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EWS आरक्षण के लिए NEET-UG अभ्यर्थी काउंसलिंग के दौरान नहीं बदल सकते कैटेगरी : कलकत्ता हाईकोर्ट

Calcutta HC on EWS Reservation in NEET-UG : मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) कोटे के संबंध में कलकत्ता हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस अमृता सिन्हा की खंडपीठ ने कहा कि नीट यूजी (NEET-UG) के उम्मीदवार आवेदन के बाद ईडब्ल्यूएस वर्ग (Economically Weaker Section) में खुद को बदलकर आरक्षण का लाभ नहीं उठा सकते हैं. कोर्ट ने कहा- नीट यूजी 2026 के रिजल्ट पर होगा असर कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि अब यह गेम के नियम बदलने जैसा होगा और सीधे नीट यूजी 2026 के रिजल्ट पर असर पड़ेगा. कलकत्ता हाईकोर्ट ने हसीबुर रहमान मंडल और अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा है कि जिन उम्मीदवारों ने नीट-यूजी 2026 के लिए सामान्य अनारक्षित या ओबीसी-एनसीएल श्रेणी में आवेदन किया था, वे नतीजे आने और काउंसलिंग शुरू होने के बाद ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत आरक्षण का दावा नहीं कर सकते. ये भी पढ़ें: NEET-UG अभ्यर्थी को कलकत्ता हाईकोर्ट ने दी राहत, कहा- EWS सर्टिफिकेट जारी करने पर तुरंत विचार करे प्रशासन 8 उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में दी ये दलील नीट यूजी 2026 परीक्षा दे चुके 8 अभ्यर्थियों ने पश्चिम बंगाल स्टेट कोटा काउंसलिंग में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग आरक्षण का लाभ पाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हालांकि, इनमें से 7 ने नीट फॉर्म में खुद को जनरल कैटेगरी का और एक ने ओबीसी-एनसीएल (सेंट्रल लिस्ट) उम्मीदवार बताया था. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि पश्चिम बंगाल के डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ने 11 अगस्त 2026 को एक नोटिस-कम-इन्फॉर्मेशन बुलेटिन जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवार और पश्चिम बंगाल के निवासी (डोमिसाइल) स्टेट कोटा सीटों में आरक्षण के लिए पात्र होंगे, बशर्ते उनका ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन हो जाये. ये भी पढ़ें: नीट पेपर लीक 2026: कलकत्ता हाईकोर्ट में बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट, दोषी पाये जाने पर 10 साल जेल और 10 करोड़ का जुर्माना हाईकोर्ट ने कहा- ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट होगी प्रभावित मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस अमृता सिन्हा ने कहा कि काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को अपनी कैटेगरी बदलने की इजाजत देने से ऑल-इंडिया मेरिट लिस्ट पर असर पड़ेगा. उन उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा, जिन्होंने नीट एप्लीकेशन जमा करते समय अपना ईडब्ल्यूएस स्टेटस बताया था. कोर्ट ने कहा कि बाद में ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट मिलने से नीट के लिए अप्लाई करते समय उम्मीदवार द्वारा बतायी गयी कैटेगरी नहीं बदल सकती. कोर्ट ने यह भी पाया कि राज्य के नोटिस में ऐसी कोई छूट देने का प्रावधान नहीं था. The post EWS आरक्षण के लिए NEET-UG अभ्यर्थी काउंसलिंग के दौरान नहीं बदल सकते कैटेगरी : कलकत्ता हाईकोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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कानपुर, आगरा और झांसी के लिए बंगाल से चलेंगी पूजा स्पेशल ट्रेनें, टाइम-टेबल और रूट यहां देखें

Puja Special Trains: पश्चिम बंगाल से उत्तर प्रदेश की 3 शहरों के लिए हिंदुस्तानीय रेलवे पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाने जा रहा है. पूर्व रेलवे ने बताया है कि बंगाल से 3 ट्रेनें चलेंगी, जो कानपुर, आगरा और झांसी जायेंगीं. 2 ट्रेनें कोलकाता से खुलेंगी और एक ट्रेन आसनसोल से रवाना होगी. रेलवे के मुताबिक, दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ महापर्व के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ को कम करने के लिए पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया गया है. ये ट्रेनें कोलकाता से कानपुर सेंट्रल, कोलकाता से आगरा और आसनसोल से झांसी के बीच चलेंगी. कानपुर सेंट्रल ट्रेन का टाइम-टेबल और रूट कानपुर सेंट्रल और कोलकाता के बीच चलने वाली 04157 कानपुर सेंट्रल-कोलकाता स्पेशल ट्रेन (04157 Kanpur Central-Kolkata Special Train) 6 अक्टूबर से 24 नवंबर 2026 के बीच हर मंगलवार को सुबह 8 बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन से खुलेगी और अगले दिन सुबह 4:05 बजे कोलकाता पहुंचेगी. यह ट्रेन कुल 8 फेरे लगायेगी. ये भी पढ़ें: हावड़ा और सांतरागाछी से चलने वाली 9 ट्रेनों का बदला टर्मिनल, देखें नया टाइम-टेबल अगले दिन यानी बुधवार को 04158 कोलकाता-कानपुर सेंट्रल स्पेशल ट्रेन (04158 Kolkata – Kanpur Central Special Train) कोलकाता से सुबह 07:25 बजे खुलेगी और रात के 1:25 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचायेगी. यह ट्रेन हर बुधवार को कोलकाता से चलेगी. यह ट्रेन 7 अक्टूबर से 25 नवंबर के बीच कुल 8 फेरे लगायेगी. कोलकाता-कानपुर सेंट्रल-कोलकाता ट्रेन में जेनरल के अलावा सेकेंड क्लास स्लीपर और वातानुकूलित (एसी) कोच भी होंगे. पूर्व रेलवे के इन स्टेशनों पर रुकेंगी ट्रेनें नैहट्टी (Naihati) बंडेल (Bandel) बर्धमान (Barddhaman) दुर्गापुर (Durgapur) आसनसोल (Asansol) ये भी पढ़ें: Kolkata Circular Train Alert: गणेश और विश्वकर्मा पूजा के लिए 5 दिनों तक बदला सर्कुलर ट्रेनों का रूट आगरा कैंट-कोलकाता स्पेशल ट्रेन का टाइम-टेबल और रूट 01911 आगरा कैंट-कोलकाता स्पेशल ट्रेन (01911 Agra Cantt-Kolkata Special Train) 1 अक्टूबर से 26 नवंबर तक हर हफ्ते बृहस्पतिवार को सुबह 3:40 बजे आगरा से रवाना होगी. अगले दिन सुबह 4:05 बजे कोलकाता पहुंचेगी. त्योहारों के सीजन में यह ट्रेन कुल 9 फेरे लगायेगी. अगले दिन यानी शुक्रवार 2 अक्टूबर 2026 को 01912 कोलकाता-आगरा कैंट स्पेशल ट्रेन (01912 Kolkata-Agra Cantt Special Train) कोलकाता से सुबह 07:25 बजे आगरा कैंट के लिए रवाना होगी और अगले दिन सुबह 8 बजे अपने गंतव्य पर पहुंच जायेगी. 2 अक्टूबर से 27 नवंबर 2026 के बीच यह ट्रेन कुल 9 फेरे लगायेगी. ट्रेन में जेनरल, स्लीपर और एसी कोच लगाये जायेंगे. ये भी पढ़ें: रेलवे भर्ती परीक्षा : रांची-सबौर के बीच आज से चलेंगी परीक्षा स्पेशल ट्रेन पूर्व रेलवे के इन स्टेशनों पर रुकेंगी ट्रेनें नैहट्टी (Naihati) बंडेल (Bandel) बर्धमान (Barddhaman) दुर्गापुर (Durgapur) आसनसोल (Asansol) वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आसनसोल स्पेशल ट्रेन का टाइम-टेबल और रूट 04185 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आसनसोल स्पेशल ट्रेन (04185 VGL Jhansi-Asansol Special Train) 7 अक्टूबर से 29 नवंबर तक हर बुधवार और रविवार को सुबह 9:20 बजे झांसी से खुलेगी. अगले दिन दोपहर 2:45 बजे ट्रेन आसनसोल पहुंचा देगी. 7 अक्टूबर से 29 नवंबर 2026 के बीच यह ट्रेन कुल 16 फेरे लगायेगी. आसनसोल से 04186 आसनसोल-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्पेशल ट्रेन (04186 Asansol-VGL Jhansi Special Train) हर सप्ताह बृहस्पतिवार और सोमवार को शाम में 5:10 बजे रवाना होगी. अगले दिन शाम 7:10 बजे यह वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पहुंचेगी. आसनसोल से यह ट्रेन 8 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 के बीच कुल 16 फेरे लगायेगी. ट्रेन में सामान्य कोच के अलावा सेकेंड क्लास सीटिंग, स्लीपर और एसी कोच लगे होंगे. पूर्व रेलवे के इन स्टेशनों पर रुकेंगी ट्रेनें चित्तरंजन (Chittaranjan) मधुपुर (Madhupur) जसीडीह (Jasidih) The post कानपुर, आगरा और झांसी के लिए बंगाल से चलेंगी पूजा स्पेशल ट्रेनें, टाइम-टेबल और रूट यहां देखें appeared first on Naya Vichar.

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कार से खींचकर युवक को किया अगवा, चाकू दिखाकर धमकाया और चला दी गोली, जानें पूरा मामला

आदित्यपुर : सोमवार की शाम आदित्यपुर के आशियाना चौक के पास उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब चार-पांच अपराधियों ने एक युवक को उसकी कार से जबरन उतारकर अगवा कर लिया. युवक को काली रंग की कार में बैठाकर अपराधी फरार हो गए. घटना की समाचार मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आसपास के थाना क्षेत्रों में नाकेबंदी कर दी गई. कंपनी में सुपरवाइजर है अपहृत युवक अपहृत युवक की पहचान बालीगुमा (कोलाबिरा) निवासी आफताब के रूप में हुई है. वह आरआइटी मोड़ के पास स्थित एक कंपनी में सुपरवाइजर के तौर पर काम करता है. बताया गया कि सोमवार को वह किसी काम से आदित्यपुर आया था और शाम को अपनी कार से गम्हरिया की ओर लौट रहा था. इसी दौरान आशियाना चौक के पास अपराधियों ने उसकी कार को रोक लिया. चाकू दिखाया, फायरिंग का भी आरोप युवक के मामा अफसर अली के अनुसार, चार-पांच लोगों ने आफताब को उसकी कार से जबरन बाहर निकाला और एक काली रंग की कार में बैठाकर अपने साथ ले गए. विरोध करने पर अपराधियों ने चाकू दिखाकर धमकाया. इस दौरान फायरिंग किए जाने का भी आरोप है. बताया गया कि गोली चलने से जमीन पर छेद हो गया. हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस को कोई खोखा नहीं मिला. पुलिस ने युवक की कार को कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया और घटनास्थल की जांच शुरू की. कुछ घंटे बाद तामोलिया में छोड़कर भागे घटना के बाद पुलिस ने आसपास के थाना क्षेत्रों को अलर्ट करते हुए कड़ी नाकेबंदी शुरू कर दी. पुलिस की बढ़ती सक्रियता के बीच अपराधियों ने कुछ घंटे बाद आफताब को तामोलिया इलाके में छोड़ दिया और फरार हो गए. युवक के सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली. फिलहाल पुलिस आफताब से पूछताछ कर रही है. यह पता लगाने में जुटी है कि उसका अपहरण किसने, क्यों और किस मकसद से किया था. CCTV और अन्य सुराग खंगाल रही पुलिस पुलिस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. आशियाना चौक से लेकर तामोलिया तक संभावित सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर आफताब को अगवा करने वाले कौन थे और उनका मकसद क्या था? The post कार से खींचकर युवक को किया अगवा, चाकू दिखाकर धमकाया और चला दी गोली, जानें पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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Rajasthan Nikay Chunav: जयपुर में BJP का बोर्ड तय, 78 वार्ड जीते, 5 नगर निगमों में निर्दलीय बने किंगमेकर

Rajasthan Nikay Chunav: राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है. जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में से 146 के नतीजे घोषित हो चुके हैं और भाजपा ने 78 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. वहीं भरतपुर, जोधपुर, अजमेर, अलवर और पाली जैसे नगर निगमों में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से निर्दलीय उम्मीदवार प्रशासन गठन में अहम भूमिका निभा सकते हैं. जयपुर में BJP ने पार किया बहुमत का आंकड़ा जयपुर नगर निगम में अब तक घोषित 146 वार्डों के परिणामों में भाजपा ने 78 सीटें जीत ली हैं. कांग्रेस के खाते में 53 वार्ड गए हैं, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 15 सीटों पर जीत दर्ज की है. 150 सदस्यीय जयपुर नगर निगम बोर्ड में बहुमत के लिए 76 सीटों की जरूरत है. भाजपा 78 वार्ड जीतकर इस आंकड़े को पार कर चुकी है. ऐसे में बाकी चार वार्डों के नतीजे आने से पहले ही भाजपा ने बोर्ड बनाने के लिए जरूरी बहुमत हासिल कर लिया है. चार वार्डों के नतीजे अभी बाकी जयपुर के चार वार्डों की अंतिम स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है. इसकी वजह पांच मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में आई तकनीकी खराबी है. जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक के मुताबिक वार्ड संख्या 9 के बूथ 111, वार्ड 18 के बूथ 235, वार्ड 25 के बूथ 343 और वार्ड 34 के बूथ 477 तथा 484 से ईवीएम का डेटा प्राप्त नहीं किया जा सका. इंजीनियरों की कोशिश के बावजूद परिणाम नहीं निकलने के बाद मामला राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दिया गया है. 16 सितंबर को हो सकता है पुनर्मतदान जिला कलेक्टर ने बताया कि ईवीएम की तकनीकी रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी. आयोग के निर्देश मिलने के बाद आगे का फैसला होगा. मंजूरी मिलने की स्थिति में इन मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर को दोबारा मतदान कराया जा सकता है. संदेश नायक के मुताबिक जिन बूथों की ईवीएम से परिणाम नहीं मिल सके हैं, उनकी स्थिति पर अंतिम फैसला निर्वाचन आयोग की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा. इन चार शहरों में BJP प्रशासन बनाने की स्थिति में राजस्थान के 10 नगर निगमों में से आठ में मतगणना पूरी हो चुकी है. उपलब्ध नतीजों के मुताबिक जयपुर के अलावा कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में भी भाजपा नगर निगम की सत्ता हासिल करने की स्थिति में है. दूसरी ओर बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. 5 नगर निगमों में निर्दलीयों के हाथ सत्ता की चाबी राजस्थान निकाय चुनाव का सबसे दिलचस्प मुकाबला भरतपुर, जोधपुर, अजमेर, अलवर और पाली में देखने को मिल रहा है. इन नगर निगमों में किसी एक दल की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने के कारण निर्दलीय उम्मीदवार निर्णायक साबित हो सकते हैं. पाली और अजमेर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है, लेकिन बोर्ड गठन के लिए उसे अन्य सदस्यों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है. भरतपुर में निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन खास रहा है. यहां प्रशासन गठन के समीकरण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है. जोधपुर में BJP-कांग्रेस बराबरी पर जोधपुर नगर निगम में मुकाबला सबसे रोचक है. यहां भाजपा और कांग्रेस को बराबर सीटें मिली हैं. ऐसे में निर्दलीय उम्मीदवार जिस खेमे का समर्थन करेंगे, नगर निगम की सत्ता उसी ओर जा सकती है. इस कारण जोधपुर में चुनाव नतीजों के बाद भी नेतृत्वक मुकाबला खत्म नहीं हुआ है और अब नजरें निर्दलीय पार्षदों पर टिक गई हैं. नगर परिषदों में भी BJP आगे राजस्थान की 252 नगर परिषदों के रुझानों और परिणामों में भाजपा 149 निकायों में आगे है. कांग्रेस 95 नगर परिषदों में आगे चल रही है, जबकि आठ निकायों में निर्दलीय उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं. इससे राज्य के शहरी निकाय चुनावों में भाजपा की बढ़त साफ दिखाई दे रही है. नगर समितियों में क्या है स्थिति? 47 नगर समितियों में भी मतगणना जारी है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक भाजपा 21 नगर समितियों में आगे है, जबकि कांग्रेस 17 जगह बढ़त बनाए हुए है. नौ नगर समितियों में निर्दलीय और अन्य उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. वार्डों की कुल संख्या में BJP सबसे आगे वार्डवार घोषित परिणामों के अनुसार भाजपा ने राजस्थान में अब तक 3,646 वार्डों में जीत हासिल की है. कांग्रेस ने 3,110 वार्ड जीते हैं, जबकि निर्दलीय और अन्य उम्मीदवारों के खाते में 2,164 वार्ड गए हैं. इन आंकड़ों से साफ है कि भाजपा पूरे राज्य में सबसे ज्यादा वार्ड जीतने वाली पार्टी बनकर उभरी है. हालांकि कई नगर निकायों में पूर्ण बहुमत नहीं होने के कारण प्रशासन बनाने के लिए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है. Also Read: राजस्थान निकाय चुनाव: वार्ड 13 के नतीजे ने सबको चौंकाया, बीजेपी प्रत्याशी के खाते में आया 1 वोट The post Rajasthan Nikay Chunav: जयपुर में BJP का बोर्ड तय, 78 वार्ड जीते, 5 नगर निगमों में निर्दलीय बने किंगमेकर appeared first on Naya Vichar.

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Bigg Boss Episode 8 Live: नियम तोड़ा तो बिग बॉस ने दिखाया रौद्र रूप… नॉमिनेशन कैंसिल, रोहिद-आसिफ और स्काउट पर गिरी गाज

बिग बॉस 20 में आज पूरा गेम पलटने वाला है. चिकन बनाने को लेकर आम्रपाली और माही आपस में भिड़ेंगी, तो वहीं बिग बॉस के कड़े एक्शन से घरवालों के होश उड़ जाएंगे. जानिए किन 3 सदस्यों पर लटकी एविक्शन की तलवार और पढ़ें बिग बॉस 20 के 8वें एपिसोड का हर अपडेट. The post Bigg Boss Episode 8 Live: नियम तोड़ा तो बिग बॉस ने दिखाया रौद्र रूप… नॉमिनेशन कैंसिल, रोहिद-आसिफ और स्काउट पर गिरी गाज appeared first on Naya Vichar.

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Watch Video: सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार को पीटने वाले डॉक्टर एसके आजाद की अकड़ अब भी कम नहीं, ऑन कैमरा फिर भड़के

Saharsa Journalist Assault Case :  सहरसा सदर अस्पताल में समाचार संकलन के दौरान नया विचार के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ हुई मारपीट और बदसलूकी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. घटना के बाद नया विचार की टीम जब ग्राउंड जीरो पर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. एस.के. आजाद से जवाब मांगने पहुंची, तो डॉक्टर की तीखी बहस हुई. सवाल पूछने पर चुप हो गये डॉ. एसके आजाद जब डॉक्टर आजाद से पूछा गया कि 20-25 लोगों और पैरामेडिकल छात्रों की भीड़ ने पत्रकार को ओटी रूम में बंद कर क्यों पीटा, तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की कि “सब कुछ फ्लो-फ्लो में हो गया. हालांकि, जब उनसे गलती मानने और माफी मांगने को लेकर सवाल किया गया, तो उनकी बोलती बंद हो गई और उन्होंने चेंबर का दरवाजा बंद कर मीडिया को बाहर निकालने का प्रयास किया. डीएम ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की इधर, इस पूरे मामले पर सहरसा के जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर दी है. वहीं, बिहार के स्वास्थ्य विभाग और जिले के प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है. घटना के बाद अस्पताल परिसर से सीसीटीवी कैमरों के गायब होने और परिसर में पसरी भारी गंदगी को लेकर भी स्वास्थ्य प्रशासन पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. जानिए… क्या है पूरा मामला सहरसा जिले के एक प्रशासनी स्कूल में 12 सितंबर को मिड-डे-मील खाने से कई शिशु बीमर पड़ गये. स्कूल प्रबंधन द्वारा बीमार बच्चों को सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.घटना की जानकारी पर नया विचार के पत्रकार समाचार संकलन के लिए अस्पताल पहुंचे. इस दौरान पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट, गाली-गलौज और लूटपाट की गयी. आरोप है कि पत्रकार को ऑपरेशन थियेटर स्थित एक कमरे में बंद कर मारपीट की गयी, जिससे वह घायल हुए और उन्हें उपचार कराना पड़ा. Also Read: नया विचार के पत्रकार से मारपीट मामले में मंत्री श्रवण कुमार का बयान, बोले- दोषियों को नहीं छोड़ा जाएगा नया विचार के पत्रकार से मारपीट का सवाल पूछते ही बोले डॉ. SK आजाद- फ्लो फ्लो में हो गया The post Watch Video: सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार को पीटने वाले डॉक्टर एसके आजाद की अकड़ अब भी कम नहीं, ऑन कैमरा फिर भड़के appeared first on Naya Vichar.

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Gurugram Biker Case: कार में नशे में 4 लोग थे सवार? अभद्रता की कोशिश की, शिया ने सबसे पहले भाई को किया फोन

गुरुग्राम में स्त्री बाइक सवार शिया को कार से टक्कर मारने के मामले में अब उसके भाई ने घटना को लेकर कई अहम बातें बताई हैं. शिया के भाई के मुताबिक, घटना रविवार सुबह करीब 7:30 से 8 बजे के बीच हुई थी. हादसे के तुरंत बाद शिया ने सबसे पहले अपने भाई को फोन किया और बताया कि उसके साथ एक्सीडेंट हुआ है. भाई ने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगा कि शिया शायद सड़क पर फिसल गई होगी, लेकिन बाद में उसने बताया कि यह hit-and-run की घटना थी. आपत्तिजनक इशारे करने का आरोप शिया के भाई का दावा है कि एक कार में चार लोग सवार थे और सभी नशे में थे. उनके मुताबिक, इन लोगों ने पहले शिया को परेशान करने और अभद्र इशारे करने की कोशिश की. शिया ने उन्हें दूरी बनाए रखने का इशारा किया था. इसके बाद भी कार सवारों ने खिड़की से आपत्तिजनक इशारे किए और आगे जाकर उसकी बाइक को टक्कर मार दी. घटना के बाद मानसिक तनाव में शिया? भाई के मुताबिक, घटना के बाद शिया किसी तरह घर पहुंची. उसने अपने माता-पिता को तुरंत पूरी बात नहीं बताई थी और अपनी तकलीफ को जिम की वजह से होने वाले शरीर के दर्द से जोड़कर बताया था. परिवार का कहना है कि घटना के बाद वह मानसिक तनाव जैसी स्थिति से गुजर रही है. ये भी पढ़ें: Gurugram Biker Case: कौन चला रहा था गाड़ी? कार मालिक बोला- 2 दिन पहले दोस्त को दी थी गाड़ी वकील ने बताया अब क्या होगी कार्रवाई शिया के वकील अभिषेक चौहान ने कहा कि परिवार की ओर से अब शिकायत दर्ज कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि घटना गुरुग्राम के Golf Course Road के पास हुई थी. वकील के मुताबिक, शिया ने उन्हें घर पहुंचने के बाद पूरी घटना के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि मामले में Motor Vehicles Act के साथ BNS के तहत भी कार्रवाई की जाएगी. गुरुग्राम में पहले से दर्ज FIR को लेकर भी परिवार के वकील ने SHO से आगे की कार्रवाई के संबंध में बात की है. The post Gurugram Biker Case: कार में नशे में 4 लोग थे सवार? अभद्रता की कोशिश की, शिया ने सबसे पहले भाई को किया फोन appeared first on Naya Vichar.

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Bihar MLC Election: प्रशांत किशोर की जन सुराज 20 सितंबर को खोलेगी पत्ते, इन चेहरों पर लग सकती है मुहर, RJD-JDU भी तैयार

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है. पार्टी 20 सितंबर को अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करेगी. जन सुराज सभी संबंधित सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है. ऐसे में यह चुनाव पार्टी के लिए बड़ा सियासी टेस्ट माना जा रहा है. उम्मीदवारों के नाम पर चल रहा मंथन जन सुराज ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर पिछले कुछ दिनों से मंथन तेज कर दिया है. कई सीटों पर उम्मीदवारों के नाम लगभग तय बताए जा रहे हैं. हालांकि, पार्टी ने अभी किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. पार्टी इस बार आखिरी चरण में उम्मीदवारों के नाम सामने लाने की रणनीति पर काम कर रही है. पटना में पार्टी स्तर पर लगातार बैठकें हो रही हैं. उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मुहर लगाने की तैयारी है. मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया विधान परिषद चुनाव से पहले जन सुराज ने मतदाता सूची का मुद्दा भी उठाया है. पार्टी ने 1668 डुप्लीकेट नाम होने का दावा किया था. इसे लेकर निर्वाचन आयोग के सामने मामला रखा गया. पार्टी की ओर से बताया गया कि आयोग ने अंतिम मतदाता सूची में गड़बड़ियां दूर करने का आश्वासन दिया है. जन सुराज लगातार इस मुद्दे को चुनावी प्रक्रिया से जोड़कर उठा रहा है. पटना शिक्षक सीट पर डॉ. दिव्या ज्योति का नाम चर्चा में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर भी जन सुराज के संभावित उम्मीदवार की चर्चा तेज है. डॉ. दिव्या ज्योति का नाम संभावित उम्मीदवार के तौर पर सामने आया है. हालांकि, अंतिम फैसला 20 सितंबर को ही साफ होगा. उसी दिन पता चलेगा कि प्रशांत किशोर की पार्टी किन चेहरों पर भरोसा जताती है. RJD ने छह सीटों पर उतारे उम्मीदवार वहीं, RJD ने विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव के लिए छह उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने 11 सितंबर को उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी. पटना शिक्षक सीट से डॉ. संजीव कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है. पटना स्नातक से दिलीप कुमार को टिकट मिला है. कोसी स्नातक से नितेश कुमार और दरभंगा स्नातक से अनिल कुमार झा को उम्मीदवार बनाया गया है. सारण शिक्षक सीट से प्रो. जयराम यादव और तिरहुत स्नातक से डॉ. रश्मि विनायक गौतम को मैदान में उतारा गया है. RJD ने अभी तिरहुत शिक्षक और दरभंगा शिक्षक सीट के लिए उम्मीदवार के नाम घोषित नहीं किए हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें JDU के उम्मीदवारों के नाम भी लगभग तय दूसरी ओर JDU ने भी अपने उम्मीदवारों के नाम लगभग तय कर लिए हैं. हालांकि, पार्टी की ओर से अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है. चर्चा के मुताबिक पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार, तिरहुत स्नातक से अभिषेक झा, सारण शिक्षक से पुष्कर आनंद और दरभंगा शिक्षक सीट से दिलीप चौधरी का नाम आगे चल रहा है. पटना स्नातक सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है. यहां नीरज कुमार के सामने RJD के दिलीप कुमार और जन सुराज की संभावित उम्मीदवार डॉ. दिव्या ज्योति के नाम की चर्चा है. अनुज कुमार का नाम भी संभावित दावेदार के तौर पर सामने आ रहा है. BJP के पत्ते अभी नहीं खुले विधान परिषद चुनाव को लेकर BJP ने अभी अपने उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं. ऐसे में जन सुराज की 20 सितंबर की घोषणा पर भी सबकी नजर है. उम्मीदवारों की घोषणा के बाद चुनावी तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है. Also Read: नया विचार के पत्रकार से मारपीट पर RJD सांसद बोले- खराब व्यवस्था छिपाने के लिए पीटा जा रहा, IP गुप्ता ने कहा- फ्रस्ट्रेशन में ऐसा कर रहे डॉक्टर The post Bihar MLC Election: प्रशांत किशोर की जन सुराज 20 सितंबर को खोलेगी पत्ते, इन चेहरों पर लग सकती है मुहर, RJD-JDU भी तैयार appeared first on Naya Vichar.

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Asia Cup Trophy Controversy: मोहसिन नकवी के ACC चीफ बनने से अब तक कैसे उलझते गए भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट रिश्ते?

Asia Cup Trophy Controversy: हिंदुस्तान और पाकिस्तान के रिश्ते पहले से ही बेहद संवेदनशील रहे हैं. दोनों देशों के बीच नेतृत्वक तनाव का असर कई बार क्रिकेट पर भी दिखाई देता है. लेकिन अप्रैल 2025 के बाद क्रिकेट से जुड़े कई ऐसे घटनाक्रम सामने आए, जिन्होंने दोनों देशों के बीच स्पोर्ट्स संबंधों को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया. इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी लगातार केंद्र में रहे. अप्रैल 2025 में नकवी ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष का पद संभाला था. उन्होंने श्रीलंका के शम्मी सिल्वा की जगह ली. यह जिम्मेदारी उन्हें तय रोटेशन के तहत मिली थी. उस समय उनके सामने 2025 पुरुष एशिया कप के आयोजन के साथ-साथ हिंदुस्तान-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों को संभालने की चुनौती भी थी. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और क्रिकेट से जुड़े विवाद एक के बाद एक सामने आते गए. पहलगाम हमले के बाद बदले हालात मोहसिन नकवी के ACC अध्यक्ष बनने के कुछ ही हफ्ते बाद 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई. इसके बाद हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया. नकवी उस समय PCB चेयरमैन के साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री भी थे. ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ते नेतृत्वक और सुरक्षा तनाव का असर क्रिकेट संबंधों पर भी दिखाई देने लगा. यहां यह समझना जरूरी है कि दोनों देशों के बीच तनाव की वजह नकवी का ACC अध्यक्ष बनना नहीं था. पहलगाम हमले और उसके बाद के नेतृत्वक घटनाक्रम ने रिश्तों को ज्यादा तनावपूर्ण बनाया. नकवी की दोहरी भूमिका ने बाद में क्रिकेट से जुड़े विवादों को जरूर ज्यादा संवेदनशील बना दिया. सैन्य तनाव का असर क्रिकेट पर भी पड़ा अप्रैल के हमले के बाद मई 2025 में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव हुआ. दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण दौर में पहुंच गए. इसका असर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर भी पड़ा. हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट पहले से ही लगभग बंद था. ऐसे माहौल में दोनों देशों के बीच ICC और ACC के आयोजनों से जुड़े मुकाबले और फैसले भी नेतृत्वक नजरिए से देखे जाने लगे. एशिया कप की ट्रॉफी बनी विवाद की वजह 2025 पुरुष एशिया कप के दौरान हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव का असर क्रिकेट के मैदान पर भी साफ दिखाई दिया. टूर्नामेंट UAE में आयोजित किया गया और हिंदुस्तान ने 28 सितंबर को फाइनल में पाकिस्तान को हराकर खिताब अपने नाम किया. फाइनल के बाद विवाद तब बढ़ा जब हिंदुस्तानीय टीम ने ACC अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. नकवी PCB चेयरमैन होने के साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री भी थे. हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच पहले से चल रहे तनाव के बीच हिंदुस्तानीय टीम ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने से परहेज किया. हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने असली ट्रॉफी के बिना ही पोडियम पर जश्न मनाया. नकवी ने कहा, ACC ऑफिस से ले सकते हैं ट्रॉफी ट्रॉफी विवाद के बाद मोहसिन नकवी ने अपना रुख साफ किया. उन्होंने कहा कि वह फाइनल के दिन भी हिंदुस्तानीय टीम को ट्रॉफी देने के लिए तैयार थे और आगे भी ट्रॉफी देने के लिए तैयार हैं. नकवी ने यह भी कहा कि अगर हिंदुस्तानीय टीम या BCCI ट्रॉफी लेना चाहती है तो वह ACC के दुबई स्थित मुख्यालय से इसे ले सकती है. वहीं, BCCI की ओर से नकवी के ट्रॉफी अपने साथ ले जाने के फैसले पर आपत्ति जताई गई. इस पूरे मामले ने हिंदुस्तान-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों में चल रहे तनाव को और चर्चा में ला दिया. ये भी पढ़ें: Women’s Asia Cup: एशिया कप चैंपियन बनकर भी टीम इंडिया ने क्यों नहीं ली ट्रॉफी, जानिए BCCI के फैसले पर क्या बोले कोच वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की भागीदारी पर सवाल जनवरी 2026 में पाकिस्तान की T20 वर्ल्ड कप में भागीदारी को लेकर भी अनिश्चितता पैदा हुई. ICC ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल करने का फैसला किया था. इसके बाद पाकिस्तान की ओर से भी टूर्नामेंट में भाग लेने को लेकर सवाल उठने लगे. 26 जनवरी को मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की. इस बैठक में T20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की भागीदारी और हिंदुस्तान में होने वाले मुकाबलों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. नकवी ने ICC पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि बांग्लादेश के हिंदुस्तान में मुकाबले स्पोर्ट्सने से इनकार करने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि पाकिस्तान के मामले को अलग नजरिए से देखा जा रहा था. हिंदुस्तान आने के बजाय ICC बैठक में ऑनलाइन जुड़े नकवी मई 2026 में IPL फाइनल के दौरान अहमदाबाद में ICC बोर्ड की बैठक हुई. मोहसिन नकवी इस बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े. यह उस समय हुआ जब हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच भू-नेतृत्वक तनाव अभी भी बना हुआ था. ICC की बैठकों में रिमोट भागीदारी की व्यवस्था उपलब्ध होने के कारण नकवी ने ऑनलाइन बैठक में हिस्सा लिया. स्त्री एशिया कप में भी टीम ने नहीं ली ट्रॉफी 13 सितंबर 2026 को स्त्री एशिया कप के फाइनल में हिंदुस्तान ने श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम किया. इसके बाद हिंदुस्तानीय स्त्री टीम ने भी मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. पुरुष एशिया कप 2025 के बाद यह दूसरी बड़ी घटना थी, जब हिंदुस्तानीय टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से परहेज किया. ये भी पढ़ें: मोहसिन नकवी की विदाई का काउंटडाउन! हिंदुस्तान को जल्द ही मिल सकती हैं एशिया कप की दोनों ट्रॉफियां The post Asia Cup Trophy Controversy: मोहसिन नकवी के ACC चीफ बनने से अब तक कैसे उलझते गए हिंदुस्तान-पाकिस्तान के क्रिकेट रिश्ते? appeared first on Naya Vichar.

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TMC के बागी सांसद बसुनिया का दावा- भाजपा में शामिल होंगे 17 सांसद, शमिक भट्टाचार्य का इनकार

तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता एवं कूचबिहार से लोकसभा सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने सोमवार को दावा किया कि टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई में शामिल होने वाले 20 में से 17 सांसद हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो जायेंगे. उन्होंने कहा कि अक्टूबर में दुर्गा पूजा से पहले या उसके बाद ये सभी लोग बीजेपी का झंडा थामेंगे. हालांकि, पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने उनके दावे को खारिज कर दिया है. ‘दलबदल रोधी कानून के दायरे में नहीं आयेंगे’ बसुनिया ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इन 17 सांसदों ने एक साथ भाजपा में शामिल होने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है. टीएमसी के बागी सांसद ने दावा किया कि सामूहिक रूप से दल बदलने पर वे दलबदल रोधी कानून के दायरे में नहीं आयेंगे. हम 17 सांसद एक साथ भाजपा में जा रहे हैं. चूंकि 20 सदस्यों में से दो-तिहाई से अधिक सांसद दल बदल रहे हैं. इसलिए दलबदल रोधी कानून हम पर लागू नहीं होगा. -जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए सांसद ‘कार्रवाई से बचने के लिए 14 सांसदों का साथ आना जरूरी’ तृणमूल के 20 असंतुष्ट सांसदों ने 14 जून 2026 को नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय की घोषणा की थी. इसके साथ ही इन सांसदों ने सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था. दो-तिहाई का आंकड़ा पूरा करने के लिए बागी 20 सांसदों में से कम से कम 14 सांसदों का साथ जाना जरूरी है. तभी वे अयोग्यता का सामना करने से बच पायेंगे. ये भी पढ़ें: तृणमूल के बागी सांसदों के एनसीपीआई में शामिल होने के बाद संकराईल में पार्टी कार्यालय की सुरक्षा बढ़ी 3 अल्पसंख्यक सांसद बाहर से करेंगे एनडीए का समर्थन : बसुनिया बसुनिया ने कहा कि हालांकि, इन 20 सांसदों में से अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले 3 सांसद औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उनके निर्वाचन क्षेत्रों में नेतृत्वक और प्रशासनिक परिस्थितियां इसके अनुकूल नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि सांसद अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान बाहर से एनडीए को समर्थन देंगे. बदले में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां या विभाग दिये जा सकते हैं. विरोध झेल चुके हैं उत्तर बंगाल के बागी टीएमसी सांसद बसुनिया का यह बयान उनके और उनकी पत्नी तृणमूल विधायक संगीता रॉय के कूचबिहार के सिताई स्थित पैतृक घर लौटने पर विरोध-प्रदर्शन का सामना किये जाने के कुछ दिन बाद आया है. बसुनिया के नेतृत्वक रुख में बदलाव की आलोचना के बीच स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने दंपती के खिलाफ प्रदर्शन किया था. ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, सुदीप बनर्जी भी हुए बागी, बोले- दीदी को सिर्फ सलाहकार बनायेंगे लगातार सफाई दे रहे हैं बसुनिया इस दौरान उनके आवास के पास स्थित तृणमूल के एक कार्यालय में भी कथित तौर पर आग लगा दी गयी थी. बसुनिया लगातार यह कहते रहे हैं कि अब उनका तृणमूल से कोई संबंध नहीं है और वह एनडीए के साथ हैं. TMC के बागी सांसदों भाजपा में शामिल करने का इरादा नहीं : शमिक पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की ऐसी कोई योजना नहीं है. वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद जिन लोगों ने भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की, उन्हें प्रताड़ित किया, पार्टी की स्त्री कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया, वैसे लोगों को पार्टी में शामिल नहीं किया जायेगा. The post TMC के बागी सांसद बसुनिया का दावा- भाजपा में शामिल होंगे 17 सांसद, शमिक भट्टाचार्य का इनकार appeared first on Naya Vichar.

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