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June 4, 2026

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Aamir Khan Marriage: 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट संग सात फेरे लेंगे आमिर खान, शादी कंफर्म करते हुए कही ये बात

Aamir Khan Marriage: बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने कंफर्म कर दिया है कि वह 61 साल की उम्र में तीसरी शादी करने के लिए तरह तैयार हैं. एक्टर अपने पार्टनर गौरी स्प्रैट संग 5 जुलाई को सात फेरे लेंगे. कपल कई सालों से एक दूसरे को डेट कर रहे थे और अब वह इसे नया नाम देने जा रहे हैं. गौरी स्प्रैट संग तीसरी शादी को आमिर खान ने किया कंफर्म आमिर खान ने गौरी स्प्रैट संग अपनी शादी कंफर्म करते हुए वैरायटी इंडिया को बताया, “शादी की समाचार सच है.यह 5 जुलाई को है.” मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आमिर और गौरी अपनी शादी को काफी प्राइवेट रखेंगे. कपल अपने घर पर रजिस्टर्ड मैरिज करेंगे, जिसमें सिर्फ फैमिली और क्लोज फ्रेंड्स ही शामिल होंगे. कब हुई थी आमिर और गौरी की मुलाकात आमिर और गौरी की पहली मुलाकात करीब 25 साल पहले हुई थी. समय के साथ दोनों का कांटेक्ट टूट गया और सालों बाद दोबारा मुलाकात हुई. तब वे एक दूसरे को जानने लगे. दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और अब यह शादी के मुकाम तक पहुंचने के लिए तैयार है. गौरी बेंगलुरु की रहने वाली हैं और उनका एक बेटा भी है. तीसरी शादी है आमिर खान की आमिर खान ने पहली बार मार्च 2025 में अपने 60वें जन्मदिन के मौके पर गौरी संग अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया था. उन्होंने कहा था कि वह खुद को काफी लकी मानते हैं, कि गौरी उनकी लाइफ में आई. बता दें कि यह आमिर खान की तीसरी शादी होगी. रीना दत्ता से उनके दो शिशु जुनैद और इरा खान हैं. वहीं किरण राव के साथ उनके बेटे आजाद राव खान है. उन्हें आखिरी बार फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ में देखा गया था. यह भी पढ़ें- Peddi Twitter Review: राम चरण की ‘पेड्डी’ दर्शकों को पसंद आई या नहीं? सामने आए रिव्यू The post Aamir Khan Marriage: 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट संग सात फेरे लेंगे आमिर खान, शादी कंफर्म करते हुए कही ये बात appeared first on Naya Vichar.

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कैमरा हो या बैटरी, हर मामले में दमदार है Motorola का नया फोन, जानें फीचर्स और कीमत

चाइनीज टेक कंपनी Motorola ने आज अपना नया फ्लैगशिप मॉडल Motorola Edge 70 Pro+ हिंदुस्तान में लॉन्च कर दिया है. Edge 70 सीरीज का यह सबसे प्रीमियम मॉडल माना जा रहा है. सीरीज में इसे Edge 70 Pro के ऊपर पोजीशन किया गया है. इस मॉडल की खासियत इसमें मिलने वाला टेलीफोटो कैमरा है. साथ ही इसमें बड़ी बैटरी और फास्ट चार्जिंग भी दी गई है. Motorola Edge 70 Pro+ की कीमत और उपलब्धता Motorola Edge 70 Pro+ को कंपनी ने सिंगल वेरिएंट 12GB RAM और 256GB स्टोरेज में लॉन्च किया है. इसकी कीमत 47,999 रुपये रखी गई है. हालांकि, कंपनी इस मॉडल पर लॉन्च ऑफर भी दे रही है, जिसके तहत ग्राहक 3000 रुपये तक का इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस और आसान EMI ऑपशंस का फायदा उठा सकते हैं.इस स्मार्टफोन में आपको Pantone Zinfandel, Pantone Stormy Sea और Pantone Chicory Coffee कलर ऑप्शन मिलेगा. मॉडल की सेल 11 जून से शुरू होने वाली है. इसे ग्राहक मोटोरोला के ऑफिशियल साइट के अलावा Flipkart और प्रमुख रिटेल स्टोर्स पर से खरीद सकते हैं. कैसा है डिस्प्ले और कैमरा? Motorola Edge 70 Pro+ में 144Hz रिफ्रेश रेट और 5200 निट्स पीक ब्राइटनेस सपोर्ट के साथ 6.8 इंच का 1.5K Extreme AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. स्क्रीन पर Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन दिया जाएगा. फोटोग्राफी के लिए, Motorola Edge 70 Pro+ के बैक पैनल में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. इसमें 50MP Sony LYT-710 प्राइमरी सेंसर, 50MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस शामिल है, जो 3.5x ऑप्टिकल जूम सपोर्ट करता है. वहीं, फ्रंट में भी 50MP का ऑटोफोकस कैमरा सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए दिया गया है. इसके अलावा, स्मार्टफोन AI Super Zoom Pro के जरिए 50x तक जूम सपोर्ट करता है. कैमरा सिस्टम 4K 60fps वीडियो रिकॉर्डिंग, HDR वीडियो, ऑटो मैक्रो विजन और AI-बेस्ड लो-लाइट फोटोग्राफी जैसी सुविधाओं से लैस है. परफॉर्मेंस और बैटरी परफॉर्मेंस के लिए स्मार्टफोन में MediaTek Dimensity 8500 Extreme प्रोसेसर दिया गया है. इसके साथ LPDDR5X RAM और UFS 4.1 स्टोरेज का सपोर्ट दिया गया है, जिससे फास्ट और स्मूद परफॉर्मेंस का एक्सपीरियंस मिलेगा. हीट मैनेजमेंट के लिए फोन में 4600mm² वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम भी दिया गया है. यह मॉडल Android 16 पर बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा. साथ ही इसमें कंपनी 3 साल तक का Android OS अपग्रेड और 5 साल तक सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा कर रही है. मॉडल में 90W फास्ट वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट के साथ 6500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है. इसमें 15W वायरलेस चार्जिंग का भी सपोर्ट दिया गया है. कंपनी का दावा है कि यह बैटरी एक दिन से ज्यादा का बैकअप दे सकता है. ड्यूरेबिलिटी और अन्य फीचर्स मॉडल IP68 और IP69 रेटिंग से लैस है, जिससे यह पानी और धूल से सुरक्षित रहेगा. इसके अलावा, इसमें MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी भी दिया गया है, जिससे फोन के गिरने पर भी फोन को ज्यादा नुकसान नहीं होगा. ऑडियो के लिए डिवाइस में Dolby Atmos, Hi-Res Audio और Spatial Audio सपोर्ट दिया गया है, जो यूजर्स को शानदार और इमर्सिव साउंड एक्सपीरियंस ऑफर करेगा. यह भी पढ़ें: ₹11999 में आया नया बजट 5G फोन, मिलेगी 6000mAh की बैटरी और स्मूद डिस्प्ले The post कैमरा हो या बैटरी, हर मामले में दमदार है Motorola का नया फोन, जानें फीचर्स और कीमत appeared first on Naya Vichar.

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विदेशी इन्वेस्टर्स के लिए सरकार का बड़ा तोहफा, सरकारी बॉन्ड्स पर अब नहीं लगेगा कैपिटल गेन्स टैक्स

FPI Capital Gains Tax: हिंदुस्तान को दुनिया भर के इन्वेस्टर्स के लिए पसंदीदा जगह बनाने के लिए केंद्र प्रशासन ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया है कि अब विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) को हिंदुस्तान के प्रशासनी बॉन्ड्स (Government Securities) में इंवेस्ट करने पर कोई कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं देना होगा. प्रशासन ने इस फैसले को तुरंत लागू करने के लिए ऑर्डिनेंस यानी अध्यादेश का रास्ता चुना है, ताकि बिना किसी देरी के विदेशी इन्वेस्टर्स को यह राहत दी जा सके. सूत्रों के मुताबिक, इसी हफ्ते इसकी आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दी जाएगी. प्रशासन ने यह बड़ा फैसला क्यों लिया? वर्तमान में दुनिया भर के शेयर और बॉन्ड बाजारों में काफी हलचल है. खासकर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध की वजह से ग्लोबल मार्केट और सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. इस संकट के कारण विदेशी इन्वेस्टर्स उभरते हुए बाजारों (Emerging Markets) में पैसा लगाने से कतरा रहे हैं. ऐसे माहौल में हिंदुस्तान प्रशासन चाहती है कि विदेशी पैसा देश से बाहर न जाए, बल्कि और ज्यादा इनवेस्टमेंट हिंदुस्तान में आए. टैक्स हटाने से हिंदुस्तानीय प्रशासनी बॉन्ड्स पर मिलने वाला रिटर्न विदेशी इन्वेस्टर्स के लिए और ज्यादा फायदेमंद हो जाएगा, जिससे वे हिंदुस्तान में जमकर इंवेस्ट करेंगे. पुराना टैक्स नियम क्या था? अभी तक के टैक्स नियमों के मुताबिक, अगर कोई विदेशी इन्वेस्टर्स हिंदुस्तान के लिस्टेड शेयर्स या बॉन्ड्स को 12 महीने (एक साल) से ज्यादा समय तक अपने पास रखता था, तो उसे मुनाफा होने पर 12.5 प्रतिशत का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स देना पड़ता था. विदेशी इन्वेस्टर्स लंबे समय से इस टैक्स को हटाने की मांग कर रहे थे, क्योंकि उनके लिए यह टैक्स हिंदुस्तान में इनवेस्टमेंट करने के रास्ते में एक बड़ी रुकावट बना हुआ था. अब प्रशासनी बॉन्ड्स से इस टैक्स को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. इस फैसले से हिंदुस्तान को क्या फायदा होगा? टैक्स हटने से हिंदुस्तानीय इकोनॉमी को कई सीधे फायदे होंगे: रुपये को मजबूती: जब विदेशी इन्वेस्टर्स हिंदुस्तान के प्रशासनी बॉन्ड्स खरीदेंगे, तो देश में डॉलर का इनफ्लो (आवक) बढ़ेगा. इससे हिंदुस्तानीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होगा. ब्याज दरों पर नियंत्रण: प्रशासन को अपनी योजनाओं के लिए बाजार से जो कर्ज लेना पड़ता है, उसकी लागत (Borrowing Costs) को कम रखने और मैनेज करने में इस फैसले से बड़ी मदद मिलेगी. आर्थिक सुरक्षा कवच: पश्चिम एशिया के संकट से हिंदुस्तानीय इकोनॉमी पर जो बुरा असर पड़ सकता था, यह फैसला उसके खिलाफ एक ढाल की तरह काम करेगा. आगे प्रशासन का क्या प्लान है? प्रशासनी सूत्रों का कहना है कि यह टैक्स छूट सिर्फ एक शुरुआत है. प्रशासन यहीं नहीं रुकने वाली है. आने वाले दिनों में विदेशी पूंजी को हिंदुस्तान की तरफ आकर्षित करने के लिए कुछ और बड़े कदमों का ऐलान किया जा सकता है. प्रशासन का सीधा और साफ मकसद यह है कि वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी हिंदुस्तान की इकोनॉमी को मजबूत, सुरक्षित और रफ्तार से आगे बढ़ने वाला बनाया जा सके. ये भी पढ़ें: कहानियां सुनाने वाला Kuku अब कराएगा मोटी कमाई, ला रहा है ₹3500 करोड़ का IPO The post विदेशी इन्वेस्टर्स के लिए प्रशासन का बड़ा तोहफा, प्रशासनी बॉन्ड्स पर अब नहीं लगेगा कैपिटल गेन्स टैक्स appeared first on Naya Vichar.

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क्या घर की दहलीज बन रही है आर्थिक परेशानियों की वजह? जानें वास्तु के आसान उपाय

Vastu Tips: कई बार लोग कड़ी मेहनत करने के बावजूद आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और घर में अशांति का सामना करते हैं. ऐसे में अधिकांश लोग अपनी किस्मत या परिस्थितियों को जिम्मेदार मान लेते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार समस्या की जड़ आपके घर के मुख्य द्वार में भी छिपी हो सकती है. पंडित पुरनेंदु पाठक के अनुसार, मुख्य द्वार केवल घर में आने-जाने का रास्ता नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और सौभाग्य का प्रवेश द्वार माना जाता है. यदि यहां वास्तु दोष मौजूद हों, तो इसका असर परिवार की आर्थिक स्थिति और खुशहाली पर पड़ सकता है. गलत दिशा में खुलने वाला दरवाजा वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार के खुलने की दिशा को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. क्या है दोष? यदि मुख्य दरवाजा बाहर की ओर खुलता है या एंटी-क्लॉकवाइज (घड़ी की विपरीत दिशा) में खुलता है, तो इसे वास्तु दोष माना जाता है. क्या पड़ता है प्रभाव? ऐसा माना जाता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित होता है. परिणामस्वरूप घर में आर्थिक रुकावटें, अनावश्यक खर्च और बरकत में कमी देखने को मिल सकती है. मुख्य द्वार पर अंधेरा रहना अक्सर लोग घर के प्रवेश द्वार की रोशनी को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि वास्तु में इसका विशेष महत्व बताया गया है. क्या है दोष? मुख्य द्वार के आसपास अंधेरा या पर्याप्त प्रकाश का अभाव. क्या पड़ता है प्रभाव? अंधेरा नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है, जिससे घर का वातावरण प्रभावित होता है और समृद्धि में बाधा आ सकती है. इसलिए मुख्य द्वार पर हमेशा हल्की और साफ रोशनी बनाए रखें. दरवाजे से आने वाली आवाज और जंग दरवाजा खोलते समय यदि चरमराने या खटकने की आवाज आती है, तो इसे भी वास्तु में अशुभ माना गया है. क्या है दोष? कब्जों में जंग लगना या दरवाजे का शोर करना. ये भी पढ़ें: क्या चुगली करने से खराब हो सकते हैं ग्रह? जानिए ज्योतिष में पीठ पीछे बुराई करने के प्रभाव क्या पड़ता है प्रभाव? ऐसी आवाजें ध्वनि दोष उत्पन्न करती हैं, जो घर में तनाव और नकारात्मकता बढ़ाने का कारण बन सकती हैं. समय-समय पर दरवाजे की मरम्मत और सफाई जरूरी है. घर की समृद्धि के लिए रखें इन बातों का ध्यान मुख्य द्वार को साफ-सुथरा, रोशन और व्यवस्थित रखना वास्तु के अनुसार शुभ माना जाता है. छोटी-छोटी सावधानियां घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि के आगमन का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं. The post क्या घर की दहलीज बन रही है आर्थिक परेशानियों की वजह? जानें वास्तु के आसान उपाय appeared first on Naya Vichar.

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हार्दिक पंड्या टी20 टीम से हो सकते हैं बाहर, जानिए क्या है BCCI का प्लान

Hardik Pandya: आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए 6 जून को हिंदुस्तानीय टीम का चयन होना है, लेकिन इससे पहले एक बड़ी समाचार सामने आ रही है. स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को आगामी T20 सीरीज से आराम दिया जा सकता है. हालांकि, पंड्या को ड्रॉप किए जाने के पीछे उनकी फिटनेस या फॉर्म वजह नहीं है, बल्कि इसके पीछे सिलेक्टर्स का एक बड़ा प्लान है. दरअसल, अगले साल साउथ अफ्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए बीसीसीआई अभी से रणनीति तैयार कर रही है.  अफगानिस्तान सीरीज में दिखेगा हार्दिक का असली ‘फिटनेस टेस्ट’ हिंदुस्तानीय चयनकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि हार्दिक पंड्या अब उनके ‘मिशन वनडे वर्ल्ड कप 2027’ के सबसे अहम मोहरे हैं. यही वजह है कि उन्हें टी20 के वर्कलोड से दूर रखकर अब अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी 3 मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया है. इस सीरीज में पंड्या का प्रदर्शन ही उनकी भविष्य की भूमिका तय करेगा. टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर्स की खास नजर इस बात पर होगी कि हार्दिक क्रीज पर कितना समय बिताते हैं और क्या वे एक अहम गेंदबाज की तरह पूरे 10 ओवर फेंकने की लय हासिल कर चुके हैं. सेलेक्टर्स की कोशिश बेहद साफ है कि हार्दिक के वर्कलोड को इस तरह मैनेज किया जाए कि वे इंजरी-फ्री रहें. 2027 में साउथ अफ्रीका की उछाल भरी पिचों पर टीम इंडिया के सबसे बड़े मैच विनर बनकर उभरें. हार्दिक का इंजरी से पुराना नाता स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या के लिए इंजरी हमेशा से सबसे बड़ा विलेन रही है. अभी हाल ही में IPL 2026 में बैक स्पाज्म के कारण वो 4-5 मैच नहीं स्पोर्ट्स पाए थे. याद दिला दें कि पिछले साल एशिया कप 2025 के बीच से भी वो इंजरी के चलते बाहर हुए थे और इसी वजह से ऑस्ट्रेलिया दौरा भी मिस कर गए थे. बार-बार लगती इसी चोट के कारण अब सेलेक्टर्स उन्हें टी20 से दूर रखकर सिर्फ वनडे पर फोकस करा रहे हैं, ताकि वो वर्ल्ड कप 2027 तक पूरी तरह फिट रह सकें. T20 WC में हार्दिक पंड्या का प्रदर्शन हिंदुस्तान को T20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जिताने में हार्दिक पंड्या ने अहम भूमिका निभाई. इस ऐतिहासिक टी20 वर्ल्ड कप में हार्दिक ने अपने ऑलराउंड स्पोर्ट्स से काफी प्रभावित किया था. उन्होंने टूर्नामेंट के 9 मैचों की 9 पारियों में 160.74 के शानदार स्ट्राइक रेट से 217 रन बनाए और संकट के समय टीम को संभाला. सिर्फ बल्ले से ही नहीं, बल्कि गेंद से भी कमाल दिखाते हुए उन्होंने 9 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए. दुबे और नीतीश रेड्डी को मिल सकता है मौका हार्दिक पंड्या की गैर-मौजूदगी में आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की टी20 टीम में बतौर ऑलराउंडर शिवम दुबे और युवा नीतीश कुमार रेड्डी को शामिल किया जा सकता है. सेलेक्टर्स इन दोनों खिलाड़ियों को अजमाकर पंड्या के बैकअप के रूप में तैयार रखना चाहते हैं, ताकि भविष्य में टीम का संतुलन न बिगड़े. 6 जून को होने वाली चयन समिति की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग सकती है. यह भी पढ़े- बाल कृष्णा की कप्तानी में उतरने को तैयार ‘धनबाद डायमंड्स’, रांची में भव्य इवेंट के साथ जर्सी लॉन्च The post हार्दिक पंड्या टी20 टीम से हो सकते हैं बाहर, जानिए क्या है BCCI का प्लान appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के डिप्टी सीएम बोले- मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड की होगी जांच, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की भी आई प्रतिक्रिया

Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में लगी भीषण आग में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है. इस घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है. दोनों नेताओं ने हादसे की जांच का आदेश दिया है. स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने दिए जांच के आदेश स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में आग लगने से कई लोगों की मौत की समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. निशांत कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन को घायल मरीजों की सुरक्षा और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने को कहा गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी. ‘आग लगने के कारणों की होगी गंभीर जांच’ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि किसी अस्पताल में इस तरह की दुर्घटना होना बेहद गंभीर और चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि प्रशासन यह पता लगाएगी कि आग किन परिस्थितियों में लगी और अस्पताल में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके अनुसार कदम उठाए जाएंगे. देर रात मची अफरा-तफरी, मरीजों को सुरक्षित निकालने की कोशिश जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर के इस निजी अस्पताल में देर रात अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग अस्पताल के एक बड़े हिस्से में फैल गई. उस समय अस्पताल में मरीज, उनके परिजन और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे. आग लगने के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. कई लोगों ने जान बचाकर बाहर निकलने की कोशिश की, जबकि अस्पताल कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से कई मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. चार लोगों की मौत, इलाके में शोक का माहौल इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई. घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया मुआवजे का ऐलान इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रत्येक मृतक के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को राहत कार्य में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. Also Read: मुजफ्फरपुर: अस्पताल अग्निकांड में 4 मरीज जिंदा जले, 20+ रेस्क्यू, 4-4 लाख मुआवजे का ऐलान The post बिहार के डिप्टी सीएम बोले- मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड की होगी जांच, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की भी आई प्रतिक्रिया appeared first on Naya Vichar.

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गयाजी में तैयार हो रही बिहार की पहली सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप, अमृतसर-कोलकाता जैसी मिलेगी मॉडर्न फैसिलिटी

पटना से अनुराग प्रधान की रिपोर्टIndustrial Township: बिहार की पहली और सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप (आईएमसी गया) का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर (एकेआईसी) के तहत विकसित की जा रही यह परियोजना बिहार को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में इस परियोजना का जमीनी कार्य शुरू हो चुका है. अधिकारियों के अनुसार, आईएमसी गया को मॉडर्न सुविधाओं से लैस औद्योगिक नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां उद्योग, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और आवासीय सुविधाओं का विकास होगा. निवेश और रोजगार का बनेगा बड़ा केंद्र आईएमसी गया के विकसित होने से बिहार में बड़े पैमाने पर घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है. परियोजना के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये के निवेश के साथ बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे. इससे न केवल गयाजी बल्कि आस-पास के जिलों की वित्तीय स्थिति को भी मजबूती मिलेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार से होने वाले श्रमिक पलायन को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी, क्योंकि युवाओं को अपने राज्य में ही रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध होंगे. मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी होगी सबसे बड़ी ताकत आईएमसी गया की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी होगी. सड़क, रेल और हवाई संपर्क के लिहाज से यह औद्योगिक क्षेत्र देश के प्रमुख बाजारों से जुड़ा होगा. इससे उद्योगों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी और लॉजिस्टिक लागत में कमी आयेगी. गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, राष्ट्रीय राजमार्गों और पूर्वी हिंदुस्तान के प्रमुख रेल नेटवर्क की निकटता इस परियोजना को निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाएगी. आधुनिक बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर परियोजना के तहत वर्ल्ड क्लास सड़कें, जलापूर्ति व्यवस्था, बिजली, सीवरेज नेटवर्क, डिजिटल कनेक्टिविटी, हरित क्षेत्र और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जायेंगी. इसे भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जा रहा है ताकि उद्योगों को एक सक्षम और प्रतिस्पर्धी वातावरण मिल सके. बिहार के औद्योगिक भविष्य की नई पहचान राज्य प्रशासन का मानना है कि आईएमसी गया केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि बिहार के औद्योगिक पुनर्जागरण की आधारशिला है. यह परियोजना बिहार को विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और निवेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभायेगी. औद्योगिक गलियारों के विकास की राष्ट्रीय नीति के अनुरूप तैयार की जा रही यह टाउनशिप आने वाले सालों में बिहार की वित्तीय स्थिति को नई गति देने के साथ-साथ राज्य को आत्मनिर्भर और औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है. Also Read: पटना में खुलेंगे 7 फोर और फाइव स्टार होटल, 1000 करोड़ की परियोजना से मिलेगा युवाओं को रोजगार The post गयाजी में तैयार हो रही बिहार की पहली सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप, अमृतसर-कोलकाता जैसी मिलेगी मॉडर्न फैसिलिटी appeared first on Naya Vichar.

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‘सीजफायर का मतलब कम गोलीबारी’, ट्रंप की अलबेली परिभाषा; कहा- US सैनिक मरे तो फिर बदल जाएगी स्थिति  

Donald Trump Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां सैन्य टकराव और कूटनीतिक बातचीत दोनों साथ-साथ चल रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से साफ कहा है कि यदि अमेरिकी सैनिकों की मौत के लिए ईरान जिम्मेदार पाया गया, तो मौजूदा संघर्षविराम समाप्त करने पर विचार किया जा सकता है. संघर्षविराम की ऐसी स्थिति पर, ट्रंप ने सीजफायर की ऐसी व्याख्या की है, जिसने नई बहस छेड़ दी है. संघर्षविराम पर ट्रंप ने क्या कहा? बुधवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि वह मौजूदा हालात में सीजफायर को कैसे परिभाषित करेंगे. जवाब में ट्रंप ने कहा कि दुनिया के उस हिस्से में सीजफायर का मतलब अलग हो सकता है. उनके मुताबिक, वहां संघर्षविराम का अर्थ यह भी हो सकता है कि दोनों पक्ष पहले की तुलना में कम तीव्रता से गोलीबारी कर रहे हों. ट्रंप की यह परिभाषा ऐसे समय में आई है, जब कुछ घंटे पहले ही अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य कार्रवाई हुई थी. Reporter: How do you define ceasefire? Trump: In that part of the world, ceasefire is when you’re shooting in a more moderate manner pic.twitter.com/wXdr2EraDC — Open Source Intel (@Osint613) June 3, 2026 ट्रंप ने सहयोगियों को क्या संदेश दिया? वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निजी तौर पर अपने करीबी अधिकारियों से कहा है कि फिलहाल ईरान के साथ जारी संघर्षविराम लागू रहेगा, लेकिन इसकी एक सीमा है. सूत्रों के अनुसार ट्रंप का मानना है कि क्षेत्र में छोटे स्तर की झड़पों को कुछ समय तक सहन किया जा सकता है, लेकिन यदि किसी हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत होती है और उसके पीछे ईरान की भूमिका साबित होती है, तो स्थिति पूरी तरह बदल सकती है. President Donald Trump has privately told aides he would consider ending the ceasefire with Iran if Tehran kills American troops, U.S. officials tell the Wall Street Journal. pic.twitter.com/yJZiWYNlXC — Open Source Intel (@Osint613) June 4, 2026 पहले क्या हुआ, जिसने तनाव बढ़ाया? उनका यह बयान तुरंत चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि उसी दिन खाड़ी क्षेत्र में नए हमले हुए थे. ताजा घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका ने ईरान के केश्म द्वीप स्थित एक सैन्य नियंत्रण केंद्र और होर्मुज स्ट्रेट के पास एक तेल टैंकर को निशाना बनाया. ईरान ने इसे उकसावे वाली कार्रवाई बताते हुए जवाबी हमला किया. बुधवार को ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने कुवैत और बहरीन में कई ठिकानों को निशाना बनाया. सबसे गंभीर हमला कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ, जहां एक हिंदुस्तानीय नागरिक की मौत हो गई. इसके अलावा कम से कम 63 यात्री और कर्मचारी घायल हुए. ट्रंप बोले- हर कार्रवाई के पीछे कोई वजह होती है पत्रकारों ने जब ट्रंप से पूछा कि क्या सीजफायर अब भी प्रभावी है, तो उन्होंने कहा कि हर घटना के पीछे कोई न कोई कारण होता है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने पिछले कुछ दिनों में ईरान पर काफी कड़े हमले किए हैं और ईरान की हालिया प्रतिक्रिया उसी का परिणाम है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि तेहरान की कार्रवाई एक तरह से जवाबी प्रतिक्रिया थी. हालांकि, उन्होंने ताजा हमलों के महत्व को कम करके दिखाया और कहा कि स्थिति को जल्द नियंत्रण में ले लिया गया. क्या बातचीत बंद हो गई है? हाल के दिनों में ईरानी प्रशासनी मीडिया में ऐसी समाचारें सामने आई थीं कि अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता रुक गई है. लेकिन ट्रंप ने इन दावों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है और बातचीत की प्रक्रिया जारी है. उनके अनुसार, संवाद के रास्ते बंद नहीं हुए हैं और वार्ता बिना रुकावट आगे बढ़ रही है. तीन महीने से ज्यादा समय से जारी है संकट अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था. इसके बाद से खाड़ी क्षेत्र में कई बार मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं. ईरान ने इस दौरान उन इलाकों को भी निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान मौजूद हैं. लगातार बढ़ते तनाव के बीच 8 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच एक संघर्षविराम लागू हुआ था. हालांकि, इसके बाद भी समय-समय पर हिंसक घटनाएं होती रहीं और सीजफायर पूरी तरह स्थिर नहीं रह पाया. ये भी पढ़ें:- UN इतिहास में पहली बार… सुरक्षा परिषद चुनाव में किर्गिस्तान जीता, जर्मनी हारा; हिंदुस्तान को चेतावनी  ये भी पढ़ें:- जिसके लिए तबाह हो रहा ईरान, वही धड़ल्ले से बना रहा नॉर्थ कोरिया, किम जोंग ने खोला नया परमाणु पिटारा होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा मुद्दा इस पूरे विवाद के केंद्र में होर्मुज स्ट्रेट है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है. संघर्ष शुरू होने के बाद से यह मार्ग काफी हद तक प्रभावित रहा है. युद्ध से पहले दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का परिवहन इसी रास्ते से होता था.  अमेरिका लगातार इस जलमार्ग को फिर से पूरी तरह खोलने की मांग कर रहा है, जबकि ईरान इस मुद्दे को व्यापक सुरक्षा और नेतृत्वक समझौते से जोड़कर देख रहा है. साथ ही ईरान होर्मुज पर टोल व्यवस्था लगाना चाहता है, जिससे वह इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से पैसे वसूल कर सके.   अमेरिका ईरान को किसी भी कीमत पर न्यूक्लियर पावर बनते नहीं देखना चाहता. वह चाहता है कि ईरान अपने 400 किग्रा से ज्यादा के एनरिच्ड यूरेनियम को नष्ट करे या फिर किसी अन्य देश को सौंप दे. लेकिन ईरान इसके लिए तैयार नहीं. इसके साथ ही ईरान अपने फ्रीज किए गए एसेट्स को भी वापस चाहता है, जो पश्चिमी और अन्य देशों में है. वह युद्ध में  हुए नुकसान की भरपाई के लिए यह प्रयास कर रहा है.  आगे क्या? मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है. एक ओर बातचीत जारी है, तो दूसरी ओर मिसाइल और ड्रोन हमले भी रुक नहीं रहे हैं. ऐसे में ट्रंप का यह बयान कि ‘सीजफायर का मतलब कम तीव्रता वाली गोलीबारी भी हो सकता है’,

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नीट पेपर लीक : राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर फिर बोला हमला- आपने 12 सालों में शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया

Rahul Gandhi : नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी प्रशासन पर हमला बोला है और कहा कि इस प्रशासन ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करके रख दिया है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी, लेकिन नीट पेपर लीक होने की वजह से उसकी जान चली गई. आकांक्षा के पिता ने वह सबकुछ किया जो एक पिता कर सकता है राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि आकांक्षा के पिता ने वह सबकुछ किया, जो एक पिता कर सकता है. उन्होंने आकांक्षा की पढ़ाई के लिए कर्ज लिया, कुक की नौकरी की, लेकिन परिणाम क्या निकला? उनकी बेटी परीक्षा स्थगित होने की वजह से इस दुनिया को अलविदा कह गई. राहुल गांधी लिखते हैं कि आकांक्षा के पिता किसान हैं. बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर 3 लाख रुपए का कर्ज लिया है और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहां कोचिंग कर सके. आकांक्षा ने 3 मई को नीट की परीक्षा दी और फिर परीक्षा स्थगित हो गई. परीक्षा स्थगित होने से आकांक्षा सदमे में चली गई और उसने पिछले दिनों आत्महत्या कर ली. मोदी प्रशासन की भ्रष्ट व्यवस्था आकांक्षा की मौत की वजह राहुल गांधी ने आकांक्षा की मौत के लिए मोदी प्रशासन की भ्रष्ट व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है. वे लिखते हैं कि आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं, मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है. वे तंज कसते हैं कि इतना कुछ होने के बाद भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आज भी अपने पद पर बने हुए हैं. केवल कुछ कमेटी बन रही है, ट्रांसफर हो रहे हैं और जांच हो रही है. व्यवस्था में सुधार के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है और ना ही पीड़ितों को न्याय मिल रहा है. इसे भी पढ़ें : बढ़ता शहरीकरण गर्मी में ज्यादा बीमार कर रहा है डीके शिवकुमार बने कर्नाटक के नये मुख्यमंत्री, संविधान की प्रति हाथ में लेकर ली शपथ The post नीट पेपर लीक : राहुल गांधी ने मोदी प्रशासन पर फिर बोला हमला- आपने 12 सालों में शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया appeared first on Naya Vichar.

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गढ़वा सदर अस्पताल का ‘ब्लड बैंक’ बदहाल: गर्मी में बिना एसी-पंखे के रक्तदान करने को मजबूर लोग 

गढ़वा से प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट  Garhwa News: एक तरफ प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लोगों से बढ़-चढ़कर रक्तदान करने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गढ़वा जिले के सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक की व्यवस्था इन दिनों खुद ‘वेंटिलेटर’ पर नजर आ रही है. इस भीषण गर्मी के बीच ब्लड बैंक के एसी और पंखे लंबे समय से खराब पड़े हैं. स्थिति इतनी खराब है कि रक्तदाताओं और मरीजों को गर्म वातावरण में उबलते हुए रक्तदान करना पड़ रहा है. ब्लड बैंक में सिर्फ हवा-पानी की ही किल्लत नहीं है, बल्कि जीवन रक्षक उपकरणों का भी टोटा है.  जरूरी उपकरणों की कमी पर सवाल रक्तदाताओं से मिली जानकारी के मुताबिक रक्त संग्रह के समय ब्लड बैग के वजन और खून की सटीक मात्रा की निगरानी करने वाली मशीन ही उपलब्ध नहीं है. मशीन न होने के कारण नीचे जमीन पर रखकर अनुमान के आधार पर ही ब्लड बैग भरा जा रहा है, जो कि मेडिकल मानकों के लिहाज से बेहद गंभीर और चिंता का विषय है.  नियमित रक्तदाताओं में नाराजगी  नियमित रक्तदाता अतुलधर दुबे ने ब्लड बैंक की बदहाली पर गहरा रोष जताया है. उन्होंने कहा, “हम लोग समाज को रक्तदान के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन यहां की स्थिति डराने वाली है. न पंखे चल रहे हैं, न एसी. रक्तदान के बाद वैसे ही शरीर को आराम और ठंडक की जरूरत होती है. अगर इस उमस और गर्मी में कोई रक्तदाता बेहोश होकर गिर जाए, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?  विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल  स्थानीय लोगों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण अब लोग इस चिलचिलाती गर्मी में रक्तदान केंद्र आने से कतराने लगे हैं, जिससे ब्लड बैंक में खून की कमी भी हो सकती है. बताया जा रहा है कि ब्लड बैंक की इस दुर्दशा की जानकारी संबंधित विभागीय अधिकारियों को काफी पहले ही दे दी गई है, लेकिन अब तक इसे ठीक करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. स्वास्थ्य विभाग का यह उदासीन रवैया जागरूकता अभियानों की हवा निकाल रहा है. ब्लड बैंक जैसी संवेदनशील जगह पर ऐसी लापरवाही मरीजों की जान से खिलवाड़ के बराबर है. अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा इस समाचार के बाद कब तक नींद से जागता है और व्यवस्था दुरुस्त करता है.  यह भी पढ़ें: कोडरमा विधायक के ड्राइवर राजकुमार यादव हत्याकांड को लेकर फूटा जनाक्रोश, दो घंटे तक सड़क जाम यह भी पढ़ें: रांची के बहुबाजार-सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाई ओवर का काम सिर्फ 37%, 14 जून को खत्म हो रही डेडलाइन The post गढ़वा सदर अस्पताल का ‘ब्लड बैंक’ बदहाल: गर्मी में बिना एसी-पंखे के रक्तदान करने को मजबूर लोग  appeared first on Naya Vichar.

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