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June 4, 2026

समस्तीपुर

अज्ञात वाहन की ट’क्क’र से माँ-बेटे की मौ”त, पति गंभीर रूप से घा’यल

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन (समस्तीपुर)। मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-28 (एनएच-28) पर गुरुवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में माँ-बेटे की मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहे पति गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूसा थाना क्षेत्र के हरपुर मोहम्मद गांव निवासी दीपक पोद्दार अपनी पत्नी उपासना पोद्दार (35) और 15 वर्षीय पुत्र आर्यन पोद्दार के साथ मोटरसाइकिल से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान फतेहपुर गांव स्थित एक नर्सरी के समीप पीछे से आ रहे एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि उपासना पोद्दार और उनके पुत्र आर्यन पोद्दार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, बाइक चला रहे दीपक पोद्दार (38) गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही मुसरीघरारी थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल दीपक पोद्दार को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया है। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस हृदयविदारक घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एनएच-28 पर तेज रफ्तार वाहनों के बढ़ते खतरे और सड़क सुरक्षा उपायों की कमी पर चिंता जताई है। लोगों ने प्रशासन से दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। पुलिस ने जल्द ही फरार वाहन चालक की पहचान कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

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फरीदाबाद: जेवर एक्सप्रेसवे निर्माण स्थल पर पलटी क्रेन, कई मजदूरों के दबे होने की आशंका

हरियाणा के फरीदाबाद में पनहेड़ा खुर्द के पास जेवर एयरपोर्ट फ्लाईओवर निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया. निर्माण कार्य में लगी एक भारी क्रेन अचानक पलट गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक क्रेन के नीचे कई मजदूर दबे हो सकते हैं. हादसे के बाद से राहत और बचाव अभियान जारी है. वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में जुटे हुए हैं और मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है. प्रत्यक्षदर्शी ने बताया आंखों देखा हाल फरीदाबाद हादसे पर एक प्रत्यक्षदर्शी सुनील कुमार ने बताया- तूफान के दौरान एक क्रेन पलट गई. दो लोगों को बचा लिया गया, लेकिन 2 से 3 लोग अभी भी फंसे हुए हैं. यह क्रेन जेवर हवाई अड्डे के फ्लाईओवर के निर्माण कार्य में लगी हुई थी. #WATCH | Faridabad, Haryana: Sunil Kumar, an eyewitness, says, “During the storm, a crane overturned. Two people were rescued, but 2-3 people are still trapped. This crane is working on the construction of the Jewar Airport flyover.” https://t.co/nSyEFHEIfe pic.twitter.com/01wM34TQ1n — ANI (@ANI) June 4, 2026 The post फरीदाबाद: जेवर एक्सप्रेसवे निर्माण स्थल पर पलटी क्रेन, कई मजदूरों के दबे होने की आशंका appeared first on Naya Vichar.

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विराट कोहली के चोटिल होने के बाद किसे मिलेगा मौका? खराब IPL के बावजूद इस खिलाड़ी की हो सकती है चांदी

हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है. स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक आईपीएल 2026 फाइनल के दौरान उन्हें हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट लगी थी. स्कैन में डिस्टल सेमिमेम्ब्रेनोसस टेंडन टियर की पुष्टि होने के बाद उन्हें आराम की सलाह दी गई है. 6 जून को होगा कोहली के रिप्लेसमेंट का ऐलान बीसीसीआई ने अभी तक कोहली के स्थान पर किसी खिलाड़ी की घोषणा नहीं की है. हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार 6 जून को मुंबई में चयन समिति की बैठक होगी, जिसकी अध्यक्षता अजित अगरकर करेंगे. इसी बैठक में आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टी20 टीमों के अलावा एशियन गेम्स 2026 के लिए भी हिंदुस्तानीय टीम चुनी जाएगी. साथ ही अफगानिस्तान वनडे सीरीज के लिए कोहली के रिप्लेसमेंट पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. रुतुराज गायकवाड़ सबसे मजबूत दावेदार कोहली की जगह लेने की दौड़ में  ऋतुराज गाइकवाड़  का नाम सबसे आगे चल रहा है. गायकवाड़ ने पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए एक सतक के साथ शानदार प्रदर्शन किया था . फिलहाल वह श्रीलंका में होने वाली इंडिया-ए ट्राई सीरीज की टीम का हिस्सा हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत राष्ट्रीय टीम में शामिल किया जा सकता है. कोहली की कमी पूरी करना आसान नहीं अफगानिस्तान टेस्ट से पहले मीडिया से बातचीत में हिंदुस्तानीय टीम के सहायक कोच रेयान टेन डोशेट ने कहा कि कोहली का बाहर होना टीम के लिए बड़ा नुकसान है. उन्होंने बताया कि बीसीसीआई जल्द ही कोहली की चोट और उनकी रिकवरी को लेकर आधिकारिक मेडिकल अपडेट जारी करेगा. मृणाल कुमार पांडेय The post विराट कोहली के चोटिल होने के बाद किसे मिलेगा मौका? खराब IPL के बावजूद इस खिलाड़ी की हो सकती है चांदी appeared first on Naya Vichar.

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वेकेशन बेंच में जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय का रिकॉर्ड, छह दिनों में 853 मामलों का किया निपटारा

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट के इतिहास में ग्रीष्मावकाश के दौरान एक नया रिकॉर्ड दर्ज हुआ है. हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय ने वेकेशन बेंच में महज छह दिनों की सुनवाई के दौरान 853 मामलों का निपटारा कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. न्यायिक कार्यों की गति और दक्षता का यह उदाहरण झारखंड हाईकोर्ट में चर्चा का विषय बना हुआ है. हाईकोर्ट की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वेकेशन बेंच में सूचीबद्ध मामलों के निष्पादन के मामले में यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है. माना जा रहा है कि झारखंड हाईकोर्ट में पहली बार किसी एक न्यायाधीश ने ग्रीष्मावकाश के दौरान इतनी बड़ी संख्या में मामलों का निष्पादन किया है. 891 मामलों में से 853 का हुआ निष्पादन ग्रीष्मावकाश के दौरान जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की वेकेशन बेंच में कुल 891 मामले सूचीबद्ध किए गए थे. इनमें से 853 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया. यह कुल सूचीबद्ध मामलों का लगभग 95.73 प्रतिशत है. इतनी बड़ी संख्या में मामलों के निष्पादन को न्यायिक व्यवस्था की प्रभावशीलता और न्यायाधीश की कार्यक्षमता का उदाहरण माना जा रहा है. इससे लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी मदद मिली है. जनहित याचिकाओं से हुई शुरुआत 22 मई को जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय खंडपीठ में शामिल हुए थे. इस दौरान दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की गई. इसके बाद उन्होंने वेकेशन बेंच में विभिन्न प्रकार के अर्जेंट मामलों की सुनवाई शुरू की. गर्मी की छुट्टियों के दौरान आमतौर पर केवल अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई होती है. ऐसे में बड़ी संख्या में लंबित अर्जेंट मामलों का निष्पादन न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जमानत याचिकाओं के निपटारे में सबसे आगे वेकेशन बेंच में सबसे अधिक जमानत याचिकाओं (बीए) का निपटारा किया गया. आंकड़ों के अनुसार कुल 649 नियमित जमानत याचिकाओं पर फैसला सुनाया गया. इसके अलावा 169 अग्रिम जमानत याचिकाओं (एबीए) का भी निपटारा किया गया. इस श्रेणी का स्थान दूसरा रहा. जमानत और अग्रिम जमानत याचिकाओं के त्वरित निष्पादन से बड़ी संख्या में आवेदकों को राहत मिली. विभिन्न तिथियों पर हुई सुनवाई हाईकोर्ट द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 22 मई को दो जनहित याचिकाएं सूचीबद्ध थीं. इसके बाद 26 मई को जमानत, अग्रिम जमानत, रिट और क्वैशिंग से जुड़े 224 मामलों की सुनवाई हुई. 29 मई को सबसे अधिक 331 मामले सूचीबद्ध किए गए, जिनमें जमानत, अग्रिम जमानत, रिट और रिव्यू याचिकाएं शामिल थीं. एक जून को दो आपराधिक रिट याचिकाओं पर सुनवाई हुई. दो जून को 180 मामलों तथा चार जून को 152 मामलों की सुनवाई की गई. इन सभी दिनों में बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा किया गया. इन श्रेणियों के मामलों का हुआ निष्पादन वेकेशन बेंच में जिन मामलों का निपटारा किया गया, उनमें 649 नियमित जमानत याचिकाएं, 169 अग्रिम जमानत याचिकाएं, 15 आपराधिक अपील (एसजे), 10 रिट याचिकाएं और पांच आपराधिक रिट याचिकाएं शामिल हैं. इसके अलावा दो-दो आपराधिक पुनर्विचार याचिकाएं (क्रिमिनल रिव्यू) और सीआरएमपी मामलों का भी निपटारा किया गया. एक सिविल मिसलेनियस पिटीशन (सीएमपी) का भी निष्पादन हुआ. इसे भी पढ़ें: रांची के धुर्वा से दो जुड़वा भाई करण-अर्जुन चार दिन से लापता, जांच में जुटी पुलिस लंबित मामलों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अवकाश के दौरान भी बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इससे लंबित मामलों का दबाव कम होता है और जरूरतमंद पक्षकारों को समय पर राहत मिलती है. जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय द्वारा छह दिनों में 853 मामलों का निष्पादन न केवल झारखंड हाईकोर्ट के लिए एक रिकॉर्ड है, बल्कि यह न्यायिक कार्य संस्कृति और दक्षता का भी उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है. यह उपलब्धि भविष्य में वेकेशन बेंच की कार्यप्रणाली के लिए भी एक मानक स्थापित कर सकती है. इसे भी पढ़ें: रिश्वतखोरी के मामले में 48 दिनों तक सोता रहा जल संसाधन विभाग, बेल मिलने पर दो इंजीनियरों को किया सस्पेंड The post वेकेशन बेंच में जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय का रिकॉर्ड, छह दिनों में 853 मामलों का किया निपटारा appeared first on Naya Vichar.

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‘जेल का ताला टूटेगा, रौशन सर छूटेगा…’, हजारों की संख्या में पटना की सड़कों पर उतरे छात्र, खान सर हाय-हाय के भी लगे नारे

Khan Sir Coaching Attack: खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के मामले में अब नया मोड़ आ गया है. ज्ञान बिंदु कोचिंग की ओर से जारी कथित फायरिंग वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. वीडियो में फायरिंग करते दिख रहे दोनों गार्ड्स को पूछताछ के लिए कदमकुआं थाना बुलाया गया, जहां उनसे करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों गार्ड्स के हथियार भी जब्त कर लिए हैं. अब इन हथियारों का सत्यापन और तकनीकी जांच कराई जाएगी. वहीं रौशन सर की रिहाई को लेकर छात्र सड़क पर उतर आए हैं. हजारों की संख्या में पटना के कारगिल चौक पहुंचे छात्र खान सर हाय-हाय और जेल का ताला टूटेगा रौशन सर छूटेगा जैसे नारे लगा रहे हैं. वीडियो के आधार पर दर्ज हुई नई FIR पुलिस सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो की प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद कदमकुआं थाने में एक नई प्राथमिकी दर्ज की गई है. वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियों और हथियारों के इस्तेमाल की जांच की जा रही है. पूछताछ के बाद दोनों गार्ड्स को मेडिकल जांच के लिए भी भेजा गया. खान सर के दोनों गार्ड को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया खान सर की गिरफ्तारी की मांग तेज वहीं कारगिल चौक पर रौशन सर के समर्थन में सैकड़ों छात्र जमा हो गए हैं. ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की रिहाई की मांग कर रहे हैं. बड़ी संख्या में पहुंचे विद्यार्थी नारेबाजी कर रहे हैं. छात्रों द्वारा रौशन आनन्द को निर्दोष बताया जा रहा है. साथ ही खान सर की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है. वहीं छात्र नारे लगा रहे हैं कि जेल का ताला टूटेगा रौशन सर छूटेगा. रौशन सर के समर्थन में सड़क पर उतरे छात्र ज्ञान बिंदु कोचिंग ने जारी किया वीडियो गुरुवार को ज्ञान बिंदु कोचिंग टीम के आदर्श कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक वीडियो जारी किया. उन्होंने दावा किया कि विवाद के दौरान फायरिंग खान सर के गार्ड्स ने की थी. आदर्श कुमार ने आरोप लगाया कि पूरी घटना पूर्व नियोजित थी. उन्होंने सवाल उठाया कि वीडियो में ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं, फिर उनकी गिरफ्तारी किस आधार पर की गई. साथ ही उन्होंने खान सर की गिरफ्तारी की मांग भी की. 2 जून की रात क्या हुआ था? 2 जून की रात करीब 10 बजे खान सर के कोचिंग सेंटर पर हंगामा हुआ था. आरोप है कि कुछ लोगों ने वहां मौजूद गार्ड के साथ मारपीट की, पत्थरबाजी की और कोचिंग सेंटर के पोस्टर-बैनर फाड़ दिए. घटना के बाद मौके पर पहुंचे खान सर ने शुरुआत में 8 से 10 राउंड फायरिंग होने का दावा किया था. हालांकि बाद में वे इस बयान से पलटते नजर आए. इसके बाद उनकी ओर से ज्ञान बिंदु कोचिंग पर हमला कराने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई. रौशन आनंद पहले ही भेजे जा चुके हैं जेल इस मामले में पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद समेत दो अन्य लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. गिरफ्तारी के बाद रौशन आनंद ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है और घटना से उनका कोई संबंध नहीं है. Also Read: खान सर के दो लोगों को पुलिस ने उठाया, फायरिंग वाले वीडियो ने पलटा पूरा मामला? जांच में आया नया मोड़ The post ‘जेल का ताला टूटेगा, रौशन सर छूटेगा…’, हजारों की संख्या में पटना की सड़कों पर उतरे छात्र, खान सर हाय-हाय के भी लगे नारे appeared first on Naya Vichar.

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‘एक बिहारी सब पर भारी’, RCB के जश्न में दिखा विराट और वैभव का खास पल, VIDEO वायरल

Vaibhav Suryavanshi : आईपीएल 2026 का खिताब जीतने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खेमे में जश्न का माहौल था. ट्रॉफी जीतने की खुशी के बीच एक ऐसा पल सामने आया, जिसने क्रिकेट प्रशंसकों का दिल जीत लिया. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु और हिंदुस्तानिए टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली की बिहार और आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. विराट ने बढ़ाया वैभव का हौसला 𝗧𝗵𝗲 𝗺𝗮𝗻 𝘄𝗵𝗼 𝗺𝗮𝗱𝗲 𝗜𝗻𝗱𝗶𝗮𝗻 𝗰𝗿𝗶𝗰𝗸𝗲𝘁 𝗳𝗲𝗮𝗿𝗹𝗲𝘀𝘀 🤝 𝘁𝗵𝗲 𝗯𝗼𝘆 𝘄𝗵𝗼 𝗯𝗮𝘁𝘀 𝗳𝗲𝗮𝗿𝗹𝗲𝘀𝘀 🫶💪 The best piece of advice the 15-year old Vaibhav Suryavanshi could get! And who better than Virat Kohli to help fuel his fire in the right direction.… pic.twitter.com/MUqCRBo0la — Royal Challengers Bengaluru (@RCBTweets) June 3, 2026 वायरल वीडियो में विराट कोहली युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से बातचीत करते नजर आ रहे हैं. इस दौरान विराट को यह कहते सुना जा सकता है, “यहां से ऊपर जाना है, जो हुआ है वो अच्छी मेहनत और बिलीफ की वजह से मिला है, कोन क्या बोल रहा है कैसे बोल रहा यही कुछ अनही सोचना,  एक बिहारी सब पर भारी, फिर खत्म गेम.” विराट के इस अंदाज और उनके शब्दों ने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. वीडियो में वैभव भी मुस्कुराते हुए विराट की बातें सुनते दिखाई दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर छाया वीडियो विराट और वैभव की बातचीत का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर हजारों प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. क्रिकेट प्रेमी इसे हिंदुस्तानीय क्रिकेट के वर्तमान सुपरस्टार और भविष्य के संभावित सितारे के मिलन के रूप में देख रहे हैं. कई यूजर्स ने लिखा कि विराट का यह संदेश वैभव जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ी प्रेरणा है. कम उम्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके वैभव सूर्यवंशी लगातार चर्चा में बने हुए हैं. ऐसे में विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ी से मिली सराहना और प्रोत्साहन उनके करियर के लिए खास माना जा रहा है. यही वजह है कि यह वीडियो क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और तेजी से वायरल हो रहा है. मृणाल कुमार पांडेय The post ‘एक बिहारी सब पर भारी’, RCB के जश्न में दिखा विराट और वैभव का खास पल, VIDEO वायरल appeared first on Naya Vichar.

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मालवीय नगर होटल हादसा: छत का रास्ता बंद, फायर NOC नहीं, B&B पॉलिसी के नाम पर किया गया ‘खेला’

Hauz Rani Hotel Fire: मालवीय नगर के हौज रानी में स्थित फ्लोरिश स्टे बीएंडबी होटल में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. दिल्ली पुलिस ने गुरुवार (4 जून) को आग से तबाह होटल की इमारत का निरीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि छत पर जाने का रास्ता बंद था और कई कमरों में खाना पकाने के लिए हीटर का इस्तेमाल किया जा रहा था. जांच अधिकारियों ने बताया कि इमारत की छत तक पहुंचने का रास्ता बंद होने के कारण आग लगने के दौरान फंसे लोगों को बाहर निकलने का एक अहम विकल्प नहीं मिल पाया. घने धुएं ने कुछ ही समय में पूरी पांच मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया था. इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. लाइसेंस छह कमरों का, संचालन 25 कमरों का जांच में खुलासा हुआ है कि दिल्ली प्रशासन की बेड-एंड-ब्रेकफास्ट’ (B&B) नीति के तहत होटल को केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति थी, जबकि यहां कथित तौर पर तहखाने सहित करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे. पुलिस अवैध निर्माण और क्षमता से अधिक संचालन के आरोपों की भी जांच कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक, इमारत के पास अनिवार्य अग्नि सुरक्षा मंजूरी (Fire NOC) नहीं थी. इमारत की ऊंचाई ऐसी थी कि उसे दिल्ली अग्निशमन सेवा से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना बेहद जरूरी था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. होटल संचालन में मिलीं कई अनियमितताएं पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि भवन मूल रूप से ढाई मंजिला था, जिसे बाद में बढ़ाकर लगभग पांच मंजिला बना दिया गया. जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या खिड़कियां सीलबंद थीं, एंट्री प्रवेश एग्जिट का केवल एक ही रास्ता था साथ ही मुख्य दरवाजे पर सेंसर लगाथा, जिससे आग लगने के दौरान लोगों के बाहर निकलने में कठिनाई हुई. विदेशी नागरिकों के उपयोग किए जाने वाले कई कमरों में खाना पकाने के लिए हीटर रखे गए थे. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आग लगने की घटना में इन हीटरों की कोई भूमिका थी या नहीं. फरार मैनेजर की तलाश में पांच टीमें पुलिस ने होटल के प्रबंधक जय मिश्रा को गिरफ्तार करने के लिए पांच विशेष टीमें गठित की हैं. मिश्रा फिलहाल फरार है. वहीं होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. CFSL करेगी गहन जांच केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की टीम दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाएगी. पुलिस प्रमुख चश्मदीद गवाह केसर सिंह की भी तलाश कर रही है, जिसका बयान जांच में अहम माना जा रहा है. पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान होटल मालिक लवकेश बजाज ने दावा किया कि होटल का पूरा संचालन मैनेजर जय मिश्रा के हाथों में था. सभी लाइसेंस भी उसी के नाम पर लिए गए थे. हालांकि पुलिस का कहना है कि बजाज ही होटल का वास्तविक मालिक है और उसकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है. पुलिस जांच के तहत स्थानीय निवासियों, दुकानदारों, होटल कर्मचारियों और अन्य गवाहों से भी पूछताछ कर रही है. कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक के खिलाफ हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. इनमें गैर इरादतन हत्या, आग के माध्यम से नुकसान पहुंचाना, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, लापरवाही से मानव जीवन को खतरे में डालना और आग के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण जैसी धाराएं शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि हादसे में मारे गए विदेशी नागरिकों के शवों को उनके परिजनों और संबंधित दूतावासों को सौंपने से पहले डीएनए जांच और अन्य सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी. पुलिस ने कहा है कि होटल के स्वामित्व, प्रबंधन, लाइसेंसिंग और संचालन से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. Also Read: मालवीय नगर हादसा : होटल के मालिक को 4 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया, मृतकों को मिलेगा 10-10 लाख मुआवजा The post मालवीय नगर होटल हादसा: छत का रास्ता बंद, फायर NOC नहीं, B&B पॉलिसी के नाम पर किया गया ‘स्पोर्ट्सा’ appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद के निरसा में मानवता शर्मसार: 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद मौत, आरोपी मामा गिरफ्तार

धनबाद से प्रतीक पोपट की रिपोर्ट Dhanbad News: झारखंड के धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है. यहां पांच वर्षीय एक बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म किए जाने के बाद उसकी मौत हो गई. इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. मृत बच्ची आदिवासी समुदाय से संबंधित थी और उसके निधन के बाद गांव में शोक का माहौल है. घर में अकेली थी बच्ची जानकारी के अनुसार, निरसा थाना क्षेत्र के मालिकडीह बस्ती में रहने वाली पांच वर्षीय बच्ची घटना के समय घर में अकेली थी. आरोप है कि इसी दौरान रिश्ते में मामा लगने वाला मनोज मरांडी वहां पहुंचा और बच्ची के साथ दुष्कर्म किया. घटना के बाद बच्ची गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली. उसकी हालत देखकर परिजनों के होश उड़ गए. तत्काल उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को गंभीर बताया. अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत परिजनों ने बच्ची को बेहतर इलाज के लिए धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) में भर्ती कराया. डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मासूम की मौत की समाचार सामने आते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. अस्पताल परिसर में भी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. बच्ची की मौत ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया. ग्रामीणों में भारी आक्रोश घटना की जानकारी मिलते ही मालिकडीह बस्ती और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश फैल गया. स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने इस घटना की कड़ी निंदा की. लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज के लिए बेहद चिंताजनक हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह का अपराध करने का साहस न कर सके. कई लोगों ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर संवेदना भी व्यक्त की. पुलिस ने चलाया विशेष अभियान घटना की सूचना मिलते ही धनबाद पुलिस हरकत में आ गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी अभियान शुरू किया गया. पुलिस ने तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की. लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस ने देर रात आरोपी मनोज मरांडी को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है. वीडियोग्राफी के साथ कराया गया पोस्टमार्टम पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया. अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सभी आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध रह सकें. जांच टीम विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही है और मामले से जुड़े साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी. एसएसपी ने दी कार्रवाई की जानकारी धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी थी. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है. साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई हो. इसे भी पढ़ें: पलामू के राजहरा स्टेशन के पास मालगाड़ी 15 बोगियां पलटीं, ट्रेनों की आवाजाही ठप कड़ी सजा की मांग कर रहे लोग इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है. पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए और दोषी को कठोरतम सजा मिले. स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर रोक लगाने के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता दोनों आवश्यक हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहा है. इसे भी पढ़ें: हुसैनाबाद के सोहेया खदान से 25 घंटे बाद मिला युवक का शव, गांव में पसरा मातम The post धनबाद के निरसा में मानवता शर्मसार: 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद मौत, आरोपी मामा गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल की राजनीति में संक्रमण काल, ममता के सामने कुनबे को जोड़कर रखने की चुनौती, क्या होगा भविष्य?

Mamata Banerjee TMC : टीएमसी में फूट पर पश्चिम बंगाल के कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि हमने पहले भी कहा था कि जिस दिन टीएमसी चुनाव में हारेगी, पार्टी खत्म हो जाएगी. यह पार्टी सिर्फ करप्शन पर बनी है. पार्टी में अभी जो कुछ हो रहा है वह तो होना ही था. हमारे पास बहुत सारे एप्लीकेशन आ रहे हैं, लेकिन हमारे दरवाजे बंद हैं. हमें पता था कि ऐसा होने वाला है, इसलिए हमने दरवाजे कसकर बंद कर दिए हैं. देखते हैं आगे क्या होता है. बीजेपी के नेता का यह बयान काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके इस बयान में टीएमसी का भविष्य तो नजर आ ही रहा है, साथ ही बंगाल की नेतृत्व किस ओर जाएगी यह भी दिख रहा है. संकट का सामना कर रही हैं ममता बनर्जी और टीएमसी अमूमन जैसा होता है, बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी दोनों ही बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही हैं. पार्टी के अंदर बगावत के सुर तेज होते जा रहे हैं. दो मेयर अभी तक पद छोड़ चुके हैं और पार्टी के अंदर यह बात तेज हो गई है कि वे उन्हें अभिषेक बनर्जी की लीडरशिप मंजूर नहीं है. पार्टी में ममता बनर्जी की लीडरशिप पर तो सवाल नहीं उठ रहे हैं, लेकिन अभिषेक बनर्जी को पसंद नहीं किया जा रहा है. कहां से हुई संकट की शुरुआत विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है. पार्टी को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब 58 विधायकों के एक समूह ने ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. बागी गुट ने अपने नेता को विपक्ष का नेता बनाने की अपील की जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने मंजूर भी कर लिया है और इस गुट को मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में मान्यता भी दे दी है. गौर करने वाली बात यह है कि इस गुट ने खुद को टीएमसी ही बताया है, लेकिन यह गुट मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ खड़ा है. उनका आरोप है कि पार्टी के अंदर लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं कमजोर हो गई हैं और कुछ लोग अपनी मनमानी कर रहे हैं. ममता बनर्जी के प्रति सम्मान अभिषेक पर निशाना बागी विधायकों का यह कहना है कि ममता बनर्जी अब भी उनकी नेता है, लेकिन वे पार्टी में अभिषेक बनर्जी की भूमिका को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं. उनका यह मानना है कि पार्टी के पूरे संगठनात्मक व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है. बागी गुट ममता बनर्जी को अब मार्गदर्शक की भूमिका में देखना चाहता है. दरअसल यह पार्टी के भीतर चल रहे नेतृत्व और उत्तराधिकार की जंग है, क्योंकि अभिषेक बनर्जी ममता दीदी के उत्तराधिकारी बनना चाहते हैं और ऋतब्रता बनर्जी जैसे लोगों को यह स्वीकार्य नहीं है. फिरहाद हकीम और कृष्ण चक्रवर्ती का इस्तीफा कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम टीएमसी के सबसे प्रभावशाली मुस्लिम नेताओं और ममता बनर्जी के भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते हैं. उनके इस्तीफे के बाद यह चर्चा आम हो गई है कि पार्टी के शीर्ष पदों पर भी एका नहीं है और उनके बीच विवाद है. इस स्थिति ने पार्टी के भीतर अस्थिरता की भावना को और बढ़ा दिया है. फिरहाद हकीम के बाद बिधाननगर नगर निगम की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने भी इस्तीफा देने की घोषणा कर दी. इस इस्तीफों ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी संक्रमण काल से गुजर रही है और बड़ा बदलाव जल्द नजर आएगा. बंगाल में आगे क्या होगा? बंगाल में और टीएमसी की नेतृत्व में जो कुछ चल रहा है, उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि पार्टी में बड़ा बदलाव होगा. सत्ता से बाहर होने के बाद ममता बनर्जी के सामने यह चुनौती सबसे बड़ी है कि वे अपनी पार्टी को एकजुट रखें. बीजेपी के लिए यह अवसर है क्योंकि विपक्ष आपस में उलझा रहेगा तो उसे रोकने वाला कोई नहीं होगा. इसी वजह से वह वेट एंट वाॅच की मुद्रा में है और एक तरह से मजे ले रही है, लेकिन ममता बनर्जी के लिए यह संक्रमण काल बड़ी चुनौतियां लेकर आया है. ये भी पढ़ें : देश में आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हुईं स्त्रीएं, लेकिन 22.3% अभी भी पतियों से पिट रहीं मालवीय नगर हादसा : होटल के मालिक को 4 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया, मृतकों को मिलेगा 10-10 लाख मुआवजा The post बंगाल की नेतृत्व में संक्रमण काल, ममता के सामने कुनबे को जोड़कर रखने की चुनौती, क्या होगा भविष्य? appeared first on Naya Vichar.

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IIT JEE में नहीं बदला 75% का नियम, छूट की उम्मीद मत रखना

IIT JEE Rules: आईआईटी Roorkee का कहना है कि JEE एडमिशन के लिए देशभर में 36 अलग अलग बोर्ड के छात्र शामिल होते हैं. अगर हर बार नियम बदल दिया जाए तो सिस्टम में गड़बड़ी हो जाएगी. इसलिए 75% या टॉप 20 percentile वाला नियम सभी के लिए बराबर रखा गया है. मतलब सबके लिए एक ही सख्त लाइन है. CBSE मार्क्स विवाद के बीच भी राहत नहीं हाल ही में CBSE मार्क्स को लेकर कुछ दिक्कतें सामने आई थीं. कई छात्रों को लगा कि शायद इस बार नियम थोड़ा नरम हो जाएगा. लेकिन IIT Roorkee ने साफ कर दिया कि ऐसा कुछ नहीं होगा. नियम पहले से तय था और उसे बदलना अब संभव नहीं है. IIT Roorkee ने यह भी बताया कि पिछले साल कई छात्रों ने सिर्फ कम प्रतिशत की वजह से IIT और NIT की सीटें खो दी थीं. इसलिए इस बार भी कोई ढील नहीं दी जा रही है ताकि सभी बोर्ड के छात्रों के लिए एक बराबर सिस्टम बना रहे. On being asked whether IIT is considering relaxing or removing the 75% eligibility criterion for JEE admissions this year, as a one-time measure amid the CBSE marks row IIT Roorkee, in a statement to ANI, says “No relaxing in marks as candidates from 36 different boards are… — ANI (@ANI) June 4, 2026 IIT JEE Rules: सभी बोर्ड के लिए एक जैसा नियम देश में 36 अलग अलग बोर्ड हैं और हर बोर्ड का पैटर्न अलग होता है. ऐसे में IIT चाहता है कि सभी छात्रों के लिए एक समान नियम लागू हो. इसलिए 75% वाला क्राइटेरिया सभी पर लागू रहेगा, चाहे कोई भी बोर्ड हो. IIT Roorkee ने यह भी कहा है कि वह CBSE के साथ लगातार संपर्क में है. जिन छात्रों को मार्क्स या रिजल्ट से जुड़ी दिक्कतें हैं, उनके मामले को प्राथमिकता से देखने की कोशिश की जाएगी. यानी नियम सख्त है लेकिन बातचीत का रास्ता खुला है. यह भी पढ़ें: IIT ISM धनबाद में नहीं बढ़ीं BTech की सीटें, देखें किस ब्रांच में कितने स्टूडेंट होंगे The post IIT JEE में नहीं बदला 75% का नियम, छूट की उम्मीद मत रखना appeared first on Naya Vichar.

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