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April 30, 2026

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Heavy Rain: झारखंड-ओडिशा सहित कई राज्यों में भारी बारिश, भीषण गर्मी से राहत

Heavy Rain: झारखंड की राजधानी रांची में दोपहर बाद मौसम बदला और तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई. मौसम विभाग के अनुसार राज्यभर में 4 मई तक हल्की बारिश होने की संभावना है. केरल में भारी बारिश; ऑरेंज अलर्ट जारी केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने राज्य के छह जिलों कोल्लम, पथनमथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया. आईएमडी ने गरज-चमक के साथ बारिश होने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है. ऊटी में शाम के समय हुई बारिश ऊटी में शाम के समय अचानक बारिश शुरू हो गई. ठंडी हवाओं और बारिश ने इस हिल स्टेशन को सुहावने मौसम से सराबोर कर दिया है. मॉनसून में देरी और बढ़ते तापमान के बीच, पर्यटकों को बड़ी इससे बड़ी राहत मिली है. #WATCH | Ooty, Tamil Nadu: Breezy winds and rainfall have enveloped the hill station in cool weather. With the monsoon delayed and temperatures rising, this shower has brought welcome relief to residents and tourists on vacation. pic.twitter.com/crQZxygyAG — ANI (@ANI) April 30, 2026 पश्चिम बंगाल में चार मई तक गरज-तूफान के साथ बारिश की संभावना पश्चिम बंगाल में 4 मई तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में भारी से बहुत भारी बारिश और कलिम्पोंग में भारी बारिश की संभावना है. इस अवधि के दौरान पश्चिम बंगाल के उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम बर्धमान, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुरा, पुरुलिया, हुगली और नदिया में गरज-चमक के साथ बारिश होने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. #WATCH | Odisha: Heavy rain lashes parts of Bhubaneswar. pic.twitter.com/dByIMX3J5T — ANI (@ANI) April 30, 2026 ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में भी बारिश ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में भी शाम के समय भारी बारिश हुई. जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली. केदारनाथ धाम में हल्की बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है. रात के समय तापमान शून्य से नीचे गिर जाता है. #WATCH | Rudraprayag: Light rainfall at Kedarnath Dham leads to an increase in cold temperatures, dropping below zero during the nights. pic.twitter.com/Vup0NkNrQF — ANI (@ANI) April 30, 2026 The post Heavy Rain: झारखंड-ओडिशा सहित कई राज्यों में भारी बारिश, भीषण गर्मी से राहत appeared first on Naya Vichar.

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दही और खीरे का यह फेस पैक मिनटों में लौटाएगा खोया हुआ निखार, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका

DIY Face Pack: गर्मियों के इन दिनों में तेज धूप, हर समय शरीर और चेहरे से बहता हुआ पसीना, और धूल-मिट्टी की वजह से हमारा चेहरा अक्सर बेजान और थका हुआ दिखने लगता है. ऐसी स्थिति में कई बार स्किन में जलन, रेडनेस और टैनिंग जैसी समस्याएं भी हो जाती हैं. जब ऐसा होता है, तो हम अक्सर महंगे प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स का सहारा लेने लगते हैं. ये प्रोडक्ट्स कभी-कभी असर दिखाते हैं, लेकिन कई बार उल्टा नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा इनमें काफी पैसे खर्च होते हैं और समय की भी बर्बादी होती है. अगर आप बिना इन महंगे प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स के भी अपनी स्किन को ठंडक और मॉइस्चर देना चाहते हैं, तो आज का यह आर्टिकल आपके लिए ही है. आज हम आपको एक ऐसे घर पर बने फेस पैक के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके चेहरे को नैचुरली ठंडक और मॉइस्चर देने में मदद करेगा. दही और खीरे का करें इस्तेमाल दही और खीरा दोनों ही चीजें आपकी स्किन को नैचुरली ठंडक पहुंचाने में मदद करते हैं. दही में लैक्टिक एसिड होता है जो आपकी स्किन को सॉफ्ट बनाने में काफी मदद कर सकता है. वहीं, खीरे में पानी की मात्रा काफी ज्यादा होती है. यह आपको स्किन को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है और साथ ही आपको सनबर्न से भी आराम दिलाता है. इन दोनों ही चीजों का इस्तेमाल जब आप चेहरे पर करते हैं तो आपकी स्किन पहले से काफी ज्यादा फ्रेश और ग्लोइंग लगने लगती है. ये भी पढ़ें: काम के चक्कर में रहती हैं दिनभर घर से बाहर? ये 5 ब्यूटी हैक्स आपको रखेंगे हर समय फ्रेश और ग्लोइंग फेस पैक बनाने का आसान तरीका दही और खीरे से बने इस फेस पैक को बनाने के लिए आपको ज्यादा चीजों को जरूरत नहीं है. इसके लिए आपको एक छोटे से बाउल में 2 चम्मच फ्रेश दही ले लेना है और फिर इसमें आधा खीरा कद्दूकस करके इसमें मिक्स कर दें. आप अगर चाहें तो इसमें 1 चम्मच शहद भी मिक्स कर सकते हैं. जब आप ऐसा करेंगे तो आपकी स्किन को एक्स्ट्रा मॉइस्चर मिलेगा. इन सभी चीजों मो अच्छे से मिक्स करके एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें. फेस पैक को लगाने का सही तरीका खीरे और दही से बने इस फेस पैक को चेहरे पर लगाने से पहले अपने चेहरे को अच्छे से साफ जरूर कर लें. जब आप चेहरे को धो लेंगे तो आपके चेहरे से धूल और गंदगी अच्छे से साफ हो जाएगी. अब इस पेस्ट को अपने पूरे चेहरे और गर्दन पर अच्छी तरह से लगा लें. इसे 20 मिनट के लिए सूखने के लिए छोड़ दें. जब चेहरे पर लगा यह फेस पैक सूख जाए तो इसे ठंडे पानी और हल्के हाथों से मसाज करते हुए धो लेना चाहिए. जब आप ऐसा करेंगे तो आपका चेहरा साफ और ठंडा महसूस होने लग जाता है. इस फेस का इस्तेमाल आपको हफ्ते में 2 से 3 बार अपने चेहरे पर करना है. फेस पैक से मिलने वाले फायदे जब आप इस फेस पैक का इस्तेमाल अपने चेहरे पर करते हैं तो आपकी स्किन को ठंडक मिलती है और साथ ही सनटैन की प्रॉब्लम से भी छुटकारा मिलता है. अगर आप एक ग्लोइंग स्किन पाना चाहते हैं और साथ ही पिंपल्स और ऑयली स्किन से भी छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आपको इस नैचुरल फेस पैक का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए. ये भी पढ़ें: नहाने का तरीका बदलें और पाएं ग्लोइंग स्किन, ये 3 आसान ब्यूटी हैक्स आपकी स्किन को बना देंगे सॉफ्ट और फ्रेश The post दही और खीरे का यह फेस पैक मिनटों में लौटाएगा खोया हुआ निखार, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका appeared first on Naya Vichar.

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Khatron Ke Khiladi 15 Confirm Contestants: पुराने खिलाड़ियों के साथ नए चेहरों की एंट्री, जानें इस बार कौन-कौन खतरों से भिड़ेगा

Khatron Ke Khiladi 15 Confirm Contestants: रोहित शेट्टी का शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ एक साल के लंबे इंतजार के बाद लौट रहा है. लेकिन इस बार मामला थोड़ा हटकर है. समाचार है कि इस बार शो की थीम ‘चैलेंजर्स वर्सेज चैंपियंस’ रखी गई है. इसका मतलब है कि इस साल आने वाले नए खिलाड़ियों का मुकाबला उन पुराने खिलाड़ियों से होगा जो पहले भी इस शो में कमाल कर चुके हैं. यानी मुकाबला और भी खतरनाक होने वाला है. ऐसे में आइए बताते हैं अब तक किन-किन स्टार्स के नाम कंफर्म हो चुके हैं. कौन-कौन से नए खिलाड़ी आ रहे हैं? गौरव खन्ना: बिग बॉस 19 विनर फराहना भट्ट: बिग बॉस 19 की रनर-अप हर्ष गुजराल: फेमस कॉमेडियन शगुन शर्मा: टीवी की मशहूर बहू समर्थ जुरेल: टीवी एक्टर पुराने खिलाड़ी भी मारेंगे एंट्री इस बार कुछ पुराने कंटेस्टेंट्स भी शो में वापसी करेंगे, जिससे मुकाबला और भी टफ होने वाला है. इनमें जो नाम अब तक पक्के तौर पर सामने आए हैं, वे हैं: रुबीना दिलैक (Season 12) जैस्मिन भसीन (Season 9) करण वाही (Season 8) ऋत्विक धनजानी (Season 8) अविका गौर (Season 9) इसके अलावा निया शर्मा (Season 8), हिंदुस्तानी सिंह (Season 9) और मिस्टर फैसू (Season 12) से भी बात चल रही है. इन नामों की भी है चर्चा इस सीजन में टीवी के बड़े चेहरों के साथ-साथ कई रियलिटी शो स्टार्स के आने की भी चर्चा है. इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, शो के लिए दिग्विजय राठी, सोराब बेदी, निहारिका तिवारी, मनीषा रानी और अरबाज पटेल को अप्रोच किया गया है. इनके अलावा अविनाश मिश्रा, चुम दरंग, श्रुतिका अर्जुन, ईशा सिंह, अभिषेक बजाज और नेहल चुडासमा जैसे सितारों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिनसे अभी बातचीत चल रही है और वे इस नए सीजन में नजर आ सकते हैं. कब और कहां होगी शूटिंग? पिछले सीजन में कम टीआरपी की वजह से शो को एक साल के लिए रोक दिया गया था, लेकिन अब यह धमाकेदार वापसी कर रहा है. सभी कंटेस्टेंट्स मई के आखिरी हफ्ते में शूटिंग के लिए केप टाउन (साउथ अफ्रीका) उड़ान भरेंगे. शो जून के आखिर या जुलाई की शुरुआत में टीवी पर आ सकता है. यह भी पढ़ें: Manithan Deivamagalam OTT Release: मजबूरी, गुस्सा और बदले की आग, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगी सेल्वाराघवन की ‘मनिथन देवमगलम’ The post Khatron Ke Khiladi 15 Confirm Contestants: पुराने खिलाड़ियों के साथ नए चेहरों की एंट्री, जानें इस बार कौन-कौन खतरों से भिड़ेगा appeared first on Naya Vichar.

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गुजरात टाइटंस ने टॉस जीता, आरसीबी की पहले बल्लेबाजी, देखें प्लेइंग XI

GT vs RCB, IPL 2026: आरसीबी के खिलाफ गुजरात टाइटंस ने टॉस जीत लिया. टॉस जीतकर कप्तान शुभमन गिल ने गेंदबाजी करने का फैसला किया. आरसीबी और गुजरात टाइटंस ने अपनी टीम में कोई भी बदलाव नहीं किया है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (प्लेइंग इलेवन) विराट कोहली, जैकब बेटेल, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेजलवुड. दोनों टीम के इम्पैक्ट प्लेयर गुजरात टाइटंस : राहुल तेवतिया, ग्लेन फिलिप्स, अनुज रावत, निशांत सिंधु, कुलवंत खेजरोलिया. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रसिख सलाम डार, जॉर्डन कॉक्स, मंगेश यादव, विक्की ओस्टवाल, वेंकटेश अय्यर. गुजरात टाइटंस (प्लेइंग इलेवन) शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), जेसन होल्डर, शाहरुख खान, वाशिंगटन सुंदर, अरशद खान, राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, मानव सुथार. टॉस जीतने के बाद क्या बोले शुभमन गिल? टॉस जीतने के बाद कप्तान शुभमन गिल ने कहा-चार-पांच ओवरों में हमें पहली पारी में थोड़ी स्विंग मिल सकती है. अगर ओस हो तो हम हमेशा लक्ष्य का पीछा करना पसंद करते हैं. हमारे पास अगले दो मैच हैं, जिनमें से एक घर पर स्पोर्ट्सा जाएगा. इसलिए मुझे लगता है कि ये दो मैच ही तय करेंगे कि टूर्नामेंट में हमारी स्थिति क्या है और हम कितना आगे जाएंगे. आरसीबी डिफेंडिंग चैंपियन है. वे बहुत अच्छा क्रिकेट स्पोर्ट्स रहे हैं. तो उम्मीद है कि यह एक शानदार मैच होगा. The post गुजरात टाइटंस ने टॉस जीता, आरसीबी की पहले बल्लेबाजी, देखें प्लेइंग XI appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव पर दुनिया की नजर, विदेशी मीडिया ने पूछा- अमीर होने से पहले ‘बूढ़ा’ हो जायेगा भारत?

खास बातें वैश्विक चिंता का केंद्र बना बंगाल बंगाल का चुनाव और हिंदुस्तान की डेमोग्राफिक चुनौती दुनिया क्यों देख रही है बंगाल की तरफ? बड़ा सवाल : युवा हिंदुस्तान और भविष्य की चिंता Global Media on Bengal Election 2026: बंगाल का जनादेश और वैश्विक संदेश Global Media on Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 बंगाल या हिंदुस्तान तक सीमित नहीं रहा. इसकी गूंज सात समंदर पार तक सुनाई दे रही है. न्यूयॉर्क टाइम्स से लेकर वैश्विक मीडिया के बड़े संस्थानों ने ‘बंगाल के रण’ को हिंदुस्तान के भविष्य के आईने के रूप में देखना शुरू कर दिया है. वैश्विक चिंता का केंद्र बना बंगाल अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों ने एक ऐसा सवाल खड़ा किया है, जिसने नीति-निर्माताओं की नींद उड़ा दी है. सवाल है कि क्या हिंदुस्तान अमीर बनने से पहले ही बूढ़ा (Aging before growing wealthy) हो जायेगा? बंगाल का यह चुनाव इस वैश्विक चिंता का केंद्र क्यों बना है, आइए जानते हैं. बंगाल का चुनाव और हिंदुस्तान की डेमोग्राफिक चुनौती वैश्विक मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बंगाल का चुनाव केवल दो नेतृत्वक दलों (TMC और BJP) की हार-जीत नहीं है. यह इस बात का लिटमस टेस्ट है कि हिंदुस्तान अपने डेमोग्राफिक डिविडेंड (जनसांख्यिकीय लाभांश) का उपयोग कैसे कर रहा है. रोजगार बनाम मुफ्त योजनाएं : विदेशी अखबारों का तर्क है कि बंगाल में जिस तरह कल्याणकारी योजनाओं (Welfare Schemes) और रोजगार के बीच चुनावी जंग छिड़ी है, वह हिंदुस्तान की सबसे बड़ी चुनौती को दर्शाता है. अमीर होने की रेस : विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों ने बूढ़ा होने से पहले खुद को अमीर बना लिया, लेकिन हिंदुस्तान के सामने चुनौती यह है कि यहां की आबादी तेजी से बढ़ तो रही है, पर क्या प्रति व्यक्ति आय उस रफ्तार से बढ़ पायेगी? बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें दुनिया क्यों देख रही है बंगाल की तरफ? बंगाल को ‘हिंदुस्तान का प्रवेश द्वार’ और वैचारिक नेतृत्व का केंद्र माना जाता है. अंतरराष्ट्रीय मीडिया की नजर इन 3 कारणों से बंगाल पर है. लोकतंत्र की मजबूती, आर्थिक मॉडल और औद्योगीकरण का भविष्य. लोकतंत्र की मजबूती : जिस तरह बंगाल में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है, उसने वैश्विक मंच पर हिंदुस्तानीय लोकतंत्र की जीवंतता को साबित किया है. आर्थिक मॉडल : क्या ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी योजनाएं गरीबी दूर करने का स्थायी समाधान हैं या बुनियादी ढांचे में निवेश अधिक जरूरी है? बंगाल का चुनाव इस आर्थिक बहस का वैश्विक अखाड़ा बन गया है. औद्योगीकरण का भविष्य : विदेशी निवेशकों की नजर इस बात पर है कि नयी प्रशासन आने के बाद बंगाल में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और बड़े उद्योगों के लिए क्या माहौल बनेगा. इसे भी पढ़ें : बंगाल में किसकी जीत! बंपर वोटिंग से सट्टा बाजार कन्फ्यूज, बदला जीत का ‘भाव’ बड़ा सवाल : युवा हिंदुस्तान और भविष्य की चिंता रिपोर्ट में बताया गया है कि हिंदुस्तान की औसत आयु अभी कम है, लेकिन समय तेजी से निकल रहा है. अगर अगले दो दशकों में हिंदुस्तान ने अपनी बड़ी आबादी को उच्च उत्पादकता वाले रोजगार से नहीं जोड़ा, तो वह उस संकट में फंस सकता है, जहां समाज में बुजुर्गों की संख्या अधिक होगी और उनके कल्याण के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन नहीं होंगे. इसे भी पढ़ें : बंगाल समेत 5 राज्यों में काउंटिंग की हाई-टेक व्यवस्था, लागू हुआ QR कोड वाला सुरक्षा कवच Global Media on Bengal Election 2026: बंगाल का जनादेश और वैश्विक संदेश 4 मई को आने वाले नतीजे न केवल नबान्न का रास्ता तय करेंगे, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी देंगे कि हिंदुस्तानीय मतदाता फ्रीबीज (मुफ्त सुविधाओं) को चुनता है या टिकाऊ विकास को. वैश्विक मीडिया मान रहा है कि बंगाल का परिणाम हिंदुस्तान की अगली आर्थिक दिशा का संकेत होगा. इसे भी पढ़ें कटवा में ‘लाल गढ़’ पर दीदी का कब्जा, क्या युवा और किसान बिगाड़ेंगे स्पोर्ट्स? जानें अजय-हुगली के संगम का सियासी मिजाज बंगाल ने तोड़ दिये वोटिंग के सारे रिकॉर्ड, दूसरे चरण में 91.66 फीसदी मतदान, स्त्रीओं ने फिर गाड़े झंडे 8 में से 5 एग्जिट पोल ने कहा- बंगाल में होगा परिवर्तन, जा रही ममता बनर्जी की प्रशासन कालीघाट में शुभेंदु अधिकारी को घेरा, लगे ‘चोर-चोर’ के नारे, भवानीपुर में TMC-BJP कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत के बाद लाठीचार्ज The post बंगाल चुनाव पर दुनिया की नजर, विदेशी मीडिया ने पूछा- अमीर होने से पहले ‘बूढ़ा’ हो जायेगा हिंदुस्तान? appeared first on Naya Vichar.

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ओडिशा कंकाल मामला: बैंक की लापरवाही उजागर, दोषी अधिकारियों पर गिरेगी गाज

Odisha Skeleton Case: प्रशासन की प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि बैंक कर्मचारियों ने आदिवासी व्यक्ति के साथ बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उत्तरी मंडल के राजस्व संभागीय आयुक्त (RDC) को इस पूरी घटना की जांच के निर्देश दिए थे. जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई जांच के सिलसिले में गुरुवार को उत्तरी मंडल के राजस्व संभागीय आयुक्त संग्राम केशरी महापात्रा, क्योंझर जिलाधिकारी विशाल सिंह और अन्य अधिकारी ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा पहुंचे. अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की. महापात्रा ने कहा, प्रारंभिक जांच से स्पष्ट है कि बैंक की ओर से बड़ी चूक हुई है. इस अमानवीय घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. जीतू मुंडा को मिली आर्थिक सहायता प्रशासनिक दखल के बाद जीतू मुंडा को उनकी दिवंगत बहन के खाते से 20 हजार रुपये मिल गए. इसके अतिरिक्त, ओडिशा प्रशासन ने उन्हें 30,000 रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की है. बैंक मैनेजर से दो बार मिल चुका था जीतू मुंडा, जांच में कई खुलासे जांच रिपोर्ट के अनुसार, जीतू मुंडा और उनकी बहन पहले भी कई बार बैंक से पैसे निकाल चुके थे. जीतू पूरी तरह अनपढ़ नहीं हैं, लेकिन उन्हें बैंकिंग की जटिल प्रक्रियाओं का ज्ञान नहीं था. सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि वह सुबह 11:26 से 11:58 तक बैंक में थे और इस दौरान उन्होंने दो बार मैनेजर से बात की, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ और वे निराश होकर लौट गए. क्या था मामला? सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विचलित करने वाले वीडियो में 50 वर्षीय जीतू मुंडा अपनी मृत बहन के कंकाल को कंधे पर रखकर बैंक पहुंचे थे. वे अपनी बहन के खाते से 20,000 रुपये निकालने गए थे. बैंक कर्मियों ने नियम का हवाला देते हुए खाताधारक को उपस्थित करने की शर्त रखी. जीतू ने बार-बार कहा कि उनकी बहन की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन कर्मचारी नहीं माने. अंततः मजबूर होकर जीतू श्मशान पहुंचे, कब्र खोदकर बहन का कंकाल निकाला और 3 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंच गए. बैंक के भीतर कंकाल देखते ही वहां हड़कंप मच गया. The post ओडिशा कंकाल मामला: बैंक की लापरवाही उजागर, दोषी अधिकारियों पर गिरेगी गाज appeared first on Naya Vichar.

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‘अरे यार, ये नहीं’ रणवीर को देखते ही क्यों उतर गया समय रैना का चेहरा? Kapil Show का मजेदार प्रोमो आउट

The Great Indian Kapil Show: मशहूर कॉमेडियन समय रैना और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया (BeerBiceps) एक साथ टीवी स्क्रीन पर लौट रहे हैं. ये दोनों ‘वर्ल्ड लाफ्टर डे’ के खास मौके पर कपिल शर्मा के नए शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में मेहमान बनकर आएंगे. नेटफ्लिक्स ने इसका एक मजेदार प्रोमो भी शेयर किया है, जिसे देखकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं. यहां देखें प्रोमो- View this post on Instagram A post shared by Netflix India (@netflix_in) प्रोमो में क्या दिखा? प्रोमो वीडियो काफी फनी है. इसमें समय रैना कहते दिख रहे हैं कि वह अपने पसंदीदा शो (कपिल शर्मा शो) में आ रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि उनके साथ दूसरा गेस्ट कौन है. जैसे ही रणवीर अल्लाहबादिया एंट्री मारते हैं, समय का चेहरा उतर जाता है और वह मजाक में कहते हैं, “अरे यार, ये नहीं!” बता दें कि यह एपिसोड 2 मई को रात 8 बजे नेटफ्लिक्स पर आएगा. इन दोनों के बीच क्या विवाद था? शायद आप भूल गए हों, लेकिन पिछले साल इन दोनों को लेकर काफी बवाल हुआ था. ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ (India’s Got Latent) नाम के एक शो में रणवीर ने कुछ ऐसी बातें कह दी थीं, जिससे बहुत से लोग नाराज हो गए थे. मामला इतना बढ़ गया था कि पुलिस केस (FIR) तक हो गया था. समय रैना को अपने शो के वीडियो यूट्यूब से हटाने पड़े थे और रणवीर को अपना काम कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था. कंट्रोवर्सी के बाद पहला कोलैबोरेशन विवादों के बाद ये दोनों पहली बार किसी बड़े शो पर साथ नजर आने वाले हैं हालांकि समय रैना ने अपने एक जोक में मजाक-मजाक में कहा था कि रणवीर की वजह से उन्हें बहुत टेंशन हुई थी, लेकिन अब दोनों फिर से साथ काम करने को तैयार हैं. तो बस, तैयार हो जाइए इस हफ्ते नेटफ्लिक्स पर हंसी के डबल डोज के लिए. यह भी पढ़ें: दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: Karisma Kapoor के बच्चों को राहत, प्रिया सचदेव नहीं बेच पाएंगी 30,000 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी The post ‘अरे यार, ये नहीं’ रणवीर को देखते ही क्यों उतर गया समय रैना का चेहरा? Kapil Show का मजेदार प्रोमो आउट appeared first on Naya Vichar.

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डायमंड हार्बर या बंगाल का ‘ल्यारी’? अभिषेक बनर्जी के गढ़ का क्या है पाकिस्तान कनेक्शन?

खास बातें बंगाल चुनाव के विमर्श में कैसे आया ‘ल्यारी’ क्या है ‘ल्यारी’ कनेक्शन? क्यों हो रही तुलना? विपक्ष के लिए नो-एंट्री, डराने-धमकाने की नेतृत्व अजय पाल शर्मा और ‘सिंघम’ फैक्टर तृणमूल कांग्रेस ने किया पलटवार Lyari of Bengal: क्यों अहम है डायमंड हार्बर की जंग? वोटिंग के दिन दिखा तनाव Lyari of Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम चरण के मतदान के बीच डायमंड हार्बर एक बार फिर विवादों के केंद्र में है. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के इस निर्वाचन क्षेत्र को ‘बंगाल का ल्यारी’ (Lyari of Bengal) करार दिया है. बंगाल चुनाव के विमर्श में कैसे आया ‘ल्यारी’ मुख्य विपक्षी दल भाजपा के इस तीखे हमले ने बंगाल की नेतृत्व में भूचाल ला दिया है. लेकिन सवाल है कि आखिर पाकिस्तान के कराची का एक इलाका ‘ल्यारी’ बंगाल के चुनावी विमर्श में कैसे आ गया और भाजपा इसके जरिये क्या संदेश देना चाहती है? क्या है ‘ल्यारी’ कनेक्शन? क्यों हो रही तुलना? ‘ल्यारी’ पाकिस्तान के कराची का वह इलाका है, जो अपनी संगठित हिंसा, गैंगवार और समानांतर प्रशासन के लिए दुनिया भर में बदनाम है. भाजपा का आरोप है कि डायमंड हार्बर में भी कुछ वैसा ही माहौल है. भाजपा का दावा है कि डायमंड हार्बर में पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि ‘अभिषेक बनर्जी का अपना कानून’ चलता है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें विपक्ष के लिए नो-एंट्री, डराने-धमकाने की नेतृत्व भाजपा का आरोप है कि जिस तरह ल्यारी में बाहरी दखल मुमकिन नहीं था, उसी तरह डायमंड हार्बर में विपक्षी उम्मीदवारों को डराया जाता है. उनके एजेंटों को बूथों से बाहर निकाल दिया जाता है. भाजपा का यह भी कहना है कि यहां ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ के नाम पर डराने-धमकाने की नेतृत्व को संस्थागत रूप दे दिया गया है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव में ‘सिंघम’ और ‘पुष्पा’ की एंट्री : अजय पाल शर्मा पर भड़के TMC के जहांगीर खान, बोले- झुकेगा नहीं… अजय पाल शर्मा और ‘सिंघम’ फैक्टर इस तुलना के बीच आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा की तैनाती ने आग में घी का काम किया. निर्वाचन आयोग ने ‘सिंघम’ के नाम से मशहूर शर्मा को विशेष रूप से इस इलाके में तैनात किया, ताकि ‘ल्यारी’ जैसे हालात न बनें. तृणमूल कांग्रेस ने किया पलटवार तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के इस उपनाम (ल्यारी) पर कड़ी आपत्ति जतायी है. टीएमसी का कहना है कि डायमंड हार्बर विकास का मॉडल है, जिसे भाजपा अपनी हार के डर से बदनाम कर रही है. अभिषेक बनर्जी ने इसे बंगाल की जनता का अपमान बताया है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव में अब तक 532.88 करोड़ की जब्ती, बम-बारूद भी बरामद, पढ़ें पूरी रिपोर्ट Lyari of Bengal: क्यों अहम है डायमंड हार्बर की जंग? नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ‘ल्यारी’ शब्द का इस्तेमाल कर दो निशाना साध रही है. पहला, यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल है. इसलिए ध्रुवीकरण की कोशिश. दूसरा, अभिषेक बनर्जी की छवि को एक ‘बाहुबली’ नेता के तौर पर पेश करना. टीएमसी का तर्क है कि डायमंड हार्बर में हुए विकास कार्यों और चुनावी मार्जिन ने भाजपा को मानसिक रूप से हरा दिया है. वोटिंग के दिन दिखा तनाव 29 अप्रैल को मतदान के दौरान भी फालता और डायमंड हार्बर के अन्य क्षेत्रों में जबर्दस्त खींचतान देखी गयी. भाजपा ने ईवीएम पर टेप चिपकाने के आरोप लगाये, तो टीएमसी ने केंद्रीय बलों की ज्यादती का मुद्दा उठाया. ‘ल्यारी’ के इस टैग ने जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव के Exit Poll पर कितना करें भरोसा? 2021 में दिग्गज एजेंसियां हो गयी थी फेल, जानें 2011 और 2016 में किसका गणित था सबसे सटीक बंगाल ने तोड़ दिये वोटिंग के सारे रिकॉर्ड, दूसरे चरण में 91.66 फीसदी मतदान, स्त्रीओं ने फिर गाड़े झंडे बंगाल समेत 5 राज्यों में काउंटिंग की हाई-टेक व्यवस्था, लागू हुआ QR कोड वाला सुरक्षा कवच ममता बनर्जी के उत्तराधिकारी या बंगाल के नये ‘किंग’? 2026 का चुनाव अभिषेक बनर्जी की सबसे बड़ी ‘अग्निपरीक्षा’ The post डायमंड हार्बर या बंगाल का ‘ल्यारी’? अभिषेक बनर्जी के गढ़ का क्या है पाकिस्तान कनेक्शन? appeared first on Naya Vichar.

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गन्ने का जूस पीने से पहले जान लें ये 5 बातें, कहीं फायदे की जगह हो न जाए आपको भारी नुकसान

Sugarcane Juice Side Effects: गर्मियों के दिनों में जब हम घर से बाहर होते हैं और कुछ ठंडा पीने का मन करता है, तो दिमाग में सबसे पहले गन्ने के जूस का ही नाम आता है. सड़क किनारे हर थोड़ी दूरी पर आपको गन्ने का जूस बिकता हुआ दिख ही जाएगा. फ्रेश गन्ने का जूस सिर्फ स्वाद में मीठा ही नहीं होता, बल्कि यह शरीर को ठंडक भी देता है. इसमें कई जरूरी न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देने का काम करते हैं. अगर आपको भी गन्ने का जूस पीना पसंद है, तो आज की यह आर्टिकल आपके लिए काम की साबित हो सकती है. आज हम आपको बताएंगे कि गन्ने के जूस का ज्यादा या गलत तरीके से सेवन करने पर क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं. तो चलिए, इसके साइड इफेक्ट्स को विस्तार से समझते हैं. ज्यादा शुगर से बढ़ सकता है वजन गन्ने का जूस भले ही एक नेचुरल ड्रिंक हो, लेकिन इसमें शुगर की क्वांटिटी काफी ज्यादा होती है. इसके एक ग्लास में ही आपको काफी ज्यादा कैलरीज मिल जाती है. अगर आप इसका दिन में बार-बार सेवन करते हैं तो कुछ ही समय में आपका वजन तेजी से बढ़ने भी लग जाता है. अगर आपकी लाइफस्टाइल एक्टिव नहीं है, तो यह एक्स्ट्रा शुगर आपके शरीर में फैट के रूप में जमा होनी शुरू हो जाएगी. क्या आप भी इन लक्षणों को कर रहे हैं नजरअंदाज? शरीर में हो सकती है मैग्नीशियम की कमी डायबिटीज के मरीजों के लिए रिस्की गन्ने के जूस का जो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है वह काफी ज्यादा होता है. यह जैसे ही आपके शरीर में जाता है, तेजी से ब्लड शुगर को बढ़ा देता है. अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो आपको कभी भी बिना सोचे-समझे इसका सेवन नहीं करना चाहिए. अगर आप इसे पी लेते हैं तो आपका ब्लड शुगर लेवल काफी तेजी से बढ़ सकता है. कई बार ऐसा होने की वजह से आपको चक्कर, कमजोरी या फिर कोई और हेल्थ प्रॉब्लम भी हो सकती है. अगर आप गन्ने का जूस पीना ही चाहते हैं, तो पहले एक बार अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें. इंफेक्शन का रहता है खतरा गन्ने का जूस अक्सर आपको सड़क किनारे ही खुले में बिकता हुआ दिखेगा. इसे यहीं पर बनाया और आपको बेचा जाता है. ऐसे में कई बार ऐसा भी होता है कि मशीनें ठीक से साफ नहीं की जाती हैं, बर्फ को बनाने के लिए गंदे पानी का इस्तेमाल किया जाता है या फिर गन्ने को भी धोए बिना ही जूस बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. अगर इसमें से कोई भी एक पॉइंट सच हो जाए, तो आपके जूस में बैक्टीरिया और जर्म्स मिल सकते हैं. जब आप ऐसे जूस को पी लेते हैं तो आपके पेट में इन्फेक्शन, बार-बार उल्टी आना और फूड पोइजनिंग जैसी प्रॉब्लम्स से आपको जूझना पड़ सकता है. ये भी पढ़ें: क्या आप भी तरबूज के साथ खाते हैं ये 5 चीजें? सेहत और डाइजेशन पर पड़ सकता है बुरा असर दांतों को हो सकता है नुकसान गन्ने के जूस में शुगर की क्वांटिटी काफी ज्यादा होती है. अगर आप इसे हर दिन पीते हैं तो यह आपके दांतों को भी नुकसान पहुंचा सकता है. यह शुगर आपके दांतों में चिपक जाता है और बैक्टीरिया को बढ़ावा देने का काम करता है. इसकी वजह से आपको कैविटी और दांतों की सड़न जैसी प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं. अगर आप बार-बार मीठे जूस का सेवन करते हैं लेकिन अपने दांतों को ठीक से साफ नहीं करते हैं, तो एक समय बाद आपके दांत कमजोर भी हो जाते हैं. डाइजेशन से जुड़ी प्रॉब्लम्स अगर आप हद से ज्यादा गन्ने का जूस पीने लग जाएं तो इसकी वजह से आपको पेट में गैस, भारीपन और अपच जैसी प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं. इसके अलावा कुछ लोगों को इसमें पाए जाने वाले नेचुरल एलिमेंट्स से एलर्जी भी हो सकती है. अगर ऐसा हो जाए तो आपको पेट में तेज दर्द और असहज महसूस होने लग जाता है. आपको एक बार में कभी भी गन्ने के जूस को बहुत ज्यादा क्वांटिटी में नहीं पीना चाहिए. अगर आप इसे फिर भी पी रहे हैं, तो सबसे पहले इस बात को नोटिस करें कि आपका शरीर इसे पीने के बाद कैसे रिएक्ट कर रहा है. ये भी पढ़ें: गर्मियों में आम से बनाएं ये 5 मजेदार ड्रिंक्स, हर घूंट में मिलेगी ठंडक, फ्रेशनेस का होगा अहसास The post गन्ने का जूस पीने से पहले जान लें ये 5 बातें, कहीं फायदे की जगह हो न जाए आपको भारी नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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ICSE Board Result: किसान का बेटा अंकित कुमार झारखंड टॉपर, संत जेवियर्स बोकारो के छात्रों का भी शानदार प्रदर्शन

गोड्डा/बोकारो (रंजीत कुमार और संजीत मंडल की रिपोर्ट): आइसीएसई (ICSE) बोर्ड द्वारा जारी 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों में झारखंड के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है. गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट स्थित माउंट असीसी स्कूल के छात्र अंकित कुमार ने 99.4 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान (स्टेट टॉपर) प्राप्त किया है. अंकित परसोती गांव के रहने वाले हैं और उनके माता-पिता पेशे से किसान हैं. अंकित की इस ऐतिहासिक सफलता पर पिता रमेश चंद्र मंडल और माता ने मिठाई खिलाकर उन्हें आशीर्वाद दिया. संत जेवियर्स बोकारो: 10वीं में आरूष सिंह स्कूल टॉपर इधर, संत जेवियर्स स्कूल बोकारो के विद्यार्थियों ने भी 10वीं बोर्ड में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. स्कूल का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा. परीक्षा में शामिल हुए सभी 239 विद्यार्थियों ने बेहतर अंक हासिल किए. आरूष सिंह 99.2 प्रतिशत अंक के साथ स्कूल टॉपर बने. वहीं, स्वाति कुमारी 98 प्रतिशत अंक के साथ दूसरे और मानवी मेहेर 97.6 प्रतिशत अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहीं. अन्य प्रमुख सफल छात्रों में देवांश कुमार महतो (97.4%), स्वधा कुमारी (97%), स्वास्तिक मंडल व वंश अग्रवाल (96.6%), काव्या सिंह व अभिनव कुमार (96.2%) और स्वास्तिक मिश्रा (95.8%) शामिल हैं. Also Read: सरायकेला-खरसावां में कांग्रेस का संवाद: 2029 की तैयारी में जुटने का आह्वान, सांसद ने BJP पर साधा निशाना 12वीं बोर्ड: यशप्रीत, अदिति और श्वेताभ ने लहराया परचम आइसीएसई 12वीं बोर्ड में भी संत जेवियर्स स्कूल बोकारो का प्रदर्शन शानदार रहा. स्कूल के तीनों संकाय (विज्ञान, वाणिज्य व कला) के सभी 113 विद्यार्थी सफल रहे. कला संकाय में यशप्रीत राज 96.75 प्रतिशत अंक लाकर स्कूल टॉपर बने. वाणिज्य संकाय में अदिति झा 95.5 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान पर रहीं, जबकि विज्ञान संकाय में श्वेताभ सागर ने 94.25 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल में टॉप किया. संकायवार प्रदर्शन वाणिज्य: अदिति झा (95.5%) के बाद कुहू अग्रवाल (93.5%) दूसरे, श्वाति श्रेया (93%) तीसरे और देव्यांशु मुखर्जी (92.75%) चौथे स्थान पर रहे. विज्ञान: श्वेताभ सागर के बाद गौरी झा (94%) दूसरे, श्रेयांश आदित्य (92.5%) तीसरे, रिशोन मार्टिस (92.25%) चौथे और अंश कुमार व रजनी कुमारी (91.75%) संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहे. कला: यशप्रीत राज के बाद पलक मिश्रा 92.25 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं सभी सफल विद्यार्थियों को प्राचार्य फादर अरुण मिंज एसजे, उप प्राचार्य देवाशीष गुप्ता, उप प्राचार्य दीपक चौधरी और अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दी है. Also Read: सड़क पर आया गढ़वा का कुक्कुट पालक: 2500 चूजे और 10 लाख की संपत्ति राख, पड़ोसी पर प्राथमिकी दर्ज The post ICSE Board Result: किसान का बेटा अंकित कुमार झारखंड टॉपर, संत जेवियर्स बोकारो के छात्रों का भी शानदार प्रदर्शन appeared first on Naya Vichar.

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