US Tech Iran Nuclear Program: अमेरिका ने ईरान को प्रतिबंधित तकनीकी उपकरणों की कथित आपूर्ति से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है. सुरक्षा एजेंसियों ने अमेरिकी-ईरानी नागरिक और टेक्नोलॉजी कंपनी के प्रमुख जमशीद घोमी को गिरफ्तार किया है. संघीय जांच एजेंसियों का आरोप है कि उन्होंने करीब एक दशक तक अमेरिकी एक्सपोर्ट नियमों को दरकिनार कर संवेदनशील नेटवर्किंग और एन्क्रिप्शन गैजेट्स ईरान के परमाणु और रक्षा प्रतिष्ठानों तक पहुंचाए.
संघीय अधिकारियों के अनुसार, 63 वर्षीय जमशीद घोमी कैलिफोर्निया के न्यूपोर्ट कोस्ट का निवासी है. वह तेहरान स्थित तकनीकी कंपनी फराज परदाज रायानेह कंपनी लिमिटेड (एफपीआर) का संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी है.
उसकी गिरफ्तारी एक संघीय आपराधिक शिकायत के आधार पर की गई. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (आईईईपीए) का उल्लंघन करने की साजिश रची और अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद बिना अनुमति संवेदनशील तकनीक ईरान भेजी.
कैसे चलाया गया कथित नेटवर्क?
अमेरिकी अभियोजकों का कहना है कि घोमी ने अपनी कंपनी के जरिए अमेरिकी नेटवर्किंग और सुरक्षा उपकरण हासिल किए. इसके बाद इन उपकरणों को सीधे ईरान भेजने के बजाय यूएई में मौजूद बिचौलियों के जरिए आगे बढ़ाया गया.
जांच एजेंसियों के मुताबिक अंतिम खरीदारों में ईरान प्रशासन से जुड़े कई संस्थान और सैन्य संगठन शामिल थे. अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क एक्सपोर्ट कंट्रोल नियमों से बचने और प्रतिबंधित संस्थाओं तक अमेरिकी तकनीक पहुंचाने के लिए तैयार किया गया था.
جمشید قومی شهروند ایرانی امریکایی ساکن اورنج کانتی کالیفرنیا به اتهام قاچاق لوازم و تجهیزات یارانه به ایران و دور زدن تحریم های امریکا دستگیر شد ، قومی متهم است طی ده سال دهها میلیون دلار لوازم یارانه را که عنوان کرده به دوبی صادر کرده است با دور زدن تحریم ها از طریق امارات و… pic.twitter.com/acWhcDcoq2
— Amir ebrahimi (@Amir60118403) June 3, 2026
ईबे और पेपाल के जरिए हुई सैकड़ों खरीदारी
जांच में दावा किया गया है कि 2011 से 2015 के बीच जमशीद घोमी ने ईबे और पेपाल खातों का इस्तेमाल करते हुए 400 से अधिक बार नियंत्रित तकनीकी उपकरण खरीदे. बाद के वर्षों में उसने मिनेसोटा और नेब्रास्का के कमर्शियल सप्लायर से सीधे सामान मंगाने की व्यवस्था की. इसके लिए कथित तौर पर कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया ताकि वास्तविक खरीदारों की पहचान छिपी रहे.
दुबई के रास्ते ईरान पहुंचा 250 टन से ज्यादा सामान
संघीय जांचकर्ताओं के अनुसार, 2014 से 2018 के बीच घोमी ने दुबई स्थित फ्रेट फॉरवर्डिंग सेवाओं की मदद से 250 मीट्रिक टन से अधिक हार्डवेयर ईरान पहुंचाने का प्रबंध किया. अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान शिपिंग दस्तावेजों में गलत जानकारी दर्ज की गई और अंतिम में जहां सामान पहुंचाना था, उनकी पहचान छिपाई गई.
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परमाणु और रक्षा संस्थानों तक पहुंचाए गए उपकरण
अदालती दस्तावेजों में दावा किया गया है कि एफपीआर ने ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन को तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए. यह वही संस्था है जो ईरान के परमाणु ढांचे को मैनेज करता है. इसके अलावा कंपनी पर ईरान के रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बल लॉजिस्टिक्स से जुड़े संगठनों को भी तकनीक उपलब्ध कराने का आरोप है. अभियोजकों का कहना है कि प्रतिबंधों के बावजूद रक्षा क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं को एन्क्रिप्शन और सुरक्षा नेटवर्क उपलब्ध कराए गए.
करोड़ों डॉलर के लेनदेन और आय छिपाने का आरोप
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में पैसे के लेनदेन को छिपाने के लिए उलझाने वाले वित्तीय लेनदेन, फर्जी चालान और शेल कंपनियों का उपयोग किया गया. जांच एजेंसियों का दावा है कि 2011 से 2024 के बीच इस व्यवस्था के जरिए 1.5 करोड़ डॉलर से अधिक राशि अमेरिका में पहुंचाई गई. आरोप यह भी है कि घोमी ने कर अधिकारियों को अपनी वास्तविक आय से कम जानकारी दी. उसने कथित अवैध कारोबार से हुई कमाई से न्यूपोर्ट कोस्ट में करोड़ों डॉलर की आलीशान संपत्ति खरीदी.
Today, Jamshid Ghomi, a dual U.S.-Iranian citizen who lives in a $35 million mansion in Orange County, California, was arrested on a federal criminal complaint charging him with selling computer technology to Iranian companies and Iran’s government — including technology to help… pic.twitter.com/EdL4OsB8Y5
— Acting AG Todd Blanche (@DAGToddBlanche) June 3, 2026
अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि यह मामला उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है जिनके तहत अमेरिका विरोधी देशों तक संवेदनशील तकनीक की अवैध पहुंच रोकने के लिए कार्रवाई कर रहा है. विभाग का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी तकनीकों को प्रतिबंधित संस्थाओं तक पहुंचाने के मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे.
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दोषी साबित होने पर कितनी हो सकती है सजा?
अगर अदालत में आरोप तय हो जाते हैं तो जमशीद घोमी को अमेरिकी फेडरल लॉ के तहत अधिकतम 20 वर्ष तक की जेल हो सकती है. हालांकि, न्यायिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह केवल एक आपराधिक आरोप है. अदालत में आरोप साबित होने तक आरोपी को कानूनन निर्दोष माना जाएगा.
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