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बाढ़ में डूबी किताबें, कैसे करें पढ़ाई? गोपालगंज के नन्हे अभिज्ञान ने शिक्षा मंत्री से किया सवाल, वायरल हुआ वीडियो

Gopalganj Flood : शीतलपुर बांध टूटने के बाद बैकुंठपुर प्रखंड के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों के साथ स्कूलों तक पहुंच गया है. बाढ़ के पानी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. कई छात्रों की कॉपी-किताबें भी पानी में डूबकर खराब हो गयी हैं. इसी बीच बासघाट मसूरियां पंचायत के नन्हे छात्र अभिज्ञान यादव का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह बाढ़ में डूबी अपनी किताबें दिखाकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से अपनी परेशानी साझा करता नजर आ रहा है. किताबें दिखाकर अभिज्ञान ने पूछा- अब हम पढ़ाई कैसे करेंगे? वायरल वीडियो में अभिज्ञान अपनी मैथ, साइंस, हिंदी और अंग्रेजी की किताबें दिखाता है. वह बताता है कि बाढ़ के पानी में उसकी किताबें डूब गयी हैं और स्कूल भी पानी में डूब गया है. इसके बाद वह शिक्षा मंत्री से मासूमियत से सवाल करता है कि अब वह पढ़ाई कैसे करेगा. View on Instagram स्कूल में पानी, किताबें खराब होने से पढ़ाई पर असर बाढ़ के कारण बैकुंठपुर के कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित है. घरों में पानी घुसने के साथ स्कूलों तक भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है. बच्चों की किताबें और पढ़ाई का सामान खराब होने से उनके सामने स्कूल खुलने के बाद पढ़ाई जारी रखने की चुनौती खड़ी हो गयी है. अभिज्ञान का सवाल बता रहा बाढ़ का बच्चों की पढ़ाई पर असर अभिज्ञान का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है. उसका मासूम सवाल यह बताने के लिए काफी है कि बाढ़ का असर केवल घरों, खेतों और रोजमर्रा की जिंदगी तक सीमित नहीं है. बाढ़ के पानी में बच्चों की किताबें डूबने से उनकी पढ़ाई और भविष्य भी प्रभावित हो रहा है. Also Read : गोपालगंज में बाढ़ ने छीनी बच्चों की किताबें, रिया की गुहार पर DEO ने पहुंचकर बांटी कॉपी-किताब और स्कूल बैग The post बाढ़ में डूबी किताबें, कैसे करें पढ़ाई? गोपालगंज के नन्हे अभिज्ञान ने शिक्षा मंत्री से किया सवाल, वायरल हुआ वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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वीडियो कॉल पर गंदा काम और पाकिस्तान के लिए जासूसी का आरोप, जानिए बिहार के अभिषेक सिंह की पूरी कुंडली

Pakistan Spying Case: पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में असम में गिरफ्तार अभिषेक कुमार सिंह के मामले में अब हनीट्रैप का एंगल भी चर्चा में है. बताया जा रहा है कि अभिषेक को पहले एक स्त्री ने न्यूड वीडियो कॉल के जरिए जाल में फंसाया. इसके बाद कथित तौर पर उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा और इसी दबाव में उससे देश विरोधी गतिविधियां करायी गयीं. हालांकि, हनीट्रैप के इस एंगल की अभी असम एसटीएफ या एनआईए की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अभिषेक के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और पाकिस्तान तक कथित तौर पर किस तरह की जानकारी पहुंचायी गयी. न्यूड वीडियो कॉल के बाद ब्लैकमेलिंग की चर्चा सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि अभिषेक के मोबाइल पर एक स्त्री की ओर से न्यूड वीडियो कॉल आया था. इसके बाद कथित तौर पर वीडियो के आधार पर उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा. आरोप है कि इसी दबाव का इस्तेमाल कर उससे धीरे-धीरे देश विरोधी गतिविधियां करायी गयीं. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि स्त्री कौन थी, उसका अभिषेक से संपर्क कैसे हुआ और वीडियो कॉल के बाद वास्तव में क्या-क्या हुआ. इन बिंदुओं की जांच एजेंसियों की ओर से अभी सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आयी है. इसलिए हनीट्रैप वाले एंगल को फिलहाल जांच का हिस्सा या संभावित कड़ी के तौर पर ही देखा जा रहा है. पाकिस्तान तक क्या जानकारी पहुंची, जांच जारी अभिषेक कुमार सिंह पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने का आरोप है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसने कथित तौर पर पाकिस्तान तक देश और सेना से जुड़ी कौन-कौन सी जानकारी पहुंचायी. असम एसटीएफ के साथ एनआईए भी मामले से जुड़े संपर्कों, मोबाइल फोन और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है. जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि अभिषेक को किसी संगठित नेटवर्क ने इस्तेमाल किया या वह किसी व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद इस गतिविधि में शामिल हुआ. मुजफ्फरपुर के घर तक पहुंच सकती है जांच अभिषेक का मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के चकमोहब्बत स्थित प्रगति नगर में आलीशान मकान है. मकान पर ‘गीता कॉम्पलेक्स’ का बोर्ड लगा हुआ है. अभिषेक के असम में पकड़े जाने के बाद खुफिया विभाग की टीम उसके घर के आसपास पहुंचकर जानकारी जुटा चुकी है. परिवार के सदस्यों के अनुसार, अभिषेक करीब डेढ़ साल से घर नहीं आया था. वह कभी-कभार ही परिवार से बात करता था और काम का हवाला देकर फोन काट देता था. बताया जाता है कि वह पहले एमटीएस के मरीन में काम करता था. इसके बाद बैंगलोर और फिर असम चला गया. सेना से रहा है परिवार का पुराना नाता अभिषेक के पिता सुरेंद्र प्रसाद सिंह हिंदुस्तानीय सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. बड़ा भाई विवेक सिंह भी सेना में सेवा दे चुका है. अभिषेक तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर है, जबकि छोटा भाई आदित्य सिंह है. परिवार मूल रूप से पूर्वी चंपारण के राजेपुर थाना क्षेत्र के सेमराहां गांव का रहने वाला है. चचेरे भाई टुनटुन सिंह के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले जमीन विवाद के बाद अभिषेक का गांव आना-जाना बंद हो गया था. परिवार ने गांव की जमीन बटाई पर दे रखी है. रितेश कुमार से भी जुड़ रहा नाम बताया जा रहा है कि अभिषेक पहले बैंगलोर और बाद में असम गया था, जहां उसकी पहचान बेगूसराय के रितेश कुमार से हुई. दोनों के पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी नेटवर्क से जुड़े होने की जांच की जा रही है. फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अभिषेक को हनीट्रैप के जरिए फंसाया गया था या नहीं, उसे किसने ब्लैकमेल किया और कथित तौर पर उससे कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारी साझा करायी गयी. हनीट्रैप वाले एंगल की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी. ये भी पढ़ें: पिता देशभक्त, बेटा निकला पाकिस्तानी जासूस, गांव-घर से नाता तोड़ पड़ोसी देश के लिए कर रहा था काम The post वीडियो कॉल पर गंदा काम और पाकिस्तान के लिए जासूसी का आरोप, जानिए बिहार के अभिषेक सिंह की पूरी कुंडली appeared first on Naya Vichar.

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Virat Kohli: 5 करोड़ लेकर प्रेमानंद महाराज से मिलने गए थे विराट? कोहली की टीम ने दावे को बताया ‘झूठा’

Virat Kohli: हिंदुस्तानीय क्रिकेटर विराट कोहली को लेकर पिछले कुछ दिनों से एक दावा चर्चा में था. कहा गया था कि विराट कोहली 5 करोड़ रुपये लेकर प्रेमानंद महाराज से मिलने उनके आश्रम पहुंचे थे. अब विराट कोहली की टीम ने इस दावे पर साफ जवाब दिया है. उनके प्रवक्ता ने इसे पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है. विराट कोहली की टीम ने कहा है कि क्रिकेटर प्रेमानंद महाराज से किसी पैसे की वजह से नहीं, बल्कि अपनी गहरी आस्था और श्रद्धा के कारण मिलते हैं. टीम ने इन दावों का कड़ा खंडन करते हुए मीडिया से भी अपील की है कि किसी भी ऐसी बात को समाचार बनाने से पहले उसके तथ्यों की जांच की जाए. क्या है 5 करोड़ रुपये वाला मामला? विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा की प्रेमानंद महाराज में गहरी आस्था है. दोनों कई बार वृंदावन स्थित उनके आश्रम जा चुके हैं. उनकी मुलाकातों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आते रहे हैं. हालांकि, हाल में विराट कोहली के आश्रम जाने को लेकर एक दावा सामने आया. फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने आरोप लगाया कि विराट कोहली 5 करोड़ रुपये लेकर प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे थे. इस दावे के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया. यह विवाद ऐसे समय सामने आया, जब प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की संदिग्ध हालत में मौत के बाद आश्रम को लेकर भी सवाल उठ रहे थे. इसी बीच विराट कोहली को लेकर किए गए इस दावे ने मामला और चर्चा में ला दिया. ये भी पढ़ें: विराट कोहली को 5 करोड़ देकर प्रेमानंद महाराज के आश्रम बुलाया गया, दावे की पड़ताल में सामने आया चौंकाने वाला सच विराट कोहली की टीम ने क्या कहा? अब विराट कोहली के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. बयान में कहा गया कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा की ओर से विराट कोहली के बारे में किए गए दावे “पूरी तरह झूठे, बेबुनियाद और तथ्यात्मक रूप से गलत” हैं. प्रवक्ता ने साफ किया कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज से अपनी गहरी आस्था और उनके प्रति सम्मान की वजह से मिलते हैं. यानी 5 करोड़ रुपये देने या लेकर मिलने की बात को विराट की टीम ने पूरी तरह गलत बताया है. मीडिया से भी की अपील विराट कोहली की टीम ने मीडिया से कहा है कि ऐसे दावों को रिपोर्ट करने या आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों की अच्छी तरह जांच की जानी चाहिए. प्रवक्ता ने जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग करने की अपील की है. इस बयान के साथ विराट कोहली की टीम ने 5 करोड़ रुपये वाले दावे पर अपना रुख साफ कर दिया है. टीम ने दोबारा कहा है कि प्रेमानंद महाराज से विराट की मुलाकात का कारण उनकी आस्था और श्रद्धा है. ये भी पढ़ें: IND vs WI 1st T20: श्रेयस अय्यर ने लखनऊ में शतकीय पारी स्पोर्ट्सकर बना डाले 10 नए रिकॉर्ड, विराट कोहली को भी छोड़ा पीछे The post Virat Kohli: 5 करोड़ लेकर प्रेमानंद महाराज से मिलने गए थे विराट? कोहली की टीम ने दावे को बताया ‘झूठा’ appeared first on Naya Vichar.

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पब्लिक सर्विस में रहने के 25 साल पूरे होने पर PM मोदी बोले- ‘भारत के विकसित होने तक न थकूंगा, न रुकूंगा’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझ पर विश्वास जताने के लिए मैं हिंदुस्तान की जनता के सामने नतमस्तक हूं. पीएम मोदी ने कहा कि मेरे लिए जनता ही भगवान है और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) के परिश्रमी कार्यकर्ता मेरी ताकत हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में विकसित हिंदुस्तान 2047 के विजन के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि ‘2047 तक हम विकसित हिंदुस्तान के सपने को साकार करके रहेंगे. हम ओलंपिक होस्ट करेंगे, हम स्पेस में कदम रखेंगे. हम यह सबकुछ करेंगे. देखें, जनता का आभार जताते हुए पीएम ने क्या कहा- मैंने यह नहीं सोचा था कि मेरे सफर में यह मुकाम भी आएगा : पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पब्लिक सर्विस में अपने 25 साल पूरे होने पर ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम को संबोधित किया. इस मौके पर उन्होंने कहा ‘7 अक्टूबर 2001 को जब मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, तो मैंने सोचा भी नहीं था कि यह माइलस्टोन भी आएगा.’ उन्होंने कहा कि मुझमें बचपन से ही कुछ नया सीखने की ललक रही है, आज भी मैं एक विद्यार्थी हूं. पीए मोदी ने कहा कि मैं हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी), राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी सहयोगियों और लोकतंत्र के प्रति गहरी आस्था रखने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं. जनता ने मुझे सेवा के लिए चुनाव सेवा ज्योति के कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, ‘लोगों ने हमेशा मुझे उनकी सेवा करने के लिए चुना है. आज मैं हिंदुस्तान के लोकतंत्र और उसके संविधान के प्रति अपनी श्रद्धा को व्यक्त करता हूं. मैं ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में हिस्सा लेने वाले सभी नागरिकों का भी दिल से शुक्रिया अदा करता हूं. आज सुबह मैं प्रार्थना करने के लिए श्री विनायक मंदिर गया. मैंने देश के लिए,हिंदुस्तान के 1.4 बिलियन लोगों के लिए और अपने लिए भी भगवान से प्रार्थना की. मेरी प्रार्थना है कि भगवान मुझे अपने देश के लिए और भी ज्यादा ऊर्जा के साथ काम करने की ताकत और काबिलियत दें. ये भी पढ़ें : गुजरात CM से तीसरी बार प्रधानमंत्री तक, प्रशासन के मुखिया के तौर पर PM मोदी के 25 साल पूरे The post पब्लिक सर्विस में रहने के 25 साल पूरे होने पर PM मोदी बोले- ‘हिंदुस्तान के विकसित होने तक न थकूंगा, न रुकूंगा’ appeared first on Naya Vichar.

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राहुल-प्रियंका के आकाशवाणी भवन में घुसने पर FIR, इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन के बाद एक्शन में दिल्ली पुलिस

INDIA Bloc Protest: दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों के कथित तौर पर बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश करने के मामले में FIR दर्ज की है. पुलिस ने बताया कि विपक्षी दलों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन तक मार्च की योजना बनाई थी, लेकिन इसके लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी. निर्वाचन सदन की ओर मार्च कर रहे थे विपक्षी सांसद INDIA ब्लॉक के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. विपक्षी सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन की ओर मार्च करना चाहते थे. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग कार्यालय के पास रोक दिया. इसके बाद कई विपक्षी नेता और सांसद वहीं धरने पर बैठ गए. आकाशवाणी भवन के अंदर पहुंचे राहुल और प्रियंका दिल्ली पुलिस के मुताबिक इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कुछ अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में चले गए और वहां भी प्रदर्शन जारी रखा. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों से परिसर खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर ऐसा करने से इनकार कर दिया. विपक्षी नेताओं का कहना था कि जब तक सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल को चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती, वे वहां से नहीं हटेंगे. पुलिस ने हिरासत में लिया पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए कार्रवाई की गई. इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य प्रदर्शनकारियों को आकाशवाणी भवन परिसर से हटाकर हिरासत में लिया गया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दिनभर चले विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 10 सांसद भी शामिल थे. हिरासत में लिए गए नेताओं को न्यू पुलिस लाइंस, किंग्सवे कैंप ले जाया गया और बाद में छोड़ दिया गया. बिना अनुमति प्रवेश के मामले में FIR दिल्ली पुलिस ने अब आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने और वहां प्रदर्शन करने के मामले में FIR दर्ज की है. हालांकि FIR में किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. Also Read :ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के बाद AAP ने खोला मोर्चा, केजरीवाल ने मांगा CEC क इस्तीफा The post राहुल-प्रियंका के आकाशवाणी भवन में घुसने पर FIR, इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन के बाद एक्शन में दिल्ली पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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Sun Transit 2026: 17 अक्टूबर से शुरू होगी इन 4 राशि वालों की तरक्की, जानें करियर पर क्या पड़ेगा असर

Sun Transit 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, ग्रहों के राजा सूर्य 17 अक्टूबर को अपनी चाल बदलने जा रहे हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शाम 7 बजकर 57 मिनट पर सूर्य ग्रह तुला राशि में प्रवेश करेगा. तुला राशि में सूर्य की मौजूदगी 15 नवंबर को शाम 7 बजकर 48 मिनट तक रहेगी. सूर्य ग्रह जब कभी भी अपनी चाल बदलता है, तो उसका सभी राशियों पर प्रभाव पड़ता है. सूर्य का तुला में गोचर, किन 4 राशियों के जातकों लिए शुभ और लाभकारी है? ज्योतिषाचार्य पं. धनंजय पांडेय बता रहे हैं. सूर्य-गोचर का मेष, सिंह, तुला और धनु राशि पर असर मेष राशि (Aries) सूर्य के इस राशि परिवर्तन से मेष राशि के जातकों की नौकरी में तरक्की होगी. नौकरी के लिए की गई मेहनत का लाभ मिलेगा. अधिकारी से कोई उपहार या प्रशंसा पत्र मिल सकता है. डॉक्टर की सलाह पर सेहत से जुड़ी दिक्कतें दूर होंगी. समाज में सम्मान प्राप्त होगा. आर्थिक स्थिति में अच्छा बदलाव देखने को मिलेगा. प्रशासनी नौकरी के लिए कोशिश करने वाले जातकों को खुशसमाचारी मिल सकती है. सिंह राशि (Leo) सूर्य-गोचर की अवधि (17 अक्टूबर से 15 नवंबर तक) में नौकरी में तरक्की के कई योग बनेंगे. इस दौरान व्यापार में भी आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी. पिता से कई प्रकार के लाभ मिलेंगे. पैतृक संपत्ति का लाभ भी मिल सकता है. इस दौरान आत्मविश्वास मजबूत रहेगा. समाज या कार्यक्षेत्र में भरपूर मान-सम्मान मिलेगा. नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी. प्रशासनी योजनाओं या कार्यों से लाभ हो सकता है. तुला राशि (Libra) सूर्य गोचर की पूरी अवधि में नौकरी में तरक्की होगी. इस दौरान आपके कार्यों से अधिकारी लोग खुश रहेंगे. नौकरीपेशा जातकों को धन लाभ के कुछ नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं. परिवार में पिता या बड़े भाई से आर्थिक मदद मिल सकती है. समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी. सामाजिक कार्यों से हर वर्ग के लोगों का सहयोग मिलेगा. इस दौरान की गई यात्रा से लाभ के कई अवसर प्राप्त होंगे. धनु राशि (Sagittarius) संतान की तरक्की का शुभ समाचार मिलेगा. समाज में सम्मान बढ़ेगा. प्रशासनी नौकरी मिलने के योग हैं. सूर्य-गोचर के दौरान सेहत अच्छी रहेगी. छोटी-मोटी परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है. पिता, बड़े भाई या अभिभावक का आशीर्वाद मिलेगा, जिससे नौकरी-व्यापार में तरक्की होगी. कार्यस्थल पर अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा. कार्यों की प्रशंसा की जाएगी. सूर्य-गोचर इंफोग्राफिक्स (फोटो- एआई) सूर्य-गोचर के दौरान क्या करना अच्छा रहेगा? सूर्य गोचर की अवधि में हर रोज उगते हुए सूर्य को जल दें. ऐसा करने से कुंडली का सूर्य मजबूत होगा, जिससे नौकरी और व्यापार में तरक्की होगी. आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए भी यह उपाय कारगर है. परिवार में पिता, बड़ा भाई या अभिभावक का आशीर्वाद प्राप्त करें. अगर इस काम को प्रतिदिन सुबह जागने से साथ करते हैं, तो सूर्य ग्रह अनुकूल रहता है, जिससे जीवन में तरक्की के रास्ते बनने लगते हैं. सूर्य-गोचर के दौरान पड़ने वाले रविवार के दिन व्रत रखें. इससे कुंडली का कमजोर सूर्य मजबूत होगा, जिससे नौकरी-व्यापार में तरक्की होगी. ये भी पढ़ें: Jupiter Transit 2026: गुरु करने जा रहे अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश, इन 6 राशि वालों के बदलेंगे दिन डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारियां ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं. नया विचार इसकी पूर्ण सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. The post Sun Transit 2026: 17 अक्टूबर से शुरू होगी इन 4 राशि वालों की तरक्की, जानें करियर पर क्या पड़ेगा असर appeared first on Naya Vichar.

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हेमंत सरकार कैबिनेट की बैठक दोपहर 3 बजे से, विधानसभा के विशेष सत्र पर हो सकता है फैसला

रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज यानी बुधवार, 7 अक्टूबर को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन के मंत्रिपरिषद कक्ष में यह बैठक दोपहर 3 बजे से आयोजित की जाएगी. इस बैठक में राज्य हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है. बैठक का सबसे मुख्य एजेंडा खान और खनिज (विकास और विनियमन) यानी एमएमडीआर (MMDR) एक्ट पर चर्चा के लिए झारखंड विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आयोजित करने का प्रस्ताव हो सकता है. इसके अलावा प्रशासनिक नजरिये से संवेदनशील माने जा रहे झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के नए अध्यक्ष एवं सदस्यों के नियुक्ति के मुद्दे पर भी कैबिनेट में चर्चा होने के आसार हैं. 25 सितंबर को होनी थी बैठक गौरतलब है कि इससे पहले कैबिनेट की यह बैठक 25 सितंबर को आयोजित होना तय हुआ था. हालांकि, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी के असमय निधन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन की अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण उस समय बैठक को स्थगित कर दिया गया था. लगभग दो हफ्ते के अंतराल के बाद आज आयोजित हो रही इस बैठक को लेकर राज्य के प्रशासनिक और नेतृत्वक गलियारों में काफी सुगबुगाहट बनी हुई है. मंत्रिपरिषद की इस बैठक में राज्य के विकास और नीतिगत फैसलों से जुड़ी कई अन्य योजनाओं पर भी मुहर लग सकती है. बैठक समाप्त होने के बाद प्रशासन की ओर से लिए गए सभी महत्वपूर्ण फैसलों की आधिकारिक जानकारी ब्रीफिंग के माध्यम से मीडिया से साझा की जाएगी. ये भी पढ़ें: झारखंड में UPSC PT पास करने पर मिलेंगे 1.5 लाख रुपये, फिर भी आए सिर्फ 4 आवेदन The post हेमंत प्रशासन कैबिनेट की बैठक दोपहर 3 बजे से, विधानसभा के विशेष सत्र पर हो सकता है फैसला appeared first on Naya Vichar.

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पटना नीट छात्रा केस: अंडरगारमेंट पर स्पर्म, 30 का DNA टेस्ट, कोर्ट की फटकार पर पॉक्सो, 8 महीने जांच, फिर भी दोषी नहीं खोज पाई CBI

Patna Neet Student Death Case: पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है. इस चर्चित केस में सीबीआइ ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है. जांच एजेंसी को किसी के खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं मिला. छात्रा की मौत की वजह भी सीबीआइ की जांच में स्पष्ट नहीं हो सकी. सीबीआइ ने पॉक्सो की विशेष अदालत में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की है. इसमें किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की बात कही गई है. इस मामले की करीब 8 महीने जांच चली. 30 संदिग्ध लोगों का DNA टेस्ट किया गया था. अब इस मामले में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी. अदालत ने छात्रा के पिता को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है. 6 जनवरी 2026: बंद कमरे में मिली थी छात्रा 6 जनवरी को शंभू गर्ल्स हॉस्टल के एक बंद कमरे में छात्रा अचेत मिली थी. वह हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी. छात्रा की हालत गंभीर थी. उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. इस घटना के बाद हॉस्टल और पुलिस की जांच शुरू हुई. 9 जनवरी: पिता के बयान पर दर्ज हुई FIR 9 जनवरी को छात्रा के पिता के बयान पर चित्रगुप्त नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई. पिता ने छात्रा के शरीर पर चोट के निशान होने की बात कही थी. उन्होंने दुष्कर्म के प्रयास की आशंका भी जताई थी. इसके बाद मामले की जांच को लेकर सवाल उठने लगे. 11 जनवरी: इलाज के दौरान छात्रा की मौत 11 जनवरी को इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई. इसके बाद परिजनों और छात्रों में आक्रोश बढ़ गया. शुरुआती पुलिस जांच में मामले को आत्महत्या से जोड़कर देखा गया था. इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया. इसके बाद आईजी जितेंद्र राणा के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया. कोर्ट की फटकार के बाद जोड़ा POCSO, मां का बयान भी नहीं इस मामले की जांच पर शुरुआत से सवाल उठते रहे. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने से पहले ही पटना पुलिस ने छात्रा की मौत को नशीली दवा के ओवरडोज से जोड़ दिया था. हालांकि, 15 जनवरी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सका. छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने की बात भी सामने आई. सीबीआई ने जांच संभाली तो शुरुआत में POCSO एक्ट नहीं जोड़ा गया. कोर्ट की फटकार के बाद POCSO की धाराएं जोड़ी गईं. इसके बावजूद छात्रा की मां का बयान तक दर्ज नहीं किया गया. पुलिस की जांच से आगे नहीं बढ़ी सीबीआई की पड़ताल शुरुआत में केस की जांच चित्रगुप्त नगर थाने की थानाध्यक्ष रोशनी कुमारी ने की. रेप की आशंका सामने आने के बाद सचिवालय SDPO-1 डॉ. अनु कुमारी को जांच की जिम्मेदारी दी गई. मामला पटना से जहानाबाद तक चर्चा में आया तो प्रशासन ने जांच सीबीआई को सौंप दी. 12 फरवरी को केस टेकओवर होने के बाद पवन कुमार IO बने. बाद में विभा कुमारी को जांच अधिकारी बनाया गया. जांच के दौरान करीब 30 लोगों के DNA सैंपल लिए गए. हालांकि, छात्रा के कपड़ों से मिले स्पर्म के DNA से किसी का मिलान नहीं हुआ. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की जांच भी पुलिस की शुरुआती जांच से आगे कोई ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी. मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठे सवाल 15 से 30 जनवरी के बीच मेडिकल और पोस्टमार्टम से जुड़ी रिपोर्ट सामने आई. इसमें छात्रा के शरीर पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई. रिपोर्ट के आधार पर दुष्कर्म की आशंका भी जताई गई. छात्रा के अंडरगारमेंट पर स्पर्म मिलने की बात भी सामने आई थी. इसके बाद जांच का दायरा और बढ़ गया. फरवरी: सीबीआइ को सौंपी गई जांच मामले को लेकर बढ़ते सवालों के बीच राज्य प्रशासन की सिफारिश पर जांच सीबीआइ को सौंप दी गई. सीबीआइ ने जांच अपने हाथ में लेने के बाद हॉस्टल से लेकर जहानाबाद तक कई लोगों से पूछताछ की. जांच एजेंसी ने घटना से जुड़े लोगों और मामले के अलग-अलग पहलुओं को खंगाला. सीबीआइ ने हॉस्टल से जब्त की पांच बोरी सामग्री जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआइ टीम शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची. सील कमरे को खुलवाया गया. मृतका के कमरे से कॉपियां, किताबें, नोट्स, कपड़े और दस्तावेज समेत कई सामान जब्त किए गए. फॉरेंसिक जांच के लिए करीब पांच बोरी सामग्री ले जाई गई. सीबीआइ ने चित्रगुप्त नगर थाने की तत्कालीन दारोगा से भी पूछताछ की. इलाज से जुड़े तीनों अस्पतालों के डॉक्टरों से भी जानकारी ली गई. दो थानेदार भी हुए थे निलंबित शुरुआती जांच के दौरान पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे थे. इसके बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष रौशनी कुमारी और कदमकुआं थाना के अपर थानाध्यक्ष हेमंत झा को निलंबित किया गया था. हॉस्टल संचालक मनीष कुमार रंजन को भी गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने छात्रा के परिजनों और उसके करीबियों के डीएनए सैंपल लिए थे. इन सैंपलों का मिलान छात्रा के अंडरगारमेंट पर मिले स्पर्म से कराया गया. लेकिन किसी का सैंपल मैच नहीं हुआ. सीबीआइ को भी नहीं मिला ठोस सबूत लंबी जांच के बाद सीबीआइ किसी व्यक्ति के खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं जुटा सकी. जांच एजेंसी के मुताबिक, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किसी को आरोपी बनाने की स्थिति नहीं बनी. छात्रा की मौत के कारण को लेकर भी जांच एजेंसी कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकाल सकी. इसके बाद सीबीआइ ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें अब 13 अक्टूबर को होगी सुनवाई क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद अब अदालत में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी.अदालत ने छात्रा के पिता को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है. यानी क्लोजर रिपोर्ट पर पीड़ित परिवार का पक्ष भी सुना जाएगा. क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद केस तुरंत खत्म नहीं होता. अदालत के पास आगे कई विकल्प मौजूद हैं. कोर्ट के पास अब क्या विकल्प हैं? क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई के दौरान अदालत तीन तरह का फैसला ले सकती है. पहला विकल्प: अदालत सीबीआइ की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर सकती है. ऐसी स्थिति में केस बंद हो सकता है. दूसरा

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बिहार में 307 करोड़ की बायोमेडिकल वेस्ट खरीद पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब

Patna High Court : बिहार के प्रशासनी अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट के निबटारे के लिए खरीदे गये माइक्रोवेव डस्टबीन और बायोडिग्रेडेबल बैग की खरीद पर पटना हाईकोर्ट ने राज्य प्रशासन से जवाब मांगा है. जनहित याचिका में खरीद प्रक्रिया में कथित अनियमितता और वस्तुओं की कीमतों में भारी अंतर का आरोप लगाया गया है. कोर्ट ने प्रशासन को 19 नवंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. 307 करोड़ की खरीद पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब पटना हाईकोर्ट ने प्रशासनी अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट के निबटारे के लिए खरीदे गये माइक्रोवेव डस्टबीन और बायोडिग्रेडेबल बैग की खरीद से जुड़े मामले में राज्य प्रशासन को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी. चीफ जस्टिस की पीठ ने की सुनवाई चीफ जस्टिस वी कामेश्वर राव और न्यायाधीश पार्थ सारथी की खंडपीठ ने कौशलेश कुमार की लोकहित याचिका पर सुनवाई की. याचिकाकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्र ने कोर्ट के समक्ष खरीद प्रक्रिया से जुड़े आरोप रखे. आठ सितंबर को भी हुई थी सुनवाई याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में आठ सितंबर को भी सुनवाई हुई थी. उस समय भी अदालत ने राज्य प्रशासन को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था. अब कोर्ट ने प्रशासन को 19 नवंबर तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है. BMSICL ने निकाली थी निविदा याचिका में आरोप लगाया गया है कि बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने प्रशासनी अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट के निबटारे के लिए 75 और 45 लीटर क्षमता वाले माइक्रोवेव डस्टबीन और बायोडिग्रेडेबल बैग की आपूर्ति के लिए निविदा निकाली थी. यह निविदा लखनऊ की एसएस मेडिकल सिस्टम को दिये जाने का दावा किया गया है. 15 हजार के डस्टबीन की कीमत 1550 बतायी गयी याचिका में 75 लीटर के एक माइक्रोवेव डस्टबीन की खरीद कीमत 15,490 रुपये होने का आरोप लगाया गया है. याचिकाकर्ता के अनुसार इसकी बाजार कीमत करीब 1,550 रुपये बतायी गयी है. यानी दोनों कीमतों के बीच बड़ा अंतर होने का दावा किया गया है. 45 लीटर डस्टबीन पर भी उठे सवाल याचिका में 45 लीटर क्षमता वाले माइक्रोवेव डस्टबीन की खरीद 11,474 रुपये में किये जाने का आरोप है. वहीं इसकी बाजार कीमत करीब 1,162 रुपये बतायी गयी है. इन कीमतों के आधार पर खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाये गये हैं. बायोडिग्रेडेबल बैग की कीमत पर भी आरोप याचिका में 75 लीटर के बायोडिग्रेडेबल बैग की कीमत 98 रुपये और 45 लीटर के बैग की कीमत 69 रुपये होने का दावा किया गया है. इसके मुकाबले इनकी कीमत क्रमशः 8.50 रुपये और 5.75 रुपये बतायी गयी है. 57 ऑर्डर दिये जाने का दावा कोर्ट को बताया गया कि जून 2024 से 18 अप्रैल 2026 के बीच इन वस्तुओं की आपूर्ति के लिए 57 ऑर्डर दिये गये. याचिका के अनुसार निविदा प्रक्रिया में सात कंपनियों ने हिस्सा लिया था. चार वस्तुओं पर खर्च हुए 307 करोड़ याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि चारों वस्तुओं की खरीद 18 प्रतिशत GST सहित करीब 307 करोड़ रुपये में की गयी. याचिका में इस राशि और वस्तुओं की कथित बाजार कीमत को लेकर सवाल उठाये गये हैं. चार अन्य फर्मों के कोटेशन का भी हवाला याचिकाकर्ता के अनुसार चार अन्य आपूर्तिकर्ता फर्मों से कोटेशन लेने पर इन्हीं चार वस्तुओं की कुल कीमत करीब 29 करोड़ रुपये आती है. इस आधार पर खरीद प्रक्रिया में कीमतों के अंतर को लेकर अदालत का ध्यान आकर्षित किया गया. प्रशासन के जवाब के बाद तस्वीर होगी साफ फिलहाल ये सभी कीमतों और खरीद प्रक्रिया से जुड़े दावे जनहित याचिका में लगाये गये आरोपों का हिस्सा हैं. राज्य प्रशासन का जवाब आने के बाद खरीद प्रक्रिया, निविदा की शर्तों, कीमत निर्धारण और आपूर्ति से जुड़े तथ्यों पर स्थिति और स्पष्ट होगी. 19 नवंबर को फिर होगी सुनवाई पटना हाईकोर्ट ने राज्य प्रशासन को 19 नवंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. इसी दिन मामले की अगली सुनवाई भी होगी. अब अदालत के सामने प्रशासन के जवाब के बाद मामले में आगे की दिशा तय होगी. Also Read : पटना : CBI नहीं खोज पाई कौन है नीट छात्रा की मौत का दोषी, कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट किया दाखिल The post बिहार में 307 करोड़ की बायोमेडिकल वेस्ट खरीद पर हाईकोर्ट सख्त, प्रशासन से मांगा जवाब appeared first on Naya Vichar.

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गुजरात CM से तीसरी बार प्रधानमंत्री तक, सरकार के मुखिया के तौर पर PM मोदी के 25 साल पूरे

PM Modi: 7 अक्टूबर 2001 नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी. तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यही नेतृत्वक सफर अगले 25 साल तक बिना रुके चलता रहेगा. गुजरात की सत्ता से शुरू हुआ यह सफर दिल्ली की गद्दी तक पहुंचा और नरेंद्र मोदी अब लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री हैं. प्रशासन के मुखिया के तौर पर 25 साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर पहुंचे. यहां उन्होंने पूजा-अर्चना की और देश की सेवा पूरी निष्ठा से करते रहने की प्रतिबद्धता दोहराई. 2014 में बदली भूमिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक राज्य की कमान संभाली. गुजरात की नेतृत्व में मजबूत पकड़ बनाने के बाद उनका अगला बड़ा पड़ाव राष्ट्रीय नेतृत्व बना. 2014 का लोकसभा चुनाव नरेंद्र मोदी के नेतृत्वक सफर का बड़ा मोड़ साबित हुआ. बीजेपी ने उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा और इसके बाद नरेंद्र मोदी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने. गुजरात के मुख्यमंत्री की कुर्सी से निकलकर वह सीधे देश की प्रशासन के मुखिया बन गए. 2019 में दूसरी बार, 2024 में तीसरी बार PM 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. फिर 2024 में वह लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने. इस तरह गुजरात के मुख्यमंत्री से शुरू हुआ उनका सफर केंद्र की सत्ता में भी लगातार जारी रहा. प्रशासन प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने के मौके पर पीएम मोदी ने दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में पूजा की. कैबिनेट ने भी दी बधाई इस खास मौके से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी एक प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी. प्रस्ताव में गुजरात से दिल्ली तक उनके नेतृत्वक और प्रशासनिक सफर का जिक्र किया गया. नेताओं की बधाइयों का सिलसिला पीएम मोदी के 25 साल पूरे होने पर कई नेताओं ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई नेताओं ने उनके लंबे नेतृत्वक सफर का जिक्र किया और आगे के लिए शुभकामनाएं दीं. Also Read: PM मोदी-अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विरोध में इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन, गया में 8 अक्टूबर को पुतले दहन का ऐलान The post गुजरात CM से तीसरी बार प्रधानमंत्री तक, प्रशासन के मुखिया के तौर पर PM मोदी के 25 साल पूरे appeared first on Naya Vichar.

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