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June 5, 2026

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‘ये लोग चाहते हैं कि मेरी फोटो पर माला चढ़ जाए…’, खान सर ने बताया क्यों करनी पड़ी गार्ड को फायरिंग

Khan Sir Coaching Attack: पटना में कोचिंग सेंटर पर हुए हमले और फायरिंग विवाद के बीच खान सर ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है. क्लासरूम में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने न सिर्फ फायरिंग को आत्मरक्षा का कदम बताया, बल्कि यह भी कहा कि हालात ऐसे थे कि अगर सुरक्षा गार्ड जवाबी कार्रवाई नहीं करते तो बड़ा नुकसान हो सकता था. अपने बयान में खान सर ने भावुक और आक्रामक दोनों अंदाज दिखाए. उन्होंने कहा कि कुछ लोग चाहते थे कि उनके साथ कोई बड़ी घटना हो जाए और बाद में उनके फोटो पर माला चढ़ाई जाए. खान सर बोले- पुलिस उड़कर नहीं आ जाएगी, आने में समय लगता है फायरिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर खान सर ने कहा कि घटना के समय पुलिस मौके पर मौजूद नहीं थी और उसे पहुंचने में समय लगा. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को आने में समय लगता है. पुलिस उड़कर नहीं आ जाएगी. जब तक पुलिस नहीं आई थी, तब तक एक बॉडीगार्ड को क्या करना चाहिए था?उनका तर्क था कि सुरक्षा गार्ड इसी लिए रखे जाते हैं ताकि आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा की जा सके. ‘गार्ड किसी आदमी पर फायरिंग नहीं कर रहा था’ खान सर ने कहा कि घटना को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. उनके मुताबिक यह कोई आपराधिक या हमला करने वाली फायरिंग नहीं थी. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या किसी आदमी पर फायरिंग की गई है? क्या चोरों की तरह फायरिंग किया गया है? उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा गार्ड ने केवल आत्मरक्षा और भीड़ को रोकने के लिए कार्रवाई की थी. मेरे गार्ड को मारकर अधमरा कर दिया गया था- खान सर घटना पर अपना पक्ष रखते हुए खान सर ने कहा कि हमलावरों ने उनके गार्ड के साथ बुरी तरह मारपीट की थी. उन्होंने आगे कहा कि मेरे घर रात में लोग आए. मेरे गार्ड को मारकर अधमरा कर दिया गया. खान सर का कहना है कि ऐसी स्थिति में सुरक्षा कर्मियों से निष्क्रिय रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती. ‘क्या हम फूल फेंकते, आरती की थाली लेकर खड़े रहते?’ अपने बयान के दौरान खान सर ने तीखा सवाल भी उठाया. उन्होंने कहा कि तो क्या उस समय हम लोग उन पर फूल फेंकते? क्या हम आरती की थाली लेकर खड़े रहते कि मुझे भी मार दो? इस बयान के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि उनके अनुसार घटना के वक्त हालात सामान्य नहीं थे और सुरक्षा के लिए तत्काल प्रतिक्रिया जरूरी थी. ये लोग चाहते हैं कि खान सर के फोटो पर माला चढ़ जाए- खान सर बच्चों को पढ़ाने के दौरान खान सर ने सबसे भावुक टिप्पणी तब की, जब उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहते थे. उन्होंने कहा कि ये लोग चाहते हैं कि खान सर के फोटो के ऊपर माला चढ़ जाए. यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है. CCTV दिखाकर छात्रों को समझा रहे पूरा घटनाक्रम फायरिंग विवाद पर सफाई देने के साथ-साथ खान सर क्लासरूम में CCTV फुटेज दिखाकर पूरी घटना का विश्लेषण भी करते नजर आए. वायरल वीडियो में वह स्क्रीन पर मार्कर से लोगों की पहचान बताते हुए दिखाई दे रहे हैं. वह छात्रों को समझा रहे हैं कि कौन व्यक्ति कहां मौजूद था और किन लोगों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है. उन्होंने यह भी दावा किया कि मीडिया घटना का केवल एक हिस्सा दिखा रही है, जबकि पूरी सच्चाई सामने नहीं लाई जा रही. किताब हाथ में लेकर खाई ‘विद्या कसम’ वीडियो में खान सर हाथ में किताब लेकर यह कहते भी नजर आते हैं कि कोचिंग पर लगातार गोलियां चली थीं और सच्चाई को छिपाया जा रहा है. अपनी बात पर भरोसा दिलाने के लिए उन्होंने छात्रों के सामने कहा कि हम विद्या कसम खाते हैं।. फायरिंग वीडियो के बाद बढ़ीं मुश्किलें फायरिंग से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है. कोचिंग के दोनों गार्ड्स से पूछताछ की गई और उनके हथियारों को जब्त कर सत्यापन के लिए भेजा गया है. कदमकुआं थाने में इस मामले में नई एफआईआर भी दर्ज की गई है. पुलिस वीडियो और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. Also Read: क्लासरूम में खान सर बने इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर, बच्चों को पढ़ाने के बजाए CCTV फुटेज दिखाकर हमले का विश्लेषण करते दिखे The post ‘ये लोग चाहते हैं कि मेरी फोटो पर माला चढ़ जाए…’, खान सर ने बताया क्यों करनी पड़ी गार्ड को फायरिंग appeared first on Naya Vichar.

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महिला टी20 विश्व कप 12 जून से शुरू, जानें चैंपियन और उपविजेता टीम को मिलेगी कितनी प्राइज मनी 

Prize Money: आईसीसी स्त्री टी20 विश्व कप 2026 के रोमांचक सफर की शुरुआत होने वाली है. 12 जून से 5 जुलाई तक इंग्लैंड और वेल्स के मैदानों पर होने वाले इस 10वें संस्करण में दुनिया की 12 बेहतरीन टीमें कुल 33 मैचों में खिताब के लिए भिड़ेंगी. टूर्नामेंट के इस बढ़े हुए फॉर्मेट में टीमों को 6-6 के दो ग्रुप में रखा गया है, जिसमें हिंदुस्तान और पाकिस्तान को ग्रुप-1 में जगह मिली है. इस बार आईसीसी ने स्त्री क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा प्राइज पूल घोषित किया है, जो पिछले टूर्नामेंट के मुकाबले 10% ज्यादा है. क्या आरसीबी से ज्यादा पैसे उपविजेता को मिलेंगे आईपीएल 2026 में आरसीबी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया और विजेता के तौर पर उन्हें ₹20 करोड़ की प्राइज मनी मिली. जबकि WPL 2026 जीतने पर आरसीबी विमेंस टीम को ₹6 करोड़ मिले थे. अगर हम स्त्री टी20 विश्व कप 2026 की रनर-अप टीम की बात करें, तो उसे आईसीसी की तरफ से 11.7 लाख डॉलर (यानी करीब ₹10 करोड़) मिलेंगे. इसका मतलब यह हुआ कि विश्व कप की रनर-अप टीम को मिलने वाली राशि, आईपीएल चैंपियन आरसीबी से ज्यादा नहीं बल्कि करीब ₹10 करोड़ कम है. विजेताओं पर होगी पैसों की बारिश अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने आगामी स्त्री टी20 विश्व कप के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए रिकॉर्ड 8,764,615 अमेरिकी डॉलर (लगभग 73.5 करोड़ रुपये) के कुल प्राइज पूल (इनामी राशि) की घोषणा की है. यह वैश्विक संस्था द्वारा स्त्री क्रिकेट को बढ़ावा देने और स्पोर्ट्स में लैंगिक समानता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह नई इनामी राशि साल 2024 में आयोजित पिछले संस्करण की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है, जो स्त्री क्रिकेट के तेजी से बढ़ते ग्राफ को दर्शाती है. किसे मिलेगी कितनी राशि स्थान / उपलब्धि इनामी राशि (USD) इनामी राशि (हिंदुस्तानीय रुपये में) विजेता $2,340,000 ~ ₹21.8 करोड़ उपविजेता $1,170,000 ~ ₹10.9 करोड़ सेमीफाइनलिस्ट (प्रति टीम) $675,000 ~ ₹6.29 करोड़ ग्रुप स्टेज में हर एक जीत $31,154 ~ ₹29 लाख न्यूनतम भागीदारी राशि (सभी 12 टीमों के लिए सुनिश्चित) $247,500 ~ ₹2.06 करोड़ यह भी पढ़े- सूर्यकुमार यादव की छुट्टी, श्रेयस को मिल सकती है टी20 की कमान The post स्त्री टी20 विश्व कप 12 जून से शुरू, जानें चैंपियन और उपविजेता टीम को मिलेगी कितनी प्राइज मनी  appeared first on Naya Vichar.

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मॉनसून में AC चलाने का क्या है सही तरीका? जानें कौन सा मोड ऑन करें और कौन सा ऑफ

हिंदुस्तान में मॉनसून की एंट्री हो चुकी है. इस दौरान गर्मी से थोड़ी राहत तो जरूर मिलती है, लेकिन नमी और चिपचिपाहट बढ़ जाती है. ऐसे में अगर आप अपने AC को उसी सेटिंग पर चलाते हैं जैसे गर्मियों में चलाते थे, तो न तो सही कूलिंग मिलेगी और बिजली का बिल भी बढ़ेगा. बारिश के दिनों में हवा में नमी ज्यादा होती है और टेम्परेचर भी कम रहता है. इसलिए AC का सही स्मार्ट तरीके से यूज करना जरूरी हो जाता है. कुछ खास मोड्स को सही समय पर यूज करके आप घर को कम्फर्टेबल भी रख सकते हैं और बिजली भी बचा सकते हैं. आइए इसे डिटेल में जानते हैं. ड्राई मोड  बारिश के मौसम में हवा अक्सर भारी और चिपचिपी सी लगने लगती है. ऐसे में AC का ड्राई मोड काफी काम आता है. ये सिर्फ कमरे को ठंडा नहीं करता, बल्कि हवा में मौजूद एक्स्ट्रा नमी को भी निकाल देता है. नतीजा ये होता है कि घर का माहौल ज्यादा फ्रेश और कम्फर्टेबल फील होता है. साथ ही AC नॉर्मल कूलिंग मोड के मुकाबले कम बिजली भी खर्च करता है. ऑटो फैन स्पीड बारिश के मौसम में अपने AC में ‘ऑटो फैन स्पीड’ सेटिंग ऑन करना काफी काम की चीज है. इस मौसम में कभी नमी ज्यादा होती है तो कभी टेम्परेचर बदलता रहता है. ऐसे में जब फैन स्पीड ऑटो पर रहती है, तो AC खुद ही कमरे के हिसाब से हवा की स्पीड एडजस्ट कर लेता है. आपको बार-बार जाकर सेटिंग बदलने की झंझट नहीं रहती. यह भी पढ़ें: स्टैंड फैन का यह ट्रिक बढ़ा सकता है AC की कूलिंग और घटा देगा बिजली बिल, जानें कैसे स्विंग मोड मानसून के दौरान कमरे में नमी वाली हवा हर जगह बराबर नहीं फैलती. कई बार घर के कुछ कोने ज्यादा गर्म या ज्यादा चिपचिपे महसूस होने लगते हैं. ऐसे में स्विंग मोड काम आता है. यह AC के वेंट्स को लगातार मूव करता रहता है. इससे ठंडी और सूखी हवा कमरे के हर कोने तक आसानी से पहुंच जाती है. AC स्लीप मोड और टाइमर मानसून की रातें गर्मियों की तुलना में ठंडी होती हैं. इसलिए पूरी रात AC चलाने की जरूरत नहीं पड़ती. ऐसे में स्लीप मोड बहुत काम आता है. क्योंकि यह रात बढ़ने के साथ धीरे-धीरे कूलिंग कम करता जाता है. वहीं टाइमर लगाने से AC फिक्स टाइम के बाद अपने आप बंद हो जाता है. अगर आप दोनों फीचर्स का सही यूज करें, तो न सिर्फ कमरे में नमी कंट्रोल में रहती है, बल्कि आपकी नींद भी कम्फर्टेबल बनी रहती है. टर्बो और पावरफुल मोड  ये मोड खास तौर पर तब काम आता है जब गर्मी बहुत ज्यादा हो और आपको कमरे को जल्दी ठंडा करना हो. लेकिन बारिश के मौसम में इसकी जरूरत नहीं पड़ती. ऐसे में इसे चालू रखने से सिर्फ बिजली की बर्बादी होती है. इसकी वजह से कमरा जरूरत से ज्यादा ठंडा भी हो सकता है. इसलिए मॉनसून में इस मोड का यूज करना बेहतर नहीं होता. यह भी पढ़ें: AC के साथ स्टेबलाइजर लगवाएं या छोड़ दें? जानें आपके घर के लिए क्या है सही ऑप्शन The post मॉनसून में AC चलाने का क्या है सही तरीका? जानें कौन सा मोड ऑन करें और कौन सा ऑफ appeared first on Naya Vichar.

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5 साल का होने वाला है आपका बच्चा? जन्मदिन पर तोहफे में दें ये 5 चीजें, खेलने के साथ नई चीजें सीखने का भी मिलेगा मौका

Birthday Gift Ideas: शिशु का पांचवां जन्मदिन सिर्फ उसके लिए नहीं बल्कि माता-पिता के लिए भी काफी ज्यादा खास होता है. जब शिशु की उम्र 5 साल की हो जाती है तो वह काफी तेजी से ग्रो करने लगता है और साथ ही उसका दिमाग भी नई चीजों को सीखने के लिए तैयार हो चुका होता है. इस उम्र में वे सिर्फ खिलौनों से स्पोर्ट्सना नहीं चाहते हैं, बल्कि उनके अंदर हर एक चीज को करीब से समझने और जानने की उत्सुकता भी बढ़ जाती है. अगर आपके शिशु की उम्र 5 साल होने वाली है और आप उसे जन्मदिन पर कुछ ऐसा देना चाहते हैं जिससे वह स्पोर्ट्स भी सके और उसका दिमाग भी बेहतर तरीके से डेवलप हो सके, तो आज की यह आर्टिकल आपके लिए एक गाइड की तरह होने वाला है. आज हम आपको 5 ऐसे बेहतरीन गिफ्ट आइडियाज बताने जा रहे हैं जो सिर्फ स्पोर्ट्सने में नहीं बल्कि शिशु के दिमाग को डेवलप होने में भी मदद करेंगे. चलिए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से. लेगो या बिल्डिंग ब्लॉक्स 5 साल के बच्चों के लिए लेगो या फिर बिल्डिंग ब्लॉक्स को हमेशा से ही एक बेहतरीन तोहफा माना जाता रहा है. कलरफुल ब्लॉक्स को आपस में जोड़कर शिशु घर, कार या फिर रोबोट बना सकते हैं. बच्चों को इस तरह की एक्टिविटीज करना काफी ज्यादा अच्छा लगता है. लेगो या बिल्डिंग ब्लॉक्स का इस्तेमाल करने से उनके सोचने की कैपिसिटी बेहतर होती है और साथ ही उनका फोकस भी एक ही जगह पर टिका हुआ रहता है. जब आपका बच्चा अपने हाथों से कुछ नया बनाता है, तो उसका कॉन्फिडेंस भी बढ़ने लग जाता है. यह एक ऐसा खिलौना है जिससे आपके शिशु कभी बोर नहीं होते हैं. चित्र और कहानियों वाली किताबें अगर आप अपने शिशु के अंदर बचपन से ही अच्छी आदतें डालना चाहते हैं, तो किताबों से बेहतर गिफ्ट उनके लिए और कुछ भी नहीं हो सकता है. 5 साल के शिशु अक्सर बड़े चित्रों और रंगीन अक्षरों वाली कहानियों की किताबों से बहुत ही ज्यादा अट्रैक्ट होते हैं. आप अगर चाहें तो इस जन्मदिन अपने शिशु को पंचतंत्र की कहानियां, परियों की कहानियों या फिर जानकारी से भरपूर किताबें गिफ्ट में दे सकते हैं. इन किताबों को देखकर और पढ़कर आपके शिशु की भाषा बेहतर होती है और साथ ही उनका इमेजिनेशन पावर भी बेहतर होता है. इन किताबों को पढ़कर आपके शिशु को हर दिन कुछ नया सीखने का मौका मिलता है. फिजिकल डेवलपमेंट के लिए साइकिल या स्कूटर आपका शिशु का मेंटल और फिजिकल डेवलपमेंट सही तरीके से हो, इस बात का आपको खास ख्याल रखना चाहिए. जब आपके शिशु की उम्र 5 ससाल होती है तो वह अंदर से काफी ज्यादा एक्टिव रहता है और उसे इस समय घर के बाहर जाकर स्पोर्ट्सना ज्यादा अच्छा लगता है. अगर आप इनके फिजिकल ग्रोथ का भी सही से ख्याल रखना चाहते हैं तो इस जन्मदिन आपको उसे सपोर्टिंग व्हील्स वाली एक छोटी साइकिल या तीन पहियों वाला स्कूटर गिफ्ट में देना चाहिए. इससे उनके शरीर की अच्छी एक्सरसाइज होगी, पैरों को मजबूती मिलेगी और साथ ही वे बैलेंसिंग भी सीख जाएंगे. आर्टिस्ट को बाहर निकालने के लिए आर्ट एंड क्राफ्ट किट अगर आपके शिशु को रंगों से स्पोर्ट्सना, चित्र बनाना या फिर अपनी इमेजिनेशन को कॉपी में उतारना अच्छा लगता है, तो आपको उन्हें गिफ्ट में एक आर्ट एंड क्राफ्ट किट देना चाहिए. इस बात का ख्याल रखें कि इसमें क्रेयॉन, स्केच पेन, ड्राइंग बुक, क्ले और कुछ मजेदार स्टिकर्स जरूर मौजूद हों. आपके शिशु किट में मौजूद क्ले से अलग-अलग शेप्स बनाते हैं और साथ ही उनमें अपने पसंद का रंग रंग भी भर सकते हैं. यह छोटा सा किट उनके इमेजिनेशन पावर को बढ़ाने में काफी ज्यादा मदद कर सकता है. अगर आपके शिशु के अंदर कोई आर्टिस्ट छिपा हुआ है, तो यह उस आर्टिस्ट को बाहर निकालने में मदद कर सकता है. दिमाग दौड़ाने में मदद करेंगे पजल और बोर्ड गेम्स 5 साल के बच्चों के लिए इजी पजल्स जैसे कि जानवरों और फलों को जोड़ना, सिंपल बोर्ड गेम्स जैसे कि लूडो और सांप-सीढ़ी बहुत ही ज्यादा मजेदार लगते हैं. जब आपके शिशु इन गेम्स को स्पोर्ट्सते हैं तो उन्हें अपना दिमाग काफी तेज दौड़ाना पड़ता है. इन गेम्स को स्पोर्ट्सकर आपके शिशु के अंदर प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स बेहतर होने लगती हैं. इसके अलावा जब आपके शिशु आपके साथ बैठकर ही इन पजल्स और गेम्स को स्पोर्ट्सते हैं, तो उन्हें परिवार के साथ मिलजुलकर रहना और अपनी बारी का इंतजार करना भी सीखने का मौका मिलता है. ये भी पढ़ें: क्या आप भी अपने शिशु को बनाना चाहते हैं सफल? आज रात सोने से पहले उनसे जरूर कहें ये 5 जादुई बातें The post 5 साल का होने वाला है आपका बच्चा? जन्मदिन पर तोहफे में दें ये 5 चीजें, स्पोर्ट्सने के साथ नई चीजें सीखने का भी मिलेगा मौका appeared first on Naya Vichar.

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नाबालिग करोड़पति बने वैभव सूर्यवंशी, क्या देना होगा इनकम टैक्स ? जानिए IT कानून के नियम

Minor Income Tax Rules : महज 15 साल की उम्र में आईपीएल (IPL) कॉन्ट्रैक्ट, लीग मैच और बड़े-बड़े ब्रांड एंडोर्समेंट के जरिए करीब 7 करोड़ रुपये कमाकर क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने सबको हैरान कर दिया है. इतनी कम उम्र में इतनी मोटी कमाई देखने के बाद हर किसी के मन में एक ही सवाल उठ रहा है. “क्या इतने छोटे शिशु को भी इनकम टैक्स देना पड़ता है? या नाबालिग होने के नाते उन्हें टैक्स से छूट मिलती है?” हिंदुस्तानीय आयकर कानून (Income Tax Act) के मुताबिक, नाबालिगों की कमाई पर टैक्स लगाने के नियम आम वयस्कों (Adults) से थोड़े अलग हैं. आइए समझते हैं कि वैभव सूर्यवंशी की कमाई पर टैक्स का क्या गणित लागू होगा. नियम 1 जब शिशु की कमाई माता-पिता की इनकम में जोड़ी जाती है (Clubbing of Income) आमतौर पर शिशु खुद कोई बिजनेस या नौकरी नहीं करते हैं, लेकिन उनके नाम पर बैंक में एफडी (FD) या सेविंग अकाउंट होता है जिससे ब्याज (Interest) की कमाई होती है. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 64(1ए) के तहत, किसी नाबालिग शिशु की ऐसी पैसिव इनकम (जैसे ब्याज या निवेश से मुनाफा) को उसके माता या पिता की आय में जोड़ दिया जाता है. माता और पिता में से जिसकी सालाना टैक्सेबल इनकम ज्यादा होगी, शिशु की कमाई भी उसी की इनकम में जोड़कर उस पर टैक्स वसूला जाएगा. आयकर अधिनियम की धारा 10(32) के तहत, माता-पिता को प्रत्येक नाबालिग शिशु की ऐसी कमाई पर सालाना केवल 1,500 रुपये की छूट मिलती है. इससे ज्यादा की रकम पर माता-पिता को अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होता है. इन 3 मामलों में माता-पिता की इनकम में नहीं जुड़ती शिशु की कमाई इनकम टैक्स कानून में कुछ खास परिस्थितियां हैं जहां शिशु की कमाई को माता-पिता की आय के साथ नहीं ‘क्लब’ किया जाता. अगर माता-पिता का तलाक हो चुका है, तो शिशु की इनकम उस पैरेंट की आय में जुड़ेगी जो शिशु की देखरेख (Custody) कर रहा है. यदि किसी शिशु के माता-पिता दोनों इस दुनिया में नहीं हैं, तो शिशु की कमाई को उसके कानूनी अभिभावक (Guardian) की इनकम में नहीं जोड़ा जाता. ऐसे में शिशु का अलग से आईटीआर (ITR) फाइल होता है. धारा 80U के तहत अगर कोई नाबालिग बच्चा 40% से अधिक शारीरिक या मानसिक रूप से विकलांग (जैसे अंधापन, चलने-फिरने में दिक्कत आदि) है, तो उसकी कमाई माता-पिता की इनकम में नहीं जोड़ी जाती. नियम 2 वैभव सूर्यवंशी से होने वाली कमाई पर टैक्स का नियम अब बात करते हैं वैभव सूर्यवंशी की, जिन्होंने अपनी क्रिकेटिंग स्किल और पर्सनल टैलेंट के दम पर करोड़ों रुपये कमाए हैं. यदि किसी नाबालिग ने अपनी खुद की प्रतिभा, विशेष ज्ञान, एक्टिंग, क्रिकेट, शतरंज, गायन, ब्रांड एंडोर्समेंट या सोशल मीडिया कॉन्टेंट क्रिएशन के जरिए पैसा कमाया है, तो वह कमाई माता-पिता की इनकम में नहीं जोड़ी जाएगी. इस कमाई पर खुद उस नाबालिग शिशु को ही टैक्स चुकाना होगा. यही नियम रियलिटी शो के बाल कलाकारों, बाल गायकों, यूट्यूबर्स और मास्टरशेफ जैसे शोज में हिस्सा लेने वाले बच्चों पर भी लागू होता है. नाबालिग कैसे भरते हैं टैक्स ? टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभावान नाबालिगों की टैक्स गणना और फॉर्म भरने का तरीका इस प्रकार होता है. नाबालिगों की इस टैलेंटेड इनकम पर भी देश के सामान्य टैक्स स्लैब रेट्स (Tax Slab Rates) के हिसाब से ही टैक्स लगता है. उन्हें कोई अलग से विशेष छूट नहीं मिलती. स्पोर्ट्स, स्पॉन्सरशिप और एंडोर्समेंट से होने वाली इस कमाई को “बिजनेस या पेशे से होने वाले फायदे और कमाई” (Profits and Gains of Business or Profession – PGBP) के तहत रिपोर्ट किया जाता है. इस तरह की प्रोफेशनल या बिजनेस इनकम के लिए आमतौर पर ITR-3 फॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है. चूंकि बच्चा नाबालिग है, इसलिए वह खुद कानूनी रूप से फॉर्म साइन नहीं कर सकता. यह रिटर्न नाबालिग के नाम पर उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक के जरिए ही फाइल किया जाता है. इसमें माता-पिता ‘प्रतिनिधि करदाता’ (Representative Assessee) के रूप में काम करते हैं. Also Read : टैक्सपेयर्स ध्यान दें! जून में ही निपटा लें ये काम, नहीं तो भुगतना पड़ेगा जुर्माना  The post नाबालिग करोड़पति बने वैभव सूर्यवंशी, क्या देना होगा इनकम टैक्स ? जानिए IT कानून के नियम appeared first on Naya Vichar.

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शपथग्रहण के दूसरे दिन कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने दिया इस्तीफा, CM डीके शिवकुमार ने कहा-हम समस्या सुलझा लेंगे

Ramalinga Reddy : कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही असंतोष उभरकर सामने आने लगा है. डीके शिवकुमार ने 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है और 5 जून को उनके कैबिनेट के एक मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कर्नाटक के मंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है. रामलिंगा रेड्डी ने कर्नाटक मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे पर नाराजगी जताते हुए शुक्रवार को मंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा की. रेड्डी ने कहा कि उन्होंने किसी खास विभाग की मांग नहीं की थी .जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी नेतृत्व द्वारा राजी किए जाने पर या उन्हें मनचाहा विभाग दिए जाने पर वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे, तो रेड्डी ने दृढ़ता से नहीं में जवाब दिया. वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस घटनाक्रम से निराश होने के बावजूद उन्हें किसी भी नेता के प्रति कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं है. उन्होंने कहा, मुझे सिद्धरमैया से कोई नाराजगी नहीं है. मुझे शिवकुमार से कोई नाराजगी नहीं है.मुझे खरगे से कोई नाराजगी नहीं है. मुझे आलाकमान से कोई नाराजगी नहीं है. विभागों के बंटवारे से नाखुश हैं रामलिंगा रेड्डी #WATCH | Bengaluru | Ramalinga Reddy resigns as Karnataka Minister, says, “I am still in the Congress party; I have not resigned from the party. I have been in the Congress party for the past 53 years. I have handled several responsibilities within the party.I have served as a… pic.twitter.com/5SnASNSpJl — ANI (@ANI) June 5, 2026 शुक्रवार को रामलिंगा रेड्डी ने एक प्रेस वार्ता की जिसमें उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा की. गौरतलब है कि बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ के बाद बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे की घोषणा की. विभागों के बंटवारे से रामलिंगा रेड्डी नाराज हैं. उन्होंने कहा कि वह बेंगलुरु विकास विभाग चाहते थे, लेकिन उन्हें बड़ी और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का विभाग सौंप दिया गया. रेड्डी ने कहा कि मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं क्योंकि मैं अपनी अंतरात्मा के विरुद्ध जाकर काम नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि मैं इस अपमान को सहन नहीं कर सकता हूं, इस्तीफे के अलावा मेरे पास विकल्प ही क्या है.रेड्डी ने पत्रकारों से कहा कि डीके शिवकुमार ने मुझे दो बार फोन किया और मुझे बेंगलुरु विकास विभाग देने का वादा किया, लेकिन अंत में वह किसी और को मिल गया. मुझे दुख हुआ है, अतः आज मैं इस्तीफा दे रहा हूं.हालांकि, उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में बने रहेंगे और विधायक पद पर रहेंगे. डीके शिवकुमार ने कहा- हम समस्या को सुलझा लेंगे #WATCH | Bengaluru | On Ramalinga Reddy resigning as Karnataka Minister, state CM DK Shivakumar says, “Nothing to worry. He is a great friend. We are the closest friends among the Cabinet. We will sort out the problem.” pic.twitter.com/AQOQW2QQfY — ANI (@ANI) June 5, 2026 कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है. वह बहुत अच्छे दोस्त हैं. हम कैबिनेट में सबसे करीबी दोस्त हैं, इसलिए हम समस्या सुलझा लेंगे. रामलिंगा रेड्डी मेरे साथी और हमारे सीनियर लीडर हैं. उन्होंने कहा कि वह गांव जाकर काम नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि मुझे उन्हें कोई और मिनिस्टर का पद देना चाहिए. मैं रामलिंगा रेड्डी से बात करूंगा और सब ठीक कर दूंगा. ये भी पढ़ें :बंगाल की नेतृत्व में संक्रमण काल, ममता के सामने कुनबे को जोड़कर रखने की चुनौती, क्या होगा भविष्य? देश में आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हुईं स्त्रीएं, लेकिन 22.3% अभी भी पतियों से पिट रहीं The post शपथग्रहण के दूसरे दिन कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने दिया इस्तीफा, CM डीके शिवकुमार ने कहा-हम समस्या सुलझा लेंगे appeared first on Naya Vichar.

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अन्नामलाई ने किया नई पार्टी बनाने का ऐलान, लड़ेंगे अगला विधानसभा चुनाव

के. अन्नामलाई ने बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद कहा कि आज हम एक नया आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं. हमारी नेतृत्वक पार्टी तमिलनाडु में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरेगी. उन्होंने संकेत दिया कि अब वे अपनी नई पार्टी के साथ राज्य की नेतृत्व में नई पारी शुरू करेंगे. After resigning from the BJP, K Annamalai says, “Today, we are going to start a movement. Our political party will contest in the next assembly election in Tamil Nadu.” pic.twitter.com/RtWoJQ5LUQ — ANI (@ANI) June 5, 2026 अन्नामलाई ने कहा कि मेरे सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि मैं पहले बीजेपी का कार्यकर्ता हूं या तमिल. मैंने 4 दिसंबर 2025 को ही पार्टी को बता दिया था कि मैं इस्तीफा देने वाला हूं. हालांकि पार्टी ने मुझसे कहा कि पहले चुनाव की जिम्मेदारी पूरी करें, उसके बाद फैसला लें. यह भी पढ़ेंं : तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई ने छोड़ी पार्टी, इस्तीफा मंजूर After resigning from the BJP, K Annamalai says, “It was a great conflict whether I am a BJP person or a Tamilian. I told the party on 4 December 2025 that I am going to resign. The party asked me to finish the elections and then go.” pic.twitter.com/CTaku5c6Xz — ANI (@ANI) June 5, 2026 अन्नामलाई ने सोशल मीडिया पर अपने संबोधन में कहा कि लक्ष्य बड़े हैं, और भी लोगों को साथ लेकर चलना होगा. मैंने एक नए प्रकार की नेतृत्व की शुरुआत करने के लिए गरिमापूर्ण तरीके से बीजेपी छोड़ दी है. उन्होंने कहा कि मैंने बीजेपी में रहते हुए तमिलनाडु की पहचान, संस्कृति, जल अधिकार सहित किसी भी अधिकार को लेकर कभी समझौता नहीं किया. The post अन्नामलाई ने किया नई पार्टी बनाने का ऐलान, लड़ेंगे अगला विधानसभा चुनाव appeared first on Naya Vichar.

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7 साल बाद नॉर्थ कोरिया जाएंगे जिनपिंग, प्योंगयांग में पकेगी ‘न्यूक्लियर खिचड़ी’ या ‘रूस की यारी’ पर चलेगी आरी

Xi Jinping North Korea Visit: चीन और उत्तर कोरिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे करीबी संबंधों को एक बार फिर नई मजबूती मिलने जा रही है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले सप्ताह उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग का दौरा करेंगे. वह सात साल बाद उत्तर कोरिया जाएंगे. इसे क्षेत्रीय और वैश्विक नेतृत्व के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. चीन के प्रशासनी प्रसारक सीसीटीवी ने शुक्रवार को इस दौरे की आधिकारिक घोषणा की. कुछ विशेषज्ञ इसे उत्तर कोरिया में बढ़ते रूसी प्रभाव को काउंटर करने वाले चीनी प्रयास के रूप में भी देख रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के निमंत्रण पर शी जिनपिंग 8 और 9 जून को उत्तर कोरिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगे. सीसीटीवी के मुताबिक, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दो दिवसीय दौरे के दौरान उत्तर कोरियाई नेतृत्व के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करेंगे. हालांकि दोनों देशों की ओर से बातचीत के एजेंडे का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम प्रमुख विषयों में शामिल हो सकता है. परमाणु कार्यक्रम पर रह सकती है नजर यात्रा की घोषणा से ठीक एक दिन पहले उत्तर कोरिया ने एक ऐसी नई सुविधा का खुलासा किया था, जहां परमाणु बम निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री तैयार की जा सकती है. उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय लंबे समय से चिंता जताता रहा है और इस मुद्दे पर कई देशों ने प्योंगयांग पर प्रतिबंध भी लगाए हुए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में जब उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक शक्ति संतुलन को लेकर चर्चा तेज है, शी जिनपिंग का प्योंगयांग दौरा सिर्फ द्विपक्षीय रिश्तों तक सीमित नहीं रहेगा. इस यात्रा के संदेश पर अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य प्रमुख देश भी करीबी नजर रखेंगे. हाल के दिनों में उत्तर कोरिया ने कई परमाणु परीक्षण ऐसे किए हैं, जिससे उसके पड़ोसी देश- दक्षिण कोरिया और जापान असहज हुए थे.  क्या रूस-उत्तर कोरिया की बढ़ती नजदीकियां भी शी जिनपिंग की यात्रा की वजह हैं? CSIS के विशेषज्ञों का मानना है कि शी जिनपिंग का यह दौरा केवल औपचारिक कूटनीतिक यात्रा नहीं है. पिछले दो वर्षों में उत्तर कोरिया और रूस के बीच संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं. दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, हथियारों के सौदे और यूक्रेन युद्ध से जुड़े सैन्य संपर्कों में वृद्धि देखी गई है. किम जोंग उन और व्लादिमीर पुतिन की बढ़ती नजदीकियों ने क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है. कुछ अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि चीन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उत्तर कोरिया के साथ उसका पारंपरिक प्रभाव और रणनीतिक संबंध कमजोर न पड़ें. चीन लंबे समय से उत्तर कोरिया का सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और नेतृत्वक सहयोगी रहा है. ऐसे में शी जिनपिंग की 2026 की पहली विदेश यात्रा के लिए प्योंगयांग का चयन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि बीजिंग कोरियाई प्रायद्वीप में अपनी केंद्रीय भूमिका को बनाए रखने के प्रति गंभीर है. हालांकि चीन की ओर से आधिकारिक रूप से इस यात्रा को दोनों देशों की पारंपरिक मित्रता और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की पहल बताया गया है. बीजिंग ने रूस-उत्तर कोरिया संबंधों को लेकर किसी सार्वजनिक चिंता का संकेत नहीं दिया है. 🇨🇳🇰🇵 Xi’s 1st overseas trip of 2026 is to North Korea, and the timing isn’t an accident. Kim has been getting cozy with Moscow: Arms deals, military cooperation, and battlefield experience in Ukraine. Russia has been chipping away at China’s grip on Pyongyang for 2 years. Xi… https://t.co/65OgwLwhgF pic.twitter.com/D17mFJzYGd — Mario Nawfal (@MarioNawfal) June 5, 2026 उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा सहयोगी है चीन उत्तर कोरिया दुनिया के सबसे अलग-थलग देशों में गिना जाता है और उस पर कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लागू हैं. ऐसे में चीन और रूस उसके सबसे महत्वपूर्ण नेतृत्वक, आर्थिक और कूटनीतिक सहयोगियों में शामिल है. बीजिंग लगातार विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्योंगयांग को समर्थन देता रहा है. वहीं रूस के साथ सीमा साझा करने की वजह से उत्तर कोरिया को उससे भी सहायता मिलती है. यही वजह है कि कोरिया के दोनों देशों से संबंध पूर्वी एशिया की नेतृत्व में विशेष महत्व रखते हैं. ये भी पढ़ें:- कौन हैं मारिया जखारोवा? विदेशियों के लिए पुतिन प्रशासन की जुबान; 23 साल में लगातार बढ़ा पद और कद ये भी पढ़ें:- एवरेस्ट पर 6 दिन तक लापता रहा, सबने माना हुई मौत; अंतिम रस्में मनीं और फिर रेंगते हुए जिंदा लौटा शेरपा 2019 के बाद पहली यात्रा हालांकि, रिश्ते मजबूत होने के बावजूद चीन के राष्ट्रपतियों की उत्तर कोरिया यात्राएं बहुत कम होती हैं. शी जिनपिंग ने इससे पहले वर्ष 2019 में उत्तर कोरिया का दौरा किया था. उनसे पहले चीन के तत्कालीन राष्ट्रपति हू जिंताओ ने 2005 में उत्तर कोरिया की यात्रा की थी. यानी पिछले 21 सालों में चीन के राष्ट्रपति तीसरी बार उत्तर कोरिया जा रहे हैं. ऐसे में शी की यह नई यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. बीजिंग में हुई थी हालिया मुलाकात इस घोषणा से पहले सितंबर में बीजिंग में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें किम जोंग उन विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए थे. द्वितीय विश्व युद्ध में जापान पर जीत की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित सैन्य परेड में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सम्मानित अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था. उस कार्यक्रम में शी जिनपिंग और किम जोंग उन के बीच मुलाकात ने भी दोनों देशों की नजदीकियों को उजागर किया था. 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Peddi Worldwide Records: वर्ल्डवाइड 100 करोड़ की आंधी के साथ पेड्डी ने इन फिल्मों के रिकॉर्ड को किया चकनाचूर

Peddi Worldwide Records: राम चरण और जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘पेड्डी’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत की और साल की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्मों में से एक बन गई. बुची बाबू सना की ओर से निर्देशित इस स्पोर्ट्स ड्रामा को पहले दिन हिंदुस्तान और वर्ल्डवाइड के दर्शकों से काफी अच्छा रिस्पांस मिला. दिलचस्प बात यह है कि तेलुगु में बनी यह पैन-इंडिया फिल्म ने ओपनिंग डे पर ही दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया. पेड्डी ने वर्ल्डवाइड मचाया तहलका पेड्डी ने हिंदुस्तान में पहले दिन 12,412 शो में 51.00 करोड़ का कलेक्शन किया. इसके साथ ही फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 82.49 करोड़ और टोटल कमाई 69.50 करोड़ हो गया है. विदेशों में फिल्म का डंका बजा और इसने 30 करोड़ की ग्रॉस कमाई कर डाली. इसके साथ टोटल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 112.49 करोड़ पर पहुंच गया. वर्ल्डवाइड ओपनिंग डे पर पेड्डी ने इन फिल्मों के रिकॉर्ड को कर दिया चकनाचूर जेलर- 96.36 बीस्ट- 82.40 गेम चेंजर- 80.09 पोन्नियिन सेलवन: पार्ट I- 80.70 पुष्पा: द राइज – पार्ट 1- 63.70 बाहुबली: द बिगिनिंग- 19.16 वेट्टैयन- 64.02 एल2: एमपुराण- 67.34 गदर 2- 53.32 करोड़ सिकंदर- 41.20 करोड़ पेड्डी के बारे में बुच्ची बाबू सना की ओर से निर्देशित, वृद्धि सिनेमाज के तहत वेंकट सतीश किलारू की ओर से निर्मित और माइथ्री मूवी मेकर्स और सुकुमार राइटिंग्स की ओर से प्रस्तुत, पेड्डी एक स्पोर्ट्स ड्रामा है, जिसमें शिव राजकुमार, जान्हवी कपूर, जगपति बाबू, दिव्येंदु और बोमन ईरानी जैसे कलाकारों की टोली है. ‘पेड्डी’ एक दृढ़ निश्चयी ग्रामीण की कहानी है, जो स्पोर्ट्स के माध्यम से अपने समुदाय को एकजुट करता है और शक्तिशाली लोगों के खिलाफ खड़ा होता है. फिल्म की रिलीज के बाद, चिरंजीवी ने राम चरण और पूरी टीम को बधाई दी. यह भी पढ़ें- Peddi Box Office Collection Day 1: ओपनिंग पर राम चरण की फिल्म ने मचाया गदर, कलेक्शन जान हो जाएंगे हैरान The post Peddi Worldwide Records: वर्ल्डवाइड 100 करोड़ की आंधी के साथ पेड्डी ने इन फिल्मों के रिकॉर्ड को किया चकनाचूर appeared first on Naya Vichar.

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17 साल पुरानी Toyota Fortuner को आज तक नहीं बेच पाए CID के दया, वीडियो में बताई वजह

हिंदुस्तान में Toyota Fortuner सिर्फ एक SUV नहीं, बल्कि एक अलग ही फैन फॉलोइंग वाली गाड़ी है. जो भी इसे खरीद लेता है, वो इसके बारे में बात करना बंद ही नहीं करता. इसकी सबसे बड़ी वजह है इसकी जबरदस्त भरोसेमंद परफॉर्मेंस और लॉन्ग लाइफ है. हाल ही में CID (Sony TV शो) फेम दयानंद शेट्टी (जिन्हें लोग ‘दया’ के नाम से जानते हैं) ने एक वीडियो शेयर किया है. इसमें उन्होंने बताया कि वो अपनी 16 साल पुरानी Toyota Fortuner को आज तक क्यों नहीं बेच पाए, और क्यों ये SUV उनके दिल के इतने करीब है. आइए देखते हैं वीडियो को. दया का Fortuner के लिए दिल से निकला प्यार ये वीडियो दया ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया है. इसमें वो अपनी Toyota Fortuner को लेकर अपनी सच्ची राय बताते नजर आ रहे हैं. वीडियो की शुरुआत में ही वो कहते हैं कि यह खास वीडियो उन्होंने अपनी Fortuner के लिए अपने प्यार को दिखाने के लिए रिकॉर्ड किया है. इसके बाद वो बताते हैं कि उन्होंने यह गाड़ी साल 2010 में खरीदी थी. उससे पहले उनके पास Toyota Innova थी, जिसे वो एक बेहतरीन और भरोसेमंद कार मानते हैं. View this post on Instagram A post shared by Dayanand Shetty (@thedayashetty) 17 साल बाद भी Fortuner आज भी है दया के साथ हालांकि वह अपनी गाड़ी अपग्रेड करना चाहते थे, और उस समय Toyota Fortuner बिल्कुल नई-नई आई थी, इसलिए उन्होंने उसे खरीद लिया. दया आगे बताते हैं कि 2026 में यह कार 17 साल पुरानी हो चुकी है. पहले 5, 10 और 15 साल के बाद उन्होंने इसे बेचकर नई गाड़ी लेने का सोचा, लेकिन हर बार कुछ न कुछ ऐसा हुआ कि फैसला टलता रहा. उन्होंने यह भी बताया कि Fortuner लेने के बाद उन्होंने कुछ और गाड़ियां भी खरीदीं, लेकिन 5-6 साल इस्तेमाल करने के बाद उन्हें बेच दिया. इसके बावजूद Fortuner के साथ उनका एक अलग ही लगाव बन गया, और वह इसे कभी भी नहीं छोड़ पाए. सालों बाद भी Fortuner का लुक है एकदम दमदार आखिर में वह गाड़ी से बाहर आते हैं और इसके एक्सटीरियर डिजाइन को दिखाते हैं. साथ ही बताते हैं कि 17 साल बाद भी यह कार आज भी कितनी शानदार लगती है. दया ये भी कहते हैं कि Toyota ने इसके लुक को लगभग वैसा ही रखा है और यह गाड़ी आज भी बिल्कुल साफ-सुथरी और बेहतरीन हालत में है. वीडियो से यह भी पता चलता है कि यह Fortuner Type 2 मॉडल है, लेकिन जैसा कि बताया गया है, गाड़ी 17 साल पुरानी है. उस समय कंपनी Type 1 मॉडल ऑफर करती थी, इसलिए चांसेस हैं कि इस Fortuner को बाद में कभी Type 2 लुक में मॉडिफाई या कन्वर्ट किया गया हो. यह भी पढ़ें: बेंगलुरु के शख्स ने 40 साल पुराने Kinetic स्कूटर को रखा संभालकर, अब खरीदा उसी का नया EV मॉडल The post 17 साल पुरानी Toyota Fortuner को आज तक नहीं बेच पाए CID के दया, वीडियो में बताई वजह appeared first on Naya Vichar.

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