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February 2, 2026

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Anupama Twist: मर कर जिंदा हो जाएगी अनुपमा, रजनी चॉल वालों के सामने कबूलेगी सारा सच

Anupama Twist: अनुपमा में दिखाया जाएगा कि सरिता, रजनी से पूजा करने को कहती है और बताती है कि आग लगने के वक्त अनुपमा उसका नाम ले रही थी. साथ ही वह यह भी कहती है कि आग में मरने वालों की आत्मा भटकती रहती है. यह सुनकर रजनी घबरा जाती है. तभी बिल्डर उसे डिमोलिशन शुरू करने को कहता है. अचानक एक सफेद चादर रजनी के चेहरे पर गिरती है और वह बुरी तरह डर जाती है. डर के मारे वह पूजा कराने का फैसला करती है. अनुपमा की एंट्री पूजा के दौरान अचानक अनुपमा सामने आ जाती है. रजनी उसे भ्रम समझकर माफी मांगती है और कहती है कि वह मर चुकी है. तब अनुपमा कहती है आत्मा नहीं मरती, इंसानियत मर जाती है. तभी सरिता सबको बताती है कि अनुपमा जिंदा है. यह सुनकर रजनी हैरान हो जाती है. अनु उसे बताती है कि वरुण ने वही कहा जो उसने उसे कहने को कहा था. वह रजनी को याद दिलाती है कि पिछली रात उसने सब कुछ कबूल कर लिया था. इसके बाद प्रेरणा और वरुण भी रजनी के खिलाफ खड़े हो जाते हैं. अनुपमा सबके सामने रजनी की रिकॉर्डिंग चला देती है, जिसमें उसका सच साफ सुनाई देता है. चॉल वाले होंगे रजनी पर नाराज चॉल के लोग रजनी पर चप्पल बरसाते हैं. बाद में वे अनुपमा से माफी मांगते हैं. अनुपमा उन्हें समझाती है कि कभी भी बिना पढ़े कागजों पर साइन न करें और जरूरत हो तो वकील की सलाह लें. सब अनुपमा से पूछते हैं कि रजनी को क्या सजा मिले. प्रीत कहती है इसका फैसला अनु करेगी. सरिता, अनु को वापस चॉल में लौटने के लिए कहती है. अनु ये सुनकर सोच में पड़ जाती है. आने वाले एपिसोड में दिखाया जाएगा कि रजनी, अनु से माफी मांगती है. यह भी पढ़ें- Anupama Twist: अनु की जगह प्रेरणा फंस जाएगी आग में, रजनी के काले करतूतों का पर्दाफाश करेगी अनुपमा The post Anupama Twist: मर कर जिंदा हो जाएगी अनुपमा, रजनी चॉल वालों के सामने कबूलेगी सारा सच appeared first on Naya Vichar.

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Kaju Curry Recipe: ससुराल वालों को करना है खुश, तो जरूर ट्राई करें ये शाही काजू करी 

Kaju Curry Recipe: काजू करी एक शाही और स्वाद से भरपूर सब्ज़ी है, जो खास मौकों और त्योहारों पर बनाई जाती है. काजू की मलाईदार बनावट और मसालों का संतुलन इस डिश को बेहद खास बनाता है. यह करी देखने में जितनी आकर्षक होती है, स्वाद में उतनी ही लाजवाब होती है. रोटी, नान या चावल के साथ परोसी जाने वाली काजू करी हर किसी को पसंद आती है. इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कि कैसे आप घर पर काजू करी कैसे बना सकते हैं.  काजू करी बनाने के लिए जरूरी सामान  काजू – 200 ग्राम (आधे कटे हुए, आधे पेस्ट के लिए) प्याज – 2 (बारीक कटे हुए) टमाटर – 2 (प्यूरी बनाई हुई) अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 बड़ा चम्मच हरी मिर्च – 1 (बारीक कटी) काजू का पेस्ट – ½ कप मलाई / फ्रेश क्रीम – 2 बड़े चम्मच लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच धनिया पाउडर – 1 छोटा चम्मच गरम मसाला – ½ छोटा चम्मच हल्दी – ¼ छोटा चम्मच नमक – स्वादानुसार तेल या घी – 3 बड़े चम्मच पानी – आवश्यकता अनुसार कैसे बनाते हैं काजू करी  काजू को 15 मिनट गर्म पानी में भिगो दें, फिर आधे काजू का स्मूद पेस्ट बना लें. कड़ाही में तेल या घी गरम करें. इसमें कटे प्याज़ डालकर सुनहरे होने तक भूनें. अब अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालकर खुशबू आने तक भूनें. टमाटर प्यूरी डालें और मसाले (हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च) डालकर अच्छे से पकाएं. जब मसाला तेल छोड़ने लगे, तब काजू का पेस्ट डालें और अच्छी तरह मिलाएं. अब कटे हुए काजू डालें और थोड़ा पानी डालकर ग्रेवी को पकने दें. आखिर में मलाई और गरम मसाला डालकर 2–3 मिनट पकाएं और गैस बंद कर दें. यह भी पढ़ें: यह भी पढ़ें: The post Kaju Curry Recipe: ससुराल वालों को करना है खुश, तो जरूर ट्राई करें ये शाही काजू करी  appeared first on Naya Vichar.

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Video : बच्ची की कविता सुनकर खुश हुए सीएम योगी, देखें फिर क्या किया

Video : यूपी की राजधानी लखनऊ में ‘जनता दर्शन’ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूल में दाखिले की मांग लेकर आए एक बच्ची से बातचीत की. बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शिशु का दाखिला सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. इसका वीडियो सामने आया है जिसे न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. वीडियो में सीएम योगी को बच्ची कविता सुनाते नजर आ रही है. इसके बाद बच्ची को सीएम ने एक चॉकलेट दिया और अधिकारियों से कहा कि इसका एडिशन कराओ. देखें वीडियो. #WATCH | Lucknow | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath’s heartwarming interaction with a child seeking school admission during ‘Janta Darshan’. After the interaction, the CM ordered his officials to ensure the child gets school admission. pic.twitter.com/G4mfDvisne — ANI (@ANI) February 2, 2026 ‘जनता दर्शन’ के दौरान यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद फराह मुशर्रफ (बच्ची अनाबी अली की मां) ने कहा कि वे अपनी बेटी को लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल में दाखिला दिलाने आई थीं. बेटी ने सीएम के सामने कविता सुनाई. उन्होंने बताया कि स्कूल में दाखिले की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित कराने का भरोसा मिला है. #WATCH | Lucknow | After meeting UP CM Yogi Adityanath during ‘Janta Darshan’, Farah Musharaf, Anabi Ali’s mother, says, “We had come to meet the CM to seek admission for my daughter in Loreto Convent School. She recited a poem before the CM. She is keen to go to school. We are… pic.twitter.com/9qVqgUfy6f — ANI (@ANI) February 2, 2026 The post Video : बच्ची की कविता सुनकर खुश हुए सीएम योगी, देखें फिर क्या किया appeared first on Naya Vichar.

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Patna News: घर में पड़ा ई-वेस्ट बनेगा कमाई का जरिया, पटना नगर निगम ने जारी किया लैपटॉप-एसी का रेट चार्ट

Patna News: शहर में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित और वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए पटना नगर निगम ने बड़ी पहल की है. अब नागरिकों, संस्थानों और कार्यालयों से ई-वेस्ट सीधे निगम खरीदेगा. इसके लिए अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक सामानों का रेट चार्ट जारी कर दिया गया है. निगम के अनुसार, ई-वेस्ट को अब घरेलू कचरे में फेंकने की बजाय अधिकृत एजेंसी के जरिए संग्रहित कर री-साइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा. इ-वेस्ट क्यों है खतरनाक नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इ-वेस्ट में सीसा, पारा और कैडमियम जैसे खतरनाक तत्व होते हैं. यदि इन्हें गलत तरीके से निस्तारित किया जाए, तो यह मिट्टी, पानी और हवा को गंभीर रूप से प्रदूषित करते हैं. इसी खतरे को देखते हुए निगम ने एक एजेंसी को टेंडर देकर ई-वेस्ट के संग्रह और निपटान की जिम्मेदारी सौंपी है. निगम द्वारा जारी रेट चार्ट के अनुसार कंप्यूटर डिवाइस की श्रेणी में आने वाले सामानों की कीमत तय कर दी गई है. कंप्लीट सीपीयू सेट के लिए 140 रुपये प्रति किलोग्राम, सीपीयू बॉक्स के लिए 85 रुपये, कीबोर्ड के लिए 20 रुपये, एलईडी मॉनिटर के लिए 35 रुपये और सीआरटी मॉनिटर के लिए 1 रुपये प्रति किलोग्राम की दर निर्धारित की गई है. लैपटॉप, टैबलेट और नोटपैड के लिए सबसे अधिक 150 रुपये प्रति किलोग्राम का दाम तय किया गया है. बड़े घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान पर भी फोकस इस योजना में बड़े घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी शामिल किया गया है. स्प्लिट एसी (कॉपर) के लिए 100 रुपये और विंडो एसी (कॉपर) के लिए 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर तय है. वहीं एल्युमिनियम वाले स्प्लिट एसी के लिए 70 रुपये और विंडो एसी के लिए 60 रुपये प्रति किलोग्राम का भुगतान किया जाएगा. रेफ्रिजरेटर की दर 20 रुपये प्रति किलोग्राम रखी गई है, जबकि एलईडी और एलसीडी टीवी के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम तय किए गए हैं. फरवरी से चलेगा जागरूकता अभियान ई-वेस्ट के सही प्रबंधन को लेकर नगर निगम फरवरी के पहले और दूसरे सप्ताह में जागरूकता सत्र आयोजित करेगा. शहर में कुल चार ऑनग्राउंड सत्र होंगे, जिनकी अवधि करीब 45 मिनट होगी. इन सत्रों का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे का जिम्मेदार और सुरक्षित निस्तारण क्यों जरूरी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि नागरिकों को आर्थिक रूप से भी लाभ पहुंचाएगी. Also Read: Budget 2026: हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, शिप रिपेयर सेंटर और क्या-क्या बिहार को मिला? प्वाइंट्स में जानिए The post Patna News: घर में पड़ा ई-वेस्ट बनेगा कमाई का जरिया, पटना नगर निगम ने जारी किया लैपटॉप-एसी का रेट चार्ट appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड नगर निकाय चुनाव: आरक्षण की गुगली में क्लीन बोल्ड हुए दिग्गज, पत्नियों के भरोसे रसूख बचाने की सियासी जंग

Jharkhand Municipal Elections 2026, रांची, (उत्तम महतो): झारखंड में नगर निकाय चुनाव की रणभेरी बज चुकी है. 23 फरवरी को मतदान होगा और 27 फरवरी को मतगणना होगी. लेकिन इस चुनाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा किये गये वार्डों के आरक्षण ने नेतृत्व का पूरा समीकरण बिगाड़ दिया है. कहीं सामान्य वार्ड स्त्री के लिए आरक्षित हो गया है, तो कहीं सामान्य सीट अनुसूचित जनजाति या ओबीसी के लिए. सीटों के आरक्षित हो जाने से कई निवर्तमान पार्षद अब अपने वार्ड को छोड़कर दूसरे वार्ड से लड़ने को विवश हैं. वहीं कई वार्ड ऐसे भी हैं जो पूर्व में सामान्य थे, लेकिन अब स्त्री के लिए आरक्षित होने के कारण पार्षद अपनी पत्नी को चुनावी मैदान में उतारने को बाध्य हो गये हैं. तीन निवर्तमान पार्षदों की पत्नियां एक ही वार्ड से मैदान में नगर निकाय चुनाव में वार्ड संख्या 10 में रोमांचक मुकाबला होगा. पूर्व में यह वार्ड सामान्य अन्य के लिए आरक्षित था, लेकिन इस बार स्त्री के लिए आरक्षित किया गया है. नतीजा यह हुआ कि वार्ड संख्या 10 से निवर्तमान पार्षद अर्जुन यादव की पत्नी संगीता देवी, पूर्व पार्षद श्रवण महतो की पत्नी सरस्वती महतो और वार्ड संख्या 11 के पूर्व पार्षद अभय सिंह की पत्नी रंजू सिंह चुनावी मैदान में हैं. वार्ड 34 में तीन निवर्तमान पार्षद आमने-सामने नगर निगम चुनाव में वार्ड संख्या 34 से तीन निवर्तमान पार्षद मैदान में हैं. निवर्तमान पार्षद विनोद सिंह पहले से ही इस वार्ड से चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं वार्ड संख्या 26 पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने से वहां के पार्षद अरुण कुमार झा भी वार्ड संख्या 34 से चुनाव लड़ने को बाध्य हैं. इसी तरह वार्ड संख्या 27 पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण वहां के पार्षद ओमप्रकाश भी वार्ड संख्या 34 से चुनावी मैदान में हैं. Also Read: झारखंड नगर निकाय चुनाव ड्यूटी के लिए बस, ट्रक और बाइक का डेली रेट फिक्स, जानें किस वाहन पर कितना मिलेगा? संजीव विजयवर्गीय ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया आरक्षण की मार सबसे अधिक उप महापौर संजीव विजयवर्गीय पर पड़ी है. पूर्व में वे वार्ड संख्या आठ और 10 से चुनाव लड़कर उप महापौर बने थे. लेकिन इस बार ये दोनों वार्ड स्त्री के लिए आरक्षित हैं. इनके आसपास के वार्ड संख्या छह, सात और नौ भी स्त्री के लिए आरक्षित हैं. ऐसे में उन्होंने इस बार चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. पति की जगह पत्नी, पत्नी की जगह पति प्रत्याशी वार्ड संख्या 35 इस बार अनुसूचित जनजाति स्त्री के लिए आरक्षित है. यहां निवर्तमान पार्षद झरी लिंडा की पत्नी चुनावी मैदान में उतरेंगी. वहीं वार्ड संख्या 42 अनारक्षित स्त्री के लिए आरक्षित है. ऐसे में निवर्तमान पार्षद कृष्णा महतो की पत्नी ममता देवी इस वार्ड से चुनाव लड़ेंगी. वार्ड संख्या दो भी पूर्व में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित था. ऐसे में इस बार यहां पार्षद गोंदरा उरांव की पत्नी सरिता देवी मैदान में हैं. वार्ड 13 भी पूर्व में अनुसूचित जनजाति स्त्री के लिए आरक्षित था. इस बार अन्य हो जाने के कारण यहां पार्षद पूनम देवी के पति प्रभुदयाल बड़ाइक चुनावी मैदान में हैं. Also Read: आधी रात दहल गया धनबाद, झरिया विधायक के आवास सिंह मेंशन पर बमबारी, इलाके में दहशत The post झारखंड नगर निकाय चुनाव: आरक्षण की गुगली में क्लीन बोल्ड हुए दिग्गज, पत्नियों के भरोसे रसूख बचाने की सियासी जंग appeared first on Naya Vichar.

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शांति वार्ता के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद दहला यूक्रेन, रूसी ड्रोन हमले में 15 बेगुनाहों की मौत

यूक्रेन के मध्य-पूर्वी इलाके ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क में रविवार को रूस के एक ड्रोन हमले में 15 आम नागरिकों की जान चली गई. यह हमला ऐसे वक्त हुआ, जब कुछ ही घंटे पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शांति वार्ता की अगली तारीखों का ऐलान किया था. कंपनी बस को बनाया गया निशाना क्षेत्र के गवर्नर ओलेकसांद्र गांझा ने टेलीग्राम पर बताया कि रूसी ड्रोन ने पाव्लोग्राद जिले में एक कंपनी की शटल बस के पास हमला किया. शुरुआती जानकारी में 12 लोगों की मौत की बात कही गई थी, लेकिन बाद में आपात सेवाओं ने मृतकों की संख्या बढ़कर 15 होने की पुष्टि की. एएफपी के मुताबिक, यह बस टर्निवका कस्बे के पास चल रही थी, जो फ्रंट लाइन से करीब 65 किलोमीटर दूर है. बस यूक्रेन की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी DTEK की थी. कंपनी ने बताया कि मरने वाले सभी लोग उसके माइनिंग प्लांट से शिफ्ट पूरी कर घर लौट रहे थे. बस जलकर खाक यूक्रेन की नेशनल पुलिस ने टेलीग्राम पर बताया कि हमला आम नागरिकों के ढांचे पर हुआ. पुलिस के मुताबिक, ड्रोन हमले से बस में आग लग गई और लोग अंदर ही फंस गए. ब्लूमबर्ग ने पुलिस के हवाले से बताया कि हमला टर्निवका शहर के पास हुआ. एएफपी के अनुसार, रविवार तड़के और रात भर हुए रूसी हमलों में अलग-अलग जगहों पर कुल मिलाकर कई लोग मारे गए और घायल हुए. दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया में एक ड्रोन हमला मातृत्व अस्पताल पर हुआ. इस हमले में मेडिकल जांच करा रही दो स्त्रीएं घायल हुईं. क्षेत्रीय गवर्नर इवान फेदोरोव ने टेलीग्राम पर बताया कि बाद में घायलों की संख्या बढ़कर छह हो गई. इसी दौरान, मध्य यूक्रेन के ड्निप्रो शहर में हुए एक और ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हो गई. यह जानकारी भी क्षेत्रीय प्रशासन प्रमुख ओलेकसांद्र गांझा ने टेलीग्राम के जरिए दी. जेलेंस्की का बयान हमले के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक जताया. उन्होंने बताया कि 112 इमरजेंसी नंबर पूरी तरह चालू है और प्रशासनी हेल्पलाइन भी लोगों की मदद के लिए काम कर रही है. I have just held a coordination call on the situation across all our regions. In the Dnipro region, in Ternivka of the Pavlohrad district, Russian drones struck an ordinary bus carrying miners. Sadly, many people were killed. My condolences to all the families and loved ones.… pic.twitter.com/PI07DoHL9O — Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) February 1, 2026 जेलेंस्की ने कहा कि शहरों और प्रशासनी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है, ताकि लोगों को सही समय पर मदद और सही जानकारी मिल सके. उन्होंने यह भी साफ किया कि ऐसे हर हमले का जवाब सैन्य और कूटनीतिक, दोनों तरीकों से दिया जाएगा. ऊर्जा मंत्रालय का आरोप यूक्रेन के ऊर्जा मंत्री डेनिस श्मिहाल ने रॉयटर्स से कहा कि ड्निप्रो के पास हुआ हमला सीधे ऊर्जा सेक्टर में काम करने वाले लोगों को निशाना बनाकर किया गया. उन्होंने बताया कि हमला टर्निवस्का माइन के पास हुआ. शांति वार्ता का ऐलान पहले ही हो चुका था हमले से कुछ घंटे पहले ही जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा था कि यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच अगली त्रिपक्षीय बैठकें 4 और 5 फरवरी को अबू धाबी (UAE) में होंगी. उन्होंने कहा कि यूक्रेन गंभीर बातचीत के लिए तैयार है और चाहता है कि इसका नतीजा सम्मानजनक तरीके से युद्ध खत्म करने की दिशा में जाए. रूस ने शुक्रवार को कहा था कि उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील पर एक हफ्ते तक कीव पर हमले रोकने पर सहमति जताई है. यह रोक 1 फरवरी तक के लिए बताई गई थी. ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने यह अपील यूक्रेन में पड़ रही कड़ाके की ठंड को देखते हुए की. वहीं, क्रेमलिन ने इसे शांति बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश बताया. हालांकि, यह साफ नहीं किया गया कि यह अपील कब की गई थी. अमेरिका की कोशिशें जारी एपी के मुताबिक, शनिवार को रूस के शीर्ष दूत किरिल दिमित्रिएव ने फ्लोरिडा में अमेरिकी शांति प्रतिनिधियों से मुलाकात की. अबू धाबी में होने वाली बातचीत को ट्रंप प्रशासन की एक साल से चल रही कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका मकसद करीब चार साल से चल रहे इस युद्ध को खत्म करना है. हालांकि, रूस और यूक्रेन अब भी कई बड़े मुद्दों पर आमने-सामने हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि रूस यूक्रेन के जिन इलाकों पर काबिज है, खासकर डोनबास क्षेत्र, वहां से वह हटेगा या नहीं. ये भी पढ़ें: इजरायल ने मार गिराया हिज्बुल्लाह का इंजीनियर मास्टरमाइंड, चलती कार को धमाके से उड़ाया, Video ये भी पढ़ें:- बांग्लादेश चुनाव में कड़ी नजर रखेगा हिंदुस्तान, मोहम्मद यूनुस ने भेजा निमंत्रण, ऑब्जर्वर भेजेगी हिंदुस्तानीय प्रशासन The post शांति वार्ता के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद दहला यूक्रेन, रूसी ड्रोन हमले में 15 बेगुनाहों की मौत appeared first on Naya Vichar.

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Bhagwan Shiv Jyotirlinga: 12 ज्योतिर्लिंग कौन-कौन से हैं? जानें नाम, स्थान और पौराणिक महत्व

12 Jyotirlinga:  देवों के देव महादेव को शिव, शंकर, भोलेनाथ, नीलकंठ और महेश्वर समेत कई अन्य नामों से जाना जाता है। भगवान शिव को सृजन, पालन और संहार के चक्र का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि भगवान शंकर की आराधना से रोग, कष्ट, दरिद्रता और अकाल मृत्यु का भय दूर होता है तथा जीवन में सुख-शांति आती है।धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव इस ब्रह्मांड के कण-कण में विराजमान हैं, लेकिन पृथ्वी पर 12 ऐसे स्थान हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि भोलेनाथ स्वयं इन स्थानों पर ज्योति के रूप में प्रकट हुए थे। इन्हें ‘द्वादश ज्योतिर्लिंग’ कहा जाता है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धापूर्वक इन ज्योतिर्लिंगों के नाम का स्मरण या दर्शन करता है, उसे अपार पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है। 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम और स्थान क्रम ज्योतिर्लिंग स्थान (शहर और राज्य) 1 सोमनाथ गुजरात 2 मल्लिकार्जुन श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश 3 महाकालेश्वर उज्जैन, मध्य प्रदेश 4 ओंकारेश्वर खंडवा (नर्मदा नदी), मध्य प्रदेश 5 केदारनाथ रुद्रप्रयाग (हिमालय), उत्तराखंड 6 भीमाशंकर पुणे (डाकिनी), महाराष्ट्र 7 काशी विश्वनाथ वाराणसी, उत्तर प्रदेश 8 त्रयंबकेश्वर नासिक, महाराष्ट्र 9 वैद्यनाथ देवघर, झारखंड 10 नागेश्वर द्वारका (दारुकावन), गुजरात 11 रामेश्वरम रामेश्वरम द्वीप, तमिलनाडु 12 घृष्णेश्वर एलोरा (औरंगाबाद), महाराष्ट्र पौराणिक महत्व सोमनाथ ज्योतिर्लिंग सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दक्ष प्रजापति की 27 पुत्रियाँ थीं, जिनका विवाह चंद्रदेव से हुआ था. चंद्रदेव अपनी सभी पत्नियों में से रोहिणी को सबसे अधिक प्रेम करते थे और अन्य पत्नियों की उपेक्षा करते थे. इससे नाराज़ होकर दक्ष प्रजापति ने उन्हें श्राप दे दिया.बाद में श्राप से मुक्ति के लिए चंद्रमा ने प्रभास क्षेत्र (सोमनाथ) में भगवान शिव की तपस्या की. शिवजी प्रकट हुए और चंद्रमा को श्राप से मुक्त कर अपने मस्तक पर धारण कर लिया. चूँकि चंद्रमा का एक नाम ‘सोम’ भी है, इसलिए भगवान शिव यहाँ ‘सोमनाथ’, अर्थात सोम के स्वामी, के नाम से प्रसिद्ध हुए. मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग ‘मल्लिका’ का अर्थ पार्वती और ‘अर्जुन’ का अर्थ शिव है. एक बार भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय नाराज़ होकर श्रीशैल पर्वत चले गए. माता पार्वती और शिवजी उन्हें मनाने वहाँ पहुँचे. जब कार्तिकेय ने उन्हें आते देखा, तो वे और दूर चले गए. अपने पुत्र के प्रेम में शिव-पार्वती वहीं ज्योतिर्लिंग के रूप में स्थापित हो गए. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग यह एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है. यहाँ की भस्म आरती विश्व-प्रसिद्ध है. प्राचीन काल में अवंतिका (उज्जैन) में ‘दूषण’ नामक राक्षस भक्तों को सताता था. तब भगवान शिव भक्तों की रक्षा के लिए महाकाल के रूप में प्रकट हुए. उन्होंने अपनी हुंकार से राक्षस का वध किया. भक्तों के अनुरोध पर शिवजी लोक कल्याण के लिए वहीं ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हो गए. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के एक पवित्र द्वीप पर स्थित है. मान्यता है कि नर्मदा नदी के “ॐ” आकार में बहने के कारण यह स्थान ओंकारेश्वर कहलाया. पौराणिक कथा के अनुसार, विंध्य पर्वत ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की. तपस्या से प्रसन्न होकर शिव प्रकट हुए और विंध्य पर्वत को वरदान दिया. उसी स्थान पर शिव ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में स्थापित हुए. यह स्थान भक्ति और शक्ति का प्रतीक माना जाता है. केदारनाथ पांडवों ने कुरुक्षेत्र युद्ध के पापों से मुक्ति के लिए यहाँ भगवान शिव की तपस्या की थी. शिव ने बैल का रूप धारण किया और भूमि में समा गए. भीम ने उनका पीछे का कूबड़ भाग पकड़ लिया. उसी स्थान पर शिव केदारनाथ के रूप में प्रकट हुए. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग कथा के अनुसार, प्राचीन समय में ‘भीम’ नाम का एक राक्षस था. उसके अत्याचारों से देवता और मनुष्य सभी परेशान थे. तब भगवान शिव ने भीम का वध किया. भक्तों ने उनसे यहाँ वास करने की प्रार्थना की. भगवान शिव ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की और ज्योतिर्लिंग के रूप में यहाँ स्थापित हो गए. काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग यह भगवान शिव की सबसे प्रिय नगरी है. मान्यता है कि यह स्थान शिव के त्रिशूल पर स्थित है और प्रलय काल में भी नष्ट नहीं होता. कहा जाता है कि यहाँ मृत्यु प्राप्त करने वाला व्यक्ति मोक्ष को प्राप्त करता है. शिव स्वयं यहाँ विश्वनाथ के रूप में निवास करते हैं. यह स्थान सृष्टि के प्रारंभ से ही अविनाशी माना गया है. त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग गौतम ऋषि और गंगा (गोदावरी) के विशेष आग्रह पर भगवान शिव यहाँ विराजमान हुए. यहाँ एक ही लिंग में ब्रह्मा, विष्णु और महेश—तीनों के प्रतीक विद्यमान हैं. वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग रावण भगवान शिव को लंका ले जाना चाहता था. शिव ने शर्त रखी कि लिंग को मार्ग में कहीं भी न रखा जाए. देवताओं की लीला से रावण यहाँ लिंग रख देता है, जो यहीं स्थापित हो जाता है. भगवान शिव यहाँ वैद्यनाथ के नाम से प्रसिद्ध हुए. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग पौराणिक कथा के अनुसार, दारुक नामक राक्षस भक्तों को सताता था. शिव भक्त सुप्रिय की रक्षा के लिए भगवान शिव यहाँ नागेश्वर रूप में प्रकट हुए और दारुक का वध किया. यह ज्योतिर्लिंग भक्तों को भय और विष से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है. रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग लंका विजय से पहले भगवान राम ने शिव पूजा के लिए यहाँ शिवलिंग की स्थापना की. माता सीता ने बालू से शिवलिंग बनाया. रावण वध के पाप से मुक्ति के लिए शिव ने राम को आशीर्वाद दिया. तभी से यह ज्योतिर्लिंग रामेश्वर कहलाया. घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग यह कथा भक्त घृष्णा से जुड़ी है, जो प्रतिदिन शिवलिंग पर जल अर्पित करती थीं. ईर्ष्यावश उनकी बहनों ने उनके पुत्र की हत्या कर दी. घृष्णा की अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनके पुत्र को जीवित किया और यहाँ ज्योतिर्लिंग रूप में स्थापित हुए. यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी समाचारें: Shiva Philosophy: शव से शिव बनने का आध्यात्मिक सफर, जानें महादेव की पौराणिक कथा The post Bhagwan Shiv Jyotirlinga: 12 ज्योतिर्लिंग कौन-कौन से हैं? जानें नाम, स्थान और पौराणिक महत्व appeared first on Naya Vichar.

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Kolkata Crime: सोना पप्पू के गैंग का कोलकाता में आतंक, कांकुलिया रोड पर फिर हिंसा, देसी बम फेंके गए

Kolkata Crime: कोलकाता में रविवार शाम गोलपार्क के पास कांकुलिया रोड पर फिर हिंसा हुई. बदमाशों ने फायरिंग की और देसी बम फेंके. कोलकाता पुलिस ने बताया कि 1 फरवरी की शाम कोलकाता में फिर से हिंसा हुई. बदमाशों ने गोलपार्क के पास हंगामा किया और कथित तौर पर कंकुलिया रोड पर फायरिंग की. देसी बम फेंके. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यह हमला कुख्यात अपराधी सोना पप्पू के गैंग ने किया था. इस मामले में कोलकाता पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. Kolkata witnessed fresh violence last evening as miscreants went on a rampage near Golpark, allegedly opening fire and hurling crude bombs on Kankulia Road. Locals alleged that the attack was carried out by a gang led by notorious criminal Sona Pappu. In this case, 10 people… — ANI (@ANI) February 2, 2026 The post Kolkata Crime: सोना पप्पू के गैंग का कोलकाता में आतंक, कांकुलिया रोड पर फिर हिंसा, देसी बम फेंके गए appeared first on Naya Vichar.

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Imli Pudina Chutney: घर पर तैयार करें तारीफ बटोरने वाली इमली पुदीना की चटनी, हर कोई पूछेगा रेसिपी 

Imli Pudina Chutney: पुदीना की चटनी हो या धनिया की हर डिश के साथ इसे परोसा जाए तो खाने का मजा और भी बढ़ जाता है. स्नैक्स के साथ खाना हो या लंच या डिनर में रोटी और चावल के साथ आज हम आपके लिए इमली पुदीना की मेजदार चटनी बनाने की रेसिपी बताएंगे. इसे आप आसानी से तैयार कर सकते हैं और घरवालों को खाने के साथ सर्व करके अपनी तारीफें बटोर सकते हैं. तो आइए जानते हैं इस आर्टिकल के जरिए खाने का मजा दोगुना करने के लिए इमली पुदीना की टेस्टी चटनी बनाने की विधि. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि एक बार बनाने के बाद हर कोई आपसे इसे बनाने की रेसिपी पूछेगा.  इमली पुदीना की चटनी बनाने के लिए क्या सामग्री चाहिए? इमली – आधा कप  ताजा पुदीना – 1 कप  हरी मिर्च – 1-2  भुना जीरा – 1 छोटी चम्मच  काला नमक – आधा चम्मच  नमक – स्वादानुसार  पानी – जरूरत अनुसार  यह भी पढ़ें: Lahsun Patte Ki Chutney: घर पर बनाएं लहसुन पत्ते की तीखी और स्वादिष्ट चटनी इमली पुदीना की चटनी बनाने की विधि क्या है? चटनी बनाने के लिए आप सबसे पहले आधा कप इमली को 20 मिनट के लिए गुनगुने पानी में भिगो दें. इमली नरम होने के बाद उसके गूदा निकाल लें और बीज अलग कर दें.  इसके बाद आप पुदीना को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें और हरी भी धोकर छोटे-छोटे टुकड़ों में कर लें.  अब आप मिक्सर जार में पुदीना, भुना जीरा और हरी मिर्च डालें. इसके बाद इमली का गूदा डालें. फिर आप इसमें नमक और काला नमक स्वादानुसार के साथ जरूरत अनुसार पानी डालकर सभी सामग्री को अच्छे से पीस लें.  अब तैयार हुए चटनी को कटोरी में निकालकर शाम के स्नैक्स जैसे पकौड़े, समोसा और भी डिश के साथ सर्व करके खाए. यह भी पढ़ें: Imli Pyaz Ki Chutney: खाने के साथ चाहिए कुछ अलग, ट्राई करें चटपटी इमली प्याज की चटनी यह भी पढ़ें: Moringa Chutney Recipe: टमाटर-धनिया नहीं, अब रोटी और चावल के साथ बनाएं मोरिंगा की चटनी The post Imli Pudina Chutney: घर पर तैयार करें तारीफ बटोरने वाली इमली पुदीना की चटनी, हर कोई पूछेगा रेसिपी  appeared first on Naya Vichar.

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3 Life Lessons from Mahabharat by Jaya Kishori: महाभारत से सीखें जीवन बदलने वाले 3 बड़े सबक

3 Life Lessons from Mahabharat by Jaya Kishori: महाहिंदुस्तान केवल एक युद्ध कथा नहीं, बल्कि Life Managemnet, Relationship Guide, Decision Making, Character Building का महान ग्रंथ है. जया किशोरी जी अपने प्रवचनों में महाहिंदुस्तान के प्रसंगों के जरिए से जीवन के गहरे सत्य समझाती हैं. इसमें संगति का प्रभाव, कठिनाइयों का सामना करना और भावनाओं पर नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण जीवन सूत्र मिलते हैं. आइए जानें महाहिंदुस्तान से जुड़े 3 ऐसे जीवन सबक, जो आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं. Jaya Kishori Quotes Inspired by Mahabharata: महाहिंदुस्तान के ये 3 जीवन सूत्र बदल सकते हैं आपकी सोच और निर्णय क्षमता Jaya kishori quotes inspired by mahabharata: महाहिंदुस्तान के ये 3 जीवन सूत्र बदल सकते हैं आपकी सोच और निर्णय क्षमता 1. संगति का प्रभाव (Sangati Matters) महाहिंदुस्तान में कौरवों की संगति शकुनि जैसे कपटी मामा के साथ रही, जिसने उनके मन में छल और द्वेष भरा. वहीं पांडवों को श्रीकृष्ण जैसे मार्गदर्शक मिले, जिन्होंने उन्हें धर्म और सत्य का रास्ता दिखाया.जैसी संगति, वैसी सोच और वैसा भविष्य. सकारात्मक लोगों के साथ रहने से निर्णय बेहतर होते हैं और जीवन सही दिशा में बढ़ता है. 2. कठिनाइयों का डटकर सामना (Resilience) पांडवों को 13 वर्ष का वनवास मिला. उन्होंने हार नहीं मानी, बल्कि उस समय को धैर्य, साधना और तैयारी में लगाया. अंततः वही संघर्ष उनकी जीत का आधार बना.जीवन में कठिन समय स्थायी नहीं होता. धैर्य और साहस से सामना करने पर कठिनाइयाँ हमें मजबूत बनाती हैं. 3. जरूरत से ज्यादा भावुकता नुकसान देती है (Excessive Parental Love) धृतराष्ट्र ने पुत्र मोह में दुर्योधन की गलतियों को कभी नहीं रोका. अंधा प्रेम और अनुशासन की कमी ने पूरे वंश का विनाश कर दिया. बच्चों या अपनों से प्रेम जरूरी है, लेकिन गलत पर रोक लगाना उससे भी ज्यादा जरूरी है. अत्यधिक भावुकता निर्णय शक्ति को कमजोर कर देती है. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti For Students: किस्मत नहीं, मजबूत इच्छाशक्ति लिखती है सफलता की कहानी – चाणक्य की छात्रों को चेतावनी The post 3 Life Lessons from Mahabharat by Jaya Kishori: महाहिंदुस्तान से सीखें जीवन बदलने वाले 3 बड़े सबक appeared first on Naya Vichar.

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