Hot News

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से क्यों हटाया? 3 पॉइंट्स में समझिए वजह

दिल्ली पुलिस ने दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन के लिए पहले से निर्धारित जगहों में से जंतर-मंतर को हटा दिया है. पुलिस के इस आदेश के बाद अब जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन नहीं होंगे. पुलिस ने दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन के लिए तीन जगहों का चुनाव किया है. इनमें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और शाहदरा का सीबीडी ग्राउंड शामिल हैं.

यहां अहम सवाल यह है कि पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से क्यों हटाया और रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड को विरोध प्रदर्शन के लिए क्यों चुना?

1. सेंट्रल दिल्ली से दूर होगा विरोध प्रदर्शन

  • जंतर-मंतर सेंट्रल दिल्ली में है, जिसके चलते यहां होने वाले विरोध प्रदर्शन पर दुनिया भर की नजर रहती है. इसके साथ-साथ दिल्ली के इसी इलाके में प्रशासनी और प्रशासनिक कार्यालय भी है. यहां होने वाले प्रदर्शन से ये जगह प्रभावित होते हैं.
  • इसका एक कारण यह भी है कि देश में कानून बनाने वाली सबसे बड़ी संस्था संसद, जंतर-मंतर से करीब 2 किलोमीटर दूर है. जबकि रामलीला मैदान सड़क के रास्ते संसद से 6 किलोमीटर दूर है. बुराड़ी का मैदान संसद से करीब 23 किलोमीटर और शाहदरा का सीबीडी ग्राउंड करीब 14 किलोमीटर दूर है.

2. जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से सेंट्रल दिल्ली होता है प्रभावित

  • दिल्ली पुलिस का कहना है कि सेंट्रल दिल्ली में विरोध प्रदर्शन होने से राजधानी का सबसे अहम इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित होता है. जुलाई में हुए प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में भी ऐसा देखने को मिला.
  • सेंट्रल दिल्ली में हुए प्रदर्शनों का असर कनॉट प्लेस जैसे दिल्ली के दूसरे अहम इलाकों में भी देखने को मिल जाता है. लेकिन जंतर-मंतर के मुकाबले, शाहदरा या बुराड़ी में होने वाले विरोध प्रदर्शन का असर सेंट्रल दिल्ली तक पहुंचने की संभावना कम रहेगी. इसलिए विरोध प्रदर्शनों के लिए जिन तीन जगहों का चुनाव किया गया है उनमें से दो जगहें सेंट्रल दिल्ली से काफी दूर हैं.

3. प्रदर्शनकारियों की भीड़

  • जंतर-मंतर का इलाका तुलनात्मक रूप से छोटा है. इसके चलते यहां कम संख्या में भी लोगों का जमावड़ा भीड़ के रूप में दिखाई देता है और छोटा प्रदर्शन भी देखने में बड़ा प्रतीत होता है.छोटी जगह होने के चलते यहां जुटने वाली भीड़ को नियंत्रित करना भी थोड़ा मुश्किल होता है.
  • उदाहरण के लिए, जंतर-मंतर पर करीब 3,000 लोग इकट्ठा हो सकते हैं, जबकि रामलीला मैदान में करीब 50,000, सीबीडी ग्राउंड में करीब 15,000 और बुराड़ी के मैदान में करीब 80,000 लोग आ सकते हैं. इसका मतलब है कि इन जगहों पर किसी प्रदर्शन को बड़ा दिखाने के लिए काफी बड़ी संख्या में लोगों को जुटाना पड़ेगा.

ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर प्रदर्शन : गृह मंत्रालय को SC ने भेजा कारण बताओ नोटिस, 5 प्वाइंट्स में समझिए कोर्ट में क्या हुआ?

जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से क्यों हटाया गया

जानकारों की मानें तो नई जगहों को चुनने के पीछे दिल्ली पुलिस की मुख्य योजना यही है कि किसी भी विरोध प्रदर्शन को इतना बड़ा होने से पहले ही रोक दिया जाए कि वह सुर्खियों में आ जाए और देशभर का ध्यान खींचने लगे. इसके अलावा बुराड़ी और सीबीडी ग्राउंड में किसी प्रदर्शन को लंबे समय तक जारी रखना मुश्किल होगा, क्योंकि सेंट्रल दिल्ली के मुकाबले इन जगहों पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना कम है.

The post दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से क्यों हटाया? 3 पॉइंट्स में समझिए वजह appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top