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June 18, 2026

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अरूप विश्वास ने तोड़ा ममता बनर्जी का विश्वास, फ्रीज होगा तृणमूल कांग्रेस का अकाउंट

कोलकाता से मनोरंजन सिंह की रिपोर्ट Arup Biswas: तृणमूल पार्टी के कोषाध्यक्ष व राज्य के पूर्व स्पोर्ट्स मंत्री अरूप विश्वास ने एचडीएफसी बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा को पत्र लिखकर पार्टी के सभी अकाउंट फ्रीज करने और लेनदेन रोकने की मांग की है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि पार्टी में भारी गड़बड़ी चल रही है. कई सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं, विधायक बगावत कर रहे हैं. अकाउंट चलाने को लेकर है विवाद अकाउंट चलाने को लेकर विवाद है. उन्होंने डर जताया कि ऑफिस में उनके साइन वाले चेक का गलत इस्तेमाल हो सकता है, इसलिए जब तक आंतरिक विवाद सुलझ न जाये, सारे लेन-देन बंद रखे जाये. इस पत्र के बाद तृणमूल पार्टी और मुश्किल में है. पहले से ही वोट के बाद टूटी पार्टी अब ममता-अभिषेक की लीडरशिप भी चैलेंज में है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें तृणमूल को फंड का संकट अब सैकड़ों करोड़ के फंड पर संकट आ गया है. मालूम हो कि इधर, मेसी इवेंट केस में आयोजक शताद्रु दत्त ने पूर्व स्पोर्ट्स मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए विधाननगर कमिश्नरेट को ई-मेल किया है. अरूप विश्वास को मिले राहत के आदेश को उन्होंने हाईकोर्ट डिवीजन बेंच में चुनौती दी है. Also Read: कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं अभिषेक बनर्जी, HC ने अरेस्ट वारंट पर लगी रोक हटायी The post अरूप विश्वास ने तोड़ा ममता बनर्जी का विश्वास, फ्रीज होगा तृणमूल कांग्रेस का अकाउंट appeared first on Naya Vichar.

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वो दो कौन, जो झारखंड से जाएंगे राज्यसभा? ऐसे समझिए आंकड़ों का पूरा खेल

Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनावी मुकाबला बेहद रोचक हो गया है. इंडिया गठबंधन की ओर से झामुमो के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा मैदान में हैं, जबकि एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नथवानी चुनाव लड़ रहे हैं. अब सारा स्पोर्ट्स विधायकों की संख्या, प्राथमिकता वोट और रणनीति पर टिका हुआ है. नेतृत्व में गणित का महत्व ऐसा है कि कई बार जोड़-घटाव की एक छोटी सी गलती बड़े-बड़े दावों को ध्वस्त कर देती है. इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायकों का समर्थन राज्य की 81 सदस्यीय विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं. इनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और माले के 2 विधायक शामिल हैं. इसी ताकत के दम पर गठबंधन ने दो उम्मीदवार उतारे हैं. झामुमो ने बैजनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से प्रणव झा मैदान में हैं. एनडीए के पास 24 वोट, नथवानी के सहारे दांव दूसरी तरफ एनडीए के पास कुल 24 वोट हैं. भाजपा के 21 विधायक हैं, जबकि आजसू, जदयू और लोजपा के एक-एक विधायक हैं. इस संख्या बल के आधार पर एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी चुनावी मैदान में हैं. हालांकि उनके लिए जीत की राह आसान नहीं मानी जा रही है. जीत के लिए 28 वोट का जादुई आंकड़ा राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 28 वोट का आंकड़ा जरूरी है. ऐसे में तीनों उम्मीदवारों की रणनीति इसी संख्या के इर्द-गिर्द घूम रही है. सबसे मजबूत स्थिति झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम की मानी जा रही है. बैजनाथ राम की जीत लगभग तय झामुमो के पास अकेले 34 विधायक हैं. पार्टी चाहें तो 29 या 30 वोट बैजनाथ राम के पक्ष में डलवा सकती है. इस तरह 28 के आवश्यक आंकड़े से एक-दो वोट अधिक मिलने से किसी प्रकार के जोखिम की संभावना भी कम हो जाएगी. यही वजह है कि बैजनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही है. प्रणव झा के सामने तीन बड़ी शर्तें कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की राह थोड़ी कठिन दिखाई दे रही है. सबसे पहले उन्हें कांग्रेस, राजद और माले के सभी 22 वोट मिलने जरूरी हैं. दूसरी शर्त यह है कि बैजनाथ राम को वोट देने के बाद झामुमो के बचे हुए चार या पांच वोट भी उनके खाते में जाएं. तीसरी और सबसे अहम शर्त दूसरी प्राथमिकता के वोटों की है. यदि झामुमो 30 वोट बैजनाथ राम को देता है, तो अतिरिक्त दो वोटों की दूसरी प्राथमिकता का मूल्य 299-299 होगा. ऐसे में चार अतिरिक्त वोटों के साथ कुल 26 वोट मिलने पर दूसरी प्राथमिकता के मतों की मदद से प्रणव झा 28.1 के आंकड़े तक पहुंच सकते हैं और उनकी जीत का रास्ता साफ हो सकता है. नथवानी को चाहिए इंडिया गठबंधन में सेंध परिमल नथवानी के पास फिलहाल 24 वोट हैं. जीत के लिए उन्हें कम से कम चार अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी. यानी उन्हें इंडिया गठबंधन में सेंध लगानी होगी. दूसरी प्राथमिकता का सहारा उनके लिए जोखिम भरा माना जा रहा है. इसे भी पढ़ें: झारखंड राज्यसभा चुनाव के लिए रांची में हाई अलर्ट, सादे लिबास में घूम रहे स्पेशल ब्रांच के कर्मचारी जयराम महतो बन सकते हैं गेम चेंजर जेएलकेएम विधायक जयराम महतो का एक वोट इस चुनाव में बेहद अहम माना जा रहा है. उन्होंने न तो इंडिया गठबंधन की बैठक में हिस्सा लिया और न ही एनडीए की बैठक में पहुंचे. उनका कहना है कि जो क्षेत्र के विकास के लिए काम करेगा, वह उसी का समर्थन करेंगे. ऐसे में उनका एक वोट चुनावी गणित का सबसे दिलचस्प अध्याय बन गया है. इसे भी पढ़ें: झारखंड राज्यसभा चुनाव: विधानसभा में मतदान जारी, एनडीए ने किया जीत का दावा The post वो दो कौन, जो झारखंड से जाएंगे राज्यसभा? ऐसे समझिए आंकड़ों का पूरा स्पोर्ट्स appeared first on Naya Vichar.

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ICAI CA Final Result 2026: आज जारी हुआ CA फाइनल रिजल्ट, पटियाला के नूर सिंगला बने टॉपर

ICAI CA Final Result 2026: इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने आज, 18 जून 2026 को CA Final May 2026 परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. परीक्षा में शामिल हुए कैंडिडेट्स, अब ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर रिजल्ट देख सकते हैं. नूर सिंगला (Noor Singla)- रैंक 1यश जैन (Yash Jain)- रैंक 2लक्ष्य गोयल (Lakshya Goyal)- रैंक 3 समाचार अपडेट हो रही है… The post ICAI CA Final Result 2026: आज जारी हुआ CA फाइनल रिजल्ट, पटियाला के नूर सिंगला बने टॉपर appeared first on Naya Vichar.

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IPL 2027 में होने जा रहा है बड़ा बदलाव, तारीखों से लेकर मैचों की संख्या पर आया BCCI का फाइनल फैसला

IPL 2027: हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के संयुक्त सचिव देवजीत सैकिया ने आईपीएल के आगामी सीजन को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं. उन्होंने संकेत दिया है कि अगले सीजन (IPL 2027) से टूर्नामेंट को थोड़ा पहले शुरू किया जा सकता है ताकि अंतिम चरणों में खराब मौसम और भीषण गर्मी से बचा जा सके. इसके साथ ही उन्होंने मैचों की संख्या बढ़ाए जाने की अटकलों पर भी विराम लगा दिया है. STORY | BCCI eyes Mar 10-May 15 IPL window next season amid heat concerns: Devajit Saikia In its bid to beat the extreme May heat in most parts of the country, the BCCI is contemplating an early start to the IPL, eyeing a March 10-May 15 window for future editions starting next… https://t.co/3oKYr3Vso5 — Press Trust of India (@PTI_News) June 18, 2026 आईपीएल 2027 को लेकर बोर्ड का खास प्लान इस साल 29 मार्च से 31 मई तक चले आईपीएल के दौरान आखिरी दौर (15 मई के बाद) में देश के कई हिस्सों में मौसम ने बड़ी चुनौती खड़ी की. एक तरफ जहां प्री-मानसून बारिश का साया रहा, वहीं दूसरी तरफ अत्यधिक गर्मी और उमस ने खिलाड़ियों और स्टेडियम पहुंचने वाले प्रशंसकों को बेहाल कर दिया. इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए बीसीसीआई ने कमर कस ली है. बोर्ड के गेम डेवलपमेंट जनरल मैनेजर को एक नई और सुरक्षित ‘विंडो’ तलाशने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. मकसद साफ है कि टूर्नामेंट को मई के बीच तक समेट लिया जाए, ताकि प्लेऑफ और फाइनल जैसे हाई-प्रोफाइल मुकाबले सुहावने मौसम में स्पोर्ट्से जा सकें. बीसीसीआई इस नए बदलाव को आईपीएल 2027 से लागू करने की योजना बना रहा है. IPL में मैचों की संख्या बढ़ाने पर BCCI का फैसला आईपीएल में मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 होने की अटकलें अब खत्म हो चुकी हैं. संयुक्त सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया है कि मैचों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. इसके पीछे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का व्यस्त शेड्यूल और विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता है. बीसीसीआई अन्य क्रिकेट बोर्ड्स की द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) के समय को प्रभावित किए बिना टूर्नामेंट का आयोजन करना चाहता है, इसलिए मौजूदा फॉर्मेट को ही बरकरार रखा गया है. क्या होगा बदलाव का असर अगर आईपीएल को दो महीने से भी कम समय (लगभग 65 दिन) में समेटना है और मैच 74 ही रखने हैं, तो बीसीसीआई को शेड्यूल में कुछ बदलाव करने होंगे. देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए टूर्नामेंट के शुरुआती और मध्य दौर में ‘डबल हेडर’ (एक दिन में दो मैच) की संख्या को बढ़ाया जाएगा. इसे भी पढ़े- गली क्रिकेट से ग्लोबल स्टेज तक, 17 जून 2026 को जब इन उभरते सितारों ने लिया करियर का पहला विकेट The post IPL 2027 में होने जा रहा है बड़ा बदलाव, तारीखों से लेकर मैचों की संख्या पर आया BCCI का फाइनल फैसला appeared first on Naya Vichar.

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Batwara 1947 Teaser: नफरत के बीच उम्मीद की रोशनी बने सनी देओल, टीजर में दिखीं प्रीति जिंटा-शबाना आजमी

Batwara 1947 Teaser: साल 2026 की चर्चित फिल्मों में शामिल ‘बंटवारा 1947’ को लेकर दर्शकों के बीच लगातार उत्साह बना हुआ है. फिल्म के मोशन पोस्टर और किरदारों के लुक सामने आने के बाद से ही इसकी चर्चा तेज हो गई थी. अब मेकर्स ने फिल्म का टीजर जारी कर दिया है, जिसने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है. टीजर में दिखी आजादी और बंटवारे की भावुक कहानी रिलीज हुए टीजर में हिंदुस्तान की आजादी और 1947 के विभाजन के दौर की झलक दिखाई गई है. यह वह समय था जब देश ने स्वतंत्रता हासिल की, लेकिन साथ ही लाखों लोगों को बिछड़ने और दर्द का सामना भी करना पड़ा. टीजर में कई इमोशनल सीन, दमदार डायलॉग्स और दिल को छू लेने वाले बैकग्राउंड म्यूजिक के जरिए उस दौर की चुनौतियों और संघर्ष को दिखाने की कोशिश की गई है. कहानी एक ऐसे साहसी किरदार के इर्द-गिर्द घूमती नजर आती है, जो मुश्किल हालात में भी मानवता और हिम्मत का साथ नहीं छोड़ता. View this post on Instagram A post shared by Aamir Khan Productions (@aamirkhanproductions) फिल्म में नजर आएंगे कई बड़े सितारे ‘बंटवारा 1947’ में बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकार अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे. फिल्म में शबाना आजमी, सनी देओल, प्रीति जिंटा, करण देओल, अली फजल और अभिमन्यु सिंह जैसे कलाकार शामिल हैं. इस फिल्म के जरिए निर्देशक राजकुमार संतोषी और सनी देओल की लंबे समय बाद एक साथ वापसी भी हो रही है. ए.आर. रहमान के संगीत से सजेगी फिल्म फिल्म का निर्माण आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले किया गया है. राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक राजकुमार संतोषी ने इसका निर्देशन किया है. वहीं, फिल्म का संगीत ए.आर. रहमान ने तैयार किया है और गीतों के बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं. आमिर खान और अपर्णा पुरोहित द्वारा निर्मित यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी. यह भी पढ़ें- Cocktail 2 First Review: रिलीज से पहले सामने आया ‘कॉकटेल 2’ का पहला रिव्यू, जानें फिल्म को मिले कितने स्टार The post Batwara 1947 Teaser: नफरत के बीच उम्मीद की रोशनी बने सनी देओल, टीजर में दिखीं प्रीति जिंटा-शबाना आजमी appeared first on Naya Vichar.

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शिवसेना में फूट पर बोले जयराम रमेश-2/3 मेजॉरिटी के लिए सभी पार्टियों को तोड़ने में जुटे हैं पीएम मोदी -अमित शाह

Shiv Sena UBT : उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नौ में से 6 सांसदों के अलग गुट बनाने की समाचारों पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह सबकुछ पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की वजह से हो रहा है. चूंकि प्रशासन 17 अप्रैल, 2026 को संविधान का 131वां संशोधन विधेयक पारित नहीं करा सकी, इसलिए वे परेशान हैं और सभी पार्टियों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. विपक्ष का हौसला तोड़ना चाहती है प्रशासन जयराम रमेश का दावा है कि लोकसभा में जब प्रशासन को दो तिहाई बहुमत नहीं मिला और गृहमंत्री को परिसीमन के मुद्दे पर बेइज्जती सहनी पड़ी, तो वे सभी पार्टियों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. शिवसेवा(उद्धव बाला साहेब ठाकरे गुट) के साथ अभी जो कुछ हो रहा है उसकी वजह यही कोशिश है. उन्होंने कहा कि आप घटनाओं की क्रोनोलॉजी समझिए. मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि उन्हें 2/3 मेजॉरिटी नहीं मिलेगी. यह विपक्ष का हौसला तोड़न के लिए किया जा रहा है. यह संविधान और लोकतंत्र पर हमला है. मौजूदा होम मिनिस्टर गंदी पॉलिटिक्स कर रहे हैं. यह नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस नहीं बल्कि नेशनल डिफेक्टर अलायंस है. बीजेपी तोड़फोड़ की नेतृत्व कर रही है, जिस पद पर कभी सरदार पटेल बैठे थे, उस पद पर बैठकर यह ऐसी नेतृत्व कर रहे हैं. #WATCH | Delhi: On reports of 6 out of 8 Shiv Sena-UBT MPs to split from their party, Congress MP Jairam Ramesh says, “Understand the chronology of events, on April 17, 2026, the Home Minister faced insult in Lok Sabha when the Constitution Amendment Bill could not be passed as… pic.twitter.com/73tClT8tBB — ANI (@ANI) June 18, 2026 संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों पर कार्रवाई होगी शिवसेना(यूबीटी) में टूट की समाचारों के बीच बृहस्पतिवार को पार्टी की संसदीय दल की बैठक बुलाई गई है. आशंका है कि बागी सांसद इस मीटिंग में शामिल नहीं होंगे. पार्टी के नेता अरविंद सावंत ने कहा कि व्हिप का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. वहीं राज्यसभा सदस्य और पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि बागियों को सबक सिखाने की जरूरत है. संजय राउत ने बुधवार को कहा था कि 50-50 करोड़ में सांसदों को खरीदा जा रहा है. ये भी पढ़ें : संजय राउत का दावा-50-50 करोड़ में खरीदे जा रहे हैं सांसद, 15 करोड़ दिया एडवांस, बौखलाहट में मीडिया के सामने दी गाली ऑपरेशन टाइगर… क्या फिर टूटेगी उद्धव की शिवसेना? 6 सांसदों पर शिंदे की नजर, बचाने उतरे संजय राउत The post शिवसेना में फूट पर बोले जयराम रमेश-2/3 मेजॉरिटी के लिए सभी पार्टियों को तोड़ने में जुटे हैं पीएम मोदी -अमित शाह appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड राज्यसभा चुनाव: विधानसभा में मतदान जारी, एनडीए ने किया जीत का दावा

Jharkhand Rajya Sabha Election: रांची स्थित झारखंड विधानसभा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार 18 जून 2026 को मतदान जारी है. मतदान को लेकर नेतृत्वक गतिविधियां तेज हैं और सभी दलों के विधायक निर्धारित समय पर विधानसभा पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. बीजेपी के विधायक बस से विधानसभा पहुंचे और मतदान में हिस्सा लिया. विधानसभा के कमरा नंबर 42 में मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है. हिंदुस्तानीय लोकतंत्र की यही खूबी है कि सत्ता की लड़ाई भी कतार में खड़े होकर बैलेट से तय होती है, हालांकि जीत का दावा हर दल मतदान से पहले ही कर देता है. परिमल नथवानी ने किया जीत का दावा राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवार परिमल नथवानी भी विधानसभा पहुंचे और जीत को लेकर पूरा भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि उन्हें भगवान का आशीर्वाद प्राप्त है और उन्हें अपनी जीत का पूरा विश्वास है. नथवानी ने कहा कि सभी आवश्यक समर्थन उनके पक्ष में है और परिणाम सकारात्मक होंगे. रागिनी सिंह बोलीं, जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त झरिया से बीजेपी विधायक रागिनी सिंह ने भी मतदान के दौरान कहा कि पार्टी की स्थिति मजबूत है और वे जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं. उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी विधायक एकजुट हैं और गठबंधन के पक्ष में माहौल है. जेडीयू विधायक बोले, मेरा वोट सुरक्षित है जेडीयू विधायक ने मतदान के बाद कहा कि उनका वोट पूरी तरह सुरक्षित है और उन्होंने किसी प्रकार के दबाव या दूसरी बातों पर ध्यान नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत उन्होंने अपने विवेक के अनुसार मतदान किया है. पूर्णिमा साहू और राज सिन्हा ने जताया भरोसा पूर्वी जमशेदपुर की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि एनडीए के आंकड़े पूरी तरह सुरक्षित हैं और गठबंधन के प्रत्याशियों की जीत तय है. वहीं धनबाद विधायक राज सिन्हा ने मतदान के बाद कहा कि वे अभी से अपनी जीत को लेकर बधाई दे रहे हैं. उनके अनुसार, एनडीए के पक्ष में पर्याप्त समर्थन मौजूद है और परिणाम उनके पक्ष में आएंगे. कमरा नंबर 42 में चल रही मतदान प्रक्रिया झारखंड विधानसभा के कमरा नंबर 42 में मतदान की प्रक्रिया जारी है. बीजेपी विधायक प्रदीप प्रसाद ने मतदान किया. वरिष्ठ बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया. इसके अलावा बीजेपी विधायक शशिभूषण मेहता, जेडीयू विधायक सरयू राय और धनबाद विधायक राज सिन्हा ने भी मतदान किया. इसे भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव से पहले एनडीए ने दिखाई ताकत, होटल रेडिशन ब्लू से 24 विधायकों की तस्वीर जारी एनडीए के सभी विधायकों ने डाला वोट नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी भी मतदान कक्ष पहुंचे और चुनाव प्रक्रिया का जायजा लिया. एनडीए के सभी विधायकों ने मतदान कर दिया है. मतदान के दौरान गठबंधन के नेताओं और विधायकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला. अब सभी की निगाहें मतगणना और अंतिम परिणाम पर टिकी हुई हैं, क्योंकि नेतृत्व में जीत की घोषणा पहले और आधिकारिक मुहर बाद में लगती है. इसे भी पढ़ें: झारखंड राज्यसभा चुनाव के लिए रांची में हाई अलर्ट, सादे लिबास में घूम रहे स्पेशल ब्रांच के कर्मचारी The post झारखंड राज्यसभा चुनाव: विधानसभा में मतदान जारी, एनडीए ने किया जीत का दावा appeared first on Naya Vichar.

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Skoda Kodiaq RS की ये 5 खूबियां बनाती हैं इसे Tayron R-Line से अलग, 22 जून को होगी लॉन्च

Skoda अपनी दमदार SUV Skoda Kodiaq RS को 22 जून को लॉन्च करने जा रही है. यह SUV स्कोडा की अब तक की सबसे ताकतवर SUV होगी. इसमें कई ऐसे फीचर्स दिए गए हैं जो इसकी परफॉर्मेंस और ड्राइविंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाते हैं. यही वजह है कि यह Volkswagen Tayron R-Line के मुकाबले ज्यादा स्पोर्टी और खास नजर आती है. हालांकि Skoda ने अभी इसकी कीमत की डिटेल्स शेयर नहीं की है. आइए जानते हैं वे 5 खास फीचर्स, जो Skoda Kodiaq RS को Tayron R-Line से अलग और ज्यादा खास बनाते हैं. ज्यादा पावर और बेहतर परफॉर्मेंस दोनों SUVs में 2.0-लीटर TSI पेट्रोल इंजन मिलता है. लेकिन इसे ज्यादा ताकत देने के लिए खास तरीके से तैयार किया गया है. इसी वजह से यह 265 hp की पावर और 400 Nm का दमदार टॉर्क जनरेट करती है. साथ में 7-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स मिलता है. वहीं, Tayron R-Line इसी इंजन से 201 hp की पावर और 320 Nm का टॉर्क देती है. एडवांस्ड डायनेमिक चेसिस कंट्रोल इसमें स्टैंडर्ड तौर पर Dynamic Chassis Control (DCC+) दिया गया है, जो ड्यूल-वॉल्व डैम्पर्स के साथ आता है. इसकी खासियत यह है कि ड्राइवर सस्पेंशन को अपनी जरूरत और सड़क की सिचुएशन के अनुसार 15 अलग-अलग सेटिंग्स में एडजस्ट कर सकता है. वहीं दूसरी ओर, Tayron R-Line में DCC+ का ऑप्शन नहीं मिलता. यह फिक्स्ड सस्पेंशन सेटअप के साथ आती है. यह भी पढ़ें: ₹6.89 लाख में Citroen की नई EV लॉन्च, एक चार्ज में देगी 320KM की रेंज दमदार लुक और स्पोर्टी केबिन का शानदार कॉम्बिनेशन लुक्स और रोड प्रेजेंस की बात करें, तो RS वर्जन Tayron R-Line के मुकाबले कहीं ज्यादा स्पोर्टी और एग्रेसिव नजर आता है. इसमें ब्लैक-आउट ग्रिल, बड़े अलॉय व्हील्स, लाल रंग के ब्रेक कैलिपर्स, RS बैजिंग और ज्यादा शार्प स्पोर्टी बंपर्स दिए गए हैं. केबिन के अंदर इंटीग्रेटेड हेडरेस्ट वाले RS-स्पेसिफिक बकेट सीट्स और एक्सक्लूसिव RS बैजिंग मिलती है. वहीं दूसरी तरफ, Tayron R-Line का फोकस स्पोर्टीनेस से ज्यादा कम्फर्ट, स्पेस और फैमिली-फ्रेंडली प्रैक्टिकलिटी पर है. टचस्क्रीन के बजाय फिजिकल कंट्रोल्स का फायदा इंफोटेनमेंट सिस्टम के नीचे दिए गए फिजिकल रोटरी कंट्रोल्स में डिजिटल डिस्प्ले भी मिलता है, जिससे AC और दूसरी जरूरी सेटिंग्स को चलती गाड़ी में भी आसानी से एडजस्ट किया जा सकता है. सबसे बड़ी बात यह है कि ड्राइवर को बार-बार स्क्रीन पर नजरें नहीं टिकानी पड़तीं. वहीं दूसरी ओर, Tayron R-Line में इन ज्यादातर फंक्शन को बड़े 15-इंच टचस्क्रीन में इंटीग्रेट किया गया है. दमदार साउंड सिस्टम का मजा इसमें 13-स्पीकर वाला प्रीमियम Canton साउंड सिस्टम दिया गया है, जिसमें एक डेडिकेटेड सबवूफर भी शामिल है. वहीं Tayron R-Line में 11-स्पीकर Harman Kardon सिस्टम मिलता है. ऐसे में ऑडियो क्वालिटी के मामले में Kodiaq RS थोड़ा आगे नजर आती है. सिर्फ म्यूजिक ही नहीं, Skoda ने इसमें Dynamic Sound Boost सिस्टम भी दिया है, जो तेज एक्सीलरेशन के दौरान केबिन के अंदर एग्जॉस्ट की आवाज को और दमदार बनाता है. इसका नतीजा यह होता है कि हर बार जब आप एक्सीलरेटर दबाते हैं, तो SUV का स्पोर्टी कैरेक्टर और भी ज्यादा महसूस होता है. यह भी पढ़ें: ₹47.50 लाख में MINI लाई लग्जरी और परफॉर्मेंस का पैकेज, नए Countryman C में मिलेंगे भर-भरकर फीचर्स The post Skoda Kodiaq RS की ये 5 खूबियां बनाती हैं इसे Tayron R-Line से अलग, 22 जून को होगी लॉन्च appeared first on Naya Vichar.

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परिवार में किसी की मृत्यु के बाद तुरंत निपटाएं ये 10 जरूरी काम, वरना फंस सकते हैं आपके पैसे

Financial Nominee Rules : घर के किसी सदस्य के निधन के बाद दुख के साथ कई जरूरी काम भी करने पड़ते हैं. बैंक खाते, पैन कार्ड, बीमा पॉलिसी और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड समय पर अपडेट या बंद कराना जरूरी है. ऐसा करने से भविष्य में किसी तरह की धोखाधड़ी या कानूनी परेशानी से बचा जा सकता है. आइए विस्तार से जानते हैं 10 जरूरी काम . सबसे पहला और अनिवार्य दस्तावेज: मृत्यु प्रमाण पत्र किसी भी कानूनी या वित्तीय प्रक्रिया को शुरू करने के लिए ‘मृत्यु प्रमाण पत्र’ (Death Certificate) सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण दस्तावेज है. परिवार के सदस्य की मृत्यु के तुरंत बाद स्थानीय नगर निगम, ग्राम पंचायत या संबंधित प्रशासनी प्राधिकरण से इसे प्राप्त करना आपकी सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. इसके बिना आगे की कोई भी प्रक्रिया संभव नहीं है. पहचान पत्र और डिजिटल रिकॉर्ड (जैसे आधार कार्ड) आज के समय में आधार कार्ड लगभग हर प्रशासनी योजना, बैंक खाते और पहचान से जुड़ा हुआ है. यूआईडीएआई (UIDAI) भी समय-समय पर यह सलाह देता है कि मृत व्यक्ति के आधार नंबर का दुरुपयोग रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए. अगर यह पहचान पत्र एक्टिव रहता है, तो इसके डेटा के गलत इस्तेमाल या फ्रॉड की आशंका हमेशा बनी रहती है. पैन कार्ड (PAN Card) और टैक्स रिकॉर्ड यदि मृत व्यक्ति के नाम पर कोई बैंक खाता, निवेश या इनकम टैक्स रिकॉर्ड मौजूद है, तो उनके पैन कार्ड से जुड़े मामलों को जल्द से जल्द सुलझाना चाहिए. कानूनी उत्तराधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आयकर विभाग (Income Tax Department) में मृत व्यक्ति का कोई टैक्स बकाया न हो. सभी पेंडिंग रिटर्न दाखिल करने के बाद पैन कार्ड को सरेंडर करने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. बैंक खाते, एफडी और आरडी का निपटान मृत व्यक्ति के सभी बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रेकरिंग डिपॉजिट (RD) की जानकारी जुटाना बेहद आवश्यक है. संबंधित बैंक शाखा में मृत्यु प्रमाण पत्र और नॉमिनी के दस्तावेज जमा करके खाते को बंद करने या बची हुई रकम को नॉमिनी/कानूनी उत्तराधिकारी के खाते में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए. बीमा पॉलिसी (Insurance Claim) अगर उस व्यक्ति के नाम पर कोई जीवन बीमा (Life Insurance), स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) या दुर्घटना बीमा पॉलिसी थी, तो परिवार को बिना देरी किए बीमा कंपनी से संपर्क करना चाहिए. याद रखें कि कई कंपनियों में क्लेम (Claim) दर्ज करने की एक निश्चित समय-सीमा होती है, इसलिए इस काम में देरी करने से आपका क्लेम खारिज भी हो सकता है. निवेश और डीमैट खाते (Investments & Demat Accounts) शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड, पीपीएफ (PPF) और एनपीएस (NPS) जैसे निवेशों की जानकारी एकत्र करें. यदि खातों में नॉमिनी का नाम दर्ज है, तो आवश्यक दस्तावेज जमा करके इन निवेशों को उत्तराधिकारी के नाम पर आसानी से ट्रांसफर कराया जा सकता है. मोबाइल नंबर और ईमेल अकाउंट (Digital Security) आजकल लगभग सभी वित्तीय ट्रांजैक्शन और बैंकिंग सेवाएं मोबाइल नंबर और ईमेल से जुड़ी होती हैं. ओटीपी (OTP) आधारित किसी भी धोखाधड़ी से बचने के लिए मृत व्यक्ति के मोबाइल कनेक्शन को सुरक्षित तरीके से बंद कराएं या उसे अपने नियंत्रण में लें. इसी तरह उनके ईमेल अकाउंट्स को भी सुरक्षित रूप से प्रबंधित या निष्क्रिय करना जरूरी है. वाहन रिकॉर्ड और ड्राइविंग लाइसेंस यदि मृत व्यक्ति के नाम पर कोई दोपहिया या चारपहिया वाहन रजिस्टर्ड है, तो क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के नियमों के अनुसार वाहन का मालिकाना हक (Ownership) उत्तराधिकारी के नाम ट्रांसफर करवाना चाहिए. इसके साथ ही उनके ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े रिकॉर्ड को भी अपडेट कराना आवश्यक है. घरेलू उपयोगिता सेवाएं (गैस, बिजली, पानी) एलपीजी गैस कनेक्शन, बिजली का मीटर, पानी का कनेक्शन और अन्य घरेलू उपयोगिता सेवाओं को भी समय रहते परिवार के जीवित सदस्य या उत्तराधिकारी के नाम पर ट्रांसफर करवा लेना चाहिए. ऐसा करने से भविष्य में बिल भुगतान या मालिकाना हक को लेकर कोई विवाद नहीं होता है. संपत्ति और अन्य कानूनी दस्तावेज (Property & Will) यदि मृत व्यक्ति के नाम पर कोई मकान, दुकान, जमीन या अन्य अचल संपत्ति है, तो उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) या वसीयत (यदि उपलब्ध हो) की मदद से स्वामित्व परिवर्तन यानी म्यूटेशन (Mutation) की कानूनी प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू कर देनी चाहिए ताकि भविष्य में संपत्ति से जुड़े दावों में कोई दिक्कत न आए. Also Read : ऐप पर गलत क्लिक करवा कर लोन थमाने वाले बैंकों की अब खैर नहीं, बदल गए नियम The post परिवार में किसी की मृत्यु के बाद तुरंत निपटाएं ये 10 जरूरी काम, वरना फंस सकते हैं आपके पैसे appeared first on Naya Vichar.

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क्या अब ब्राजील की जर्सी में नजर आएंगे लियोनेल मेसी? राष्ट्रपति के इस एक बयान से फुटबॉल जगत में आया भूचाल

Lionel Messi: अर्जेंटीना और ब्राजील की फुटबॉल दुश्मनी से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन लियोनेल मेसी का जादू इस दुश्मनी से कहीं ऊपर है. खुद ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा भी मेसी के मुरीद हो चुके हैं. बुधवार को जब उनसे वर्ल्ड कप में ब्राजील के प्रदर्शन पर सवाल किया गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए एक ऐसा सुझाव दे डाला जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी. राष्ट्रपति लूला ने कहा कि ब्राजील को अर्जेंटीना के स्टार लियोनेल मेसी को अपनी टीम में शामिल कर लेना चाहिए. “Estaba pensando en contratar a Messi para jugar en Brasil”, dice Lula da Silva tras el 3 a 0 de Argentina vs Argelia y el 1 a 1 de la Canarinha vs Marruecos. pic.twitter.com/95EqnHnp85 — Juan Manuel Karg (@jmkarg) June 17, 2026 राष्ट्रपति लूला ने मेसी को लेकर दिया बड़ा बयान अपनी टीम के इस निराशाजनक प्रदर्शन और अर्जेंटीना के शानदार स्पोर्ट्स को देखते हुए ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने दिलचस्प प्रतिक्रिया दी है. जब पत्रकारों ने उनसे ब्राजील के स्पोर्ट्स पर सवाल किया, तो उन्होंने हंसते हुए कहा- “मैं तो मेसी को ब्राजील के लिए स्पोर्ट्सने के लिए साइन करने के बारे में सोच रहा था.” राष्ट्रपति का यह बयान मजाकिया लहजे में ही सही, लेकिन उनकी अपनी टीम के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है. इतिहास दोहराने की उम्मीद लूला ने ब्राजीलियाई फुटबॉल के इतिहास का हवाला देते हुए एक बेहद दिलचस्प बात कही. उन्होंने कहा कि कहा जाता है कि जब भी ब्राजील की टीम पर बहुत ज्यादा शक किया जाता है, तो वे सीधे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाते हैं. देखते हैं इस बार क्या होता है. 5वीं बार पिता बनेंगे नेमार नेमार के लिए यह वक्त निजी तौर पर भी बेहद खास है. वर्ल्ड कप के बीच उन्हें एक बड़ी खुशसमाचारी मिली है. वे 5वीं बार पिता बनने वाले हैं. उनकी गर्लफ्रेंड ने सोशल मीडिया पर एक बेहद खूबसूरत पोस्ट शेयर कर इस बात की आधिकारिक जानकारी फैंस के साथ साझा की है. इसे भी पढ़े- सिर्फ स्पोर्ट्स नहीं, ये है पागलपन! पुर्तगाल के खिलाफ ऐतिहासिक गोल दागते ही स्टेडियम में फैंस ने पार की दीवानगी की सारी हदें, देखें वीडियो The post क्या अब ब्राजील की जर्सी में नजर आएंगे लियोनेल मेसी? राष्ट्रपति के इस एक बयान से फुटबॉल जगत में आया भूचाल appeared first on Naya Vichar.

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