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VIDEO: राहुल गांधी ने पीएम मोदी और शाह को ललकारा, बोले- मार्च रोक सकते हैं, हमारी इच्छाशक्ति नहीं

INDIA Bloc Protest: राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “मैं INDIA गठबंधन के उन सभी सांसदों का आभारी हूं जो हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए संसद में, सड़कों पर और आज जंतर-मंतर के पास मजबूती से डटे हुए हैं.” उन्होंने आगे कहा, “वे मार्च रोक सकते हैं. वे बैठक करने से मना कर सकते हैं. लेकिन वे हमारे लोगों की इच्छाशक्ति को नहीं रोक सकते.” राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और पूरे सिस्टम को जवाबदेह ठहराया जाएगा. जनपथ से जंतर-मंतर तक विपक्ष का मार्च ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के नेता निर्वाचन आयोग के मुद्दे को लेकर लगातार दूसरे दिन सड़क पर उतरे. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित दोपहर के भोज के बाद विपक्षी सांसद तीन बसों में सवार होकर जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए. करीब तीन घंटे चले इस मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए. विपक्षी सांसदों को अशोक रोड पर शांगरी-ला होटल के सामने पुलिस ने रोक दिया. इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया. राहुल गांधी और कुछ अन्य नेताओं को एक टेंपो ट्रैवलर में बैठाकर मौके से ले जाया गया. उनके हिरासत में लिए जाने के बाद कई कांग्रेस कार्यकर्ता वाहन की छत पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे. संविधान की प्रति लेकर सड़क पर लेट गईं प्रियंका पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने विरोध जताया. वह सड़क पर लेट गईं और उस समय उनके हाथ में संविधान की प्रति थी. हिरासत में लिए गए राहुल गांधी और कुछ अन्य नेताओं को बाद में बाराखंबा थाने ले जाया गया. कुछ देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. कांग्रेस ने दावा किया कि राहुल गांधी को जिस वाहन में ले जाया जा रहा था, उसे अग्रसेन की बावली के पास पार्टी कार्यकर्ताओं ने पंचर कर दिया. कांग्रेस और विपक्ष के कुछ नेताओं ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया. ‘ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन’ हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते. उन्होंने कहा कि विपक्ष के करीब 300 सांसद बुधवार को चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया. राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने विपक्षी सांसदों को प्रदर्शन करने से भी रोका. राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष अब जंतर-मंतर जाकर प्रदर्शन करेगा और देश को बताएगा कि ज्ञानेश कुमार “देश के वैध मुख्य निर्वाचन आयुक्त नहीं हैं.” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप लगाया. राहुल ने कहा कि इन लोगों पर कार्रवाई होगी और ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा. खरगे बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन दोपहर के भोज के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी सहयोगी दल जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. खरगे ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग जो कुछ कर रहा है, उसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मिलकर जनता को यह बताना चाहते हैं कि उसके अधिकार छीने जा रहे हैं. खरगे ने कहा कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए विपक्षी नेताओं और सांसदों पर कितने भी मामले दर्ज किए जाएं, वे डरने या रुकने वाले नहीं हैं. भोज में 100 से अधिक सांसद हुए शामिल जंतर-मंतर जाने से पहले खरगे की ओर से जनपथ रोड स्थित ‘सागर रत्ना’ रेस्तरां में दोपहर के भोज का आयोजन किया गया. इसमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों समेत विपक्ष के कम से कम 100 सांसद शामिल हुए. हालांकि, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) का कोई प्रतिनिधि भोज में शामिल नहीं हुआ. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भोज का फैसला मंगलवार देर रात लिया गया था और उसी समय सभी दलों को इसकी जानकारी दी गई थी. उन्होंने कहा कि इसी वजह से कुछ दलों के प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हो सके. रमेश ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन और अन्य विपक्षी दल ‘वोट चोरी’, एसआईआर और परिसीमन के मुद्दे पर एकजुट हैं और एक-दूसरे के साथ खड़े हैं. मंगलवार के प्रदर्शन की अगली कड़ी है बुधवार का मार्च विपक्षी सांसदों का बुधवार का मार्च मंगलवार के घटनाक्रम की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है. मंगलवार को ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसद संसद से निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग के पास बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया था. इसके बाद कई विपक्षी नेताओं और सांसदों ने वहीं धरना दिया था. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कम से कम 260 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें ‘इंडिया’ गठबंधन के 10 सांसद भी शामिल थे. बाद में सभी को रिहा कर दिया गया था. विपक्षी दल निर्वाचन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं. The post VIDEO: राहुल गांधी ने पीएम मोदी और शाह को ललकारा, बोले- मार्च रोक सकते हैं, हमारी इच्छाशक्ति नहीं appeared first on Naya Vichar.

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रूपी सोरेन के निधन से शोक में डूबा झारखंड, सांसद-विधायक और मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन के निधन पर राज्य के कई नेताओं और मंत्रियों ने शोक जताया है. नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूरे सोरेन परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी. दीपक बिरुआ ने कहा- पूरे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति मंत्री दीपक बिरुआ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए रूपी सोरेन के निधन पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि पूजनीय मातृशक्ति रूपी सोरेन के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. उन्होंने कहा कि झारखंड के लंबे संघर्ष में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ हर मोड़ पर मजबूती से खड़ी रहने वाली माताजी का जाना पूरे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूरे शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. मिथिलेश ठाकुर बोले- मां का साया उठना सबसे बड़ा व्यक्तिगत आघात मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने भी रूपी सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पूज्य माताजी का निधन गहरे दुख से भर देने वाला है. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि पिता के बाद मां का साया उठ जाना किसी व्यक्ति के लिए बेहद कठिन समय होता है. उन्होंने रूपी सोरेन की ममता और संस्कारों को याद करते हुए कहा कि उनकी स्मृतियां हमेशा जीवित रहेंगी. परिमल नाथवाणी ने शिबू सोरेन के संघर्ष में रूपी सोरेन के साथ को किया याद राज्यसभा सांसद परिमल नाथवाणी ने रूपी सोरेन के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उन्होंने दिवंगत शिबू सोरेन के संघर्ष भरे जीवन में पल-पल साथ दिया. उन्होंने कहा कि उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और पूरे सोरेन परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने जताया दुख झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने रूपी सोरेन के निधन को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया. उन्होंने कहा कि रूपी सोरेन के निधन से झारखंड ने एक स्नेहमयी मातृशक्ति को खो दिया है. उन्होंने कहा कि यह क्षति केवल परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उनके स्नेह और आत्मीयता से जुड़े लोगों के लिए भी अपूरणीय है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूरे शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. संजय प्रसाद यादव ने दी श्रद्धांजलि मंत्री संजय प्रसाद यादव ने भी रूपी सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने उन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पूज्य माताजी और शिबू सोरेन की धर्मपत्नी बताते हुए दुख जताया और श्रद्धांजलि अर्पित की. सुखदेव भगत ने कहा- दुख की घड़ी में परिवार के साथ कांग्रेस नेता सुखदेव भगत ने कहा कि रूपी सोरेन के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत पूरे शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और दुख की इस घड़ी में परिवार को शक्ति मिलने की कामना की. भाजपा नेताओं ने भी जताया शोक भाजपा के प्रदेश नेता आदित्य साहू ने भी रूपी सोरेन के निधन पर दुख जताया. उन्होंने उन्हें दिवंगत शिबू सोरेन की धर्मपत्नी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता बताते हुए श्रद्धांजलि दी. उन्होंने शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय को सहने की शक्ति मिलने की कामना की. भाजपा नेता रागिनी सिंह ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के प्रति संवेदना जतायी. उन्होंने रूपी सोरेन की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. नेतृत्वक दलों से परे नेताओं ने जतायी संवेदना रूपी सोरेन के निधन के बाद अलग-अलग नेतृत्वक दलों से जुड़े नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक संदेश जारी किये. संदेशों में नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सोरेन परिवार के प्रति संवेदना जतायी तथा रूपी सोरेन के निधन को परिवार के लिए गहरी व्यक्तिगत क्षति बताया. रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार के साथ झारखंड के नेतृत्वक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक का माहौल है. The post रूपी सोरेन के निधन से शोक में डूबा झारखंड, सांसद-विधायक और मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि appeared first on Naya Vichar.

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कौन थीं रूपी सोरेन, जानें परिवार और जीवन से जुड़ी बातें

रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार शोक में है. रूपी सोरेन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन की पत्नी थीं. परिवार के नेतृत्वक सफर के बीच उन्होंने लंबे समय तक परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं. उनके परिवार में झारखंड की नेतृत्व से जुड़े कई प्रमुख चेहरे रहे हैं. 1 जनवरी 1962 को हुई थी शिबू सोरेन से शादी राज्यसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार शिबू सोरेन और रूपी सोरेन का विवाह 1 जनवरी 1962 को हुआ था. शादी के बाद दोनों ने लंबे वैवाहिक जीवन में परिवार को संभाला. शिबू सोरेन के लंबे नेतृत्वक संघर्ष और झारखंड आंदोलन से जुड़े सफर के दौरान रूपी सोरेन परिवार की जिम्मेदारियों से जुड़ी रहीं. दोनों के परिवार में तीन बेटे और एक बेटी हैं. परिवार की अगली पीढ़ी में भी कई सदस्य झारखंड की नेतृत्व से जुड़े. चार बच्चों की मां थीं रूपी सोरेन रूपी सोरेन और शिबू सोरेन के तीन बेटे और एक बेटी हैं. सबसे बड़े बेटे दुर्गा सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे और जामा से विधायक भी रहे. वर्ष 2009 में उनका निधन हो गया था. दूसरे बेटे हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री हैं. छोटे बेटे बसंत सोरेन भी नेतृत्व में सक्रिय रहे हैं और दुमका से विधायक रहे हैं. बेटी अंजनी सोरेन भी झामुमो से जुड़ी रही हैं. हेमंत सोरेन के जीवन में मां की खास भूमिका हेमंत सोरेन का जन्म 10 अगस्त 1975 को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था. उनके पिता शिबू सोरेन और मां रूपी सोरेन थीं. हेमंत सोरेन के नेतृत्वक जीवन के साथ उनका पारिवारिक पक्ष भी चर्चा में रहा है. ऐसे में मां रूपी सोरेन का निधन उनके लिए निजी क्षति है. परिवार के लिए यह एक ऐसा समय है, जब एक साथ कई पुरानी यादें और पारिवारिक स्मृतियां जुड़ रही हैं. शिबू सोरेन के संघर्ष के दौर में संभाला परिवार शिबू सोरेन ने झारखंड के अलग राज्य आंदोलन से लेकर सक्रिय नेतृत्व तक लंबा सफर तय किया. इस दौरान परिवार की जिम्मेदारियां भी बनी रहीं. रूपी सोरेन सार्वजनिक नेतृत्वक गतिविधियों में बहुत अधिक नजर नहीं आती थीं, लेकिन परिवार की पृष्ठभूमि में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही. शिबू सोरेन के नेतृत्वक जीवन के साथ सोरेन परिवार धीरे-धीरे झारखंड की नेतृत्व में एक प्रमुख नेतृत्वक परिवार के रूप में स्थापित हुआ. आज परिवार की अगली पीढ़ी भी नेतृत्व में सक्रिय है. परिवार ने देखे कई बड़े दुख सोरेन परिवार ने पिछले वर्षों में कई निजी दुख झेले हैं. परिवार के बड़े बेटे दुर्गा सोरेन का वर्ष 2009 में निधन हुआ था. इसके बाद शिबू सोरेन का भी निधन हुआ. अब रूपी सोरेन के निधन से परिवार ने एक और करीबी सदस्य को खो दिया है. रूपी सोरेन के निधन के बाद परिवार और समर्थकों के बीच शोक का माहौल है. उनके जीवन की कहानी शिबू सोरेन के साथ करीब छह दशक से अधिक लंबे वैवाहिक सफर और एक ऐसे परिवार से जुड़ी रही, जिसका झारखंड की नेतृत्व में महत्वपूर्ण स्थान रहा है. The post कौन थीं रूपी सोरेन, जानें परिवार और जीवन से जुड़ी बातें appeared first on Naya Vichar.

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एक ने चैंपियंस ट्रॉफी जिताई, दूसरा रफ्तार का बादशाह… फिर टीम इंडिया से बाहर क्यों हैं ये 3 मुस्लिम तेज गेंदबाज?

Mohammed Shami comeback: टीम इंडिया की तेज गेंदबाजी में इन दिनों नए चेहरों को लगातार मौके मिल रहे हैं. इसी बीच मोहम्मद शमी, उमरान मलिक और खलील अहमद जैसे गेंदबाज लंबे समय से हिंदुस्तानीय टीम से बाहर हैं. तीनों ने हिंदुस्तान के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट स्पोर्ट्सा है, लेकिन फिलहाल उनकी वापसी नहीं हो पाई है. खास बात यह है कि तीनों के आखिरी इंटरनेशनल मैच अलग-अलग फॉर्मेट और अलग-अलग दौर में रहे हैं. ये भी पढ़ें: स्मृति मंधाना की कप्तानी से भुवनेश्वर कुमार की वापसी तक, BCCI के 6 अक्टूबर के फैसलों में क्या-क्या बदला? मोहम्मद शमी ने आखिरी बार कब स्पोर्ट्सा था? मोहम्मद शमी इन तीनों में सबसे अनुभवी गेंदबाज हैं. लंबे समय तक चोट और फिटनेस संबंधी परेशानियों के बाद उन्होंने 2025 में इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की. शमी ने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच 2 फरवरी 2025 को इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में स्पोर्ट्सा था. इसके बाद वह हिंदुस्तान की वनडे टीम का भी हिस्सा रहे. उनका आखिरी वनडे 9 मार्च 2025 को न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल था. इस मुकाबले में हिंदुस्तान ने न्यूजीलैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया. उमरान मलिक की टीम इंडिया में कब हुई थी आखिरी एंट्री? उमरान मलिक को उनकी तेज रफ्तार के लिए जाना जाता है. उन्होंने हिंदुस्तान के लिए शुरुआत में टी20 और वनडे, दोनों फॉर्मेट में मौके हासिल किए. उमरान ने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल 1 फरवरी 2023 को न्यूजीलैंड के खिलाफ स्पोर्ट्सा था. इसके बाद उन्हें वनडे टीम में भी मौका मिला. उनका आखिरी वनडे 29 जुलाई 2023 को वेस्टइंडीज के खिलाफ रहा. इसके बाद से उमरान हिंदुस्तानीय टीम में वापसी नहीं कर सके हैं. उमरान के मामले में सिर्फ रफ्तार ही चयन की गारंटी नहीं है. इंटरनेशनल क्रिकेट में लगातार मौके पाने के लिए गेंदबाजी में नियंत्रण, फिटनेस, विकेट लेने की क्षमता और टीम की जरूरत भी अहम होती है. ये भी पढ़ें: भुवी को Team India में वापस लाने के लिए किसने की थी पैरवी? 4 साल बाद फिर ब्लू जर्सी में आएंगे नजर खलील अहमद का आखिरी इंटरनेशनल मैच कब था? खलील अहमद भी लंबे समय से हिंदुस्तानीय वनडे टीम से बाहर हैं. उनका आखिरी वनडे 14 अगस्त 2019 को वेस्टइंडीज के खिलाफ था. हालांकि, इसके बाद खलील ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की. 2024 में उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में मौका मिला और इसके बाद श्रीलंका दौरे पर भी वह हिंदुस्तानीय टीम का हिस्सा रहे. खलील का आखिरी टी20 इंटरनेशनल 30 जुलाई 2024 को श्रीलंका के खिलाफ रहा. इस तरह वनडे क्रिकेट में उनकी वापसी का इंतजार काफी लंबा हो चुका है, जबकि टी20 इंटरनेशनल में वह 2024 तक हिंदुस्तान के लिए स्पोर्ट्सते रहे थे. ये भी पढ़ें: Video: Asian Games में देश को गोल्ड दिलाकर लौटीं संजू देवी, दिल्ली एयरपोर्ट पर नहीं हुआ स्वागत तीनों गेंदबाजों के आखिरी इंटरनेशनल मैच एक नजर में खिलाड़ी आखिरी टी20 इंटरनेशनल आखिरी वनडे मोहम्मद शमी 2 फरवरी 2025, इंग्लैंड 9 मार्च 2025, न्यूजीलैंड उमरान मलिक 1 फरवरी 2023, न्यूजीलैंड 29 जुलाई 2023, वेस्टइंडीज खलील अहमद 30 जुलाई 2024, श्रीलंका 14 अगस्त 2019, वेस्टइंडीज क्या टीम से बाहर रहना चयन में ‘अन्याय’ है? तीनों खिलाड़ियों के लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर रहने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या उन्हें दोबारा मौका मिलना चाहिए. हिंदुस्तानीय टीम के चयन में कई चीजें देखी जाती हैं. इनमें हालिया फॉर्म, घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन, फिटनेस, गेंदबाजी की निरंतरता, टीम कॉम्बिनेशन और मौजूदा जरूरत जैसी बातें शामिल होती हैं. तेज गेंदबाजों के मामले में चोट और फिटनेस का मुद्दा भी काफी अहम हो जाता है. खासकर लंबे टूर्नामेंट और लगातार इंटरनेशनल क्रिकेट को देखते हुए टीम मैनेजमेंट ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे सकता है जो मौजूदा रणनीति में फिट बैठते हों. The post एक ने चैंपियंस ट्रॉफी जिताई, दूसरा रफ्तार का बादशाह… फिर टीम इंडिया से बाहर क्यों हैं ये 3 मुस्लिम तेज गेंदबाज? appeared first on Naya Vichar.

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झारखंडी स्वाद चखेंगे भारत-वेस्टइंडीज के खिलाड़ी, मडुआ रोटी से कतला मछली तक मेन्यू में

रांची. हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच नौ अक्तूबर को जेएससीए स्टेडियम में टी-20 मुकाबला होना है. मैच से दो दिन पहले बुधवार को दोनों टीमों के खिलाड़ी रांची पहुंच गये. खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था होटल रेडिशन ब्लू में की गयी है. खिलाड़ियों की फिटनेस और डाइट को ध्यान में रखते हुए होटल प्रबंधन ने अलग-अलग मेन्यू तैयार किया है. खास बात यह है कि खिलाड़ियों को झारखंड का स्थानीय स्वाद भी चखने को मिलेगा. खिलाड़ियों के लिए तैयार की गयी झारखंडी थाली होटल में खिलाड़ियों के लिए तैयार मेन्यू में झारखंडी व्यंजनों को भी शामिल किया गया है. इसमें काला चना, छिलका और मडुआ रोटी परोसी जायेगी. स्थानीय स्वाद को ध्यान में रखते हुए कतला मछली के कई व्यंजन भी तैयार किये जायेंगे. इसके अलावा चिकन की अलग-अलग वेराइटी भी मेन्यू में रखी गयी है. झारखंडी व्यंजनों के साथ खिलाड़ियों के लिए हाई प्रोटीन फूड और पौष्टिक भोजन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. खिलाड़ियों की फिटनेस को देखते हुए उनके लिए संतुलित डाइट तैयार की गयी है. मिलेट्स ब्रेड से कॉन्टिनेंटल फूड तक खिलाड़ियों के मेन्यू में झारखंडी व्यंजनों के अलावा कॉन्टिनेंटल फूड और मिलेट्स ब्रेड भी शामिल किये गये हैं. होटल प्रबंधन की ओर से खिलाड़ियों के खानपान और डाइट प्लान का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. स्थानीय स्वाद के साथ खिलाड़ियों की पसंद और डिमांड का भी ध्यान रखा जायेगा. जरूरत के अनुसार होटल की किचन टीम खिलाड़ियों के लिए उनकी पसंद का भोजन भी तैयार करेगी. सखुआ के पत्ते पर होगी झारखंडी थाली की प्रस्तुति झारखंडी व्यंजनों को खास अंदाज में परोसने की तैयारी है. सूत्रों के अनुसार, भोजन को सखुआ के पत्ते पर रखकर प्रस्तुत किया जायेगा. इसके जरिये खिलाड़ियों को झारखंड के स्थानीय और प्राकृतिक परिवेश से परिचित कराने की कोशिश होगी. हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले इस मुकाबले को लेकर रांची में क्रिकेट प्रशंसकों में उत्साह है. दोनों टीमों के खिलाड़ी मैच से पहले अभ्यास सत्र में हिस्सा लेंगे. The post झारखंडी स्वाद चखेंगे हिंदुस्तान-वेस्टइंडीज के खिलाड़ी, मडुआ रोटी से कतला मछली तक मेन्यू में appeared first on Naya Vichar.

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Video: संविधान की प्रति हाथ में लेकर सड़क पर लेट गईं प्रियंका गांधी, कहा- महिला पुलिस ने खरोंचा और जमीन पर गिराया

Delhi Protest: जंतर-मंतर जाने से रोके जाने के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सड़क पर लेट गईं. हाथ में संविधान की प्रति लिए प्रियंका गांधी का यह नजारा बुधवार को विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान देखने को मिला. उनके आसपास लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के कई सांसद और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे. INDIA गठबंधन के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे. विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं और बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर विरोध कर रहे हैं. जंतर-मंतर जाने से रोके गए सांसद पुलिस ने विपक्षी सांसदों को जंतर-मंतर जाने से रोक दिया. इसके बाद सांसदों ने शांगरी-ला होटल के पास गोलचक्कर पर ही धरना शुरू कर दिया. प्रियंका गांधी ने मौके पर कहा कि वह वहां से नहीं हटेंगी. कांग्रेस के मुताबिक, उन्होंने आरोप लगाया कि स्त्री पुलिसकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें जमीन पर गिरा दिया. ‘स्त्री पुलिसकर्मियों ने मुझे खरोंचा’ कांग्रेस के अनुसार, प्रियंका गांधी ने कहा, “मैं यहां से नहीं हटूंगी. वे उन सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, जो सिर्फ चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि स्त्री पुलिसकर्मियों ने उन्हें खरोंचा और जमीन पर गिरा दिया. इसके बाद पुलिसकर्मी प्रियंका गांधी को प्रदर्शन स्थल से हटाकर ले गए. राहुल गांधी भी हिरासत में लिए गए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी हिरासत में ले लिया. इसके अलावा INDIA गठबंधन के कई अन्य सांसदों को भी पुलिस ने मौके से हटाया और हिरासत में लिया. प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी. विपक्ष ने केंद्र पर लगाया ‘हुल्लड़बाजी’ का आरोप कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने विपक्षी सांसदों को रोके जाने पर केंद्र प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर जाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया जा रहा. कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि प्रदर्शन करना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान है और अगर सांसद वहां भी प्रदर्शन नहीं कर सकते तो फिर वे कहां प्रदर्शन करेंगे. मनोज झा बोले- ‘सिर्फ ज्ञानेश कुमार नहीं, प्रशासन भी जाएगी’ RJD सांसद मनोज कुमार झा ने पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों के लिए है. मनोज झा ने कहा कि विपक्ष के आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने इसे लोकतंत्र की आत्मा पर हमला बताया. लगातार दूसरे दिन विपक्ष का प्रदर्शन बुधवार का प्रदर्शन विपक्ष के आंदोलन का लगातार दूसरा दिन है. इससे एक दिन पहले INDIA गठबंधन के सांसदों ने आकाशवाणी भवन के पास प्रदर्शन और धरना दिया था. उस दौरान भी राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था. बुधवार को विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया. इसके बाद सड़क पर ही धरना शुरू हो गया और देखते ही देखते प्रदर्शन ने जोर पकड़ लिया. The post Video: संविधान की प्रति हाथ में लेकर सड़क पर लेट गईं प्रियंका गांधी, कहा- स्त्री पुलिस ने खरोंचा और जमीन पर गिराया appeared first on Naya Vichar.

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पहले बने ‘भैया’ फिर बन गए ‘सैयां’, स्काउट-लव विवाद के बीच याद आए वो कपल्स, जिन्होंने ‘बहन’ बोलकर लड़ाया इश्क

सुबह के ठीक 9:30 बज रहे थे. जैसे ही मैंने ऑफिस पहुंचकर अपनी चेयर पर बैठकर इंस्टाग्राम स्क्रॉल करना शुरू किया, मेरी फीड पर बिग बॉस की एक रील सामने आकर रुक गई. क्लिप में स्काउट ओपी और यंग आराम से बैठकर गपशप कर रहे थे. बातों-बातों में स्काउट बोले कि उनकी ‘बहन जैसी’ लव गिल की तरफ एक नया कनेक्शन बन रहा है. साजिद खान और जैकलीन फर्नांडीज साल 2008-09 की बात है, जब जैकलीन बॉलीवुड में पैर जमाने की कोशिश कर रही थीं और साजिद अपनी फिल्म ‘हाउसफुल’ की तैयारी में थे. एक इवेंट में जब मीडिया ने दोनों की बॉन्डिंग पर सवाल किया, तो साजिद ने बड़े फख्र से सीना तानकर कहा था, “अरे, जैकलीन तो मेरी छोटी बहन जैसी है. मैं उसे एक बड़े भाई और गार्जियन की तरह प्रोटेक्ट और गाइड करता हूं.” लेकिन शायद वो गाइडेंस इतनी गहरी हो गई कि कुछ ही महीनों में ये ‘भाई-बहन’ वाला प्यार डेटिंग में बदल गया. दोनों ने करीब तीन साल तक एक-दूसरे को डेट किया और गलियारों में तो शादी तक के चर्चे उड़ने लगे थे. जय भानुशाली और माही विज रोहन मेहरा और कांची सिंह सुपरहिट शो ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में रोहन मेहरा (नक्श) और कांची सिंह (गायू) कजिन भाई-बहन के किरदार में नजर आते थे. सीरियल में रक्षाबंधन के लंबे-चौड़े सीन शूट होते थे, जहां कांची बाकायदा रोहन की कलाई पर राखी बांधती नजर आती थीं. लेकिन ऑन-स्क्रीन ‘भैया’ बोलते-बोलते ऑफ-स्क्रीन कब दोनों के दिल मिल गए, सेट के क्रू को भी बाद में पता चला. बाद में जब रोहन बिग बॉस के घर में पहुंचे, तब उन्होंने पूरी दुनिया के सामने कुबूल किया कि जिसे दर्शक उनकी रील ‘बहन’ समझते रहे, वो असल जिंदगी में उनकी हमसफर हैं. नीरज मालवीय और चारू असोपा अभिषेक मलिक और सुहानी चौधरी ‘स्प्लिट्सविला’ फेम एक्टर अभिषेक मलिक की कहानी तो बिल्कुल फिल्मी है. अपनी शादी के बाद अभिषेक ने खुद बताया था कि जब वह पहली बार दिल्ली की फैशन स्टाइलिस्ट सुहानी चौधरी से मिले, तो वह थोड़ा फ्लर्ट करने के मूड में थे. सुहानी को उनका यह अंदाज रास नहीं आया और उन्होंने तुरंत झाड़ते हुए कहा था, “ज्यादा हीरो मत बनो, अगली बार मिले तो हाथ में राखी बांध दूंगी!” अभिषेक ने इस ‘राखी’ की धमकी को एक चुनौती की तरह लिया. उन्होंने सुहानी का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी और आखिरकार वही सुहानी जो राखी की धमकी दे रही थीं, साल 2021 में अभिषेक की दुल्हन बन गईं. शोएब इब्राहिम और दीपिका कक्कड़ शोएब इब्राहिम और दीपिका कक्कड़ ‘ससुराल सिमर का’ के सेट पर शोएब इब्राहिम और दीपिका कक्कड़ की कहानी भी कुछ ऐसी ही उधेड़बुन से गुजरी थी. जब दोनों का नाम पहली बार मीडिया में साथ जोड़ा गया, तो उस वक्त दीपिका अपनी पर्सनल लाइफ के मुश्किल दौर से गुजर रही थीं. उन्होंने शुरुआती इंटरव्यूज में इन बातों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि शोएब उनके लिए सिर्फ को-स्टार नहीं, बल्कि एक पारिवारिक और ‘भाई जैसे मददगार दोस्त’ हैं जो बुरे वक्त में उनका साथ दे रहे हैं. लेकिन वक्त के साथ यह सहारा अटूट प्यार में बदल गया. 2018 में दोनों ने निकाह किया और आज एक खुशहाल शादीशुदा जिंदगी बिता रहे हैं. बिग बॉस के घर में लोग भले ही तंज कसते रहें या रिश्तों पर ‘बहन’ का ठप्पा लगाकर सेफ गेम स्पोर्ट्सने की कोशिश करें, लेकिन असल जिंदगी गवाह है कि दिल की अदालत में दुनिया का कोई भी टैग ज्यादा दिन नहीं टिकता. जब प्यार होना होता है, तो ‘भैया’ को ‘सैयां’ बनते देर नहीं लगती. The post पहले बने ‘भैया’ फिर बन गए ‘सैयां’, स्काउट-लव विवाद के बीच याद आए वो कपल्स, जिन्होंने ‘बहन’ बोलकर लड़ाया इश्क appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी का दावा-CEC ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा, डेमोक्रेसी को खत्म करने का लगाया आरोप

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सागर रत्न रेस्टोरेंट में विपक्षी सांसदों के साथ लंच के बाद, दावे के साथ यह कहा है कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि हम जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करेंगे. राहुल गांधी ने पीएम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार पर डेमोक्रेसी को खत्म करने का आरोप लगाया. देश की डेमोक्रेसी को खत्म करने वाले राष्ट्रद्रोही राहुल गांधी ने कहा कि मंगलवार को लगभग 300 सांसद चीफ इलेक्शन कमिश्नर से मिलना चाहते थे. लेकिन उन्होंने कहा कि हम वहां प्रोटेस्ट नहीं कर सकते. विपक्षी सांसदों के साथ लंच के बाद, हमारा प्लान है कि हम तय प्रोटेस्ट साइट, जंतर-मंतर पर जाएं और वहां एक बार फिर साथ बैठें. हम देश को बताएं कि हमारे लिए ज्ञानेश कुमार देश के वैध इलेक्शन कमिश्नर नहीं हैं. राहुल गांधी ने कहा- ‘मोदी जी, अमित शाह जी, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश की डेमोक्रेसी को खत्म कर दिया है. जैसा कि मैंने कल कहा था, जिन्होंने ऐसा किया है वे देशद्रोही हैं. हम उनके खिलाफ एक्शन लेंगे. उन्होंने कहा कि मैं आपको अभी बता रहा हूं- ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा. वीडियो में देखें राहुल गांधी ने मीडिया के सामने क्या कहा- एफआईआर मेरे लिए मेडल है राहुल गांधी से जब एक पत्रकार ने पूछा कि आपके ऊपर एफआईआर दर्ज हुई है, आपका क्या कहना है. इसपर उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ 45 FIR हैं. मेरा लक्ष्य 100 करना है. मैं चाहता हूं कि मेरे खिलाफ 100 FIR दर्ज हों. हर FIR मेरे लिए एक मेडल है. ये भी पढ़ें : पब्लिक सर्विस में रहने के 25 साल पूरे होने पर PM मोदी बोले- ‘हिंदुस्तान के विकसित होने तक न थकूंगा, न रुकूंगा’ The post राहुल गांधी का दावा-CEC ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा, डेमोक्रेसी को खत्म करने का लगाया आरोप appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी ने खेला अगला दांव- सागर रत्न रेस्टोरेंट में लंच के बाद ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष बनाएगा रणनीति

दिल्ली के कनॉट प्लेस में सागर रत्न रेस्टोरेंट में लंच के लिए इंडिया ब्लाॅक के नेता पहुंच रहे हैं. संभावना है कि लंच के बाद INDIA ब्लॉक के विरोध का एक और दौर शुरू हो सकता है. इस पूरी योजना के पीछे राहुल गांधी की रणनीति काम कर रही है. सागर रत्न रेस्टोरेंट पहुंचने वाले नेताओं को का वीडियो देखें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों को दोपहर के भोज पर आमंत्रित किया है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और एसआईआर में अनियमितताओं से जुड़े मुद्दे पर आगे की रणनीति को लेकर मंथन होने की संभावना है. खरगे कर रहे हैं लंच को होस्ट पीटीआई और एएनआई न्यूज एजेंसी के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी INDIA ब्लॉक के सहयोगियों के लिए आयोजित लंच को होस्ट कर रहे हैं. नेताओं के जुटान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने यहां सुरक्षा बढ़ा दी है. जानकारी के अनुसार पुलिस ने फुटपाथ घेर लिया हैं और बैरिकेड लगा दिए गए हैं. सागर रत्न रेस्टोरेंट में राहुल गांधी और कांग्रेस के दूसरे वरिष्ठ नेताओं के अलावा कांग्रेस के पुराने नेता कपिल सिब्बल भी हैं, हालांकि अब वे एक इंडिपेंडेंट सांसद हैं. लंच में CPI और CPIM नेता पी संदोष कुमार और वी शिवदासन भी शामिल हैं. टीएमसी के नेता डेरेक ओ’ब्रायन भी लंच के लिए पहुंचे हैं. ये भी पढ़ें :पब्लिक सर्विस में रहने के 25 साल पूरे होने पर PM मोदी बोले- ‘हिंदुस्तान के विकसित होने तक न थकूंगा, न रुकूंगा’ The post राहुल गांधी ने स्पोर्ट्सा अगला दांव- सागर रत्न रेस्टोरेंट में लंच के बाद ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष बनाएगा रणनीति appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में SIR के खिलाफ महागठबंधन का आक्रोश मार्च, पटना में PM-गृह मंत्री और CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका

Mahagathbandhan Akrosh March: बिहार में SIR और चुनाव आयोग को लेकर महागठबंधन आज सड़क पर उतर गया है. 7 अक्टूबर को राज्यभर के प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकाला जा रहा है. पटना में राजद कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले के साथ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ के नारे लगाए. इसके बाद कार्यकर्ता इनकम टैक्स गोलंबर पहुंचे. यहां प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया. महागठबंधन का यह आंदोलन SIR, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के खिलाफ है. विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है. पटना में राजद कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन राजद कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे. हाथों में पुतले लेकर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई. इसके बाद कार्यकर्ता इनकम टैक्स गोलंबर पहुंचे. यहां तीनों नेताओं के पुतले जलाए गए. प्रदर्शनकारियों ने SIR और मतदाता सूची को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया. SIR से वोट चोरी तक, चुनाव आयोग पर हमलावर महागठबंधन महागठबंधन लगातार SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है. विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी की गई है. इसे लेकर चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग की जा रही है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को दो दिवसीय आंदोलन का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि SIR की शुरुआत बिहार से हुई. इसके खिलाफ महागठबंधन की सभी पार्टियां एक साथ सड़क पर उतरेंगी. तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतंत्र की रक्षा की मांग की है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी कई आरोप लगाए हैं. ये आरोप तेजस्वी यादव और विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं. आज प्रखंडों में मार्च, कल जिलों में प्रदर्शन महागठबंधन के कार्यक्रम के अनुसार 7 अक्टूबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकाला जा रहा है. इसमें स्थानीय नेता और कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं. इसके बाद 8 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन होगा. पटना में महागठबंधन के विधायक, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता सप्तमूर्ति से लोकभवन तक मार्च निकालेंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें स्त्रीओं के खाते में 10 हजार भेजने पर भी सवाल तेजस्वी यादव ने चुनाव से पहले स्त्रीओं के खातों में 10 हजार रुपये भेजे जाने का मुद्दा भी उठाया है. उन्होंने सवाल किया कि जब चुनाव से पहले लोगों के खातों में पैसे भेजे जा रहे थे, तब चुनाव आयोग क्या कर रहा था. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले प्रशासनी संसाधनों का इस्तेमाल मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया गया. उन्होंने कहा कि महागठबंधन ने इन मुद्दों को चुनाव आयोग के सामने उठाया था. विपक्ष का कहना है कि उसकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई. इसी को लेकर अब महागठबंधन ने सड़क पर उतरकर विरोध जताने का फैसला किया है. दो दिन चलेगा महागठबंधन का आंदोलन महागठबंधन का आंदोलन 7 और 8 अक्टूबर को अलग-अलग स्तर पर होगा. पहले दिन प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च होगा. दूसरे दिन जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन होगा. पटना में 8 अक्टूबर को लोकभवन मार्च के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर विरोध दर्ज कराया जाएगा. इस दौरान महागठबंधन की ओर से अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपे जाने की घोषणा की गई है. Also Read: बिहार में बाढ़ का खतरा अभी बरकरार, गंडक-गंगा समेत कई नदियां लाल निशान के ऊपर, जानें कहां क्या हाल The post बिहार में SIR के खिलाफ महागठबंधन का आक्रोश मार्च, पटना में PM-गृह मंत्री और CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका appeared first on Naya Vichar.

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