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सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग पर मानहानि का केस ठोका,कहा-यह केस मेरे कार्यकाल का मूल्यांकन करेगा

निशिकांत दुबे ने अपने पोस्ट में बताया है कि उन्होंने पटियाला कोर्ट, दिल्ली और दिल्ली हाईकोर्ट में 2 करोड़ के आपराधिक मानहानि का केस पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग पर कर दिया. उन्होंने लिखा है कि अब फैसला कोर्ट ही करेगा, पिछले 18 साल के मेरे संसदीय कार्यकाल का मूल्यांकन भी यह केस करेगा. सांसद ने की दो करोड़ रुपए हर्जाने की मांग निशिकांत दुबे ने दिल्ली हाईकोर्ट में जो केस दर्ज कराया है, उसमें उन्होंने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग से दो करोड़ रुपए हर्जाने की मांग की है. पूर्व वित्त सचिव ने कथित तौर पर सांसद निशिकांत दुबे को ब्लैकमेल करने वाला इंसान कहा था. गर्ग ने यह भी कहा था कि निशिकांत दुबे अपना काम करवाने के लिए लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के चेयरमैन पर दबाव डालने उनके ऑफिस आए थे. बदनाम करने के इरादे से लगाए गए आरोप सांसद निशिकांत दुबे ने सुभाष गर्ग के आरोपों को झूठा बताया है और यह कहा है कि उन्हें बदनाम करने के इरादे से इस तरह के आरोप लगाए गए हैं. विवाद तब और बढ़ा जब सुभाष गर्ग ने पहली तिमाही के लिए केंद्र के बताए गए 7.8% जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े पर सबके सामने सवाल उठाया था. इतना ही नहीं सुभाष गर्ग ने एक पॉडकास्ट में भी सांसद निशिकांत दुबे पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए थे. निशिकांत दुबे ने गर्ग के ऑफिस जाने से इनकार किया और सुभाष गर्ग पर झूठे दावे करने का आरोप लगाया. इसके बाद निशिकांत दुबे ने सुभाष गर्ग को एक लीगल नोटिस भेजा, जिसमें बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई थी. गर्ग ने लीगल नोटिस का जवाब भेजा, इसके बाद निशिकांत दुबे ने मानहानि का केस फाइल किया है. ये भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, पद से हटाने की मांग; जल्द होगी सुनवाई The post सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग पर मानहानि का केस ठोका,कहा-यह केस मेरे कार्यकाल का मूल्यांकन करेगा appeared first on Naya Vichar.

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Swara Bhaskar की बर्बादी की कहानी: Talent था, मौके थे, पहचान थी, फिर ऐसा क्या हुआ कि Actress कम और Controversy ज्यादा बन गईं?

एक वक्त था जब Swara Bhaskar को देखकर लगता था कि बॉलीवुड को एक ऐसी अभिनेत्री मिल गई है जो हीरोइन बनने की रेस में नहीं है, बल्कि किरदार को अपनी पहचान बनाने आई है. ‘तनु वेड्स मनु ’ में पायल, ‘रांझणा’ में बिंदिया, ‘नील बटे सन्नाटा’ में चंदा और ‘अनारकली ऑफ आरा’ की अनारकली… Swara ने ऐसे किरदार चुने जिन्हें बड़ी-बड़ी अभिनेत्रियां शायद हाथ लगाने से भी बचतीं. ‘Anaarkali of Aarah’ में तो उनके साथ पंकज त्रिपाठी और संजय मिश्रा जैसे कलाकार भी थे और फिल्म को Swara के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिना गया. यानी शुरुआत में Swara की USP साफ थी- unconventional roles, बेबाक अभिनय और ऐसी लड़की जो ग्लैमर की बजाय character के दम पर जगह बना रही थी. फिर Swara की पॉपुलेरिटी बढ़ी. और इसी दौर में उनकी जिंदगी में Sonam Kapoor आईं. ‘Raanjhanaa’ के सेट पर शुरू हुई दोस्ती आगे चलकर इतनी गहरी हुई कि Swara ने खुद माना कि Sonam की दोस्ती ने उन्हें Bollywood के A-list inner circle से परिचित कराया. ‘Veere Di Wedding’ तक आते-आते दोनों की दोस्ती खुद एक मीडिया स्टोरी बन चुकी थी. यहीं से Swara की कहानी में एक दूसरा Swara दिखने लगा. एक तरफ actress Swara थीं, जिनके पास दमदार किरदार थे. दूसरी तरफ public personality Swara थीं, जो अपनी राय को लेकर increasingly मुखर होती जा रही थीं. और धीरे-धीरे उनकी acting से ज्यादा उनकी opinions headline बनने लगीं. फिर आया ‘Veere Di Wedding’ का दौर. एक masturbation scene ने Swara को trolls के निशाने पर ला दिया. पाकिस्तान, feminism, politics और तमाम सामाजिक मुद्दों पर उनके बयान लगातार बहस का हिस्सा बनने लगे. Sonam Kapoor तक को उनके बचाव में सामने आना पड़ा. यानी Swara ने जो popularity अपने unconventional roles से कमाई थी, अब वही popularity controversy को भी amplify करने लगी. और Bollywood की सबसे बड़ी विडंबना यही है. यहां actress का opinion उसकी personality का हिस्सा हो सकता है, लेकिन producer के लिए वह कभी-कभी project का risk भी बन जाता है. Swara ने खुद 2022 में दावा किया था कि उनके political statements की वजह से उन्हें काम मिलने में नुकसान हुआ. उन्होंने बताया था कि लोगों ने उनसे कहा कि filmmakers उन्हें cast करने से डरते हैं. फिर ‘Padmaavat’ पर उनका Sanjay Leela Bhansali को लिखा खुला पत्र आया. Swara ने फिल्म के jauhar scene पर सवाल उठाया था. सालों बाद 2026 में उन्होंने खुद कहा कि उस letter ने उनके career को नुकसान पहुंचाया. यानी जिस बेबाकी को कभी उनकी ताकत माना गया था, वही बेबाकी उनके career की कीमत बनती चली गई. अब यहां से सवाल सिर्फ यह नहीं है कि Swara को काम क्यों नहीं मिला. सवाल यह है कि क्या Swara ने खुद अपनी सबसे बड़ी ताकत को अपने career की सबसे बड़ी कमजोरी बनने दिया? क्योंकि एक समय था जब लोग पूछते थे- Swara की अगली फिल्म कौन-सी है? फिर सवाल बदल गया- Swara ने इस बार क्या बोल दिया? और फिर धीरे-धीरे एक और बदलाव आया. Swara की पहचान उनके किरदारों से ज्यादा उनके trolls से होने लगी. विडंबना देखिए, जिस actress ने अपनी पहचान भीड़ से अलग खड़े होकर बनाई थी, वही धीरे-धीरे सोशल मीडिया की भीड़ में अपनी एक्टिंग identity खोती चली गई. फिर जिंदगी में एक और chapter आया- शादी और नेतृत्व. Swara ने Fahad Ahmad से शादी की और बाद में उनके नेतृत्वक सफर में भी सक्रिय रूप से उनके साथ नजर आईं. 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में फहाद अहमद Anushakti Nagar से चुनाव लड़े, लेकिन Sana Malik से 3,378 वोटों से हार गए. यानी फिल्मों में करियर का ग्राफ पहले ही संघर्ष कर रहा था और नेतृत्व का यह चैप्टर भी चुनावी जीत में नहीं बदल पाया. लेकिन Swara की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. बल्कि TV और reality space ने उस Swara को पहचान लिया जिसे Bollywood शायद धीरे-धीरे ‘इग्नोर’ करने लगा था. वह Swara जिसे कभी ‘Anaarkali of Aarah’ के दमदार अभिनय के लिए याद किया जाता था, अब reality television में अपनी controversial public image के साथ दिखाई देने लगीं. 2025 में ‘Pati Patni Aur Panga’ से लौटते हुए खुद Swara ने माना कि Twitter पर उनकी ‘bad reputation’ है और उन्होंने यह भी कहा कि लोग उन्हें projects के लिए ‘too controversial’ मानते हैं. यानी irony पूरी है. जिस controversy ने फिल्मों में उनके लिए दरवाजे मुश्किल किए, वही controversy television के लिए एक selling point बन गई. आज Swara के career को देखकर सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि वह talented थीं या नहीं. वह थीं. सवाल यह है कि क्या उन्होंने अपने talent को अपनी सबसे बड़ी पहचान बनने दिया? क्योंकि एक समय Swara Bhaskar वह एक्ट्रेस थीं, जो A लिस्ट एक्ट्रेस के बीच अपनी जगह बना सकती थीं. आज उनकी चर्चा अक्सर इस बात पर ज्यादा होती है कि उन्होंने क्या कहा, किससे भिड़ीं, किस कंट्रोवर्सी में फंसीं और किस reality show में नजर आईं. एक actress के लिए इससे बड़ी career irony शायद ही कोई हो. कभी Swara किरदारों की वजह से समाचार बनती थीं. फिर Swara खुद समाचार बन गईं. और शायद यहीं से उनके career की असली गिरावट शुरू हुई. ये भी पढ़ें: Vvan Review: ये कौन सा बिहार दिखा रहे हैं Arunabh? छठ को समझा नहीं, बस बेचने की कोशिश कर दी… The post Swara Bhaskar की बर्बादी की कहानी: Talent था, मौके थे, पहचान थी, फिर ऐसा क्या हुआ कि Actress कम और Controversy ज्यादा बन गईं? appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: IAS की नौकरी छोड़ी, अब राजनीति में उतरेंगी दिव्या मित्तल; बोलीं- किसी पार्टी का नहीं लूंगी साथ

उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपनी अगली पारी को लेकर तस्वीर साफ कर दी है. प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अब वह नेतृत्व में कदम रखने जा रही हैं. हालांकि, उन्होंने साफ कहा है कि वह किसी नेतृत्वक दल में शामिल नहीं होंगी. उन्होंने उत्तर प्रदेश से अपनी नेतृत्वक यात्रा शुरू करने की बात कही है. दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो शेयर करके अपने अगले कदम का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि उनकी नेतृत्व का मकसद आम लोगों के मुद्दों और उनकी आवाज को सामने लाना होगा. उनका कहना है कि वह लोगों के साथ मिलकर ऐसा नेतृत्वक मंच खड़ा करना चाहती हैं, जिसका आधार जनता के सवाल और समस्याएं हों. यूपी से ही शुरू करेंगी नई नेतृत्वक पारी दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि वह यहीं से नेतृत्व की शुरुआत करेंगी. उन्होंने कहा कि एक अधिकारी के तौर पर जब वह उत्तर प्रदेश आई थीं, तब यहां के लोगों ने उन्हें परिवार का हिस्सा माना. इसी वजह से उन्होंने अपनी नई नेतृत्वक यात्रा के लिए भी यूपी को चुना है. 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद दिया था इस्तीफा दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं. उन्होंने 30 अगस्त 2026 को प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की थी. उनके मुताबिक, इस्तीफे के पीछे निजी और पारिवारिक कारण थे. उनका इस्तीफा 15 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ. लोग पूछ रहे थे- आगे क्या करेंगी? IAS छोड़ने के बाद दिव्या मित्तल के अगले कदम को लेकर कई तरह की चर्चाएं थीं. किसी ने उनके विदेश लौटने, किसी ने कोचिंग से जुड़ने तो किसी ने नेतृत्व में आने की संभावना जताई थी. दिव्या ने खुद 27 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इन चर्चाओं का जिक्र किया था और कहा था कि 29 सितंबर को वह अपने अगले कदम का खुलासा करेंगी. बोलीं- आम लोगों की आवाज बनना चाहती हूं दिव्या मित्तल ने कहा कि नेतृत्व उनके लिए सिर्फ किसी पद तक पहुंचने का माध्यम नहीं होगी. वह उन लोगों की आवाज उठाना चाहती हैं, जिनकी समस्याएं प्रशासनी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पातीं या पहुंचने के बाद भी उनका समाधान नहीं हो पाता. उन्होंने कहा कि देश में आज भी कई बुनियादी समस्याएं मौजूद हैं और इनका समाधान जरूरी है. मिर्जापुर की स्त्री का सुनाया अनुभव अपने प्रशासनिक कार्यकाल का अनुभव साझा करते हुए दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर के लहुरियादह इलाके की एक स्त्री का उदाहरण दिया. उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में पानी पहुंचाने के काम के निरीक्षण के दौरान स्त्री उनके पास आई थी. उन्हें लगा कि स्त्री पेंशन, आवास या पानी जैसी सुविधा की मांग करेगी, लेकिन उसने गांव में स्कूल को पांचवीं कक्षा से आगे बढ़ाने की मांग रखी. स्कूल को मंजूरी मिली, फिर भी तीन साल तक नहीं बना दिव्या मित्तल के मुताबिक, गांव में पांचवीं के बाद बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में दिक्कत थी. उन्होंने स्कूल से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी ली और बताया कि स्कूल को मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन तीन साल बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो पाया था. उन्होंने इसे व्यवस्था में मौजूद जवाबदेही से जुड़ा सवाल बताया. युवाओं और पेपर लीक का भी किया जिक्र पूर्व IAS अधिकारी ने युवाओं की शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को भी अपने संबोधन में जगह दी. उन्होंने पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि छात्र वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी होने से उनकी मेहनत प्रभावित होती है. इसके अलावा उन्होंने AI के बढ़ते इस्तेमाल और भविष्य में रोजगार पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जाहिर की. नेतृत्व को लेकर पहले भी लगते रहे थे कयास दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद से ही उनके नेतृत्व में आने की अटकलें लग रही थीं. सितंबर में उनके इस्तीफे को लेकर नेतृत्वक चर्चाएं भी सामने आई थीं, हालांकि उस समय उन्होंने नेतृत्व में आने की बात से इनकार किया था. अब 29 सितंबर को जारी अपने वीडियो में उन्होंने नेतृत्व में आने की घोषणा कर दी है, लेकिन किसी नेतृत्वक दल से जुड़ने से इनकार किया है. ये भी पढ़ें: राजस्थान मौसम: मानसून की विदाई के बीच आज इन इलाकों में बारिश के आसार, जानें जयपुर का हाल The post VIDEO: IAS की नौकरी छोड़ी, अब नेतृत्व में उतरेंगी दिव्या मित्तल; बोलीं- किसी पार्टी का नहीं लूंगी साथ appeared first on Naya Vichar.

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Honda Activa चलाकर भर गया मन? अपग्रेड के लिए ये 3 स्कूटर्स हैं सबसे परफेक्ट ऑप्शन, कीमत 68,750 से शुरू

देश के ऑटो मार्केट में दिन-प्रतिदिन स्कूटर की डिमांड बढ़ती जा रही है. एक से बढ़कर एक बेहतर स्कूटर्स मार्केट में उपलबद्ध हैं. होंडा एक्टिवा चलाकर अगर आपका मन भर चुका है और आप एक बेहतर स्कूटर की तलाश में हैं. तो आज हम आपको बाजार में मौजूद तीन ऐसे बेहतरीन ऑप्शंस के बारे में बताएंगे जो आपके लिए परफेक्ट साबित हो सकते हैं. इन स्कूटर्स की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 68,150 रुपये से शुरू होती है और ये सभी बेहतरीन फीचर्स के साथ आते हैं. TVS Jupiter 110 टीवीएस जुपिटर हिंदुस्तानीय बाजार में होंडा एक्टिवा का सबसे मजबूत और कड़ा मुकाबला करने वाला स्कूटर माना जाता है. इसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत लगभग 76,625 रुपये से शुरू होती है. आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इस स्कूटर में दमदार इंजन के साथ बेहतरीन माइलेज और आधुनिक फीचर्स मिलते हैं. इसमें मिलने वाला एक्सटर्नल फ्यूल फिलिंग का विकल्प इसे और भी ज्यादा सुविधाजनक बनाता है जिससे बार-बार सीट खोलने की जरूरत नहीं पड़ती है. इसके अलावा इसमें बड़ा बूट स्पेस, आरामदायक सीट और शानदार राइडिंग अनुभव मिलता है जो डेली के सफर को बेहद आसान बना देता है. Hero Destini 110 हीरो डेस्टिनी 110 उन लोगों के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है जो अधिक पावर और बेहतर परफॉर्मेंस की तलाश में हैं. इस स्कूटर की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत लगभग 75,600 रुपये से शुरू होती है. हीरो की आधिकारिक साइट के अनुसार इसमें 110.9 सीसी का दमदार इंजन दिया गया है जो शानदार टॉर्क और पावर जनरेट करता है. इसमें मेटल बॉडी, डिजि-एनलॉग स्पीडोमीटर, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी और i3s आइडल स्टार्ट-स्टॉप तकनीक जैसे आधुनिक फीचर्स मिलते हैं जो ईंधन की बचत करने में मदद करते हैं. इसका क्लासिक लुक और मजबूत बनावट इसे परिवार के लिए एक परफेक्ट और भरोसेमंद स्कूटर बनाती है. ये भी पढ़ें: एक बार चार्ज करने पर 187 km की रेंज, 3.1 सेकेंड में 0-40 किमी की रफ्तार, कीमत ₹80 हजार से भी कम, अब तक करीब 1.5 लाख लोगों ने खरीदा ये इलेक्ट्रिक स्कूटर TVS Zest 110 टीवीएस जेस्ट 110 खासकर हल्के वजन, बेहतरीन हैंडलिंग और बजट फ्रेंडली स्कूटर चाहने वाले ग्राहकों के लिए एक शानदार विकल्प है. इसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत लगभग 68,150 रुपये से शुरू होती है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह स्कूटर स्त्रीओं और शहर में रोजाना आने-जाने वाले राइडर्स के लिए बहुत आरामदायक है क्योंकि इसका वजन कम है और इसकी सीट हाइट भी काफी कम है. इसमें एलईडी टेल लैंप, यूएसबी चार्जिंग पोर्ट और 19 लीटर का अंडर सीट स्टोरेज स्पेस मिलता है जो जरूरत का सामान रखने के लिए पर्याप्त होता है. कम कीमत में बेहतरीन फीचर्स चाहने वालों के लिए यह एक आदर्श ऑप्शन है. ये भी पढ़ें: सिंगल चार्ज में 161km की रेंज, 10 साल की बैटरी वारंटी; 10 मिनट की चार्जिंग में 30km दौड़ेगा Ather का ये इलेक्ट्रिक स्कूटर क्यों खरीदें होंडा एक्टिवा के बदले ये तीनों स्कूटर्स? अगर आप होंडा एक्टिवा के पुराने डिजाइन और सामान्य फीचर्स से उब चुके हैं. तो इन तीनों स्कूटर्स में आपको कई एडवांस्ड खूबियां मिल जाती हैं. टीवीएस जुपिटर आपको बेहतर माइलेज और एक्सटर्नल फ्यूल फिलिंग जैसी सुविधा देता है. वहीं हीरो डेस्टिनी 125 आपको अधिक पावरफुल इंजन और आधुनिक टेक्नोलॉजी का अनुभव कराता है. इसके अलावा टीवीएस जेस्ट 120 कम बजट में हल्का और आसानी से हैंडल होने वाला स्कूटर चाहने वालों के लिए बेस्ट है. इन सभी स्कूटर्स की कीमत और उनके शानदार फीचर्स इन्हें एक्टिवा के मुकाबले एक बेहतरीन अपग्रेड बनाते हैं. The post Honda Activa चलाकर भर गया मन? अपग्रेड के लिए ये 3 स्कूटर्स हैं सबसे परफेक्ट ऑप्शन, कीमत 68,750 से शुरू appeared first on Naya Vichar.

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Video : POK में आर-पार की लड़ाई का ऐलान, LOC के पास जुटे 25 हजार लोगों ने कहा- हम भारत में…

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POK) में जारी आंदोलन अब नियंत्रण रेखा LOC के करीब पहुंच गया है. मंधोल इलाके में आयोजित एक सभा में हजारों लोग जुटे हुए हैं. आयोजकों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक करीब 25 हजार लोगों की भीड़ जुटी हुई हैं. मंधोल LOC से करीब 7 किलोमीटर दूर है. प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान प्रशासन और सेना के खिलाफ नारे लगाए और हिंदुस्तान की ओर जाने वाली पुंछ-मेंढर रास्ते को खोलने की मांग कर रहे हैं. आर-पार की लड़ाई का ऐलान जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी प्रमुख भूमिका निभा रही है. संगठन लंबे समय से POK में बिजली की कीमत, जरूरी सामान की कीमत, रोजगार, नेतृत्वक प्रतिनिधित्व और शासन से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहा है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ने प्रदर्शन के कारण प्रशासन ने पीओके की सप्लाई लाइन को काट दिया है. जिसके कारण लोगों को दिक्कत हो रही है. लोगों के पास आटा और खाने का सामान नहीं है. 5 जून से पीओके में जारी आंदोलन के 5 जून से शुरू हुए इस आंदोलन के दौरान कई इलाकों में प्रदर्शन और सुरक्षा बलों के साथ तनाव की समाचारें सामने आई हैं. लेकिन सोमवार को 115 वें दिन मंधोल के इलाके में खासी गहमागहमी देखी गई. मंधोल की सभा में जेएएसी से जुड़े नेता सरदार अमान खान ने एलओसी को लेकर भीड़ के सामने पाकिस्तान प्रशासन और सेना को लेकर सवाल उठाया और उन्होंने पुंछ और मेंढर की तरफ जाने वाले रास्ते को खोलने और एलओसी की मौजूदा व्यवस्था को खत्म करने की मांग की. इस दौरान प्रदर्शनकारियों में शामिल कई लोगों ने हिंदुस्तान के साथ जुड़ने की इच्छा जताई हैं. देखिए वीडियो.. पीओके में क्या है नेतृत्वक स्थिति ? जानकारी के लिए बता दें कि जारी आंदोलन और लोगों के विरोध के बावजूद POK में चुनाव हुए. चुनाव कई चरणों में कराए गए और पहले चरण में 27 जुलाई को मीरपुर डिवीजन की 13 सीटों पर मतदान हुआ. बाद के चरणों में दूसरे इलाकों में मतदान हुआ. पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने चुनाव में मजबूत प्रदर्शन किया और इफ्तिखार गिलानी पीओके के प्रधानमंत्री बने. फिलहाल मंधोल में जुटी भीड़ ने आंदोलन को एलओसी के करीब पहुंचाकर इसे नया नेतृत्वक और सुरक्षा मुद्दा बना दिया है. आगे हालात किस दिशा में जाएंगे, यह प्रदर्शनकारियों की अगली रणनीति और पाकिस्तान प्रशासन की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा. ये भी पढ़ें: सऊदी के साथ समझौते पर PAK ने दी सफाई, मक्का पर हमले को लेकर कहा-मुसलमान ऐसा करने की हिम्मत… मुनीर के सामने पीओके की चुनौती, आगे क्या होगा? पीओके में बढ़ता असंतोष अब पाकिस्तान की सत्ता और सेना के लिए बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है. आंदोलन के दबाव के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि पाकिस्तान की सेना हालात को नियंत्रित करने के लिए किस हद तक हस्तक्षेप करेगी. दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय अधिकारों से जुड़े सवाल भी महत्वपूर्ण हैं. अगर मौजूदा आंदोलन लगातार मजबूत होता है और स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ती है, तो पीओके की नेतृत्वक स्थिति पर बहस और तेज हो सकती है.  The post Video : POK में आर-पार की लड़ाई का ऐलान, LOC के पास जुटे 25 हजार लोगों ने कहा- हम हिंदुस्तान में… appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में गंडक का रौद्र रूप, चंपारण तटबंध टूटा, 4 जिलों में बाढ़ का संकट, बगहा में SP ऑफिस तक डूबा

Bihar Flood Alert: उत्तर बिहार में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात बिगड़ गए हैं. पश्चिम चंपारण में सोमवार देर रात चंपारण तटबंध टूट गया. खैरटवा के पास तटबंध टूटने से आसपास के इलाकों में पानी फैलने लगा. कई गांवों में अफरातफरी मच गई. लोग रात में ही सामान समेटकर सुरक्षित जगहों की ओर जाने लगे. वाल्मीकिनगर गंडक बराज से मंगलवार सुबह 8 बजे 1,91,200 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. खैरटवा के पास तटबंध में टूटान रतवल-चखनी मुख्य मार्ग पर खैरटवा के पास चंपारण तटबंध टूट गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, टूटान करीब 150 फीट का है. पानी तेजी से निचले इलाकों की ओर फैल रहा है. वहीं, जल संसाधन विभाग के अनुसार खैरटवा गांव में तटबंध के 4 किमी पर करीब 10 मीटर लंबाई में माइनर ब्रीच हुआ है. विभाग के मुताबिक, पानी खेतों में फैल रहा है. आगे यह चंपारण तटबंध के 9.50 किमी पर फिर गंडक नदी में मिल जाएगा. छह पंचायतों के गांवों में अफरातफरी तटबंध टूटने की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों में दहशत फैल गई. चखनी, राजावटिया, सिंगाड़ी पिपरिया, चंद्रपुर, रतवल और पतिलार पंचायत के कई गांव प्रभावित हैं. लोग जरूरी सामान समेटकर ऊंची जगहों पर जाने लगे. ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था. इससे तटबंध पर पानी का दबाव बना हुआ था. तटबंध टूटने के बाद रतवल-चखनी मुख्य मार्ग पर आवागमन भी ठप हो गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और तटबंध की मरम्मत कराने की मांग की है. बताया जा रहा है कि पिछले साल भी इसी जगह गंडक का चंपारण तटबंध टूटा था. तब भी इलाके में भारी नुकसान हुआ था. बगहा में फ्लड लेवल से ऊपर पहुंचा पानी जल संसाधन विभाग के अनुसार, बगहा के पास गंडक नदी का जलस्तर अब तक के उच्चतम फ्लड लेवल 90.90 मीटर से करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है. इसके कारण तटबंध पर दबाव बढ़ा. विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है. तटबंध की मरम्मत का काम शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है. पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. NH-727 को फिलहाल बड़ा खतरा नहीं तटबंध टूटने से बगहा-1 प्रखंड के अगस्तिया, खैरटवा और चंद्रपुर के निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका है. इससे कई जगहों की संपर्कता प्रभावित हो सकती है. राष्ट्रीय राजमार्ग-727 यहां से करीब तीन किलोमीटर दूर है. जल संसाधन विभाग के अनुसार, हाईवे पर बड़े पैमाने पर असर की संभावना नहीं है. संबंधित इलाके में गंडक नदी का बहाव घट रहा है. बगहा शहर के 9 वार्डों में घुसा पानी गंडक का पानी बगहा शहर में भी प्रवेश कर गया है. सोमवार को शहर के नौ वार्ड बाढ़ की चपेट में आ गए. बगहा SP कार्यालय, पुलिस लाइन और किसान भवन भी पानी में डूब गए. बगहा-बेतिया और बगहा-वाल्मीकिनगर सड़क पर पानी भर गया है. इससे आवागमन बाधित है. कई जगह लोग नाव के सहारे आवाजाही कर रहे हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें पूर्वी चंपारण से सारण तक असर गंडक की बाढ़ का असर दूसरे जिलों में भी दिख रहा है. पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर और अरेराज के कई गांवों में पानी भर गया है. गोपालगंज में सदर प्रखंड के चार गांवों की सड़कें डूब गई हैं. दियारा इलाके के कई स्कूल भी पानी से घिर गए हैं. सारण जिले में भी बाढ़ से नुकसान हुआ है. यहां करीब 50 एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद होने की जानकारी है. चार जिलों में बढ़ी परेशानी गंडक की बाढ़ से पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सारण प्रभावित हैं. तटीय इलाकों में घरों और फसलों को नुकसान पहुंचा है. पश्चिम चंपारण में तटबंध टूटने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है. प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर निगरानी कर रही हैं. लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है. Also Read: बिहार से अब विदा होने लगा मानसून, बारिश थमेगी तो बढ़ेगा पारा, जानें 4 अक्टूबर तक के मौसम का हाल The post बिहार में गंडक का रौद्र रूप, चंपारण तटबंध टूटा, 4 जिलों में बाढ़ का संकट, बगहा में SP ऑफिस तक डूबा appeared first on Naya Vichar.

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NCERT Textbook: कक्षा 9 सोशल साइंस की नई किताब जारी, जानें कब और कहां से खरीदें

NCERT Social Science Textbook: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 9 के छात्रों के लिए Social Science की नई किताब “Understanding Society: India and Beyond” Part 2 को आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है. NCERT की ओर से 28 सितंबर 2026 को जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, यह किताब 29 सितंबर 2026 से छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और अन्य पाठकों के लिए खरीद के लिए उपलब्ध है. NCERT Class 9 Social Science Textbook: कक्षा 9 के लिए जारी हुई नई Textbook NCERT ने कक्षा 9 के लिए साेशल साइंस की किताब Understanding Society: India and Beyond Part 2 को जारी कर दिया है. यह किताब Part 2 के रूप में उपलब्ध होगी. NCERT ने अपनी प्रेस रिलीज में इसकी आधिकारिक लॉन्च की जानकारी साझा की है. ये भी पढ़ें: NCERT से जुड़ी ये 5 बातें, जो हर किसी को जाननी चाहिए कहां से खरीद सकेंगे किताब? NCERT के अनुसार, Understanding Society: India and Beyond को कई अधिकृत माध्यमों से खरीदा जा सकेगा. छात्र और अभिभावक NCERT Publication Division के आउटलेट्स और अधिकृत विक्रेताओं से किताब प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा किताब NCERT की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी उपलब्ध होगी. NCERT की ओर से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि किताब Amazon के जरिए भी खरीदा जा सकता है. NCERT Maths Textbook: मैथ्स की किताब है उपलब्ध NCERT की ओर से अपने ऑफिशियल X पर एक वीडियो पोस्ट के माध्यम से बताया गया है कि कक्षा 9 में गणित की नई पाठ्यपुस्तक ‘Ganita Manjari – Part 2 उपलब्ध हो चुकी है. आप इस किताब को NCERT के सेल्स काउंटर से जाकर खरीद सकते हैं. Note: किताब से जुड़ी किसी अन्य जानकारी के लिए NCERT के Publication Division से संपर्क किया जा सकता है. ये भी पढ़ें: NCERT Textbooks 2026-27: कक्षा 9 की दो नई किताबों को लेकर नया अपडेट, जानें कब और कहां मिलेंगी The post NCERT Textbook: कक्षा 9 सोशल साइंस की नई किताब जारी, जानें कब और कहां से खरीदें appeared first on Naya Vichar.

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JSSC CGL Case: एजेंटों से पूछताछ के बाद 100 से ज्यादा अभ्यर्थियों पर शक, CID खंगाल रही पूरा सिंडिकेट

JSSC CGL Case: जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी को अब तक की जांच में कई अहम इनपुट मिले हैं. एजेंटों से पूछताछ के आधार पर एसआईटी पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. जांच में 100 से अधिक ऐसे सफल अभ्यर्थियों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है, जिन्होंने कथित तौर पर गलत तरीके से परीक्षा पास की है. इनमें से 10 अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. एसआईटी को उम्मीद है कि अगले एक माह में कई और अभ्यर्थियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जा सकती है. दो माह में 36 आरोपियों की गिरफ्तारी परीक्षा में गड़बड़ी की जांच शुरू होने के करीब दो माह के दौरान अब तक इस मामले में कुल 36 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जांच के दौरान लगातार मिल रहे इनपुट के आधार पर सीआईडी की टीम छापेमारी और गिरफ्तारी कर रही है. हालांकि, अब तक जेएसएससी के किसी अधिकारी या कर्मचारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. ये भी पढ़ें- 30 सितंबर को झारखंड बंद ! आज रांची में निकलेगा मशाल जुलूस, जानें वजह आईसीएन के कर्मचारियों से दोबारा पूछताछ परीक्षा संचालन का काम करने वाली एजेंसी आईसीएन के संचालक मिथिलेश सिंह की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई बड़े नाम सामने आने की बात कही जा रही है. सीआईडी मिथिलेश सिंह तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी क्रम में आईसीएन के कर्मचारी सोमांश और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया गया है. दोनों से पहले भी पूछताछ हो चुकी है. अब सीआईडी ने दोनों को दोबारा रिमांड पर लिया है. सोमांश और राहुल से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर सीआईडी मिथिलेश सिंह और कथित तौर पर गलत तरीके से परीक्षा में सफल हुए अन्य अभ्यर्थियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है. एजेंटों से पूछताछ के दौरान सामने आ रही जानकारियों को जोड़कर एसआईटी पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है. जेपीएससी और जेएसएससी मामलों में गिरफ्तारी का अलग-अलग पैटर्न सीआईडी जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों की अलग-अलग एसआइटी से जांच करा रही है. दोनों मामलों में अब तक हुई गिरफ्तारियों में अंतर भी साफ नजर आता है. जेएसएससी सीजीएल मामले में एजेंट और परीक्षा में सफल अभ्यर्थी गिरफ्तार हुए हैं, लेकिन जेएसएससी के अधिकारी और कर्मचारी अब तक गिरफ्त से बाहर हैं. वहीं, जेपीएससी मामले में तत्कालीन चेयरमैन आइएएस एल खियांग्ते, परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मुख्य सचिव के कर्मी समेत कई बड़े पदों पर रहे लोगों और प्रशासनी कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. ये भी पढ़ें- झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, थमा बारिश का जोर; अब साफ होगा आसमान गलत तरीके से सफल होने के आरोप में ये हुए गिरफ्तार परीक्षा में गलत तरीके से सफलता हासिल करने के आरोप में टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी, उनकी पत्नी सुषमा कुमारी, भाई अक्षय तिवारी, दीपक कुमार, फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार, समीर कुमार, आनंद कुमार सिंह, कुंदन कुमार, उमेश कुमार, विजय कुमार तिवारी, अजय कुमार और रामकृष्ण कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है. पैसे लेकर अभ्यर्थियों को पास कराने के आरोप में एजेंट गिरफ्तार अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उन्हें परीक्षा में सफल कराने के आरोप में छपरा के मनु कुमार सिंह, देवघर के सुधाकर यादव, पटना के राजन कुमार, दिलीप कुमार पासवान, कोडरमा के संदीप कुमार और राजेश प्रसाद यादव को गिरफ्तार किया गया है. सीआइडी के अनुसार, इनमें से अधिकांश आरोपी अभय तिवारी के सिंडिकेट से जुड़े थे. सीआइडी इससे पहले भी इस मामले की जांच कर चुकी है. उस दौरान 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी. इनमें अधिकतर पुलिस के जवान शामिल थे. ये भी पढ़ें- रांची में 9 अक्तूबर को हिंदुस्तान-वेस्टइंडीज के बीच टी-20 मुकाबला, JSCA ने जारी की टिकटों की दर, जानें धोनी पवेलियन का प्राइस The post JSSC CGL Case: एजेंटों से पूछताछ के बाद 100 से ज्यादा अभ्यर्थियों पर शक, CID खंगाल रही पूरा सिंडिकेट appeared first on Naya Vichar.

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Heavy Rain Warning: झारखंड-बिहार समेत इन राज्यों में बारिश, 4 अक्टूबर तक जानें मौसम का हाल

Heavy Rain Warning: मौसम विभाग के अनुसार, देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी रह सकता है. उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट पर बने डिप्रेशन के प्रभाव से अंडमान-निकोबार में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. वहीं पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर हिंदुस्तान के कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक हो सकती है. झारखंड में कैसा रहेगा मौसम? झारखंड में 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है. भारी बारिश का अलर्ट नहीं है. बिहार में होगी बारिश? बिहार में 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. आंधी और गरज-चमक की भी संभावना है. पश्चिम बंगाल का मौसम कैसा रहेगा? पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश की संभावना है. ओडिशा में आज बारिश की संभावना ओडिशा में 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक हो सकती है. छत्तीसगढ़ में हल्की बारिश की संभावना छत्तीसगढ़ में 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक छिटपुट बारिश और गरज-चमक की संभावना है. मध्य प्रदेश में आज हो सकती है बारिश पश्चिमी मध्य प्रदेश में 29 सितंबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 सितंबर से 2 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29-30 सितंबर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है. गरज-चमक और बिजली गिरने का भी खतरा है. कहां होगी भारी बारिश? असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 29-30 सितंबर को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 29 सितंबर-2 अक्टूबर और केरल-माहे में 30 सितंबर-3 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है. अति भारी बारिश का अलर्ट कहां? 29 सितंबर के बाद झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में अति भारी बारिश का अलर्ट नहीं है. कहां सामान्य बारिश? झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से छिटपुट या कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है. 30 सितंबर के बाद मौसम में बदलाव 30 सितंबर से उत्तर-पश्चिम हिंदुस्तान के कई हिस्सों में मौसम शुष्क होने लगेगा. 2 अक्टूबर से मध्य हिंदुस्तान में भी बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है. ये भी पढ़ें: MP Weather Today : 29 सितंबर को भोपाल और इंदौर समेत इन जिलों में खिलेगी धूप, जानिए अपने जिले के मौसम का हाल The post Heavy Rain Warning: झारखंड-बिहार समेत इन राज्यों में बारिश, 4 अक्टूबर तक जानें मौसम का हाल appeared first on Naya Vichar.

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30 सितंबर को झारखंड बंद ! आज रांची में निकलेगा मशाल जुलूस, जानें वजह

रांचीः झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की ओर से 30 सितंबर को झारखंड बंद का आह्वान किया गया है. बंद से एक दिन पहले 29 सितंबर को रांची में मशाल जुलूस निकाला जाएगा. मोर्चा के कार्यकर्ता और समर्थक इस जुलूस में शामिल होंगे. इसके माध्यम से झारखंड आंदोलनकारियों की वर्षों से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग उठायी जाएगी. वर्षों से लंबित मांगों को लेकर बंद मोर्चा के प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं. इन्हीं मांगों को पूरा कराने के लिए 30 सितंबर को झारखंड बंद का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की मांगों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से बंद का आह्वान किया गया है. ये भी पढ़ें- Jharkhand Weather: बारिश का जोर होगा कम, 4 अक्टूबर तक कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल आवश्यक सेवाओं को बंद से रखा गया मुक्त पुष्कर महतो ने बताया कि बंद के दौरान चिकित्सा समेत अन्य जरूरी सेवाओं को मुक्त रखा गया है. यानी अस्पताल और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े कामकाज को बंद के दायरे में नहीं रखा गया है. शहीद चौक से शुरू होगा मशाल जुलूस बंद की पूर्व संध्या पर 29 सितंबर को रांची में मशाल जुलूस निकाला जाएगा. यह जुलूस शाम पांच बजे शहीद चौक से शुरू होगा. यहां से जुलूस आगे बढ़ते हुए अलबर्ट एक्का चौक पहुंचेगा. अलबर्ट एक्का चौक पर पहुंचने के बाद मशाल जुलूस का समापन किया जाएगा. ये भी पढ़ें- JSCA Stadium में IND vs WI T20 देखने जा रहे हैं? घर से निकलने से पहले जान लें ये जरूरी बातें The post 30 सितंबर को झारखंड बंद ! आज रांची में निकलेगा मशाल जुलूस, जानें वजह appeared first on Naya Vichar.

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