March For Democracy: याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से SIR से संबंधित चुनाव आयोग के फैसलों की न्यायिक जांच कराने, संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने और मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है. उन्होंने मामले का निपटारा होने तक चल रहे SIR पर अंतरिम रोक लगाने का भी अनुरोध किया है.
याचिका में सुप्रीम कोर्ट से क्या-क्या मांग की गई?
- SIR पर अंतरिम रोक लगाने की मांग: याचिका में मामले का अंतिम निपटारा होने तक चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है.
- चुनाव आयोग की पूरी फाइलें सार्वजनिक हों: याचिकाकर्ताओं ने SIR से जुड़े फैसलों की पूरी फाइलें, एजेंडा, बैठकों के मिनट्स, आधिकारिक नोटिंग और दर्ज आपत्तियों को सार्वजनिक करने की मांग की है. इसमें 24 जून, 2025 को SIR शुरू करने के फैसले से जुड़े दस्तावेज भी शामिल हैं.
- चुनाव आयोग के फैसलों की न्यायिक जांच हो: सुप्रीम कोर्ट से यह जांच कराने का अनुरोध किया गया है कि SIR से जुड़े फैसले संविधान के अनुच्छेद 324, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और सेवा शर्तों से संबंधित 2023 के कानून तथा टी. एन. शेषन बनाम हिंदुस्तान संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप लिए गए या नहीं.
- बिना नोटिस किसी वोटर का नाम नहीं कटे: याचिका में मांग की गई है कि किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने से पहले उसे नोटिस दिया जाए और अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिले.
- हटाए गए वोटरों की सूची बूथ-वार जारी हो: याचिकाकर्ताओं ने मतदाता सूची से हटाए गए लोगों की सूची बूथ-वार प्रकाशित करने की मांग की है. इसमें नाम हटाने का कारण और संबंधित जनसांख्यिकीय जानकारी भी शामिल करने का अनुरोध किया गया है.
- ECINET और ERONET के लॉग्स सार्वजनिक हों: याचिका में इन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मतदाता सूची से संबंधित बदलावों और फैसलों के रिकॉर्ड यानी एक्सेस लॉग्स सार्वजनिक करने की मांग की गई है, ताकि प्रक्रिया की पारदर्शिता की जांच हो सके.
- स्वतंत्र ऑडिट समिति बनाई जाए: मतदाता सूची के डेटाबेस में नाम हटाने और अन्य बदलावों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति गठित करने का अनुरोध किया गया है.
- SIR के हर फैसले का रिकॉर्ड रखा जाए: याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि चुनाव आयोग SIR से जुड़े हर फैसले को 2023 के कानून के अनुसार ले और उसके कारणों तथा कार्यवाही का विधिवत रिकॉर्ड यानी मिनट्स तैयार करे.
याचिका दायर करने वाले 11 नेताओं के नाम
- राहुल गांधी – लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष
- मल्लिकार्जुन खरगे – कांग्रेस अध्यक्ष
- सौगत रॉय – तृणमूल कांग्रेस
- अखिलेश यादव – समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष
- तेजस्वी प्रसाद यादव – राष्ट्रीय जनता दल
- सुप्रिया सुले – राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार)
- संजय राउत – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
- डी. राजा – हिंदुस्तानीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI)
- महुआ माझी – झारखंड मुक्ति मोर्चा
- एम. ए. बेबी – मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव
- ई. टी. मोहम्मद बशीर – इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग
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