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April 17, 2026

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दिल्ली के इस लड़के को कैंसर भी हरा नहीं सकी, CBSE में 96.6% अंक हासिल कर रचा इतिहास

CBSE Board 10th Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. 10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 93.70 % स्टूडेंट्स ने सफलता हासिल की है. लेकिन दिल्ली के एक छात्र की सफलता ने जो मिसाल पेश की है, उसका कोई मुकाबला नहीं है. हम बात कर रहे हैं आरव वत्स की, जिन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ते हुए भी CBSE 10वीं परीक्षा में 96.6 प्रतिशत हासिल किया है. रीढ़ की हड्डी में कैंसर आरव दिल्ली के महरौली इलाके के रहने वाले हैं. उन्हें लिम्फोब्लास्टिक लिंफोमा (Lymphoblastic Lymphoma) नामक एक कैंसर है. ये कैंसर रीढ़ की हड्डी पर अपना असर छोड़ता है. आरव ने ऐसे गंभीर बीमारी के बाद भी हार नहीं मानी. उन्होंने बोर्ड परीक्षा में सफलता हासिल करने का लक्ष्य तय किया है और तैयारी करते रहे. कई सारी मुश्किलों के बाद भी हारे नहीं आरव की पढ़ाई और कैंसर का इलाज साथ-साथ चलता रहा. बीमारी के दौरान जहां एक ओर इलाज और शारीरिक कमजोरी जैसी मुश्किलें थीं, वहीं दूसरी ओर पढ़ाई को जारी रखना भी आसान नहीं था. लेकिन आरव ने अपना ध्यान भटकने नहीं दिया और वे हारे नहीं. माता-पिता ने किया सपोर्ट आरव साकेत स्थित एक निजी स्कूल के स्टूडेंट हैं. उनकी इस सफलता के बाद परिवार में खुशी का माहौल है. आरव मानते हैं कि उनकी इस उलब्धि के बीच परिवार और शिक्षकों का भी बड़ा योगदान रहा. माता-पिता ने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया, वहीं स्कूल के शिक्षकों ने पढ़ाई में पूरा सहयोग दिया. आरव की कहानी लाखों स्टूडेंट्स के लिए उदाहरण आरव की कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है. इस छात्र की सफलता न सिर्फ अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी साबित करती है कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, मेहनत और हौसले से जीत हासिल की जा सकती है. यह भी पढ़ें- चतरा की बेटी ने किया कमाल! CBSE 10वीं परीक्षा में हासिल किया 96.8% The post दिल्ली के इस लड़के को कैंसर भी हरा नहीं सकी, CBSE में 96.6% अंक हासिल कर रचा इतिहास appeared first on Naya Vichar.

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मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ अदाणी बने एशिया के सबसे अमीर शख्स

Asia Richest Billionaire Rankings List 2026: शेयर बाजार में अदाणी ग्रुप के शेयरों की उड़ान ने गौतम अदाणी को एक बार फिर एशिया के अमीरों की लिस्ट में नंबर-1 पर पहुंचा दिया है. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अदाणी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ दिया है. कौन, कहां खड़ा है? नाम एशिया रैंक ग्लोबल रैंक नेटवर्थ (करीब) गौतम अदाणी 1 19 $92.6 अरब (₹8.59 लाख करोड़) मुकेश अंबानी 2 20 $90.8 अरब (₹8.42 लाख करोड़) कैसे पलटी बाजी? इस साल यानी 2026 की शुरुआत से ही दोनों दिग्गजों की संपत्ति में अलग ट्रेंड देखने को मिला है: अदाणी का इजाफा: इस साल अडाणी की संपत्ति $8.1 अरब बढ़ी है. सिर्फ एक दिन में ही उन्होंने अपनी वेल्थ में ₹33 हजार करोड़ से ज्यादा जोड़ लिए. अंबानी की गिरावट: मुकेश अंबानी की संपत्ति में इस साल $16.9 अरब की कमी आई है, जिसका मुख्य कारण रिलायंस के शेयरों में उतार-चढ़ाव रहा. एशिया के टॉप-5 रईस हिंदुस्तान का दबदबा एशिया के बाजार पर साफ दिख रहा है. टॉप-5 में पहले दो स्थानों पर हिंदुस्तानीय काबिज हैं: गौतम अदाणी (हिंदुस्तान) – ₹8.59 लाख करोड़ मुकेश अंबानी (हिंदुस्तान) – ₹8.42 लाख करोड़ झोंग शानशान (चीन) – ₹5.79 लाख करोड़ कॉलिन हुआंग (चीन) – ₹4.75 लाख करोड़ मा हुआतेंग (चीन) – ₹4.50 लाख करोड़ दुनिया में कौन है नंबर-1 ग्लोबल लिस्ट की बात करें तो इलॉन मस्क $656 अरब की भारी-भरकम नेटवर्थ के साथ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं. उनके बाद लैरी पेज और जेफ बेजोस का नंबर आता है. दिलचस्प बात यह है कि इस साल बर्नार्ड अर्नाल्ट और बिल गेट्स जैसे दिग्गजों को भी संपत्ति का नुकसान उठाना पड़ा है. Also Read: 1 अप्रैल से बदलेंगे अंडा बिक्री के नियम, यूपी में हर अंडे पर एक्सपायरी डेट अनिवार्य The post मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ अदाणी बने एशिया के सबसे अमीर शख्स appeared first on Naya Vichar.

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ईरान की घेराबंदी: US नेवी ने बीच समुद्र में रोका जहाज; ट्रंप बोले- हमारी मर्जी के बिना कोई घुसने की सोच भी नहीं सकता

US Navy: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी किया है. इसमें अमेरिकी नेवी का जंगी जहाज ‘USS माइकल मर्फी’ ओमान की खाड़ी में एक मर्चेंट शिप ‘मौली’ को रोकते हुए दिख रहा है. नेवी के जवान ने जहाज के क्रू से कहा कि अब वे उनकी निगरानी में अगले बंदरगाह तक जाएंगे. इस कार्रवाई के दौरान नेवी के हेलिकॉप्टर आसमान से नजर रख रहे थे. CENTCOM ने साफ कर दिया है कि वे ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी तब तक जारी रखेंगे जब तक जरूरत होगी. 10 हजार सैनिक और 100 विमानों ने घेरा ईरान का समुद्री रास्ता इस पूरे मिशन में अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. CENTCOM की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घेराबंदी में 10,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक, 12 से ज्यादा बड़े समुद्री जहाज और 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान तैनात हैं. इसमें सबसे खास एयरक्राफ्ट कैरियर ‘USS अब्राहम लिंकन’ है, जो अरब सागर में मौजूद है. सेंटकॉम, अमेरिकी रक्षा विभाग की एक मुख्य सैन्य कमान है, जिसका काम मध्य पूर्व, मध्य एशिया और दक्षिण एशिया के 21 देशों में अमेरिकी सैन्य अभियान और सुरक्षा हित संभालना है. USS Abraham Lincoln (CVN 72) transits the Arabian Sea as the United States blockades Iran’s ports and coastline. U.S. forces are NOT blockading the Strait of Hormuz. More than 10,000 American service members, 12+ ships, and 100+ aircraft have enforced the blockade in regional… pic.twitter.com/yQP4J1uSha — U.S. Central Command (@CENTCOM) April 16, 2026 इस विशाल जहाज पर F-35C स्टील्थ फाइटर, F/A-18 जेट्स और कई आधुनिक हेलिकॉप्टर्स तैनात हैं. इसके अलावा गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ‘USS डेलबर्ट डी ब्लैक’ के जरिए भी संदिग्ध जहाजों पर पैनी नजर रखी जा रही है. USS माइकल मर्फी’ ओमान की खाड़ी में एक मर्चेंट शिप ‘मौली’ को रोकते हुए Audio🔊of a Sailor aboard USS Michael Murphy (DDG 112), with video from the guided-missile destroyer’s embarked helicopter flying over the Gulf of Oman, as the U.S. Navy diverts a merchant vessel while enforcing the blockade on ships entering or departing Iranian ports. U.S.… pic.twitter.com/10QxlEoGkk — U.S. Central Command (@CENTCOM) April 16, 2026 होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं, सिर्फ ईरानी पोर्ट्स पर पाबंदी पेंटागन के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने साफ किया है कि अमेरिका ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को बंद नहीं कर रहा है. यह पाबंदी सिर्फ ईरान के बंदरगाहों और उसकी तटीय सीमा पर आने-जाने वाले जहाजों के लिए है. जनरल केन ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह नियम हर देश के जहाज पर लागू होगा. राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के बाद यह घेराबंदी सोमवार सुबह 10 बजे से शुरू की गई थी. Sailors aboard guided-missile destroyer USS Delbert D. Black (DDG 119) stand watch as U.S. forces remain vigilant and enforce the blockade against ships attempting to enter or depart Iranian ports and coastal areas. pic.twitter.com/oHSq4RhiVd — U.S. Central Command (@CENTCOM) April 17, 2026 पाकिस्तान में बातचीत फेल होने के बाद ट्रंप का सख्त फैसला पिछले हफ्ते पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत हुई थी, जो बेनतीजा रही. इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की घेराबंदी का फैसला लिया. ट्रंप ने कहा कि नेवी बेहतरीन काम कर रही है और अब कोई भी जहाज उनकी इजाजत के बिना ईरान की सीमा में घुसने की सोच भी नहीं रहा है. हालांकि, शिपिंग डेटा से पता चला है कि मंगलवार को तीन ईरानी टैंकरों सहित आठ जहाजों ने इस रास्ते को पार किया था. अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल दो हफ्ते का सीजफायर (युद्धविराम) चल रहा है.   ये भी पढ़ें: ईरान की समुद्री नाकाबंदी: अरब सागर में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन तैनात; ट्रंप बोले- यह रूटीन ऑपरेशन ये भी पढ़ें: ईरान से डील या सीधे वार? ट्रंप ने दिए बातचीत के संकेत, उधर बंदरगाहों पर US ने तैनात किए 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान The post ईरान की घेराबंदी: US नेवी ने बीच समुद्र में रोका जहाज; ट्रंप बोले- हमारी मर्जी के बिना कोई घुसने की सोच भी नहीं सकता appeared first on Naya Vichar.

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होटल का बिल हो या नई गाड़ी, PAN कार्ड के बिना अधूरे रह जाएंगे ये 17 काम

PAN Card Mandatory Transactions: ज्यादातर लोग मानते हैं कि PAN कार्ड का काम सिर्फ इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने तक सीमित है. लेकिन असल में, आपकी मेहनत की कमाई और बड़े लेन-देन पर प्रशासन की पैनी नजर इसी कार्ड के जरिए रहती है. इनकम टैक्स नियमों के Rule 114B के अनुसार, ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने और टैक्स चोरी रोकने के लिए नीचे दिए गए 17 कामों में PAN देना अनिवार्य है. किन 17 बड़े लेन-देन में PAN कार्ड देना अनिवार्य है? गाड़ी खरीदना/बेचना: दोपहिया वाहन को छोड़कर किसी भी गाड़ी के लिए. बैंक अकाउंट: किसी भी बैंक में नया खाता खोलने के लिए (BSDA को छोड़कर). कार्ड और डीमैट: क्रेडिट/डेबिट कार्ड अप्लाई करने या शेयर बाजार के लिए डीमैट अकाउंट खोलने पर. होटल बिल: होटल या रेस्तरां में 50,000 रुपये से ज्यादा का कैश पेमेंट करने पर.  विदेश यात्रा: विदेश जाने या विदेशी करेंसी खरीदने के लिए 50,000 रुपये से ज्यादा का कैश देने पर. म्यूचुअल फंड: 50,000 रुपये से ज्यादा का इनवेस्टमेंट करने पर.  डिबेंचर या बॉन्ड: किसी कंपनी से 50,000 रुपये से अधिक के बॉन्ड खरीदने पर.  RBI बॉन्ड: रिजर्व बैंक के बॉन्ड खरीदने के लिए 50,000 रुपये से ज्यादा की पेमेंट पर.  कैश डिपॉजिट: बैंक में एक दिन में 50,000 रुपये से ज्यादा कैश जमा करने पर.  बैंक ड्राफ्ट: 50,000 रुपये से ज्यादा का ड्राफ्ट या पे-ऑर्डर कैश में बनवाने पर.  फिक्स्ड डिपॉजिट (FD): बैंक या पोस्ट ऑफिस में 50,000 रुपये से ज्यादा की FD कराने पर.  डिजिटल वॉलेट: ई-वॉलेट या प्रीपेड कार्ड में साल भर में 50,000 रुपये से ज्यादा डालने पर.  LIC प्रीमियम: साल में 50,000 रुपये से ज्यादा का लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम भरने पर.  सिक्योरिटीज: शेयर के अलावा अन्य सिक्योरिटीज में 1 लाख रुपये से ज्यादा के सौदे पर.  अनलिस्टेड शेयर: स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट न होने वाली कंपनी के 1 लाख रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदने पर.  प्रॉपर्टी: 10 लाख रुपये से ज्यादा की जमीन, मकान या दुकान खरीदने-बेचने पर.  अन्य खरीदारी: किसी भी सामान या सर्विस के लिए 2 लाख  रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर.  नियम तोड़ने पर क्या विभाग को पता चल जाता है? जी हां, इनकम टैक्स विभाग ने इसकी पूरी तैयारी कर रखी है. विभाग के अनुसार, यह उस संस्था की कानूनी जिम्मेदारी है जो आपसे पेमेंट ले रही है. उदाहरण के लिए, यदि आप बैंक अकाउंट खोलते हैं, तो यह बैंक की जिम्मेदारी है कि वह आपसे PAN कार्ड ले. अगर कोई संस्थान बिना PAN के ये लेन-देन करता है, तो उन पर कार्रवाई हो सकती है. इस तरह विभाग हर हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन को ट्रैक करता है.  अप्रैल 2026 से PAN कार्ड के नियमों में क्या बदलाव हुए हैं? 1 अप्रैल 2026 से PAN कार्ड बनवाने की प्रक्रिया बदल गई है. अब आप सिर्फ आधार कार्ड के दम पर PAN नहीं बनवा सकते. अब आपको डेट ऑफ बर्थ (DOB) के लिए अलग से प्रूफ देना अनिवार्य है. इसके लिए आप बर्थ सर्टिफिकेट, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या 10वीं की मार्कशीट का इस्तेमाल कर सकते हैं.  विदेशी नागरिकों और कंपनियों के लिए नए फॉर्म क्या हैं? अब पैन कार्ड अप्लाई करने के लिए  प्रशासन ने पुराने फॉर्म 49AA को हटाकर अब नए फॉर्म पेश किए हैं: फॉर्म 95: हिंदुस्तान के नागरिक न होने वाले व्यक्तियों के लिए. फॉर्म 96: हिंदुस्तान के बाहर रजिस्टर्ड कंपनियों या संस्थाओं के लिए. इस से जुड़ी इंकम टैक्स इंडिया की ऑफिशियल एक्स पोस्ट देखें: Old form 49AA has been replaced with new forms 95 and 96. ✅Form 95 – PAN allotment application form filed by individual not being citizen of India. ✅Form 96 – PAN allotment application form filed by entities incorporated outside India. Link to access detailed brochure on… pic.twitter.com/V1rreuuANB — Income Tax India (@IncomeTaxIndia) April 13, 2026 ये भी पढ़ें: फलों को पकाने के लिए ‘मसाले’ का इस्तेमाल पड़ेगा भारी, FSSAI ने जारी किए सख्त आदेश The post होटल का बिल हो या नई गाड़ी, PAN कार्ड के बिना अधूरे रह जाएंगे ये 17 काम appeared first on Naya Vichar.

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CM सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी, गुजरात में पकड़ा गया आरोपी, बिहार ला रही पुलिस

Samrat Choudhary Death Threat: बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी मिली है. जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास पर एक फोन कॉल आया, जिसमें आरोपी ने सीधे तौर पर CM को जान से मारने की धमकी दी. इस घटना के सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की गई. तकनीकी जांच से मिला आरोपी का सुराग धमकी मिलने के बाद बिहार पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी. कॉल डिटेल और तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई. जांच के दौरान पता चला कि आरोपी बिहार से बाहर छिपा हुआ है और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है. गुजरात के सानंद से गिरफ्तारी लगातार ट्रैकिंग के बाद आरोपी की लोकेशन गुजरात के सानंद में मिली. इसके बाद बिहार और गुजरात पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी की पहचान शेखर यादव (32) के रूप में हुई है, जो बिहार के बांका जिले का रहने वाला है. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी गुजरात में मजदूरी करता है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसने यह धमकी क्यों दी. पुलिस इस पूरे मामले के पीछे की मंशा जानने में जुटी हुई है. बिहार लाया जा रहा आरोपी गुजरात पुलिस ने आरोपी को बिहार पुलिस के हवाले कर दिया है. अब उसे बिहार लाया जा रहा है, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किसी साजिश का हिस्सा है या उसने अकेले ही यह कदम उठाया. शपथ के बाद एक्शन में सम्राट चौधरी सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उसके बाद से लगातार एक्शन में नजर आ रहे हैं. अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं. जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याओं को सुन रहे हैं. साथ ही ऑन द स्पॉट निपटारा भी कर रहे हैं. Also Read: सीतामढ़ी जंक्शन जाने से पहले जान लें ये जरूरी बदलाव, वरना टिकट के लिए भटकते रह जाएंगे The post CM सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी, गुजरात में पकड़ा गया आरोपी, बिहार ला रही पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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Honda CBR150R हुआ अपडेट, नए शेड में दिखा ज्यादा अग्रेसिव

स्पोर्ट्स बाइक पसंद करने वालों के लिए Honda ने अपनी पॉपुलर CBR150R को एक नया स्टाइलिश ट्विस्ट दिया है. 2026 अपडेट के तहत कंपनी ने इस बाइक में नया कलर ऑप्शन जोड़ा है, जिससे इसका लुक पहले से ज्यादा अग्रेसिव और आकर्षक हो गया है. नए अपडेट के साथ बाइक को कंपनी ने मलेशिया में लॉन्च किया है. खास बात यह है कि बिना किसी मैकेनिकल बदलाव के सिर्फ नए रंग के जरिए ही बाइक की अपील को और बेहतर बनाया गया है, जो इसे यंगस्टर्स के बीच और भी खास बना सकता है. नया कलर कैसा है? CBR150R के लिए जो नया रंग पेश किया गया है, वह ब्लैक बेस में आता है, जिसमें ऑरेंज हाइलाइट्स दिए गए हैं. ये हाइलाइट्स हेडलाइट सेक्शन, फ्यूल टैंक के ऊपर, इंजन काउल और टेल सेक्शन पर नजर आते हैं. बाइक की फेयरिंग पर CBR150R की बैजिंग दी गई है, जबकि इंजन काउल पर Honda का लोगो मौजूद है. कुल मिलाकर यह नया शेड बाइक के स्पोर्टी कैरेक्टर को और बेहतर तरीके से उहिंदुस्ताना है. अन्य कलर ऑप्शन भी मौजूद इस नए ब्लैक-ऑरेंज शेड के अलावा, CBR150R अब सिल्वर रंग और Honda के आइकॉनिक ट्राईकलर फिनिश में भी उपलब्ध है. यह ट्राईकलर स्कीम काफी हद तक Honda CBR1000RR Fireblade से इंस्पायर्ड है, जो इसे एक प्रीमियम फील देती है. इंजन और परफॉर्मेंस में कोई बदलाव नहीं इस अपडेट में सिर्फ कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं, जबकि बाइक के मैकेनिकल स्पेसिफिकेशन पहले जैसे ही हैं. इसमें 150cc का लिक्विड-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन दिया गया है, जो 16bhp की पावर और 13.7Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. कीमत और उपलब्धता मलेशिया में Honda CBR150R की कीमत RM13,399 (लगभग 3.16 लाख रुपये) रखी गई है. फिलहाल इस अपडेट को हिंदुस्तान में लॉन्च करने को लेकर कंपनी ने कोई ऐलान नहीं किया है. यह भी पढ़ें: नये डिजाइन और स्मार्ट फीचर्स के साथ आया Yamaha Fascino 125 Fi Hybrid The post Honda CBR150R हुआ अपडेट, नए शेड में दिखा ज्यादा अग्रेसिव appeared first on Naya Vichar.

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गर्मी में सही कूलिंग चाहिए? ऐसे चुनें परफेक्ट एयर कूलर

गर्मी बढ़ते ही राहत की तलाश हर घर में शुरू हो जाती है और ऐसे में एयर कूलर (Air Cooler) एक बजट-फ्रेंडली और काम का ऑप्शन बनकर सामने आता है. लेकिन सिर्फ कूलर खरीद लेना ही काफी नहीं होता, असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आपने सही कूलर चुना है या नहीं. कई बार लोग बिना सोचे-समझे कूलर ले आते हैं और बाद में या तो कूलिंग कम मिलती है या कमरे में उमस बढ़ जाती है. इसलिए जरूरी है कि कूलर खरीदने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि आपको सही ठंडक और बेहतर एक्सपीरियंस मिल सके. कमरे का साइज समझना जरूरी कूलर की कैपेसिटी CFM (Cubic Feet per Minute) में मापी जाती है, जो बताता है कि वह कितनी हवा सर्कुलेट कर सकता है. सही कूलर चुनने के लिए कमरे की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई को गुणा करके उसका वॉल्यूम निकालें और उसे आधा कर दें. इससे आपको अंदाजा मिलेगा कि कितनी क्षमता वाला कूलर आपके कमरे के लिए सही रहेगा. बड़े कमरे के लिए ज्यादा CFM वाला कूलर जरूरी होता है. वॉटर टैंक की कैपेसिटी का रखें ध्यान कूलर का टैंक जितना बड़ा होगा, उतनी देर तक बिना रिफिल के कूलिंग मिलेगी. छोटे कमरे के लिए 15–30 लीटर का टैंक काफी होता है. मिड साइज के कमरे के लिए 30–60 लीटर और बड़े कमरों के लिए 60 लीटर या उससे ज्यादा कैपेसिटी वाला टैंक बेहतर रहता है. कुछ कूलर में ऑटो-फिल फीचर भी होता है, जिससे पानी अपने आप भरता रहता है. कूलर का सही टाइप चुनें रूम कूलर तीन तरह के होते हैं. पर्सनल कूलर छोटे कमरे या पर्सनल यूज के लिए सही होते हैं और कम बिजली खर्च करते हैं. टावर कूलर स्लिम डिजाइन के होते हैं और मिड साइज के कमरों के लिए बेहतर होते हैं. डेजर्ट कूलर बड़े कमरों और सूखे इलाकों के लिए बनाए जाते हैं, जिनमें बड़ी टैंक कैपेसिटी और पावरफुल फैन होता है. कूलिंग पैड की क्वालिटी चेक करें कूलिंग पैड कूलर का सबसे अहम हिस्सा होता है. हनीकॉम्ब पैड सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं, क्योंकि ये ज्यादा पानी सोखते हैं और 2–3 साल तक टिकाऊ रहते हैं. ये बेहतर और प्रभावी कूलिंग देने में मदद करते हैं. पावर कंजम्प्शन पर ध्यान दें एयर कूलर की बिजली खपत वाट्स (W) में मापी जाती है. AC के मुकाबले कूलर कम बिजली खर्च करता है, लेकिन फिर भी कम पावर वाले मॉडल चुनना बेहतर होता है. अगर आपके इलाके में बिजली कटौती होती है, तो इन्वर्टर सपोर्ट वाला कूलर लेना सही रहेगा. BLDC मोटर वाले कूलर भी उपलब्ध हैं, जो कम बिजली में ज्यादा काम करते हैं. बिल्ड क्वालिटी और पोर्टेबिलिटी देखें कूलर की बॉडी प्लास्टिक या मेटल की हो सकती है. मजबूत बॉडी वाला कूलर ज्यादा समय तक चलता है. साथ ही, कूलर में कास्टर व्हील्स (पहिए) होने चाहिए, जिससे उसे एक कमरे से दूसरे कमरे में आसानी से ले जाया जा सके. एक्स्ट्रा फीचर्स का रखें ध्यान आज के कूलर में कई एडवांस फीचर्स भी मिलते हैं. जैसे कि रिमोट कंट्रोल से आप बिना उठे सेटिंग बदल सकते हैं. आइस चैंबर में बर्फ डालकर ज्यादा ठंडी हवा पाई जा सकती है. टाइमर फीचर से कूलर अपने आप बंद हो सकता है. कुछ मॉडल में डस्ट फिल्टर भी होता है, जो हवा को साफ रखने में मदद करता है. यह भी पढ़ें: गर्मी में कूलर देगा जबरदस्त कूलिंग, बस अपना लें ये आसान टिप्स The post गर्मी में सही कूलिंग चाहिए? ऐसे चुनें परफेक्ट एयर कूलर appeared first on Naya Vichar.

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फलों को पकाने के लिए ‘मसाले’ का इस्तेमाल पड़ेगा भारी, FSSAI ने जारी किए सख्त आदेश

FSSAI Calcium Carbide Ban: गर्मियों का सीजन आते ही मार्केट में रसीले और ताजे फलों की मांग बढ़ जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जो फल आप सेहत बनाने के लिए खा रहे हैं, वे आपको बीमार भी कर सकते हैं? हिंदुस्तानीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने हाल ही में एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी राज्यों को आदेश दिया है कि फलों को नकली तरीके से पकाने वाले ‘मसाले’ (कैल्शियम कार्बाइड) पर कड़ा एक्शन लिया जाए.  क्या फलों में ‘मसाला’ डालना गैरकानूनी है? जी हां, ANI की रिपोर्ट के अनुसार, जिसे फल व्यापारी आम भाषा में ‘मसाला’ कहते हैं, वह असल में कैल्शियम कार्बाइड नाम का एक खतरनाक केमिकल है. FSSAI के नियमों के मुताबिक, इसका इस्तेमाल फलों को पकाने के लिए पूरी तरह बैन है. यह केमिकल इतना खतरनाक है कि इससे फल जल्दी तो पक जाते हैं, लेकिन उनमें जहर घुल जाता है. इसे पकड़ने के लिए अब अधिकारी बाजारों और गोदामों में ‘स्ट्रिप पेपर टेस्ट’ का इस्तेमाल करेंगे, जिससे तुरंत पता चल जाएगा कि फल प्राकृतिक रूप से पका है या केमिकल से.  यह केमिकल आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक है? नकली तरीके से पकाए गए फल दिखने में तो बहुत पीले और सुंदर लगते हैं, लेकिन इनका स्वाद फीका होता है. FSSAI के मुताबिक, कैल्शियम कार्बाइड के इस्तेमाल से फल खाने वाले व्यक्ति को निगलने में दिक्कत, उल्टी, और त्वचा पर अल्सर (घाव) जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. लंबे समय तक ऐसे फलों का सेवन शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है. इसीलिए प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर किसी फल गोदाम में यह बैन्ड ‘मसाला’ पाया गया, तो बिना किसी देरी के सख्त कानूनी कार्रवाई और जेल तक हो सकती है.  क्या एथिलीन का इस्तेमाल भी गलत तरीके से हो रहा है? अक्सर व्यापारी एथिलीन गैस का उपयोग फल पकाने के लिए करते हैं, जिसे सुरक्षित माना जाता है. लेकिन यहां भी एक बड़ा स्पोर्ट्स हो रहा है. कुछ लोग फल को सीधे एथिलीन के लिक्विड या पाउडर में डुबो देते हैं, जो कि नियमों के खिलाफ है. FSSAI ने स्पष्ट किया है कि फल और केमिकल का सीधा संपर्क नहीं होना चाहिए. सिर्फ कंट्रोल वातावरण में गैस के जरिए ही फलों को पकाया जा सकता है. इसके अलावा, फलों पर चमक लाने के लिए इस्तेमाल होने वाले वैक्स (Wax) और सिंथेटिक रंगों पर भी अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी.  प्रशासन ने क्या दिए हैं सख्त निर्देश? सभी राज्यों के फूड सेफ्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फल मंडियों और होलसेल बाजारों में अचानक छापेमारी करें. अब सिर्फ शक के आधार पर नहीं, बल्कि अगर फल के पास कार्बाइड का पैकेट भी मिल जाता है, तो उसे पुख्ता सबूत मानकर व्यापारी पर मुकदमा चलाया जाएगा. इस मुहीम का मकसद सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता तक पहुंचने वाले फल शुद्ध और सुरक्षित हों.  ये भी पढ़ें: शेयर मार्केट में आज मंदी के बाद लौटी रौनक, इनवेस्टमेंट से पहले जान लें ये बातें The post फलों को पकाने के लिए ‘मसाले’ का इस्तेमाल पड़ेगा भारी, FSSAI ने जारी किए सख्त आदेश appeared first on Naya Vichar.

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गर्मियों में चाहिए ताजगी, एक बार जरूर ट्राई करें पान और लीची का स्वादिष्ट मिश्रण 

Paan Litchi Lassi: पान लीची लस्सी एक बेहद खास और रिफ्रेशिंग ड्रिंक है, जो पारंपरिक पान के स्वाद को मीठी और जूसी लीची के साथ मिलाकर तैयार की जाती है. गर्मियों के मौसम में यह लस्सी न सिर्फ शरीर को ठंडक देती है, बल्कि इसका अनोखा फ्लेवर भी हर किसी को आकर्षित करता है. इसमें इस्तेमाल होने वाला गुलकंद और दही इसे और भी क्रीमी और खुशबूदार बना देते हैं. अगर आप कुछ नया और हटकर ट्राई करना चाहते हैं, तो यह लस्सी आपके लिए परफेक्ट विकल्प है. इसे बनाना भी बेहद आसान है और स्वाद में लाजवाब. लस्सी बनाने के लिए सामान : 1 कप ताजी लीची (छिली और बीज निकाली हुई) 1 कप दही (ठंडा) 2-3 पान के पत्ते (डंठल हटाकर) 2-3 चम्मच चीनी (स्वाद अनुसार) 2 चम्मच गुलकंद 4-5 बर्फ के टुकड़े 2-3 इलायची कैसे तैयार करते हैं लस्सी 1. तैयारी करें: सबसे पहले ताजी लीची को अच्छी तरह धोकर छील लें और उसके बीज निकाल दें. अब पान के पत्तों को साफ पानी से धोकर उनका डंठल हटा दें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें, ताकि ब्लेंड करने में आसानी हो. 2. बेस तैयार करें: अब एक मिक्सर जार लें और उसमें दही डालें. इसके साथ तैयार की हुई लीची, कटे हुए पान के पत्ते, गुलकंद, चीनी और इलायची डाल दें. इससे लस्सी का स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ेंगे. 3. ब्लेंड करें: सभी सामग्री को मिक्सर में अच्छी तरह 1-2 मिनट तक ब्लेंड करें, ताकि यह एकदम स्मूद और क्रीमी टेक्सचर में बदल जाए. अगर मिश्रण ज्यादा गाढ़ा लगे तो थोड़ा ठंडा दूध या पानी भी मिला सकते हैं. 4. ठंडक और टेक्सचर दें: अब इसमें 4-5 बर्फ के टुकड़े डालकर एक बार फिर ब्लेंड करें. इससे लस्सी ठंडी, फ्रेश और झागदार बन जाएगी. 5. सर्व करें: तैयार पान लीची लस्सी को ठंडे गिलास में निकालें. ऊपर से थोड़ा गुलकंद, बारीक कटे पान के टुकड़े या ड्राई फ्रूट्स डालकर सजाएं. चाहें तो कुछ बर्फ के टुकड़े और डाल सकते हैं. यह भी पढ़ें: बोरिंग इडली को बनाना है मजेदार, तो ट्राई करें रागी चॉकलेट की रेसिपी  यह भी पढ़ें: एक बार बनाओ, बार-बार खाओ, खट्टी-मीठी आम की मजेदार कलौंजी  The post गर्मियों में चाहिए ताजगी, एक बार जरूर ट्राई करें पान और लीची का स्वादिष्ट मिश्रण  appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हरिवंश, पीएम मोदी ने दी बधाई

राज्यसभा के मनोनीत सांसद हरिवंश निर्विरोध सदन के उपसभापति चुने गए. राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य हरिवंश को शुक्रवार (17 अप्रैल) को राज्यसभा का उपसभापति चुना गया. पत्रकारिता से नेतृत्व में आए हरिवंश का यह उप सभापति के पद पर तीसरा कार्यकाल है. उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो गया था, जिसके बाद यह पद खाली था. फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए मनोनीत किया. हरिवंश ने 10 अप्रैल को सदस्य के रूप में शपथ ली और 17 को वे उपसभापति बन गए हैं. Speaking in the Rajya Sabha. https://t.co/0MhP3145LO — Narendra Modi (@narendramodi) April 17, 2026 केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जेपी नड्डा ने हरिवंश को राज्यसभा का उपसभापति निर्वाचित किए जाने के लिए पहला प्रस्ताव पेश किया, जिसका समर्थन एस फांग्नोन कोन्यक ने किया. प्रधानमंत्री मोदी और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हरिवंश को उपसभापति के पद पर उनके निर्वाचन पर बधाई दी. यह भी पढ़ें : संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड 3 में क्या है, जिसके तहत राष्ट्रपति ने हरिवंश को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया? पीएम मोदी ने की हरिवंश की तारीफ राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा कि लगातार तीसरी बार इस पद पर चुना जाना इस बात का सबूत है कि सदन को उन पर पूरा भरोसा है. मोदी ने कहा कि हरिवंश ने अपने अनुभव और संतुलित नेतृत्व से सदन की कार्यवाही को बेहतर बनाया है और सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश की है. उन्होंने यह भी कहा कि हरिवंश सिर्फ सदन चलाते ही नहीं, बल्कि अपने अनुभव से उसे और मजबूत बनाते हैं. पीएम ने भरोसा जताया कि उनका नया कार्यकाल भी उसी संतुलन, समर्पण और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि हम सभी के प्रयास से सदन की गरिमा और भी ऊंचाई तक पहुंचेगी. यह भी पढ़ें : हरिवंश नारायण सिंह फिर बने राज्यसभा सांसद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया नामित The post राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हरिवंश, पीएम मोदी ने दी बधाई appeared first on Naya Vichar.

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