Hot News

वेकेशन बेंच में जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय का रिकॉर्ड, छह दिनों में 853 मामलों का किया निपटारा

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट के इतिहास में ग्रीष्मावकाश के दौरान एक नया रिकॉर्ड दर्ज हुआ है. हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय ने वेकेशन बेंच में महज छह दिनों की सुनवाई के दौरान 853 मामलों का निपटारा कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. न्यायिक कार्यों की गति और दक्षता का यह उदाहरण झारखंड हाईकोर्ट में चर्चा का विषय बना हुआ है. हाईकोर्ट की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वेकेशन बेंच में सूचीबद्ध मामलों के निष्पादन के मामले में यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है. माना जा रहा है कि झारखंड हाईकोर्ट में पहली बार किसी एक न्यायाधीश ने ग्रीष्मावकाश के दौरान इतनी बड़ी संख्या में मामलों का निष्पादन किया है.

891 मामलों में से 853 का हुआ निष्पादन

ग्रीष्मावकाश के दौरान जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की वेकेशन बेंच में कुल 891 मामले सूचीबद्ध किए गए थे. इनमें से 853 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया. यह कुल सूचीबद्ध मामलों का लगभग 95.73 प्रतिशत है. इतनी बड़ी संख्या में मामलों के निष्पादन को न्यायिक व्यवस्था की प्रभावशीलता और न्यायाधीश की कार्यक्षमता का उदाहरण माना जा रहा है. इससे लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी मदद मिली है.

जनहित याचिकाओं से हुई शुरुआत

22 मई को जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय खंडपीठ में शामिल हुए थे. इस दौरान दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की गई. इसके बाद उन्होंने वेकेशन बेंच में विभिन्न प्रकार के अर्जेंट मामलों की सुनवाई शुरू की. गर्मी की छुट्टियों के दौरान आमतौर पर केवल अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई होती है. ऐसे में बड़ी संख्या में लंबित अर्जेंट मामलों का निष्पादन न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

जमानत याचिकाओं के निपटारे में सबसे आगे

वेकेशन बेंच में सबसे अधिक जमानत याचिकाओं (बीए) का निपटारा किया गया. आंकड़ों के अनुसार कुल 649 नियमित जमानत याचिकाओं पर फैसला सुनाया गया. इसके अलावा 169 अग्रिम जमानत याचिकाओं (एबीए) का भी निपटारा किया गया. इस श्रेणी का स्थान दूसरा रहा. जमानत और अग्रिम जमानत याचिकाओं के त्वरित निष्पादन से बड़ी संख्या में आवेदकों को राहत मिली.

विभिन्न तिथियों पर हुई सुनवाई

हाईकोर्ट द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 22 मई को दो जनहित याचिकाएं सूचीबद्ध थीं. इसके बाद 26 मई को जमानत, अग्रिम जमानत, रिट और क्वैशिंग से जुड़े 224 मामलों की सुनवाई हुई. 29 मई को सबसे अधिक 331 मामले सूचीबद्ध किए गए, जिनमें जमानत, अग्रिम जमानत, रिट और रिव्यू याचिकाएं शामिल थीं. एक जून को दो आपराधिक रिट याचिकाओं पर सुनवाई हुई. दो जून को 180 मामलों तथा चार जून को 152 मामलों की सुनवाई की गई. इन सभी दिनों में बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा किया गया.

इन श्रेणियों के मामलों का हुआ निष्पादन

वेकेशन बेंच में जिन मामलों का निपटारा किया गया, उनमें 649 नियमित जमानत याचिकाएं, 169 अग्रिम जमानत याचिकाएं, 15 आपराधिक अपील (एसजे), 10 रिट याचिकाएं और पांच आपराधिक रिट याचिकाएं शामिल हैं. इसके अलावा दो-दो आपराधिक पुनर्विचार याचिकाएं (क्रिमिनल रिव्यू) और सीआरएमपी मामलों का भी निपटारा किया गया. एक सिविल मिसलेनियस पिटीशन (सीएमपी) का भी निष्पादन हुआ.

इसे भी पढ़ें: रांची के धुर्वा से दो जुड़वा भाई करण-अर्जुन चार दिन से लापता, जांच में जुटी पुलिस

लंबित मामलों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अवकाश के दौरान भी बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इससे लंबित मामलों का दबाव कम होता है और जरूरतमंद पक्षकारों को समय पर राहत मिलती है. जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय द्वारा छह दिनों में 853 मामलों का निष्पादन न केवल झारखंड हाईकोर्ट के लिए एक रिकॉर्ड है, बल्कि यह न्यायिक कार्य संस्कृति और दक्षता का भी उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है. यह उपलब्धि भविष्य में वेकेशन बेंच की कार्यप्रणाली के लिए भी एक मानक स्थापित कर सकती है.

इसे भी पढ़ें: रिश्वतखोरी के मामले में 48 दिनों तक सोता रहा जल संसाधन विभाग, बेल मिलने पर दो इंजीनियरों को किया सस्पेंड

The post वेकेशन बेंच में जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय का रिकॉर्ड, छह दिनों में 853 मामलों का किया निपटारा appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top