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झारखंड विधानसभा मानसून सत्र का आज चौथा दिन : सदन में JPSC-JSSC मुद्दे पर जोरदार हंगामा

रांची : झारखंड विधानसभा में मानसून सत्र का आज चौथा दिन है. यह सत्र 6 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक निर्धारित है. पांच कार्यदिवसीय इस सत्र में प्रश्नकाल, अनुपूरक बजट, विभिन्न विभागों की रिपोर्ट और कई विधेयकों पर चर्चा होनी है. हालांकि पूरे सत्र में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक और छात्र आंदोलन सबसे प्रमुख मुद्दा बनकर उभरा है. विपक्ष पहले से ही प्रशासन को इन मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाए हुए था. अभ्यर्थियों ने विधानसभा का किया घेराव सोमवार को रांची में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों ने विधानसभा घेराव को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. आंसू गैस और वॉटर कैनन का भी प्रयोग किया। इस कार्रवाई में कई छात्रों के घायल होने की समाचार सामने आई. छात्र भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं. पुलिस कार्रवाई के बाद राज्यभर में नेतृत्वक प्रतिक्रिया तेज हो गई है. सदन में भारी हंगामा मंगलवार को मानसून सत्र के दौरान इसी मुद्दे को लेकर सदन में भारी हंगामा हुआ. विपक्षी सदस्यों ने छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए प्रशासन से जवाब मांगा. सदन में नारेबाजी और वेल में आकर विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसके कारण कार्यवाही कई बार बाधित हुई. विपक्ष ने JPSC-JSSC प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. वहीं सत्ता पक्ष ने कहा कि प्रशासन छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए संवाद के लिए तैयार है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई के बाद झारखंड की नेतृत्व गरमा गई है और मानसून सत्र का केंद्र बिंदु अब JPSC-JSSC विवाद बन गया है. The post झारखंड विधानसभा मानसून सत्र का आज चौथा दिन : सदन में JPSC-JSSC मुद्दे पर जोरदार हंगामा appeared first on Naya Vichar.

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केशपुर जाते समय CM शुभेंदु अधिकारी के हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी, आपात लैंडिंग

हल्दिया : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पश्चिम मिदनापुर के केशपुर जा रहे थे. वे कोलकाता से हेलीकॉप्टर से केशपुर के लिए रवाना हुए थे, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे अचानक उनके हेलीकॉप्टर में खराबी आ गई. उस समय वे कोलाघाट में थे. हेलीकॉप्टर को वहां आपात स्थिति में उतारा गया. हेलीकॉप्टर की हो रही मरम्मत प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, हेलीकॉप्टर की मरम्मत कोलाघाट में की जाएगी. समस्या की वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी. यदि कोलाघाट में हेलीकॉप्टर की यांत्रिक मरम्मत संभव हुई और विमान के मैकेनिकों ने अनुमति दी, तो हेलीकॉप्टर से केशपुर के लिए प्रस्थान किया जाएगा. अन्यथा, फिलहाल प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सड़क मार्ग से जाया जाएगा. शहीद खुदीराम बोस के घर जा रहे थे शुभेंदु यह उल्लेखनीय है कि आज शहीद खुदीराम बोस की पुण्यतिथि है. मुख्यमंत्री उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए केशपुर के मोहबोनी स्थित खुदीराम बोस के जन्मस्थान जा रहे हैं. मुख्यमंत्री केशपुर स्थित खुदीराम बोस के घर जा रहे हैं. केशपुर के मोहबोनी में खुदीराम बोस का घर है. मुख्यमंत्री इस दिन खुदीराम बोस के बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बांकुड़ा में भी थी सभा केशपुर में मुख्यमंत्री की सभा को लेकर ग्रामीणों में तनाव का माहौल है. दूरदराज के गांव मोहबानी के निवासियों को विकास की उम्मीद की एक किरण नजर आ रही है. मोहबानी में खुदीराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री बांकुड़ा में सभा में शामिल होंगे. इसके मद्देनजर मोहबानी के पास एक अस्थायी हेलीपैड बनाया गया है. Also Read: पश्चिम बंगाल बनेगा देश का ‘सीड हब’, खुलेंगे चार कृषि प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र The post केशपुर जाते समय CM शुभेंदु अधिकारी के हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी, आपात लैंडिंग appeared first on Naya Vichar.

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Parliament Live: झारखंड के युवाओं पर लाठीचार्ज का मुद्दा गरमाया, बोले मनोज तिवारी- अमित शाह जवाब देंगे, राहुल गांधी भागना मत

Parliament Live: संसद का मानसून सत्र मंगलवार को भी हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है. सत्र 13 अगस्त को समाप्त होना है और अब सिर्फ तीन दिन बाकी हैं. मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई. संसद में जारी हलचल, सत्ता पक्ष और विपक्ष के प्रदर्शन और दिनभर की हर बड़ी समाचार से जुड़े अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ. The post Parliament Live: झारखंड के युवाओं पर लाठीचार्ज का मुद्दा गरमाया, बोले मनोज तिवारी- अमित शाह जवाब देंगे, राहुल गांधी भागना मत appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand Bandh Live Updates: रांची के किशोरगंज चौक पर बीजेपी ने जाम किया सड़क, थम गई वाहनों की रफ्तार

जेपीएससी नियुक्ति में गड़बड़ी को लेकर झारखंड बीजेपी ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है. रांची में पार्टी कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर और रोड ब्लॉक कर अपना विरोध जताया है. The post Jharkhand Bandh Live Updates: रांची के किशोरगंज चौक पर बीजेपी ने जाम किया सड़क, थम गई वाहनों की रफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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भरत तिवारी मामले में मुख्य सचिव-DGP और भोजपुर SP को नोटिस, मानवाधिकार आयोग ने 2 दिन में मांगी रिपोर्ट

Bharat Tiwari Encounter Case : भोजपुर के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी से जुड़े एनकाउंटर मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है. बिहार मानवाधिकार आयोग ने मामले में राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और भोजपुर के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है. वहीं न्यायिक जांच आयोग ने भी मामले में साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है. आयोग ने आम लोगों से 27 अगस्त तक साक्ष्य और बयान उपलब्ध कराने की अपील की है. भरत तिवारी मामले में मानवाधिकार आयोग का बड़ा कदम जानकारी अनुसार, बिहार मानवाधिकार आयोग ने भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और भोजपुर के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है. आयोग ने संबंधित अधिकारियों से दो दिनों के भीतर मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता की शिकायत पर कार्रवाई मानवाधिकार आयोग की यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता डॉ. अजय कुमार पांडे की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई है. बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग के उपसचिव-सह-वरीय प्रभारी पदाधिकारी अविनाश कुमार झा ने मामले में दर्ज शिकायतों और चल रही कार्रवाई की जानकारी दी. आरा की समाचारों को पढ़ने के लिए क्लिक करें आयोग में भरत तिवारी से जुड़े 42 केस दर्ज अविनाश कुमार झा के अनुसार मानवाधिकार आयोग में भरत तिवारी से संबंधित 42 केस दर्ज किए जा चुके हैं. इससे मामले की गंभीरता और इसमें सामने आए अलग-अलग दावों की जांच का दायरा समझा जा सकता है. न्यायिक आयोग भी जांच में जुटा बता दें कि, भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच भी चल रही है. न्यायिक जांच आयोग की ओर से जल्द ही गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का क्रॉस एग्जामिनेशन शुरू किया जाएगा. इसके लिए आम लोगों से भी मामले से संबंधित जानकारी और साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपील की गई है. 27 अगस्त तक साक्ष्य देने का मौका न्यायिक जांच आयोग के सचिव सह सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि आम लोगों से 27 अगस्त तक साक्ष्य और बयान उपलब्ध कराने को कहा गया है. आयोग ने घटना से जुड़ी जानकारी रखने वाले लोगों से आगे आने की अपील की है. बिलौटी पुलिस फायरिंग से जुड़े साक्ष्य मांगे गए सचिव ने बताया कि 24 जुलाई को आयोग की ओर से बिलौटी पुलिस फायरिंग के संबंध में आम लोगों से साक्ष्य और बयान देने की अपील की गई थी. घटना से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी रखने वाले लोग उसे शपथ पत्र के जरिए आयोग के समक्ष उपलब्ध करा सकते हैं. 10 अगस्त तक नहीं मिला कोई शपथ पत्र आयोग के सचिव के अनुसार 10 अगस्त तक दोनों पक्षों की ओर से कोई शपथ पत्र प्राप्त नहीं हुआ था. हालांकि आयोग को चार-पांच आवेदन मिले हैं. इनमें एक व्यक्ति ने अपने पास घटना से संबंधित साक्ष्य होने की जानकारी दी है. संबंधित व्यक्ति को 27 अगस्त तक साक्ष्य उपलब्ध कराने की सूचना दी गई है. दूसरे चरण में गवाहों के बयान भी होंगे दर्ज न्यायिक जांच आयोग के सचिव ने बताया कि 27 अगस्त के बाद प्राप्त होने वाले साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का क्रॉस एग्जामिनेशन शुरू किया जाएगा. पहले चरण की गवाही के दौरान जिन लोगों का बयान किसी कारण से दर्ज नहीं हो सका था, दूसरे चरण में उनके बयान भी लिए जाएंगे. गवाहों के बयान और साक्ष्यों का होगा मिलान जांच के अगले चरण में आयोग उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का मिलान करेगा. इसका उद्देश्य मामले से जुड़े तथ्यों को अधिक स्पष्ट करना और जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारियों की पड़ताल करना है. पूर्व IPS अमिताभ दास से भी साक्ष्य देने की अपील न्यायिक जांच आयोग के सचिव ने बताया कि पूर्व IPS अमिताभ दास की ओर से भी आवेदन दिया गया है. आयोग ने कहा है कि यदि उनके पास मामले से संबंधित कोई साक्ष्य उपलब्ध है, तो उसे भी जांच आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है. मानवाधिकार आयोग और न्यायिक आयोग की कार्रवाई पर नजर एक ओर बिहार मानवाधिकार आयोग ने शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है, वहीं दूसरी ओर न्यायिक जांच आयोग साक्ष्य और गवाहों के बयान जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है. दोनों स्तरों पर चल रही कार्रवाई के कारण अब मामले की जांच को लेकर आगे आने वाले कदम महत्वपूर्ण होंगे. Also Read : भोजपुर के 9 प्रखंडों में आज हो सकती है भारी बारिश, मौसम विभाग का येलो अलर्ट जारी, 40 KMPH से चलेगी हवा The post भरत तिवारी मामले में मुख्य सचिव-DGP और भोजपुर SP को नोटिस, मानवाधिकार आयोग ने 2 दिन में मांगी रिपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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US कोर्ट के फैसले पर बोले गौतम अदाणी- न्याय पर हमारा भरोसा कभी नहीं डिगा

US court dismisses Gautam Adani’s case: हिंदुस्तानीय उद्योगपति गौतम अदाणी को अमेरिका में बड़ी कानूनी राहत मिली है. अमेरिकी न्याय विभाग के मामला वापस लेने के फैसले के बाद ब्रुकलिन की एक अदालत ने अडाणी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को खारिज कर दिया. वकीलों ने स्वीकार की मामले को वापस लेने वाली याचिका रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी जिला न्यायाधीश निकोलस गराउफिस ने अमेरिकी प्रशासनी वकीलों की मामले को वापस लेने की याचिका स्वीकार कर ली, जिसके बाद मामला खारिज कर दिया गया. दालत ने पहले यह भी स्पष्ट किया था कि आरोप हटाने के बदले किसी तरह का कोई समझौता नहीं हुआ है. अडाणी ने भी शपथपत्र में कहा कि उन्हें ऐसे किसी समझौते की जानकारी नहीं है. हमेशा कानून पर विश्वास रहा: गौतम अडाणी फैसले के बाद गौतम अडाणी ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया और कानून के शासन में उनका विश्वास हमेशा बना रहा. उन्होंने इस दौरान उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उन पर और न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखा. अडाणी समूह से जुड़े कुछ निवेशकों पर उठे थे सवाल 2024 में अमेरिकी अधिकारियों ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े कुछ कारोबारी सौदों और निवेशकों को दी गई जानकारी को लेकर मामला दर्ज किया था. अडाणी समूह ने शुरू से ही इन आरोपों को गलत बताया था. ये भी पढ़ें: पीएलए का आदेश! चीन में बंद हुए ड्रोन शो, बढ़ी लो-एल्टीट्यूड उड़ानों की निगरानी, अचानक क्यों लगी रोक? टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी न्याय विभाग ने अदालत को बताया कि वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएगा, क्योंकि यह उसकी मौजूदा प्राथमिकताओं के अनुरूप नहीं है. इसके बाद अदालत ने मामला खारिज कर दिया. The post US कोर्ट के फैसले पर बोले गौतम अदाणी- न्याय पर हमारा भरोसा कभी नहीं डिगा appeared first on Naya Vichar.

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आठ बैरिकेड तोड़ विधानसभा पहुंचे छात्र, देर शाम पुलिस ने किया लाठीचार्ज

रांची: जेपीएससी और जेएसएससी में कथित अनियमितता के विरोध में छात्र संगठनों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार को विधानसभा मार्च किया. प्रदर्शनकारी छात्र कई समूहों में विभाजित होकर विधानसभा की ओर बढ़े और योगदा सत्संग कॉलेज से आगे निकलते हुए पुलिस की आठ बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा परिसर तक पहुंच गए. छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने कई बार वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे. देर शाम तक बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा परिसर और योगदा सत्संग कॉलेज के आसपास डटे रहे. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि यह पहली बार है जब कोई छात्र संगठन प्रदर्शन करते हुए झारखंड विधानसभा परिसर के भीतर तक पहुंचा है. पानी की बौछार में नाचते रहे छात्र विधानसभा मार्च को रोकने के लिए शुरुआत में पुलिस ने पानी की तेज बौछार की, लेकिन कई छात्र उसी में नाचते और नारे लगाते रहे. आंसू गैस छोड़े जाने के बाद भी प्रदर्शन जारी रहा. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं. देर शाम लाठीचार्ज पुलिस ने शुरुआत में संयम बरता, लेकिन भीड़ बढ़ने पर देर शाम लाठीचार्ज करना पड़ा. भगदड़ के दौरान एक छात्रा भीड़ में दब गई, हालांकि अन्य छात्रों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस द्वारा लाठी उठाते ही छात्र राष्ट्रगान गाने लगते थे. प्रदर्शन के दौरान दर्जनों छात्र घायल हुए. पुलिस के छह जवान भी चोटिल हुए, जिनमें आइआरबी के जवान फाल्गुनी यादव के सिर में गंभीर चोट लगी। उन्हें पारस अस्पताल के आइसीयू में भर्ती कराया गया है. एक छात्र का सिर भी फट गया. तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए विधानसभा के सभी गेट बंद कर दिए गए. देर शाम प्रदर्शनकारी परिसर के पास धरना देने का प्रयास कर रहे थे, तब पुलिस ने फिर लाठीचार्ज कर क्षेत्र खाली कराया. ये भी पढ़ें: JSSC CGL का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले मिला था: अभय तिवारी देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस से पहुंचे आंदोलन के दौरान झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस से प्रदर्शन स्थल पहुंचे. वे स्ट्रेचर पर लेटकर प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाते दिखाई दिए. बाद में पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया. भाजपा ने आज झारखंड बंद का आह्वान किया घटना के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है पार्टी ने प्रशासन पर छात्र आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया है. वहीं मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर नेतृत्वक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. मुख्यमंत्री ने कहा- युवाओं की आवाज का सम्मान जरूरी प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पोस्ट जारी कर कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान संयम, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ स्थिति संभालने के लिए वे प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों और जवानों का धन्यवाद करते हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना छात्रों का अधिकार है और उनकी आवाज का सम्मान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, प्रशासन किसी को नहीं बख्शेगी और व्यवस्था की कमियों को दूर करने के लिए कदम उठाए जाएंगे. राहुल गांधी ने बल प्रयोग को गलत बताया लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग गलत है. छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और समाधान बातचीत से निकलना चाहिए. उन्होंने राज्य प्रशासन से छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की अपील की. ये भी पढ़ें: JPSC घोटाला: डॉ. दिलीप प्रसाद के बाद गिरफ्तार होने वाले जेपीएससी के दूसरे अध्यक्ष बने एल खियांग्ते The post आठ बैरिकेड तोड़ विधानसभा पहुंचे छात्र, देर शाम पुलिस ने किया लाठीचार्ज appeared first on Naya Vichar.

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JPSC घोटाला: डॉ. दिलीप प्रसाद के बाद गिरफ्तार होने वाले जेपीएससी के दूसरे अध्यक्ष बने एल खियांग्ते

रांची : JPSC और अन्य नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितता मामले में गिरफ्तार एल खियांग्ते आयोग के दूसरे ऐसे अध्यक्ष बन गए हैं जिन्हें जेल जाना पड़ा है। इससे पहले पहली और दूसरी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में डॉ. दिलीप प्रसाद गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं. झारखंड में राज्य गठन के बाद 25 वर्षों में जेपीएससी की अब तक 14 संयुक्त सिविल सेवा परीक्षाएं आयोजित हुई हैं और इनमें दो अध्यक्षों की गिरफ्तारी हो चुकी है. एल खियांग्ते ने 27 फरवरी 2025 को जेपीएससी अध्यक्ष का पद संभाला था. उनका कार्यकाल लगभग 17 माह का ही रहा. 21 जुलाई 2026 को सीआइडी की छापेमारी के दौरान उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. सीआइडी ने उनसे पहले दो बार पूछताछ की और 10 अगस्त 2026 को नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितता के मामले में गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में उप परीक्षा नियंत्रक, टीडीपीएल के निदेशक सहित 19 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है. विवाद से गिरफ्तारी तक 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई थी. परिणाम जारी होने के बाद अभ्यर्थियों ने बड़े पैमाने पर अनियमितता के आरोप लगाए और 3 जुलाई 2026 से विवाद तेज हो गया. आरोपों में ब्लैकलिस्टेड कंपनी से काम कराना, परीक्षा संचालन में गड़बड़ी, परिणाम प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और एक ही एजेंसी टीडीपीएल को बार-बार काम दिए जाने जैसे मुद्दे शामिल थे. सीआइडी ने 21 और 23 जुलाई 2026 को जेपीएससी कार्यालय, खियांग्ते के आवास और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान दस्तावेज, कंप्यूटर डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए गए. छापेमारी के दिन ही खियांग्ते ने पद से इस्तीफा दे दिया था. ये भी पढ़ें: Jharkhand Bandh Live Updates: JPSC धांधली के विरोध में सड़कों पर उतरी BJP, रांची में टायर जलाकर रोड ब्लॉक खियांग्ते का प्रशासनिक करियर मिजोरम के रहने वाले एल खियांग्ते वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों में रहे हैं. उन्होंने झारखंड प्रशासन में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, निदेशक और उपायुक्त सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. दिसंबर 2023 में उन्हें झारखंड का 24वां मुख्य सचिव बनाया गया था. 31 अक्तूबर 2024 को 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर वे सेवानिवृत्त हुए. जेपीएससी अध्यक्ष डॉ. मेरी नीलिमा केरकेट्टा के अगस्त 2024 में सेवानिवृत्त होने के बाद लगभग छह माह तक पद खाली रहा था, जिसके बाद राज्य प्रशासन की अनुशंसा पर राज्यपाल ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी. नियमानुसार उन्हें 25 अक्तूबर 2026 तक पद पर रहना था, लेकिन उससे लगभग तीन माह पहले ही उन्हें पद छोड़ना पड़ा. कार्यकाल के दौरान बढ़ती शिकायतें खियांग्ते के कार्यकाल में जेपीएससी ने कई भर्ती परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया, लेकिन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रहीं. 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के अलावा फॉरेस्ट रेंज अफसर और सहायक वन संरक्षक भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी अभ्यर्थियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी. आरोप लगाया गया कि परीक्षा संचालन और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा. जेपीएससी के अब तक के अध्यक्ष जेपीएससी के स्थायी अध्यक्षों में फटिक चंद्र हेंब्रम, डॉ. दिलीप प्रसाद, शिव बसंत, देवाशीष गुप्ता, डीके श्रीवास्तव, के. विद्यासागर, सुधीर त्रिपाठी, अमिताभ चौधरी, डॉ. मेरी नीलिमा केरकेट्टा और एल खियांग्ते शामिल रहे हैं. कार्यकारी अध्यक्षों में डॉ. दिलीप प्रसाद, आलोक जैन, डॉ. परवेज हसन और एके चट्टोराज शामिल रहे हैं. राज्य गठन के बाद जेल गए सात आइएएस अधिकारी झारखंड राज्य गठन के बाद अब तक सात आइएएस अधिकारियों को विभिन्न मामलों में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. इनमें सजल चक्रवर्ती, डॉ. प्रदीप कुमार, सियाराम प्रसाद सिन्हा, पूजा सिंघल, छवि रंजन, विनय कुमार चौबे और एल खियांग्ते शामिल हैं. एल खियांग्ते को 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी के आरोप में सीआइडी ने गिरफ्तार किया है. ये भी पढ़ें: JSSC CGL का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले मिला था: अभय तिवारी The post JPSC घोटाला: डॉ. दिलीप प्रसाद के बाद गिरफ्तार होने वाले जेपीएससी के दूसरे अध्यक्ष बने एल खियांग्ते appeared first on Naya Vichar.

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बेंगलुरु: 5-स्टार होटल का कमरा बुक कर दो बेटियों की हत्या, फिर पिता ने खुद पर चलाया चाकू

बेंगलुरु के एक होटल में दो मासूम बहनों (उम्र 5 और 10 साल) की उनके पिता द्वारा गला घोंटकर हत्या करने का मामला सामने आया है. आरोपी पिता की पहचान 40 वर्षीय एस.जी. इमरान के रूप में हुई है, जिसने इस वारदात के बाद खुद भी आत्महत्या करने का प्रयास किया. शुरुआती जांच और पूर्वोत्तर बेंगलुरु के डीसीपी जी.के. मिथुन कुमार के अनुसार, घटना के बाद आरोपी को गंभीर हालत में मणिपाल अस्पताल भर्ती कराया गया था, जहां अब वह खतरे से बाहर है. मौके से एक सुसाइड नोट मिला पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें पारिवारिक विवाद और पत्नी पर शक किए जाने की बात कही गई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हत्या की मुख्य वजह तथा पूरी घटना की गहनता से जांच कर रही है. ये भी पढ़ें: त्रिपुरा के DGP अनुराग धनखड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुलिस मुख्यालय में मिला शव; खुदकुशी की आशंका कमरे के भीतर दोनों मासूम बच्चियों के शव मिले पुलिस के अनुसार, जांच अधिकारियों को होटल के कमरे के भीतर दोनों मासूम बच्चियों के शव मिले. वहीं उनका पिता उसी कमरे में गंभीर रूप से कटे हुए गले के साथ बेहोश पड़ा हुआ था. उसे तुरंत इलाज के लिए एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है. DCP जी. के. मिथुन कुमार ने कहा, “हम सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल सबूत और एकत्र किए गए अन्य सामान की भी जांच कर रहे हैं. आरोपी के चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ (मेडिकली फिट) होते ही उसका बयान दर्ज किया जाएगा.” घटनास्थल पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम जांच में जुटी हुई है. फॉरेंसिक टीम वहां से नमूने (सैंपल) और साक्ष्य एकत्र कर रही है, जिससे घटनाक्रम का सही क्रम समझकर पूरे मामले की वजह और परिस्थितियों का खुलासा किया जा सके. The post बेंगलुरु: 5-स्टार होटल का कमरा बुक कर दो बेटियों की हत्या, फिर पिता ने खुद पर चलाया चाकू appeared first on Naya Vichar.

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पूर्वोत्तर भारत का इंडस्ट्रियल हब बनेगा बिहार, करोड़ों के प्रोजेक्ट्स से बदलेगी सूरत, कुछ ऐसा है मास्टर प्लान

Bihar Industrial Development: ‘प्रशासन का लक्ष्य राज्य के हर जिले में कम-से-कम एक बड़ा उद्योग स्थापित करना है. पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश को जमीन पर उतारने की दिशा में काम किया जाएगा. इसके लिए PPP मॉडल के तहत उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराने की योजना है’. यह ऐलान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया था. सम्राट चौधरी प्रशासन के 100 साल पूरे होने पर राज्यस्तरीय विकास उत्सव का आयोजन किया गया था. इस दौरान उन्होंने 11,464 करोड़ रुपये की 2,476 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था. इसमें स्वास्थ्य, सड़क, कृषि, उद्योग और निवेश से जुड़े कई अहम फैसलों की जानकारी दी गई थी. इस तरह से बिहार में उद्योग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है. इसे लेकर प्रशासन का मानना है कि औद्योगिक निवेश बढ़ने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का पलायन कम होगा. ऐसे में बिहार प्रशासन की ओर से बिहार में औद्योगिक विकास के लिए क्या कुछ प्लानिंग की गई है, कौन-कौन प्रमुख योजनाएं लाई गईं हैं और कौन-कौन से बड़े ऐसे प्रोजेक्ट्स हैं, जो बिहार के लिए गेम चेंजर साबित हो सकेंगे… पढ़िए पूरी रिपोर्ट… बिहार में औद्योगिक विकास के लिए प्रशासन के प्रमुख ऐलान 51,600 करोड़ का होगा निवेश- बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में उद्योग विभाग ने करीब 51,600 करोड़ रुपये के निवेश के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू किए. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में हुए इन समझौतों से स्टील, टेक्सटाइल, ऊर्जा और फार्मा क्षेत्र में नई परियोजनाएं आने की उम्मीद है. ग्लोबल रिन्यूएबल एडवांस्ड क्लीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (ग्रेस) न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में 22,500 करोड़ रुपये निवेश करेगी. जबकि क्रिएटिव ग्रुप और अनुभव एपरेल्स बिहार में टेक्सटाइल इकाइयां लगाने की तैयारी में हैं. गयाजी में मेगा स्टील प्लांट- बिहार के गयाजी में स्टील प्लांट लगाया जाएगा. इसके लिए 6000 करोड़ रुपये खर्च किए जायेंगे. गयाजी में बड़े एकीकृत इस्पात (Large Integrated Steel Project) लगाने के लिए उद्योग विभाग और महाशक्ति ग्रुप के बीच एमओयू साइन किया गया है. प्रस्तावित परियोजना की उत्पादन क्षमता 1.0 से 1.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) होगी. ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा- बिहार प्रशासन ने नए उद्योगों के लिए मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाकर इसे अधिकतम 30 दिनों में अनिवार्य कर दिया है. जानकारी के मताबिक, निर्धारित समय-सीमा में निर्णय न होने पर प्रोजेक्ट को स्वतः मंजूरी (Deemed Clearance) मिल जाएगी, जिसका उद्देश्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना है. नई और बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करना- बिहार में नई और पुरानी चीनी मिलों को खोलने की योजना बनाई गई है. गन्ना आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने शुगरकेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पोर्टल (SIPP) शुरू किया है. गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने पोर्टल लॉन्च करते हुए बताया था कि इसके जरिए निवेशकों को एक ही जगह पर जरूरी सुविधाएं और जानकारी मिल सकेगी. यह पहल बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत की गई. नई चीनी मिल लगाने वाले निवेशकों को प्रशासन 70 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी देगी. साथ ही पांच साल तक 100 फीसदी SGST की वापसी का प्रावधान है. 25000 करोड़ का वित्तपोषण का फैसला- प्रशासन ने राज्य में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए 25000 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला लिया था. इसके लिए सीएम सम्राट चौधरी ने जमीन अधिग्रहण और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार (आयडा) को वित्तीय संस्थानों से राज्य प्रशासन की गारंटी पर 25000 करोड़ रुपये लोन लेने के लिए अधिकृत करने की स्वीकृति दी थी. 51,600 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू किया गया साइन बिहार में औद्योगिक विकास से जुड़े 5 बड़े और प्रमुख प्रोजेक्ट्स गयाजी इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट गयाजी में करीब 6,000 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित यह परियोजना बिहार को स्टील उत्पादन का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इससे विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है. मुजफ्फरपुर मेगा फूड पार्क मोतीपुर में स्थापित मेगा फूड पार्क का उद्देश्य कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, पैकेजिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देना है. इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार और प्रसंस्करण की आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी. बिहटा ईवी और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पटना के बिहटा स्थित सिकंदरपुर औद्योगिक क्षेत्र में Empara Life India Private Limited की ओर से करीब 5,600 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है. परियोजना में लिथियम-आयन बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण की योजना है. कंपनी के अनुसार इससे करीब 3,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. यह परियोजना बिहार में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बैटरी निर्माण का नया औद्योगिक आधार तैयार कर सकती है. बिहार में न्यूक्लियर पावर प्लांट परियोजना मुख्य रूप से बिहार के बांका और नवादा में न्यूक्लियर पावर परियोजनाओं की संभावनाओं पर काम किए जाने की जानकारी सामने आई है. प्रस्तावित परियोजनाओं में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) तकनीक के इस्तेमाल की बात कही गई है. परियोजनाओं को लेकर NPCIL और NTPC से जुड़े स्तर पर सर्वे और अन्य प्रारंभिक गतिविधियों की चर्चा है. बक्सर में कोका-कोला और जेके सीमेंट की यूनिट्स बक्सर में करीब 1,700 करोड़ रुपये की लागत से बॉटलिंग प्लांट और सीमेंट निर्माण से जुड़ी इकाइयों के संचालन से क्षेत्र में विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिला है. इससे स्थानीय रोजगार, लॉजिस्टिक्स और छोटे कारोबारों को भी गति मिलने की उम्मीद है. कोका कोला प्लांट की सांकेतिक तस्वीर किस-किस क्षेत्र में उद्योग लगाने की है योजना कृषि आधारित एवं फूड प्रोसेसिंग उद्योग बिहार की कृषि वित्तीय स्थिति को उद्योग से जोड़ने के लिए मखाना, मक्का, फल, सब्जियां और अनाज के प्रसंस्करण और पैकेजिंग से जुड़ी इकाइयों को बढ़ावा दिया जा रहा है. इससे किसानों को बेहतर बाजार मिलने के साथ कृषि उत्पादों का वैल्यू एडिशन और स्थानीय रोजगार बढ़ सकता है. वस्त्र और चर्म उद्योग टेक्सटाइल, लेदर गुड्स और फुटवियर निर्माण को रोजगार आधारित उद्योगों के रूप में विकसित करने की संभावनाएं हैं. इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से विशेषकर युवाओं और स्त्रीओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. स्टील और विनिर्माण उद्योग गया समेत राज्य के अन्य हिस्सों में प्रस्तावित

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