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Author name: Vinod Jha

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Nobel Prize 2026: रॉबर्ट ई हॉल और माइकल वुडफोर्ड को मिला 2026 इकोनॉमिक्स नोबेल पुरस्कार

स्वीडिश रॉयल एकेडमी ऑफ साइंसेज ने अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कार की घोषणा की है. यह पुरस्कार वित्तीय स्थिति को स्थिर रखने और आर्थिक नीतियों को समझने में अहम योगदान देने वाले शोध को सम्मानित करता है. किस काम के लिए मिला पुरस्कार? रॉबर्ट ई हॉल और माइकल वुडफोर्ड को मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरीकरण के माइक्रोइकॉनॉमिक आधार पर काम करने के लिए चुना गया है. आसान भाषा में समझें तो इसका संबंध इस बात से है कि लोगों और कंपनियों के फैसले पूरी वित्तीय स्थिति को कैसे प्रभावित करते हैं. महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन और केंद्रीय बैंक जो नीतियां बनाते हैं, उन्हें समझने में इस तरह का शोध मदद करता है. केंद्रीय बैंकों को मिलेगा फायदा पुरस्कार समिति के अध्यक्ष जॉन हैसलर के मुताबिक, दोनों अर्थशास्त्रियों के काम ने ऐसे मॉडल के लिए मजबूत सैद्धांतिक आधार दिया है, जिनका इस्तेमाल आज दुनिया भर के केंद्रीय बैंक और प्रशासनें करती हैं. इनकी मदद से आर्थिक झटकों का सामना करने के लिए बेहतर नीतियां बनाई जा सकती हैं. गौरतलब है कि इकोनॉमिक्स का नोबेल पुरस्कार पहली बार 1969 में दिया गया था. यह अल्फ्रेड नोबेल के मूल पांच पुरस्कारों में शामिल नहीं था, बल्कि स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने इसकी शुरुआत की थी. क्या है इकोनॉमिक्स का नोबेल पुरस्कार? इकोनॉमिक्स का नोबेल पुरस्कार अर्थशास्त्र के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले लोगों को दिया जाता है. इसका आधिकारिक नाम अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में स्वेरिगेस रिक्सबैंक अर्थशास्त्र पुरस्कार है. दूसरे नोबेल पुरस्कारों की तरह इसकी भी दुनिया भर में खास पहचान है. ये भी पढ़ें: मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार कार्ल डिसेरोथ, पीटर हेगमैन और जॉर्ज नेगल को दिए जाने की घोषणा The post Nobel Prize 2026: रॉबर्ट ई हॉल और माइकल वुडफोर्ड को मिला 2026 इकोनॉमिक्स नोबेल पुरस्कार appeared first on Naya Vichar.

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CJI सूर्यकांत ने गोपनीयता का हवाला देकर जिस पत्र पर नहीं दी जानकारी, कांग्रेस ने उसे X पर किया पोस्ट

लेटर में चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने लिखा है कि सबसे पहले यह उल्लेख करना उचित होगा कि यहां जिन मुद्दों का संदर्भ दिया गया है, वे पहले से ही हिंदुस्तान के सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं. इसलिए, इन मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक बुलाना संवैधानिक संस्थाओं के अधिकारों के बंटवारे का उल्लंघन कर सकता है, जो संविधान की मूल संरचना के सिद्धांत का अभिन्न अंग है. जस्टिस ने पत्र में कहा है कि यह स्थापित न्यायिक नैतिकता तथा न्यायिक औचित्य के अनुरूप नहीं होगा. जस्टिस सूर्यकांत ने अपने पत्र में उन मुद्दों का जिक्र भी किया है जिससे संबंधित मांग पत्र लेकर राहुल गांधी उनसे मिलना चाहते थे. वे मुद्दे थे-मुख्य चुनाव आयुक्त, छात्रों की गिरफ्तारी, मेट्रो स्टेशनों को बंद करना और ट्रेनों को रद्द करना. जस्टिस सूर्यकांत का लेटर, जिसे कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट किया- नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट प्रतिबद्ध दूसरे पत्र में चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मल्लिकार्जुन खरगे को संबोधित करते हुए लिखा है कि मैं यह याद दिलाना चाहता हूं कि हमारे संवैधानिक ढांचे के अंतर्गत, हिंदुस्तान के सर्वोच्च न्यायालय को आपके पत्र में उल्लिखित मुद्दों से निपटने के लिए कोई प्रशासनिक शक्तियां प्राप्त नहीं हैं. हालांकि, हमारे संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए, जिसमें न्यायिक समीक्षा सहित अन्य शक्तियां शामिल हैं, हम हिंदुस्तान के नागरिकों को प्रभावित करने वाले मुद्दों के न्यायिक पक्ष पर विचार करने के लिए कर्तव्यबद्ध हैं. जस्टिस सूर्यकांत ने लिखा है कि हिंदुस्तान का सर्वोच्च न्यायालय प्रत्येक नागरिक के मौलिक अधिकारों को संरक्षित और सुरक्षित रखने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है. प्रत्येक नागरिक कानून में निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से हर समय ऐसे अधिकारों के प्रवर्तन की मांग करने का हकदार है. मेरे विचार से, प्रशासनिक पक्ष के बजाय हिंदुस्तान के सर्वोच्च न्यायालय की न्यायिक शक्तियों का उपयोग करना अधिक बेहतर होगा. सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खुले हैं संयोगवश, इसी तरह के मुद्दों को उजागर करने वाले कुछ मामले 13.10.2026 को सुनवाई के लिए निर्धारित हैं. यदि आप चाहें, तो सोमवार को सुबह 10:30 बजे से अपराह्न 12:30 बजे के बीच या अपराह्न 4:30 बजे से 5 बजे के बीच सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका प्रस्तुत कर सकते हैं. वैकल्पिक रूप से, आप ई-फाइलिंग विकल्प का उपयोग कर सकते हैं, जिसके माध्यम से किसी भी दिन और किसी भी समय याचिका दाखिल की जा सकती है. आपको आश्वस्त किया जाता है कि ऐसी प्रत्येक याचिका पर कानून के अनुसार जल्द से जल्द सुनवाई की जाएगी. ये भी पढ़ें : दिल्ली में प्रदर्शन और पाबंदियों पर बोले CJI सूर्यकांत- यह मेरा मुद्दा नहीं है, राहुल गांधी से नहीं मिलने की वजह बताने से किया इनकार The post CJI सूर्यकांत ने गोपनीयता का हवाला देकर जिस पत्र पर नहीं दी जानकारी, कांग्रेस ने उसे X पर किया पोस्ट appeared first on Naya Vichar.

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जंतर-मंतर अब नहीं रहा प्रोटेस्ट साइट, दीपके बोले- वैसे भी ये वार जोन बन गया था

दिल्ली में अब 3 नए प्रदर्शन स्थल में रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का CBD मैदान शामिल हैं. इन तीनों जगहों पर प्रदर्शन और धरना आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी की जाएगी. यह बदलाव 28 अप्रैल 2022 को जारी पुराने स्थायी आदेश संख्या L&O/48/22 में आंशिक संशोधन के तहत किया गया है. ANI ने एक्स पर शेयर किया सूची- ये भी पढ़ें: जस्टिस बागची बोले- सुप्रीम कोर्ट ने Form-6 में बदलावों को न मंजूरी दी, न खारिज किया जंतर मंतर को प्रोटेस्ट साइट की सूची से हटाने के बाद दीपके का एक्स पोस्ट- वैसे भी जंतर मंतर वार जोन बन गया था: अभिजीत दीपके जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट की सूची से हटाए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने एक्स पर एक पोस्ट किया है. दीपके ने लिखा- “उन्होंने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है. हां, अब यह प्रदर्शन स्थल नहीं रहा. वैसे भी, कायर तानाशाह ने इसे युद्धक्षेत्र में बदल दिया था. अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा!” The post जंतर-मंतर अब नहीं रहा प्रोटेस्ट साइट, दीपके बोले- वैसे भी ये वार जोन बन गया था appeared first on Naya Vichar.

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जस्टिस बागची बोले- सुप्रीम कोर्ट ने Form-6 में बदलावों को न मंजूरी दी, न खारिज किया

जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने मौखिक रूप से दोहराया कि मुख्य न्यायाधीश (CJI) पहले ही एक अलग सुनवाई के दौरान फॉर्म-6 को लेकर अपनी बात स्पष्ट कर चुके हैं. वह याचिका मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयोग (ECI) के कामकाज में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच पद से हटाने की मांग से जुड़ी थी. जस्टिस बागची ने याचिकाकर्ता प्रिया मिश्रा की ओर से पेश वकील नरेंद्र मिश्रा से कहा, “सीजेआई ने कहा था कि हमने अपने फैसले में फॉर्म-6 में किए गए किसी भी कथित बदलाव को न तो मंजूरी दी थी और न ही उसे खारिज किया था.” ANI ने एक्स पोस्ट में जस्टिस बागची के स्टेटमेंट किया शेयर- ये भी पढ़ें: वन नेशन, वन इलेक्शन पर JPC से क्यों नहीं मिले CJI सूर्यकांत? बताई ये वजह नरेंद्र मिश्रा ने चुनाव आयोग के कामकाज में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित एकतरफा फैसलों को चुनौती दी है. The post जस्टिस बागची बोले- सुप्रीम कोर्ट ने Form-6 में बदलावों को न मंजूरी दी, न खारिज किया appeared first on Naya Vichar.

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‘जीते तो पुरुषार्थ, हारे तो EVM दोषी’, CM योगी ने कांग्रेस को दी चेतावनी, बोले- अराजकता बर्दाश्त नहीं करेगी जनता

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गयी है. इस बीच गोरखपुर में सोमवार को एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने चुनाव में हार के बाद EVM और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस को घेरा. सीएम योगी ने कहा, ‘जीते तो पुरुषार्थ, हारे तो EVM दोषी’ और चेतावनी दी कि देश की जनता लोकतंत्र के नाम पर अराजकता को लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं करेगी. सीएम योगी ने कांग्रेस नेतृत्व को आत्ममंथन करने और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करते हुए स्वस्थ लोकतांत्रिक नेतृत्व करने की नसीहत दी. कांग्रेस पर लगाया अराजकता फैलाने का आरोप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की सबसे पुरानी नेतृत्वक पार्टी कांग्रेस अपने नेतृत्वक आचरण के कारण जनता का विश्वास खो चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लोकतांत्रिक व्यवस्था के भीतर अस्थिरता का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. सीएम योगी ने कहा कि, अपनी नेतृत्वक विफलताओं को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं और चुनी हुई प्रशासनों को निशाना बनाया जा रहा है. ‘जनता बार-बार कांग्रेस को क्यों ठुकरा रही है’ सीएम योगी ने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि जनता उसे बार-बार क्यों नकार रही है. उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस 1985 के बाद से राज्य की सत्ता में वापस नहीं आ सकी है. मुख्यमंत्री ने इसे कांग्रेस से जनता के मोहभंग का उदाहरण बताया. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को अपनी नेतृत्वक स्थिति पर विचार करने और अपनी कमियों को दूर करने की सलाह दी. ‘चुनाव जीते तो पुरुषार्थ, हारे तो EVM दोषी’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी नतीजों को लेकर कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जीत मिलने पर पार्टी इसे अपना पुरुषार्थ बताती है, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग को दोषी ठहराती है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के साथ-साथ न्यायालय के फैसलों पर भी सवाल उठाए जाते हैं. सीएम योगी ने कहा कि मेरिट के आधार पर आने वाले न्यायिक फैसलों को लेकर न्यायालय को कटघरे में खड़ा करना और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं है. दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर भी साधा निशाना सीएम योगी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस की गतिविधियों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी लगातार अव्यवस्था पैदा कर रही है. उन्होंने कहा कि ऐसे विरोध प्रदर्शनों से आम लोगों को परेशानी होती है और संवैधानिक संस्थाओं की छवि पर सवाल खड़े करने की कोशिश की जाती है. कांग्रेस नेतृत्व को बदलने की दी नसीहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस को अपने नेतृत्व की कार्यशैली पर विचार करने की सलाह दी. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का नेतृत्व अपनी नेतृत्वक जिम्मेदारियों को निभाने में विफल रहा है और जनता का विश्वास खो चुका है. उन्होंने कांग्रेस से कहा कि वह देश में अराजकता फैलाने के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बनकर सकारात्मक नेतृत्व करे. ‘जनता अराजकता स्वीकार नहीं करेगी’ सीएम योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि हिंदुस्तान की जनता लोकतंत्र के प्रति जागरूक है और वह अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस इसी तरह असंवैधानिक गतिविधियों और अव्यवस्था को बढ़ावा देती रही, तो उसे नेतृत्वक नुकसान उठाना पड़ सकता है. मुख्यमंत्री ने पार्टी से युवाओं और आम जनता को गुमराह करने से बचने तथा मुद्दों के आधार पर स्वस्थ लोकतांत्रिक बहस करने की अपील की. उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना देश तथा जनता, दोनों के हित में है. यह भी पढ़ें: UP ग्राम प्रहरी: यूपी में 60 हजार ग्राम प्रहरियों की बल्ले-बल्ले, बरेली में 13 अक्टूबर को हो सकता है ऐलान, जानें कितना बढ़ेगा मानदेय? The post ‘जीते तो पुरुषार्थ, हारे तो EVM दोषी’, CM योगी ने कांग्रेस को दी चेतावनी, बोले- अराजकता बर्दाश्त नहीं करेगी जनता appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली में प्रदर्शन और पाबंदियों पर बोले CJI सूर्यकांत- यह मेरा मुद्दा नहीं है, राहुल गांधी से नहीं मिलने की वजह बताने से किया इनकार

जस्टिस सूर्यकांत विज्ञान भवन में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के 33वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की और उनके सवालों का जवाब दिया. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और उनसे जुड़े प्रतिबंध कानून-व्यवस्था के मामले हैं, यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है. उन्होंने कहा कि यह मेरा मुद्दा नहीं है. पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. सप्ताहांत में राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए. बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई, 45 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए और शहर के सीमावर्ती इलाकों में सघन जांच की गई. प्रदर्शन करने वालों में से कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया. CJI ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों को बताया कानून व्यवस्था का मुद्दा, देखें वीडियो- राहुल गांधी से ना मिलने की वजह मीडिया को बताने से इनकार किया मीडिया ने जस्टिस सूर्यकांत से कांग्रेस नेता राहुल गांधी से न मिलने के अपने फैसले के पीछे की वजह बताने को कहा, तो उन्होंने मना कर दिया. उन्होंने कहा कि उनके बीच जो बातचीत हुई है उसकी गोपनीयता को उन्होंने बनाए रखा है. लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने जस्टिस सूर्यकांत को लेटर लिखकर सोमवार को शाम 4 से 5 बजे के बीच उनसे मिलने का समय मांगा था. इसमें वोट चोरी खत्म करने, चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR को रोकने और पेपर बैलेट फॉर्मेट पर वापस जाने की मांग करते हुए एक मेमोरेंडम सौंपा गया था. मीटिंग से मना करने के अपने फैसले के बारे में सवालों का जवाब देते हुए, CJI ने कहा कि उन्हें एक दिन पहले लेटर मिला था और उन्होंने उसी रात उसका जवाब दे दिया था. ये भी पढ़ें : Delhi Protest Latest Updates Hindi : राहुल गांधी ने कहा- INDIA ब्लॉक के नेता आज सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करेंगे याचिका The post दिल्ली में प्रदर्शन और पाबंदियों पर बोले CJI सूर्यकांत- यह मेरा मुद्दा नहीं है, राहुल गांधी से नहीं मिलने की वजह बताने से किया इनकार appeared first on Naya Vichar.

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बीजेपी के पूर्व MLA की पीट-पीटकर हत्या, ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से किया हमला

पुलिस वृत्ताधिकारी नीरज भारद्वाज ने बताया कि भड़ाना और स्थानीय ग्रामीणों के बीच स्टोन क्रशर को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था. क्रशर करीब एक साल से बंद था और इसे दोबारा शुरू करने की कोशिशों के कारण तनाव बढ़ गया था. स्टोन क्रशर को लेकर क्यों था विवाद? पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों ने भड़ाना पर चरागाह की जमीन पर कब्जा करने और अवैध खनन गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए थे. पीटीआई के मुताबिक ग्रामीणों का दावा है कि वे क्रशर को दोबारा शुरू करने के प्रस्ताव के खिलाफ पिछले 10 से 15 दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. ग्रामीणों के मुताबिक, रविवार शाम भड़ाना करीब 40 से 50 लोगों के साथ क्रशर स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को वहां से हटाने की कोशिश की. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच टकराव शुरू हो गया. हालांकि, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट करने का आरोप लगाया है. ये भी पढ़ें: बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास प्रदर्शन को लेकर क्यों घिरे केजरीवाल? AAP नेताओं के खिलाफ FIR जयपुर के एसएमएस अस्पताल में हुई मौत पुलिस ने बताया कि टकराव में भड़ाना और उनके सहयोगी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों को पहले वैर के अस्पताल ले जाया गया. बाद में भड़ाना को जयपुर के एसएमएस अस्पताल और शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया. इलाज के दौरान भड़ाना ने दम तोड़ दिया. वहीं, घटना के बाद गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. The post बीजेपी के पूर्व MLA की पीट-पीटकर हत्या, ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से किया हमला appeared first on Naya Vichar.

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Watch Video : ‘आपकी नींद उड़ गई है, इस्तीफा दिलाकर रहेंगे’, ज्ञानेश कुमार को राहुल गांधी की चेतावनी

Watch Video : राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष वही सवाल उठा रहा है, जो दो चुनाव आयुक्तों ने भी पूछा था कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा, “ज्ञानेश कुमार, आपकी नींद उड़ गई है. हम आपको छोड़ेंगे नहीं. हमें आपके पुराने रिकॉर्ड और भ्रष्टाचार के बारे में पता है. हम इंतजार कर रहे हैं.” राहुल गांधी के इस बयान के दौरान उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए. राहुल गांधी ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताना चाहता हूं कि आपकी प्रशासन के 200 अधिकारी हमारे संपर्क में हैं. वे हमें जानकारी दे रहे हैं.” राहुल गांधी ने यह दावा ऐसे समय किया है, जब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है. राहुल गांधी ने कहा,’ हमें पता है कि ज्ञानेश कुमार रात में सो नहीं पा रहे हैं. मैं उनसे सीधे कह रहा हूं, ‘आप मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर नहीं टिक पाएंगे.’ राहुल गांधी ने कहा कि प्रशासन बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करके गलती कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश कर रही है. राहुल गांधी ने कहा,’ पुलिस पूछ रही है कि उनसे युवाओं की पिटाई क्यों कराई जा रही है. भाजपा-आरएसएस के गुंडे स्त्रीओं की पिटाई कर रहे हैं.’ The post Watch Video : ‘आपकी नींद उड़ गई है, इस्तीफा दिलाकर रहेंगे’, ज्ञानेश कुमार को राहुल गांधी की चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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हर कुर्ती के साथ नहीं जंचती एक जैसी जींस, जानें कौन-सा कॉम्बिनेशन लगेगा बेस्ट

Kurti With Jeans: कुर्ती के साथ जींस पहनना आजकल काफी पसंद किया जाता है. ऑफिस जाना हो, कॉलेज या फिर दोस्तों के साथ बाहर घूमने, यह पहनावा हर जगह अच्छा लगता है. लेकिन हर कुर्ती के साथ एक ही तरह की जींस पहनने से लुक में कुछ नया नहीं लगता. अगर आप भी कुर्ती के साथ जींस पहनते समय सोच में पड़ जाती हैं, तो कुछ अलग कॉम्बिनेशन आजमा सकती हैं. इससे आपका पहनावा अच्छा लगेगा और आप हर बार नए अंदाज में तैयार हो सकेंगी. त्योहारों के दिनों में भी कुर्ती के साथ जींस पहनना एक अच्छा विकल्प है. इसके लिए बस आपको अपनी कुर्ती के हिसाब से सही जींस चुननी होगी. आइए जानते हैं कि किस तरह की कुर्ती के साथ कौन-सी जींस अच्छी लगेगी. 1. स्ट्रेट फिट कुर्ती के साथ वाइड लेग जींस पेप्लम कुर्ती के साथ बूटकट जींस की सांकेतक तस्वीर, PC -AI पेप्लम कुर्ती कमर के पास से थोड़ी फिट और नीचे की ओर घेर वाली होती है. इसके साथ बूटकट जींस पहनकर आप अपने लुक में बदलाव कर सकती हैं. इस तरह की जींस नीचे की ओर थोड़ी फैलती है और कुर्ती के साथ अच्छी लगती है. इसके साथ झुमके और आरामदायक जूते पहनकर आप अपना लुक पूरा कर सकती हैं. 3. काफ्तान कुर्ती के साथ स्ट्रेट फिट जींस अनारकली कुर्ती के साथ स्किनी जींस की सांकेतिक तस्वीर, PC -AI अनारकली कुर्ती में नीचे की ओर ज्यादा घेर होता है. ऐसे में इसके साथ स्किनी जींस पहन सकती हैं. यह पैरों के पास फिट रहती है और कुर्ती के साथ अच्छा मेल बनाती है. अगर आप किसी खास मौके पर या बाहर घूमने जाते समय अनारकली कुर्ती पहन रही हैं, तो यह कॉम्बिनेशन आपके काम आ सकता है. 5. शॉर्ट कुर्ती के साथ बूटकट जींस शॉर्ट कुर्ती के साथ बूटकट जींस की सांकेतिक तस्वीर, PC -AI शॉर्ट कुर्ती के साथ बूटकट जींस पहनकर आप अपने लुक को थोड़ा अलग बना सकती हैं. यह कॉम्बिनेशन कॉलेज, ऑफिस या बाजार जाने के लिए अच्छा है. इसके साथ अपनी पसंद के जूते, सैंडल या जूती पहन सकती हैं. अगर आप रोजाना जींस और कुर्ती पहनती हैं, तो इस बार यह कॉम्बिनेशन जरूर आजमाएं. यह भी पढ़ें: लाल बॉर्डर से पेस्टल तक, दुर्गा पूजा में ट्राई करें साड़ी के ये 6 लुक The post हर कुर्ती के साथ नहीं जंचती एक जैसी जींस, जानें कौन-सा कॉम्बिनेशन लगेगा बेस्ट appeared first on Naya Vichar.

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Sachin Tendulkar ने बेटी Sara को 29वें जन्मदिन पर दी बधाई, बेटी को लेकर कही खास बात

Sara Tendulkar 29th Birthday: सचिन तेंदुलकर ने अपनी बेटी सारा तेंदुलकर के जन्मदिन पर सोशल मीडिया के जरिए उन्हें खास अंदाज में बधाई दी. उनके संदेश में बेटी के बड़े होने की खुशी, उस पर भरोसा और उसे अपने फैसले खुद लेते देखने का गर्व साफ नजर आया. सचिन की इस पोस्ट में पिता और बेटी के बदलते रिश्ते की एक खूबसूरत झलक देखने को मिली. ये भी पढ़ें: Video: Abhishek Sharma को आउट करते ही Shamar Springer ने क्यों किया ऐसा सेलिब्रेशन सचिन तेंदुलकर ने बेटी सारा के लिए क्या लिखा? सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सारा को जन्मदिन की बधाई देते हुए लिखा, “एक जमाना था, जब मैं तुम्हें रास्ता दिखाया करता था. अब ज्यादातर मौकों पर मुझे यह देखकर खुशी होती है कि तुम अपनी राह खुद चुनती हो. जन्मदिन मुबारक हो, सारा. तुमसे प्यार है.” View on Instagram कौन हैं सारा तेंदुलकर? पूरा नाम: सारा तेंदुलकर जन्म तिथि: 12 अक्टूबर 1997 जन्म स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र उम्र: 12 अक्टूबर 2026 को 29 साल पूरे हुए. पिता: सचिन तेंदुलकर, पूर्व हिंदुस्तानीय क्रिकेटर माता: अंजलि तेंदुलकर शुरुआती शिक्षा: मुंबई के धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल से प्राप्त की. उच्च शिक्षा: आगे की पढ़ाई के लिए लंदन गईं. सोशल मीडिया लोकप्रियता: सारा सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं. फैन फॉलोइंग: उनकी तस्वीरों और पोस्ट को बड़ी संख्या में लोग पसंद करते हैं. ये भी पढ़ें: T20I में 50 कैच लेने वाले हिंदुस्तानीयों की लिस्ट में शामिल हुए तिलक वर्मा, जानिए रोहित और विराट से कितने पीछे सोशल मीडिया पर चर्चा में रहती हैं सारा सारा तेंदुलकर अक्सर अपनी तस्वीरों, सार्वजनिक मौजूदगी और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहती हैं. हालांकि, उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी किसी भी जानकारी को लेकर आधिकारिक पुष्टि और विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करना जरूरी है. The post Sachin Tendulkar ने बेटी Sara को 29वें जन्मदिन पर दी बधाई, बेटी को लेकर कही खास बात appeared first on Naya Vichar.

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