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जन संवाद में डीएम ने सुनीं लोगों की समस्याएं, बोले- शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर। जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन जिलाधिकारी को सौंपे। डीएम ने एक-एक आवेदक की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जन संवाद के दौरान भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, अतिक्रमण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व सहित जनहित से जुड़े विभिन्न मामलों पर सुनवाई की गई। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा शिकायतों के निस्तारण में उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभागीय पदाधिकारी प्राप्त आवेदनों का नियमित अनुश्रवण करें और नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करें। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उनका तत्काल निष्पादन किया जाए। वहीं, जिन मामलों में विस्तृत जांच या विधिक प्रक्रिया की आवश्यकता है, उनमें भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अनावश्यक देरी से बचा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदक को उसकी शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हो। उन्होंने कहा कि जन संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन तक सरल और सीधी पहुंच उपलब्ध कराना है। ऐसे कार्यक्रमों से न केवल शिकायतों का प्रभावी निस्तारण होता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ती है। बैठक में अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी विष्णु देव मंडल, राजस्व प्रभारी धर्मराज सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। सभी संबंधित अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई शुरू करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर मामलों के निष्पादन का आश्वासन दिया। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जन संवाद जैसे मंचों का अधिकाधिक उपयोग करें, ताकि शिकायतों का प्रभावी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

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40 नेत्र रोगियों की हुई निशुल्क जांच

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड के बथुआ बुजुर्ग स्थित गायत्री शक्तिपीठ में शुक्रवार को निशुल्क नेत्र रोग चिकित्सक शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में नेत्र रोग सर्जन डॉ.नीतिश कुमार द्वारा 40 नेत्र रोगियों की निशुल जांच की गई। इनमें आठ नेत्र रोगियों में मोतियाबिंद के लक्षण पाए गए। मोतियाबिंद के सभी रोगियों को गायत्री शक्तिपीठ के सौजन्य से निशुल्क ऑपरेशन करने की सलाह दी गई। मौके पर गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक प्रमोद प्रसाद सिंह,चिकित्सा कर्मी प्रमोद कुमार, राम किशोर गिरि, अजय कुमार, रंजीत कुमार, अश्वमेघ देवी आदि मौजूद रहे।

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आईआईटियन असीम आनंद ने मात्र 21 वर्ष की आयु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन कर बढ़ाया सरायरंजन का मान

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड के वाजितपुर निवासी शिक्षक दंपती अखिलेश ठाकुर एवं समता कुमारी के पुत्र असीम आनंद ने आईआईटी से बीटेक कर मात्र 21 वर्ष की आयु में सॉफ्ट इंजीनियर बनने का गौरव हासिल किया है। उसने टाटा एलेक्सी के कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से नियुक्ति प्राप्त कर बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड स्थित प्रोडक्ट मैनेजमेंट इकाई में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर योगदान किया है। बता दें कि इस सफल छात्र ने 2022 में सीपीएस समस्तीपुर से इंटरमीडिएट की परीक्षा में उत्तीर्ण्यता प्राप्त की थी। इसके बाद उसने जेईई एडवांस के माध्यम से देश में 3704 वां स्थान प्राप्त कर आईआईटी तिरुपति में कंप्यूटर साइंस के बीटेक कोर्स में दाखिला लिया था। उसने विगत जून माह में बीटेक की डिग्री प्राप्त की है। उसकी सफलता पर पिता अखिलेश ठाकुर,माता समता कुमारी,बहन डॉ. आदित्या लक्ष्मी, डॉ. अपराजिता लक्ष्मी,चाचा रतन कुमार, दादी सावित्री देवी, नाना देवचंद मिश्र, नानी चंदा देवी सहित कई शुभचिंतकों उनके बेहतर भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

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जिला नागरिक परिषद प्रशासन एवं आमजन के बीच सशक्त समन्वय स्थापित करने का प्रभावी मंच : प्रभारी मंत्री दामोदर रावत

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर– मंत्री, परिवहन विभाग, बिहार प्रशासन सह प्रभारी मंत्री, समस्तीपुर जिला श्री दामोदर रावत की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार, समस्तीपुर में जिला नागरिक परिषद की प्रथम बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय मंत्री द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। बैठक के प्रारंभ में जिला नागरिक परिषद के अध्यक्ष सह प्रभारी मंत्री का स्वागत किया गया। इसके साथ ही परिषद के सभी सदस्यों, उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों का अभिनंदन किया गया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में माननीय प्रभारी मंत्री श्री दामोदर रावत ने कहा कि जिला नागरिक परिषद का गठन शासन, प्रशासन एवं आमजन के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा जनसहभागिता के माध्यम से विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि परिषद के सदस्य समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी से प्रशासनी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि परिषद के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं, जनअपेक्षाओं एवं विकास संबंधी सुझावों से प्रशासन को अवगत कराते हुए विकास कार्यों की निगरानी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में रचनात्मक भूमिका निभाएँ। उन्होंने सभी संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला नागरिक परिषद के उद्देश्यों के अनुरूप परिषद के सदस्यों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशासनी सेवाओं का लाभ मिल सके। बैठक के दौरान अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) श्री राजेश सिंह ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) के माध्यम से जिला नागरिक परिषद के गठन का उद्देश्य, इसकी कार्यप्रणाली, परिषद के सदस्यों की भूमिका एवं दायित्व तथा जनहित से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में उनके संभावित योगदान की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिषद शासन एवं समाज के मध्य संवाद को और अधिक सुदृढ़ बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है तथा इसके माध्यम से प्राप्त सुझावों के आधार पर विकास योजनाओं एवं लोकसेवाओं के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। बैठक में परिषद के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न जनहित के विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव भी प्रस्तुत किए गए। माननीय प्रभारी मंत्री ने सभी सुझावों पर सकारात्मक पहल करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया तथा कहा कि जिला नागरिक परिषद को जनसरोकारों के समाधान का प्रभावी मंच बनाया जाएगा। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि जिला नागरिक परिषद के अध्यक्ष माननीय मंत्री, परिवहन विभाग, बिहार प्रशासन सह प्रभारी मंत्री, समस्तीपुर जिला श्री दामोदर रावत हैं। परिषद के उपाध्यक्ष श्री वृंद शाह एवं श्री सुनील कुमार हैं। परिषद के अन्य सदस्यों में श्री अनिल कुमार सिंह ‘बाबा’, श्रीमती प्रेमलता, श्री प्रेम पासवान, श्री रणजीत कुमार, श्री छेदीलाल भरतिया, श्री मोहम्मद तौहीद अंसारी, श्रीमती रूपांजलि, श्री मोहन मल्लिक, श्री राकेश कुमार राज, श्री विशुनदेव सिंह एवं श्री बैजनाथ झा शामिल हैं। बैठक में माननीय विधायक, रोसड़ा श्री वीरेंद्र कुमार, माननीय विधायक, समस्तीपुर श्रीमती अश्वमेघ देवी, माननीय महापौर, नगर निगम समस्तीपुर श्रीमती अनीता राम, जिले के सभी नगर परिषदों के अध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर श्री अरविंद प्रताप सिंह, उप विकास आयुक्त श्री सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता श्री ब्रजेश कुमार, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का समापन जिला नागरिक परिषद के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु सभी सदस्यों एवं पदाधिकारियों द्वारा समन्वित एवं सक्रिय सहभागिता के संकल्प के साथ हुआ।

समस्तीपुर, हादसा

वज्रपात से एक बच्चे की मौ”त तथा दूसरा गम्भीर रूप से घा’यल

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन: थाना क्षेत्र के किशनपुर यूसुफ पंचायत स्थित काली मन्दिर के निकट गुरुवार की शाम स्पोर्ट्स रहे दो बच्चों के ऊपर वज्रपात हो गया। नतीजतन दोनों शिशु गंभीर रूप से झुलस गए। शिशु को आनन फानन में खालिसपुर स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां एक शिशु की नाजुक हालत को देखते हुए समस्तीपुर सदर अस्पताल के लिए भेज दिया गया। समस्तीपुर जाने के क्रम में रास्ते में ही उक्त बालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान अखिलेश सहनी के इकलौते पुत्र आर्यन कुमार (13) के रूप में हुई है। मृतक उत्क्रमित मध्य विद्यालय कृष्णपुर यूसुफ़ में आठवीं कक्षा का छात्र था। घायल शिशु की पहचान अशोक सहनी के छोटे पुत्र रजनीश कुमार (12) के रूप में की गई है। रजनीश भी उत्क्रमित मध्य विद्यालय कृष्णपुर यूसुफ़ में छठी कक्षा का छात्र है। घायल शिशु का इलाज़ स्थानीय निजी क्लीनिक में चल रहा है। इस घटना से मृतक आर्यन के पिता अखिलेश सहनी एवं माता दिव्या देवी का रोते –रोते बुरा हाल था।

समस्तीपुर, स्वास्थ्य

सरायरंजन के मेडिकल कॉलेज में नवजात की मौ”त, परिजनों ने एएनएम पर लगाया लापरवाही का आरोप

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन (समस्तीपुर)| सरायरंजन प्रखंड के नरघोघी स्थित श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मंगलवार को एक नवजात की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। वहीं अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करते हुए ड्यूटी पर तैनात एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा है। मृत नवजात की मां की पहचान उजियारपुर प्रखंड के चांदचौर मथुरापुर निवासी प्रिंस कुमार राय की पत्नी कोमल कुमारी (27) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि कोमल कुमारी को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने उसी दिन सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया, जिसके बाद नवजात पूरी तरह स्वस्थ होने की जानकारी दी गई थी। परिजनों के अनुसार, मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे अचानक नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन शिशु को लेकर हायर सेंटर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। नवजात की मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उनका आरोप है कि शिशु की देखभाल के लिए अस्पताल की ओर से दो एएनएम की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन दोनों ने अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर समुचित देखभाल और उपचार मिलता तो शिशु की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और मामले की जांच का भरोसा दिया। मामले में श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राणा विश्वविजय सिंह ने बताया कि नवजात जन्म से ही रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस (आरडीएस) की समस्या से पीड़ित था। मेडिकल टीम लगातार उसकी निगरानी और उपचार में जुटी थी। उन्होंने कहा कि परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। ड्यूटी पर तैनात एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी, ताकि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

समस्तीपुर

सहयोग शिविर के माध्यम से आमजन तक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : जिलाधिकारी

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर। बिहार प्रशासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं नागरिक सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक सुलभ, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित सहयोग शिविर कार्यक्रम के अंतर्गत आज जिलाधिकारी समस्तीपुर श्री रोशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर श्री अरविंद प्रताप सिंह ने उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत बेलारी पंचायत स्थित सहयोग शिविर एवं मालती पंचायत स्थित सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया, आमजनों से संवाद स्थापित किया तथा प्राप्त आवेदनों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य आम नागरिकों को विभिन्न प्रशासनी सेवाएं एवं योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराया जाए। बेलारी पंचायत स्थित सहयोग शिविर में जिलाधिकारी ने कुल 07 प्रमाण-पत्रों का वितरण किया। इनमें 04 जन्म प्रमाण-पत्र, 02 मृत्यु प्रमाण-पत्र एवं 01 आवासीय प्रमाण-पत्र शामिल हैं। जन्म प्रमाण-पत्र के अंतर्गत शुभ कुमार, भत्या झा, नक्ष राज एवं आराध्या कुमारी के अभिभावकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। वहीं महेश सिंह एवं रामप्रीत पासवान के परिजनों को मृत्यु प्रमाण-पत्र सौंपे गए। इसके अतिरिक्त आरटीपीएस के माध्यम से रामनाथ राम को आवासीय प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इसी प्रकार मालती पंचायत स्थित सहयोग शिविर में जिलाधिकारी ने कुल 04 प्रमाण-पत्रों का वितरण किया। इनमें 03 जन्म प्रमाण-पत्र एवं 01 मृत्यु प्रमाण-पत्र शामिल हैं। शाहीन प्रवीण, छोटेलाल सिंह एवं मोहम्मद परवेज के अभिभावकों को जन्म प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि विनोद कुमार सिंह के परिजनों को मृत्यु प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया। जिलाधिकारी ने उपस्थित ग्रामीणों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा आयोजित सहयोग शिविरों का अधिकाधिक लाभ उठाएं तथा विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित अपनी समस्याओं के समाधान हेतु शिविरों में आवेदन करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आमजन को पारदर्शी, जवाबदेह एवं संवेदनशील प्रशासन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी दलसिंह सराय श्री किशन कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

समस्तीपुर

मुसरीघरारी नगर पंचायत के वार्ड-9 में सहयोग शिविर आयोजित, आवास, पेंशन, राशन कार्ड और बिजली-पानी की समस्याओं पर मिले आवेदन

नया विचार न्यूज़ मुसरीघरारी (समस्तीपुर)। नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार प्रशासन के निर्देशानुसार मुसरीघरारी नगर पंचायत के वार्ड संख्या-9 स्थित काली स्थान परिसर में मंगलवार को विशेष सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेकर अपनी विभिन्न समस्याओं से संबंधित आवेदन जमा किए। लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, राशन कार्ड, पेयजल, बिजली, भूमि विवाद सहित अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की। शिविर में पहुंचे लोगों ने बताया कि वार्ड संख्या-9 के अधिकांश बिजली पोलों पर अब तक स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है, जिससे शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है और लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। वहीं पछियारी टोला स्थित ब्रह्मस्थान का चापाकल लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कई लोगों ने भूमि संबंधी विवादों और अन्य प्रशासनी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की शिकायत भी दर्ज कराई। शिविर में ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन स्वीकार किए गए। शिविर के दौरान अधिकारियों ने लोगों को बताया कि बिहार प्रशासन के निर्देशानुसार प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाएगा। प्रशासन की मंशा है कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो और उन्हें प्रशासनी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशानुसार शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी द्वारा निर्धारित समय सीमा में आवेदन का निष्पादन नहीं किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था से लोगों में विश्वास बढ़ा है कि उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान होगा। शिविर को संबोधित करते हुए मुसरीघरारी नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राकेश कुमार रंजन ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य आम नागरिकों तक सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिन पात्र नागरिकों को अब तक किसी योजना का लाभ नहीं मिला है, वे शिविर में आवेदन देकर उसका लाभ उठाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं, राशन कार्ड, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी विस्तार से दी। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान उनके वार्ड स्तर पर ही करना है, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से प्रशासनी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। सभी आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और संबंधित विभागों के माध्यम से उनका समय पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। शिविर में लोगों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि निर्धारित 30 दिनों के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान होगा। कई लोगों ने कहा कि यदि समयबद्ध कार्रवाई होती है तो आम जनता का प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत होगा। इस अवसर पर वार्ड पार्षद रामसागर शाह, तौसीफ आलम, साजिद राजा, नेहा कुमारी, आकाश कुमार, आनंद मोहन, शंभू कुमार सहित नगर पंचायत के कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

समस्तीपुर

‘सात निश्चय-3’ के तहत नए राजकीय महाविद्यालयों की तैयारियों का डीएम ने किया निरीक्षण, समय पर संचालन के दिए निर्देश

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर । बिहार प्रशासन की ‘सात निश्चय-3’ योजना के अंतर्गत महाविद्यालय विहीन प्रखंडों में नए राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना एवं संचालन की तैयारियों का बुधवार को जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने खानपुर और कल्याणपुर प्रखंड स्थित प्रस्तावित राजकीय महाविद्यालयों का दौरा कर आधारभूत सुविधाओं एवं शैक्षणिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महाविद्यालय भवनों की स्थिति, फर्नीचर, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, क्रय एवं आपूर्ति की प्रगति, शिक्षकों की पदस्थापना एवं प्रतिनियुक्ति, पेयजल, विद्युत, शौचालय तथा पठन-पाठन शुरू करने के लिए आवश्यक अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अपर समाहर्ता सह नोडल पदाधिकारी प्रेम शंकर झा एवं संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों से तैयारियों की बिंदुवार जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशासन की मंशा के अनुरूप सभी शेष कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि महाविद्यालयों का नियमित संचालन शीघ्र प्रारंभ हो सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करें। उन्होंने कहा कि इन महाविद्यालयों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा मिलेगी और उन्हें पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। गौरतलब है कि जिले के खानपुर, कल्याणपुर, सिंघिया, विभूतिपुर और विद्यापतिनगर प्रखंडों में कुल पांच नए राजकीय महाविद्यालयों का संचालन प्रस्तावित है। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी, संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

समस्तीपुर

समारोहपूर्वक मनाया गया डॉक्टर्स डे

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय गंगापुर में बुधवार को डॉक्टर्स डे मनाया गयामनाया । समारोह की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक अखिलेश ठाकुर ने कहा की हिंदुस्तान में प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को डॉक्टर्स डे मनाया जाता है।यह दिन महान चिकित्सक, शिक्षाविद,स्वतंत्रता सेनानी तथा पश्चिम बंगाल के द्वितीय मुख्यमंत्री डॉ. विधान चंद्र राय की जयंती और पुण्यतिथि के उपलक्ष में मनाया जाता है।डॉ. वी.सी. राय का जीवन चिकित्सा सेवा, ईमानदारी, अनुशासन और मानव कल्याण का अद्भुत उदाहरण है। उनके सम्मान में पूरे देश में यह दिन चिकित्सकों के अमूल्य योगदान को याद करने और उन्हें सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। वहीं वरीय शिक्षक त्रिभुवन प्रसाद शर्मा ने कहा कि डॉक्टर वह व्यक्ति होता है जो रोगी के दर्द को अपना दर्द समझता है। जब कोई व्यक्ति बीमारी, दुर्घटना या किसी गंभीर संकट से जूझ रहा होता है तब डॉक्टर ही सबसे पहले उसकी सहायता के लिए आगे आते हैं। मौके पर शिक्षक– शिक्षिकाओं में राज कुमार,नूतन कुमारी, ज्योति कुमारी, रुबी कुमारी,आरती कुमारी,रिंकू कुमारी, शुभम कुमारी, सृष्टि सिंह सहित सभी छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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