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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

समस्तीपुर

जेपी जयंती पर डीएम ने किया माल्यार्पण, आदर्शों को किया याद

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर।लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर रविवार को समाहरणालय परिसर में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने जेपी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति उनके योगदान की सराहना की। डीएम ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, जनकल्याण और जनभागीदारी के प्रति समर्पण का प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्श और सिद्धांत आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं। मौके पर उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, नगर आयुक्त गौतम कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार, नजारत उप समाहर्ता रजनीश कुमार राय, सामान्य शाखा प्रभारी अंजली कुमारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

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मस्क की नाराजगी, अंबानी पर तंज और राहुल गांधी की एंट्री: भारत के लिए क्या दांव पर है?

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दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके अभिजीत दीपके, रिहा होने के बाद दिल्ली से अपने गांव रवाना

‘इस दुख की घड़ी में अपने परिवार के साथ रहने के लिए गांव लौट रहा हूं. सौरव और आशु जल्द ही दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. CJP न तो पीछे हटेगी और न ही किसी दबाव से डरेगी. 10 अक्टूबर को इस तानाशाही के अंत की शुरुआत के रूप में याद किया जाएगा.’ अभिजीत दीपके ने सोशल  मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी दी. अभिजीत दीपके ने एक्स पर ये जानकारी दी दादी के अंतिम संस्कार में समय पर नहीं पहुंच सके दीपके अभिजीत दीपके के परिवार ने रविवार को आरोप लगाया कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने उन्हें समय पर रिहा नहीं किया, जिस वजह से वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए. दीपके की दादी सावित्रीबाई शंकरराव दीपके (85) का लंबी बीमारी के बाद शनिवार (10 अक्टूबर)को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में निधन हो गया था और उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह किया गया. ये भी पढ़ें: CJP Protest: अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को किया गया रिहा अंतिम संस्कार से पहले एक परिजन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘‘अभिजीत की दादी के निधन के बाद हमने दिल्ली पुलिस से दीपके को रिहा करने का कई बार अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने दीपके को नहीं छोड़ा.’’ इससे पहले, दीपके की मां ने दावा किया था कि उनके बेटे को दादी के निधन की कोई जानकारी नहीं दी गई और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है. दिल्ली पुलिस ने एक्स पर दी ये जानकारी दिल्ली पुलिस का मामले पर क्या है रिएक्शन दिल्ली पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि अभिजीत की दादी के निधन की जानकारी उन्हें तुरंत दे दी गई थी. उन्हें अंतिम संस्कार का समय भी बताया गया था. मानवीय आधार पर उन्हें अपने गांव जाने के लिए हर संभव मदद देने की पेशकश की गई थी. हालांकि, उन्होंने यह मदद लेने से इनकार कर दिया The post दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके अभिजीत दीपके, रिहा होने के बाद दिल्ली से अपने गांव रवाना appeared first on Naya Vichar.

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बोकारो के ईएसएल स्टील प्लांट में बड़ा हादसा, गैस की चपेट में आने से दो की गई जान

बोकारो. वेदांता ईएसएल स्टील लिमिटेड के प्लांट परिसर में रविवार को गैस के संपर्क में आने से दो लोगों की मौत हो गयी. मृतकों की पहचान हजारीबाग निवासी सोहन महतो और धनबाद निवासी समीर अंसारी के रूप में हुई है. घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गयी. एक कंपनी का कर्मचारी, दूसरा बिजनेस पार्टनर के अधीन कार्यरत कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, मृतकों में एक कंपनी का एग्जीक्यूटिव था, जबकि दूसरा बिजनेस पार्टनर के अधीन इंजीनियर के रूप में कार्यरत था. गैस के संपर्क में आने के बाद दोनों को प्रारंभिक जांच के बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. ये भी पढ़ें: बोकारो: आठ माह बाद भी 35 लाख की चोरी का खुलासा नहीं, पीड़ित परिवार लगा रहा थाने का चक्कर हादसे की समाचार से संबंधित क्षेत्र में शोक का माहौल है. हालांकि, घटना किस परिस्थिति में हुई और किस प्रकार की गैस के संपर्क में आने से दोनों की मौत हुई, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आयी है. कंपनी ने जताया शोक, स्वतंत्र जांच का भरोसा ईएसएल स्टील लिमिटेड ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जतायी है. कंपनी ने कहा है कि इस कठिन समय में दोनों परिवारों को हरसंभव सहायता और सहयोग दिया जा रहा है. कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, घटना की स्वतंत्र जांच करायी जायेगी. जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित कदम उठाये जायेंगे. फिलहाल, हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के निष्कर्षों का इंतजार है. The post बोकारो के ईएसएल स्टील प्लांट में बड़ा हादसा, गैस की चपेट में आने से दो की गई जान appeared first on Naya Vichar.

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सुप्रीम कोर्ट का आदेश: दिल्ली में हटाए जाएं बैरिकेड्स, बंद न हो इंटरनेट सेवा

Supreme Court Special Hearing : जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की बेंच ने मामले की सुनवाई की. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र प्रशासन को मेट्रो सेवाएं सामान्य समय-सारिणी के अनुसार चलाने का निर्देश दिया. कोर्ट ने यह भी कहा कि इंटरनेट सेवाओं में किसी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए. बैरिकेड्स हटाए जाएं. प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और अदालत के आदेश की कथित अनदेखी को लेकर कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं. सुनवाई शुरू करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन वकीलों को इस मामले में अपनी बात रखनी है, उन्हें मौका दिया जाएगा. अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के लिए वकीलों को बारी-बारी से अपनी बात रखने की अनुमति दी. न्यूज एजेंसी एएनआई ने सुनवाई को लेकर जानकारी दी जब वकीलों ने विशेष सुनवाई के लिए अदालत का धन्यवाद किया, तो जस्टिस बागची ने कहा, “हमें धन्यवाद देने की जरूरत नहीं है. हम हमेशा देश की सेवा के लिए मौजूद हैं.” सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने पाबंदियों पर सवाल उठाए सुनवाई के दौरान सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने हिरासत में लेने की कार्रवाई और हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लगाई गई पाबंदियों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लोगों को ट्रेनों आदि से भी हिरासत में लिया जा रहा है. सिब्बल ने इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि इस बारे में सुप्रीम कोर्ट पहले ही अनुराधा भसीन मामले में फैसला दे चुका है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि शनिवार यानी 10 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन बंद नहीं थे. कुल 303 स्टेशनों में से सिर्फ 45 स्टेशनों पर लोगों के आने-जाने पर रोक लगाई गई थी. सुनवाई के दौरान वकील एन. हरिहरन ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान वकील ने कहा- पब्लिक के लिए अब शहर में स्वतंत्र रूप से घूमना भी मुश्किल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीनियर वकील शहदान फरासत ने प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लोगों को जबरन घसीटकर बसों में बैठाया जा रहा था. कुछ लोगों को बसों से बाहर भी फेंका गया. मीडिया में ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें फरासत खुद पुलिस की हिरासत में दिख रहे हैं. वहीं, वकील एन. हरिहरन ने कहा कि पब्लिक के लिए अब शहर में स्वतंत्र रूप से घूमना भी मुश्किल हो गया है. The post सुप्रीम कोर्ट का आदेश: दिल्ली में हटाए जाएं बैरिकेड्स, बंद न हो इंटरनेट सेवा appeared first on Naya Vichar.

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नेहा बोरा की ‘वन पीस’ टीशर्ट: जापानी मांगा का किरदार कैसे बना विरोध का प्रतीक?

दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की लाल टीशर्ट पर छपा ‘वन पीस’ का प्रतीक चर्चा में आ गया. यह केवल किसी लोकप्रिय जापानी कॉमिक का लोगो नहीं है. दुनिया भर में इसके प्रशंसक इसे आजादी, दोस्ती, सत्ता के विरोध और अपने सपनों के लिए लड़ने से जोड़ते हैं. लेकिन क्या नेहा बोरा ने भी इसे इसी संदेश के साथ पहना था? इसका जवाब उनकी अपनी व्याख्या के बिना तय नहीं किया जा सकता. Read more: The post नेहा बोरा की ‘वन पीस’ टीशर्ट: जापानी मांगा का किरदार कैसे बना विरोध का प्रतीक? appeared first on Naya Vichar.

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CJP Protest: अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को किया गया रिहा

CJP Protest: न्यूज एजेंसी एएनआई ने एक्स पर जानकारी दी कि अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. पुलिस ने तीनों को एहतियातन हिरासत में लिया था. इसके बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, तीनों नेताओं को हिरासत से रिहा कर दिया गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने जानकारी दी The post CJP Protest: अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को किया गया रिहा appeared first on Naya Vichar.

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CJP Protest: दीपके, रांका और दास गिरफ्तार, मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी पुलिस

CJP Protest: सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने एक्स पर बताया कि अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा. दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने सुबह इसकी जानकारी दी. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कानूनी मामलों के प्रमुख ने बताया कि वह दूसरे वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचेंगे. वे हिरासत में लिए गए नेताओं की ओर से पक्ष रखेंगे. दीपके, रांका और दास एहतियातन गिरफ्तार किए गए सीजेपी के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है. उन्हें रविवार को दिल्ली कैंट पुलिस थाने में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से न्यूज एजेंसी पीटीआई ने समाचार दी है. सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने जानकारी दी Bar and Bench ने एक्स पर जानकारी दी कि दिल्ली में प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत कई लोगों की रिहाई की मांग की गई है. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. हिरासत में लिए गए लोगों में CJP के सह-संयोजक सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका भी शामिल हैं. ये लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले थे. संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत यह याचिका दायर की गई है. इसमें हिरासत को गैरकानूनी बताया गया है. सभी लोगों को अदालत में पेश करने, हिरासत की वजह बताने और पुलिस रिकॉर्ड व CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की गई है. Bar and Bench ने मामले को लेकर अपडेट दिया ये भी पढ़ें: CJP Protest : शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार संविधान से मिला, UN की टिप्पणी पर हिंदुस्तान का जवाब मुंबई से दिल्ली पहुंचते ही पुलिस ने अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया. सीजेपी के दो अन्य नेता सौरव दास और आशुतोष रांका भी पकड़े गए. पुलिस ने तीनों को विमान के अंदर से ही हिरासत में लिया. सीजेपी ने इसका एक वीडियो शेयर किया है. इसमें दीपके पुलिस अधिकारियों से कहते हैं, “हम यहां गिरफ्तार होने आए हैं. आइए और हमें गिरफ्तार कीजिए.” पुलिस ने नेताओं से कहा कि उनके पास जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है. इस पर दीपके ने आपत्ति जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है. दीपके ने इस कार्रवाई को तानाशाही जैसा बताया. The post CJP Protest: दीपके, रांका और दास गिरफ्तार, मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए बदलाव, जेटेट की हर OMR शीट पर पहले से छपा रहेगा अभ्यर्थी का नाम और रोल नंबर

Jharkhand TET Exam 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित हेराफेरी के मामलों की सीआइडी जांच कर रही है. इन सबके बीच झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की ओर से एक नवंबर 2026 को आयोजित किये जाने वाले झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में बड़ा बदलाव की सूचना है. मिली जानकारी के अनुसार, जेटेट में शामिल होनेवाले लगभग 5.60 लाख अभ्यर्थियों को प्री- प्रिंटेड ऑप्टिकल मार्क रिकॉग्निशन शीट (ओएमआर शीट) उपलब्ध करायी जायेगी. ओएमआर शीट पर संबंधित अभ्यर्थी का नाम, रोल नंबर समेत अन्य आवश्यक जानकारियां पहले से दर्ज रहेंगी. इसलिए जरूरी हैं ये बदलाव जेपीएससी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ी के मामलों की सीआइडी जांच कर रही है. ऐसे में जेटेट में प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट की व्यवस्था पारदर्शिता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. झारखंड में यह पहली बार हो रहा है, जब किसी प्रतियोगिता परीक्षा में 5.60 लाख परीक्षार्थी शामिल होनेवाले हैं. प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट की इस नयी व्यवस्था से परीक्षा का प्रबंधन आसान होगा. जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद और सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में जेटेट में प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट की व्यवस्था करने से अभ्यर्थियों की पहचान और उत्तर पुस्तिका का मिलान आसान हो सकेगा. प्री-प्रिंटेड OMR शीट से होगी परीक्षा झारखंड में पहली बार बड़े पैमाने पर होनेवाली किसी प्रतियोगिता परीक्षा में यह प्रयोग किया जा रहा है. बताया गया कि सभी अभ्यर्थियों के नाम और जरूरी जानकारियों के साथ प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट संबंधित परीक्षा केंद्रों को उपलब्ध करायी जायेगी. परीक्षा कक्ष में प्रत्येक अभ्यर्थी के निर्धारित स्थान पर उसके लिए आवंटित ओएमआर शीट और प्रश्नपत्र की बुकलेट रखी जायेगी. अगर कोई अभ्यर्थी अनुपस्थित रहता है, तब भी इस व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. OMR शीट की जांच जरूरी, गलती पर निष्कासन परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को बताया जायेगा कि उनकी ओएमआर शीट पर आवश्यक जानकारियां पहले से दर्ज हैं. अभ्यर्थियों को शीट पर दर्ज विवरण की जांच कर यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें आवंटित ओएमआर शीट उन्हीं की है. किसी दूसरे अभ्यर्थी की ओएमआर शीट का इस्तेमाल करने पर संबंधित अभ्यर्थी को निष्कासित माना जायेगा. जेटेट में लगभग 1.20 लाख अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो पहली से पांचवीं कक्षा और छठी से आठवीं कक्षा, दोनों श्रेणियों की परीक्षा में शामिल होंगे. ये भी पढ़ें: NLU रांची में PhD का मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन; जानें योग्यता, फीस और कोर्स की पूरी जानकारी प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट के फायदे गलती की गुंजाइश कम : रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर व अन्य विवरण के गोले गलत भरने की गुंजाइश कम होगी, जिससे मूल्यांकन में आसानी होगी. तनावमुक्त होंगे परीक्षार्थी : विवरण पहले से प्रिंट होने के कारण परीक्षार्थियों का मानसिक दबाव कम होगा और वे केवल प्रश्नों को हल करने पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे. समय की बचत होगी : सामान्य ओएमआर शीट में जरूरी विवरण भरने में लगने वाले 10 से 15 मिनट तक बचेंगे. अभ्यर्थी तुरंत प्रश्न हल करना शुरू कर सकेंगें. फर्जीवाड़े पर रोक : नाम, रोल नंबर, फोटो और बारकोड/क्यूआर कोड से अभ्यर्थी का सत्यापन आसान होगा. फर्जी परीक्षार्थियों को रोका जा सकेगा. शीट बदलने की आशंका कम : प्रत्येक ओएमआर शीट विशिष्ट अभ्यर्थी से जुड़ीहोने के कारण उसे बदलने या हेरफेर करने की आशंका कम होगी. रिजल्ट प्रकाशन में कम समय : बारकोड या प्री-प्रिंटेड डेटा से अभ्यर्थियों की पहचान आसानी से हो सकेगी. स्कैनिंग और मूल्यांकन प्रक्रिया तेज होने से परिणाम भी जल्द आयेंगे. रिकॉर्ड प्रबंधन में आसानी : अभ्यर्थियों के विवरण का डिजिटल रिकॉर्ड रखने और शिकायतों की स्थिति में सत्यापन करने में सुविधा होगी यह भी पढ़ें : झारखंड में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने की संभावनाएं, 2047 तक 100 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य The post झारखंड में परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए बदलाव, जेटेट की हर OMR शीट पर पहले से छपा रहेगा अभ्यर्थी का नाम और रोल नंबर appeared first on Naya Vichar.

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राजीव गांधी, बोफोर्स विवाद और करोड़ों का कर्ज… जब अमिताभ बच्चन ने स्टारडम का ईगो छोड़ मांगा काम!

Amitabh Bachchan Birthday Special: कभी जिस सुपरस्टार की एक झलक पाने के लिए भीड़ उमड़ पड़ती थी, एक वक्त ऐसा आया जब उनके घर के बाहर कर्जदार खड़े रहते थे. जिस आवाज पर सिनेमाघरों में तालियां गूंजती थीं, उसी आवाज के मालिक को अपना करियर बचाने के लिए काम मांगना पड़ा. राजीव गांधी से दोस्ती, बोफोर्स विवाद, फ्लॉप फिल्मों और फिर करीब 90 करोड़ रुपये के कर्ज तक पहुंची अमिताभ बच्चन की जिंदगी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रही. लेकिन उनकी कहानी का सबसे बड़ा मोड़ कोई सुपरहिट फिल्म नहीं, बल्कि वह फैसला था, जब उन्होंने अपने स्टारडम को किनारे रखकर निर्देशक यश चोपड़ा से काम मांगा. 11 अक्टूबर को अमिताभ बच्चन अपना जन्मदिन मनाते हैं. इस मौके पर आइए जानते हैं उस महानायक की कहानी, जिसने शोहरत के शिखर से गिरने के बाद दोबारा उठना सीखा. जब अमिताभ बच्चन के नाम से चलता था बॉक्स ऑफिस साल 1970 और 1980 का दशक. हिंदी सिनेमा में अमिताभ बच्चन का ऐसा दौर था, जब उन्हें एंग्री यंग मैन कहा जाने लगा था. ‘जंजीर’, ‘दीवार’, ‘शोले’, ‘डॉन’ और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी फिल्मों ने उन्हें आम आदमी के गुस्से, संघर्ष और बदले की आवाज बना दिया था. राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन, फोटो- इंस्टाग्राम नेतृत्व में उनका सफर ज्यादा लंबा नहीं चला. जुलाई 1987 में उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. सियासत से दूरी बनाकर वह फिल्मों में लौटे, लेकिन अब चुनौतियां कम नहीं थीं. वह दौर पीछे छूट चुका था, जब सिर्फ अमिताभ बच्चन का नाम किसी फिल्म की सफलता की गारंटी माना जाता था. उनकी जिंदगी में अब एक नया संघर्ष इंतजार कर रहा था. जब फ्लॉप फिल्मों ने हिला दिया सुपरस्टार का सिंहासन अमिताभ की वापसी के साथ उम्मीदें बहुत थीं. 1988 में ‘शहंशाह’ को सफलता मिली, लेकिन इसके बाद ‘तूफान’, ‘जादूगर’ और ‘गंगा जमुना सरस्वती’ जैसी फिल्मों ने वैसी कामयाबी नहीं दिलाई, जिसकी उनसे उम्मीद की जाती थी. जिस अभिनेता ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई थी, उसके करियर पर सवाल उठने लगे. अमिताभ ने बाद के वर्षों में लगातार काम किया, लेकिन 1990 के दशक में उनकी लोकप्रियता और फिल्मों की कामयाबी में उतार-चढ़ाव जारी रहा. अमिताभ बच्चन, फोटो – इंस्टाग्राम एक जरूरी तथ्य: अमिताभ के खुद के पुराने इंटरव्यू के मुताबिक, वह यश चोपड़ा के पास जाकर काम मांगने पहुंचे थे. इस घटना को फोन कॉल के रूप में बताने का स्पष्ट आधार नहीं मिलता. इसलिए कहानी का असली और प्रमाणित मोड़ यही है कि उन्होंने खुद पहल की और काम मांगा. स्टारडम का ईगो छोड़ना ही उनकी वापसी की सबसे बड़ी सीख बनी. फिर टीवी पर उतरे अमिताभ और बदल गई कहानी साल 2000 में ही अमिताभ बच्चन ने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के साथ टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा. उस वक्त यह फैसला भी जोखिम भरा था. बड़े फिल्मी सितारे आम तौर पर टीवी को अपने करियर के लिए जरूरी मंच नहीं मानते थे. लेकिन अमिताभ ने इस मौके को स्वीकार किया. KBC ने उन्हें दर्शकों के घरों तक पहुंचाया. अब लोग उन्हें सिर्फ पर्दे पर लड़ने वाले नायक के रूप में नहीं, बल्कि सवाल पूछने, लोगों की कहानियां सुनने और उनके संघर्ष से जुड़ने वाले व्यक्तित्व के रूप में भी देखने लगे. अमिताभ बच्चन, फोटो इंस्टाग्राम इस शो ने उनकी आर्थिक स्थिति संभालने और करियर को दोबारा मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अमिताभ ने अपने इंटरव्यू में माना था कि KBC ने उन्हें कर्ज चुकाने में मदद की. उन्होंने अपनी देनदारियों को लौटाने को अपनी जिम्मेदारी बताया. उनकी वापसी किसी एक फिल्म की कामयाबी नहीं, बल्कि लगातार काम करने और जिम्मेदारियों से पीछे न हटने का नतीजा थी. अमिताभ बच्चन की कहानी का सबसे बड़ा सबक अमिताभ बच्चन की जिंदगी में शोहरत भी आई, विवाद भी आए, असफलताएं भी मिलीं और आर्थिक संकट भी. बोफोर्स विवाद ने उनकी सार्वजनिक छवि को प्रभावित किया, ABCL की नाकामी ने उन्हें भारी कर्ज में डाल दिया और फिल्मों के उतार-चढ़ाव ने उनके स्टारडम को चुनौती दी. लेकिन उन्होंने काम से मुंह नहीं मोड़ा. यश चोपड़ा से काम मांगना और KBC को स्वीकार करना दो ऐसे फैसले थे, जिन्होंने उनके करियर को नई दिशा दी. आज अमिताभ बच्चन का नाम सिर्फ ‘एंग्री यंग मैन’ या ‘सदी के महानायक’ के रूप में नहीं लिया जाता. उनकी कहानी इस बात की भी मिसाल है कि सफलता के बाद असफलता आना अंत नहीं होता. कभी-कभी आगे बढ़ने के लिए सबसे जरूरी कदम यही होता है कि इंसान अपने पुराने रुतबे को भूलकर फिर से काम शुरू करे. जिस अमिताभ बच्चन को कभी दुनिया महानायक कहती थी, उन्होंने मुश्किल वक्त में खुद को एक बार फिर कलाकार बनकर साबित किया. शायद यही उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा कमबैक है. ये भी पढ़ें: मां तेजी बच्चन की आवाज सुनकर भावुक हुए अमिताभ बच्चन, 84वें जन्मदिन से पहले KBC में दिखा खास पल The post राजीव गांधी, बोफोर्स विवाद और करोड़ों का कर्ज… जब अमिताभ बच्चन ने स्टारडम का ईगो छोड़ मांगा काम! appeared first on Naya Vichar.

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