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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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घर की ये 5 चीजें चुपचाप फैला रही हैं गंदगी और बैक्टीरिया, फर्श और फर्नीचर के साथ इनकी सफाई भी है बेहद जरूरी

Household Tips: हमारा घर जितना साफ-सुथरा होता है हम उतने ही अंदर से खुश और रिलैक्स्ड फील करते हैं. जब घर की सफाई की बात आती है तो हमारा सबसे ज्यादा ध्यान फर्श और फर्नीचर की सफाई पर रहता है. लेकिन इसके अलावा कुछ और भी चीजें होती हैं जिनका हम हर समय और हर दिन इस्तेमाल करते हैं, लेकिन फिर भी घर की सफाई के दौरान ये चीजें हमारे दिमाग से निकल जाती हैं. अगर आप इन चीजों को हर कुछ दिनों में साफ नहीं करते हैं तो इसकी बढ़ से घर में गंदगी, बैक्टीरिया और बदबू बढ़ने लग जाते हैं. इन चीजों को आप इसलिए भी नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि ये दिखने में हर समय साफ लगती हैं, लेकिन इन्हीं में सबसे ज्यादा कीटाणु छिपे हुए रह सकते हैं. अगर आप खुद को और अपने परिवार को हेल्दी रखना चाहते हैं तो आपके लिए यह और भी जरूरी हो जाता है कि घर पर मौजूद इन चीजों को रेगुलर बेसिस पर साफ करते रहें. तो चलिए इन चीजों के बारे में विस्तार से जानते हैं. मोबाइल फोन की सफाई भी जरूरी आज के समय में आप जिसके हाथ में भी देखते हैं आपको मोबाइल फोन जरूर देखने को मिलता है. इसे हम घर के बार, किचन, बेडरूम और यहां तक कि खाना खाते समय भी इस्तेमाल करते हैं. बार-बार इस्तेमाल होते रहने की वजह से मोबाइल की स्क्रीन पर ढेर सारे बैक्टीरिया इकठ्ठा हो जाते हैं. ऐसे में अगर आप इसकी सफाई लंबे समय तक नहीं करते हैं तो इसका काफी बुरा असर आपकी स्किन और हेल्थ पर पड़ सकता है. अगर आप अपने मोबाइल फोन को अच्छे से साफ करना चाहते हैं तो एक लाइट सैनिटाइजर वाले कपड़े या फिर माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्तेमाल करना बेस्ट होता है. टीवी और एसी का रिमोट टीवी और एसी के रिमोट का इस्तेमाल घर के लगभग सभी सदस्य करते हैं, लेकिन इसकी सफाई पर ध्यान कोई नहीं देता है. हाथों की गंदगी, धूल और ऑयल रिमोट के बटन्स के बीच जमा होने लग जाती है. यह एक सबसे बड़ी वजह है कि आपको रिमोट पर ही सबसे ज्याद बैक्टीरिया देखने को मिलते हैं. टीवी और एसी के रिमोट को आपको हफ्ते में कम से कम दो बार तो साफ जरूर ही करना चाहिए. इसकी सफाई आप कॉटन और लाइट क्लीनर की मदद से काफी आसानी से कर सकते हैं. किचन का स्पंज और कपड़ा आप अपने किचन में जिस स्पंज का इस्तेमाल सफाई करने के लिए करते हैं, वह काफी जल्दी गंदा हो जाता है. ये स्पंज और कपड़े हर समय भीगे हुए रहते हैं जिस वजह से इनमें बैक्टीरिया सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ने लगते हैं. कुछ लोगों की आदत होती है कि वे कई महीनों तक एक ही स्पंज का इस्तेमाल करते रहते हैं और इसकी वजह से उनके सेहत पर काफी बुरा असर पड़ सकता है. आपके लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप इस स्पंज को समय-समय पर बदलते रहें और गर्म पानी से धोते भी रहें. दरवाजों के हैंडल और स्विच बोर्ड दरवाजों के हैंडल और इलेक्ट्रिक स्विच बोर्ड दो ऐसी चीजें हैं जिन्हें हम बार-बार छूते रहते हैं. इन चीजों का इस्तेमाल तो बार-बार होता है लेकिन इनकी सफाई पर उतना ध्यान दिया नहीं जाता है. धूल और हाथों की गंदगी की वजह से इनमें काफी ज्यादा बैक्टीरिया इकठ्ठा हो जाते हैं. आपके लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप इनकी सफाई एक साफ कपड़े और डिसइंफेक्टेंट की मदद से रेगुलर बेसिस पर करते रहें. इनकी सफाई से आपका घर ज्यादा साफ और फ्रेश फील होने लगता है. पानी की बोतल भी करें साफ बहुत से लोगों की यह आदत भी होती है कि वे हर दिन एक ही पानी की बोतल का इस्तेमाल करते रहते हैं, बिना उसकी ठीक से सफाई किये हुए. बता दें साफ दिखने वाले इस बोतल के अंदर भी मॉइस्चर रहने की वजह से बैक्टीरिया पनपने लग जाते हैं. अगर आप प्लास्टिक की बोतल का इस्तेमाल करते हैं तो आपको उसे रेगुलर बेसिस पर साफ करते रहना चाहिए. इनकी सफाई करने के लिए आपको एक माइल्ड साबुन का इस्तेमाल करना चाहिए. ये भी पढ़ें: Cleaning Tips: पीले पड़े प्लास्टिक के लंच बॉक्स को स्कूल नहीं ले जाना चाहते शिशु? इस तरह बनाएं उसे नए जैसा The post घर की ये 5 चीजें चुपचाप फैला रही हैं गंदगी और बैक्टीरिया, फर्श और फर्नीचर के साथ इनकी सफाई भी है बेहद जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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मसाला मार्केट के बाद, अब शेयर बाजार में स्वाद बढ़ाएगा ‘पुष्प’ का IPO 

Pushp IPO: हिंदुस्तान की जानी-मानी पैकेज्ड मसाला कंपनी ‘पुष्प ब्रांड (इंडिया)’ जल्द ही शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है. कंपनी ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है. इसका मतलब है कि कंपनी ने आईपीओ लाने की तैयारी का पहला और सबसे जरूरी कदम उठा लिया है. क्या है पुष्प ब्रांड की इस IPO योजना में?  इस आईपीओ के तहत कंपनी कोई नया शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि यह पूरी तरह से एक ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) होगा. इसके जरिए कंपनी के मौजूदा प्रमोटर्स और निवेशक मिलकर अपने कुल 7,445,000 (74.45 लाख) शेयर बेचेंगे. इस ओएफएस में प्रमोटर सुरेंद्र कुमार सुराना और महेंद्र कुमार सुराना के साथ-साथ निवेशक ‘A91 इमर्जिंग फंड I LLP’ और ‘सिक्स्थ सेंस इंडिया अपॉर्चुनिटीज III’ अपनी हिस्सेदारी बाजार में बेचेंगे. क्योंकि यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है, इसलिए शेयर बिक्री से मिलने वाला सारा पैसा सीधे हिस्सेदारी बेचने वाले प्रमोटर्स और निवेशकों के पास जाएगा, कंपनी को इससे कोई फंड नहीं मिलेगा. कंपनी का कहना है कि शेयर बाजार में लिस्ट होने से उनकी ब्रांड वैल्यू और विजिबिलिटी बढ़ेगी. कौन संभाल रहा है इस IPO का पूरा जिम्मा?  इस बड़े आईपीओ को सही तरीके से मैनेज करने के लिए कंपनी ने देश के दिग्गज मर्चेंट बैंकर्स को जिम्मेदारी सौंपी है. आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज (ICICI Securities), आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज (IIFL Capital Services) और सिस्टेमैटिक्स कॉर्पोरेट सर्विसेज (Systematix Corporate Services) इस इश्यू के बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स हैं. वहीं, ‘केफिन टेक्नोलॉजीज’ (KFin Technologies) को इस आईपीओ का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है, जो शेयर अलॉटमेंट का काम देखेगी. पुष्प ब्रांड के शेयरों की लिस्टिंग नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) दोनों प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर होगी. इसके साथ ही मार्केट में एक और हलचल है कि ‘मातंगी रबर’ ने भी सेबी के पास अपने ड्राफ्ट पेपर जमा किए हैं. कैसा है कंपनी का बिजनेस और मार्केट में दबदबा?  पुष्प ब्रांड (इंडिया) देश की सबसे तेजी से बढ़ती मसाला कंपनियों में से एक है. वित्तीय वर्ष 2021 से 2025 के बीच कंपनी की कमाई (रेवेन्यू) में सालाना 21.3% की शानदार कंपाउंड ग्रोथ (CAGR) दर्ज की गई है. आज की तारीख में कंपनी के प्रोडक्ट्स देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बिकते हैं. मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कंपनी की पकड़ बेहद मजबूत है. जबकि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, झारखंड, गुजरात और बिहार जैसे राज्यों में इसका कारोबार तेजी से फैल रहा है. पिछले पांच सालों में कंपनी ने गोवा, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे नए राज्यों में भी अपनी पहुंच बनाई है. कंपनी के पोर्टफोलियो में क्या-क्या शामिल है?  यह कंपनी ‘पुष्प’ (Pushp) और ‘मुनीमजी’ (Munimji) ब्रांड नाम के तहत अपने प्रोडक्ट्स बाजार में बेचती है. इनके पोर्टफोलियो में सिर्फ शुद्ध मसाले ही नहीं, बल्कि ब्लेंडेड (मिश्रित) मसाले और खाने-पीने की दूसरी चीजें भी शामिल हैं. इनके मुख्य प्रोडक्ट्स में मिर्ची पाउडर, कश्मीरी मिर्च, तेजा मिर्च, कुटी मिर्च, हल्दी पाउडर, हरी इलायची, जीरा, पास्ता मसाला, हींग, शाही पनीर मसाला, इलायची चाय और सोया चंक्स जैसी रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजें शामिल हैं. ये भी पढ़ें: रिटायर्ड हैं तो क्या हुआ? AY 2026-27 के लिए ऐसे फाइल करें ITR  The post मसाला मार्केट के बाद, अब शेयर बाजार में स्वाद बढ़ाएगा ‘पुष्प’ का IPO  appeared first on Naya Vichar.

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UPSC सिविल सर्विस के लिए आंसर की जारी, यहां सेट वाइज करें डाउनलोड

UPSC CSE Answer Key 2026: यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स का इंतजार खत्म हो गया है. यूपीएससी एग्जाम के लिए आंसर की जारी हो गई है. परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों उम्मीदवार अब अपने सवालों के सही जवाब मिलाकर संभावित स्कोर का अंदाजा लगा सकते हैं. लंबे इंतजार के बाद आंसर की जारी होने से उम्मीदवारों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. हर साल लाखों छात्र IAS, IPS और IFS जैसे पदों के लिए इस परीक्षा में शामिल होते हैं. आंसर की चेक करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट- upsc.gov.in पर जाना होगा. ऐसे चेक करें UPSC CSE Answer Key 2026 सबसे पहले UPSC की ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in खोलें. होमपेज पर “UPSC CSE Answer Key 2026” लिंक पर क्लिक करें. अब अपने प्रश्न पत्र सेट को चुनें. स्क्रीन पर Answer Key PDF खुल जाएगी. इसे डाउनलोड करें और अपने जवाबों का मिलान करें. भविष्य के लिए PDF का प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं. यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 4 फरवरी 2026 से शुरू हुई थी और उम्मीदवारों को 27 फरवरी 2026 शाम 6 बजे तक आवेदन करने का मौका दिया गया था. वहीं करेक्शन विंडो 28 फरवरी से 3 मार्च 2026 तक खुली रही, जबकि प्रीलिम्स परीक्षा 24 मई 2026 को आयोजित हुई थी. परीक्षा का एडमिट कार्ड 15 मई 2026 को जारी किया गया था और अब 27 मई 2026 को Answer Key भी जारी कर दी गई है. UPSC CSE Answer Key 2026 सेट वाइज चेक करें UPSC CSE GS Paper 1 Check Here UPSC CSE GS Paper 2 Check Here आपत्ति करने का मौका आंसर की जारी होने के बाद उम्मीदवार अपने सवालों पर आपत्ति भी दर्ज करा सकते हैं. इसके लिए एक खास Question Paper Representation Portal शुरू किया गया है. अगर किसी उम्मीदवार को लगता है कि किसी सवाल का जवाब गलत दिया गया है, तो वह उसके समर्थन में सबूत और सही जानकारी के साथ अपनी शिकायत भेज सकता है. इसके बाद विषय विशेषज्ञ उन सभी आपत्तियों की जांच करेंगे और फिर फाइनल आंसर की तैयार की जाएगी. यह भी पढ़ें: IT मंत्रालय में Graduates के लिए शानदार भर्ती, सैलरी 1 लाख से ज्यादा The post UPSC सिविल सर्विस के लिए आंसर की जारी, यहां सेट वाइज करें डाउनलोड appeared first on Naya Vichar.

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गिरिडीह: एंबुलेंस नहीं पहुंची गांव, गर्भवती महिला को चार किलोमीटर तक खाट पर ले गए ग्रामीण

पीरटांड से भोला पाठक की रिपोर्ट Giridih News: गिरिडीह जिले के पीरटांड के दालुवाडीह में प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती स्त्री को ग्रामीणों ने खाट पर लादकर करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया. आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी यहां सड़क जैसी मूलभूत सुविधा लोगों को नसीब नहीं हो पाई है. सड़क नहीं होने से एंबुलेंस ने आने से किया इनकार  जानकारी के अनुसार दालुवाडीह निवासी गर्भवती स्त्री सुनीता सोरेन को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई. परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया, लेकिन गांव तक सड़क नहीं होने का हवाला देते हुए एंबुलेंस आने से मना कर दिया गया. इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों ने मजबूरी में स्त्री को खाट पर लिटाकर मुश्किल रास्तों से होते हुए पिपराडीह मुख्य सड़क तक पहुंचाया. वहां से किसी तरह वाहन की व्यवस्था कर स्त्री को अस्पताल भेजा गया.  खराब रास्ते से बिगड़ी मरीज की हालत  परिजनों ने बताया कि गांव तक सड़क नहीं रहने के कारण मरीज की हालत और गंभीर हो गई. अगर सड़क होती तो एंबुलेंस सीधे गांव तक पहुंच जाती और स्त्री को समय पर इलाज मिल पाता. ग्रामीणों का कहना है कि पिपराडीह तक सड़क बनी हुई है, लेकिन उसके आगे आज तक सड़क निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे दर्जनों गांवों के लोगों को हर दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है.  कई गांवों के लोग झेल रहे परेशानी  ग्रामीणों ने बताया कि सड़क नहीं रहने से कुरुवारांड, दालुवाडीह, डाहिया, ईटाबेड़ा, गाड़ापरोम, सहेरबेड़ा, जिरबेड़ा, सतकटिया और बोरवाबेड़ा समेत कई गांव प्रभावित हैं. बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है. बीमार, गर्भवती स्त्रीओं और बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं होता. ग्रामीणों का फूटा गुस्सा  इस घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीण बुधन सोरेन, सुशील मुर्मू, सानो मरांडी, गोपाल मुर्मू, सोमरा मुर्मू, पतिराम मरांडी और बाबूलाल हांसदा समेत कई लोगों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया. ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव के समय विधायक, मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद गांव की सुध लेने तक नहीं आते. ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो आने वाले चुनाव में वे वोट का बहिष्कार करेंगे. लोगों ने एक स्वर में कहा, “रोड नहीं तो वोट नहीं.” ग्रामीणों ने यह भी बताया कि यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी कई बार मरीजों को खाट पर ढोकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा है, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आज तक इस ओर नहीं गया. यह भी पढ़ें: धनबाद जेल पहुंचकर रजनी रवानी से मिले सांसद ढुल्लू महतो, सीबीआई जांच कराने की कही बात यह भी पढ़ें: दो हफ्ते के अंदर जोजोबाटा में लगेगा चापाकल, अधिकारियों के साथ पहुंचे विधायक दशरथ गागराई The post गिरिडीह: एंबुलेंस नहीं पहुंची गांव, गर्भवती स्त्री को चार किलोमीटर तक खाट पर ले गए ग्रामीण appeared first on Naya Vichar.

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खप्पर योग 2026: 29 जून तक इन राशियों को रहना होगा बेहद सावधान, बढ़ सकती हैं परेशानियां

Khappar Yog 2026: वैदिक पंचांग और ज्योतिष गणना के अनुसार 1 मई से 29 जून तक का समय बेहद संवेदनशील माना जा रहा है. इस दौरान मंगल, शनि, सूर्य और राहु जैसे क्रूर एवं पापी ग्रह मिलकर खप्पर योग का निर्माण कर रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र में इस योग को अशुभ, तनाव बढ़ाने वाला और जीवन में बाधाएं उत्पन्न करने वाला माना गया है. मान्यता है कि खप्पर योग के प्रभाव से व्यक्ति को मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान, विवाद और अचानक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. विशेष रूप से कुछ राशियों के लिए यह समय अधिक चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है. ऐसे में इन राशियों को 29 जून तक सतर्क रहने और सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है. क्या होता है खप्पर योग? ज्योतिष शास्त्र में जब कई उग्र और पाप ग्रह एक विशेष स्थिति में आ जाते हैं, तब खप्पर योग का निर्माण होता है. यह योग व्यक्ति के जीवन में अस्थिरता, तनाव और बाधाएं बढ़ा सकता है. इस दौरान लोगों को अपने व्यवहार, स्वास्थ्य, करियर और आर्थिक मामलों में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह समय धैर्य और संयम के साथ बिताना बेहतर माना जाता है. मेष राशि वालों को रहना होगा सतर्क खप्पर योग के प्रभाव से मेष राशि के जातकों में क्रोध और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है. मंगल और राहु की स्थिति के कारण ऑफिस में सहकर्मियों या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विवाद होने की संभावना बन सकती है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान पहुंचा सकते हैं. वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है. कन्या राशि पर पड़ सकता है आर्थिक असर कन्या राशि के लोगों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है. खप्पर योग के प्रभाव से व्यापार और निवेश में नुकसान होने की संभावना बन सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचना चाहिए. पैसों के लेन-देन और नए निवेश में सतर्कता बरतना जरूरी होगा. गलत निर्णय आर्थिक तनाव बढ़ा सकते हैं. कैसे करें बचाव? ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में नियमित पूजा-पाठ, धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखना लाभकारी माना जाता है. किसी भी विवाद से दूर रहें और महत्वपूर्ण फैसले सोच-समझकर लें. इसके अलावा स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और मानसिक तनाव से बचने की कोशिश करें. संयम और सतर्कता से इस समय के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है. The post खप्पर योग 2026: 29 जून तक इन राशियों को रहना होगा बेहद सावधान, बढ़ सकती हैं परेशानियां appeared first on Naya Vichar.

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रिटायर्ड हैं तो क्या हुआ? AY 2026-27 के लिए ऐसे फाइल करें ITR 

ITR Filing For Pensioners: कई बुजुर्गों को लगता है कि रिटायर होने के बाद टैक्स रिटर्न (ITR) भरना जरूरी नहीं है. लेकिन यह सच नहीं है. अगर आप पेंशनर हैं, तो भी समय पर ITR फाइल करना बहुत जरूरी है. इससे न सिर्फ आपको टैक्स रिफंड पाने में मदद मिलती है, बल्कि ब्याज और पेंशन से होने वाली कमाई का सही रिकॉर्ड भी रहता है. इससे इनकम टैक्स विभाग से नोटिस आने का खतरा नहीं रहता. असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए टैक्स फाइलिंग की शुरुआत हो चुकी है. आइए जानते हैं कि इस बार पेंशनर्स के लिए टैक्स के क्या नियम हैं और उन्हें कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए. आपके लिए कौन सा ITR फॉर्म सही है? गलत फॉर्म चुनना रिटायर्ड लोगों की सबसे आम गलती है. आपको कौन सा फॉर्म चुनना है, यह आपकी कमाई के जरिए (Source of Income) पर निर्भर करता है: ITR-1 (सहज): अगर आपकी कुल सालाना कमाई 50 लाख रुपये तक है और आपकी आय का जरिया सिर्फ पेंशन, एक घर, बैंक ब्याज/डिविडेंड या 5,000 रुपये तक की कृषि आय है, तो आप इस फॉर्म को भरें. ITR-2: अगर आपके पास एक से ज्यादा घर हैं, कैपिटल गेन्स (शेयर या प्रॉपर्टी बेचने से मुनाफा) है, या विदेशी संपत्ति से कमाई है, तो आपको यह फॉर्म चुनना होगा. ITR-3: यह फॉर्म उनके लिए है जिन्हें किसी बिजनेस या प्रोफेशन (व्यापार या पेशा) से मुनाफा हो रहा हो. ITR-4 (सुगम): अगर आपकी कमाई 50 लाख रुपये तक है और आपकी इनकम में पेंशन के साथ-साथ धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत अनुमानित बिजनेस (Presumptive Income) शामिल है, तो यह फॉर्म आपके लिए है. नए कानून के बीच टैक्स का हिसाब कैसे होगा? नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 भले ही 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है, लेकिन ध्यान रहे कि आप असेसमेंट ईयर 2026-27 में उस कमाई पर टैक्स दे रहे हैं जो आपने पिछले साल (फाइनेंशियल ईयर 2025-26) में कमाई थी. इसलिए इस बार टैक्स का कैलकुलेशन पुराने ‘इनकम टैक्स एक्ट 1961’ के नियमों के तहत ही होगा. इसके अलावा, नई टैक्स रिजीम चुनने वाले निवासी नागरिकों को धारा 87A के तहत राहत मिलेगी, बशर्ते उनकी टैक्स योग्य आय 12 लाख रुपये से अधिक न हो. टैक्स बचाने के लिए कहां मिलेगी छूट? सीनियर सिटीजंस के लिए कई शानदार डिडक्शंस (टैक्स छूट) मौजूद हैं, जिनका फायदा उठाकर टैक्स बचाया जा सकता है: धारा 80TTB: बैंक, पोस्ट ऑफिस या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के ब्याज से होने वाली 50,000 रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. धारा 80D: स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) के प्रीमियम पर 50,000 रुपये तक की छूट मिलती है. धारा 80DDB: गंभीर बीमारियों के इलाज पर खर्च के लिए 1 लाख रुपये तक की कटौती का दावा किया जा सकता है. धारा 80C (नया नाम धारा 123): नए कानून में इसे रीस्ट्रक्चर किया गया है. इसके तहत लाइफ इंश्योरेंस, पीएफ, एनएससी और होम लोन के मूलधन (Principal) भुगतान पर 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है. धारा 24(b): पुरानी टैक्स व्यवस्था में खुद के रहने वाले घर के होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की छूट का प्रावधान है. साथ ही, ऐसे बुजुर्ग जिनकी कोई बिजनेस इनकम नहीं है, उन्हें एडवांस टैक्स देने से पूरी राहत दी गई है. फिलहाल टैक्स विभाग ने ITR-1 और ITR-4 के लिए ऑनलाइन और एक्सेल यूटिलिटी चालू कर दी है, ताकि आप बिना देरी किए अपना रिटर्न फाइल कर सकें. ये भी पढ़ें: सैलरी और शेयर से कमाते हैं? तो लाइव हो गया ITR-2, जानें किसे भरना है और कब तक The post रिटायर्ड हैं तो क्या हुआ? AY 2026-27 के लिए ऐसे फाइल करें ITR  appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में जमीन दान करने वालों के नाम पर बनेंगे डिग्री कॉलेज, CM सम्राट ने किया ऐलान

Bihar News: ‘बिहार में बनने वाले विक्रमशिला यूनिवर्सिटी के लिए जल्द ही राज्य प्रशासन जमीन केंद्र को उपलब्ध कराएगी. एक जुलाई से डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू होगी.’ यह बात सीएम सम्राट चौधरी ने उच्च शिक्षा विभाग की बैठक के दौरान कही. उन्होंने यह भी कहा, देश में चल रहे ओपेन यूनिवर्सिटी का स्टडी करें, ताकि बिहार में और अधिक ओपेन यूनिवर्सिटी स्थापित कर विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराई जा सके. आंशिक सहयोग करने वालों का भी रहेगा नाम मुख्यमंत्री ने कहा कि डिग्री कॉलेज रहित प्रखंडों में कॉलेज स्थापित करने के लिए जमीन दान देने वाले व्यक्ति या उनकी ओर से अनुशंसित व्यक्ति के नाम पर उस कॉलेज के किसी हिस्से का नामकरण किया जाएगा. सीएम ने यह भी आदेश दिया कि बिहार में स्थापित कॉलोजों को संबद्ध करने के लिए देश के टॉप 10 यूनिवर्सिटी से एमओयू साइन करें. सभी डिग्री कॉलेज रहित प्रखंडों में स्थापित होने वाले कॉलेज ऐसी जगह पर हो जहां विद्यार्थियों को कठिनाई न हो. मुख्यमंत्री को दी गई विभागीय कामकाज की जानकारी बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने मुख्यमंत्री को विभागीय गतिविधियों, संचालित योजनाओं, नई कार्य योजनाओं समेत अन्य कामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उच्च शिक्षा विभाग के सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत स्टेट यूनिवर्सिटी, प्राइवेट यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी में प्रशासनिक पदों की स्थिति और अन्य डिटेल, केंद्र प्रशासन प्रायोजित राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान की जानकारी दी. इसके अलावा मुख्यमंत्री को बिहार के विभिन्न जिलों के कॉलेजों की स्थिति, डिग्री कॉलेज रहित प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की स्थापना, कॉलेज का स्थायी परिसर, दानदाता के नामकरण संबंधी प्रावधान, पदों का सृजन, शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों के पद सृजन समेत अन्य जानकारियां सीएम नीतीश कुमार को दी गई. Also Read: JDU MLA पप्पू पांडेय की गिरफ्तारी पर लगी रहेगी रोक, कोर्ट ने आज भी फैसला रखा सुरक्षित The post बिहार में जमीन दान करने वालों के नाम पर बनेंगे डिग्री कॉलेज, CM सम्राट ने किया ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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Welcome To The Jungle को लेकर बड़ा अपडेट, डायरेक्टर अहमद खान बोले- कंप्लीट मसाला पैकेज होगी फिल्म

Welcome To The Jungle: अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ लगातार चर्चा में बनी हुई है. फिल्म की बड़ी स्टारकास्ट और मजेदार गानों को लेकर फैंस पहले से ही काफी एक्साइटेड हैं. अब निर्देशक अहमद खान ने फिल्म को लेकर नया अपडेट दिया है. उन्होंने बताया कि फिल्म में कुल 5 गाने होंगे, जो कहानी और कॉमेडी को और ज्यादा मजेदार बनाएंगे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ एक कॉमेडी फिल्म नहीं, बल्कि एक पूरा ‘मसाला एंटरटेनर पैकेज’ है. अहमद खान: “डार्क ह्यूमर का मिलेगा तड़का” फिल्म के बारे में बात करते हुए अहमद खान ने बताया कि ‘वेलकम टू द जंगल’ सिर्फ एक साधारण कॉमेडी फिल्म नहीं है. इसमें डार्क ह्यूमर का भी खास तड़का देखने को मिलेगा. उन्होंने कहा कि फिल्म को इस तरह बनाया गया है ताकि दर्शक थिएटर में बैठकर शुरुआत से आखिर तक पूरा एंटरटेन महसूस करें और बोर न हों. फिल्म में होंगे 5 खास गाने अहमद खान ने खुलासा किया कि इस फिल्म में 5 खास गाने रखे गए हैं. ये गाने सिर्फ नाचने-गाने के लिए नहीं हैं, बल्कि ये फिल्म की कहानी और उसके मजाक को और ज्यादा बढ़ाएंगे. गानों की डांस स्टेप्स को भी इस तरह से तैयार किया गया है जिसे देखकर लोगों की हंसी छूट जाएगी. फिल्म के दो गाने पहले ही रिलीज होकर लोगों का दिल जीत चुके हैं. निर्माता फिरोज नाडियाडवाला की तारीफ अहमद खान ने फिल्म के निर्माता फिरोज नाडियाडवाला की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मल्टीस्टारर फिल्म बनाना आसान नहीं होता. उन्होंने आगे कहा कि फिरोज फिरोज भाई बहुत हिम्मत वाले इंसान हैं. फिल्म बनाने में कई तरह की मुश्किलें और रुकावटें आईं, लेकिन वह कभी पीछे नहीं हटे. उन्होंने पूरी टीम का साथ दिया ताकि फिल्म ठीक वैसे ही बने जैसी वह बनाना चाहते थे. फिल्म में कौन-कौन से स्टार हैं? ‘वेलकम टू द जंगल’ में बहुत बड़ी स्टार कास्ट देखने को मिलेगी. फिल्म में अक्षय कुमार के साथ सुनील शेट्टी, परेश रावल, जॉनी लीवर, अरशद वारसी, राजपाल यादव, तुषार कपूर, श्रेयस तलपड़े, जैकी श्रॉफ, रवीना टंडन, दिशा पटानी, जैकलीन फर्नांडिस, उर्वशी रौतेला और कई बड़े कलाकार नजर आएंगे. करीब 30 कलाकारों वाली यह फिल्म साल की सबसे बड़ी कॉमेडी फिल्मों में से एक मानी जा रही है. कब रिलीज होगी फिल्म? ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. फिल्म को एक बड़े फैमिली एंटरटेनर के रूप में तैयार किया गया है. यह भी पढ़ें: Welcome To The Jungle: 103 डिग्री बुखार में भी अक्षय कुमार ने किया ‘घिस घिस घिस’ गाने का शूट, अक्षरा सिंह ने सुनाया किस्सा The post Welcome To The Jungle को लेकर बड़ा अपडेट, डायरेक्टर अहमद खान बोले- कंप्लीट मसाला पैकेज होगी फिल्म appeared first on Naya Vichar.

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क्या आपकी वेट मशीन दिखा रही है गलत रिजल्ट? टेंशन लेने की जरूरत नहीं, सही और गलत टाइमिंग का है सारा खेल

Fitness Tips: आज के समय में लगभग हर कोई खुद को फिट और एक्टिव रखने की दौड़ में निकल पड़ा है. हर कोई चाहता है कि उसका वजन कंट्रोल में रहे और वह दूसरों की तुलना में ज्यादा हेल्दी भी रह सके. अपनी इस ख्वाइश को पूरा करने के लिए अक्सर हम एक स्ट्रिक्ट डाइट फॉलो करना शुरू करते हैं और कुछ लोग इससे एक कदम आगे निकलकर जिम जाना भी शुरू कर देते हैं. अगर आपको अपना वजन घटाना है तो ये दोनों ही चीजें आपकी मदद कर सकती हैं, लेकिन फिर भी कुछ लोगों की यह शिकायत रहती है कि हर एक चीज ठीक से करने के बावजूद भी उनका वजन घट नहीं रहा है. अगर आपके साथ भी ऐसा ही हो रहा है तो प्रॉब्लम आपके मेहनत करने के तरीके में नहीं है, बल्कि प्रॉब्लम वजन को गलत तरीके से नापने में है. अगर आप बार-बार और हर दिन अपना वजन चेक करके सिर्फ कन्फ्यूज ही हो रहे हैं, तो अब आपको अपने शरीर का वजन नापने के लिए एक सही समय का चुनाव करना सीखना चाहिए. जब आप गलत समय पर अपना वजन चेक करते हैं तो आपको गलत रिजल्ट मिलते हैं. बार-बार गलत वजन मिलने की वजह से कई बार आपका स्ट्रेस भी ज्यादा बढ़ने लगता है. तो चलिए जानते हैं आपको किस समय अपने शरीर का वजन चेक नहीं करना चाहिए. सुबह उठते ही वजन न मापें बहुत से लोगों की यह आदत होती है कि वे सुबह सोकर उठते ही सबसे पहले अपना वजन चेक करते हैं. यह सबसे कॉमन गलतियों में से एक है. जब आप सुबह सोकर उठने के बाद अपना वजन चेक करते हैं तो जरूरी नहीं है कि वह सही ही निकले. रातभर आपके शरीर में पानी की मात्रा, डाइजेशन प्रोसेस और मेटाबोलिज्म बदलता रहता है. ऐसा होने की वजह से कभी आपका शरीर हल्का सा डिहाइड्रेटेड हो जाता है तो कभी हैवी फील करने लगता है. यह एक बड़ी वजह है कि सुबह उठते ही लिया गया वजन अलग-अलग दिखा सकता है. खाने के तुरंत बाद वजन लेना गलत है आपको खाना खाने के तुरंत बाद कभी भी अपना वजन चेक नहीं करना चाहिए. जब आप इस समय अपना वजन नापते हैं तो यह तय रहता है कि वह बढ़ा हुआ दिखेगा. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस समय आपके पेट में खाने की चीजें और लिक्विड्स भारी मात्रा में मौजूद होती हैं. यह फैट नहीं होता है बल्कि यह फ्लोटिंग वेट होता है. जब ऐसा होता है तो लोग अक्सर घबरा जाते हैं और यह सोचने लगते हैं कि आखिर उनका वजन बढ़ क्यों गया है. एक्सरसाइज के तुरंत बाद वजन नापना वर्कआउट करने के तुरंत बाद आपको कभी भी अपना वजन नहीं नापना चाहिए. इस समय आपके शरीर से काफी ज्यादा पसीना निकल चुका होता है और इसी वजह से आपका वजन कम दिखाई देने लगता है. अगर आप इस घटे हुए वजन को देखकर खुश हो जाते हैं तो बता दें यह सिर्फ पानी की कमी की वजह से है, फैट लॉस की वजह से नहीं. यह एक बड़ी वजह है कि आपको कभी भी वर्कआउट के तुरंत बाद अपने वजन को चेक करके अपने प्रोग्रेस का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए. ज्यादा पानी पीने के बाद वजन लेना अगर आपने एक बार में ही ज्यादा पानी पी लिया है, तो इसके तुरंत बाद भी आपको अपने शरीर का वजन चेक नहीं करना चाहिए. इस समय अगर आप वजन लेते हैं तो शरीर का फ्लोटिंग वेट बढ़ा हुआ दिखाई देगा. जब आपके शरीर में पानी का बैलेंस बदलता है तो इसके हिसाब से रीडिंग भी बदलती रहती है. यह एक बड़ी वजह है कि आपको कभी भी पानी पीने के बाद अपना वजन चेक नहीं करना चाहिए. रात में सोने से पहले वजन नापना दिनभर खाने-पीने और हर तरह की एक्टिविटी करने के बाद जब आप अपना वजन चेक करते हैं तो यह तय है कि आपका वजन बढ़ा हुआ ही दिखेगा. अगर आप इस समय वजन लेते हैं तो यह किसी भी तरह से आपके असली फिटनेस प्रोग्रेस को सही तरीके से नहीं दिखाता है. यह एक वजह है कि आपको रात को सोने से पहले अपने वजन को चेक करके उसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए. कपड़ों के साथ वजन लेना कई लोग ऐसे भी होते हैं जो बिना ध्यान दिए कपड़ों के साथ ही अपना वजन चेक कर लेते हैं. बता दें जब आप कपड़े पहने हुए होते हैं तो आपके कपड़ों का वजन भी इसमें जुड़ा हुआ होता है. अलग-अलग तरह के कपड़ों की वजह से हर बार रीडिंग अलग आ सकती है, जिसकी वजह से आपको कन्फ्यूजन हो सकता है और साथ ही आपके लिए पिछने दिन से इसकी तुलना करना भी मुश्किल हो जाता है. वजन चेक करने का सही समय क्या है? अगर आप अपने शरीर का एकदम सही वजन जानना चाहते हैं, तो आपको सुबह उठकर बाथरूम से आने के बाद या फिर खाली पेट वजन चेक करना चाहिए. यह सबसे बेस्ट समय होता है क्योंकि इस दौरान आपका शरीर सबसे ज्यादा स्टेबल कंडीशन में होता है और आपको एक सही रीडिंग मिलने में आसानी होती है. आपको हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि आप एक ही समय और एक ही मशीन में अपना वजन चेक करें. इसके अलावा अगर पॉसिबल है तो वजन चेक करते समय कपड़े भी उतार दें ताकि आपको एक एक्यूरेट रीडिंग मिल सके. ये भी पढ़ें: पेट की जिद्दी चर्बी से हैं परेशान? हर सुबह पिएं ये ड्रिंक्स, एक महीने में 4 से 5 किलो तक कम हो सकता है वजन The post क्या आपकी वेट मशीन दिखा रही है गलत रिजल्ट? टेंशन लेने की जरूरत नहीं, सही और गलत टाइमिंग का है सारा स्पोर्ट्स appeared first on Naya Vichar.

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Google Fitbit Air Review: बिना स्क्रीन वाला AI फिटनेस ट्रैकर कितना खास?

फिटनेस बैंड की दुनिया तेजी से बदल रही है और अब Google ने ऐसा डिवाइस पेश किया है, जिसमें न डिस्प्ले है और न ही कोई भारी-भरकम डिजाइन. फिर भी यह हेल्थ ट्रैकिंग के मामले में बड़े-बड़े स्मार्टवॉच को चुनौती देता नजर आ रहा है. नया Fitbit Air उन यूजर्स को टारगेट करता है, जो बिना स्क्रीन के हल्का, आरामदायक और AI फीचर्स से लैस फिटनेस ट्रैकर चाहते हैं. खास बात यह है कि इसमें Google का नया AI हेल्थ कोच भी मिलता है, जो फिटनेस रूटीन को पहले से ज्यादा आसान और स्मार्ट बना सकता है. कम कीमत और प्रीमियम फीचर्स के साथ यह डिवाइस मार्केट में काफी चर्चा बटोर रहा है. बिना स्क्रीन वाला फिटनेस ट्रैकर क्यों बना चर्चा का विषय? Fitbit Air का सबसे बड़ा आकर्षण इसका स्क्रीनलेस डिजाइन है. आज के दौर में जहां हर डिवाइस में डिस्प्ले दिया जा रहा है, वहीं Google ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना है. यह ट्रैकर बेहद हल्का है और पूरे दिन पहनने पर भी भारी महसूस नहीं होता. इसका वजन सिर्फ 12 ग्राम बताया गया है, जिससे यह लगातार इस्तेमाल के लिए काफी आरामदायक बन जाता है. इसका डिजाइन पुराने Fitbit Flex और Jawbone जैसे क्लासिक फिटनेस बैंड्स की याद दिलाता है. डिवाइस को स्ट्रैप के अंदर फिट किया गया है और इसे आसानी से बदला भी जा सकता है. यूजर्स को कई कलर ऑप्शन भी मिलते हैं. Google Health App और AI Coach बना रहे खास Fitbit Air में स्क्रीन नहीं होने की वजह से लगभग पूरा कंट्रोल Google Health ऐप से किया जाता है. यही ऐप आपकी एक्टिविटी, स्लीप, हार्ट रेट और दूसरे हेल्थ डेटा को मैनेज करता है. इसका इंटरफेस काफी साफ और आसान बताया जा रहा है. सबसे ज्यादा चर्चा इसके Gemini AI बेस्ड Health Coach फीचर की हो रही है. यह फीचर यूजर्स की फिटनेस आदतों को समझकर उन्हें पर्सनल सुझाव देता है. वर्कआउट प्लान, स्लीप रूटीन और हेल्थ गोल्स को बेहतर तरीके से मैनेज करने में यह AI काफी मददगार साबित हो सकता है. फिटनेस और हेल्थ ट्रैकिंग में कितना दम? Fitbit Air उन लोगों के लिए खास हो सकता है, जो सिर्फ स्टेप काउंट नहीं बल्कि डीप हेल्थ एनालिसिस चाहते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक यह डिवाइस स्लीप पैटर्न, रिकवरी और एक्टिविटी डेटा को काफी विस्तार से ट्रैक करता है. यही वजह है कि इसे Whoop Strap का किफायती ऑप्शन भी माना जा रहा है. हालांकि इसमें GPS और NFC जैसे फीचर्स नहीं दिए गए हैं. यानी आप इससे कॉन्टैक्टलेस पेमेंट नहीं कर पाएंगे और रनिंग के दौरान फोन के बिना लोकेशन ट्रैकिंग भी सीमित रहेगी. बैटरी और चार्जिंग ने किया प्रभावित Fitbit Air की बैटरी और चार्जिंग स्पीड को इसकी बड़ी ताकत माना जा रहा है. कंपनी के मुताबिक यह डिवाइस तेजी से चार्ज हो जाता है और लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. स्क्रीन नहीं होने का फायदा इसकी बैटरी लाइफ पर भी देखने को मिलता है. यही कारण है कि यह उन यूजर्स के लिए बेहतर विकल्प बन सकता है, जो बार-बार चार्जिंग से परेशान रहते हैं. कम कीमत में प्रीमियम एक्सपीरियंस? Google ने Fitbit Air को बजट सेगमेंट में उतारा है, लेकिन फीचर्स प्रीमियम कैटेगरी वाले देने की कोशिश की गई है. शुरुआती कीमत करीब 100 डॉलर के आसपास रखी गई है, जो Whoop जैसे डिवाइसेज की तुलना में काफी कम है. हालांकि, कुछ एडवांस फीचर्स के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ सकता है. इसके बावजूद AI हेल्थ कोच और डीप हेल्थ ट्रैकिंग इसे मार्केट में अलग पहचान दिला सकते हैं. यह भी पढ़ें: Titan Celestor 2.0 Review: शानदार परफॉर्मेंस, दमदार फीचर्स… लेकिन एक चीज खटक सकती है The post Google Fitbit Air Review: बिना स्क्रीन वाला AI फिटनेस ट्रैकर कितना खास? appeared first on Naya Vichar.

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