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मुस्लिमों पर बयान से चुनाव में पैसे बांटने के आरोप तक, कब-कब विवादों में रहे प्रवेश वर्मा

दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निरीक्षण करते हुए मंत्री प्रवेश वर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में वह एक युवक को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं. आम आदमी पार्टी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस वी़डियो को शेयर कर प्रवेश वर्मा पर कार्रवाई की मांग की है. दरअसल, प्रवेश वर्मा की सड़क निरीक्षण के दौरान एक युवक से कहासुनी हो गई जिसके वीडियो में वह उसे थप्पड़ मारते दिख रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद युवक ने प्रवेश वर्मा पर आरोप लगाया है कि वह सड़क की खराब हालत दिखा रहा था, लेकिन मंत्री उसकी बात से नाराज हो गए और उस पर हाथ उठा दिया. हालांकि प्रवेश वर्मा ने अपने पक्ष में वीडियो जारी कर कहा है कि निरीक्षण के दौरान सड़क का काम ठीक मिला. स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि करीब 15 साल से यहां सड़क नहीं बनी थी. प्रवेश वर्मा के मुताबिक, उन्होंने आप विधायक जरनैल सिंह को तीन बार फोन किया और करीब 45 मिनट तक इंतजार किया. उनका आरोप है कि जरनैल सिंह के साथ आए लोगों ने उनके परिवार को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. प्रवेश वर्मा ने कहा कि इसी दौरान उन्होंने भी गुस्से में प्रतिक्रिया दी. प्रवेश वर्मा जिस गुस्से का जिक्र कर रहे हैं, वह गुस्सा कोई नया नहीं है. वह कई मौकों पर इस तरह की प्रतिक्रिया देकर सुर्खियां बटोरते रहे हैं. कभी मुस्लिमों पर कमेंट तो कभी पैसे बांटने का आरोप, पढ़िए प्रवेश वर्मा के विवादित किस्से… 2020, शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को कातिल कहा बात जनवरी 2020 की है, शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ  (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. पार्टियां विधानसभा चुनाव की तैयारी में थी. तभी एक चुनावी रैली में प्रवेश वर्मा ने कसम खाई और लोगों से कहा, “भाजपा की जीत के कुछ ही घंटों के भीतर प्रदर्शनकारियों को भगा दिया जाएगा, अगर उन्हें खुला अनियंत्रित छोड़ा गया तो वे बलात्कार और हत्या करेंगे.” इस बयान के बाद उन्हें कार्रवाई भी झेलनी पड़ी थी. ये भी पढ़ें: Video: सड़क के मुद्दे पर बवाल, केजरीवाल बोले- मोदी जी के मंत्री ने सरेआम युवक को मारा थप्पड़ आयोग ने प्रवेश साहिब सिंह वर्मा पर 96 घंटे तक चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी थी. इसके अलावा उन्हें टीवी, अखबार और सोशल मीडिया समेत किसी भी माध्यम से चुनाव से जुड़ा बयान देने से भी रोक दिया गया था. 2020, अरविंद केजरीवाल को “आतंकवादी” कहा अरविंद केजरीवाल को लेकर दिए गए एक बयान के मामले में चुनाव आयोग ने बीजेपी नेता प्रवेश साहिब सिंह वर्मा पर 24 घंटे तक विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार करने पर रोक लगा दी थी. वर्मा ने एक टीवी इंटरव्यू में केजरीवाल के लिए “आतंकवादी” शब्द का इस्तेमाल किया था. उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि वीडियो में पूरी बात सही तरीके से नहीं दिखाई गई. हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा कि वर्मा का बयान केजरीवाल के खिलाफ आपत्तिजनक और तीखी टिप्पणी की श्रेणी में आता है. 2022, मुस्लिम बहिष्कार वाला बयान दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक समुदाय के “पूर्ण बहिष्कार” की अपील की. उन्होंने उस भाषण में समुदाय का नाम नहीं लिया था, लेकिन बयान को मुस्लिम समुदाय के संदर्भ में देखा गया और इस पर विवाद हुआ. दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम में दिए भाषण के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर किसी को “सुधारना” है, तो उसका एक ही रास्ता है और वह है “पूरी तरह बहिष्कार”. चुनाव से पहले पैसे बांटने का आरोप दिसंबर 2024 में दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रवेश वर्मा के आवास पर स्त्रीओं को 1,100 रुपये बांटे जा रहे हैं. प्रवेश वर्मा ने आरोप खारिज करते हुए कहा कि यह उनके पिता की संस्था द्वारा जरूरतमंद स्त्रीओं की मदद का कार्यक्रम था. ये भी पढ़ें: Watch Video : सड़क विवाद पर प्रवेश वर्मा का आरोप, बोले- कमीशन नहीं मिला तो रात में बनी सड़क उखाड़ देते थे इसके बाद नई दिल्ली विधानसभा सीट पर मुकाबला काफी चर्चित रहा. इस सीट पर केजरीवाल का मुकाबला  सीधे प्रवेश वर्मा से था. वर्मा पर चुनाव से पहले स्त्रीओं को साड़ियां और जूते बांटकर वोट प्रभावित करने के आरोप लगे. वर्मा ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि जूते एक एनजीओ ने मंदिर में स्त्रीओं के लिए उपलब्ध कराए थे और उन्हें  बांटने को कहा गया था. The post मुस्लिमों पर बयान से चुनाव में पैसे बांटने के आरोप तक, कब-कब विवादों में रहे प्रवेश वर्मा appeared first on Naya Vichar.

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Chirag Paswan: ‘सरकार में रहने पर शर्मिंदगी महसूस होती है’, बिहार में बढ़ते अपराध पर भड़के चिराग पासवान

Chirag Paswan: बिहार में पिछले कुछ दिनों से स्त्रीओं के साथ खुलेआम बदसलूकी और अभद्रता का वीडियो वायरल हो रहा है. एक तरफ बिहार प्रशासन दावा करती है कि यहां के अपराधियों में कानून का खौफ है. लॉ एंड आर्डर एकदम दुरुस्त है. बिहार के सभी लोग सुरक्षित माहौल में जी रहे हैं. ऐसे में इस तरह का वीडियो वायरल होने, उन तमाम दावों की पोल खोलती है. इसी बीच हाजीपुर से सांसद और मोदी कैबिनेट में मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि उन्हें इस प्रशासन का सहयोगी होने पर शर्म आती है. उन्होंने यह भी कहा कि आज की तारीख में बिहार के लोग सुरक्षित माहौल में नहीं जी रहे हैं. कोई बड़ा फैसला लेंगे क्या इन तमाम मुद्दों पर सवाल के बाद जब चिराग से पूछा गया कि बिहार के मौजूदा हाल पर आप क्या कोई बड़ा फैसला लेंगे? चिराग ने इस सवाल के जवाब में कहा, “यह सच है कि आज की तारीख में बिहार में कोई सेफ फील नहीं महसूस कर पा रहा है. ये चिंता कोई छोटी चिंता नहीं है, मैं भी इस प्रशासन में सहयोगी हूं और इस सवाल से नहीं भाग सकता हूं. मैं खुद शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं. अभी जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही है, उसे कतई हल्के में नहीं ले सकते हैं.” चिराग पासवान ने आगे कहा, ‘मैं आक्रोशित हूं, स्वाभाविक है. राष्ट्रीय स्तर पर मेरे बिहार की छवि कैसी जा रही है. हमारी बेटियों के मन में डर और असुरक्षा का भाव उत्पन्न हो गया होगा. कोई बच्ची मुझे बता दीजिए जो शाम को घर से निकले से पहले नहीं सोचती होगी. मैं जिस प्रशासन का हिस्सा हूं, मेरी वो प्रशासन अगर सुरक्षा की भावना ना दे, ये तो मैं स्वीकार नहीं करूंगा.” बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें क्या है मामला बिहार में पिछले 10 दिनों में जमुई, समस्तीपुर, बांका और सीवान से लड़की के साथ अभद्रता का वीडियो वायरल हुआ था. इस वीडियो में कुछ अपराधी प्रवृत्ति के लड़के लड़की से बदसलूकी करते नजर आए थे. सड़क पर लड़की के साथ बेहद शर्मनाक हरकत करते नजर आये थे. ऐसे कई वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था. बाद में पुलिस ने इस कांड में शामिल आरोपियों के खिलाफ एक्शन लिया. जमुई मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया. इसके बाद राजद और कांग्रेस के नेताओं ने बिहार प्रशासन को घेरा था और कानून-व्यवस्था को लेकर तीखे सवाल किए थे. इन घटनाओं पर चिराग पासवान ने नाराजगी जताई है और राज्य में जल्द से जल्द स्त्रीओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने की मांग कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें: विनय कुमार के बाद कौन होगा बिहार का नया DGP? प्रीता वर्मा समेत ये नाम रेस में आगे The post Chirag Paswan: ‘प्रशासन में रहने पर शर्मिंदगी महसूस होती है’, बिहार में बढ़ते अपराध पर भड़के चिराग पासवान appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका और यूरोप में सरसों तेल को खाने की अनुमति क्यों नहीं है? जानें इसका कारण

mustard oil is banned in US and europe: हिंदुस्तानीय रसोई की पहचान सिर्फ मसालों से नहीं बल्कि अलग-अलग तरह के तेलों से भी होती है. इनमें सरसों का तेल अपनी तेज खुशबू और स्वाद के कारण खास जगह रखता है. उत्तर से लेकर पूर्वी हिंदुस्तान तक इसका इस्तेमाल खाना पकाने, अचार बनाने और कई पारंपरिक व्यंजनों में लंबे समय से होता आ रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिंदुस्तान में रोजमर्रा के खाने में इस्तेमाल होने वाले सरसों के तेल को अमेरिका और यूरोप में खाद्य तेल के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है? अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के अनुसार, सरसों तेल सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. एफडीए के मुताबिक, सरसों तेल में इरुसिक एसिड की मात्रा काफी अधिक होती है. इसी के चलते अमेरिका और यूरोप में सरसों तेल को खाद्य उपयोग के लिए मंजूरी नहीं मिली है. उन पर ‘फाॅर एक्सटर्नल यूज ओनली’ लिखा जाता है. क्या है इरुसिक एसिड? सरसों के तेल की अलग-अलग किस्मों में इरुसिक एसिड की मात्रा अलग हो सकती है. इसके अलावा हिंदुस्तान में लोग इसे आमतौर पर खाना बनाने में सीमित मात्रा में इस्तेमाल करते हैं.  डाइटिशियन हिंदुस्तानी कुमार ने The Indian Express से बातचीत में बताया कि इरुसिक एसिड को लेकर चिंता मुख्य रूप से पशुओं पर की गई स्टडीज से सामने आई है. उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुस्तान में इस्तेमाल होने वाले सरसों के तेल और उसके सेवन का पैटर्न अलग है. इसलिए अमेरिका में सरसो तेल खाने पर प्रतिबंध है, इसका यह मतलब नहीं है कि हिंदुस्तान में इस्तेमाल होने वाला सरसों का तेल भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है. आखिर अमेरिका में रोक और हिंदुस्तान में इस्तेमाल- दोनों कैसे सही हो सकते हैं? यह समझना सबसे जरूरी है कि खाद्य नियम हर देश में अलग हो सकते हैं. अमेरिका में mustard oil को लेकर मुख्य चिंता इरुसिक एसिड की अधिक मात्रा है. दूसरी तरफ हिंदुस्तान में सरसों का तेल लंबे समय से खाद्य तेल के रूप में इस्तेमाल होता रहा है और यहां इसके लिए अलग खाद्य मानक लागू होते हैं. यह भी पढ़ें: सहजन की पत्तियों से बीज तक, हर हिस्सा है खास; PM मोदी भी खाते हैं इसके पराठे The post अमेरिका और यूरोप में सरसों तेल को खाने की अनुमति क्यों नहीं है? जानें इसका कारण appeared first on Naya Vichar.

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LPU में BTech करने की कितनी है फीस? CSE की पढ़ाई में 4 साल में कितना खर्च, जानें पूरी डिटेल

LPU BTech Fees 2026: Lovely Professional University यानी LPU इस समय चर्चा में है. ऐसे में कई स्टूडेंट्स और पैरेंट्स LPU में पढ़ाई से जुड़ी जानकारी सर्च कर रहे हैं. खासकर BTech की फीस को लेकर सवाल है. अगर आप भी LPU से BTech करने का सोच रहे हैं, तो फीस की पूरी जानकारी पहले जान लेना जरूरी है. LPU में BTech CSE की फीस कितनी है? LPU की 2026 की जानकारी के मुताबिक BTech Computer Science and Engineering यानी CSE की प्रोग्राम फीस 1 लाख 60 हजार रूपये प्रति सेमेस्टर है.  BTech की पढ़ाई 4 साल की होती है. इसमें कुल 8 सेमेस्टर होते हैं. इस हिसाब से बिना किसी स्कॉलरशिप के सिर्फ प्रोग्राम फीस करीब 12 लाख 80 हजार रूपये बैठती है. इसके अलावा हर सेमेस्टर 5,000 रूपये एग्जाम फीस देनी होती है. यानी सिर्फ ट्यूशन यानी प्रोग्राम फीस और एग्जाम फीस को जोड़ें तो 4 साल का खर्च करीब 13 लाख 20 हजार हो सकता है. यूनिफॉर्म जैसी दूसरी फीस अलग हो सकती है. AI और दूसरी BTech स्पेशलाइजेशन की फीस अलग LPU में सिर्फ सामान्य BTech CSE ही नहीं है. यहां AI, Machine Learning, Generative AI, Data Science, Robotics जैसी कई स्पेशलाइजेशन भी हैं. इनमें कुछ प्रोग्राम की फीस सामान्य CSE से ज्यादा है. उदाहरण के लिए BTech CSE में Generative AI स्पेशलाइजेशन की 2026 एडमिशन के लिए प्रोग्राम फीस 2 लाख प्रति सेमेस्टर बताई गई है. यानी 8 सेमेस्टर के हिसाब से इसकी प्रोग्राम फीस करीब 16 लाख रूपये होगी. स्कॉलरशिप से कम हो सकती है फीस LPU में BTech स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप भी मिल सकती है. यह LPUNEST स्कोर और 12वीं के नंबर समेत अलग-अलग मानदंडों पर मिलती है. LPU के अनुसार BTech CSE में कुछ स्कॉलरशिप कैटेगरी में प्रोग्राम फीस पर 60%, 50% और 40% तक की छूट मिल सकती है. उदाहरण के लिए 60% स्कॉलरशिप मिलने पर ₹1.60 लाख की सेमेस्टर फीस घटकर 64,000 रह सकती है. हालांकि स्कॉलरशिप की शर्तें और पात्रता अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से तय होती हैं. हॉस्टल और बाकी खर्च अलग ऊपर बताई गई रकम में हॉस्टल और मेस का खर्च शामिल नहीं है. LPU में रहने वाले स्टूडेंट्स को कमरे और दूसरी सुविधाओं के हिसाब से अलग फीस देनी होती है. इसलिए एडमिशन लेने से पहले प्रोग्राम फीस के साथ हॉस्टल, मेस और दूसरी जरूरी फीस का पूरा हिसाब देखना जरूरी है. इस कोर्स से जुड़ी और जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए Lovely Professional University के BTech कोर्स का ऑफिशियल लिंक देख सकते हैं. LPU BTech Programmes Fee and Scholarship Details ये भी पढ़ें: 7200 से ज्यादा CCTV, 35000+ स्टूडेंट्स के लिए कैसी है LPU की कैंपस सिक्योरिटी The post LPU में BTech करने की कितनी है फीस? CSE की पढ़ाई में 4 साल में कितना खर्च, जानें पूरी डिटेल appeared first on Naya Vichar.

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Roadies Rebirth: Rannvijay Singha की धमाकेदार वापसी, एक नहीं 2 OTT पर आएगा नया सीजन, जानें कब और कहां देखें

रियलिटी शो ‘रोडीज’ के फैंस के लिए इस बार मुकाबला और भी बड़ा होने वाला है. नए सीजन ‘रोडीज रिबर्थ’ में पुराने और नए चेहरों की टक्कर तो होगी ही, साथ ही शो की वापसी एक खास ट्विस्ट के साथ हो रही है. ‘रोडीज रिबर्थ’ एक नहीं, बल्कि दो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर एक साथ स्ट्रीम होगा. खास बात यह है कि शो में रणविजय सिंह एक बार फिर होस्ट की कुर्सी संभालते नजर आएंगे. एक नहीं, 2 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आएगा ‘रोडीज रिबर्थ’ इस बार ‘रोडीज’ देखने के लिए दर्शकों को सिर्फ एक प्लेटफॉर्म पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. ‘रोडीज रिबर्थ’ 16 अक्टूबर 2026 से नेटफ्लिक्स और जियोहॉटस्टार पर एक साथ स्ट्रीम होगा. शो के नए एपिसोड हर शुक्रवार और शनिवार शाम 7 बजे देखे जा सकेंगे. यह पहली बार है जब ‘रोडीज’ का नया सीजन इन दोनों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर एक साथ उपलब्ध होगा. यानी फैंस को शो देखने के लिए दो विकल्प मिलेंगे. View on Instagram रणविजय सिंह की हुई धमाकेदार वापसी नए सीजन की सबसे बड़ी समाचार रणविजय सिंह की वापसी है. रणविजय ‘रोडीज’ के सबसे पुराने चेहरों में से एक हैं. वह शो के पहले सीजन में कंटेस्टेंट बनकर आए थे और इसके विजेता भी रहे थे. इसके बाद उन्होंने सीजन 2 से सीजन 10 तक शो को होस्ट किया. साल 2015 में जब ‘रोडीज’ का फॉर्मेट बदला और गैंग लीडर्स की शुरुआत हुई, तब रणविजय ने मेंटर और रणनीतिकार की भूमिका निभाई. अब वह एक बार फिर होस्ट के तौर पर शो में लौट रहे हैं. ओजी बनाम न्यूजी, 6 गैंग लीडर्स के बीच होगा मुकाबला ‘रोडीज रिबर्थ’ में इस बार ओजी बनाम न्यूजी का नया फॉर्मेट देखने को मिलेगा. शो में कुल 6 गैंग लीडर्स होंगे. ओजी टीम में निखिल चिनापा, नेहा धूपिया और प्रिंस नरूला नजर आएंगे. वहीं न्यूजी टीम में अभिषेक मल्हान, बानी जे और बसीर अली शामिल हैं. ऐसे में पुराने रोडीज और नए चेहरों की यह भिड़ंत शो में मुकाबले का रोमांच बढ़ा सकती है. View on Instagram ‘रोडीज एक्सएक्स: डबल क्रॉस’ के बाद शुरू होगा नया सफर ‘रोडीज रिबर्थ’ की कहानी पिछले सीजन ‘रोडीज एक्सएक्स: डबल क्रॉस’ के बाद आगे बढ़ेगी. पिछले सीजन में एल्विश यादव की टीम के कुशाल तंवर उर्फ गुल्लू ने ट्रॉफी अपने नाम की थी. फिनाले में हरताज सिंह गिल पहले रनर-अप रहे थे. फाइनल टास्क में गुल्लू ने 1 मिनट 16 सेकंड में चैलेंज पूरा किया था, जबकि हरताज ने 1 मिनट 48 सेकंड का समय लिया था. इसके बाद गुल्लू ने ऋषभ सचदेवा, प्रिया शर्मा और आरडी डेड्हा को पीछे छोड़कर खिताब जीता. अब गुल्लू ‘बिग बॉस 20’ का हिस्सा हैं, जबकि ‘रोडीज’ का नया सीजन एक नए फॉर्मेट, नए गैंग लीडर्स और रणविजय सिंह की वापसी के साथ फिर से तैयार है. ये भी पढ़ें: पैपराजी की हरकत पर अचानक आपा खो बैठे एक्टर रणबीर कपूर… आलिया भट्ट और विकी कौशल के सामने कैमरे पर निकाला गुस्सा The post Roadies Rebirth: Rannvijay Singha की धमाकेदार वापसी, एक नहीं 2 OTT पर आएगा नया सीजन, जानें कब और कहां देखें appeared first on Naya Vichar.

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iPhone को सिखाएं अपना नाम पहचानना, आवाज सुनते ही मिलेगा नोटिफिकेशन, जानें कैसे काम करता है ये फीचर

कई बार ऐसा होता है कि कोई आपको नाम लेकर बुलाता है, लेकिन आप सुन नहीं पाते. खासकर जब कानों में हेडफोन लगे हों, आसपास शोर हो या आपका ध्यान किसी और काम में लगा हो. अब iPhone इस परेशानी को कम कर सकता है. iOS 26 और इसके बाद के वर्जन में Name Recognition फीचर आपके नाम को पहचानकर नोटिफिकेशन भेज सकता है.  इतना ही नहीं, आप अपनी आवाज या किसी दूसरे व्यक्ति की आवाज में अपना नाम रिकॉर्ड करके iPhone को यह भी सिखा सकते हैं कि आपका नाम किस तरह बोला जाता है. अगर आप किसी निकनेम या दूसरे नाम से भी जाने जाते हैं, तो उसे भी फीचर में ऐड किया जा सकता है. आइए जानते हैं iPhone में Name Recognition फीचर को कैसे सेटअप करें. iPhone में Name Recognition कैसे ऑन करें? सबसे पहले अपने iPhone में Settings (सेटिंग्स) खोलें. अब नीचे स्क्रॉल करके Accessibility (ऐक्सेसिबिलिटी) पर टैप करें. इसके बाद Sound & Name Recognition ऑप्शन चुनें. अब Name Recognition पर टैप करें. यहां Set Up Name Recognition पर टैप करें. इसके बाद स्क्रीन पर जो करने के लिए कहा जाए, उसे करते जाएं और सेटअप पूरा कर लें. iPhone में एक से ज्यादा नाम कैसे ऐड करें? अगर लोग आपको एक से ज्यादा नाम या निकनेम से बुलाते हैं, तो आप iPhone के Name Recognition फीचर में सभी नाम ऐड कर सकते हैं. इसके लिए ये स्टेप्स फॉलो करें: सबसे पहले अपने iPhone में Settings खोलें. अब Accessibility > Sound & Name Recognition > Name Recognition पर जाएं. यहां Add Name के ऑप्शन पर टैप करें. इसके बाद स्क्रीन पर जो करने के लिए कहा जाए, उसे करते जाएं और अपना दूसरा नाम ऐड कर दें. इसी तरह जरूरत के हिसाब से आप एक से ज्यादा नाम भी जोड़ सकते हैं. ध्यान में रखें ये बातें Name Recognition फीचर iOS 26 और इसके बाद के वर्जन में उपलब्ध है, लेकिन फिलहाल यह सिर्फ कुछ चुनिंदा भाषाओं को सपोर्ट करता है. Apple का कहना है कि इस फीचर पर पूरी तरह डिपेंड नहीं रहना चाहिए, खासकर ऐसी सिचुएशन में जहां किसी जरूरी नोटिफिकेशन को मिस करने से चोट, नुकसान या इमरजेंसी जैसी सिचुएशन पैदा हो सकती है. ये भी पढ़ें: नया घर लेने से पहले ऐसे चेक करें मोबाइल सिग्नल और इंटरनेट स्पीड, TRAI ने लॉन्च किया नया DCR प्लैटफॉर्म The post iPhone को सिखाएं अपना नाम पहचानना, आवाज सुनते ही मिलेगा नोटिफिकेशन, जानें कैसे काम करता है ये फीचर appeared first on Naya Vichar.

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TVS iQube पर ₹5,000 तक PM E-DRIVE का फायदा, 212 km की रेंज और ₹0.18/किमी की रनिंग कॉस्ट, 2026 में खूब खरीदा गया

हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग लगातार बढ़ रही है. कम रनिंग कॉस्ट, पेट्रोल के मुकाबले कम खर्च और शहरों में आसान इस्तेमाल की वजह से इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री में तेजी देखने को मिल रही है. आंकड़े इसकी साफ गवाही दे रहे हैं. इस दौरान बाजार में एक बड़ा ट्रेंड चेंज भी देखने को मिला है- TVS Motor ने Bajaj, Ather और Ola जैसी इलेक्ट्रिक कंपनियों को पछाड़कर देश की टॉप-सेलिंग EV ब्रांड का ताज पहन लिया है. इस शानदार ग्रोथ के पीछे किसका सबसे बड़ा हाथ रहा, आइए जानते हैं. 10 लाख से ज्यादा ग्राहकों का भरोसा TVS iQube की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक 2026 में 10 लाख (One Million) यूनिट्स की बिक्री का माइलस्टोन है. 2020 में लॉन्च हुए इस स्कूटर ने जून 2026 में 10 लाख का आंकड़ा पार कर लिया. इस खुशी में कंपनी ने अगस्त 2026 में ग्राहकों के लिए ‘iQube MillionR Special Edition’ भी बाजार में उतारा है. TVS iQube की कीमत और रनिंग कॉस्ट TVS की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, iQube की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹95,124 है (इसमें PM E-Drive के फायदे शामिल हैं). हालांकि, राज्य, शहर और इंश्योरेंस के हिसाब से ऑन-रोड कीमत में थोड़ा बदलाव हो सकता है. रनिंग कॉस्ट की बात करें तो, कंपनी का दावा है कि इसे चलाने का खर्च मात्र ₹0.18 (18 पैसे) प्रति किलोमीटर आता है. हालांकि, यह बिजली की दरों और आपके चलाने के तरीके पर भी निर्भर करता है. ये भी पढ़ें: पति हो तो ऐसा: Sourav Joshi ने पत्नी अवंतिका को बर्थडे पर गिफ्ट की 1.5 करोड़ की लग्जरी Land Rover Defender TVS iQube: एक नजर स्पेसिफिकेशंस पर ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए TVS इसे 5 बैटरी विकल्पों के साथ पेश करता है: स्पेसिफिकेशन iQube 2.3 kWh iQube 3.1 kWh iQube 3.5 kWh iQube S 4.7 kWh iQube ST 5.3 kWh बैटरी क्षमता 2.3 kWh 3.1 kWh 3.5 kWh 4.7 kWh 5.3 kWh IDC रेंज 114 km 123 km 145 km 175 km 212 km टॉप स्पीड 68 km/h 82 km/h 82 km/h 82 km/h 82 km/h 0-40 km/h 4.7 सेकंड 4.2 सेकंड 4.2 सेकंड 4.3 सेकंड 4.5 सेकंड मोटर BLDC Hub BLDC Hub BLDC Hub BLDC Hub BLDC Hub डिस्प्ले 12.7 cm LCD 12.7 cm TFT 12.7 cm TFT 17.78 cm TFT 17.78 cm TFT Touch चार्जिंग में कितना लगता है समय? घर पर चार्ज करने वालों के लिए TVS ने इसे बेहद आसान बनाया है (0 से 80% चार्जिंग का समय): 2.3 kWh: करीब 2 घंटे 50 मिनट 3.1 kWh: करीब 4 घंटे 3 मिनट 3.5 kWh: करीब 4 घंटे 30 मिनट 4.7 kWh: करीब 4 घंटे 5.3 kWh: करीब 4 घंटे 18 मिनट आखिर क्यों लोगों की पहली पसंद बन रहा है TVS iQube? ढेरों बैटरी विकल्प: शॉर्ट कम्यूट (कम दूरी) के लिए 2.3 kWh से लेकर लंबे सफर के लिए 5.3 kWh तक के बैटरी पैक का विकल्प ग्राहकों को उनकी जरूरत और बजट के हिसाब से चुनाव करने की आजादी देता है. मजबूत सर्विस नेटवर्क: TVS का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट उसका नेटवर्क है. कंपनी के पास 3,000 से ज्यादा शहरों में 3,300 से अधिक टचपॉइंट्स हैं, जो ग्राहकों को सर्विसिंग का भरोसा देते हैं. परफेक्ट फैमिली स्कूटर: कंपनी ने इसे ‘फैमिली ईवी’ के तौर पर डिजाइन किया है. इसकी सीट, बूट स्पेस और लुक इसे घर के हर सदस्य के लिए एक बेहतरीन सवारी बनाते हैं. स्मार्ट और कनेक्टेड फीचर्स: नेविगेशन, OTA अपडेट्स, जियोफेंसिंग, हिल-होल्ड और Q-पार्क असिस्ट जैसे 118+ कनेक्टेड फीचर्स इसे एक मॉडर्न स्मार्ट स्कूटर बनाते हैं. बाजार में कड़ी है टक्कर भले ही जनवरी से अगस्त 2026 के आंकड़ों में TVS Motor सबसे आगे रही हो, लेकिन ईवी बाजार का मुकाबला लगातार कड़ा हो रहा है. Vahan पोर्टल के अगस्त 2026 के मॉडल-लेवल आंकड़ों में Bajaj Chetak ने iQube को बिक्री में पीछे छोड़ दिया था. यह साफ दर्शाता है कि हिंदुस्तानीय ग्राहक अब केवल नाम नहीं, बल्कि रेंज, कीमत, फीचर्स और मजबूत सर्विस नेटवर्क को तवज्जो दे रहे हैं. ये भी पढ़ें: ₹2 लाख से ₹5 लाख के बीच ये हैं 10 एडवेंचर टूरर बाइक्स, KTM से BMW तक शामिल, देखें कीमत और फीचर्स The post TVS iQube पर ₹5,000 तक PM E-DRIVE का फायदा, 212 km की रेंज और ₹0.18/किमी की रनिंग कॉस्ट, 2026 में खूब खरीदा गया appeared first on Naya Vichar.

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कुणाल घोष पर फिर हुआ हमला, TMC नेता बोले- बंगाल में ‘जंगलराज’, कोलकाता में मेरी हत्या करना चाहते थे हमलावर

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी के करीबी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक कुणाल घोष पर लगातार हमले हो रहे हैं. शनिवार और रविवार को लगातार 2 दिन में 2 बार उनकी कार पर हमले हुए हैं. कुणाल घोष ने रविवार को दावा किया कि शनिवार को उनकी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गये थे. रविवार को कोलकाता में हमलावर उनकी हत्या करना चाहते थे. बेलियाघाटा में हुआ कुणाल घोष की कार पर हमला ममता बनर्जी खेमे से जुड़े तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष ने रविवार को आरोप लगाया कि पूर्वी कोलकाता के बेलियाघाटा विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम में जाते समय उनकी कार पर हमला किया गया. कुणाल घोष ने दावा किया कि नारकेलडांगा इलाके में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने हथौड़ों से उनकी कार के आगे का शीशा तोड़ दिया. हमलावरों में एक ने उनके सुरक्षाकर्मियों पर बंदूक तान दी. उत्तरपाड़ा में कार पर फेंके गये थे पत्थर और अंडे पत्रकार से नेता बने कुणाल घोष ने कहा कि शनिवार को हुगली जिले में ममता बनर्जी की एक बैठक में शामिल होने के लिए जाते समय उनकी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गये थे. घोष ने पत्रकारों को कांच के टुकड़े दिखाते हुए कहा- कल उत्तरपाड़ा में मुझ पर हमला हुआ था. आज वे मेरी हत्या करना चाहते थे. ये भी पढ़ें: तृणमूल विधायक की कार पर अंडे, पत्थर फेंके गये, ममता बनर्जी बोलीं- कुणाल घोष बुरी तरह चोटिल हुए मुझे पुलिस मुख्यालय में नहीं जाने दिया गया : घोष ममता बनर्जी के करीबी विधायक ने कहा कि उन्होंने यहां एक थाने में शिकायत दर्ज करायी है. उत्तरपाड़ा में कथित हमले के बाद कुणाल घोष अपनी गाड़ी लेकर कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय भवानी भवन पहुंचे थे, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गयी थी. इसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज करायी. भाजपा के शासन में पश्चिम बंगाल में ‘जंगल राज’ चल रहा है. यहां तक कि एक निर्वाचित विधायक भी सत्तारूढ़ दल के गुंडों के हमले का शिकार हो रहा है, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है. –कुणाल घोष, तृणमूल विधायक भाजपा नेता बोले- नाटक कर रहे हैं कुणाल घोष उत्तरपाड़ा से भाजपा विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने शनिवार को कहा था कि घोष नाटक कर रहे हैं. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता देवजीत प्रशासन ने कहा- कुणाल घोष प्रचार पाने के लिए तृणमूल कार्यकर्ताओं को उकसाकर अपनी गाड़ी पर हमले करवा रहे हैं. इसमें हमारी पार्टी का कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं है. ये भी पढ़ें: Video: ममता बनर्जी के घर से बाहर निकलते ही तृणमूल नेता कुणाल घोष पर अंडे से हमला, वीडियो वायरल The post कुणाल घोष पर फिर हुआ हमला, TMC नेता बोले- बंगाल में ‘जंगलराज’, कोलकाता में मेरी हत्या करना चाहते थे हमलावर appeared first on Naya Vichar.

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जंतर मंतर प्रोटेस्ट: कौन हैं अभिजीत दीपके के मेंटर? वीडियो कॉल में खुला राज, सामने आया CJP आंदोलन का सच!

अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और आजिंक्य शिंदे के बीच हुई वीडियो कॉल में तीनों संगठन से जुड़ी बातें करते नजर आ रहे हैं. इसी दौरान रांका बताते हैं कि आजिंक्य शिंदे सीजेपी बनने से पहले से ही दीपके के मेंटर रहे हैं और अब संगठन में भी उनके साथ काम कर रहे हैं. इस पर दीपके भी सहमति जताते हैं. तीनों नेताओं का आम आदमी पार्टी से भी पुराना नाता रहा है. जंतर-मंतर आंदोलन में क्या थी शिंदे की भूमिका? वीडियो कॉल के दौरान आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आंदोलन को व्यवस्थित तरीके से चलाने में आजिंक्य शिंदे ने बड़ी भूमिका निभाई थी. रांका ने कहा कि मंच पर दूसरे नेता मौजूद रहते थे, लेकिन आंदोलन को संभालने और उसे आगे बढ़ाने का काम शिंदे कर रहे थे. अभिजीत दीपके ने भी किया बात का समर्थन अभिजीत दीपके ने भी रांका की बात का समर्थन किया. उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान वॉलेंटियर्स की टीम तैयार करने से लेकर भीड़ को संभालने तक कई अहम जिम्मेदारियां शिंदे ने संभाली थीं. दीपके ने कहा कि आंदोलन में शामिल होने से पहले वह मुख्य रूप से आजिंक्य शिंदे, सौरभ दास और आशुतोष रांका को ही जानते थे. हम लोग तो स्टेज पर जाकर थोड़ा मस्ती कर लेते थे, लेकिन जो मेहनत थी सारी वो आजिंक्य की ही थी. आजिंक्य था जो पूरा मैनेज कर रहा था. सारे वॉलेंटियर्स की टीम बनाना, भीड़ मैनेज करना, आजिंक्य ही वह शख्स थे जिसने जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट को संभाला और चलाया- अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पहुंचने के बाद वॉलेंटियर्स की एक बड़ी टीम तैयार हुई, जो बाद में देशभर में काम करने लगी. यही नहीं दीपके ने इस टीम को तैयार करने का श्रेय भी आजिंक्य शिंदे को दिया. बातचीत के दौरान रांका ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि शिंदे दीपके को सोने तक नहीं देते हैं. View on Instagram AAP से भी जुड़े रहे हैं आजिंक्य शिंदे आजिंक्य शिंदे सीजेपी से पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं. महाराष्ट्र में वह पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल थे. उन्होंने आम आदमी पार्टी की युवा विंग के संयोजक की जिम्मेदारी संभाली और गोवा के सह प्रभारी भी रहे हैं. सीजेपी के गठन के बाद अब उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिली है. वह पार्टी में राष्ट्रीय संगठन प्रभारी की भूमिका निभा रहे हैं और संगठन के विस्तार से जुड़े काम देख रहे हैं. पर्दे के पीछे रणनीति पर काम करते हैं शिंदे वीडियो कॉल की बातचीत से यह भी पता चल रहा है कि वह रणनीति बनाने, वॉलेंटियर्स को संगठित करने और योजनाओं को जमीन पर उतारने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं. साथ ही अभिजीत दीपके भी उनसे सलाह लेते हैं. शिंदे आम तौर पर पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं और मीडिया में उनकी मौजूदगी अपेक्षाकृत कम रहती है. यही वजह है कि संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होने के बावजूद आम लोगों के बीच उनकी पहचान दीपके और दूसरे प्रमुख चेहरों की तुलना में कम है. The post जंतर मंतर प्रोटेस्ट: कौन हैं अभिजीत दीपके के मेंटर? वीडियो कॉल में खुला राज, सामने आया CJP आंदोलन का सच! appeared first on Naya Vichar.

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Surya Shani Yog: सूर्य-शनि के इस खास योग से चमकेगी 5 राशि वालों की किस्मत, जानें किसे मिलेगा धन लाभ

Surya Shani Pratiyuti Yog 2026: वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा, जबकि शनि को छाया ग्रह माना जाता है. सूर्य और शनि में पिता-पुत्र का संबंध है. ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, ग्रहों की चाल से कई बार खास योग बनते हैं. सूर्य और शनि 4 अक्टूबर को एक-दूसरे से 180 डिग्री पर मौजूद रहेंगे. दोनों ग्रहों की इस स्थिति से प्रतियुति दृष्टि योग का निर्माण होगा. सूर्य-शनि का यह प्रतियुति दृष्टि योग कुछ राशि के जातकों के लिए शुभ होने के साथ-साथ लाभकारी भी है. ज्योतिषाचार्य पं. धनंजय पांडेय ने बताया कि प्रतियुति योग किन 5 राशि के जातकों के लिए लाभकारी है. मेष राशि: व्यापार में आर्थिक तरक्की सूर्य ग्रह की अनुकूलता से कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान मिलेगा. प्रशासनी नौकरी करने वाले जातकों को विशेष उपहार मिल सकता है. नेतृत्व से जुड़े लोग समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त करेंगे. सोना-चांदी का व्यापार करने वाले जातकों की आर्थिक तरक्की हो सकती है. पाचन शक्ति से जुड़ी परेशानी कम हो सकती है. सिंह राशि: पैतृक संपत्ति से लाभ कारोबार में आर्थिक विस्तार का योग बनेगा. नौकरी से जुड़ा जरूरी काम बनेगा. प्रशासनी नौकरी की तैयारी करने वाले जातकों को खुशसमाचारी मिलेगी. कार्यक्षेत्र में आ रही रुकावटें दूर होंगी. पिता का सहयोग मिलेगा. पैतृक संपत्ति से भी लाभ हो सकता है. शत्रु शांत होंगे. समाज में नेतृत्व करने का अवसर मिलेगा. सेहत अच्छी रहेगी. ये भी पढ़ें: Ketu Transit 2026: मघा नक्षत्र में केतु के प्रवेश से इन 5 राशि वालों का होगा भाग्योदय, बढेंगे सुख-साधन धनु राशि: जमीन से जुड़े कार्यों में उन्नति कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान मिलेगा. पैतृक संपत्ति से धन लाभ का योग है. जमीन से जुड़े कार्यों में आर्थिक उन्नति होगी. नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर अधिकारियों की प्रशंसा मिलेगी. ज्ञान में वृद्धि होगी. शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की होगी. उच्च शिक्षा की प्राप्ति का योग बनेगा. आत्मबल मजबूत होगा. भाई की मदद से आर्थिक लाभ होगा. मकर राशि: कानूनी कार्यों में सफलता कार्य में आ रही बाधा दूर होगी. जिन कार्यों में रुकावटें आ रही थीं, उनमें सफलता मिलेगी. पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई अटका काम पूरा होगा. कानूनी कार्यों में सफलता मिलेगी. व्यापार करने वाले जातकों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी. संतान की तरफ से लाभ होगा या कोई खुशसमाचारी मिलेगी. मेहनत के अनुकूल फल मिलेगा. प्रशासनी नौकरी करने वाले लोगों को इस योग से तरक्की होगी. कुंभ राशि: परेशानियां दूर होंगी नौकरीपेशा जातकों की उन्नति होगी. पिता से संपत्ति का लाभ मिल सकता है. आमदनी में इजाफा होगा. व्यापार में धन से संबंधित अटके हुए काम बनेंगे. कार्यों में आ रही परेशानियां दूर होंगी. शनि ग्रह की अनुकूल स्थिति से जीवन के कष्ट कम होंगे. नौकरी की तलाश करने वाले लोगों को मेहनत का फल मिलेगा. दांपत्य जीवन में जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा, जिससे मन खुश रहेगा. ये भी पढ़ें: Kendra Drishti Yog: बुध-मंगल के ‘केंद्र दृष्टि योग’ से चमकेगी इन 5 राशि वालों की किस्मत, मिलेगा लाभ The post Surya Shani Yog: सूर्य-शनि के इस खास योग से चमकेगी 5 राशि वालों की किस्मत, जानें किसे मिलेगा धन लाभ appeared first on Naya Vichar.

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