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UGC नियमों के विरोध में जंतर-मंतर पर हजारों स्टुडेंट्स की भीड़, आरक्षण में बदलाव की उठी मांग

Reservation reform andolan : दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को आरक्षण सुधार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी नियमों के विरोध में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे. प्रदर्शन का आयोजन ‘रिजर्वेशन रिफॉर्म आंदोलन’ के बैनर तले किया गया, जिसका नेतृत्व NEET अभ्यर्थी हर्ष दुबे ने किया. राजस्थान की जेनरल सेना और चाणक्य सेना के साथ करणी सेना भी प्रदर्शन में शामिल हुई. इस दौरान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अजीत हिंदुस्तानी भी मौके पर मौजूद रहे. आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग प्रदर्शनकारियों ने जाति के आधार पर मिलने वाले आरक्षण में सुधार की मांग की. कई प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आरक्षण का लाभ आर्थिक स्थिति के आधार पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए. प्रदर्शन के दौरान UGC के अब स्थगित किए जा चुके इक्विटी नियमों के खिलाफ भी नारे लगाए गए. कुछ प्रदर्शनकारियों ने SC/ST एक्ट को लेकर भी आपत्ति जताई और इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की. उनका कहना था कि कानून का इस्तेमाल किसी के खिलाफ गलत तरीके से नहीं होना चाहिए. Also read : पैलेट गन मामले में FIR को लेकर राहुल गांधी का धरना, बोले- ‘ऊपर से आदेश’ की बात कह रही पुलिस हनुमान चालीसा का पाठ, लगाए नारे प्रदर्शन स्थल से सामने आए वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी हनुमान चालीसा का पाठ करते और ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के नारे लगाते दिखाई दिए. प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे. हालांकि, भीड़ की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है. कुछ प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि प्रदर्शन में हजारों लोग पहुंचे. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर असमंजस प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर अनुमति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं रही. दिल्ली पुलिस की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना में कहा गया था कि रिजर्वेसन हटाओ आंदोलन के पदाधिकारियों को आधिकारिक माध्यम से जानकारी दी गई थी और सभी से कानून के निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण रहने को कहा गया था. वहीं, आयोजक जंतर-मंतर पर ही प्रदर्शन करने पर अड़े रहे. आयोजक हर्ष दुबे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच रहे लोगों को बाहर रोका जा रहा था. उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस के साथ कई घंटे बातचीत के बाद प्रदर्शन को रामलीला मैदान ले जाने के लिए कहा गया. PM मोदी को ज्ञापन सौंपने तक धरने का दावा हर्ष दुबे ने कहा कि प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपने तक मौके पर रहेंगे. उन्होंने कहा कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य आरक्षण व्यवस्था में ऐसा सुधार करना है, जिससे इसका लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे. रिजर्वेशन हटाओ मिशन से जुड़े प्रतीक पांडे ने भी आरक्षण को आर्थिक आधार पर देने की मांग की. उन्होंने दावा किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग प्रदर्शन में शामिल होने आए और कई लोगों को रास्ते में रोका या दूसरी जगह भेजा गया. भारी सुरक्षा के बीच प्रदर्शन प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. दिल्ली पुलिस के अलावा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और हिंदुस्तान-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों की तैनाती की गई. इलाके में बैरिकेडिंग भी की गई. प्रदर्शन पर नेतृत्वक प्रतिक्रिया आरक्षण सुधार को लेकर चल रहे विवाद पर लेखक और टिप्पणीकार आनंद रंगनाथन ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति को लेकर सवाल उठाया और दो अलग-अलग प्रदर्शनों के साथ कथित तौर पर अलग व्यवहार का आरोप लगाया. उनकी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए Aarin Capital के चेयरपर्सन और Infosys के पूर्व CFO मोहनदास पई ने इसे गलत बताया. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए कहा कि कानून का पालन करने वाले नागरिकों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाने के लिए जुटे हैं. Also read : Viral Video : गेट खुला था, फिर भी अचानक चल पड़ी लिफ्ट; स्त्री की दर्दनाक मौत यह प्रदर्शन हर्ष दुबे के नेतृत्व में पिछले कई सप्ताह से चल रहे ऑनलाइन अभियान के बाद हुआ. आरक्षण सुधार और UGC के इक्विटी नियमों के विरोध का यह अभियान अब सोशल मीडिया से निकलकर सड़कों तक पहुंच चुका है. नागपुर, लखनऊ, जयपुर और विशाखापत्तनम में भी ऐसे प्रदर्शन किए जा चुके हैं. राजस्थान में राजपूत करणी सेना ने UGC इक्विटी रेगुलेशन के विरोध में 24 दिन तक करीब 800 किलोमीटर की यात्रा कर जयपुर में प्रदर्शन किया था. वहां बैरिकेड तोड़ने के आरोपों के बाद पुलिस से झड़प भी हुई थी. जंतर-मंतर पर शुक्रवार के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और बढ़ाया जाएगा. The post UGC नियमों के विरोध में जंतर-मंतर पर हजारों स्टुडेंट्स की भीड़, आरक्षण में बदलाव की उठी मांग appeared first on Naya Vichar.

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ISI नेटवर्क पर प्रहार : दिल्ली से प्रदीप्त बोस और इसलामपुर से तृणमूल नेता का भाई फजले रब्बी गिरफ्तार

ISI Spy Network Bengal STF Action: उत्तर बंगाल के रणनीतिक रूप से संवेदनशील ‘चिकन नेक’/सिलीगुड़ी कॉरिडोर (Siliguri Corridor) और हिंदुस्तान-बांग्लादेश सीमा पर सक्रिय पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के स्पाई मॉड्यूल के खिलाफ पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने दिल्ली में सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए प्रदीप्त बोस को गिरफ्तार कर लिया है. सिलीगुड़ी के रहने वाले प्रदीप्त को दिल्ली के बंगाली टोला इलाके से पकड़ा गया. उसे ट्रांजिट रिमांड पर कूचबिहार के दीनहाटा महकमा अदालत में पेश किया गया. कोर्ट ने उसे 8 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया. हिंदुस्तान-बांग्लादेश सीमा से पकड़ाया फजले रब्बी इसी मामले के तार जोड़ते हुए एसटीएफ ने उत्तर दिनाजपुर के तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष जाकिर हुसैन के भाई फजले रब्बी को भी गिरफ्तार किया गया है. उसे उत्तर दिनाजपुर जिला के हिंदुस्तान-बांग्लादेश सीमा से सटे पाटागड़ा इलाके से पकड़ा गया है. उसे बृहस्पतिवार को ही हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया. हिंदुस्तानीय सिम कार्ड और जाली नोटों की तस्करी में फजले रब्बी की क्या भूमिका थी, इसकी जांच चल रही है. फजले रब्बी की पत्नी बोली- मेरे पति को फंसाया जा रहा एसटीएफ की कार्रवाई के बीच जब मीडिया की टीमें फजले रब्बी के घर पहुंची, तो आरोपी की पत्नी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उनके पति पूरी तरह से बेकसूर हैं. उन्हें किसी नेतृत्वक या प्रशासनिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. ये भी पढ़ें: बंगाल में ISI के नेटवर्क! संदिग्ध आतंकी हमीम की गर्लफ्रेंड झारखंड से गिरफ्तार तफ्तीश में हुए 4 बड़े खुलासे दिल्ली से चल रहा था नेटवर्क का रिमोट : दीनहाटा से पकड़े गये 3 संदिग्ध (रशीद उल हक, नूर नसीरुद्दीन अली और शफीकुल इस्लाम) से पूछताछ के बाद दिल्ली में प्रदीप्त बोस के ठिकाने का पता चला. यह भी पता चला है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का रैकेट कश्मीर से लेकर दिल्ली और बंगाल तक फैला है. हिंदुस्तानीय सिम कार्ड्स की पाकिस्तान में सप्लाई : एसटीएफ की जांच में पता चला है कि यह गिरोह बांग्लादेश के रास्ते हिंदुस्तानीय सिम कार्ड्स (SIM Cards) पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाता था. इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल पाक की खुफिया एजेंसियां हिंदुस्तान विरोधी गतिविधियों और सैन्य ठिकानों की जानकारी जुटाने के लिए करती थीं. जाली नोटों का सिंडिकेट : पाकिस्तानी जासूसों का यह मॉड्यूल उत्तर बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में भारी मात्रा में हिंदुस्तानीय जाली नोट (Counterfeit Currency) खपाने का काम भी देख रहा था. ‘चिकन नेक’ और सैन्य सुरक्षा पर खतरा : प्रदीप्त की गिरफ्तारी के बाद आशंका जतायी जा रही है कि गिरोह ने स्थानीय सेना और बीएसएफ की गतिविधियों से जुड़ा संवेदनशील डेटा सीमापार यानी पाकिस्तान भेजा है. ये भी पढ़ें: ISI के जासूसी नेटवर्क पर बंगाल STF का शिकंजा, वहाब आलम का तीसरा साथी जफर शाम्स हुगली से गिरफ्तार आईएसआई जुड़े 10 लोग हुए अब तक गिरफ्तार हमीम मंडल अर्पिता मुखर्जी वहाब आलम उर्फ राणा रऊफ मोहम्मद इजाज रशीद उल हक नूर नसीरुद्दीन अली शफीक उल इस्लाम इमरान प्रदीप्त बोस फजले रब्बी ये भी पढ़ें: बंगाल में ISI और जैश-ए-मोहम्मद के राज खोलेगी अर्पिता प्रशासन! हमीम ने सौंपा था हनीट्रैप का जिम्मा उत्तर बंगाल से हुई 6 गिरफ्तारियां इस मामले में पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने उत्तर बंगाल के दीनहाटा, तूफानगंज, उत्तर दिनाजपुर और बांग्लादेश सीमा से सटे दिघलतारी से मिट्ठू रहमान समेत अब तक कुल 6 आरोपियों को दबोचा है. सभी से एसटीएफ की टीमें पूछताछ कर रही हैं. The post ISI नेटवर्क पर प्रहार : दिल्ली से प्रदीप्त बोस और इसलामपुर से तृणमूल नेता का भाई फजले रब्बी गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी के 6 घंटे के धरने के बाद जागी दिल्ली पुलिस, पैलेट गन मामले में दर्ज की FIR

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार (21 अगस्त) को उस छात्र की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली, साहिल लोचव ने आरोप लगाया था कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान वह पैलेट गन की गोली से घायल हुआ था. यह कार्रवाई लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के संसद मार्ग थाने में 6 घंटे से अधिक चले धरने के बाद की गई. छात्र के साथ थाने पहुंचे राहुल गांधी राहुल गांधी शुक्रवार को कथित पैलेट गन पीड़ित छात्र साहिल लोचव के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र की लिखित शिकायत के बावजूद पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की. राहुल गांधी ने DCP कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया और मामले में कार्रवाई की मांग की. FIR की कॉपी मीडिया को दिखाई FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी और साहिल लोचव ने मीडिया के सामने FIR की कॉपी दिखाई। इसके बाद राहुल गांधी ने अपना धरना समाप्त कर दिया. कांग्रेस का कहना था कि छात्र ने 14 अगस्त को वकीलों के साथ दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत दी थी. शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप कांग्रेस के मुताबिक, 17 अगस्त को ईमेल और फोन के जरिए शिकायत का फॉलोअप भी किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शिकायत की प्राप्ति नंबर भी उपलब्ध नहीं कराया. शुक्रवार को राहुल गांधी छात्र को लेकर दोबारा थाने पहुंचे और FIR दर्ज कराने की मांग की. पैलेट गन को लेकर पहले से विवाद 20 जुलाई के CJP प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर विपक्ष और प्रदर्शनकारियों की ओर से दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं. हालांकि, पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन इस्तेमाल किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. संसद मार्ग थाने की डेली डायरी में RAF द्वारा एंटी-रायट गन और प्लास्टिक पैलेट इस्तेमाल किए जाने का उल्लेख था. सुप्रीम कोर्ट ने बनाई जांच समिति पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की. इसकी अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर सुभाष रेड्डी करेंगे. समिति प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती और छात्रों के घायल होने के आरोपों की जांच करेगी. ये भी पढ़ें: राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का वार- ‘कैमरा-सेंट्रिक ड्रामा’ से सुर्खियों में रहना चाहते हैं, न्याय से कोई लेना-देना नहीं The post राहुल गांधी के 6 घंटे के धरने के बाद जागी दिल्ली पुलिस, पैलेट गन मामले में दर्ज की FIR appeared first on Naya Vichar.

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राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद से कोई समझौता नहीं, सिलीगुड़ी में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का ऐलान

Bengal Security Agenda: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में सकारात्मक और बड़ा बदलाव लाने के लिए उनकी प्रशासन का कामकाज चार-सूत्री एजेंडे पर आधारित है. सिलीगुड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जायेगा. शुभेंदु अधिकारी प्रशासन का चार-सूत्री एजेंडा राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद : सुरक्षा प्राथमिकताओं पर पूर्ण प्रतिबद्धता और शून्य-समझौता नीति. जन कल्याण : राज्य के प्रत्येक नागरिक तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच. केंद्र-राज्य समन्वय : केंद्रीय योजनाओं को लागू करने के लिए केंद्र के साथ बेहतर तालमेल. अंतिम व्यक्ति तक लाभ : यह सुनिश्चित करना कि सभी प्रशासनी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों को मिले. ये भी पढ़ें: अमित शाह ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना, कहा- जब तक सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, देश सुरक्षित नहीं रहेगा सीमा सुरक्षा और सुधारों पर तेजी से कार्रवाई शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पदभार ग्रहण करते ही उनकी प्रशासन ने बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने (Border Fencing) की प्रक्रिया को गति देने के लिए सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force – BSF) को भूमि सौंप दी है. इसके साथ ही, रुकी हुई जनगणना प्रक्रिया को बिना किसी नेतृत्व के तुरंत शुरू करने के लिए मुख्य सचिव को निर्देश जारी किये गये. ये भी पढ़ें: सिलीगुड़ी में गरजे अमित शाह, कहा- ममता बनर्जी की प्रशासन ने ‘सिंडिकेट राज’ को बचाने के लिए नये आपराधिक कानूनों को रोका 3 नये आपराधिक कानून राज्य में लागू : शुभेंदु मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल में 3 नये आपराधिक कानून – हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) को पूरी तरह लागू कर दिया गया है. मुख्यमंत्री के अनुसार, यह चार-सूत्री एजेंडा राज्य को सुशासन और विकास की नयी दिशा देगा. The post राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद से कोई समझौता नहीं, सिलीगुड़ी में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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एथेनॉल के कारण महंगी हुई मिठास या कोई और है वजह ? समझिए अचानक क्यों बढ़ गए चीनी के दाम

देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत बढ़कर 52.3 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है. यह एक साल पहले के मुकाबले करीब 13 फीसदी ज्यादा है. वहीं, कुछ शहरों में चीनी 60 से 65 रुपये किलो तक बिकने की समाचारें हैं. हालांकि, बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र प्रशासन ने 10 लाख टन रॉ-शुगर के ड्यूटी-फ्री इम्पोर्ट को मंजूरी दी है. लेकिन सवाल ये है कि चीनी इतनी महंगी क्यों हो रही है? क्या एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने का इस्तेमाल इसकी सबसे बड़ी वजह है, या कमजोर मौसम, घटता स्टॉक और त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग भी इसके पीछे जिम्मेदार हैं? और सबसे अहम सवाल ये है कि प्रशासन के इस फैसले के बाद आम लोगों को चीनी की कीमतों में राहत कब और कितनी मिलेगी? बिहार-झारखंड में चीनी के दामों ने बढ़ाई मिठास की कीमत उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक 18 अगस्त को देश की औसत खुदरा कीमत 52.3 रुपये किलो थी. वहीं, झारंखड और बिहार के कई प्रमुख शहरों के खुदरा बाजारों में चीनी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है. कई शहरों में चीनी 65 से 70 रुपये किलो के आसपास बिक रही है. बिहार की राजधानी पटना में खुदरा भाव 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की समाचार है तो रांची में चीनी करीब 65 से 70 रुपये प्रति किलो बिक रही है . बिहार पटना: ₹70/किलो दरभंगा: ₹70–72/किलो मुजफ्फरपुर: ₹62–70/किलो सासाराम/चेनारी: ₹70/किलो पूर्णिया: ₹65–68/किलो समस्तीपुर: ₹65–68/किलो बेगूसराय: ₹67–68/किलो झारखंड रांची: ₹65–70/किलो धनबाद: ₹65–68/किलो जमशेदपुर: ₹64–68/किलो बोकारो: ₹65–67/किलो अचानक क्यों बढ़ने लगे चीनी के दाम? चीनी की मौजूदा तेजी को समझने के लिए सबसे पहले सप्लाई को देखना होगा. इस समय बाजार में उपलब्ध पुराना स्टॉक सामान्य वर्षों की तुलना में कम है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले नए सीजन में चीनी का शुरुआती स्टॉक करीब 35-40 लाख टन रहने का अनुमान लगाया जा रहा है, जबकि सामान्य तौर पर बाजार को ज्यादा आरामदायक बफर की जरूरत होती है. यही वजह है कि मिलों और कारोबारियों के पास स्टॉक को लेकर पहले जैसी गुंजाइश नहीं बची है. इसके साथ ही त्योहारी सीजन भी सामने है. रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी से लेकर दशहरा और दिवाली तक मिठाइयों, पेय पदार्थों और दूसरे खाद्य उत्पादों में चीनी की मांग बढ़ती है. ऐसे में जब सप्लाई को लेकर पहले से चिंता हो, तो भविष्य की मांग का अनुमान भी मौजूदा कीमतों को और ऊपर ले जा सकता है. ये भी पढ़ें: सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए एक नहीं, कई मौके! जानिए वीडियो बनाने पर बिहार प्रशासन किसे देगी पैसे क्या एथेनॉल की वजह से बढ़ रही हैं कीमतें? एथेनॉल को चीनी की बढ़ती कीमतों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा, लेकिन इसका असर जरूर है. हिंदुस्तान ने पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल करने के लिए गन्ने से एथेनॉल उत्पादन बढ़ाया है. इसका मतलब है कि गन्ने का एक हिस्सा चीनी बनाने के बजाय एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल हो रहा है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा सीजन में करीब 30 लाख टन चीनी के बराबर उत्पादन एथेनॉल की ओर डायवर्ट हुआ है. यही वजह है कि प्रशासन अगले सीजन में गन्ने के जूस और बी-हेवी मोलासिस से एथेनॉल बनाने पर अंकुश लगाने पर विचार कर रही है. इसके बजाय मक्का और चावल जैसे दूसरे फीडस्टॉक से एथेनॉल उत्पादन बढ़ाने की संभावना है. हालांकि, अभी इसे अंतिम नीति फैसला मानना जल्दबाजी होगी. मौसम ने भी बढ़ाई चिंता चीनी की कीमतों पर दबाव की दूसरी बड़ी वजह मौसम भी है. महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे बड़े गन्ना उत्पादक राज्यों में कम बारिश ने अगली फसल को लेकर चिंता बढ़ा दी है. गन्ना पानी पर निर्भर फसल है, इसलिए बारिश कम होने या मौसम में गड़बड़ी का असर आने वाले सीजन में उत्पादन पर पड़ सकता है. तो चीनी महंगी क्यों हो रही है? यानी, मौजूदा तेजी को सिर्फ एथेनॉल से जोड़कर देखना सही नहीं होगा. इसके पीछे एथेनॉल के लिए गन्ने का डायवर्जन, मौसम की मार से उत्पादन पर चिंता, शुरुआती स्टॉक में कमी और त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली मांग की आशंका,इन सभी का मिला-जुला असर है. ये भी पढ़ें: फरक्का जल संधि को लेकर क्या है बिहार का रुख? जानिए संजय झा क्यों नहीं चाहते यह समझौता आगे बढ़े! कीमत को कंट्रोल करने के लिए प्रशासन क्या कर रही? प्रशासन ने पहले ही चीनी डीलरों पर स्टॉक रखने की सीमा लागू की थी. यह व्यवस्था 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक लागू है और इसका मकसद जमाखोरी तथा सट्टेबाजी पर रोक लगाना है. प्रशासन का कहना है कि कुछ कारोबारियों की जमाखोरी और वास्तविक माल की आवाजाही के बिना होने वाले सौदों ने बाजार में कृत्रिम कमी की धारणा बनाई. अब प्रशासन ने एक और कदम उठाते हुए 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की अनुमति दे दी है. यह चीनी 31 अक्टूबर तक आयात की जा सकती है. इसके अलावा पोर्ट आधारित रिफाइनरियों से घरेलू बाजार में करीब 3 लाख टन रिफाइंड चीनी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है. साथ ही, बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा को भी कड़ा किया गया है. सितंबर से नवंबर के बीच ऐसे खरीदार, जो महीने में 10 टन से ज्यादा चीनी इस्तेमाल करते हैं, 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे. तो क्या आगे चीनी और महंगी होगी? फिलहाल कीमतों पर दबाव बना रह सकता है, खासकर अगर त्योहारी मांग बढ़ती है और नई फसल की सप्लाई अपेक्षा से कमजोर रहती है. लेकिन प्रशासन का ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट फैसला बाजार में अतिरिक्त सप्लाई ला सकता है और कीमतों की तेजी पर ब्रेक लगा सकता है. इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि चीनी की कीमतें लगातार बढ़ती ही रहेंगी. पढ़िए देश दुनिया और बिहार झारखंड की ओरिजिनल समाचार The post एथेनॉल के कारण महंगी हुई मिठास या कोई और है वजह ? समझिए अचानक क्यों बढ़ गए चीनी के दाम appeared first on Naya Vichar.

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बिजली का पोल गिरा, टूटी बैरिकेडिंग और मची भगदड़, जानिए अशोकधाम हादसे की रिपोर्ट में क्या है?

Ashokdham Temple Stampede Report: लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में 17 अगस्त को हुई भगदड़ की जिलास्तरीय जांच रिपोर्ट सामने आ गई है. ADM नीरज कुमार की अध्यक्षता में बनी टीम ने अपनी रिपोर्ट डीएम शैलेंद्र कुमार को सौंप दी है. करीब सात बिंदुओं पर हुई जांच में बिजली का पोल गिरना और कमजोर बैरिकेडिंग हादसे की बड़ी वजह बताई गई है. पोल गिरने के बाद बिगड़ी स्थिति जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि मंदिर परिसर में बिजली का पोल गिरने के बाद अचानक श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मच गई. लोग बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे. इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ता गया और कमजोर बैरिकेडिंग उसे संभाल नहीं सकी. भीड़ में एक-दूसरे से टकराने के बाद एक-दो स्त्रीएं नीचे गिर गईं और उनके ऊपर करीब 20 से ज्यादा स्त्रीएं और बच्चियां गिर पड़ीं. इस हादसे में 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. जांच टीम ने पोल की मजबूती और बैरिकेडिंग की हालत को लेकर बिजली विभाग और भवन प्रमंडल को पहली नजर में लापरवाही का जिम्मेदार माना है. भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में भी बिजली विभाग को हादसे की मुख्य वजह बताया गया था. भीड़ संभालने की व्यवस्था पर सवाल रिपोर्ट में बिजली पोल और बैरिकेडिंग की स्थिति पर तो सवाल उठाए गए हैं, लेकिन हादसे के समय भीड़ संभालने की व्यवस्था पर कोई बड़ी जिम्मेदारी तय नहीं की गई है. मंदिर में उस समय कितने श्रद्धालु मौजूद थे, एंट्री गेट पर भीड़ को रोकने के लिए क्या प्लान था और पुलिस व सुरक्षा बल कितनी संख्या में तैनात थे, इसकी साफ जानकारी रिपोर्ट में नहीं दी गई है. इसी वजह से भीड़ को संभालने की तैयारी को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. कमजोर बैरिकेडिंग की पहले जांच क्यों नहीं हुई? जांच रिपोर्ट में बैरिकेडिंग को कमजोर बताया गया है, लेकिन यह सवाल बना हुआ है कि अगर बैरिकेडिंग इतनी कमजोर थी तो श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आने से पहले इसकी जांच क्यों नहीं की गई. इसी तरह यह भी सवाल है कि एंट्री और एग्जिट के लिए क्या व्यवस्था थी और बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ आने की स्थिति में भीड़ को किस तरह संभालने की तैयारी की गई थी. रिपोर्ट में इन पहलुओं की पूरी जानकारी नहीं है. पुलिस की तैनाती, उनकी जगह और भगदड़ शुरू होने के बाद की कार्रवाई को लेकर भी रिपोर्ट में साफ जवाब नहीं दिया गया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल रिपोर्ट में बिजली विभाग और भवन प्रमंडल पर पहली नजर में लापरवाही की बात कही गई है. बिजली विभाग की जिम्मेदारी पोल और बिजली व्यवस्था से जुड़ी थी, जबकि बैरिकेडिंग को लेकर भवन प्रमंडल की भूमिका पर सवाल उठे हैं. लेकिन भीड़ की सुरक्षा देख रहे प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रबंधन की सीधी लापरवाही तय नहीं की गई है. मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की पहले से जानकारी होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा और भीड़ संभालने की व्यवस्था क्यों नहीं थी, यह सवाल अभी भी बना हुआ है. मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी भी रिपोर्ट में तय नहीं की गई है. हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों के परिवारों के लिए जांच रिपोर्ट के बाद भी कई सवालों के जवाब बाकी हैं. इसे भी पढ़ें: बिहार के इस जिले में तेल मिल खोलने पर मिलेगी 9.90 लाख की सब्सिडी, जानें कैसे करें अप्लाई The post बिजली का पोल गिरा, टूटी बैरिकेडिंग और मची भगदड़, जानिए अशोकधाम हादसे की रिपोर्ट में क्या है? appeared first on Naya Vichar.

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आम्रपाली दुबे से पहले इस भोजपुरी हसीना को डेट कर चुके हैं निरहुआ? राज खुलते ही फैंस बोले- ये तो बड़ा बवाल है

Nirahua Pakhi Hegde Relationship: दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ की जिंदगी का एक पुराना चैप्टर एक बार फिर सुर्खियों में है. ‘भोजपुरी बवाल’ के मंच पर पाखी हेगड़े की एंट्री ने माहौल ही बदल दिया. बातचीत के दौरान पाखी ने निरहुआ के साथ अपने रिश्ते को लेकर बात की और एक ऐसा दावा किया, जिसने वहां बैठे सभी लोगों को हैरान दिया. Before Amrapali, Nirahua In Relationship With Pakhi Hegde: आम्रपाली से पहले पाखी हेगड़े संग रिश्ते में थे निरहुआ भोजपुरी बवालका नया प्रोमो जियोहॉटस्टार की ओर से शेयर किया गया है. जिसमें एक टेबल पर आम्रपाली दुबे, काजल राघवानी, रानी चटर्जी और होस्ट शुभांकर मिश्रा बैठे हुए थे. तभी दरवाजा खुलता है और पाखी हेगड़े की एंट्री होती है. फिर होस्ट उनसे पूछते हैं कि आपकी और दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ की जोड़ी सिर्फ प्रोफेशनल थी या पर्सनल भी रही हैं. इसपर भोजपुरी एक्ट्रेस बिना सोचे कहती हैं, पर्सनल भी थी और ये दोस्ती से ज्यादा था. यह बात सुनकर आम्रपाली शॉक्ड हो जाती हैं. View on Instagram निरहुआ और पाखी हेगड़े के वीडियो पर फैंस का कमेंट Nirhua Proposed Pakhi For Marriage: शादी के लिए पाखी को निरहुआ ने किया था प्रपोज फिर शुभांकर मिश्रा पूछते हैं कि क्या उन्होंने आपको शादी के लिए प्रपोज किया था. इस पर पाखी की आंखें भर जाती है और वह कहती हैं, ”हां.” आम्रपाली तुरंत कहती हैं, ”सच में ऐसा हुआ है.” इसके बाद निरहुआ की एंट्री होती है. पाखी उन्हें देखती हैं और रोने लगती है. भोजपुरी एक्टर उनके पास आते हैं और उन्हें गले लगा लेते हैं. फिर होस्ट कहते हैं कि आज इन्होंने आपके आने से पहले बताया कि आपने एक जमाने में शादी के लिए कहा था, क्योंकि आप दोनों को प्यार था. ये सुनकर निरहुआ सोच में डूब जाते हैं. View on Instagram ये भी पढ़ें: काजल राघवानी ने खोला पवन सिंह से विवाद का राज, बोलीं- ‘जबरदस्ती किसिंग सीन करने से किया था मना’ ये भी पढ़ें: कृष्णा अभिषेक बने पवन सिंह, भोजपुरी बवाल के सेट पर मचा खूब हंगामा, आम्रपाली दुबे भी नहीं रोक पाईं हंसी The post आम्रपाली दुबे से पहले इस भोजपुरी हसीना को डेट कर चुके हैं निरहुआ? राज खुलते ही फैंस बोले- ये तो बड़ा बवाल है appeared first on Naya Vichar.

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145km रेंज का दावा, 75kW का चार्जर… फैमिली यूज के लिए परफेक्ट है ये इलेक्ट्रिक स्कूटर, बैटरी पर 5 साल की वारंटी

हिंदुस्तानीय बाजार में रोजाना के काम और फैमिली यूज के लिए एक भरोसेमंद इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग तेजी से बढ़ रही है. BGauss ब्रांड का BG Oowah इस सेगमेंट में एक बेहतरीन ऑप्शन बनकर सामने आया है. यह स्कूटर अपने दमदार फीचर्स, बजट फ्रेंडली रेंज और लंबी वारंटी के कारण इंडियन कस्टमर्स की सभी जरूरतों को पूरा करता है, जो डेली यूज के लिए चाहिए. यदि आप भी एक फैमिली स्कूटर खरीदना चाह रहे हैं और ओला, एथर, टीवीएस और हीरो से अलग हटकर खरीदना है तो यह ब्रांड देख सकते हैं. आइए इसके बारे में जानते हैं. BG Oowah EX और BG Oowah MAX PLUS कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दो मुख्य वेरिएंट्स में पेश किया है. BG Oowah EX इसका एंट्री लेवल वेरिएंट है जो रोज इस्तेमाल के लिए बहुत प्रैक्टिकल माना जाता है. इसमें 2.3 kWh पावर की लिथियम-आयन बैटरी मिलती है, जो एक बार फुल चार्ज करने पर 105 किमी तक की ARAI-सर्टिफाइड रेंज देती है. वहीं, दूसरी तरफ BG Oowah Max Plus इस लाइनअप का टॉप वेरिएंट है. इसमें 3.0 kWh की बड़ी बैटरी मिलती है, जो 145 किमी की शानदार IDC-सर्टिफाइड रेंज देती है. BG Oowah EX और BG Oowah MAX PLUS: बैटरी, पावर और रेंज दोनों ही वेरिएंट्स में 1.5 kW की रेटेड पावर और 2.4 kW की मैक्सिमम पावर देने वाली मोटर लगी है, जो 60 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड प्रदान करती है. परिवार के साथ शहर में सफर करने या बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए यह स्पीड एकदम सुरक्षित और पर्याप्त मानी जाती है. Max Plus वेरिएंट की 145 किमी की रेंज की वजह से बार बार चार्ज करने का झंझट खत्म हो जाता है, जिससे लंबी दूरी के सफर में भी काफी सहूलियत रहती है. ये भी पढ़ें: बजट रेंज में आते हैं TVS के ये 2 इलेक्ट्रिक स्कूटर, डेली अप-डाउन के लिए परफेक्ट, 2 हेलेमट रखने की जगह भी मिलेगी BG Oowah EX और BG Oowah MAX PLUS: चार्जर और चार्जिंग समय इस इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ स्टैंडर्ड 750W का चार्जर मिलता है, जिससे EX वेरिएंट को फुल चार्ज होने में लगभग 5 घंटे और Max Plus वेरिएंट को लगभग 6.5 घंटे का समय लगता है. इसके अलावा इसमें फास्ट चार्जिंग का भी विकल्प उपलब्ध कराया गया है. 75kW या अन्य तेज चार्जिंग सेटअप की मदद से इसकी बैटरी को केवल 1.5 से 2 घंटे के भीतर आसानी से 80 प्रतिशत तक चार्ज किया जा सकता है. रिमूवेबल बैटरी का फीचर उन लोगों के लिए वरदान जैसा है जो ऊंची इमारतों में रहते हैं, क्योंकि वे बैटरी को आसानी से निकालकर घर पर भी चार्ज कर सकते हैं. BG Oowah EX और BG Oowah MAX PLUS: बैटरी वारंटी फैमिली स्कूटर खरीदते समय हर ग्राहक का सबसे बड़ा सवाल बैटरी की लाइफ को लेकर होता है. BGauss कंपनी अपने ग्राहकों को एक्सटेंडेड प्लान के तहत बैटरी पर 5 साल या 50 हजार किलोमीटर तक की वारंटी दे रही है. इस लंबी वारंटी के कारण खरीदार को सालों साल मेंटेनेंस या बैटरी बदलने की चिंता से पूरी तरह मुक्ति मिल जाती है. ये भी पढ़ें: एक का 100kmph, तो दूसरे का 130kmph की स्पीड… रफ्तार का बादशाह हैं ये 5 इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, Bajaj Chetak भी लिस्ट में BG Oowah EX और BG Oowah MAX Plus: फीचर्स और सेफ्टी स्कूटर का डिजाइन काफी आरामदायक और चौड़ा रखा गया है ताकि दो लोग आसानी से बैठ सकें. इसमें 765 mm की सीट हाइट दी गई है, जिससे फैमिली का हर सदस्य इसे आसानी से चला सकता है. राइडर की सुविधा के लिए स्पीड, बैटरी लेवल और डिस्टेंस-टू- एम्प्टी दिखाने वाला डिजिटल मीटर दिया गया है. सामान रखने के लिए पर्याप्त बूट स्पेस, मोबाइल चार्जिंग के लिए USB पोर्ट, और साइड स्टैंड इंजन कट ऑफ सेंसर जैसे महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर्स इसमें शामिल हैं. इसके साथ ही 160 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस और 300 मिमी की वाटर वेडिंग क्षमता इसे बारिश और गड्ढों वाले रास्तों पर भी आसानी से निकलने में मदद करती है. The post 145km रेंज का दावा, 75kW का चार्जर… फैमिली यूज के लिए परफेक्ट है ये इलेक्ट्रिक स्कूटर, बैटरी पर 5 साल की वारंटी appeared first on Naya Vichar.

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लखनऊ हत्याकांड: 2 दिन रेकी, 30 मिनट में खेल खत्म, डेढ़ करोड़ की रकम बनी मौत की वजह

Lucknow Murder Case: लखनऊ में SBI अफसर मानस बाजपेयी और पत्नी दिव्या मिश्रा के रिश्ते का अंत बेहद खौफनाक तरीके से हुआ. लव मैरिज के बाद शुरू हुआ विवाद तलाक की कानूनी लड़ाई तक पहुंचा और फिर हत्या व सुसाइड में बदल गया. पुलिस की शुरुआती जांच में डेढ़ करोड़ रुपये की एलिमनी, तलाक और बहन को लेकर विवाद की बात सामने आई है. आखिर रिश्ते में ऐसा क्या हुआ कि मामला हत्या तक पहुंच गया? लव मैरिज से तलाक तक पहुंची कहानी मानस बाजपेयी और दिव्या मिश्रा ने साल 2017 में लव मैरिज की थी. शादी के शुरुआती दिनों में दोनों के रिश्ते सामान्य रहे, लेकिन धीरे-धीरे छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ने लगा. परिवार के मुताबिक, बहन को साथ रखने को लेकर भी दोनों के बीच लगातार तनाव रहता था. साल 2025 में विवाद बढ़ने के बाद दिव्या ने घर छोड़ दिया. इसके बाद दोनों अलग रहने लगे. जनवरी 2026 में दिव्या ने फैमिली कोर्ट में तलाक का मुकदमा दायर किया और दोनों के रिश्ते की कानूनी लड़ाई शुरू हो गई. 18 अगस्त की सुनवाई के बाद बदला मानस का प्लान पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, 18 अगस्त को फैमिली कोर्ट में तलाक के मामले की सुनवाई हुई थी. इसी दौरान एलिमनी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिव्या की ओर से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की एलिमनी की मांग की जा रही थी. बताया जा रहा है कि इसी के बाद मानस तनाव में आ गया। पुलिस को शक है कि सुनवाई के बाद ही उसने पत्नी, बहन की हत्या और फिर खुदकुशी करने का प्लान बनाया. 3 हथियार खरीदे, 2 दिन तक पत्नी की रेकी जांच में सामने आया है कि मानस ने वारदात से पहले तीन हथियारों का इंतजाम किया था. इनमें दो 9 एमएम पिस्टल और एक तमंचा बताया जा रहा है. पुलिस ने तीनों हथियार बरामद कर लिए हैं. इसके बाद मानस ने करीब दो दिन तक पत्नी दिव्या की रेकी की. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से खरीदे गए और इस पूरी साजिश में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं. बैंक के बाहर बुलाया, पहले मारपीट फिर गोली 20 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे मानस ऑटो से सीधे उस ICICI बैंक पहुंचा, जहां दिव्या काम करती थीं. उसने दिव्या को फोन कर बाहर बुलाया. दिव्या के बाहर आते ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया. आरोप है कि मानस ने पहले उनके साथ मारपीट की. बैंक के गार्ड और कर्मचारी बचाने के लिए दौड़े, लेकिन इसी दौरान मानस ने दिव्या को बेहद करीब से गोली मार दी. पूरी घटना बैंक के बाहर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई. वारदात के बाद मानस मौके से फरार हो गया. घर पहुंचा और बहन को भी मारी गोली दिव्या को गोली मारने के बाद मानस ऑटो से करीब दो किलोमीटर दूर अपने घर पहुंचा. पुलिस के मुताबिक, उसने कमरे का दरवाजा बंद किया और टीवी पर तेज आवाज में हनुमान चालीसा चला दी. इसके बाद उसने अपनी बहन शीबा के सिर में गोली मार दी. बहन की हत्या के बाद मानस ने खुद की कनपटी में गोली मारकर सुसाइड कर लिया. इस तरह कुछ ही देर के अंदर दो हत्याएं और एक आत्महत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया. दिव्या की बहन ने लगाए गंभीर आरोप दिव्या की बहन और यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा ने मानस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि दिव्या ने उन्हें बताया था कि मानस का व्यवहार बेहद क्रूर था और वह उससे अलग होना चाहती थी. प्रज्ञा के मुताबिक, दिव्या ने मानस के व्यवहार को लेकर कई बातें उनसे साझा की थीं. हालांकि, उनका कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि मानस इतना बड़ा कदम उठा सकता है. बहन को लेकर भी था पति-पत्नी में विवाद परिजनों के मुताबिक, मानस की बहन शीबा को लेकर भी पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. दिव्या कथित तौर पर मानस की बहन के साथ नहीं रहना चाहती थीं, जबकि मानस अपनी बहन को अलग रखने के लिए तैयार नहीं था.इसी विवाद के चलते दोनों के रिश्ते में दूरी बढ़ती गई और आखिरकार दिव्या ने घर छोड़ दिया. पुलिस के सामने अब ये बड़े सवाल इस हत्याकांड के बाद पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। क्या डेढ़ करोड़ रुपये की एलिमनी की मांग ही हत्या की मुख्य वजह बनी? क्या मानस ने 18 अगस्त की फैमिली कोर्ट की सुनवाई के बाद ही हत्या का फैसला किया? तीन हथियार उसे कहां से मिले? और क्या इस पूरी साजिश में कोई और भी शामिल था?फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज, बरामद हथियारों और परिवार के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है. 9 साल की लव मैरिज का अंत दो हत्याओं और एक सुसाइड के साथ हुआ. पुलिस की जांच अब इस खौफनाक वारदात के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाने में जुटी है. Must Read: बलिया वालों सावधान! WhatsApp पर आ रहा 75 हजार रुपये मांगने वाला मैसेज, पुलिस ने जारी की चेतावनी The post लखनऊ हत्याकांड: 2 दिन रेकी, 30 मिनट में स्पोर्ट्स खत्म, डेढ़ करोड़ की रकम बनी मौत की वजह appeared first on Naya Vichar.

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JPSC Protest: देवेंद्रनाथ महतो का ऐलान- 15 सितंबर को सरकार की कमजोर पैरवी हुई तो सीएम आवास का करेंगे घेराव

रांची से अभिषेक आनंद की रिपोर्ट JPSC Student Protest: JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच ने शुक्रवार को रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए और प्रशासन पर अदालत में कमजोर पक्ष रखने का आरोप लगाया. मंच के प्रमुख और छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि 26 साल के झारखंड में भर्ती व्यवस्था पूरी तरह भ्रष्टाचार से प्रभावित हो चुकी है और अब आंदोलन किसी भी कीमत पर समझौते की राह पर नहीं जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि 15 सितंबर को प्रशासन ने हाईकोर्ट में छात्रों के हितों में अपना मजबूत पक्ष नहीं रखा, तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे. लेकिन इससे पहले मंच 24 अगस्त से दिशोम गुरु पद्म भूषण शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा निकालेगा. 5 जुलाई से शुरू हुआ था छात्रों का आंदोलन देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि छात्र आंदोलन की शुरुआत 5 जुलाई से हुई थी, जो 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह में बदल गया. उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दबाव में प्रशासन को 22 परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं, छह परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ीं और 17 मामलों में जांच बैठानी पड़ी. लेकिन दो दिन बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, FSO, CDPO और JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने के फैसले पर रोक लग गयी. अदालत में प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन ने अदालत में CID की रिपोर्ट को मजबूती से क्यों नहीं रखा. उन्होंने पूछा कि पहले दिन महाधिवक्ता अदालत में क्यों नहीं पहुंचे और प्रशासन ने अपने फैसले का पर्याप्त बचाव क्यों नहीं किया. उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई किसी निर्दोष छात्र की नौकरी छीनने की नहीं है. प्रशासन तय करे कि कौन दोषी है और कौन निर्दोष. दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन पूरे भर्ती तंत्र में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हो.” उन्होंने आरोप लगाया कि यदि प्रशासन अदालत में अपने फैसले के आधार और CID जांच की रिपोर्ट प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती, तो परीक्षाएं रद्द करने के फैसले पर रोक नहीं लगती. नेमरा से शुरू होगी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा मंच ने आंदोलन के दूसरे चरण की घोषणा करते हुए कहा कि 24 अगस्त से दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से “भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा” निकाली जाएगी. यह यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों तक जाएगी. देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि भविष्य में बिना धांधली वाली परीक्षा व्यवस्था की गारंटी सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि मंत्री के बयानों और CID जांच के आधार पर अब तक 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई हुई है. अब प्रशासन को स्थायी सुधार लागू करना होगा. 15 सितंबर को सीएम आवास घेरने की चेतावनी मंच ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट में 15 सितंबर को अगली सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण होगी. देवेंद्रनाथ महतो ने चेतावनी दी कि यदि उस दिन भी प्रशासन अदालत में मजबूती से अपना पक्ष नहीं रखती, तो छात्र बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे. उन्होंने कहा कि इस बार आंदोलन में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी. जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम जैसे बड़े आंदोलन भी किए जाएंगे. PGT समेत कई परीक्षाओं की अनदेखी का आरोप देवेंद्रनाथ महतो ने आरोप लगाया कि PGT भर्ती मामले को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि कई अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी गंभीर शिकायतें हैं, लेकिन प्रशासन ने उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की. उन्होंने मांग की कि जिन अभ्यर्थियों की नियुक्ति विवादित भर्ती प्रक्रियाओं के तहत हुई है और जो अभी प्रशिक्षण ले रहे हैं, उनके प्रशिक्षण पर भी रोक लगाई जाए, ताकि जांच पूरी होने तक किसी प्रकार की जल्दबाजी न हो. प्रशासन ने भरोसा मांगा, अदालत में पैरवी कमजोर: राजेश प्रसाद प्रेस वार्ता में मंच के प्रतिनिधि राजेश प्रसाद ने कहा कि छात्र आंदोलन का परिणाम यह रहा कि कई मामलों में गिरफ्तारियां हुईं और CGL प्रकरण राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा. उन्होंने कहा कि छात्रों को लगा था कि प्रशासन भर्ती सुधार के मुद्दे पर उनके साथ खड़ी होगी. राजेश प्रसाद ने कहा कि प्रशासन ने स्वयं छात्रों से भरोसा रखने को कहा था और छात्रों ने उस भरोसे पर आंदोलन भी समाप्त किया. लेकिन इसके बाद जब JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षाओं का मामला अदालत पहुंचा, तब पहले दिन महाधिवक्ता मौजूद नहीं थे. उन्होंने कहा कि उस दिन प्रशासन की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने केवल जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जबकि प्रशासन कई महत्वपूर्ण पहलुओं और CID जांच के आधार को अदालत के सामने रख सकती थी. उनका आरोप है कि इसी तरह CGL मामले में भी प्रशासन की ओर से प्रभावी ढंग से पक्ष नहीं रखा गया. इसे भी पढ़ें: JPSC Student Protest: CID की बड़ी कार्रवाई, पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य के PA ब्रज कुमार राम गिरफ्तार प्रशासन ठोस पक्ष रखती तो रद्द परीक्षा पर नहीं लगती रोक राजेश प्रसाद ने कहा कि यदि प्रशासन अदालत में अपने फैसलों के ठोस आधार प्रस्तुत करती, तो रद्द परीक्षाओं पर रोक लगाने जैसी स्थिति नहीं बनती. उन्होंने कहा कि मंच फिलहाल यह नहीं मानता कि प्रशासन ने आंदोलन खत्म करने के लिए कोई साजिश रची थी, लेकिन यदि केवल विरोध शांत कराने के लिए फैसले लिए गए और अदालत में उनका बचाव नहीं किया गया, तो यह छात्रों के साथ विश्वासघात होगा. उन्होंने याद दिलाया कि कार्मिक विभाग ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा था कि परीक्षाओं पर कार्रवाई CID जांच के आधार पर की गई थी. इसे भी पढ़ें: Jharkhand Student Protest: JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच ने आंदोलन खत्म The post JPSC Protest: देवेंद्रनाथ महतो का ऐलान- 15 सितंबर को प्रशासन की कमजोर पैरवी हुई तो सीएम आवास का करेंगे घेराव appeared first on Naya Vichar.

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