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राष्ट्रपति के ADC और ‘नेशनल क्रश’ मेजर ऋषभ सांब्याल ने ली Premature Retirement, फोटो हो रही है वायरल

Major Rishabh Singh Sambyal Retirement: मेजर ऋषभ सिंह साम्ब्याल को आपने किसी रील या सोशल मीडिया पोस्ट में देखा होगा. महीनों तक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) के साथ ऑफिशियल कार्यक्रम, पब्लिक प्लेटफॉर्म और विदेश यात्रा के दौरान वे नजर आते रहे हैं. उनकी वर्दी, शांत पर्सनालिटी और फिटनेस ने सोशल मीडिया के लोगों को अपना दीवाना बना दिया. बीते कुछ महीने से वे इंटरनेट सेंशन और नेशलन क्रश बन चुके हैं.  ऋषभ साम्ब्याल द्रौपदी मुर्मू के एडीसी (Aide-de-Camp) के पद पर थे. उन्होंने अपने पद (President Body Guard Retirement) से इस्तीफा दे दिया है. पद छोड़ने के बाद 21 अगस्त को ऋषभ साम्ब्याल ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात की. इस मुलाकात की तस्वीरें वायरल हो रही हैं.  राष्ट्रपति से मुलाकात की तस्वीरें हुई वायरल मेजर ऋषभ सिंह साम्ब्याल ने करीब 12 साल की सैन्य सेवा के बाद समय से पहले रिटायरमेंट ले लिया. पद छोड़ने के बाद पूर्व ADC ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उनके मार्गदर्शन व आशीर्वाद के लिए आभार जताया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ मेजर ऋषभ सिंह साम्ब्याल (PC-इंस्टाग्राम) उन्होंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर कीं. पोस्ट में उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति के आशीर्वाद और सीख ने उन्हें जीवन में एक बेहतर इंसान बनने में मदद की. उन्होंने दोबारा राष्ट्रपति के परिवार से मिलकर खुशी भी जाहिर की. NDA से हिंदुस्तानीय सेना तक का सफर सोशल मीडिया पर नेशनल क्रश बने मेजर ऋषभ सिंह का सैन्य करियर काफी शानदार रहा है. लिंक्डइन से मिली जानकारी के अनुसार, मेजर ऋषभ सिंह ने जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है. इसके बाद उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी से पढ़ाई की. फिर इंडियन मिलिट्री एकेडमी से पढ़ाई की.  2013 में NDA परीक्षा पास करने के बाद National Defence Academy ज्वाइन किया था. वह 2014 से शुरू हुए 133वें NDA कोर्स का हिस्सा रहे. उनकी प्रोफाइल में Indian Military Academy में पढ़ाई का भी उल्लेख है, जहां उन्होंने Military Studies और Defence Management की पढ़ाई की. उनके शुरुआती सैन्य करियर की एक खास उपलब्धि Republic Day Parade से जुड़ी रही. 2021 में तत्कालीन कैप्टन साम्ब्याल ने गणतंत्र दिवस परेड में Jat Regiment की टुकड़ी का नेतृत्व किया था. इस टुकड़ी ने Best Marching Contingent Trophy भी जीती थी. इस उपलब्धि ने राष्ट्रपति भवन से जुड़ने से पहले ही उनके सैन्य करियर को पहचान दिलाई. इसके बाद उन्होंने एलीट 4 Para Special Forces में भी सेवा दी, जिसे आमतौर पर ‘Daggers’ के नाम से जाना जाता है.  राष्ट्रपति के ADC बनने के बाद बढ़ी पहचान मेजर साम्ब्याल के करियर में बड़ा बदलाव तब आया, जब उनका चयन राष्ट्रपति के Aide-de-Camp के रूप में हुआ. राष्ट्रपति के ADC की भूमिका में केवल वे राष्ट्रपति की सुरक्षा ही नहीं करते हैं बल्कि इस पद के तहत उन्हें प्रोटोकॉल, सिक्योरिटी रूल्स फॉलो करने पड़ते हैं.  कैसे सोशल मीडिया पर वायरल हुए मेजर साम्ब्याल? मेजर साम्ब्याल की लोकप्रियता किसी सैन्य उपलब्धि की वजह से नहीं, बल्कि राष्ट्रपति के साथ उनकी लगातार सार्वजनिक मौजूदगी के कारण सोशल मीडिया पर बढ़ी. राष्ट्रपति मुर्मू के साथ राष्ट्रीय कार्यक्रमों और सार्वजनिक समारोहों में उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने लगे. लोग उनके शांत स्वभाव, अनुशासित सैन्य व्यक्तित्व और आधिकारिक जिम्मेदारियों को निभाने के अंदाज पर ध्यान देने लगे. समय से पहले रिटायरमेंट लिया  एक बार फिर समय से पहले रिटायरमेंट लेने को लेकर मेजर ऋषभ सिंह साम्ब्याल चर्चा में आए हैं. 12 साल के करियर के बाद अब जब उन्हें पहचान मिलने लगी है तो नई उपलब्धियां उनके रास्ते आ सकती थीं. लेकिन उन्हेंने Premature रिटायरमेंट यानी कि समय से पहले रिटायरमेंट ले लिया. हालांकि, इसके पीछे क्या वजह है इसकी पुष्टि नहीं की गई है. ये भी पढ़ें: 13 साल की ड्यूटी के बाद IAS दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा, X पर किया भावुक कर देने वाला पोस्ट The post राष्ट्रपति के ADC और ‘नेशनल क्रश’ मेजर ऋषभ सांब्याल ने ली Premature Retirement, फोटो हो रही है वायरल appeared first on Naya Vichar.

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Redmi 17 5G आ रहा भारत, ग्लोबल मॉडल से भी बड़ी मिलेगी बैटरी, जानें लॉन्च डेट और फीचर्स

Redmi 17 5G को अगस्त की शुरुआत में चुनिंदा ग्लोबल मार्केट्स में लॉन्च किया गया था. अब Xiaomi के इस सब-ब्रांड ने कन्फर्म कर दिया है कि यह स्मार्टफोन सितंबर के पहले हफ्ते में हिंदुस्तान में दस्तक देगा. कंपनी ने फोन के लिए एक डेडिकेटेड माइक्रोसाइट भी लाइव कर दी है, जहां इसके डिजाइन, कलर ऑप्शंस और कई खास फीचर्स की डिटेल्स सामने आ गई है. खास बात यह है कि हिंदुस्तान में आने वाला Redmi 17 5G ग्लोबल वेरिएंट के मुकाबले बड़ी बैटरी के साथ लॉन्च होगा. कब लॉन्च होगा Redmi 17 5G? Redmi 17 5G का एक डेडिकेटेड माइक्रोसाइट लाइव हो गया है, जिससे हिंदुस्तान में इसकी लॉन्च डेट कन्फर्म हो गई है. Redmi 17 5G को हिंदुस्तान में 3 सितंबर को लॉन्च किया जाएगा. खास बात यह है कि लॉन्च के बाद फोन को Amazon के जरिए खरीदा जा सकेगा. माइक्रोसाइट के मुताबिक, हिंदुस्तानीय बाजार में Redmi 17 5G तीन कलर ऑप्शन, Absolutely Black, Endless Blue और Eternal Orange में आएगा. डिजाइन की बात करें तो हिंदुस्तान में लॉन्च होने वाला वेरिएंट ग्लोबल मॉडल जैसा ही दिखेगा. ये भी पढ़ें: बजट में चाहिए मजबूत फोन? Tecno ने लॉन्च किया Spark Go 3 Pro, मिलती है IP69 रेटिंग और 120Hz स्क्रीन Redmi 17 5G के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स की बात करें तो Redmi 17 5G में Qualcomm का ऑक्टा-कोर Snapdragon 4 Gen 5 चिपसेट मिलने वाला है. फोन की सबसे खास खूबियों में से एक इसकी बड़ी 7,900mAh बैटरी होगी. खास बात यह है कि हिंदुस्तानीय वेरिएंट में मिलने वाली यह बैटरी ग्लोबल मॉडल की 7,500mAh सेल से भी बड़ी है.  इसके अलावा, फोन में 45W वायर्ड फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा. वहीं, 22.5W वायर्ड रिवर्स चार्जिंग की मदद से यूजर्स जरूरत पड़ने पर दूसरे डिवाइस को भी चार्ज कर सकेंगे. कैमरा की बात करें इसमें 50MP का मेन कैमरा दिया जाएगा, जबकि दूसरे कैमरे की डिटेल अभी सामने नहीं आई है. रियर पैनल पर LED फ्लैश भी देखने को मिलेगा. सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 8MP का फ्रंट कैमरा मिलेगा, जो डिस्प्ले के पंच-होल कटआउट में दिया जाएगा. इसके अलावा, Redmi 17 5G में 6.9 इंच का फ्लैट डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz तक के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा. फोन से जुड़ी बाकी जानकारी 2 सितंबर को सामने आएगी. Redmi 17 5G ग्लोबल मॉडल की कीमत आपको बता दें कि Redmi 17 5G को चुनिंदा ग्लोबल मार्केट्स में 10 अगस्त को लॉन्च किया गया था. इसकी शुरुआती कीमत MYR 769 (लगभग 18,000 रुपये) रखी गई थी. यह कीमत फोन के बेस वेरिएंट की है, जिसमें 4GB RAM और 128GB स्टोरेज मिलती है. खास बात यह है कि हिंदुस्तानीय और ग्लोबल मॉडल के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स में कोई बड़ा अंतर नहीं है. दोनों फोन लगभग एक जैसे हैं, बस बैटरी कैपेसिटी के मामले में अंतर देखने को मिलता है. ये भी पढ़ें: iPhone 18 से लेकर Redmi के 10,000mAh बैटरी वाले फोन तक, सितंबर में आ रहे हैं एक से बढ़कर एक स्मार्टफोन The post Redmi 17 5G आ रहा हिंदुस्तान, ग्लोबल मॉडल से भी बड़ी मिलेगी बैटरी, जानें लॉन्च डेट और फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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ग्रेटर नोएडा से 47 KM तक चलती बस में नाबालिग के साथ गैंगरेप, ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार

UP Crime News: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 16 वर्षीय छात्रा के साथ चलती स्लीपर बस में गैंगरेप का मामला सामने आया है. आरोप है कि ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक जा रही बस में चालक और कंडक्टर ने नाबालिग के साथ वारदात को अंजाम दिया. घटना 4 अगस्त की बताई जा रही है. पीड़िता की शिकायत के बाद कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बस को भी जब्त कर लिया गया है. घर से नाराज होकर भाई के पास नोएडा आ रही थी छात्रा पुलिस के मुताबिक, पीड़िता मैनपुरी जिले के एक गांव की रहने वाली है और स्थानीय प्रशासनी इंटर कॉलेज में 11वीं की छात्रा है. छात्रा ने बताया कि 3 अगस्त को पढ़ाई को लेकर मां की डांट से वह नाराज हो गई थी. अगले दिन 4 अगस्त को वह घर से बिना बताए नोएडा सेक्टर-63 में रहने वाले अपने चचेरे भाई के पास जाने के लिए निकल गई. नोएडा पहुंचने के दौरान भारी बारिश और अंधेरे के कारण वह गलती से परी चौक पर उतर गई. खाली स्लीपर बस में बैठी, सेक्टर-63 जाने की बात कही गई पीड़िता के अनुसार, परी चौक पर उसे एक बस दिखाई दी. उसने बस को रुकवाकर कंडक्टर से सेक्टर-63 जाने के बारे में पूछा. आरोप है कि कंडक्टर ने उसे बताया कि बस उसी दिशा में जा रही है, जिसके बाद वह बस में सवार हो गई. छात्रा ने पुलिस को बताया कि बस के अंदर कोई अन्य यात्री मौजूद नहीं था. आरोप के मुताबिक, बस चलने के कुछ देर बाद कंडक्टर ने उसके साथ अश्लील हरकत शुरू कर दी और बाद में चालक भी इस वारदात में शामिल हो गया. 47 किलोमीटर तक चलती रही बस, पर्दों के कारण अंदर नहीं दिखा दृश्य जांच में सामने आया है कि बस परी चौक से कश्मीरी गेट तक करीब 47 किलोमीटर चली. बस स्लीपर होने और उसकी सीटों पर पर्दे लगे होने के कारण बाहर से अंदर का दृश्य स्पष्ट नहीं दिखाई देता था. पुलिस के अनुसार, आरोपी बस की मरम्मत के बाद खाली बस लेकर तिमारपुर की ओर जा रहे थे. पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने घटना से जुड़े स्थानों और बस के रूट की जांच शुरू कर दी है. जब्त की गई बस को फॉरेंसिक जांच के लिए भी भेजा गया है. कश्मीरी गेट के पास उतारकर फरार हुए आरोपी, पार्किंग से गिरफ्तार पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई. देर रात दिल्ली पहुंचने के बाद आरोपियों ने उसे कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास रिंग रोड पर उतार दिया और वहां से फरार हो गए. घबराई छात्रा ने बाद में कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी. पुलिस ने पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया और आरोपियों की तलाश शुरू की. दोनों आरोपियों को तिमारपुर इलाके की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार किया गया. मामले में आगे की जांच जारी है. यह भी देखें: राम मंदिर के नाम मिला 4 करोड़ का चेक, बैंक पहुंचते ही सामने आया ऐसा राज कि हर कोई रह गया हैरान, बैंक भेजेगा नोटिस The post ग्रेटर नोएडा से 47 KM तक चलती बस में नाबालिग के साथ गैंगरेप, ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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सड़क नहीं तो एंबुलेंस कैसे आए; गुमला में गर्भवती को गेंड़ुआ भार पर ढोकर 2 KM ले गए परिजन, 80 साल बाद भी भगवान भरोसे गांव

जगरनाथ पासवान की रिपोर्ट गुमला. यह तस्वीर अबुआ प्रशासन के अबुआ राज और जिला प्रशासन के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच के दावे पर सवाल खड़े कर रही है. तस्वीर रायडीह प्रखंड के कोब्जा पंचायत के बेंदवाकोना गांव की है, जहां सड़क नहीं होने के कारण गर्भवती स्त्री को गेंड़ुआ भार में ढोकर करीब दो किमी पैदल मेन रोड तक ले जाना पड़ा. एंबुलेंस नहीं पहुंची, निजी वाहन से अस्पताल ले गये गेंड़ुआ भार में ले जायी जा रही स्त्री गणेश सिंह की पत्नी बृंदावती देवी (24) हैं. सड़क नहीं होने के कारण गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती है. ऐसे में परिवार के लोग बृंदावती देवी को गेंड़ुआ भार में ढोकर करीब दो किमी पैदल मेन रोड तक पहुंचे. इसके बाद निजी वाहन किराये पर लेकर उन्हें सदर अस्पताल गुमला ले जाया गया. सड़क, पानी और बिजली से वंचित गांव ग्रामीणों के अनुसार, आजादी के 80 साल बाद भी बेंदवाकोना गांव में सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं. गांव के ब्रजनाथ सिंह ने बताया कि सड़क नहीं होने से विकास पूरी तरह ठप है. बीमार पड़ने पर कोई वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाता है. ये भी पढ़ें: गुमला : अनियंत्रित होकर सड़क पर गिरी बाइक, दो युवक घायल डाड़ी-चुआं के पानी पर निर्भर उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को पीने के लिए डाड़ी-चुआं के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है. गर्मी के दिनों में डाड़ी-चुआं सूख जाता है, जबकि बरसात में पानी गंदा हो जाता है. बिजली नहीं होने के कारण लोग आज भी ढिबरी युग में जीने को मजबूर हैं. शिशु ढिबरी की रोशनी में पढ़ाई करते हैं. ये भी पढ़ें: गुमला : शिशु मंदिर गेट के पीछे सड़क बनी तालाब, जलजमाव से लोग परेशान कई बार गुहार, फिर भी नहीं हुई सुनवाई ब्रजनाथ सिंह ने बताया कि सड़क, पानी और बिजली की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कई बार विधायक, सांसद और प्रशासन से गुहार लगायी, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है. वहीं, युवा समाजसेवी कमल किशोर पहान ने कहा कि यह क्षेत्र के गांवों का दुर्भाग्य है कि वे अब तक विकास से कोसों दूर हैं. प्रशासन और जनप्रतिनिधि समस्या सुनकर भी अनसुना कर देते हैं. उन्होंने प्रशासन से बेंदवाकोना तक करीब दो किमी मुख्य सड़क का जल्द निर्माण कराने, पेयजल के लिए जलमीनार लगाने और गांव में बिजली की सुविधा बहाल करने की मांग की है. The post सड़क नहीं तो एंबुलेंस कैसे आए; गुमला में गर्भवती को गेंड़ुआ भार पर ढोकर 2 KM ले गए परिजन, 80 साल बाद भी भगवान भरोसे गांव appeared first on Naya Vichar.

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Janmashtami 2026: बिहार-झारखंड में कब मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी? जानें सही तारीख और व्रत नियम

Janmashtami 2026 Date Bihar Jharkhand: कृष्ण जन्माष्टमी हर साल भाद्रपद यानी भोदो मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के भक्त व्रत रखकर मध्य रात्रि में उनकी पूजा-अर्चना करते हैं. मान्यता है कि जो भक्त विधि-विधान से इस व्रत को रखते हैं, उन्हें श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है. जन्माष्टमी तिथि को लेकर हर साल लोगों में असमंजस की स्थिति बनी रहती है. इस बार भी जन्माष्टमी की तिथि को लेकर लोगों में भ्रम है. इस साल बिहार-झारखंड में जन्माष्टमी कब मनाई जाएगी? ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार मिश्रा बता रहे हैं. बिहार-झारखंड में कब मनाई जाएगी जन्माष्टमी? ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार मिश्रा ने बताया कि इस साल बिहार और झारखंड दोनों राज्यों में शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी मनाई जाएगी. मिथिला पंचांग के अनुसार, इस साल रोहिणी नक्षत्र का संयोग अष्टमी तिथि के साथ ही बन रहा है. ऐसे में 4 सितंबर की मध्य रात्रि (12 बजे) में ही जयंती पूजन किया जाएगा. इस साल बिहार-झारखंड में जन्माष्टमी की पूजा और उत्सव एक ही दिन मनाया जाएगा. ये भी पढ़ें: Ganesh Utsav 2026: गणेश उत्सव में भगवान की पूजा में जरूरी हैं ये 7 नियम, जानें तारीख और मुहूर्त जन्माष्टमी 2026 व्रत-नियम जन्माष्टमी व्रत में अन्न का सेवन नहीं किया जाता है. भक्त अपनी क्षमता के अनुसार, निर्जला या फलाहार करके व्रत रख सकते हैं. व्रत से ठीक एक दिन पहले लहसुन-प्याज आदि तामसिक पदार्थों से का सेवन छोड़ देना चाहिए. व्रत का पारण मध्यरात्रि की पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करके अगले दिन सुबह में किया जाता है. जन्माष्टमी की पूजा के से पहले पूजन स्थल को अच्छी तरह से साफ करना चाहिए. साथ ही साफ-सुथरे कपड़े पहनकर श्रीकृष्ण की पूजा शुरू करें. ये भी पढ़ें: Krishna Janmashtami 2026 Date: 4 या 5 सितंबर? जन्माष्टमी की सही तारीख को लेकर न हों कंफ्यूज! जानें मध्यरात्रि पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त पूजन के दौरान भगवान को शुद्ध और ताजे फूल का प्रयोग करें. श्रीकृष्ण की पूजा में तुलसी के पत्ते को अनिवार्य माना गया है. इसके साथ ही पूजन के दौरान मन को बिल्कुल शांत रखें. इसके अलावा पूरी निष्ठा के साथ भगवान की पूजा करें. मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण को झूला झुलाकर उनकी आरती करें. पूजन से जुड़ी यह परंपरा सदियों से चली आ रही है. The post Janmashtami 2026: बिहार-झारखंड में कब मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी? जानें सही तारीख और व्रत नियम appeared first on Naya Vichar.

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Vaibhav Suryavanshi Duleep Trophy 2026: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में बनाया रिकॉर्ड, 42 गेंद में जड़ा अर्धशतक

Vaibhav Suryavanshi Duleep Trophy 2026: वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी 2026 में एक और बड़ा कारनामा कर दिया है. ईस्ट जोन की ओर से स्पोर्ट्स रहे 15 साल के वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. इसके साथ ही उन्होंने दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. 42 गेंद में पूरा किया अर्धशतक सेंट्रल जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 266 रन बनाए थे. इसके जवाब में ईस्ट जोन के लिए वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन पारी की शुरुआत करने उतरे. वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया और तेजी से रन बटोरे. उन्होंने 42 गेंदों में अपना पचासा पूरा किया. इसे भी पढ़े- Babar Azam Lord’s Test Controversy: लॉर्ड्स टेस्ट रद्द होने की थी नौबत? बाबर आजम बोले- मुझे कुछ नहीं पता था वैभव सूर्यवंशी शतक से चूके शानदार फॉर्म में चल रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी शतक के नजदीक आकर आउट हो गए है. वैभव को 92 रनों के स्कोर पर हर्ष दूबे ने चलता किया है. इस दौरान वैभव ने 7 चौका और 7 छक्का लगाया है. 15 साल की उम्र में तोड़ा पुराना रिकॉर्ड वैभव ने अर्धशतक लगाते ही दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में 50 रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. वह इस उपलब्धि के समय 15 साल की उम्र में थे. इससे पहले यह रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम बताया जाता है, जिन्होंने 1969 में 16 साल की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था. पीयूष चावला ने भी 2005 में 16 साल की उम्र में इस टूर्नामेंट में पचासा लगाया था. पहले मैच में बल्ले से नहीं चला था कमाल वैभव के लिए टूर्नामेंट का पहला मैच बल्ले से अच्छा नहीं रहा था. नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ वह सिर्फ 8 रन बना सके थे. हालांकि गेंदबाजी में उन्होंने दो विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी. दूसरे मैच में उन्होंने बल्लेबाजी से इसकी भरपाई कर दी और एक बार फिर सुर्खियों में आ गए. 15 साल की उम्र में कप्तानी भी मिली वैभव के लिए यह मैच इसलिए भी खास रहा क्योंकि ईस्ट जोन के नियमित कप्तान ईशान किशन के चोटिल होने के बाद कुछ समय के लिए 15 वर्षीय वैभव ने टीम की कप्तानी संभाली. उन्होंने मैदान पर फैसले लेने के साथ एक सफल DRS भी लिया, जिससे आर्यन जुयाल का अहम विकेट मिला. ईशान के वापस मैदान पर आने के बाद उन्होंने दोबारा कप्तानी संभाल ली. इसे भी पढ़े- WTC Points Table India: इंग्लैंड की जीत से बदला समीकरण, हिंदुस्तान की रैंकिंग अब खतरे में? अब वैभव पर सबकी नजर वैभव सूर्यवंशी की उम्र भले ही सिर्फ 15 साल है, लेकिन बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन लगातार चर्चा में है. दलीप ट्रॉफी में यह अर्धशतक उनके फर्स्ट क्लास करियर का सिर्फ दूसरा अर्धशतक है. यही वजह है कि सेंट्रल जोन के खिलाफ उनकी यह पारी सिर्फ 50 रन तक सीमित नहीं है. कम उम्र में रिकॉर्ड, तेज अर्धशतक और कप्तानी की जिम्मेदारी, इन तीनों वजहों से वैभव एक बार फिर हिंदुस्तानीय क्रिकेट के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं. The post Vaibhav Suryavanshi Duleep Trophy 2026: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में बनाया रिकॉर्ड, 42 गेंद में जड़ा अर्धशतक appeared first on Naya Vichar.

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सितंबर शुरू होते ही निपटा लें टैक्स के ये 5 काम, मिस हुई डेडलाइन तो बढ़ेगी टेंशन

सितंबर 2026 टैक्सपेयर्स के लिए काफी अहम रहने वाला है. इस महीने TDS, TCS जमा करने से लेकर एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त और ऑडिट रिपोर्ट जमा करने तक कई जरूरी काम पूरे करने हैं. किसी भी डेडलाइन को मिस करने पर पेनल्टी या इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से जांच का सामना करना पड़ सकता है. अगर आप टैक्स से जुड़े काम खुद संभालते हैं या किसी बिजनेस, ट्रस्ट या संस्था से जुड़े हैं, तो सितंबर की ये तारीखें अभी से नोट कर लेना बेहतर रहेगा. सितंबर में कौन-कौन सी तारीखें हैं जरूरी? तारीख क्या करना है? किसके लिए जरूरी 7 सितंबर अगस्त 2026 का TDS/TCS जमा करना TDS/TCS जमा करने वाले टैक्सपेयर्स 14 सितंबर फॉर्म नंबर 132 जारी करना TDS काटने वाले टैक्सपेयर्स 15 सितंबर एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त जमा करना एडवांस टैक्स देने वाले टैक्सपेयर्स 15 सितंबर फॉर्म 1 और फॉर्म नंबर 137 से जुड़े काम संबंधित स्टॉक एक्सचेंज और प्रशासनी कार्यालय 30 सितंबर फॉर्म नंबर 141 और जरूरी ऑडिट रिपोर्ट जमा करना संबंधित टैक्सपेयर्स, ट्रस्ट और संस्थाएं 7 सितंबर को कौन सा काम निपटाना है? 7 सितंबर सबसे पहली अहम डेडलाइन है. इस दिन तक अगस्त 2026 में काटा या जमा किया गया TDS और TCS केंद्र प्रशासन के पास जमा करना होगा. प्रशासनी अथॉरिटी की ओर से कलेक्ट किया गया TDS/TCS भी इसी दिन बिना इनकम टैक्स चालान के केंद्र प्रशासन के पास जमा करना होगा. इसके अलावा अगस्त में खरीदारों से मिले फॉर्म नंबर 127 के डिक्लेरेशन को भी इसी तारीख तक अपलोड करना है. 14 और 15 सितंबर को क्या करना होगा? 14 सितंबर तक जुलाई 2026 में काटे गए TDS से जुड़ा फॉर्म नंबर 132 जारी करना होगा. इसके बाद 15 सितंबर की डेडलाइन और भी अहम है. इस दिन टैक्स ईयर 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त जमा करनी होगी. साथ ही इनकम टैक्स रूल्स, 2026 के तहत अगस्त 2026 का फॉर्म 1 भी जमा करना है. यह स्टेटमेंट स्टॉक एक्सचेंज की ओर से उन ट्रांजैक्शन के लिए जारी किया जाता है, जिनमें सिस्टम में रजिस्टर्ड होने के बाद क्लाइंट कोड बदले गए हों. प्रशासनी कार्यालयों को भी 15 सितंबर तक फॉर्म नंबर 137 जमा करना है, जहां अगस्त का TDS/TCS बिना चालान के जमा किया गया है. 30 सितंबर को किन लोगों को संभलना होगा? 30 सितंबर को भी कई जरूरी काम पूरे करने हैं. अगस्त 2026 में सेक्शन 393(1) के तहत काटे गए टैक्स के लिए फॉर्म नंबर 141 में चालान-कम-स्टेटमेंट जमा करना होगा. इसके अलावा असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए सेक्शन 44AB के तहत ऑडिट रिपोर्ट की भी डेडलाइन है. यह उन कॉरपोरेट और नॉन-कॉरपोरेट असेसी के लिए लागू है, जिनकी इनकम टैक्स रिटर्न जमा करने की तारीख 31 अक्टूबर 2026 है. ट्रस्ट, फंड, अस्पताल, यूनिवर्सिटी और एजुकेशनल या मेडिकल संस्थानों को भी जरूरत के मुताबिक फॉर्म 10B या फॉर्म 10BB में ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होगी. ये भी पढ़ें: 8th Pay Commission: आज खत्म होगी 20 कंसल्टेंट पदों की भर्ती, ₹1.8 लाख तक सैलरी, जानें कौन कर सकता है अप्लाई The post सितंबर शुरू होते ही निपटा लें टैक्स के ये 5 काम, मिस हुई डेडलाइन तो बढ़ेगी टेंशन appeared first on Naya Vichar.

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Nepal Flood: बाढ़ में बहकर आए 250 शव, 100 को दफनाने पर भड़के हिंदू परिवार, कहा- सम्मान से हो अंतिम संस्कार

Nepal Flood : शवों को अस्थायी कब्रों में दफनाने के इस फैसले को लेकर सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि शवों को दफनाने के दौरान हिंदू धर्म की अंतिम संस्कार परंपराओं का पालन नहीं किया गया. इससे मृतकों के परिवारों में नाराजगी बढ़ गई है. नेपाल के दक्षिण-मध्य हिस्से में स्थित चितवन जिले में इस त्रासदी की भयावहता साफ दिखाई दे रही है. बुधवार (26 अगस्त) को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद करीब 250 शव पहचान का इंतजार कर रहे हैं, जबकि उन्हें अस्थायी रूप से दफनाने के लिए जल्दबाजी में गहरी खाइयां खोदी गई हैं. इस बाढ़ और भूस्खलन में नेपाल और तिब्बत में कम से कम 900 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और 3,000 से अधिक लोग लापता हैं. बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित इलाके से सैकड़ों किलोमीटर दूर चितवन में बरामद किए गए. ये शव भोटेकोशी नदी के तेज बहाव में बहकर पहुंचे थे. 100 शवों को अस्थायी रूप से दफनाया गया अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक टीमों पर बढ़ते दबाव के बीच शनिवार को करीब 100 शवों को अस्थायी रूप से दफनाया गया. शवों को लेकर गाड़ियों का एक काफिला घने और हरे-भरे जंगल वाले इलाके में पहुंचा. वहां एक खुदाई मशीन ने गहरी खाई खोदी. शवों की पहचान और उन्हें संभालने की प्रक्रिया देख रहे पुलिस निरीक्षक अनिल थापा ने बताया कि शवों को दफनाने से पहले सभी के डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं. इससे बाद में शवों की पहचान करने में मदद मिलेगी और परिवारों को अपने लापता परिजनों के बारे में जानकारी मिल सकेगी. ये भी पढ़ें: Nepal Flood : जिस तरह की झील से नेपाल में आई तबाही, वैसी ही 200 ग्लेशियर लेक हिंदुस्तानीय सीमा में, बना हुआ है जलप्रलय का खतरा पुलिस निरीक्षक अनिल थापा ने बताया कि अधिकारियों ने शवों के डीएनए सैंपल सुरक्षित रखे हैं. शवों के चेहरे और पहचान में मदद करने वाली दूसरी खास चीजों की तस्वीरें भी ली जा रही हैं. हर शव को एक अलग नंबर दिया गया है, ताकि बाद में परिवार उसकी पहचान कर शव ले सकें. उन्होंने बताया कि कई शव करीब चार दिनों तक बाढ़ के पानी में पड़े रहे थे. इसलिए उन्हें बाहर निकालने तक सड़ने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा है. शव तेजी से सड़ रहे हैं पूरे इलाके में कई मकान, वाहन और खेतों में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर अब भी कीचड़ में आधे दबे हुए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, जिले में फॉरेंसिक सुविधाओं की कमी और मुर्दाघरों में पर्याप्त जगह न होने से बड़ी संख्या में बरामद शवों को संभालने की चुनौती और बढ़ गई है. अधिक नमी और भीषण गर्मी के कारण शव तेजी से सड़ रहे हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शवों को खुले में ज्यादा समय तक रखने से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है. ये भी पढ़ें: नया विचार की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: नेपाल कांग्रेस के नेता ने नेपाल बाढ़ को बताया राष्ट्रीय संकट, चीन पर लगे आरोपों को किया खारिज अपने दो रिश्तेदारों के लापता होने के बाद उनकी तलाश कर रहीं रूबी चौधरी ने कहा कि परिवारों की सहमति के बिना शवों को दफन नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘मृतकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए. हमारी परंपरा है कि मृतक का अंतिम संस्कार नदी के किनारे उसके निकटतम परिजनों की मौजूदगी में किया जाता है.’’ लोगों का आरोप- शवों को दफनाने में जल्दबाजी की गई नेपाल में बाढ़ की तबाही के बाद शवों को दफनाए जाने को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि मृतकों को सम्मान के साथ अंतिम विदाई नहीं मिल पायी. लापता परिजनों की तलाश कर रहे परिवारों ने भी सवाल उठाया कि क्या अधिकारियों ने शवों को दफनाने में जल्दबाजी की. यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है, क्योंकि नेपाल में हिंदू आबादी बड़ी संख्या में है और यहां परंपरा के अनुसार मृतकों का अंतिम संस्कार आमतौर पर दाह संस्कार से किया जाता है. The post Nepal Flood: बाढ़ में बहकर आए 250 शव, 100 को दफनाने पर भड़के हिंदू परिवार, कहा- सम्मान से हो अंतिम संस्कार appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल में प्राकृतिक आपदा का असर : पूजा में घूमने की योजना रद्द कर रहे बंगाल के पर्यटक ट्रेन-विमान के टिकट कैंसल

नेपाल में भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के कारण मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. बड़ी संख्या में पर्यटकों के अब भी लापता होने की समाचार है. ऐसे में पूजा की छुट्टियों में नेपाल घूमने की योजना बना रहे कई पर्यटकों ने अपनी यात्रा रद्द करनी शुरू कर दी है. ट्रैवल एजेंसियों ने यात्रियों के लिए पहले ही ट्रेन और विमान के टिकट बुक कर लिये थे, लेकिन अब यात्रियों के दबाव के कारण उन्हें टिकट रद्द करने पड़ रहे हैं. बंगाल के लोगों का पसंदीदा पर्यटन स्थल रहा है नेपाल हर साल पूजा की छुट्टियों में बंगाल के लोग परिवार के साथ घूमने निकलते हैं. नेपाल शुरू से ही बंगाल के लोगों का पसंदीदा पर्यटन स्थल रहा है. इस बार भी पर्यटकों ने करीब दो महीने पहले ही विभिन्न ट्रैवल एजेंसियों के जरिये टिकट और होटल की बुकिंग करा ली थी. हालांकि, नेपाल में आयी प्राकृतिक आपदा के बाद पर्यटक अपनी यात्राएं रद्द कर रहे हैं. इससे ट्रैवल एजेंसियों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है. प्राकृतिक आपदा के बाद डर गये हैं पर्यटक : कल्लोल बेलूड़ की एक पर्यटन एजेंसी के मालिक कल्लोल पान ने बताया कि पूजा के दौरान 65 लोगों के एक दल को लेकर नेपाल जाने की योजना थी. यात्रा के लिए टिकट भी बुक किये जा चुके थे, लेकिन अब यह यात्रा रद्द कर दी गयी है. प्राकृतिक आपदा की तस्वीरें देखने के बाद पर्यटक डर गये हैं और अब नेपाल जाने के लिए तैयार नहीं हैं. उन्होंने बताया कि नेपाल की बजाय पर्यटकों को अंडमान, सिक्किम या भूटान ले जाने की योजना बनायी जा रही है. ये भी पढ़ें: शिक्षक दंपती और SAIL के पूर्व कर्मचारी समेत बंगाल के 32 तीर्थयात्री लापता, शुभेंदु और ममता बोले- सभी सकुशल लौटेंगे ट्रेन, विमान और होटल की बुकिंग हुई रद्द सलकिया की एक अन्य पर्यटन एजेंसी के मालिक अभिजीत मंडल ने बताया कि पूजा की छुट्टियों के दौरान नेपाल की 2 यात्रा की योजना थी. विमान और ट्रेन के टिकट बुक हो चुके थे. यहां तक कि होटलों को अग्रिम राशि भी दी जा चुकी थी, लेकिन पर्यटकों ने नेपाल यात्रा रद्द कर दी है. होटल प्रबंधन अग्रिम राशि कब तक लौटायेगा, यह बता पाना अभी संभव नहीं है. ये भी पढ़ें: नेपाल बाढ़ 2026: कैलाश मानसरोवर यात्रा का वीजा खारिज होना बंगाल की बुजुर्ग स्त्री के लिए बना वरदान अब नेपाल जाने का सवाल ही नहीं : मनोज बेलूड़ निवासी मनोज कुमार झा ने बताया कि इस वर्ष पूजा की छुट्टियां बिताने के लिए उन्होंने तैयारी शुरू की थी. मिथिला एक्सप्रेस से रक्सौल तक का टिकट भी बुक हो गया था, लेकिन अब नेपाल जाने का सवाल ही नहीं उठता है. The post नेपाल में प्राकृतिक आपदा का असर : पूजा में घूमने की योजना रद्द कर रहे बंगाल के पर्यटक ट्रेन-विमान के टिकट कैंसल appeared first on Naya Vichar.

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Digital Marketing vs Digital Analytics: इंडस्ट्री में किसकी डिमांड ज्यादा?

Digital Marketing vs Digital Analytics: आज के समय में जब हर बिजनेस ऑनलाइन हो रहा है, डिजिटल फील्ड में करियर बनाने के मौके तेजी से बढ़े हैं. छात्रों के बीच ‘डिजिटल मार्केटिंग’ और ‘डिजिटल एनालिटिक्स’ दो सबसे फेमस करियर ऑप्शन्स बनकर सामने आए हैं. हालांकि, किस फील्ड में ज्यादा स्कोप है और किसे चुनना सही रहेगा, इसको लेकर युवाओं में अक्सर कन्फ्यूजन रहता है. Digital Marketing vs Digital Analytics: मुख्य अंतर डिजिटल मार्केटिंग और डिजिटल एनालिटिक्स दोनों ही डिमांडिंग फील्ड्स हैं. जहां डिजिटल मार्केटिंग में क्रिएटिविटी, सोशल मीडिया और ब्रांड प्रमोशन पर फोकस रहता है, वहीं डिजिटल एनालिटिक्स में डेटा, कोडिंग और टेक्निकल एनालिसिस मुख्य है. मार्केटिंग में शुरुआती नौकरियां आसानी से मिल जाती हैं, जबकि एनालिटिक्स में शुरुआती सैलरी पैकेज और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ बेहतर मिलती है. तुलना का आधार डिजिटल मार्केटिंग डिजिटल एनालिटिक्स मुख्य काम ब्रांड प्रमोशन, लीड जनरेशन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट यूजर बिहेवियर, डेटा एनालिसिस और बिजनेस रिपोर्टिंग जरूरी स्किल्स कंटेंट राइटिंग, SEO, सोशल मीडिया ट्रेंड्स, क्रिएटिविटी SQL, Google Analytics, Python, मैथ और लॉजिक जॉब के अवसर एंट्री-लेवल पर अधिक नौकरियां और आसान एंट्री स्पेशलाइज्ड रोल्स और तेजी से बढ़ती टेक्निकल डिमांड शुरुआती सैलरी सामान्य से मध्यम डिजिटल मार्केटिंग की तुलना में अधिक शुरुआती पैकेज किसे चुनना चाहिए? जिनकी सोच क्रिएटिव है और कम्यूनिकेशन बेहतर है जिन्हें नंबर्स, डेटा और टेक्निकल टूल्स में रुचि है ये भी पढ़ें: रिम्स में MBBS नामांकन का दूसरा दिन, 180 सीटें बढ़कर हुईं 250 डिजिटल मार्केटिंग: क्रिएटिविटी का स्पोर्ट्स डिजिटल मार्केटिंग का मुख्य उद्देश्य ब्रांड की रीच बढ़ाना और नए ग्राहक जोड़ना है. अगर आपकी सोच क्रिएटिव है, कम्यूनिकेशन स्किल्स अच्छी हैं और आप कंटेंट या सोशल मीडिया ट्रेंड्स को जल्दी समझते हैं, तो यह फील्ड आपके लिए एकदम सही है. डिजिटल एनालिटिक्स: डेटा की ताकत डिजिटल एनालिटिक्स का काम वेबसाइट या ऐप के डेटा को समझकर बिजनेस फैसले लेना होता है. AI और बिग डेटा के दौर में कंपनियों के लिए डेटा एनालिस्ट की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है. अगर आपकी रुचि नंबरों, आंकड़ों और एनालिसिस में है, तो आपको इस फील्ड को प्राथमिकता देनी चाहिए. Digital Marketing vs Digital Analytics: इंडस्ट्री की मांग किस तरफ है? इंडस्ट्री ट्रेंड्स को देखें तो डिजिटल मार्केटिंग में नौकरियों की संख्या हमेशा ज्यादा रहती है, क्योंकि हर छोटे-बड़े बिजनेस को मार्केटर की जरूरत होती है. दूसरी तरफ, डिजिटल एनालिटिक्स एक स्पेशलाइज्ड फील्ड है, जहां शुरुआती सैलरी पैकेज और लॉन्ग-टर्म करियर ग्रोथ ज्यादा देखने को मिलती है. आज के दौर में इन दोनों का कॉम्बिनेशन यानी ‘डेटा-ड्रिवन मार्केटिंग’ जानने वालों की मार्केट में सबसे ज्यादा डिमांड है. ये भी पढ़ें: MPESB Exam Calendar 2026: मध्य प्रदेश में 18 हजार से अधिक पदों पर होगी भर्ती, देखें एग्जाम कैलेंडर The post Digital Marketing vs Digital Analytics: इंडस्ट्री में किसकी डिमांड ज्यादा? appeared first on Naya Vichar.

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