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विकास के नए मानक गढ़ रहा बिहार, 20 साल में 13 गुना बढ़ी आय, गरीबी घटाने में देश में बना नंबर-1

Bihar Government: बिहार प्रशासन के योजना एवं विकास विभाग ने राज्य की विकास यात्रा को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े जारी किए हैं. विभाग का दावा है कि पिछले 20 वर्षों में बिहार ने मानव विकास, गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. रिपोर्ट के अनुसार, बिहार अब सामाजिक और आर्थिक विकास के कई मानकों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. मानव विकास सूचकांक में बड़ा सुधार मानव विकास सूचकांक (HDI) में बिहार ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है. वर्ष 2006 में बिहार का HDI 0.485 था, जो 2023 में बढ़कर 0.614 हो गया. इस दौरान राज्य में लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह वृद्धि 23 प्रतिशत रही. गरीबी कम करने में बिहार देश में सबसे आगे नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) के अनुसार बिहार ने गरीबी कम करने में देश में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है. वर्ष 2015-16 में राज्य की बहुआयामी गरीबी दर 51.89 प्रतिशत थी, जो 2019-21 में घटकर 33.76 प्रतिशत रह गई. यानी करीब 18.13 प्रतिशत अंक की कमी आई. राष्ट्रीय स्तर पर इसी अवधि में गरीबी में 9.89 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई थी. इस तरह बिहार का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना रहा. 20 साल में 13 गुना बढ़ी प्रति व्यक्ति आय राज्य की आर्थिक स्थिति में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है. वर्ष 2004 में बिहार की प्रति व्यक्ति आय केवल 5,780 रुपये थी. यह 2024-25 में बढ़कर 76,490 रुपये हो गई है. यानी पिछले 20 वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में लगभग 13 गुना वृद्धि हुई है. विकास कार्यों पर बढ़ा खर्च बिहार प्रशासन ने विकास योजनाओं पर खर्च में लगातार बढ़ोतरी की है. प्रति व्यक्ति विकास व्यय 2005-06 में 1,463 रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 13,279 रुपये हो गया. इसी अवधि में स्वास्थ्य पर खर्च 14.8 गुना और शिक्षा पर खर्च 13.2 गुना बढ़ा है. स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है. संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 2005-06 में 19.9 प्रतिशत था, जो 2023-24 में बढ़कर 81.1 प्रतिशत हो गया है. जन्म के समय औसत जीवन प्रतिशत भी 64.2 वर्ष से बढ़कर 69.5 वर्ष हो गई है. बच्चों के पोषण स्तर में सुधार बच्चों के पोषण से जुड़े आंकड़ों में भी सकारात्मक बदलाव आया है. ठिगनापन (Stunting) में 20 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई है. वहीं कम वजन वाले बच्चों की संख्या में 20.2 प्रतिशत अंक और क्षीणता (Wasting) में 8.1 प्रतिशत अंक की कमी आई है. यह सुधार राष्ट्रीय औसत से बेहतर बताया गया है. बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से कम पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2024 के अनुसार बिहार की बेरोजगारी दर 3 प्रतिशत है. यह राष्ट्रीय औसत 3.2 प्रतिशत से कम है. प्रशासन का दावा है कि राज्य में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. SDG रैंकिंग में भी बिहार की छलांग सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के मामले में भी बिहार ने प्रगति की है. स्वच्छ जल और स्वच्छता (SDG-6) के क्षेत्र में बिहार 98 अंकों के साथ देश में तीसरे स्थान पर रहा. अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण (SDG-3) में राज्य का स्कोर 2018-19 के 44 से बढ़कर 2023-24 में 67 हो गया है. इसके साथ ही बिहार ‘Aspirant’ श्रेणी से निकलकर ‘Front Runner’ श्रेणी में पहुंच गया है. प्रशासन का दावा है कि आने वाले वर्षों में बिहार विकास के नए मानक स्थापित करेगा. Also Read: बिहार में 5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य, राजगीर-मुंगेर में बनेगा डिफेंस कॉरिडोर, सीएम सम्राट बोले- हर जिले तक पहुंचेगी हवाई सुविधा The post विकास के नए मानक गढ़ रहा बिहार, 20 साल में 13 गुना बढ़ी आय, गरीबी घटाने में देश में बना नंबर-1 appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला-कंप्रोमाइज्ड पीएम भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते

Compromised PM : होर्मुज स्ट्रेट के पास तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए लगातार हमले में 3 हिंदुस्तानीयों की मौत पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए एक्स पर पोस्ट लिखा है कि जब कोई विदेशी ताकत किसी हिंदुस्तानीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है, लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एक कंप्रोमाइज्ड पीएम हैं. कंप्रोमाइज्ड पीएम के पास ना ताकत है ना हिम्मत अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन हिंदुस्तानीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं। जब कोई विदेशी ताकत किसी हिंदुस्तानीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं। अगले हफ्ते G7 में,… — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 12, 2026 राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए लिखा है कि कंप्रोमाइज्ड पीएम, हिंदुस्तान माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते क्योंकि इन बेटों की जान लेने वालों को नाराज करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत. उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया. राहुल गांधी ने लिखा कि अगले हफ्ते जी 7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे . उन तीन हिंदुस्तानीयों की मौत पर वे एक शब्द भी नहीं कहेंगे. जिम्मेदारी से बच नहीं सकते पीएम मोदी कांग्रेस ने अमेरिका की लापरवाही भरी सैन्य कार्रवाइयों की बृहस्पतिवार को निंदा की थी. साथ ही प्रशासन से इस मामले में जवाबदेही तय करने के लिए राजनयिक कदम उठाने की मांग की थी. विपक्ष ने पीएम मोदी से यह कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी व्यक्तिगत घनिष्ठता को बार-बार एक कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में प्रदर्शित करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते. बुधवार को हुए हमले में तीन हिंदुस्तानीयों की मौत विदेश मंत्रालय ने यह स्वीकार किया है कि बुधवार को सेटेबेलो पर हुए हमले में तीन हिंदुस्तानीयों की मौत हुई है. इस हमले पर नाराजगी जताते हुए विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया और उन्हें एक विरोध पत्र सौंपा. साथ ही होर्मुज स्ट्रेज में अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए हमले की निंदा भी की है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया है कि ये हमले रूकने चाहिए.हिंदुस्तान ने यह कहा है कि चाहे क्षेत्रीय संघर्ष कुछ भी हो, व्यापारिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. ये भी पढ़ें : अमेरिकी नौसेना के हमले में 3 हिंदुस्तानीयों की मौत से हिंदुस्तान नाराज, अमेरिकी दूतावास के प्रभारी को तलब कर जताया विरोध राज्यसभा चुनाव : नामांकन रद्द किए जाने पर मीनाक्षी नटराजन ने EC से पूछे सवाल, राहुल गांधी ने कहा-अब हो रही है सीट चोरी राज्यसभा चुनाव : सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के अपील को किया खारिज, बोलीं नेता-यह लोकतंत्र और संविधान के लिए झटका The post राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला-कंप्रोमाइज्ड पीएम हिंदुस्तान माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते appeared first on Naya Vichar.

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एक साल, 260 मौतें और कई सवाल… आखिर AI-171 दुर्घटना की वजह क्या थी?

Air India AI-171 Crash: एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटना को एक साल पूरा हो गया है, लेकिन इस भीषण हादसे में अपनों को खो चुके लोगों को हादसे की असली वजज नहीं पता चला है. 260 लोगों की जान लेने वाली इस त्रासदी की अंतिम जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है. विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने जुलाई 2025 में अंतरिम रिपोर्ट जारी की थी, लेकिन उसमें दुर्घटना के कारणों का साफ-साफ जिक्र नहीं किया गया था. रिपोर्ट में केवल इतना संकेत दिया गया था कि उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान के इंजनों के ईंधन स्विच बंद हो गए थे. इस अहम जानकारी के बावजूद दुर्घटना की असली वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है. अंतिम रिपोर्ट का इंतजार जारी है. परिवारों के लिए दर्दनाक रहा इंतजार हादसे में अपनों को खोने वाले परिवार बीते एक साल से जवाबों की तलाश में हैं. जांच रिपोर्ट का इंतजार कई परिवारों के लिए बेहद पीड़ादायक रहा है. वे इस त्रासदी में खोए अपने प्रियजनों की यादों के सहारे जी रहे हैं लेकिन उनके मन में उठ रहे सवालों के जवाब उन्हें अब भी नहीं मिले हैं. अंतिम रिपोर्ट नहीं आने के कारण उनका दुख और गहरा गया है क्योंकि उन्हें अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसा आखिर क्यों हुआ. अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत यदि संभव हो तो किसी विमान हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट एक साल के भीतर जारी की जानी चाहिए और यदि रिपोर्ट पूरी नहीं हो पाती तो अंतरिम बयान जारी किया जा सकता है. नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने 8 मई को कहा था कि जांच अंतिम चरण में है और रिपोर्ट एक महीने के भीतर आ सकती है. उन्होंने कहा था कि प्रशासन जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करती, लेकिन एएआईबी (AAIB) को हर जरूरी संसाधन मुहैया कराए जा रहे हैं. जल्दबाजी में रिपोर्ट जारी करने पायलट संघ ने किया विरोध इधर, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष सीएस रंधावा का कहना है कि एएआईबी को पूरी और व्यापक जांच के बाद ही अंतिम रिपोर्ट जारी करनी चाहिए. उन्होंने मीडिया में चल रही अंतरिम रिपोर्ट जारी होने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अधूरी जानकारी सार्वजनिक करने से भ्रम और बढ़ सकता है. उनके मुताबिक यदि जांच से अभी कोई ठोस नतीजे नहीं निकला है, तो जल्दबाजी में रिपोर्ट जारी करना ठीक नहीं होगा. 32 सेकंड में खत्म हो गई थी उड़ान 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ान भरने के महज 32 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. विमान सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास परिसर पर गिर गया था. इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित कुल 260 लोगों की मौत हुई थी. जमीन पर मौजूद 19 लोगों ने भी अपनी जान गंवाई थी. विमान में सवार केवल एक यात्री जीवित बच पाया था. गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों में शामिल थे. प्रधानमंत्री को लिखा गया था पत्र हादसे में जान गंवाने वाले 30 लोगों के परिवारों ने अप्रैल 2026 में अहमदाबाद में बैठक कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. उन्होंने कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और ब्लैक बॉक्स का डेटा सार्वजनिक करने और जांच जल्द पूरी करने की मांग की थी. परिजनों का कहना है कि दुर्घटना की सच्चाई सामने आना न केवल पीड़ित परिवारों के लिए जरूरी है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है. Also Read: राज्यसभा चुनाव : सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के अपील को किया खारिज, बोलीं नेता-यह लोकतंत्र और संविधान के लिए झटका The post एक साल, 260 मौतें और कई सवाल… आखिर AI-171 दुर्घटना की वजह क्या थी? appeared first on Naya Vichar.

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बीमारी को दी मात, मोबाइल से पढ़कर MP के आयुष ने निकाला UPSC

Aayush Swami AIR 461: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों युवा एग्जाम देते हैं, लेकिन सफलता सिर्फ उन्हीं को मिलती है जो मुश्किल हालातों में भी हार नहीं मानते. ऐसी ही एक कहानी मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव के रहने वाले आयुष स्वामी (Aayush Swami AIR 461) की है. आयुष ने तमाम दिक्कतों, बीमारी और असफलताओं को पीछे छोड़ते हुए यूपीएससी परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 461 हासिल की है. उनकी यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. आइए जानते हैं कि आयुष ने यूपीएससी में सफलता कैसे हासिल किया. Aayush Swami AIR 461: एक प्रशासनी टीचर के बेटे का बड़ा सपना आयुष स्वामी मध्य प्रदेश के बैंडखेड़ी नाम के एक छोटे से कस्बे के रहने वाले हैं. उनके पिता एक प्रशासनी प्राइमरी स्कूल के टीचर हैं और मां हाउसवाइफ हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद आयुष के सपने हमेशा से बड़े थे. 12वीं में उन्होंने साइंस (PCM) की पढ़ाई की थी. लेकिन, उनका लक्ष्य बिल्कुल साफ था कि उन्हें देश और समाज की सेवा करनी है. इसलिए, सिविल सर्विसेज की तैयारी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी स्ट्रीम बदल ली और सोहागपुर से बीए (Bachelor of Arts) की पढ़ाई पूरी की. जब बीमारी ने बदल दिया जिंदगी को देखने का नजरिया जब आयुष 10वीं क्लास में थे, तब एक गलत दवाई के रिएक्शन की वजह से उनकी तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई. हालात इतने खराब थे कि उन्हें लगभग पूरा साल भोपाल के एक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा. ठीक होने के बाद उनके पास बोर्ड परीक्षा के लिए सिर्फ एक महीना बचा था. उन्होंने अपने दम पर 10वीं में 88% मार्क्स हासिल किए. मोबाइल फोन से की पढ़ाई, स्कॉलरशिप ने दिया सहारा यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली जाना आयुष के परिवार के लिए आर्थिक रूप से मुमकिन नहीं था. ऐसे में उन्होंने एक स्कॉलरशिप एग्जाम पास किया, जिससे उन्हें इंदौर में मुफ्त कोचिंग मिल गई. लेकिन तभी कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन लग गया. आयुष को वापस अपने गांव लौटना पड़ा. उन्होंने हार मानने के बजाय अपने मोबाइल फोन, गूगल सर्च और ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग करके करीब दो साल तक घर पर ही पढ़ाई की. इस दौरान उनके छोटे भाई ने भी नौकरी और पढ़ाई को बैलेंस करते हुए आयुष का पूरा साथ दिया. इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद प्रीलिम्स में फेल होना आयुष की UPSC की जर्नी आसान नहीं थी. अपने पहले ही प्रयास में वह इंटरव्यू राउंड तक पहुंच गए और उन्होंने 175 मार्क्स स्कोर किए, लेकिन अंतिम लिस्ट में जगह बनाने से सिर्फ 9 से 10 नंबर से चूक गए. इसके बाद दूसरे प्रयास में वह प्रीलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर पाए. एक साल इंटरव्यू देना और अगले ही साल प्रीलिम्स में फेल हो जाना किसी भी छात्र को तोड़ सकता है. लेकिन आयुष ने इसे एक मौके की तरह लिया. उन्होंने पूरे एक साल अपनी कमियों को सुधारा, नोट्स बेहतर किए और मॉक टेस्ट दिए. फिर उन्होंने (Aayush Swami AIR 461) यूपीएससी 2025 में  AIR 461 हासिल की. यह भी पढ़ें: न थमा हौसला, न रुकी जिद, चौथे प्रयास में मधुबनी के शिवम ने क्रैक किया UPSC The post बीमारी को दी मात, मोबाइल से पढ़कर MP के आयुष ने निकाला UPSC appeared first on Naya Vichar.

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जोया अख्तर ने ‘मैं वापस आऊंगा’ का किया रिव्यू, कहा- खूबसूरत फिल्म

इम्तियाज अली की ऐतिहासिक ड्रामा ‘मैं वापस आऊंगा’ अपनी खूबसूरत कहानी की वजह से चर्चा में है. फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है और फैंस स्टारकास्ट की बेहतरीन एक्टिंग की जमकर तारीफ कर रहे हैं. अदिति राव हैदरी ने मूवी फिर से देखने की इच्छा जाहिर की. अब जोया अख्तर भी उनमें शामिल हो गई. जोया अख्तर ने मैं वापस आऊंगा का किया रिव्यू जोया अख्तर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर लिखा, “खूबसूरत लोगों को खूबसूरत फिल्म के लिए बधाई.” इससे पहले, अदिति राव हैदरी ने रिव्यू करते हुए लिखा, “इम्तियाज़ अली की फिल्म… लेकिन मुझे और भी बहुत कुछ कहना है! दिल को छू लेने वाली और रियल… मेरा दिमाग अभी भी इसे प्रोसेस कर रहा है और कह रहा है कि मैं वापस जाऊंगी, इसे फिर से देखूंगी.” ‘मैं वापस आऊंगा’ में दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, शरवरी और वेदांग रैना अहम भूमिकाओं में हैं. शरवरी ने मैं वापस आऊंगा को लेकर क्या कहा शरवरी ने फिल्म को लेकर एक प्यारा सा नोट शेयर किया. जिसमें बताया कि मैं वापस आऊंगा उनके दिल के कितने करीब है. अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक्ट्रेस ने लिखा, “आज, मेरे दिल के बहुत करीब एक फिल्म आप सबके अनुभव करने के लिए सिनेमाघरों में है! #MainVaapasAaunga में हमेशा से एक सच्चा और धड़कता हुआ दिल रहा है, चाहे वह स्क्रिप्ट पढ़ते समय हो या जिया के तौर पर हर पल जीते हुए… यह प्यार और तड़प की एक ऐसी कहानी है, जो सीमाओं, समय और यादों से परे है. मुझे इस फिल्म पर बहुत गर्व है और मैं आज दुनिया के साथ इस सफ़र को शेयर करने के लिए बहुत उत्साहित हूं.” यह भी पढ़ें- आमिर खान भी रणवीर सिंह-फरहान अख्तर का नहीं करा पाए सुलह, डॉन 3 विवाद में नया ट्विस्ट The post जोया अख्तर ने ‘मैं वापस आऊंगा’ का किया रिव्यू, कहा- खूबसूरत फिल्म appeared first on Naya Vichar.

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1339 करोड़ की लागत से गया में बन रहा मेगा इंडस्ट्रियल हब, एक लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

Gaya Dobhi Industrial Corridor: बिहार के गया जिले के डोभी प्रखंड क्षेत्र में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. निर्माण एजेंसियों ने करीब 1670.22 एकड़ भूमि को लेवलिंग करने का काम तेज कर दिया है. लगभग 1339.02 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले इस आधुनिक हब के पूरी तरह तैयार होने के बाद क्षेत्र के करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. केंद्र प्रशासन के सहयोग से बनने वाला यह कॉरिडोर डोभी प्रखंड के खरांटी पंचायत के 13 राजस्व गांवों के दायरे में फैला हुआ है. इसमें मुख्य रूप से अमारुत, मंगरुचक, बरिया, गंजीचक, खरांटी, सुगासोत और मंझौली जैसे गांव शामिल हैं. इंडस्ट्रियल एरिया के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरी तरह संपन्न हो चुका है और विभिन्न विभागों से जरूरी प्रशासनिक स्वीकृतियां व पर्यावरण मंजूरी भी मिल चुकी है. फूड प्रोसेसिंग और इंजीनियरिंग का बनेगा हब इस आधुनिक इंडस्ट्रियल एरिया में फूड प्रोसेसिंग, टेक्निकल डिवाइस निर्माण, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और पैकेजिंग से जुड़ी देश-विदेश की बड़ी फैक्ट्रियां स्थापित की जाएंगी. इसके साथ ही, कॉरिडोर के अंदर ही एक स्किल डेवलपमेंट सेंटर, अस्पताल, होटल, बिजनेस सेंटर और सामुदायिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा. परियोजना के लिए कुल 37.41 एमएलडी पानी की जरूरत आंकी गई है. फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करने के लिए 14.50 एमएलडी क्षमता के दो कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे शोधित जल का दोबारा इस्तेमाल हो सके. बिजली आपूर्ति के लिए 162 MVA क्षमता सुनिश्चित करते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षित अंडरग्राउंड इलेक्ट्रिसिटी नेटवर्क और लेटेस्ट डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम विकसित की जाएगी. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 34 टीपीडी क्षमता का प्लांट भी बनेगा. हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी और रेलवे साइडिंग की सुविधा यह कॉरिडोर जीटी रोड (NH-19) से महज सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और एनएच-22 भी इसके पास से गुजरता है. इन दोनों नेशनल हाईवे को कॉरिडोर से जोड़ने के लिए नई सड़कों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. इसके अलावा नजदीकी रेलवे स्टेशन से परियोजना क्षेत्र तक नई रेल कनेक्टिविटी और माल ढुलाई को आसान बनाने के लिए स्पेशल रेलवे साइडिंग व लॉजिस्टिक सुविधाएं भी तैयार की जाएंगी. 55 प्रतिशत हिस्से में लगेंगी फैक्ट्रियां टोटल जमीन का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ इंडस्ट्रियल यूनिट और फैक्ट्रियों के लिए सुरक्षित रखा गया है. इसके अलावा 18 प्रतिशत हिस्सा सड़कों व पार्किंग के लिए और 20.30 प्रतिशत हिस्से पर पर्यावरण संतुलन के लिए एक बड़ा ग्रीन बेल्ट विकसित किया जाएगा. शेष बची हुई जमीन का उपयोग आवासीय कॉलोनियों और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए होगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें स्थानीय युवाओं का रुकेगा पलायन इस मेगा प्रोजेक्ट के चालू होने से गया, डोभी और आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी. फैक्ट्रियां शुरू होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा. मेन कॉरिडोर के सहयोगी के रूप में छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को भी आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे. निर्माण एजेंसियों द्वारा धरातल पर सबसे पहले बिजली, पानी और मुख्य सड़कों का विकास किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें: खान सर के पार्टनर रहे निखिल सर ने लगाए गंभीर आरोप, बोले- इसने मेरा संस्थान मुझसे छीन लिया बिहार प्रशासनिक सेवा के अफसरों को बड़ा तोहफा, 16 बीएएस अधिकारी बने आईएएस, देखें पूरी लिस्ट The post 1339 करोड़ की लागत से गया में बन रहा मेगा इंडस्ट्रियल हब, एक लाख लोगों को मिलेगा रोजगार appeared first on Naya Vichar.

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Honda SP 125 vs Shine: माइलेज और डेली यूज के लिए कौन-सी 125cc बाइक है बेहतर?

Honda SP 125 vs Shine: अगर आप ऐसी बाइक की तलाश में जुटे हैं जो पेट्रोल कम पिए, लेकिन जरूरत पड़ने पर हाईवे पर भी आराम से दौड़े, तो 125cc सेगमेंट आपके लिए एक बढ़िया ऑप्शन है. यह 110cc बाइक के मुकाबले ज्यादा दमदार परफॉर्मेंस देता है, जबकि 150cc बाइक की तरह जेब पर ज्यादा बोझ भी नहीं डालता. Honda की दो सबसे पॉपुलर 125cc बाइक्स लंबे समय से हिंदुस्तानीय ग्राहकों की पसंद बनी हुई हैं. हम बात कर रहे हैं Honda SP 125 और Honda Shine की.  हालांकि, दोनों बाइक्स एक ही सेगमेंट में आती हैं, लेकिन इनका अंदाज थोड़ा अलग है. ऐसे में अगर आप इन दोनों में से किसी एक को खरीदने का सोच रहे हैं, तो आइए जानते हैं कि आपके लिए कौन-सी बाइक ज्यादा सही होगी. Honda SP 125 की डिटेल्स Honda SP 125 का डिजाइन स्पोर्टी और अग्रेसिव है. बाइक के शार्प टैंक श्राउड्स, स्टाइलिश ग्राफिक्स और स्लीक LED हेडलाइट इसे प्रीमियम और मॉडर्न लुक देते हैं. यह बाइक इम्पीरियल रेड मेटैलिक, मैट मार्वल ब्लू मेटैलिक और ब्लैक जैसे रंगों में उपलब्ध है. इस कम्यूटर बाइक का इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर इसकी सबसे बड़ी खूबियों में से एक है. इसमें पूरी तरह डिजिटल डिस्प्ले मिलता है. गियर पोजिशन इंडिकेटर से पता चलता है कि बाइक किस गियर में चल रही है.  इसमें दिया गया ईको इंडिकेटर बेहतर माइलेज हासिल करने में मदद करता है. इसके अलावा रियल-टाइम फ्यूल एफिशिएंसी की डिटेल्स भी मिलती है. इससे जरूरत पड़ने पर आप अपनी राइडिंग स्टाइल में बदलाव कर ज्यादा फ्यूल बचा सकते हैं. यह बाइक करीब 63 kmpl तक का माइलेज देने का दावा करती है. 11 लीटर के बड़े फ्यूल टैंक की बदौलत बार-बार पेट्रोल भरवाने की टेंशन भी दूर हो जाती है. कीमत की बात करें तो Honda SP 125 की एक्स-शोरूम कीमत 88,528 रुपये से शुरू होकर 96,116 रुपये तक जाती है. यह भी पढ़ें: फ्यूल खर्च से परेशान लोगों के लिए ये 5 इलेक्ट्रिक स्कूटर हैं बेहतर चॉइस, फटाफट डालें नजर Honda Shine की डिटेल्स इसकी राइडिंग पोजिशन काफी रिलैक्स्ड है. हैंडलबार, फुटपेग्स और चौड़ी सिंगल सीट का कॉम्बिनेशन शहर के भारी ट्रैफिक में भी सफर को आसान बना देता है. 791 mm की सीट हाइट इसे लगभग हर कद के राइडर के लिए कम्फर्टेबल है, जिससे ट्रैफिक सिग्नल पर पैर आसानी से जमीन तक पहुंच जाते हैं.  वहीं, इसका सिंपल और क्लासिक डिज़ाइन सड़क पर एक अलग ही पहचान देता है. ये Decent Blue Metallic और Rebel Red Metallic जैसे आकर्षक रंगों में आता है. Honda Shine का 123.94cc एयर-कूल्ड इंजन 10.63 bhp की पावर और 11 Nm का टॉर्क देता है. साथ ही इसका 5-स्पीड गियरबॉक्स गियर बदलने का एक्सपीरियंस और भी आसान बना देता है. यह बाइक करीब 55 kmpl तक का माइलेज देने का दावा करती है. लॉन्ग ड्राइव हो या डेली राइड, USB चार्जिंग पोर्ट आपके स्मार्टफोन को हमेशा चार्ज रखने में मदद करता है. इसकी एक्स-शोरूम कीमत 81,502 रुपये से 86,862 रुपये के बीच है. Honda SP 125 vs Honda Shine: किसे खरीदना सही रहेगा? Honda SP 125 और Honda Shine में से कौन-सी बाइक आपके लिए बेहतर रहेगी, यह काफी हद तक आपके बजट और रोजाना की जरूरतों पर डिपेंड करता है. अगर आपको मॉडर्न डिजाइन, पूरी तरह डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और थोड़ी बेहतर माइलेज वाली बाइक पसंद है, तो SP 125 आपके लिए बढ़िया ऑप्शन है. इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा जरूर है, लेकिन एडवांस फीचर्स और स्टाइलिश लुक्स इसे खास बनाते हैं. वहीं, अगर आप सिंपल और भरोसेमंद डिजाइन, कम्फर्टेबल राइडिंग और किफायती कीमत को प्रायोरिटी देते हैं, तो Honda Shine आपके लिए बेहतर है. अच्छी बात यह है कि दोनों ही बाइक्स शानदार माइलेज देती हैं, इसलिए डेली राइड के लिए किसी भी ऑप्शन को चुनकर आपको पछताना नहीं पड़ेगा. यह भी पढ़ें: स्टाइलिश के साथ दमदार परफॉरमेंस भी, डेली कॉलेज-ऑफिस जाने के लिए बेस्ट हैं ये 5 बाइक्स The post Honda SP 125 vs Shine: माइलेज और डेली यूज के लिए कौन-सी 125cc बाइक है बेहतर? appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिकी नौसेना के हमले में 3 भारतीयों की मौत से भारत नाराज, अमेरिकी दूतावास के प्रभारी को तलब कर जताया विरोध

Ministry of External Affairs : हिंदुस्तान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अमेरिकी दूतावास के प्रभारी जेसन मीक्स को तलब किया और ओमान तट के पास कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी नौसेना के हमलों के खिलाफ विरोध जताया. अमेरिकी नौसेना के इस हमले में तीन हिंदुस्तानीयों को मौत हुई है. हिंदुस्तान ने इस सप्ताह दूसरी बार अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब किया है. #WATCH | Delhi: MEA summons US Chargé d’Affaires Jason Meeks to lodge a protest against attacks on commercial vessels off the coast of Oman. Yesterday, yet another vessel with 20 Indian crew on board came under attack. The US envoy was called in by Additional Secretary… pic.twitter.com/5GFmALWeSb — ANI (@ANI) June 12, 2026 तीन हिंदुस्तानीयों की हुई है मौत प्रशासन ने 11 जून को यह जानकारी दी थी कि ओमान तट के पास 10 जून को तेल टैंकर सेटेबेलो (Settebello) पर हमला हुआ था. उस जहाज पर 24 हिंदुस्तानीय नाविक सवार थे. इनमें से 21 नाविकों को बचा लिया गया था, जबकि तीन लापता थे. इन तीनों के लापता होने के बाद अमेरिकी दूतावास के प्रभारी जेसन मीक्स को तलब कर हिंदुस्तान की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया गया था. हिंदुस्तान ने कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. यह पहली बार था जब हिंदुस्तान ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि अमेरिकी नौसेना ने हिंदुस्तानीय चालक दल वाले जहाजों को निशाना बनाया था. तीनों लापता नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है. U.S. Chargé d’Affaires summoned by the Ministry of External Affairs 🔗 https://t.co/HixbfYQsW7 pic.twitter.com/HVsRP8BwbM — Randhir Jaiswal (@MEAIndia) June 12, 2026 सेटेबेलो, मैरीवेक्स और जलवीर पर अमेरिकी नौसेना ने किया हमला विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि मैरीवेक्स ,सेटेबेलो और जलवीर पर हमले अमेरिकी नौसेना की ओर से किए गए थे. मैरीवेक्स पर हमला 8 जून 2026 को हुआ था. इस जहाज पर 24 हिंदुस्तानीय चालक दल के सदस्य थे. इसपर अमेरिकी नौसेना ने हमले की कार्रवाई की थी, हिंदुस्तान ने उस समय चिंता जताई, लेकिन मामला ज्यादा नहीं बढ़ा. उसके बाद 10 जून 2026 को ओमान तट के पास तेल टैंकर सेटेबेलो पर हमला हुआ. इस जहाज पर भी 24 हिंदुस्तानीय थे, जिनमें से 21 सुरक्षित बचे और 3 की मौत हो गई. 11-12 जून 2026 की रात को जलवीर पर हमला हुआ. यह हमला भी ओमान तट पर हुआ. जहाज पर 20 हिंदुस्तानीय थे और सभी सुरक्षित हैं. ये भी पढ़ें : राज्यसभा चुनाव : नामांकन रद्द किए जाने पर मीनाक्षी नटराजन ने EC से पूछे सवाल, राहुल गांधी ने कहा-अब हो रही है सीट चोरी राज्यसभा चुनाव : सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के अपील को किया खारिज, बोलीं नेता-यह लोकतंत्र और संविधान के लिए झटका The post अमेरिकी नौसेना के हमले में 3 हिंदुस्तानीयों की मौत से हिंदुस्तान नाराज, अमेरिकी दूतावास के प्रभारी को तलब कर जताया विरोध appeared first on Naya Vichar.

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खाद्य वस्तुओं और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से मई में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 3.93% पर पहुंची; आरबीआई ने भी बढ़ाया अनुमान

Retail Inflation : देश में आम जनता की जेब और रसोई के बजट से जुड़ी एक बड़ी समाचार आ रही है. खाद्य वस्तुओं (Food Items) की कीमतों में आई तेजी के कारण मई महीने में खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) बढ़कर 3.93 प्रतिशत पर पहुंच गई है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा शुक्रवार (12 जून 2026) को जारी प्रशासनी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है. इससे पिछले महीने यानी अप्रैल में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित यह मुद्रास्फीति 3.48 प्रतिशत के स्तर पर थी. यानी एक महीने के भीतर ही महंगाई की रफ्तार में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. खाद्य वस्तुओं की महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट NSO के आंकड़ों के मुताबिक, इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों का महंगा होना है: मई महीने में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति बढ़कर 4.78 प्रतिशत हो गई है, जो अप्रैल में 4.20 प्रतिशत पर थी. पिछले महीने जिन वस्तुओं की कीमतों में सबसे अधिक उछाल देखा गया, उनमें कीमती धातुओं से बने आभूषण (Jewelry), टमाटर, अदरक, किशमिश और मुनक्का शामिल हैं. राहत की बात यह रही कि आलू, मटर, जीरा के साथ-साथ मोटर कार, जीप, मोटरसाइकिल और स्कूटर जैसी चीजों की मुद्रास्फीति सबसे कम दर्ज की गई. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का चौतरफा असर महंगाई बढ़ने के पीछे केवल खाना-पीने का सामान ही नहीं, बल्कि ईंधन (Fuel) की बढ़ती कीमतें भी जिम्मेदार हैं. वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतों (Global Energy Prices) में जो उछाल आया है, उसका सीधा असर देश में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों पर दिख रहा है. अकेले मई महीने से लेकर अब तक पेट्रोल की खुदरा कीमतों में कुल 7.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है. इसी अवधि में डीजल की कीमतें भी 8.4 प्रतिशत तक महंगी हो गई हैं. जब डीजल महंगा होता है, तो माल ढुलाई (Transportation) का खर्च बढ़ता है, जिससे बाकी सभी जरूरी सामान अपने आप महंगे हो जाते हैं. आरबीआई (RBI) ने भी बढ़ाया महंगाई का अनुमान हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) अपनी मौद्रिक नीति (Monetary Policy) और ब्याज दरें तय करते समय मुख्य रूप से इसी खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) के आंकड़ों को ध्यान में रखता है. प्रशासन ने आरबीआई को जिम्मेदारी दी है कि वह खुदरा मुद्रास्फीति को 4 प्रतिशत (2% घट-बढ़ के साथ यानी 2% से 6% के दायरे में) पर बनाए रखे. हालांकि अभी महंगाई दर 4% के नीचे (3.93%) है, लेकिन भविष्य के खतरे को देखते हुए केंद्रीय बैंक अलर्ट हो गया है. पिछले हफ्ते ही आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष (Current Financial Year) के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमान को 4.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है. आरबीआई ने इसके लिए वैश्विक स्तर पर महंगे होते कच्चे तेल और कंपनियों की बढ़ती उत्पादन लागत (Input Cost) को मुख्य वजह बताया है. Also Read : 15 जून तक जमा करें एडवांस टैक्स की पहली किस्त; चूक गए तो लगेगा भारी ब्याज, जानें ऑनलाइन भरने का तरीका The post खाद्य वस्तुओं और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से मई में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 3.93% पर पहुंची; आरबीआई ने भी बढ़ाया अनुमान appeared first on Naya Vichar.

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बिहार प्रशासनिक सेवा के अफसरों को बड़ा तोहफा, 16 बीएएस अधिकारी बने आईएएस, देखें पूरी लिस्ट

Bihar BAS Officer: बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के 16 वरिष्ठ अधिकारियों को हिंदुस्तानीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में प्रमोट कर दिया गया है. केंद्र प्रशासन की मंजूरी मिलने के बाद कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी. सभी अधिकारियों को वर्ष 2025 की चयन सूची के तहत IAS कैडर आवंटित किया गया है. इस फैसले के बाद राज्य के प्रशासनिक महकमे में खुशी का माहौल है. कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत अधिकारी बने IAS प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में वेजफेड के निदेशक डॉ. गगन, पूर्णिया के उप विकास आयुक्त (DDC) अंजनी कुमार और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में अपर सचिव के पद पर कार्यरत विधु भूषण चौधरी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. लंबे समय से प्रशासनिक सेवा में काम कर रहे इन अधिकारियों को अब हिंदुस्तानीय प्रशासनिक सेवा में शामिल होने का अवसर मिला है. केंद्र प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह चयन वर्ष 2025 में आई वैकेंसी को भरने के लिए तैयार की गई चयन सूची के आधार पर किया गया है. 21 मई को बनी थी सूची इन अधिकारियों के चयन की सूची 21 मई 2026 को तैयार की गई थी. इसके बाद केंद्र स्तर पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम स्वीकृति दे दी गई. मंजूरी मिलने के साथ ही सभी 16 अधिकारियों को IAS कैडर में प्रमोट करने की अधिसूचना जारी कर दी गई. अब मिल सकती हैं बड़ी जिम्मेदारियां प्रमोशन पाने वाले अधिकारी वर्तमान में विभिन्न विभागों और जिलों में अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं. IAS बनने के बाद इन अधिकारियों को राज्य और केंद्र प्रशासन में और भी महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति मिल सकती है. प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इसे अधिकारियों के लंबे अनुभव और सेवा का सम्मान भी बताया जा रहा है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें प्रमोट होकर IAS बने अधिकारियों की सूची अधिकारी के नाम – जन्म तिथि सुरेंद्र राय – 30 दिसंबर 1968सुधांशु कुमार चौबे – 14 सितंबर 1969मृणायक दास – 13 अगस्त 1970मनोरंजन कुमार – 19 फरवरी 1970विकास कुमार – 24 दिसंबर 1970डॉ. गगन – 25 जुलाई 1971अंजनी कुमार – 15 जुलाई 1970मो. एजतबा हुसैन – 4 अप्रैल 1969रजनीश कुमार – 1 दिसंबर 1972विधु भूषण चौधरी – 3 जनवरी 1969मो. वसीम अहमद – 1 मई 1971कृत्यानंद रंजन – 14 नवंबर 1969मो. राशिद आलम – 11 नवंबर 1969इबरार अहमद खान – 5 जून 1969मनोज कुमार – 25 जनवरी 1969हेमंत कुमार सिंह – 3 मार्च 1970 इसे भी पढ़ें: खान सर के पार्टनर रहे निखिल सर ने लगाए गंभीर आरोप, बोले- इसने मेरा संस्थान मुझसे छीन लिया The post बिहार प्रशासनिक सेवा के अफसरों को बड़ा तोहफा, 16 बीएएस अधिकारी बने आईएएस, देखें पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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