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May 4, 2026

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भवानीपुर में ममता vs शुभेंदु, बहरमपुर से दमदम तक बंगाल की VIP सीटों पर किसका होगा कब्जा?

West Bengal Election Results 2026 Live Updates: पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों में सबसे ज्यादा नजर भवानीपुर सीट पर है. जहां ममता बनर्जी, शुभेंदु अधिकारी और विकास रंजन भट्टाचार्य के बीच मुकाबला है. बहरमपुर में अधीर रंजन चौधरी, मालतीपुर में मौसम नूर, कोलकाता पोर्ट में फिरहाद हकीम, आसनसोल दक्षिण में अग्निमित्रा पॉल और उत्तरपाड़ा में मीनाक्षी मुखर्जी की सीट चर्चा में है. दमदम से चंद्रिमा भट्टाचार्य, दमदम उत्तर से दीप्सिता धर, भांगड़ से नौशाद सिद्दीकी, खड़गपुर सदर से दिलीप घोष, श्यामपुकुर से शशि पांजा, सोनारपुर दक्षिण से रूपा गांगुली और सिलीगुड़ी से शंकर घोष पर भी सबकी नजर बनी हुई है. सोनारपुर दक्षिण सीट पर रूपा गांगुली ने बनाई शुरुआती बढ़त दक्षिण 24 परगना की सोनारपुर दक्षिण सीट पर शुरुआती मतगणना में भाजपा उम्मीदवार रूपा गांगुली आगे चल रही हैं. इस सीट पर उनका मुकाबला टीएमसी की अरुंधति लवली मैत्रा से है, जिन्होंने 2021 में यहां जीत दर्ज की थी. फिलहाल गिनती के शुरुआती दौर में भाजपा बढ़त बनाए हुए है. श्यामपुकुर सीट पर शुरुआती रुझानों में बीजेपी आगे श्यामपुकुर विधानसभा सीट से शुरुआती गिनती में भाजपा उम्मीदवार पूर्णिमा चक्रवर्ती बढ़त बनाई हुई हैं. टीएमसी की डॉ शशि पांजा फिलहाल पीछे चल रही हैं. शशि फिलहाल ममता प्रशासन में मंत्री भी हैं. इस हाई-प्रोफाइल सीट पर वोटों की गिनती जारी है. आसनसोल दक्षिण सीट से बीजेपी उम्मीदवार आगे आसनसोल दक्षिण सीट से शुरुआती रुझानों में भाजपा की अग्निमित्रा पॉल बढ़त बनाई हुई हैं. तृणमूल कांग्रेस के तापस बनर्जी फिलहाल पीछे चल रहे हैं. अभी मतगणना की शुरुआत है, इसलिए आगे के राउंड्स में तस्वीर बदल भी सकती है. नंदीग्राम सीट पर कांटे की टक्कर, शुभेंदु अधिकारी आगे नंदीग्राम विधानसभा सीट से शुरुआती रुझान सामने आने लगे हैं, जहां भाजपा के शुभेंदु अधिकारी फिलहाल बढ़त बनाए हुए हैं. इस सीट पर पहले चरण में जोरदार मतदान हुआ था और कुल 93.98 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई थी. बहरमपुर से कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी आगे बहरमपुर सीट पर ममता बनर्जी की पार्टी TMC को कभी जीत नहीं मिली है. शुरूआती रुझानों में यहां से कांग्रेस नेता अधीर रंजन आगे चल रहे हैं. यहां उनका मुकाबला टीएमसी के नारू गोपाल मुखर्जी और बीजेपी के विधायक सुब्रत मैत्रा से है. भवानीपुर में ममता से आगे निकले शुभेंदु 2021 के चुनाव में नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी ने इस बार भवानीपुर से उनके खिलाफ ताल ठोका है. शुरूआती रुझानों में ममता बनर्जी आगे थीं, लेकिन अब पासा पलट रहा और अधिकारी आगे हो गए हैं. भवानीपुर सीट पर ममता आगे पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित भवानीपुर सीट पर वोटों की गिनती जारी है. शुरुआती रुझानों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से बढ़त बनाए हुए हैं. फिलहाल सबसे पहले बैलेट पेपर के वोटों की गिनती की जा रही है. The post भवानीपुर में ममता vs शुभेंदु, बहरमपुर से दमदम तक बंगाल की VIP सीटों पर किसका होगा कब्जा? appeared first on Naya Vichar.

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विक्रमशिला सेतु गिरने से लाइफलाइन ठप, दो हिस्सों में बंटी जिंदगी, नाव और स्टीमर के भरोसे लोग

Bihar Bridge Collapse: विक्रमशिला सेतु के पिलर नंबर 133 के पास बड़ा गैप बनने के बाद चार और पांच नंबर पिलर के बीच का स्लैब गंगा में समा गया. यह घटना रात करीब 12.55 बजे के बाद की बताई जा रही है. लेकिन एक्सपेंशन ज्वाइंट में गैप की सूचना 11 बजे के आसपास प्रशासन को किसी ने फोन कर दी थी. अभी तक घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. पुल गिरने से दो हिस्सों में बंटी जिंदगी पुल के गिरने के बाद अब जिंदगी भी सचमुच दो हिस्सों में बंट चुकी है. विक्रमशिला सेतु के ध्वस्त होते ही सिर्फ एक पुल नहीं गिरा, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी जैसे अचानक ठहर गई है. सुबह-सुबह केला और सब्जी लेकर भागलपुर आने वाले ठेले वाले अब नाव और स्टीमर के भरोसे हैं. मजदूरों के लिए काम तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों का समय दोगुना हो गया है, तो मरीजों के लिए अस्पताल पहुंचना अब जोखिम भरा सफर बन गया है. सालों से जो दूरी कुछ मिनटों में तय हो जाती थी, अब वही सफर घंटों में भी पूरा नहीं हो पा रहा. गंगा, जो कभी जीवन का आधार थी, अब एक ऐसी दीवार बन गई है, जो लोगों को उनके रोजगार, इलाज और रिश्तों से दूर कर रही है. नवगछिया, कोसी और सीमांचल के इलाकों के लिए यह सेतु सिर्फ रास्ता नहीं था, बल्कि विकास की एक मजबूत कड़ी थी. इसके टूटने से बाजार की रफ्तार धीमी पड़ गई है, छोटे व्यापारियों की कमर टूट गई है और आम लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं. आज हर व्यक्ति के मन में एक ही सवाल है. क्या यह दूरी फिर कभी कम हो पाएगी? क्या जिंदगी फिर पहले जैसी पटरी पर लौट सकेगी? क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात भागलपुर की ओर से नवगछिया जाने वाली पिलर नंबर चार और पांच के बीच शाम से ही गैप बढ़ता गया और रात 11 बजे के बाद वह स्पष्ट दिखा. इसके बाद रात 12.55 बजे वह पूरा भाग गंगा में समा गया. दोनों ओर का संपर्क कट गया है. पुलिस की तैनाती कर दी गयी है. दोनों ओर से गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. रात दो बजे के आसपास डीएम और एसएसपी के साथ ही अन्य वरीय अधिकारियों ने पुल का जायजा लिया. पुल निर्माण निगम के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में लगे गए. जितनी बड़ी गाड़ियां आ रही हैं, दोनों ओर से उन्हें वापस लौटाया जा रहा है. मालूम हो कि आठ साल से इस पुल की मरम्मत नहीं हुई थी. प्रोटेक्शन वॉल क्षतिग्रस्त होने से सेतु के मुख्य ढांचे को नुकसान पहुंचने की तभी आशंका बढ़ गई थी. (भागलपुर से ऋषव मिश्रा कृष्णा की रिपोर्ट) Also Read: आज पूरे बिहार में IMD का अलर्ट जारी, बारिश-तूफान के साथ बिजली गिरने की संभावना The post विक्रमशिला सेतु गिरने से लाइफलाइन ठप, दो हिस्सों में बंटी जिंदगी, नाव और स्टीमर के भरोसे लोग appeared first on Naya Vichar.

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गरीबों की महुआ मोईत्रा दीप्सिता धर के 450 रुपए वाले ‘विदेशी’ बैग का सच और उत्तर दमदम का सियासी समीकरण

खास बातें अनोखा चुनाव प्रचार : दीदी नहीं, अब DD को बोलो भवानीपुर से चुनाव लड़ने से इनकार? विज्ञापन जैसा टैगलाइन बन गया दिप्सिता का चुनावी मंत्र 450 रुपए की बैग पर ‘लुई विटों’ का लोगो बैग का निकला सरोजिनी मार्केट का कनेक्शन बिल्लियों से प्यार और अकाल मृत्यु का गम नागासाकी दिवस पर हुआ डीडी का जन्म Dipsita Dhar North Dum Dum: आमी एक यायावर… यानी मैं एक यायावर हूं… मशहूर गायक भूपेन हजारिका के ये बोल सीपीएम की फायरब्रांड युवा नेता दीप्सिता धर के नेतृत्वक जीवन पर बिल्कुल सटीक बैठते हैं. 32 वर्षीय दीप्सिता का चुनावी सफर किसी खानाबदोश की तरह रहा है. 2021 में बाली विधानसभा, 2024 में श्रीरामपुर लोकसभा और अब 2026 में उत्तर दमदम विधानसभा से ताल ठोक रही हैं. जेएनयू (JNU) से अपनी नेतृत्व की धार तेज करने वाली दीप्सिता के दादा पद्मनीधि धर कभी सीपीएम के विधायक थे, लेकिन दीप्सिता के लिए चुनावी नेतृत्व में अभी बड़ा धमाका करना बाकी है. अनोखा चुनाव प्रचार : दीदी नहीं, अब DD को बोलो उत्तर दमदम के चुनावी मैदान में दीप्सिता ने प्रचार का एक डिजिटल और अनोखा तरीका निकाला है. ममता बनर्जी के ‘दीदी के बोलो’ की तर्ज पर दीप्सिता ने अपने नाम और सरनेम के शुरुआती अक्षरों को मिलाकर कैंपेन शुरू किया है ‘DD के बोलो’ यानी ‘डीडी को बोलो’. भवानीपुर से चुनाव लड़ने से इनकार? सियासी गलियारों में चर्चा है कि उन्हें पहले भवानीपुर विधानसभा सीट से बंगाल की चीफ मिनिस्टर और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ लड़ने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. हालांकि, पार्टी ने इस पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगायी. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु अधिकारी का ‘हिंदुत्व’ अवतार : श्रीखोल बजाकर संकीर्तन और 500 किमी का सफर, 35 साल तक नहीं देखी फिल्म विज्ञापन जैसा टैगलाइन बन गया दिप्सिता का चुनावी मंत्र सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों ने उनकी फोटो के साथ लिखा- आंख बंद करके भरोसा किया जा सकता है. समर्थकों को शायद यह नहीं पता कि यह किसी मशहूर उत्पाद की टैगलाइन है, लेकिन दीप्सिता के लिए यह चुनावी मंत्र बन गया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 450 रुपए की बैग पर ‘लुई विटों’ का लोगो दीप्सिता धर हाल ही में एक ऐसी कंट्रोवर्सी में फंस गयीं थीं, जिसने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया था. एक तस्वीर में दीप्सिता के हाथ में महंगे फ्रांसीसी ब्रांड लुई विटों (Louis Vuitton) के लोगो वाला बैग दिखा. फेसबुक पर ट्रोलर्स ने उन्हें ‘सर्वहारा की पार्टी’ की अमीर नेता बताते हुए घेर लिया. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव : 4 मई को खत्म होगा वामपंथ का वनवास या ढह जायेगा अस्तित्व? क्या कहते हैं सियासी समीकरण बैग का निकला सरोजिनी मार्केट का कनेक्शन विवाद बढ़ा, तो पता चला कि वह बैग पेरिस से नहीं, बल्कि दिल्ली के सरोजिनी मार्केट से खरीदी गयी था. इसकी कीमत मात्र 450 रुपए थी. इसके बाद लोगों ने उन्हें मजाक में ‘गरीबों की महुआ मोईत्रा’ कहना शुरू कर दिया. दीप्सिता को असल में एक ऐसे हिंदुस्तानीय ब्रांड के बैग का शौक है, जो दलित कलाकारों के श्रम से जुड़ा है. हालांकि, उन्होंने उसे अभी तक खरीदा नहीं है. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी के लिए सत्ता की राह इस बार सबसे कठिन! नबान्न बचाने में ये 5 फैक्टर बनेंगे रोड़ा, क्या फिर दिखेगा दीदी का करिश्मा? बिल्लियों से प्यार और अकाल मृत्यु का गम नेतृत्व की तल्खियों के बीच दीप्सिता का एक कोमल पक्ष भी है. उन्हें बिल्लियां पालने का बहुत शौक है. वह अक्सर उन्हें अपने साथ रखती थीं, लेकिन हाल ही में उन्होंने अपनी दोनों पालतू बिल्लियों को अकाल मृत्यु के कारण खो दिया, जिसका गम उन्हें आज भी है. इसे भी पढ़ें : लियोनेल मेसी के साथ वो फोटो और ‘बिगड़ैल’ कुत्ते का काटना, जानें टॉलीगंज के ‘फर्स्ट बॉय’ अरूप विश्वास के राज Dipsita Dhar North Dum Dum: नागासाकी दिवस पर हुआ डीडी का जन्म नागासाकी दिवस (9 अगस्त) को जन्मी दीप्सिता क्या इस बार उत्तर दमदम में अपनी जीत का धमाका कर पायेंगीं, यह देखना दिलचस्प होगा. पद्म (बीजेपी) की घोर विरोधी यह ‘पद्मनीधि’ की पोती अब लाल झंडे को उसकी पुरानी जमीन दिलाने के लिए पसीना बहा रही हैं. इसे भी पढ़ें शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर में दोहरायेंगे इतिहास? नंदीग्राम के ‘नायक’ से ममता बनर्जी का सबसे बड़ा ‘दुश्मन’ बनने की पूरी कहानी लाठी चलाने में माहिर और ड्रैगन फ्रूट की खेती का विचार, जानें बीजेपी के ‘गेमचेंजर’ दिलीप घोष की अनसुनी दास्तां भाईजान : वॉलीबॉल के नेशनल प्लेयर से विधायक तक का सफर, जेल और हमले भी न डिगा सके नौशाद सिद्दीकी का हौसला बंगाल में ‘गढ़’ ढहेंगे और ‘स्विंग जोन’ तय करेंगे सत्ता का भविष्य, 2026 के नतीजों में चौंकायेंगे नये समीकरण The post गरीबों की महुआ मोईत्रा दीप्सिता धर के 450 रुपए वाले ‘विदेशी’ बैग का सच और उत्तर दमदम का सियासी समीकरण appeared first on Naya Vichar.

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रोहतास में बरातियों की गाड़ी में कंटेनर ने मारी टक्कर, 5 लोगों की मौके पर मौत

Bihar Road Accident: घटना रोहतास जिला के दिनारा थाना इलाके की है. यहां बेलवैयां मठिया गांव के समीप आरा मोहनियां नेशनल हाइवे (NH-319) पर सोमवार की सुबह लगभग 3:30 बजे में बरातियों की खड़ी गाड़ी में कंटेनर ने टक्कर मार दिया हैं . बताया जा रहा है कि सभी लोग जिले के ही मठिया गांव से तिलक समारोह से लौट रहे थे. बताया जा रहा है कि घर में 7 मई को ही थी शादी. घटना के पीछे की वजह क्या रही? लौटने के दौरान ही अपने घर जाने के लिए बस से नीचे उतरे थे. तभी मलियाबाग की तरफ से आ रही अनियंत्रित कंटेनर ने पिकअप वैन और बस दोनों में टक्कर मार दिया. घटना के बाद गांव में अफरातफरी का माहौल छा गया. पुलिस ने क्या बताया? इसकी सूचना लोगों ने स्थानीय थाना को दिया. इस घटना में मौके पर ही 5 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं 10 लोग जख्मी पाए गए है . मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी जख्मियों को अस्पताल भेज दिया है . जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी लोगों को रेफर कर दिया गया. वहीं कंटेनर चालक मौके से वाहन छोड़कर भाग निकला. फिलहाल पुलिस घटनास्थल पर पहुंच छानबीन कर रही है. (दिनारा से उमेश कुमार शर्मा कि रिपोर्ट) Also Read: Bengal Election Result LIVE: खोला जा रहा है स्ट्रांग रूम, थोड़ी देर में शुरू होगी वोटों की गिनती, देखें हर अपडेट The post रोहतास में बरातियों की गाड़ी में कंटेनर ने मारी टक्कर, 5 लोगों की मौके पर मौत appeared first on Naya Vichar.

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Tamil Nadu Puducherry Election Results LIVE : तमिलनाडु और पुडुचेरी में कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती शुरू

-पुडुचेरी के सभी छह निर्धारित मतगणना केंद्रों में मतों की गिनती शुरू हुई. -तमिलनाडु के अधिकारियों ने बताया कि तीन लेवल की कड़ी सुरक्षा के बीच, सोमवार को सुबह 8 बजे राज्य के सभी 62 तय काउंटिंग सेंटरों पर वोटों की गिनती शुरू हुई. चेन्नई के अन्ना यूनिवर्सिटी काउंटिंग सेंटर में वोटों की गिनती शुरू होते ही पोस्टल बैलेट वाला एक बॉक्स खोला गया. VIDEO | Tamil Nadu Election Results 2026: A box containing postal ballots being opened at Anna University, Chennai, counting center as vote counting begins.#TamilNaduPollResults2026#Results2026WithPTI#AssemblyElectionResults2026 (Full video available on PTI Videos -… pic.twitter.com/wu6SkiBQ5k — Press Trust of India (@PTI_News) May 4, 2026 Tamil Nadu Puducherry Election Results : दक्षिण के रण में तमिलनाडु का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है. यह राज्य बहुत बड़ा है और यहां की नेतृत्व का प्रभाव भी बड़ा है. मतगणना शुरू होगी तो पता चलेगा कि यहां मतदाताओं ने प्रशासन बनाने का दायित्व किस पार्टी को सौंपा है. तमिलनाडु में 4.87 करोड़ वोटर्स ने वोट डाले 23 अप्रैल को हुए हुए मतदान में तमिलनाडु के 4.87 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 4,87,98,833 मतदाताओं ने मतदान किया.इनमें से 2,52,59,596 स्त्री मतदाता और 2,35,34,720 पुरुष मतदाता थे. ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या 4,517 थी। इस प्रकार, कुल मतदान प्रतिशत 85.10 रहा. पुडुचेरी में 89.87 प्रतिशत मतदान केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में 89.87 प्रतिशत मतदान हुआ. यहां 9 अप्रैल को मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. यहां अभी बीजेपी और एआईएनआरसी के गठबंधन की प्रशासन है. ये भी पढ़ें : तमिलनाडु में द्रविड़ पहचान की पार्टियां ही करेंगी राज या फिर राष्ट्रीय पहचान का नैरेटिव होगा सेट? The post Tamil Nadu Puducherry Election Results LIVE : तमिलनाडु और पुडुचेरी में कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती शुरू appeared first on Naya Vichar.

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Bhabanipur Result LIVE: भवानीपुर में मतों की गिनती शुरू, जल्द आयेंगे रुझान, देखें हर अपडेट

Bhabanipur Result 2026: भवानीपुर में मतों की गिनती शुरू भवानीपुर में मतों की गिनती शुरू हो चुकी है. कुछ ही देर में रुझान सामने आएंगे. इससे पहले ममता ने अपनी पार्टी के एजेंटों जें टोंके साथ एक और बैठक की थी. Bhabanipur Result 2026: सुरक्षा की सख्त व्यवस्था पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट के लिए वोटों की गिनती सखावत मेमोरियल में होगी. यहां सुरक्षा की सख्त व्यवस्था की गई है. हर गली में पुलिस गश्त कर रही है. इस सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के चुनावी भविष्य का फैसला होने वाला है. Bhabanipur Result 2026: स्ट्रॉन्ग रूम के ताले खोले गए भवानीपुर सीट पर डाक मतपत्रों की गिनती सुबह 8:00 बजे शुरू होगी. EVM के जरिए डाले गए वोटों की गिनती सुबह 8:30 बजे शुरू होगी. पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट पर अब से कुछ ही देर में मतों की गिनती शुरू हो जाएगी. मजिस्ट्रेट की तैनाती में स्ट्रॉन्ग रूम के ताले खोले गए हैं. मतगणना की तैयारी अंतिम चरण में है. Bhabanipur Result 2026: पूरे देश की नजर भवानीपुर पर आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने का दिन है. भवानीपुर सीट पर इस बार फिर सबकी निगाहें टिकी हैं, जहां मुकाबला बेहद रोचक रहा है. भाजपा ने इस बार ममता बनर्जी के खिलाफ उनके पुराने सिपहसालार शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है, जिससे यह सीट पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है. Bhabanipur Result 2026: सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती भवानीपुर विधानसभा सीट सहित पश्चिम बंगाल की तमाम सीटों पर सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी. यहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Bhabanipur Result 2026: सबसे हाई-प्रोफाइल सीट नेतृत्व में भवानीपुर विधानसभा सीट हमेशा से सत्ता का केंद्र रही है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गृह क्षेत्र होने के कारण यह सीट न केवल तृणमूल कांग्रेस का अभेद्य किला मानी जाती है, बल्कि राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में शुमार है. Also Read: सबसे पहले आयेंगे आसनसोल नॉर्थ के नतीजे, 13 राउंड में हो जायेगी गिनती The post Bhabanipur Result LIVE: भवानीपुर में मतों की गिनती शुरू, जल्द आयेंगे रुझान, देखें हर अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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केरल चुनाव नतीजों से पहले नेताओं का दावा- हमारी जीत पक्की

Kerala Assembly Elections Result : केरल में अलग-अलग पार्टियों के नेता और उम्मीदवार 4 मई को आने वाले चुनाव नतीजों से पहले ही अपनी जीत को लेकर काफी भरोसे में नजर आ रहे हैं. 140 सीटों वाली विधानसभा के लिए वोटिंग 9 अप्रैल को हो चुकी है. पूरे केरल में एलडीएफ को शानदार जीत मिलेगी : रियास केरल के मंत्री पी ए मोहम्मद रियास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूरे केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाले एलडीएफ की स्थिति काफी मजबूत है. उन्होंने बताया कि कोझिकोड जिला के बेपोर सीट पर भी उन्हें आसान जीत की उम्मीद है, जहां उनका मुकाबला यूडीएफ समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार पी वी अनवर से है. रियास का कहना है कि सिर्फ बेपोर ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में एलडीएफ शानदार जीत दर्ज करेगा. नतीजे आने के बाद ही रिएक्शन दूंगा : वी डी सतीशन केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन रविवार (3 मई) को अपने क्षेत्र उत्तर परवूर में थे. उन्होंने इस मुद्दे पर अभी कुछ भी कहने से मना कर दिया और साफ कहा कि नतीजे आने के बाद ही वह अपनी प्रतिक्रिया देंगे. एनडीए के लिए समर्थन बढ़ रहा है : वी मुरलीधरन पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता वी मुरलीधरन ने कहा कि मतदाताओं की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि बीजेपी नीत एनडीए के लिए समर्थन बढ़ रहा है. मुरलीधरन ने कझाकूटम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा है. मुरलीधरन का मुकाबला माकपा के मौजूदा विधायक के. सुरेंद्रन और कांग्रेस उम्मीदवार टी शरतचंद्र प्रसाद से है. उन्होंने कहा कि हालांकि शुरू में यह मुकाबला त्रिकोणीय होने की उम्मीद थी, लेकिन बाद में यह एलडीएफ और एनडीए के बीच की लड़ाई में बदल गया. इस निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी का पलड़ा साफ तौर पर भारी है. यह भी पढ़ें : विधानसभा चुनाव रिजल्ट: कौन जीतेगा केरल? त्रिकोणीय है मुकाबला यूडीएफ चुनाव में विजयी होगा : रमेश चेन्निथला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि यूडीएफ चुनाव में विजयी होगा. उन्होंने कहा कि हमारा आकलन है कि कांग्रेस नीत यूडीएफ विजयी होगा. अरनमुला से चुनाव लड़े वरिष्ठ बीजेपी नेता कुम्मनम राजशेखरन ने कहा कि पार्टी को इस सीट पर जीत का पूरा भरोसा है. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी को राज्य में अपना खाता खुलने की उम्मीद है. वट्टियूरकावु से उम्मीदवार कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन ने कहा कि उन्हें जीत का भरोसा है. The post केरल चुनाव नतीजों से पहले नेताओं का दावा- हमारी जीत पक्की appeared first on Naya Vichar.

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Assam Election 2026 Results Live: असम में वोटों की गिनती शुरू, BJP-हिमंता की वापसी या कांग्रेस करेगी खेल

Assam Election 2026 Results Live: असम विधानसभा चुनाव 2026 का नेतृत्वक रण अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है. हफ्तों तक चले प्रचार, आरोप-प्रत्यारोप और रणनीतिक समीकरणों के बाद आज 4 मई 2026 को मतगणना के साथ यह साफ हो जाएगा कि राज्य की सत्ता पर अगला हक किसका होगा. राज्य में 9 अप्रैल को मतदान हुआ, जिसमें 25 लाख से अधिक मतदाताओं में से 85.96 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. राज्य की 126 विधानसभा सीट पर 722 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला होगा, जिसके लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी 35 जिलों के 40 मतगणना केंद्रों पर ईवीएम खोली जाएंगी. उम्मीदवारों में 59 स्त्रीएं हैं. जहां हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला राजग गठबंधन लगातार तीसरी बार प्रशासन बनाने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस वापसी की उम्मीद लगाए बैठी है. असम विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से ठीक पहले सियासी बयानबाजी हो रही है. चुनाव प्रचार के दौरान असम में बांग्लादेश से होने वाली घुसपैठ, सीएए, एनआरसी, ध्रुवीकरण, चाय बागान में मजदूरों की स्थिति, विकास, रोजगार और बाढ़ जैसे मुद्दे छाए रहे. दोनों प्रमुख दल हिंदुस्तानीय जनता पार्टी और कांग्रेस इन्हें खूब भुनाया. अब दोनों ही अपनी-अपनी जीत को लेकर आत्मविश्वास जताते नजर आ रहे हैं. Assam Election 2026 Results Live: मनीराम दीवान ट्रेड सेंटर, गुवाहाटी मतदान केंद्र पर चुनाव गिनती होगी. #WATCH | Assam Assembly Elections 2026 | Guwahati, Assam: Visuals from Maniram Dewan Trade Centre in Guwahati, where the counting of votes for 126 Assembly constituencies has begun. Counting of votes for 126 Assembly constituencies will begin from 8 am. pic.twitter.com/Kgk4JpH0mx — ANI (@ANI) May 4, 2026 Assam Election 2026 Results Live: जोरहाट में एक मतगणना केंद्र के बाहर का सीन. यहाँ जोरहाट, मरियानी और तिताबोर विधानसभा क्षेत्रों के वोटों की गिनती होगी. #WATCH | Assam Assembly Elections 2026 | Assam: Visuals from outside a counting centre in Jorhat. Counting of votes for Jorhat, Mariani and Titabor Assembly constituencies will take place here. Counting of votes for 126 Assembly constituencies will begin from 8 am. pic.twitter.com/opoVjsisAe — ANI (@ANI) May 4, 2026 Assam Election 2026 Results Live: भाजपा खेमे में जीत का भरोसा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को लेकर भी पार्टी नेताओं ने भरोसा जताया कि वे दोबारा मुख्यमंत्री पद संभालेंगे. मतगणना से पहले भाजपा नेतृत्व ने सार्वजनिक रैलियों को सीमित रखते हुए अंदरूनी बैठकों पर ज्यादा जोर दिया. सरमा और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने वर्चुअल समीक्षा बैठक कर उम्मीदवारों के साथ तैयारियों का जायजा लिया. दिसपुर सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रद्युत बोरदोलोई ने दावा किया कि पूरे असम में माहौल भाजपा और एनडीए के पक्ष में है. उनके मुताबिक, मतगणना शुरू होते ही तस्वीर साफ हो जाएगी और शाम तक यह तय हो जाएगा कि राज्य में फिर से भाजपा के नेतृत्व में प्रशासन बनेगी. Assam Election 2026 Results Live: कांग्रेस का पलटवार, ‘साइलेंट वोटर’ पर भरोसा कांग्रेस ने भाजपा के दावों और एग्जिट पोल के अनुमानों को खारिज किया है. राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई का कहना है कि खामोश मतदाता और जनता के बदलते रुझान का फायदा विपक्ष को मिल सकता है. कांग्रेस का मानना है कि जमीनी स्तर पर माहौल उनके पक्ष में है और नतीजों में यह झलक दिखाई देगी. Assam Election 2026 Results Live: सबसे पहले डाक मतपत्रों की होगी गिनती असम चुनाव 2026 में जनता के मतों की गणना सुबह 8 बजे शुरू हो गई. इलेक्शन कमीशन पूरी मुस्तैदी से तैयार है. सभी ईवीम को स्ट्रॉन्ग रूम में अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खोला जाएगा. असम चुनाव की मतगणना के दौरान सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी. इसके बाद ईवीएम खोले जाएंगे. Assam Election 2026 Results Live: किसने कितनी सीटों पर लड़ा चुनाव? चुनाव में 722 उम्मीदवारों में से कांग्रेस के सबसे अधिक 99 उम्मीदवार हैं. इसके बाद हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के 90, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के 30, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी असम गण परिषद (अगप) के 26 और बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के 11 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. विपक्षी गठबंधन में रायजोर दल ने 13 सीट पर, असम जातीय परिषद ने 10 सीट पर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने तीन सीट पर और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस ने दो सीट पर चुनाव लड़ा है. आम आदमी पार्टी (आप) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने 18-18 सीट पर, तृणमूल कांग्रेस ने 22 सीट पर और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने 16 सीट पर चुनाव लड़ा. इसके अलावा, 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी हैं. Assam Election 2026 Results Live: ऐतिहासिक मतदान के बाद अब मतगणना पर सबका ध्यान विपक्षी खेमे में विभिन्न दलों के बीच गठबंधन और स्थानीय मुद्दों ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है. पहचान की नेतृत्व, कल्याणकारी योजनाओं का असर और क्षेत्रीय आकांक्षाएं इस चुनाव के प्रमुख मुद्दे रहे हैं. एसआईआर के बाद इस बार ऐतिहासिक ढंग से जनता से मतदान किया. कुल लगभग 2.5 करोड़ मतदाताओं में से 85.96 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का उपयोग किया. इसमें 84.80 पुरुषों ने, 85.96 स्त्रीओं और 36.84 थर्ड जेंडर मतदाताओं ने वोट डाले. यह पहली बार है, जब इतनी बड़ी संख्या में स्त्रीओं ने वोट डाले हैं. नगांव, कोकराझार, तिनसुकिया और जोरहाट जैसे जिलों में एक से अधिक मतगणना केंद्र बनाए गए हैं, जिससे प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा किया जा सके. नगांव में मतगणना तीन अलग-अलग केंद्रों पर होगी, जबकि कोकराझार, तिनसुकिया और जोरहाट में दो-दो केंद्रों पर मतगणना होगी. अब सबकी नजरें मतगणना पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि राज्य में सत्ता की बागडोर किसके हाथ में जाएगी? क्या भाजपा अपनी ‘हैट्रिक’ पूरी करेगी या कांग्रेस वापसी कर सियासी समीकरण बदल देगी? Assam Election 2026 Results Live: एग्जिट पोल और सुरक्षा के कड़े इंतजाम ज्यादातर एग्जिट पोल के अनुसार, भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए 85 से 100 सीटें जीतकर बड़ी जीत दर्ज कर सकता है, जबकि कांग्रेस गठबंधन 24 से 36 सीटों तक सिमट सकता है. भाजपा के 70-80 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनने की संभावना जताई गई है. All Set for Counting Day Assam stands fully prepared, with coordinated arrangements ensuring a seamless, transparent, and efficient counting process at every centre.#ECI

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‘तारक मेहता’ में बार-बार बदला चेहरा, 20 से ज्यादा रोल निभाने वाला ये कलाकार कौन है?

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: पिछले 17 सालों से दर्शकों का एंटरटेन कर रहा शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ आज भी लोगों का पसंदीदा सिटकॉम बना हुआ है. इस शो ने कई कलाकारों को घर-घर में पहचान दिलाई है. जहां जेठालाल और दया जैसे किरदार आइकॉनिक बन चुके हैं. वहीं कुछ कलाकार ऐसे भी हैं जिन्होंने अलग-अलग भूमिकाओं के जरिए दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है. ऐसे ही एक एक्टर हैं निलेश भट्ट, जिन्होंने 20 से ज्यादा रोल शो में निभाए हैं. निलेश भट्ट ने निभाए ये किरदार ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में जहां ज्यादातर कलाकार एक ही किरदार में नजर आते हैं, वहीं निलेश भट्ट ने इस ट्रेंड को तोड़ा है. उन्होंने इस शो में अब तक 20 से ज्यादा अलग-अलग किरदार निभाए हैं. हर बार नए अंदाज और नई पहचान के साथ स्क्रीन पर आना उनकी खासियत है. निलेश ने भिड़े के रिश्तेदार से लेकर बाबू चिपके, चंदू चिल्लर, राजू भाई खाऊ गली और सुंदर के दोस्त जैसे रोल निभाए हैं. इनमें बाबू चिपके का किरदार खास तौर पर पसंद किया गया, जो अक्सर जेठालाल और गड़ा परिवार के साथ नजर आता है. इसके अलावा इंसान सिंह नाम का मजाकिया शराबी किरदार और हरियाली होटल के मैनेजर की भूमिका भी निभाई है. उन्होंने आत्माराम तुकाराम भिड़े के कई रिश्तेदारों का रोल भी निभाया है. थिएटर से टीवी तक का सफर एक्टिंग में आने से पहले निलेश भट्ट एक कपड़ों का बिजनेस भी चलाते थे. बाद में उन्होंने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में करियर बनाने का फैसला लिया. टीवी पर पहचान बनाने से पहले निलेश भट्ट ने करीब 12 साल तक गुजराती थिएटर में काम किया है. वह ‘क्राइम पेट्रोल’ और ‘सावधान इंडिया’ जैसे क्राइम शोज में नजर आ चुके हैं. वह अक्षय कुमार और परेश रावल की फिल्म ‘ओएमजी: ओह माय गॉड!’ और अभिषेक बच्चन और ऋषि कपूर की फिल्म ‘ऑल इज वेल’ में भी काम कर चुके हैं. यह भी पढ़ें– ‘राजा शिवाजी’ ने दो दिनों में किया कितना बिजनेस? सामने आए आंकड़े The post ‘तारक मेहता’ में बार-बार बदला चेहरा, 20 से ज्यादा रोल निभाने वाला ये कलाकार कौन है? appeared first on Naya Vichar.

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30 साल बाद विधानसभा के रण में, श्मशान में काटी थी रातें, मछली भूनकर खाया, जानें मुर्शिदाबाद के ‘रॉबिनहुड’ की अनसुनी दास्तां

खास बातें 1996 में पहली बार नबग्राम से जीते थे अधीर जब अधीर की आवाज ने जिताया था चुनाव सांसद से फिर विधायक तक का सफर जेल में जिसने इलाज किया, वही बना चुनावी विरोधी अधीर का श्मशान वाला सीक्रेट सिगरेट छोड़ी, अब च्युइंग गम से भी तौबा Adhir Ranjan Chowdhury Election 2026: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में ‘मुर्शिदाबाद के सुल्तान’ कहे जाने वाले अधीर रंजन चौधरी एक बार फिर इतिहास दोहराने की राह पर हैं. ठीक 30 साल पहले उन्होंने पहली बार विधानसभा की दहलीज लांघी थी. अब तीन दशक बाद वह फिर से विधायक बनने की जंग में हैं. 1996 में पहली बार नबग्राम से जीते थे अधीर 1996 में जब वह नबग्राम से जीते थे. तब वह पुलिस से बचने के लिए जिले से बाहर थे. आज समय बदल गया है, लेकिन 70 वर्षीय अधीर का जज्बा और चुनौतियां आज भी वैसी ही हैं. लोकसभा चुनाव में यूसुफ पठान से मिली शिकस्त के बाद, उन्होंने हार नहीं मानी है. अब बहरमपुर की अपनी घरेलू पिच पर नयी पारी स्पोर्ट्सने को तैयार हैं. जब अधीर की आवाज ने जिताया था चुनाव अधीर रंजन चौधरी का नेतृत्वक सफर किसी फिल्मी कहानी जैसा रोमांचक है. 1996 में वामपंथी शासन के दौरान पुलिस उन्हें तलाश रही थी. कांग्रेस नेता सोमेन मित्रा ने उन्हें सुरक्षित ठिकाने पर छिपाया था. अधीर खुद प्रचार करने नहीं जा सके, लेकिन उनके भाषणों की रिकॉर्डिंग गांवों में सुनायी गयी और लोगों ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुन लिया. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर में दोहरायेंगे इतिहास? नंदीग्राम के ‘नायक’ से ममता बनर्जी का सबसे बड़ा ‘दुश्मन’ बनने की पूरी कहानी सांसद से फिर विधायक तक का सफर 1999 में उन्होंने बहरमपुर लोकसभा सीट पर कब्जा किया और लगातार जीतते रहे. 2024 में उन्होंने उन्होंने कहा था कि अगर चुनाव हार गये, तो हारे नेतृत्व छोड़कर बादाम बेचेंगे, लेकिन जनता के प्यार ने उन्हें फिर से चुनावी मैदान में खींच लिया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जेल में जिसने इलाज किया, वही बना चुनावी विरोधी अधीर रंजन चौधरी के जीवन में विडंबनाओं की कमी नहीं है. 1994 में एक हत्या के मामले में अधीर को बहरमपुर जेल में रहना पड़ा था. जेल में वह बीमार पड़ गये. तब डॉक्टर निर्मल चंद्र साहा ने उनका इलाज किया था. दिलचस्प बात यह है कि पिछले लोकसभा चुनाव में वही डॉक्टर साहा बीजेपी के टिकट पर अधीर के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव : 4 मई को खत्म होगा वामपंथ का वनवास या ढह जायेगा अस्तित्व? क्या कहते हैं सियासी समीकरण Adhir Ranjan Chowdhury Election 2026: अधीर का श्मशान वाला सीक्रेट अधीर रंजन के संघर्ष के दिनों की एक ऐसी सच्चाई है, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह जाता है. 1994 में एक सीपीआईएम कार्यकर्ता की हत्या के आरोप में जब उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ, तो वह पुलिस से बचने के लिए तारापीठ श्मशान में छिप गये. पेट भरने के लिए मछली भूनकर खाते थे. वह दौर उनके जीवन का सबसे कठिन समय था, जिसने उन्हें और मजबूत बना दिया. इसे भी पढ़ें : बंगाल में 5 मई के बाद देख लेंगे… वाली धमकी से सहमे ग्रामीण, फालता में सड़क पर उतरी सैकड़ों स्त्रीएं सिगरेट छोड़ी, अब च्युइंग गम से भी तौबा 70 की उम्र में भी अधीर रंजन खुद को बेहद फिट रखते हैं. डेढ़ दशक पहले तक धूम्रपान करते थे. एक बार जब सिगरेट छोड़ी, तो फिर कभी कभी स्मोकिंग नहीं की. वह च्युइंग गम चबाने लगे. अब उन्होंने उसे भी पूरी तरह बंद कर दिया है. मुर्शिदाबाद की नेतृत्व में अधीर का कद ऐसा है कि उन्हें चाहने वाले आज भी उन्हें अपना ‘रॉबिनहुड’ मानते हैं. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव में वोटिंग माइग्रेशन का स्पोर्ट्स, क्या खास प्लान के तहत बदली इलेक्टोरल डेमोग्राफी? लाठी चलाने में माहिर और ड्रैगन फ्रूट की खेती का विचार, जानें बीजेपी के ‘गेमचेंजर’ दिलीप घोष की अनसुनी दास्तां ममता बनर्जी को लड़ाई, लड़ाई, लड़ाई चाई : नंदीग्राम की हार के बाद भवानीपुर में ‘फाटाफाटी स्पोर्ट्सा’, 60 हजार का टार्गेट मौसम की तरह बदली सियासत, विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा जाने वाली इकलौती नेता, कांग्रेस में वापसी का क्या है स्पोर्ट्स? The post 30 साल बाद विधानसभा के रण में, श्मशान में काटी थी रातें, मछली भूनकर खाया, जानें मुर्शिदाबाद के ‘रॉबिनहुड’ की अनसुनी दास्तां appeared first on Naya Vichar.

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