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February 2, 2026

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Girnari Khichdi Recipe: घर पर बनाएं गुजरात की मशहूर गिरनारी खिचड़ी, स्वाद ऐसा कि बार-बार खाने का मन करे

Girnari Khichdi Recipe: क्या आप कुछ हल्का, पौष्टिक और स्वाद से भरपूर भोजन की तलाश में हैं, तो गुजरात की पारंपरिक गिरनारी खिचड़ी बेस्ट ऑप्शन है. यह खिचड़ी खास मसालों, दाल-चावल और देसी स्वाद के साथ तैयार की जाती है. गिरनार क्षेत्र से प्रेरित यह डिश सादी खिचड़ी से अलग और ज्यादा टेस्टी होती है. इसे लंच या डिनर में आसानी से बनाया जा सकता है. आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी. Girnari Khichdi Recipe: गुजरात की मशहूर गिरनारी खिचड़ी कैसे बनाएं? सामग्री (Girnari Khichdi Recipe Ingredients) 1 कप चावल ½ कप मूंग दाल (धुली) 2 बड़े चम्मच घी 1 छोटा चम्मच जीरा 1 तेज पत्ता 1 छोटा टुकड़ा दालचीनी 2 लौंग 1 प्याज बारीक कटा 1 टमाटर कटा 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट ½ छोटा चम्मच हल्दी नमक स्वादानुसार ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर 4 कप पानी हरा धनिया सजाने के लिए नोट करें गिरनारी खिचड़ी बनाने की रेसिपी सबसे पहले चावल और मूंग दाल को धोकर 15–20 मिनट भिगो दें. कुकर में घी गरम करें. उसमें जीरा, तेज पत्ता, दालचीनी और लौंग डालकर खुशबू आने तक भूनें. अब कटा प्याज डालकर सुनहरा करें. अदरक-लहसुन पेस्ट मिलाएं और एक मिनट चलाएं. अब टमाटर डालकर मसाले – हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक मिलाएं. मसाला पकने लगे तो भीगे हुए चावल और दाल डालकर 1 मिनट चलाएं. पानी डालें और कुकर बंद करें. मध्यम आंच पर 3-4 सीटी आने दें. प्रेशर निकलने पर ढक्कन खोलें और ऊपर से थोड़ा घी डालें. हरे धनिये से सजाकर गरमागरम परोसें. यह गिरनारी खिचड़ी दही, कढ़ी या अचार के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है. यह भी पढ़े: Schezwan Fried Rice Recipe: सुबह-सुबह लगी है ज़ोरों की भूख? तो कुकर में झटपट बनाएं शेज़वान फ्राइड राइस यह भी पढ़े: Veg Biryani Recipe in Pressure Cooker: इस आसान रेसिपी से कुकर में बनाएं होटल जैसी वेज बिरयानी, खाते ही सब करेंगे जमकर तारीफ The post Girnari Khichdi Recipe: घर पर बनाएं गुजरात की मशहूर गिरनारी खिचड़ी, स्वाद ऐसा कि बार-बार खाने का मन करे appeared first on Naya Vichar.

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भारतीय मूल के वैज्ञानिक को मिलेगा ‘जियो साइंस का नोबेल’, 1975 में की थी ऐसी खोज, जिससे आज जूझ रही दुनिया

Indian Origin Scientist wins Crafoord Prize: हिंदुस्तानीय मूल के प्रसिद्ध जलवायु वैज्ञानिक डॉ. वीरभद्रन रामनाथन (Veerabhadran Ramanathan) को भू-विज्ञान (Geo Science) के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए वर्ष 2026 का क्रैफोर्ड पुरस्कार देने की घोषणा की गई है. यह सम्मान रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज द्वारा दिया जाता है और इसे अक्सर ‘भू-विज्ञान का नोबेल’ (Nobel Prize in Geosciences) भी कहा जाता है. 82 वर्षीय रामनाथन को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार वायुमंडल में मौजूद ‘सुपर-प्रदूषकों’ और ‘ब्राउन क्लाउड्स’ पर उनके दशकों लंबे शोध के लिए प्रदान किया गया. इसने वैश्विक ताप वृद्धि को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव लाया है. डॉ. रामनाथन ने 1975 में नासा में कार्य करते हुए एक ऐतिहासिक वैज्ञानिक खोज की थी. उन्होंने पाया कि उस समय एरोसोल स्प्रे और रेफ्रिजरेशन में बड़े पैमाने पर उपयोग किए जाने वाले क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) कार्बन डाई ऑक्साइड की तुलना में ज्यादा खतरनाक है. उन्होंने पाया कि क्लोरोफ्लोरोकार्बन वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में लगभग 10,000 गुना अधिक प्रभावी ढंग से गर्मी को खींचते हैं. इस खोज ने यह स्पष्ट किया कि मानव निर्मित गैसें पृथ्वी की जलवायु पर पहले सोचे गए अनुमान से कहीं अधिक गंभीर प्रभाव डाल रही हैं. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज से बातचीत में उन्होंने कहा कि 1975 तक वैज्ञानिक समुदाय मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड को ही ग्लोबल वॉर्मिंग का कारण मानता था. उन्होंने कहा, ‘मैं यह देखकर स्तब्ध रह गया कि तकनीक और मानव गतिविधियां पर्यावरण को किस हद तक बदल सकती हैं.’ लेकिन उनके शोध ने दिखाया कि औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाली अन्य गैसें भी अत्यंत खतरनाक भूमिका निभा रही हैं. क्रैफोर्ड पुरस्कार के तहत रामनाथन को लगभग 9 लाख अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि और एक स्वर्ण पदक प्रदान किया जाएगा. यह सम्मान मई 2026 में स्टॉकहोम में आयोजित ‘क्रैफोर्ड डेज’ समारोह के दौरान दिया जाएगा. उनका शोध मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल जैसे ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय समझौतों की नींव बना, जिसने ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले लाखों टन हानिकारक उत्सर्जन में भारी कमी लाने में मदद की. 🏅 Congratulations to @UCSanDiego & Scripps Oceanography climate scientist Veerabhadran Ramanathan for earning the prestigious Crafoord Prize—one of the world’s most prestigious science awards given by the Royal Swedish Academy of Sciences! Learn more: https://t.co/EIwhT4wWsB pic.twitter.com/x4xmRQKPNQ — Scripps Institution of Oceanography (@Scripps_Ocean) January 29, 2026 तमिलनाडु के मदुरै में जन्मे और चेन्नई में पले-बढ़े रामनाथन ने अपने करियर की शुरुआत सिकंदराबाद की एक रेफ्रिजरेटर फैक्टरी में इंजीनियर के रूप में की थी. बाद में उन्होंने अन्नामलाई विश्वविद्यालय और हिंदुस्तानीय विज्ञान संस्थान से उच्च शिक्षा प्राप्त कर जलवायु विज्ञान की दुनिया में वैश्विक पहचान बनाई. ये भी पढ़ें:- बलूचिस्तान में दो स्त्रीओं ने मचाई तबाही; बोला BLA- फिदायीन अटैक बन उड़ाए पाकिस्तान के सैनिक, ISI का ऑफिस ये भी पढ़ें:- वर्किंग वूमन… प्रोस्टीट्यूट का रूप, जमात चीफ के बयान पर बांग्लादेश के डीयू-जेएनयू में बवाल, अब पेश की सफाई The post हिंदुस्तानीय मूल के वैज्ञानिक को मिलेगा ‘जियो साइंस का नोबेल’, 1975 में की थी ऐसी खोज, जिससे आज जूझ रही दुनिया appeared first on Naya Vichar.

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दुबई में कैद झारखंड के 14 मजदूर, पेट की आग बुझाना भी हुआ मुश्किल, सरकार से वतन वापसी की गुहार

Jharkhand Migrant Workers, गिरिडीह : झारखंड के प्रवासी मजदूरों के विदेश में फंसने की समाचार लगातार हमारे सामने आते रहती है. इस बार भी गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिले के 14 प्रवासी मजदूर दुबई में फंसे हुए हैं. मजदूरों का आरोप है कि संबंधित कंपनी उनसे समय से अधिक काम करा रही है, लेकिन पिछले तीन महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है. आर्थिक तंगी के कारण मजदूरों को रहने और खाने-पीने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मजदूरों ने वीडियो के माध्यम से की मदद की अपील विदेश में फंसे मजदूरों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए एक वीडियो भेजकर प्रशासन से मदद की अपील की है. यह वीडियो प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली को भेजा गया, जिसे उन्होंने मीडिया के जरिये साझा किया है. केंद्र-राज्य से कूटनीतिक पहल की मांग सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने कहा कि विदेशों में झारखंड के मजदूरों के फंसने के मामले नये नहीं हैं. उन्होंने केंद्र और राज्य प्रशासन से मांग की है कि दुबई में फंसे मजदूरों की सकुशल वतन वापसी के लिए ठोस कूटनीतिक पहल की जाए. उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले भी कई बार मजदूर ज्यादा कमाई की आस में विदेश गए और वहां फंस गए, जिनकी वापसी काफी मशक्कत के बाद हो सकी. Also Read: झारखंड नगर निकाय चुनाव: आरक्षण की गुगली में क्लीन बोल्ड हुए दिग्गज, पत्नियों के भरोसे रसूख बचाने की सियासी जंग सऊदी अरब में मौत, तीन महीने बाद भी नहीं लौटा शव सिकंदर अली ने एक और गंभीर मामले की ओर ध्यान दिलाते हुए बताया कि गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के मधगोपाली पंचायत (दूधपनिया गांव) निवासी प्रवासी श्रमिक विजय कुमार महतो की 23 अक्टूबर 2025 को सऊदी अरब में मौत हो गयी थी. घटना के तीन महीने बाद भी शव देश नहीं लाया जा सका, न ही परिजनों को कोई मुआवजा मिला है. अक्टूबर 2025 में गये थे दुबई जानकारी के अनुसार, ये सभी मजदूर अक्टूबर 2025 में ईएमसी कंपनी में ट्रांसमिशन लाइन के काम के लिए दुबई गये थे. मजदूरों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से किसी को भी नियमित वेतन नहीं मिला, जिसके कारण वे खाने तक के लिए मोहताज हो गए हैं. दुबई में फंसे मजदूरों की सूची गिरिडीह: चिचाकी के रोशन कुमार, अजय कुमार; तिरला के राजेश महतो, मंडरो; डुमरडेली के अजय कुमार बोकारो: कंजकीरो के डालेश्वर महतो हजारीबाग: खेदाडीह के जागेश्वर महतो, फालेन्द्र महतो; सिरैय के बैजनाथ महतो; पारजोरिया के दिलीप महतो, गंगाधर महतो, त्रिलोकी महतो; चकचुको बसरिया के दीपक कुमार; गोरहर के रोहित महतो और सेवा महतो इन सभी मजदूरों और उनके परिजनों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर वेतन भुगतान और वतन वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है. Also Read: झारखंड नगर निकाय चुनाव ड्यूटी के लिए बस, ट्रक और बाइक का डेली रेट फिक्स, जानें किस वाहन पर कितना मिलेगा? The post दुबई में कैद झारखंड के 14 मजदूर, पेट की आग बुझाना भी हुआ मुश्किल, प्रशासन से वतन वापसी की गुहार appeared first on Naya Vichar.

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Airtel यूजर्स को बड़ा झटका, कंपनी ने बंद कर दी 17,000 रुपये वाली फ्री सर्विस

देश की दूसरी टॉप प्राइवेट टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने कई यूजर्स को सोच में डाल दिया है. क्योंकि, कल तक जो बेनिफिट फ्री में मिल रहा था, वह आज अचानक गायब हो गया है. जी हां, Airtel ने Perplexity AI Pro का फ्री सब्सक्रिप्शन बंद कर दिया है. यह समाचार उन यूजर्स के लिए खास तौर पर चौंकाने वाली है, जो इस प्रीमियम सर्विस को बिना पैसे दिए इस्तेमाल कर रहे थे. हालांकि, कंपनी का कहना है कि यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि पहले से तय नियमों के मुताबिक ही किया गया है. जब यह ऑफर शुरू किया गया था, तभी कंपनी ने साफ कर दिया था कि यह लाइफटाइम बेनिफिट नहीं है. इसे लिमिटेड टाइम के लिए प्रमोशनल ऑफर के तौर पर पेश किया गया था, जिसकी एक वैलिडिटी सेट थी. 17,000 रुपये की वैल्यू वाला फ्री ऑफर हुआ खत्म Perplexity Pro एक प्रीमियम डिजिटल सर्विस है, जिसकी कीमत करीब 17,000 रुपये है. Airtel इसे अपने ग्राहकों को बिना किसी एडिशनल चार्ज के दे रहा था, जिससे यूजर्स को बड़ा फायदा मिल रहा था. लेकिन अब यह सुविधा पूरी तरह खत्म कर दी गई है. कब शुरू और कब खत्म हुआ यह ऑफर? Airtel ने यह ऑफर साल 2025 में लॉन्च किया था और शुरुआत से ही बताया गया था, कि इसकी वैलिडिटी 16 जनवरी 2026 तक ही रहेगी. ऐसे में वैलिडिटी पूरी होते ही कंपनी ने इसे अपने प्रीपेड प्लान्स से हटा दिया है. अब नए यूजर्स या जिन लोगों ने समय पर इसे एक्टिवेट नहीं किया, वे इसका फायदा नहीं उठा पाएंगे. पुराने यूजर्स को मिलेगी राहत वहीं, जिन ग्राहकों ने 16 जनवरी 2026 से पहले Perplexity Pro को एक्टिवेट कर लिया था, उनके लिए राहत की समाचार है. उनका सब्सक्रिप्शन एक्टिवेशन की तारीख से पूरे एक साल तक वैलिड रहेगा. वे बिना किसी रुकावट के इस सर्विस का इस्तेमाल कर सकते हैं. अब देनी होगी बिलिंग डिटेल अब जो भी यूजर्स Perplexity Pro को एक्टिवेट करते हैं, उन्हें अपनी बिलिंग डिटेल्स देना जरूरी होगा. अगर फ्री ट्रायल खत्म होने के बाद सब्सक्रिप्शन कैंसिल नहीं किया गया, तो यह अपने आप पेड प्लान में बदल जाएगा और चार्ज लगना शुरू हो जाएगा. इसलिए यूजर्स को समय रहते सब्सक्रिप्शन कैंसिल करने की सलाह दी गई है. यह भी पढ़ें: 199 रुपये में कॉलिंग के साथ डिजाइन टूल भी, Airtel दे रहा पूरे साल के लिए Adobe Express Premium फ्री The post Airtel यूजर्स को बड़ा झटका, कंपनी ने बंद कर दी 17,000 रुपये वाली फ्री सर्विस appeared first on Naya Vichar.

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Mahashivratri: महाशिवरात्रि 2026 कब है? जानें 4 प्रहर की पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और बड़े त्योहारों में से एक है. साल 2026 में यह पावन पर्व 15 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इसलिए इस दिन को शिव और शक्ति के मिलन के रूप में उत्सव की तरह मनाया जाता है. महाशिवरात्रि 2026 मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 फरवरी 2026, शाम 05:04 बजे से चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 फरवरी 2026, शाम 05:34 बजे तक निशीथ काल पूजा (मुख्य मुहूर्त): 15 फरवरी की रात 11:52 से 12:42 16 फरवरी की मध्यरात्रि तक चारों प्रहर की पूजा का समय प्रथम प्रहर: 15 फरवरी की शाम 06:11 से रात 09:23 तक द्वितीय प्रहर: 15 फरवरी की रात 09:23 से रात 12:35 तक तृतीय प्रहर: 16 फरवरी की मध्यरात्रि 12:35 से सुबह 03:47 तक चतुर्थ प्रहर: 16 फरवरी की सुबह 03:47 से सुबह 06:59 तक महाशिवरात्रि पूजा विधि ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद मंदिर में जाकर भगवान शिव की तस्वीर या प्रतिमा के सामने हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लें. यदि मंदिर जाना संभव न हो, तो घर पर भी पूजा कर सकते हैं. सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल या गंगाजल से अभिषेक करें. फिर भगवान शिव पर दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से बना पंचामृत चढ़ाएं. इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत, रोली और चंदन अर्पित करें. फिर भोग लगाएं. इसके बाद भगवान शिव के मंत्रों का पूर्ण श्रद्धा से जाप करें. अंत में शिव चालीसा का पाठ करें और कपूर से आरती कर पूजा पूर्ण करें. महाशिवरात्रि का महत्व  धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात ब्रह्मांड में ऊर्जा का प्रवाह ऊपर की ओर होता है, इसलिए इस रात जागरण और ध्यान करने से विशेष लाभ मिलता है. कहते हैं कि इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर और विवाहित स्त्रीओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है. यह भी पढ़ें: Mahashivratri 2026 Upay: लव मैरिज में आ रही हैं दिक्कतें? महाशिवरात्रि के दिन करें ये खास उपाय, मिलेगा मनचाहा पार्टनर The post Mahashivratri: महाशिवरात्रि 2026 कब है? जानें 4 प्रहर की पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Intermediate Exam: परीक्षा सेंटर पर लेट से पहुंचने पर नहीं मिली एंट्री, गुस्साए लोगों ने धक्का देकर खोला गेट

Bihar Intermediate Exam: बिहार में सोमवार से इंटर की परीक्षा शुरू हो गई. सीवान जिले में टोटल 53 परीक्षा सेंटर बनाए गए हैं. प्रशासन ने परीक्षा को नकलमुक्त, शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए खास तैयारियां की हैं. ऐसे में मामला डीएवी हाई स्कूल परीक्षा सेंटर से जुड़ा है. यहां देर से पहुंचने वाले स्टूडेंट्स को एंट्री नहीं दी गई, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने जबरदस्ती धक्का देकर गेट खोल दिया. स्टूडेंट्स के अभिभावकों ने क्या लगाया आरोप? अभिभावकों का आरोप था कि सड़क जाम (सिसवन ढाला बंद होने और स्टेशन रोड पर भारी जाम) के कारण वे समय पर नहीं पहुंच पाए और उन्हें बाहर रखा गया. जबकि लेट से आई एक शिक्षिका को प्रवेश की अनुमति दी गई, जिससे मौके पर मौजूद अभिभावक और लोग आक्रोशित हो गए. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं के साथ भेदभाव हो रहा है. गुस्साए लोगों ने गेट को धक्का देकर खोलने की कोशिश की और छात्राओं को अंदर प्रवेश करवाने का प्रयास किया. काफी समय के लिए सेंटर पर हंगामा होता रहा. पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति नियंत्रित की और लोगों को वहां से हटाया. इसके अलावा जिले के दो अन्य परीक्षा सेंटरों पर भी लेट आने वाली शिक्षिकाओं के प्रवेश को लेकर लोगों ने विरोध जताया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मची. बिहार: सीवान में बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की शुरुआत शांतिपूर्ण रही. जिले के 53 परीक्षा केंद्रों पर 52,952 परीक्षार्थी शामिल हुए. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच डीएवी हाई स्कूल में देर से पहुंचने पर प्रवेश न मिलने को लेकर हंगामा हुआ, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया। प्रशासन… pic.twitter.com/UnsgeLPiON — Naya Vichar (@prabhatkhabar) February 2, 2026 क्या है बिहार बोर्ड का नियम? बिहार बोर्ड के नियमों के अनुसार, निर्धारित समय के बाद देर से पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाता. साथ ही अवैध या जबरन प्रवेश पर 2 साल तक परीक्षा से वंचित करने और FIR दर्ज करने की चेतावनी जारी की गई है. प्रशासन ने ऐसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है. परीक्षा सेंटरों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त हर परीक्षा सेंटर के एंट्री गेट पर जांच के बाद ही एंट्री दी गई. मोबाइल, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ या कोई इलेक्टॉनिक गैजेट्स ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है. स्त्री परीक्षार्थियों की जांच स्त्री कर्मियों और पुरुषों की पुरुष कर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की तरफ से की जा रही है. पुलिस बल की तैनाती के साथ जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं. Also Read: Bihar Farmer Registry: आज से 6 फरवरी तक मिशन मोड में बनेगा फार्मर आईडी, कृषि और राजस्व विभाग ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर The post Bihar Intermediate Exam: परीक्षा सेंटर पर लेट से पहुंचने पर नहीं मिली एंट्री, गुस्साए लोगों ने धक्का देकर खोला गेट appeared first on Naya Vichar.

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Tomato Onion Raita: राइस से लेकर पुलाव के साथ सर्व करें टमाटर प्याज का रायता, जानें आसान रेसिपी

Tomato Onion Raita: रायता एक ऐसी आसान और जल्दी बनने वाली रेसिपी है जिसे आप मिनटों में बिना ज्यादा समय लगाए तैयार कर सकते हैं. आपने खीरा और गाजर से बने रायते तो खूब खाए होंगे, लेकिन आज हम आपको टमाटर-प्याज रायता बनाने की रेसिपी बताएंगे. इसे आप चावल-दाल, पराठा, पुलाव, बिरयानी या किसी भी पसंदीदा डिश के साथ परोस सकते हैं. आइए इस आर्टिकल की मदद से जानते हैं कैसे आप घर पर मिनटों में टमाटर-प्याज रायता आसानी से बना सकते हैं. गर्मी हो या किसी भी मौसम में इस रायता को खाने के साथ परोसकर आप स्वाद बढ़ा सकते हैं. टमाटर प्याज का रायता बनाने के लिए क्या सामग्री चाहिए? फ्रेश दही – 1 कप  टमाटर – 1 प्याज – 1  हरी मिर्च – 1  भुना जीरा पाउडर – आधा चम्मच  नमक – स्वादानुसार  काला नमक – आधा चम्मच  काली मिर्च पाउडर – आधा चम्मच  हरा धनिया पत्ता – 1 चम्मच (बारीक कटा हुआ) टमाटर प्याज का रायता बनाने की विधि क्या है? सबसे पहले आप फ्रेश दही लें और इसे अच्छी तरह फेंटें. इसे पूरी तरह चिकना और क्रीमी बनाएं.  अब आप टमाटर और प्याज को बारीक बारीक काट लें. फिर हरी मिर्च को बारीक काटकर तैयार रखें.  अब फेंटे हुए दही में पहले टमाटर डालें और अच्छी तरह मिलाएं. इसके बाद प्याज और हरी मिर्च डालकर धीरे-धीरे मिलाएं. ध्यान रखें कि दही और सब्जियां अच्छे से मिक्स हो जाए.  अब इसमें भुना हुआ जीरा पाउडर, काला नमक, नमक और काली मिर्च डालें. इसे अच्छी तरह धीरे-धीरे चम्मच की मदद से मिलाएं.  रायते को सर्व करने से पहले ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें.  अब तैयार है आपका घर पर बना टमाटर दही का रायता इसे आप तुरंत बिरयानी या चावल-दाल के साथ सर्व करके खाए.  यह भी पढ़ें: Aloo Raita Recipe: हर डिश के साथ लगेगा स्वादिष्ट, ऐसे बनाएं आलू रायता, नोट करें बनाने की विधि  यह भी पढ़ें: Cucumber Pudina Raita: खीरा और पुदीना से बनाएं टेस्टी रायता, जो खाने का मजा कर देगा दोगुना The post Tomato Onion Raita: राइस से लेकर पुलाव के साथ सर्व करें टमाटर प्याज का रायता, जानें आसान रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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Vastu Benefits of Hanging Ganesha Bells at Home: घर में गणेश घंटी लगाई तो खुल सकते हैं भाग्य के द्वार – वास्तु के ये नियम जरूर जानें

Vastu Benefits of Hanging Ganesha Bells at Home: घर की सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए वास्तु शास्त्र में कई सरल उपाय बताए गए हैं. इन्हीं में से एक है गणेश जी की घंटी (Ganesha Hanging Bells) को घर में सही स्थान पर लगाना. घर में गणेश घंटी लगाने के चमत्कारी फायदे (Vastu Benefits of Hanging Ganesha Bells at Home) वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार गणेश प्रतीक वाली घंटियां न केवल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती हैं, बल्कि गुड लक, मनी और मेंटल हेल्थ को भी आकर्षित करती हैं. सही दिशा और सही धातु का चयन करने से इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. घर पर Hanging Ganesha Bells कहां लगानी चाहिए? वास्तु के अनुसार गणेश घंटी को मुख्य रूप से इन स्थानों पर लगाया जा सकता है:मुख्य द्वार के ऊपर या पास – इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करतीपूजा कक्ष के प्रवेश द्वार परलिविंग रूम के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) मेंबालकनी या खिड़की के पास, जहां से हवा आती होध्यान रखें कि घंटी ऐसी जगह हो जहां हवा लगने पर मधुर ध्वनि उत्पन्न हो सके. यह ध्वनि वातावरण को शुद्ध करती है. Ganesha hanging bells at home वास्तु के अनुसार हैंगिंग गणेश घंटी के लिए कौन सी धातु सबसे अच्छी है? वास्तु शास्त्र में धातु का विशेष महत्व है: पीतल (Brass) को सबसे श्रेष्ठ धातु माना जाता है, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है. तांबा (Copper)  स्वास्थ्य और ऊर्जा संतुलन के लिए अच्छा माना जाता है. पंचधातु आध्यात्मिक और वास्तु दृष्टि से अत्यंत शुभ मानी जाती हैं लोहे की घंटी से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह भारी ऊर्जा पैदा कर सकती है. घर में गणेश घंटी लगाते समय याद रखें जरूरी सावधानियां टूटी या फटी घंटी कभी न लगाएं बहुत तेज और कर्कश ध्वनि वाली घंटी न चुनें घंटी धूल-मिट्टी से मुक्त रखें शौचालय या रसोई के ठीक सामने न लगाएं गणेश जी का मुख घर के अंदर की ओर होना चाहिए सही तरीके से लगाई गई गणेश घंटी घर में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग खोल सकती है. यह भी पढ़ें: Laughing Buddha Placement Tips as per Vastu: लाफिंग बुद्धा की मूर्ति रखने से पहले जान लें वास्तु के ये नियम – सिर्फ खुशियां ही देगी दस्तक यह भी पढ़ें: Vastu Items for Home Entrance: मुख्य द्वार पर रखें ये 5 महत्वपूर्ण वस्तुएं – बनी रहेगी पॉजिटिव एनर्जी The post Vastu Benefits of Hanging Ganesha Bells at Home: घर में गणेश घंटी लगाई तो खुल सकते हैं भाग्य के द्वार – वास्तु के ये नियम जरूर जानें appeared first on Naya Vichar.

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बलूचिस्तान में दो महिलाओं ने मचाई तबाही; बोला BLA- फिदायीन अटैक बन उड़ाए पाकिस्तान के सैनिक, ISI का ऑफिस

Pakistan Balochistan Fidayeen Attacker Women: पाकिस्तान में शनिवार को बलूचिस्तान में विद्रोहियों द्वारा भीषण हमला किया गया. बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा किए गए हमलों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. BLA के दावों के अनुसार, पाकिस्तान सेना, पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स के 200 से अधिक कर्मी मारे गए हैं और कम से कम 17 लोगों को बंदी बनाया गया है. संगठन ने इन आंकड़ों को प्राइमरी अनुमान बताया और संकेत दिया कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है. हमले एक साथ कई शहरों में किए गए, जिससे सुरक्षा तंत्र को भारी नुकसान उठाना पड़ा. वहीं, बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने जवाबी कार्रवाई में 140 विद्रोहियों के मारे जाने की बात कही है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के अनुसार, कम से कम दो हमलों में स्त्री हमलावर शामिल थीं. BLA ने कहा है कि इन हमलों में दो स्त्री हमलावर शामिल थीं, जिनमें से एक की पहचान 24 वर्षीय आसिफा मेंगल के रूप में की गई है. BLA के अनुसार, आसिफा मेंगल बलूचिस्तान के नुशकी क्षेत्र की रहने वाली थीं. उसके पिता का नाम मोहम्मद इस्माइल है. 2 अक्टूबर 2002 को जन्मी आसिफा ने अपने 21वें जन्मदिन पर मजीद ब्रिगेड जॉइन की थी. यह BLA की वही इकाई मानी जाती है जो आत्मघाती हमलों को अंजाम देती रही है. BLA ने कहा, ‘आसिफा मेंगल 2 अक्टूबर 2023 को मजीद ब्रिगेड में शामिल हुई थी और जनवरी 2024 में उसने फिदायीन बनने का फैसला किया.’ संगठन के मुताबिक उसकी मौत शुक्रवार को हुई. उसने नोशकी में आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) मुख्यालय को निशाना बनाते हुए वाहन-जनित विस्फोटक (VBIED) हमले को अंजाम दिया. BREAKING: BLA has released the image of second female Majeed Brigade suicide bomber Asifa Mengal, born in 2002, joined the BLA in early 2024 Blew herself up in BLA’s Noshki attack against Pakistani forces https://t.co/jloyQqN3ty pic.twitter.com/HyrB2c6Mgp — Mureed (@Mureed) February 1, 2026 वहीं दूसरी स्त्री हमलावर की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन BLA ने उसकी तस्वीरें जारी की हैं. एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें वह अन्य लड़ाकों के साथ दिखाई देती है. उसमें वह हथियार थामे मुस्कुराते हुए पाकिस्तान प्रशासन पर बलोच स्त्रीओं के दमन के आरोप लगाती सुनाई देती है और कहती है कि प्रशासन सीधे मुकाबले की क्षमता नहीं रखती. वीडियो में वह बलोची भाषा में कहती है, ‘हमें बस खुद को जगाने की जरूरत है, बलोच राष्ट्र को जागना होगा. हमें बलोच सरमाचारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना होगा. दुश्मन के दिन गिने-चुने हैं, उनके पास ज्यादा ताकत नहीं बची है. बलोच राष्ट्र को समझना होगा कि इस दुश्मन के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता. देखो, आज हमारे लड़ाके अपनी जान दे रहे हैं, खुद को उड़ा रहे हैं, फिर भी कुछ लोग थोड़े से पैसों के लिए उनकी जासूसी करते हैं.’ #BLA the group behind ongoing coordinated attacks in #Balochistan has released a video showing one of its female fighters “Hawa Baloch” aka Droshum, reportedly filmed during a battle. Reports suggest more female fighters are involved but yet to be identified. pic.twitter.com/8bLY3iJSZ7 — Hammad Baloch (@Hammad_Baluch) February 1, 2026 बलूच विद्रोही भी मारे गए यह पाकिस्तान में हाल के वर्षों में हुआ सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है. इससे पहले भी बलोच विद्रोही समय-समय पर सुरक्षा बलों और प्रशासनी ठिकानों को निशाना बनाते रहे हैं. पाकिस्तान की सेना ने कहा कि शनिवार को 92 अलगाववादी और शुक्रवार को 41 उग्रवादी मारे गए. BLA ने अपने बयान में स्वीकार किया कि उसके भी 18 लड़ाके इस अभियान के दौरान मारे गए, जिनमें मजीद ब्रिगेड के 11 ‘फिदायीन’ (आत्मघाती हमलावर), फतेह स्क्वाड के चार और STOS यूनिट के तीन सदस्य शामिल हैं. संगठन ने कहा कि मारे गए लोगों के बारे में और जानकारी बाद में जारी की जाएगी. BLA के बयानों में स्थानीय आबादी से सतर्क रहने, सुरक्षा बलों से दूरी बनाए रखने और जिन इलाकों में अभियान जारी है वहां BLA लड़ाकों का समर्थन करने की अपील भी की गई. पाकिस्तान बोला हमलावरों के मंसूबे नाकाम पाकिस्तान के जूनियर मंत्री तलाल चौधरी ने कहा कि हमलावर आम नागरिकों के वेश में स्कूलों, बैंकों, बाजारों और अस्पतालों में घुसे और फिर गोलीबारी शुरू कर दी. हमले शुक्रवार रात शुरू हुए और शनिवार तक जारी रहे. बलूचिस्तान प्रशासन के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि नुश्की, हब, चमन, नसीराबाद, ग्वादर और मकरान सहित कई इलाकों से हमलों की समाचारें मिलीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को इस तरह के हमले की योजना की पहले से खुफिया जानकारी थी, जिसकी वजह से वे जवाबी कार्रवाई कर सके. हालांकि, उनका रोते हुए वीडियो भी सामने आया था, जिससे बलूच विद्रोहियों की इस घटना और उसके स्केल का अंदाजा लग रहा है. BLA ने बताया अटैक का पूरा प्लान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत बलूचिस्तान दशकों से उग्रवाद की समस्या झेल रहा है. बलोच अलगाववादी समूह स्वतंत्रता और प्राकृतिक संसाधनों में अधिक हिस्सेदारी की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं. BLA ने शनिवार को कहा कि उसने ‘हेरोफ’ (ब्लैक स्टॉर्म) नामक अपने अभियान का दूसरा चरण शुरू किया है. इसके तहत पूरे बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जा रहा है. वहीं पाकिस्तानी सेना ने कहा कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों द्वारा किसी भी शहर या रणनीतिक ठिकाने पर कब्जा करने की कोशिशों को नाकाम कर दिया. यह हालिया घटनाक्रम पिछले कई वर्षों में इस प्रांत में हुई सबसे घातक हिंसक घटनाओं में से एक माना जा रहा है. BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच द्वारा जारी दो बयानों में कहा गया कि संगठन के लड़ाकों ने खरान, मस्तुंग, तुंप और पसनी जैसे इलाकों में अपनी कार्रवाइयां पूरी कर ली हैं, जबकि अन्य स्थानों पर अभी भी झड़पें जारी हैं. समूह ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाके क्वेटा और नोशकी के कुछ हिस्सों में मौजूद रहे, जहां उनके अनुसार इस्लामाबाद की सैन्य मौजूदगी को पीछे हटने पर मजबूर किया गया. समूह ने दावा किया कि उसने नोशकी के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद हुसैन हजारा और सहायक आयुक्त मारिया शामू को हिरासत में लिया था और बाद में रिहा कर दिया. BLA ने इसे मानवीय कदम बताया और

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बजट के बाद शेयर बाजार की वापसी, क्या एसटीटी का डर हुआ खत्म? जानिए अब आगे क्या होगा

Indian Stock Market 2 February 2026: आज हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को हिंदुस्तानीय शेयर बाजार की शुरुआत थोड़ी सुस्ती के साथ हुई. बजट में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स(STT) बढ़ने की समाचार से निवेशकों में थोड़ी घबराहट दिखी, जिसकी वजह से सुबह-सुबह बाजार लाल निशान पर खुला था. लेकिन यह गिरावट ज्यादा देर नहीं टिकी और कुछ ही समय में बाजार ने रिकवरी करते हुए वापसी कर ली. बाजार में आज क्या हुआ? शुरुआती झटका: निफ्टी करीब 29 पॉइंट गिरकर 24,796 पर खुला, वहीं सेंसेक्स भी 167 पॉइंट नीचे लुढ़क गया था. शानदार रिकवरी: कुछ ही देर में खरीदारों ने मोर्चा संभाला और सेंसेक्स 372 पॉइंट उछल गया. सेक्टर्स का हाल: तेल, गैस और मेटल शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि आईटी और फार्मा सेक्टर में थोड़ी गिरावट रही. सोना हुआ सस्ता: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में 3% की गिरावट आई, जिससे यह 1,43,321 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया. क्या टैक्स बढ़ने से डरे निवेशक? बजट 2026 में फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है. फ्यूचर्स पर टैक्स 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15% कर दिया गया है. इससे ट्रेडिंग करना थोड़ा महंगा हो गया है, जिसकी वजह से ट्रेडिंग करने वालों में थोड़ी सावधानी देखी जा रही है. ये भी पढ़ें: बजट के बाद सोने-चांदी की कीमतों में बदलाव, जानें आज का भाव क्या आगे आएगी बड़ी तेजी? मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा के अनुसार, बजट में कई ऐसी बातें हैं जो लंबे समय में हिंदुस्तान को फायदा पहुंचाएंगी. प्रशासन ने मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर पर जोर दिया है. हालांकि अभी विदेशी निवेशक (FIIs) पैसा निकाल रहे हैं, लेकिन हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति की बुनियाद मजबूत है, जिससे आने वाले समय में बाजार में सुधार की उम्मीद है. एशियाई बाजारों का क्या हाल है? सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं, बल्कि अन्य एशियाई बाजारों में भी आज सुस्ती दिखी है. जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग और ताइवान के बाजारों में भी 1% से 2.5% तक की गिरावट दर्ज की गई. ये भी पढ़ें: आज पेट्रोल-डीजल का क्या है सीन? जानें अपने शहर का ताजा हाल The post बजट के बाद शेयर बाजार की वापसी, क्या एसटीटी का डर हुआ खत्म? जानिए अब आगे क्या होगा appeared first on Naya Vichar.

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