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UP Marriage Scheme: बेटियों की शादी पर योगी सरकार का बड़ा तोहफा! 51 हजार की जगह अब मिलेंगे 1 लाख, आय सीमा भी बढ़ी, जाने पूरा प्रोसेस

UP Marriage Scheme: उत्तर प्रदेश प्रशासन ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सहायता राशि बढ़ाने का फैसला किया है. नए वित्तीय वर्ष से पात्र नवविवाहित जोड़ों को ₹51 हजार की जगह ₹1 लाख की सहायता देने की व्यवस्था की गई है. 2026-27 के यूपी बजट दस्तावेज में योजना के तहत अनुदान राशि ₹1.01 लाख किए जाने का भी उल्लेख है. प्रशासन ने इस योजना के लिए ₹750 करोड़ का प्रावधान किया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों की शादी में राहत मिलने की उम्मीद है. सहायता राशि का ऐसे होगा इस्तेमाल नई व्यवस्था के तहत ₹1 लाख की सहायता को अलग-अलग मदों में खर्च किया जाएगा. इसमें ₹60 हजार कन्या के बैंक खाते में, ₹25 हजार नवविवाहित जोड़े के लिए और शेष ₹15 हजार विवाह समारोह की व्यवस्था पर खर्च किए जाने की बात कही गई है. योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को शादी के खर्च में मदद देना और पात्र परिवारों को प्रशासनी सहायता उपलब्ध कराना है. आय सीमा बढ़ाने का भी फैसला योजना का लाभ अधिक परिवारों तक पहुंचाने के लिए पात्रता की आय सीमा में भी बदलाव किया गया है. उत्तर प्रदेश प्रशासन की ओर से जारी मुख्यमंत्री के 20 फरवरी 2026 के विधानसभा संबोधन के दस्तावेज में वार्षिक आय सीमा को ₹1.50 लाख से बढ़ाकर ₹3.50 लाख करने की बात दर्ज है. हालांकि, कुछ जिला प्रशासन की मौजूदा जानकारी में ₹3 लाख तक की वार्षिक आय सीमा दर्ज है. ऐसे में आवेदन से पहले अपने जिले में लागू नवीनतम नियम जरूर जांचना जरूरी है. किन परिवारों को मिलेगा लाभ? मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पात्र जोड़ों को दिया जाता है. प्रशासनी बजट दस्तावेज के अनुसार, योजना में सभी वर्गों की पुत्रियों के विवाह के लिए अनुदान का प्रावधान किया गया है. विवाह के समय कन्या की उम्र कम से कम 18 वर्ष और वर की उम्र कम से कम 21 वर्ष होना जरूरी है. इसके अलावा आय, निवास और अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी. आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करते समय आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण, मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार, बैंक पासबुक, फोटो और आधार से लिंक मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है. आवेदन के बाद संबंधित विभाग दस्तावेजों और पात्रता का सत्यापन करता है. इसलिए आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों में नाम, जन्मतिथि और अन्य जानकारी सही होना जरूरी है. ऑनलाइन आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया पात्र परिवार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के आधिकारिक पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के बाद आय, जाति, उम्र और अन्य अभिलेखों की जांच की जाती है. योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ई-केवाईसी और डिजिटल सत्यापन पर भी जोर दिया जा रहा है. प्रशासन की ओर से आधार आधारित भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पात्र लाभार्थियों तक सहायता राशि सीधे बैंक खाते के माध्यम से पहुंच सके. यह भी देखें: UP में बदला आधार कार्ड बनाने का नियम, इस दिन से शुरू होगी नई सुविधा, ऐसे होगा पूरा प्रोसेस The post UP Marriage Scheme: बेटियों की शादी पर योगी प्रशासन का बड़ा तोहफा! 51 हजार की जगह अब मिलेंगे 1 लाख, आय सीमा भी बढ़ी, जाने पूरा प्रोसेस appeared first on Naya Vichar.

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Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत पर बन रहा ‘खर जितिया’ का दुर्लभ संयोग, जानें तारीख और महत्व

Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत आश्विन मास कृष्ण अष्टमी तिथि को रखा जाता है. इस व्रत में स्त्रीएं संतान की लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ्य के लिए 24 से 36 घंटे का निर्जल व्रत रखती हैं. व्रत के दौरान न तो अन्न का एक दाना ग्रहण किया जाता है और न ही एक बूंद जल का सेवन किया जाता है. जितिया व्रत बिहार-झारखंड और उत्तर प्रदेश समेत देश के कुछ राज्यों में रखा जाता है. जितिया को जीवितपुत्रिका व्रत भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से संतान को दीर्घायु जीवन और उत्तम स्वास्थ्य का वरदान प्राप्त होता है. इस साल जितिया व्रत कब रखा जाएगा, क्या खास संयोग बन रहा है? आइए जानते हैं. जितिया व्रत पर ‘खर जितिया’ का दुर्लभ संयोग ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार मिश्रा ने बताया कि इस साल जितिया पर खर जितिया का दुर्लभ संयोग बनने वाला है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस साल जितिया व्रत शनिवार को पड़ रहा है. जितिया व्रत जब शनिवार को पड़ता है, तो इसका महत्व कई गुना अधिक बढ़ जाता है. खर जितिया व्रत उन स्त्रीओं के लिए बेहद खास होता है, जो पहली बार यह व्रत करना चाहती हैं. खर जितिया व्रत के प्रभाव से संतान की आयु लंबी होती है. साथ ही संतान स्वस्थ रहता है. जितिया व्रत 2026 नहाय-खाय शास्त्रों के अनुसार, जितिया व्रत की शुरुआत नहाय-खाय से होती है. मिथिला और महावीर पंचांग के अनुसार, इस साल जितिया व्रत का नहाय-खाय 2 अक्टूबर, शुक्रवार (आश्विन कृष्ण सप्तमी) को किया जाएगा. नहाय-खाय सप्तमी तिथि पर किया जाता है. सप्तमी तिथि 2 अक्टूबर को मान्य है. ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: पूर्वज से पहले क्यों जरूरी है ऋषि तर्पण, नहीं करने पर क्या होगा; पहले जान लें तारीख और महत्व जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत 2026 विवरण व्रत का कार्यक्रम तारीख दिन विवरण नहाय-खाय 02 अक्टूबर 2026 शुक्रवार नहाय-खाय के साथ व्रत की शुरुआत जितिया व्रत (निर्जल) 03 अक्टूबर 2026 शनिवार अष्टमी तिथि पर मुख्य व्रत व्रत का पारण 04 अक्टूबर 2026 रविवार नवमी तिथि को सूर्योदय के बाद कब रखा जाएगा जितिया व्रत 2026? मिथिला पंचांग के अनुसार, इस साल जितिया व्रत 3 अक्टूबर, शनिवार को रखा जाएगा. जितिया व्रत आश्विन कृष्ण अष्टमी तिथि को रखा जाता है. अष्टमी तिथि सुबह 7 बजकर 59 मिनट से शुरू होगी. अष्टमी तिथि की समाप्ति 4 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगी. कब होगा जितिया व्रत का पारण? मिथिला और महावीर पंचांग के अनुसार, जितिया व्रत का पारण मातृ नवमी (आश्विन कृष्ण नवमी) के दिन किया जाता है. इस साल जितिया व्रत का पारण 4 अक्टूबर, रविवार को किया जाएगा. नवमी को सूर्य उदय के बाद व्रत का पारण करना शुभ माना गया है. ये भी पढ़ें: Shardiya Navratri 2026: कब से शुरू होगा शारदीय नवरात्र? जानें 9 दिनों का पूरा कैलेंडर और पूजन नियम जितिया व्रत का महत्व संतान की सुख-समृद्धि, लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए स्त्रीएं जितिया (जीवितपुत्रिका) व्रत रखती हैं. माताएं अपने संतान के खुशहाल और समृद्ध जीवन के लिए बिना जल और अन्न खाए 24-36 घंटे का कठिन व्रत रखती हैं. व्रत के दौरान जीमूतवाहन की कथा सुनी जाती है. The post Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत पर बन रहा ‘खर जितिया’ का दुर्लभ संयोग, जानें तारीख और महत्व appeared first on Naya Vichar.

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Disha Salian Case: सतीश सालियान पहुंचे ‘मातोश्री’, कानूनी टीम के साथ निकले बाहर, बोले- ‘ये मीडिया की जीत’

Disha Salian Case: मुंबई में दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान शनिवार (19 सितंबर) को शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे के घर ‘मातोश्री’ पहुंचे. उनके साथ उनकी कानूनी टीम भी मौजूद थी. मुलाकात के बाद सतीश सालियान अपनी कानूनी टीम के साथ ‘मातोश्री’ से बाहर निकलते हुए नजर आए. इस दौरान उनके साथ वकीलों की टीम भी थी. यहां सतीश सालियान ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि यह संविधान की जीत है. यह मीडिया की जीत है. नोटिस रिसीव किया जा चुका है. देखें वीडियो. नोटिस में माफी मांगने और 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई सतीश सालियान की ओर से कोर्ट में केस लड़ रहे वकील निलेश ओझा ने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे को कानूनी नोटिस भेजा गया है. नोटिस में माफी मांगने और 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई है. वकील ने कहा कि यह नोटिस कथित धमकी के मामले को लेकर भी भेजा गया है. उन्होंने कहा कि संविधान के तहत कानून की नजर में सभी लोग बराबर हैं. ये भी पढ़ें: Disha Salian Case: ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस और 7 दिन का अल्टीमेटम, बुरे फंसे आदित्य ठाकरे-अनिल देशमुख दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मौत हो गई थी. वह मुंबई के मलाड इलाके में एक आवासीय इमारत की 12वीं मंजिल से गिर गई थीं. इस घटना के बाद दिशा सालियान की मौत को लेकर कई सवाल भी उठे. वकील निलेश ओझा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि उनके एक जूनियर वकील की ओर से कानूनी नोटिस दिया गया. दिशा सालियान को जानने से इनकार कर चुके हैं आदित्य ठाकरे आदित्य ठाकरे दिशा सालियान को जानने से इनकार कर चुके हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा था कि वह दिशा से कभी नहीं मिले. ठाकरे ने मामले से बार-बार अपना नाम जोड़े जाने को बिना सबूत उनकी छवि खराब करने की कोशिश बताया था. उन्होंने यह भी कहा था कि दिशा की मौत की नई जांच जारी रहनी चाहिए और इसमें नेतृत्व को बीच में नहीं लाया जाना चाहिए. The post Disha Salian Case: सतीश सालियान पहुंचे ‘मातोश्री’, कानूनी टीम के साथ निकले बाहर, बोले- ‘ये मीडिया की जीत’ appeared first on Naya Vichar.

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नंगे पैर किया प्रचार, निर्दलीय लड़े और जीत गए, कौन हैं DUSU के नए उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन?

DUSU Election Result: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है. पूर्व एनएसयूआई सदस्य शौकीन ने इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ा और 30 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए. चुनाव प्रचार के दौरान नंगे पैर चलने का उनका फैसला भी चर्चा में रहा. उनके उपाध्यक्ष चुने जाने और एबीवीपी के तीन केंद्रीय पद जीतने की पुष्टि चुनाव नतीजों की रिपोर्टों में भी हुई है. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी DUSU चुनाव में इस बार उपाध्यक्ष पद का नतीजा अलग रहा. एबीवीपी और एनएसयूआई जैसे प्रमुख छात्र संगठनों के उम्मीदवारों के बीच निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की. शौकीन पहले एनएसयूआई से जुड़े थे, लेकिन इस बार उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा. नंगे पैर किया चुनाव प्रचार दीपांशु शौकीन के चुनाव प्रचार की खास बात उनका नंगे पैर चलना रहा. शौकीन के मुताबिक नंगे पैर चलने से होने वाली शारीरिक परेशानी उन्हें लगातार विश्वविद्यालय के छात्रों की रोजमर्रा की समस्याओं की याद दिलाती रही. उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले करीब 1.5 लाख छात्रों को भी अपने दैनिक जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसी वजह से उन्होंने संकल्प लिया था कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह छात्रों की समस्याओं को हल करने का प्रयास करेंगे. दीपांशु शौकीन ने कहा- छात्रों ने ही मेरा चुनाव अभियान चलाया जीत के बाद दीपांशु शौकीन ने कहा कि छात्रों ने उन पर भरोसा जताया और उनके पूरे चुनाव अभियान में साथ दिया. शौकीन ने कहा कि वह चुनाव में छात्रों के सच्चे प्रतिनिधि के रूप में खुद को साबित करने के उद्देश्य से उतरे थे और उन्हें लगता है कि उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरा किया है. यह बहुत खुशी की बात है कि छात्रों ने मुझ पर रखे भरोसे को सही साबित किया. छात्रों ने ही मेरा पूरा चुनाव अभियान चलाया और मेरा भरपूर समर्थन किया- दीपांशु शौकीन छात्रों की समस्याओं को उठाने की कही बात दीपांशु शौकीन ने जीत के बाद छात्रों की समस्याओं को उठाने की बात भी कही है. उन्होंने कहा कि वह छात्रों को अपनी बात रखने का मौका देना चाहते हैं. शौकीन के मुताबिक इस बार DUSU को जवाबदेह बनाने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने चुनाव के दौरान छात्रों से किए गए वादों और उनकी समस्याओं पर काम करने की बात कही. दीपांशु शौकीन को मिले 30 हजार से ज्यादा वोट दिए गए नतीजों के मुताबिक दीपांशु शौकीन ने 30,634 वोट हासिल कर उपाध्यक्ष पद जीता. वह इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में थे. चुनाव परिणामों में एबीवीपी ने केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पद जीते, जबकि उपाध्यक्ष का पद निर्दलीय दीपांशु शौकीन के नाम रहा. यश डबास बने DUSU अध्यक्ष अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास ने जीत दर्ज की. उन्हें 24,576 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई के विजय मीना को 22,523 वोट मिले. सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे. इस तरह केंद्रीय पैनल के चार पदों में से तीन एबीवीपी के खाते में गए और उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार ने जीता. 40.46 प्रतिशत हुआ मतदान DUSU चुनाव के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 मतदान केंद्रों पर दो चरणों में वोटिंग हुई. इस बार कुल 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले तीन सालों में सबसे अधिक रहा. पिछले साल मतदान प्रतिशत 39.5 था. एबीवीपी, एनएसयूआई और AISA-SFI गठबंधन समेत प्रमुख छात्र संगठनों के कुल 20 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. मतगणना दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के बहुउद्देशीय हॉल में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई. Also Read: DUSU Election Results : एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर किया कब्जा, निर्दलीय दीपांशु शौकीन बने उपाध्यक्ष; NSUI-0 The post नंगे पैर किया प्रचार, निर्दलीय लड़े और जीत गए, कौन हैं DUSU के नए उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन? appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में बाढ़: CM सम्राट चौधरी ने राहत कोष में दी अपनी एक महीने की सैलरी, सांसद-विधायकों से भी भाजपा ने की ये अपील

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ और आपदा की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक महीने के वेतन की राशि दान की है. उन्होंने 2 लाख 70 हजार रुपये का चेक मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह को सौंपा. CM सम्राट ने राहत कोष में सौंपा वेतन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ में यह चेक सौंपा. उन्होंने अपने एक महीने के वेतन की पूरी राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में दी है. इस राशि का इस्तेमाल आपदा से प्रभावित और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष जरूरतमंद लोगों की सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने राज्यवासियों के साथ-साथ समाज के समृद्ध और सक्षम लोगों से भी राहत कोष में अधिक से अधिक राशि दान करने की अपील की. ‘सक्षम लोग आगे आएं, प्रभावितों की ज्यादा मदद होगी’ सम्राट चौधरी ने कहा कि समाज के सक्षम लोगों की सहभागिता से राहत और सहायता के काम को और प्रभावी बनाया जा सकता है. उन्होंने लोगों से आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आने की अपील की. मुख्यमंत्री के एक महीने का वेतन राहत कोष में देने के फैसले के बीच नेतृत्वक दलों की ओर से भी आर्थिक सहयोग की घोषणाएं की गई हैं. बिहार भाजपा ने दिए 51 लाख रुपये बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने 18 सितंबर को पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये का चेक दिया. उन्होंने लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ सभागार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर यह राशि सौंपी. इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का आभार जताया. उन्होंने कहा कि यह राशि आपदा और कठिन परिस्थितियों में जरूरतमंद लोगों की सहायता में उपयोगी होगी. भाजपा के सांसद-विधायक भी देंगे एक महीने का वेतन बिहार भाजपा की ओर से 51 लाख रुपये देने के साथ ही पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों के एक-एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की गई है. इससे बाढ़ प्रभावित लोगों के राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त आर्थिक संसाधन उपलब्ध होंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें JDU प्रदेश अध्यक्ष ने भी की वेतन देने की घोषणा जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी बाढ़ राहत के लिए अपना एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की है. उन्होंने जेडीयू के सभी विधायकों से भी बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए अपना एक महीने का वेतन राहत कोष में देने का आग्रह किया है. चिराग पासवान ने भी किया आर्थिक सहयोग का ऐलान केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी बाढ़ प्रभावित बिहार के लिए पार्टी की ओर से आर्थिक सहयोग की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि पार्टी का हर सांसद, विधायक और विधान पार्षद अपना एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देगा. वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने अपने तीन महीने के वेतन की राशि 6.35 लाख रुपये राहत कोष में देने की घोषणा की है. उन्होंने बिहार में बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखे जाने की बात कही है. नितिन नवीन के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, कम्युनिटी किचन, चिकित्सा सुविधाएं और पशु चारे की व्यवस्था की जा रही है. बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमें भी तैनात हैं. Also Read: JDU में मतभेद की समाचारों के बीच ललन सिंह की सफाई, बोले- पार्टी पूरी तरह एकजुट, अनंत सिंह-नीरज विवाद पर साधी चुप्पी The post बिहार में बाढ़: CM सम्राट चौधरी ने राहत कोष में दी अपनी एक महीने की सैलरी, सांसद-विधायकों से भी भाजपा ने की ये अपील appeared first on Naya Vichar.

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नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस को झटका, प्रत्याशी मिलन प्रधान 3 अक्टूबर तक रहेंगे जेल में

नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को शुक्रवार (18 सितंबर) को गिरफ्तार किया गया था. शनिवार (19 सितंबर) को उन्हें 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. वहीं, 4 अक्टूबर को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है. ऐसे में उनकी न्यायिक हिरासत के बीच चुनाव प्रचार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. एक पुलिस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘‘प्रधान को 2007 में दर्ज चार मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था… ये मामले दंगा, हत्या और आपराधिक धमकी से जुड़े हैं.’’ पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान पर 2007 के जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े मामलों में शामिल होने का आरोप है. इनमें दंगा, हत्या और आपराधिक धमकी के मामले शामिल हैं. प्रधान को शनिवार को अदालत में पेश किया गया. उन्हें शुक्रवार शाम पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था. उनके साथ कांग्रेस नेता सुभाशीष भट्टाचार्य को भी पकड़ा गया. प्रधान की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने कोलकाता में रैली निकालने का फैसला किया है. ये भी पढ़ें: कांग्रेस का दावा : नंदीग्राम से पार्टी उम्मीदवार गिरफ्तार, ममता बनर्जी के समर्थन के कुछ घंटे बाद कार्रवाई एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘इनमें तीन नंदीग्राम और एक खेजुरी थाने में दर्ज मामले शामिल हैं… ये मामले हिंदुस्तानीय दंड संहिता (आईपीसी) और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज किए गए थे.’’ पश्चिम बंगाल पुलिस ने शनिवार को कहा कि प्रधान ‘‘फरार’’ थे और उन्हें काफी समय से लंबित चार गैर-जमानती वारंट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है. राज्य पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘गिरफ्तार व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या, हत्या की कोशिश, हत्या के इरादे से अपहरण, सबूत मिटाना, घर में जबरन घुसना और घातक हथियारों का इस्तेमाल कर दंगा करने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं. कुछ मामलों में शस्त्र अधिनियम के प्रावधान भी लगाए गए हैं.’’ पुलिस के अनुसार, ‘‘चुनाव और उपचुनाव के दौरान हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग की ओर से इस तरह की कार्रवाई के लिए स्थायी निर्देश जारी होते हैं. एक विशेष अभियान के तहत इन निर्देशों का पालन करते हुए प्रधान की गिरफ्तारी होना एक कानूनी कार्रवाई है.’’ The post नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस को झटका, प्रत्याशी मिलन प्रधान 3 अक्टूबर तक रहेंगे जेल में appeared first on Naya Vichar.

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DUSU Election Results : एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर किया कब्जा, निर्दलीय दीपांशु शौकीन बने उपाध्यक्ष; NSUI-0

DUSU Election Results : दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी (ABVP) ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर जीत दर्ज की है. निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन को उपाध्यक्ष पद पर जीत मिली है. शुरुआत में एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा अध्यक्ष पद के वोटों की गिनती में आगे चल रहे थे. अध्यक्ष पद के चुनाव में दोनों उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर हुई. यश डबास ने एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 2,053 मतों के अंतर से हराया है. यह हर उस स्टूडेंट्स की जीत है,जो हमारे साथ खड़ा था : यश डबास अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने वाले ABVP के प्रत्याशी यश डबास ने पीटीआई न्यूज एजेंसी से बात करते कहा कि यह स्टूडेंट्स की जीत है. यह सद्भाव की जीत है, संघ की जीत है और देशभक्तों की जीत है. यह हर उस स्टूडेंट की जीत है जो इस संघर्ष में हमारे साथ खड़ा रहा, पिछले कई सालों से हमारे सभी कामों में हमारे साथ हाथ मिलाया और हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे. यश डबास ने कहा कि हम चाहते हैं कि राहुल गांधी स्टूडेंट पॉलिटिक्स में और भी ज्यादा शामिल हों, क्योंकि वह जितना ज्यादा शामिल होंगे, NSUI उतना ही कमजोर होता जाएगा. एजेंडे पर बात करते हुए यश डबास ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता हॉस्टल और PG का सेफ्टी ऑडिट करना है, क्योंकि हम नहीं चाहते कि सत्य निकेतन जैसी कोई और घटना दोबारा हो. मैं सभी स्टूडेंट्स को मुझ पर भरोसा करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं और मैं वादा करता हूं कि मैं आपके बीच रहूंगा और आपके सामने आने वाले हर एक मुद्दे के लिए लड़ूंगा. मैं यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स की आवाज बनूंगा : दीपांशु शौकीन उपाध्यक्ष का चुनाव जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत के बाद कहा कि यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के लिए मैंने जो यह लड़ाई शुरू की है, वह इसी तरह जारी रहेगी. मैं उनकी आवाज बनूंगा और उनके हक के लिए लड़ूंगा. जहां भी उनके साथ कुछ गलत होगा, मैं सबसे पहले खड़ा होकर उनके लिए लड़ूंगा. मेरी प्राथमिकता स्त्रीओं की सुरक्षा : रिया छावड़ी DUSU के चुनाव में सेक्रेटरी के पद पर जीत करने वाली ABVP की रिया छावड़ी ने कहा कि मेरी प्राथमिकता स्त्रीओं की सुरक्षा है. एक स्त्री उम्मीदवार के तौर पर, मैं यह पक्का करूंगी कि दिल्ली यूनिवर्सिटी की हर लड़की सुरक्षित महसूस करे. हमने अपने मैनिफेस्टो में जो चीजें शामिल की हैं, वे हमारे कमिटमेंट हैं और हम उन्हें पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे. रिया छावड़ी ने कहा कि जब किसी ने पहले पूछा कि NSUI 4-0 से जीत का दावा कर रहा है, तो मैंने कहा कि यह सच में 4-0 है, लेकिन उन्हें जीरो मिला है. ये भी पढ़ें: छात्र की मौत के बाद IIT बंबई के खिलाफ दर्ज हुई FIR, एग्जाम के दौरान मोबाइल पर ChatGPTके इस्तेमाल का है आरोप के इस्तेमाल का है आरोप The post DUSU Election Results : एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर किया कब्जा, निर्दलीय दीपांशु शौकीन बने उपाध्यक्ष; NSUI-0 appeared first on Naya Vichar.

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Mercury Transit: तुला राशि में बुध का गोचर, इन 5 राशियों के खुलेंगे किस्मत के द्वार; मिलेगा बंपर धनलाभ

Mercury Transit in Libra: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, व्यापार, वाणी, बौद्धिक क्षमता, कार्यकुशलता का कारक बताया गया है. बुध को 9 ग्रहों में राजकुमार माना गया है. ग्रहों में राजकुमार बुध गोचर करने जा रहा है. बुध ग्रह 26 सितंबर 2026 को तुला राशि में प्रवेश करेगा. बुध का तुला में गोचर किन राशियों के लिए फायदेमंद है. साथ ही इसका आर्थिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, ज्योतिषाचार्य पं.धनंजय पांडेय बता रहे हैं. बुध गोचर 2026: इन 5 राशियों को मिलेगा विशेष लाभ 1. वृषभ राशि बुध गोचर की अवधि में आर्थिक स्थिति अच्छी होगी. व्यापार करने वाले जातकों को निवेश से लाभ होगा. नौकरी करने वाले जातकों की आमदनी में वृद्धि होगी. वाणी से जुड़ा दोष दूर होगा. स्किन से जुड़ी बीमारी में सुधार होगा. कर्ज की समस्या का हल निकल सकता है. मानसिक स्थिति पहले से अच्छी रहेगी. बड़ी बहन के सहयोग से कोई बड़ा आर्थिक काम बनेगा. 2. मिथुन राशि कार्यक्षेत्र में सोचने-समझने की क्षमता बढ़ेगी. आवश्यक कार्यों को लेकर लिए जाने वाले निर्णयों पर नियंत्रण बना रहेगा. धन से जुड़ा कोई ऐसा काम जो पहले से बिगड़ रहा था, वह पूरा हो सकता है. दैनिक आमदनी में वृद्धि होगी. व्यापार में आमदनी के साधन बढ़ेंगे. परिवार में छोटे भाई का सहयोग मिलेगा, जो भविष्य के लिए फायदेमंद होगा. ये भी पढ़ें: Mercury Transit: बुध के नक्षत्र परिवर्तन से 4 राशि वालों को मिलेगी सफलता, चौतरफा लाभ के योग 3. सिंह राशि व्यापार में निवेश का लाभ मिल सकता है. गोचर की अवधि में धन से जुड़ा महत्वपूर्ण काम पूरा होगा. छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति के योग हैं. व्यापार में आर्थिक उन्नति के साथ विस्तार होगा. शिक्षा से जुड़े जातकों की आर्थिक उन्नति होगी. माता से आर्थिक सहयोग मिलेगा. 4. कन्या राशि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ा शुभ समाचार मिलेगा. परिवार में धन की स्थिति और अच्छी होगी. बड़ी बहन, बुआ या नानी से अचानक धन लाभ हो सकता है. शेयर बाजार से जुड़ा आवश्यक काम सफल होगा. बैंकिंग के क्षेत्र में काम करने वालों की आमदनी बढ़ सकती है. ये भी पढ़ें: Mars Transit: 23 दिनों तक पुष्य नक्षत्र में रहेंगे मंगल, किन 6 राशि के जातकों को धन और सेहत के मोर्चे पर रहना होगा सावधान? 5. तुला राशि व्यापार में रुका हुआ पैसा मिल सकता है. कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से आर्थिक सहयोग मिल सकता है. दैनिक आमदनी में वृद्धि के कई योग हैं. परिवार में बड़ी बहन या माता से आर्थिक सहयोग मिल सकता है. विदेशी कारोबार से धन आएगा. The post Mercury Transit: तुला राशि में बुध का गोचर, इन 5 राशियों के खुलेंगे किस्मत के द्वार; मिलेगा बंपर धनलाभ appeared first on Naya Vichar.

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सीएम भगवंत मान के विरोध में अंडे-टमाटर लेकर पहुंचे रवनीत बिट्टू, पुलिस ने हिरासत में लिया

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. बिट्टू पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को टमाटर, शराब की बोतलें और अंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया. बिट्टू ने पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) गेट के पास मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ प्रदर्शन किया, जब सीएम का काफिला उस इलाके से गुजर रहा था. इससे पहले बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि पठानकोट में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में शामिल होने जा रहे उनके काफिले को करीब 500 लोगों ने घेर लिया और हमला किया. बिट्टू ने पंजाब की आम आदमी पार्टी प्रशासन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई. बिट्टू ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले को घेरा, उन्हें धमकी दी और वाहनों के शीशे तोड़े. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग हथियारों से लैस थे. बिट्टू के मुताबिक, उनके पास जेड-प्लस सुरक्षा है और करीब 100 सुरक्षाकर्मी उनके साथ थे. ‘पुलिस ने काफिला धीमा कराया’ रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया कि घटना के समय डीएसपी और एसपी भी मौके पर मौजूद थे. उन्होंने कहा कि घटना से ठीक पहले पुलिस ने उनके काफिले की रफ्तार कम कराई, जिसके बाद हमलावर वहां से निकल गए. बिट्टू ने दावा किया कि कुछ लोग दोबारा हमला करने पहुंचे और उनके लोगों ने एक व्यक्ति को पकड़ लिया. उन्होंने शैरी कलसी और जोबन पर हमले की अगुवाई करने का आरोप लगाया. हालांकि, ये आरोप भाजपा नेता के हैं और स्वतंत्र रूप से इनकी पुष्टि नहीं हुई है. FIR दर्ज करने की मांग बिट्टू ने कहा कि वह घटना को लेकर FIR दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं और सुबह करीब 9 बजे से SSP का इंतजार कर रहे थे. उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य के पुलिस महानिदेशक पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि हमले का मकसद भाजपा के एक वरिष्ठ नेता को डराना था, ताकि पार्टी के दूसरे नेताओं में भी भय पैदा हो. ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के दौरान हुआ कथित हमला भाजपा ने शुक्रवार को पंजाब में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है. पार्टी के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य राज्य में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना है. बिट्टू इसी अभियान में शामिल होने के लिए पठानकोट जा रहे थे, तभी उन्होंने अपने काफिले पर हमले का आरोप लगाया. राघव चड्ढा ने भी AAP पर लगाया आरोप भाजपा के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कथित हमले को लेकर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह घटना पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करती है. चड्ढा ने दावा किया कि अगर जेड-प्लस सुरक्षा प्राप्त पूर्व केंद्रीय मंत्री भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है. BJP स्त्री मोर्चा ने अभियान से ध्यान भटकाने का लगाया आरोप पंजाब भाजपा स्त्री मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर ने आरोप लगाया कि बिट्टू पर कथित हमला भाजपा के नशा विरोधी अभियान से ध्यान भटकाने की कोशिश है. उन्होंने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर राज्य प्रशासन पर निशाना साधा और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए. HS फूलका बोले- नशे के खिलाफ बोलने वालों को बनाया जा रहा निशाना भाजपा नेता एचएस फूलका ने भी पंजाब में नशे की समस्या को लेकर प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशीले पदार्थों की बिक्री व्यापक स्तर पर हो रही है और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है. बिट्टू के कथित हमले को उन्होंने इसी संदर्भ से जोड़कर देखा. विजय सांपला ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल भाजपा नेता विजय सांपला ने भी पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि पिछले दिनों भाजपा नेताओं के काफिलों को घेरा गया और नेताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता की स्थिति बनी हुई है. सांपला ने बिट्टू के कथित हमले और अमृतसर में एक ASI की हत्या का जिक्र करते हुए पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की ओर से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की बात कही. पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी BJP भाजपा ने घोषणा की है कि वह आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में सभी 117 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी. पार्टी का ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ अभियान राज्य में नशे के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की रणनीति का हिस्सा है. The post सीएम भगवंत मान के विरोध में अंडे-टमाटर लेकर पहुंचे रवनीत बिट्टू, पुलिस ने हिरासत में लिया appeared first on Naya Vichar.

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JDU में मतभेद की खबरों के बीच ललन सिंह की सफाई, बोले- पार्टी पूरी तरह एकजुट, अनंत सिंह-नीरज विवाद पर साधी चुप्पी

Bihar Politics: बिहार में जेडीयू के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के ट्रेनिंग कार्यक्रम से केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की दूरी को लेकर सवाल उठे. अब ललन सिंह ने खुद इन सवालों पर सफाई दी है. उन्होंने पार्टी में किसी भी तरह के मतभेद से इनकार किया है. पटना पहुंचे ललन सिंह ने कहा कि जेडीयू पूरी तरह एकजुट है और आपसी सहमति से चल रही है. वहीं, मोकामा विधायक अनंत सिंह और जेडीयू नेता नीरज कुमार के बीच चल रही बयानबाजी पर ललन सिंह ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने इसे दोनों नेताओं का आपसी मामला बताया. अनंत सिंह-नीरज विवाद पर क्या बोले ललन सिंह? ललन सिंह से अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद को लेकर सवाल पूछा गया. उन्होंने इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. ललन सिंह ने कहा कि यह दोनों का आपसी मामला है. अगर यह माना जा रहा है कि उनके बोलने से विवाद खत्म हो जाएगा, तो यह मीडिया की सोच है. उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थिति पहले ही साफ की जा चुकी है. अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में है. दोनों नेता एक-दूसरे पर बयान दे रहे हैं. पटना स्नातक सीट को लेकर भी दोनों के रुख अलग-अलग हैं. ‘जेडीयू में कोई मतभेद नहीं, पार्टी एकजुट’ ललन सिंह ने जेडीयू में मतभेद की चर्चाओं को खारिज किया. उन्होंने कहा कि यह सब फालतू की बातें हैं. इन्हें जरूरत से ज्यादा तूल दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है. जेडीयू में शुरू से ही आंतरिक लोकतंत्र की परंपरा रही है. फैसले आपसी राय-विचार और सहमति से लिए जाते हैं. ललन सिंह ने पार्टी के इतिहास का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 1994 में नीतीश कुमार ने समता पार्टी का गठन किया था. तभी से पार्टी में विचार-विमर्श और आपसी सहमति की परंपरा रही है. उनके मुताबिक, आज भी पार्टी उसी परंपरा से चल रही है. ट्रेनिंग कार्यक्रम में क्यों नहीं पहुंचे ललन सिंह? विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के ट्रेनिंग कार्यक्रम में शामिल नहीं होने पर भी ललन सिंह ने सफाई दी. उन्होंने बताया कि उस समय उनका कार्यक्रम गुजरात में था. कई विधायकों ने उन्हें फोन किया था. उन्होंने सभी को बताया कि उनका कार्यक्रम पहले से गुजरात में तय था और वह वहीं मौजूद थे. ललन सिंह के मुताबिक, रात करीब 9 बजे निशांत कुमार का भी फोन आया था. उन्होंने निशांत को भी अपने गुजरात कार्यक्रम की जानकारी दी. इसके बाद उन्होंने संजय झा से भी बात की और अपनी स्थिति स्पष्ट की. ललन सिंह ने साफ किया कि कार्यक्रम में उनकी गैरमौजूदगी का पार्टी के अंदर किसी नाराजगी से कोई संबंध नहीं है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें अनंत सिंह और नीरज की बयानबाजी क्यों चर्चा में? अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच काफी समय से बयानबाजी होती रही है. हाल के दिनों में यह विवाद फिर खुलकर सामने आया है. पटना स्नातक सीट को लेकर अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ अपना रुख साफ किया है. वहीं, नीरज कुमार भी उनके आरोपों पर जवाब दे चुके हैं. अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर कई आरोप लगाए हैं. उन्होंने पुराने AK-47 मामले को लेकर भी सवाल उठाए और नार्को टेस्ट की बात कही. नीरज कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर आरोपों के सबूत हैं, तो अदालत का रुख किया जाए. ये आरोप और जवाब दोनों नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर आधारित हैं. ललन सिंह ने विवाद से बनाई दूरी ललन सिंह ने अनंत सिंह और नीरज कुमार के विवाद में हस्तक्षेप करने से दूरी बना ली है. उन्होंने इसे दोनों नेताओं का व्यक्तिगत मामला बताया. साथ ही उन्होंने जेडीयू में किसी भी तरह के मतभेद की चर्चा को खारिज किया. उनका कहना है कि पार्टी पहले की तरह ही आपसी विचार-विमर्श और सहमति के आधार पर चल रही है. Also Read:नीरज कुमार को अनंत सिंह की खुली चुनौती, बोले- बजरंगबली मंदिर के सामने आमने-सामने होंगे, AK-47 मामले पर भी उठाए सवाल The post JDU में मतभेद की समाचारों के बीच ललन सिंह की सफाई, बोले- पार्टी पूरी तरह एकजुट, अनंत सिंह-नीरज विवाद पर साधी चुप्पी appeared first on Naya Vichar.

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