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जिस बच्चे को जन्म के बाद अपनों ने ठुकराया, उसे किन्नर ने दिया मां का प्यार, 10 साल से रख रहीं जिउतिया व्रत

जमशेदपुर : मां की ममता किसी रिश्ते की मोहताज नहीं होती. मां बनने के लिए शिशु को जन्म देना ही जरूरी नहीं, उसे अपना मानकर उसकी परवरिश करना और उसके भविष्य के लिए सपने संजोना भी मातृत्व है. जमशेदपुर के भालूबासा मुखी बस्ती की रहने वाली बेबो किन्नर की कहानी इसी ममता और अपनत्व की मिसाल है. जिस शिशु को जन्म के बाद उसके अपने माता-पिता ने ठुकरा दिया था, उसे बेबो ने न सिर्फ अपनाया, बल्कि मां की तरह उसकी परवरिश कर समाज में पहचान दिलाने की जिम्मेदारी भी उठायी. आज 14 साल का गोविंदा उनकी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा है. उसके बेहतर भविष्य की कामना के साथ बेबो पिछले 10 वर्षों से जिउतिया का कठिन व्रत रख रही हैं. पूजा करतीं बेबो किन्नर. प्यार से संवारा भविष्य, दिलायी नई पहचान बेबो की जिंदगी में गोविंदा का आना एक ऐसा मोड़ था, जिसने उनके जीवन को एक नया मकसद दिया. उन्होंने बताया – एक शिशु को जन्म के बाद ही उसके माता-पिता ने ठुकरा दिया था. जब शिशु को अपनाने वाला कोई नहीं था, तब बेबो ने उसे अपने स्नेह का सहारा दिया. उन्होंने शिशु को अपनाया और उसका नाम गोविंदा रखा. इसके बाद शुरू हुआ उसकी परवरिश और भविष्य संवारने का सफर. भालूबाासा के एक निजी स्कूल में पढ़ रहा गोविंदा बेबो ने गोविंदा की पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था की और उसे सुंदरनगर स्थित जीटी हॉस्टल में रखकर पढ़ाया. वह चाहती थीं कि शिशु को अच्छी शिक्षा मिले और वह अपने पैरों पर खड़ा होने के काबिल बने. गोविंदा अब 14 साल का हो चुका है. बेबो उसे अपने पास भालूबासा ले आयी हैं. फिलहाल वह भालूबासा के एक निजी स्कूल में पढ़ाई कर रहा है. अपने बेटे को आशीर्वाद देतीं बेबो. बधाई और परवी से होने वाली कमाई से चलाती हैं घर बेबो किन्नर की जिंदगी भी संघर्षों से भरी है. वह बधाई और परवी से मिलने वाले पैसों से अपना घर चलाती हैं. इसी कमाई के सहारे उन्होंने गोविंदा की परवरिश और पढ़ाई की जिम्मेदारी उठायी है. सीमित संसाधनों के बावजूद उनके इरादे मजबूत हैं. उनके लिए सबसे बड़ी खुशी गोविंदा को पढ़ते-लिखते देखना और उसे जीवन में आगे बढ़ते हुए देखना है. बेबो कहती हैं कि उनकी इच्छा है कि उनका बच्चा आगे चलकर अच्छा करे. उनकी इस बात में एक मां की चिंता भी है और बेटे के भविष्य को लेकर उम्मीद भी. रिश्तों से नहीं, प्यार से बनती है मां बेबो और गोविंदा की कहानी जिउतिया पर्व के भावनात्मक पक्ष को भी सामने लाती है. यह पर्व संतान की लंबी उम्र और खुशहाली की कामना से जुड़ा है. बेबो पिछले एक दशक से इसी आस्था के साथ व्रत रख रही हैं. उनके लिए गोविंदा सिर्फ वह बच्चा नहीं है, जिसे उन्होंने कभी अपनाया था, बल्कि वह उनकी उम्मीदों और सपनों का केंद्र है. The post जिस शिशु को जन्म के बाद अपनों ने ठुकराया, उसे किन्नर ने दिया मां का प्यार, 10 साल से रख रहीं जिउतिया व्रत appeared first on Naya Vichar.

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Indian Railways News: पूजा स्पेशल ट्रेन पहले दिन ही रद्द, देखें टाइम-टेबल और स्टॉपेज

Indian Railways News: हिंदुस्तानीय रेलवे ने दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ महापर्व के दौरान ट्रेनों में होने वाली भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के रास्ते नयी दिल्ली से हावड़ा के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है. 2 अक्टूबर को पहली ट्रेन नयी दिल्ली स्टेशन से खुलने वाली थी, लेकिन उसे रद्द कर दिया गया है. 4 अक्टूबर को हावड़ा से नयी दिल्ली के लिए पूजा स्पेशल ट्रेन चलनी थी, उसे भी रद्द कर दिया गया है. 2 अक्टूबर को शुरू होने वाली ट्रेन अब 6 अक्टूबर से और 4 अक्टूबर से शुरू वाली ट्रेन अब 8 अक्टूबर से चलेगी. नयी दिल्ली-हावड़ा पूजा स्पेशल ट्रेन अभी से फुल त्योहारों के सीजन में ट्रेनों में होने वाली भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नयी दिल्ली से हावड़ा के लिए चलने वाली ट्रेन में सभी सीटें फुल हो चुकीं हैं. हावड़ा से नयी दिल्ली को जाने वाली ट्रेन में समाचार लिखे जाने तक 8 अक्टूबर 2026 के लिए 33 सीटें बची हुईं हैं. 11 अक्टूबर को अगर कोई यात्रा करना चाहता है और अभी टिकट कटवाता है, तो कन्फर्म सीट नहीं मिलेगी, क्योंकि अभी वेटिंग लिस्ट 11 तक पहुंच चुका है. ये भी पढ़ें: दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ के लिए स्पेशल ट्रेनों की घोषणा, पूरी लिस्ट और टाइम-टेबल यहां देखें 2 अक्टूबर को शुरू होने वाली पूजा स्पेशल ट्रेन रद्द 04052 नयी दिल्ली-हावड़ा स्पेशल (New Delhi -Howrah special) ट्रेन 2 अक्टूबर 2026 को रद्द रहेगी. ट्रेन सप्ताह में 3 दिन मंगलवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी. नयी दिल्ली से यह ट्रेन शाम 6:15 बजे रवाना होगी. अगले दिन यानी बुधवार, शनिवार और सोमवार को रात 11:40 बजे हावड़ा स्टेशन पहुंचेगी. इस तरह ट्रेन को नयी दिल्ली से हावड़ा पहुंचने में 29 घंटे 25 मिनट लगेंगे. 04052 नयी दिल्ली-हावड़ा स्पेशल ट्रेन नयी दिल्ली और हावड़ा के बीच 20 स्टेशनों पर रुकेंगी. नयी दिल्ली से खुलने के बाद यह ट्रेन जिन स्टेशनों पर रुकेंगी, उसकी पूरी लिस्ट यहां देखें. नयी दिल्ली-हावड़ा पूजा स्पेशल के स्टॉपेज स्टेशन का नाम ट्रेन आने का समय ट्रेन खुलने का समय कितने मिनट रुकेगी ट्रेन नयी दिल्ली — 18:15 — गाजियाबाद 18:58 19:00 2:00 अलीगढ़ 21:50 21:52 2:00 टुंडला 22:58 23:00 2:00 गोविंदपुरी 2:10 2:15 5:00 सूबेदारगंज 6:10 6:15 5:00 मिर्जापुर 7:58 8:00 2:00 पंडित दीनदयाल उपाध्याय 10:30 10:40 10:00 बक्सर 11:40 11:42 2:00 आरा 12:25 12:27 2:00 पटना 13:25 13:35 10:00 बख्तियारपुर 14:13 14:15 2:00 किउल 15:43 15:45 2:00 झाझा 16:55 17:00 5:00 जसीडीह 17:32 17:34 2:00 मधुपुर 17:58 18:00 2:00 चित्तरंजन 18:38 18:40 2:00 आसनसोल 19:17 19:22 5:00 दुर्गापुर 19:53 19:55 2:00 बर्द्धमान 21:36 21:38 2:00 बंडेल 22:20 22:22 2:00 हावड़ा 23:40 — — नयी दिल्ली-हावड़ा स्पेशल में फुल हो गयीं सीटें 04052 नयी दिल्ली-हावड़ा स्पेशल ट्रेन में अभी से टिकट फुल हो गये हैं. 6 अक्टूबर के लिए वेटिंग लिस्ट 13 और 9 अक्टूबर के लिए वेटिंग लिस्ट 23 चल रहा है. 2 अक्टूबर को इस ट्रेन को रद्द कर दिया गया है. ये भी पढ़ें: बंगाल के सांतरागाछी से पुरी और तिरुवनंतपुरम तक चलेगी पूजा स्पेशल ट्रेन स्लीपर का किराया 885 रुपए, थर्ड एसी का 2120 रुपए पूजा स्पेशल ट्रेन में सेकेंड स्लीपर क्लास के टिकट के लिए आपको 885 रुपए खर्च करने होंगे. अगर आप थर्ड एसी में यात्रा करना चाहते हैं, तो आपको टिकट कटाने के लिए 2120 रुपए खर्च करने होंगे. हावड़ा-नयी दिल्ली स्पेशल ट्रेन अब 8 अक्टूबर से शुरू होगी हावड़ा से नयी दिल्ली के लिए यह स्पेशल ट्रेन सप्ताह में 3 दिन मंगलवार, बृहस्पतिवार और रविवार को चलेगी. इस ट्रेन की शुरुआत शनिवार (3 अक्टूबर 2026) की देर रात (रेलवे टाइम टेबल के हिसाब से रविवार 4 अक्टूबर 2026) को होनी थी, लेकिन इस ट्रेन को रद्द कर दिया गया है. अब यह ट्रेन बृहस्पतिवार (8 अक्टूबर) यानी बुधवार की देर रात 1:40 बजे हावड़ा से नयी दिल्ली के लिए रवाना होगी. 30 घंटे 40 मिनट की यात्रा के बाद ट्रेन 5 अक्टूबर को सुबह 8:20 बजे नयी दिल्ली पहुंचेगी. यह पूजा स्पेशल ट्रेन 29 नवंबर 2026 तक चलेगी. हावड़ा से खुलने और नयी दिल्ली पहुंचने के बीच में इस ट्रेन के कुल 20 स्टॉपेज दिये गये हैं. स्टॉपेज की पूरी लिस्ट यहां देखें. ये भी पढ़ें: बिहार, दिल्ली और उत्तराखंड के लिए दुर्गा पूजा से छठ तक चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, पूरी लिस्ट यहां देखें नयी दिल्ली-हावड़ा पूजा स्पेशल के स्टॉपेज स्टेशन का नाम ट्रेन आने का समय ट्रेन खुलने का समय कितने मिनट रुकेगी हावड़ा — 1:40 — बंडेल 2:22 2:24 2:00 बर्धमान 3:11 3:13 2:00 दुर्गापुर 4:16 4:18 2:00 आसनसोल 4:50 4:55 5:00 चित्तरंजन 5:20 5:22 2:00 मधुपुर 6:22 6:24 2:00 जसीडीह 7:20 7:22 2:00 झाझा 8:45 8:50 5:00 किउल 9:33 9:35 2:00 बख्तियारपुर 10:38 10:40 2:00 पटना 11:40 11:50 10:00 आरा 12:24 12:26 2:00 बक्सर 13:10 13:12 2:00 पंडित दीनदयाल उपाध्याय 15:05 15:15 10:00 मिर्जापुर 16:35 16:37 2:00 सूबेदारगंज 18:40 18:45 5:00 गोविंदपुरी 21:55 22:00 5:00 टुंडला 0:58 1:00 2:00 अलीगढ़ 2:10 2:12 2:00 गाजियाबाद 7:18 7:20 2:00 नयी दिल्ली 8:20 — — पूजा स्पेशल ट्रेन का किराया स्पेशल ट्रेन में जेनरल सेकेंड क्लास के अलावा स्लीपर क्लास और एयर कंडीशंड कोच भी होंगे. हावड़ा-नयी दिल्ली पूजा स्पेशल ट्रेन में सेकेंड स्लीपर क्लास के टिकट के लिए आपको 855 रुपए खर्च करने होंगे. अगर आप थर्ड एसी में यात्रा करना चाहते हैं, तो आपको टिकट कटाने के लिए 2120 रुपए खर्च करने होंगे. ये भी पढ़ें: Puja Special Train: हावड़ा-नयी दिल्ली पूजा स्पेशल अब सप्ताह में 3 दिन चलेगी हावड़ा नयी दिल्ली पूजा स्पेशल में सीटें फुल दिल्ली से हावड़ा आने वाली इस ट्रेन में अभी से सीटें फुल हो गयीं हैं. 6 अक्टूबर के लिए अगर आप अभी टिकट कटायेंगे, तो आपको वेटिंग लिस्ट 13 मिलेगा. 9 अक्टूबर के लिए वेटिंग लिस्ट 22 और 11 अक्टूबर के लिए वेटिंग लिस्ट 35 चल रहा है. 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राहुल गांधी के वोट चोरी वाले आरोप में कितना दम, क्या EVM से बिना छेड़छाड़ ऐसा संभव है? फॉर्म 6 और SIR का पूरा गणित

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार प्रशासन पर यह आरोप लगा रहे हैं कि प्रशासन जनता के वोटों से चुनकर नहीं आई है. वह आरोप लगा रहे हैं कि यह प्रशासन वोटों में हेराफेरी करके सत्ता हथिया रही है. अब यहां यह समझने की जरूरत है कि आखिर यह कैसे संभव है? क्या राहुल गांधी बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं या फिर उनके आरोपों में कोई सच्चाई है? वोट चोरी का मुद्दा सामने कैसे आया? वोट चोरी को विपक्ष ने कब और कैसे मुद्दा बनाया, इसे समझने के लिए हमें पहले 2024 के लोकसभा चुनाव पर नजर डालनी होगी. लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन की पार्टियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. कुल 48 सीटों में से कांग्रेस को 13,शिवसेना (UBT) को 9 और एनसीपी (SP) को 8 सीटें मिलीं. कुल मिलाकर 48 सीटों में से 30 सीटें कांग्रेस और उनकी सहयोगी पार्टियों के पास थीं. बीजेपी और शिवसेना की सीटें महज 16 सीटों तक सिमट गई थीं. यहां सिमट गईं कहना इसलिए जरूरी है क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों ने 48 में से 41 सीटें जीती थीं. लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र के प्रदर्शन ने कांग्रेस पार्टी में नई जान फूंकी क्योंकि पार्टी लगातार हार से पस्त हो चुकी थी. वहीं 2024 के चुनाव में अगर बीजेपी बहुमत के जादुई आंकड़े 272 से चूकी, तो बेशक इसमें महाराष्ट्र के चुनाव परिणाम की अहम भूमिका था. लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 240 सीटें मिलीं थीं. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 : पार्टीवार परिणाम पार्टी सीटें भाजपा (BJP) 132 शिवसेना (शिंदे) 57 राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) 41 शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) 20 कांग्रेस 16 राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) 10 समाजवादी पार्टी 2 जन सुराज्य शक्ति 2 निर्दलीय 2 राष्ट्रीय समाज पक्ष (RSP) 1 ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) 1 राष्ट्रीय युवा स्वाभिमान पार्टी 1 राजर्षि शाहू विकास आघाड़ी 1 कुल 288 अब यहां यह समझना जरूरी है कि महाराष्ट्र के लोकसभा चुनाव से वोट चोरी का मुद्दा कैसे जुड़ा? दरअसल लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव भी हुए और दोनों चुनाव में महज 5 महीने का फर्क था. महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव, अप्रैल–मई 2024 को हुए जबकि विधानसभा चुनाव नवंबर महीने में हुए थे. लोकसभा चुनाव में जहां कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों का प्रदर्शन शानदार रहा था, वहीं विधानसभा चुनाव में पार्टी हार गई. महज 5 महीनों के अंतर पर हुए चुनाव में शानदार प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस फिसड्डी साबित हो गई. कुल 288 सीटों में से बीजेपी और गठबंधन को 234 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियां 50 सीटों पर सिमटी. यहीं से शुरुआत हुई वोट चोरी के आरोपों की. राहुल गांधी ने प्रशासन पर वोटों में हेराफेरी करके चुनाव जीतने का आरोप लगाना शुरू किया क्योंकि उनका यह सोचना था कि इतनी जल्दी मतदाता अपना मत नहीं बदलता. बिहार में हुए SIR ने वोट चोरी के मुद्दे को कैसे बढ़ाया? SIR यानी (Special Intensive Revision) वह गहन प्रक्रिया जिसके जरिये मतदाता सूची को संशोधित किया जाता है. यानी एसआईआर वह प्रोसेस है जिसमें चुनाव आयोग मतदाता सूची को वेरिफाई करता है और घर-घर जाकर मतदाताओं का वेरिफिकेशन करता है. जिसके जरिए मतदाताओं का नाम सूची में जोड़ा या हटाया जाता है. बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के पहले जब एसआईआर शुरू हुआ तो उसके लिए 2003 के मतदाता सूची को आधार बनाकर वेरिफिकेशन किया जाने लगा. जो लोग 2003 में 18 साल के नहीं हुए थे, वैसे मतदाताओं को अपनी पात्रता की वैधता साबित करने के लिए अपने माता-पिता और परिवार वालों की पहचान के लिए दस्तावेज जमा करने पड़ रहे थे, जिसकी वजह से कई लोगों का नाम सूची से कट गया. चुनाव आयोग के अनुसार करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट से हटाए गए थे. इस आंकड़े के सामने आने के बाद विपक्ष आक्रामक हो गया और कहा जाने लगा कि प्रशासन चुनाव आयोग को कठपुतली की तरह इस्तेमाल कर रही है और उनका इस्तेमाल वोट चोरी कर चुनाव जीतने के लिए कर रही है. अब सवाल यह है कि आखिर यह कैसे संभव है? देश में तो ईवीएम के जरिए चुनाव होते हैं, तो वोट चोरी कैसे हो सकता है? वोट चोरी का गणित क्या बता रहे विपक्षी दल ? राहुल गांधी विपक्ष के नेता राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी प्रशासन पर वोट चोरी का जो आरोप लगाते आ रहे हैं, क्या वह संभव है? अगर संभव है, तो कैसे? इसे लेकर विपक्षी दलों की अपनी-अपनी दलील है. सियासी दल वोट चोरी का जो गणित बता रहे हैं, उसको कुछ इस तरह से समझा जा सकता है. मान लीजिए किसी लोकसभा सीट पर दो प्रमुख उम्मीदवारों को 5.10 लाख और 4.90 लाख वोट मिलते हैं. जीत का अंतर 20 हजार वोट है. अब अगर किसी कारण से दूसरे उम्मीदवार के 15 हजार वास्तविक समर्थक मतदाता सूची से बाहर हो जाएं और वे मतदान न कर पाएं, तो वोट मशीन में किसी तरह की गड़बड़ी किए बिना ही चुनावी अंतर 35 हजार हो जाएगा. मतदाता सूची में वास्तविक मतदाता का नाम जुड़ा या हटा रहना भी चुनावी गणित को प्रभावित कर सकता है. ऐसा नेतृत्वक दलों का दावा है. इसी को आधार बनाकर नेतृत्वक दल मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग इरादतन वैसे वोटर्स का नाम हटा रहा है, जो प्रशासन के खिलाफ वोट कर सकते हैं. क्या है फॉर्म 6 विवाद ? फॉर्म 6 के जरिये कोई व्यक्ति मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करता है. चूंकि अभी जो SIR हो रहा है उसका आधार 2003 के मतदाता सूची को बनाया गया है इसलिए फॉर्म 6 में एक अतिरिक्त डिक्लेरेशन जोड़ा गया था. इसमें आवेदक से पूछा गया कि उसका, उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछले एसआईआर में था या नहीं. दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस बदलाव पर आपत्ति दर्ज की. उनका तर्क था कि फॉर्म 6 में इस तरह का बदलाव नियमों में संशोधन के बिना नहीं किया जाना चाहिए. लेकिन चुनाव आयोग का पक्ष अलग है. आयोग का कहना है कि मूल

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IND vs PAK: आखिरी 50 सेकंड में भारत ने दागा गोल, पाकिस्तान को 4-3 से धोया; मेडल किया कन्फर्म

IND vs PAK Semifinal Result: एशियन गेम्स 2026 के पुरुष हॉकी सेमीफाइनल में हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 4-3 से हरा दिया. इस जीत के साथ टीम इंडिया ने फाइनल में जगह बना ली है और हिंदुस्तान का कम से कम सिल्वर मेडल पक्का हो गया है. अब फाइनल में हिंदुस्तानीय टीम की नजर गोल्ड मेडल पर होगी. हिंदुस्तान ने मुकाबले की शुरुआत से ही पाकिस्तान पर दबाव बनाया. पहले क्वार्टर में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो शानदार पेनल्टी कॉर्नर गोल करके हिंदुस्तान को 2-0 की बढ़त दिलाई. इसके बाद दूसरे क्वार्टर में सुखजीत सिंह ने गोल कर हिंदुस्तान की बढ़त 3-0 कर दी. 3-0 से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान की जबरदस्त वापसी हिंदुस्तान की मजबूत शुरुआत के बाद पाकिस्तान ने दूसरे हाफ में शानदार वापसी की. 30वें मिनट में अबू महमूद ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर पाकिस्तान का खाता खोला और स्कोर 3-1 कर दिया. ये भी पढ़ें: IND vs SL: फाइनल में पहुंची टीम इंडिया, श्रीलंका को 124 रन से रौंदकर मेडल किया कन्फर्म तीसरे क्वार्टर में पाकिस्तान ने दबाव बढ़ाया और मैच का रोमांच चरम पर पहुंच गया. 43वें मिनट में मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तनातनी भी देखने को मिली. दिलप्रीत सिंह को ग्रीन कार्ड दिखाया गया और कुछ समय के लिए हिंदुस्तान को 10 खिलाड़ियों के साथ स्पोर्ट्सना पड़ा. इसके बाद पाकिस्तान ने लगातार हमले किए और 49वें मिनट में वहीद राणा ने गोल करके स्कोर 3-3 कर दिया. यानी हिंदुस्तान की 3-0 की बढ़त कुछ ही मिनटों में खत्म हो गई. आखिरी मिनट में हिंदुस्तान ने मारी बाजी मुकाबला ड्रॉ की ओर बढ़ता दिख रहा था, लेकिन आखिरी मिनटों में हिंदुस्तानीय टीम ने फिर जोर लगाया. पाकिस्तान को 55वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन अमित रोहिदास ने शानदार बचाव करते हुए हिंदुस्तान को राहत दिलाई. मैच खत्म होने से 50 सेकंड पहले हिंदुस्तान ने निर्णायक गोल दाग दिया. इस गोल के साथ हिंदुस्तान ने 4-3 की बढ़त बना ली और आखिरी पलों में पाकिस्तान को बराबरी का मौका नहीं दिया. आखिरकार हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को 4-3 से हराकर एशियन गेम्स 2026 पुरुष हॉकी के फाइनल में प्रवेश कर लिया. इस जीत के साथ हिंदुस्तान का सिल्वर मेडल भी पक्का हो गया है. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: बिहार के दो लाल ने जापान में मचाया धमाल, वैभव और ईशान ने लगा दी चौके-छक्कों की झड़ी The post IND vs PAK: आखिरी 50 सेकंड में हिंदुस्तान ने दागा गोल, पाकिस्तान को 4-3 से धोया; मेडल किया कन्फर्म appeared first on Naya Vichar.

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शेयर बाजार में हाहाकार: निवेशकों के 10.3 लाख करोड़ रुपये स्वाहा, किन वजहों से 1000 अंक टूटा सेंसेक्स

Stock Market Crash: शेयर बाजार में गुरुवार को हाहाकार मच गया. चौतरफा बिकवाली के कारण हिंदुस्तानीय निवेशकों के 10.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब गए. सेंसेक्स जहां 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया, वहीं निफ्टी भी गिरकर 22,300 के स्तर से नीचे आ गया. इस बड़ी गिरावट के कारण BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग 4,62.70 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले कारोबारी दिन (मंगलवार) को 473.10 लाख करोड़ रुपये था. शेयर बाजार में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई? इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और रिसर्च हेड जी. चोक्कलिंगम (G. Chokkalingam) के अनुसार, इस बिकवाली की सबसे बड़ी वजह लिक्विडिटी (नकदी) की कमी है. बाजार में गिरावट के मुख्य कारण: IPO की भरमार: हाल ही में आए आईपीओ ने घरेलू रिटेल निवेशकों के फंड का एक बड़ा हिस्सा बाजार से बाहर खींच लिया है. FPI की बिकवाली: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक लगातार शेयर बेच रहे हैं. कच्चा तेल और रुपया: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं और रुपया कमजोर हो रहा है. जब तक कच्चे तेल के दाम कम नहीं होते या आईपीओ का खुमार धीमा नहीं पड़ता, तब तक द्वितीयक (सेकेंडरी) बाजार में सुस्ती बनी रह सकती है. सबसे ज्यादा नुकसान किन शेयरों को हुआ? बाजार की इस गिरावट में ऑटो सेक्टर पर सबसे भारी मार पड़ी. BSE सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयर लाल निशान (गिरावट) में बंद हुए, जबकि केवल 4 शेयरों में तेजी दर्ज की गई. सेंसेक्स के प्रमुख शेयर: सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर गिरावट (%) सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर बढ़त (%) बजाज ऑटो -6.42% कोटक महिंद्रा बैंक +1.13% महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) -4.18% HDFC बैंक +1.10% मारुति सुजुकी -4.07% इन्फोसिस +0.69% टाटा स्टील -3.76% HCL टेक्नोलॉजीज +0.41% अल्ट्राटेक सीमेंट -3.03% — — इसके अलावा ITC, हिंदुस्तान यूनिलीवर, हिंदुस्तान इलेक्ट्रॉनिक्स और लार्सन एंड टुब्रो जैसे बड़े शेयरों में भी 2% से 3% तक की गिरावट देखने को मिली. छोटे और मझोले शेयरों का क्या हाल रहा? गिरावट केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी चौतरफा बिकवाली हुई. निफ्टी 100: 1.39% गिरा निफ्टी मिडकैप 100: 1.60% टूटा निफ्टी स्मॉलकैप 100: 1.95% की बड़ी गिरावट बाजार में डर और घबराहट का माहौल मापने वाला इंडिकेटर India VIX 13.25% उछलकर 15.28 पर पहुंच गया, जो यह दर्शाता है कि निवेशकों में अनिश्चितता और जोखिम को लेकर डर बढ़ गया है. NSE पर कारोबार करने वाले 3,485 शेयरों में से सिर्फ 616 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 2,774 शेयर नुकसान के साथ बंद हुए. यानी बाजार का मूड पूरी तरह से बिकवाली के पक्ष में रहा. ये भी पढ़ें: अक्टूबर की शुरुआत में ही शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स-निफ्टी टूटे, जानिए गिरावट के 3 कारण The post शेयर बाजार में हाहाकार: निवेशकों के 10.3 लाख करोड़ रुपये स्वाहा, किन वजहों से 1000 अंक टूटा सेंसेक्स appeared first on Naya Vichar.

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UP राज्यसभा की 10वीं सीट पर सियासी संग्राम, एक सीट, 37 वोट और कई दावेदार, जानिए क्रॉस वोटिंग का गणित

UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10वीं सीट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. सीट एक है, लेकिन दोनों प्रमुख खेमों के लिए दांव बड़ा माना जा रहा है. मुकाबला अब केवल विधायकों की संख्या और वोटों के गणित तक सीमित नहीं दिख रहा. क्रॉस वोटिंग और सेंधमारी की रणनीति भी चर्चा में है. समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों एक-दूसरे के विधायकों पर नजर बनाए हुए हैं. विधानसभा की सात सीटें खाली होने के कारण अधिकतम 395 वोट पड़ने की स्थिति है. एक सीट के लिए करीब 37 प्रथम वरीयता वोट जरूरी होंगे. तीसरी सीट के लिए सपा को चाहिए अतिरिक्त वोट समाजवादी पार्टी के पास फिलहाल दो राज्यसभा सीटें जीतने के बाद तीसरी सीट के लिए जरूरी संख्या पूरी नहीं है. पार्टी को करीब नौ अतिरिक्त वोटों का इंतजाम करना होगा. सपा का दावा है कि सुहेलदेव हिंदुस्तानीय समाज पार्टी, निषाद पार्टी और अपना दल एस जैसे सहयोगी दलों के कुछ विधायक संपर्क में हैं. पार्टी बीजेपी के छह से सात विधायकों के संपर्क में होने का भी दावा कर रही है. हालांकि इन दावों की पुष्टि संबंधित विधायकों या बीजेपी की ओर से नहीं हुई है. ऐसे में हर विधायक का वोट अहम हो गया है. बीजेपी के सामने भी संख्या जुटाने की चुनौती राज्यसभा की इस सीट को लेकर बीजेपी खेमे के सामने भी संख्या बल जुटाने की चुनौती बताई जा रही है. सपा के तीसरा उम्मीदवार उतारने के फैसले ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है. नेतृत्वक हलकों में माना जा रहा है कि बीजेपी को अपने सहयोगी दलों के विधायकों का समर्थन सुनिश्चित करना होगा. दूसरी ओर सपा लगातार अपने संपर्क में होने वाले विधायकों का दावा कर रही है. पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में संख्या के आधार पर मौका मिलने की बात कह चुके हैं. इसलिए मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है. उम्मीदवार के नाम और रणनीति पर नजर सपा के तीसरे उम्मीदवार का नाम अभी सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी की तैयारियों को लेकर चर्चाएं तेज हैं. नेतृत्वक गलियारों में उम्मीदवार के चयन को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. माना जा रहा है कि अखिलेश यादव सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर फैसला कर सकते हैं. वहीं बीजेपी भी अपने सहयोगी दलों के साथ बातचीत मजबूत कर रही है, ताकि उसके पक्ष में वोटों का गणित बना रहे. दोनों खेमों के दावों के बीच अब नजरें उम्मीदवारों के नाम, विधायकों के समर्थन और मतदान के दौरान होने वाली क्रॉस वोटिंग पर टिकी हैं. पिछले चुनाव में भी दिखा था क्रॉस वोटिंग का असर फरवरी 2024 के यूपी राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग ने सियासी गणित बदल दिया था. सपा के सात विधायकों ने बीजेपी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी, जिसके चलते सपा के तीसरे उम्मीदवार आलोक रंजन चुनाव हार गए थे. वहीं अपना दल (एस) के विधायक नीलरतन सिंह नीलू बीमारी के बावजूद एंबुलेंस से मतदान करने पहुंचे थे, हालांकि उनके क्रॉस वोट करने की पुष्टि नहीं हुई. दूसरी ओर अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने सपा उम्मीदवार रामजी लाल सुमन को वोट देने की बात कही थी. Must Read: मुख्यमंत्री योगी ने जनता दर्शन में सुनीं 150 लोगों की समस्याएं, बोले- बिना भेदभाव मिलेगा न्याय The post UP राज्यसभा की 10वीं सीट पर सियासी संग्राम, एक सीट, 37 वोट और कई दावेदार, जानिए क्रॉस वोटिंग का गणित appeared first on Naya Vichar.

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Royal Enfield ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 1 महीने में बेच दी 1.34 लाख बाइक्स, 6 महीने तक वेटिंग पीरियड, सितंबर बिक्री का आंकड़ा आया सामने

सितंबर वाहन बिक्री के आंकड़े सामने आ चुके हैं और त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ऑटोमोबाइल बाजार में रौनक आ गई है. दिग्गज दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Royal Enfield ने सितंबर 2026 में बिक्री के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. कंपनी ने इस महीने कुल 1.34 लाख मोटरसाइकिलें बेची हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 8% ज्यादा है. इस शानदार ग्रोथ में कंपनी की 350cc तक की बाइक्स और इलेक्ट्रिक मॉडल्स की अहम भूमिका रही है. देश और विदेश में बढ़ी मांग हिंदुस्तानीय बाजार में Royal Enfield का दबदबा कायम है. सितंबर 2026 में घरेलू बाजार में 1.21 लाख बाइक बिकीं, जो पिछले साल के 1.14 लाख के मुकाबले 7% ज्यादा है. वहीं, विदेशी बाजारों में भी कंपनी की बाइक्स खूब पसंद की जा रही हैं. सितंबर में कंपनी ने 12,600 बाइक्स एक्सपोर्ट कीं, जिसमें 17% का तगड़ा उछाल दर्ज किया गया. अप्रैल से सितंबर 2026 की बात करें, तो कंपनी अब तक 7.09 लाख बाइक बेच चुकी है, जो पिछले साल की इसी अवधि से करीब 20% ज्यादा है. ये भी पढ़ें: Royal Enfield की 5 सबसे सस्ती बाइक्स… 350cc से ज्यादा का इंजन और ₹1.37 लाख की शुरुआती कीमत, देखें लिस्ट सितंबर 2026 के बिक्री आंकड़े (सालाना आधार पर) कैटेगरी सितंबर 2025 सितंबर 2026 बदलाव कुल बिक्री 1.24 लाख 1.34 लाख +8% घरेलू बिक्री 1.14 लाख 1.21 लाख +7% एक्सपोर्ट 10,800 12,600 +17% 350cc तक + EV 1.07 लाख 1.21 लाख +13% 350cc से ज्यादा 16,900 12,500 -26%  350cc बाइक्स बनीं ग्रोथ का इंजन Royal Enfield की पहचान बन चुके 350cc सेगमेंट ने बिक्री को बड़ा बूस्ट दिया है. सितंबर में 350cc और उससे कम क्षमता वाली 1.21 लाख यूनिट्स बिकीं. हालांकि, 350cc से ज्यादा दमदार इंजन वाली बाइक्स की मांग में कमी आई है. इनकी बिक्री 26% गिरकर 12,500 यूनिट्स रह गई है. 6 महीने के लिए फुल हुई नई Himalayan 440 Himalayan सीरीज के 10 साल पूरे होने के जश्न में कंपनी ने हाल ही में लद्दाख बेसकैंप से Himalayan 440 को लॉन्च किया था. 443cc के लॉन्ग-स्ट्रोक इंजन और 6-स्पीड गियरबॉक्स वाली इस एडवेंचर बाइक को ग्राहकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है. आलम यह है कि लॉन्च होते ही यह बाइक अगले 6 महीने के लिए पूरी तरह बुक हो चुकी है. यह बाइक सेला ब्लैक, मस्टैंग ब्राउन और नेलोंग व्हाइट जैसे आकर्षक रंगों में उतारी गई है. छमाही आंकड़े (अप्रैल से सितंबर 2026) कैटेगरी अप्रैल-सितंबर 2025 अप्रैल-सितंबर 2026 बदलाव कुल बिक्री 5.92 लाख 7.09 लाख +20% घरेलू बिक्री 5.21 लाख 6.42 लाख +23% एक्सपोर्ट 70,600 67,100 -5% 350cc तक + EV 5.10 लाख 6.34 लाख +24% 350cc से ज्यादा 82,300 74,800 -9% Classic 350 का नया ‘सिग्नेचर व्हाइट’ अवतार ग्राहकों को लुभाने के लिए कंपनी ने 2026 Classic 350 Signature White वेरिएंट भी बाजार में उतारा है. इसे पहले से ज्यादा एडवांस बनाया गया है. इसमें अब: ब्राउन टूरिंग सीट्स असिस्ट और स्लिपर क्लच एडजस्टेबल क्लच और ब्रेक लीवर USB टाइप-C फास्ट चार्जिंग और ट्रिपर पॉड (स्टैंडर्ड फीचर) दिए गए हैं. यूरोप में दौड़ेगी इलेक्ट्रिक C6 ग्लोबल मार्केट पर नजर गड़ाए Royal Enfield ने अपने इलेक्ट्रिक ब्रांड Flying Flea के जरिए यूरोप में भी कदम रख दिया है. कंपनी ने अपनी C6 इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल को पेरिस, बार्सिलोना, रोम, बर्लिन और लंदन में पेश किया है. ग्राहकों को इसकी डिलीवरी अक्टूबर 2026 से मिलनी शुरू हो जाएगी. इसके अलावा, कंपनी एशिया-पैसिफिक क्षेत्र (फिलीपींस और कंबोडिया) में Guerrilla 450 Apex, Goan Classic 350 और Bullet 650 जैसे मॉडल्स के जरिए अपना विस्तार कर रही है. 1.5 लाख राइडर्स ने मिलाया हाथ सितंबर का महीना कंपनी के मेगा इवेंट ‘One Ride 2026’ के लिए भी खास रहा. 2011 में शुरू हुए इस इवेंट का यह अब तक का सबसे बड़ा एडिशन था, जिसमें 60 देशों के 1.5 लाख से ज्यादा राइडर्स ने हिस्सा लिया. कंपनी ने इस आयोजन के जरिए स्नो लेपर्ड (हिम तेंदुआ) संरक्षण के लिए फंड देने का भी संकल्प लिया है. ये भी पढ़ें: Himalayan 440 vs Speed 400: 2-2.5 लाख रुपये के बजट में कौन सी बाइक बेहतर? फेस्टिव सीजन में जानें क्या खरीदें The post Royal Enfield ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 1 महीने में बेच दी 1.34 लाख बाइक्स, 6 महीने तक वेटिंग पीरियड, सितंबर बिक्री का आंकड़ा आया सामने appeared first on Naya Vichar.

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जन सुराज के अनुज सिंह के नामांकन में JDU विधायक अनंत सिंह का शक्ति प्रदर्शन, खुली जीप में साथ आए; बोले- ‘500 परसेंट जीत तय’

Bihar MLC Chunav Nomination: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. पटना स्नातक सीट से जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह ने गुरुवार को नामांकन दाखिल किया. इस दौरान मोकामा से जनता दल यूनाइटेड (JDU) विधायक अनंत सिंह भी उनके साथ नजर आए. दोनों नेता खुली जीप में साथ निकले. अनंत सिंह ने इस दौरान अनुज सिंह की जीत को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि उन्हें अनुज की जीत 500 परसेंट तय है. पटना स्नातक सीट पर अनुज सिंह का मुकाबला JDU के प्रत्याशी और मौजूदा MLC नीरज कुमार से है. खुली जीप में निकले अनंत सिंह और अनुज अनुज सिंह के नामांकन के दौरान अनंत सिंह का अलग अंदाज देखने को मिला. दोनों नेता खुली जीप में साथ नजर आए. उनके साथ समर्थकों की भारी भीड़ थी. अनंत सिंह पहले ही अनुज सिंह को समर्थन देने का ऐलान कर चुके हैं. अब नामांकन के दिन उनके साथ खुलकर सामने आने से पटना स्नातक सीट का मुकाबला और चर्चा में आ गया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें अनंत सिंह बोले- जनता मालिक है मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने कहा कि उनका मालिक जनता है और वही उनका भगवान है. अनंत सिंह ने कहा कि जनता वोट देगी और उन्हें भरोसा है कि अनुज सिंह जीतेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कोई नहीं हरा पाएगा. उन्होंने चुनाव को लेकर कहा कि यह कोई दुकान की चीज नहीं है कि जिसे चाहेंगे, उसे ले आएंगे. जनता ही मालिक है. इसलिए उन्हें जीत का पूरा भरोसा है. नीरज कुमार पर भी बोले अनंत सिंह जब अनंत सिंह से जदयू के प्रत्याशी नीरज कुमार को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि चुनाव में बहुत उम्मीदवार हैं और वे सभी हारेंगे. अनंत सिंह ने कहा कि यह पार्टी का चुनाव नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि इस चुनाव में पार्टी का कोई चुनाव चिह्न नहीं होता है. नीरज कुमार को लेकर अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने उनके खिलाफ चार चुनावों में काम किया है. इसी वजह से दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से नेतृत्वक खींचतान चर्चा में रही है. नामांकन से पहले बांटे गए रसगुल्ले अनुज सिंह के नामांकन से पहले अनंत सिंह के यहां रसगुल्ले भी तैयार करवाए गए. इन्हें नामांकन में शामिल होने वाले समर्थकों और आम लोगों के बीच बांटने की तैयारी थी. ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, अनंत सिंह के आवास पर करीब 50 हजार रसगुल्ले तैयार करवाए गए थे. नामांकन के दौरान इन्हें समर्थकों के बीच बांटा गया. अनंत सिंह की ओर से इसे चुनावी उत्साह और शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा गया. अनुज सिंह को समर्थन देने के बाद से ही अनंत सिंह लगातार उनके पक्ष में प्रचार की बात कहते रहे हैं. पटना स्नातक सीट पर मुकाबला दिलचस्प पटना स्नातक सीट पर इस बार मुकाबला खास है. जदयू ने मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है. वहीं जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह को मैदान में उतारा है. अनुज सिंह को अनंत सिंह का खुला समर्थन मिला है. अब नामांकन के दौरान दोनों का साथ दिखना चुनावी चर्चा का नया विषय बन गया है. बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव होना है. मतदान 23 अक्टूबर को होगा. मतगणना 27 अक्टूबर को प्रस्तावित है. Also Read: बिहार की बाढ़ पर 2020 से अब तक खर्च हुए 5 हजार करोड़ से ज्यादा, फिर भी हर साल डूब रहे गांव और उजड़ रहे आशियाने, 1987 से अब तक कितनी तबाही? The post जन सुराज के अनुज सिंह के नामांकन में JDU विधायक अनंत सिंह का शक्ति प्रदर्शन, खुली जीप में साथ आए; बोले- ‘500 परसेंट जीत तय’ appeared first on Naya Vichar.

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कटा हाथ, खून से लथपथ कैप्टन, नीचे गिरने लगा विमान तो प्लंबर और दुश्मन देशों के पायलटों ने संभाली कमान, ऐसे बची 174 लोगों की जान

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार को जो हुआ, उसने विमान में सवार लोगों को कुछ देर के लिए मौत के बेहद करीब पहुंचा दिया था. सऊदी अरब के नेशनल ट्रांसपोर्ट सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट में करीब 174 यात्री मौजूद थे. फ्लाइट में उस समय अफरा-तफरी मच गई,जब को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया और कॉकपिट से मारपीट की आवाजें आने लगी. को-पायलट के हमले से कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए और विमान तेजी से नीचे आने लगा. रिपोर्टों के मुताबिक, विमान कुछ ही समय में करीब 14 हजार फीट नीचे आ गया. चाकू के हमले में कैप्टन मच्छार बुरी तरह घायल हो गए थे. उनके सिर और हाथ पर हमले किए गए थे, जिससे काफी खून बह रहा था. खून से लथपथ कैप्टन स्मित मच्छार कॉकपिट में थे. लेकिन खतरा सिर्फ उनकी जान पर नहीं था. विमान में मौजूद हर शख्स की जिंदगी दांव पर थी. इसलिए गंभीर चोटों के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की और वे कामयाब हो गए. यही वह पल था, जिसने विमान में मौजूद दूसरे लोगों को अंदर पहुंचने का रास्ता दिया. चीखें सुनकर यात्री कॉकपिट की ओर दौड़े कॉकपिट से चीखने और मारपीट की आवाजें आने के बाद आगे बैठे यात्रियों को कुछ गड़बड़ होने का अंदाजा हुआ. जैसे ही कॉकपिट का दरवाजा खुला, कुछ यात्री अंदर पहुंचे. वहां उन्होंने घायल कैप्टन को खून से लथपथ देखा, जो फर्श पर था. जबकि हमलावर पायलट विमान के कंट्रोल के पास था. इसके बाद यात्रियों और क्रू ने मिलकर हमलावर को काबू किया. किसी के हाथ में हथियार नहीं था, न ही आसमान में कोई सुरक्षा बल उनकी मदद के लिए मौजूद था. उस वक्त यात्रियों ने ही आगे बढ़कर एक-दूसरे की मदद की और हमलावर को कॉकपिट से बाहर निकाला. डेंटिस्ट ने घायल कैप्टन की मदद की The Guardian के मुताबिक कॉकपिट में अफरा-तफरी के बीच विमान में मौजूद डेंटिस्ट डॉ. शोटा मुसायेव भी मदद के लिए दौड़कर पहुंचे. उन्होंने बताया कि मच्छआर के सिर और हाथों पर गहरे कट थे, काफी खून बह रहा था और उनका ब्लड प्रेशर तेजी से गिर रहा था. मुसायेव ने मौके पर ही प्राथमिक चिकित्सा देते हुए खून रोकने और कैप्टन की हालत स्थिर करने की कोशिश की. उन्होंने यह भी बताया कि कुछ देर बाद कैप्टन बेहोश हो गए थे और उस वक्त उन्हें डर था कि अगर कुछ और मिनट निकल जाते तो उनकी जान जा सकती थी. प्लबंर ने विमान संभालने में की अहम मदद इस पूरी घटना में विमान में सवार यात्री यानिव हायून की भूमिका भी सामने आई है, जो पेशे से प्लंबर हैं. ABC की रिपोर्ट के अनुसार हमले के बाद जब कॉकपिट का दरवाजा खुला, तो हायून दूसरे यात्रियों के साथ अंदर पहुंचे और हमलावर को काबू करने में मदद की. उन्होंने बताया कि उस वक्त विमान तेजी से नीचे जा रहा था और उन्होंने कंट्रोल स्टिक को पीछे खींचकर विमान को संभालने की कोशिश की. बाद में ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान की कमान संभाली. हायून के मुताबिक, उन्होंने विमान उड़ाने की जानकारी किसी औपचारिक प्रशिक्षण से नहीं, बल्कि टीवी पर ‘एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ कार्यक्रम देखकर सीखी थी. ये भी पढ़ें: फ्लाईदुबई के हिंदुस्तानीय पायलट को PM मोदी ने बताया ‘हीरो’, बोले-हिंदुस्तान को कैप्टन मच्छार पर गर्व है विमान की कमान संभालने के लिए आगे आए 2 दुश्मन देश के पायलट मुश्किल अभी खत्म नहीं हुई थी. कैप्टन घायल थे और विमान को सुरक्षित जमीन तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती थी. Ukr Media News के मुताबिक इसी दौरान विमान में यात्री के तौर पर मौजूद (ऑफ-ड्यूटी यात्रा कर रहे फ्लाईदुबई के अन्य अतिरिक्त/रिजर्व पायलटों) दो पायलटों ने आगे आकर कमान संभाली. रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने विमान को स्थिर करने में मदद की और आखिरकार फ्लाइट को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया. इस्राइल हयोम’ की रिपोर्ट के अनुसार जिन दो पायलटों ने संकट के समय फ्लाइट की कमना संभाली उसमें एक रूस और दूसरा यूक्रेन का नागरिक है. खास बात यह है कि ये दोनों देश युद्ध के मैदान में एक दूसरे से टकरा रहे हैं, लेकिन विमान में लोगों को बचाने के लिए एक साथ काम किया. हालांकि दोनों पायलटों की राष्ट्रीयता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी. हिंदुस्तानीय कैप्टन की बहादुरी को दुनिया ने किया सलाम कैप्टन स्मित मच्छार हिंदुस्तानीय हैं और इस घटना के बाद उनकी बहादुरी की दुनियाभर में तारीफ हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें “हीरो” बताते हुए कहा कि हिंदुस्तान को कैप्टन मच्छार पर गर्व है. वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी बहादुरी की सराहना की है. फिलहाल गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छार का सऊदी अरब के ताबूक शहर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है और हिंदुस्तानीय दूतावास के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है. मोदी ने उनके परिवार से बात कर हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया है. वहीं, उन पर हमला करने वाला सह-पायलट ओमान का नागरिक बताया गया है, जिसे घटना के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. The post कटा हाथ, खून से लथपथ कैप्टन, नीचे गिरने लगा विमान तो प्लंबर और दुश्मन देशों के पायलटों ने संभाली कमान, ऐसे बची 174 लोगों की जान appeared first on Naya Vichar.

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IND vs SL: फाइनल में पहुंची टीम इंडिया, श्रीलंका को 124 रन से रौंदकर मेडल किया कन्फर्म

India-Sri Lanka Semifinal Result: हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में धमाकेदार अंदाज में फाइनल में जगह बना ली है. कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में स्पोर्ट्से गए सेमीफाइनल में हिंदुस्तान ने श्रीलंका को 124 रन से हराया. पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 7 विकेट पर 169 रन बनाए. जवाब में हिंदुस्तानीय गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को सिर्फ 45 रन पर ढेर कर दिया. हिंदुस्तान की जीत की कहानी दो हिस्सों में लिखी गई. पहले ईशान किशन ने 46 गेंदों पर नाबाद 80 रन बनाकर लड़खड़ाती हिंदुस्तानीय पारी को संभाला और फिर जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल की घातक गेंदबाजी ने श्रीलंका की पूरी बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया. अब फाइनल में हिंदुस्तान की भिड़ंत पाकिस्तान से होगी. खिताबी मुकाबला 3 अक्टूबर को स्पोर्ट्सा जाएगा. वैभव सूर्यवंशी ने स्पोर्ट्सी 38 रन की पारी श्रीलंका ने टॉस जीतकर हिंदुस्तान को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया. टीम इंडिया की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. अभिषेक शर्मा सिर्फ 7 रन बनाकर आउट हुए, जबकि संजू सैमसन भी 7 रन ही बना सके. एक छोर पर वैभव सूर्यवंशी टिके रहे और उन्होंने 38 रन की उपयोगी पारी स्पोर्ट्सी. इसके बाद श्रेयस अय्यर भी 13 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. लगातार विकेट गिरने के कारण एक समय हिंदुस्तानीय टीम दबाव में नजर आ रही थी. जिसके बाद ईशान किशन पारी को संभाला. ईशान किशन ने अकेले बदल दिया मैच का रुख अर्धशतक लगाने के बाद ईशान किशन (फोटो- सोशल मीडिया) मुश्किल परिस्थिति में बल्लेबाजी करने उतरे ईशान किशन ने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया. उन्होंने 46 गेंदों पर नाबाद 80 रन की शानदार पारी स्पोर्ट्सी. ईशान की इस पारी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने एक छोर संभालकर रखा और दूसरे छोर से गिरते विकेटों के बावजूद रन बनाने की रफ्तार बनाए रखी. उनकी पारी के दम पर हिंदुस्तान ने निर्धारित पारी में 7 विकेट पर 169 रन का स्कोर खड़ा कर दिया. ये भी पढ़ें: IND vs SL: गेंदबाज ने फेंकी ऐसी गेंद की संजू सैमसन भी रह गए हैरान, विकेटकीपर की भी छूटी हंसी; VIDEO वायरल बुमराह ने पहले ओवर में ही मचा दी तबाही 170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका को शुरुआत में ही ऐसा झटका लगा, जिससे वह अंत तक उबर नहीं सकी. जसप्रीत बुमराह ने पहले ही ओवर में दो विकेट चटकाकर श्रीलंका के टॉप ऑर्डर को हिला दिया. हिंदुस्तानीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में श्रीलंकाई बल्लेबाजों को रन बनाने का कोई मौका नहीं दिया. इसके बाद अक्षर पटेल ने एक ही ओवर में दो विकेट लेकर श्रीलंका के मिडिल ऑर्डर की कमर तोड़ दी. हालात इतने खराब हो गए कि श्रीलंका ने पहले पावरप्ले में ही 6 विकेट गंवा दिए. उसके बाद अभिषेक शर्मा ने 2 और सुंदर ने 1 विकेट लिए. 124 रन से जीता हिंदुस्तान टॉप और मिडिल ऑर्डर के ढहने के बाद श्रीलंका की पारी संभल ही नहीं सकी. हिंदुस्तानीय गेंदबाज लगातार विकेट निकालते रहे और दो बल्लेबाज रन आउट भी हुए. आखिरकार पूरी श्रीलंकाई टीम 45 रन पर ऑलआउट हो गई. हिंदुस्तान ने मुकाबला 119 रन से जीतकर एशियन गेम्स के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली. अब फाइनल में पाकिस्तान से होगी भिड़ंत श्रीलंका को हराने के साथ ही हिंदुस्तान अब गोल्ड मेडल से सिर्फ एक कदम दूर है. फाइनल में उसका सामना पाकिस्तान से होगा. हिंदुस्तान बनाम पाकिस्तान का एशियन गेम्स 2026 क्रिकेट फाइनल 3 अक्टूबर को स्पोर्ट्सा जाएगा. ये भी पढ़ें: रोहित शर्मा के खास सेलिब्रेशन के पीछे क्या था राज? रवि शास्त्री के पूछने पर हिटमैन ने बताई ये वजह The post IND vs SL: फाइनल में पहुंची टीम इंडिया, श्रीलंका को 124 रन से रौंदकर मेडल किया कन्फर्म appeared first on Naya Vichar.

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