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ज्ञानेश कुमार को CEC से हटाने के लिए संसद में महाभियोग लाएगी कांग्रेस, जानिए प्रक्रिया

देश में निष्पक्ष चुनाव की जिम्मेदारी जिस चुनाव आयोग के कंधों पर है, उसकी निष्पक्षता सवालों के घेरे में है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर संदेह जताए जा रहे हैं. विपक्षी कांग्रेस ज्ञानेश कुमार के रोल पर सवाल उठाते हुए इसे देशद्रोह ठहरा रही है. वहीं, हालिया Gen-Z आंदोलन से सुर्खियों में आई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सीईसी को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग लिया है. ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केस चलाने की मांग जोर पकड़ रही है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस समेत विपक्षी दल सड़कों पर उतर आए हैं, प्रोटेस्ट कर रहे हैं. विपक्षी पार्टियां संसद के शीतकालीन सत्र में ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए महाभियोग लाने की तैयारी में हैं. वहीं, केंद्र की सत्ता पर काबिज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए की अगुवाई कर रही हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) खुलकर सीईसी के बचाव में उतर आई है. बंगाल बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने तो ज्ञानेश कुमार को पद्मश्री देने की मांग कर दी है. समझते हैं यह पूरा विवाद क्या है, ज्ञानेश कुमार पर विपक्षी दल क्या आरोप लगा रहे हैं. विपक्षी पार्टियां अगर महाभियोग प्रस्ताव लेकर आती हैं, दोनों सदनों में किस पक्ष की ताकत कितनी है? ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए हैं क्या आरोप? एक अंग्रेजी अखबार की एक रिपोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर, चुनाव आयोग के अंदर मतभेद और वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर विवाद का दावा किया गया है. रिपोर्ट में CEC पर मुख्य रूप से दो गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर आरोप है. इस प्रक्रिया में मतदाता सूची को दोबारा जांचा और अपडेट किया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए गए. दूसरा आरोप यह है कि दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता डेटा के केंद्रीकरण, नाम हटाने और कुछ मतदाताओं के नाम जोड़ने से जुड़े मामलों पर आपत्ति जताई थी. इसके लिए पिछले 10 महीनों में आयोग की प्रक्रियाओं और फैसलों को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां भी दर्ज कराई गई थीं, जिन्हें कथित तौर पर नजरअंदाज किया गया. मामले को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरी’, ‘संस्था चोरी’ और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए इसे ‘देशद्रोह’ (Treason) करार दिया है. हालांकि, चुनाव आयोग ने ये आरोप सिरे से नकार दिए हैं. चुनाव आयोग का दावा है कि फैसले सभी तीन आयुक्तों की सहमति से ही लिए गए. क्या मांग कर रहे हैं विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार पर लगे आरोप लेकर विपक्ष ने प्रशासन और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोला है. कांग्रेस और इंडिया गठबंधन में शामिल कई दलों के नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है. टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने 24 सितंबर को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दी. उन्होंने SIR और वोटर लिस्ट से जुड़े मामलों में कथित आपराधिक आचरण की जांच और एफआईआर की मांग की है. हालांकि, मुख्य चुनाव आयुक्त को इम्युनिटी मिली हुई है और सीईसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता. NDA के पक्ष में है नंबर गेम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्ष एक बार फिर संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है. कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष लोकसभा और राज्यसभा दोनों में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है. हालांकि यह उतना आसान भी नहीं है. क्योंकि इसमें सिर्फ NDA बनाम विपक्ष की संख्या देखना पर्याप्त नहीं होता है, हटाने के प्रस्ताव को दोनों सदनों में अलग-अलग बहुमत चाहिए होता है. इसलिए यह गणित काफी महत्वपूर्ण हो जाता है. 543 सदस्यों वाली लोकसभा में मौजूदा नेतृत्वक गणित के अनुसार एनडीए के पास 318 सांसद हैं, जबकि इंडिया गठबंधन के पास 184 सांसद हैं. बाकी सीटें अन्य दलों के पास हैं. राज्यसभा की 242 सीटों में एनडीए के पास कम से कम 152 सदस्य हैं, जबकि विपक्षी दलों के पास 63 सदस्य हैं. डीएमके, बीजेडी, वाईएसआरसीपी और बीआरएस जैसे दलों के कुल 22 सदस्य हैं, जिनका रुख अलग-अलग मुद्दों पर महत्वपूर्ण हो सकता है. ये भी पढ़ें: Explained: ज्ञानेश कुमार को हटाने की तैयारी में कांग्रेस! कैसे होती है CEC की नियुक्ति और हटाने का क्या है नियम? क्या इससे पहले किसी CEC को हटाया गया है? अब तक हिंदुस्तान में किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को इस प्रक्रिया के जरिए पद से नहीं हटाया गया है. CEC को हटाने की प्रक्रिया को हिंदुस्तानीय संविधान में बेहद मजबूत सुरक्षा दी गई है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्वाचन आयोग पर नेतृत्वक दबाव के कारण उसके प्रमुख को आसानी से हटाया न जा सके. हालांकि मार्च 2026 में विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में प्रस्ताव दिए थे. इन प्रस्तावों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे. लेकिन लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति ने इन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया. The post ज्ञानेश कुमार को CEC से हटाने के लिए संसद में महाभियोग लाएगी कांग्रेस, जानिए प्रक्रिया appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: EC पर सवाल उठे तो चिराग पासवान बोले- राहुल गांधी नहीं, जनता के सामने अपना पक्ष रखें CEC

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और अगर चुनाव प्रक्रिया पर ही लोगों के मन में संदेह पैदा होने लगे, तो यह चिंता की बात है. चिराग पासवान ने कहा कि आयोग को अपना पक्ष राहुल गांधी के सामने नहीं, बल्कि देश की जनता के सामने रखना चाहिए. ‘CEC की जिम्मेदारी है कि अपना पक्ष साफ करें’ चिराग पासवान ने कहा कि अगर चुनाव आयोग जैसे स्वतंत्र संवैधानिक संस्थान पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो मुख्य निर्वाचन आयुक्त की जिम्मेदारी है कि वे अपना पक्ष स्पष्ट तौर पर रखें. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में किसी तरह का संदेह नहीं रहना चाहिए. ‘राहुल गांधी नहीं, जनता के सामने जवाब दे EC’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह जवाब किसी एक नेता को देने के बजाय देश की जनता के सामने होना चाहिए. चिराग पासवान के मुताबिक, विपक्ष क्या कहता है, इससे ज्यादा जरूरी यह है कि लोगों के मन में चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई शंका न रहे. क्या है मामला? इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद का जिक्र किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तहत लिए गए कई अहम फैसलों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की. ये भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान, CJP ने तय की तारीख; दीपके ने मांगा इस्तीफा The post VIDEO: EC पर सवाल उठे तो चिराग पासवान बोले- राहुल गांधी नहीं, जनता के सामने अपना पक्ष रखें CEC appeared first on Naya Vichar.

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Kal Ka Rashifal 26 September 2026: कल मिथुन के अटके पैसे आएंगे वापस, वृश्चिक को संतान पक्ष से मिल सकती है चिंता

Kal Ka Rashifal 26 September 2026: कल 26 सितंबर 2026, शनिवार का दिन सभी राशियों के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आएगा. किसी को नौकरी-व्यापार में सफलता मिलेगी, तो किसी को धन और परिवार से जुड़ी खुशसमाचारी मिलेगी. जानें ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से कल का राशिफल मेष राशि का कल का राशिफल कल 26 सितंबर 2026, शनिवार का दिन को मेष राशि वालों को नौकरी और व्यापार में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. आज वर्कप्लेस में जरूरत से ज्यादा मेहनत करनी होगी, स्टूडेंट्स के लिए दिन अच्छा है, कहीं एजुकेशनल टूर पर जाने का मौका मिलेगा. वृषभ राशि का कल का राशिफल कल शनिवार 26 सितंबर 2026 के दिन वृषभ राशि के जातकों को संपत्ति से जुड़े विवादों से जूझना पड़ सकता है. आज किसी खास व्यक्ति के सहयोग से बिगड़ते काम बनेंगे. आज आर्थिक पक्ष अच्छा रहने वाला है. किसी भी डॉक्यूमेंट को बना पढ़े साइन ना करें. मिथुन राशि का कल का राशिफल कल 26 सितंबर 2026, शनिवार का दिन को मिथुन राशि वालों के लिए वर्कप्लेस पर में अच्छा वातावरण मिलेगा. आज ऑफिस से जुड़ी परेशानियां कम होंगी. आज लंबे समय से अटके पैसे वापस मिलने की संभावना है. परिवार के किसी सदस्य से मिलने वाला सहयोग भी आपके लिए उपयोगी रहेगा. कर्क राशि का कल का राशिफल कल मंगलवार 26 सितंबर का दिन कर्क राशि के जातकों की किसी पुरानी महत्वाकांक्षा को पूरी कर सकता है. परिवार में भी सकारात्मक वातावरण रहेगा. कोई बड़ा निर्णय लेने से पहले उसके सभी पहलुओं पर विचार जरूर करें. सिंह राशि का कल का राशिफल कल 26 सितंबर 2026 शनिवार का दिन कोई पुराना रुका काम पूरा हो सकता है. संतान की तरफ से शुभ समाचार मिल सकता है. आज परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा. वर्कप्लेस पर आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है कन्या राशि का कल का राशिफल कल शनिवार 26 सितंबर 2026 का दिन कन्या राशि वाले जातकों के लिए उन्नति के रास्ते को खोलेगा. आज किसी काम में आ रही रुकावट दूर होगी. आज आपको आर्थिक लाभ हो सकता है. घर-गृहस्थी में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा. परिवार के सदस्यों के बीच आपसी सहयोग बढ़ेगा. ये भी पढ़ें: Budh Nakshatra Parivartan: 1 अक्टूबर से शुरू होंगे इन 6 राशि वालों के अच्छे दिन, स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे बुध तुला राशि का कल का राशिफल कल शनिवार 26 सितंबर 2026 को तुला राशि के घर पर मांगलिक कार्य संपन्न होगा. आज दोस्तों और रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा. वर्कप्लेस पर नई जिम्मेवारी मिल सकती है. आज तरक्की के कोई अच्छा अवसर प्राप्त होगा. वृश्चिक राशि का कल का राशिफल कल शनिवार 26 सितंबर को वृश्चिक राशि के जातकों के जमीन जायदाद से जुड़ा मामला आगे बढ़ सकता है. आज संतान की तबीयत आपकी परेशानी का कारण बन सकती है. किसी भी संपत्ति संबंधी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ना उचित रहेगा. धनु राशि का कल का राशिफल आज शनिवार 26 सितंबर 2026 को धनु राशि के जातकों को कोई महत्वपूर्ण समाचार प्राप्त हो सकता है. आज रोधियों पर विजय मिलने के योग हैं और किसी पुराने विवाद में राहत मिल सकती है. अपने आसपास के लोगों की बातों पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देने के बजाय अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहना आपके लिए बेहतर रहेगा. मकर राशि का कल का राशिफल कल शनिवार 26 सितंबर 2026 का दिन मकर राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाएगा. आज आय के साधनों में भी सुधार होगा. परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा. घर के सदस्यों के साथ संबंध बेहतर होंगे और मानसिक तनाव कम हो सकता है. कुंभ राशि का कल का राशिफल कल शनिवार 26 सितंबर 2026 का दिन कुंभ राशि वालों की मुलाकात इष्ट मित्रों से करवाएगा. आपर भावनात्मक रुप से किसी से जुड़ सकते हैं. नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को नया अवसर मिल सकता है. कार्यक्षेत्र में अपनी योग्यता साबित करने का मौका मिलेगा. मीन राशि का कल का राशिफल कल शनिवार 26 सितंबर 2026 का दिन वर्कप्लेस पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है. लंबे समय से अटकी हुई रकम वापस मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक स्थिति में राहत मिलेगी. महत्वपूर्ण लोगों से संपर्क भविष्य में आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है. The post Kal Ka Rashifal 26 September 2026: कल मिथुन के अटके पैसे आएंगे वापस, वृश्चिक को संतान पक्ष से मिल सकती है चिंता appeared first on Naya Vichar.

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Pitru Paksha Mela 2026 : गयाजी के पितृपक्ष मेले का वीडियो बनाइए, ₹3 लाख पाइए, बिहार सरकार ने शुरू की खास प्रतियोगिता

Pitru Paksha Mela 2026 : बिहार पर्यटन विभाग ने गया जी में आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला 2026 को देश-दुनिया तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाने के लिए विशेष प्रतियोगिता शुरू की है. प्रतियोगिता का नाम “पितृपक्ष मेला: एक इन्फ्लुएंसर की नजर से” रखा गया है. इसके माध्यम से मेले की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी विशेषताओं को रचनात्मक वीडियो के जरिए प्रस्तुत करना होगा. कंटेंट क्रिएटर से आम लोग तक ले सकेंगे हिस्सा प्रतियोगिता में किसी एक सोशल मीडिया हैंडल पर 25,000 फॉलोअर्स वाले कंटेंट क्रिएटर, ब्लॉगर, ट्रैवल इन्फ्लुएंसर, फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर और रील मेकर हिस्सा ले सकते हैं. इसके अलावा आम लोगों को भी प्रतियोगिता में शामिल होने का मौका दिया गया है. पिंडदान और गया जी की विरासत को दिखाना होगा प्रतिभागियों को पितृपक्ष मेला 2026 की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध और गया जी के पर्यटन व विरासत स्थलों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करना होगा. फोटो, वीडियो, ब्लॉग, रील या निर्धारित अन्य डिजिटल प्रारूपों के माध्यम से अपनी प्रविष्टि दी जा सकती है. नई पीढ़ी तक पहुंचेगी गया जी की सांस्कृतिक विरासत पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि पितृपक्ष मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि गया जी की सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा, लोकाचार और विरासत से भी जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है. डिजिटल कंटेंट के माध्यम से इन परंपराओं को नई पीढ़ी और देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. 10 अक्टूबर तक चलेगा पितृपक्ष मेला गया जी में पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है. इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के गया जी पहुंचने की संभावना है. मेला धार्मिक आस्था के साथ बिहार की सांस्कृतिक परंपराओं और गया जी की ऐतिहासिक विरासत को जानने का अवसर भी प्रदान करता है. 11 अक्टूबर शाम 5 बजे तक जमा करनी होगी प्रविष्टि प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक प्रतिभागी 25 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 की शाम 5 बजे तक अपनी प्रविष्टि जमा कर सकते हैं. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. प्रतिभागियों को पंजीकरण और प्रतियोगिता से जुड़े नियम व शर्तों की जानकारी बिहार पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट पर मिलेगी. बिहार पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट मौलिक और रचनात्मक कंटेंट पर रहेगा जोर प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागियों को मूल और मौलिक कंटेंट तैयार करना होगा. इसमें पितृपक्ष की परंपरा, गया जी के धार्मिक स्थल, स्थानीय संस्कृति, लोगों, वातावरण और पर्यटन की संभावनाओं को नए डिजिटल नजरिये से प्रस्तुत किया जा सकता है. प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल मेले की तस्वीरें दिखाना नहीं, बल्कि इसके विभिन्न पहलुओं को रचनात्मक तरीके से सामने लाना है. 10 विजेताओं को मिलेंगे कुल ₹8.25 लाख बिहार पर्यटन विभाग की ओर से प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए कुल ₹8.25 लाख की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है. प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹3 लाख, द्वितीय पुरस्कार ₹2 लाख और तृतीय पुरस्कार ₹1 लाख दिया जाएगा. इसके अलावा दो प्रतिभागियों को ₹50,000 और पांच प्रतिभागियों को ₹25,000 का प्रशंसा पुरस्कार मिलेगा. एक प्रतिभागी को मिल सकता है ₹3 लाख का पुरस्कार प्रतियोगिता में कुल 10 प्रतिभागियों को पुरस्कार दिए जाएंगे. पुरस्कारों में प्रथम स्थान पाने वाले प्रतिभागी को ₹3 लाख की राशि मिलेगी. वहीं अन्य विजेताओं को निर्धारित श्रेणी के अनुसार पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे. ALSO READ : Pitru Paksha Mela 2026: आज अगस्त्य मुनि को पहला तर्पण, 27 सितंबर से पितरों के लिए श्राद्ध The post Pitru Paksha Mela 2026 : गयाजी के पितृपक्ष मेले का वीडियो बनाइए, ₹3 लाख पाइए, बिहार प्रशासन ने शुरू की खास प्रतियोगिता appeared first on Naya Vichar.

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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान, CJP ने तय की तारीख; दीपके ने मांगा इस्तीफा

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार 26 सितंबर तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 2 अक्टूबर से मुंबई से विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा. इसके बाद आंदोलन को देश के अलग-अलग शहरों तक ले जाने की बात कही गई है. दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन मुंबई से आंदोलन की शुरुआत होगी. उन्होंने लोगों से लोकतंत्र बचाने के संकल्प के साथ आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. 48 घंटे का अल्टीमेटम, इस्तीफा नहीं तो आंदोलन इससे पहले CJP ने गुरुवार को ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. पार्टी ने चेतावनी दी थी कि तय समय में इस्तीफा नहीं देने पर देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा और इसके बाद दिल्ली में ‘जंतर-मंतर 2.0’ के तहत अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा. CJP ने ‘इलेक्शन कमीशन ठीक करो’ अभियान भी शुरू किया है. पार्टी का कहना है कि यह अभियान विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर केंद्रित होगा. ये भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आएगा महाभियोग? प्रियंका गांधी की मांग – चले आपराधिक मुकदमा SIR को लेकर CJP ने उठाए सवाल CJP ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि कई राज्यों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची से हटाए गए हैं. पार्टी ने महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, दिल्ली और केरल के आंकड़ों का भी उल्लेख किया है. दीपके ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की हर कार्रवाई कानूनी और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि विपक्षी दलों को चुनाव में गड़बड़ी का भरोसा है, तो उन्हें चुनाव में हिस्सा लेने के बजाय अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए. CJP ने रखीं तीन मांगें CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा SIR से जुड़े फैसलों की स्वतंत्र जांच, SIR प्रक्रिया रोकने और पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग की है. पार्टी ने SIR से जुड़े रिकॉर्ड और फाइलों को सुप्रीम कोर्ट या स्वतंत्र न्यायिक निगरानी वाली जांच के हवाले करने की मांग भी रखी है. इसके साथ ही पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग की है. CJP ने निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी से SIR को लेकर दर्ज की गई उनकी आपत्तियों को सार्वजनिक करने की भी मांग की है. इन मांगों और आरोपों की पृष्ठभूमि में द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया था कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े मामलों पर 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं. युवाओं को लेकर भी लगाए आरोप CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने आरोप लगाया कि युवा मतदाताओं को सूची से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि युवाओं के पास बदलाव का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक माध्यम उनका मताधिकार है. पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी युवाओं, नागरिक समाज और नेतृत्वक दलों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की. उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई. The post CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान, CJP ने तय की तारीख; दीपके ने मांगा इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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UP Politics: शमी जहां से लड़ेंगे चुनाव, वहीं से मैदान में उतरेंगी हसीन जहां, बोलीं- सामने मुकाबला करूंगी

UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अमरोहा की सियासत में एक नया मोड़ सामने आया है. क्रिकेटर मोहम्मद शमी के संभावित चुनाव लड़ने की चर्चाओं के बीच उनकी पत्नी हसीन जहां ने भी चुनावी मैदान में उतरने की इच्छा जताई है. हसीन जहां ने कहा है कि शमी या उनके भाई हसीब जिस सीट से चुनाव लड़ेंगे, वह भी उसी सीट से उनके सामने चुनाव लड़ेंगी. शमी या हसीब, दोनों को दी चुनौती हसीन जहां ने फोन पर बातचीत में कहा कि अगर मोहम्मद शमी या उनके भाई हसीब चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो वह भी उसी जगह से चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी नेतृत्वक दल से उन्हें टिकट नहीं मिलता है, तो वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतर सकती हैं. हालांकि अभी उनके किसी नेतृत्वक दल में शामिल होने या किसी सीट से आधिकारिक प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा नहीं हुई है. शमी-जयंत की मुलाकात के बाद बढ़ी सियासी चर्चा दरअसल, 20 सितंबर को मोहम्मद शमी और राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष जयंत चौधरी की मुलाकात की तस्वीर सामने आई थी. इसके बाद शमी के 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज हुईं. शमी के साथ उनके भाई हसीब के नाम की भी संभावित दावेदार के तौर पर चर्चा हो रही है. हालांकि फिलहाल शमी या हसीब की उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. अमरोहा सदर सीट पर लंबे समय से सपा का कब्जा अमरोहा सदर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के महबूब अली 2002 से लगातार चुनाव जीतते रहे हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में महबूब अली को 1,28,735 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के राम सिंह को 57,699 वोट प्राप्त हुए थे. पुराने विवाद के बीच चुनावी बयान से फिर चर्चा में हसीन जहां मोहम्मद शमी और हसीन जहां लंबे समय से अलग रह रहे हैं. वर्ष 2018 में दोनों के बीच विवाद सार्वजनिक हुआ था और हसीन जहां ने शमी व उनके परिवार पर कई आरोप लगाए थे. इसके बाद दोनों के बीच कानूनी विवाद भी सामने आए. अब शमी के संभावित नेतृत्वक पदार्पण की चर्चाओं के बीच हसीन जहां के चुनाव लड़ने के बयान ने अमरोहा की नेतृत्व में एक नया घटनाक्रम जोड़ दिया है. यह भी पढ़ें: माता-पिता की मौत के बाद बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकेगी, बलिया में DM का बड़ा अभियान, पात्र बच्चों को मिलेगा 2500 रुपये महीना The post UP Politics: शमी जहां से लड़ेंगे चुनाव, वहीं से मैदान में उतरेंगी हसीन जहां, बोलीं- सामने मुकाबला करूंगी appeared first on Naya Vichar.

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जिस अमेरिका के दम पर उड़ता है पाकिस्तान, उसी ने दिखाई थी असली औकात! अब UNGA में फिर हुई फजीहत

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें वो आतंकवाद और लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद को लेकर पूछे गए सवाल को अंदेखा कर रहे हैं. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, शहबाज शरीफ ने दोनों सवालों का कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए. वीडियो को लेकर सोशल मीडिया यूजर अपनी प्रतिक्रिया साझा कर रहे. कई यूजर इसे पाकिस्तान की फजीहत बता रहे तो वहीं कुछ यूजर कहना है कि अमेरिका में पाकिस्तान की बेइज्जती नया नहीं है. पहले जानते हैं क्या है नया वीडियो ANI की 25 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, शहबाज शरीफ जब संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में प्रवेश कर रहे थे, तब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेगा.शहबाज ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया. इसके बाद संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से निकलते समय उनसे लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद पर मुकदमा चलाने को लेकर सवाल किया गया. इस सवाल पर भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया. हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में हिंदुस्तान लंबे समय से उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है. अमेरिका द्वारा पाकिस्तान की बेइज्जती का मामला क्या है दुनिया के सामने पाकिस्तान भले ही आज अमेरिका के करीब जाने की कोशिश करता नजर आ रहा हो, लेकिन दोनों देशों के रिश्तों का इतिहास उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. आतंकवाद से लेकर सुरक्षा सहायता और आर्थिक संकट तक, कई मौकों पर अमेरिका ने पाकिस्तान पर दबाव बनाया है. कुछ मामलों में पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असहज स्थिति का सामना भी करना पड़ा. 2011 में पाकिस्तान की जमीन पर हुआ ओसामा बिन लादेन ऑपरेशन 2 मई 2011 को अमेरिका ने पाकिस्तान के एबटाबाद में एक बेहद सीक्रेट सैन्य अभियान चलाया. इस अभियान में अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मार गिराया गया. अमेरिकी नेवी सील्स ने पाकिस्तान को पहले से जानकारी दिए बिना यह कार्रवाई की थी. सवाल इसलिए उठे क्योंकि बिन लादेन का ठिकाना एबटाबाद में पाकिस्तान सैन्य अकादमी के काफी करीब था. अमेरिकी टीम हेलीकॉप्टर से वहां पहुंची और अभियान पूरा करके वापस लौट गई. पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को इस कार्रवाई की पहले से जानकारी नहीं थी. 2018 में ट्रंप ने पाकिस्तान पर लगाए थे गंभीर आरोप जनवरी 2018 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को लेकर कड़ा बयान दिया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि अमेरिका ने पिछले 15 वर्षों में पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर से ज्यादा की सहायता दी, लेकिन बदले में उसे झूठ और धोखे के अलावा कुछ नहीं मिला. ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया था कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में अमेरिका जिन आतंकवादी संगठनों का पीछा कर रहा था, उन्हें सुरक्षित ठिकाने देता रहा. पाकिस्तान ने अमेरिकी आरोपों को खारिज किया था. अमेरिका ने सुरक्षा सहायता पर लगाई थी रोक 2018 में अमेरिकी प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सुरक्षा सहायता रोकने का ऐलान किया. अमेरिका का कहना था कि पाकिस्तान को अफगान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई करनी होगी. इस फैसले से दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया. पाकिस्तान के लिए यह आर्थिक और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ा झटका था. एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में रहा पाकिस्तान पाकिस्तान 2018 से 2022 तक वित्तीय कार्रवाई कार्यबल यानी FATF की ग्रे लिस्ट में रहा. इस दौरान उस पर आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े नियमों को मजबूत करने का दबाव रहा. हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि पाकिस्तान का ग्रे लिस्ट में रहना केवल अमेरिका के दबाव का नतीजा था. FATF में कई देशों की भूमिका होती है और फैसला सामूहिक प्रक्रिया के तहत लिया जाता है. हालांकि, अमेरिका सहित कई पश्चिमी देशों ने पाकिस्तान से आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की थी. इमरान खान से जुड़े विवाद ने भी खींचा ध्यान पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर भी अमेरिका में कई विवाद सामने आए हैं. उनकी पार्टी और अमेरिकी अधिकारियों से जुड़े बयानों के बीच समय-समय पर नेतृत्वक तनाव देखने को मिला है. हालांकि, इमरान खान से जुड़े वायरल दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. ये भी पढ़ें: सलाद-स्मूदी नहीं…ये है डोनाल्ड ट्रंप की हेल्दी डाइट, जानिए फीट रहने के लिए क्या खाते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति आज कैसा है अमेरिका -पाकिस्तान रिश्ता अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते सिर्फ टकराव पर आधारित नहीं रहे हैं. दोनों देशों ने सुरक्षा, आतंकवाद और क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग भी किया है. पाकिस्तान के लिए अमेरिका आर्थिक और कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है, जबकि अमेरिका के लिए दक्षिण एशिया में पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा संबंधी मुद्दे अहम रहे हैं. The post जिस अमेरिका के दम पर उड़ता है पाकिस्तान, उसी ने दिखाई थी असली औकात! अब UNGA में फिर हुई फजीहत appeared first on Naya Vichar.

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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, EC ऑफिस के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में शुक्रवार को कांग्रेस और हिंदुस्तानीय युवा कांग्रेस प्रदर्शन करने वाली है. प्रदर्शन को देखते हुए हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग के दफ्तर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस बल तैनात किया गया है. रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक विरोध मार्च करेगी यूथ कांग्रेस दिल्ली कांग्रेस के कार्यकर्ता आज चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे. वहीं, हिंदुस्तानीय युवा कांग्रेस 5, रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक विरोध मार्च निकालने वाली है. युवा कांग्रेस मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है. ऑनलाइन याचिका भी शुरू कर चुकी है युवा कांग्रेस हिंदुस्तानीय युवा कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर ऑनलाइन याचिका शुरू की थी. संगठन ने अपने अभियान का नाम ‘ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो’ रखा है. युवा कांग्रेस का कहना है कि अभियान को केवल सोशल मीडिया तक सीमित रखने के बजाय इसे युवाओं और नागरिकों की व्यापक भागीदारी वाला आंदोलन बनाया जाएगा. युवा कांग्रेस के अनुसार, ऑनलाइन याचिका में पांच प्रमुख मांगें रखी गई हैं. इनमें ज्ञानेश कुमार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से हटाना, उनकी गिरफ्तारी और अभियोजन की कार्रवाई, चुनावी प्रक्रिया की व्यापक जांच और मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं की जांच शामिल है. ये भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आएगा महाभियोग? प्रियंका गांधी की मांग – चले आपराधिक मुकदमा क्या कहा युवा कांग्रेस के नेताओं ने? युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग किसी प्रशासन या व्यक्ति की संपत्ति नहीं, बल्कि जनता की संस्था है और इसकी जवाबदेही होनी चाहिए. संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि इस अभियान को कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, युवा संगठनों और समुदायों तक ले जाया जाएगा. निर्वाचन आयोग में मतभेद की समाचार से बढ़ा विवाद निर्वाचन आयोग के भीतर मतभेद की समाचार सामने आने के बाद नेतृत्वक विवाद भी बढ़ गया है. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दो निर्वाचन आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में मतदाता सूची और एसआईआर से जुड़े कुछ फैसलों पर 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी. हालांकि, निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और सुझाव देना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है. आयोग के मुताबिक, उसके फैसले सर्वसम्मति से और स्थापित वैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं. ये भी पढ़ें: SIR विवाद के बीच राहुल गांधी का CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला, ‘तुरंत इस्तीफा दें, जांच का सामना करें’ The post CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, EC ऑफिस के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा appeared first on Naya Vichar.

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The Vvaan X Review: बिहार की छठ पूजा बनी लाइमलाइट, ‘द वन’ का टिकट खरीदने से पहले पढ़ें रिव्यू

जंगल का खौफ, सदियों पुरानी लोककथाएं और एकदम धांसू सस्पेंस. तमन्ना भाटिया और सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म ‘द वन’ फाइनली थिएटर्स में आ चुकी है और ये नया ‘मास अवतार’ लिटरली गूजबम्प्स दे रहा है. बिहार का छठ महापर्व लाइलाइट बना है. द वन को थियेटर एक्सपीरियंस बता रहे दर्शक फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने वाले दर्शक एक्स पर अपना रिव्यू शेयर कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, ”#TheVvaanReview : भक्ति और आस्था से भरपूर एक शानदार फैंटेसी लोककथा. मूवी रोमांचक, मनोरंजक और एक्शन से भरपूर है, जिसमें फैमिली ड्रामा और एक सामाजिक संदेश भी है. इसका क्लाइमेक्स सिनेमाघर में देखने लायक एक जबरदस्त एक्सपीरियंस है.” बिहार-यूपी के दर्शकों को कनेक्ट करेगी वन एक्स पर एक दूसरे यूजर ने लिखा, ”’VVAAN‘ आम फिल्मों से हटकर एक ताजगी भरा एक्सपीरियंस है… इसमें रहस्य, हास्य, आस्था, एक्शन और रोमांच का भरपूर तड़का है… बिहार, छठ, वन देवी और अलौकिक लोक-कथाएं फिल्म को एक मजबूत ‘देसी पहचान’ देती हैं. सबसे खास बात यह है कि ‘वन’ में धर्म को जरूरत से ज्यादा नहीं दिखाया गया है. बिहार और यूपी के दर्शक इस फिल्म से भावनात्मक रूप से जुड़ पाएंगे.” द वन हिट हुई या फुस्स राहुल गुप्ता ने लिखा, यूपी और बिहार से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और फिल्म को अब पूरे हिंदुस्तान में खूब पसंद किया जा रहा है. पहली बार छठ पूजा पर कोई बड़ी फिल्म आई है और इसकी कहानी शुरू से आखिर तक नई, दमदार और दिलचस्प लगती है. #SidharthMalhotra और #TamannaahBhatia शानदार हैं और फिल्म आपको कहीं भी बोर नहीं होने देती. ‘वन’ (Vvan) एक ऐसी फिल्म लगती है जो लंबे समय तक चलेगी और बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा सकती है. द वन के बारे में दीपक कुमार मिश्रा के निर्देशन में बनी इस माइथोलॉजिकल फैंटेसी ड्रामा ने अब तक दर्शकों के बीच अच्छी चर्चा बटोरी है. उम्मीद है कि यह फिल्म बिहार इलाके में सबसे अच्छा प्रदर्शन करेगी. सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​और तमन्ना भाटिया की मुख्य भूमिकाओं वाली फिल्म ने दो नेशनल चेन में 8,000 टिकट बेच लिए हैं. बिहार के सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में भी टिकट बिके हैं, जो कि आम बात नहीं है. असल में, एडवांस बुकिंग के मामले में बिहार सर्किट सबसे आगे है, यहां दिल्ली और मुंबई शहरों से भी ज्यादा टिकट बिके हैं. ये भी पढ़ें: Vvaan First Review: छठी मैय्या की आस्था… बिहार का टच, फर्स्ट रिव्यू में मिले इतने स्टार्स, जानें हिट या फुस्स The post The Vvaan X Review: बिहार की छठ पूजा बनी लाइमलाइट, ‘द वन’ का टिकट खरीदने से पहले पढ़ें रिव्यू appeared first on Naya Vichar.

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Asian Games 2026: कौन हैं कमलजीत और सुरुचि? एशियन गेम्स में भारत के लिए जीता गोल्ड

Asian Games 2026 : जापान में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में हिंदुस्तान ने शूटिंग में अपना पहला गोल्ड मेडल जीत लिया है. 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह की जोड़ी ने हिंदुस्तान को स्वर्ण पदक दिलाया. क्वालिफिकेशन से लेकर फाइनल तक दोनों निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और हिंदुस्तान के खाते में एशियाड का पहला स्वर्ण जोड़ दिया. ऐसे में हर किसी की नजर अब इन दो युवा निशानेबाजों पर है-आखिर कौन हैं कमलजीत और सुरुचि, और कैसे उन्होंने एशियन गेम्स में गोल्ड तक का सफर तय किया? किस स्पोर्ट्स में जीता हिंदुस्तान ने गोल्ड? The post Asian Games 2026: कौन हैं कमलजीत और सुरुचि? एशियन गेम्स में हिंदुस्तान के लिए जीता गोल्ड appeared first on Naya Vichar.

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