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Nepal Flood : नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा-अबतक 1114 लाशें हुईं बरामद, सिर्फ 65 ही परिवार वालों को सौंपी गई

Nepal Flood : नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा है कि 26 अगस्त को आई भयानक बाढ़ के बाद अबतक कुल 1114 लाशें बरामद की गई हैं. इनमें से सिर्फ 95 लाशें उनके परिवारों को सौंपी गई हैं.प्रतिनिध सभा में भयानक बाढ़ पर बोलते हुए बालेंद्र शाह ने कहा कि हम इस मुश्किल समय में देश के साथ हैं. यह घटना 26 अगस्त 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे हुई. जैसे ही हमें घटना के बारे में पता चला, हमने अपनी टीमों को अलर्ट कर दिया. सुबह 9:15 बजे एक मीटिंग बुलाई गई. हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर रखे गए थे. सुबह 10:30 बजे, हमारी इमरजेंसी रेस्क्यू टीमें अपना काम करने के लिए तैयार थीं. लोगों को बचाना हमारी प्रायोरिटी थी. बालेंद्र शाह ने कहा कि आर्मी के हेलीकॉप्टरों को प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चलाने का आदेश दिया गया था. दोपहर करीब 1 बजे, हम स्थानीय एमपी और एमएलए से संपर्क कर पाए. शाम करीब 7 बजे, लोगों से प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में योगदान देने के लिए कहा गया. रसुवा और नुवाकोट के लिए 1-1 करोड़ रुपये दिए गए. विदेशी नागरिकों को खोजने और बचाने के लिए एक खास टीम बनाई गई. स्त्रीओं, बच्चों और बुजुर्गों को बचाव में प्राथमिकता दी गई. इस भयानक बाढ़के बाद सभी मंत्रियों ने अपनी एक महीने की सैलरी देने का फैसला किया. ये भी पढ़ें : क्या हिंदुस्तानीय वायुसेना की स्त्री अधिकारी शक्ति शर्मा को जानते हैं आप? जिन्होंने पहली बार संभाला है एयर वाइस मार्शल का पद The post Nepal Flood : नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा-अबतक 1114 लाशें हुईं बरामद, सिर्फ 65 ही परिवार वालों को सौंपी गई appeared first on Naya Vichar.

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क्या सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का खुलेगा राज? हाई कोर्ट ने CBI को सौंपी जांच

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार (2 सितंबर 2026) को 2020 में हुई सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है. अदालत के इस फैसले के बाद अब सीबीआई दिशा सालियान की मौत से जुड़े पूरे मामले की जांच करेगी. दिशा के पिता सतीश सालियान ने कहा कि वकील निलेश ओझा और उनकी टीम ने इस लड़ाई में उनका काफी साथ दिया है. उनका आगे भी समर्थन मिलता रहेगा. उन्होंने भरोसा जताया कि अब सीबीआई के अधिकारी इस मामले की सही तरीके से जांच करेंगे. दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की याचिका पर हाई कोर्ट ने यह फैसला सुनाया. अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को सिर्फ आरोपों के आधार पर आरोपी नहीं माना जा सकता. जांच अधिकारी को पहले उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत या ठोस सामग्री मिलनी चाहिए, तभी उसे आरोपी बनाया जा सकता है. न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल और न्यायमूर्ति रंजीतसिंह राजा भोंसले की पीठ ने कहा कि सीबीआई प्राथमिकी दर्ज करे और मृतक के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज करे. हालांकि, जांच के दौरान किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने तक उसे आरोपी नहीं माना जाएगा. सतीश सालियान ने हाई कोर्ट का रुख किया था पिछले साल दिशा के पिता सतीश सालियान ने हाई कोर्ट का रुख किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई. सतीश ने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए पुलिस ने मामले से जुड़े अहम तथ्यों को दबाया. सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की सीबीआई जांच और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी. दिशा सालियान कौन थीं? दिशा सालियान मुंबई में काम करने वाली एक सेलिब्रिटी टैलेंट मैनेजर थीं. वह कई फिल्म और टीवी कलाकारों के साथ काम कर चुकी थीं. दिशा का नाम सबसे ज्यादा अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े मामले के बाद चर्चा में आया. वह सुशांत की मैनेजर थीं. The post क्या सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का खुलेगा राज? हाई कोर्ट ने CBI को सौंपी जांच appeared first on Naya Vichar.

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बेंगलुरु की महिला ने अपनी 3 माह की जुड़वां बेटियों को पानी में डुबोकर मारा! फिर खुदकुशी की कोशिश की

बेंगलुरु में एक 40 वर्षीय स्त्री पर अपनी तीन महीने की जुड़वां बेटियों को पानी में डुबोकर मारने का आरोप लगा है. पुलिस ने स्त्री के पति की शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक, स्त्री ने कथित तौर पर बच्चियों को पानी में डुबाने के बाद खुदकुशी की कोशिश की. पति घर लौटा तो अंदर से बंद था कमरे का दरवाजा इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना मंगलवार दोपहर वज्रहल्ली इलाके में सामने आई. पुलिस के अनुसार, स्त्री का पति रामलिंगप्पा (50) घर लौटा तो एक कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था. दरवाजा खोलने पर उसने अपनी पत्नी उमादेवी को कथित तौर पर खुदकुशी की कोशिश करते हुए पाया. वहीं, उसी कमरे में दोनों बच्चियां भी मृत मिलीं. जिसके बाद उमादेवी को तुरंत बचाया गया और इलाज के लिए शंकर अस्पताल ले जाया गया. वहीं, बच्चियों की जांच करने वाले डॉक्टरों को संदेह है कि उनकी मौत पानी में डूबने से हुई है. ये भी पढ़ें: बिहार में 24 घंटे का मेगा ऑपरेशन, 1142 वांटेड अपराधी गिरफ्तार, हथियार-शराब और 359 किलो से ज्यादा ड्रग्स बरामद 10 साल बाद IVF से हुई थीं जुड़वां बेटियां पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, रामलिंगप्पा और उमादेवी करीब 10 साल से बीसीसी-एचएस लेआउट में रह रहे थे. दंपति के कोई बच्चा नहीं था. इसके बाद उन्होंने IVF उपचार कराया. उमादेवी ने 5 मई को जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया. परिवार के लिए यह लंबे इंतजार के बाद मिली बड़ी खुशी थी. हालांकि बताया गया कि बच्चियों के जन्म के करीब डेढ़ महीने बाद उमादेवी के व्यवहार में बदलाव आने लगा. ये भी पढ़ें: कोडरमा में घर का ताला तोड़कर चोरी, सोने की चेन-अंगूठी और 10 हजार नकद ले उड़े चोर बच्चियों को आश्रम भेजने की बात कहती थी स्त्री FIR के मुताबिक, उमादेवी बच्चों की देखभाल में रुचि नहीं दिखा रही थीं और बार-बार कहती थीं कि बच्चियों को किसी आश्रम में भेज दिया जाना चाहिए. परिवार ने उनके व्यवहार में बदलाव को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए NIMHANS और रघुवनहल्ली की एक संस्था में भी ले गया था. परिवार के मुताबिक, डॉक्टरों ने बताया था कि उनका व्यवहार प्रसव के बाद होने वाले अवसाद (postpartum depression) और हार्मोनल बदलाव से जुड़ा हो सकता है. पुलिस को शक, बच्चियों को पानी में डुबाने के बाद की खुदकुशी की कोशिश पुलिस का शक है कि उमादेवी ने खुदकुशी की कोशिश करने से पहले दोनों बच्चियों को पानी में डुबाया. हालांकि, घटना के पीछे की सही वजह अभी साफ नहीं है. तलघट्टपुरा पुलिस ने पति की शिकायत के आधार पर हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है. पुलिस अब घटना की पूरी परिस्थितियों और स्त्री के व्यवहार में आए बदलाव की जांच कर रही है. The post बेंगलुरु की स्त्री ने अपनी 3 माह की जुड़वां बेटियों को पानी में डुबोकर मारा! फिर खुदकुशी की कोशिश की appeared first on Naya Vichar.

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राधा-कृष्ण के प्रेम से सीखें रिश्ते निभाने के 5 खूबसूरत तरीके, मजबूत होगा कपल्स का रिश्ता

Radha Krishna Relationship Tips: राधा-कृष्ण का नाम आते ही प्रेम और समर्पण की तस्वीर सामने आती है. हिंदुस्तानीय परंपरा में उनके रिश्ते को प्रेम की गहराई और आपसी जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है. आज के समय में रिश्तों में छोटी-छोटी बातों को लेकर नाराजगी, गलतफहमी और शक देखने को मिल जाता है. ऐसे में राधा-कृष्ण के प्रेम से जुड़ी कुछ बातों को अपने रिश्ते में अपनाया जा सकता है. हालांकि हर कपल का रिश्ता अलग होता है, लेकिन भरोसा, सम्मान और समझ जैसी बातें हर रिश्ते के लिए जरूरी होती हैं. 1. भरोसे को रिश्ते की नींव बनाएं किसी भी रिश्ते में विश्वास सबसे अहम चीजों में से एक है. अगर पार्टनर की हर बात पर शक किया जाए तो धीरे-धीरे रिश्ते में तनाव बढ़ने लगता है. इसलिए बेवजह सवाल करने के बजाय अपने पार्टनर पर भरोसा रखें. अगर किसी बात को लेकर मन में संदेह है तो चुप रहने के बजाय सीधे बातचीत करें. 2. सिर्फ बोलें नहीं, पार्टनर को सुनें भी कई बार रिश्ते में समस्या इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि दोनों अपनी बात कहना चाहते हैं, लेकिन सामने वाले को सुनना नहीं चाहते. पार्टनर परेशान हो तो उसकी बात ध्यान से सुनें. हर बार सलाह देना जरूरी नहीं होता, कई बार सिर्फ ध्यान से सुन लेना भी सामने वाले को काफी सुकून देता है. 3. प्यार के साथ सम्मान भी जरूरी रिश्ते में प्यार जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी एक-दूसरे की इज्जत करना भी है. पार्टनर की पसंद, सोच और फैसलों को महत्व दें. गुस्से में भी ऐसी बातें कहने से बचें जिन्हें बाद में वापस लेना मुश्किल हो. सम्मान बना रहेगा तो रिश्ते में अपनापन भी बना रहेगा. 4. अच्छे-बुरे दोनों समय में साथ रहें सिर्फ खुशियों में साथ रहना ही रिश्ते की मजबूती नहीं दिखाता. जब पार्टनर मुश्किल दौर से गुजर रहा हो, तब उसका साथ देना ज्यादा मायने रखता है. हर समस्या का समाधान आपके पास हो, यह जरूरी नहीं. कई बार यह एहसास दिलाना ही काफी होता है कि आप उसके साथ खड़े हैं. 5. प्यार में थोड़ी जगह भी दें हर समय साथ रहना या हर चीज में दखल देना प्यार की निशानी नहीं है. पार्टनर को अपने दोस्तों, पसंद और निजी समय के लिए थोड़ा स्पेस दें. जरूरत से ज्यादा रोक-टोक रिश्ते में तनाव पैदा कर सकती है. भरोसे के साथ दी गई आजादी रिश्ते को और सहज बना सकती है. रिश्ता तभी खूबसूरत बनता है जब दोनों लोग एक-दूसरे को समझने और निभाने की कोशिश करें. राधा-कृष्ण के प्रेम से जुड़ी इन बातों को रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाकर कपल्स अपने रिश्ते में प्यार, सम्मान और भरोसे को और मजबूत कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: जन्माष्टमी पर लगानी है मेहंदी? मोरपंख से बांसुरी तक ट्राई करें ये 5 खूबसूरत डिजाइन The post राधा-कृष्ण के प्रेम से सीखें रिश्ते निभाने के 5 खूबसूरत तरीके, मजबूत होगा कपल्स का रिश्ता appeared first on Naya Vichar.

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क्या भारतीय वायुसेना की महिला अधिकारी शक्ति शर्मा को जानते हैं आप? जिन्होंने पहली बार संभाला है एयर वाइस मार्शल का पद

पीटीआई न्यूज के अनुसार वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि शक्ति शर्मा ने एक सितंबर को वायुसेना मुख्यालय में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (शिक्षा) का पद संभाला. इससे पहले शक्ति शर्मा एयर कमोडोर के पद पर कार्यरत थीं. शक्ति शर्मा को 1994 में वायुसेना की शिक्षा इकाई में कमीशन मिला शक्ति शर्मा की नियुक्ति पर रक्षा मंत्रालयकी ओर से कहा गया कि हिंदुस्तानीय वायु सेना के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा हिंदुस्तानीय रक्षा बलों में एयर वाइस मार्शल (या उसके समकक्ष) का पद हासिल करने वाली पहली स्त्री अधिकारी बनीं हैं. बयान के मुताबिक एवीएम शर्मा को 18 जून, 1994 को वायुसेना की शिक्षा इकाई में कमीशन मिला था और वह अपनी नयी भूमिका के लिए काफी अनुभव लेकर आई हैं. उन्हें प्रशिक्षण केंद्रों, वायुसेना के अड्डों, कमान मुख्यालयों और वायुसेना मुख्यालयों में अलग-अलग जगहों पर काम करने का अनुभव है. शान के साथ आसमान छूने के लिए प्रेरित करती हैं शक्ति शर्मा मंत्रालय ने बताया कि अपने पूरे करियर के दौरान शक्ति शर्मा ने कई अहम संस्थागत अभियानों का नेतृत्व किया है. इनमें हिंदुस्तानीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर और पुणे विश्वविद्यालय में वायुसेना की उत्कृष्टता पीठ की स्थापना शामिल है. जिनका उद्देश्य शैक्षणिक और रणनीतिक रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है. उन्होंने तीनों सेनाओं की पहली स्त्री अधिकारी के तौर पर सैनिक स्कूल की कमान संभालकर इतिहास भी रचा. उन्होंने सैनिक स्कूल, कपूरथला में प्रिंसिपल के तौर पर काम किया.बयान में कहा गया कि यह अहम उपलब्धि हिंदुस्तानीय रक्षा बलों में स्त्री अधिकारियों की यात्रा का एक नया अध्याय है. तीन दशकों से अधिक समय की शानदार सेवा के साथ, वह वायुसेना के आदर्श वाक्य पीढ़ियों को शान के साथ आसमान छूने के लिए प्रेरित करती रही हैं. ये भी पढ़ें :Nepal Flood : नेपाल में मौतों का आंकड़ा 1100 पार, खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं नदियां The post क्या हिंदुस्तानीय वायुसेना की स्त्री अधिकारी शक्ति शर्मा को जानते हैं आप? जिन्होंने पहली बार संभाला है एयर वाइस मार्शल का पद appeared first on Naya Vichar.

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पटना में बनेगा बिहार का पहला एट-ग्रेड कॉरिडोर, नीचे 4 लेन और ऊपर 6 लेन एलिवेटेड रोड, 8456 करोड़ होंगे खर्च

Patna Eight Grade Corridor: पटना में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी परियोजना पर काम शुरू होने जा रहा है. न्यू बाईपास पर बिहार का पहला एट-ग्रेड कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. यह कॉरिडोर अनीसाबाद से दीदारगंज के बीच बनेगा. इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका डबल-लेयर ट्रैफिक सिस्टम होगा. नीचे मौजूदा 4 लेन सड़क रहेगी. इसके ऊपर 6 लेन की एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी. 13.14 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के निर्माण पर 8,456 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. 10 लाख लोगों को जाम से मिलेगी राहत कॉरिडोर बनने के बाद दक्षिणी पटना के करीब 150 मोहल्लों में रहने वाली लगभग 10 लाख आबादी को राहत मिलने की उम्मीद है. भारी वाहनों को अलग रास्ता मिलने से न्यू बाईपास पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा. अनीसाबाद, सरिस्ताबाद, 90 फीट, पुराना बस अड्डा, अशोक नगर, भूतनाथ, पहाड़ी और कर्मलीचक जैसे इलाकों में जाम की समस्या कम होगी. गुरु गोविंद सिंह लिंक पथ और दीदारगंज के प्रमुख जंक्शन भी ज्यादा सुगम हो सकेंगे. दोनों तरफ बनेगी 22 किमी की सर्विस रोड प्रोजेक्ट में सिर्फ एलिवेटेड रोड ही नहीं होगी. सड़क के दोनों तरफ कुल 22 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड भी बनाई जाएगी. इसके अलावा 10 रैंप और 2 फ्लाईओवर बनाए जाएंगे. 3 छोटे पुल और 4 अंडरपास भी प्रोजेक्ट का हिस्सा होंगे. पटना-गया रेल लाइन पर 8 लेन का रेलवे ओवरब्रिज यानी ROB भी तैयार किया जाएगा. जलजमाव से निपटने के लिए बनेगा ड्रेनेज सिस्टम न्यू बाईपास के आसपास जलजमाव की समस्या को देखते हुए ड्रेनेज सिस्टम पर भी काम होगा. परियोजना के तहत 5 किलोमीटर से अधिक लंबी आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली बनाई जाएगी. इससे बारिश के दौरान सड़क और आसपास के इलाकों में पानी जमा होने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी. भारी और लोकल ट्रैफिक के लिए अलग-अलग रास्ते एट-ग्रेड कॉरिडोर में ट्रैफिक को दो स्तरों पर बांटा जाएगा. भारी वाहन ऊपर बनी एलिवेटेड सड़क से गुजरेंगे. स्थानीय वाहनों के लिए नीचे की सड़क और सर्विस रोड का इस्तेमाल होगा. इससे भारी वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक के बीच टकराव कम होगा., बाईपास किनारे बसे मोहल्लों के लोगों को भी आने-जाने में ज्यादा सुविधा मिलेगी. हादसों का खतरा भी होगा कम प्रोजेक्ट का एक बड़ा फायदा सड़क सुरक्षा से जुड़ा है. बाईपास से सटे इलाकों के लोगों को मुख्य सड़क पर भारी वाहनों के बीच से गुजरने की जरूरत कम होगी. अलग-अलग ट्रैफिक लेन और सर्विस रोड होने से आवाजाही ज्यादा व्यवस्थित होगी. इससे हादसों की आशंका कम होने की उम्मीद है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से भी मिलेगा फायदा कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन महासेतु के चालू होने के बाद इस कॉरिडोर का महत्व और बढ़ जाएगा. बालू और दूसरे सामान से लदे भारी वाहन सीधे इस रूट से आगे निकल सकेंगे. इससे गांधी सेतु और आरा-छपरा सेतु पर भी ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है. उत्तर बिहार तक माल पहुंचाना होगा आसान नए कॉरिडोर से पटना के साथ उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी. वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय और दरभंगा तक माल की आवाजाही आसान और तेज होने की उम्मीद है. इससे व्यापार और माल ढुलाई को भी फायदा मिलेगा. डीपीआर तैयार होने के बाद आगे बढ़ेगा प्रोजेक्ट अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डीपीआर तैयार की जाएगी. इसके बाद निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. पथ निर्माण मंत्री ईं. कुमार शैलेंद्र के अनुसार, यह सिर्फ एक एलिवेटेड सड़क नहीं है. यह भविष्य के ग्रेटर पटना की ट्रैफिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही बड़ी परियोजना है. इसका उद्देश्य शहर में ट्रैफिक को व्यवस्थित करना और लंबे समय के लिए जाम की समस्या का समाधान करना है. Also Read: बिहार में बढ़ रहा बाढ़ का खतरा, गंगा-गंडक के बाद सोन भी उफनाई, 56 गेट खुले, कई इलाकों में तबाही The post पटना में बनेगा बिहार का पहला एट-ग्रेड कॉरिडोर, नीचे 4 लेन और ऊपर 6 लेन एलिवेटेड रोड, 8456 करोड़ होंगे खर्च appeared first on Naya Vichar.

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क्या दिशा सालियान की मौत का खुलेगा राज? हाई कोर्ट ने CBI को सौंपी जांच

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को 2020 में हुई सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है. अदालत के इस फैसले के बाद अब सीबीआई दिशा सालियान की मौत से जुड़े पूरे मामले की जांच करेगी. दिशा के पिता सतीश सालियान ने कहा कि वकील निलेश ओझा और उनकी टीम ने इस लड़ाई में उनका काफी साथ दिया है. उनका आगे भी समर्थन मिलता रहेगा. उन्होंने भरोसा जताया कि अब सीबीआई के अधिकारी इस मामले की सही तरीके से जांच करेंगे. दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की याचिका पर हाई कोर्ट ने यह फैसला सुनाया. अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को सिर्फ आरोपों के आधार पर आरोपी नहीं माना जा सकता. जांच अधिकारी को पहले उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत या ठोस सामग्री मिलनी चाहिए, तभी उसे आरोपी बनाया जा सकता है. कोर्ट ने सीबीआई को जांच के लिए एक अधिकारी नियुक्त करने, दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज करने और मामले में FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है. सतीश सालियान ने हाई कोर्ट का रुख किया था पिछले साल दिशा के पिता सतीश सालियान ने हाई कोर्ट का रुख किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई. सतीश ने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए पुलिस ने मामले से जुड़े अहम तथ्यों को दबाया. दिशा सालियान कौन थीं? दिशा सालियान मुंबई में काम करने वाली एक सेलिब्रिटी टैलेंट मैनेजर थीं. वह कई फिल्म और टीवी कलाकारों के साथ काम कर चुकी थीं. दिशा का नाम सबसे ज्यादा अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े मामले के बाद चर्चा में आया. वह सुशांत की मैनेजर थीं. The post क्या दिशा सालियान की मौत का खुलेगा राज? हाई कोर्ट ने CBI को सौंपी जांच appeared first on Naya Vichar.

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“बाप रे! सब कुछ बह गया…”, नेपाल बाढ़ त्रासदी से भटककर मुजफ्फरपुर पहुंची डरी-सहमी महिला

नेपाल त्रासदी आंखों-देखी: नेपाल में आयी भीषण आपदा के बीच एक स्त्री भटककर मंगलवार की रात मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा पहुंच गयी. डरी-सहमी स्त्री ने शुरुआती बातचीत में खुद को नेपाल के मोरंग जिले की रहने वाली बताया है. वह इस कदर सदमे में है कि ठीक से अपनी बात नहीं बता पा रही है. रोते हुए उसने टूटी-फूटी भाषा में कहा कि आपदा में उसका सब कुछ तबाह हो गया और बह गया. स्थानीय लोगों ने दी पुलिस को सूचना मंगलवार रात मिठनपुरा इलाके में स्त्री को अकेले और परेशान हालत में देखकर स्थानीय लोगों ने उससे जानकारी लेने की कोशिश की. स्त्री की स्थिति देखकर लोगों ने सुरक्षा के लिहाज से उसे मिठनपुरा पुलिस के हवाले कर दिया. उसके कपड़े भी इस बात की गवाही दे रहे थे कि वह काफी परेशानी और बदहवासी की हालत में है. पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्त्री से सही तरीके से संवाद करने की है. वह मानसिक रूप से काफी परेशान नजर आ रही है. इसके अलावा भाषा का अंतर होने के कारण वह जो कुछ बता रही है, उसकी पूरी जानकारी पुलिस तक नहीं पहुंच पा रही है. नेपाली भाषा जानने वाले व्यक्ति की तलाश मिठनपुरा थानेदार अजय कुमार ने बताया कि स्त्री से बातचीत कर पूरी जानकारी जुटाने के लिए नेपाली भाषा समझने वाले व्यक्ति की तलाश की जा रही है. पुलिस चाहती है कि किसी नेपाली भाषा के जानकार की मौजूदगी में स्त्री से विस्तार से बातचीत की जाए, ताकि उसके मुजफ्फरपुर पहुंचने की पूरी कहानी सामने आ सके. थानेदार के अनुसार, बातचीत के बाद यह भी पता चल सकेगा कि स्त्री नेपाल से किस तरह यहां तक पहुंची और उसके परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति क्या है. फिलहाल पुलिस की निगरानी में स्त्री पुलिस ने स्त्री को फिलहाल मिठनपुरा थाने में सुरक्षित रखा है. थानेदार ने कहा कि स्त्री की स्थिति को देखते हुए उसके साथ पूरी संवेदनशीलता बरती जा रही है. उसकी हर संभव मदद की जाएगी. पुलिस अब स्त्री की पहचान और उसके परिजनों से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी है. नेपाली भाषा जानने वाले व्यक्ति से बातचीत होने के बाद मामले में आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है. फिलहाल स्त्री के बयानों और उसकी स्थिति से नेपाल में आयी आपदा के बाद उसके बेहद परेशान होकर यहां तक पहुंचने की आशंका जतायी जा रही है. यह भी पढे़ं: मुजफ्फरपुर में आज कई इलाकों में बिजली कटौती, जानें आपके मोहल्ले में कब बंद रहेगी बिजली The post “बाप रे! सब कुछ बह गया…”, नेपाल बाढ़ त्रासदी से भटककर मुजफ्फरपुर पहुंची डरी-सहमी स्त्री appeared first on Naya Vichar.

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“मैंने पद्मावती को कायर नहीं कहा…” ‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर ट्रोलिंग के बीच Swara Bhasker ने वीडियो जारी कर तोड़ी चुप्पी

Swara Bhasker on Padmavaat Jauhar Scene Clarification Viral Video: एक्ट्रेस स्वरा भास्कर इन दिनों अपने बयान को लेकर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहीं हैं. उन्होंने संजय लीला भंसाली की  फिल्म ‘पद्मावत’ में दिखाए गए जौहर के सीन को लेकर अपनी राय रखी है, जिसके बाद से उन्हें ट्रॉल्लिंग का सामना करना पड़ रहा है. अब एक्ट्रेस ने एक वीडियो जारी करते हुए सफाई दी हैं. Swara Bhasker on Padmavat Video: क्या था वीडियो में  स्वरा भास्कर जो अपने बयानों से जानी जाती है  ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके एक पुराने वीडियो क्लिप को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. उनके मुताबिक, उनके बयान का गलत अनुवाद करके यह दावा किया जा रहा है कि उन्होंने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली स्त्रीओं को कायर कहा था. अभिनेत्री ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया. View on Instagram स्वरा ने कहा कि उन्होंने कभी रानी पद्मावती या जौहर करने वाली स्त्रीओं के साहस पर सवाल नहीं उठाया. उनकी आपत्ति फिल्म में जौहर को दिखाने के तरीके से थी. वह इस बात पर सवाल उठा रही थीं कि फिल्म में यौन हिंसा के डर के सामने स्त्रीओं के लिए आत्महत्या को किस तरह एक विकल्प के तौर पर दिखाया गया है. I Never Said Coward to Rani Padmavati – Swara: मैंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा’ अपने वीडियो में स्वरा ने कहा कि उन्होंने अंग्रेजी में अपनी बात रखी थी, लेकिन अब उनके शब्दों का गलत अनुवाद किया जा रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उनका पूरा मूल वीडियो देखें. अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो रानी पद्मावती को कायर कहा और न ही महल की उन स्त्रीओं को, जिन्होंने जौहर किया था. उन्होंने कहा कि अगर किसी को किसी भाषा में कही गई बात समझ नहीं आती है, तो उसे पहले उसका सही अर्थ जानना चाहिए, न कि गलत जानकारी फैलानी चाहिए. What Swara Bhasker Said on Jauhar Scene: जौहर सीन पर क्या बोली थीं स्वरा? विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक कार्यक्रम में स्वरा से संजय लीला भंसाली को लिखे उनके खुले पत्र के बारे में पूछा गया. यह पत्र उन्होंने फिल्म ‘पद्मावत’ में दिखाए गए जौहर के दृश्य को लेकर लिखा था. स्वरा भास्कर, फोटो इंस्टाग्राम स्वरा ने बताया कि फिल्म के क्लाइमेक्स में जब बड़ी संख्या में स्त्रीएं जौहर करती दिखाई गईं, तो उन्हें यह दृश्य परेशान करने वाला लगा. उन्होंने कहा कि उन्हें उस समय यह विचार आया कि अगर कोई स्त्री रेप की शिकार हो जाए और वह जीवित रहने का फैसला करे, तो क्या उसे अपनी जिंदगी बचाने के लिए खुद को दोषी या कायर महसूस करना चाहिए? Aapko angrezi nahi samajh aati toh AI translation ka Sahara lein this headline is entirely inaccurate No where have I called Padmaavat or Padmaavati a coward- thats not my critique at all. https://t.co/v8Xcy3M2dR — Swara Bhasker (@ReallySwara) September 1, 2026 “> उन्होंने खास तौर पर उस दृश्य का भी जिक्र किया, जिसमें एक गर्भवती स्त्री जौहर करती दिखाई देती है. स्वरा ने कहा कि इस सीन ने उन्हें काफी गुस्सा दिलाया था. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी स्त्री को रेप के डर से उसकी जिंदगी को खत्म करना सही संदेश है. Swara Bhasker Wrote Letter to Sanjay Leela Bhansali After 5 Days: पांच दिन बाद लिखा था खुला पत्र स्वरा ने यह भी बताया कि ‘पद्मावत’ देखने के तुरंत बाद उन्होंने संजय लीला भंसाली को पत्र नहीं लिखा था. उन्होंने करीब पांच दिन इंतजार किया ताकि यह समझ सकें कि फिल्म को लेकर उनकी आपत्तियां सिर्फ उस समय की भावनात्मक प्रतिक्रिया थीं या वास्तव में उनकी सोच बनी हुई है. इसके बाद उन्होंने भंसाली को खुला पत्र लिखा. अपने सोशल मीडिया पोस्ट में स्वरा ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि रेप सर्वाइवर्स को घटना के बाद भी अपनी जिंदगी जीने का पूरा अधिकार है. अभिनेत्री ने इस बात पर हैरानी जताई कि इस विचार से भी कई लोग नाराज हो रहे हैं. स्वरा ने दिल्ली में हुए रीसेंट रेप को लेकर और निर्भया कांड को लेकर भी अपने वीडियो में  बोला है  Swara Bhasker Work: स्वरा भास्कर वर्क  स्वरा भास्कर को आखिरी बार टीवी शो ‘पति, पत्नी और पंगा’ में देखा गया था. फिल्मों की बात करें तो उनकी पिछली फिल्म ‘जहां चार यार’ 2022 में रिलीज हुई थी. यह भी पढ़ें: जौहर’ पर स्वरा भास्कर का पुराना सवाल फिर वायरल, यूजर्स ने लगा दी क्लास- ‘History को अपनी theory मत बनाइए’ The post “मैंने पद्मावती को कायर नहीं कहा…” ‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर ट्रोलिंग के बीच Swara Bhasker ने वीडियो जारी कर तोड़ी चुप्पी appeared first on Naya Vichar.

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Pakistan Fielding Coach Vacancy: खराब फील्डिंग से परेशान PCB ने निकाली नई वैकेंसी, LinkedIn पर खोज रहा कोच; ये हैं शर्तें

Pakistan Fielding Coach Vacancy: पाकिस्तान क्रिकेट टीम की खराब फील्डिंग एक बार फिर चर्चा में है. अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इस कमजोरी को दूर करने के लिए नए फील्डिंग कोच की तलाश शुरू कर दी है. दिलचस्प बात यह है कि PCB ने इसके लिए LinkedIn पर बाकायदा नौकरी का विज्ञापन पोस्ट किया है. क्रिकेट बोर्ड का यह अंदाज देखकर कई लोग हैरान भी हैं. शेन मैकडरमॉट के जाने के बाद खाली पड़ा पद ऑस्ट्रेलिया के शेन मैकडरमॉट पिछले महीने पाकिस्तान टीम के फील्डिंग कोच का पद छोड़ चुके हैं. उनके इस्तीफे की वजह सामने नहीं आई थी. PCB ने भी इस मामले में कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया. मैकडरमॉट के जाने के बाद अब बोर्ड नए फील्डिंग कोच की तलाश में जुट गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, मैकडरमॉट अब अफगानिस्तान टीम के साथ काम कर रहे हैं. इसे भी पढ़े- Abhishek Sharma girlfriend Laila Faisal: कौन है अभिषेक शर्मा की GF ? लैला फैसल के साथ फोटो वायरल PCB को आखिर क्यों पड़ी नए फील्डिंग कोच की जरूरत? पाकिस्तान टीम की फील्डिंग लंबे समय से उसकी कमजोर कड़ियों में गिनी जाती रही है. कई बड़े मुकाबलों में कैच छूटने और खराब फील्डिंग का टीम को नुकसान उठाना पड़ा है. टी20 वर्ल्ड कप 2021 का सेमीफाइनल आज भी इसका बड़ा उदाहरण माना जाता है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में हसन अली ने मैथ्यू वेड का अहम कैच छोड़ दिया था. इसके बाद वेड ने शाहीन अफरीदी की गेंदों पर लगातार तीन छक्के लगाकर मैच ऑस्ट्रेलिया की झोली में डाल दिया था. सिर्फ कैच पकड़ना नहीं सिखाएगा नया कोच पीसीबी को ऐसा फील्डिंग कोच चाहिए जो खिलाड़ियों को सिर्फ कैचिंग और ग्राउंड फील्डिंग की ट्रेनिंग न दे, बल्कि मैच की परिस्थितियों को समझकर काम कर सके. उम्मीदवार को खिलाड़ियों की कमियों को पहचानने, उन्हें बेहतर बनाने और आधुनिक फील्डिंग तकनीकों की जानकारी होना जरूरी है. 5 साल का अनुभव और Level-2 सर्टिफिकेट जरूरी PCB ने इस पद के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी रखी हैं. उम्मीदवार के पास कम से कम 5 साल का अनुभव होना चाहिए. उसे किसी नेशनल टीम, फ्रेंचाइजी टीम या इंटरनेशनल खिलाड़ियों के साथ काम करने का अनुभव भी होना चाहिए. इसके अलावा Level-2 क्रिकेट कोचिंग सर्टिफिकेट अनिवार्य है. इसे भी पढ़े- Lamine Yamal Kerala: केरल में मिला लमिन यमाल का हमशक्ल, 15 साल के एलन जेम्स का वीडियो वायरल 9 सितंबर है आवेदन की आखिरी तारीख PCB ने नए फील्डिंग कोच के पद के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 9 सितंबर 2026 तय की है. अब देखना दिलचस्प होगा कि बोर्ड किसे पाकिस्तान टीम की फील्डिंग सुधारने की जिम्मेदारी देता है. पीसीबी की कोशिश होगी कि नया कोच खिलाड़ियों की फील्डिंग में सुधार के साथ-साथ टीम के प्रदर्शन में भी अहम योगदान दे. The post Pakistan Fielding Coach Vacancy: खराब फील्डिंग से परेशान PCB ने निकाली नई वैकेंसी, LinkedIn पर खोज रहा कोच; ये हैं शर्तें appeared first on Naya Vichar.

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