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WhatsApp पर ‘जय माता दी’ लिखने से मुफ्त में मिलेगा iPhone 17! जानिए 22 सितंबर से शुरू हो रहे फ्री आईफोन लंगर की पूरी डिटेल

ऐपल का नया स्मार्टफोन खरीदने के लिए जहां एक तरफ लोग दुकानों के बाहर लंबी कतारों में लग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पंजाब में एक अनोखे आयोजन की समाचार ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है. अमृतसर के जाने-माने कारोबारी और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर राकेश त्रेहान (राजा डी किंग) ने चंडीगढ़ और मोहाली में ‘आईफोन लंगर’ आयोजित करने का औपचारिक ऐलान किया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस अनोखे गिवअवे इवेंट के तहत लोगों को मुफ्त में प्रीमियम आईफोन बांटे जाएंगे. सोशल मीडिया पर इस ऐलान के सामने आने के बाद से ही ट्राइसिटी (चंडीगढ़ + मोहाली + पंचकूला) के युवाओं और गैजेट लवर्स के बीच जबरदस्त उत्सुकता देखने को मिल रही है. 22 सितंबर से लाइव इवेंट की शुरुआत, जनता और मीडिया के सामने निकलेंगे लकी ड्रॉ राकेश त्रेहान के मुताबिक, यह आयोजन पूरी तरह से पारदर्शी रहेगा और इसका वितरण जनता तथा मीडिया की मौजूदगी में लाइव किया जाएगा. इवेंट की आधिकारिक शुरुआत 22 सितंबर से चंडीगढ़ के उसी स्थान पर होगी जहां पहले एक कार्यक्रम की योजना बनाई गई थी. शुरुआत में 1,000 लोगों के ग्रुप को इस गिवअवे में शामिल करने की व्यवस्था की जा रही है. पहले चरण में चुने गए भाग्यशाली विजेताओं के नाम का पर्चा सबके सामने निकाला जाएगा और उन्हें ऑन-द-स्पॉट ही नया आईफोन सौंप दिया जाएगा. सोशल मीडिया पोस्ट यहां देखें सिर्फ iPhone 17 और उससे ऊपर के मॉडल बांटे जाएंगे: मॉडल के चयन का दिलचस्प कारण आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि इस गिवअवे में सिर्फ आईफोन 17 और उसके बाद के लेटेस्ट मॉडल्स ही बांटे जाएंगे, जबकि पुराने iPhone 16 जैसे वेरिएंट्स को इससे बाहर रखा गया है. इसके पीछे का कारण बताते हुए राकेश त्रेहान ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर किसी को पुराना मॉडल मिलता तो वह शिकायत करता कि उसे कमतर फोन क्यों दिया गया. इसलिए सभी विजेताओं के लिए केवल प्रीमियम iPhone 17 सीरीज के फोन की ही व्यवस्था की जा रही है. चंडीगढ़ में 100 और मोहाली में 200 फोन बांटने का शुरुआती लक्ष्य रखा गया है. व्हाट्सऐप ग्रुप में नियम: प्रतिदिन लिखना होगा ‘जय माता दी’ इस गिवअवे में शामिल होने की शर्त बेहद अलग और दिलचस्प रखी गई है. पार्टिसिपेट करने वाले लोगों के लिए एक विशेष व्हाट्सऐप ग्रुप तैयार किया गया है. ग्रुप के सदस्यों को हर रोज बिना भूले नियम से ‘जय माता दी’ मैसेज टाइप करना होगा. यदि कोई व्यक्ति किसी दिन मैसेज लिखना भूल जाता है, तो उसे अगले दिन दो बार यह मैसेज लिखकर इसकी भरपाई करनी होगी. आयोजकों की टीम इस ग्रुप एक्टिविटी पर निगरानी रखेगी, और जो सदस्य इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उन्हें लकी ड्रॉ प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा. कौन हैं राकेश त्रेहान और क्या रहा है उनका पुराना ट्रैक रिकॉर्ड? अमृतसर के रहने वाले राकेश त्रेहान ‘राजा डी किंग’ के नाम से भी जाने जाते हैं और मुख्य रूप से क्रिप्टो ट्रेडिंग तथा रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं. इससे पहले भी वे अपनी इसी अनोखी दरियादिली और सामाजिक गिवअवे आयोजनों के कारण सुर्खियों में आ चुके हैं. इससे पूर्व उन्होंने चंडीगढ़ में टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर के लिए ₹500 तथा फोर-व्हीलर चालकों के लिए ₹1,000 के फ्री ‘पेट्रोल लंगर’ का ऐलान किया था. हालांकि, भारी भीड़ और अचानक बारिश के कारण सुरक्षा कारणों से उस पेट्रोल पंप को बंद करना पड़ा था और कार्यक्रम टाल दिया गया था. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) Q1: चंडीगढ़ में ‘आईफोन लंगर’ का आयोजन कब और कहां होगा? उत्तर: इस गिवअवे का पहला लाइव इवेंट 22 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में मीडिया और जनता की मौजूदगी में आयोजित किया जाएगा. Q2: मुफ्त आईफोन पाने के लिए क्या मुख्य शर्त रखी गई है? उत्तर: इसके लिए बनाए गए विशेष व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ना होगा और प्रतिदिन ‘जय माता दी’ मैसेज भेजना अनिवार्य होगा. Q3: इस गिवअवे में ऐपल के कौन से मॉडल बांटे जाएंगे? उत्तर: आयोजकों के अनुसार केवल iPhone 17 और उससे ऊपर के लेटेस्ट मॉडल्स ही विजेताओं को दिए जाएंगे. ये भी पढ़ें: iPhone 18 Pro या Pro Max? जानिए ₹15,000 के अंतर में आपको क्या ज्यादा मिलता है ये भी पढ़ें: ₹1.64 लाख के फोन के लिए रात भर कतार में खड़े रहे लोग! जानिए iPhone 18 Pro सीरीज में ऐसा क्या है खास The post WhatsApp पर ‘जय माता दी’ लिखने से मुफ्त में मिलेगा iPhone 17! जानिए 22 सितंबर से शुरू हो रहे फ्री आईफोन लंगर की पूरी डिटेल appeared first on Naya Vichar.

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रांची में भारत-वेस्टइंडीज टी20 मैच: कब से मिलेगा टिकट? बुकिंग का डेट आया सामने

IND vs WI Ranchi T20 Ticket: रांची के क्रिकेट प्रेमियों के लिए अक्टूबर में एक बार फिर इंटरनेशनल क्रिकेट का रोमांच लौटने वाला है. हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला 9 अक्टूबर 2026 को जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. शाम 7 बजे से शुरू होने वाले इस मुकाबले को लेकर फैंस में अभी से उत्साह है. वहीं, मैच के टिकटों की बिक्री को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है. टिकट बिक्री की प्रक्रिया को लेकर जेएससीए की ओर से तैयारियां चल रही हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 5 या 6 अक्टूबर से टिकटों की बिक्री शुरू होने की संभावना है. हालांकि, अभी जेएससीए ने टिकट बिक्री की अंतिम तारीख और कीमतों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद टिकट बिक्री की तारीख और अन्य जानकारी जारी की जाएगी. ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से मिलेंगे टिकट हिंदुस्तान-वेस्टइंडीज मुकाबले के लिए दर्शकों को टिकट खरीदने के लिए ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन विकल्प भी मिल सकता है. जेएससीए सचिव सौरभ तिवारी के बताया कि दर्शकों की सुविधा के लिए स्टेडियम में छह टिकट काउंटर बनाए जाएंगे. दर्शकों के पास ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन टिकट खरीदने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी. टिकट की बिक्री जल्द ही अक्टूबर के पहले सप्ताह के शुरुआत में हो सकती है. ये भी पढ़ें: झारखंड के क्रिकेट फैंस के लिए बुरी समाचार: रांची से छिन सकती है ऑस्ट्रेलिया टेस्ट की मेजबानी? कितनी होगी टिकट की कीमत? मैच के टिकट की कीमत को लेकर अभी दर्शकों का इंतजार खत्म नहीं हुआ है. अलग-अलग कैटेगरी के टिकट कितने रुपये में मिलेंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है. हालांकि, टिकट की शुरुआत 500 से 1000 रुपये होंगे. टिकटिंग से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जेएससीए की ओर से टिकटों की कीमत घोषित किए जाने की उम्मीद है. हिंदुस्तान बनाम वेस्टइंडीज रांची टी-20 मैच की जरूरी जानकारी जानकारी डिटेल क्या है हिंदुस्तान vs वेस्टइंडीज किसका मैच दूसरा टी-20 इंटरनेशनल कब होगा 9 अक्टूबर 2026 समय शाम 7 बजे कहां होगा JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम, रांची टिकट कब से 5 या 6 अक्टूबर से शुरू होने की संभावना कैसे खरीदें ऑनलाइन और ऑफलाइन ऑफलाइन काउंटर 6 टिकट की कीमत अभी आधिकारिक घोषणा बाकी करीब साढ़े तीन साल बाद रांची में टीम इंडिया का टी-20 मैच रांची में टीम इंडिया का टी-20 इंटरनेशनल देखने के लिए फैंस को लंबा इंतजार करना पड़ा है. यहां आखिरी टी-20 इंटरनेशनल 27 जनवरी 2023 को हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के बीच स्पोर्ट्सा गया था. उस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने हिंदुस्तान को 21 रन से हराया था. अब करीब साढ़े तीन साल बाद रांची में टीम इंडिया फिर टी-20 मुकाबला स्पोर्ट्सेगी. इससे पहले जेएससीए स्टेडियम में चार पुरुष टी-20 इंटरनेशनल स्पोर्ट्से जा चुके हैं. इनमें हिंदुस्तान ने तीन मुकाबले जीते हैं, जबकि 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ उसे हार मिली थी. 9 अक्टूबर का हिंदुस्तान-वेस्टइंडीज मुकाबला रांची में स्पोर्ट्सा जाने वाला पांचवां पुरुष टी-20 इंटरनेशनल होगा. ये भी पढ़ें: IND-AFG T20 Black Marketing: हिंदुस्तान-अफगानिस्तान T20 मैचों के बीच टिकट बेचने के आरोप में देर रात 19 गिरफ्तार The post रांची में हिंदुस्तान-वेस्टइंडीज टी20 मैच: कब से मिलेगा टिकट? बुकिंग का डेट आया सामने appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली में आज बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना, जानिए अगले 5 दिनों का मौसम

Delhi Weather Today, 19 September 2026: मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दिल्ली में आज यानी 19 सितंबर को आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. इसके साथ ही कहीं-कहीं या कुछ जगहों पर बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है. 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा सुबह के समय मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम दिशा से हवा चलने की संभावना है, जिसकी रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. दोपहर में उत्तर दिशा से हवा की गति बढ़कर 18 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. शाम और रात में उत्तर-पूर्व दिशा से हवा चलने की संभावना है और इसकी रफ्तार करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस कम रहने की संभावना है. वहीं, अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रह सकता है. 20 सितंबर 2026 को कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 20 सितंबर को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस कम रहेगा, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है. सुबह पूर्व दिशा से हवा चल सकती है, जिसकी रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहेगी. दोपहर में उत्तर दिशा से हवा की गति बढ़कर 18 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. शाम और रात में उत्तर-पूर्व दिशा से हवा चलेगी और इसकी रफ्तार करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. 21 सितंबर 2026 को दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा? आईएमडी के अनुसार, दिल्ली में मुख्य रूप से आसमान साफ रहने की संभावना है. जबकि बारिश की कोई संभावना नहीं है. अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस कम रहेगा, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है. सुबह दक्षिण-पूर्व दिशा से हवा चल सकती है, जिसकी रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी. दोपहर में उत्तर-पश्चिम दिशा से हवा की गति बढ़कर 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. शाम और रात में दक्षिण-पश्चिम दिशा से हवा चलेगी और इसकी रफ्तार घटकर करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. 22 सितंबर को कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम? आईएमडी के अनुसार , दिल्ली में मुख्य रूप से आसमान साफ रहने की संभावना है. जबकि बारिश की कोई संभावना नहीं है. अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. सुबह दक्षिण-पश्चिम दिशा से हवा चल सकती है, जिसकी रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी. दोपहर में उत्तर की दिशा से हवा की गति 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहेगी. शाम और रात में पूर्व की दिशा से हवा चलेगी और इसकी रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. 23 सितंबर को दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम का हाल? मौसम विभाग के अनुसार, दिल्लीमें 23 सितंबर को आसमान मुख्यत: साफ रहेंगे. जबकि बारिश की कोई संभावना नहीं है. अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. सुबह उत्तर-पश्चिम दिशा से हवा चल सकती है, जिसकी रफ्तार 5-10 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी. दोपहर में पूर्व की दिशा से हवा की गति 10-15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहेगी. शाम और रात में दक्षिण-पूर्व की दिशा से हवा चलेगी और इसकी रफ्तार10-15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. 24 सितंबर को कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम? मौसम विभाग के अनुसार, 24 सितंबर को दिल्ली में आसमान मुख्यत: साफ रहेगा. जबकि बारिश की कोई संभावना नहीं है. अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. सुबह दक्षिण-पूर्व दिशा से हवा चल सकती है, जिसकी रफ्तार 5-10 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी. दोपहर में उत्तर पश्चिम की दिशा से हवा की गति 15-20 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहेगी. शाम और रात में दक्षिण-पूर्व की दिशा से हवा चलेगी और इसकी रफ्तार10-15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. ये भी पढ़ें: 19 सितंबर को इन राज्यों में बदलेगा मौसम, भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी किया पूर्वानुमान The post दिल्ली में आज बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना, जानिए अगले 5 दिनों का मौसम appeared first on Naya Vichar.

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पलामू का वो पौधा, जिसने खींचा ट्रैवलर और इंफ्लूएंसर का ध्यान, जानें कास घास से जुड़े 20 GK सवाल-जवाब

Kash Phool Gk Questions: झारखंड का कास  का पौधा इन दिनों Gen Z के बीच सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. सफेद रेशमी फूलों वाली यह घास नदी किनारे, खेतों और खाली मैदानों में दूर तक फैली नजर आती है. दूर से एक लाइन में उगी हुई इन पौधों को अगर आप देखें तो ऐसा लगता है मानों जैसे प्रकृति ने सफेद चादर सी बिछा दी हो धरती पर. अपनी इसी प्राकृतिक खूबसूरती के कारण यह ट्रैवलर और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स का ध्यान खींच रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कास का पौधा सिर्फ सुंदरता के लिए ही खास नहीं है, बल्कि इसका पर्यावरण और स्थानीय जीवन में भी महत्व है. आइए, जानते हैं कास  के पौधे से जुड़े जनरल नॉलेज के सवाल-जवाब.  कास के पौधे के बारे में जानें कास एक तरह की जंगली घास है, जिसका वैज्ञानिक नाम Saccharum Spontaneum है. इसे अंग्रेजी में Kans Grass कहा जाता है. इसके सफेद और रेशमी फूल शरद ऋतु में खास तौर पर दिखाई देते हैं. हिंदुस्तान के कई हिस्सों में कास के फूलों को मानसून के कमजोर होने और शरद ऋतु के आगमन से जोड़कर देखा जाता है. झारखंड (Jharkhand News) के पलामू में भी कास के फूलों का खिलना लोकल लेवल पर मौसम के बदलाव के रूप में देखा जाता है.  कास के फूल का साइंटिफिक महत्व  लेकिन कास का महत्व केवल प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित नहीं है. यह नदी, नाले और अन्य वाटर बॉडी के किनारे मिट्टी को बांधने में मदद करता है. इसकी घनी जड़ें मिट्टी के कटाव को कम करने में सहायक हो सकती हैं. इसके झुरमुट पानी के साथ बहकर आने वाली मिट्टी और गाद को रोकने में भी भूमिका निभाते हैं.  कास के फूल से जुड़ी जानकारी (AI Generated Image) कमाई का सोर्स है कास का फूल  झारखंड में इस फूल से बिजनेस भी होता है. इनसे स्त्रीएं हैंडमेड टी कोस्टर, चटाई और टोकरी आदि तैयार करती हैं और फिर उन्हें लोकल मार्केट में बेचती हैं.  ये भी पढ़ें: AIIMS देवघर में MBBS स्टूडेंट्स को मिलता है कैसा खाना? सैंडविच से छोले-भटूरे तक, देखें पूरा मेन्यू कास के पौधे से जुड़े 20 General Knowledge सवाल-जवाब 1. कास के पौधे का वैज्ञानिक नाम क्या है? जवाब: कास के पौधे का वैज्ञानिक नाम Saccharum spontaneum है. 2. कास किस प्रकार का पौधा है? जवाब: कास एक प्रकार की जंगली घास है. 3. कास के फूल किस रंग के होते हैं? जवाब: कास के फूल आमतौर पर सफेद और रेशमी दिखाई देते हैं. 4. कास को अंग्रेजी में क्या कहा जाता है? जवाब: कास को अंग्रेजी में Kans Grass कहा जाता है. 5. झारखंड के किस जिले में कास घास चर्चा में है? जवाब: झारखंड के पलामू जिले में कास घास चर्चा में है. 6. कास का पौधा मुख्य रूप से कहां उगता है? जवाब: यह नदी-नालों के किनारे, खेतों और खाली मैदानों में उगता है. 7. कास के फूलों का खिलना किस मौसम के बदलाव का संकेत माना जाता है? जवाब: कास के फूलों का खिलना मानसून के कमजोर पड़ने और शरद ऋतु के आगमन का संकेत माना जाता है. 8. कास के फूल सामान्य तौर पर किस ऋतु में दिखाई देते हैं? जवाब: कास के फूल शरद ऋतु में प्रमुखता से दिखाई देते हैं. 9. कास की जड़ें पर्यावरण के लिए कैसे उपयोगी हैं? जवाब: इसकी घनी जड़ें मिट्टी को बांधने और मिट्टी के कटाव को कम करने में मदद करती हैं. 10. कास जलस्रोतों के लिए किस तरह उपयोगी हो सकता है? जवाब: इसके झुरमुट पानी के साथ आने वाली मिट्टी और गाद को रोकने में मदद कर सकते हैं. 11. कास का उपयोग किन हस्तशिल्प उत्पादों को बनाने में किया जाता है? जवाब: कास से टी कोस्टर, चटाई, टोकरी और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद बनाए जाते हैं. 12. पलामू में कास से जुड़ा कौन सा प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है? जवाब: पलामू में स्त्रीओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ‘प्रोजेक्ट कांस’ चलाया जा रहा है. 13. कास से जुड़े हस्तशिल्प काम से किसे रोजगार मिल रहा है? जवाब: कास से हस्तशिल्प बनाने के काम से ग्रामीण स्त्रीओं को रोजगार मिल रहा है. 14. कास किस तरह की जगहों पर तेजी से फैल सकता है? जवाब: कास नदी किनारे, खाली जमीन और खुले मैदानों जैसी जगहों पर फैल सकता है. 15. कास के पौधे की सबसे आसानी से पहचानी जाने वाली विशेषता क्या है? जवाब: इसके सफेद, रेशमी और गुच्छेदार फूल इसकी प्रमुख पहचान हैं. 16. कास को पारंपरिक रूप से मौसम से क्यों जोड़ा जाता है? जवाब: इसके फूलों के खिलने को बारिश के मौसम के कमजोर पड़ने और शरद ऋतु की शुरुआत से जोड़ा जाता है. 17. कास मिट्टी के कटाव को रोकने में कैसे मदद करता है? जवाब: इसकी घनी जड़ें मिट्टी को मजबूती से पकड़कर रखने में मदद करती हैं. 18. कास के झुरमुट जलस्रोतों के किनारे किस काम आ सकते हैं? जवाब: वे पानी के साथ आने वाली मिट्टी और तलछट को रोकने में सहायक हो सकते हैं. 19. कास का पौधा किस वजह से सोशल मीडिया पर आकर्षण का केंद्र बना है? जवाब: इसके सफेद फूलों और दूर तक फैले खूबसूरत झुरमुटों की वजह से यह ट्रैवलर और रील क्रिएटर्स को आकर्षित कर रहा है. 20. कास के पौधे का महत्व किन क्षेत्रों से जुड़ा है? जवाब: कास का महत्व प्राकृतिक सुंदरता, पर्यावरण, पारंपरिक मौसम संकेत और ग्रामीण रोजगार से जुड़ा है. ये भी पढ़ें: 11वीं-13वीं JPSC नियुक्ति रद्द करने पर प्रशासन की दलील, ‘दोषी और निर्दोष को अलग करना मुश्किल’ कास घास से जुड़े FAQ {“type”:”faq”,”question”:”1. कास घास क्या है?”,”answer”:”कास एक जंगली घास है, जिसका वैज्ञानिक नाम Saccharum spontaneum है. इसके सफेद रेशमी फूल इसकी खास पहचान हैं.”}{“type”:”faq”,”question”:”2. कास के फूल कब खिलते हैं?”,”answer”:”कास के फूल मुख्य रूप से शरद ऋतु में दिखाई देते हैं. इनके खिलने को मानसून के कमजोर पड़ने के प्राकृतिक संकेत के तौर पर भी देखा जाता है.”}{“type”:”faq”,”question”:”3. पलामू में कास क्यों चर्चा में है?”,”answer”:”पलामू में कास के सफेद फूलों से बने खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य ट्रैवलर और सोशल मीडिया क्रिएटर्स को आकर्षित कर रहे हैं.”}{“type”:”faq”,”question”:”4. क्या कास पर्यावरण के लिए उपयोगी है?”,”answer”:”हां. जलस्रोतों के किनारे इसकी

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बिहार में बाढ़ से 270 करोड़ की फसलें बर्बाद, जानिए कितना दिया जाएगा किसानों को अनुदान

Bihar Flood Farmers Compensation: बिहार में हर साल की तरह इस साल भी कई जिलों में बाढ़ की वजह से गंभीर स्थिति देखने के लिए मिली. लेकिन अब धीरे-धीरे पानी कम होने लगा है. इस बीच कृषि विभाग की ओर से एक रिपोर्ट जारी किया गया, जिसमें फसलों के नुकसान के बारे में बताया गया. टोटल 18 जिलों की आई रिपोर्ट जानकारी के मुताबिक, इस साल बाढ़ से लगभग 270 करोड़ रुपये की फसलें बर्बाद हुई हैं. कृषि विभाग ने 18 जिलों में फसल क्षति का रिपोर्ट जारी किया है. इसके साथ ही यह भी कहा गया कि जब बाढ़ का पानी पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, उसके बाद ही नुकसान का वास्तविक आकलन किया जा सकेगा. आशंका जताई जा रही है कि नुकसान का आंकड़ा बढ़ सकता है. इन दो जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान कृषि विभाग की रिपोर्ट की माने तो, सबसे ज्यादा फसल का नुकसान भागलपुर और पटना में हुआ है. बिहार के 102 प्रखंडों में लगभग 1.76 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है. भागलपुर, भोजपुर, समस्तीपुर और बेगूसराय में 10 हजार हेक्टेयर से भी ज्यादा क्षेत्र में फसल लगी थी, जो बर्बाद हो चुकी है. अगस्त महीने में गंगा, पुनपुन, गंडक, सोन समेत कई नदियों में उफान देखा गया. इसे लेकर निचले और दियारा इलाके में पानी भर गया. इससे किसानों की फसलें बर्बाद हुईं. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें केंद्रीय मंत्री और सीएम किए थे निरीक्षण केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुछ दिन पहले ही बाढ़ से नुकसान का निरीक्षण किया था. केंद्र की एक टीम भी इस दौरान मौजूद थी. निरीक्षण के दौरान नुकसान का आकलन किया गया. केंद्रीय मंत्री ने कहा था, लोगों की सहायता की जाएगी. किस फसल के लिए कितना दिया जाएगा अनुदान? किसानों को मिलने वाले अनुदान के बारे में बताया गया कि 33 प्रतिशत से अधिक फसल की क्षति होने पर किसानों को अनुदान दिया जाता है. जानकारी के मुताबिक, सबसे अधिक धान, मक्का, सब्जी, केला आदि फसलों को नुकसान हुआ है. ऐसे में कृषि विभाग आकस्मिक फसल योजना के तहत अगात मटर, आगत सरसों और रबी मक्का का बीज प्रभावित किसानों को नि:शुल्क देगा. इसके साथ ही आपदा राहत के प्रावधानों की माने तो, फसल नुकसान अगर असिंचित क्षेत्र में हुआ है तो प्रति हेक्टेयर 8500 मिलेंगे जबकि सिंचित क्षेत्र में क्षति पर 17 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा. बहुवर्षीय फसल के लिए 22 हजार 500 रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा. गौर करने वाली बात यह है कि एक किसान को ज्यादा से ज्यादा दो हेक्टेयर के लिए अनुदान मिलता है. इस योजना की माने तो, सिंचित क्षेत्र के लिए कम से कम 2000 रुपये, असिंचित क्षेत्र के लिए कम से कम 1000 रुपये और बहुवर्षीय फसल के लिए न्यूनतम 2500 रुपये सहायता देने का अनुदान है. Also Read: बिहार का मौसम: राज्य में आज कहां होगी बारिश? इन 13 जिलों में IMD का अलर्ट, जानिए अपने शहर का हाल The post बिहार में बाढ़ से 270 करोड़ की फसलें बर्बाद, जानिए कितना दिया जाएगा किसानों को अनुदान appeared first on Naya Vichar.

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ऑर्केस्ट्रा में जमीन से चुनते थे पैसे, ‘सांसों की माला’ ने बना दिया स्टार, Mirzapur के इस सिंगर की दिलचस्प कहानी…

किसी महफिल में जब लोग कलाकारों पर पैसे उड़ाते हैं, तो आमतौर पर उन नोटों को देखकर खुशी होती है. लेकिन मधुर शर्मा के लिए उन उड़ते हुए नोटों की कहानी कुछ और थी. वह उन नोटों को जमीन से चुनते थे. कभी ₹400 मिल जाते थे, तो कभी सिर्फ ₹50. यही उनकी फीस हुआ करती थी. आज वही मधुर शर्मा ‘मिर्जापुर’ के लिए ‘सांसों की माला’ रीक्रिएट कर चुके हैं और उनकी आवाज बॉलीवुड तक पहुंच चुकी है. लेकिन जमीन से नोट चुनने से लेकर लाखों लोगों के दिलों तक पहुंचने का यह सफर इतना आसान नहीं था. इसके पीछे बचपन का दर्द, परिवार को खोने का सदमा और सालों की मेहनत छिपी है. 10 साल की उम्र में सिर से उठ गया पिता का साया मध्य प्रदेश के विदिशा से आने वाले मधुर शर्मा ने नया विचार से खास बातचीत में अपनी जिंदगी के उस दौर को याद किया, जब उन्होंने महज 10 साल की उम्र में पिता को खो दिया था. मधुर के पिता ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करते थे. इसके साथ ही उन्हें संगीत से भी बेहद लगाव था. वह कई बार जागरण में बतौर सिंगर परफॉर्म किया करते थे. घर में संगीत का माहौल था, लेकिन मधुर का सपना सिंगर बनने का नहीं था. वह डांसर बनना चाहते थे. फिर अचानक पिता इस दुनिया से चले गए और जिंदगी ने ऐसी करवट ली, जिसने मधुर के सारे सपनों और सोच को बदल दिया. मधुर कहते हैं, “फिर किस्मत बदली और हमें उस दौरान कई रिएलिटी चेक मिली. वो बहुत ही खराब दौर है, जिस पर बात नहीं करना चाहता.” कुछ दर्द ऐसे होते हैं, जिन्हें याद करना भी आसान नहीं होता. मधुर के लिए पिता को खोने का वह दौर शायद ऐसा ही था. पिता की कमी ने जिंदगी को दूसरी दिशा में मोड़ दिया हालात बदले तो मधुर ने सिंगिंग शुरू की. उन्होंने कवर सॉन्ग गाने शुरू किए. लेकिन सोशल मीडिया पर पहचान बनने से पहले उनकी असली ट्रेनिंग छोटे-छोटे मंचों और ऑर्केस्ट्रा में हुई. मधुर करीब आठ साल तक ऑर्केस्ट्रा में बतौर कोरस सिंगर गाते रहे. यही वह दौर था, जब उन्होंने संगीत को सिर्फ गाना नहीं, बल्कि जीना सीखा. और इसी दौरान उन्हें पहली कमाई भी मिली. महफिल खत्म होती और मधुर जमीन से पैसे चुनते ऑर्केस्ट्रा की महफिलों में जब लोग कलाकारों पर पैसे उड़ाते थे, तो कार्यक्रम खत्म होने के बाद मधुर उन पैसों को चुनते थे. वह बताते हैं, “जब मैं ऑर्केस्ट्रा में गाया करता था, तो वहां महफिलों में पैसे उड़ाए जाते थे. उन पैसों को चुनते वक्त जितने की कमाई हुई, समझो वही मेरी फीस रही. ऐसा भी रहा कि कभी चार सौ तो कभी महज पचास रुपये भी मिले हैं.” आज यह बात सुनना शायद आसान हो, लेकिन उस वक्त यही उनकी मेहनत की कमाई थी. न कोई बड़ा मंच, न लाखों की फीस और न ही स्टारडम. बस आवाज थी और उसे सुनाने की जिद. आठ साल तक कोरस, फिर कव्वाली और गजल से जुड़ा रिश्ता ऑर्केस्ट्रा में बिताए करीब आठ सालों ने मधुर के संगीत की दिशा तय कर दी. इसी दौरान उन्हें कव्वाली और गजल को करीब से समझने का मौका मिला. धीरे-धीरे इस जॉनर से उनका रिश्ता गहरा होता गया. खासकर नुसरत फतेह अली खान के गानों को रीक्रिएट करने में उनकी दिलचस्पी बढ़ी. मधुर बताते हैं कि उनके नुसरत साहब के रीक्रिएट किए गानों को मिलियंस में व्यूज और लाइक्स मिले हैं. यानी जिस लड़के ने कभी महफिल में जमीन से पैसे चुनकर अपनी फीस जुटाई थी, उसकी आवाज अब लाखों लोगों तक पहुंचने लगी थी. लॉकडाउन ने बदल दी जिंदगी फिर आया लॉकडाउन और मधुर की जिंदगी में एक नया मोड़. उन्होंने ‘काली काली जुल्फें’ का कवर सॉन्ग बनाया. यह गाना वायरल हो गया. इसके बाद उनके कवर सॉन्ग को लोग पसंद करने लगे और धीरे-धीरे उनकी अपनी एक बड़ी ऑडियंस बन गई. आज सोशल मीडिया पर मधुर की करीब 1.5 मिलियन की फैमिली है. जिस आवाज के बदले कभी ₹50 मिलते थे, उसी आवाज को अब लाखों लोग सुनते हैं. मां गईं तो लगा, जैसे ऊपर से कोई रास्ता बना रहा है मधुर की कहानी में एक और दर्दनाक मोड़ तब आया, जब उन्होंने अपनी मां को भी खो दिया. पिता को बचपन में खोने के बाद मां उनके जीवन का बड़ा सहारा थीं. लेकिन वक्त ने उनसे यह रिश्ता भी छीन लिया. मधुर बताते हैं कि मां के जाने के बाद उन्होंने महसूस किया कि चीजें सही दिशा में जाने लगीं. इस साल उनके लिए कई अच्छे मौके आए. बॉलीवुड डेब्यू हुआ और तीन-चार नए ऑफर्स भी उनके पास आए. वह इसे अपनी मां का आशीर्वाद मानते हैं. मधुर कहते हैं, “अब मां की ही शक्ति है, जो मुझे वहां बैठे मेरी मदद कर रही है.” यह बात शायद उनकी पूरी कहानी का सबसे भावुक हिस्सा है. क्योंकि जिस मां ने संघर्ष के दिनों में बेटे को संभाला, आज मधुर अपनी सफलता में भी उन्हें अपने साथ महसूस करते हैं. ‘सांसों की माला’ से बॉलीवुड तक पहुंची वही आवाज मधुर ने हाल ही में ‘मिर्जापुर’ के लिए ‘सांसों की माला’ को रीक्रिएट किया. यह उनके सफर का एक बड़ा पड़ाव है. कभी ऑर्केस्ट्रा की महफिल में कोरस गाने वाला लड़का, कभी जमीन से ₹50 के नोट चुनकर घर लौटने वाला कलाकार, आज बॉलीवुड के प्रोजेक्ट का हिस्सा बन रहा है. और कहानी अभी खत्म नहीं हुई है. मधुर आने वाले समय में मिथुन और तनिष्क बागची के साथ भी एक प्रोजेक्ट करने जा रहे हैं. यानी जिस सफर की शुरुआत विदिशा से हुई, जिसने ऑर्केस्ट्रा के छोटे मंच देखे और जिसने दर्द के बीच अपनी आवाज को संभालकर रखा, वह अब बॉलीवुड की बड़ी दुनिया में कदम बढ़ा रहा है. जमीन से उठाए नोट, अब आवाज बना रही पहचान मधुर शर्मा की कहानी सिर्फ एक सिंगर के सफल होने की कहानी नहीं है. यह उस लड़के की कहानी है जिसने 10 साल की उम्र में पिता को खोया, जिसने संघर्ष के दिनों में महफिल के बाद जमीन से अपनी फीस उठाई, जिसने कभी ₹50 के लिए गाया और जिसने अपनी मां को खोने के बाद भी उनकी याद

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Radha Ashtami 2026: आज है राधा रानी का प्राकट्य दिवस, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और धार्मिक महत्व

Radha Ashtami 2026: हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी का पावन पर्व मनाया जाता है. यह दिन श्री राधा रानी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है. जन्माष्टमी के 15 दिन बाद आने वाले इस पर्व का राधा-कृष्ण भक्तों के बीच विशेष महत्व है. इस दिन भक्त राधा रानी के साथ श्री कृष्ण की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं. ब्रज क्षेत्र में राधा अष्टमी का पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है. बरसाना और वृंदावन के मंदिरों में इस दिन विशेष पूजा और श्रृंगार किया जाता है. राधा अष्टमी 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त द्रिक पंचांग के अनुसार, राधा अष्टमी शनिवार, 19 सितंबर 2026 को मनाई जा रही है. इस दिन राधा रानी की पूजा के लिए मध्याह्न काल यानी दोपहर का समय शुभ माना गया है. अष्टमी तिथि प्रारंभ: 18 सितंबर 2026 को दोपहर 1:00 बजे अष्टमी तिथि समाप्त: 19 सितंबर 2026 को दोपहर 3:26 बजे मध्याह्न पूजा मुहूर्त: सुबह 10:29 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक अवधि: 2 घंटे 27 मिनट ये भी पढ़ें: Shardiya Navratri 2026: कब से शुरू होगा शारदीय नवरात्र? जानें 9 दिनों का पूरा कैलेंडर और पूजन नियम राधा अष्टमी पूजा विधि स्नान कर व्रत का संकल्प लें: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. इसके बाद पूजा स्थान की सफाई करके व्रत का संकल्प लें. राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित करें: पूजा की चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं. इसके बाद श्री राधा-कृष्ण या लड्डू गोपाल की प्रतिमा स्थापित करें. अभिषेक और श्रृंगार करें: मध्याह्न पूजा मुहूर्त में राधा रानी और लड्डू गोपाल का पंचामृत और शुद्ध जल से अभिषेक करें. इसके बाद उन्हें साफ वस्त्र पहनाकर फूल और आभूषणों से श्रृंगार करें. पूजा सामग्री अर्पित करें: भगवान को रोली, चंदन, अक्षत, धूप, दीप और ताजे फूल अर्पित करें. इसके बाद राधा अष्टमी की कथा का पाठ करें. भोग लगाएं: राधा रानी को मखाने की खीर, माखन-मिश्री, फल और पंचामृत का भोग लगा सकते हैं. मंत्र जाप करें: पूजा के दौरान राधा रानी के मंत्र का जाप करें. आरती करें: अंत में राधा-कृष्ण की आरती करें और सभी को प्रसाद वितरित करें. राधा रानी के मंत्र ॐ श्रीराधायै नमः। ॐ राधिकायै नमः। ॐ कृष्णप्रियायै नमः। राधा अष्टमी का धार्मिक महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राधा रानी को श्री कृष्ण की प्रिया और प्रेम-भक्ति का स्वरूप माना जाता है. मान्यता है कि राधा रानी की पूजा करने से भक्तों को प्रेम, भक्ति और सुख-शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ये भी पढ़ें: I Name Numerology: ‘इ’ नाम वालों का इश्क है थोड़ा अलग, प्यार में इन छोटी-छोटी बातों पर फिदा हो जाता है दिल The post Radha Ashtami 2026: आज है राधा रानी का प्राकट्य दिवस, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और धार्मिक महत्व appeared first on Naya Vichar.

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6000 नॉटिकल मील की रेंज, 98 मीटर लंबा…कितना ताकतवर है भारतीय वॉरशिप को टक्कर मारने वाला PNS हुनैन?

15 सितंबर 2026 की शाम उत्तरी अरब सागर में हिंदुस्तानीय नौसेना का युद्धपोत INS कोलकाता और पाकिस्तानी नौसेना के PNS हुनैन के बीच टक्कर हुई. हिंदुस्तानीय अधिकारियों के मुताबिक, INS कोलकाता नियमित निगरानी अभियान पर था और इसी दौरान PNS हुनैन ने उसके करीब आकर खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों जहाज टकरा गए. हिंदुस्तान ने इस घटना पर पाकिस्तान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. रिपोर्ट के अनुसार, इस टक्कर में INS कोलकाता को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ लेकिन दूसरी तरफ PNS हुनैन को नुकसान पहुंचा और उसे बंदरगाह लौटना पड़ा है.जिसके बाद लोग गूगल पर दोनों की ताकत की तुलना कर रहे हैं. किस तरह का जहाज है PNS हुनैन ? PNS हुनैन को आधिकारिक तौर पर ऑफशोर पेट्रोल वेसल यानी OPV के तौर पर पेश किया गया है. जिसका मतलब होता है कि ये एक छोटे युद्धपोतों की सीरीज का जहाज है. यह यारमूक-क्लास के दूसरे बैच का पहला जहाज है और डच कंपनी डेमन शिपयार्ड्स के OPV 2600 डिजाइन पर आधारित है. इसे रोमानिया के गलाती स्थित डेमन शिपयार्ड में बनाया गया था. जहाज को 12 सितंबर 2023 को लॉन्च किया गया था और जुलाई 2024 में पाकिस्तानी नौसेना में शामिल किया गया. इसके बाद इसी डिजाइन का दूसरा जहाज PNS यमामा भी पाकिस्तान को सौंपा गया. PNS हुनैन की लंबाई करीब 98 मीटर और चौड़ाई लगभग 14.4 मीटर है. इसका विस्थापन (Displacement of a ship) करीब 2,600 टन बताया जाता है. इसमें चार डीजल इंजन और दो कंट्रोलेबल-पिच प्रोपेलर लगाए गए हैं. इसकी अधिकतम रफ्तार करीब 24 नॉट, यानी लगभग 44-45 किलोमीटर प्रति घंटा है. इस जहाज की एक बड़ी खासियत इसकी लंबी समुद्री रेंज है. उपलब्ध तकनीकी जानकारी के मुताबिक यह करीब 6,000 नॉटिकल मील तक की दूरी तय कर सकता है, हालांकि यह आंकड़ा समुद्री परिस्थितियों और संचालन की गति पर निर्भर करता है. ये भी पढ़ें: Video: हिंदुस्तान की बढ़ती ताकत देख सहमा पाकिस्तान, सेना के प्रवक्ता ने कहा-उनसे हमारा कोई मुकाबला नहीं हथियारों के साथ इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमता PNS हुनैन को बहुउद्देश्यीय प्लेटफॉर्म (Multi-purpose platform)के तौर पर तैयार किया गया है. पाकिस्तान नौसेना के मुताबिक इसमें एंटी-शिप और एंटी-एयर वॉरफेयर क्षमता, टर्मिनल डिफेंस सिस्टम और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम मौजूद हैं. उपलब्ध रिपोर्ट में इसके पास संभावित हथियारों में एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम, 30 मिमी रिमोट वेपन सिस्टम और 12.7 मिमी मशीन गन स्टेशन का उल्लेख मिलता है. हालांकि, हर हथियार की सटीक कॉन्फिगरेशन की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है. PNS हुनैन सिर्फ हथियारों के लिए नहीं बनाया गया है. इसे समुद्री निगरानी, सुरक्षा अभियान, खोज एवं बचाव और दूसरे लंबे मिशनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जहाज पर हेलीकॉप्टर संचालन(Operations ) की सुविधा है और इसमें अतिरिक्त नौसैनिक दल तथा दूसरी मिशन जरूरतों के लिए जगह भी रखी गई है. PNS हुनैन की तुलना में कितना ताकतवर है INS कोलकाता ? अब बात INS कोलकाता की. यह हिंदुस्तानीय नौसेना का गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर और प्रोजेक्ट 15ए के कोलकाता-क्लास का प्रमुख जहाज है. इसकी लंबाई 164 मीटर, फुल-लोड विस्थापन करीब 7,400 टन और अधिकतम गति 30 नॉट से ज्यादा है. यानी आकार और विस्थापन के मामले में यह PNS हुनैन से काफी बड़ा है. INS कोलकाता की प्रमुख ताकत इसकी हथियार और सेंसर प्रणालियां हैं. इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, एलआरएसएएम एयर डिफेंस सिस्टम और एमएफ-स्टार रडार मौजूद हैं. नजदीकी हवाई और सतही खतरों से बचाव के लिए 76 मिलीमीटर की नौसैनिक तोप और एके-630 क्लोज-इन वेपन सिस्टम भी लगाया गया है. इसके अलावा जहाज में सोनार, टॉरपीडो लॉन्चर और एंटी-सबमरीन रॉकेट सिस्टम जैसी पनडुब्बी रोधी क्षमताएं हैं. इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम इसके अलग-अलग सेंसर और हथियारों को एक साथ काम करने में मदद करते हैं. INS कोलकाता दो सी किंग या चेतक हेलीकॉप्टर संचालित करने में भी सक्षम है. दोनों जहाजों में असली अंतर क्या है? सीधे शब्दों में कहें तो PNS हुनैन मुख्य रूप से बहुउद्देश्यीय समुद्री निगरानी और सुरक्षा अभियानों के लिए बना ओपीवी है, जबकि INS कोलकाता एक बड़े गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर की श्रेणी में आता है. दोनों जहाजों का आकार, डिजाइन, भूमिका और हथियार क्षमता अलग-अलग है. ये भी पढ़ें: सऊदी अरब से ₹2.3 लाख करोड़ की डील, 48 F-35 का सौदा…अमेरिका को फिर किस बात का सता रहा डर? The post 6000 नॉटिकल मील की रेंज, 98 मीटर लंबा…कितना ताकतवर है हिंदुस्तानीय वॉरशिप को टक्कर मारने वाला PNS हुनैन? appeared first on Naya Vichar.

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फिर बदले सोने-चांदी के दाम, जानिए पटना, रांची समेत आपके शहर में कितना बढ़ा 19 सितंबर को भाव

Aaj Ka Sona Chandi Bhav: त्योहारी सीजन की खरीदारी शुरू होने वाली है, और ऐसे में सर्राफा बाजार के रुझान पर हर किसी की नजर है.  हालांकि आपको बता दें कि यहां बताए गए रेट्स पिछले क्लोजिंग सेशन और आज सुबह के अपडेटेड आंकड़ों के आधार पर दिए गए हैं. आज 19 सितंबर को सोने और चांदी दोनों के दामों में मामूली बढ़त देखी जा रही है.  आज सोने की चमक कैसी रही? 24 कैरेट सोना ₹1 की हल्की बढ़त के साथ ₹15,443 प्रति ग्राम पर पहुंच गया है, जो कल ₹15,442 पर था.  वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत आज ₹14,156 प्रति ग्राम है. पटना, लखनऊ और दिल्ली में रेट्स देश के बाकी शहरों के मुकाबले थोड़े अधिक दर्ज किए गए हैं.  शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव (प्रति ग्राम): शहर आज का रेट (19 Sep) कल का रेट (18 Sep) कितना बदलाव रांची ₹15,442 ₹15,441 +₹1 पटना ₹15,448 ₹15,433 +₹15 लखनऊ ₹15,458 ₹15,443 +₹15 दिल्ली ₹15,458 ₹15,443 +₹15 मुंबई ₹15,443 ₹15,442 +₹1 कोलकाता ₹15,443 ₹15,442 +₹1 चांदी में कितनी तेजी आई? चांदी की बात करें तो आज इसमें ₹100 प्रति किलो का उछाल आया है. आज चांदी का औसत भाव ₹2,50,100 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है, जो कल तक ₹2,50,000 पर बिक रही थी. प्रति ग्राम चांदी आज ₹250.10 की पड़ रही है.  शहरों में 1 किलो चांदी का भाव: शहर आज का रेट (19 Sep) कल का रेट (18 Sep) कितना बदलाव रांची ₹2,50,100 ₹2,50,000 +₹100 पटना ₹2,50,100 ₹2,50,000 +₹100 लखनऊ ₹2,50,100 ₹2,50,000 +₹100 दिल्ली ₹2,50,100 ₹2,50,000 +₹100 मुंबई ₹2,50,100 ₹2,50,000 +₹100 चेन्नई ₹2,55,100 ₹2,55,000 +₹100 ये भी पढ़ें: सोना ₹15,283 और चांदी ₹2.44 लाख पर आई, देखें 18 सितंबर का शहरवार ताजा भाव The post फिर बदले सोने-चांदी के दाम, जानिए पटना, रांची समेत आपके शहर में कितना बढ़ा 19 सितंबर को भाव appeared first on Naya Vichar.

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अब गांवों में भी चलेगी महिलाओं की कैब! सारथी दीदी से बदलेगा सफर का अंदाज, जानें क्या है योगी सरकार का पूरा प्लान

UP News: उत्तर प्रदेश में स्त्रीओं और बेटियों की सुरक्षित यात्रा को लेकर योगी प्रशासन एक नई पहल की तैयारी कर रही है. ‘सारथी दीदी’ मॉडल के जरिए स्त्रीओं को स्त्री चालकों वाली कैब और अन्य परिवहन सेवाओं का विकल्प देने की योजना है. खास बात यह है कि यह सुविधा सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांवों तक हिंदुस्तान टैक्सी मॉडल को पहुंचाने की तैयारी है. स्त्री यात्री तो स्त्री ड्राइवर भी, सुरक्षा पर खास फोकस प्रस्तावित ‘सारथी दीदी’ सेवा में स्त्रीओं को स्त्री ड्राइवर के साथ यात्रा करने का विकल्प मिलेगा. वाहनों में SOS बटन और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं. इसके अलावा 24 घंटे निगरानी के लिए मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम की व्यवस्था की जा रही है. आपात स्थिति में SOS के जरिए सहायता तंत्र सक्रिय कर पुलिस से तत्काल समन्वय किया जा सकेगा. गांवों तक पहुंचेगी कैब, PACS से जुड़ सकता है नेटवर्क इस योजना का सबसे बड़ा बदलाव ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल सकता है. प्रशासन हिंदुस्तान टैक्सी मॉडल को गांवों तक विस्तार देने की तैयारी कर रही है. इसके लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों यानी PACS को भी नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव है. इससे गांवों में डिजिटल माध्यम से राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं का विस्तार किया जा सकेगा. गांव से बाजार, अस्पताल, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन या नजदीकी शहर तक आने-जाने के लिए स्थानीय स्तर पर परिवहन विकल्प बढ़ाने की दिशा में इसे देखा जा रहा है. सिर्फ कैब सेवा नहीं, स्त्रीओं को रोजगार देने की भी तैयारी ‘सारथी दीदी’ का फोकस केवल स्त्री यात्रियों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है. योजना के तहत स्त्रीओं को ई-रिक्शा, दोपहिया और कैब चलाने का प्रशिक्षण देने की तैयारी है. यानी स्त्रीएं इस मॉडल में यात्री होने के साथ-साथ ड्राइवर और स्वरोजगार से जुड़ी सेवा प्रदाता भी बन सकती हैं. हिंदुस्तान टैक्सी मॉडल से जुड़ेगा यूपी का ग्रामीण नेटवर्क केंद्र प्रशासन के Bharat Taxi मॉडल में ‘Sarathi Didi’ पहले से स्त्री यात्रियों को स्त्री चालकों का विकल्प देने और SOS, लाइव लोकेशन तथा 24×7 सहायता जैसी सुविधाओं पर केंद्रित है. PIB के अनुसार Bharat Taxi फरवरी 2026 में लॉन्च हुआ था और इसे चरणबद्ध तरीके से छोटे शहरों तथा तहसील स्तर तक विस्तार देने की योजना है. इस तरह यूपी में प्रस्तावित ‘सारथी दीदी’ मॉडल स्त्री सुरक्षा, रोजगार, डिजिटल कैब सेवा और ग्रामीण कनेक्टिविटी—चारों को एक साथ जोड़ने की कोशिश के तौर पर सामने आ रहा है. अभी यह योजना तैयार किए जा रहे मॉडल/ब्लूप्रिंट के स्तर पर है. यह भी पढ़ें: UP Expressway: 7.5 घंटे में गोरखपुर, 6 घंटे में लखनऊ और 8 घंटे में सिलीगुड़ी, 700 KM का एक्सप्रेसवे बदल देगा यूपी की कनेक्टिविटी The post अब गांवों में भी चलेगी स्त्रीओं की कैब! सारथी दीदी से बदलेगा सफर का अंदाज, जानें क्या है योगी प्रशासन का पूरा प्लान appeared first on Naya Vichar.

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