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August 29, 2026

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नेपाल से बहकर उत्तर प्रदेश पहुंचा बाढ़ का कहर, कुशीनगर में गंडक नदी से 3 शव बरामद

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का असर अब हिंदुस्तान तक दिखाई दे रहा है. उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गंडक नदी से तीन शव बरामद किए गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, आशंका है कि ये शव नेपाल में आई बाढ़ के तेज बहाव के साथ बहकर हिंदुस्तानीय क्षेत्र में पहुंचे. मृतकों की नहीं हो पाई है पहचान तीनों शव शुक्रवार को कुशीनगर के खड्डा इलाके के मदनपुर-सुकरौली क्षेत्र में बैराज के पियर नंबर-3 के पास नदी में दिखाई दिए. राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की निगरानी टीम ने शवों को नदी में बहते देखा, जिसके बाद उन्हें बाहर निकाला गया. फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है. अधिकारियों ने शवों की पहचान के लिए नेपाल के सीमावर्ती जिलों के प्रशासन से भी संपर्क किया है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या ये शव नेपाल में बाढ़ के बाद लापता हुए लोगों के हैं. ये भी पढ़ें: नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 100 तीर्थयात्रियों को बिहार प्रशासन ने कराया रेस्क्यू, आधी रात पटना लाया गया सिर्फ शव ही नहीं, मलबा भी बहकर आया अधिकारियों के मुताबिक, गंडक नदी में वाहन, घरेलू सामान, गैस सिलेंडर, ड्रम, फर्नीचर और लकड़ियां समेत कई तरह का मलबा भी बहता हुआ देखा गया है. नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ का पानी आगे चलकर त्रिशूली और गंडक नदी तंत्र में पहुंचा, जिससे डाउनस्ट्रीम इलाकों में भी असर पड़ा. ये भी पढ़ें: नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, नदी का जलस्तर बढ़ा, त्रिशूली में रेस्क्यू ऑपरेशन पर ब्रेक गंडक नदी में निगरानी बढ़ा दी गई कुशीनगर प्रशासन ने गंडक नदी और उसके किनारे के संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ा दी है. पुलिस, SDRF और प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर रख रही हैं. इससे पहले पड़ोसी महराजगंज जिले में भी नेपाल से बहकर आने की आशंका वाले शव बरामद हुए थे. यानी नेपाल की बाढ़ का असर अब सिर्फ सीमा पार बढ़े नदी के जलस्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि तेज बहाव के साथ शव और मलबा भी हिंदुस्तानीय क्षेत्र तक पहुंच रहा है. The post नेपाल से बहकर उत्तर प्रदेश पहुंचा बाढ़ का कहर, कुशीनगर में गंडक नदी से 3 शव बरामद appeared first on Naya Vichar.

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एफएसएल भर्ती परीक्षा रद्द करने के खिलाफ याचिका पर हाइकोर्ट ने सरकार और JPSC से मांगा जवाब

राणा प्रताप की रिपोर्ट रांचीः झारखंड हाइकोर्ट ने एफएसएल में असिस्टेंट डायरेक्टर सह सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर प्रतियोगिता परीक्षा (10/2025) को रद्द करने के फैसले को चुनौती देनेवाली याचिका पर सुनवाई की. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मामले में दोनों पक्षों को सुना. सुनवाई के बाद अदालत ने प्रार्थी को फिलहाल किसी तरह की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया. साथ ही राज्य प्रशासन और झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) को जवाब दायर करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तिथि निर्धारित की गयी है. प्रार्थी ने भर्ती प्रक्रिया रद्द करने पर उठाया सवाल सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शुभम मिश्रा ने अदालत को बताया कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता का उल्लेख होने मात्र से पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना उचित नहीं है. उन्होंने अदालत के समक्ष भर्ती प्रक्रिया को समाप्त करने के फैसले पर सवाल उठाया. ये भी पढ़ें- Ranchi: कुत्ते को गली में गंदगी फैलाने से रोका, भड़के मालिक ने कर दी मारपीट प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर परीक्षा की रद्द वहीं, जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने अदालत को बताया कि राज्य प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर असिस्टेंट डायरेक्टर सह सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर प्रतियोगिता परीक्षा (बैकलॉग) को रद्द कर दिया है. इसी अधिसूचना को प्रार्थी ने हाइकोर्ट में चुनौती दी है. 24 सितंबर को होगी अगली सुनवाई उल्लेखनीय है कि प्रार्थी मुनिंद्र प्रकाश ने याचिका दाखिल कर राज्य प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की है. फिलहाल अदालत ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए राज्य प्रशासन और जेपीएससी से जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी. ये भी पढ़ें- धनबाद गृह रक्षा वाहिनी के भवन और आवासों की बदलेगी सूरत, मरम्मत पर खर्च होंगे 1.12 करोड़ The post एफएसएल भर्ती परीक्षा रद्द करने के खिलाफ याचिका पर हाइकोर्ट ने प्रशासन और JPSC से मांगा जवाब appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल में आई बाढ़ पर अमिताभ बच्चन का छलका दर्द, बोले- देखना भी बेहद मुश्किल है

Amitabh Bachchan On Nepal Flood: मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने नेपाल में आई बाढ़ से हुई तबाही पर चिंता जताई है. उन्होंने इस विनाश को बेहद मुश्किल बताया और कहा कि प्रकृति के कहर का इंसान मुकाबला नहीं कर सकता. नेपाल बाढ़ पर क्या बोले अमिताभ बच्चन अपने ब्लॉग में अमिताभ बच्चन ने लिखा, ”नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही देखना बेहद मुश्किल है. प्रकृति की ताकत से लड़ा नहीं जा सकता. इसके लिए ईश्वर की मौजूदगी और कृपा जरूरी है… हम प्रार्थना करते हैं… क्योंकि वह स्वयं ही सर्वोपरि है.” नेपाल में आई बाढ़,फोटो- पीटीआई ये भी पढ़ें: नेपाल में बाढ़ का कहर, याद आईं बॉलीवुड की ये फिल्में, ‘केदारनाथ’ में दिखा था तबाही का खौफनाक मंजर राखी के मौके पर शेयर की थी कलाई की तस्वीर अमिताभ बच्चन ने रक्षाबंधन के मौके पर अपनी कलाई की एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें कई राखियां बंधी हुई थीं. उन्होंने लिखा, ”भाई-बहन के बीच प्यार, स्नेह और परवाह का ये रिश्ता हमेशा बना रहे. बहन और भाई के इस रिश्ते की डोर कभी टूटे या भुलाई न जाए. कलाई पर बंधा ये पवित्र धागा हमेशा बने रहने वाले इस रिश्ते की निशानी है.” ये भी पढ़ें: Nepal Flash Flood: अभिनेता खराज मुखर्जी पत्नी और क्रू मेंबर्स के साथ नेपाल में फंसे, फोन पर कहा- हम सुरक्षित हैं ‘कल्कि एडी 2898’ के सीक्वल में बिजी हैं अमिताभ बच्चन वर्कफ्रंट की बात करें तो 80 साल की उम्र पार कर चुके अमिताभ बच्चन ‘कल्कि एडी 2898’ के सीक्वल पर काम कर रहे हैं. नाग अश्विन के डायरेक्शन में बन रही ये फिल्म एक एपिक माइथोलॉजिकल साइंस-फिक्शन कहानी है. फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ कमल हासन, प्रभास, दीपिका पादुकोण और दिशा पाटनी भी नजर आएंगे. फिल्म की पहली कड़ी की कहानी साल 2898 AD के एक डिस्टोपियन फ्यूचर में काशी शहर के इर्द-गिर्द सेट थी. कहानी में एक ग्रुप लैब सब्जेक्ट SUM-80 के अजन्मे शिशु को बचाने की कोशिश करता है, जिसे भगवान विष्णु का आखिरी अवतार कल्कि माना जाता है. The post नेपाल में आई बाढ़ पर अमिताभ बच्चन का छलका दर्द, बोले- देखना भी बेहद मुश्किल है appeared first on Naya Vichar.

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ITR Filing Deadline: बस 2 दिन बाकी! 31 अगस्त तक नहीं भरा रिटर्न तो लग सकता है 5000 रुपये जुर्माना

ITR Filing Deadline: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त है. टैक्सपेयर्स के लिए इस दिन तक ITR दाखिल करना जरूरी है. समय कम हैं. डेडलाइन चूकने पर लेट फीस के साथ ब्याज (इंट्रेस्ट) का बोझ भी पड़ सकता है. अगर आप रिटर्न फाइलिंग, ई-वेरिफिकेशन, रिफंड या किसी तकनीकी परेशानी में फंसे हैं, तो इनकम टैक्स विभाग ने 31 अगस्त की रात तक 24×7 हेल्पलाइन सुविधा उपलब्ध कराई है. डेडलाइन चूकी तो लग सकती है 5000 रुपये तक लेट फीस अगर तय तारीख तक ITR फाइल नहीं किया तो बाद में Belated Return दाखिल किया जा सकता है. हालांकि इसके लिए लेट फीस देनी पड़ सकती है. इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक, कुल आय 5 लाख रुपये से अधिक होने पर देरी से रिटर्न दाखिल करने पर 5,000 रुपये तक फीस लग सकती है. वहीं कुल आय 5 लाख रुपये तक होने पर लेट फीस 1,000 रुपये है. ITR Filing के लिए 24×7 मिलेगी मदद इनकम टैक्स विभाग ने आखिरी दिनों में टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए e-Filing और Centralized Processing Center यानी CPC की सपोर्ट लाइन को चौबीसों घंटे उपलब्ध कराया है. यह सुविधा 24 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजे शुरू हुई थी और 31 अगस्त की रात 11:59 बजे तक जारी रहेगी. इसके जरिए ITR फाइलिंग, रिफंड, इंटीमेशन, रेक्टिफिकेशन और दूसरी प्रोसेसिंग से जुड़ी समस्याओं में मदद ली जा सकती है. ITR कैसे फाइल करें? रिटर्न दाखिल करने के लिए सबसे पहले इनकम टैक्स e-Filing पोर्टल पर लॉगिन करें. इसके बाद e-File सेक्शन में जाकर Income Tax Returns और फिर File Income Tax Return विकल्प चुनें. इसके बाद संबंधित असेसमेंट ईयर और अपने लिए लागू ITR फॉर्म का चुनाव करें. पोर्टल पर पहले से भरी गई जानकारी को ध्यान से जांच लें. अपनी आय, बैंक अकाउंट, TDS, टैक्स क्रेडिट, निवेश और डिडक्शन से जुड़ी जानकारी का मिलान करने के बाद ही रिटर्न सबमिट करें. AY 2026-27 के लिए ITR-1 से ITR-7 तक के फॉर्म उपलब्ध हैं. ITR जमा करने के बाद e-Verify करना न भूलें सिर्फ रिटर्न सबमिट कर देने से प्रक्रिया पूरी नहीं होती. इसके बाद ITR को वेरिफाई करना भी जरूरी है. टैक्सपेयर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से रिटर्न वेरिफाई कर सकते हैं या निर्धारित प्रक्रिया के तहत ITR-V जमा कर सकते हैं. समय पर वेरिफिकेशन नहीं होने से रिटर्न की प्रोसेसिंग में बाधा आ सकती है. Refund और ITR Status कैसे चेक करें? रिटर्न दाखिल करने के बाद टैक्सपेयर e-Filing पोर्टल पर अपने ITR का स्टेटस देख सकते हैं. इसके लिए Know Your ITR Status पर क्लिक कर सकते हैं. अगर रिटर्न प्रोसेस होने के बाद टैक्स क्रेडिट या किसी दूसरी जानकारी में गड़बड़ी मिलती है, तो जरूरत के मुताबिक Rectification Request भी दाखिल की जा सकती है. इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक, ये e-Filing और CPC सपोर्ट लाइन 31 अगस्त 2026 की रात 11:59 बजे तक 24×7 उपलब्ध रहेंगी. आखिरी दिन का इंतजार पड़ सकता है भारी अगर आपने अभी तक ITR दाखिल नहीं किया है, तो आखिरी दिन तक इंतजार करने के बजाय जल्द रिटर्न फाइल करना बेहतर होगा. अंतिम समय में पोर्टल पर ज्यादा ट्रैफिक, दस्तावेजों की कमी या टैक्स से जुड़ी जानकारी में गड़बड़ी के कारण परेशानी हो सकती है. रिटर्न दाखिल करने से पहले Form 26AS, AIS, TDS और बैंक से जुड़ी जानकारी को भी जरूर मिला लें. Also Read: ITR में गलत फॉर्म भर दिया? घबराइए नहीं, 31 अगस्त से पहले ऐसे सुधारें गलती The post ITR Filing Deadline: बस 2 दिन बाकी! 31 अगस्त तक नहीं भरा रिटर्न तो लग सकता है 5000 रुपये जुर्माना appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल बाढ़ त्रासदी की आंखों-देखी: मौत के मुंह से लौटा बेटा, पिता समेत 3 अब भी लापता, बोला- काम पर गए और उधर ही…

नेपाल बाढ़ त्रासदी: नेपाल के रसुआ जिले में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में फंसे पश्चिम चंपारण के चार मजदूर आखिरकार सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं. शुक्रवार देर शाम चारों के घर पहुंचते ही परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े. हालांकि, इस खुशी के बीच चनपटिया के पूर्वी तुरहापट्टी पंचायत के तीन परिवारों की चिंता अब भी खत्म नहीं हुई है. बाढ़ के बाद से उनके तीन परिजन लापता हैं और अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है. 17 वर्षीय सलमान आलम ने बाढ़ का खौफनाक मंजर बताते हुए कहा कि बुधवार सुबह करीब 9.30 बजे अचानक तेज पानी का सैलाब आया. देखते ही देखते चारों ओर पानी फैल गया और कुछ भी दिखाई देना मुश्किल हो गया. सलमान जान बचाने के लिए ऊंचाई की ओर भागा और रास्ते में मिले एक व्यक्ति के साथ ऊपर चढ़ गया. इसी वजह से उसकी जान बच सकी. एक कमरे में रहते थे सात मजदूर सलमान ने बताया कि सभी मजदूर नेपाल के रसुआ जिले में बढ़ई, कारपेंटर और टाइल्स लगाने का काम करते थे. वे एक ही कमरे में सात लोग रहते थे. घटना की सुबह चार मजदूर काम पर गए थे, जबकि तीन मजदूर कमरे पर मौजूद थे. बाढ़ आने के बाद अफरातफरी मच गई. पानी कम होने पर लोगों ने एक-दूसरे की तलाश शुरू की. सलमान समेत चार मजदूर सुरक्षित मिल गए, लेकिन काम पर गए तीन मजदूरों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है. लापता मजदूरों में सलमान के पिता अरमान आलम भी शामिल हैं. हेलिकॉप्टर से आर्मी कैंप पहुंचाए गए मजदूर बाढ़ में फंसे मजदूरों को बुधवार दोपहर करीब दो बजे नेपाल पुलिस ने हेलिकॉप्टर से धुन्चे स्थित आर्मी कैंप पहुंचाया. वहां करीब दो घंटे तक रखने के बाद उन्हें हेलिकॉप्टर से त्रिशूली के उनवा कोट स्थित आर्मी कैंप भेजा गया. मजदूरों के अनुसार, नेपाली प्रशासन ने नाश्ता, बिस्कुट, चाउमीन, पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराईं. इसके बाद चारों मजदूर काठमांडू पहुंचे और गुरुवार को एक रिश्तेदार के यहां ठहरे. शुक्रवार सुबह काठमांडू से निकलकर वीरगंज पहुंचे. वहां से रक्सौल होते हुए ट्रेन से बेतिया आए और देर शाम अपने घर पहुंच गए. तीन परिवारों में अब भी चिंता और इंतजार लापता समीर अंसारी उम्र 23 | Naya Vichar Network अरमान आलम की पत्नी शहरून खातून ने बताया कि पति और बेटा सलमान करीब एक महीने पहले ही नेपाल गए थे. बेटे के सुरक्षित लौटने से राहत जरूर मिली है, लेकिन पति के लापता होने से परिवार सदमे में है. परिजन अब भी उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं. जान बची, लेकिन एक महीने की मजदूरी भी फंसी नेपाल से लौटे मजदूरों के सामने अब बकाया मजदूरी की चिंता भी खड़ी हो गई है. मजदूरों के अनुसार, करीब एक महीने की मेहनत की कमाई अभी तक नहीं मिली है. जान बचाकर घर लौटने की खुशी के बावजूद उन्हें अपनी बकाया मजदूरी की चिंता सता रही है. वहीं, तीनों लापता मजदूरों के परिवार उनके सकुशल लौटने की उम्मीद में हर पल इंतजार कर रहे हैं. यह भी पढे़ं: हिंदुस्तान-नेपाल सीमा पर युवक की अचानक मौत, शव की पहचान में जुटी पुलिस The post नेपाल बाढ़ त्रासदी की आंखों-देखी: मौत के मुंह से लौटा बेटा, पिता समेत 3 अब भी लापता, बोला- काम पर गए और उधर ही… appeared first on Naya Vichar.

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प्रशांत किशोर से क्यों मिले बिहार के चीफ सेक्रेटरी और DGP? तस्वीरें वायरल होने के बाद सरकार ने बताई पूरी कहानी

Prashant Kishor: जन सुराज पार्टी के इकलौते विधायक प्रशांत किशोर की बिहार के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात पिछले कुछ दिनों से चर्चा में थी. 27 अगस्त को हुई इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद नेतृत्वक गलियारों में कई तरह के सवाल उठने लगे. आखिर एक नए विधायक से बिहार के मुख्य सचिव, DGP और कई बड़े अधिकारी एक साथ क्यों मिले? क्या यह कोई खास बैठक थी? क्या प्रशांत किशोर के बढ़ते नेतृत्वक प्रभाव का असर प्रशासनिक स्तर पर भी दिखने लगा है? अब बिहार प्रशासन के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने इन तमाम चर्चाओं पर सफाई दी है. प्रशासन ने बताया है कि यह कोई विशेष प्रोटोकॉल वाली बैठक नहीं थी. पूरी मुलाकात पहले से तय समय के मुताबिक हुई थी. प्रशांत किशोर ने खुद मांगा था मिलने का समय बिहार प्रशासन की ओर से 28 अगस्त को जारी प्रेस विज्ञप्ति में मुलाकात का पूरा घटनाक्रम बताया गया है. इसके मुताबिक प्रशांत किशोर ने 20 अगस्त को मुख्य सचिव को पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने मुख्य सचिव से मुलाकात के लिए उनकी सुविधा के अनुसार समय मांगा था. इसके बाद मुख्य सचिव ने 27 अगस्त को शाम 5 बजे प्रशांत किशोर से मिलने का समय तय किया. यानी प्रशासन के मुताबिक मुलाकात अचानक नहीं हुई थी. इसके लिए पहले से पत्राचार हुआ था और समय भी निर्धारित किया गया था. फिर मुख्य सचिव के कमरे में क्यों नहीं मिले? यही सवाल इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. प्रशासन के मुताबिक, 27 अगस्त को जब प्रशांत किशोर पहुंचे तो मुख्य सचिव के कक्ष में पहले से ही एक बैठक चल रही थी. इस बैठक में कई अधिकारी मौजूद थे. ऐसे में मुख्य सचिव ने अपने कमरे में मिलने के बजाय प्रशांत किशोर से विजिटर रूम यानी अतिथि कक्ष में मुलाकात की. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों से अतिथि कक्ष में मुलाकात करना कोई नई बात नहीं है. पहले भी इस तरह जनप्रतिनिधियों से मुलाकात होती रही है. मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा जारी प्रेस रिलीज बैठक में कौन-कौन से बड़े अधिकारी थे? मुलाकात की तस्वीरों में कई वरिष्ठ अधिकारी नजर आए. यही वजह है कि मामला नेतृत्वक चर्चा में आ गया. इस दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और DGP विनय कुमार के अलावा परिवहन विभाग और नगर विकास विभाग के सचिव स्तर के अधिकारी भी मौजूद थे. पटना नगर निगम के कमिश्नर भी इस दौरान वहां मौजूद थे. एक नए विधायक के साथ इतने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने मुलाकात को सामान्य से ज्यादा महत्वपूर्ण बना दिया. सवाल इसलिए भी उठा क्योंकि PK हैं इकलौते विधायक प्रशांत किशोर हाल ही में पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतकर विधायक बने हैं. उनकी पार्टी जन सुराज का विधानसभा में फिलहाल यही एक प्रतिनिधित्व है. ऐसे में मुख्य सचिव और DGP समेत कई बड़े अधिकारियों के साथ उनकी मुलाकात को नेतृत्वक नजरिए से देखा गया. बिहार की नेतृत्व में अक्सर जनप्रतिनिधियों की यह शिकायत सामने आती रही है कि अधिकारी उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनते. ऐसे में प्रशांत किशोर की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तस्वीरें सामने आने के बाद इसे लेकर अलग-अलग नेतृत्वक मायने निकाले जाने लगे. प्रशांत किशोर ने भी दी सफाई इस मुलाकात पर उठे सवालों के बीच प्रशांत किशोर ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें समय दिया, यह उनका बड़प्पन है. उन्होंने इस मुलाकात को किसी तरह के डर या ‘Aura’ से जोड़ने से इनकार किया. प्रशांत किशोर ने साफ किया कि यह कोई वन-अपमैनशिप की लड़ाई नहीं है. उनके मुताबिक, उनका मकसद बांकीपुर के लोगों से जुड़े मुद्दों को अधिकारियों के सामने रखना और उनका समाधान कराना है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें तो क्या प्रशासन ने PK को कोई खास तवज्जो दी? यही सवाल इस पूरे विवाद का केंद्र रहा. तस्वीरों में मुख्य सचिव, DGP और कई सचिव स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी से नेतृत्वक चर्चाएं तेज हुईं. लेकिन बिहार प्रशासन की सफाई के मुताबिक इसे किसी विशेष बैठक या खास प्रोटोकॉल के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. प्रशासन का कहना है कि प्रशांत किशोर ने खुद मुलाकात के लिए समय मांगा था. मुख्य सचिव ने समय दिया और उस दिन अपने कक्ष में बैठक चलने के कारण विजिटर रूम में मुलाकात की. यानी प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम को एक सामान्य प्रशासनिक मुलाकात के तौर पर पेश किया है. बांकीपुर के मुद्दों को लेकर हुई थी मुलाकात प्रशांत किशोर के बयान से भी मुलाकात का उद्देश्य काफी हद तक स्पष्ट होता है. उन्होंने इसे बांकीपुर के लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाने और उनके समाधान की कोशिश बताया है. ऐसे में तस्वीरों को लेकर शुरू हुई नेतृत्वक चर्चा और प्रशासन की सफाई के बीच फर्क साफ नजर आता है. Also Read: नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 100 तीर्थयात्रियों को बिहार प्रशासन ने कराया रेस्क्यू, आधी रात पटना लाया गया The post प्रशांत किशोर से क्यों मिले बिहार के चीफ सेक्रेटरी और DGP? तस्वीरें वायरल होने के बाद प्रशासन ने बताई पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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तिब्बत में ग्लेशियर फटा, उत्तर बिहार कैसे हो सकता है तबाह? समझिए 30 लाख क्यूसेक पानी से गंडक-कोसी तक का पूरा कनेक्शन

Nepal Flash Flood: तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल में महाप्रलय जैसी स्थिति बनी हुई है. इसका असर अब उत्तर बिहार की नदियों पर भी पड़ सकता है. झील से निकला भारी मात्रा में पानी नेपाल की नदियों के रास्ते हिंदुस्तान की ओर बढ़ रहा है. इसे देखते हुए बिहार में गंडक और कोसी नदी क्षेत्र में अलर्ट बढ़ा दिया गया है. सीमावर्ती जिलों में प्रशासन को चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. खास तौर पर पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली और मुजफ्फरपुर पर नजर रखी जा रही है. तिब्बत में कहां फटा ग्लेशियर, बिहार तक कैसे पहुंचेगा पानी? यह ग्लेशियर छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदी के संगम के पास बनी थी. इसके टूटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी तेजी से निचले इलाकों की ओर बढ़ा है. जानकारी के मुताबिक करीब 30 लाख क्यूसेक पानी नीचे की तरफ बढ़ रहा है. इसका प्रवाह नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों से होकर आगे बढ़ेगा. यही पानी हिंदुस्तान-नेपाल सीमा के पास गंडक नदी के प्रवाह को प्रभावित कर सकता है. हालांकि, बिहार के लिए राहत की बात यह है कि ग्लेशियर टूटने का मुख्य केंद्र वाल्मीकिनगर गंडक बराज से करीब 250 से 300 किलोमीटर दूर है. इतनी दूरी तय करने के दौरान पानी के वेग और प्रभाव में कमी आने की संभावना है. गंडक बराज के सभी 36 गेट खोले गए संभावित दबाव को देखते हुए वाल्मीकिनगर गंडक बराज पर निगरानी बढ़ा दी गई है. बराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं. शुक्रवार शाम 5 बजे यहां से करीब 1,02,100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. गंडक का जलस्तर भी बढ़ा है. डुमरिया घाट में नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. यहां खतरे का निशान 62.22 मीटर है. शुक्रवार को जलस्तर इससे करीब 44 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया. प्रशासन का फोकस फिलहाल पानी को नियंत्रित तरीके से निकालने और तटबंधों को सुरक्षित रखने पर है. नेपाल में तबाही के बाद स्थिति NDRF और SDRF को भी रखा गया तैयार संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय बचाव दल को तैयार रखा गया है. संबंधित जिलों के डीएम को भी अपने-अपने क्षेत्र के तटबंधों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं. मकसद साफ है. अगर किसी इलाके में अचानक पानी बढ़ता है तो राहत और बचाव का काम बिना देरी शुरू किया जा सके. कोसी बराज पर भी बढ़ी निगरानी नेपाल में बाढ़ के बाद सिर्फ गंडक ही नहीं, कोसी नदी को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई है. वीरपुर स्थित कोसी बराज के 56 में से 17 फाटक खोले गए हैं. जल संसाधन विभाग के मुताबिक कोसी के पूर्वी और पश्चिमी दोनों तटबंध सुरक्षित हैं. स्पर, स्टड और अन्य संरचनाओं की स्थिति भी सामान्य बताई गई है. शुक्रवार सुबह 8 बजे कोसी बराज से करीब 1,42,360 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ. इसी समय बराह क्षेत्र में डिस्चार्ज करीब 90,800 क्यूसेक था. दोपहर 12 बजे कोसी बराज का डिस्चार्ज घटकर 1,34,225 क्यूसेक हुआ. वहीं बराह क्षेत्र में यह बढ़कर 99,500 क्यूसेक पहुंच गया. शाम 6 बजे कोसी बराज का डिस्चार्ज फिर बढ़कर 1,44,775 क्यूसेक हो गया. बराह क्षेत्र में यह 99,500 क्यूसेक रहा. नेपाल की भोटेकोशी नदी से करीब 10 हजार क्यूसेक अतिरिक्त पानी आने की संभावना है. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इससे कोसी के प्रवाह पर बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है. प्रशासन ने कहा- बिहार में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नेपाल में ग्लेशियर झील टूटने के कारण बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी है. लेकिन बिहार के लिए सबसे बड़ी राहत दूरी है. उनके मुताबिक वाल्मीकिनगर बराज और नेपाल में पानी के मुख्य केंद्र के बीच करीब 250 से 300 किलोमीटर की दूरी है. इस वजह से पानी बिहार तक पहुंचते-पहुंचते उसका प्रभाव काफी कम हो गया है. उन्होंने कहा कि गंडक में पहले से भी सामान्य से कम पानी था. नदी खतरे के निशान के आसपास थी. ऐसे में नेपाल से आया पानी फिलहाल किसी बेहद भयावह स्थिति में तब्दील नहीं हुआ है. शुक्रवार को वाल्मीकिनगर के पास गंडक में करीब एक लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बना रहा. नेपाल की दो दर्जन से ज्यादा पहाड़ी नदियां बन सकती हैं खतरा उत्तर बिहार की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि नेपाल की पहाड़ियों में होने वाली बड़ी प्राकृतिक घटनाओं का असर यहां तक पहुंच सकता है. गंडक समेत नेपाल से आने वाली दो दर्जन से अधिक पहाड़ी नदियां पश्चिम चंपारण और उत्तर बिहार के लिए महत्वपूर्ण हैं. पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ या झील टूटने जैसी घटना होने पर इन नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. नेपाल की नारायणी नदी को हिंदुस्तान में गंडक के नाम से जाना जाता है. इसमें कई दूसरी नदियां आकर मिलती हैं. देवघाट के पास त्रिशूली नदी भी नारायणी में मिलती है. यही वजह है कि त्रिशूली और भोटेकोशी में आने वाले अचानक उफान पर बिहार की नजर बनी हुई है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें त्रिशूली नदी क्यों है इतनी खतरनाक? विशेषज्ञों के मुताबिक त्रिशूली नदी तिब्बत के क्यिरोंग जिले की पेखु कांगरी पर्वतमाला से निकलती है. ऊंचे पहाड़ी इलाकों से आने के कारण इसका प्रवाह काफी तेज होता है. भोटेकोशी, ल्हेन्दे खोला, मैलमंग खोला, चिलीमे खोला और आंखू खोला जैसी नदियों का पानी भी आगे जाकर नारायणी में मिलता है. अगर पहाड़ी इलाके में अचानक भारी मात्रा में पानी आता है तो इन नदियों का संयुक्त प्रवाह नीचे के क्षेत्रों में दबाव बढ़ा सकता है. यही कारण है कि नेपाल में आई बाढ़ के बाद हिंदुस्तानीय क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ाई गई है. नेपाल के नुवाकोट में त्रिशूली नदी के किनारे अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद की तस्वीर गंडक नदी का सफर भी समझिए जानकारों के मुताबिक, गंडक का उद्गम तिब्बत के कागबेनी इलाके के एक नाले से माना जाता है. वहां इसे जुगूं खोला कहा जाता है. आगे बढ़ने पर यह काली गंडकी के नाम से जानी जाती है. अलग-अलग स्थानों पर इसमें दूसरी नदियां मिलती जाती हैं. देवघाट के पास यह नारायणी कहलाती

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रांची-जमशेदपुर हाईवे पर हादसा: सड़क की सफाई कर रहें मजदूरों को कंटेनर ने रौंदा, 2 की मौत, 3 घायल

राजेश कुमार की रिपोर्ट नामकुम. रांची-जमशेदपुर मुख्य सड़क पर पुराना रामपुर के पास शनिवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. सड़क किनारे सफाई का काम कर रहे मजदूरों को तेज रफ्तार कंटेनर ने अपनी चपेट में ले लिया. हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि तीन अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गये. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतकों में एक स्त्री और एक पुरुष शामिल हैं. सभी मृतक और घायल तमाड़ क्षेत्र के रहने वाले बताये जा रहे हैं. सड़क किनारे जमा बालू को हटाने का कर रहे था काम जानकारी के अनुसार, पथ निर्माण विभाग की ओर से रांची-जमशेदपुर मुख्य सड़क के किनारे सफाई का काम कराया जा रहा था. सड़क किनारे काफी मात्रा में बालू और झाड़ियां जमा थीं. मजदूरों ने पहले झाड़ियों की कटाई की और सड़क किनारे जमा बालू को हटाने का काम शुरू किया था. सभी मजदूर बालू और झाड़ियों को ट्रैक्टर में लादकर दूसरी जगह ले जा रहे थे. दो मजदूरों की मौके पर ही मौत इसी दौरान जमशेदपुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रहा कंटेनर संख्या JH04-7B0623 अचानक मजदूरों की ओर चला गया. मजदूर कुछ समझ पाते, इससे पहले ही कंटेनर ने कई मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गयी. तीन अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गये. कंटेनर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलटा हादसे के बाद कंटेनर भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया. दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गयी. आवाज सुनकर पूर्व मुखिया महादेव मुंडा सहित आसपास के कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने तुरंत घटना की जानकारी पुलिस को दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की. ये भी पढ़ें: सावधान : अब रांची में शिशु भी स्वाइन फ्लू की चपेट में, 3 हॉस्पिटल में भर्ती, 5 माह की बच्ची वेंटिलेटर पर चालक को किया पुलिस के हवाले स्थानीय लोगों ने हादसे के बाद कंटेनर चालक को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है. हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस घटनास्थल की स्थिति और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटा रही है. The post रांची-जमशेदपुर हाईवे पर हादसा: सड़क की सफाई कर रहें मजदूरों को कंटेनर ने रौंदा, 2 की मौत, 3 घायल appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Board Syllabus 2026-27: कक्षा 9वीं से 12वीं के नया सिलेबस और एग्जाम पैटर्न समझे

Bihar Board Syllabus 2026-27: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) के नए एकेडमिक सेशन 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के छात्र सिलेबस और परीक्षा पैटर्न को लेकर लगातार अपडेट खोज रहे हैं. अगर आप भी बिहार बोर्ड मैट्रिक या इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 की तैयारी शुरू कर रहे हैं, तो सिलेबस और पेपर पैटर्न को समझना आपकी तैयारी का सबसे पहला कदम होना चाहिए. बिहार बोर्ड ने पिछले कुछ वर्षों में अपने परीक्षा पैटर्न को काफी स्टूडेंट-फ्रेन्डली बनाया है. आइए जानते हैं कि इस सेशन में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के सिलेबस और एग्जाम पैटर्न की स्थिति क्या है. सब्जेक्ट-वाइज सिलेबस बिहार बोर्ड का सिलेबस पूरी तरह से NCERT के पैटर्न पर आधारित है. साइंस और मैथ्स (Science & Math): कक्षा 9 से 12 तक के गणित, भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry) और जीव विज्ञान (Biology) में NCERT के मुख्य टॉपिक्स पर ही फोकस रहता है. अवधारणात्मक स्पष्टता (Conceptual Clarity) पर अधिक जोर दिया गया है. ये भी पढ़ें: ISRO Recruitment 2026: 175 पदों पर भर्ती, 16 सितंबर लास्ट डेट आर्ट्स, ह्यूमेनिटीज (Arts, Humanities): इतिहास, भूगोल, नेतृत्व विज्ञान और अर्थशास्त्र में बिहार के स्थानीय इतिहास और वित्तीय स्थिति से जुड़े कुछ विशिष्ट पाठ शामिल रहते हैं, बाकी पूरा ढांचा NCERT के अनुरूप ही रहता है. कॉमर्स (Commerce): अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज और एंटरप्रेन्योरशिप के सिलेबस में कोई बड़ा बदलाव नहीं है, यह पूरी तरह से बोर्ड के मानक दिशानिर्देशों का पालन करता है. ऑफिशियल सिलेबस और मॉडल पेपर कैसे डाउनलोड करें? स्टूडेंट्स किसी भी सब्जेक्ट का नया सिलेबस और मॉडल प्रश्न पत्र डाउनलोड करने के लिए. सबसे पहले बिहार बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाएं. होमपेज पर ‘Syllabus’ या ‘Academic Section’ लिंक पर क्लिक करें. अपनी कक्षा (Class 9, 10, 11 या 12) का चुनाव करें. संबंधित विषय पर क्लिक करके PDF फाइल डाउनलोड कर लें. नए सिलेबस के अनुसार तैयारी के लिए 3 जरूरी टिप्स NCERT किताबों को आधार बनाएं: बिहार बोर्ड के प्रश्न सीधे NCERT टेक्स्टबुक के कॉन्सेप्ट्स से पूछे जाते हैं, इसलिए टेक्स्टबुक को ध्यान से पढ़ें. ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की रोज प्रैक्टिस करें: 50प्रतिशत ऑब्जेक्टिव वेटेज होने के कारण रोजाना OMR शीट पर उत्तर भरने का अभ्यास करें. पिछला प्रश्न पत्र (PYQ) हल करें: पिछले 3 से 5 वर्षों के प्रश्न पत्र हल करने से आपको पैटर्न और समय प्रबंधन का सही अंदाजा मिलेगा. ये भी पढ़ें: MBBS और BDS कोर्स में क्या है अंतर? डाॅक्टर बनने के लिए क्या बेस्ट है, जानें कोर्स डयूरेशन से करियर स्कोप तक की पूरी जानकारी The post Bihar Board Syllabus 2026-27: कक्षा 9वीं से 12वीं के नया सिलेबस और एग्जाम पैटर्न समझे appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी ने नहीं माना हाईकोर्ट का निर्देश, शुभेंदु अधिकारी ने दिये FIR दर्ज करने के आदेश

कोलकाता : तृणमूल छात्र परिषद की बैठक में अदालती आदेशों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. उन्होंने ममता के खिलाफ उच्च न्यायालय जाने का भी संकेत दिया है. शुभेंदु ने क्या दिया आदेश शुक्रवार को तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में तृणमूल का एक सम्मेलन आयोजित किया गया. कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, कालीघाट-तृणमूल सम्मेलन कैथेड्रल रोड पर हुआ. उच्च न्यायालय ने सम्मेलन आयोजित करने के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की थीं. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उन पर आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. कोर्ट के निर्देश का हुआ उल्लंघन शुभेंदु ने आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा- ममता बनर्जी भी सम्मेलन में उपस्थित थीं. देखिए, उन्होंने उच्च न्यायालय के निर्देश का उल्लंघन कैसे किया. उन्होंने पेड़ के नीचे बैठे लोगों को बुलाया और सड़क जाम कर दी. मैंने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है और यह भी कहा है कि मैं उनके खिलाफ उच्च न्यायालय में जाऊंगा. क्या था हाईकोर्ट का निर्देश तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों ने तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस पर सभाएं आयोजित करने की अनुमति के लिए अदालत का रुख किया था. रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल को रानी रश्मोनी रोड पर सभाएं आयोजित करने की अनुमति दी गई, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली कालीघाट तृणमूल को कैथेड्रल रोड के एक तरफ सभाएं आयोजित करने की अनुमति मिली. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें लोगों की संख्या पर भी थी पाबंदी उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि 1,500 से अधिक कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित नहीं हो सकते. पुलिस को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करनी थी. कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच समाप्त होना था और कैथेड्रल रोड और रानी रश्मोनी रोड के एक-एक तरफ का रास्ता खुला रखना था. Also Read: बंगाल में होगी जाति प्रमाणपत्रों की जांच, अब तक 45,000 लोग संदिग्ध सूची में The post ममता बनर्जी ने नहीं माना हाईकोर्ट का निर्देश, शुभेंदु अधिकारी ने दिये FIR दर्ज करने के आदेश appeared first on Naya Vichar.

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