर बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन और स्त्रीओं को ‘मंइयां सम्मान योजना’ का लाभ नहीं मिल रहा है. मिट्टी के जर्जर मकान होने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति नहीं मिली, जिससे पूरा परिवार एक ही कमरे में रहने को विवश है. आज तक कोई सांसद, विधायक या बड़ा अधिकारी इस बस्ती में नहीं आया. प्रशासन दे विशेष ध्यान: मनोज भुइयां मनरेगा वॉच के प्रखंड कोऑर्डिनेटर मनोज भुइयां ने कहा कि मुख्यालय के पास होने के बावजूद आजीविका और शिक्षा के अभाव में यह दलित बहुल गांव बेहद दयनीय स्थिति में है सांसद से मामले को कराया जाएगा अवगत: सांसद प्रतिनिधि  चतरा सांसद कालीचरण सिंह के प्रतिनिधि अनिल सिंह ने कहा कि गरीबी और पलायन के कारण ठेमी गांव विकास में काफी पिछड़ गया है जिला प्रशासन को यहां विशेष ध्यान देने की जरूरत है. इस गंभीर समस्या से  सांसद को जल्द अवगत कराया जाएगा. ये भी पढ़ें… JTET में भोजपुरी-मगही पर रार: मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने खोला मोर्चा, दिया ये तर्क रांची के बहुबाजार-सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाई ओवर का काम सिर्फ 37%, 14 जून को खत्म हो रही डेडलाइन The post पलामू: आजादी के दशकों बाद भी विकास को तरस रहा ठेमी गांव, एक भी व्यक्ति ने नहीं की मैट्रिक तक की पढ़ाई appeared first on Naya Vichar.

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हिंद महासागर में संयोग या चीन का प्रयोग! कोलंबो पोर्ट पर एक ही दिन पहुंचे भारत-पाकिस्तान के वॉरशिप

India Pakistan Warships Sri Lanka: हिंद महासागर में बढ़ती सामरिक प्रतिस्पर्धा के बीच श्रीलंका एक बार फिर क्षेत्रीय शक्ति संतुलन का केंद्र बनता दिख रहा है. 1 जून को ऐसा दुर्लभ घटनाक्रम देखने को मिला, जब हिंदुस्तान और पाकिस्तान के नौसैनिक जहाज एक ही दिन श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पर पहुंच गए. श्रींलका नौसेना के अनुसार, 1 जून को पाकिस्तान नौसेना के दो युद्धपोत पीएनएस तैमूर, पीएनएस असलात और पनडुब्बी पीएनएस/एम हैंगोर कोलंबो पहुंचे. लगभग उसी समय हिंदुस्तानीय नौसेना का लैंडिंग शिप टैंक आईएनएस ऐरावत भी कोलंबो बंदरगाह पहुंचा.  एक ही समय में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के नौसैनिक जहाजों की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. खासकर तब, जब पाकिस्तान के बेड़े में चीन निर्मित अत्याधुनिक पनडुब्बी भी शामिल हो. ऐसे में यह सिर्फ नौसैनिक दौरा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और समुद्री कूटनीति का बड़ा संकेत माना जा रहा है. हिंदुस्तान का मिशन क्या था? हिंदुस्तानीय नौसेना के अनुसार, आईएनएस ऐरावत का दौरा नियमित ‘ऑपरेशनल टर्नअराउंड’ का हिस्सा था. इसका उद्देश्य ईंधन भरना, रसद लेना और कुछ निर्धारित गतिविधियों को पूरा करना था. श्रीलंका नेवी ने बताया कि हिंदुस्तानीय नौसैनिक श्रीलंका नौसेना के साथ कई पेशेवर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे. इसके साथ ही सभी क्रू मेंबर श्रीलंका के हिस्टोरिक जगहों पर भी घूमने जाएंगे.  ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘महासागर’ नीति का हिस्सा आईएनएस ऐरावत 1 जून से 4 जून तक कोलंबो में रहेगा. इस दौरान जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर आई.पी. पाटिल श्रीलंका नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. हिंदुस्तान इस यात्रा को अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘महासागर’ नीति से जोड़कर देख रहा है. इंडियन नेवी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि यह बंदरगाह आगमन हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी की पुष्टि करता है. Guided by the timeless ethos of “वसुधैव कुटुम्बकम्” and aligned with Government of India’s vision of #MAHASAGAR and #NeighbourhoodFirst, #INSAiravat arrived in #Colombo on 01 Jun 26 for an operational turnaround. The port call reaffirms the strong maritime partnership between… pic.twitter.com/f0XfDeVPOL — SpokespersonNavy (@indiannavy) June 4, 2026 पाकिस्तान का बेड़ा क्यों पहुंचा कोलंबो? दूसरी ओर पाकिस्तान का नौसैनिक समूह भी आधिकारिक तौर पर सद्भावना यात्रा और रसद आपूर्ति के लिए कोलंबो पहुंचा. पाकिस्तानी नौसैनिक समूह में पीएनएस तैमूर, पीएनएस असलात और पनडुब्बी पीएनएस/एम हैंगोर शामिल जहाजों की कमान क्रमशः कैप्टन नेमत सईद खान, कैप्टन नादिर मतीन अफरीदी और कैप्टन उजैर फारूक के हाथों में है. इस बेड़े में शामिल सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित किया नई पनडुब्बी पीएनएस/एम हैंगोर ने. यह पनडुब्बी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह हाल ही में चीन द्वारा पाकिस्तान को उपलब्ध कराई गई हैंगोर-श्रेणी की उन्नत पनडुब्बियों में शामिल है. रिपोर्टों के अनुसार, यह पनडुब्बी बाबर-3 क्रूज मिसाइल दागने में सक्षम है और चीन से पाकिस्तान की ओर अपनी पहली समुद्री यात्रा पर थी. कोलंबो में ठहराव उसके मार्ग का हिस्सा था. चीन में निर्मित नई पीढ़ी की पनडुब्बी को पाकिस्तान की समुद्री शक्ति बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.  पाकिस्तान का आधिकारिक मिशन क्या है? पाकिस्तानी नौसेना के मुताबिक यह यात्रा सद्भावना दौरे और रसद आपूर्ति का हिस्सा है. जहाजों को ईंधन और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अलावा पाकिस्तानी नौसेना के अधिकारी और नाविक श्रीलंका के विभिन्न स्थलों का दौरा करेंगे. श्रीलंका नौसेना के साथ संयुक्त गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी. श्रीलंकाई नौसेना ने बताया है कि पाकिस्तान का यह बेड़ा पश्चिमी समुद्री तट के पास एक ‘पैसेज एक्सरसाइज’ में भी हिस्सा लेगा. इस तरह दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच परिचालन समन्वय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा. असली कहानी चीन से जुड़ी है? इस पूरे घटनाक्रम को केवल हिंदुस्तान-पाकिस्तान प्रतिस्पर्धा के नजरिए से नहीं देखा जा सकता. इसके पीछे चीन की दीर्घकालिक हिंद महासागर रणनीति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. पिछले एक दशक में चीन ने हिंद महासागर क्षेत्र में अपने आर्थिक और सामरिक प्रभाव का तेजी से विस्तार किया है. पाकिस्तान का ग्वादर बंदरगाह, श्रीलंका का हंबनटोटा पोर्ट और क्षेत्र के अन्य रणनीतिक समुद्री ठिकाने इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माने जाते हैं. चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) भी इसी समुद्री दृष्टिकोण से जुड़ा हुआ है, जिससे चीन को अरब सागर तक सीधी पहुंच मिलती है. इसके साथ ही चीन के हैंगोर क्लास सबमरीन पर भी हिंदुस्तान की नजर रहेगी. चीन पाकिस्तान को 8 हैंगोर क्लास पनडुब्बी दे रहा है. इसमें पीएनएस/एम हैंगोर के साथ पीएनएस गाजी भी शामिल है. गाजी उसी नाम वाली पनडुब्बी है, जिसे हिंदुस्तान ने 1971 के युद्ध के दौरान डुबोया था. ये भी पढ़ें:- ‘सीजफायर का मतलब कम गोलीबारी’, ट्रंप की अलबेली परिभाषा; कहा- US सैनिक मरे तो फिर बदल जाएगी स्थिति   श्रीलंका क्यों कर रहा है दोनों देशों की मेजबानी? कोलंबो बंदरगाह दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक पर स्थित है. एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्ते इसके आसपास से गुजरते हैं. यही वजह है कि हिंदुस्तान, चीन और पाकिस्तान तीनों इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी और प्रभाव बनाए रखना चाहते हैं. श्रीलंका लंबे समय से एक संतुलित विदेश नीति अपनाने की कोशिश करता रहा है. एक तरफ हिंदुस्तान उसका सबसे निकटतम पड़ोसी, प्रमुख आर्थिक साझेदार और सुरक्षा सहयोगी है. दूसरी तरफ श्रीलंका चीन और पाकिस्तान के साथ भी अपने संबंध बनाए रखना चाहता है. यही वजह है कि कोलंबो ने हिंदुस्तानीय और पाकिस्तानी दोनों नौसैनिक जहाजों का स्वागत किया है. इससे श्रीलंका यह संदेश देना चाहता है कि वह क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा में किसी एक पक्ष के साथ खुलकर खड़ा होने की बजाय संतुलन बनाए रखना चाहता है. ये भी पढ़ें:- UN इतिहास में पहली बार… सुरक्षा परिषद चुनाव में किर्गिस्तान जीता, जर्मनी हारा; हिंदुस्तान को चेतावनी  हिंदुस्तान के लिए क्या संकेत हैं? हिंदुस्तान के दृष्टिकोण से देखें तो आईएनएस ऐरावत की यात्रा सामान्य नौसैनिक गतिविधि थी, लेकिन उसी समय पाकिस्तान की उन्नत पनडुब्बी का कोलंबो पहुंचना क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को नया आयाम देता है. विशेष रूप से तब, जब पाकिस्तान की समुद्री क्षमताओं के आधुनिकीकरण में चीन की सीधी भूमिका दिखाई दे रही है. हिंद महासागर में चीन अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, ऐसे में बदलते जियो पॉलिटिकल सिनारियो में हिंदुस्तान को और भी सतर्क रहने की जरूरत है. 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खान सर के दो लोगों को पुलिस ने उठाया, फायरिंग वाले वीडियो ने पलटा पूरा मामला? जांच में आया नया मोड़

Khan Sir Coaching Attack: खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के मामले में अब नया मोड़ आ गया है. ज्ञान बिंदु कोचिंग की ओर से एक कथित वीडियो जारी किया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि 2 मई की रात हुए विवाद के दौरान फायरिंग खान सर के गार्ड की ओर से की गई थी. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने भी कार्रवाई तेज कर दी है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस गुरुवार को खान सर के कोचिंग सेंटर पहुंची और वहां से दो लोगों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई. दोनों से मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है. खान सर के कोचिंग सेंटर पहुंची पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी किया गया वीडियो ज्ञान बिंदु कोचिंग टीम के सदस्य आदर्श ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीडियो जारी किया. उन्होंने आरोप लगाया कि फायरिंग की पूरी घटना पूर्व नियोजित थी और इसे साजिश के तहत अंजाम दिया गया. आदर्श ने कहा कि वीडियो में कहीं भी ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद नजर नहीं आ रहे हैं. ऐसे में उनकी भी गिरफ्तारी होनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और खान सर की भूमिका की भी जांच की जाए. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में फायरिंग से जुड़े वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है. इसी क्रम में खान सर के कोचिंग सेंटर से जुड़े दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. हालांकि पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक तौर पर विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है. View this post on Instagram A post shared by Naya Vichar Patna (@prabhat.khabar_patna) 2 मई की रात क्या हुआ था? 2 मई की रात करीब 10 बजे पटना स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर पर हंगामा हुआ था. आरोप है कि कुछ लोग वहां पहुंचे, गार्ड के साथ मारपीट की और कोचिंग परिसर में पत्थरबाजी की. इस दौरान पोस्टर और बैनर भी फाड़े गए थे. घटना के बाद मौके पर पहुंचे खान सर ने शुरुआत में दावा किया था कि 8 से 10 राउंड फायरिंग हुई है. हालांकि बाद में वे अपने ही बयान से पलट गए थे. इसके बाद उनकी ओर से ज्ञान बिंदु कोचिंग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई. CCTV फुटेज में दिखी मारपीट और पत्थरबाजी इस मामले से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था. वीडियो में कुछ लोग कोचिंग के गार्ड के साथ मारपीट करते और परिसर में हंगामा करते दिखाई दिए थे. फुटेज में पत्थरबाजी और पोस्टर फाड़ने की घटनाएं भी कैद होने का दावा किया गया. रौशन आनंद समेत तीन लोग भेजे जा चुके हैं जेल मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों अभिषेक तथा गौरव को गिरफ्तार किया था. बाद में तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया. रौशन आनंद ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल गिरफ्तारी के बाद रौशन आनंद ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. उनका दावा था कि पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि गोली चलने की पुष्टि नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि उनकी संस्था को बदनाम करने और आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की जा रही है. रौशन आनंद ने यह भी कहा था कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अंततः सच सामने आएगा. Also Read: ‘नहीं चलेगी कोचिंग संस्थानों की मनमानी’, कोचिंग सेंटर बवाल पर शिक्षा मंत्री बोले- आएगा नया गाइडलाइन The post खान सर के दो लोगों को पुलिस ने उठाया, फायरिंग वाले वीडियो ने पलटा पूरा मामला? जांच में आया नया मोड़ appeared first on Naya Vichar.

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Aamir Khan Marriage: 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट संग सात फेरे लेंगे आमिर खान, शादी कंफर्म करते हुए कही ये बात

Aamir Khan Marriage: बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने कंफर्म कर दिया है कि वह 61 साल की उम्र में तीसरी शादी करने के लिए तरह तैयार हैं. एक्टर अपने पार्टनर गौरी स्प्रैट संग 5 जुलाई को सात फेरे लेंगे. कपल कई सालों से एक दूसरे को डेट कर रहे थे और अब वह इसे नया नाम देने जा रहे हैं. गौरी स्प्रैट संग तीसरी शादी को आमिर खान ने किया कंफर्म आमिर खान ने गौरी स्प्रैट संग अपनी शादी कंफर्म करते हुए वैरायटी इंडिया को बताया, “शादी की समाचार सच है.यह 5 जुलाई को है.” मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आमिर और गौरी अपनी शादी को काफी प्राइवेट रखेंगे. कपल अपने घर पर रजिस्टर्ड मैरिज करेंगे, जिसमें सिर्फ फैमिली और क्लोज फ्रेंड्स ही शामिल होंगे. कब हुई थी आमिर और गौरी की मुलाकात आमिर और गौरी की पहली मुलाकात करीब 25 साल पहले हुई थी. समय के साथ दोनों का कांटेक्ट टूट गया और सालों बाद दोबारा मुलाकात हुई. तब वे एक दूसरे को जानने लगे. दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और अब यह शादी के मुकाम तक पहुंचने के लिए तैयार है. गौरी बेंगलुरु की रहने वाली हैं और उनका एक बेटा भी है. तीसरी शादी है आमिर खान की आमिर खान ने पहली बार मार्च 2025 में अपने 60वें जन्मदिन के मौके पर गौरी संग अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया था. उन्होंने कहा था कि वह खुद को काफी लकी मानते हैं, कि गौरी उनकी लाइफ में आई. बता दें कि यह आमिर खान की तीसरी शादी होगी. रीना दत्ता से उनके दो शिशु जुनैद और इरा खान हैं. वहीं किरण राव के साथ उनके बेटे आजाद राव खान है. उन्हें आखिरी बार फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ में देखा गया था. यह भी पढ़ें- Peddi Twitter Review: राम चरण की ‘पेड्डी’ दर्शकों को पसंद आई या नहीं? सामने आए रिव्यू The post Aamir Khan Marriage: 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट संग सात फेरे लेंगे आमिर खान, शादी कंफर्म करते हुए कही ये बात appeared first on Naya Vichar.

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कैमरा हो या बैटरी, हर मामले में दमदार है Motorola का नया फोन, जानें फीचर्स और कीमत

चाइनीज टेक कंपनी Motorola ने आज अपना नया फ्लैगशिप मॉडल Motorola Edge 70 Pro+ हिंदुस्तान में लॉन्च कर दिया है. Edge 70 सीरीज का यह सबसे प्रीमियम मॉडल माना जा रहा है. सीरीज में इसे Edge 70 Pro के ऊपर पोजीशन किया गया है. इस मॉडल की खासियत इसमें मिलने वाला टेलीफोटो कैमरा है. साथ ही इसमें बड़ी बैटरी और फास्ट चार्जिंग भी दी गई है. Motorola Edge 70 Pro+ की कीमत और उपलब्धता Motorola Edge 70 Pro+ को कंपनी ने सिंगल वेरिएंट 12GB RAM और 256GB स्टोरेज में लॉन्च किया है. इसकी कीमत 47,999 रुपये रखी गई है. हालांकि, कंपनी इस मॉडल पर लॉन्च ऑफर भी दे रही है, जिसके तहत ग्राहक 3000 रुपये तक का इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस और आसान EMI ऑपशंस का फायदा उठा सकते हैं.इस स्मार्टफोन में आपको Pantone Zinfandel, Pantone Stormy Sea और Pantone Chicory Coffee कलर ऑप्शन मिलेगा. मॉडल की सेल 11 जून से शुरू होने वाली है. इसे ग्राहक मोटोरोला के ऑफिशियल साइट के अलावा Flipkart और प्रमुख रिटेल स्टोर्स पर से खरीद सकते हैं. कैसा है डिस्प्ले और कैमरा? Motorola Edge 70 Pro+ में 144Hz रिफ्रेश रेट और 5200 निट्स पीक ब्राइटनेस सपोर्ट के साथ 6.8 इंच का 1.5K Extreme AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. स्क्रीन पर Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन दिया जाएगा. फोटोग्राफी के लिए, Motorola Edge 70 Pro+ के बैक पैनल में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. इसमें 50MP Sony LYT-710 प्राइमरी सेंसर, 50MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस शामिल है, जो 3.5x ऑप्टिकल जूम सपोर्ट करता है. वहीं, फ्रंट में भी 50MP का ऑटोफोकस कैमरा सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए दिया गया है. इसके अलावा, स्मार्टफोन AI Super Zoom Pro के जरिए 50x तक जूम सपोर्ट करता है. कैमरा सिस्टम 4K 60fps वीडियो रिकॉर्डिंग, HDR वीडियो, ऑटो मैक्रो विजन और AI-बेस्ड लो-लाइट फोटोग्राफी जैसी सुविधाओं से लैस है. परफॉर्मेंस और बैटरी परफॉर्मेंस के लिए स्मार्टफोन में MediaTek Dimensity 8500 Extreme प्रोसेसर दिया गया है. इसके साथ LPDDR5X RAM और UFS 4.1 स्टोरेज का सपोर्ट दिया गया है, जिससे फास्ट और स्मूद परफॉर्मेंस का एक्सपीरियंस मिलेगा. हीट मैनेजमेंट के लिए फोन में 4600mm² वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम भी दिया गया है. यह मॉडल Android 16 पर बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा. साथ ही इसमें कंपनी 3 साल तक का Android OS अपग्रेड और 5 साल तक सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा कर रही है. मॉडल में 90W फास्ट वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट के साथ 6500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है. इसमें 15W वायरलेस चार्जिंग का भी सपोर्ट दिया गया है. कंपनी का दावा है कि यह बैटरी एक दिन से ज्यादा का बैकअप दे सकता है. ड्यूरेबिलिटी और अन्य फीचर्स मॉडल IP68 और IP69 रेटिंग से लैस है, जिससे यह पानी और धूल से सुरक्षित रहेगा. इसके अलावा, इसमें MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी भी दिया गया है, जिससे फोन के गिरने पर भी फोन को ज्यादा नुकसान नहीं होगा. ऑडियो के लिए डिवाइस में Dolby Atmos, Hi-Res Audio और Spatial Audio सपोर्ट दिया गया है, जो यूजर्स को शानदार और इमर्सिव साउंड एक्सपीरियंस ऑफर करेगा. यह भी पढ़ें: ₹11999 में आया नया बजट 5G फोन, मिलेगी 6000mAh की बैटरी और स्मूद डिस्प्ले The post कैमरा हो या बैटरी, हर मामले में दमदार है Motorola का नया फोन, जानें फीचर्स और कीमत appeared first on Naya Vichar.

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विदेशी इन्वेस्टर्स के लिए सरकार का बड़ा तोहफा, सरकारी बॉन्ड्स पर अब नहीं लगेगा कैपिटल गेन्स टैक्स

FPI Capital Gains Tax: हिंदुस्तान को दुनिया भर के इन्वेस्टर्स के लिए पसंदीदा जगह बनाने के लिए केंद्र प्रशासन ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया है कि अब विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) को हिंदुस्तान के प्रशासनी बॉन्ड्स (Government Securities) में इंवेस्ट करने पर कोई कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं देना होगा. प्रशासन ने इस फैसले को तुरंत लागू करने के लिए ऑर्डिनेंस यानी अध्यादेश का रास्ता चुना है, ताकि बिना किसी देरी के विदेशी इन्वेस्टर्स को यह राहत दी जा सके. सूत्रों के मुताबिक, इसी हफ्ते इसकी आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दी जाएगी. प्रशासन ने यह बड़ा फैसला क्यों लिया? वर्तमान में दुनिया भर के शेयर और बॉन्ड बाजारों में काफी हलचल है. खासकर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध की वजह से ग्लोबल मार्केट और सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. इस संकट के कारण विदेशी इन्वेस्टर्स उभरते हुए बाजारों (Emerging Markets) में पैसा लगाने से कतरा रहे हैं. ऐसे माहौल में हिंदुस्तान प्रशासन चाहती है कि विदेशी पैसा देश से बाहर न जाए, बल्कि और ज्यादा इनवेस्टमेंट हिंदुस्तान में आए. टैक्स हटाने से हिंदुस्तानीय प्रशासनी बॉन्ड्स पर मिलने वाला रिटर्न विदेशी इन्वेस्टर्स के लिए और ज्यादा फायदेमंद हो जाएगा, जिससे वे हिंदुस्तान में जमकर इंवेस्ट करेंगे. पुराना टैक्स नियम क्या था? अभी तक के टैक्स नियमों के मुताबिक, अगर कोई विदेशी इन्वेस्टर्स हिंदुस्तान के लिस्टेड शेयर्स या बॉन्ड्स को 12 महीने (एक साल) से ज्यादा समय तक अपने पास रखता था, तो उसे मुनाफा होने पर 12.5 प्रतिशत का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स देना पड़ता था. विदेशी इन्वेस्टर्स लंबे समय से इस टैक्स को हटाने की मांग कर रहे थे, क्योंकि उनके लिए यह टैक्स हिंदुस्तान में इनवेस्टमेंट करने के रास्ते में एक बड़ी रुकावट बना हुआ था. अब प्रशासनी बॉन्ड्स से इस टैक्स को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. इस फैसले से हिंदुस्तान को क्या फायदा होगा? टैक्स हटने से हिंदुस्तानीय इकोनॉमी को कई सीधे फायदे होंगे: रुपये को मजबूती: जब विदेशी इन्वेस्टर्स हिंदुस्तान के प्रशासनी बॉन्ड्स खरीदेंगे, तो देश में डॉलर का इनफ्लो (आवक) बढ़ेगा. इससे हिंदुस्तानीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होगा. ब्याज दरों पर नियंत्रण: प्रशासन को अपनी योजनाओं के लिए बाजार से जो कर्ज लेना पड़ता है, उसकी लागत (Borrowing Costs) को कम रखने और मैनेज करने में इस फैसले से बड़ी मदद मिलेगी. आर्थिक सुरक्षा कवच: पश्चिम एशिया के संकट से हिंदुस्तानीय इकोनॉमी पर जो बुरा असर पड़ सकता था, यह फैसला उसके खिलाफ एक ढाल की तरह काम करेगा. आगे प्रशासन का क्या प्लान है? प्रशासनी सूत्रों का कहना है कि यह टैक्स छूट सिर्फ एक शुरुआत है. प्रशासन यहीं नहीं रुकने वाली है. आने वाले दिनों में विदेशी पूंजी को हिंदुस्तान की तरफ आकर्षित करने के लिए कुछ और बड़े कदमों का ऐलान किया जा सकता है. प्रशासन का सीधा और साफ मकसद यह है कि वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी हिंदुस्तान की इकोनॉमी को मजबूत, सुरक्षित और रफ्तार से आगे बढ़ने वाला बनाया जा सके. ये भी पढ़ें: कहानियां सुनाने वाला Kuku अब कराएगा मोटी कमाई, ला रहा है ₹3500 करोड़ का IPO The post विदेशी इन्वेस्टर्स के लिए प्रशासन का बड़ा तोहफा, प्रशासनी बॉन्ड्स पर अब नहीं लगेगा कैपिटल गेन्स टैक्स appeared first on Naya Vichar.

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