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BRICS Summit 2026 LIVE Updates Hindi : ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन पहुंचे दिल्ली, ब्रिक्स समिट में करेंगे शिरकत

BRICS Summit 2026 LIVE Updates Hindi : ब्रिक्स के 18वां संस्करण की मेजबानी हिंदुस्तान कर रहा है. एक तरफ 7 साल बाद हिंदुस्तान में चीनी राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी की मुलाकात होनी है. वहीं रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ 11 सितंबर को द्विपक्षीय बातचीत निर्धारित है. ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़ी हर अपडेट जानने के लिए जुड़े रहिए नया विचार के साथ. The post BRICS Summit 2026 LIVE Updates Hindi : ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन पहुंचे दिल्ली, ब्रिक्स समिट में करेंगे शिरकत appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit 2026 LIVE: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन दिल्ली के लिए रवाना, ब्रिक्स समिट में होंगे शामिल

BRICS Summit 2026 LIVE Hindi : 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी हिंदुस्तान को सौंपी गई है. यह सम्मेलन 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के हिंदुस्तान मंडपम में आयोजित हो रहा है. वर्ल्ड लीडर्स के आने का सिलसिला जारी है. ब्रिक्स समिट की हर अपडेट के लिए जुड़े रहें नया विचार के साथ. The post BRICS Summit 2026 LIVE: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन दिल्ली के लिए रवाना, ब्रिक्स समिट में होंगे शामिल appeared first on Naya Vichar.

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क्या BRICS को ‘कमजोर’ रखना ही भारत की सबसे बड़ी कूटनीति? जानिए चीन के दबदबे को रोकने का इनसाइड गेम

BRICS Summit 2026 : हिंदुस्तान में BRICS Summit के बीच इस समूह की भूमिका और भविष्य को लेकर बहस तेज है. एक नए विश्लेषण में दावा किया गया है कि हिंदुस्तान का असली रणनीतिक हित BRICS को मजबूत और प्रभावशाली बनाने में नहीं, बल्कि उसे इतना विभाजित रखने में हो सकता है कि वह चीन के ग्लोबल पावर प्रोजेक्ट का हथियार न बन पाए. BRICS की सबसे बड़ी ताकत ही हिंदुस्तान के लिए बन सकती है चुनौती BRICS अब पहले जैसा छोटा समूह नहीं रहा. द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिक्स में विस्तार के बाद अब 11 देश शामिल हैं और इसका आर्थिक व नेतृत्वक प्रभाव काफी बढ़ गया है. लेकिन इसी विस्तार के साथ एक बड़ा सवाल भी सामने आया है, क्या BRICS वास्तव में सभी सदस्यों के साझा हितों के लिए काम करेगा या चीन धीरे-धीरे इस मंच पर अपना प्रभाव बढ़ाएगा? विश्लेषण के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय संगठनों में ताकत का संतुलन बेहद मायने रखता है. किसी भी समूह के फैसले सिर्फ सदस्य देशों की संख्या से तय नहीं होते, बल्कि आर्थिक, सैन्य और रणनीतिक ताकत भी उनकी भूमिका तय करती है. इस लिहाज से BRICS में चीन का प्रभाव दूसरे कई सदस्यों से काफी ज्यादा है. ये भी पढ़ें: BRICS Summit Menu : PM मोदी से लेकर विदेशी मेहमानों तक की थाली में क्या होगा? ऐसे तय होता है खाना चीन के सामने हिंदुस्तान की स्थिति कमजोर क्यों? चीन और हिंदुस्तान दोनों BRICS के अहम सदस्य हैं, लेकिन दोनों की आर्थिक और सैन्य क्षमता में बड़ा अंतर है. ऐसे में अगर BRICS एक बेहद प्रभावी नेतृत्वक या रणनीतिक समूह बनता है, तो आशंका यह है कि उसका इस्तेमाल चीन अपने हितों के लिए कर सकता है. हिंदुस्तान के लिए समस्या इसलिए भी बड़ी है क्योंकि इंडो-पेसिफिक में चीन के बढ़ते प्रभाव को बैलेंस करने के लिए उसे अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और दूसरे स्ट्रैटजिक पार्टनर्स की जरूरत है. ऐसे में ऐसा कोई भी कदम जो इन देशों की ताकत कम करे और अप्रत्यक्ष रूप से चीन को फायदा पहुंचाए, हिंदुस्तान के हित में नहीं होगा. डॉलर का मामला भी समझिए BRICS में लंबे समय से de-dollarisation यानी अंतरराष्ट्रीय कारोबार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की चर्चा होती रही है. विश्लेषण का तर्क है कि अमेरिका के डॉलर सिस्टम से हिंदुस्तान की अपनी शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन डॉलर को कमजोर करना अपने आप में हिंदुस्तान के लिए फायदेमंद नहीं है. सवाल यह है कि अगर अमेरिकी डॉलर का प्रभाव घटता है, तो उसकी जगह किसका प्रभाव बढ़ेगा? अगर इसका फायदा मुख्य रूप से चीन को मिलता है, तो हिंदुस्तान के लिए स्थिति और मुश्किल हो सकती है. यानी अमेरिका से नाराजगी और चीन का विरोध, दोनों को एक ही रणनीति मानना हिंदुस्तान के लिए खतरनाक हो सकता है. BRICS ‘ineffective’ रखने से हिंदुस्तान को फायदा? यही इस विश्लेषण का सबसे controversial और दिलचस्प हिस्सा है. इसमें तर्क दिया गया है कि हिंदुस्तान का लक्ष्य BRICS को खत्म करना नहीं, बल्कि उसे इतना internally divided और ineffective रखना होना चाहिए कि चीन इसका इस्तेमाल अपने बड़े strategic ambitions के लिए न कर सके. BRICS के विस्तार को इस नजरिए से भी देखा जा सकता है. जितने ज्यादा और अलग-अलग हितों वाले देश किसी संगठन में शामिल होंगे, उनके बीच सहमति बनाना उतना मुश्किल होगा. मध्य पूर्व के देशों के बीच कई गंभीर मतभेद हैं. एशिया और दूसरे क्षेत्रों के देशों के अपने-अपने strategic interests हैं. ऐसे में हिंदुस्तान इन मतभेदों का इस्तेमाल BRICS के भीतर किसी एक देश के प्रभुत्व को रोकने के लिए कर सकता है. लेकिन इस रणनीति में हिंदुस्तान के लिए भी बड़ा रिस्क इसका दूसरा पहलू भी है. अगर हिंदुस्तान लगातार BRICS की initiatives को रोकता है या संगठन को कमजोर करने की कोशिश करता है, तो वह खुद इस समूह में अलग-थलग पड़ सकता है. इसके अलावा चीन के साथ टकराव बढ़ने पर Beijing आर्थिक और सैन्य दबाव का इस्तेमाल भी कर सकता है. इसलिए हिंदुस्तान के सामने असली challenge BRICS छोड़ना या उसे मजबूत बनाना नहीं, बल्कि उसके भीतर रहते हुए अपने strategic interests को सुरक्षित रखना है. BRICS का विस्तार हिंदुस्तान के लिए मौका भी है और चुनौती भी. असली सवाल अब यह नहीं है कि BRICS कितना ताकतवर बनेगा, बल्कि यह है कि क्या हिंदुस्तान चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच इस मंच को अपने हितों के खिलाफ जाने से रोक पाएगा. ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 LIVE: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन दिल्ली के लिए रवाना, ब्रिक्स समिट में होंगे शामिल The post क्या BRICS को ‘कमजोर’ रखना ही हिंदुस्तान की सबसे बड़ी कूटनीति? जानिए चीन के दबदबे को रोकने का इनसाइड गेम appeared first on Naya Vichar.

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‘मिर्जापुर द मूवी’ का बॉक्स ऑफिस पर तहलका, 7 दिन में ₹148 करोड़ नेट, ‘अवारापन 2’ को पछाड़ा

‘मिर्जापुर द मूवी’ की रिलीज के साथ ही दर्शकों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिला था. फिल्म में कालीन भैया के किरदार में पंकज त्रिपाठी, गुड्डू पंडित के रोल में अली फजल और मुन्ना भैया के किरदार में दिव्येंदु शर्मा की वापसी ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लिया. फिल्म की कमाई ने पहले हफ्ते में ही बड़ा आंकड़ा पार कर लिया है. पहले दिन ही कर डाली ₹25 करोड़ से ज्यादा कमाई सैकनिल्क के मुताबिक, ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने 4 सितंबर, यानी रिलीज के पहले दिन ₹25.75 करोड़ नेट कमाए. शनिवार को फिल्म की कमाई बढ़कर ₹32 करोड़ पहुंच गई. इसके बाद रविवार को फिल्म ने सबसे बड़ा उछाल देखा और तीसरे दिन ₹36 करोड़ नेट की कमाई की. पहले वीकेंड के बाद सोमवार को फिल्म की कमाई ₹16 करोड़ रही. मंगलवार को इसने ₹15.60 करोड़, बुधवार को ₹12.55 करोड़ और गुरुवार को ₹10.55 करोड़ नेट कमाए. इस तरह सात दिनों में फिल्म का कुल घरेलू नेट कलेक्शन ₹148.45 करोड़ हो गया. The post ‘मिर्जापुर द मूवी’ का बॉक्स ऑफिस पर तहलका, 7 दिन में ₹148 करोड़ नेट, ‘अवारापन 2’ को पछाड़ा appeared first on Naya Vichar.

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गया जी में ED की रेड, बैंक फ्रौड मामले में कई ठिकानों पर छापा, 85 करोड़ के लोन में 58 करोड़ डायवर्ट करने का आरोप

Gaya Ji ED Raid : गया में बैंक फ्रॉड मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED), पटना की टीम ने शुक्रवार, 11 सितंबर को बड़ी कार्रवाई की है. ईडी की टीम ने PMLA की धारा 17 के तहत रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (RHRL) से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है. कार्रवाई फिलहाल जारी है. 85 करोड़ के लोन में 58 करोड़ डायवर्ट करने का आरोप जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी पर बैंकों के कंसोर्टियम से लिए गए करीब 85 करोड़ रुपये के लोन में से लगभग 58 करोड़ रुपये डायवर्ट करने का आरोप है. आरोप है कि यह रकम कथित तौर पर फर्जी या जाली प्रोजेक्ट कंप्लीशन रिपोर्ट के आधार पर प्राप्त की गई थी. अखौरी गोपाल और उनके बेटों पर कंपनी के नियंत्रण की बात ईडी के मुताबिक, कंपनी का नियंत्रण अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत एवं नितेश के पास बताया गया है. लोन के एवज में अखौरी गोपाल और उनके परिवार के सदस्यों की व्यक्तिगत गारंटी भी बैंकों को दी गयी थी. View on Instagram पांच संपत्तियों को गिरवी रखने की भी जांच जांच में यह भी सामने आने की बात कही गयी है कि पांच संपत्तियों को टाटा मोटर्स से जुड़े बकाये के खिलाफ गिरवी या मॉर्गेज किया गया था. बाद में इन संपत्तियों को कथित तौर पर कम कीमत पर बेच दिया गया, जबकि वे पहले से गिरवी थीं. खरीदारों के बेनामी या प्रॉक्सी होने की आशंका ईडी को कुछ खरीदारों के कथित तौर पर बेनामी या प्रॉक्सी होने की भी आशंका है. एजेंसी की जांच में संपत्तियों से जुड़े इन पहलुओं को भी देखा जा रहा है. ईडी की सर्च कार्रवाई अभी जारी फिलहाल ईडी की सर्च कार्रवाई जारी है. तलाशी पूरी होने और जांच में सामने आये तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी. ALSO READ : गया जी में 12वीं के फॉर्म के नाम पर 1430 रुपये की जगह मांगे 1800, भड़के विद्यार्थियों ने किया विरोध The post गया जी में ED की रेड, बैंक फ्रौड मामले में कई ठिकानों पर छापा, 85 करोड़ के लोन में 58 करोड़ डायवर्ट करने का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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Ganesh Chauth 2026: गणेश चौठ कब मनाया जाएगा? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Ganesh Chauth 2026: गणेश चौठ भाद्रपद यानी भादो मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. भविष्य पुराण के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था. इसलिए इस दिन गणपति की पूजा-अर्चना की जाती है. शास्त्रों के अनुसार, गणेश चौठ पर शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश का पूजन करने से विघ्न (बाधा) दूर होता है. साथ ही, गणपति जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. गणेश चौठ की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और विधि क्या है, जानिए. गणेश चौठ 2026 शुभ मुहूर्त और महत्व भविष्य पुराण के अनुसार भाद्रपद (भादो) मास की चतुर्थी के दिन मध्याह्न काल में भगवान गणेश का जन्म हुआ था. इसलिए उनकी पूजा के लिए मध्याह्न काल का समय सबसे अच्छा माना गया है. इस दौरान उनकी पूजा करने से मनोकामना पूरी होने की मान्यता है. मिथिला और काशी के पंचांग के मुताबिक, इस साल गणेश चौठ 14 सितंबर, सोमवार को मनाया जाएगा. इस दिन मध्याह्न पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 58 मिनट तक है. गणपति की पूजा के लिए 2 घंटे 28 मिनट का समय मिलेगा. चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होगी जबकि इसकी समाप्ति 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर होगी. इस दिन चंद्रमा के उदित होने का समय शाम 7 बजकर 36 मिनट है. चंद्रोदय के बाद ‘चौठ चंद्र’ पूजन का समय शाम 7 बजकर 36 मिनट से शुरू है. मुहूर्त विवरण तारीख और समय गणेश चौठ 2026 14 सितंबर 2026, सोमवार चतुर्थी तिथि प्रारंभ 14 सितंबर, सुबह 7:06 बजे चतुर्थी तिथि समाप्त 15 सितंबर, सुबह 7:44 बजे गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त 14 सितंबर, सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:58 बजे तक पूजा की कुल अवधि 2 घंटे 28 मिनट चंद्रोदय का समय 14 सितंबर, शाम 7:36 बजे चौठ चंद्र पूजन प्रारंभ शाम 7:36 बजे से ये भी पढ़ें: Ganesh Chaturthi Special: कार्तिकेय ने लगाई पृथ्वी की दौड़, गणेश जी ने माता-पिता की परिक्रमा से जीत ली बाजी गणेश चौठ 2026 पूजा विधि भाद्रपद यानी भादो शुक्ल चतुर्थी को सुबह नहाने के बाद शुद्ध आसन पर पूरब की तरफ मुंह करके बैठ जाएं. भगवान गणेश के लिए एक छोटी चौकी स्थापित करें. चौकी को गंगाजल से शुद्ध कर उसकी पूजा करें फिर उस पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें. शास्त्रों के अनुसार, मूर्ति सोने, चांदी, तांबे, पीतल, मिट्टी या गाय के गोबर से बना होना चाहिए. पूजन से पहले संकल्प लें और इसके बाद कलश स्थापित करें. कलश की स्थापना करने के बाद नवग्रह, दशदिग्पाल (दसों दिशाओं के देवता) का पूजन करें. दशदिग्पाल की पूजा के बाद भगवान गणेश का शोडषोपचार, दशोपचार या पंचोपचार जो बन सके, पूजा करें. गणेश जी का ध्यान “ॐ एकदन्तं शूर्पकर्णं गजवक्त्रं चतुर्भुजम्, पाशांकुशधरं देवं ध्यायेत् सिद्धिविनायकम्” इस मंत्र के करें. संभव हो, गणपति जी का ध्यान करने के बाद दूर्वा (घास) की 21 गांठ अर्पित करें. अगर ऐसा संभव न हो सके, तो कम से कम एक दूर्वा जरूर अर्पित करें. दूर्वा के साथ-साथ गणेश जी को शमी का पत्ता भी चढ़ाएं. इसके बाद घी से बना हुआ मोदक अर्पित करें. इसके अलावा गुड़ और घी से बना कोई दूसरा पकवान भी चढ़ा सकते हैं. भोग में गणपति बप्पा को मौसम के अनुकूल फल जैसे- केला, सेब, जामुन और नारियल भी चढ़ाएं, क्योंकि ये चीजें भी उनको प्रिय हैं. भगवान गणेश को सिंदूर, अबीर, सुगंधित फूल अर्पित करने के साथ-साथ उन्हें धूप-दीप दिखाएं. इतना करने के बाद अरती करें और तीन बार उनकी परिक्रमा करें. गणेश चौठ (चतुर्थी) पूजा विधि इंफोग्राफिक Image- AI ये भी पढ़ें: Ganesh Chaturthi Special: गणेश जी की भूख के आगे कम पड़ गया कुबेर का खजाना, ऐसे टूटा धन के देवता का घमंड The post Ganesh Chauth 2026: गणेश चौठ कब मनाया जाएगा? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि appeared first on Naya Vichar.

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भारत, चीन और रूस की बढ़ती ताकत से बदल रहा पावर बैलेंस! समझिए BRICS कैसे बना रहा है नया वर्ल्ड ऑर्डर?

आज(11 सितंबर) से अगले तीन दिनों तक दुनिया की नजरें दिल्ली पर रहने वाली हैं. वजह है 12 और 13 सितंबर को हिंदुस्तान मंडपम में होने वाला BRICS शिखर सम्मेलन. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत BRICS के सदस्य देशों के नेता और कई साझेदार देशों के प्रतिनिधि इस बैठक में जुट रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं. BRICS का शिखर सम्मेलन अब सिर्फ एक और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन तक सीमित नहीं है, करीब दो दशक पहले कुछ उभरती वित्तीय स्थितिओं के मंच के तौर पर शुरू हुआ BRICS आज 11 सदस्य देशों का मजबूत समूह बन चुका है. जो दुनिया की करीब 49.5 फीसदी आबादी, 40 फीसदी वैश्विक जीडीपी और 26 फीसदी वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसे में इस सम्मेलन से अलग,अहम सवाल ये है कि क्या BRICS अब सिर्फ सहयोग का मंच नहीं होकर, दुनिया के आर्थिक और कूटनीतिक शक्ति-संतुलन को बदलने वाला नया केंद्र बन रहा है? आसान भाषा में कहें तो क्या BRICS नया वर्ल्ड ऑर्डर बना रहा है? 20 सालों में कितनी बदली BRICS की तस्वीर? BRICS की कहानी सिर्फ सहयोग संगठन तक सीमित नहीं है. इससे आगे संगठन में शामिल देशों के बीच बढ़ता आपसी व्यापार, स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन की कोशिश, न्यू डेवलपमेंट बैंक जैसा वैकल्पिक वित्तीय संस्थान और वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों की ज्यादा हिस्सेदारी की मांग है, जो The post हिंदुस्तान, चीन और रूस की बढ़ती ताकत से बदल रहा पावर बैलेंस! समझिए BRICS कैसे बना रहा है नया वर्ल्ड ऑर्डर? appeared first on Naya Vichar.

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A Name Marriage Life: A नाम से शुरू होता है आपका नाम? जानें रिश्तों और शादीशुदा जिंदगी को लेकर क्या कहता है नाम ज्योतिष

A Name Marriage Life: नेम एस्ट्रोलॉजी यानी नाम ज्योतिष में आपके नाम का पहला अक्षर आपके स्वभाव और पसंद-नापसंद जैसी कई चीजों के बारे में झलक मिलती है. चैल्डियन न्यूमेरोलॉजी के अनुसार अगर A (ए) अक्षर (अंग्रेजी) के बारे में बात करें तो A को अंक 1 से जोड़ा जाता है. अंक 1 को आत्मविश्वास, नेतृत्व और अपनी बात पर कायम रहने वाला माना जाता है. रिश्ते में अपनी बात रखना पसंद करते हैं नाम ज्योतिष की मान्यता के अनुसार A नाम वाले लोग अपनी सोच को लेकर काफी स्पष्ट होते हैं. वे जानते हैं कि उन्हें क्या हासिल करना है, इसके अलावा रिश्तों के मामले में भी वे अपने पक्ष को मजबूती से रखते हैं. उनका ये स्वभाव उन्हें जीवन में अहम फैसले लेने में मदद करता है. कभी-कभार वे रिश्तों में डिसिजन लेने को लेकर परेशान हो सकते हैं, पर अगर वे अपने हर फैसले को लेकर अड़े रहें, तो ये कभी-कभी अत्यधिक जिद रिश्ते में संवाद की समस्या पैदा कर सकती है. A नाम वालों को अपनी बात सामने रखने के साथ-साथ सामने वाले की बात को समझना बेहद जरूरी है. प्यार में ईमानदारी और सम्मान को देते हैं महत्व अंक ज्योतिष में अंक 1 के बारे में कहा जाता है कि वे स्वतंत्र सोच वाले माने जाते हैं और आत्मसम्मान को लेकर काफी सचेत रहते हैं. न्यूमरोलॉजी की मान्यता के अनुसार A नाम के अक्षर वाले लोग प्यार में सम्मान की इच्छा रखते हैं. उन्हें ये पसंद होता है कि उनका पार्टनर उनकी बातों को समझे और अहमियत दे. नाम ज्योतिष की मान्यता के अनुसार A नाम वाले लोग रिश्ते को लेकर काफी जिम्मेदार और समर्पित रह सकते हैं. ये भी पढ़ें: Numerology: प्यार में जल्दी नहीं पड़ते ये मूलांक वाले, पहले करते हैं पूरी जांच-परख शादीशुदा जिंदगी में यह बात रखें ध्यान अंक ज्योतिष में माना जाता है कि A नाम वाले शादीशुदा लोगों को जिद से बचने की जरूरत है. कभी-कभी छोटी बातों पर बहस करने की बजाय बातचीत से उसे सुलझाने की जरूरत होती है, ऐसे में उनकी मैरिड लाइफ हैप्पी रहती है. फैसले लेने में अपने पार्टनर की राय लेने से काम आसान हो सकता है और रिश्ते मजबूत हो सकते हैं. क्या ज्योतिष भी यही कहता है? ये बात जानना जरूरी है कि सिर्फ नाम का पहला अक्षर किसी की शादीशुदा जीवन की भविष्यवाणी नहीं करता है. लेकिन नेम एस्ट्रोलॉजी यानी नाम ज्योतिष के बारे में ज्योतिषाचार्य नितेश निरंजन के अनुसार, वैदिक ज्योतिष की परंपरा में विवाह संबंधी आकलन के दौरान 7वें भाव, उसके स्वामी और शुक्र की स्थिति को देखा जाता है. नाम ज्योतिष और कुंडली में अंतर इसलिए न्यूमरोलॉजी की मान्यता के अनुसार A नाम वालों के बारे में बताए गए संकेतों को सामान्य ज्योतिषीय मान्यता के तौर पर देखना चाहिए. वैवाहिक जीवन के बारे में भविष्यवाणी करने के लिए कुंडली आधारित ज्योतिषीय आकलन के लिए सामान्य तौर पर जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान का इस्तेमाल किया जाता है. A नाम वाली स्त्री ने बताया अपना अनुभव देवघर की एक स्त्री, जिनका नाम A अक्षर से शुरू होता है, ने बताया कि उन्हें और उनके पति को न्यूमरोलॉजी से जुड़ी सामग्री पढ़ने में रुचि है. उनके अनुसार, कभी-कभी वह अपनी बात पर अड़ जाती हैं, लेकिन दोनों एक-दूसरे की राय और सहयोग को महत्व देते हैं. नोट: ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं और नया विचार इसकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं करता है. The post A Name Marriage Life: A नाम से शुरू होता है आपका नाम? जानें रिश्तों और शादीशुदा जिंदगी को लेकर क्या कहता है नाम ज्योतिष appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit 2026 LIVE: दिल्ली में 30 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात, PM मोदी करेंगे राष्ट्रपति पुतिन से द्विपक्षीय बातचीत

BRICS Summit 2026 LIVE : 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी हिंदुस्तान को सौंपी गई है. यह सम्मेलन 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के हिंदुस्तान मंडपम में आयोजित हो रहा है. वर्ल्ड लीडर्स के आने का सिलसिला जारी है. ब्रिक्स समिट की हर अपडेट के लिए जुड़े रहें नया विचार के साथ. The post BRICS Summit 2026 LIVE: दिल्ली में 30 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात, PM मोदी करेंगे राष्ट्रपति पुतिन से द्विपक्षीय बातचीत appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit Menu : PM मोदी से लेकर विदेशी मेहमानों तक की थाली में क्या होगा? ऐसे तय होता है खाना

BRICS Summit Menu : BRICS सम्मेलन में दुनिया के बड़े नेता एक साथ बैठकर कई अहम मुद्दों पर बात करेंगे. लेकिन इस बड़े सम्मेलन की एक और खास तैयारी भी चल रही है और वह है मेहमानों के खाने की तैयारी. हिंदुस्तान में होने वाले 18वें BRICS सम्मेलन के लिए दिल्ली के बड़े होटलों ने विदेशी मेहमानों के लिए खास खाना तैयार किया है. इसमें हिंदुस्तानीय स्वाद के साथ उनकी पसंद और खाने से जुड़ी जरूरतों का भी ध्यान रखा जा रहा है. ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 LIVE: PM मोदी ने संस्कृत के श्लोक से किया ब्रिक्स का आगाज, राष्ट्रपति पुतिन से करेंगे द्विपक्षीय बातचीत विदेशी मेहमानों की थाली में दिखेगा हिंदुस्तान का स्वाद हिंदुस्तान चाहता है कि विदेश से आने वाले मेहमान यहां के खाने का स्वाद भी अपने साथ लेकर जाएं. इसलिए खाने में हिंदुस्तानीय मसालों और देश के अलग-अलग हिस्सों में इस्तेमाल होने वाले अनाज और दूसरी चीजों को जगह दी गई है. दिल्ली के लीला पैलेस की ओर से तैयार खाने में जौ, मिलेट, ज्वार और सत्तू जैसी चीजों को शामिल किया गया है. मिलेट से उपमा जैसी चीजें भी तैयार की जा रही हैं. बाजरा उपमा से बिरयानी तक, कई देसी पकवान विदेशी मेहमानों के लिए तैयार खाने में सिर्फ एक तरह का खाना नहीं होगा. हिंदुस्तान के अलग-अलग हिस्सों के स्वाद को दिखाने की कोशिश की जा रही है. रिपोर्टों के मुताबिक, मेन्यू में बाजरा उपमा, अवधी कबाब, हैदराबादी बिरयानी और किनुआ बिरयानी जैसी चीजों को जगह दी गई है. यानी मेहमानों को एक ही जगह पर हिंदुस्तान के अलग-अलग स्वाद चखने का मौका मिलेगा. खाने का मेन्यू कौन तय करता है? अब सवाल है कि आखिर इतने बड़े सम्मेलन में नेताओं को क्या खिलाना है, यह तय कौन करता है? इसकी तैयारी में मेजबान देश की व्यवस्था, होटल की टीम और शेफ की बड़ी भूमिका होती है. अलग-अलग मेहमानों की पसंद और खाने से जुड़ी जरूरतों की जानकारी पहले से ली जाती है. इसके बाद उसी के हिसाब से खाना तैयार किया जाता है. लीला पैलेस की ओर से भी बताया गया है कि विदेशी मेहमानों की पसंद और खाने से जुड़ी जरूरतों की जानकारी पहले से मिलने के बाद मेन्यू तैयार किया गया है. यानी किसी नेता को कौन सा खाना पसंद है, वह क्या नहीं खाता या उसे किसी चीज से परेशानी होती है, इन बातों का भी ध्यान रखा जाता है. ये भी पढ़ें: Aaj Ka Mausam : घर से छाता लेकर निकलें या नहीं! UP-बिहार से MP और झारखंड तक बरसेंगे बादल, जानें 11 सितंबर के मौसम का हाल एक होटल में अलग, दूसरे में अलग खास तैयारी BRICS मेहमानों के लिए दिल्ली के कई बड़े होटलों में अलग-अलग तरह की तैयारी की जा रही है. ताज महल, द लीला पैलेस और द ललित जैसे होटलों ने हिंदुस्तानीय खाने को खास तरीके से पेश करने की तैयारी की है. ताज में अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक खाने को दिखाने की तैयारी है, जबकि लीला पैलेस ने हिंदुस्तानीय अनाज और मसालों पर खास ध्यान दिया है. सिर्फ खाना नहीं, हिंदुस्तान की पहचान भी दिखेगी BRICS सम्मेलन में खाना सिर्फ मेहमानों का पेट भरने तक सीमित नहीं है. इसके जरिए हिंदुस्तान की अलग-अलग जगहों की खाने की परंपरा और यहां के स्वाद को दुनिया के सामने रखने की कोशिश भी है. 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के हिंदुस्तान मंडपम में होने वाले 18वें BRICS सम्मेलन में दुनिया के कई देशों के नेता और प्रतिनिधि शामिल होंगे. ऐसे में विदेशी मेहमानों की थाली भी हिंदुस्तान की मेजबानी का एक खास हिस्सा बनने जा रही है. ये भी पढ़ें: 11 सितंबर की टॉप 20 समाचारें: BRICS Summit के लिए दिल्ली में अभेद्य सुरक्षा, हिंदुस्तान आएंगे जिनपिंग-पुतिन, एशिया कप के फाइनल में पहुंची टीम इंडिया The post BRICS Summit Menu : PM मोदी से लेकर विदेशी मेहमानों तक की थाली में क्या होगा? ऐसे तय होता है खाना appeared first on Naya Vichar.

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