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आ गई Toyota की पहली इलेक्ट्रिक SUV, एक बार चार्ज करने पर चलेगी 543Km

हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती डिमांड के बीच Toyota Kirloskar Motor ने भी अपनी पहली ऑल-इलेक्ट्रिक SUV Toyota Urban Cruiser Ebella लॉन्च कर दी है. दमदार डिजाइन, प्रीमियम फीचर्स और लंबी ड्राइविंग रेंज के साथ आई यह नई EV सीधे मिड-साइज इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट को टक्कर देने के लिए तैयार है. कंपनी का दावा है कि यह इलेक्ट्रिक SUV शानदार परफॉर्मेंस के साथ-साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स का बेहतरीन कॉम्बिनेशन ऑफर करेगी. इस इलेक्ट्रिक SUV की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 23.60 लाख रुपये रखी गई है. दमदार डिजाइन और प्रीमियम लुक नई Toyota Urban Cruiser Ebella का डिजाइन काफी हद तक Maruti Suzuki e Vitara से मिलता-जुलता है, लेकिन इसमें Toyota की खास डिजाइन लैंग्वेज देखने को मिलती है. SUV के फ्रंट में नया और आकर्षक डिजाइन दिया गया है, जो कंपनी के ग्लोबल मॉडल्स जैसा फील देता है. इसमें मस्कुलर बोनट, शार्प कैरेक्टर लाइन्स और एयरोडायनामिक अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो इसे स्पोर्टी लुक देते हैं. SUV का व्हीलबेस 2700mm है, जबकि इसकी लंबाई 4,285mm, चौड़ाई करीब 1,800mm और ऊंचाई लगभग 1,640mm है. मिलेंगे कई शानदार कलर ऑप्शन कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक SUV को कई शानदार कलर्स में पेश किया है, जिनमें Cafe White, Bluish Black, Gaming Grey, Sportin Red और Enticing Silver शामिल हैं. इसके अलावा डुअल-टोन कलर ऑप्शन भी दिए गए हैं, जिनमें ब्लैक रूफ के साथ कई प्रीमियम शेड्स मिलते हैं. फीचर्स से भरपूर केबिन Toyota Urban Cruiser Ebella का इंटीरियर प्रीमियम फील देने के लिए ब्लैक और ब्राउन डुअल-टोन थीम में तैयार किया गया है. केबिन का लेआउट मॉडर्न और काफी क्लीन नजर आता है, जबकि डैशबोर्ड डिजाइन में e-Vitara की झलक देखने को मिलती है. फीचर्स की बात करें, तो इसमें पैनोरमिक सनरूफ, 10.1 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वेंटिलेटेड सीट्स, वायरलेस चार्जिंग, JBL साउंड सिस्टम, एम्बिएंट लाइटिंग, एयर प्यूरीफायर, क्लाइमेट कंट्रोल और डायल-टाइप गियर शिफ्ट नॉब जैसे कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं. सेफ्टी में भी नहीं कोई कमी सुरक्षा के लिहाज से भी कंपनी ने इस SUV को काफी मजबूत बनाया है. इसमें 7 एयरबैग, 360 डिग्री कैमरा और Level 2 ADAS जैसे एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं. बैटरी और रेंज Toyota Urban Cruiser Ebella को दो बैटरी 49kWh और 61kWh ऑप्शन के साथ पेश किया गया है. बड़े 61kWh बैटरी पैक वाले वेरिएंट में 171.6hp की इलेक्ट्रिक मोटर मिलती है, जो 189Nm टॉर्क जेनरेट करती है. वहीं 49kWh बैटरी वर्जन में 106hp की मोटर दी गई है. कंपनी का दावा है कि यह इलेक्ट्रिक SUV एक बार चार्ज करने पर 543 किलोमीटर तक की रेंज दे सकती है. इसमें 2WD और AWD दोनों ड्राइवट्रेन ऑप्शन मिलते हैं. साथ ही LFP बैटरी AC और DC दोनों तरह की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है. यह भी पढ़ें: क्यों MG Majestor बन रही है Fortuner से बेहतर SUV? इन 5 पॉइंट्स में समझिए The post आ गई Toyota की पहली इलेक्ट्रिक SUV, एक बार चार्ज करने पर चलेगी 543Km appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में युवाओं के सपनों को मिली उड़ान, सरकार ने 77 स्टार्टअप्स को दिया बड़ा सपोर्ट, 26 को मिली पहली किस्त

Bihar News: (अनुराग प्रधान) बिहार में स्टार्टअप कल्चर को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है. राज्य प्रशासन की ‘स्टार्टअप बिहार’ पहल के तहत 77 स्टार्टअप्स को कुल 4.41 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की अनुशंसा की गई है. इससे राज्य में नवाचार, रोजगार और उद्यमिता को नया बल मिलने की उम्मीद है. पटना में हुआ पिचिंग राउंड 20 से 25 मई के बीच विकास भवन, पटना में पर्सनल इंटरैक्शन मीटिंग यानी पिचिंग राउंड आयोजित किया गया. इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपने आइडिया और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए. उद्योग विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया के बाद 77 स्टार्टअप्स को अलग-अलग वित्तीय सहायता योजनाओं के लिए चुना गया. 26 स्टार्टअप्स को पहली किस्त की मंजूरी रिपोर्ट के मुताबिक 26 स्टार्टअप्स को पहली किस्त के रूप में चार-चार लाख रुपये की सहायता देने की अनुशंसा की गई है. वहीं 46 स्टार्टअप्स को दूसरी किस्त के तहत छह-छह लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी. चार स्टार्टअप्स को मिलेगा पोस्ट-सीड फंड राज्य प्रशासन ने चार स्टार्टअप्स को पोस्ट-सीड फंड सपोर्ट योजना के तहत चुना है. इन स्टार्टअप्स को 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. इसके अलावा एक स्टार्टअप को पेटेंट के लिए आईपीआर यानी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स प्रतिपूर्ति का लाभ देने की भी अनुशंसा की गई है. सिर्फ फंड नहीं, पूरा सपोर्ट सिस्टम स्टार्टअप बिहार के तहत उद्यमियों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी जा रही है. प्रशासन की ओर से मेंटरशिप, इन्क्यूबेशन, आधारभूत सुविधाएं और इनोवेशन आधारित इकोसिस्टम का भी समर्थन दिया जा रहा है. प्रशासन का उद्देश्य युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला उद्यमी बनाना है. बिहार बन रहा उभरता स्टार्टअप हब पिछले कुछ वर्षों में बिहार में स्टार्टअप्स की संख्या लगातार बढ़ी है. निवेशकों की रुचि भी राज्य की ओर तेजी से बढ़ रही है. उद्योग विभाग का मानना है कि मजबूत नीतियों, संस्थागत सहयोग और युवाओं की भागीदारी की वजह से बिहार अब देश के उभरते स्टार्टअप हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है. ‘बिहार है तैयार’ अभियान को मिल रही मजबूती राज्य प्रशासन ‘बिहार है तैयार’ अभियान के तहत उद्योग, नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर लगातार काम कर रही है. प्रशासन का दावा है कि आने वाले समय में बिहार स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा. Also Read: बिहार में अब आसमान से रखी जाएगी पुलों पर नजर, इजराइल के विशेषज्ञों से हो रही बात, जानिए सम्राट प्रशासन का प्लान The post बिहार में युवाओं के सपनों को मिली उड़ान, प्रशासन ने 77 स्टार्टअप्स को दिया बड़ा सपोर्ट, 26 को मिली पहली किस्त appeared first on Naya Vichar.

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SC ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दिए गए अग्रिम जमानत पर कहा-माफ कीजिए, हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे

Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के लिए अच्छी समाचार आई है. शीर्ष न्यायालय ने पोक्सो (POCSO) एक्ट के एक मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को दी गई अग्रिम जमानत को बरकरार रखा है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को यह जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट से दी गई थी. अग्रिम जमानत को रद्द करने की अपील खारिज जस्टिस एमएम सुंदरेश और एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को इलाहाबाद हाई कोर्ट से मिले अग्रिम जमानत के फैसले को चुनौती दी गई थी. बेंच ने कहा कि माफ कीजिए, हम इसमें हस्तक्षेप नहीं करेंगे. 25 मार्च को दी गई थी जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 मार्च को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी को पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामले में अग्रिम जमानत दी थी. कोर्ट ने प्रथम सूचनाकर्ता और दोनों आरोपियों स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य को इस मामले में मीडिया के सामने कोई बयान देने से रोक दिया था. कोर्ट ने दोनों को जांच में सहयोग करने का निर्देश भी दिया था. यह मामला प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है, जो पॉक्सो अदालत के निर्देश पर दर्ज की गई थी. इसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने कई बटुकों (युवा शिष्यों) का यौन शोषण किया. ये भी पढ़ें : आरबीआइ का लाभांश एक राहत भर है The post SC ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दिए गए अग्रिम जमानत पर कहा-माफ कीजिए, हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे appeared first on Naya Vichar.

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दुमका में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नाम को लेकर सियासत तेज

दुमका से आनंद जायसवाल की रिपोर्ट  Dumka News: झारखंड के दुमका जिले के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नाम को लेकर अब सियासत तेज हो गई है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता चंपाई सोरेन ने अस्पताल का नाम “गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल” किए जाने पर विरोध जताया है. चंपाई सोरेन ने इसे संताल हूल के इतिहास और आदिवासी वीरांगनाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया है. चंपाई सोरेन ने बताया  चंपाई सोरेन ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने अस्पताल निर्माण करा रही लार्सन एंड टर्बो कंपनी के प्लानिंग मैनेजर और मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल से भी बात की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नाम में सुधार नहीं किया गया, तो 30 जून को हूल दिवस के मौके पर संताल परगना के माझी हाड़ाम और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों का बड़ा जुटान यहीं होगा. अस्पताल के नाम में “मुर्मू” जोड़ने की उठी मांग  पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि अस्पताल के नाम में “मुर्मू” शब्द भी जोड़ा जाए, जिससे फूलो-झानो मुर्मू की ऐतिहासिक पहचान कायम रहे. साथ ही उन्होंने दिग्घी इलाके में प्रस्तावित बस टर्मिनल का नाम चांद-भैरव के नाम पर रखने की भी मांग उठाई. चंपाई सोरेन के इस बयान के बाद अब फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नाम को लेकर नेतृत्वक और सामाजिक बहस तेज होने की संभावना है.  यह भी पढ़ें: गिरिडीह के सरिता देवी को CM के निर्देश पर मिली मदद, प्रशासन उठाएगा बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा यह भी पढ़ें:धनबाद: सिनीडीह में मकानों में दरार पड़ने से दहशत, परिवारों ने खाली किया घर The post दुमका में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नाम को लेकर सियासत तेज appeared first on Naya Vichar.

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फैसले में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाई कोर्ट्स को तीन महीने की सीमा तय

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के हाई कोर्ट्स को निर्देश दिया है कि फैसला सुरक्षित रखने के तीन महीने के भीतर उसे सुनाया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फैसलों में देरी से लोगों को बड़ा नुकसान होता है. अदालत ने यह भी कहा कि जमानत मामलों में आदेश उसी दिन सुनाया जाए और अगर फैसला सुरक्षित रखा जाता है तो अगले दिन तक अपलोड कर दिया जाए. कोर्ट ने निर्देश दिए कि जमानत या सजा निलंबन का आदेश तुरंत जेल प्रशासन तक पहुंचाया जाए, ताकि आरोपी या कैदी को उसी दिन या ज्यादा से ज्यादा अगले दिन रिहा किया जा सके. STORY | SC directs HCs to pronounce judgement within 3 months of reserving order Observing that delay causes irreparable loss to litigants, the Supreme Court on Friday directed high courts across the country to pronounce judgements within three months from the date of reserving… pic.twitter.com/F0Jwbcn1n5 — Press Trust of India (@PTI_News) May 29, 2026 हिंदुस्तान के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में जल्द फैसले करने की जरूरत होती है. पीठ ने कहा कि जमानत याचिकाओं पर आदेश उसी दिन सुनाया जाना चाहिए और यदि आदेश सुरक्षित रखा जाता है तो उसे अगले दिन सुनाया और अपलोड किया जाना चाहिए. The post फैसले में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाई कोर्ट्स को तीन महीने की सीमा तय appeared first on Naya Vichar.

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AI से नौकरियां खत्म होने की बात से पीछे हटे Sam Altman, 2.5 लाख लोगों की नौकरी जाने के बाद बदला सुर

हिंदुस्तान में पिछले डेढ़ साल से एआई को लेकर सबसे बड़ा डर यही था कि यह इंसानों की नौकरियां खा जाएगा.ओपनएआई के सीईओ सैमऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के दारियोअमोदेई जैसे बड़े टेक लीडर्स लगातार चेतावनी दे रहे थे कि आने वाले समय में व्हाइट-कॉलर जॉब्स तेजी से खत्म होंगी. कंपनियों ने भी इन बयानों को गंभीरता से लिया और बड़े स्तर पर छंटनी शुरू हो गई. लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है. वही टेक दिग्गज, जो कभी एआई को नौकरी खत्म करने वाली मशीन बता रहे थे, अब कह रहे हैं कि इंसान और एआई साथ मिलकर काम करेंगे. यह बदलाव ऐसे समय आया है, जब दुनियाभर में 2.5 लाख से ज्यादा टेक कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं. एआई से जॉब खत्म होने की भविष्यवाणी अब बदल रही 2025 में सैमऑल्टमैन ने कई बार कहा था कि एंट्री-लेवल व्हाइट-कॉलर जॉब्स सबसे पहले खत्म होंगी. इससे टेक इंडस्ट्री में डर का माहौल बन गया था. कंपनियों ने लागत कम करने और एआई पर ज्यादा फोकस करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटानी शुरू कर दी. लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया में हुए एक कॉन्फ्रेंस के दौरान ऑल्टमैन ने माना कि उनकी शुरुआती सोच पूरी तरह सही नहीं थी. उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि एआई अब तक बड़ी संख्या में नौकरियां खत्म कर देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उनके मुताबिक इंसानी बातचीत, अनुभव और निर्णय लेने की क्षमता अब भी बेहद जरूरी है. उन्होंने यह भी माना कि उन्होंने इस मामले में स्थिति को गलत समझा था. कंपनियों ने एआई के भरोसे की बड़ी कीमत चुकाई एआई को लेकर किये गए बड़े-बड़े दावों का असर सीधे टेक इंडस्ट्री पर पड़ा. कई कंपनियों ने यह मान लिया कि एआई इंसानी कर्मचारियों की जगह ले सकता है. इसी सोच के चलते Meta, Amazon और Snap जैसी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर छंटनी की.रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 के शुरुआती महीनों तक 1.15 लाख से ज्यादा टेक कर्मचारी नौकरी खो चुके हैं. कई कंपनियों ने अपनी छंटनी के पीछे एआई री-स्ट्रक्चरिंग को मुख्य वजह बताया. यही कारण है कि अब जब टेक लीडर्स अपने पुराने बयान बदल रहे हैं, तो लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस डर का फायदा किसे मिला. एआई इंसानों से सस्ता नहीं, कई मामलों में ज्यादा महंगा शुरुआत में यह माना जा रहा था कि एआई कंपनियों का खर्च कम करेगा. लेकिन अब कई रिपोर्ट्स बता रही हैं कि बड़े स्तर पर एआई सिस्टम चलाना बेहद महंगा साबित हो रहा है. हाई-कम्प्यूटिंग कॉस्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर और लगातार ट्रेनिंग की जरूरत इसे आसान विकल्प नहीं बनने दे रही. एंथ्रोपिक के सीईओ दारियोअमोदेई भी अब अपने सुर बदलते नजर आ रहे हैं. पहले वह कहते थे कि आने वाले पांच साल में आधी एंट्री-लेवल नौकरियां खत्म हो सकती हैं. अब उनका कहना है कि इंसान अगर किसी काम का सिर्फ 5 प्रतिशत हिस्सा भी संभालता है, तो एआई बाकी 95 प्रतिशत को बेहतर तरीके से पूरा कर सकता है. यानी फोकस अब रिप्लेसमेंट से ज्यादा कोलैबोरेशन पर है. सोशल मीडिया पर टेक दिग्गजों को घेरा जा रहा सैमऑल्टमैन के हालिया बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई. कई यूजर्स ने कहा कि पहले एआई को लेकर डर फैलाया गया और अब उसी बयान से पीछे हटने की कोशिश हो रही है.डेवलपर्स और टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि एआई को लेकर लगातार बदलते बयान इंडस्ट्री और कर्मचारियों दोनों को भ्रमित कर रहे हैं. कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि 2024 और 2025 में एआई को लेकर फैलाए गए डर ने कंपनियों को कर्मचारियों की कटौती के लिए प्रेरित किया. अब जब एआई उतना सस्ता और आसान विकल्प नहीं दिख रहा, तो कहानी बदली जा रही है. भविष्य में इंसान और एआई साथ काम करेंगे? फिलहाल इतना साफ है कि एआई पूरी तरह इंसानों की जगह लेने की स्थिति में नहीं पहुंचा है. कंपनियां अब ऐसे मॉडल पर काम कर रही हैं, जहां एआई कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ाए, न कि उन्हें पूरी तरह हटाए. हालांकि नौकरी को लेकर असुरक्षा अभी भी बनी हुई है और आने वाले समय में एआई किस दिशा में जायेगा, यह पूरी तरह साफ नहीं है. लेकिन एक बात जरूर बदल गई है. अब टेक इंडस्ट्री में यह चर्चा ज्यादा हो रही है कि एआई इंसानों को रिप्लेस नहीं करेगा, बल्कि उनके काम करने का तरीका बदल देगा. यह भी पढ़ें: Google Search में AI से परेशान हुए लोग, अब DuckDuckGo बना नया सहारा The post AI से नौकरियां खत्म होने की बात से पीछे हटे Sam Altman, 2.5 लाख लोगों की नौकरी जाने के बाद बदला सुर appeared first on Naya Vichar.

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ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर क्या दान करना होता है शुभ?

Purnima 2026: सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि को बेहद पवित्र और फलदायी माना गया है, लेकिन जब यह पूर्णिमा ज्येष्ठ मास और वह भी अधिक मास में पड़े, तो इसका महत्व कई हजार गुना बढ़ जाता है. अधिक मास की पूर्णिमा को ‘पुरुषोत्तम पूर्णिमा’ के नाम से भी जाना जाता है. यह दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और सामर्थ्य अनुसार दान-पुण्य करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं कि ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा के इस महासंयोग पर किन चीजों का दान करना सबसे शुभ माना गया है. ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर करें इन चीजों का दान ज्येष्ठ महीने में भीषण गर्मी पड़ती है. ऐसे में प्यासे को पानी पिलाना बहुत पुण्यदायक माना जाता है. पूर्णिमा के दिन मिट्टी के घड़े में पानी भरकर दान करना या राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना शुभ माना गया है. मान्यता है कि इससे पितर प्रसन्न होते हैं और कुंडली का चंद्र दोष शांत होता है. इस दिन अन्न दान करना बेहद शुभ माना गया है. हिंदू धर्म में अन्नदान को महादान कहा गया है. गरीबों और जरूरतमंदों को चावल, गेहूं, दाल समेत अन्य खाद्य सामग्री का दान करना चाहिए. कहते हैं कि इससे घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती और मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद बना रहता है. ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे मौसमी फलों का दान करना भी बहुत उत्तम माना गया है. इस दिन धूप और गर्मी से राहत दिलाने के लिए हाथ का पंखा या छाता दान करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे राहु-केतु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं. चूंकि पूर्णिमा के दिन चंद्र देव अपनी पूर्ण कलाओं में होते हैं, इसलिए इस दिन दूध, दही, चावल, चीनी या चांदी का दान करने से मानसिक शांति मिलती है और आर्थिक तंगी दूर होती है. विवाहित स्त्रीओं को इस दिन सुहाग का सामान, जैसे चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी आदि का दान करना चाहिए. माना जाता है कि इससे सौभाग्य बढ़ता है और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है. यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी समाचारें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar The post ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर क्या दान करना होता है शुभ? appeared first on Naya Vichar.

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हार्दिक पांड्या से छिनेगी MI की कप्तानी, सामने आई ये बड़ी वजह

Hardik Pandya remove captaincy: मुंबई इंडियंस के खेमे से एक बहुत बड़ी समाचार आ रही है. सूत्रों की मानें तो फ्रेंचाइजी ने हार्दिक पंड्या को कप्तानी से हटाने का मन बना लिया है. आईपीएल 2026 में टीम का लचर प्रदर्शन तो इस फैसले की एक बड़ी वजह भी है. परदे के पीछे कुछ और भी बड़े कारण हैं, जो हार्दिक के खिलाफ जा रहे हैं. आईपीएल 2026 में 14 में से 10 मैच हारने और टीम के 9वें नंबर पर रहने के अलावा भी कई ऐसे बात है, जो हार्दिक की कप्तानी छीनने की वजह बन रहे हैं. आइए, सिलसिलेवार ढंग से उन सभी बड़ी वजहों पर नजर डालते हैं. IPL 2026 में मुंबई का हाल मुंबई इंडियंस जैसी फ्रेंचाइजी कभी भी ‘नंबर 9’ पर रहने के लिए नहीं जानी जाती. ग्रुप स्टेज के 14 में से 10 मैच हारना कोई सामान्य नाकामी नहीं है. इन आंकड़ों ने मैनेजमेंट को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि रोहित शर्मा को हटाकर हार्दिक को कमान सौंपने का उनका फैसला पूरी तरह उल्टा पड़ गया है और अब टीम में एक बड़े बदलाव की जरूरत है. खराब कप्तानी के साथ खराब फॉर्म हार्दिक पंड्या के लिए मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है. एक तरफ जहाँ मुंबई इंडियंस लगातार मुकाबले हार रही है, वहीं दूसरी तरफ खुद हार्दिक का बतौर ऑलराउंडर ग्राफ तेजी से गिरा है. इस सीजन में वह टीम के लिए एक्स-फैक्टर साबित होने में नाकाम रहे. आँकड़े गवाही देते हैं कि 10 मैचों में हार्दिक के बल्ले से केवल 206 रन निकले, जहाँ उनका औसत 22.88 और स्ट्राइक रेट 138.25 का रहा. वहीं गेंदबाजी में वह 10 मैचों में सिर्फ 4 विकेट ही ले पाए. हार्दिक से नाराज है सीनियर खिलाड़ी खराब फॉर्म से जूझ रहे हार्दिक पंड्या की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं. IPL 2026 के दौरान सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई इंडियंस के कई सीनियर खिलाड़ी हार्दिक पंड्या के कप्तानी के तरीकों से असंतुष्ट नजर आए. हालांकि, फ्रेंचाइजी ने इस मामले पर किसी भी तरह की आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है. लेकिन अंदरूनी सूत्रों के हवाले से आ रही ये समाचारें काफी मजबूत संकेत दे रही हैं.  मैदान पर टीम के खराब तालमेल और इस कथित मतभेद को देखते हुए, मुंबई इंडियंस मैनेजमेंट जल्द ही हार्दिक से कप्तानी वापस लेने का बड़ा फैसला कर सकता है. फिटनेस बनी हार्दिक पांड्या की कमजोरी खराब फॉर्म और अंदरूनी कलह के बाद अब फिटनेस ने भी हार्दिक पंड्या की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं. IPL 2026 में पीठ की चोट के चलते हार्दिक को 4 मैचों से बाहर बैठना पड़ा. कप्तान की गैर-मौजूदगी और लगातार बदलते कॉम्बिनेशन ने टीम के पूरे बैलेंस को तहस-नहस कर दिया. क्या हार्दिक खो चुके हैं टीम का भरोसा हार्दिक पंड्या एक बेहतरीन ऑलराउंडर हैं, इस बात में कोई शक नहीं है. लेकिन मुंबई इंडियंस जैसी बड़ी टीम के लिए कप्तान और खिलाड़ी की दोहरी भूमिका निभाना उनके लिए काफी मुश्किल साबित हुआ. इस डबल रोल के चक्कर में उनका प्रदर्शन बहुत खराब रहा, जिसके कारण फ्रेंचाइजी का उन पर जो भरोसा था, वह अब काफी कम हो गया है. कप्तानी के इस दबाव ने उनके स्पोर्ट्स और टीम में उनकी स्थिति दोनों को नुकसान पहुँचाया है. यह भी पढ़े- इस पूर्व क्रिकेटर ने ढूंढा वैभव सूर्यवंशी को, जानिए कौन हैं समर कादरी The post हार्दिक पांड्या से छिनेगी MI की कप्तानी, सामने आई ये बड़ी वजह appeared first on Naya Vichar.

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नेहा धूपिया का छलका दर्द, बोलीं- मेरी स्माइल को बताया गया था खराब

Neha Dhupia: बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई अभिनेत्रियां अपने करियर के शुरुआती दिनों में लुक्स और खूबसूरती को लेकर किए गए कमेंट्स का सामना कर चुकी हैं. अब अभिनेत्री नेहा धूपिया ने भी अपने संघर्ष के दिनों का एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने लंबे समय तक उनके आत्मविश्वास को प्रभावित किया. नेहा ने बताया कि एक कास्टिंग डायरेक्टर की बात ने उन्हें इस कदर परेशान कर दिया था कि वह कई सालों तक खुलकर मुस्कुराने से बचती रहीं. ऑडिशन के दौरान मिला था अजीब कमेंट हाल ही में अपने शो ‘डबल डेट’ के एक एपिसोड में नेहा धूपिया ने इंडस्ट्री के शुरुआती दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि जब वह नई-नई इंडस्ट्री में आई थीं, तब एक टीवी शो के ऑडिशन के लिए जा रही थीं. उसी दौरान एक कास्टिंग डायरेक्टर ने उनकी मुस्कान को लेकर ऐसा कमेंट कर दिया, जिसने उन्हें अंदर तक हिला दिया. नेहा ने बताया कि जैसे ही वह मुस्कुराईं, सामने बैठे कास्टिंग डायरेक्टर ने कहा कि उन्हें मुस्कुराना नहीं चाहिए क्योंकि वह बिना मुस्कुराए ज्यादा प्रभावशाली लगती हैं. यह बात सुनकर वह काफी असहज हो गई थीं. कई सालों तक नहीं कर पाईं खुलकर स्माइल अभिनेत्री ने कहा कि उस एक टिप्पणी का असर उनके मन पर इतना गहरा पड़ा कि उन्होंने अपनी मुस्कान को लेकर खुद पर शक करना शुरू कर दिया. यहां तक कि जब उन्होंने मिस इंडिया का खिताब जीता, तब भी उनकी तस्वीरों में वह खुलकर मुस्कुराती नजर नहीं आईं. नेहा के मुताबिक, इस डर और असुरक्षा से बाहर निकलने में उन्हें करीब आठ से दस साल का समय लगा. उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में वह खुद को लेकर काफी असहज महसूस करने लगी थीं. मिस यूनिवर्स हारने का भी पड़ा असर नेहा धूपिया ने बातचीत में यह भी खुलासा किया कि मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में हारने के बाद उनका आत्मविश्वास और ज्यादा कमजोर हो गया था. उस हार से उबरने में उन्हें कई महीने लगे. हालांकि समय के साथ उन्होंने खुद को संभाला और इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई. वेब सीरीज में नजर आई थीं नेहा वर्कफ्रंट की बात करें तो नेहा धूपिया हाल ही में वेब सीरीज ‘परफेक्ट फैमिली’ में नजर आई थीं. इस सीरीज में कॉमेडी और फैमिली ड्रामा का मिश्रण देखने को मिला था, जिसे दर्शकों ने पसंद किया. यह भी पढ़ें: शाहरुख खान से लेकर आलिया भट्ट तक, करण जौहर ने क्यों किया सबको अनफॉलो? खुद बताई वजह The post नेहा धूपिया का छलका दर्द, बोलीं- मेरी स्माइल को बताया गया था खराब appeared first on Naya Vichar.

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आज सिंगापुर जायेंगे लालू प्रसाद, कोर्ट से मिला परमिशन, 2022 में हुआ था किडनी ट्रांसप्लांट

Lalu Yadav News: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद सिंगापुर जाने वाले हैं. बताया जा रहा है कि लालू प्रसाद आज (शुक्रवार) ही सिंगापुर जा सकते हैं. सिंगापुर में लालू प्रसाद का पोस्ट किडनी ट्रांसप्लांट हेल्थ चेकअप और अन्य जरूरी मेडिकल जांच होगी. दिल्ली की कोर्ट से परमिशन मिलने के बाद लालू प्रसाद अब विदेश जा सकते हैं. ऐसे में रूटीन चेकअप के लिए वे सिंगापुर जायेंगे. हर तीन महीने में रूटीन चेकअप की मिली थी सलाह जानकारी के मुताबिक, सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एके तिवारी की अदालत ने पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश दिया था. इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी यह बताया था कि डॉक्टर ने किडनी ट्रांसप्लांट के बाद उन्हें हर तीन महीने में रूटीन चेकअप की सलाह दी थी. करीब एक साल से जांच रूकी हुई थी. साथ ही लालू प्रसाद के आंख में भी परेशानी है. पिछली बार उनका ऑपरेशन भी हुआ था, जिसका भी इलाज हो सकता है. 2022 में लालू प्रसाद का हुआ था किडनी ट्रांसप्लांट दिसंबर 2022 में लालू प्रसाद का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था. लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने उन्हें किडनी दिया था. लालू प्रसाद चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता हैं, लेकिन वह जमानत पर बाहर हैं. ऐसे में कोर्ट से उन्हें विदेश जानी की अनुमति मिल गई है. 27 मई को उन्होंने अपने पोते इराज का पहला जन्मदिन गाजियाबाद के रागिनी विला में धूमधाम से सेलिब्रेट किया था. रोहिणी आचार्य को मनाने की चर्चा तेज लालू प्रसाद के सिंगापुर जाने को लेकर चर्चा यह भी हो रही है कि वे अपनी बेटी रोहिणी आचार्य को मना सकते हैं. 27 मई को इराज के जन्मदिन पर माना जा रहा था कि तेज प्रताप यादव के साथ रोहिणी आचार्य भी शामिल होंगी. लेकिन उस पार्टी में तेज प्रताप तो पहुंचे लेकिन रोहिणी आचार्य नहीं शामिल हुईं थी. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि लालू प्रसाद सिंगापुर जाने के बाद अपनी बेटी रोहिणी आचार्य को मना सकते हैं. Also Read: पटना जंक्शन से होकर चलने वाली वंदे हिंदुस्तान, दुरंतो, तेजस समेत इन VIP ट्रेनों की बदलेगी टाइमिंग, मांगी गई लिस्ट The post आज सिंगापुर जायेंगे लालू प्रसाद, कोर्ट से मिला परमिशन, 2022 में हुआ था किडनी ट्रांसप्लांट appeared first on Naya Vichar.

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