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June 4, 2026

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कर्नाटक: एक्शन में सीएम डीके शिवकुमार! 15 दिन में मांगी कार्ययोजना, जिलों-तालुकों का दौरा करेंगे अधिकारी

CM DK Shivakumar Action Plan: सीएम पद की शपथ लेने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पूरे एक्शन में हैं. उन्होंने गुरुवार (4 जून) को राज्य प्रशासन के लिए एक रोडमैप पेश किया. साथ ही अधिकारियों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और प्रशासन की प्राथमिकताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है. सीएम शिवकुमार ने शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जमीनी स्तर पर जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है. बेंगलुरु में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्रशासन धर्म, जाति या किसी अन्य आधार पर पक्षपात में विश्वास नहीं करती. उन्होंने अधिकारियों से जनता की समस्याओं के समाधान में निष्पक्ष और पारदर्शी रवैया अपनाने की अपील की. 15 दिन में तैयार होगी विभागीय कार्य योजना मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सभी विभागों को अगले 15 दिनों के भीतर विस्तृत कार्य योजना तैयार करने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया है. साथ ही सचिवों को नियमित रूप से जिलों और तालुकों का दौरा कर प्रशासनी योजनाओं और सार्वजनिक मुद्दों की प्रगति की समीक्षा करने को कहा गया. मतदाता अधिकारों की सुरक्षा पर जोर सीएम शिवकुमार ने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को मतदाता पंजीकरण और जनगणना संबंधी प्रक्रियाओं के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरी दस्तावेजों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. #WATCH | Bengaluru | After holding his first official meeting, Karnataka CM DK Shivakumar says, “A Secretary will be appointed to look into public grievances, and a minister will be given the responsibility. I have also asked officials to work on creating an NRI Secretariat. To… pic.twitter.com/PYvvG8c7b9 — ANI (@ANI) June 4, 2026 शिकायत निवारण के लिए बनेगा अलग तंत्र मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि विरोध प्रदर्शनों और जन शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन में एक अलग तंत्र विकसित किया जाएगा. यह व्यवस्था शिकायतों की कानूनी वैधता का आकलन करने और उनके त्वरित निपटारे में मदद करेगी. वहीं वित्तीय प्रबंधन पर बोलते हुए सीएम शिवकुमार ने कहा कि करीब 8,000 से 8,500 करोड़ रुपये के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड का सही हिसाब-किताब रखा जाना चाहिए और उसका प्रभावी उपयोग भी तय किया जाना चाहिए. जल्द जारी किए जाएंगे CSR नीति के नए दिशा-निर्देश- सीएम शिवकुमार सीएम शिवकुमार ने कहा कि राज्य प्रशासन की प्राथमिकता प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करना है. नए स्कूल भवनों के निर्माण और शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के जरिए शिक्षा के लिए बेंगलुरु की ओर होने वाले पलायन को रोकने का प्रयास किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि CSR नीति के नए दिशानिर्देश जल्द जारी किए जाएंगे, जिन्हें मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है. मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को साफ तौर पर कहा कि वे किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव में आकर फैसला कर करें. कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर फोकस कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि हप तालुका में विशेष पुलिस दस्ते तैनात करने की जरूरत है. इससे आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकता है और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा सकती है. कर्नाटक भवन के कामकाज पर जताई नाराजगी दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन के कामकाज पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीएम शिवकुमार ने कहा कि वह खुद इसकी समीक्षा करेंगे. उन्होंने बताया कि जल्द ही दिल्ली जाकर केंद्र प्रशासन के अधिकारियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और राज्य के विकास में उनके योगदान की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे. गारंटी योजनाओं में बदलाव नहीं इस दौरान सीएम शिवकुमार ने यह भी साफ दिया कि राज्य प्रशासन की गारंटी योजनाओं में कोई बदलाव नहीं किया किया जाएगा. हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि रियायती बिजली कनेक्शनों का कुछ मामलों में व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, जिसे रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. Also Read: कर्नाटक: मुख्यमंत्री शिवकुमार के सामने ये हैं चुनौतियां, कहीं बढ़ न जाए टेंशन The post कर्नाटक: एक्शन में सीएम डीके शिवकुमार! 15 दिन में मांगी कार्ययोजना, जिलों-तालुकों का दौरा करेंगे अधिकारी appeared first on Naya Vichar.

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‘सड़क-पुल निर्माण में गड़बड़ी हुई तो खैर नहीं…’, CM सम्राट ने हाई-लेवल मीटिंग कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Samrat Choudhary: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में राज्यभर में चल रही सड़क और पुल परियोजनाओं की प्रगति, मेंटेनेंस और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. जनता को बेहतर सड़क संपर्क देना प्रशासन की प्राथमिकता बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता को सुरक्षित, सुगम और गुणवत्तापूर्ण सड़क संपर्क उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क और पुल निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और अनुरक्षण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो. समय पर पूरी हों परियोजनाएं, वित्तीय प्रबंधन हो मजबूत मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वित्तीय बाधाओं के कारण किसी भी परियोजना की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए. राज्य के सभी पुलों का होगा सुरक्षा ऑडिट बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी पुलों के नियमित निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की टीम से समय-समय पर पुलों की जांच कराई जाए ताकि किसी भी संभावित खतरे की पहचान समय रहते हो सके. साथ ही सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया. गंगा पथ परियोजना की प्रगति की भी हुई समीक्षा मुख्यमंत्री ने मुंगेर (सफियाबाद)-बरियारपुर-घोरघट-सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर फोरलेन गंगा पथ परियोजना की भी समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मोड के तहत तेज गति से आगे बढ़ाया जाए. उन्होंने कहा कि परियोजना के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन से पूर्वी बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद समीक्षा बैठक में पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. चन्द्रशेखर सिंह तथा बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. Also Read: खान सर के दो लोगों को पुलिस ने उठाया, फायरिंग वाले वीडियो ने पलटा पूरा मामला? जांच में आया नया मोड़ The post ‘सड़क-पुल निर्माण में गड़बड़ी हुई तो खैर नहीं…’, CM सम्राट ने हाई-लेवल मीटिंग कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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पंत की उपकप्तानी छिनने पर टूटी चुप्पी, कोच ने कहा-उनका पूरा ध्यान बेहतर प्रदर्शन पर

Rishabh Pant : अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले हिंदुस्तानीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने ऋषभ पंत की टेस्ट उपकप्तानी छिनने को लेकर पहली बार प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पंत को इस फैसले से कोई परेशानी नहीं है और उनका पूरा ध्यान टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने पर है. हाल ही में घोषित हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम में केएल राहुल को नया उपकप्तान बनाया गया है. इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट में चोटिल शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में पंत ने टीम की कप्तानी संभाली थी. हालांकि उस मुकाबले में हिंदुस्तान को 408 रन की रिकॉर्ड हार का सामना करना पड़ा था और टीम सीरीज में क्लीन स्वीप से नहीं बच सकी थी. परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी की जरूरत टेन डोशेट ने माना कि हाल के महीनों में पंत के शॉट चयन को लेकर सवाल उठे हैं, लेकिन टीम प्रबंधन उनकी स्वाभाविक आक्रामक बल्लेबाजी शैली में बदलाव नहीं चाहता. उन्होंने कहा कि पंत जैसे मैच विनर खिलाड़ी को केवल मैच और परिस्थितियों की मांग के अनुसार अपने स्पोर्ट्स में संतुलन लाने की जरूरत है. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में पंत सिर्फ 49 रन बना सके थे, लेकिन इसके बावजूद उनके हालिया आंकड़े प्रभावशाली रहे हैं. वर्ष 2025 में उन्होंने 13 पारियों में 629 रन बनाए हैं. पिछले साल उनका औसत 48.38 रहा था, जिसमें दो शतक और चार अर्धशतक शामिल थे. एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के लीड्स टेस्ट में उन्होंने दोनों पारियों में शतक जड़कर अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया था. सिराज फिट, एक खिलाड़ी करेगा डेब्यू हिंदुस्तानीय टीम के लिए राहत की समाचार यह है कि तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज पूरी तरह फिट हैं और चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे. वहीं टेन डोशेट ने यह भी पुष्टि की कि स्पिनर मानव सुथार और हर्ष दुबे में से कोई एक खिलाड़ी अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करेगा. युवा खिलाड़ी के डेब्यू से टीम को नई ऊर्जा और अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है. इनपुट : मृणाल कुमार पांडेय The post पंत की उपकप्तानी छिनने पर टूटी चुप्पी, कोच ने कहा-उनका पूरा ध्यान बेहतर प्रदर्शन पर appeared first on Naya Vichar.

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रांची के धुर्वा से दो जुड़वा भाई करण-अर्जुन चार दिन से लापता, जांच में जुटी पुलिस

रांची से प्रणव की रिपोर्ट Missing Child: झारखंड की राजधानी रांची में बच्चों के लापता होने की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं. ताजा मामला धुर्वा थाना क्षेत्र का है, जहां शालीमार बाजार इलाके से दो जुड़वां भाई पिछले चार दिनों से लापता हैं. परिवार ने बच्चों की काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका. इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई है. 1 जून की दोपहर से गायब हैं करण और अर्जुन जानकारी के अनुसार, लापता बच्चों के नाम करण शर्मा और अर्जुन शर्मा हैं. दोनों की उम्र 12 वर्ष है और वे जुड़वां भाई हैं. उनके पिता का नाम विकास शर्मा बताया गया है. परिजनों के अनुसार, दोनों शिशु 1 जून 2026 की दोपहर करीब दो बजे घर से निकले थे, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल रहा है. बच्चों के अचानक गायब होने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. चार दिन बीत जाने के बाद भी दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजन परेशान हैं. मां ने धुर्वा थाने में दर्ज कराई सनहा लापता बच्चों की मां डोली देवी ने धुर्वा थाने में सनहा दर्ज कराते हुए पुलिस से बच्चों की तलाश करने की गुहार लगाई है. उन्होंने शिकायत में बताया कि पहले भी दोनों शिशु कभी-कभी घर से बाहर चले जाते थे, लेकिन एक-दो दिन के भीतर वापस लौट आते थे. इस बार स्थिति अलग है, क्योंकि दोनों शिशु चार दिनों से घर नहीं लौटे हैं और परिवार का उनसे कोई संपर्क भी नहीं हो पा रहा है. परिजनों ने हर जगह की तलाश डोली देवी ने पुलिस को बताया कि बच्चों की खोज के लिए रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की गई. परिवार ने अपने स्तर पर हर संभव प्रयास किया, लेकिन दोनों बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी. परिजनों का कहना है कि बच्चों के सुरक्षित घर लौटने तक उनकी चिंता कम नहीं होगी. परिवार लगातार उनके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा है. इसे भी पढ़ें: गुमला से लापता बच्ची के मामले में हाइकोर्ट सख्त, सात साल से नहीं मिला है कोई सुराग पुलिस ने शुरू की खोजबीन मामले की जानकारी मिलने के बाद धुर्वा थाना पुलिस ने सनहा दर्ज कर बच्चों की तलाश शुरू कर दी है. पुलिस आसपास के क्षेत्रों में जांच कर रही है और संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को दोनों बच्चों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत धुर्वा थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें, ताकि बच्चों को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जा सके. इसे भी पढ़ें: किशोर लापता, नानी ने थाना में लगायी गुहार The post रांची के धुर्वा से दो जुड़वा भाई करण-अर्जुन चार दिन से लापता, जांच में जुटी पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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मालवीय नगर हादसा : होटल के मालिक को 4 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया, मृतकों को मिलेगा 10-10 लाख मुआवजा

Malviya Nagar Fire : दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार को लगी आग के बाद होटल के मालिक लवकेश बजाज को बृहस्पतिवार को साकेत कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने आरोपी लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. आग की घटना में कुल 21 लोगों की मौत हुई है. Malviya Nagar Fire tragedy | Saket court sends the accused and owner of the Malviya Nagar hotel, Flourish Stays, Lovkesh Bajaj, to four days police custody — ANI (@ANI) June 4, 2026 दिल्ली प्रशासन ने 10-10 लाख मुआवजे की घोषणा की दिल्ली प्रशासन मरने वालों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. इससे पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मैक्स अस्पताल पहुंची थीं और घायलों से मुलाकात की थी. मैक्स अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार मैक्स हॉस्पिटल, साकेत कॉम्प्लेक्स में अभी कुल 15 मरीज भर्ती हैं. इनमें से 13 विदेशी मरीज हैं. इन मरीजों में से 6 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. वेंटिलेटर पर रखे गए सभी मरीजों में सुधार के संकेत दिख रहे हैं और उनकी हालत स्थिर है. अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार कोई भी मरीज बहुत गंभीर स्थिति में नहीं है. हालांकि, अलग-अलग मरीजों में चोटों का प्रकार और गंभीरता अलग-अलग होती है, खासकर उस मरीज के मामले में जिसकी कल स्पाइन सर्जरी हुई थी. अस्पताल की ओर से यह बताया गया है कि सभी मरीजों की रेगुलर मॉनिटरिंग की जा रही है. विदेशी नागरिकों की लिस्ट विदेश मंत्रालय को सौंपी गई मालवीय नगर हादसे में मारे गए 21 नागरिकों में से 11 विदेशी नागरिक हैं, जिनकी सूची विदेश मंत्रालय को सौंप दी गई है.दिल्ली पुलिस ने विदेश मंत्रालय को मारे गए नागरिकों की सूची सौंपने के बाद कहा कि आगे की कार्रवाई मंत्रालय करेगा. नागरिकों की पहचान और डीएनए प्रोफाइलिंग से जुड़ी दूसरी फॉर्मैलिटीज के लिए संबंधित दूतावास दिल्ली पुलिस के संपर्क में हैं. होटल में रहने वाले एक विदेशी नागरिक ने बताया कि मैं वेस्ट अफ्रीका के गिनी से हूं. मैं पिछले दो महीनों से फ्लॉरिश स्टेज में रह रहा था. मैं और मेरे पिता यहां पैंक्रियाटिक कैंसर का इलाज कराने आए हैं. उन्हें शनिवार को मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. जब होटल में आग लगी तो हम यहां नहीं थे. इस होटल में मेरे बहुत से दोस्तों की मौत हो गई. मेरा एक नाइजीरियाई दोस्त अपनी मां का इलाज कराने यहां आया था. दोनों की मौत हो गई. दो लोग कांगो से थे. ये भी पढ़ें : नीट पेपर लीक : राहुल गांधी ने मोदी प्रशासन पर फिर बोला हमला- आपने 12 सालों में शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया The post मालवीय नगर हादसा : होटल के मालिक को 4 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया, मृतकों को मिलेगा 10-10 लाख मुआवजा appeared first on Naya Vichar.

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Garhwa: 7.5 लाख की फिरौती के लिए पाइप फिटर का अपहरण, पुलिस ने 5 घंटे में ही कराया मुक्त

श्री बंशीधर नगर से गौरव पांडेय की रिपोर्टGarhwa (श्री बंशीधर नगर): गढ़वा पुलिस फिरौती के एक मामले का खुलासा 5 घंटे के अंदर ही कर लिया. पुलिस ने मझिआंव क्षेत्र से अपहृत एलएंडटी कंपनी के पाइप फिटर मुरारी तिवारी (32 वर्ष) को अपहरण के महज 5 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है. पुलिस के बढ़ते चौतरफा दबाव के कारण अपराधी अपहृत व्यक्ति को छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है. घटना बुधवार (3 जून) की दोपहर करीब 2:30 बजे की है. मुरारी तिवारी (पिता: राम नरेश तिवारी) सगमा के पास सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के समीप काम कर रहे थे. इसी दौरान एक सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी में सवार होकर चालक समेत 6 अज्ञात अपराधी वहां पहुंचे और बंदूक की नोंक पर उनका अपहरण कर लिया. साढ़े सात लाख की फिरौती और स्कैनर से वसूले पैसे अपहरण करने के बाद अपराधियों ने मुरारी तिवारी की रिहाई के एवज में उनके परिजनों से 7.5 लाख रुपये की भारी-भरकम फिरौती मांगी. इतना ही नहीं, अपराधियों ने डरा-धमकाकर परिजनों से ऑनलाइन स्कैनर के माध्यम से तुरंत 30,000 भी ट्रांसफर करवा लिए. गढ़वा पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर को जैसे ही इस अपहरण की सूचना मिली, उन्होंने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर, सत्येन्द्र नारायण सिंह के नेतृत्व में तुरंत एक विशेष टीम का गठन कर कार्रवाई के निर्देश दिया, तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने मझिआंव थाना क्षेत्र के ग्राम-चन्दना में सघन छापेमारी की. 30000 रुपये ऑनलाइन मंगवाए पुलिस ने दो संदिग्धों शेख अंसार और नदीम खान को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की. दोनों ने परिजनों से स्कैनर के जरिए 30,000 लेने की बात कबूल की और घटना में शामिल अपने अन्य सहयोगियों के नामों का भी खुलासा किया. जैसे ही स्पेशल टीम ने चिन्हित ठिकानों पर आरोपियों की धरपकड़ शुरू की, अपराधियों में हड़कंप मच गया. पुलिस के भारी दबाव और लगातार पीछा किए जाने से घबराकर बाकी अपराधी अपहृत मुरारी तिवारी को छोड़कर मौके से फरार हो गए. कई धराओं के तहत मामला दर्ज इस तरह पुलिस ने घटना के मात्र 5 घंटे के भीतर अपह्रत को सही-सलामत बरामद कर लिया. बताया गया कि इस संबंध में धुरकी थाना में कांड संख्या-66/26 के तहत हिंदुस्तानीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं (126(2)/ 115(2)/ 140(1)/ 140(2)/ 352/ 3(5) में मामला दर्ज कर आगे का अनुसंधान शुरू कर दिया गया है. गिरफ्तार अभियुक्तों में शेख अंसार (पिता: शेख तसव्वर) और नदीम खान (उम्र 21 वर्ष, पिता: शमीम खान) शामिल हैं, जो चन्दना, मझिआंव के निवासी हैं. इनके पास से 2 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं. छापेमारी दल में ये थे शामिल इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में एसडीपीओ सत्येन्द्र नारायण सिंह, पुलिस निरीक्षक जितेन्द्र कुमार आजाद (नगर उंटारी अंचल), पुलिस निरीक्षक बृज कुमार (मझिआंव अंचल), भवनाथपुर थाना प्रभारी रजनी रंजन, मझिआंव थाना प्रभारी अमित कुमार, हरिहरपुर ओपी प्रभारी नसीम अंसारी, धुरकी थाना के पदाधिकारी सुभाषकान्त अकेला और शेखर कुमार सिंह समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. ये भी पढ़ें… गढ़वा सदर अस्पताल का ब्लड बैंक बदहाल: गर्मी में बिना एसी-पंखे के रक्तदान करने को मजबूर लोग गढ़वा: दानरो नदी को पॉल्यूशन फ्री रखने के लिए प्रशासन सख्त, उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण The post Garhwa: 7.5 लाख की फिरौती के लिए पाइप फिटर का अपहरण, पुलिस ने 5 घंटे में ही कराया मुक्त appeared first on Naya Vichar.

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अच्छी रैंक पर भी क्यों नहीं मिलता मनपसंद कॉलेज? समझें JoSAA Seat Allotment का पूरा खेल

JoSAA Seat Allotment Process: JEE Advanced का रिजल्ट जारी हो चुका है. साथ ही JoSAA काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है. एडमिशन के समय सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन अगर किसी चीज को लेकर होता है, तो वह है सीट अलॉटमेंट प्रोसेस. अच्छी रैंक होने के बाद भी पसंद का कॉलेज क्यों नहीं मिल पाता है या कम रैंक वाले को कभी-कभी बेहतर सीट कैसे मिल जाती है. अगर आपके मन में भी ऐसे सवाल हैं, तो समझते हैं सीट अलॉटमेंट (JoSAA Seat Allotment Process) का पूरा प्रोसेस.  Seat Allotment क्या है? सीट अलॉटमेंट का मतलब है कि काउंसलिंग के दौरान आपको आपकी रैंक, कैटेगरी, पसंद (Choice Filling) और सीट उपलब्धता के हिसाब से कॉलेज और ब्रांच दी जाती है. यानी सिर्फ अच्छी रैंक होने से काम नहीं चलता, आपने कौन-कौन से कॉलेज और ब्रांच चुने हैं, इसका भी बड़ा रोल होता है.  JoSAA Seat Allotment Process: सीट अलॉटमेंट किन चीजों पर निर्भर करता है? 1. आपकी रैंक सबसे जरूरी  सबसे पहला और बड़ा फैक्टर आपकी रैंक होती है. जिसकी रैंक बेहतर होती है, उसे पहले सीट चुनने का मौका मिलता है. अगर किसी कॉलेज में 50 सीटें हैं और आपकी रैंक ऊपर है तो सीट मिलने का चांस ज्यादा रहेगा. लेकिन अगर रैंक पीछे है, तो हो सकता है सीट पहले ही भर जाए. इसलिए कटऑफ और पिछली साल की रैंक देखना जरूरी होता है.  2. Choice Filling का स्पोर्ट्स बहुत सारे स्टूडेंट्स चॉइस फिलिंग में गलती कर देते हैं. वे सिर्फ बड़े कॉलेज भर देते हैं और बैकअप ऑप्शन नहीं रखते. अगर आपने सिर्फ टॉप IIT या NIT भरे हैं और आपकी रैंक थोड़ी कम है, तो सीट मिलने में दिक्कत हो सकती है.  3. कैटेगरी रिजर्वेशन का असर सीट अलॉटमेंट में कैटेगरी भी अहम रोल निभाती है. जनरल, OBC, EWS, SC, ST और PwD जैसी कैटेगरी के हिसाब से सीटें अलग-अलग रिजर्व रहती हैं. कई बार समान रैंक होने पर अलग कैटेगरी के छात्रों को अलग कॉलेज या ब्रांच मिल सकती है. इसलिए अपनी कैटेगरी के हिसाब से कटऑफ देखना जरूरी है.  4. Seat Availability का पूरा मामला अगर किसी कॉलेज या ब्रांच की सीटें जल्दी भर गईं, तो बाद में आने वाले स्टूडेंट्स को वह ऑप्शन नहीं मिलेगा. उदाहरण के लिए Computer Science जैसी ब्रांच की डिमांड ज्यादा रहती है, इसलिए इसकी सीटें जल्दी भर जाती हैं. वहीं कुछ कम डिमांड वाली ब्रांच में बाद तक सीटें बच सकती हैं.  JoSAA Seat Allotment Process: राउंड-वाइज काउंसलिंग में कैसे बदलती है किस्मत? JoSAA काउंसलिंग कई राउंड्स में आयोजित की जाती है. पहले राउंड में सीट मिलने के बाद कई छात्र फीस नहीं भरते, या आईआईटी छोड़कर एनआईटी चले जाते हैं. इस वजह से अगले राउंड में सीटें खाली हो जाती हैं और नीचे की रैंक वाले छात्रों को अपग्रेडेशन का मौका मिलता है. इसलिए धैर्य रखें और आखिरी राउंड तक काउंसलिंग में बने रहें. JoSAA Seat Allotment Process: Freeze, Float और Slide को समझना जरूरी विकल्प इसका आसान मतलब आपको कब चुनना चाहिए Freeze (फ्रीज) मिली हुई सीट से पूरी तरह संतुष्ट हैं और उसे लॉक करना चाहते हैं. जब आपको आपका मनपसंद कॉलेज और पसंदीदा ब्रांच दोनों मिल चुके हों. Float (फ्लोट) मिली हुई सीट सुरक्षित रहेगी, लेकिन आप अगले राउंड में किसी भी बेहतर कॉलेज या ब्रांच के लिए अपग्रेड चाहते हैं. जब आप कॉलेज और ब्रांच दोनों को अपग्रेड करने के लिए तैयार हों. Slide (स्लाइड) आपको कॉलेज वही रखना है, लेकिन अगले राउंड में अगर उसी कॉलेज में कोई बेहतर ब्रांच मिलती है, तो आप उसे लेना चाहते हैं. जब आपको कॉलेज तो पसंद है, लेकिन आप सिर्फ उसकी बेहतर ब्रांच (जैसे मैकेनिकल से सीएसई) चाहते हैं. यह भी पढ़ें: IIT या NIT? JoSAA काउंसलिंग में सिर्फ ब्रांड नहीं, इन 5 बातों का रखें ध्यान The post अच्छी रैंक पर भी क्यों नहीं मिलता मनपसंद कॉलेज? समझें JoSAA Seat Allotment का पूरा स्पोर्ट्स appeared first on Naya Vichar.

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पलामू: आजादी के दशकों बाद भी विकास को तरस रहा ठेमी गांव, एक भी व्यक्ति ने नहीं की मैट्रिक तक की पढ़ाई

रमेश रंजन की रिपोर्ट Palamu News: पलामू जिला के सतबरवा प्रखंड मुख्यालय से महज दो किलोमीटर दूर रबदा ग्राम पंचायत का ठेमी गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है. इस महादलित (भुइयां परिवार) बस्ती में पसरी घोर गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा ने जनजीवन नारकीय बना दिया है. शासन-प्रशासन की बेरुखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. गांव में रोजगार का कोई साधन नहीं होने के कारण युवा वर्ग अपनी पत्नी और बच्चों के साथ ईंट भट्टों के अलावा दिल्ली, बेंगलुरु और पंजाब जैसे अन्य राज्यों में मजदूरी करने को मजबूर हैं. वहीं, गांव के बुजुर्ग स्त्री और पुरुष पलामू किला के जंगलों से सूखी जलावन की लकड़ी चुनकर और उसे बेचकर दशकों से अपना भरण-पोषण कर रहे हैं. दशकों तक यहां की स्त्रीएं पशुओं के लिए घास बेचती थीं और पुरुष जमींदारों के पास बंधुआ मजदूर थे. आज बंधुआ मजदूरी तो खत्म हो गई, लेकिन माली हालत वैसी ही बनी हुई है.   आठवीं के बाद पढ़ाई पर लग रहा विराम  इस डिजिटल युग में भी गांव का एक भी दलित व्यक्ति आज तक मैट्रिक (10वीं) पास नहीं कर सका है. ग्रामीण बमुश्किल आठवीं तक ही पढ़ पाए हैं. गरीबी के कारण ग्रामीण रोजगार की तलाश में सपरिवार पलायन कर जाते हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा छूट जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि जब पेट भरना ही चुनौती हो, तो पढ़ाई पर कौन ध्यान दे? जर्जर आंगनबाड़ी भवन के बीच गांव में नशाखोरी भी तेजी से बढ़ी है, जिससे कई लोग असमय काल के गाल में समा चुके हैं. रोजगार होता तो नहीं करना पड़ता पलायन: ग्रामीण स्त्रीएं गांव की चांदनी देवी, सीमा देवी, फूलमती देवी और बासो देवी ने बताया कि गांव में सड़क, नाली और रोजगार का घोर अभाव है. अगर गांव में काम मिलता, तो बाल-बच्चों के साथ दूसरे राज्यों (दिल्ली, बेंगलुरु, पंजाब) में ईंट-भट्टों पर मजदूरी के लिए नहीं भटकना पड़ता. स्थिति यह है कि गांव की स्त्रीओं और बुजुर्गों को पलामू किला के जंगलों से सूखी लकड़ियां बेचकर जीवन यापन करना पड़ रहा है.  लकड़ी बेचना जीविका का साधन नल-जल योजना फेल गांव में पानी की समस्या है. ग्रामीणों ने बताया कि घरों में नल तो लगा दिए गए, लेकिन छह साल बीतने के बाद भी एक बूंद पानी नहीं आया. ग्रामीण 70-80 साल पुराने कुएं का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे मौसमी बीमारियां फैलती हैं. आंगनबाड़ी के पास स्थित खराब सोलर जलमीनार को ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर ठीक कराया है. ग्रामीणों ने यहां तत्काल नए चापानल लगाने की मांग की है. आज तक कोई सांसद, विधायक या बड़ा अधिकारी इस बस्ती में नहीं आया संजू भुइयां, सुनील भुइयां और दुलार भुइयां ने बताया कि गांव के अधिकतर बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन और स्त्रीओं को ‘मंइयां सम्मान योजना’ का लाभ नहीं मिल रहा है. मिट्टी के जर्जर मकान होने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति नहीं मिली, जिससे पूरा परिवार एक ही कमरे में रहने को विवश है. आज तक कोई सांसद, विधायक या बड़ा अधिकारी इस बस्ती में नहीं आया. प्रशासन दे विशेष ध्यान: मनोज भुइयां मनरेगा वॉच के प्रखंड कोऑर्डिनेटर मनोज भुइयां ने कहा कि मुख्यालय के पास होने के बावजूद आजीविका और शिक्षा के अभाव में यह दलित बहुल गांव बेहद दयनीय स्थिति में है सांसद से मामले को कराया जाएगा अवगत: सांसद प्रतिनिधि  चतरा सांसद कालीचरण सिंह के प्रतिनिधि अनिल सिंह ने कहा कि गरीबी और पलायन के कारण ठेमी गांव विकास में काफी पिछड़ गया है जिला प्रशासन को यहां विशेष ध्यान देने की जरूरत है. इस गंभीर समस्या से  सांसद को जल्द अवगत कराया जाएगा. ये भी पढ़ें… JTET में भोजपुरी-मगही पर रार: मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने खोला मोर्चा, दिया ये तर्क रांची के बहुबाजार-सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाई ओवर का काम सिर्फ 37%, 14 जून को खत्म हो रही डेडलाइन The post पलामू: आजादी के दशकों बाद भी विकास को तरस रहा ठेमी गांव, एक भी व्यक्ति ने नहीं की मैट्रिक तक की पढ़ाई appeared first on Naya Vichar.

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हिंद महासागर में संयोग या चीन का प्रयोग! कोलंबो पोर्ट पर एक ही दिन पहुंचे भारत-पाकिस्तान के वॉरशिप

India Pakistan Warships Sri Lanka: हिंद महासागर में बढ़ती सामरिक प्रतिस्पर्धा के बीच श्रीलंका एक बार फिर क्षेत्रीय शक्ति संतुलन का केंद्र बनता दिख रहा है. 1 जून को ऐसा दुर्लभ घटनाक्रम देखने को मिला, जब हिंदुस्तान और पाकिस्तान के नौसैनिक जहाज एक ही दिन श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पर पहुंच गए. श्रींलका नौसेना के अनुसार, 1 जून को पाकिस्तान नौसेना के दो युद्धपोत पीएनएस तैमूर, पीएनएस असलात और पनडुब्बी पीएनएस/एम हैंगोर कोलंबो पहुंचे. लगभग उसी समय हिंदुस्तानीय नौसेना का लैंडिंग शिप टैंक आईएनएस ऐरावत भी कोलंबो बंदरगाह पहुंचा.  एक ही समय में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के नौसैनिक जहाजों की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. खासकर तब, जब पाकिस्तान के बेड़े में चीन निर्मित अत्याधुनिक पनडुब्बी भी शामिल हो. ऐसे में यह सिर्फ नौसैनिक दौरा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और समुद्री कूटनीति का बड़ा संकेत माना जा रहा है. हिंदुस्तान का मिशन क्या था? हिंदुस्तानीय नौसेना के अनुसार, आईएनएस ऐरावत का दौरा नियमित ‘ऑपरेशनल टर्नअराउंड’ का हिस्सा था. इसका उद्देश्य ईंधन भरना, रसद लेना और कुछ निर्धारित गतिविधियों को पूरा करना था. श्रीलंका नेवी ने बताया कि हिंदुस्तानीय नौसैनिक श्रीलंका नौसेना के साथ कई पेशेवर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे. इसके साथ ही सभी क्रू मेंबर श्रीलंका के हिस्टोरिक जगहों पर भी घूमने जाएंगे.  ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘महासागर’ नीति का हिस्सा आईएनएस ऐरावत 1 जून से 4 जून तक कोलंबो में रहेगा. इस दौरान जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर आई.पी. पाटिल श्रीलंका नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. हिंदुस्तान इस यात्रा को अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘महासागर’ नीति से जोड़कर देख रहा है. इंडियन नेवी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि यह बंदरगाह आगमन हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी की पुष्टि करता है. Guided by the timeless ethos of “वसुधैव कुटुम्बकम्” and aligned with Government of India’s vision of #MAHASAGAR and #NeighbourhoodFirst, #INSAiravat arrived in #Colombo on 01 Jun 26 for an operational turnaround. The port call reaffirms the strong maritime partnership between… pic.twitter.com/f0XfDeVPOL — SpokespersonNavy (@indiannavy) June 4, 2026 पाकिस्तान का बेड़ा क्यों पहुंचा कोलंबो? दूसरी ओर पाकिस्तान का नौसैनिक समूह भी आधिकारिक तौर पर सद्भावना यात्रा और रसद आपूर्ति के लिए कोलंबो पहुंचा. पाकिस्तानी नौसैनिक समूह में पीएनएस तैमूर, पीएनएस असलात और पनडुब्बी पीएनएस/एम हैंगोर शामिल जहाजों की कमान क्रमशः कैप्टन नेमत सईद खान, कैप्टन नादिर मतीन अफरीदी और कैप्टन उजैर फारूक के हाथों में है. इस बेड़े में शामिल सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित किया नई पनडुब्बी पीएनएस/एम हैंगोर ने. यह पनडुब्बी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह हाल ही में चीन द्वारा पाकिस्तान को उपलब्ध कराई गई हैंगोर-श्रेणी की उन्नत पनडुब्बियों में शामिल है. रिपोर्टों के अनुसार, यह पनडुब्बी बाबर-3 क्रूज मिसाइल दागने में सक्षम है और चीन से पाकिस्तान की ओर अपनी पहली समुद्री यात्रा पर थी. कोलंबो में ठहराव उसके मार्ग का हिस्सा था. चीन में निर्मित नई पीढ़ी की पनडुब्बी को पाकिस्तान की समुद्री शक्ति बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.  पाकिस्तान का आधिकारिक मिशन क्या है? पाकिस्तानी नौसेना के मुताबिक यह यात्रा सद्भावना दौरे और रसद आपूर्ति का हिस्सा है. जहाजों को ईंधन और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अलावा पाकिस्तानी नौसेना के अधिकारी और नाविक श्रीलंका के विभिन्न स्थलों का दौरा करेंगे. श्रीलंका नौसेना के साथ संयुक्त गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी. श्रीलंकाई नौसेना ने बताया है कि पाकिस्तान का यह बेड़ा पश्चिमी समुद्री तट के पास एक ‘पैसेज एक्सरसाइज’ में भी हिस्सा लेगा. इस तरह दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच परिचालन समन्वय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा. असली कहानी चीन से जुड़ी है? इस पूरे घटनाक्रम को केवल हिंदुस्तान-पाकिस्तान प्रतिस्पर्धा के नजरिए से नहीं देखा जा सकता. इसके पीछे चीन की दीर्घकालिक हिंद महासागर रणनीति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. पिछले एक दशक में चीन ने हिंद महासागर क्षेत्र में अपने आर्थिक और सामरिक प्रभाव का तेजी से विस्तार किया है. पाकिस्तान का ग्वादर बंदरगाह, श्रीलंका का हंबनटोटा पोर्ट और क्षेत्र के अन्य रणनीतिक समुद्री ठिकाने इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माने जाते हैं. चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) भी इसी समुद्री दृष्टिकोण से जुड़ा हुआ है, जिससे चीन को अरब सागर तक सीधी पहुंच मिलती है. इसके साथ ही चीन के हैंगोर क्लास सबमरीन पर भी हिंदुस्तान की नजर रहेगी. चीन पाकिस्तान को 8 हैंगोर क्लास पनडुब्बी दे रहा है. इसमें पीएनएस/एम हैंगोर के साथ पीएनएस गाजी भी शामिल है. गाजी उसी नाम वाली पनडुब्बी है, जिसे हिंदुस्तान ने 1971 के युद्ध के दौरान डुबोया था. ये भी पढ़ें:- ‘सीजफायर का मतलब कम गोलीबारी’, ट्रंप की अलबेली परिभाषा; कहा- US सैनिक मरे तो फिर बदल जाएगी स्थिति   श्रीलंका क्यों कर रहा है दोनों देशों की मेजबानी? कोलंबो बंदरगाह दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक पर स्थित है. एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्ते इसके आसपास से गुजरते हैं. यही वजह है कि हिंदुस्तान, चीन और पाकिस्तान तीनों इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी और प्रभाव बनाए रखना चाहते हैं. श्रीलंका लंबे समय से एक संतुलित विदेश नीति अपनाने की कोशिश करता रहा है. एक तरफ हिंदुस्तान उसका सबसे निकटतम पड़ोसी, प्रमुख आर्थिक साझेदार और सुरक्षा सहयोगी है. दूसरी तरफ श्रीलंका चीन और पाकिस्तान के साथ भी अपने संबंध बनाए रखना चाहता है. यही वजह है कि कोलंबो ने हिंदुस्तानीय और पाकिस्तानी दोनों नौसैनिक जहाजों का स्वागत किया है. इससे श्रीलंका यह संदेश देना चाहता है कि वह क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा में किसी एक पक्ष के साथ खुलकर खड़ा होने की बजाय संतुलन बनाए रखना चाहता है. ये भी पढ़ें:- UN इतिहास में पहली बार… सुरक्षा परिषद चुनाव में किर्गिस्तान जीता, जर्मनी हारा; हिंदुस्तान को चेतावनी  हिंदुस्तान के लिए क्या संकेत हैं? हिंदुस्तान के दृष्टिकोण से देखें तो आईएनएस ऐरावत की यात्रा सामान्य नौसैनिक गतिविधि थी, लेकिन उसी समय पाकिस्तान की उन्नत पनडुब्बी का कोलंबो पहुंचना क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को नया आयाम देता है. विशेष रूप से तब, जब पाकिस्तान की समुद्री क्षमताओं के आधुनिकीकरण में चीन की सीधी भूमिका दिखाई दे रही है. हिंद महासागर में चीन अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, ऐसे में बदलते जियो पॉलिटिकल सिनारियो में हिंदुस्तान को और भी सतर्क रहने की जरूरत है. 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खान सर के दो लोगों को पुलिस ने उठाया, फायरिंग वाले वीडियो ने पलटा पूरा मामला? जांच में आया नया मोड़

Khan Sir Coaching Attack: खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के मामले में अब नया मोड़ आ गया है. ज्ञान बिंदु कोचिंग की ओर से एक कथित वीडियो जारी किया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि 2 मई की रात हुए विवाद के दौरान फायरिंग खान सर के गार्ड की ओर से की गई थी. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने भी कार्रवाई तेज कर दी है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस गुरुवार को खान सर के कोचिंग सेंटर पहुंची और वहां से दो लोगों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई. दोनों से मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है. खान सर के कोचिंग सेंटर पहुंची पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी किया गया वीडियो ज्ञान बिंदु कोचिंग टीम के सदस्य आदर्श ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीडियो जारी किया. उन्होंने आरोप लगाया कि फायरिंग की पूरी घटना पूर्व नियोजित थी और इसे साजिश के तहत अंजाम दिया गया. आदर्श ने कहा कि वीडियो में कहीं भी ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद नजर नहीं आ रहे हैं. ऐसे में उनकी भी गिरफ्तारी होनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और खान सर की भूमिका की भी जांच की जाए. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में फायरिंग से जुड़े वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है. इसी क्रम में खान सर के कोचिंग सेंटर से जुड़े दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. हालांकि पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक तौर पर विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है. View this post on Instagram A post shared by Naya Vichar Patna (@prabhat.khabar_patna) 2 मई की रात क्या हुआ था? 2 मई की रात करीब 10 बजे पटना स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर पर हंगामा हुआ था. आरोप है कि कुछ लोग वहां पहुंचे, गार्ड के साथ मारपीट की और कोचिंग परिसर में पत्थरबाजी की. इस दौरान पोस्टर और बैनर भी फाड़े गए थे. घटना के बाद मौके पर पहुंचे खान सर ने शुरुआत में दावा किया था कि 8 से 10 राउंड फायरिंग हुई है. हालांकि बाद में वे अपने ही बयान से पलट गए थे. इसके बाद उनकी ओर से ज्ञान बिंदु कोचिंग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई. CCTV फुटेज में दिखी मारपीट और पत्थरबाजी इस मामले से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था. वीडियो में कुछ लोग कोचिंग के गार्ड के साथ मारपीट करते और परिसर में हंगामा करते दिखाई दिए थे. फुटेज में पत्थरबाजी और पोस्टर फाड़ने की घटनाएं भी कैद होने का दावा किया गया. रौशन आनंद समेत तीन लोग भेजे जा चुके हैं जेल मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों अभिषेक तथा गौरव को गिरफ्तार किया था. बाद में तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया. रौशन आनंद ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल गिरफ्तारी के बाद रौशन आनंद ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. उनका दावा था कि पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि गोली चलने की पुष्टि नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि उनकी संस्था को बदनाम करने और आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की जा रही है. रौशन आनंद ने यह भी कहा था कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अंततः सच सामने आएगा. Also Read: ‘नहीं चलेगी कोचिंग संस्थानों की मनमानी’, कोचिंग सेंटर बवाल पर शिक्षा मंत्री बोले- आएगा नया गाइडलाइन The post खान सर के दो लोगों को पुलिस ने उठाया, फायरिंग वाले वीडियो ने पलटा पूरा मामला? जांच में आया नया मोड़ appeared first on Naya Vichar.

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